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सोनम -राज समेत पांच आरोपियों की आज कोर्ट में पेशी, शिलांग पुलिस करेगी ये मांग

इंदौर    इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या को लेकर शिलांग पुलिस आज सोनम समेत पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने वाली है. पांचों आरोपियों की 8 दिन की पुलिस रिमांड अब खत्म हो चुकी है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि पुलिस कोर्ट से पांचों आरोपियों की रिमांड बढ़ाने की मांग करेगी. माना ये भी जा रहा है कि कोर्ट से उन्हें इसकी मंजूरी मिल भी सकती है. शिलांग पुलिस ने इंदौर में मंगलवार और बुधवार को सोनम, राजा और राज के परिजन समेत कई लोगों से भी इंदौर पहुंचकर पूछताछ की है. बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे शिलांग पुलिस और इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम सोनम रघुवंशी के घर पहुंची. उसकी मां और भाई गोविंद से करीब 2 घंटे पूछताछ की थी. इसके बाद टीम विजय नगर इलाके में उनके ऑफिस और गोडाउन पर भी जांच करने पहुंची. इस दौरान गोविंद अपनी गाड़ी में अधिकारियों के साथ मौजूद रहा. यही टीम देवास नाका स्थित उस फ्लैट पर भी पहुंची, जहां सोनम 30 मई से 8 जून के बीच छिपकर ठहरी थी. फ्लैट को किराए पर देने वाले शिलोम जेम्स ने बताया कि टीम ने फ्लैट की भी तलाशी ली है. 25 साल की सोनम की 29 वर्षीय राजा से 11 मई को इंदौर में धूमधाम से शादी हुई थी. फिर दोनों 21 मई को हनीमून के लिए असम के गुवाहाटी से होते हुए मेघालय पहुंचे थे. इसके बाद दोनों 23 मई को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा में नोंग्रियाट गांव में एक होम स्टे से चेक आउट करने के कुछ घंटों बाद ही लापता हो गए थे. 2 जून को फिर राजा का क्षत-विक्षत शव वेई साडोंग फॉल्स के पास एक घाटी में मिला था. बाद में सोनम 9 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मिली थी. पुलिस ने उसे अरेस्ट किया था. राज कुशवाह को इंदौर से पकड़ा गया सोनम के साथ हत्या में शामिल दो आरोपी भी गिरफ्तार हुए थे. इसके बाद राज कुशवाहा को इंदौर से पकड़ा गया. वहीं, पांचवां आरोपी सागर से गिरफ्तार हुआ. सोनम और उसके प्रेमी राज ने तीन लोगों को हत्या के लिए सुपारी दी थी. पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की और पूरे मामले का खुलासा किया. अब सबूत जुटाए जा रहे हैं. पुलिस सीन रीक्रिएट कर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है. वहीं, राजा की हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं को भी जांच रही है. इंदौर में शिलॉन्ग पुलिस के 3 अधिकारी शिलॉन्ग पुलिस के 3 अधिकारी 17 जून से इंदौर में हैं। वे यहां इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम के साथ मिलकर अलग-अलग जगहों पर जाकर पूछताछ कर रहे हैं। सबसे पहले टीम राजा के घर पहुंची थी। इसके बाद बुधवार को टीम ने सोनम के घर उसकी मां और भाई से पूछताछ की। इसके अलावा अफसरों ने आरोपी राज कुशवाह के घर जाकर भी पूछताछ की है। शिलॉन्ग पुलिस के तीन अधिकारी और इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम मंगलवार रात को राजा रघुवंशी के घर पहुंची थी। यहां पर राजा के परिवार के लोगों से पूछताछ की थी। पुलिस की टीम यहां करीब दो घंटे रुकी थी। इसके पहले टीम देवास नाका स्थित उस फ्लैट पर जांच करने पहुंची थी, जहां पर सोनम हत्याकांड के बाद रुकी थी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 जून को खगोल विज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा” विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार 21 जून को “खगोल विज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा” विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला, डोंगला, उज्जैन में करेंगे। कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद शामिल होंगे। इस दौरान अनेक शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें योग शिविर, शून्य छाया अवलोकन, साइंस शो, स्टेम वर्कशॉप, व्याख्यान एवं परिचर्चा प्रमुख हैं। कार्यशाला भारतीय खगोलशास्त्र की परंपरा और उसकी वैज्ञानिक प्रासंगिकता पर केंद्रित होगी। विशेषज्ञ भारतीय ज्ञान प्रणाली और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यशाला में खगोल विज्ञान के साथ-साथ भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराओं को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने का प्रयास किया जायेगा। कार्यशाला का आयोजन म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्, भोपाल, विज्ञान भारती, आचार्य वराहमिहिर न्यास उज्जैन, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी भोपाल एवं वीर भारत न्यास के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर वेधशाला में शंकु यंत्र के माध्यम से शून्य छाया अवलोकन करेंगे। साथ ही आचार्य वराहमिहिर न्यास एवं अवादा फाउंडेशन द्वारा निर्मित अत्याधुनिक तारामंडल का लोकार्पण भी करेंगे। इस दौरान तारामंडल-शो का प्रदर्शन भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वेधशाला स्थित ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन-सत्र को संबोधित करेंगे। परिचर्चा सत्र में खगोल विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा पर चर्चा होगी। उल्लेखनीय है कि आचार्य वराहमिहिर न्यास द्वारा अवादा फाउण्डेशन के आर्थिक सहयोग एवं डीप स्काई प्लेनेटेरियम, कोलकाता के तकनीकी सहयोग से आचार्य वराहमिहिर न्यास द्वारा ग्राम डोंगला में अत्याधुनिक डिजीटल तारामंडल की स्थापना की गई हैं। तारामण्डल की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण अंचल के आमजन एवं स्कूली बच्चों में खगोल विज्ञान संबंधी जानकारी एवं प्राकृतिक घटनाओं संबंधी जिज्ञासा शांत करना है। इस तारामण्डल में 8 मीटर व्यास के एफ.आर.पी. डोम में ई-विजन 4 के डिजीटल प्रोजेक्टर एवं डिजीटल साउण्ड सिस्टम लगाया गया हैं। इस वातानुकूलित गोलाकार तारामण्डल में 55 लोग एक साथ बैठकर आकाशीय रंगमंच की हैरतअंगेज और जिज्ञाशावर्धक ब्रह्मांड में होने वाली घटनाओं का रोमांचक अनुभव एवं आनन्द ले सकेंगे। इस तारामण्डल की लागत लगभग 1.6 करोड़ रूपयें हैं। वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला, डोंगला : मध्य भारत में खगोल विज्ञान अनुसंधान का अग्रणी केंद्र उज्जैन जिले के महिदपुर तहसील स्थित ऐतिहासिक ग्राम डोंगला से कर्क रेखा गुजरती है। प्राचीन काल से ही खगोल और ज्योतिष विज्ञान की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2013 में मध्यप्रदेश शासन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा ग्राम डोंगला में वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला की स्थापना की गई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की परिकल्पना, भूमि चयन से लेकर निर्माण तक की प्रक्रिया में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विशेष योगदान रहा है। इस वेधशाला की स्थापना में भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA), बैंगलोर और आर्यभट्ट प्रशिक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES), नैनीताल का तकनीकी सहयोग प्राप्त हुआ है। वेधशाला में 5 मीटर डोम में स्थापित 20 इंच का आधुनिक टेलीस्कोप अनुसंधान और खगोल वैज्ञानिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। यह सुविधा प्रदेश और देश के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को खगोल विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन और अनुसंधान का मंच प्रदान कर रही है। यहाँ खगोल विज्ञान पर आधारित विंटर स्कूल का आयोजन होता है और “एक भारत श्रेष्ठ भारत” योजना के अंतर्गत अन्य राज्यों के विद्यार्थी भी इस वेधशाला का भ्रमण कर रहे हैं। हाल ही में इस टेलीस्कोप को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इंदौर के सहयोग से ऑटोमेशन की सुविधा प्रदान की गई है। यह नई शिक्षा नीति और राष्ट्रीय अंतरिक्ष नीति के अनुरूप एक ऐतिहासिक पहल है। इससे सुदूर अंचलों के विद्यार्थी भी ऑनलाइन माध्यम से वेधशाला से जुड़ सकेंगे। डोंगला में ही स्थापित पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर वेधशाला, जो प्राचीन खगोलीय यंत्रों पर केन्द्रित है, इस क्षेत्र की सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है। आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान के समन्वय के रूप में डोंगला को “डोंगला मीन टाइम (DMT)” की अवधारणा के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह प्रयास एक ऐतिहासिक पहल है। देश के वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद होंगे शामिल कार्यशाला में विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार शर्मा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, भारतीय ज्ञान प्रणाली भारत सरकार नई दिल्ली के राष्ट्रीय संयोजक प्रो. गंटी एस. मूर्ति, राष्ट्रीय नवप्रर्वतन प्रतिष्ठान गांधीनगर के निदेशक डॉ. अरविंद रानाडे, भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी नई दिल्ली के कार्यकारी निदेशक डॉ. ब्रजेश पांडे, म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एन. पी. शुक्ला, डेक्कन विश्वविद्यालय पुणे के पूर्व कुलपति एवं सीएसआईआर भटनागर फेलो, सीसीएमबी हैदराबाद डॉ. वसंत शिंदे, आचार्य वराहमिहिर न्यास उज्जैन के अध्यक्ष श्री हेमंत भवालकर, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी, अवादा फाउंडेशन की निदेशक श्रीमती रितु पटवारी तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वरिष्ठ वैज्ञानिक सहित अन्य प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद शामिल होंगे।

राष्ट्रपति मुर्मु ने ‘विश्व सिकल सेल रोग जागरूकता दिवस’ पर मध्यप्रदेश सरकार के प्रयास की सराहना की

विश्व सिकल सेल दिवस 2025 पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का संदेश भारत को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनाने के लिए सभी भागीदार एकजुट होकर करें कार्य: राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु राष्ट्रपति मुर्मु ने ‘विश्व सिकल सेल रोग जागरूकता दिवस’ पर मध्यप्रदेश सरकार के प्रयास की सराहना की भोपाल  राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने ‘विश्व सिकल सेल रोग जागरूकता दिवस’ पर मध्यप्रदेश सरकार के प्रयास की सराहना की है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अपने संदेश में कहा कि विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए यह बहुत जरूरी है कि सभी देशवासी स्वस्थ हों। स्वस्थ नागरिक ही अपने जीवन, अपने राज्य और हमारे देश की प्रगति में प्रभावी योगदान दे सकते हैं। उन्होंने भारत को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनाने के लिए सभी भागीदारों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने 19 जून 2025 को मध्यप्रदेश के जिला बड़वानी में ‘विश्व सिकल सेल रोग जागरूकता दिवस’ आयोजित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार की सराहना की है। उन्होंने संदेश में कहा कि दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करने वाली सिकल सेल एनीमिया, भारत में जनजातीय आबादी को विशेष रूप से प्रभावित करती है। इसके विरुद्ध दृढ़ संकल्प के साथ लड़ने की दिशा में इस दिवस का मनाया जाना एक महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि दशकों से हमारे आदिवासी समुदाय और पिछड़े क्षेत्रों में कई लोग सिकल सेल एनीमिया का कष्ट झेलते रहे हैं। बीमारी के एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक प्रसार को रोकने के लिए समुदाय स्तर पर स्क्रीनिंग जांच द्वारा पहचान कर जेनेटिक काउंसलिंग एवं प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। वर्ष 2047 तक भारत को सिकल सेल एनीमिया से मुक्ति दिलाने का राष्ट्रीय संकल्प इस समस्या को जड़ से समाप्त करने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया मुक्ति मिशन के अंतर्गत सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित लोगों के लिए एकीकृत उपचार केन्द्र स्थापित किए गए हैं, जहां पर रोगियों को आवश्यक औषधियाँ निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत हो रहे प्रयासों से राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई जनजातीय समुदायों में बीमारी की पहचान समय पर हो रही है जिससे इलाज और जीवन की गुणवत्ता में सुधार भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब सभी हितधारक मिलकर एक सतत, समर्पित और मानवीय दृष्टिकोण से कार्य करेंगे, तभी इस समस्या का जड़ से उन्मूलन संभव हो पाएगा। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि विकसित भारत के हमारे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए यह बहुत जरूरी है कि सभी देशवासी स्वस्थ हों। स्वस्थ नागरिक ही अपने जीवन, अपने राज्य और हमारे देश की प्रगति में प्रभावी योगदान दे सकते हैं। उन्होंने भारत को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनाने के लिए सभी भागीदारों को एकजुट होकर कार्य करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हम सब निरंतर एकजुट होकर कार्य करें।”  

प्रदेश स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन का आयोजन 20 जून से, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और पशु पालन राज्य मंत्री पटेल होंगे शामिल

भोपाल  प्रदेश स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन का आयोजन 20 जून शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से मुख्यमंत्री निवास प्रांगण भोपाल में किया जायेगा। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री लखन पटेल शामिल होंगे। सम्मेलन में प्रदेश के समस्त जिलों से शासकीय एवं अशासकीय गौ-शाला संचालकों एवं प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी श्री उमाकांत उमराव ने बताया कि सम्मेलन में गौ-शालाओं में गौवंश के व्यवस्थापन के लिए लगभग 50 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की जाएगी। आचार्य विद्यासागर जीव दया गौ-सेवा सम्मान योजना के अंतर्गत चयनित गौ-शालाओं एवं संस्थाओं को गौ-सेवा पुरूस्कार प्रदान किए जायेंगे। कार्यक्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया जाएगा। सम्मेलन में नवीन गौ-शालाओं को पंजीयन प्रमाण पत्र तथा म.प्र.गौ-संवर्धन बोर्ड एवं दयोदय महासंघ के सहयोग से हितग्राहियों को ट्रेक्टर ट्राली वितरण भी किया जाएगा। “पशुपालन के क्षेत्र में प्रदेश के बढ़ते कदम” विषय पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी होगा। 

पूर्व PM भारत रत्न अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर उनके सम्मान में ग्वालियर में मंत्री परिषद की बैठक होगी: CM

वीरांगना के सम्मान के लिये प्रदेश सरकार तत्पर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महानाट्य के लिये पाँच लाख रूपए देने की घोषणा पूर्व PM भारत रत्न अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर उनके सम्मान में ग्वालियर में मंत्री परिषद की बैठक होगी: CM  विभिन्न विभूतियों का मुख्यमंत्री ने किया सम्मान ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वीरांगना लक्ष्मीबाई की शौर्यगाथा जन-जन तक पहुँचना चाहिए। ग्वालियर में पिछले 26 वर्षों से महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित होने वाला बलिदान मेला एक सार्थक प्रयास है। बलिदान मेले के आयोजन के लिये सरकार पूरा सहयोग करेगी। इसके साथ ही वीरांगनाओं के जीवन पर आधारित नाट्य मंचनों के लिये पाँच लाख रूपए की धनराशि देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर उनके सम्मान में ग्वालियर में मंत्री परिषद की बैठक होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 167वी वर्षगांठ के अवसर पर महारानी लक्ष्मीबाई बलिदान मेले में शहीद मंगल पाण्डेय के साथी दुर्गा सिंह के वंशज, शौर्य चक्र प्राप्त शहीद विवेक सिंह तोमर की धर्मपत्नी एवं नेशनल क्रिकेटर कु. वैष्णव शर्मा को भी सम्मानित किया। बलिदान मेले के अवसर पर पूज्य महंत रामदास जी महाराज दंदरौआ सरकार, प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेन्द्र लोधी, बलिदान मेला के संस्थापक अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया, प्रदेश के उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाह, प्रदेश महामंत्री संगठन हितानंद शर्मा, क्षेत्र कार्यकारिणी सदस्य आरएसएस यशवंत इंन्द्रापुरकर, पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा, सभापति नगर निगम मनोज तोमर, पूर्व मंत्री रामनिवास रावत, भाजपा जिला अध्यक्ष शहर जयप्रकाश राजौरिया, ग्रामीण अध्यक्ष प्रेम सिंह राजपूत सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार हमेशा वीरांगनाओं के सम्मान के लिए समर्पित रही है, वीरांगना के रूप में साक्षात् देवी दुर्गा ने धरती पर जन्म लेकर हमारे मध्य प्रदेश के ग्वालियर की भूमि पर अपना बलिदान दिया, यह भूमि हमारे लिए तीर्थ के समान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर की धरती पर राजमाता विजयाराजे सिंधिया और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान विभूतियों ने देश के विकास में अतुलनीय कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में नई शिक्षा नीति लागू कर युवाओं को देश की शौर्य गाथाओं, संस्कृति, संगीत एवं अन्य विधाओं से अवगत कराने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। प्रदेश सरकार अटल बिहारी वाजपेयी की नदी जोड़ों योजना पर तेजी से कार्य कर रही है। इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ ग्वालियर-चंबल संभाग को मिलेगा। साथ ही ग्वालियर में शीघ्र ही टेक्नोलॉजी हब भी स्थापित होगा, जिससे अनेकों अनेक युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। वीरांगना मेला के संस्थापक अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा कि 166 साल पहले ग्वालियर की इसी धरा पर वीरांगना लक्ष्मीबाई ने भारत माता के चरणों में अपनी आहुति दी थी। बलिदान मेला देश भक्ति जगाने का अनुष्ठान एवं महायज्ञ है। वर्ष 2000 से यह आयोजन निरंतर किया जा रहा है। पवैया ने कहा कि बलिदान मेला जिस स्थान पर आयोजित किया जाता है इस धरा पर महारानी लक्ष्मीबाई का रक्त शामिल है। यह धरती जमीन का टुकड़ा नहीं बल्कि चंदन है। उन्होंने बलिदान मेले के आयोजन के संबंध में जानकारी भी दी। वीरांगना लक्ष्मीबाई पर केन्द्रित महानाट्य एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन बलिदान मेले के गरिमापूर्ण कार्यक्रम में वीरांगना लक्ष्मीबाई पर केन्द्रित महानाट्य की प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों द्वारा बेहद सराहा गया। इसके साथ ही कवि सम्मेलन का भी आयोजन हुआ। विख्यात कवियों द्वारा देशभक्तिपूर्ण कविताओं ने श्रोताओं का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री ने वीरांगना लक्ष्मीबाई के समाधि स्थल पहुँच कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की झाँसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में पड़ाव स्थित लक्ष्मीबाई समाधि स्थल पर पहुँचकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी एवं पुष्पमाला अर्पित की। उन्होंने वीरांगना लक्ष्मीबाई के शौर्य एवं बलिदान को नमन किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली में विवाह समारोह में शामिल हुए

मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली में विवाह समारोह में शामिल हुए पूर्व राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री से भी हुई भेंट भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को  नई दिल्ली प्रवास के दौरान राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष हंसराज अहीर की सुपुत्री के विवाह समारोह में सम्मिलित होकर वर-वधू को सुखद दाम्पत्य जीवन के लिए मंगलकामनाएं दीं। विवाह समारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी भी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व राष्ट्रपति कोविंद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से सौजन्य भेंट एवं चर्चा की। विवाह समारोह में पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर भी शामिल हुईं।    

भोपाल को एआई लाइटहाउस सिटी बनाने की पहल को मिला राज्य सरकार का प्रारंभिक समर्थन

भोपाल को एआई लाइटहाउस सिटी बनाने की पहल को मिला राज्य सरकार का प्रारंभिक समर्थन – क्रेडाई भोपाल की पहल पर उच्चस्तरीय बैठक संपन्न, ‘एक्सप्रेशन ऑफ़ इंटरेस्ट’ पर सहमति भोपाल राजधानी भोपाल को भारत की पहली एआई लाइटहाउस सिटी के रूप में स्थापित करने की क्रेडाई भोपाल की पहल को राज्य सरकार से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। क्रेडाई द्वारा प्रस्तुत “एआई लाइटहाउस सिटी – क्रेडाई + ओपनएआई विज़न” दस्तावेज़ और मैरी मीकर की वैश्विक रिपोर्ट के विश्लेषण के बाद, आज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव से हुई बैठक में महत्वपूर्ण प्रगति हुई। •• बैठक में एसीएस ने आश्वासन दिया कि: * एक्सप्रेशन ऑफ़ इंटरेस्ट की दिशा में कार्रवाई की जाएगी, और यह विषय ओपनएआई के चीफ़ स्ट्रैटेजिक ऑफिसर के समक्ष रखा जाएगा। * राज्य में मध्यम और लघु स्तर के डेटा सेंटर्स के प्रस्ताव आने लगे हैं। * सरकार की योजना भोपाल और इंदौर में ‘नॉलेज व इंटेलिजेंस ज़ोन’ विकसित करने की है, जो आने वाले वर्षों में एआई आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरतों को पूरा करेंगे। * विषय को मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस अवसर पर क्रेडाई ने अपना पूर्ववर्ती पत्राचार, कॉन्सेप्ट नोट, और “एआई लाइटहाउस सिटी” की प्रेरक ब्रीफ़िंग नोट्स सरकार को औपचारिक रूप से सौंपे। •• प्रस्ताव की प्रमुख बातें: * बिना किसी फंड की माँग के, केवल नीति समर्थन की अपेक्षा * क्रेडाई, कॉरपोरेट, टेक और निजी भागीदार देंगे टेक्निकल और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर * सरकार के नेतृत्व में भोपाल को मिल सकता है ‘एआई मॉडल सिटी’ का गौरव * छात्रों, युवाओं, एमएसएमई और महिलाओं के लिए नए अवसर •• क्रेडाई का वक्तव्य: “यह सिर्फ एक शहरी तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि एक भावी पीढ़ियों के लिए परिवर्तनकारी पहल है। राज्य सरकार की तत्परता से यह स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश अब केवल देखने वाला नहीं, नेतृत्व करने वाला राज्य बनने को तैयार है।” — मनोज मीक, एआई स्ट्रैटेजिस्ट एवं अध्यक्ष, क्रेडाई -सचिवालय क्रेडाई भोपाल

‘कमाल का भोपाल’ को मिली प्रशासनिक गति

‘कमाल का भोपाल’ को मिली प्रशासनिक गति  क्रेडाई के एआई प्रस्ताव पर मुख्य सचिव ने दिए निर्देश भोपाल  राजधानी भोपाल को भारत की पहली एआई लाइटहाउस सिटी और स्मार्ट औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल सामने आई है। बुधवार शाम आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में क्रेडाई भोपाल ने मुख्य सचिव महोदय के समक्ष ‘कमाल का भोपाल’ रिपोर्ट के क्रियान्वयन के प्रमुख बिंदुओं और लंबित विषयों को प्रस्तुत किया। बैठक के मुख्य निष्कर्ष:     •    एआई लाइटहाउस सिटी प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मुख्य सचिव ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को निर्देशित किया कि राजधानी में एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर और डाटा कंप्यूट ज़ोन विकसित करने की संभावनाओं को गंभीरता से आगे बढ़ाया जाए।     •    गाइडलाइन दरों में असामान्य वृद्धि की शिकायतों पर मुख्य सचिव ने पंजीयन और स्टाम्प विभाग को निर्देश दिए कि इस विषय की समीक्षा करें और प्रतिशोधात्मक विसंगतियों को दूर किया जाए।     •    ‘कमाल का भोपाल’ रिपोर्ट पर समीक्षा और क्रियान्वयन की आवश्यकता स्वीकार करते हुए मुख्य सचिव ने शहरी विकास आयुक्त को सभी बिंदुओं की विवेचना कर अवगत कराने को कहा। सौंपे गए प्रमुख दस्तावेज़:     1.    “एआई लाइटहाउस सिटी  – क्रेडाई विजन”     2.    “कमाल का भोपाल” क्रियान्वयन प्रस्ताव      3.    भोपाल मेट्रोपॉलिटन एवं मास्टर प्लान संबंधी प्रस्तुति     4.    इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर क्रेडाई चैप्टर्स के ज्ञापन     5.    गाइडलाइन दरों में विसंगतियों पर आपत्तियाँ     6.    कालोनाइजिग अधिनियम व नियम, टाउनशिप नीति और रेरा सम्बंधी प्रस्ताव राजा भोज पर संवाद के क्षण: बैठक के अंत में क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष ने मुख्य सचिव को राजा भोज की विचारवान मोहक प्रतिमा भेंट की यह आकर्षक प्रतिमा मनोज मीक के महीनों के गहन शोध, न्यू-एज टेक और ऐतिहासिक संवाद के आधार पर निर्मित की गई है, जो राजा भोज के नगर नियोजन, जल प्रबंधन और सांस्कृतिक दृष्टिकोण को सजीव करती है। मुख्य सचिव ने रुचि पूर्वक प्रतिमा की बारीकियों और राजा भोज के व्यक्तित्व पर चर्चा की एवं क्रेडाई के प्रयासों को सराहा। क्रेडाई भोपाल का वक्तव्य: ‘कमाल का भोपाल’ रिपोर्ट बुनियादी दस्तावेज है जो आत्मविश्वास और पहचान की बात करता है। राजा भोज के दृष्टिकोण से लेकर आज के एआई युग तक, हम चाहते हैं कि भोपाल फिर से एक विचारशील नगर के रूप में सामने आए। मुख्य सचिव महोदय से हुई आज की बैठक में जो स्पष्टता और सकारात्मकता दिखी, उससे यह भरोसा और गहरा हुआ है कि राजधानी का भविष्य अब विचार से कार्य की दिशा में बढ़ रहा है। क्रेडाई भोपाल इस प्रयास में भागीदार है नीतियों में, संवाद में और ज़मीन पर भी। — सचिवालय क्रेडाई भोपाल

जनसुनवाई में बताई समस्या के हल होने पर रामपुराकला के ग्रामीणों ने जनसुनवाई में पहुच कर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर का किया सम्मान

जनसुनवाई में बताई समस्या के हल होने पर रामपुराकला के ग्रामीणों ने जनसुनवाई में पहुच कर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर का किया सम्मान जनसुनवाई में आये नागरिको की विधायक ने सुनी समस्याएं,कई प्रतिनिधि मंडलो से की मुलाकात  आष्टा मध्य प्रदेश के आष्टा जिला अंतर्गत पिछली जनसुनवाई में ग्राम रामपुराकला के ग्रामीणों,महिलाओं ने बड़ी संख्या में विधायक कार्यालय में आयोजित होने वाली जनसुनवाई में अपने ग्राम में गम्भीर जल संकट की शिकायत की थी,तभी विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने पीएचई को निर्देशित किया । विधायक के निर्देश पर ग्राम में बोर लगा जिसमे 2 इंची पानी निकला, ग्रामीणों में खुशी छा गई । समस्या के निदान होने पर आज रामपुराकला के ग्रामीण जनसुनवाई में पहुचे ओर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर का ग्राम की ओर से साफा बांध कर स्वागत सम्मान कर आभार व्यक्त किया । प्रत्येक बुधवार को आष्टा विधायक अपने कार्यालय में सुबाह 10 बजे से जनता की समस्याओं को सुनने,उनेह हल करवाने के लिये जनसुनवाई करते है । आज बुधवार को प्रातः 10 बजे से कार्यालय में उपस्तिथ रह कर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने जनता की समस्याओं को सुना एवं उनकी समस्याओं को हल करने के सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिये । आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर जो की हर बुधवार को अपने कार्यालय में जन सुनवाई कार्यक्रम के तहत उपस्तिथ रहते है । आज भी बड़ी संख्या में क्षेत्र से नागरिक जनसुनवाई में पहुचे एवं अपनी अपनी पीड़ा से विधायक को अवगत कराया एवं आवेदन दिये। जनता से प्राप्त आवेदनों पर विधायक ने कहा एक सेवक होने के नाते आपकी समस्याओं को हल करना मेरा धर्म है। आज आये आवेदनों को तत्काल सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर ग्रामीणों की समस्याओं का समय सीमा में तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिये । आज जनसुनवाई में कई विभागों के जैसे आवेदन प्राप्त हुए उन्हें निराकरण हेतु भेजे गये । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कार्यालय आये सभी नागरिको को भरोसा दिया कि आपकी समस्याओं का जल्द निराकरण होगा। विधायक कार्यालय से जानकारी देते हुए बताया की आज जनसुनवाई में प्रशासनिक स्थानांतरण निरस्त कराने,पुलिस विभाग से सम्बन्धित आवेदन,नवीन बोर में मोटर पंप स्थापित कराने,आयुष्मान कार्ड प्राप्त होने वाले लाभ सम्बन्धित आवेदन, आर्थिक सहायता प्रदान करने, आवास की तीसरी किस्त प्रदान कराने,खेत सड़क पहुंच मार्ग निर्माण,नवीन विद्युत कनेक्शन कराने,दुकान में आगजनी होने पर सहायता राशि दिलाने,सड़क निर्माण कराने,ई रिक्शा हेतु आवेदन पत्र पर्याप्त हुए । वही आज ग्रामीण क्षेत्रो के कई प्रतिनिधि मंडलो ने भी विधायक से भेंट की । सभी आई शिकायतों एवं आवेदनों को सम्बंधित विभागों को निराकरण हेतु निर्देश दिये है । विभागों की आई समस्याओं को लेकर मौके से ही सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को आई समस्याओं के निराकरण करने के निर्देश दिये,कुछ आवेदन निराकरण हेतु सम्बंधित विभागों को भेजे गये ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ग्वालियर की लाड़ली बहनाओं ने सौंपा बधाई पत्र

ग्वालियर ग्वालियर की लाड़ली बहनाओं ने ग्वालियर विमानतल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को धन्यवाद पत्र भेंट करते हुए कहा कि लाड़ली बहना योजना के माध्यम से आपकी बहनों को बहुत संबल मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रात्रि लगभग 10 बजे दिल्ली से विमान द्वारा ग्वालियर पधारे। विमानतल पर ग्वालियर की लाड़ली बहनाओं ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश में लाड़ली बहनाओं के माध्यम से जो महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है, उसकी प्रशंसा की और मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद भी प्रकट किया। इस मौके पर उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर, भाजपा जिला अध्यक्ष शहर जयप्रकाश राजौरिया व ग्रामीण अध्यक्ष प्रेम सिंह राजपूत व पूर्व मंत्री रामनिवास रावत सहित जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने मुख्यमंत्री को ग्वालियर में लाड़ली बहना योजना के क्रियान्वयन के संबंध में बारे में जानकारी दी।  

मंत्री चौहान ने “लैब टू लैंड” को मजबूत करने की घोषणा, वैज्ञानिकों को अब सप्ताह में तीन दिन खेतों में जाना होगा

नई दिल्ली   केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने “लैब टू लैंड” पहल को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की. उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) के वैज्ञानिकों को अब सप्ताह में तीन दिन अनिवार्य रूप से खेतों में जाकर किसानों के साथ संवाद करना होगा. यह कदम किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझने और वैज्ञानिक अनुसंधान को खेतों तक पहुंचने के लिए उठाया गया है. इसके साथ ही, कृषि मंत्री ने स्वयं भी सप्ताह में दो दिन किसानों के बीच जाने की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे निश्चित समय के लिए खेतों में जाएं और किसानों की चुनौतियों का जमीनी स्तर पर आकलन करें. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ये बात कही. उन्होंने कहा की “असली काम खेतों में ही होता है. यदि वैज्ञानिक और अधिकारी केवल प्रयोगशालाओं या कार्यालयों में बैठे रहेंगे, तो हम किसानों की वास्तविक जरूरतों को नहीं समझ पाएंगे. ज्ञान, अनुसंधान और क्षमता के बीच जो अंतर है, उसे हमें पाटना होगा.” यह बयान उन्होंने हाल ही में “विकसित कृषि संकल्प अभियान” के तहत किसानों और वैज्ञानिकों के बीच संवाद को बढ़ावा देने के संदर्भ में दिया. इस अभियान के तहत, 29 मई से 12 जून 2025 तक देश भर में 2170 वैज्ञानिक टीमों ने 65,000 से अधिक गांवों में 1.08 करोड़ किसानों से मुलाकात की. इस दौरान किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, मृदा स्वास्थ्य, और जलवायु-अनुकूल खेती के बारे में जानकारी दी गई. चौहान ने इस अभियान को “लैब टू लैंड” दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक शोध को प्रयोगशालाओं से निकालकर खेतों तक ले जाना है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) वैज्ञानिकों को अब नियमित रूप से किसानों के खेतों में जाना होगा ताकि वे स्थानीय मिट्टी, जलवायु, और फसलों की जरूरतों के आधार पर अनुकूलित सलाह दे सकें. चौहान ने जोर देकर कहा कि यह पहल न केवल किसानों की उत्पादकता बढ़ाएगी, बल्कि वैज्ञानिकों को भी किसानों की व्यावहारिक चुनौतियों से अवगत कराएगी. चौहान ने खुद के बारे में भी बोलते हुए कहा कि वह स्वयं सप्ताह में दो दिन खेतों में बिताएंगे. उन्होंने हाल ही में दिल्ली, पंजाब, गुजरात, और उत्तराखंड जैसे राज्यों में किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना. पिछले दिनों दिल्ली के तीगीपुर गांव में एक “किसान चौपाल” में भी उन्होंने कहा,था कि “किसानों की मेहनत और उत्पादन को समझने के लिए हमें उनके बीच जाना होगा. केवल मंत्रालय में बैठकर स्थिति का सही आकलन नहीं हो सकता.” मंत्री ने कृषि मंत्रालय के अधिकारियों को भी खेतों में जाने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि नीतियां अब कार्यालयों में नहीं, बल्कि खेतों से निकलेंगी. यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि सरकारी योजनाएं और नीतियां किसानों की वास्तविक जरूरतों पर आधारित हों. चौहान ने वैज्ञानिकों और किसानों के बीच निरंतर संवाद को “विकसित भारत 2047” के लिए आवश्यक बताया. उन्होंने कहा कि, “हमारा मंत्र है ‘एक राष्ट्र, एक कृषि, एक टीम’. वैज्ञानिक, अधिकारी, और किसान मिलकर भारत को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएंगे.

सीएनजी गाड़ियों के बाद अब इंदौर नगर निगम 100 इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदेगा

इंदौर इंदौर नगर निगम के द्वारा शहरभर से कचरा समेटने के लिए 900 से ज्यादा गाड़ियों का संचालन किया जाता है, जिनमें से कई पुरानी डीजल गाड़ियां हैं। इन गाड़ियों पर हर माह करीब 4 करोड़ रुपये का डीजल खर्च होता है। हाल ही में नगर निगम ने सीएनजी गाड़ियां भी खरीदी थीं, लेकिन इनकी लागत भी अपेक्षाओं के मुताबिक नहीं रही। इसके चलते अब नगर निगम ने बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीदारी की योजना बनाई है। बार बार खराब हो रही डीजल गाड़ियां नगर निगम द्वारा शहर के 85 वार्डों में कचरा उठाने के लिए रोज़ाना बड़ी संख्या में हल्ला गाड़ियां दौड़ाई जाती हैं। इसके साथ-साथ बड़े वाहनों के जरिए बल्क में कचरा भी उठाया जाता है। हालांकि, इनमें से अधिकांश पुरानी डीजल गाड़ियां बार-बार खराब हो जाती हैं, जिससे निगम को अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ता है। सीएनजी गाड़ियों के रिजल्ट भी अच्छे नहीं रहे सीएनजी गाड़ियां खरीदी जाने के बाद भी खर्च कम नहीं हुआ और इनकी कार्यक्षमता भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। इसी कारण निगम ने एक माह पहले 100 इलेक्ट्रिक हल्ला गाड़ियां खरीदी थीं, जिनका संचालन अब विभिन्न वार्डों में कचरा उठाने के लिए किया जा रहा है। इन इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कार्यक्षमता बेहतर रही है और अब इन्हें धीरे-धीरे डीजल गाड़ियों की जगह दी जा रही है। इसके साथ-साथ इन गाड़ियों के लिए चार्जिंग स्टेशन और वर्कशॉप विभाग में तैयार किए जा रहे हैं। 4 करोड़ रुपए का खर्च डीजल और सीएनजी पर आ रहा नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि हर महीने 4 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च डीजल और सीएनजी पर आता है, जिसे कम करने के लिए अब सौ और इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदी जाएंगी। इन नई गाड़ियों के लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं और पुरानी खटारा गाड़ियों को नीलाम करने की भी योजना है।  

बिजली चोरी की रोकथाम के लिए चलाई जा रही पारितोषिक योजना, अब तक पांच उपभोक्ताओं के खाते में पहुंचाई राशि

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली चोरी की रोकथाम के लिए चलाई जा रही पारितोषिक योजना के तहत बिजली के अवैध उपयोग की सूचना देने पर प्रकरण बनाने एवं राशि वसूली होने पर सूचनाकर्ता को दी जाने वाली 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि में से योजना के संशोधित प्रावधान के अनुसार पांच प्रतिशत राशि का भुगतान संबंधित सूचनाकर्ता को सूचना सही पाए जाने पर जारी किए गए अंतिम निर्धारण आदेश के तुरंत बाद किया जाएगा। शेष पांच प्रतिशत राशि का भुगतान पूर्ण वसूली उपरांत किया जा रहा है। इसी क्रम में एक अप्रैल 2025 से अब तक 5 सफल सूचनाकर्ताओं को 11,500 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में जमा कराए गए हैं। साथ ही जांच एवं वसूली की कार्यवाही करने वाले संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों को भी तीन हजार रुपये प्रोत्साहन राशि का भुगतान उनके मासिक वेतन में जोड़कर किया गया है।  कंपनी द्वारा ऑनलाइन प्रक्रिया प्रारंभ होने के पूर्व कुल 63 प्रकरणों में पूर्ण राशि का भुगतान प्राप्त होने पर 7 सफल सूचनाकर्ताओं को उनके खाते में 2 लाख 18 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया गया है। कंपनी में कार्यरत नियमित कर्मचारी/ संविदा/ आउटसोर्स कर्मचारी को भी सूचनाकर्ता के रूप में शामिल किया गया है, परंतु उसे सूचना सही पाए जाने एवं जारी किए गए अंतिम निर्धारण आदेश की पूर्ण वसूली होने पर एक प्रतिशत प्रोत्साहन राशि के रूप में दी जाएगी। कंपनी ने कहा है कि विभिन्न परिसरों की जांच एवं जांच के उपरांत बनाये गये पंचनामा के आधार पर आरोपी के विरूद्ध निकाली गयी राशि की वसूली में सभी कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। कंपनी ने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ जांच एवं वसूली के कार्य में सम्मिलित बाह्य स्त्रोत कर्मचारियों को भी पारितोषिक योजना के तहत दी जाने वाली 2.5 (ढाई) प्रतिशत प्रोत्साहन राशि को सभी संबंधितों को समान रूप में दिया जा रहा है। कंपनी ने कहा है कि पारितोषिक योजना की पूरी जानकारी जैसे बिलिंग, भुगतान से संबंधित गतिविधियां पूरी तरह से गोपनीय और ऑनलाइन है। अब सूचनाकर्ता को कंपनी के पोर्टल पर गुप्त रूप से दिए गए प्रारूप में बैंक खाता, पहचान क्र. (आधार अथवा पेन ) देना अनिवार्य है। योजना के अंतर्गत सूचनाकर्ता के संबंध में जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखते हुए, कंपनी मुख्यालय से प्रोत्साहन की राशि सीधे संबंधित सूचनाकर्ता के बैंक के खाते में हस्तांतरित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत क्षेत्रीय, वृत्त स्तर के अधिकारियों को जो शिकायतें प्राप्त होती है, उन शिकायतों पर तत्परता से कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने के लिये कंपनी मुख्यालय के द्वारा सतत रूप से निगरानी भी रखी जा रही है। पोर्टल अथवा उपाय ऐप पर देनी होगी सूचना कंपनी द्वारा योजना में सूचनाकर्ता को निर्धारित शर्तों के अधीन पारितोषिक देने का प्रावधान है। इस राशि की अधिकतम सीमा नहीं है। वर्तमान में इस व्यवस्था को पूर्ण रूप से ऑनलाइन किया गया है तथा कंपनी वेबसाइट portal.mpcz.in पर जाकर informer scheme लिंक पर क्लिक करके, सूचनाकर्ता के द्वारा गुप्त सूचना दर्ज की जा सकती है।  उपाय ऐप के माध्यम से भी बिजली चोरी की सूचना दी जा सकती है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा समस्त नागरिकों के साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों तथा उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे गुप्त सूचना देकर, पारितोषिक योजना का लाभ उठाये।  

सभी बांधो के गेट्स का मेंटीनेंस कर उन्हें क्रियाशील स्थिति में रखा जाए: मंत्री सिलावट

विभागीय अधिकारी बांधों का निरीक्षण कर वर्षा पूर्व सुधार कार्य पूर्ण करें- मंत्री सिलावट बाढ़ नियंत्रण कक्ष में 24 घंटे कार्य सुनिश्चित करें : जल संसाधन मंत्री सिलावट सभी बांधो के गेट्स का मेंटीनेंस कर उन्हें क्रियाशील स्थिति में रखा जाए: मंत्री सिलावट विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न भोपाल  जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने निर्देश दिए हैं कि विभागीय अधिकारी वर्षा से पूर्व सभी बांधों का निरीक्षण करें एवं वर्षा से पहले ही आवश्यकतानुसार सुधार कार्य कर लिए जाएं। सभी बांधो के गेट्स का मेंटीनेंस कर उन्हें क्रियाशील स्थिति में रखा जाए। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता विनोद कुमार देवड़ा आदि उपस्थित थे। क्षेत्रीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्मिलित हुए। बैठक में आगामी मानसून पूर्व तैयारियों एवं विभाग द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम की समीक्षा की गई। प्रमुख अभियंता विनोद देवड़ा द्वारा वर्षा ऋतु से पूर्व बांधों की सुरक्षा और संभावित आपदा स्थितियों से निपटने संबंधी विभागीय योजना एवं विभाग द्वारा किए गए जल संरक्षण कार्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी गई। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर 24 घंटे क्रियाशील किया जाए। निरीक्षण दल गठित कर नियमित मॉनीटरिंग हो और वर्षा काल के दौरान कोई भी अधिकारी बगैर सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय न छोड़े। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि वर्षा काल में जब भी डैम से पानी छोड़ने की स्थिति बने जिले के सभी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और अन्य महत्वपूर्ण संस्थाओं को अग्रिम सूचना दे दी जाए। जिन स्थानों पर पानी छोड़ा जा रहा है वहां जन सामान्य को पर्याप्त समय पूर्व पानी छोड़ने की सूचना अनिवार्य रूप से दी जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि विभागीय मैन्युअल के अनुसार वर्षा पूर्व निरीक्षण प्रतिवेदन विभागीय पोर्टल पर दर्ज किए जाएं और भारत सरकार द्वारा लागू डैम सेफ्टी एक्ट के अंतर्गत चिन्हित राज्यों के बांधों से संबंधित प्रतिवेदन भी समय पर भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज किए जाएं। मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि विभाग द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम को आगामी 14 दिनों में पूर्ण गति से क्रियान्वित किया जाए और कार्यक्रम की समाप्ति के 3 दिवस पश्चात विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। सिलावट ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और वर्षा पूर्व अधिकतम कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 जून को अत्याधुनिक तारामंडल का करेंगे लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव योग दिवस 21 जून को “खगोल विज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परम्परा” पर उज्जैन में राष्ट्रीय कार्यशाला का करेंगे शुभांरभ उज्जैन स्थित वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला, डोंगला में आयोजित होगी कार्यशाला अत्याधुनिक तारामंडल का करेंगे लोकार्पण उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार 21 जून को “खगोल विज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा” विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला, डोंगला, उज्जैन में करेंगे। कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद शामिल होंगे। इस दौरान अनेक शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें योग शिविर, शून्य छाया अवलोकन, साइंस शो, स्टेम वर्कशॉप, व्याख्यान एवं परिचर्चा प्रमुख हैं। कार्यशाला भारतीय खगोलशास्त्र की परंपरा और उसकी वैज्ञानिक प्रासंगिकता पर केंद्रित होगी। विशेषज्ञ भारतीय ज्ञान प्रणाली और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यशाला में खगोल विज्ञान के साथ-साथ भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराओं को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने का प्रयास किया जायेगा। कार्यशाला का आयोजन म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्, भोपाल, विज्ञान भारती, आचार्य वराहमिहिर न्यास उज्जैन, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी भोपाल एवं वीर भारत न्यास के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पद्मडॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर वेधशाला में शंकु यंत्र के माध्यम से शून्य छाया अवलोकन करेंगे। साथ ही आचार्य वराहमिहिर न्यास एवं अवादा फाउंडेशन द्वारा निर्मित अत्याधुनिक तारामंडल का लोकार्पण भी करेंगे। इस दौरान तारामंडल-शो का प्रदर्शन भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वेधशाला स्थित ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन-सत्र को संबोधित करेंगे। परिचर्चा सत्र में खगोल विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा पर चर्चा होगी। उल्लेखनीय है कि आचार्य वराहमिहिर न्यास द्वारा अवादा फाउण्डेशन के आर्थिक सहयोग एवं डीप स्काई प्लेनेटेरियम, कोलकाता के तकनीकी सहयोग से आचार्य वराहमिहिर न्यास द्वारा ग्राम डोंगला में अत्याधुनिक डिजीटल तारामंडल की स्थापना की गई हैं। तारामण्डल की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण अंचल के आमजन एवं स्कूली बच्चों में खगोल विज्ञान संबंधी जानकारी एवं प्राकृतिक घटनाओं संबंधी जिज्ञासा शांत करना है। इस तारामण्डल में 8 मीटर व्यास के एफ.आर.पी. डोम में ई-विजन 4 के डिजीटल प्रोजेक्टर एवं डिजीटल साउण्ड सिस्टम लगाया गया हैं। इस वातानुकूलित गोलाकार तारामण्डल में 55 लोग एक साथ बैठकर आकाशीय रंगमंच की हैरतअंगेज और जिज्ञाशावर्धक ब्रह्मांड में होने वाली घटनाओं का रोमांचक अनुभव एवं आनन्द ले सकेंगे। इस तारामण्डल की लागत लगभग 1.6 करोड़ रूपयें हैं। वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला, डोंगला : मध्य भारत में खगोल विज्ञान अनुसंधान का अग्रणी केंद्र उज्जैन जिले के महिदपुर तहसील स्थित ऐतिहासिक ग्राम डोंगला से कर्क रेखा गुजरती है। प्राचीन काल से ही खगोल और ज्योतिष विज्ञान की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2013 में मध्यप्रदेश शासन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा ग्राम डोंगला में वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला की स्थापना की गई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की परिकल्पना, भूमि चयन से लेकर निर्माण तक की प्रक्रिया में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विशेष योगदान रहा है। इस वेधशाला की स्थापना में भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA), बैंगलोर और आर्यभट्ट प्रशिक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES), नैनीताल का तकनीकी सहयोग प्राप्त हुआ है। वेधशाला में 5 मीटर डोम में स्थापित 20 इंच का आधुनिक टेलीस्कोप अनुसंधान और खगोल वैज्ञानिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। यह सुविधा प्रदेश और देश के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को खगोल विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन और अनुसंधान का मंच प्रदान कर रही है। यहाँ खगोल विज्ञान पर आधारित विंटर स्कूल का आयोजन होता है और “एक भारत श्रेष्ठ भारत” योजना के अंतर्गत अन्य राज्यों के विद्यार्थी भी इस वेधशाला का भ्रमण कर रहे हैं। हाल ही में इस टेलीस्कोप को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इंदौर के सहयोग से ऑटोमेशन की सुविधा प्रदान की गई है। यह नई शिक्षा नीति और राष्ट्रीय अंतरिक्ष नीति के अनुरूप एक ऐतिहासिक पहल है। इससे सुदूर अंचलों के विद्यार्थी भी ऑनलाइन माध्यम से वेधशाला से जुड़ सकेंगे। डोंगला में ही स्थापित पद्मडॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर वेधशाला, जो प्राचीन खगोलीय यंत्रों पर केन्द्रित है, इस क्षेत्र की सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है। आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान के समन्वय के रूप में डोंगला को “डोंगला मीन टाइम (DMT)” की अवधारणा के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह प्रयास एक ऐतिहासिक पहल है। देश के वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद होंगे शामिल कार्यशाला में विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार शर्मा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, भारतीय ज्ञान प्रणाली भारत सरकार नई दिल्ली के राष्ट्रीय संयोजक प्रो. गंटी एस. मूर्ति, राष्ट्रीय नवप्रर्वतन प्रतिष्ठान गांधीनगर के निदेशक डॉ. अरविंद रानाडे, भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी नई दिल्ली के कार्यकारी निदेशक डॉ. ब्रजेश पांडे, म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एन. पी. शुक्ला, डेक्कन विश्वविद्यालय पुणे के पूर्व कुलपति एवं सीएसआईआर भटनागर फेलो, सीसीएमबी हैदराबाद डॉ. वसंत शिंदे, आचार्य वराहमिहिर न्यास उज्जैन के अध्यक्ष हेमंत भवालकर, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी, अवादा फाउंडेशन की निदेशक श्रीमती रितु पटवारी तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वरिष्ठ वैज्ञानिक सहित अन्य प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद शामिल होंगे।  

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