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लेफ्टिनेंट कर्नल की याचिका पर सुनवाई: कोर्ट ने एफआईआर रद्द करते हुए कहा, आपसी सहमति को रेप नहीं माना जा सकता

जबलपुर  वो युवती जो कि पहले तो लव रिलेशन में रहती है,आपसी सहमति से संबंध बनाती है, और फिर बाद में रेप का आरोप लगाते हुए पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाती है, उसे रेप की श्रेणी में नही माना जा सकता है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक मामले पर सुनवाई करते हुए कहा।  13 साल तक रिलेशनशिप में रही युवती एमपी पुलिस में पदस्थ एक महिला आरक्षक ने एफआईआर दर्ज करवाते हुए आरोप लगाया कि वह सेना में पदस्थ लेफ्टिनेंट कर्नल वरुण प्रताप सिंह के साथ 13 साल तक रिलेशनशिप में रही है। वह कहता था कि पत्नी बेकार है, तलाक होते ही तुमसे शादी कर लूंगा। मध्यप्रदेश पुलिस में कॉन्स्टेबल शीना (परिवर्तित नाम) ने सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल वरुण प्रताप सिंह के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराया। महिला का कहना था कि – मेरी वरुण ही नहीं, उसके मम्मी-पापा और भाई-बहन से भी बातचीत होती थी। दोनों के परिवारों के बीच संबंध मजबूत हो गए। वरुण ने कहा था कि जल्द ही हम शादी कर लेंगे, इसलिए मैं उसके साथ रिलेशन में आ गई। ऐसे ही समय बीतता गया, लेकिन भोपाल से ट्रांसफर के दौरान मुझे पता चला कि उसकी शादी तो पहले ही हो चुकी है। बच्चा भी है। अलग-अलग नामों से अकाउंट, कई लड़कियों से दोस्ती शीना ने पुलिस को एफआईआर में बताया कि वरुण की पोस्टिंग असम में हो गई थी। बाद में पता चला कि वहां एक असमिया लड़की से भी उसकी दोस्ती हो गई। उससे पूछा तो वो टालता रहा। इस बीच पता चला कि वरुण नाम से सोशल मीडिया पर आईडी तो है ही, साथ ही एक आईडी आदित्य प्रताप और एक आदित्य राज नाम से भी बना रखी है। इसमें उसकी फोटो लगी है, चैटिंग भी करता रहता है। इन सोशल मीडिया अकाउंट का उपयोग वह नई-नई लड़कियों को तलाशने और उन्हें अपने प्रभाव में लेने के लिए करता है। हनी ट्रैप का शिकार हो सकता है वरुण शीना ने अपनी एफआईआर में बताया कि वरुण सेना की जिम्मेदारी वाली नौकरी में रहकर कई सोशल मीडिया अकाउंट चला रहा है, यह खतरनाक हो सकता है। वो लड़कियों की फोटो लगी आईडी से आने वाली अनजान रिक्वेस्ट पर रिस्पॉन्स करता है। चैटिंग करने लगता है। मुझे डर है कि जिस तरह की उसकी एक्टिविटी है, वह आसानी से हनी ट्रैप का शिकार हो सकता है या हो चुका होगा। वरुण ने जो काम भोपाल में किया, वही असम में किया। पठानकोट जैसी संवेदनशील पोस्टिंग में रहते हुए भी उसकी आदत नहीं सुधरी। सेना को इसकी जांच करानी चाहिए, मैंने इसकी शिकायत भी की है। जिला कोर्ट ने याचिका खारिज की युवती की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। भोपाल कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई तो, वरुण की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। पीड़िता के वकील ने आरोपी की जमानत याचिका पर आपत्ति लगाते हुए अदालत को बताया कि यदि उन्हें जमानत मिलती है तो वो सबूतों को मिटा सकते हैं। साक्ष्यों को प्रभावित कर सकते हैं। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी की याचिका खारिज कर दी। आपसी संबंध रेप की श्रेणी नहीं मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने करीब 13 साल तक चले आपसी संबंधों को दुष्कर्म की श्रेणी में रखने से इनकार करते हुए सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल के खिलाफ दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को निरस्त कर दिया है। जस्टिस विनय सराफ की एकलपीठ ने मामले पर सुनवाई की है। महिला पुलिस आरक्षक ने याचिका पर बताया कि सेना अधिकारी ने स्वयं को अविवाहित बताते हुए उससे विवाह का वादा किया और इसी भरोसे पर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। कोर्ट ने पाया कि दोनों के बीच लंबे समय तक आपसी सहमति से संबंध रहे, इसलिए इसे दुष्कर्म की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को रद्द कर दिया।

आंधी-बारिश का अलर्ट: MP के 12 जिलों में अगले 4 दिन तक बारिश, ग्वालियर-जबलपुर भीगेंगे, भोपाल-इंदौर में गर्मी

भोपाल  मध्य प्रदेश में तेज गर्मी के बीच अब मौसम करवट लेने वाला है। प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक आंधी और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने रविवार को उत्तर और दक्षिणी हिस्से के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस बदलाव के मुख्य कारण वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और टर्फ सिस्टम हैं। 17 मार्च को एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिसका असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ सकता है। इस प्रणाली के चलते अगले कुछ दिनों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विभाग का कहना है कि 18 मार्च तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। मार्च महीने में इस बार पहली बार मावठा गिरने की संभावना भी जताई जा रही है। जारी किए गए अलर्ट के अनुसार, 16 मार्च को बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, 17 मार्च को सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और 18 मार्च को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा में बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है। गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना इन मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश में वातावरण में नमी और अस्थिरता बढ़ रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 17 मार्च की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके असर से मध्यप्रदेश के कई जिलों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है। खासकर पूर्वी और उत्तरी प्रदेश के जिलों में मौसम अधिक प्रभावित होने की संभावना है। बादलों की आवाजाही के कारण दिन के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हो सकती है। हालांकि कुछ स्थानों पर तेज हवा और गरज-चमक की स्थिति देखने को मिल सकती है। तीन दिन का मौसम पूर्वानुमा 16 मार्च: बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में बारिश के आसार। 17 मार्च: सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में मौसम खराब रह सकता है। 18 मार्च: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर सहित 12 जिलों में बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और वातावरण में बनी ट्रफ लाइन के कारण प्रदेश में बादल सक्रिय हो रहे हैं। 17 मार्च के आसपास एक और सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय होने की संभावना है, जिससे मौसम में अस्थिरता बनी रह सकती है। प्रदेश में गर्मी का असर बरकरार बारिश के अनुमान के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर तेज बना हुआ है। शनिवार को नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खरगोन में भी पारा 39 डिग्री के करीब पहुंच गया।  तेज गर्मी का असर अब भी प्रदेश के कई हिस्सों में बना हुआ है। शनिवार को भी प्रदेश के कई शहरों में तीव्र लू चली और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। खासकर, नर्मदापुरम प्रदेश में सबसे गर्म बना हुआ है। यहां पिछले तीन दिनों से लू का प्रभाव बना हुआ था, जहां अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 6.9 डिग्री अधिक है। वहीं, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर-उज्जैन से भी गर्म जबलपुर रहा। यहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नर्मदापुरम के बाद खरगोन सबसे गर्म रहा। यहां पारा 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंडला, रतलाम, दमोह, खंडवा, खजुराहो, रायसेन, शाजापुर, गुना, नरसिंहपुर, सतना, सिवनी, बैतूल, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, उमरिया, सागर और धार में तापमान 37 डिग्री या इससे ज्यादा दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में पारा 37.2 डिग्री, इंदौर में 36.6 डिग्री, ग्वालियर में 34.1 डिग्री, उज्जैन में 36.5 डिग्री और जबलपुर में 37.7 डिग्री रहा। अप्रैल-मई में और बढ़ेगी गर्मी मौसम विभाग का अनुमान है कि अप्रैल और मई में प्रदेश में गर्मी का असर और बढ़ेगा। कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, खासकर ग्वालियर-चंबल, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में। 

MP में LPG संकट, होटल में गैस खत्म; इंदौर-भोपाल में इंडक्शन पर पक रहा खाना, घरेलू सिलेंडर के लिए 8 घंटे लंबी कतार

भोपाल   प्रदेश के कई जिलों में घरेलू गैस की किल्लत अब आम लोगों की परेशानी बढ़ाने लगी है. शहडोल से लेकर जबलपुर तक गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी‑लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. हालात ऐसे हैं कि लोग घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद सिलेंडर मिलने का इंतजार करते नजर आ रहे हैं. कई जगहों पर एजेंसियों के बाहर भीड़ सड़कों तक फैल गई है, जिससे रोजमर्रा का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है. उपभोक्ताओं का कहना है कि समय पर गैस नहीं मिलने से घरों में खाना बनाना तक मुश्किल हो गया है. वहीं प्रशासन और गैस एजेंसी संचालक गैस आपूर्ति सामान्य होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हालात इन दावों से अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय हालात और आपूर्ति में रुकावट को भी इस संकट की एक बड़ी वजह माना जा रहा है. बढ़ती भीड़ और लगातार मिल रही शिकायतों ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है. प्रदेश में रसोई गैस (LPG) का संकट बढ़ता जा रहा है। छह दिन से 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टॉरेंट को कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल, इंदौर के कई होटल, रेस्टॉरेंट में गैस खत्म हो गई है। इसलिए वहां मेन्यू बदला है। कई रेहड़ी भी बंद हो गई है। इधर, घरेलू सिलेंडर को लेकर पूरे प्रदेश में मारामारी है। कॉमर्शियल के साथ घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भी मारामारी मची हुई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत अन्य शहरों में बुकिंग के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा है। छोटे बच्चे हो या बुजुर्ग, सब घंटों लाइन में लग रहे हैं। भोपाल में ऐसी तस्वीरें आम हो गई है। शनिवार को 8 घंटे तेज धूप में खड़े होने के बाद सिलेंडर नसीब हुआ। रविवार को भी किल्लत बनी रहेगी। ग्वालियर में हालात सामान्य: प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर; कहा– अफवाहों से बचें ग्वालियर जिले में हालात सामान्य हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर फैली आशंकाओं के बीच कलेक्टर रुचिका चौहान ने स्पष्ट किया है कि ग्वालियर में गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। खाद्य विभाग की टीम निरंतर गैस एजेंसियों का निरीक्षण कर रही है। सभी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उपभोक्ताओं को सही जानकारी दें। स्टॉक व डिलीवरी में पारदर्शिता बरतें। कलेक्टर ने साफ किया है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है, इसलिए नागरिक घबराएं नहीं। पुलिस की मौजूदगी में सिलेंडर विरतण इधर घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भी प्रदेश के कई शहरों में अफरा-तफरी का माहौल है। राजधानी भोपाल, इंदौर सहित कई जिलों में लोग गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं। बुजुर्गों से लेकर महिलाएं और युवा तक सिलेंडर के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। कहीं लोग अपने खाली सिलेंडर लेकर घंटों लाइन में खड़े हैं तो कहीं पुलिस की मौजूदगी में गैस सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था या विवाद की स्थिति न बने। शनिवार को भोपाल में कई गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर पुलिस की गाड़ियां लगातार गश्त करती नजर आईं। प्रशासन को आशंका थी कि गैस की कमी को लेकर भीड़ में तनाव या हंगामा हो सकता है। शहर की करीब 23 गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रही। इस बीच गैस बुकिंग का ऑनलाइन सर्वर भी ठप बताया जा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग कराने के बावजूद उन्हें 7 से 8 दिन तक सिलेंडर नहीं मिल पा रहा, जिससे घरेलू रसोई भी प्रभावित हो रही है। जमाखोरी और कालाबाजारी पर होगी कार्रवाई इस बीच राज्य सरकार ने स्थिति को लेकर सफाई दी है। सरकार का कहना है कि प्रदेश में एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। साथ ही प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसी को लेकर प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टरों को भी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वितरण व्यवस्था पर नियंत्रण रखा जा सके। भोपाल में एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की कतारें एलपीजी संकट की स्थिति को समझने के लिए द मूकनायक की टीम शनिवार सुबह भोपाल के जिंसी चौराहे स्थित इंडेन गैस एजेंसी पहुंची। यहां सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतार लगी हुई थी। कई लोग अपने खाली सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े थे, तो कुछ लोग सिर्फ बुकिंग नंबर लगवाने के लिए एजेंसी के बाहर इंतजार कर रहे थे। लाइन में खड़े लोगों से बातचीत करने पर सामने आया कि गैस बुकिंग की प्रक्रिया भी बड़ी समस्या बन चुकी है। एक ग्राहक ने बताया कि वह पिछले तीन दिनों से गैस सिलेंडर का नंबर लगाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है। उसने बताया कि आज वह सुबह से ही एजेंसी के बाहर लाइन में खड़ा है, ताकि किसी तरह सिलेंडर का नंबर लग सके। जब ऑन कैमरा बुकिंग नम्बर पर ग्राहक ने किया कॉल एक युवक ने मौके पर ही गैस बुकिंग के लिए दिए गए फोन नंबर पर कॉल करके देखा। कॉल करने पर उसे सूचना मिली कि सेवाएं फिलहाल इनकमिंग के लिए बंद हैं। युवक ने बताया कि वह लगातार वेबसाइट और फोन के जरिए बुकिंग करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन न तो वेबसाइट काम कर रही है और न ही कॉल के जरिए नंबर लग पा रहा है। मजबूर होकर वह सुबह से एजेंसी के बाहर लाइन में खड़ा है, ताकि सिलेंडर के लिए अपना नंबर दर्ज करा सके। समस्या हो तो यहां करें फोन (कंट्रोल रूम) आम नागरिकों की सुविधा और बुकिंग से जुड़ी समस्याओं के तुरंत निराकरण के लिए जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम का गठन किया है। यदि आपको सिलेंडर मिलने में कोई दिक्कत हो रही है, तो आप इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं: मोबाइल नंबर 1: 7247560709 मोबाइल नंबर 2: 7000878489 प्रशासन की अपील: नागरिक किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और समस्या होने पर सीधे कंट्रोल रूम को सूचित करें। भोपाल: अब इंडक्शन बना सहारा भोपाल में रसोई गैस की सप्लाई लड़खड़ाने से उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जहांगीराबाद क्षेत्र के मोहम्मद रियाज ने … Read more

मिशन वात्सल्य के अंतर्गत आयोजित हुआ जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

मिशन वात्सल्य अंतर्गत जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित  सिवनी  मिशन वात्सल्य अंतर्गत संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग भोपाल द्वारा जारी प्रशिक्षण कैलेंडर के अनुपालन में महिला एवं बाल विकास विभाग सिवनी द्वारा एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 13 मार्च 2026 को नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थान, इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय परिसर में किया गया। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री मनोज लारोकर, सहायक संचालक श्री राजेश लिल्हारे, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री मुकेश सेन, सदस्य श्री अखिलेश कुमार यादव, श्री शैलेन्द्र बिसेन, श्रीमती रूपाली टेम्भरे एवं श्री सुधीर सिंह ठाकुर सहित जिले के परियोजना अधिकारी, महिला सुपरवाइजर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के पूजन के साथ किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री मनोज लारोकर ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले में बाल संरक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं तथा विभाग बच्चों के अधिकारों एवं उनके कल्याण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर के रूप में बाल कल्याण समिति के सदस्य एडवोकेट श्री अखिलेश कुमार यादव द्वारा किशोर न्याय अधिनियम 2015, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 (POCSO), मिशन वात्सल्य एवं विभिन्न बाल संरक्षण योजनाओं, बाल विवाह रोकथाम तथा किशोर न्याय प्रणाली के सिद्धांतों पर पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही बाल कल्याण समिति के कार्यक्षेत्र, विधि का उल्लंघन करने वाले बालकों, देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों तथा पुनर्वास एवं समाज में पुनर्स्थापन से जुड़े प्रावधानों पर भी जानकारी प्रदान की गई। विधि सह परिवीक्षा अधिकारी श्री अमित कुमार ढकेता ने गृह अध्ययन प्रतिवेदन (एचएसआर) एवं सामाजिक जांच रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया तथा आवश्यक प्रारूपों को भरने की विधि पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का संयोजन सहायक संचालक श्री राजेश लिल्हारे द्वारा किया गया तथा मंच संचालन बाल संरक्षण अधिकारी श्री विकास दुबे ने किया। प्रशिक्षण में लगभग 170 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों के लिए पोषण पेय एवं स्वास्थ्यवर्धक अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई। प्रशिक्षण के अंत में प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बाल संरक्षण से संबंधित कानूनों एवं योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा निराश्रित एवं जरूरतमंद बच्चों को प्रभावी सहायता उपलब्ध कराना था।

IAS मनु के पास सबसे ज्यादा संपत्ति, मुख्य सचिव से 4 गुना अधिक; MP के 12 कलेक्टरों के पास अपना घर नहीं

भोपाल   प्रदेश में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) मनु श्रीवास्तव एमपी में तैनात एसीएस स्तर के अफसरों में सबसे अमीर आइएएस हैं। उनके पास 19.50 करोड़ की अचल संपत्ति है। जबकि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा एसीएस अशोक बर्णवाल पगार के अलावा अपनी संपत्तियों से सबसे अधिक कमाने वाले अफसर हैं। बर्णवाल के पास 7.50 करोड़ की संपत्ति है। इससे उन्हें हर साल 23.68 लाख रुपए आय हो रही है।  MP में 391 IAS अधिकारियों में अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव सबसे अमीर हैं। उनके पास 19 करोड़ 50 लाख रुपए की संपत्ति है, जबकि मुख्य सचिव अनुराग जैन के पास 4 करोड़ 15 लाख रुपए की संपत्ति है। इस तरह मनु श्रीवास्तव की संपत्ति अनुराग जैन से लगभग 4.7 गुना अधिक है। इसके अलावा प्रदेश के 55 जिलों के कलेक्टरों में से 12 जिलों के कलेक्टरों के पास न तो अपना घर है और न ही खेती की जमीन है। इन अधिकारियों ने अपनी अचल संपत्ति निल बताई है। वहीं 17 कलेक्टर ऐसे भी हैं, जिनके पास मकान और दुकान के साथ-साथ खेती की जमीन भी है। कलेक्टरों में किशोर कन्याल सबसे अमीर जिला कलेक्टरों में गुना कलेक्टर किशोर कन्याल सबसे अधिक संपत्ति वाले अधिकारी हैं। उनके पास करीब 3 करोड़ 18 लाख रुपए की संपत्ति है। उनके पास दो मकान, एक प्लॉट और कृषि भूमि है, जो भोपाल, उत्तर प्रदेश और नोएडा में स्थित है। विवेक अग्रवाल के पास सबसे अधिक जमीन केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी विवेक अग्रवाल के पास सबसे अधिक जमीन है। उनके पास भटिंडा, गंगानगर, सिरसा, मुक्तसर, पंचकुला, मुल्लानपुर, इंदौर और भोपाल में मिलाकर करीब 65 एकड़ किसान जमीन है। इसके अलावा इंदौर के अपर कलेक्टर नवजीवन पवार के पास सबसे अधिक 20 अलग-अलग प्रॉपर्टी दर्ज हैं। 16 साल में 4.5 लाख का प्लॉट घटकर 1 लाख का हुआ इन सबके बीच नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीणा का मामला अलग नजर आता है। वर्ष 2010 में उन्होंने 4.5 लाख रुपए में एक प्लॉट खरीदा था। आमतौर पर समय के साथ प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ती है, लेकिन इस मामले में उल्टा हुआ। 4 लाख 50 हजार रुपए का वह प्लॉट अब घटकर केवल 1 लाख रुपए का रह गया है। यानी करीब 16 साल में उस प्लॉट की कीमत लगभग 4.5 गुना कम हो गई है। मुख्य सचिव अनुराग जैन के पास कुल 4.14 करोड़ की संपत्ति मध्य प्रदेश के प्रशासनिक मुखिया यानी प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन के पास कुल 4.14 करोड़ कीमत की अचल संपत्ति है. हालांकि उनके पास 3 राज्यों में संपत्ति है. इसमें भोपाल के प्रेमपुरा नगर में भूखंड, उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में 79 लाख कीमत का एक अंडरकंस्ट्रक्शन फ्लैट, जयपुर में एक फ्लैट और शिवाजी नगर भोपाल में 2 करोड़ 72 लाख कीमत का एक मकान है। अलका उपाध्याय के पास करोड़ों की संपत्ति,नहीं दर्शाई कीमत राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में सेक्रेटरी और मध्य प्रदेश कैडर की 1990 बैच की आईएएस अलका उपाध्याय के पास दिल्ली, गुडगांव और भोपाल में मकान, भूखंड हैं. गुडगांव में 2930 स्क्वायर फीट का फ्लैट, दिल्ली में 3244 स्क्वायर फीट पर निर्मित मकान, भोपाल में करीब 1 हजार स्क्वायर मीटर का प्लॉट है. इसके अलावा नर्मदापुरम जिले में 2 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जो उन्हें अपने पिता से मिली है. उन्होंने प्रॉपर्टी की मौजूदा कीमत नहीं बताई है।  अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा भी करोड़पति 1990 बैच के आईएएस अधिकारी और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण में अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा के पास भोपाल के मिंडोरी में 163.4 एकड़ कृषि भूमि है. इसकी कीमत उन्होंने 48 लाख रुपए बताई है. गुजरात के अहमदाबाद में 50 लाख रुपए कीमत का एक ऑफिस, मिंडोरी में 0.25 एकड़ भूमि इसकी कीमत 27 लाख रुपए दिखाई गई है. भोपाल के सेमरी बजाफ्त में 0.580 हेक्टेयर भूमि कीमत 28.92 लाख और मिडोरी में 0.25 एकड़ कृषि भूमि है. इसकी कीमत 20 लाख दिखाई गई है।  अशोक वर्णवाल के पास 7 करोड़ 50 लाख की संपत्ति वर्ष 1990 बैच के अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल के पास कुल अचल संपत्ति 7 करोड़ 50 लाख है. भोपाल के बिसनखेड़ी में 0.202 हेक्टेयर कृषि भूमि, झारखंड के डुमरी में 1200 स्क्वायर फीट का दो मंजिला मकान, बिसनखेड़ी में 0.202 हेक्टेयर कृषि भूमि और बावड़िया कला में फ्लैट भी है. इसके अलावा बावड़िया कला भोपाल में 2 फ्लैट हैं. इनकी कीमत 4.50 करोड़ रुपए है।  मनोज गोविल के पास 2 करोड़ 64 लाख की अचल संपत्ति 1991 बैच के आईएएस अधिकारी दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ मनोज गोविल ने कुल अचल संपत्ति 2 करोड़ 64 लाख दशाई है. भोपाल के तुलसी नगर में उनका एक फ्लैट, गुडगांव, हरियाणा में एक फ्लैट है।  अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव के पास 20 करोड़ की अचल संपत्ति 1991 बैच के नवकरर्णीय ऊर्जा में अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव का प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में पुस्तैनी 699.86 स्क्वायर मीटर का मकान है, इसकी कीमत 16 करोड़ रुपए है. इसके अलावा गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश में 3.50 करोड़ रुपए कीमत का एक प्लॉट है।  आशीष श्रीवास्तव भी करोड़पति, नहीं दर्शाई संपत्ति की कीमत 1992 बैच के आईएएस और दिल्ली में केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ आशीष श्रीवास्तव के पास भोपाल के गौंदरमऊ में 240 स्क्वायर मीटर प्लॉट और हरियाणा गुरूग्राम में 2 फ्लैट हैं. इसकी खरीद के समय कीमत 66 लाख रुपए दर्शाई गई है. अपर मुख्य सचिव कैलाश चंद्र गुप्ता के पास करोड़ों की संपत्ति 1992 बैच के आईएएस अपर मुख्य सचिव कैलाश चंद्र गुप्ता के पास जाटखेड़ी, भोपाल में 3858 स्क्वायर फीट पर निर्मित मकान, कटारा, भोपाल में 0.1़6 हेक्टेयर कृषि भूमि, गौहरगंज रायसेन में 220 स्क्वायर मीटर का प्लॉट, इंदौर में 6877 स्क्वायर फीट का प्लॉट और अरेरा कॉलोनी, भोपाल में 588 स्क्वायर मीटर पर मकान है, जिसकी खरीद के समय कीमत 3.95 करोड़ रुपए थी।  वीएल कांताराव के पास भोपाल, तमिलनाडु में करोड़ों की संपत्ति 1992 बैच के आईएएस और केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में पदस्थ वीएल कांताराव का कटारा हिल्स, भोपाल में 0.75 एकड़ भूमि और कांजीपुरम, तमिलनाडु में 2500 स्क्वायर फीट का प्लॉट है।  अनिरूद्ध मुखर्जी के पास 8 करोड़ 45 लाख की संपत्ति 1993 बैच … Read more

बांधवगढ़ में ‘मोबाइल कांड’ कोर जोन में टाइगर के सामने अधिकारी का वीडियो वायरल, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर उठे सवाल

Bandhavgarh’s ‘Mobile Scandal’: Video of officer in front of tiger in core zone goes viral, questions raised on Supreme Court’s directives उमरिया । देश के सबसे प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व में शामिल बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एक बार फिर बड़े विवाद में घिर गया है। इस बार मामला सीधे वन्यजीव संरक्षण नियमों और अधिकारियों की जवाबदेही से जुड़ गया है।टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में सफारी के दौरान मोबाइल फोन के कथित उपयोग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पर्यटन विभाग के सहायक संचालक दिलीप कुमार मराठा टाइगर की फोटो और वीडियो बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं।यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब वन्यजीव संरक्षण को लेकर देश में नियमों को सख्ती से लागू करने की बात कही जा रही है। ताला जोन में दिखा ‘बजरंग’, और शुरू हो गया विवादसूत्रों के अनुसार 13 मार्च 2026 की शाम की सफारी के दौरान ताला जोन में वीआईपी पर्यटकों के साथ भ्रमण के समय चर्चित टाइगर ‘बजरंग’ दिखाई दिया।इसी दौरान सामने आए वायरल वीडियो में सहायक संचालक दिलीप मराठा कथित रूप से मोबाइल फोन से टाइगर की फोटो और वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं।वन विभाग की सफारी गाइडलाइन के अनुसार कोर क्षेत्र में अनावश्यक मोबाइल उपयोग को हतोत्साहित किया जाता है, क्योंकि इससे वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में व्यवधान की आशंका रहती है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भी सवालमामले ने इसलिए और तूल पकड़ लिया है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने 17 नवंबर 2025 को संरक्षित क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों के संचालन को लेकर कड़े निर्देश दिए थे।इन निर्देशों में वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप रोकने और संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया था।ऐसे में कोर क्षेत्र में मोबाइल फोन उपयोग का आरोप सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या इन निर्देशों का पालन वास्तव में हो रहा है। पर्यटकों ने भी जताई नाराजगीसफारी में मौजूद कुछ पर्यटकों ने भी इस घटना पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि“जब पर्यटकों को बार-बार मोबाइल फोन निकालने से रोका जाता है, तो अधिकारियों द्वारा स्वयं मोबाइल से टाइगर की फोटो लेना नियमों के दोहरे मापदंड को दिखाता है।”सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो तेजी से फैल रहा है और लोग वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। पहले भी विवादों में रहा नामवन विभाग के सूत्रों के अनुसार सहायक संचालक दिलीप मराठा का नाम पहले भी कई विवादों से जुड़ चुका है।अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और गाली-गलौज के आरोपएक डिप्टी रेंजर द्वारा कथित प्रताड़ना से आहत होकर आत्महत्या का प्रयासताला क्षेत्र के बठान इनक्लोजर में रखे दो बाघ शावकों में से एक का रहस्यमय तरीके से लापता होनासूत्रों का यह भी कहना है कि उस समय इन शावकों की वीआईपी पर्यटकों को कथित रूप से विशेष फोटोग्राफी कराई जाती थी, जिससे वन विभाग के भीतर भी चर्चा हुई थी। निलंबन, कोर्ट और फिर वही पोस्टिंगबताया जाता है कि पूर्व में विवादों के चलते उन्हें निलंबित भी किया गया था। बाद में उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और निलंबन आदेश पर स्थगन प्राप्त कर लिया।इसके बाद से वे लंबे समय से उसी क्षेत्र में पदस्थ बताए जाते हैं, जिस पर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। अब कार्रवाई पर देश की नजरताजा वायरल वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, वन्यजीव प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है।अब निगाहें मध्यप्रदेश वन विभाग के शीर्ष अधिकारियों — प्रमुख सचिव संदीप यादव और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (बल प्रमुख) शुभरंजन — पर टिकी हैं कि क्या वायरल वीडियो की जांच कर कोई सख्त कार्रवाई की जाएगी या मामला फिर प्रशासनिक फाइलों में दब जाएगा। बड़ा सवालक्या देश के प्रतिष्ठित टाइगर रिजर्व में नियम केवल पर्यटकों के लिए हैं, या अधिकारियों पर भी समान रूप से लागू होंगे?बांधवगढ़ का यह ताजा विवाद अब केवल स्थानीय मुद्दा नहीं रहा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ सकता है।

युवाओं के लिये बनेगा खेल स्टेडियम, बरही में बनेगा वॉलीबॉल का इंडोर स्टेडियम: CM यादव

कटनी में शीघ्र खुलेगा मेडिकल कॉलेज : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी मिलेगी बिजली युवाओं के लिये बनेगा खेल स्टेडियम बरही में बनेगा वॉलीबॉल का इंडोर स्टेडियम जलाशय और नहरों का होगा जीर्णोद्धार मुख्यमंत्री ने बरही के कृषि महोत्सव में विकास कार्यों की दी सौगात कटनी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार धरती पुत्र किसान की खुशहाली और विकास के लिए कृत संकल्पित है। राज्य सरकार किसानों और लाड़ली बहनों सहित हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। सरकार ने गांव-गांव तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने का संकल्प लिया है। किसानों को सिंचाई के लिए अब दिन में भी बिजली मिलेगी। किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है। जरूरतमंदों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, इसके लिए प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि कटनी में शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज खोला जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कटनी जिले के बरही में आयोजित किसान सम्मेलन कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषक कल्याण वर्ष 2026 में कटनी को 1000 करोड़ की सौगात दी एवं जिले के लिए 243 करोड़ रूपये की लागत के 97 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इसमें नवर्निमित पुल, महाविद्यालय और सांदीपनि विद्यालय भी शामिल हैं। किसानों की समृद्धि पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। विजयराघवगढ़ के नागरिकों ने भव्य रोड-शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी अभिवादन कर स्वागत के लिये जनता का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बड़े तालाब के सौंदर्यीकरण की सौगात दी एवं उन्होंने विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  विजयनाथ धाम की नगरी बरही में आयोजित किसान सम्मेलन में किसान कल्याण को समर्पित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक स्वरूप हल और स्मृति-चिन्ह के तौर पर लड्डू गोपाल की मूर्ति भेंट किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 9 लाख करोड़ की नई रोजगार आधारित औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। मध्यप्रदेश, देश में सबसे तेज गति से विकास करने वाला राज्य बना है। प्रदेश में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से भी कम है। राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले में जलाशयों और नहरों के जीर्णोद्धार के साथ ही सड़क निर्माण एवं पुलिया के उन्नयन के कार्य भी किये जायेंगे। बरही में वॉलीबॉल का इंडोर स्टेडियम बनायेंगे। साथ ही महानदी और उमड़ार नदी के संगम पर सिंचाई परियोजना की सौगात दी जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में युवाओं के लिये खेल स्टेडियम का निर्माण भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं है। प्रदेश सरकार को बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 27 हजार लाड़ली बहनों को साढ़े 1800 करोड़ से अधिक की राशि प्रदान की है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के 3 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं और सभी पात्र हितग्राहियों को हर माह 1500 रुपए की सौगात मिल रही है। ग्रामीणों के सिर पर पक्के मकान की छत मिले, इसके लिए बहुत जल्द सर्वे शुरू किया जाएगा। सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए सरकार ने ‘राहवीर योजना’ की शुरुआत की है। घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को सरकार 25 हजार की प्रोत्साहन राशि दी है। पीएम राहत योजना के तहत अस्पताल में घायल के लिए डेढ़ लाख रुपए तक के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था है। नागरिकों की जान बचाने के लिए एयर एम्बुलेंस का नवाचार प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार सिंचाई के लिए पर्याप्त जल, बिजली और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में वर्ष 2004 से अब तक गेहूं के मूल्य में 2000 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक की वृद्धि हुई है। किसानों को बोनस का लाभ देकर इस वर्ष 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। प्रदेश में पिछले 2 वर्ष में सिंचाई का रकबा बढ़कर 55 लाख हैक्टेयर हो गया है, जिसे आगामी वर्षों में 100 लाख हैक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को सालभर में 12 हजार रुपए की सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दूध-दही हजारों साल से भारत की पहचान है। राज्य सरकार ने प्रदेश में दूध का उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए माता यशोदा योजना में स्कूलों में बच्चों को नि:शुल्क दूध के पैकेट वितरित किये जाएंगे। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब ड्रॉप आउट 6 प्रतिशत से शून्य पर आ गया है। मध्यप्रदेश इस मामले में राष्ट्रीय औसत से आगे निकल चुका है। राज्य सरकार स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में युवाओं को मौके दिए जा रहे हैं। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत होने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने देश के हितों को सर्वोपरि रखा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बीच हमारे जहाज तिरंगा लगाकर शान से स्वदेश लौट रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों में खाड़ी के देशों में जारी संकट के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान शर्मनाक हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने हर बार की तरह अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए युद्ध में फंसे विद्यार्थियों और नागरिकों को सुरक्षित निकाला है। सांसद  विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1000 करोड़ की सौगातें दी हैं। बाणसागर डैम से 161 करोड़ की सिंचाई योजना से किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। क्षेत्र में नए पुल निर्माण के लिए 95 करोड़ की राशि दी गई है। कटनी क्षेत्र में कृषि को नए आयाम देने के लिए एग्रीकल्चर विलेज की स्थापना की जा सकती है। विधायक  संजय पाठक ने कहा कि कृषि कल्याण वर्ष में कटनी को अनेक सौगातें मिली हैं। स्कूल शिक्षा एवं … Read more

एमपी में 23 मार्च तक रिजल्ट घोषित होगा, 1 अप्रैल से स्कूल खुलेंगे, ड्रॉप-आउट रोकने के लिए शिक्षक करेंगे घर-घर संपर्क

भोपाल मध्य प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारियां तेज हो गई हैं. लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) से मिली जानकारी के अनुसार 8वीं, 9वीं और 11वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम 23 मार्च तक घोषित कर दिए जाएंगे. इसके बाद 24 से 31 मार्च तक विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा. वहीं एक अप्रैल से प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में नई कक्षाएं शुरू होंगी और प्रवेशोत्सव के साथ विशेष नामांकन अभियान भी चलाया जाएगा। हर कक्षा में बनाया जाएगा एक वार्डन स्कूल शिक्षा विभाग ने इस बार सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और ड्रॉप-आउट कम करने के लिए विशेष रणनीति बनाई है. डीपीआई द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत प्रत्येक कक्षा में एक शिक्षक को ‘वार्डन’ की जिम्मेदारी दी जाएगी. यह शिक्षक विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर नजर रखेगा. जो बच्चे लगातार अनुपस्थित रहेंगे, उनके अभिभावकों से सीधे संपर्क करेगा। लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त शिल्पा गुप्ता ने बताया कि नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षकों को घर-घर जाकर संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं. इस दौरान शिक्षक अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देंगे. इनमें निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, स्कॉलरशिप सहित अन्य शासकीय योजनाएं शामिल हैं. विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कर स्कूलों में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई जाए। सरकारी स्कूलों में रंगाई-पुताई के निर्देश नए सत्र की तैयारियों को लेकर स्कूलों को भी कई निर्देश दिए गए हैं. एक अप्रैल से पहले सभी स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों का वितरण पूरा कर लिया जाएगा, ताकि सत्र की शुरुआत से ही पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू हो सके. इसके अलावा स्कूल भवनों की रंगाई-पुताई और साफ-सफाई का काम 30 मार्च तक पूरा करने को कहा गया है। बीते साल 3.43 लाख बच्चों ने रोकी पढ़ाई दरअसल प्रदेश में बढ़ते ड्रॉप-आउट को देखते हुए सरकार और शिक्षा विभाग चिंतित है. पिछले वर्ष प्रदेश में करीब 3.43 लाख बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया था. इनमें सबसे अधिक 2.66 लाख बच्चे सरकारी स्कूलों के हैं. 52 जिलों में सबसे ज्यादा खरगोन जिले से 20 हजार से अधिक बच्चे ड्रॉप-आउट हुए, जिन्होंने कहीं भी दोबारा प्रवेश नहीं लिया। बजट बढ़ा, लेकिन कम हुई विद्यार्थियों की संख्या जानकारी के अनुसार आठ साल पहले प्रदेश में पहली से 12वीं तक के स्कूलों में करीब 1.60 करोड़ बच्चों का पंजीयन हुआ था. आठ साल बाद इनमें से केवल 1 करोड़ 4 लाख बच्चे ही पढ़ाई में बने रहे. खास बात यह है कि इस दौरान स्कूल शिक्षा का बजट लगभग चार गुना बढ़कर 9 हजार करोड़ से 37 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया. इसके बावजूद विद्यार्थियों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।

मध्यप्रदेश में IPS तबादलों का वक्त, इन जिलों के SP के नाम सूचीबद्ध

भोपाल मध्यप्रदेश में आईपीएस  (IPS) अफसरों के तबादला सूची तैयार है और कभी भी ये ऐलान हो सकता है। सूची त्यौहारी सीजन के कारण अटकी थी लेकिन अब कभी भी घोषणा हो सकती है। त्यौहारी सीजन के कारण गृह विभाग की तरफ से इस सूची को होल्ड पर रखी थी। तबादला सूची में सबसे ज्यादा फायदा 2020 बैच के पांच आईपीएस अफसरों को होगा, जिन्हें जिलों में एसपी पद की कमान सौंपी जाएगी। क्योंकि अब तक 2019 बैच के आईपीएस भी जिलों में एसपी पद पर आ चुके हैं। इसके अलावा कोर्ट के आदेश से प्रमोटी आईपीएस बने अधिकारी भी जिले के एसपी बन सकते हैं। हट सकते हैं इन जिलों के एसपी वहीं इस प्रस्तावित सूची के अनुसार लगभग 20 जिलों में नए एसपी की पदस्थापना होगी। शाजापुर के एसपी यशपाल सिंह राजपूत, शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौर, डिंडौरी एसपी वाहिनी सिंह, मंडला एसपी रजत सकलेचा, छतरपुर एसपी अगम जैन, बुरहानपुर एसपी देवेंद्र कुमार पाटीदार, निवाड़ी एसपी राय सिंह नरवरिया, नीमच एसपी अंकित जायसवाल, दमोह एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी, सिवनी एसपी सुनील कुमार मेहता, आगर मालवा एसपी विनोद कुमार सिंह, ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह, उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा और जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय को भी बदला जा सकता है। इनमें से छोटे जिलों के एसपी को बड़े जिलों की कमान सौंपी जा सकती है। इसके अलावा खंडवा एसपी मनोज राय, एसपी रेल भोपाल राहुल लोढा, एसपी रेल जबलपुर सिमाला प्रसाद, एसपी भिंड असित यादव, और एसपी धार मयंक अवस्थी डीआईजी बन चुके हैं, लिहाजा उन्हें भी बदला जाना प्रस्तावित है। इसके अलावा रीवा एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान, डीसीपी भोपाल विवेक सिंह, डीसीपी इंदौर कुमार प्रतीक और एसपी झाबुआ डॉ शिवदयाल भी इस साल एक जनवरी को डीआईजी बन चुके हैं और इन्हें भी नई पोस्टिंग मिलना तय है, ऐसे में इन जिलों में नए एसपी की तैनाती होगी। 

सूचना आयुक्त के पद पर आलोक नागर और राजेश भट्ट की नियुक्ति, राज्य सरकार ने नामों को किया मंजूर

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार राज्य सूचना आयोग में दो नए सूचना आयुक्त नियुक्त करने जा रही है। सरकार ने पूर्व रजिस्ट्रार (फर्म एवं सोसायटी) आलोक नागर और आकाशवाणी के पूर्व कार्यक्रम प्रभारी राजेश भट्ट को सूचना आयुक्त बनाने का निर्णय लिया है। इन दोनों नामों को राज्यपाल की मंजूरी भी मिल गई है। सूत्रों के अनुसार इन नियुक्तियों का फैसला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच हुई बैठक में लिया गया। बैठक में दोनों नामों पर सहमति बनने के बाद इन्हें अंतिम रूप दिया गया। राज्य सरकार ने  तीन सूचना आयुक्तों के पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था, हालांकि फिलहाल केवल दो पदों पर नियुक्ति की जा रही है। बताया जा रहा है कि तीसरे पद को लेकर फिलहाल निर्णय नहीं लिया गया। इसलिए फिलहाल दो ही नियुक्तियां की जा रही हैं।  वर्तमान में मुख्य सूचना आयुक्त के अलावा आयोग में तीन सूचना आयुक्त कार्यरत हैं। सरकार मुख्य सूचना आयुक्त के पद के साथ आयोग में छह अन्य पदों को भरने की तैयारी कर रही है। इसी प्रक्रिया के तहत इन नियुक्तियों को आगे बढ़ाया गया है। इस बार सरकार ने सूचना आयुक्त के रूप में किसी पूर्व प्रशासनिक अधिकारी या पत्रकार को नियुक्त नहीं किया है। आलोक नगर और राजेश भट्ट के पदभार ग्रहण करने के बाद आयोग में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। 

कैंसर मरीजों के लिए खुशी की खबर, 2 लाख का जीवन रक्षक इंजेक्शन अब होगा फ्री

इंदौर  कैंसर (Cancer) से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत की खबर है। शासकीय कैसर अस्पताल में आने वाले दिनों में महंगी कैंसर रोधी इम्यूनोथेरेपी इंजेक्शन (Immunotherapy Injection) पात्र मरीजों को इस दवा का उपयोग कई प्रकार के कैंसर के उपचार में होता है। बाजार में निजी क्लिनिक या अस्पताल से जब इन्हें लिखा जाता है तो 85 हजार से 1.70 लाख रुपए तक मरीज के परिजन को वहन करना पड़ते हैं। चिकित्सकों के अनुसार यह आधुनिक इम्यूनोथेरेपी उपचार का हिस्सा है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय कर कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में मदद करती है। यह फेफड़ों, सिर-गर्दन, सर्वाइकल, त्वचा और कुछ अन्य प्रकार के कैंसर के इलाज में उपयोगी है। कई मामलों में मरीजों की जीवन अवधि बढ़ाने में भी सहायक पाया गया है। यह इंजेक्शन हर मरीज को नहीं दिया जाता। डॉक्टर मरीज की बायोप्सी, कैसर की स्टेज और अन्य टेस्ट देखकर तय करते हैं कि यह दवा मरीज के लिए फायदेमंद होगी या नहीं। 8 से 10 लाख तक के आते हैं इंजेक्शन डॉक्टरों का कहना है कि इस इंजेक्शन की कीमत निजी बाजार में प्रति डोज लाखों रुपए तक पहुंच जाती है और कई मामलों में इंजेक्शन पर ही 8 से 10 लाख रुपए से अधिक खर्च हो सकता है। अब शासकीय कैंसर अस्पताल में यह दवा पात्रता के आधार पर देने की तैयारी है। पूरे प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में यह उपलब्ध रहेगी। शासन के निर्णय के बाद अब सरकारी दवा खरीदी की लिस्ट में इन इंजेक्शन को शामिल किया जाएगा। इसके बाद सप्लाई को लेकर प्रक्रिया पूरी होगी। यह इंजेक्शन केवल डॉक्टर की निगरानी में अस्पताल में ही दिया जाता है। इन कैंसर में होता है उपयोगी     फेफड़ों का कैंसर     त्वचा का कैंसर     सिर और गर्दन का कैंसर     गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर     मूत्राशय का कैंसर     पेट का कैंसर     लिवर का कैंसर     किडनी का कैंसर सरकार से मिलने वाली है अनुमति कैंसर की कोशिकाओं को तेजी से बढ़ने से रोकने के लिए इम्यूनोथेरेपी इंजेक्शन लगाया जाता है। सरकार की तरफ से अनुमति मिलने वाली है। अप्रेल में यह दवा खरीदी लिस्ट में शामिल करने की योजना है। इसके बाद शासकीय कैंसर अस्पताल में मरीज निःशुल्क लगा सकेंगे।- डॉ. ओपी गुर्जर, कैंसर विशेषज्ञ, शासकीय कैंसर अस्पताल इंदौर  

मध्य प्रदेश में जमीन और मकान की रजिस्ट्री महंगी होगी, रेट में बढ़ोतरी की तैयारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में रजिस्ट्री के लिए जमीनों के रेट तय करने के लिए बनाई जा रही कलेक्टर गाइडलाइन में इस बार भी कोई तय फॉर्मूला नहीं बनाया गया है। मनमाने रेट बढ़ाने की तैयारी चल रही है। इस बार 10 से 30 फीसदी तक रेट बढ़ाने की तैयारी है। सरकार गाइडलाइन के साथ लागू किए जाने वाले उपबंधों में भी कोई बदलाव नहीं कर रही है। इससे खासतौर पर कृषि भूमि की रजिस्ट्री डेढ़ गुना से ज्यादा दर पर की जा रही है। जबकि प्रॉपर्टी के वास्तविक गुण, लैंड-यूज, सड़क की चौड़ाई, लोकेशन, सुविधाओं और टाइटल-क्वालिटी आदि को आधार बनाकर रेट तय होना चाहिए। गाइडलाइन पर फिर से आपत्तियां और सुझाव आना शुरू हो गए हैं। उज्जैन में प्रॉपर्टी लेना होगा और महंगा महाकाल की नगरी उज्जैन में भी कलेक्टर गाइड लाइन के तहत प्रॉपर्टी रेट बढ़ाने की तैयारी है। जिला मुल्यांकन समिति की बैठक में कई लोकेशन पर दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। पिछले प्रस्तावों में जिले की करीब 91 लोकेशन्स पर रेट बढ़ाने की बात सामने आई थी। करीब 60 लोकेशन ऐसी थीं जिन के रेट 10-20 फीसदी तक बढ़ाए गए। वहीं 21 लोकेशन पर 20-30 प्रतिशत तक महंगाई बढ़ी थी। वहीं कुछ स्थानों पर 30 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव शामिल था।  बताया जा रहा है कि उज्जैन विकास प्राधिकरण की त्रिवेणी की और शिप्रा विहार योजनाओं समेत कई नई कॉलोनियों के रेट बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। प्रस्ताव पर आपत्तियां और सुझाव मिलने के बाद इसे केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजा जाएगा। 74 हजार लोकेशन के सर्वे के बाद नई कलेक्टर गाइडलाइन की कवायद शुरू प्रदेश में जमीन और मकानों की कीमतों को नए सिरे से तय करने की कवायद तेज हो गई है। राजस्व और पंजीयन विभाग ने प्रदेश की करीब 74 हजार लोकेशन का विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया है, जिसके आधार पर नई कलेक्टर गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यह प्रस्ताव जल्द ही जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में चर्चा के बाद केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलते ही 1 अप्रैल से पूरे प्रदेश में नई प्रॉपर्टी दरें लागू कर दी जाएंगी। जहां ज्यादा कीमत पर रजिस्ट्री, वहीं बढ़ेंगी दरें जानकारी के अनुसार प्रदेश में कुल सवा लाख से अधिक लोकेशन हैं, लेकिन इनमें से लगभग 74 हजार लोकेशन ऐसी हैं जहां नियमित रूप से प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री होती है। इन्हीं स्थानों पर पंजीयन और राजस्व अधिकारियों ने संपदा-2 सॉफ्टवेयर, एआई तकनीक और अन्य माध्यमों से सर्वे किया है। सर्वे में यह आकलन किया गया कि किन क्षेत्रों में मौजूदा गाइडलाइन से अधिक कीमत पर रजिस्ट्रियां हो रही हैं। भोपाल की 500 से ज्यादा लोकेशन पर हाई रेट रजिस्ट्री राजधानी भोपाल में करीब 3 हजार लोकेशन का सर्वे किया गया, जिनमें से एक हजार से अधिक स्थानों पर प्रॉपर्टी लेनदेन हो रहा है। इनमें करीब 500 से ज्यादा लोकेशन ऐसी पाई गईं, जहां वर्तमान कलेक्टर दरों से अधिक कीमत पर रजिस्ट्री की गई है। इन्हीं क्षेत्रों को चिह्नित कर आकलन किया जा रहा है, ताकि नई गाइडलाइन में यथार्थ के अनुरूप दरें तय की जा सकें।  

प्रमोशन में देरी से प्रभावित प्रशासनिक कैडर, एमपी में 68 IAS, 48 IPS और 87 IFS पदों की कमी

भोपाल  मध्यप्रदेश में अखिल भारतीय सेवाओं के प्रमोशन में लगातार हो रही देरी अब प्रशासनिक ढांचे पर सीधा असर डालने लगी है। हालात यह हैं कि राज्य में आईएएस,आईपीएस और आईएफएस कैडर के कुल 203 पद खाली पड़े हैं। इससे प्रशासनिक कामकाज, कानून-व्यवस्था और वन प्रबंधन तीनों क्षेत्रों में दबाव बढ़ गया है। 3 कैडर, 203 पद खाली सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में आईएएस के 68 पद, आईपीएस के 48 पद और आईएफएस के 87 पद रिक्त हैं। इन पदों के खाली रहने से कई जिलों में स्थायी कलेक्टर, एसपी और डीएफओ की नियुक्ति नहीं हो पा रही है। प्रमोटी अफसरों को नहीं मिल पा रहा पूरा मौका प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा, राज्य पुलिस सेवा और राज्य वन सेवा से प्रमोट होकर आने वाले अधिकारियों को सीमित अवसर मिल पा रहे हैं। कई अफसर वर्षों से प्रतीक्षा सूची में हैं, लेकिन केंद्र से समय पर स्वीकृति और कैडर रिव्यू नहीं होने से प्रमोशन अटका हुआ है। केंद्र–राज्य समन्वय की कमी सूत्रों के अनुसार, अखिल भारतीय सेवाओं में भर्ती और प्रमोशन की प्रक्रिया केंद्र सरकार से जुड़ी होती है। कैडर स्ट्रेंथ बढ़ाने और रिक्त पद भरने के प्रस्ताव भेजे गए हैं, लेकिन लंबे समय से निर्णय नहीं हो पाया है। इसका सीधा असर राज्य के प्रशासनिक संचालन पर पड़ रहा है। जिले और विभाग अतिरिक्त प्रभार पर कई जिलों में एक ही अधिकारी के पास दो-दो या तीन-तीन जिलों का प्रभार है। वहीं, पुलिस और वन विभाग में भी वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। इससे निर्णय प्रक्रिया धीमी हो रही है और फील्ड लेवल पर निगरानी कमजोर पड़ रही है। आने वाले समय में और बढ़ेगी चुनौती विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही प्रमोशन और नई भर्ती की प्रक्रिया तेज नहीं की गई, तो आगामी वर्षों में रिटायरमेंट के चलते स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसका असर विकास कार्यों,कानून-व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण पर साफ दिखाई देगा। प्रमोशन समय पर हों तो सुधार की गुंजाइश इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि संघ लोक सेवा आयोग की भर्ती के अलावा राज्यों में प्रमोशन से भरने वाले पदों के जरिये इस रिक्तता को कम किया जा सकता है लेकिन सामान्य प्रशासन विभाग, गृह विभाग और वन विभाग के अफसरों की लापरवाही और देरी के चलते तीनों ही कैडर की डीपीसी समय से नहीं हो रही है और इसका असर पद रिक्त होने के रूप में साफ दिख रहा है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा प्रशासनिक अनुभव की टाइम लिमिट को भी जिम्मेदार बताया जा रहा है। प्रशासनिक और नीतिगत कामों पर सीधा असर अधिकारियों का मानना ​​है कि स्वीकृत पदों के न भर पाने से कई दिक्कतें होती हैं। हालांकि पद रिक्त रहने के कई संरचनात्मक कारण भी बताए जा रहे हैं। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से वार्षिक भर्ती सीमित है, जबकि हर साल सेवानिवृत्ति जारी हैं। राज्य सिविल सेवाओं से आईएएस में अधिकारियों की पदोन्नति में देरी ने भी इस अंतर को और बढ़ा दिया है। इसके अलावा कई राज्यों ने भर्ती में समानुपातिक वृद्धि किए बिना अपने कैडर की संख्या बढ़ा दी है।  

अपर मुख्य सचिव शमी का निर्देश: घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर मिले गैस सिलेंडर

भोपाल  खाद्य नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत के निर्देश पर विभाग की अपर मुख्य सचिव  रश्मि अरुण शमी द्वारा पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाक्रम एवं मध्य पूर्व देशों की स्थिति के दृष्टिगत प्रदेश में पड़ने वाले प्रभाव की मंत्रालय मे वरिष्ठ अधिकारियों तथा ऑइल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। अपर मुख्य सचिव  शमी ने समीक्षा में घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने, एजेंसियों के माध्यम से वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देश दिए। ऑइल कंपनी के प्रतिनिधियों को प्रदेश के सभी जिलों में एलपीजी गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया। बैठक में गैस एजेंसियों के संचालन, सिलेंडर वितरण की समयबद्धता और उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इस सम्बन्ध में पूर्व में ही समस्त जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए है कि यदि कहीं वितरण व्यवस्था में अनियमितता या विलंब की शिकायत मिलती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जाए।साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा गैस कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत किया जाए, जिससे प्रदेश में एलपीजी गैस की निर्बाध उपलब्धता बनी रहे। एलपीजी की कालाबाजारी तथा जमाखोरी के विरूद्ध भी लगातार कार्यवाही की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 13 मार्च को प्रदेश में 11 स्थानों पर कार्यवाही कर 228 सिलेंडर जब्त किये गए तथा 03 प्रकरण पंजीबद्ध किये गए| पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी तथा घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता के सम्बन्ध में ऑयल कंपनियों से समन्वय के लिए राज्य स्तर पर 6 सदस्यीय समिति भी गठित की गयी जो प्रदेश में वाणिज्यिक ओर घरेलू गैस सिलेंडर की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी करेगी। आयल कंपनी के स्टेट नोडल ऑफिसर  अजय वास्तव द्वारा बताया गया कि प्रदेश में गैस सिलेण्डर का पर्याप्त स्टॉक है तथा प्रदेश के 11 बाटलिंग प्लांट एवं वितरकों के गोदाम में पर्याप्त सिलेन्डर उपलब्ध है। आशंकित उपभोक्ताओं द्वारा अत्यधिक गैस सिलेण्डर की बुकिंग के कारण सर्वर पर अतिरिक्त लोड आने से असुविधा हो रही थी जिसे सुधार लिया गया है। घरेलू उपभोक्ताओं से अपील है कि विगत अंतिम रिफिल के 25 दिन बाद पुनः बुकिंग करावे। घरेलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति है, उपभोक्ता अनावश्यक रूप से अफवाहों से भ्रमित न हों। देश की रिफायनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही है तथा पश्चिम एशिया के अतिरिक्त अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। पेट्रोल, डीजल ,घरेलू पीएनजी तथा सीएनजी की आपूर्ति भी निरंतर एवं बिना कटौती के जारी रहेगी।  

स्वस्थ जीवन का मंत्र: खुद फिट रहें, परिवार को भी करें प्रेरित – मंत्री विश्वास सारंग

भोपाल  सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने शनिवार को टीटी नगर स्टेडियम, भोपाल में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के भोपाल शाखा द्वारा आयोजित दो दिवसीय फिट इंडिया कार्निवाल का शुभारंभ किया। शुभारंभ में पारंपरिक खेल मलखंभ और सांस्कृतिक नृत्यों की भव्य प्रस्तुति दी गई। मंत्री  सारंग ने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही किसी व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। जब नागरिक स्वस्थ और सक्रिय रहते हैं, तब देश विकास और प्रगति के नए शिखरों को स्पर्श करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया फिट इंडिया मूवमेंट आज पूरे देश में जन आंदोलन का रूप ले चुका है। एक घंटा, खेल के मैदान में ऐसे अभियानों के माध्यम से समाज के हर आयु वर्ग के लोग फिटनेस को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं। मंत्री  सारंग ने कहा कि यह कार्निवाल भी उसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है जहाँ विभिन्न खेल एवं फिटनेस गतिविधियों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। खेल विभाग के सतत प्रयास मंत्री  सारंग ने बताया कि प्रदेश में खेल और फिटनेस संस्कृति को मजबूत करने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इनमें खेलो एमपी यूथ गेम्स, हर विधानसभा में खेल परिसर, पार्थ योजना, फिट इंडिया क्लब, मध्यप्रदेश युवा प्रेरक अभियान और युवा उत्सव जैसी योजनाएँ शामिल हैं, जिनके माध्यम से युवाओं को खेलों से जोड़ते हुए स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। खुद फिट रहें और परिवार को भी करें प्रेरित मंत्री  सारंग ने सभी नागरिकों से आह्वान किया है कि फिटनेस को केवल व्यक्तिगत आदत न बनाकर पारिवारिक संस्कृति बनाएं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को नियमित व्यायाम, योग और खेल गतिविधियों से जोड़ें जिससे समाज में स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो सके। युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति मंत्री  सारंग ने कहा कि जब देश का युवा स्वस्थ, अनुशासित और ऊर्जावान होता है, तब राष्ट्र प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित करता है। फिट और जागरूक युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बनेंगे।  

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