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रायसेन किले में तोप से दागे गए गोलें, भड़काऊ नारे लगाए गए; वीडियो पर हंगामा

रायसेन रायसेन में प्राचीन किले पर रमजान के महीने में कई मुस्लिम युवकों ने ईरान को सपोर्ट करते हुए तोप चलाई और इसकी रील बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दी. इस रील में युवक ईरान का समर्थन करते हुए कहते हैं कि अल्लाह हू अकबर. हिंदुस्तान का मुसलमान न कल डरा था और न हम आज डरेंगे. अब उनकी इस पर पोस्ट हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताई है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि ईरान और रमजान के नाम पर भय फैलाया जा रहा है. पुरातत्व विभाग और अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।  यह वीडियो ‘दानिश स्टार’ नाम की सोशल मीडिया आईडी से पोस्ट किया गया है. वीडियो के कैप्शन में लिखा गया है, “भारत के मुसलमान न कल डरे थे, न आज डरेंगे.” साथ ही इसमें ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का संदर्भ देते हुए ईरान का साथ देने की बात कही गई है ।  प्रियंक कानूनगो का तीखा हमला राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने इस वीडियो पर कड़ी नाराजगी जताई और सोशल मीडिया पर लिखा, “मध्य प्रदेश के रायसेन में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित किले से रिहायशी बस्ती के ऊपर देसी अवैध तोप चलाई गई है. लफंगों के खिलाफ गैर-कानूनी हथियार बनाने, गोला बारूद चलाने और दहशत फैलाने के लिए केस दर्ज होना चाहिए. एएसआई और स्थानीय प्रशासन हिंदुओं को महादेव मंदिर जाने से रोकने में ऊर्जा लगाते हैं, लेकिन ऐसी हरकतों पर चुप हैं। उन्होंने आगे चेतावनी दी कि वे इस मामले में अधिकारियों को नोटिस भेज रहे हैं और उन्हें कर्तव्य पालन न करने का हिसाब देना होगा. प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी वीडियो वायरल होने के बाद रायसेन का प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है. तहसीलदार भरत मांडरे ने पुष्टि की है कि वीडियो की जानकारी मिली है और पुलिस को सूचित कर दिया गया है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह वीडियो कब का है और इसे पोस्ट करने वाले युवाओं का उद्देश्य क्या था। हालांकि, स्थानीय सूत्रों का कहना है कि रायसेन में रमजान के दौरान रोजा खोलने (इफ्तार) की सूचना देने के लिए तोप चलाने की पुरानी परंपरा है, लेकिन इसे जिस तरह से पेश किया गया, उसने विवाद खड़ा कर दिया है। किले जैसी संरक्षित धरोहर पर बारूद का इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है. ऐसे में ‘परंपरा’ के नाम पर कानून और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।  

गेर में पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव, रंग-गुलाल के बीच दिखा होली का जोश

उज्जैन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव 8 मार्च को महाकाल मंदिर में निकलने वाली परंपरागत गेर में शामिल हुए। उन्होंने ध्वजा के पूजन के साथ-साथ अखाड़े के शस्त्रों की भी पूजा की। इतना ही नहीं इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने शस्त्र चलाने का प्रदर्शन किया। इससे पहले उन्होंने प्रदेश की जनता को रंग पंचमी की बधाई दी। उन्होंने ईश्वर से जनता के जीवन में उत्साह और उल्लास की कामना की। प्रदेश के मुखिया डॉ. यादव ने जनता के बीच पहुंचकर जमकर रंग पंचमी मनाई। जनता ने उन्हें और उन्होंने जनता को रंगों से सराबोर किया। इस आनंद से भरीं उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रंग पंचमी के पावन पर्व की प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रंगों का यह त्यौहार आप सभी के जीवन में उत्साह व उल्लास की वृद्धि करे, मेरी ओर से बहुत-बहुत मंगलकामनाएं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्। आज रंग पंचमी के पावन अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर से निकलने वाली परंपरागत गेर में ध्वजा एवं अखाड़ों के शस्त्रों का विधि-विधान से पूजन किया। इससे पूर्व बाबा महाकाल के दर्शन-पूजन कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।’ प्रदेश की संस्कृति-परंपरा पर विशेष ध्यान गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पद संभालने के बाद से ही प्रदेश की संस्कृति और परंपरा का विशेष ध्यान रखा है। उन्होंने प्रदेश के कई त्यौहारों को राज्य उत्सव का दर्जा दिया है। सीएम डॉ. यादव का मानना है कि हर त्यौहार हमारे बीच की दूरियों को कम करते हैं। इसलिए हम जितने उत्साह से त्यौहार मनाएंगे, उतना एक-दूसरे को जान सकेंगे। उनका मानना है कि यह समरसता का पर्व है, जिसे सभी को प्रेम और भाईचारे के साथ मनाना चाहिए। सीएम हाउस में मनाई थी ब्रज की होली आपको बता दें, 5 मार्च को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम हाउस में भी उत्साह के साथ होली मनाई थी। जहां भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आम लोग और संत भी शामिल हुए थे। कार्यक्रम में फाग गीतों और पारंपरिक भजन गाए गए थे। सीएम हाउस ब्रज की थीम पर होली उत्सव की सजावट की गई थी। यहां बरसाने की होली जैसा माहौल देखने को मिला।

टी-20 विश्वकप में भारत के लिए 51 बटुकों ने किया विशेष यज्ञ, मिर्ची से माँगी सफलता

 उज्जैन भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 विश्व कप के अंतिम मुकाबले से पहले मध्य प्रदेश के उज्जैन के बगलामुखी मंदिर में विशेष मिर्ची अनुष्ठान किया गया। यह अनुष्ठान बीजेपी सांसद अनिल फिरोजिया की ओर से कराया गया। जिसका उद्देश्य भारतीय टीम की जीत के लिए प्रार्थना करना था। उज्जैन के भैरवगढ़ मार्ग स्थित मां बगलामुखी मंदिर में आयोजित इस अनुष्ठान में 51 बटुकों ने भाग लिया। उन्होंने भारतीय टीम के खिलाड़ियों के चित्रों के साथ मिर्ची, सरसों और अन्य पूजन सामग्री का उपयोग करते हुए लगभग एक घंटे तक पूजा-अर्चना की। सांसद अनिल फिरोजिया ने यज्ञ में मिर्ची की आहुति देते हुए माता बगलामुखी से प्रार्थना की कि वह भारतीय टीम को शक्ति प्रदान करें, ताकि वे अंतिम मुकाबला जीत सकें और करोड़ों देशवासियों की इच्छाएं पूरी हो सकें। इस अवसर पर महंत रामदास महाराज ने बताया कि इस अनुष्ठान का उद्देश्य भारतीय टीम की विजय की कामना करना था। उन्होंने कहा कि “हमने माता से प्रार्थना की है कि भारतीय टीम अपने विरोधियों को पराजित कर मुकाबला जीत सके।” क्रिकेट प्रेमियों में इस मुकाबले को लेकर जबरदस्त उत्साह है और देशभर के करोड़ो लोग भारतीय टीम की जीत के लिए प्रार्थना कर रहे है।

परंपरागत महाकाल गेर का ध्वज पूजन, मुख्यमंत्री ने किया भगवान महाकाल का प्रणाम

उज्जैन  रंग पंचमी पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। सीएम ने गर्भगृह में जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कर पूजन-अर्चन की। दंडवत होकर बाबा महाकाल को प्रणाम किया। वहीं उन्होंने परंपरागत महाकाल की गेर का ध्वज पूजन भी किया। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 8 मार्च से उज्जैन प्रवास पर है। सीएम डॉ यादव कल शाम उज्जैन पहुंचे और कई आयोजनों में शामिल हुए। आज रविवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। पुजारी, पुरोहित आचार्यत्व में विधि-विधान से पूजन किया। बाबा महाकाल का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया और प्रदेश की सुख, समृद्धि की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ यादव ने रंगपंचमी पर्व पर परंपरागत रूप से निकलने वाली श्री वीरभद्र ध्वज चल समारोह के ध्वज का पूजन किया। फिर सीएम ने शस्त्रों का पूजन कर शस्त्र संचालन-प्रदर्शन भी किया। रंगपंचमी पर्व पर आज शाम श्री वीरभद्र चल समारोह बड़े ही हर्षोल्लास के साथ निकलता है। जिसमें बैंड-बाजे, हाथी, घोड़े, रथ के साथ ही रंगबिरंगी रोशनी से नहाए विभिन्न मनमोहक धार्मिक झांकियां भी निकलती है।

भोपाल में रंगपंचमी परेड, रंग-गुलाल बरसाने वाली मशीनें और ढोल-नगाड़ों के साथ शहरभर में निकलेगा जुलूस

भोपाल  राजधानी में रंगपंचमी का पारंपरिक चल समारोह इस बार नए रंग और अंदाज में नजर आ रहा । श्री हिंदू उत्सव समिति की ओर से रविवार 8 मार्च को सुबह 11 बजे सुभाष चौक, सराफा मार्केट से भव्य चल समारोह निकाल। आयोजन को लेकर शनिवार को समिति पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने परंपरागत मार्ग का संयुक्त निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि इस वर्ष चल समारोह को इंदौर की प्रसिद्ध ‘गेर’ की तर्ज पर निकालने की तैयारी की गई है। जुलूस में डुलडुल घोड़ी, ढोल-ताशे, डीजे और बैंड की आकर्षक प्रस्तुतियां होंगी। बड़ी संख्या में लोग पिचकारियां और गुलाल के साथ उत्सव में शामिल होंगे, जिससे पूरा मार्ग रंगों से सराबोर नजर आएगा। इस बार चल समारोह में विशेष झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। एक झांकी में भारत की क्रिकेट टीम द्वारा जीते गए वर्ल्ड कप का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें युवाओं के हाथों में ट्रॉफी होगी और लोग रंगों के साथ जश्न मनाते दिखाई देंगे। इसके अलावा भगवान बाल कृष्ण की पालकी भी निकलेगी, जिसमें वे विराजमान रहेंगे और श्रद्धालु उनके साथ होली खेलते हुए चलेंगे। संतों की अगुवाई में यह पालकी जुलूस का विशेष आकर्षण बनेगी। तिवारी के अनुसार लगभग दो किलोमीटर लंबे इस चल समारोह में पांच ट्रालों पर अलग-अलग झांकियां सजाई जाएंगी। इनमें राधा-कृष्ण की झांकी के साथ भगवान शिव-पार्वती की ‘मसान में होली’ की थीम भी शामिल रहेगी। इन झांकियों के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इंदौर की गेर की तरह इस बार भवानी चौक पर विशेष मशीनें लगाई जाएंगी, जिनसे रंग और गुलाल की वर्षा होगी। इससे पूरे मार्ग पर उत्सव का माहौल बनेगा और श्रद्धालु रंगों की बौछार के बीच होली का आनंद ले सकेंगे। समिति ने राजधानी के नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में शामिल होकर इस पारंपरिक आयोजन को भव्य और यादगार बनाएं। यह होगा चल समारोह का रूट चल समारोह सुभाष चौक कोतवाली से प्रारंभ होकर लोहा बाजार, जुनेराती गेट, जनकपुरी, पुराना पोस्ट आफिस, सिंधी मार्केट, भवानी चौक सोमवारिया, लखेरापुरा, पीपल चौक, चिंतामन चौराहा, इलेक्ट्रॉनिक मार्केट, इतवारा, जैन मंदिर रोड, गणेश चौक मंगलवार, कुन्दन नमकीन मार्ग, घोड़ा नक्कार, अग्रवाल पूरी भंडार, छोटे भैया चौराहा कारखर से हनुमान मंदिर गल्ला बाजार थाना हनुमानगंज में पर समाप्त होगा।

मातृ स्वास्थ्य में नई पहल: गर्भवती महिलाएं अब व्हाट्सएप से करा सकेंगी अपना पंजीयन

भोपाल सरकारी अस्पतालों में अब गर्भवती महिलाओं को पर्चा बनवाने के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। घर बैठे ही वाट्एसेप पर जानकारी भेजने से उनका पंजीकरण हो जाएगा। अस्पताल पहुंचते ही उनका पर्चा तैयार होगा और प्राथमिकता से उनकी जांच और उपचार होगा। मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय ने इसके लिए 9301089967 वाट्सएप नंबर जारी किया है। कई दिनों के अध्ययन के बाद लागू व्यवस्था अधिकारियों ने बताया कि इस व्यवस्था को लागू करने से पहले अस्पतालों की स्थिति का अध्ययन किया गया। जिला अस्पताल से लेकर काटजू अस्पताल तक की सीसीटीवी फुटेज देखी गई और मौके पर भी निरीक्षण किया।   हाईरिस्क गर्भवतियों के लिए अलग सेंटर जयप्रकाश जिला अस्पताल भोपाल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए अलग सेंटर बनाए गए हैं। इन केन्द्रों में 24 घंटे डॉक्टर और नर्स तैनात रहेंगे। महिलाओं और उनके परिजनों के ठहरने और भोजन की भी व्यवस्था की गई है। गर्भवतियों को समय पर बेहतर इलाज की सुविधा सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को समय पर बेहतर इलाज मिले, इसलिए यह सुविधा शुरू की गई है। वाट्एसेप पर जानकारी मिलते ही उनका पर्चा बनाकर प्राथमिकता से उपचार दिया जाएगा।

स्वदेश लौटे जैन परिवार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों के लिए जताया आभार

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से स्‍वदेश लौटे जैन परिवार ने जताया आभार सदस्‍यों ने मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव का किया स्‍वागत युद्ध के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा नागरिकों की वापसी के किए गए प्रयासों की प्रशंसा की भोपाल ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के दौरान उज्‍जैन से शारजाह गया जैन परिवार भी फंस गया था। इस दौरान मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव से संपर्क करने के बाद मुख्‍यमंत्री के विशेष प्रयासों से यह परिवार सकुशल उज्‍जैन लौट पाया। शनिवार को मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के उज्‍जैन आगमन पर जैन परिवार के सदस्‍यों ने वीवी आईपी गेस्‍ट हाउस पर डॉ. यादव का अभिनंदन कर आभार व्‍यक्‍त किया। विगत दिनों उज्‍जैन निवासी  अशोक तल्‍लेरा (जैन) परिवार के सदस्‍यों पत्नी संगीता तल्‍लेरा, बेटा श्रेयांस, बहू अंजली और 02 वर्षीय बालिका के साथ 23 फरवरी को इंदौर से शारजाह गए थे। परिवार की वापसी 01 मार्च को होना थी इसी बीच युद्ध शुरु होने के कारण फ्लाईट्स बंद हो गई थी। परिवार के सदस्‍यों ने भारतीय दूतावास में संपर्क कर वापस लौटने के प्रयास किए। वेटिंग होने के कारण मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव से चर्चा की तो उन्‍होंने तुरंत विशेष प्रयास कर जैन परिवार को भारत के लिए रवाना करवाया।  तल्‍लेरा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्‍व के कारण विदेशों में जाने वाले भारतीयों का सम्‍मान बढ़ा है। युद्ध के कारण विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व से ही जल्‍दी वापसी हुई है। मध्‍यप्रदेश सरकार ने भी विदेश में युद्ध के कारण फंसे मध्‍यप्रदेश के निवासियों की वापसी के लिए प्रयास करने के कारण ही लोग सकुशल घर पहुंच सके है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किए गए प्रयास के लिए परिवार के सभी सदस्‍यों ने उनका अभिनंदन कर आभार व्‍यक्‍त किया है। इस दौरान नगर निगम अध्‍यक्ष मती कलावती यादव भी उपस्थित थी।  

बिजली उपभोक्ताओं को झटका! MP में घाटे की भरपाई के लिए बढ़ सकती हैं बिजली दरें

भोपाल प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। ये बिजली चोरी नहीं रोक पा रही हैं। तकनीकी व अन्य कारणों से लाइन लॉस जारी है। बड़े बकायादारों पर करोड़ रुपए बकाया है। उसकी शत-प्रतिशत वसूली नहीं हो पा रही है। इन कमजोरियों की सजा हर बार बिजली के दाम बढ़ाकर उपभोक्ताओं को दी जाती रही है। इस बार भी कंपनियों के प्रबंधन ने पौने दो करोड़ उपभोक्ताओं के सामने यही नौबत ला दी है। असल में मध्य, पूर्व व पश्चिम क्षेत्र बिजली कंपनियों ने विधानसभा में पूछे एक सवाल के जवाब में 9 साल के आय-व्यय का ब्योरा पेश किया है। इसके अनुसार, पूर्व क्षेत्र कंपनी को 16188.48 करोड़, पश्चिम क्षेत्र वितरण कंपनी को 3767 करोड़ व मध्य क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी को 14605.88 का घाटा हुआ। इस तरह तीनों कंपनियों ने 9 सालों में 34 हजार 561 करोड़ का घाटा हुआ है। नौ साल से घाटे में पूर्व और मध्य क्षेत्र कंपनी चिंता की बात ये है कि घाटे को कम करने के लिए 4000 करोड़ से ज्यादा खर्च करने के बावजूद पिछले नौ सालों से पूर्व और मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियां घाटे में चल रही है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की बात करें तो इसका घाटा साल 2018-19 में सबसे ज्यादा 2896 करोड़ था। उसके बाद 2022-23 में 2451 करोड़ पर था। अब 2024-25 वित्तीय वर्ष में 1047 करोड़ दिखाया है। ऐसे ही मध्य क्षेत्र वितरण कंपनी का बात करें तो साल 2018-19 में घाटा सबसे ज्यादा 3837 करोड़ पर था। उसके बाद साल 2024-25 में 1570 करोड़ का घाटा दिखाया गया है। ये कंपनियां लगातार घाटे में चल रही हैं।   घाटा दिखाकर दाम बढ़ाने की सिफारिश प्रदेश की तीनों बिजली वितरण कंपनियों में से सिर्फ पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी ने बीच के वर्षों में 2440 का लाभ दिखाया है। इन कंपनियों ने मप्र विद्युत नियामक आयोग को भी इसी तरह घाटा बताकर दाम बढ़ाने संबंधी सिफारिशें भेजी थीं। आयोग ने कंपनियों के प्रस्ताव का परीक्षण लगभग पूरा कर लिया है। यदि ये सिफारिशें मान ली गई तो 1 अप्रेल के बाद कभी भी बिजली के दाम बढ़ सकते हैं। इसका असर पौने वो करोड़ उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। यह हाल तब है जब कंपनियों को उक्त घाटा पाटने के लिए बीते वर्षों में केंद्र व राज्य ने विभिन्न योजनाओं के तहत लाखों करोड़ रुपए दिए हैं। हाल के वर्षों में तीनों बिजली कंपनियोंको 4 हजार करोड़ से अधिक की राशि भी मिली थी। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी घाटे के बीच बनी नजीर पश्चिम विद्युत वितरण कंपनी घाटे के बीच नजीर बनी है। पिछले चार वित्तीय वर्षों की बात करें तो साल 2021 से 2024 के बीच पश्चिम कंपनी भी लगातार 1790, 1130 और 125 करोड़ के घाटे में रही है। लेकिन साल 2024-25 में पश्चिम कंपनी को 730 करोड़ का लाभ हुआ है। ऐसे में बड़ा सवाल ये खड़ा होता है कि मध्य और पूर्व क्षेत्र की कंपनियां पश्चिम के फायदे के फॉर्मूले को क्यों नहीं अपना रही है। विभाग के अनुसार, पश्चिम क्षेत्र कंपनी ने बिजली चोरी रोकने के साथ ही स्मार्ट मीटर और नई तकनीक अपनाने में पहल की। बिल वसूली, फीडर सेपरेशन, डिजिटल मॉनीटरिंग व एनालिटिक्स की भी मदद लेकर नुकसान कम करने का प्रयास किया है। कंपनी का दावा है कि इससे उन्होंने नुकसान कम करने में सफलता पाई।

दूषित पानी त्रासदी में 36 मौतें: हाईकोर्ट में 16 मार्च को होगी सुनवाई, CBI जांच की मांग

इंदौर भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 36 मौतों के मामले में सीबीआइ जांच की मांग करते हुए जनहित याचिका दायर हुई है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ में शुक्रवार को याचिका सुनवाई के लिए पहुंची। कोर्ट ने विस्तार से बहस के लिए 16 मार्च की तारीख तय की है। याचिका अभिभाषक पुनीत शर्मा की ओर से वकील अनिल ओझा ने लगाई। एफआइआर तक दर्ज नहीं कहा है, दूषित पानी से 36 लोगों की जान चली गई, पर किसी जिम्मेदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। एफआइआर तक दर्ज नहीं की गई। अफसरों को बचने का पूरा मौका दिया गया। सिर्फ अफसरों को पद से हटा दिया। उन पर क्रिमिनल केस दर्ज कर जांच होनी चाहिए।   पूर्व निगमायुक्त, प्रदूषण बोर्ड समेत सरकार को बनाया पार्टी – जानबूझकर टेंडर होने के बाद फाइलें दबाई गईं। यह षड्यंत्र के तहत होता नजर आ रहा है। याचिका में तत्कालीन निगमायुक्त दिलीप यादव को नामजद, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य सरकार समेत निगमायुक्त को भी पार्टी बनाया गया है। – दिल्ली के उपकार सिनेमा हॉल अग्निकांड का उदाहरण भी दिया गया। अग्निकांड में लोगों की जान जाने पर अफसरों पर एफआइआर दर्ज कर जांच की गई थी।

यातायात होगा आसान: 42.76 करोड़ से पांच सड़कों के चौड़ीकरण का काम शुरू

ग्वालियर मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा-भितरवार क्षेत्र में पांच प्रमुख सड़क निर्माण होने से कई गांव सीधे शहर से जुड़ जाएंगे। वहीं रहवासियों को बदहाल मार्ग से छुटकारा मिलेगा। 42.76 करोड़ रुपए की लागत से यह सड़कें बनेंगी। बजट पास हो गया है, अब सिर्फ डीपीआर बनाकर टेंडर निकाले जाने का इंतजार बना है। बागवई से वाया घाटमपुर होते हुए हरसी नरवर मार्ग तक बनने वाले बायपास से भितरवार के रहवासियों को लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। 25 से ज्यादा गांवों को होगा फायदा इन प्रमुख सड़कों के निर्माण होने से 25 से ज्यादा गांवों का पहुंच मार्ग सुगम होगा। इन सभी सड़कों का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जाएगा। उक्त सड़क निर्माण को लेकर विभाग ने सेटेलाइट नक्शा तैयार कर लिया है और एस्टीमेट बनाने में जुटा है। डबरा स्थित मकोड़ा टेकनपुर मार्ग बनने से कई गांवों के अलावा बिलौआ के कई गांवों के पहुंच मार्ग तक पहुंचना आसान हो जाएगा। एसडीओ लोक निर्माण विभाग रवि श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ जगह नवीन तो कुछ जगह पुरानी सड़क को उखाड़ कर नई सड़क बनाई जाएगी। बागवई बाईपास 15 मीटर चौड़ा बनेगा। सेटेलाइट नक्शा तैयार किया गया है, डीपीआर तैयार की जा रही है। जल्द ही टेंडर निकाला जाएगा।   ये सड़कें बनेंगी मकौड़ा टेकनपुर मार्ग काफी समय से बदहाल बना हुआ है। लोगों का इस मार्ग से निकलना मुश्किल हो रहा था। आखिरकार 8.1 किमी तक सड़क निर्माण का बजट पास हो गया है। सड़क 4 मीटर चौड़ी बनेगी, 10.53 करोड़ रुपए का बजट पास इसके लिए पास हुआ है। ये मार्ग बनने से मकौड़ा, कल्याणी, टीसीपी, हाइवे स्थित बौना, ऊधलपाड़ा, बझेरा, करीब ८ गांव के रहवासी लाभांवित होंगे। करहिया से लेकर मकरध्वज मंदिर तक जाने वाला 3 किमी की खराब सड़क को फिर से बनाया जाएगा। 3.90 करोड़ रुपए का बजट पास किया गया है। इस सड़क के बनने से नैनागिरी आदिवासी बस्ती, दुबई और मेहगांव को फायदा होगा। नरवर करैरा जाने के लिए अभी भितरवार से बाजार से अंदर होते हुए जाना पड़ता है। लेकिन बागवाई से वाया घाटमपुर होते हुए हरसी नरवर मार्ग तक बायपास के निर्माण होने से फिर भितरवार के अंदर उन वाहनों का प्रवेश नहीं हो सकेगा। जिससे भितरवार के मुख्य मार्ग पर जाम नहीं लगेगा और जाम से निजात मिलेगी। 20 करोड़ रुपए की राशि का बजट पास है। 6 किलोमीटर तक डामरी सड़क बनेगी। 15 मीटर चौड़ा यह बाइपास निर्माण होगा।  घाटीगांव क्षेत्र की पार से जखा वाया इमलिया मार्ग तक 2.1 किलोमीटर की नवीन सड़क बनेगी। जिसके लिए 2.73 करोड़ रुपए का बजट पास किया है।  सिमरिया तिराहे से लेकर रेलवे फाटक तक मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य शुरू है। दो किलोमीटर दूरी तक डामरी सड़क का निर्माण कार्य होगा, गिट्टी बिछाई जा चुकी है। करीब डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से यह निर्माण कार्य होगा। 4 मीटर चौड़ी सड़क बन रही है। वहीं सड़क के दोनों तरफ करीब 300 पेड़ लगाए जाने की भी योजना है।

संपत्ति कर का दायरा बढ़ा: 9 साल बाद 10 हजार नई प्रॉपर्टी जुड़ेंगी, निगम को होगा फायदा

खंडवा नगरीय क्षेत्र में जीआईएस ( ज्योग्राफिकल इंफार्मेशन सिस्टम ) यानी भौगोलिक सर्वे के दौरान 10 हजार से अधिक नई संपत्तियां मिलीं हैं। नई संपत्तियां एक अप्रेल से टैक्स के दायरे में आ जाएंगी। निगम ने नौ साल बाद नई संपत्तियों को टैक्स लगाने की कार्य योजना तैयार की है। सर्वे में मिलीं 10 हजार नई संपत्तियां नगरीय क्षेत्र में जीआईएस ( ज्योग्राफिकल इंफार्मेशन सिस्टम ) यानी भौगोलिक सर्वे के दौरान 10 हजार से अधिक नई संपत्तियां मिलीं हैं। नई संपत्तियां एक अप्रेल से टैक्स के दायरे में आ जाएंगी। निगम ने नौ साल बाद नई संपत्तियों को टैक्स लगाने की कार्य योजना तैयार की है। जिसे एमआईसी फाइनल टच देगी। टैक्स शुरु होने से निगम की आय हर साल एक से डेढ़ करोड़ रुपए बढ़ने की उम्मीद है। निगम की डिमांड 11.50 करोड़ से बढ़कर 13 करोड़ रुपए हो जाएगी। वर्ष 2017 के बाद 2026 में नई संपत्तियां नगर निगम ने वर्ष 2017 के बाद नई संपत्तियों पर वर्ष 2026 में टैक्स लगाने का ब्लू प्रिंट तैयार किया है। सर्वे का कार्य 8 फरवरी-2025 को शुरु हुआ था। इस दौरान 10 हजार 887 नई संपत्तियां दर्ज की गईं हैं। निगम ने इन संपत्तियों का डिटेल सर्वे तैयार किया है। अभी 46,346 संपत्तियों टैक्स के दायरे में हैं। इन संपत्तियों से करीब 11.50 करोड़ रुपए टैक्स की डिमांड है। अब नई संपत्तियों को मिलाकर एक से डेड़ करोड़ रुपए नया टैक्स जनरेट होगा।

मोटरों के अत्यधिक दोहन से भालीवाड़ा जलाशय का जलस्तर घटा, बढ़ी चिंता

सिवनी/भालीवाड़ा कुरई के ग्राम भालीवाड़ा स्थित जलाशय में जल संकट गहराता जा रहा है। जलाशय में लगभग 75 स्थाई व अस्थाई मोटर पम्प लगे होने से पानी का स्तर तेजी से घट रहा है। वर्तमान में जलाशय में मात्र लगभग 3 फीट पानी शेष है। इसके बावजूद भी विद्युत मोटर पम्प लगातार लगातार जलाशय से पानी निकाला जा रहा है। मछुआ मांझी समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि जलाशय में अब केवल 1 से 2 दिन का पानी ही शेष बचा है। समिति से जुड़े लगभग 130 महिला-पुरुषों की आजीविका मछली पालन पर निर्भर है। जलाशय में पानी की कमी के कारण मछलियों के मरने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बड़ी बात यह है कि समिति द्वारा तहसीलदार, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत एवं बादलपार पुलिस चौकी में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विद्युत विभाग ने बनाया पंचनामा विद्युत वितरण केंद्र बादलपार, सिवनी ग्रामीण तथा ग्राम पंचायत सारसडोल के सरपंच एवं सचिव की उपस्थिति में पंचनामा तैयार किया गया। जलाशय में 50 से अधिक मोटर पम्प संचालित पाए गए। बताया जाता है कि बादलपार विद्युत वितरण केंद्र से 3 स्थाई एवं 13 टीसी कनेक्शन एवं सिवनी ग्रामीण क्षेत्र से 31 विद्युत मोटर पम्प चल रहे हैं। खुले तार दे रहे हादसे को न्योता जलाशय में लगे कुछ मोटरों में खुले तार होने से पानी में करंट फैलने का भी खतरा बना हुआ है, जिससे जान-माल की हानि की आशंका व्यक्त की जा रही है। लोगों का कहना है कि इस पर प्रशासन को तत्काल ध्यान देना चाहिए। कलेक्टर से कर चुके हैं लिखित शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव ने बताया कि जल संकट, मछुआ मांझी समिति की आजीविका और मवेशियों के लिए पेयजल की समस्या को लेकर जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत भेजी जा चुकी है। वहीं किसानों का कहना है कि उन्होंने सिंचाई एवं विद्युत विभाग से विधिवत कनेक्शन प्राप्त किए हैं। मछुआ मांझी समिति के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि जलाशय से विद्युत मोटर पम्प नहीं हटाए गए तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। समिति के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि किसानों को नहर के माध्यम से सिंचाई करने से कभी नहीं रोका गया, लेकिन नहर से नीचे का पानी जलाशय में आ जाने के बाद भी लगभग 50 मोटर पम्पों का संचालन समझ से परे है। उनका कहना है कि जलाशय में अभी भी प्रर्याप्त पानी है जिससे मछलियां जीवित रह सकती हैं, बशर्ते पानी की निकासी तत्काल रोकी जाए।

पिकअप वाहन को बचाने के प्रयास में ट्रक पलटा, संभागीय परिवहन उड़नदस्ता की तत्परता से चालक-परिचालक को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया

While trying to save a pickup truck, the truck overturned. The Divisional Transport Flying Squad promptly transported the driver and conductor to the hospital. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव जबलपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग नागपुर-जबलपुर रोड पर बरगी बायपास के पास एक वाहन क्रमांक MH40 BL 6986 पिकअप वाहन को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर पलट गया। घटना की सूचना मिलते ही संभागीय परिवहन उड़नदस्ता की टीम तत्काल मौके पर पहुंची।उड़नदस्ता टीम ने तत्परता दिखाते हुए वाहन में फंसे चालक एवं परिचालक को सुरक्षित बाहर निकाला और एम्बुलेंस की सहायता से उपचार के लिए मेडिकल अस्पताल रवाना किया।घटना के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ था, जिसे टीम की त्वरित कार्रवाई से व्यवस्थित करते हुए मार्ग पर यातायात को पुनः सुचारू रूप से चालू कराया गया।संभागीय परिवहन उड़नदस्ता की इस त्वरित कार्रवाई से समय रहते घायलों को सहायता मिली और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था भी शीघ्र बहाल हो सकी। इस दौरान प्रभारी राजेंद्र साहू, परिवहन उप निरीक्षक अक्षय पटेल, परिवहन आरक्षक पीयूष मरावी, आशुतोष मोघे, सारंगधर महाले, अशोक खापर्डे, उमाशंकर उपाध्याय सहित समस्त स्टाफ मौके पर मौजूद रहा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का करीला धाम मेले में आगमन, विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव अशोकनगर के करीला धाम मेले में होंगे शामिल विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण-शिलान्यास भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को अशोकनगर जिले की बहादुरपुर तहसील के ग्राम करीला में रंगपंचमी पर आयोजित होने वाले मेले में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर माता जानकी के दर्शन कर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन और विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। करीला धाम श्रृद्धालुओं की आस्था का केन्द्र अशोकनगर जिले की बहादुरपुर तहसील की ग्राम पंचायत जसैया के ग्राम करीला में प्रतिवर्ष रंगपंचमी पर विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष यह मेला 7 मार्च से 9 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा। माँ जानकी करील के ऐसे घने जंगल में ऋषि बाल्मीकी के आश्रम में लवकुश के साथ रहीं, इसलिए इसे करीला कहा गया। मेले में लगभग 20 लाख श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखकर सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गये हैं। माँ जानकी के दर्शन कर लाखों श्रद्धालुओं लेते हैं आर्शीवाद रंगपंचमी पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का करीला धाम आना प्रारंभ हो जाता है। रंगपंचमी के दिन व रात में लाखों श्रद्धालु माँ जानकी के मंदिर में शीश नवाते हैं तथा दर्शन लाभ लेकर आर्शीर्वाद प्राप्त करते हैं। मन्नतें पूरी होने पर हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर के बाहर राई नृत्य करवाते हैं। करीला के मुख्य मंदिर में माँ जानकी के साथ महर्षि वाल्मिीकि व लव-कुश की प्राचीन प्रतिमाएँ स्थापित हैं। रंगपंचमी पर विशेष रूप से वाल्मीकि गुफा के कपाट खोले जाते हैं। माँ जानकी दरबार की भभूति से फसलों के होते है रोग दूर माँ जानकी माता के दरबार पर जो श्रद्धालु आते हैं, वे दर्शन लाभ लेकर माँ जानकी दरबार की भभूति अपने साथ ले जाते हैं। इस भभूति को फसल के समय खेतों में फसलों पर छिड़का जाता है। यदि फसल में इल्ली लग जाती है तो भक्तजन माँ के दरबार की भभूति खेतों में डालते हैं। लोगों की मान्यता है कि इस भभूति से फसलों में लगे रोग एवं इल्ली दूर हो जाती है। राई नृत्य की रहती है धूम, नृत्यांगनाओं द्वारा किया जाता राई एवं बधाई नृत्य करीला धाम में मान्यता है कि जिसके सन्तान न हो वह यहां आकर मन्नतें मांगे तो उसकी मुराद माँ जानकी पूरी करती हैं। श्रृद्धालु माँ जानकी के दरबार में श्रृद्धा की प्रसादी अर्पित कर मन्नतें मांगते हैं। मुराद पूरी होने पर श्रद्धालु यहां आकर अपनी श्रृद्धानुसार राई नृत्य करवाते हैं। क्षेत्र में यह लोकोक्ति प्रचलित है कि लव व कुश के जन्म के बाद माँ जानकी के अनुरोध पर महर्षि वाल्मिीकि ने उनका जन्मोत्सव बडी धूम-धाम से मनाया था, जिसमें स्वर्ग से उतरकर अप्सराएँ आई थी तथा उन्होंने यहां नृत्य किया था। वही जन्मोत्सव आज भी रंगपंचमी के अवसर पर यहां मनाया जाता है। उसी उत्सव में हर वर्ष सैकडों नृत्यांगनाएँ यहां राई नृत्य प्रस्तुत करती हैं। नृत्यांगनाएँ ओढ़नी से घूंघट डाले नगाड़ों की गूंज एवं मृदंग की थाप पर लम्बे घेर वाले लहंगे एवं पैरों में घुंघरू की खनखनाती आवाज पर मनमोहक अदाओं के साथ रातभर नृत्य करती हैं। ऐसा लगता है मानो अप्सराएँ जमीन पर उतरकर जन्मोत्सव की खुशी मना रही हों। भोर होने पर नृत्यांगनाओं द्वारा प्रस्तुत बधाई नृत्य के साथ मेले का समापन होता है।  

प्रयास करेंगे कि 2030 में होने वाले कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स के मैच हो उज्जैन में: मुख्यवमंत्री डॉ. यादव

उज्‍जैन खेलों का हब बनने की ओर है अग्रसर : मुख्यवमंत्री डॉ. यादव स्‍व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर नानाखेडा में बनेगा अन्तर्राष्ट्रीय स्‍तर का हॉकी सिन्‍थेटिक टर्फ भवि‍ष्‍य में उज्जैन में भी राष्‍ट्रीय एवं अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के हॉकी खिलाड़ी होंगे तैयार प्रयास करेंगे कि 2030 में होने वाले कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स के मैच हो उज्जैन में मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने नानाखेडा स्‍टेडियम में 48.71 करोड़ रुपए की लागत के सिन्थेटिक हॉकी टर्फ एवं अन्‍य निर्माण कार्यों का किया भूमि-पूजन उज्जैन मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान  महाकालेश्‍वर और  गोपाल कृष्‍ण की हम सभी पर विशेष कृपा है। उनके आशीर्वाद से आज उज्‍जैन और पूरे प्रदेश के खिलाडियों को सौगात मिलने जा रही है। स्‍पोर्टस कॉम्‍प्‍लेक्‍स में निरंतर उज्‍जैन में विकास के कार्य हो रहे है। खेल केवल मनोरंजन नहीं बल्कि शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास का सशक्त माध्यम है। खेल अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को उज्जैन में स्‍व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर नानाखेडा स्‍टेडियम परिसर में 48.71 करोड रुपए की लागत से बनने वाले अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के सिन्‍थेटिक हॉकी टर्फ और पवेलियन दर्शक दीर्घा के निर्माण कार्य के भूमि- पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कही। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है एवं विभिन्न जिलों में नए स्टेडियम, खेल परिसर एवं प्रशिक्षण सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इससे खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उक्त निर्माण कार्य से उज्जैन धीरे-धीरे खेलों का हब बनने की ओर अग्रसर है एवं भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होंगे। स्‍व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर नानाखेडा स्‍टेडियम को देखकर विदेशों में स्थित सर्वसुविधायुक्‍त स्‍टेडियम का स्‍मरण होता है। क्षीर सागर स्‍टेडियम में देश के अन्‍य शहरों के हॉकी खिलाडी आकर प्रदर्शन करते थे। अंतर्राष्‍ट्रीय मानकों के अनुसार यहां हॉकी सिन्‍थेटिक टर्फ की आवश्‍यकता थी जो निकट भवि‍ष्‍य में शीघ्र ही पूर्ण होने जा रही है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि वर्ष 2030 में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में इस स्‍टेडियम में अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के मैच का आयोजन करवाया जाए। हम सभी ने यह संकल्‍प लिया था कि प्रतिभाशाली खिलाडियों को उनके हुनर के प्रदर्शन के लिए सर्वसुविधायुक्‍त स्‍टेडियम बनाकर दिया जाए। हॉकी पेवेलियन, एथलेटिक्स पेवेलियन, हॉकी फील्ड के निर्माण साथ-साथ नानाखेडा स्‍टेडियम परिसर में सड़क निर्माण, पार्किंग, कंपाउंड वॉल इत्यादि कार्य भी सम्मिलित होंगे। उज्जैन को खेल मैदानों की सौगाते मिल रही है। इसमें सबसे पहले खेल मैदान हेतु 8.71 हेक्टयर (21.77 एकड़) भूमि खेल विभाग एवं खिलाड़ियों की दिलवाई गई। उसके बाद एथलेटिक सिंथेटिक्स ट्रैक जो 7.22 करोड़, लॉब टेनिस सिन्‍थेटिक मैदान एवं ग्रास से निर्मित फुटबॉल मैदान, राशि रू. 11.43 करोड़ से निर्मित स्व. राजमाता सिंधिया बहुउद्देशीय खेल परिसर जिसमें आधुनिक रूप से निर्मित शूटिंग रेंज, बेडमिंटन हॉल, मल्लखंब, जिम्नेशियम हॉल जिसमें 1.50 करोड़ के उपकरण की सौगात शहरवासियों को दी गयी हैं। प्रदेश में 18 खेलों की 11 खेल अकादमियाँ स्थापित की गई हैं। इसी का परिणाम है कि जहां पूर्व वर्षों में एशियन गेम्स और ओलंपिक गेम्स में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी मात्र सहभागिता कर पाते थे, किन्तु वर्तमान में हमारे खिलाड़ी न केवल एशियन गेम्स बल्कि ओलंपिक गेम्स में भी पदक अर्जित कर प्रदेश को गौरवान्वित कर रहे हैं। उज्‍जैन से निकलने वाले खिलाडी राष्‍ट्रीय एवं अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर प्रदर्शन करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में हासामपुरा में भी स्‍टेडियम बनकर तैयार होगा। यहां कनेक्टिविटी के लिए फोर लेन मार्ग भी बनाए जा र‍हे है जिससे गांव-गांव के प्रतिभाशाली खिलाडियों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्‍त होगा। वर्तमान में नजरअली कंपाउंड में बनाए गए स्‍वीमिंग पूल और अन्‍य प्रमुख स्‍वीमिंग पूल के रख-रखाव के लिए खेल विभाग को हस्‍तांतरित किया जाएगा। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को नए सिन्‍थेटिक टर्फ की बधाई दी। साथ ही सभी को रंगपंचमी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम सभी मिलकर हर्षोल्‍लास और आनंद के साथ पर्व मनाए। सांसद  अनिल फिरोजिया ने कहा कि हम सबके लिए आज बड़े हर्ष का विषय है कि नानाखेड़ा स्‍टेडियम खेल परिसर में एक और नई सौगात शहरवासियों को मिलने वाली है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव खेल के क्षेत्र में भी उज्‍जैन का निरंतर विकास कर रहे है। प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेलों इंडिया कार्यक्रम प्रारंभ किया है। पहले छोटे शहरों, कस्‍बों और गांवों के खिलाडियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर कम ही मिला करते थे। खेलों इंडिया कार्यक्रम ने इन्‍हें अपनी प्रतिभा को सभी के समक्ष प्रदर्शित करने का एक सशक्‍त प्‍लेटफॉर्म प्रदान किया है। हमारे खिलाडी अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन कर मेडल ला रहे है। हॉकी हमारा राष्‍ट्रीय खेल है। इसके साथ अन्‍य खेलों जैसे बास्‍केटबॉल, फुटबॉल, तिरंदाजी को भी बढ़ावा देने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने हॉकी विश्‍वकप में उत्‍कृट प्रदर्शन करने वाली प्रदेश की महिला खिलाडियों को एक-एक करोड़ रुपए की राशि से पुरस्‍कृत किया है। सांसद  फिरोजिया ने बतौर जिला हॉकी ऐसोसिएशन के अध्‍यक्ष के रूप में मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्‍यक्‍त किया। राज्‍यसभा सांसद  बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज ने कहा कि मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के विशेष प्रयासों से आज यह कार्य प्रारंभ होने जा रहा है। हॉकी के खिलाडियों के लिए निश्चित रूप से यह एक बहुत बडी सौगात है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव की मंशा है कि हॉकी के खिलाडी राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर अग्रणी बने। खेलों के माध्‍यम से प्रतिभाशाली खिलाडी देश का नाम विश्‍व में रौशन करें। पूर्व विधायक  राजेन्द्र भारती ने कहा कि खिलाडियों की अपेक्षाओं और सपनों को साकार करने का कार्य मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के विशेष प्रयासों से संपन्‍न हुआ है। निश्चित रुप से उज्‍जैन से भी मेजर ध्‍यानचंद जैसे खिलाडी निकलेंगे। उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के प्रति‍आभार व्‍यक्‍त किया। इस अवसर पर नगर निगम अध्‍यक्ष मती कलावती यादव जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन  ज्‍वलंत शर्मा ने किया और आभार प्रदर्शन संचालक खेल एवं युवा कल्‍याण  अंशुमन यादव द्वारा किया गया। … Read more

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