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जल क्रांति की ओर बढ़ता प्रदेश, हर घर नल-जल के लिए अधोसंरचना सशक्त: मंत्री उइके

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त  मंत्री  जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  संपतिया उइके ने जनस्वास्थ्य और जल सुरक्षा की दृष्टि से मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जल जीवन मिशन के संकल्प को राज्य सरकार ने गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया है, जिसका स्पष्ट प्रतिबिंब इस बजट में दिखाई देता है। मंत्री  उइके ने बताया कि जल जीवन मिशन के लिए 4454 करोड़ रु. का प्रावधान हर घर तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की दिशा में ठोस कदम है। ग्रामीण नल जल प्रदाय योजनाओं के संधारण के लिये 290 करोड़ रु. तथा जल प्रदाय गृहों की स्थापना एवं संधारण के लिए 229 करोड़ रु. का प्रावधान यह सुनिश्चित करेगा कि जल आपूर्ति व्यवस्थाएं केवल निर्मित ही नहीं हों, बल्कि दीर्घकाल तक सुचारु रूप से संचालित भी रहें। ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना, नलकूप अनुरक्षण, जल गुणवत्ता परीक्षण तथा सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं के सौर ऊर्जा करण के लिए किए गए प्रावधान जल प्रबंधन को अधिक टिकाऊ और परिणामकारी बनाएंगे। मंत्री  उइके ने कहा कि यह बजट गरीब कल्याण, अन्नदाता, युवा और नारी शक्ति के साथ अधोसंरचना विकास को समन्वित करते हुए संतुलित और यथार्थवादी विकास की दिशा तय करता है। सिंहस्थ की तैयारियों, ग्रामीण अधोसंरचना और पूंजीगत निवेश पर विशेष ध्यान प्रदेश को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सशक्त बनाएगा। मंत्री  उइके ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट समृद्ध, स्वस्थ और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण को नई गति देगा।

एमपी बजट 2026: श्रमिक कल्याण और महिला सुरक्षा के लिए बड़ा प्रावधान, स्टेडियम निर्माण को मिली मंजूरी

भोपाल  प्रदेश सरकार ने बजट 2026 युवाओं और महिलाओं के साथ ही मजदूरों पर फोकस नजर आया है। सीएम युवा शक्ति योजना के तहत प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सर्वसुलभ स्टेडियम विकसित करने की तैयारी है। ताकि ग्रामीण और शहरी युवाओं को स्थानीय स्तर पर खेल सुविधाएं मिल सकें। वहीं महिलाओं, श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा के लिए बड़ा सहारा बनकर आया है। इसके साथ ही बजट में जन-धन योजना और बीमा योजनाओं को लेकर जमीनी विस्तार भी दिखा। कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट तय किया गया है। सरकार का कहना है कि यह राशि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार में खर्च की जाएगी। महिला सशक्तिकरण की दिशा में लाड़ली लक्ष्मी योजना का दायरा लगातार बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 52 लाख 29 हजार बालिकाएं इस योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं। योजना का उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वित्त मंत्री देवड़ा ने बताया कि श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इसका मकसद गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है। ताकि उन्हें बीमा, पेंशन और अन्य सुविधाएं मिल सकें। प्रदेश में बढ़ी है केंद्र सरकार की भागीदारी बढ़ी केंद्र सरकार की योजनाओं में भी प्रदेश की भागीदारी बढ़ी है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत राज्य में अब तक 4 करोड़ 61 लाख से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं। जिससे बड़ी आबादी औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी है। इसी तरह प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3 करोड़ 64 लाख का पंजीयन हो चुका है। दुर्घटना की स्थिति में यह योजना बीमा सुरक्षा प्रदान करती है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोग नामांकन करवा चुके हैं। इससे उनके परिवारों को आर्थिक सहायता और सुरक्षा का आधार है। सरकार का दावा है कि यह बजट युवाओं के खेल, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ महिलाओं और श्रमिक वर्ग को सुरक्षा कवच देने की दिशा में अहम कदम है।

23,882 करोड़ का ऐलान: MP Budget 2026 में लाड़ली बहना योजना को मिली नई राहत

भोपाल   मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विधानसभा में फाइनेंशियल ईयर 2026-27 का बजट (Madhya Pradesh Budget 2026) पेश किया जा रहा है। डॉ. मोहन यादव सरकार का ये तीसरा और बतौर वित्त मंत्री देवड़ा का सातवां बजट है। देवड़ा ने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य हर हाथ को काम देना है। युवाओं को रोजगार देना है। पीएम के सपने को साकार करने वाला बजट है। बजट में लाड़ली बहना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना का भी जिक्र किया गया है। लाड़ली बहनों के लिए क्या कहा… 2026-27 के बजट में मंत्री देवड़ा ने कहा कि लाड़ली बहना योजना में एक करोड़ 25 लाख महिलाएं रजिस्टर्ड है। इसमें 23 हजार 882 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। साथ ही बजट में लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए भी बड़ा ऐलान किया गया है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 में 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभ दिया जा रहा है, जबकि 14 लाख 12 हजार को छात्रवृत्ति मिल चुकी है। सरकार की तरफ से लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जा रहा है। MP Budget में लाड़ली बहना और लक्ष्मी योजना की बड़ी बातें     नारी को केंद्र में रखकर बजट बनाया     हर हाथ को काम और हर उपज को दाम देने वाला बजट     हर नारी को काम देने पर सरकार का फोकस     औद्योगिकीकरण और अधोसंरचना पर ध्यान दिया गया     सभी वर्गों के लिए विकास के लिए सरकार संकल्पित

किसानों को मिली बड़ी राहत: 25 हजार करोड़ ऋण, सोलर पंप और सालाना 12 हजार की सहायता तय

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए किसानों और ग्रामीण विकास को केंद्र में रखा है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट भाषण की शुरुआत अर्थशास्त्र के श्लोक “प्रजा सुखम राजनाह…” से की और कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों और आमजन की समृद्धि है। बजट में कृषि क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं, जिनका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा।  दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण विकास पर जोर वित्त मंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादन वाला प्रदेश है और सरकार दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री वृंदावन योजना लागू की गई है। वहीं, अहिल्या बाई कौशल विकास योजना के जरिए ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बजट पेश किए जाने के दौरान कांग्रेस विधायकों ने हंगामा भी किया, जिस पर वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरा किया है और कथनी-करनी में अंतर नहीं है। दाल उत्पादन में नंबर वन, किसानों को हर स्तर पर सहयोग वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि दाल उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है, जबकि गेहूं और तिलहन उत्पादन में दूसरा स्थान रखता है। संतरा, धनिया और लहसुन उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी है। सरकार किसानों को खेत में उत्पादन से लेकर उपज की बिक्री तक हर स्तर पर सहायता दे रही है। किसानों के लिए अल्पकालीन ऋण योजना भी उपलब्ध कराई जा रही है। 1 लाख सोलर पंप और 3 हजार करोड़ का प्रावधान सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए 3000 करोड़ रुपये की लागत से 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इससे किसानों को सिंचाई में सुविधा मिलेगी और बिजली पर निर्भरता कम होगी। किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत किसान परिवारों को प्रतिवर्ष कुल 12 हजार रुपये की नकद सहायता दी जा रही है। यह राशि छोटे और सीमांत किसानों को खाद और बीज खरीदने में सीधी मदद प्रदान कर रही है। भावांतर और कृषक उन्नति योजना भावांतर योजना की सफलता से प्रभावित होकर अन्य राज्यों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। सरकार ने कृषक उन्नति योजना की घोषणा की है, जिसके तहत किसानों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पंजीकृत किया गया है। साथ ही 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य तय किया गया है। किसानों के लिए 25 हजार करोड़ का ऋण प्रावधान किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए 25 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिससे प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को सुरक्षा मिलेगी। सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी और 6.69 लाख किसानों को यह राशि वितरित की जाएगी। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है। गरीब कल्याण और आय बढ़ाने पर फोकस गरीब कल्याण के लिए 793 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा बस जल्द शुरू की जाएगी। किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और किसान योजनाओं को मूल्य संवर्धन योजनाओं से जोड़ा गया है। वित्त मंत्री ने खेती को लाभ का धंधा बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

ब्लू लाइन मेट्रो का बड़ा कदम, सैकड़ों मकान-दुकान हटाकर ली जाएगी जमीन

भोपाल  मेट्रो ट्रेन की ब्लू लाइन के लिए जिला प्रशासन ने  भदभदा डिपो चौराहा से रत्नागिरी करोंद तक 9 हेक्टेयर जमीन को अधिसूचित कर दिया है। इसमें बाधक निर्माण पहले ही चिह्नित कर लिए गए थे। इन्हें नोटिस देने, मुआवजा देने की प्रक्रिया की जा रही थी। हालांकि बीते एक साल में 40% को ही खाली कराया जा सका है। छह हेक्टेयर जमीन रेकॉर्ड में सरकारी दर्ज है। हालांकि मौके पर बाजार, आबादी है। अब इसे हटाने बड़ी कार्रवाई शुरू होगी। की थी अंडरग्राउंड मेट्रो की मांग बता दें, इसी लाइन के डिपो चौराहा से लिली टॉकीज तक के क्षेत्र में सांसद आलोक शर्मा ने अंडरग्राउंड की मांग की थी। हालांकि अधिसूचना पर में इसका जिक्र नहीं था।  14 किमी की लाइन, पुल बोगदा पर करेगी क्रॉस भोपाल के भदभदा से रत्नागिरी तक 14 किमी की एलीवेटेड लाइन बनाई जाएगी। पियर्स यानी मेट्रो एलीवेटेड लाइन के खंभों के लिए जमीन की टेस्टिंग हो चुकी है। अप्रेल तक काम दिखना शुरू हो जाएगा इस लाइन का काम वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

कूनो ने स्वागत किया नए मेहमानों का, गामिनी ने जन्म दिए 3 शावक, कुल चीतों की संख्या हुई 38

श्योपुर मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बार फिर सुखद खबर सामने आई है। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी ने तीन शावकों को जन्म दिया है। शावकों के आगमन के साथ ही कूनो में चीतों का कुनबा और बढ़ गया है। इस उपलब्धि पर केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर यह जानकारी साझा करते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश चीतों के पुनर्स्थापन का सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत दक्षिण अफ्रीका से आई मादा चीता गामिनी द्वारा तीन शावकों को जन्म देना प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों के आगमन के तीन वर्ष पूर्ण होने के साथ ही यह नौवां सफल प्रसव है। सीएम मोहन यादव ने दी जानकारी भारत में पैदा हुए शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है और कुल चीतों की आबादी 38 हो गई है. सीएम ने कहा कि गामिनी ने 3 शावकों को जन्म दिया है. पार्क चीतों के आने के बाद से नवां सफल प्रसव है.श्योपुर जिले में कूनो नेशनल पार्क में आए चीतों के 3 वर्ष पूर्ण होने के साथ ही 9वां सफल प्रसव है। सीएम ने आगे लिखा है कि भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर अब 38 हो गई है। यह पूरे देश के लिए वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है। कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ ने आजतक को फोन कॉल पर बताया कि कूनो पार्क में चीता गामनी ने 3 आज तीन शावकों को जन्म दिया है,सभी शावक स्वस्थ्य हैं. कूनों के डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है. गामिनी ने दूसरी बार मां बनकर कूनो के कुनबे में वृद्धि की है। इन तीन नए सदस्यों के शामिल होने के बाद भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर अब 38 हो गई है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, कूनो में अब तक भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या बढ़कर 27 पहुंच गई है। सरकार इसे वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मान रही है।  

एमवाय अस्पताल में सख्त कार्रवाई: सुपरिटेंडेंट-भवन अधिकारी को नोटिस, BVG को 25 हजार का जुर्माना

इंदौर  देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचान रखने वाले इंदौर की स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। सरकारी एमवाय अस्पताल के बाहर मरीज को स्ट्रेचर पर सड़क पार कराते हुए सामने आए वायरल वीडियो और अस्पताल की दीवारों, टाइल्स में फफूंद, गंदगी व अन्य अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए डीन ने कड़ा रुख अपनाया है। डीन ने अस्पताल सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव और भवन अधिकारी जितेंद्र रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही सुपरविजन और मेंटेनेंस करने वाले भारत विकास ग्रुप (BVG) पर 25 हजार रुपए का फाइन लगाया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दो महिलाएं एक मरीज को पहिए वाले स्ट्रेचर पर लेकर भरे ट्रैफिक के बीच सड़क पार करती नजर आ रही हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि शासकीय डेंटल कॉलेज के सामने से गुजरते हुए महिलाएं एमवाय अस्पताल के मुख्य गेट तक पहुंचती हैं, लेकिन गेट बंद होने के कारण उन्हें अगले गेट की ओर स्ट्रेचर धकेलना पड़ता है। व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल वीडियो सामने आने के बाद नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए कि यदि स्ट्रेचर सरकारी अस्पताल का है तो वह सड़क पर कैसे पहुंचा, और आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां रहीं कि परिजनों को मरीज को खुद स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा। यह मामला अब केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकारी अस्पतालों की आपातकालीन सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। इसे लेकर डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने एमवाय अस्पताल के सुपरिटेंडेंट यादव को तलब किया कि इस मामले में क्या जांच की गई है। इस बीच एमवाय अस्पताल साथ ही डेंटल कॉलेज के भी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। हालांकि अब तक ऐसा कोई सूत्र नहीं मिला है कि मरीज को भरे ट्रैफिक में सड़क पर दोनों महिलाएं कब और कहां ले गई। इस बीच डीन ने मंगलवार को पूरे अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान चौथी, पांचवीं मंजिल के कुछ हिस्सों की दीवारों और टूटी टाइल्स में फफूंद और गंदगी मिलने पर उन्होंने सुपरिटेंडेंट और सुपरवाइजर पर काफी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पहले मैं खुद दौरा कर चुका हूं। इसके पूर्व खुद डीन एक माह पूर्व इसे लेकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद कलेक्टर, कमिश्नर और मुख्यमंत्री का भी दौरा हुआ था, इसके बावजूद इन समस्याओं का समाधान नहीं किया। इसे लेकर दोनों को नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में व्यवस्थाओं में लापरवाही, साफ-सफाई और भवन मेंटेनेंस से जुड़ी कमियों पर जवाब मांगा गया है। सुरक्षा और स्टाफ की भूमिका की जांच प्रबंधन ने बताया कि अस्पताल में मरीजों के लिए 108 एम्बुलेंस की सेंट्रलाइज्ड सुविधा उपलब्ध है और किसी भी मरीज को स्ट्रेचर पर अस्पताल परिसर से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं है। मामले में सुरक्षा गार्ड, स्ट्रेचर बॉय और अन्य कर्मचारियों से जुड़े रिकॉर्ड और फुटेज की जांच की जा रही है। साथ ही दोहराया गया है कि मरीजों को बाहर ले जाने से रोकने के सख्त निर्देश पहले से लागू हैं।

एमपी में बारिश का मौसम तेज, इंदौर-ग्वालियर-उज्जैन-गुना समेत 22 जिलों में चेतावनी जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश के 22 जिलों में बुधवार, 18 फरवरी को आंधी, बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन भी शामिल हैं। इसी बीच रतलाम जिले के कई इलाकों में मंगलवार रात को बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण मौसम बदलेगा। गुरुवार, 19 फरवरी को भी ग्वालियर-चंबल में बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। इन जिलों में बारिश का अलर्ट बुधवार को इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, धार, आलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश होने की संभावना है। भोपाल, बड़वानी, खरगोन, देवास, सीहोर, विदिशा, सागर, दमोह, पन्ना और सतना में बादल छाए रह सकते हैं। गुरुवार को भी रहेगा असर, फिर थमेगा सिलसिला गुरुवार को ग्वालियर-चंबल संभाग के ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद सिस्टम कमजोर पड़ने लगेगा और मौसम सामान्य हो जाएगा। फरवरी में तीसरी बार बदलेगा मिजाज इस महीने की शुरुआत में दो बार ओले, बारिश और तेज हवाओं ने फसलों को नुकसान पहुंचाया था। प्रभावित इलाकों में सर्वे की प्रक्रिया भी कराई गई। अब 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है, जिससे किसानों की चिंता फिर बढ़ सकती है। दिन गर्म, रात में हल्की सर्दी फिलहाल दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। मंगलवार को 20 से ज्यादा जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। वहीं रात में हल्की सर्दी बनी हुई है, हालांकि न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है। कटनी जिले के करौंदी में सबसे कम 8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 8.1 डिग्री, पचमढ़ी में 8.8 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। बड़े शहरों में भोपाल में 14 डिग्री, इंदौर में 16.8 डिग्री, ग्वालियर में 13 डिग्री, उज्जैन में 16.2 डिग्री और जबलपुर में 13.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अगले दो दिन का पूर्वानुमान 18 फरवरी: 22 जिलों में बारिश और गरज-चमक की चेतावनी, कहीं-कहीं तेज हवा चल सकती है। 19 फरवरी: ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हल्की बारिश का असर, उसके बाद मौसम साफ होने के संकेत।  मध्य प्रदेश में कितना होगा असर उत्तरी राज्यों में ठंड फिर से दस्तक देने वाली है. क्योंकि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान मोंथा 21 राज्यों में एंट्री करने वाला है. हालांकि मध्य प्रदेश में इसका असर देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन तेज हवाएं चलने के आसार हैं. इससे पहले अक्टूबर 2025 चक्रवातीय तूफान मोंथा ने आंध्रप्रदेश सहित दक्षित भारत के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई थी. मध्य प्रदेश में आज 22 जिलों में बारिश! मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है. जिसके चलते आज बुधवार को इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत कुल 22 जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है. भोपाल, देवास, सीहोर और विदिशा जैसे जिलों में दिनभर बादल छाए रहने के आसार हैं. फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है मोंथा खतरनाक तूफान मोंथा का असर यह होगा कि, जिन राज्यों में तूफान आएगा वहां ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने से गेहूं, सरसों जैसी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. इसके अलावा पहाड़ी मार्गों पर हिमपात बढ़ सकता है. बिना मौसम की जानकारी के यात्रा करने से बचना चाहिए. ऐसे समय में सावधानी जरूरी है. घरों की खिड़कियां रखें, आवश्यक इमरजेंसी सामान तैयार रखें. स्थानीय मौसम विभाग के अलर्ट को फॉलो करें. 

वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट ऐतिहासिक होगा, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जताया भरोसा

ऐतिहासिक होगा वर्ष 2026-27 का बजट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उप मुख्यमंत्री  देवड़ा तथा वित्त विभाग की टीम को दी बधाई और शुभकामनाएं मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले हुआ वंदे मातरम का गान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मन्त्रि-परिषद की बैठक विधानसभा समिति कक्ष में वंदे मातरम गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले, विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने वाले वर्ष 2026- 27 के बजट के लिए उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा सहित वित्त विभाग की टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2026- 27 का बजट ऐतिहासिक है। यह बजट सभी को साथ लेकर कदम दर कदम आगे बढ़ते जाने के संकल्प का प्रमाण है। यह बजट प्रदेश में केंद्र सरकार के मूल मंत्र “ज्ञान” के अंतर्गत  गरीब-युवा-अन्नदाता और महिलाओं के कल्याण के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार को समर्पित है।  

किसानों को लाभ पहुंचाने वाली योजना पास: 1 लाख सोलर पंप और 25 हजार करोड़ रुपये का ऋण प्रावधान, आबकारी नीति को हरी झंडी

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार आज विधानसभा में ₹4.65 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश कर रही है। क्या युवाओं को मिलेगी पक्की नौकरी? क्या किसानों और महिलाओं के लिए खुलेगा सरकारी खजाना? विकास की सौगात से लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश तक, बजट की हर बड़ी घोषणा और उसका आपकी जेब पर होने वाला सीधा असर देखिए हमारे इस लाइव ब्लॉग में। विधानसभा से हर पल की सटीक और सबसे तेज अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें। जन धन योजना: 4.61 करोड़ खातों के साथ वित्तीय समावेशन वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री जन धन योजना की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश में अब तक 4 करोड़ 61 लाख खाते खोले जा चुके हैं। इसने बैंकिंग सेवाओं को गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंचाने का काम किया है। श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान- वित्त मंत्री वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया है। इस बजट का उद्देश्य मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक राज्य में 4 करोड़ 61 लाख से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अब तक 3 करोड़ 64 लाख लोगों का पंजीयन हो चुका है। इस योजना के तहत दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा दी जाती है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से भी बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इस योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराया है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। शिक्षा के लिए खास बजट में शिक्षा के लिए स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। वहीं, छात्रवृत्ति के लिए 986 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को लिए ये भी     पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।     सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।     किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।     वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है।     6.69 लाख किसानों को 337 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जाएगी।     1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। श्रम विभाग को मिले ₹1335 करोड़, श्रमिकों का होगा कल्याण असंगठित और संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए श्रम विभाग के बजट में ₹1,335 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है। यह राशि श्रमिकों के कल्याण, उनके अधिकारों की सुरक्षा और विभिन्न सहायता योजनाओं पर खर्च की जाएगी। जनजातीय विकास: 11,277 गांवों के लिए ₹793 करोड़ जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार ने विशेष बजट आवंटित किया है। जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास के लिए ₹793 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसका सीधा लाभ पिछड़े और दुर्गम क्षेत्रों के निवासियों को मिलेगा। ग्रामीण सड़कों का जाल: ₹21,630 करोड़ की मंजूरी ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने ‘मुख्यमंत्री मजरा–टोला सड़क योजना’ के तहत ₹21,630 करोड़ की भारी-भरकम राशि को मंजूरी दी है। इससे प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जा सकेगा। मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए ₹412 करोड़ का फंड नीली क्रांति को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मत्स्य उत्पादन क्षेत्र में ₹412 करोड़ के निवेश का प्रावधान किया है। इससे न केवल मत्स्य पालकों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में इस सेक्टर की हिस्सेदारी भी बढ़ेगी। ‘देश का तीसरा युवा प्रदेश’ बनेगा आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की जनसांख्यिकी का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हम देश के तीसरे सबसे युवा प्रदेश हैं। उन्होंने संकल्प दोहराया कि युवाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार के लिए सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। युवाओं को सशक्त बनाने के लिए बजट में विशेष प्रावधानों का खाका खींचा गया है। सिंहस्थ 2028 के लिए ‘विशेष फंड’ का प्रावधान उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ कुंभ के लिए सरकार ने अभी से तैयारी तेज कर दी है। चूंकि केंद्र सरकार के बजट में इसके लिए अलग से राशि नहीं मिली थी, इसलिए राज्य सरकार ने अपने बजट में सिंहस्थ से जुड़े बुनियादी ढांचे के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। वित्त मंत्री ने लक्ष्य रखा है कि आयोजन से जुड़े अधिकांश बड़े निर्माण कार्य वित्त वर्ष 2026-27 में ही पूरे कर लिए जाएं। किसान सम्मान निधि और कल्याण योजना से ₹12,000 की मदद वित्त मंत्री ने खेती को लाभ का धंधा बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में किसान परिवारों को ‘किसान सम्मान निधि’ और ‘मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना’ के संयोजन से प्रति वर्ष कुल ₹12,000 की नकद सहायता दी जा रही है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को खाद-बीज की खरीद में सीधी मदद मिल रही है। सोयाबीन के लिए किसानों को करोड़ों का भुगतान जगदीश देवड़ा ने कहा, ”मध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे युवा प्रदेश है. मध्य प्रदेश में युवाओं की बड़ी संख्या है. प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में हमारी सरकार जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रस्थान तथा पोस्ट हार्वेस्ट कार्रवाई प्रबंधन जैसी गतिविधियों द्वारा कृषि कार्य के प्रत्येक चरण में किसानों के साथ हमारी सरकार खड़ी है. इसके साथ ही किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान सम्मन निधि तथा शून्य ब्याज पर कृषि दिन जैसी आर्थिक समर्थन की योजनाएं भी प्रचलित है कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए सिंचाई की आवश्यकता सर्वोपरि है. किसानों को स्थाई सिंचाई पंप कनेक्शन की योजना अंतर्गत 125000 ट्रांसफार्मर स्थापित है. सिंचाई के लिए ऊर्जा की निर्माण आपूर्ति के सुधार करने के लिए प्रधानमंत्री कृषक सूर्यमित्र योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में रुपए 3000 करोड़ की लागत से 11 सोलर सिंचाई पंप किसानों को उपलब्ध कराया जाना लक्षण है. हमारी सरकार किसानों के लिए कृषि उद्यानिकी पशुपालन तथा मत्स्य पालन आदि को मूल्य संवर्धन से जोड़कर … Read more

आर्थिक समीक्षा में अभ्युदय मध्य प्रदेश का विकसित भारत संकल्प

आर्थिक समीक्षा में अभ्युदय मध्य प्रदेश का विकसित भारत संकल्प  लेखक सत्येंद्र जैन,आर्थिक चिंतक। मध्यप्रदेश की विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु आर्थिक समीक्षा उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत की गयी है।आर्थिक समीक्षा में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की दूरदर्शी आर्थिक नीतियों, कार्यक्रमों का समावेश किया गया है।इन दूरदर्शी आर्थिक नीतियों द्वारा संतुलित और समावेशी विकास का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।डॉ मोहन यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश का उदय हो रहा है। भारत के भागीरथी,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल एवं योग्य मार्गदर्शन में भारत को विश्व की सबसे सशक्त अर्थव्यवस्था निर्मित करने हेतु मध्यप्रदेश सर्वस्व अर्पण के भाव से योगदान दे रहा है।यही कारण है कि मप्र का भारत की जीडीपी में योगदान लगभग 3.25 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 5.8 प्रतिशत हो गया है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने आर्थिक समृद्धि के अनेक कदम उठाये हैं।इसके सुखद परिणाम मिलना आरंभ हो गये हैं। वर्ष 2025-26 अग्रिम अनुमान में राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद GSDP प्रचलित भाव पर 16,69,750 करोड़ रूपये अनुमानित है।पिछले वर्ष 2024-25 के 15,02,428 करोड़ रुपये की तुलना में 11.14 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। इसी प्रकार स्थिर भाव वर्ष 2011-12 के सापेक्ष जीएसडीपी 7,81,911 करोड़ रूपये अनुमानित है,।जो 8.04 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि को प्रतिबिंबित करता है। आर्थिक विस्तार केवल मूल्य वृद्धि का परिणाम नहीं,अपितु वास्तविक उत्पादन और गतिविधियों में वृद्धि का परिणाम है। राज्य में प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2011-12 में प्रचलित भाव पर 38,497 रूपये रही प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1,69,050 रूपये हो गई है। यह आय स्तर में सुधार का परिचायक है, जो जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन को रेखांकित करता है।वर्ष 2025-26 में प्रचलित भाव पर सकल राज्य मूल्य वर्धन जीएसवीए में प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 43.09 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र का 19.79 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र का 37.12 प्रतिशत रहा। इससे प्रकट होता है कि कृषि आधारित आधार को मजबूती देते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था में उद्योग और सेवा क्षेत्रों में भी संतुलित विस्तार हुआ है। प्राथमिक क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में कुल सकल राज्य मूल्य वर्धन 6,79,817 करोड़ रूपये रहा, जो पिछले वर्ष के 6,33,532 करोड़ रूपये की तुलना में 7.31 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। इस क्षेत्र में फसलें 30.17 प्रतिशत भागीदारी के साथ प्रमुख घटक रहीं। पशुधन, वानिकी, खनन एवं उत्खनन का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कृषि एवं ग्रामीण विकास के मोर्चे पर वर्ष 2024-25 में कुल फसल उत्पादन में 7.66 प्रतिशत तथा खाद्यान्न उत्पादन में 14.68 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। उद्यानिकी क्षेत्रफल 28.39 लाख हेक्टेयर रहा है।दुग्ध उत्पादन 225.95 लाख टन तक पहुँचा है। गांवों की समृद्धि के लिए 72,975 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण तथा 40.82 लाख ग्रामीण आवासों के निर्मित होने से ग्रामीण आधार सशक्त हुआ है। द्वितीयक क्षेत्र का कुल सकल राज्य मूल्य वर्धन- GSVA वर्ष 2025-26 में 3,12,350 करोड़ रूपये रहा, जो 9.93 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। निर्माण, विनिर्माण तथा विद्युत, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगी सेवाओं का प्रमुख योगदान है। औद्योगिक विकास के अंतर्गत 1,028 इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई, जिससे ₹1.17 लाख करोड़ के प्रस्तावित निवेश और लगभग 1.7 लाख रोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त हुआ है। वर्ष 2024-25 में एमएसएमई सहायता 2,162 करोड़ रुपये रही। तृतीयक क्षेत्र ने सर्वाधिक तेज गति से वृद्धि की है। वर्ष 2025-26 में इसका कुल GSVA 5,85,588 करोड़ रूपये रहा, जो 15.80 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। व्यापार, मरम्मत, होटल एवं रेस्टोरेंट, वित्तीय सेवाएँ, रियल एस्टेट, लोक प्रशासन तथा अन्य सेवाओं का प्रमुख योगदान रहा है। पर्यटन क्षेत्र में 13.18 करोड़ पर्यटकों के आगमन से पर्यटन क्षेत्र में तीव्रता आई है। वर्ष 2025-26 में 618 करोड़ रूपये राजस्व आधिक्य, अनुमानित कर राजस्व में 13.57 प्रतिशत वृद्धि तथा ऋण-GSDP अनुपात 31.3 प्रतिशत का होना मध्यप्रदेश के वित्तीय अनुशासन में निरंतर सुधार को प्रकट करता है। नगरीय विकास के अंतर्गत अमृत 2.0 में 4,065 करोड़ रुपये का आवंटन और 1,134 परियोजनाओं की स्वीकृति दी गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत 8.75 लाख आवास पूर्ण हुए तथा स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में राज्य को 8 राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए। स्वास्थ्य क्षेत्र में कुल व्यय 34,112 करोड़ रुपये रहा।यह GSDP का 3 प्रतिशत है। नवंबर 2025 तक 4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए गए और वर्ष 2001-03 के सापेक्ष मातृ मृत्यु दर 379 से घटकर वर्ष 2021-23 में 142 प्रति लाख हो गई। शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में कुल बजट का 10.37 प्रतिशत शिक्षा के लिए आवंटित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9 प्रतिशत अधिक है। कक्षा 1-5 में ड्रॉपआउट दर शून्य रही और कक्षा 6-8 में यह घटकर 6.3 प्रतिशत रह गई। 45,668 विद्यार्थियों को 500 करोड़ रूपये की सहायता प्रदान की गई। तकनीकी शिक्षण संस्थानों की संख्या 1,625 से बढ़कर 2,070 हो गई है। महाराजा विक्रमादित्य की भाँति कुशल प्रशासक ,मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अखंड प्रचण्ड पुरुषार्थ करते हुए अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रहे हैं। महानतम अर्थशास्त्री चाणक्य के अनुसार- तस्मान्नित्योत्थितो राजा कुर्यादर्थानुशासनम् । अर्थस्य मूलमुत्थानमनर्थस्य विपर्ययः । अर्थात राजा प्रतिदिन उद्यमशील होकर शासन करे । अर्थ अनुशासन करे।अर्थ मूल को संवर्धित करे। चाणक्य के इस मंत्र को आत्मसात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अभ्युदय मध्य प्रदेश की रचना कर रहे हैं।अभ्युदय मध्य प्रदेश के सर्वागीण विकास द्वारा विकसित  भारत 2047 का संकल्प स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर हो रहा है, झलक रहा है। इति श्री।

भोपाल मेट्रो बजट अपडेट: 2 रूटों पर फंडिंग की उम्मीद, पिछले बजट में मिली 41 सड़कें याद दिलाईं

भोपाल भोपाल में मेट्रो के 2 रूट पर काम चल रहा है। ऑरेंज लाइन के फेज-2 का रूट सुभाषनगर से करोंद के बीच है, जबकि ब्लू लाइन भदभदा से रत्नागिरी तक गुजरेगी। इन दोनों रूट के लिए बजट का प्रावधान हो सकता है। पिछले बजट में भोपाल को 425 करोड़ रुपए मिले थे। बजट से कई सड़कों के निर्माण को लेकर भी बजट मिलने की उम्मीद है। पिछली बार 41 सड़कें और 3 फ्लाईओवर मंजूर किए गए थे। वहीं, शहर के लगभग हर इलाके और ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों के निर्माण के लिए टोकन राशि बजट में रखी गई थी। इनकी अनुमानित लागत 447.21 करोड़ रुपए थी। पिछले बजट में शैतान सिंह तिराहे से कोलार मेन रोड को जोड़ने वाली सड़क और बावड़िया के प्रस्तावित नए आरओबी की एप्रोच रोड बनाने का प्रावधान था। हालांकि, एक साल में यह काम नहीं हो सका है। बजट से भोपाल में खेल और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों को लेकर भी उम्मीदें हैं। पिछले बजटों में इन दोनों ही विभागों को लेकर बजट मिला था।

उत्सव की तरह मनाया जायेगा रामकृष्ण परमहंस जी का जन्मदिन।

Ramakrishna Paramhansa’s birthday will be celebrated like a festival. हरिप्रसाद गोहे आमला। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ग्राम ससाबड़ स्थित महाकाली दरबार में जगतमाता महाकाली के परम भक्त श्री रामकृष्ण परमहंस जी का जन्मोत्सव 19 फरवरी 2026 को धूमधाम से उत्सव की तरह मनाया जाएगा।आयोजन को लेकर मंदिर समिति ने सभी तैयारियां भी पूरी कर ली है कल सुबह महाकाली की पूजा अर्चना के साथ कार्यक्रम विधिवत् शुभारंभ होगा जो देर शाम तक चलता रहेगा। मंदिर समिति प्रमुख कमल मालवीय ने बताया इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणजनों को प्रसाद वितरित किया जाएगा। वहीं भजन-कीर्तन एवं धार्मिक संगीतमय कार्यक्रमों का आयोजन भी होगा। मंदिर समिति ने समस्त श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

एमपी बजट 2026: वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा करेंगे पेश, CM बोले—राज्य में होगा अनोखा बदलाव

भोपाल   मध्य प्रदेश विधानसभा में आज बुधवार, 18 फरवरी को बजट 2026 (Madhya Pradesh Budget 2026) पेश किया जाएगा. राज्य के वित्त मंत्री वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा आज सुबह 11 बजे विधानसभा के पटल पर बजट पेश करेंगे. अगले साल 2027 के पंचायत और निकाय चुनावों को देखते हुए इस बार का बजट कई मायनों में अहम माना जा रहा है. सरकार आज बजट में महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए कुछ बड़े ऐलान कर सकती हैं. इसके अलावा कुछ नई विकास योजनाओं की भी घोषणा की जा सकती हैं.  विधानसभा में बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक होगी, जिसमें इस बजट का मंजूरी दी जाएगी. इस बार का बजट एमपी सरकार का सबसे बड़ा बजट हो सकता है. ये बजट मोहन सरकार के कार्यकाल का तीसरा बजट होगा.  किसानों से महिलाओं तक… मोहन सरकार कर सकती है बड़ी घोषणाएं माना जा रहा है कि सरकार इसमें महिलाओं को लेकर बड़ा ऐलान कर सकती हैं. इसके अलावा किसानों को लेकर भी अहम वादे कर सकती हैं. बजट में किसानों के लिए अलग से कुछ प्रावधान किए जा सकते हैं.  इस बजट में ‘सीएम केयर’ योजना से सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार, स्टेट कार्डियक सेंटर, अंग प्रत्यारोपण संस्थान, मेडिकल कॉलेजों में कैंसर और हार्ट सुपर, 1.40 करोड़ बच्चों को मिलेगा टेट्रा पैक दूध, युवाओं के लिए 50 हजार नई भर्तियों की तैयारी में हैं. कर्ज को लेकर क्या बोले वित्त मंत्री देवड़ा वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आगे कहा कि महंगाई को लेकर केंद्र और राज्य सरकार दोनों गंभीर हैं. बजट से सभी लोगों को राहत मिलेगी. देवड़ा ने बताया कि एमपी में कर्ज नहीं निवेश है. पूंजीगत कार्यों के लिए कर्ज लिया जाता है. ऐसा कोई प्रदेश नहीं है, जिसने कर्ज लेकर काम नहीं किया हो. हम समय पर ब्याज देते हैं और कर्ज चुकाते हैं. कर्ज लिमिट में है. कांग्रेस सरकार ने कर्ज लेकर वेतन भत्ते में खर्च किया, जबकि बीजेपी की सरकार ने पूंजीगत व्यय में खर्च किया. वित्त मंत्री देवड़ा ने आगे कहा कि पहले जीरो बजटिंग के हिसाब से बजट था. अब रोलिंग बजट के हिसाब से हमने प्रयोग किया है. बजट के जरिए 3 साल आगे तक का रोडमैप तैयार किया है, जिसका वित्तीय प्रबंधन में लाभ मिलेगा. कैबिनेट में आज नई आबकारी नीति (MP New Excise Policy) आ सकती है. आगामी बजट पूरी तरह जनता को समर्पित: देवड़ा वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश का आगामी बजट पूरी तरह जनता को समर्पित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बजट “जनता का और जनता के लिए” होगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने बजट में चार प्रमुख वर्गों महिला, युवा, किसान और गरीब पर विशेष फोकस किया है। इन वर्गों के सशक्तिकरण और विकास के लिए ठोस प्रावधान किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष को सरकार ने ‘उद्योग वर्ष’ के रूप में मनाया था, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया और निवेश को बढ़ावा मिला। वहीं इस वर्ष को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में समर्पित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश है कि किसान आत्मनिर्भर बनें और उनकी आय में वृद्धि हो। बजट में इस दिशा में विशेष ध्यान रखा गया है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि बजट निर्माण प्रक्रिया में आम जनता से मिले सुझावों को भी शामिल किया गया है, ताकि यह बजट अधिक सहभागी और जनहितकारी बन सके। सीएम बोले- अनूठा नवाचार करने जा रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- मध्य प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा, जो अनूठा नवाचार करने जा रहा है। हमारे इस बजट में अगले 3 साल का खाका होगा, जिसमें इस वर्ष के विस्तृत बजट के साथ अगले 2 साल की विकास योजनाओं की आउटलाइन भी शामिल रहेगी। नेता प्रतिपक्ष बोले- बजट जमीनी हकीकत से दूर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- बजट में प्रदेश को नई सौगात नहीं मिलने वाली। बेहतर बजट वो होता है, जो आम जनता को लाभ पहुंचाए। यह जमीनी हकीकत से दूर का बजट है। बीजेपी की सपने दिखाने की आदत है। बजट एससी-एसटी, किसान, ओबीसी किसी के पक्ष में नहीं है। जो पुरानी योजनाएं चल रही हैं, उन्हीं को नए आंकड़ों के साथ लाएंगे। किसान की आय दोगुनी नहीं कर सकते। किसान को काम नहीं देना चाहते और किसानों का वर्ष मना रहे हैं।  

पुलिस विभाग में हलचल, लंबे समय से तैनात अफसरों के तबादले की संभावना बढ़ी

इंदौर मध्य प्रदेश में विधानसभा का बजट सैशन चल रहा है और सदन में बीजेपी-कांग्रेस के बीच जबरदस्त घमासान देखा जा रहा है । वहीं दूसरी ओर अब एक हलचल पुलिस महकमे में मचने वाली है। जानकारी के मुताबिक जल्द ही प्रशासनिक फेरबदल किए जाने के संकेत है। दरअसल लंबे समय से एक ही जगह सेवाएं दे रहे  पुलिस अफसरों के तबादले को लेकर आहट तेज हो गई है। बहुत जल्द ये तबादला सूची जारी होने की संभावना जताई जा रही है। इस सूची में इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के साथ ही पास के  जिलों के कई अधिकारियों को बदलाव सहन करना पडेगा । क्यों होने जा रहा  है प्रशासनिक फेरबदल? इस प्रशासनिक फेरबदल के पीछे कई वजहें सामने आ रही हैं । जानकारी के मुताबिक, कानून-व्यवस्था, अपराध में सुधार लाने के साथ ही  पुलिस को जवाबदेह बनाने के मकसद से  पुलिस महकमे में बदलाव का मसौदा तैयार कर लिया गया है। बदलाव बडे स्तर पर होगा जिसमें एसपी से लेकर डीआइजी स्तर तक के अधिकारी होगें। इसके साथ ही निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को यहां से वहां किए जाने की खबर है। कब तक है ये फेरबदल संभव? जानकारी है कि अभी बजट सत्र चल रहा है लेकिन फरवरी के लास्ट हफ्ते तक  प्रशासनिक सर्जरी की पूरी संभावना है। इस प्रशासनिक सर्जरी के तहत आइपीएस और डीआइजी स्तर के करीब 2 दर्जन अधिकारी प्रभावित होंगे। वहीं दूसरे ओर  लंबे समय से एक ही जिले और थाने में चिपके बैठे अधिकारियों पर भी नजर है।  गृह विभाग ने इस संबंध में समीक्षा कर ली है। गृह विभाग द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के सुझाव और दिशा-निर्देशों पर चर्चा के बाद सूची फाइनल हो जाएगी। वहीं इंदौर डीआरपी लाइन में निरीक्षक स्तर के करीब 1 दर्जन पुलिस अधिकारी थाना मिलने के इंतजार में हैं। वहीं जानकारी के मुताबिक पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने, असंतोषजनक कार्यशैली, विभागीय जांच जैसे कई  बिंदुओं का आकलन किया गया है।  

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