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छोटे बच्चों और अभिभावकों के लिए समस्या: 5वीं-8वीं के परीक्षा केंद्र 5 किमी दूर भेजे गए

भोपाल  प्रदेश में 5वीं और 8वीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। इस परीक्षा में करीब 25 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे, जिनके लिए प्रदेश भर में लगभग 12 हजार से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। ये परीक्षा केंद्र मूल विद्यालय से पांच किलोमीटर दूर के विद्यालयों में बनाए जाने से परीक्षार्थी और अभिभावकों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। परीक्षा 20 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित की जाएगी और इसके लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। राज्य शिक्षा केंद्र के नियमों के अनुसार छोटे विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र स्कूल से कम दूरी पर बनाए जाने चाहिए, ताकि उन्हें आने-जाने में परेशानी न हो। राज्य शिक्षा केंद्र ने एक से तीन किमी के अंदर तक केंद्र बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कई जगहों पर केंद्र चार से पांच किलोमीटर दूरी पर बनाए जाने की शिकायत सामने आ रही हैं। 5वीं व 8वीं की यह परीक्षा माध्यमिक शिक्षा मंडल के पैटर्न पर आयोजित की जा रही है। इसमें सरकारी, निजी स्कूलों तथा मदरसों के विद्यार्थी शामिल होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या और ज्यादा गंभीर हो सकती है, क्योंकि वहां परिवहन की सुविधा सीमित रहती है। छोटे बच्चों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए अधिक समय और संसाधनों की जरूरत पड़ेगी। अभिभावकों का कहना है कि अधिक दूरी होने से बच्चों की सुरक्षा और समय पर पहुंचने की चिंता बढ़ जाती है। निजी स्कूलों को अधिक बनाए गए केंद्र भोपाल जिले में 201 केंद्रों पर करीब 78 हजार बच्चे शामिल होंगे। इसमें पुराने शहर में जनशिक्षा केंद्र प्रभारी एवं जनशिक्षक के प्रस्ताव को नजरअंदाज कर विकासखंड स्रोत समन्वयकों ने सरकारी के बदले निजी स्कूलों को केंद्र बना दिया गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि केंद्र विद्यार्थियों की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखकर तय किए जाते हैं।  

सागर के रुद्राक्ष धाम में रामकथा में शामिल हुए शिवराज सिंह, भूपेंद्र सिंह को बताया सौभाग्यशाली

सागर  कथा तो भगवान की ही सुनने लायक है. हर जीव के पास उसकी कथा से ज्यादा उसकी व्यथा है. भगवान की कथा जीव की व्यथा का हरण कर लेती है. प्रभु की कथा हम जितनी बार सुनते हैं नित्य नई लगती है और मन को शांति प्रदान करती है. ये बात पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने व्यासपीठ से कही. पिछले सात दिनों से सागर स्थित रुद्राक्ष धाम में श्रीराम कथा का आयोजन चल रहा था, जिसका शुक्रवार 6 फरवरी को समापन हो गया. इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह और गोपाल भार्गव सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए. इसके बाद शिवराज सिंह ने रुद्राक्ष धाम पहुंचकर दक्षिण मुखी हनुमान जी के दर्शन और आरती कर आशीर्वाद लिया. कथा शुरू से आखिरी तक पढ़नी और सुननी चाहिए प्रेमभूषण जी महाराज ने कहा कि श्रीरामचरितमानस में भगवान की पूरी कथा है. मानस जी में ही लिखा है कि “भगवान की कथा अति हरि कृपा होने से ही प्राप्त होती है. कथा प्रारंभ से अंत तक पढ़नी और सुननी चाहिए, खंडित करके नहीं. जैसे कक्षा 2, 4, 5 में नहीं पढ़कर सीधे मास्टर की पढ़ाई नहीं की जा सकती.” दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की सागर के रुद्राक्ष धाम में पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह द्वारा सात दिवसीय रामकथा का आयोजन कराया गया. पं. प्रेमभूषण महाराज की राम कथा को सुनने के लिए रोजाना हजारों की संख्या में भक्तगण पंडाल में पहुंचे. वहीं 1 फरवरी को दक्षिणमुखी श्याम वर्ण हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया है. इस कार्यक्रम में स्थानीय नेता और जनप्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर राम कथा का श्रवण किया. राम कथा सुनने सागर पहुंचे शिवराज सिंह श्रीराम कथा को सुनने के लिए शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सागर पहुंचे. जहां विधायक शैलेंद्र जैन, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया और देवरी विधायक बृज बिहारी पटेरिया समेत अन्य बीजेपी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया. इसके बाद वे सड़क मार्ग से होते हुए रुद्राक्ष धाम पहुंचे. यहां पहुंचकर उन्होंने प्रेमभूषण महाराज का पूजन कर आशीर्वाद लिया और भगवान के दर्शन कर कथा में शामिल हुए. ‘सच्चा आनंद नेता बनने में नहीं बल्कि सेवक बनने में है’ मंच से भक्तों को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा,”सच्चा आनंद नेता बनने में नहीं बल्कि सेवक बनकर कार्य करने में है. मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति और आनंद की अनुभूति है. शास्त्रों में भगवान को प्राप्त करने के 3 मार्ग बताए गए हैं ज्ञान, भक्ति और कर्म. मानव जीवन का परम लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति और समाज कल्याण के लिए होना चाहिए.” ‘बड़े सौभाग्यशाली हैं भूपेंद्र सिंह’ मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “व्यासपीठ पर विराजमान परमपूज्य पं. प्रेमभूषण जी महाराज का जीवन प्रेम, ज्ञान और भक्ति का अनुपम उदाहरण है. आत्मा के मोक्ष और जगत के कल्याण के लिए की जाने वाली उनकी कथाएं समाज को सही दिशा देती हैं.” उन्होंने कहा कि “दक्षिणमुखी हनुमान जी के भव्य मंदिर का निर्माण कराने वाले भूपेन्द्र सिंह वास्तव में सौभाग्यशाली हैं. ऐसे कार्य केवल ईश्वर की विशेष कृपा से ही संभव होते हैं.” ‘रुद्राक्ष धाम के कण-कण में शिव हैं’ खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने कहा, “पिछले 7 दिनों में भगवान श्री राधाकृष्ण और दक्षिणमुखी हनुमान के दर्शन और श्रीरामकथा का आप सभी ने धर्म लाभ लिया. रुद्राक्ष धाम भगवान की जागृत भूमि है. यहां हमारे गुरु देव प्रभाकर शास्त्री दद्दा के सानिध्य में 2014 में 7 दिवस में 39 करोड़ पार्थिव शिवलिंग का निर्माण और उनका रुद्र अभिषेक हुआ था. ऐसा सौभाग्य प्राप्त करने वाली यह भारत की इकलौती भूमि है. 108 पुराण, श्रीमद्भागवत कथा भी उन 7 दिनों में हुई, इसलिए इसका नाम रुद्राक्ष धाम रखा गया, यहां के कण कण में शिव हैं.” 

गुटखा व्यापारी वाधवानी को कोर्ट का झटका, केस ट्रांसफर की अर्जी खारिज, आधार पर उठाए सवाल

इंदौर  करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी मामले में फंसे गुटखा व्यापारी किशोर वाधवानी को जिला कोर्ट से झटका लगा है। वाधवानी का केस एडीजे शुभ्रा सिंह की कोर्ट में चल रहा है। वाधवानी ने इस केस को किसी अन्य न्यायालय में ट्रांसफर करने के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष एक आवेदन दिया था। उसका कहना था कि जज शुभ्रा सिंह के पिता से उसके घनिष्ठ संबंध रहे हैं। ऐसे में निष्पक्ष सुनवाई और भविष्य में किसी विवाद से बचने के लिए केस को ट्रांसफर करना जरूरी है। अभियुक्तों से कभी कोई संबंध नहीं रहा इधर जज शुभ्रा सिंह ने कोर्ट को भेजी टिप्पणी में स्पष्ट कहा कि उनके पिता जस्टिस सिंह का अभियुक्तों से कभी कोई संबंध नहीं रहा। न तो उन्होंने अपने पिता से अभियुक्तों के संबंध में कभी कोई चर्चा सुनी और न ही अभियुक्तों को उनके पिता के निवास पर आते-जाते देखा। उनकी कोर्ट में पहले भी ये केस चला है, जिसे उन्होंने निराकृत किया था तथा उस समय कोई आपत्ति नहीं की गई थी। वह वर्ष 2009 से मार्च 2012 तक इंदौर में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट-सीबीआइ थीं और उस दौरान भी उन्होंने अभियुक्तों के प्रकरणों की सुनवाई की थी। 17 सितंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक केस चलाया वर्तमान में उन्होंने 17 सितंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक केस चलाया है। चूंकि वह लगातार आरोप पर बहस के लिए कह रही हैं और इसके लिए लंबी-लंबी तारीख नहीं दी जा रही थीं, संभवत: इसी कारण से यह स्थानांतरण आवेदन प्रस्तुत किया गया है।  

चंदेरी से पीएम श्री हेलीकॉप्टर सेवा शुरु करने की तैयारी

चंदेरी इस पर्यटन नगरी से पीएम श्री पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा प्रारंभ किए जाने के लिए पर्यटन सचिव डॉ इलैयाराजा.टी द्वारा कलेक्टर अशोकनगर को चंदेरी हेलीपैड पर सुरक्षा व्यवस्था, एम्बुलेंस तथा फायर ब्रिगेड आदि की सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया है।  चंदेरी से पीएम श्री हेलीकॉप्टर सेवा प्रारंभ किए जाने की मांग का व्यापक असर देखने को मिला है। क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की अनुशंसा पर मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है जिस पर पर्यटन सचिव डॉ इलैयाराजा टी के द्वारा कलेक्टर जिला अशोकनगर को पीएम श्री हेलीकॉप्टर सेवा प्रारंभ किए जाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में पत्र लिखा है। जिससे शीघ्र ही सचिव पर्यटन के पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि, जेट सर्व एवियशन प्राइवेट लिमिटेड हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन प्रारंभ करेगी और भोपाल चंदेरी ओरछा के बीच हेलीकॉप्टर सेवा रहेगी।  सुरक्षा व्यवस्था एंबुलेंस एवं फायर ब्रिगेड पर आने वाले खर्च के लिए सर्विस प्रदाता एजेंसी जेट एवियशन इसका भुगतान करेगी और मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड इसके लिए कार्रवाई करेगा। चंदेरी एक पर्यटन नगरी होने के साथ-साथ बॉलीवुड के आकर्षण का केंद्र भी बनती जा रही है जहां पर फीचर फिल्म एवं धारावाहिकों की शूटिंग होती रहती है। कई पर्यटक भी हवाई सेवा का लाभ लेना चाहते थे, अब चंदेरी से हेलीकॉप्टर सेवा नियमित रूप से प्रारंभ होने जा रही है यह चंदेरी पर्यटन में बहुत बड़ी कार्रवाई हो रही है जिसका लाभ भविष्य में चंदेरी को अवश्य मिलेगा।

इंदौर में मोबाइल पर भेजा गया शादी का कार्ड, लिंक पर क्लिक करने से अकाउंट खाली हो सकता है

 इंदौर इंदौर में साइबर ठगों ने ठगी का ऐसा तरीका अपनाया कि लोग पहले चौंके, फिर सतर्क हो गए. मामला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सदाशिव यादव के नाम से जुड़े एक फर्जी शादी के निमंत्रण कार्ड का है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. यह डिजिटल कार्ड लोगों को शादी का न्योता दे रहा था, साथ में एक लिंक भी, जिस पर क्लिक करने की अपील की गई थी. शहर के कई लोगों के मोबाइल पर जब यह इनविटेशन कार्ड पहुंचा तो पहले तो उन्होंने इसे सामान्य समझा. तारीख लिखी थी… 24 फरवरी 2026… और भाषा भी बिल्कुल औपचारिक. लेकिन कुछ लोगों को लिंक देखकर शक हुआ. उधर, जब यह कार्ड खुद सदाशिव यादव तक पहुंचा, तो वे भी हैरान रह गए. उन्होंने तुरंत स्पष्ट किया कि यह इनविटेशन कार्ड पूरी तरह फर्जी है और उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया गया है. सदाशिव यादव ने तुरंत सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट जारी कर लोगों को आगाह किया. उन्होंने कहा कि उनका मोबाइल या सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर ये फैलाया जा रहा है. उन्होंने सभी परिचितों, कार्यकर्ताओं और रिश्तेदारों से अपील की कि इस कार्ड में दिए गए किसी भी लिंक को न खोलें और न ही इसे आगे फॉरवर्ड करें. इस मामले की जांच में सामने आया कि यह पूरा मामला साइबर ठगी से जुड़ा हो सकता है. ऐसे मामलों में ठग फर्जी निमंत्रण, कूरियर या इवेंट लिंक भेजकर लोगों से क्लिक करवाते हैं, जिससे उनके मोबाइल या बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच बनाई जा सके. कई बार लिंक पर क्लिक करते ही मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है या फर्जी वेबसाइट पर ले जाकर निजी जानकारी मांगी जाती है. इस मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस और साइबर सेल सक्रिय हो गई. एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी कार्ड किस प्लेटफॉर्म से बनाया गया और सबसे पहले किस अकाउंट से शेयर हुआ. डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान लिंक, डिजिटल कार्ड या संदिग्ध मैसेज से सावधान रहें, भले ही वह किसी परिचित या बड़े नाम से क्यों न आया हो. किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें.

विधायक दिनेश राय मुनमुन के करकमलों से किये गये लाखों के विकास कार्यों के भूमिपूजन

 सिवनी  पिछले दिनों सिवनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन जी ने विधानसभा के सर्वांगीण विकास को गति देने के संकल्प के साथ क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर लाखों की लागत वाले सामुदायिक भवनों, टीन-शेड, नाली, सीसी मार्ग और सौंदर्यीकरण कार्यों का भूमिपूजन कर जनसंपर्क किया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भाजपा विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन जी के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं संघन जनसंपर्क का कारवां प्रातः 10:00 बजे ग्राम ढेंकी से प्रारंभ हुआ और देर शाम तक विभिन्न पंचायतों में उत्साह के साथ जारी रहा।भूमिपूजन एवं जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन जी ने ग्राम परतापुर के शांतिधाम में स्थाई शेड, लखनवाड़ा में स्नान घाट व गार्डन सौंदर्यीकरण और संगई में नए स्नान घाट का भूमिपूजन किया गया। तथा ग्राम ढेंकी, जैतपुर कलां, कन्हरगांव, चांवडी, गोपालगंज, सुकवाह और बोरदई में भव्य सामुदायिक भवन निर्माण की आधारशिला रखी। वही ग्राम कातलबोडी में टीन-शेड, भण्डारपुर में अतिरिक्त कक्ष और बोरदई टेकरी में सीसी रोड व नाली निर्माण जैसे जनहितैषी निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर गांव-गांव मे कलश लेकर ढोल-बाजे से आगवानी की गयी तथा फूलमालाओं से आत्मीय स्वागत किया गया। इसके अलावा श्री राय ने ग्राम बोरदई मे श्री हरीश सनोडिया द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा मे सहभागिता किया। इस दौरान विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन जी ने कहा कि ​मेरा लक्ष्य केवल ईंट पत्थर का ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। हर गांव को मुख्यधारा से जोड़ना ही मेरी प्राथमिकता है। इसके साथ ही विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन जी ने केवल विकास कार्यों का भूमिपूजन ही नहीं किया, बल्कि चौपाल लगाकर आमजनों से सीधा संवाद किया। और ग्रामीणों की समस्याओं को पूरी आत्मीयता से सुना और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। इस अवसर पर सर्वश्री नितेश सनोडिया जी अध्यक्ष भाजपा मंडल लखनवाड़ा, रामजी चंद्रवंशी जी अध्यक्ष भाजपा मंडल करकोटी, श्याम मिलन पांडे जी, अभिषेक दुबे जी अध्यक्ष दक्षिण नगर मंडल, युवराजसिंह राहंगडाले जी अध्यक्ष उत्तर नगर मंडल, नितेन्द्र गुड्डू बघेल जी, विनय बघेल जी, राजू यादव जी, आसिफ जरदारी जी सरपंच, सचिन ठाकुर जी, विट्ठल पटेल जी, योगेश उईके जी सरपंच, नंदू यादव जी, राज पटेल जी, विनीश दुबे जी सहित भाजपा कार्यकर्ताओं, जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य, सरपंच, उपसरपंच, सचिव, पंचगणों ग्रामीणों एवं विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों की गरिमामय उपस्थिति रही।

मंदसौर में बछड़े के कटा सिर मिलने पर विरोध प्रदर्शन, आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के कारण आज बंद

मंदसौर मंदसौर शहर के जीवागंज क्षेत्र में बछड़े का कटा सिर मिलने के मामले में आरोपित की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में सर्व हिंदू समाज, विहिप और ओर बजरंग दल ने शनिवार को मंदसौर बंद रखा। सुबह से ही रैली निकालकर कार्यकर्ता शहर में घूमकर दुकानें बंद कराते रहे। उल्लेखनीय है कि 5 फरवरी को 3 बजे जीवागंज में गाय के बछड़े का कटा हुआ सिर मिलने के बाद हिंदू संगठन कार्यकर्ताओं ने नयापुरा रोड पर कुछ देर चक्काजाम कर दिया था। आज बंद की दी थी चेतावनी इस दौरान पुलिस अधिकारियों व हिंदू संगठन पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के बीच तनातनी भी हुई थी। बाद में सभी रैली के रुप में घंटाघर पर शहर कोतवाली पहुंचे व ज्ञापन सौपा। जिसमे चेतावनी दी गई कि जल्द ही आरोपियों को नहीं पकड़ा गया तो 7 फरवरी को मंदसौर बंद करेंगे। इसके बाद 8 फरवरी को राजमार्ग को बंद करेंगे। पुलिस ने अभी जीवागंज वाले मामले में आरोपित को नहीं पकड़ा है। इसके चलते शनिवार सुबह से ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता शहर में घूमकर बंद कराते रहे।  

एनजीटी का आदेश: केरवा डेम में निजी भूमि नियमों से बाहर नहीं, 33 मीटर दायरे में हुआ भराव हटेगा

भोपाल  निजी जमीन का हवाला देकर पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती. इसको लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. एनजीटी ने जलस्रोतों, हरित क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में हो रहे अवैध निर्माण और अन्य गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाते हुए कई स्थानों पर रोक लगा दी है. एनजीटी का कहना है कि पर्यावरण की कीमत पर विकास की मंजूरी नहीं दी जा सकती है. कैचमेंट एरिया में हो रहा हस्तक्षेप गंभीर एनजीटी के समक्ष आए मामलों में पाया गया कि कई जगहों पर निजी स्वामित्व की जमीन होने का तर्क देकर खनन, निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियां की जा रही थीं. इस पर एनजीटी ने स्पष्ट कर दिया है कि पर्यावरण कानून सभी पर समान रूप से लागू होते हैं, चाहे निजी जमीन हो या सरकारी. एनजीटी ने खास तौर पर नदियों, तालाबों, जलाशयों और उनके कैचमेंट एरिया में हो रहे हस्तक्षेप को गंभीर माना है. इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की गतिविधि से पहले पर्यावरणीय स्वीकृति अनिवार्य बताई गई है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केरवा डेम के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) की स्पष्ट मार्किंग करने, उसका जोन ऑफ इन्फ्लुएंस यानी प्रभाव क्षेत्र तय करने और अतिक्रमण रोकने के लिए महीने में दो बार नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।  ट्रिब्यूनल ने यह निर्देश पिछले साल केरवा डेम के एफटीएल क्षेत्र में 2000 डंपर मिट्टी व निर्माण सामग्री के भराव को लेकर आई खबरों के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए दायर याचिका पर दिए हैं। एनजीटी ने साफ किया है कि बफर जोन में आने वाली निजी भूमि पर भी पर्यावरण से जुड़े सभी कानून-नियम पूरी तरह लागू होंगे। ऐसे में डेम के एफटीएल से 33 मीटर के दायरे में निजी जमीन पर किया गया भराव भी हटाना होगा। गौरतलब है कि पिछले साल एनजीटी के निर्देश पर कलेक्टर, सीपीसीबी, एमपीपीसीबी व स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी के प्रतिनिधियों की संयुक्त समिति गठित की गई थी। शेष | पेज 12 पर वेटलैंड अथॉरिटी तय करेगी प्रभाव क्षेत्र     एनजीटी ने स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी को केरवा डेम का जोन ऑफ इन्फ्लुएंस तय करने के निर्देश दिए हैं, जबकि सीमांकन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को सौंपी गई है। जोन ऑफ इन्फ्लुएंस में जलाशय के एफटीएल के साथ-साथ कैचमेंट एरिया में आने वाली नदियों और नालों का भी सीमांकन किया जाएगा। इन क्षेत्रों के आसपास निर्माण गतिविधियों पर रोक रहेगी।     निजी भूमि का तर्क नहीं चलेगा… एनजीटी ने आदेश में स्पष्ट किया है कि एफटीएल व बफर जोन के भीतर निजी स्वामित्व का दावा पर्यावरण कानूनों से छूट का आधार नहीं बन सकता। ट्रिब्यूनल ने संकेत दिए हैं कि यदि निर्धारित क्षेत्र में किया गया भराव नहीं हटाया गया तो संबंधित विभागों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। दोषियों से होगी पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई एनजीटी ने संबंधित जिलों के कलेक्टर, नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में चल रही गतिविधियों की जांच करें और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करें. एनजीटी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि आदेशों की अवहेलना करने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है. साथ ही, पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई भी दोषियों से कराई जाएगी. वेटलैंड रुल्स 2017 का हो रहा उल्लंघन इस मामले में शिकायतकर्ता राशिद नूर खान ने बताया कि “भोपाल के ग्राम महुआखेड़ा स्थित केरवा डैम के फुल टैंक लेवल और आसपास के क्षेत्र में 2000 से अधिक डंपरों से कोपरा, मुर्रम और काली मिट्टी डाली गई है. इसका उद्देश्य जलाशय और उसके कैचमेंट क्षेत्र को समतल कर भविष्य में प्लॉटिंग और निर्माण गतिविधियां करना बताया गया है. जो वेटलैंड नियम 2017 और पर्यावरण कानूनों का सीधा उल्लंघन है.” संयुक्त समिति की रिपोर्ट से हुआ खुलासा एनजीटी द्वारा गठित संयुक्त समिति ने स्थल निरीक्षण में पाया कि फुल टैंक लेवल की चिन्हांकित सीमा के भीतर करीब 10 फीट तक कोपरा से अवैध भराव किया गया है. इससे डैम की जल भंडारण क्षमता, संरचनात्मक सुरक्षा और पारिस्थितिकी को गंभीर खतरा बताया गया. समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि निजी भूमि पर किया गया भराव भी सीधे जल निकाय को प्रभावित कर रहा है. एनजीटी ने स्पष्ट कहा कि भूमि का निजी होना पर्यावरणीय उल्लंघन को वैध नहीं बनाता. 33 मीटर बफर जोन के उल्लंघन को स्वीकार करते हुए मिट्टी और कोपरा हटाने के नोटिस को सही ठहराया गया. सख्त निर्देश और निगरानी के आदेश एनजीटी ने जल संसाधन विभाग को एफटीएल क्षेत्र की नियमित निगरानी, जिला प्रशासन को अतिक्रमण हटाने और राज्य वेटलैंड प्राधिकरण को 2 माह में जोन आफ इंफ्लुएंस चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सतत निगरानी के आदेश दिए गए हैं. एनजीटी ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार है. वेटलैंड प्राकृतिक स्पंज की तरह     वेटलैंड पाटना कितना खतरनाक है…. वेटलैंड प्राकृतिक स्पंज की तरह काम करते हैं। बाढ़ रोकते हैं। भूजल रिचार्ज करते हैं। जैव विविधता बचाते हैं।     जोन ऑफ इन्फ्लुएंस क्यों तय होता है… इसमें वे इलाके आते हैं-जहां भूजल स्तर प्रभावित होता है, जहां बाढ़ या जलभराव का खतरा रहता है, जहां पर्यावरण व वेटलैंड सुरक्षित रखना जरूरी होता है। केरवा डेम महत्वपूर्ण क्यों? केरवा-कलियासोत का वन क्षेत्र आपस में जुड़ा है, जो जैव विविधता के लिहाज से संवेदनशील। केरवा से कोलार क्षेत्र में रोज करीब 22.5 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति होती है।  

कर्नल सोफिया विवाद: मंत्री विजय शाह ने मीडिया से दूरी बनाई, 9 फरवरी को होगी मामले की सुनवाई

भोपाल  भाजपा प्रदेश मुख्यालय में  समस्याएं सुनने पहुंचे जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह उस वक्त असहज नजर आए, जब मीडिया ने उनसे सुप्रीम कोर्ट में लंबित प्रकरण को लेकर सवाल पूछ लिया. सवाल सुनते ही मंत्री विजय शाह बिना कोई प्रतिक्रिया दिए सीधे वाहन में बैठकर रवाना हो गए. हालांकि, इसके बाद स्वास्थ्य राज्य मंत्री शिवाजी पटेल को अकेले प्रेस ब्रीफिंग की. मंत्री शाह और पटेल ने सुनी समस्या भाजपा संगठन द्वारा कार्यकर्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से प्रदेश मुख्यालय में मंत्रियों की ड्यूटी तय की गई है. प्रतिदिन दोपहर 1 से 3 बजे तक प्रदेशभर से कार्यकर्ता अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं. जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव होता है, उनका मौके पर निराकरण किया जाता है, जबकि अन्य मामलों को संबंधित विभागों को भेजा जाता है. शुक्रवार को यह जिम्मेदारी मंत्री विजय शाह और मंत्री शिवाजी पटेल को सौंपी गई थी. मीडिया के सवालों से बचते दिखे विजय शाह कार्यकर्ताओं की सुनवाई के बाद जैसे ही दोनों मंत्री कार्यालय से बाहर निकले, मीडिया ने जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह से उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले को लेकर सवाल किया. सवाल सुनते ही मंत्री बिना कुछ कहे वाहन में बैठकर निकल गए. विशेषज्ञों का मानना है कि मध्यप्रदेश सरकार मंत्री विजय शाह के मामले में जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहती. इसलिए अभियोजन की मंजूरी को लेकर सरकार सुप्रीम कोर्ट से अतिरिक्त समय मांगने की तैयारी में है. सरकार को 3 दिन में देना होगा जबाव 20 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में सुनवाई करते हुए एसआईटी की सीलबंद रिपोर्ट देखने के बाद कहा था कि जांच पूरी हो चुकी है और मंत्री के खिलाफ अभियोजन की अनुमति मांगी गई है. कोर्ट ने सरकार को दो सप्ताह में अभियोजन का निर्णय लेकर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे. अब इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 9 फरवरी को है, जबकि कार्यदिवसों के आधार पर सरकार के पास अभी लगभग तीन दिन का समय बचा है. सुप्रीम कोर्ट में सरकार को देना है जवाब मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन (प्रोसिक्यूशन) की मंजूरी के मामले में मध्यप्रदेश सरकार को 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना है। इससे पहले कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। सरकारी और राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से और समय मांग सकती है। तर्क यह दिया जाएगा कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और विस्तृत परीक्षण जरूरी है। यही रुख शुरुआत से मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) का भी रहा है। पार्टी और विधि विशेषज्ञों से राय-मशविरा सूत्रों के अनुसार, इस मसले पर पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ अटार्नी जनरल और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से भी सलाह ली गई है। लंबी चर्चा के बाद यह संकेत मिले हैं कि सरकार 9 फरवरी की सुनवाई में समय विस्तार की मांग कर सकती है, जिससे सुनवाई आगे बढ़ने की संभावना है। सरकार ने रिपोर्ट दिल्ली भेजी मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी मंशा से जुड़ी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करने के लिए दिल्ली भेज दी है। इस संबंध में एसीएस गृह शिवशेखर शुक्ला, सचिव गृह कृष्णा वेणी देशावतु और अतिरिक्त सचिव मनीषा सेंतिया दिल्ली गए थे। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, 9 फरवरी को अभियोजन से जुड़े बिंदु पर सुनवाई संभावित है, जबकि 11 फरवरी को मामले के अन्य पहलुओं पर सुनवाई हो सकती है। तीन सदस्यीय SIT कर रही जांच विजय शाह प्रकरण की जांच तीन सदस्यीय एसआईटी कर रही है, जिसमें प्रमोद वर्मा, कल्याण चक्रवर्ती और वाहिनी सिंह शामिल हैं। एसआईटी पहले भी विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय मांग चुकी है। विजय शाह ने पिछले साल महू में दिया था बयान 11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था- ‘उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।’ शाह ने आगे कहा- ‘अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।’ बजट सत्र के बाद हो सकती है कार्रवाई एसआईटी छह माह पहले ही अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप चुकी है, जिसमें आरोपों की पुष्टि करते हुए मुकदमा चलाने की सिफारिश की गई है. अब अंतिम निर्णय सरकार और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा लिया जाएगा. माना जा रहा है कि विधानसभा के बजट सत्र के बाद सरकार और पार्टी मंत्री विजय शाह के खिलाफ एकशन ले सकते हैं.

उमरिया में 7° तापमान, 10 जिलों में हल्का कोहरा, भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में पारा लुढ़केगा

भोपाल  मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार रात तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। इससे सर्दी का असर और गहरा हो गया है। उमरिया सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रीवा, खजुराहो, मंडला और सतना जैसे शहरों में भी पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत बड़े शहरों में भी सर्दी के इस नए दौर काअसर साफ नजर आ रहा है। करीब एक हफ्ते राहत नहीं मौसम विभाग के अनुसार- आने वाले दिनों में ठंड से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। 8 फरवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है। इसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा। हालांकि, 10 फरवरी से पहले बारिश या ओलावृष्टि की संभावना कम है, लेकिन कोहरा और सर्द हवाओं के चलते ठिठुरन और बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। कटनी के करौंदी में सबसे कम तापमान प्रदेश का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.6 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, राजगढ़-उमरिया में 8 डिग्री, शाजापुर में 8.1 डिग्री, नौगांव-पचमढ़ी में 8.6 डिग्री, सतना में 9.2 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, मंडला-सीधी में 9.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है। उमरिया सबसे ठंडा शहर रहा, जहां पारा गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि जबलपुर में 10.8 डिग्री और उज्जैन में 13 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, उमरिया के बाद रीवा दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में भी 7.4 डिग्री, मंडला में 7.9 डिग्री, नौगांव में 8.8 डिग्री, सतना में 8.9 डिग्री, राजगढ़ और शिवपुरी में 9 डिग्री, पचमढ़ी में 9.4 डिग्री तथा दमोह और मलाजखंड में 9.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। इधर, प्रदेश में घने कोहरे का खास असर नहीं देखा गया। शनिवार सुबह भोपाल, उज्जैन, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, मंडला, सतना समेत करीब 10 जिलों में मध्यम कोहरा दर्ज किया गया, जिससे सुबह के समय हल्की ठंड और दृश्यता में कमी महसूस की गई। कटनी के करौंदी में सबसे कम तापमान प्रदेश का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.6 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, राजगढ़-उमरिया में 8 डिग्री, शाजापुर में 8.1 डिग्री, नौगांव-पचमढ़ी में 8.6 डिग्री, सतना में 9.2 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, मंडला-सीधी में 9.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है। एक नजर प्रदेश में तापमान पर MP में 4 दिन कड़ाके की ठंड  ग्वालियर-चंबल में असर ज्यादा भोपाल-उज्जैन में भी पारा गिरेगा ग्वालियर, खजुराहो समेत 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे  कटनी, शहडोल और छतरपुर सबसे ठंडे  वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सकुर्लेशन की वजह से प्रदेश में ओले-बारिश शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.6 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री राजगढ़-उमरिया में 8 डिग्री, शाजापुर में 8.1 डिग्री, नौगांव-पचमढ़ी में 8.6 डिग्री सतना में 9.2 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, मंडला-सीधी में 9.8 डिग्री रहा

लाइफ केरियर स्कूल में पुरस्कार वितरण का हुआ आयोजन।

Prize distribution ceremony was organised at Life Career School. हरिप्रसाद गोहे आमला । नगर के पहले प्रायवेट लाइफ कॅरियर सीनियर सेकेण्डरी सी.बी.एस.ई. स्कूल में पुरस्कार वितरण का आयोजन किया गया।कार्यक्रम आमला तहसीलदार शत्रुघ्नसिंह चौहान के मुख्य आतिथ्य, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आमला पंकज दरोठिया एवं थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर के विशिष्ट आतिथ्य तथा हाईकोर्ट एडवोकेट शाहिद उल्ला बेग की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। गौरतलब हो कि विद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न खेलो में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जिसमें राज्यस्तरीय खेल प्रतियोगिता व्हॉंलीबाल में पीयूष पवार एवं रक्षा कोकाटे, क्रिकेट में – तनवी चौकीकर, बैडमिंटन में – रक्षा कोकाटे ने राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लिया। वहीं संभागस्तरीय खेल प्रतियोगिताओं शतरंज में – तनय गुगनानी, मुदित गुगनानी एवं सिया कटरे, क्रिकेट में – बालिका वर्ग से खुशी खातरकर एवं भूमिका खातरकर, कबड्डी में – हर्षित गावंडे़, टेबल टेनिस में – पूर्वांश देशमुख ने बैतूल जिले का प्रतिनिधित्व किया। वार्षिक खेल महोत्सव में क्रिकेट में कक्षा 6 वी से 8वी के बेस्ट बेट्समेन- प्रिंस मीना, बेस्ट बॉलर- धर्मेश उईके, बेस्ट विकेट कीपर- इलेश कुमरे, बेस्ट फील्डर- आदित्य गिनारे, फ्यूचर स्टार- अंश कोकाटे ने पुरस्कार जीते। कक्षा 9वी से 12वी के बेस्ट बेट्समेन- अमूल्य रहडवे, बेस्ट बॉलर- अर्शिल मन्सूरी, बेस्ट विकेट कीपर- आयुश बनखेडे, बेस्ट फील्डर- शाकिर अंसारी, मेन ऑफ द सीरीज – अर्पित ने पुरस्कार जीते। व्हॉलीबाल 6वी से 12वी के बालक वर्ग से बेस्ट स्मैशर – यशवंत रावत एवं सैटर- मयंक पटवारी, तथा बालिका वर्ग से बेस्ट स्मैशर- कनक शरनागत एवं सैटर- त्रिशा घोटे ने पुरस्कार जीते। कबड्डी 6वी से 8वी में बेस्ट राईडर का पुरस्कार मोहित सूर्यवंशी ने जीता। बेस्‍ट स्‍टूडेंट का एवॉर्ड चैतन्‍य दामले को दिया गया। इस मौके पर तहसीलदार शत्रुघ्नसिंह चौहान ने अपने मुख्य आतिथ्य उदबोधन में कहा कि खेल शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक विकास और सामाजिक कौशल में वृद्धि करता है, यह शरीर को मजबूत बनाता है, तनाव कम करता है, एकाग्रता बढ़ाता है, टीम वर्क सिखाता है और नेतृत्व जैसे गुण विकसित करता है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंकज दरोठिया ने अपने विशिष्ट आतिथ्य उद्बोधन में कहा कि खेल जीवन की चुनौतियों का सामना करना और हार-जीत को सहजता से स्वीकार करना सिखातें है, जो व्यावहारिक जीवन में भी मददगार होते है। थाना प्रभारी मोहित ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि नियमों का पालन करना और धैर्य के साथ खेल में प्रदर्शन करना व्यक्ति को अनुशासित बनाता है। हाईकोर्ट एडवोकेट शाहिद उल्ला बेग ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि टीम गेम (जैसे क्रिकेट, फुटबॉल, व्हॉलीबाल, कबड्डी आदि) खेलने से आपसी तालमेल, सहयोग, अनुशासन और नेतृत्व के गुण विकसित होते है। इसके अतिरिक्त खेल मानसिक तनाव को कम करते हैं और दिमाग को सक्रिय रखते हैं, जिससे एकाग्रता और आत्मविश्वास में वृध्दि होती है। पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में विद्यार्थियों को एवाॅर्ड , मेडल एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन शिक्षिका सोनिका जोशी ने किया एवं शिक्षिका निशा यादव ने आभार व्यक्त किया।

IAS पुलकित गर्ग की बेटी का आंगनबाड़ी में एडमिशन, समाज में हो रही तारीफ

चित्रकूट  चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग इन दिनों एक खास फैसले को लेकर चर्चा में हैं. जहां आमतौर पर सक्षम परिवार अपने बच्चों को महंगे प्राइवेट प्ले स्कूलों में दाखिला दिलाना पसंद करते हैं, वहीं IAS अधिकारी पुलकित गर्ग ने अपनी साढ़े तीन साल की बेटी सिया का एडमिशन सरकारी आंगनबाड़ी केंद्र में कराकर मिसाल पेश की है. उनके इस कदम को सरकारी शिक्षा और आंगनबाड़ी व्यवस्था पर भरोसे के रूप में देखा जा रहा है. पुलकित गर्ग की बतौर जिलाधिकारी पहली तैनाती चित्रकूट में हुई है. पद संभालने के कुछ समय बाद जब उनकी बेटी के प्ले स्कूल में एडमिशन की बारी आई, तो उन्होंने इसे औपचारिकता की तरह नहीं लिया, बल्कि एक जागरूक अभिभावक की तरह विकल्पों की गंभीरता से पड़ताल की. उन्होंने और उनकी पत्नी ने जिले के कई निजी प्ले स्कूलों के साथ-साथ कई आंगनबाड़ी केंद्रों का भी दौरा किया. सुविधाएं, वातावरण, बच्चों की गतिविधियां और शिक्षण व्यवस्था देखने के बाद उन्होंने जिला मुख्यालय में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र को सबसे उपयुक्त पाया. जिस आंगनबाड़ी केंद्र में बेटी सिया का दाखिला कराया गया है, वहां करीब 35 बच्चे पंजीकृत हैं. सिया भी अन्य बच्चों की तरह उनके साथ बैठकर एक्टिविटीज में भाग लेती है, पढ़ाई करती है और मध्याह्न भोजन के समय सबके साथ जमीन पर बैठकर खाना खाती है. केंद्र में बच्चों के लिए खेल-खेल में सीखने का माहौल तैयार किया गया है. रंगीन दीवारें, तस्वीरें, खिलौने, एजुकेशन किट, एबीसी और नंबर चार्ट जैसे साधन हैं, जो प्राइमरी एजुकेशन को रोचक बनाते हैं. जिलाधिकारी पुलकित गर्ग का मानना है कि प्रारंभिक शिक्षा की मजबूती बड़ी बिल्डिंग्स या हाई फीस से नहीं, बल्कि सही माहौल, देखभाल और एक्टिविटी से आती है. उन्होंने कहा कि प्ले स्कूल या प्री-स्कूल स्तर की शिक्षा बच्चे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.  आंगनबाड़ी केंद्रों में सरकार की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षण और शिक्षण सामग्री पर लगातार काम किया जा रहा है. कार्यकर्ताओं को यह तय शेड्यूल दिया जाता है कि बच्चों को रोज क्या और कैसे सिखाना है- जैसे कहानियां, भावगीत, खेल गतिविधियां और बुनियादी सीख. आईएएस पुलकित गर्ग ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियमित ट्रेनिंग भी कराई जा रही है, ताकि बच्चों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा और पोषण मिल सके. छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और मानसिक विकास पर यहां विशेष ध्यान दिया जाता है. उनका कहना है कि अभिभावकों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर भरोसा करना चाहिए और छोटे बच्चों को वहां जरूर भेजना चाहिए. आईएएस अधिकारी के इस फैसले का एक प्रशासनिक संदेश भी माना जा रहा है. यदि व्यवस्थाएं मजबूत हों तो अधिकारी खुद भी उन पर भरोसा दिखा सकते हैं. पुलकित गर्ग ने कहा कि उनका लक्ष्य जिले की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड करना है. जहां जरूरत होगी वहां मरम्मत, नवीनीकरण और संसाधन बढ़ाने का काम किया जाएगा. स्थानीय लोगों और शिक्षा से जुड़े लोगों ने इस कदम की सराहना की है. उनका कहना है कि जब जिले के शीर्ष अधिकारी खुद अपने बच्चे को आंगनबाड़ी भेजते हैं तो इससे व्यवस्था पर भरोसा बढ़ता है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता है.

होली के लिए भोपाल-रीवा रूट पर 6 स्पेशल ट्रेनें, कंफर्म टिकट पाएं, देखें पूरा शेड्यूल

भोपाल   होली त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। रेलवे रानी कमलापति और भोपाल से रीवा के लिए कुल चार जोड़ी होली स्पेशल ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है। इसके अलावा रानी कमलापति दानापुर के बीच भी द्वि-साप्ताहिक होली स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। इन ट्रेनों से सतना, कटनी, सागर, बीना सहित मध्यप्रदेश के कई जिलों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने बताया कि इस ट्रेन के स्टापेज की मांग लंबे समय से चल रही थी, जो अब मंजूर हो गई है। भोपाल–रीवा के बीच भी चलेगी स्पेशल ट्रेन गाड़ी संख्या 01704 गुरुवार 5 मार्च को सुबह 10:30 बजे भोपाल से चलकर रात 8:45 बजे रीवा पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 01703 उसी दिन रात 10:20 बजे रीवा से रवाना होकर अगले दिन सुबह 9:05 बजे भोपाल पहुंचेगी। इस ट्रेन का ठहराव भी सतना, मैहर, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, बीना और विदिशा में रहेगा। चलेंगी ये स्पेशल ट्रेनें रीवा–रानी कमलापति साप्ताहिक स्पेशल (01-01 ट्रिप) गाड़ी संख्या 02192 शनिवार 28 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे रीवा से रवाना होकर रात 9:15 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 02191 उसी दिन रात 10:15 बजे रानी कमलापति से चलकर अगले दिन सुबह 7:30 बजे रीवा पहुंचेगी। रीवा–रानी कमलापति द्वि-साप्ताहिक स्पेशल (02-02 ट्रिप) गाड़ी संख्या 02186, 2 और 3 मार्च को दोपहर 12:30 बजे रीवा से प्रस्थान करेगी और रात 9:15 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 02185 रात 10:15 बजे रानी कमलापति से चलकर सुबह 7:30 बजे रीवा पहुंचेगी। इन दोनों ट्रेनों का ठहराव सतना, मैहर, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, बीना और विदिशा स्टेशनों पर रहेगा। इन स्टेशनों में मिलेगा स्टॉपेज नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, गाडरवारा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, बक्सर और आरा में रहेगा।

MP Board Exam: ड्यूटी से इनकार करने वाले शिक्षक और कर्मचारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

ग्वालियर  माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होने वाली है। परीक्षा में जिन शिक्षकों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है, यदि वे ड्यूटी से इनकार करते हैं या अपनी ड्यूटी वाली जगह पर उपस्थिति नहीं होते हैं तो वे कार्रवाई के दायरे में आएंगे। इस संबंध में बोर्ड ने परीक्षा गाइडलाइन जारी करते समय ही एक पत्र जारी कर परीक्षा ड्यूटी में शामिल सभी शिक्षकों व कर्मचारियों की सेवा को आवश्यक सेवा के दायरे में ला दिया था। यानी ड्यूटी लगने के बाद इनकार करने या ड्यूटी वाली जगह न पहुंचने पर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। एक फरवरी से 30 अप्रैल तक अति आवश्यक सेवा घोषित राज्यपाल के गजट नोटिफिकेशन और बोर्ड के आदेशों के क्रम में जिले में भी परीक्षा कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाओं को एक फरवरी से 30 अप्रैल तक अति आवश्यक सेवाओं के दायरे में लाया गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस अवधि के दौरान परीक्षा कार्य से जुड़े किसी भी कर्मचारी की भूमिका को अनिवार्य माना जाएगा। बहानेबाजी नहीं चलेगी शिक्षक स्वास्थ्य या अन्य निजी कारणों का हवाला देकर परीक्षा ड्यूटी से नाम कटवाते हैं या मौके पर नहीं पहुंचते। लेकिन इस बार कोई बहाना नहीं चलेगा, बल्कि उन्हें प्रमाण देना पड़ेगा। यदि ऐसा नहीं करते हैं तो मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है।  

मध्य प्रदेश में सरकार का बड़ा कदम, ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगा एमएसएमई

भोपाल  मध्य प्रदेश में बड़े शहरों व कस्बों के बाद अब राज्य सरकार ग्राम पंचायत स्तर तक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों का विस्तार करेगी। एमएसएमई विभाग इसकी विस्तृत कार्ययोजना बना रहा है। इसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के माध्यम से ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और ग्राम स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके लिए पहले जिलों का पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयन कर प्रयोग किया जाएगा। ऐसी ग्राम पंचायतें चिह्नित की जाएंगी जहां सड़क, बिजली, पानी और उद्योग के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। रियायती दरों पर निवेशकों को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। भोपाल से लगी ग्राम पंचायतों को किया जा रहा चिह्नित बता दें, इंदौर के आसपास की ग्राम पंचायतों में पहले से 308 उद्योग स्थापित हैं। यहां 90.41 करोड़ रुपये पूंजीगत निवेश हुआ है और इससे 1954 लोग रोजगार पा रहे हैं। भोपाल से लगी ग्राम पंचायतों को भी चिह्नित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इनमें क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के संतुलित विकास के लिए योजनाबद्ध हस्तक्षेप आवश्यक है। जिससे विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के बीच न्यायसंगत अवसर सुनिश्चित किया जा सके। इसमें छोटे उद्यमों के लिए वित्तीय क्रेडिट को सरल बनाया जाएगा। नए उद्यमों के लिए बाजार में प्रवेश की बाधाओं का सरलीकरण किया जाएगा। एमएसएमई ऋण मूल्यांकन -कैश फ्लो आधारित जोखिम मूल्यांकन को अपनाना, वित्तीय माड्यूल को प्रशिक्षण में एकीकृत करना, सूचना विषमता को दूर करना और श्रमिक अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में काम किया जाएगा।  

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