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सीएम यादव ने कहा,

भोपाल ध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा. हैरानी जताई कि जिन लोगों ने वक्फ कानून में बदलाव का विरोध किया था, उन्हीं के यहां क्यों आग लग रही है. मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के बाद हिंसा भड़क गई थी. इस हिंसा को लेकर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर सीएम यादव ने कहा, “सच्चाई सामने आ गई है. वक्फ अधिनियम में बदलाव का विरोध करने वालों के इलाकों में आग क्यों लग रही है?” CM यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने गरीब मुसलमानों के अधिकारों के लिए वक्फ अधिनियम में संशोधन किया था, लेकिन कांग्रेस ने ‘वोट बैंक की राजनीति’ के लिए इस संशोधन पर साजिश रची, जिसका पर्दाफाश हो गया है. मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस के नेता, ममता बनर्जी और उनके सहयोगी माफी मांगेंगे. मुझे उम्मीद है कि वे वक्फ कानून में बदलाव की भावना को समझेंगे और मुसलमानों के गरीब और कमजोर वर्गों के लिए न्याय सुनिश्चित करेंगे.” कांग्रेस ने अहमदाबाद में अपनी विस्तारित कार्यसमिति की बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा है कि पार्टी सरदार वल्लभभाई पटेल के बताए रास्ते पर चलते हुए सांप्रदायिकता, धार्मिक ध्रुवीकरण और विभाजन की राजनीति के खिलाफ संघर्ष करने के लिए कमर कस चुकी है. प्रस्ताव पर पूछे गए सवाल के जवाब में CM यादव ने दावा किया, “भारत के स्वतंत्र होने के बाद पटेल ने गुजरात में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर का जीर्णोद्धार कराया और इसके उद्घाटन के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को आमंत्रित किया, लेकिन उन्होंने पटेल के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया.” लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए यादव ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नेहरू के वंशज अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर बने मंदिर में जाने से बचते हैं. (राहुल) गांधी मीडिया कवरेज के लिए कुछ भी बोल सकते हैं, लेकिन जनता उन पर कड़ी नजर रख रही है. मुख्यमंत्री यादव ने कहा, “जब आप लगातार बहुसंख्यक वर्ग के साथ अन्याय करते हैं और एक खास वर्ग के वोट पाने के लिए समाज को बांटने की कोशिश करते हैं, तो लोग आपको माफ नहीं करते.” बिहार विधानसभा चुनाव से पहले, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव के खुद को पूर्वी राज्य के मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में पेश करने से जुड़े प्रश्न का यादव ने कोई उत्तर नहीं दिया और ‘भारत माता की जय’ कहकर बातचीत खत्म कर दी.

जनता कांग्रेस को वोट नहीं दे रही है और वो इसका ठीकरा ईवीएम पर फोड़ रही :वीडी शर्मा

भोपाल अहमदाबाद कांग्रेस अधिवेशन में एक बार फिर कमलनाथ ने ईवीएम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि EVM पर सबको श़क है और ये एक बहुत बड़ा धोखा है। इस बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा है कि राहुल गांधी और कमलनाथ को फोबिया हो गया है। जनता कांग्रेस को वोट नहीं दे रही है और वो इसका ठीकरा ईवीएम पर फोड़ रही है। बता दें कि कांग्रेस लगातार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती आ रही है। कमलनाथ ने 2023 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद ईवीएम पर संदेह जताया था। राहुल गांधी ने भी हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के नतीजों के बाद ईवीएम पर सवाल उठाए थे। इसी प्रकार दिग्विजय सिंह, मल्लिकार्जुन खड़गे, तरूण गोगोई सहित कई कांग्रेस नेता ईवीएम की विश्वसनीयता पर संदेह ज़ाहिर कर चुके हैं। कमलनाथ ने ईवीएम पर उठाए सवाल गुजरात के अहमदाबाद गुजरात में कांग्रेस का अधिवेशन चल रहा है। इसमें पार्टी के शीर्ष नेता और देशभर से आए प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। यहां पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पत्रकारों से बात करते हुए एक बार फिर ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ‘ईवीएम पर सबको श़क है। EVM एक बहुत बड़ा धोखा है। अमेरिका यूरोप और जापान में ईवीएम का प्रयोग नहीं होता क्योंकि वह जानते हैं कि इसे फिक्स किया जा सकता है।’ वीडी शर्मा का पलटवार इस मुद्दे पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने राहुल गांधी, कमलनाथ और पूरी कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने कहा कि ‘कमलनाथ राहुल गांधी को फोबिया हो गया है। इन्हें सपने में भी यही दिखाई देता है। ईवीएम चुनाव नहीं जिताती है..जनता जिताती है। जनता इन्हें वोट नहीं दे रहे हैं तो इसमें ईवीएम का क्या रोल है। कांग्रेस हमेशा धनबल बाहुबल का दुरुपयोग करती रही है। पीएम मोदी ने देश में राजनीति की दिशा बदल दी है और इसीलिए हारने के बाद कांग्रेस और कमलनाथ सहित कई नेता ईवीएम पर सवाल उठा रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि ये बातें पूरी तरह बेबुनियाद हैं और ईवीएम की विश्वसनीय पर किसी तरह का संदेह नहीं किया जा सकता है।

रामेश्वर शर्मा ने जीतू पटवारी के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि आरएसएस को हराना ‘शेखचिल्ली का सपना’ है

भोपाल  बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने जीतू पटवारी के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि आरएसएस को हराना ‘शेखचिल्ली का सपना’ है। उन्होंने कहा कि ‘आरएसएस को तो चाचा नेहरू और इंदिरा गांधी भी नहीं हरा पाए।’ बता दें कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने एक दिन पहले कहा था कि ‘आरएसएस और बीजेपी एक हैं। इनके विचार और व्यवहार भी एक हैं। इन्हें एक ही दृष्टि और दृष्टिकोण से देखने की जरूरत है! अब इनके मिलकर लड़ने की जरूरत है।’ रामेश्वर शर्मा ने कहा कि आरएसएस का कार्यकर्ता सत्ता के लिए नहीं, बल्कि हिंदुस्तान की संस्कृति के लिए लड़ता है। वह राम, कृष्ण, गौतम बुद्ध और गुरु नानक की संस्कृति को बचाने के लिए लड़ता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आरएसएस से इसलिए नहीं लड़ सकती क्योंकि वह झूठी बिरयानी खाने में मस्त है, आतंकवाद का समर्थन करने में व्यस्त है और पाकिस्तान व जिन्ना की भाषा बोलने में डूबी हुई है। ‘RSS को हराना कांग्रेस का शेखचिल्ली का सपना’ रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आरएसएस को हराने और उसके खिलाफ मिलकर लड़ने के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को हराना असंभव है। उन्होंने कहा कि इसे हराने का सपना देखना “शेखचिल्ली के सपने” की तरह है। उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और कहा कि न तो जवाहरलाल नेहरू और न ही इंदिरा गांधी आरएसएस को हरा सके और आगे भी। शर्मा ने कहा कि “आरएसएस को आपके अब्बा चाचा नेहरू भी नहीं हरा पाए। चाचा नेहरू ने आरएसएस को हराने की कोशिश की, कई षड्यंत्र रचे, स्वयंसेवकों को जेल में डालने की साजिश की। इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर स्वयंसेवकों पर ज्यादती की, उनके साथ क्रूर व्यवहार किया गया, उन्हें मारा गया, सताया गया, उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। लेकिन संघ का स्वयंसेवक देहनिष्ठ कार्यकर्ता है, उसका ध्येय है मैं रहूं न रहूं, मेरा हिंदुस्तान रहना चाहिए।” कांग्रेस को आड़े हाथों लिया उन्होंने कहा कि आरएसएस का कार्यकर्ता सत्ता के लिए नहीं, बल्कि हिंदुस्तान और उसकी संस्कृति के लिए लड़ता है। रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने गांधी के विचारों को छोड़कर सत्ता को हथियाने का चरित्र अपनाया है। और सत्ता चाहे व्यक्तियों को मारकर सत्ता ली जाए या देश को जलाकर सत्ता हासिल की जाए..यही इनका इतिहास रहा है। लेकिन जब तक आरएसएस है, न हिंदुस्तान का विभाजन हो सकता है और न ही देशद्रोही ताकतें पनप सकती हैं। साथ उन्होंने कहा कि आरएसएस को कोई नहीं हरा सकता। संघ को हराना सिर्फ कांग्रेस का शेखचिल्ली का सपना है।  

वक्फ कानून गरीब और पिछड़े मुस्लिमों के हित में है, किसी भी मस्जिद को कोई नुकसान नहीं होगा: शाहनवाज हुसैन

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन ने वक्फ संशोधन कानून को लेकर विपक्ष के जरिए फैलाए जा रहे भ्रम पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह कानून गरीब और पिछड़े मुस्लिमों के हित में है और इससे किसी भी मस्जिद, दरगाह या कब्रिस्तान को कोई नुकसान नहीं होगा। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस कानून को गरीब मुसलमानों और पसमांदा वर्ग के हित में बताया है। उन्होंने कहा, “जो अमीर लोग वक्फ की जायदाद पर कुंडली मारकर बैठे थे, उन्हें इस बिल से परेशानी हो रही है, न कि किसी गरीब मुसलमान को। यह बिल उन लोगों के खिलाफ है, जिन्होंने वक्फ संपत्तियों का वर्षों से दुरुपयोग किया।” उन्होंने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राजद और सपा पर मुस्लिम समाज को भड़काने का आरोप लगाया। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यह पूरी तरह से टीएमसी की चाल है कि इस कानून की आड़ में देश का माहौल बिगाड़ा जाए। उन्होंने अपील की कि मुस्लिम समाज किसी के बहकावे में न आए और इस कानून का समर्थन करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मस्जिद, दरगाह और कब्रिस्तान कमेटियों में किसी भी गैर-मुस्लिम सदस्य को शामिल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह संशोधन कानून मुस्लिम समाज की संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।” कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के इस कानून पर सवाल उठाने को लेकर शाहनवाज हुसैन ने कहा, “यह तो बहुत अच्छी बात है कि गरीब मुसलमानों के लिए आधी रात को जागकर एक कानून बनाया गया। जब मणिपुर के लिए आधी रात को कानून बन सकता है, तो वक्फ के लिए क्यों नहीं?” उन्होंने बताया कि संसद में 16 घंटे की चर्चा के बाद विधेयक ने कानून का रूप लिया और कांग्रेस केवल इस मुद्दे पर मुस्लिम समाज को गुमराह कर रही है। इसके साथ ही शाहनवाज हुसैन ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मुख्य आरोपी तहव्वुर राणा की भारत वापसी को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया। उन्होंने कहा, “तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाया जाना एक ऐतिहासिक कदम है। इससे पाकिस्तान की पोल खुलेगी और दोषी को सख्त सजा मिलेगी।”

कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा- वक्फ संशोधन कानून का हमने संसद में और बाहर विरोध किया है और आगे भी करेंगे

अहमदाबाद कांग्रेस नेता हरीश रावत ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर कहा कि वक्फ संशोधन कानून का हम विरोध करेंगे। हमने संसद में और सदन के बाहर दोनों जगहों पर इसका विरोध किया है और आगे भी करेंगे। इस पर कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि यह उनका अपना दृष्टिकोण है। हम इसका विरोध करते रहेंगे। कांग्रेस नेता ने कहा कि हम एक बड़े गठबंधन में हैं, जो अन्याय के खिलाफ लड़ रहा है। हम अपनी शक्ति को बढ़ाएंगे। उन्होंने गुजरात में आम आदमी पार्टी से गठबंधन को लेकर कहा कि दिल्ली में हमारा गठबंधन नहीं हुआ। अरविंद केजरीवाल ने कहीं से साथ चलने लायक खुद को सिद्ध नहीं किया। बता दें कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक कार्यक्रम में कहा कि वह पश्चिम बंगाल में कभी भी वक्फ संशोधन अधिनियम लागू नहीं होने देंगी। उन्होंने लोगों से कहा कि उन पर भरोसा रखें। उधर, पश्चिम बंगाल की भाजपा इकाई के अध्यक्ष और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने वक्फ संशोधन अधिनियम को मुस्लिम समाज के हित में उठाया गया क्रांतिकारी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि नया विधेयक लाने से पहले जो पुराना कानून था, उसके तहत लाखों-करोड़ों रुपये की संपत्ति के बावजूद लाभ केवल मुस्लिम समुदाय के एक छोटे से वर्ग (जिनके पास सत्ता और नियंत्रण था) तक सीमित था। गरीब मुसलमानों, विधवाओं और समुदाय के दबे-कुचले व वंचित लोगों को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा था। मजूमदार ने ममता बनर्जी की सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा, “पश्चिम बंगाल के हिंदू एकजुट हो रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले चुनावों में एक भी हिंदू ममता बनर्जी को वोट नहीं देगा। राज्य के हिंदुओं के मन में यह संदेह गहरा रहा है कि कहीं ममता की तुष्टिकरण की राजनीति की वजह से पश्चिम बंगाल ‘पश्चिम बांग्लादेश’ न बन जाए।” उन्होंने आगे कहा कि ममता बनर्जी की नीतियों से राज्य की जनता में असंतोष बढ़ रहा है। आगामी बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा जनता की आवाज बनकर मजबूती से उभरेगी।

कांग्रेस ने महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों के विरोध में विधानसभा घेराव किया था, अब मामला दर्ज

ओडिशा ओडिशा में पुलिस ने विधानसभा घेराव के दौरान हुई हिंसा के मामले में कांग्रेस के 11 वरिष्ठ नेताओं और 5,000 अज्ञात पार्टी समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह घटना 27 मार्च को हुई, जब कांग्रेस ने महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों के विरोध में विधानसभा घेराव कार्यक्रम आयोजित किया था। इस दौरान हिंसक झड़पों में पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए थे। इन नेताओं पर दर्ज हुई FIR यह मामला 28 मार्च को राजधानी पुलिस स्टेशन में प्रभारी निरीक्षक दयानिधि नायक की रिपोर्ट पर दर्ज किया गया था, लेकिन मामले का विवरण बुधवार को मीडिया के सामने लाया गया। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास के अलावा, जिन अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, उनमें कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता राम चंद्र कदम, विधायक तारा प्रसाद बाहिनीपति, रमेश चंद्र जेना, पबित्रा सौंटा, सागर चरण दास, प्रफुल्ल चंद्र प्रधान, मंगू खिला, सीएस राजेन एक्का, एमडी मोकिम और सुरेश चंद्र राउत्रे शामिल हैं। 3 लोगों को किया जा चुका गिरफ्तार प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि इन नेताओं और 5,000 अज्ञात पार्टी सदस्यों ने गैरकानूनी तरीके से एकत्र होकर दंगा किया, लोक सेवक के खिलाफ आपराधिक बल का प्रयोग किया और सार्वजनिक सुरक्षा में बाधा डाली। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच जारी है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने उतारी खीज- ईवीएम से चुनाव तो धोखाधड़ी है, पूरी दुनिया बैलेट पर आई

अहमदाबाद महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हार की टीस अब भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के मन में है। उन्होंने अहमदाबाद में कांग्रेस के अधिवेशन में कहा कि महाराष्ट्र चुनाव में धोखाधड़ी से भाजपा ने जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि विपक्ष को हराने के लिए राज्य में फ्रॉड किया गया था। यही नहीं उन्होंने ईवीएम से चुनाव कराने पर भी दोबारा सवाल उठाए। खरगे ने कहा कि पूरी दुनिया ईवीएम से बैलेट पेपर की ओर बढ़ रही है लेकिन हम ईवीएम का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह सब धोखाधड़ी है। इसे बंद किया जाना चाहिए और भारत में भी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की जरूरत है। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पूरी दुनिया ही अब बैलेट पर है और हम ईवीएम से चुनाव करा रहे हैं। यही नहीं मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम तो आजादी की दूसरी लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतर यह है कि पहले सांप्रदायिकरण से विदेशियों को फायदा हुआ, अब सरकार को फायदा हो रहा है। कांग्रेस लीडर ने कहा कि देश में एकाधिकार स्थापित किया जा रहा है और आम लोगों की संपत्ति इस सरकार के अमीर मित्रों को हस्तांतरित की जा रही है। उन्होंने एआईसीसी में कहा कि जिस तरह से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को ‘उनके’ दोस्तों को सौंपा जा रहा है, वह दिन दूर नहीं जब मोदी जी देश को बेच देंगे। उन्होंने कहा कि कुछ मित्रों की कीमत पर आम लोगों के हितों के साथ यह सरकार समझौता कर रही है। सरकार की संपत्ति को इन्हीं अमीर लोगों के हाथों में सौंपा जा रहा है। खरगे ने बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने की पैरवी की और यह आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ने ऐसी तकनीक विकसित कर ली है, जिससे चुनावों में उसे फायदा और विपक्ष को नुकसान हो रहा है। खरगे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘पिछले 11 वर्षों में सत्ताधारी दल संविधान पर लगातार चोट कर रहा है। हमारी संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार हमले हो रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का सदन में आसन से नाम लिया गया, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया, जो लोकतंत्र के लिए लज्जा की बात है। खरगे ने वक्फ संशोधन विधेयक पर संसद में चर्चा का हवाला देते हुए कहा कि सरकार सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए देर रात संसद में चर्चा कराती रही, जबकि मणिपुर पर भोर के समय कुछ देर के लिए चर्चा कराई गई। ‘मित्रों को बेच रहे कंपनियां, गरीब आरक्षण को भी परेशान’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मणिपुर को लेकर कुछ छिपाना चाहती है। कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि लोकतंत्र को धीरे धीरे खत्म किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी टैरिफ लगाया गया, लेकिन सरकार ने इस विषय को संसद में उठाने नहीं दिया। खरगे ने आरोप लगाया कि ‘मित्रों को’ सरकारी उपक्रम बेचे जा रहे हैं, जिससे वंचित तबकों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने दावा किया, ‘अगर ऐसा ही चलता रहा तो एक दिन यह सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को बेचकर जाने वाले हैं।’ हरियाणा में भी फ्रॉड हुआ, लेकिन महाराष्ट्र से थोड़ा कम कांग्रेस अध्यक्ष ने यह दावा भी किया कि चुनाव आयोग से लेकर संसद तक सरकार का विस्तार करने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं ईवीएम नहीं है, यह सिर्फ भारत में है। उन्होंने मतदाता सूची में कथित हेरफेर का हवाला देते हुए कहा कि महाराष्ट्र चुनाव में जैसी जालसाजी हुई, वैसी कभी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी यह छोटे पैमाने पर हुआ। खरगे ने कहा कि इसके खिलाफ लड़ना है।

मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की मौजूदगी में केदार जाधव ने पार्टी की सदस्यता ली

मुंबई भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सदस्‍य केदार जाधव ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली। केदार जाधव को पार्टी का पटका पहनाकर भाजपा में शामिल कराया गया। इस अवसर पर चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, “केदार जाधव ने आज भारतीय जनता पार्टी जॉइन की है। उनका भारतीय खेल जगत में एक महत्वपूर्ण प्रभाव है और हम भाजपा परिवार में उनका स्वागत करते हैं।” केदार जाधव का जन्म 26 मार्च 1985 को पुणे, महाराष्ट्र में हुआ। दाएं हाथ के बल्लेबाज और ऑफ-स्पिन गेंदबाज के रूप में उन्होंने हरफनमौला खिलाड़ी की भूमिका निभाई। जाधव ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत महाराष्ट्र के लिए घरेलू क्रिकेट से की और धीरे-धीरे अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे। उनका वनडे डेब्यू 16 नवंबर 2014 को श्रीलंका के खिलाफ हुआ, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय में पदार्पण 17 जुलाई 2015 को जिम्बाब्वे के खिलाफ हुआ। जाधव ने 73 वनडे मैचों में 1389 रन बनाए, जिसमें दो शतक और छह अर्धशतक शामिल हैं, साथ ही 27 विकेट भी लिए। उनकी औसत 42.09 रही, जो उनकी निरंतरता को दर्शाती है। टी-20 में उन्होंने 9 मैच खेले और 122 रन बनाए। आईपीएल में जाधव ने चेन्नई सुपर किंग्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, सनराइजर्स हैदराबाद जैसी टीमों के लिए खेलते हुए 93 मैचों में 1196 रन बनाए। उनकी अनोखी गेंदबाजी शैली और मध्यक्रम में फिनिशर की भूमिका ने उन्हें खास पहचान दी। खासतौर पर 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ पुणे वनडे में 120 रनों की शानदार पारी और गेंदबाजी में योगदान उनकी यादगार पारियों में से एक है। हालांकि, चोट और फॉर्म में उतार-चढ़ाव के कारण 2020 के बाद वह भारतीय टीम से बाहर हो गए। 3 जून 2024 को 39 साल की उम्र में जाधव ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया। निजी जीवन में, उन्होंने 2011 में स्नेहल से शादी की और उनकी एक बेटी है।

एक-दूसरे को नेताओं ने खूब सुनाया, भाजपा की ओर से टीएमसी नेताओ के वीडियो और व्हाट्सएप चैट्स लीक किए गए

कोलकाता तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के बीच झड़प का वीडियो सामने आया है जिसे लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। यह घटना बीते 4 अप्रैल की चुनाव आयोग के मुख्यालय की बताई जा रही है, जहां टीएमसी सांसदों की एक टीम अपनी मांगें लेकर पहुंची थी। भाजपा की ओर से टीएमसी नेताओ के वीडियो और व्हाट्सएप चैट्स लीक किए गए हैं। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इन लीक कंटेंट्स को एक्स पर शेयर किया और टीएमसी के भीतर आंतरिक कलह का दावा किया है। अमित मालवीय ने मंगलवार को को एक्स पर पोस्ट किया, ‘4 अप्रैल 2025 को चुनाव आयोग में दो टीएमसी सांसदों के बीच झगड़ा हुआ। पार्टी ने अपने सांसदों को संसद कार्यालय में मेमोरेंडम पर हस्ताक्षर करने के लिए इकट्ठा होने का निर्देश दिया था, लेकिन एक सांसद इसे छोड़कर सीधे ईसीआई पहुंच गए। इससे दूसरा सांसद नाराज हो गया और दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।’ उन्होंने कहा कि यह मामला टीएमसी चीफ ममता बनर्जी तक पहुंचा, जिन्होंने दोनों को शांत रहने को कहा है। लेकिन झगड़ा AITC MP 2024 व्हाट्सएप ग्रुप में भी जारी रहा, जहां एक ‘वर्सेटाइल इंटरनेशनल लेडी’ का जिक्र हुआ। यह रहस्य अभी अनसुलझा है। कल्याण बनर्जी ने खूब सुनाया व्हाट्सएप चैट में कल्याण बनर्जी ने एक मैसेज में कोलकाता पहुंच जाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘मुझे गिरफ्तार करने के लिए अपनी बीएसएफ और दिल्ली पुलिस को भेजें। आपके गृह मंत्रालय का संबंध बहुत मजबूत अंतरराष्ट्रीय महान महिला से है।’ बनर्जी ने एक अन्य संदेश में कहा, ‘आज मैं उन सज्जन को बधाई देता हूं, जिन्होंने बहुमुखी प्रतिभा की धनी अंतरराष्ट्रीय महिला की सुंदर गतिविधियों का खुलासा किया। उस दिन उसका एक भी मित्र उसके पीछे नहीं खड़ा था। यह मूर्ख व्यक्ति, जिसे वह बीएसएफ की ओर से गिरफ्तार करना चाहती थी, उसके पीछे खड़ा था। आज निश्चित रूप से 30 साल का प्रसिद्ध खिलाड़ी मुझे गिरफ्तार करवाने के लिए उसके पीछे खड़ा था।’ कीर्ति आजाद भी निशाने पर जवाब में कीर्ति आजाद ने कल्याण बनर्जी से कहा कि वह नाबालिग अपराधी की तरह व्यवहार न करें। उन्होंने लिखा, ‘मेरा आपसे कोई झगड़ा नहीं है। केवल राजनीति में नहीं, मैं आपसे उम्र में वरिष्ठ होने के नाते विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि आप सभी को साथ लेकर चलें। अपना बचकाना और सनकी व्यवहार बंद करें। वयस्कों की तरह व्यवहार करें। किसी को भड़काएं नहीं। ठंडे दिमाग से सोचें। शुभ रात्रि।’ कल्याण बनर्जी ने इसके बाद भी आजाद पर कुछ और हमले करते हुए उन्हें आंतरिक राजनीति का कप्तान बताया। बनर्जी ने मैसेज में लिखा, ‘आपकी लोकप्रियता इतनी अधिक है कि आप क्रिकेट में चुनाव हार गए। मुझे दिखाइए कि आप अपने दोस्त के लिए मुझे गिरफ्तार करवा सकते हैं। चिंता मत कीजिए, मैं दुर्गापुर जाऊंगा और आपकी कलई खोलूंगा।’ घटना पर टीएमसी का क्या आया बयान भाजपा नेता ने एक और पोस्ट में लिखा, ‘चुनाव आयोग में झगड़े के बाद एक सांसद ने ‘वर्सेटाइल इंटरनेशनल लेडी’ की निंदा जारी रखी। यह किंवदंतियों जैसा है!’ टीएमसी की ओर से सांसद सौगत रॉय ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, ‘व्हाट्सएप चैट्स का लीक होना दुर्भाग्यपूर्ण है। कल्याण बनर्जी की भाषा शर्मनाक थी। यह नहीं होना चाहिए था। हर पार्टी को अपनी आंतरिक गोपनीयता बनाए रखनी चाहिए। मुझे उम्मीद है कि पार्टी नेतृत्व इस पर संज्ञान लेगा।’ रॉय ने कल्याण बनर्जी के व्यवहार को तीसरे दर्जे का करार देते हुए उनकी आलोचना की। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि चैट्स सचमुच हुई थीं या नहीं। इस घटना ने टीएमसी की एकता पर सवाल उठाए हैं और बीजेपी को ममता बनर्जी की पार्टी पर हमला करने का मौका दिया है।

पुणे: कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मिली मंजूरी, अदालत में सबूत देंगे राहुल गांधी, मिली मंजूरी

पुणे पुणे की एक अदालत ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राहत दी है। अदालत ने उनके उस आवेदन को मंजूर कर लिया है जिसमें उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर पर की गई कथित टिप्पणी को लेकर दर्ज आपराधिक मानहानि के मुकदमे को समन मुकदमे में बदलने की गुजारिश की थी। इस फैसले के बाद अब केस में ऐतिहासिक साक्ष्यों को लेकर गहन बहस होगी। यह मामला पुणे में सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की विशेष अदालत में चल रहा है, जहां न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अमोल शिंदे ने सोमवार को ये आदेश जारी किया। राहुल गांधी के वकील मिलिंद पवार ने कोर्ट से अपील की थी कि ये मामला सिर्फ व्यक्तिगत मानहानि का नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक विवाद है, जिसपर तथ्य और साक्ष्यों के साथ गंभीरता से चर्चा जरूरी है। मालमे पर कोर्ट ने क्या कहा? अदालत ने भी माना कि यह केस प्रथम दृष्टया समन मुकदमे की श्रेणी में आता है क्योंकि इसमें आरोपी ने कई जटिल मुद्दे उठाए हैं जिनका हल ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि यदि इसे संक्षिप्त मुकदमे के तौर पर चलाया गया, तो ना सिर्फ ऐतिहासिक सच्चाई पर पर्दा पड़ेगा बल्कि आरोपी को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर भी नहीं मिलेगा। क्या था मामला? इस मामले की जड़ मार्च 2023 की उस टिप्पणी में है, जो राहुल गांधी ने लंदन में एक भाषण के दौरान दी थी। उन्होंने दावा किया था कि वीर सावरकर ने एक किताब में लिखा है कि उन्होंने और उनके कुछ साथियों ने एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और उन्हें इस पर खुशी महसूस हुई थी। इस बयान को सावरकर के रिश्ते के पोते सत्यकी सावरकर ने झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए पुणे कोर्ट में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के वकील संग्राम कोल्हटकर ने अदालत में आरोप लगाया कि राहुल गांधी जानबूझकर मामले को लंबा खींचना चाहते हैं, लेकिन अदालत ने साफ कहा कि न्याय की खातिर सच्चाई तक पहुंचना जरूरी है और इसके लिए समन मुकदमा ही उपयुक्त रास्ता होगा।

साबरमती आश्रम में कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम बेहोश, उनको आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया

गुजरात कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम साबरमती आश्रम में बेहोश हो गए हैं। उनको आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया है। बता दें कि अहमदाबाद में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हो रही है, जिसमें भाग लेने के लिए पार्टी के बड़े नेता पहुंचे हैं। कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम साबरमती आश्रम में अचानक बेहोश हो गए। उनको आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी हालत भीषण गर्मी के कारण खराब हुई। वह खुद को संभाल नहीं सके और वह गिर गए। घटना के वक्त वह साबरमती आश्रम में पार्टी नेताओं के साथ मौजूद थे। बता दें कि अहमदाबाद में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हो रही है। इस बैठक में भाग लेने के लिए कांग्रेस के दिग्गज नेता अहमदाबाद पहुंचे हैं। मंगलवार को भी बैठक में पार्टी के 158 वरिष्ठ नेता मौजूद थे। हालांकि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सहित 33 सदस्य गैर मौजूद रहे। गौरतलब है कि कांग्रेस के 140 साल के इतिहास में छठी बार गुजरात में कांग्रेस अधिवेशन हो रहा है। कार्य समिति की बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने सरदार पटेल स्मारक परिसर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इसमें उन्होंने कहा कि सरदार पटेल स्मारक में विस्तारित सीडब्ल्यूसी की बैठक कराना ही महत्वपूर्ण है। ऐसा कर पार्टी ने सरदार पटेल के प्रति अपने फर्ज का निर्वहन कर के राजनीतिक संदेश देने का काम किया है। केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश ने आगे कहा कि पार्टी ने भ्रम फैलाने वालों को बता दिया है कि पटेल कांग्रेस के हैं और कांग्रेस की विरासत हैं। पार्टी उसी बुनियाद पर आगे बढ़ेगी। मौजूदा वक्त में सरदार वल्लभभाई पटेल और पंडित जवाहरलाल नेहरू के बीच संबंधों को लेकर भ्रम फैलाकर उन्हीं सरदार पटेल को अपना बनाने की कोशिश हो रही है। यह वही सरदार पटेल हैं जिन्होंने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था।

संगठन के सशक्तीकरण के लिए कांग्रेस अब नई टीम को मैदान में उतार रही, अब जिला इकाइयों के अध्यक्ष बदले जाएंगे

भोपाल  संगठन के सशक्तीकरण के लिए कांग्रेस अब नई टीम को मैदान में उतार रही है। इसके तहत प्रदेश कांग्रेस में परिवर्तन के बाद अब जिला इकाइयों के अध्यक्ष बदले जाएंगे। अगले माह के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी होगी। इसमें उन अध्यक्षों के स्थान पर पहले नई नियुक्तियां होंगी, जहां बरसों से एक ही व्यक्ति अध्यक्ष है। इसमें देवास, सतना, उज्जैन, उमरिया शामिल हैं। पार्टी ने तय किया है कि सहमति बनाकर नए लोगों को अवसर दिया जाएगा। आधे से अधिक पदाधिकारी 50 वर्ष से कम आयु के बनाए जाएंगे। कमल नाथ के समय के अधिकांश जिलाध्यक्ष     अधिकतर जिलाध्यक्ष तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ के समय नियुक्त किए गए थे। कांग्रेस ने वर्ष 2025 को संगठन वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसमें संगठन को मजबूत बनाने के लिए नई टीम बनाई जा रही है।     नए चेहरों को अवसर दिया जा रहा है। चुनाव से लेकर बूथ प्रबंधन तक के लिए अलग-अलग समितियां गठित की गई हैं। अब जिला इकाइयों में आगामी चुनाव की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए परिवर्तन किया जा रहा है।     पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर भी नए लोगों को मौका दिया जा रहा है। ऐसा ही मध्य प्रदेश में भी आम सहमति बनाकर किया जाएगा। नई नियुक्तियां इसी को ध्यान में रखकर की जाएंगी। अहमदाबाद में आज से राष्ट्रीय अधिवेशन मंगलवार और बुधवार को गुजरात के अहमदाबाद में होने वाले पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में जिला अध्यक्षों की भूमिका बढ़ाने के प्रस्ताव पर मुहर लग जाएगी। इसके बाद प्रदेश में परिवर्तन किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष कह चुके हैं कि मई अंत तक आवश्यकता के अनुसार जिला अध्यक्ष बदले जाएंगे। जिला हो या फिर ब्लाक इकाई, परिवर्तन का आधार केवल समयावधि नहीं बल्कि संगठन की स्थिति भी बनेगी।

मध्य प्रदेश कांग्रेस में कमजोर प्रदर्शन वाले जिलाध्यक्ष हटाए जाएंगे, अहमदाबाद अधिवेशन पर सबकी नजर

भोपाल  मध्य प्रदेश कांग्रेस में जल्द ही बड़े बदलाव होने वाले हैं। पार्टी 50% से ज्यादा जिला अध्यक्षों को बदलने की तैयारी कर रही है। यह फैसला पिछले चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन को देखते हुए लिया गया है। नए अध्यक्षों की घोषणा अहमदाबाद में होने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद होने की संभावना है। इस बदलाव का मकसद पार्टी संगठन को मजबूत करना है ताकि आने वाले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके। 10 से 12 साल से बने हैं जिलाध्यक्ष पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष ने इस लिस्ट को फाइनल कर लिया है। 8-9 अप्रैल को अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद इसकी घोषणा हो सकती है। कई जिलों में अध्यक्ष 10 से 12 साल से पद पर बने हुए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कई जिलों में अध्यक्ष वरिष्ठ नेता कमलनाथ के कार्यकाल में बने थे। अब प्रदेश अध्यक्ष पटवारी अपनी टीम बनाने की तैयारी में हैं। लंबे समय से पद पर बने हैं ये लोग ग्वालियर शहर के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, उज्जैन ग्रामीण के अध्यक्ष कमल पटेल और शहडोल के जिला अध्यक्ष सुभाष गुप्ता 2018 से पद पर हैं। सतना के शहर अध्यक्ष मकसूद अहमद लगभग 12 साल से और ग्रामीण अध्यक्ष दिलीप मिश्रा 10 साल से पद पर हैं। नीमच के अध्यक्ष अनिल चौरसिया 7 साल से और विश्वनाथ ओकटे 4 सालों से पद पर हैं। खंडवा, रायसेन जैसे कई जिलों में कई सालों से जिला अध्यक्ष ही नहीं हैं। राहुल गांधी से हुई थी चर्चा 3 अप्रैल को राहुल गांधी के साथ हुई चर्चा में जिला अध्यक्षों ने नियुक्तियों और टिकट की प्रक्रिया में अधिकार मांगे थे। राहुल ने कहा था कि उन्हें पार्षद से लेकर लोकसभा में टिकट प्रक्रिया में शामिल करने का प्रस्ताव बनेगा। साथ ही पार्टी संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। इसका मतलब है कि जिला अध्यक्षों को टिकट बंटवारे में भी अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। अहमदाबाद के बाद एमपी में पार्टी को मजबूत करेगी कांग्रेस पीसीसी मीडिया विभाग के चेयरमैन मुकेश नायक ने कहा कि अहमदाबाद के राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद कांग्रेस मध्य प्रदेश में संगठन को मजबूत करेगी। इसके बाद प्रदेश में अधिक प्रभावी भूमिका में सरकार के सामने आएगी। उनका कहना है कि पार्टी संगठन को मजबूत करके सरकार को टक्कर देने के लिए तैयार है। नए लोगों को भी मिलेगा मौका बदलाव में उन जिला अध्यक्षों को हटाया जाएगा जो कई सालों से पद पर हैं। साथ ही उन अध्यक्षों को भी हटाया जाएगा जिनके क्षेत्र में कांग्रेस का प्रदर्शन चुनावों में कमजोर रहा है। पार्टी का मानना है कि नए लोगों को मौका देने से संगठन में नई ऊर्जा आएगी। फाइनल हुई लिस्ट पार्टी सूत्रों की मानें तो प्रदेश अध्यक्ष इस लिस्ट को फाइनल कर चुके हैं। अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद घोषणा होने की संभावना है। इसका मतलब है कि जल्द ही नए जिला अध्यक्षों के नामों का ऐलान हो सकता है। कई जिलों में अध्यक्ष काफी लंबे समय से पद पर हैं। कोई 10 साल से तो कोई 12 साल से अध्यक्ष बना हुआ है। अब पार्टी नए चेहरों को मौका देना चाहती है।

भाजपा का समर्थ भारत निर्माण में अतुलनीय योगदान

भाजपा का समर्थ भारत निर्माण में अतुलनीय योगदान सत्येंद्र जैन ,स्तंभकार विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा ने स्थापना के 46 वे वर्ष में प्रवेश किया है।भाजपा के संस्थापक अटल बिहारी वाजपेयी,लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी,कुशा भाऊ ठाकरे, राजमाता विजयाराजे सिंधिया,सुन्दरलाल पटवा,प्यारेलाल खण्डेलवाल आदि नेताओं ने 1980 में पार्टी स्थापना के समय यह कल्पना भी नहीं की होगी कि इतने कम समय में ही भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का गौरव अर्जित कर लेगी।1984 में भाजपा की यात्रा मात्र 2 लोकसभा सीट से प्रारम्भ होकर वर्ष 2019 में 303 सीट तक पहुँची है।वर्तमान में भाजपा के 240 सांसद हैं। भाजपा चार दशकों की यात्रा में ही भारतीय राजनीति में शून्य से चलकर शिखर पर आरोहित हो गई है।विश्व की सर्वोच्च राजनीतिक पार्टी बन गई है। वर्तमान में भाजपा के लगभग 13 करोड़ से अधिक सदस्य हैं। मध्यप्रदेश भाजपा ने पौने दो करोड़ सदस्य बना कर देश में अग्रणी भूमिका निभा कर कीर्तिमान स्थापित किया है।भाजपा का शिखर पर आरोहण सामान्य बात नहीं है ।यह अतुलनीय विलक्षण उपलब्धि है। यह उपलब्धि भाजपा की भारतीय मूल्यों ,पंच निष्ठाओं एवं एकात्म मानववाद के सिद्धांत को आत्मरूप आधार मानकर ही हुई है।भाजपा के संविधान में भी एकात्म मानववाद और पंच निष्ठाओं को आधारभूत तत्व माना गया है ।जो भारत के सांस्कृतिक राष्ट्रीय मूल्यों को संवर्धित करते हैं।विचार परिवार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से राष्ट्र निर्माण के मंत्र,दिशा निर्देश सतत प्राप्त होने से उत्कृष्टता के पथ पर अग्रसर है।भाजपा ने अनेक संकल्प भारतीय जनसंघ की स्थापना के समय से ही अपने संकल्प पत्र, घोषणापत्र में सम्मिलित किए हैं।जम्मू कश्मीर में धारा 370 को निष्प्रभावी करना,अयोध्या में दिव्य,भव्य,नव्य राम मंदिर का निर्माण करना,समान नागरिक संहिता को लागू करना जैसे संकल्पों को सदैव घोषणापत्र में सम्मिलित किया है।उत्तराखंड में यूनीफॉर्म सिविल कोड लागू कर दिया गया है।अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति,पिछड़े वर्ग के साथ सामान्य निर्धन वर्ग को भी अब आरक्षण मिल रहा है।नारी शक्ति वंदन अधिनियम द्वारा देश की महिलाओं को राजनैतिक क्षेत्र लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण कार्य भाजपा ने किया है।भाजपा ने गौरवशाली,वैभवशाली,समृद्धशाली, शक्तिशाली,समर्थ भारत निर्माण के रोड मेप को जनता के समक्ष प्रस्तुत किया है।शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, उद्योग, रक्षा,विनिर्माण आदि क्षेत्रों में स्व तत्व की प्रधानता को महत्व दिया है। मुझे ऐसा प्रतीत होता है कि आगामी शताब्दी में भी भाजपा का भविष्य उज्जवल रहेगा। भाजपा की सतत उन्नति की यह यात्रा महा विजय की यात्रा सिद्ध होगी। वर्तमान भाजपा की सफलता चार पीढ़ियों के सतत,अथक परिश्रम से ही संभव हुई है।भाजपा को विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनाने का कीर्तिमान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री, तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को जाता है ।अमित शाह ने राष्ट्र व्यापी सदस्यता अभियान चला कर,चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को सदस्य संख्या में पछाड़ दिया। 11 करोड़ सदस्य बनाकर संसार की सर्वोच्च पार्टी बनाया। राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व में सदस्यता अभियान को गति दी गई है।आज विश्व के 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भारतीय जनता पार्टी के संगठन विस्तार की सफलता का अध्ययन करने के लिए भारत आ चुके हैं।राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से भेंट कर चुके हैं।मध्य प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा से एवं अन्य राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष से भेंट कर चुके हैं।भाजपा की अप्रतिम सफलता से कार्यकर्ताओं, प्रतिनिधियों को गौरव बोध होता है।उनके दल की संरचना को समझने के लिए विश्व के देशों से प्रतिनिधि आ रहे हैं हैं ।दूसरे शब्दों में कहें कि भाजपा की संगठन रचना,भागीरथी परिश्रम की विपुल सफ़लता से हमारे राष्ट्र भारतवर्ष का विश्व में सम्मान बढ़ रहा है।यह हम सभी 140 करोड़ भारतीयों के लिए स्वाभिमान का विषय है। वर्तमान में राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने विश्व के 20 से अधिक देश जैसे अमेरिका,ऑस्ट्रेलिया जापान,जर्मनी,फ्रांस,ब्रिटेन आदि देशों के राजनीतिक दलों को भारतीय लोकतंत्र के उत्सव लोकसभा चुनाव 2024 को निकटता से देखने के लिए निमंत्रित भी किया था।यह अनूठी एवं सराहनीय पहल है। स्वतंत्रता के चौसठ वर्षों के बाद भाजपा की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की पूर्ण बहुमत की सरकार लगातार तीन बार से केंद्र में बनी है ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुयोग्य नेतृत्व में भारत का,भारत के लोगों का सर्वांगीण उत्थान हो रहा है।देश के 21 राज्यों – केंद्र शासित प्रदेशों में भाजपा एवं सहयोगी दलों की सरकारें हैं।देश भर में एक हजार तीन सौ से अधिक कार्यालयों का निर्माण हो रहा है।पाँच सौ से अधिक कार्यालय निर्मित होकर सुचारु रूप में प्रारंभ हो चुके हैं। मध्यप्रदेश में भाजपा की संरचना पर प्रकाश डालेंगे तो पाते हैं कि वर्तमान में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा एवं संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की त्रिदेव रूपी त्रिवेणी, ट्रिनिटी के चमत्कारी नेतृत्व में प्रदेश भाजपा इकाई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।लोकसभा चुनाव में सभी 29 सीट जीत कर कांग्रेस को शून्य पर ला दिया है।वोट शेयर भी लगभग 59 प्रतिशत अर्जित कर कीर्तिमान रचा है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में पाँचवीं बार भाजपा की सरकार बनी है।163 विधायक विजयी हुए हैं। वोट शेयर भी बढ़कर लगभग 49 प्रतिशत हुआ है।प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा पुनः शुभंकर सिद्ध हुए हैं ।लगभग 64000 से अधिक बूथ्स का डिजिटलाइजेशन एवं लाख कार्यकर्ताओं का कैलाश पर्वत बूथ स्तर पर अपना कार्य कर रहा है।बूथ विजय संकल्प को सार्थक कर रहा है।अनेक अवसर पर विष्णु दत्त शर्मा के भागीरथी परिश्रम, बूथ डिजिटलाइजेशन के कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने मुक्त कंठ से की है।देश के समस्त राज्य की इकाइयों को मध्यप्रदेश के संगठन से सीखने का आह्वान किया गया है। सदस्यता अभियान के संगठन महापर्व में मध्य प्रदेश का भाजपा संगठन अग्रणी है। विगत चुनाव में अभूतपूर्व सफलता भाजपा के संगठन कौशल,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार और मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव की सरकार के द्वारा चलाई जा रही सैकड़ों योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन के परिणाम स्वरुप ही संभव हो पायी है।भविष्य के गौरवशाली,वैभवशाली,समृद्धशाली, शक्तिशाली,समर्थ भारत निर्माण में भाजपा का अतुलनीय योगदान है। इति श्री ।

दिल्ली एम्स में हुई लालू यादव से कृष्णा अल्लावरु की मुलाकात, एक बार फिर राजनीति हलचल तेज

पटना बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। विधानसभा चुनावों से पहले एनडीए ने जहां नीतीश कुमार को अपना नेता घोषित कर दिया है, वहीं महागठबंधन में नेतृत्व और सीट बंटवारे को लेकर चर्चा जोरों पर है। इसी बीच, राहुल गांधी के बिहार दौरे से ठीक पहले कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने आरजेडी प्रमुख लालू यादव से मुलाकात की है, जिससे सियासी हलकों में कई अटकलें लगाई जा रही हैं। कृष्णा अल्लावरु ने शनिवार को दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। यह बैठक कांग्रेस प्रभारी बनने के बाद लालू यादव से उनकी पहली मुलाकात थी। रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए अल्लावरु ने बताया कि लालू यादव से उनकी बातचीत हुई है और उन्होंने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि लालू जी की तबीयत में सुधार हो रहा है और वे जल्द पटना लौट सकते हैं। राहुल गांधी के बिहार दौरे का शेड्यूल घोषित कांग्रेस नेता ने बताया कि राहुल गांधी सोमवार को बिहार के एक दिवसीय दौरे पर आएंगे। इस दौरान वे तीन प्रमुख कार्यक्रमों में भाग लेंगे। सबसे पहले वे बेगूसराय में ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ यात्रा में शिरकत करेंगे, इसके बाद पटना में संविधान सम्मेलन को संबोधित करेंगे, और अंत में पार्टी नेताओं के साथ बैठक करेंगे। सीट बंटवारे और सीएम चेहरे पर चुप्पी महागठबंधन में सीट बंटवारे या मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर जब सवाल किया गया, तो कृष्णा अल्लावरु ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इससे राजनीतिक गलियारों में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि राहुल गांधी और लालू यादव के बीच सीट बंटवारे को लेकर कुछ अहम फैसले लिए जा सकते हैं। रामनवमी की दी शुभकामनाएं मीडिया से बातचीत के अंत में कांग्रेस नेता ने प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं भी दीं और राज्य में धर्मनिरपेक्षता और विकास के मुद्दों पर चुनाव लड़ने का संकेत दिया। बिहार में महागठबंधन की तैयारियों और राहुल गांधी के दौरे के बाद सियासी समीकरणों में क्या बदलाव आता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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