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भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष वैभव पंवार ने की 13 दिवसीय ‘माँ बैनगंगा नदी दर्शन व अध्ययन यात्रा’

BJYM State President Vaibhav Panwar did 13-day ‘Maa Bainganga River Darshan and Study Tour’ सिवनी/बालाघाट। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पंवार ने 15 दिसंबर 2024 को माँ बैनगंगा नदी के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से ‘माँ बैनगंगा नदी दर्शन व अध्ययन यात्रा’ का शुभारंभ किया। यह यात्रा सिवनी जिले के मुंडारा (परतापुर) में माँ बैनगंगा के उद्गम स्थल से आरंभ हुई। पंवार ने विविधत पूजन और आरती के बाद इस यात्रा को आगे बढ़ाया। यात्रा के दौरान लगभग 160 किलोमीटर की पदयात्रा की गई, जबकि शेष यात्रा सहयात्रियों के साथ बस से पूरी की गई। यह यात्रा मध्यप्रदेश के सिवनी-बालाघाट के अधिकांशतः गांवों से होते हुए महाराष्ट्र और तेलंगाना के कुछ जिलों की सीमाओं से होकर गुजरी। इस दौरान पंवार ने स्थानीय लोगों से चर्चा कर माँ बैनगंगा नदी के संरक्षण, घाटों के निर्माण और उससे जुड़ी सांस्कृतिक मान्यताओं पर संवाद किया। यात्रा का समापन तेलंगाना के गोदावरी किनारे स्थित संगम घाट पर पूजन के साथ हुआ। पंवार ने माँ बैनगंगा की पवित्रता और उसके महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह यात्रा नदी संरक्षण के प्रति जनजागृति फैलाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि“माँ बैनगंगा नदी केवल एक जलधारा नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, आस्था और पर्यावरणीय संतुलन की आधारशिला है। प्रकृति संरक्षण के लिए जनभागीदारी जरूरी उन्होंने कहा कि ‘माँ बैनगंगा नदी दर्शन व अध्ययन यात्रा’ के माध्यम से हमने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि नदियाँ केवल हमारे भौतिक जीवन का ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन का भी हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में हमें यह महसूस हुआ कि नदी संरक्षण केवल सरकार का काम नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। माँ बैनगंगा के संरक्षण और घाटों के निर्माण के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना हमारा लक्ष्य है। आने वाली पीढ़ियों के लिए इस पवित्र धरोहर को संजोकर रखना हम सभी का कर्तव्य है।” 30 दिसंबर को होगा प्रसादी वितरण 30 दिसंबर 2024 को सोमवती अमावस्या के दिन मुंडारा (परतापुर) सिवनी में माँ बैनगंगा के उद्गम स्थल पर पूजन और प्रसादी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे।

मध्यप्रदेश शासन कि फिर चली ट्रांसफर बुलेट ट्रेन: 18 आईएफएस बदले: इंदौर, देवास डीएफओ बदले, जे देवा पेंच के फील्ड डायरेक्टर

Madhya Pradesh government’s transfer bullet train started again: 18 IFS transferred: Indore, Dewas DFOs transferred, J Deva Pench’s field director भोपाल । राज्य शासन ने शुक्रवार देर रात को 18 आईएफएस और 11 राज्य वन सेवा के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इंदौर, देवास, और बालाघाट के डीएफओ बदल दिए गए हैं। 2006 बैच के आईएफएस जे. देवा प्रसाद को छिंदवाड़ा सीसीएफ के पद से मुक्त करते हुए पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी का स्थाई फील्ड डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, अभी तक उनके पास इसका अतिरिक्त प्रभार था। जबलपुर में वर्किंग प्लान सीएफ रमेश चंद्र विश्वकर्मा और सिवनी के वर्किंग प्लान सीएफ हरिशंकर मिश्रा दोनों को वन मुख्यालय भोपाल में पदस्थ किया गया है। इंदौर वर्किंग प्लान सीएफ आदर्श श्रीवास्तव को शिवपुरी सर्किल का सीएफ बनाया गया है। नर्मदापुरम वर्किंग प्लान के सीएफ पीएन मिश्रा को इंदौर सर्किल में सीएफ बनाकर भेजा गया है। सामाजिक वानिकी सर्किल ग्वालियर के सीएफ नरेश यादव को सीएफ छतरपुर सर्किल बनाया है। वहीं राज्य वन सेवा के 11 अफसरों को पदोन्नत होने से पहले ही बदल दिया गया है।

मध्यप्रदेश के कईं जिलों में अलर्ट; भोपाल-इंदौर, उज्जैन में आधी रात तेज बारिश: 1 जनवरी से पड़ेगी कड़ाके की ठंड

Alert in many districts of Madhya Pradesh; Heavy rain in Bhopal-Indore, Ujjain at midnight: Severe cold will start from January 1 इंदौर और उज्जैन में देर रात तेज बारिश शुरू हो गई। भोपाल । मध्यप्रदेश में ओले-बारिश का दौर शुरू हो गया है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में देर रात को गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। शुक्रवार को रतलाम, मंदसौर, बैतूल, आलीराजपुर समेत कई जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे। शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रहेगा। मौसम विभाग भोपाल के मुताबिक, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा समेत 12 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट है। जबकि 40 से 50 Km प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन समेत 25 जिलों में हल्की बारिश, बादल छाए रहेंगे। उज्जैन में तेज बारिश के बीच महाकाल लोक की बिजली चली गई। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। वहीं, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से हवा नमी लेकर आ रही है। जिसकी वजह से प्रदेश में ओले और बारिश का दौर शुरू हो गया है। अगले 24 घंटे भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। 1 जनवरी से तेज सर्दी का दौर शुरू हो जाएगा। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 28 दिसंबर: उमरिया, डिंडौरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और पांढुर्णा में ओले-बारिश का दौर बना रहेगा। यहां 30 से 40 Km प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। वहीं, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, दतिया, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में हल्की बारिश, बादल और तेज हवा चलने का अलर्ट है। 29 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहेगा। 30 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कोहरा छाया रहेगा। 31 दिसंबर से बढ़ेगी ठंड सिस्टम के गुजरने के बाद प्रदेश में कोहरे और ठंड का असर बढ़ जाएगा। यानी, नए साल पर लोगों को कड़ाके की ठंड के दौर से गुजरना पड़ सकता है। इसके बाद पूरे एक महीने तक कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है।

युगपुरुष धाम आश्रम की मान्यता रद्द, 10 बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने उठाया कदम

Recognition of Yugpurush Dham Ashram cancelled, administration took action after death of 10 children इंदौर। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर शहर में संचालित युग पुरुष बौद्धिक विकास केंद्र (युगपुरुष धाम आश्रम) की मान्यता शासन ने रद्द कर दी है। सामाजिक न्याय विभाग संचनालय द्वारा मान्यता निरस्त करने का आदेश जारी किया गया है। आश्रम में 10 बच्चों की मौत के बाद कलेक्टर इंदौर ने जांच के आदेश जारी किए थे। जांच में कई लापरवाही सामने आई थी। बच्चों के खाने पीने को लेकर गंभीर लापरवाही मिली थी। बता दें युगपुरुष धाम आश्रम सरकारी अनुदान प्राप्त करने वाला निजी आश्रम है। वहां प्रदेश से करीब 200 से अधिक मानसिक-शारीरिक दिव्यांग अनाथ बच्चों को रखा जाता था। युगपुरुष धाम आश्रम पर दिव्यांग बच्चों के आश्रम के अलावा अस्पताल भी संचालित किया जाता है। वहां करीब हर तरह के प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध होने का दावा किया जाता था। पिछले दो महीनों में आश्रम के 10 बच्चों की मौत हुई थी। बच्चों में खून की कमी और इंफेक्शन के कारण मौत की बातें सामने आई थी।

पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा पर कसा शिकंजा, भोपाल-ग्वालियर-जबलपुर के ठिकानों पर ईडी ने मारा छापा

Crackdown on former constable Saurabh Sharma, ED raids Bhopal-Gwalior-Jabalpur locations जितेंद्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता आरटीओ के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में शिकंजा कसते हुए शुक्रवार को भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी की टीम ने भोपाल के जयपुरिया स्कूल क्षेत्र में स्थित उनके ऑफिस और अन्य स्थानों पर सर्च अभियान चलाया हुआ है। मौके पर पुलिस बल भी बड़ी संख्या में तैनात है। बता दें कि गुरुवार को ही सौरभ शर्मा शर्मा की ओर से उनके वकील ने कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी। विशेष अदालत ने उसे कोई राहत नहीं दी। कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दिया है। ऐसे में सौरभ की मुश्किलें अब और बढ़ेंगी। ईडी ने सौरभ शर्मा के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज और नकदी बरामद होने का दावा किया गया है। शर्मा और उनके सहयोगी चेतन गौर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस पहले से ही दर्ज है। लोकायुक्त की ओर से मामले में पांच अन्य व्यक्तियों को समन भी जारी किए गए हैं। मामले की शुरुआत कैसे हुई?यह मामला 19 दिसंबर की रात भोपाल के मेंडोरा जंगल में एक कार से शुरू हुआ था। इस कार से 52 किलोग्राम सोना और 10 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे। लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए सौरभ शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद आयकर विभाग ने सौरभ शर्मा के घर, ऑफिस और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें नकदी और सोने-चांदी की ईंटें बरामद हुई थीं। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांचसौरभ शर्मा और चेतन गौर पर मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्ति को छिपाने का आरोप है। ईडी ने इस मामले में विस्तृत जांच शुरू कर दी है। शर्मा के खिलाफ की गई इस कार्रवाई ने भोपाल सहित अन्य शहरों में हड़कंप मचा दिया है। ईडी की इस कार्रवाई के बाद मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। बरामद दस्तावेजों और नकदी से जुड़ी जांच में अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। यहां से शुरू हुआ मामलाबता दें कि ये कार्रवाई 19 दिसंबर की रात भोपाल के मेंडोरा जंगल में मिली इनोवा क्रिस्टा कार से शुरू हुई। जांच के दौरान कार से 52 किलोग्राम सोना और 10 करोड़ रुपये बरामद हुए थे। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद सौरभ शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद आयकर विभाग की ओर से सौरभ शर्मा के घर और ऑफिस सहित अन्य ठिकानों पर छापे मारे गए। इस दौरान नकद और सोने-चांदी की कई ईंट बरामद हुईं थी।

मध्यप्रदेश में आज और कल ओले-बारिश: भोपाल, इंदौर-ग्वालियर में भी पानी गिरेगा 

Hailstorm and rain in Madhya Pradesh today and tomorrow: Bhopal, Indore and Gwalior will also receive rainfall भोपाल से करीब 35 किलोमीटर दूर सीहोर जिले में गुरुवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। भोपाल । मध्यप्रदेश में अगले 2 दिन यानी, 27-28 दिसंबर को ओले, बारिश और आंधी का दौर रहेगा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में मौसम बदला रहेगा। इस दौरान भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, सागर और जबलपुर संभाग में ओले भी गिर सकते हैं। कुछ जिलों में हवा की रफ्तार 40-50Km तक रहेगी। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम एक्टिव है। वहीं, हवा का असर भी है। अगले 2 दिन सिस्टम का असर रहेगा। 29 दिसंबर को सिस्टम का असर कम हो जाएगा। फिर टेम्प्रेचर में गिरावट होगी। वहीं, कोहरा भी छाएगा। आज स्ट्रॉन्ग सिस्टम, पूरे प्रदेश में असर रहेगा मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को आंधी, बारिश और ओले का स्ट्रॉन्ग सिस्टम रहेगा। पूरे प्रदेश में ही मौसम बदला रहेगा। रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, सागर, पांढुर्णा और बड़वानी में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। यहां 40 से 50Km प्रति घंटे तक हवा चलेगी। यहां ऑरेंज अलर्ट है। अन्य जिलों में कहीं बारिश तो कहीं गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 27 दिसंबर: रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, सागर, पांढुर्णा और बड़वानी में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। यहां 40 से 50Km प्रति घंटे तक हवा भी चलने का अनुमान है। मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा में 30 से 40Km प्रति घंटा से हवा चलेगी और बारिश भी होगी। इसी तरह भोपाल, विदिशा, राजगढ़, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। 28 दिसंबर: नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा में ओले-बारिश का अलर्ट है। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, भिंड, मुरैना, श्योपुर, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी में हल्की बारिश और आंधी चल सकती है। 29 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में हल्के से मध्यम कोहरा छाया रहेगा। 30 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में हल्के से मध्यम कोहरा रहेगा।

अटल जन्म शताब्दी पर जैविक खेती को बढ़ावा: दमोह में जैविक खाद इकाई का शुभारंभ

Promotion of organic farming on Atal’s birth centenary: Inauguration of organic fertilizer unit in Damoh विशेष रिपोर्ट – उदित नारायण (संपादक)भोपाल ! organic farming Atal’s birth जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर 25 दिसंबर 2024 को दमोह के बटियागढ़ में एलसीबी फर्टिलाइजर्स द्वारा जैविक खाद उत्पादन इकाई का शुभारंभ किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य किसानों को पर्यावरण के अनुकूल और सस्ती जैविक खाद उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी फसल की गुणवत्ता में सुधार हो सके और मिट्टी की उर्वरता बनी रहे। जैविक खाद के उपयोग से किसानों को बेहतर उपज मिलेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ग्राम विकास एवं पंचायती राज मंत्री माननीय प्रहलाद पटेल जी ने कहा कि यह पहल न केवल किसानों की समस्याओं का समाधान करेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगी। इस परियोजना में Express e-Connect Private Limited जैसी प्रतिष्ठित फर्मों ने भी अपना सक्रिय सहयोग दिया है। ये फर्म तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करने के साथ-साथ उत्पादन और वितरण नेटवर्क को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाती हैं। Express e-Connect Private Limited ने किसानों तक जैविक खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उन्नत लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चैन सिस्टम लागू किया है। इसके साथ ही, ये फर्म किसानों को जैविक खेती के महत्व और इसके दीर्घकालिक लाभों के बारे में शिक्षित करने के लिए विशेष अभियान चला रही हैं। इस प्रकार, यह परियोजना केवल एक उत्पादन इकाई तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती के तरीकों से जोड़ने का एक माध्यम भी है। स्थानीय किसानों में इस पहल को लेकर काफी उत्साह है। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और इस नई इकाई के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। किसानों का मानना है कि जैविक खाद के उपयोग से उनकी फसल की गुणवत्ता में सुधार होगा और बाजार में उनकी उपज को बेहतर मूल्य मिलेगा। इसके साथ ही, यह पहल ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगी। जैविक खेती के इस बढ़ते चलन से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि यह रसायनों के अत्यधिक उपयोग को कम करता है। भविष्य में एलसीबी फर्टिलाइजर्स और Express e-Connect Private Limited जैसी कंपनियों ने अन्य स्थानों पर भी ऐसी इकाइयां स्थापित करने और किसानों को बेहतर सुविधाएं देने का संकल्प लिया है। इस पहल को क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर किसानों की समस्याओं का समाधान करने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। Read More : https://saharasamachaar.com/termination-or-removal-from-service-is-right-if-corruption-charges-are-proved-high-court/

भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होने पर सेवा समाप्त करना या सेवा से हटाना सही : हाईकोर्ट

Termination or removal from service is right if corruption charges are proved: High Court जबलपुर ! जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने भ्रष्टाचार के भौतिक व अभिलेख साक्ष्य उपलब्ध होने पर सेवा से पृथक किए जाने के निर्णय को सही ठहराया है. एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि पूरी प्रक्रिया में किसी प्रकार से प्राकृतिक न्याय सिद्धांत का उल्लंघन नहीं किया गया है. सेवा समाप्ति को दी गई थी चुनौती दरअसल, याचिकाकर्ता ओम प्रकाश धाकड़ की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि उसे पंचायत सचिव के पद से भ्रष्टाचार के आरोप में पृथक कर दिया गया है. भ्रष्टाचार के आरोप में जारी किए गए नोटिस पर उसके द्वारा पेश किए गए जवाब पर अनुशासनिक प्राधिकारी व अपीलीय प्राधिकारी ने कोई विचार नहीं किया, जो प्राकृतिक न्याय सिद्धांत का उल्लंघन है. याचिकाकर्ता की ओर से आगे तर्क दिया गया कि वह रायसेन के ग्राम पंचायत सेवासनी में ग्राम सचिव के पद पर पदस्थ था. ग्राम पंचायत में समग्र स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय निर्माण के लिए राशि आवंटित की गई थी. इस दौरान उसका स्थानांतरण ग्राम बड़ौदा में कर दिया गया था. इसके अलावा तत्कालीन सरपंच व सचिव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. कोर्ट ने कही ये बात एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि 110 शौचालय निर्माण का ठेके एक एजेंसी को दिया गया था. एजेंसी को भुगतान किए जाने के बावजूद भी 110 दिनों तक कोई निर्माण नहीं किया गया था. इसके अलावा तत्कालीन सरपंच ने 26,200 रु की राशि चेक के माध्यम से लौटाई थी, जिसे पंचायत के खाते में जमा नहीं किया गया. इसके अलावा भ्रष्टाचार के भौतिक व अभिलेख साक्ष्य उपलब्ध थे. इन सभी साक्ष्यों के मद्दनेजर कोर्ट ने याचिका को निरस्त करते हुए पंचायत सचिव को सेवा से पृथक किए जाने के निर्णय को सही बताया.

एमपी के धान किसानों को 2 हजार बोनस, उज्जैन में बनेगा 29 किमी लंबा घाट, मोहन कैबिनेट का फैसला

2 thousand bonus to paddy farmers of MP, 29 km long ghat will be built in Ujjain, decision of Mohan cabinet भोपाल ! मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए प्रति हेक्टेयर 2 हजार रुपए का अनुदान देने का ऐलान किया है. राज्य सरकार ने यह राहत प्रदेश के धान के किसानों को दी है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इसका निर्णय लिया गया. सरकार के इस फैसले से धान के छोटे किसानों को लाभ मिलेगा. इसमें धान के किसानों को प्रति हेक्टेयर 2 हजार रुपए का अनुदान मिलेगा. उधर किसानों को अतिरिक्त बिजली को लेकर भी सरकार ने कैबिनेट में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. किसानों को दिन में भी मिलेगी बिजलीमोहन सरकार में वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट में हुए निर्णयों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि, ”प्रदेश में किसानों को अभी 8 घंटे बिजली ही मिल रही है. कई बार किसानों को रात में बिजली नहीं मिल पाती है. ग्रामीण इलाकों में बिजली की मांग ज्यादा होती है. इसको देखते हुए सरकार ने फैसला किया है कि प्रदेश में 11 केवी के फीडर को सोलर प्लॉट से जोड़ा जाएगा. इसमें प्राइवेट सेक्टर भी निवेश कर सकेगा. इसमें प्रति मेगावॉट 4 करोड़ रुपए का खर्च आएगा. हालंकि केन्द्र सरकार की तरफ से प्रति फीडर 1 करोड़ की सहायता दी जाएगी. सरकार के इस फैसले से किसानों को दिन में भी बिजली मिल सकेगी.” सिंचाई का रकबा बढ़ाने बनाई जाएंगी योजनाएंमध्यप्रदेश में सिंचित भूमि के रकबे को 100 फीसदी करने के लिए योजना बनाई जाएगी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में शत-प्रतिशत सिंचाई के रकबे को करने के लिए अगले 10 सालों की योजनाएं बनाने का निर्णय लिया गया.

मध्यप्रदेश में सीजन का पहला मावठा गिरा, कोहरा भी छाया: 27 दिसंबर को ओले-बारिश गिरने कि सम्भावना ; भोपाल, सहित कई जिलें भीगेंगे

The first drizzle of the season fell in Madhya Pradesh, fog also prevailed: Strong system of hail and rain on 27 December; Bhopal, along with many other districts will get wet मंगलवार सुबह ग्वालियर-चंबल संभाग में कोहरा छाया रहा। भोपाल । मध्यप्रदेश में सीजन का पहला मावठा गिर रहा है। पिछले 24 घंटे में 10 से ज्यादा जिलों में हल्की बारिश हुई, जबकि ग्वालियर-चंबल संभाग में कोहरा छाया रहा। ऐसा ही मौसम अगले 4 दिन यानी, 28 दिसंबर तक बना रहेगा। 27 दिसंबर को ओले-बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम बनेगा। जिसका भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार-मंगलवार की रात में भिंड-सीहोर में बारिश हुई। वहीं, मंगलवार को पन्ना, दतिया, टीकमगढ़, बड़वानी, खजुराहो, निवाड़ी, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, श्योपुर में हल्की बारिश दर्ज की गई। भोपाल में पूरे दिन बादल छाए रहे। वहीं, सर्द हवाएं चलीं। जिससे लोग ठिठुर गए। इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी ऐसा ही मौसम रहा। हालांकि, दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… 25 दिसंबर: गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर में हल्के से मध्यम कोहरा रहेगा। 26 दिसंबर: खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, मंदसौर और नीमच में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया में हल्के से मध्यम कोहरा छाया रहेगा। 27 दिसंबर: इंदौर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, भिंड, मुरैना, श्योपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सागर और पांढुर्णा में ओले गिरने के साथ बारिश और 40 से 50Km प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। इसी तरह भोपाल, राजगढ़, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और मैहर में कहीं-कहीं बारिश और तेज हवा चलने का अनुमान है। 28 दिसंबर: अनूपपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, नर्मदापुरम, बैतूल, बालाघाट, पांढुर्णा में ओले गिरने के साथ तेज हवा चल सकती है। इसी तरह रायसेन, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, पन्ना, दमोह, सागर, मैहर में गरज-चमक और बारिश होने का अनुमान है। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर और नीमच में हल्के से मध्यम कोहरा रहेगा।

भोपाल में दो समुदायों के बीच झड़प-पथराव, लहराई गईं तलवारें… भारी पुलिस बल तैनात

Clash between two communities in Bhopal, stone pelting, swords waved… heavy police force deployed भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। मामला जहांगीराबाद की पुरानी गल्ला मंडी का है। जानकारी के मुताबिक, दो दिन पहले दो लोगों के बीच विवाद हुआ था, जिसमें अब दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। दोनों तरफ से पत्थर बरसाए गए। एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें लोग लाठियों और तलवारों के साथ नजर आ रहे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस के अधिकारी पहुंचे और हालात काबू में किए। अभी स्थिति सामान्य है और भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर विवाद की जड़ में क्या है। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। थाना प्रभारी आशीष उपाध्याय ने बताया कि दो दिन पहले दोनों पक्षों के युवकों के बीच मारपीट हुई थी। उसका बदला लेने के लिए मंगलवार सुबह एक पक्ष ने एकजुट होकर दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया।

रसोईघर में सब्जियों के साथ जहर न आ जाए, हरी-भरी सब्जियां भी नहीं हैं सुरक्षित, कृषि वैज्ञानिको ने चेताया

Poison should not come with vegetables in the kitchen, even green vegetables are not safe, agricultural scientists warned. भोपाल ! ठंड बढ़ते ही हरी साग-सब्जियां बाजार में नजर आने लगती हैं. दावा किया जाता है कि इन हरी सब्जियों को खाना काफी लाभदायक होता है क्योंकि इनमें अनेक विटामिन और पोषक तत्वों की भरमार होती है, लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो हरी सब्जियों पर आंख बंद करके भरोसा करना खतरनाक हो सकता है. दरअसल, इन सब्जियों को कीड़ों से बचाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने को लेकर रासायनिक कीटनाशक व दवाइयां का इस्तेमाल किया जाता है, जिनके ज्यादा उपयोग से ये सब्जियां जहरीली हो जाती हैं. सब्जियों से हो सकता है कैंसर वर्तमान समय में अधिक उत्पादन और जल्द कीटनाशकों से उपचार के लिए अधिकांश किसान रासायनिक सिस्टमिक कीटनाशक दवाइयां का उपयोग करते हैं. लेकिन यह दवाइयां इतनी खतरनाक होती हैं कि इनका प्रभाव सब्जियों से कभी समाप्त नहीं होता. ये अगर इंसानों के शरीर में प्रवेश कर जाएं तो खतरनाक बीमारियां का कारण बन जाती हैं. शुरुआती स्तर पर इनसे शुगर, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां होती है लेकिन खतरनाक केमिकल्स के प्रभाव से कैंसर तक हो सकता है. नहीं खत्म होता केमिकल्स का असर कृषि वैज्ञानिक विजय कुमार पराड़कर ने बताया, ” आज के वर्तमान समय में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है पर अभी भी अधिकांश किसान रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग कर खेती करते हैं. परंतु जब वे खेतों में कीटनाशक का उपयोग करते हैं तो उन कीटनाशक दवाइयां पर लिखे निर्देशों को कई बार अनदेखा कर देते हैं. उनमें साफ लिखा हुआ होता है कि जब सब्जियों का पौधा फूल या प्राथमिक स्थिति में होता है, तब उसका उपयोग नियमित मात्रा में करना चाहिए और सब्जी तोड़ने या बाजार में भेजने के लगभग 10 या 7 दिन पूर्व इनका छिड़काव पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए, लेकिन कुछ ऐसे सिस्टमिक रासायनिक कीटनाशक होते हैं जिनका असर खत्म ही नहीं होता.” प्राकृतिक खेती को मिल रहा बढ़ावा रासायनिक कीटनाशकों व उत्पाद दवाओं के इस्तेमाल से की जाने वाली खेती की जगह अब प्राकृतिक खेती को जोर दिया जाने लगा है. ऐसी खेती से पैदा हुई सब्जियां, फसलें और फल काफी सुरक्षित माने जाते हैं. प्राकृतिक खेती के लिए लोगों में जागरूकता भी आ रही है, जिसमें पुराने जमाने में इस्तेमाल किए जाने वाले प्राकृति संसाधन व कीटनाशक जैसे गोमूत्र, कड़वी नीम,राख आदि का उपयोग किया जाता है. इससे फसलों को बीमरियों से बचाने के साथ इंसानों को भी भयानक बीमारियों से बचाया जा सकता है.

मध्यप्रदेश में सीजन का पहल मावठ, ओले भी गिरेंगे: 23 से 28 दिसंबर के बीच बदला रहेगा मौसम; भोपाल सहित कई जिलें भी भीगेंगे ।

Madhya Pradesh will witness the first drizzle of the season, hail will also fall: Weather will remain changed between 23 and 28 December; Many districts including Bhopal will also get wet. बदले मौसम का असर भोपाल में भी होगा। भोपाल । मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम बदलेगा। मौसम विभाग ने 23 से 28 दिसंबर के बीच प्रदेश में सीजन का पहला मावठा गिरने का अनुमान जताया है। बारिश के साथ कुछ हिस्सों में ओले भी गिरेंगे। बदले मौसम का असर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में दिखाई देगा। सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर हो सकता है। इस कारण उत्तर-पश्चिमी हवाएं आएंगी, जो अरब सागर से नमी लाएंगी। बंगाल की खाड़ी से पूर्वी हवाएं भी आएंगी। इस कारण प्रदेश में बादल छाने के साथ हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर ओले गिरने की संभावना भी है। दिसंबर में बारिश का रहता है ट्रेंड प्रदेश में दिसंबर में बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। इस वजह से दिन-रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी और हो जाएगी, लेकिन सिस्टम के गुजरने के बाद सर्दी फिर से तेज हो जाएगी। अगले 5 दिन ऐसा रहेगा मौसम 23 दिसंबर: मुरैना, भिंड, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और बुरहानपुर में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। वहीं, ग्वालियर, मुरैना और भिंड में कोहरा रहेगा। 24 दिसंबर: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज और सीधी में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। 25 दिसंबर: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में कोहरा रहेगा। 26 दिसंबर: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, सागर, दमोह, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, खरगोन, बड़वानी, धार, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।

MP में 6.9° तक बढ़ा टेम्प्रेचर: भोपाल सहित कई जिलों में 8 के पार पहुंचा; अगले कुछ दिन ऐसा ही रहेगा मौसम

Temperature increased by 6.9° in MP: crossed 8 in many districts including Bhopal; weather will remain the same for the next few days भोपाल में अभी ठंड का असर और भी कम होगा। भोपाल । बर्फीली हवा का असर कम होते ही मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर भी खत्म हो गया है। इस वजह से प्रदेश में रात का पारा 6.9 डिग्री तक बढ़ गया है। ये बढ़ोतरी बालाघाट के मलाजखंड में गुरुवार-शुक्रवार की रात में हुई है। कुछ दिन पहले यहां तेज सर्दी पड़ रही थी, लेकिन अब पारा 14.5 डिग्री पहुंच गया है। मौसम विभाग की माने तो अभी ठंड का असर और भी कम होगा। 25 दिसंबर से तेज सर्दी का दूसरा दौर आएगा। सर्दी से पहले प्रदेश के उत्तरी हिस्से में कोहरे का असर बना रहेगा। शनिवार सुबह भी ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह में कोहरा रहा। प्रदेश में अगले 4 दिन ऐसा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 दिन तक दिन-रात के तापमान में और भी बढ़ोतरी होगी। ग्वालियर, चंबल, भोपाल, उज्जैन और सागर संभाग में 3 से 4 डिग्री, इंदौर, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग में न्यूनतम तापमान 2-3 डिग्री बढ़ सकता है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के गुजरने के बाद सर्दी का असर मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम हिस्से में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। वहीं, एक और सिस्टम 27 दिसंबर से एक्टिव हो रहा है। इनके गुजरने के बाद ठंड का असर बढ़ेगा, क्योंकि पहाड़ों में बर्फबारी होगी। जिससे उत्तरी हवा फिर से चलने लगेंगी। एमपी में 5 डिग्री के ऊपर पहुंचा पारा, खजुराहो में सबसे कम गुरुवार-शुक्रवार की रात प्रदेश में पारा 5 डिग्री के ऊपर रहा। छतरपुर के खजुराहो में सबसे कम 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 6.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 6.5 डिग्री, नौगांव में 6.6 डिग्री रहा। बाकी शहरों में पारा 7 डिग्री से अधिक ही दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल में 8.6 डिग्री, ग्वालियर में 8.2 डिग्री रहा। वहीं, जबलपुर में 10 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और इंदौर में तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

मध्य प्रदेश में कोदो का कहर : दो दिन में दो जिलों में 13 लोग बीमार, स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप, सैंपल जांच के लिए भेजे

Kodo havoc in Madhya Pradesh: 13 people fell ill in two districts in two days, panic in health department, samples sent for testing मध्य प्रदेश में इन दिनों कोदो का कहर जारी है। दो दिनों में दो जिलों में 13 लोग इसे खाने से बीमार हो गए हैं। लगभग दो महीने पहले इसे खाने से 10 हाथियों की मौत भी हो चुकी है। कोदो की रोटी खाने से शहडोल में एक दिन पहले चार, कटनी में एक परिवार के तीन सदस्य और आज यानी गुरुवार को छह लोग बीमार हो चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोदो की पुरानी रोटी फूड पॉइजनिंग का कारण हो सकती है। या चने की भाजी में अत्यधिक उपयोग हो रहा खाद इसकी वजह हो सकता है। जांच के बाद सब स्पष्ट हो सकेगा। जानकारी के मुताबिक कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से दूसरे दिन भी जिला अस्पताल में एक ही परिवार के छह सदस्य भर्ती हुए हैं। इसमें दो बच्चे भी शामिल हैंं। डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत खतरे के बाहर है। ज्ञात हो कि मंगलवार को दादरा टोला के चार सदस्य कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से बीमार हुए थे, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। अब बुधवार रात मुख्यालय से सटे ग्राम चाका में एक ही परिवार के छह सदस्य कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से बीमार हो गए हैं। डॉक्टरों की टीम जिनका इलाज कर रही है। लगातार दूसरे दिन भी कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से बीमार लोगों से स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रभारी सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिसिन डॉक्टर के साथ एक बैठक कर कोदो की सैंपलिंग करने की बात कही है। खाना खाने के आधे घंटे बाद बिगड़ी तबीयत रामचरण कोरी ने बताया कि बीती रात्रि 8:30 बजे परिवार के सभी लोग इकट्ठा हुए और कोदो की रोटी और चने की भाजी खाई थी। आधे घंटे बाद परिवार के 6 सदस्य ने खाना खाया था, उन सबकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और सबको चक्कर के साथ उल्टियां आनी शुरू हो गई। इसके बाद पड़ोस के रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने निजी वाहन से सभी को जिला अस्पताल लाकर भर्ती करवाया है। इसमें रामचरण कोरी (58), सावित्री ( 55), रामकुमार (35), राजकुमारी कोरी (25), दो बच्चों में जिया 7 वर्ष एवं सूर्या 6 वर्ष शामिल है। परिवार के 6 सदस्यों में दो बच्चे बच्चा वॉर्ड के आईसीयू वार्ड में भर्ती किए गए हैं, जिनका इलाज शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुनील हथगेल के द्वारा किया जा रहा है। सीएमएचओ एवं प्रभारी सिविल सर्जन ने बुलाई बैठक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रभारी सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश मिश्रा ने लगातार दूसरे दिन भी कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से भर्ती हुए मरीजों से मुलाकात कर डॉक्टरो से चर्चा की है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि जिन डॉक्टरों ने मरीजों का इलाज किया है, उनके साथ एक बैठक कर चीजों को बारीकी से पता लगाने की कोशिश की जा रही है। किन वजह से दो दिनों के भीतर 10 लोग बीमार हुए हैं। सीएमएचओ ने बताया कि जिस कोदो को खाने से लोग बीमार हुए हैं। उसका सैंपल लेने के निर्देश फूड विभाग को जारी किए गए हैं। कोदो और चने की भाजी का फूड विभाग सैंपल लेकर जांच के लिए भेजेगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद चीज स्पष्ट हो सकेगी कि किस वजह से लोग बीमार हो रहे हैं। एक दिन पहले चार लोग हुए थे बीमार शहडोल मुख्यालय से लगे गांव खम्हरिया पंचायत के ददरा टोला में मंगलवार रात एक परिवार के सदस्यों ने कोदो की रोटी के साथ चने की भाजी खाई थी, इसके कुछ देर बाद उन्हें उल्टी दस्त शुरू हो गई और तबीयत बिगड़ने लगी। एक युवक ने खाना नहीं खाया था, उसकी तबीयत नहीं बिगड़ी और उसने पड़ोसियों से मदद लेकर सभी को जिला अस्पताल उपचार के लिए लाकर भर्ती करवाया। बताया गया कि खम्हरिया पंचायत के ददरा टोला गांव निवासी राजेंद्र सिंह की अमलाई निवासी उनकी बुआ शाम घर आई थीं। रात में भोजन में कोदो की रोटी और चने की भाजी बनी थी। सभी भोजन करने के बाद सो गए। रात करीब दो बजे राजेंद्र सिंह मरावी, लक्ष्मी सिंह, रामवती सिंह और चंदा बाई की तबीयत बिगड़ गई। सभी को उल्टी-दस्त होने लगे। सभी को जिला अस्पताल लाया गया, जिन्हें जांच के बाद भर्ती कर लिया गया। कटनी में दादा-पोते सहित तीन बीमार कटनी जिले में कोदो की रोटी खाकर दादा पोते सहित तीन लोग बीमार हुए हैं। मामला कटनी जनपद पंचायत के ग्राम जरवाही का बताया गया, जहां सुबह के वक्त आलू की सब्जी के साथ कोदो की रोटी खाने से दादा और उनके दो पोते को अचानक चक्कर के साथ उल्टी होने लगी। तीनों की एक साथ बिगड़ी तबीयत देख परिजन उन्हें तत्काल 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल लाए थे। ड्यूटी में मौजूद डॉक्टर नर्स ने प्राथमिक इलाज के साथ तीनों को भर्ती किया है। उर्मिला बाई ने बताया कि हमेशा की कोदो की रोटी और सब्जी खिलाया था, लेकिन सबकी तबीयत बिगड़ गई। बेटा घर में था नहीं इसलिए पड़ोसियों की मदद से सभी को एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल ले आए, यहां इलाज हो रहा है। पीड़ित सोने लाल चौधरी ने बताया कि सुबह कोदो की रोटी अपने पोतों के साथ खाई थी, जिसके बाद मैं घर के बाहर घूमने निकला तो चक्कर आने लगे। तभी घर में खेल रहे पोते भी बेहोश हो गए थे। हम लोगों को समझ नहीं आया कब गाड़ी में बैठे और अस्पताल आ गए। हम लोग सिर्फ कोदो की रोटी और सब्जी खाए बस, अभी तबीयत ठीक है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ अमर उजाला की टीम ने विशेषज्ञों से इसके बारे में जब चर्चा की तो शहडोल में मेडिसिन विभाग के डॉक्टर गंगेश डांडिया ने बताया कि कोदो अगर अधिक पुराना है तो फूड पॉइजनिंग की आशंकाएं हो सकती हैं। लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। सभी भर्ती मरीजों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। डॉ. … Read more

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