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मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का सितम जारी, 25 दिसंबर से तेज सर्दी का दूसरा दौर 

Severe cold continues in Madhya Pradesh, second round of severe cold from December 25  भोपाल । मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का दूसरा दौर 23 से 25 दिसंबर के बीच आएगा। यह जनवरी 2025 तक रहेगा। इससे पहले अगले 4-5 दिन तक प्रदेश के उत्तरी हिस्से यानी ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में कोहरा रहेगा। भोपाल, उज्जैन, जबलपुर में रात का पारा 8-10 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहेगा। मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में कोहरा छाने का अनुमान जताया है। बाकी जगहों पर मौसम साफ रहेगा। दिन में तेज धूप हो सकती है। ठंड से थोड़ी राहत, 2 डिग्री तक बढ़ा पारा मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश में कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिली। रात के पारे में 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, कई शहर ऐसे हैं, जहां पारा 5 डिग्री सेल्सियस से कम ही रहा। पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 2.4 डिग्री दर्ज किया गया। मंडला में 3.5 डिग्री, उमरिया में 3.8 डिग्री, नौगांव में 4 डिग्री, टीकमगढ़ में 5.3 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री और राजगढ़ में 5.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 5.2 डिग्री, ग्वालियर में 5.4 डिग्री, भोपाल में 6.2 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और इंदौर में 11.6 डिग्री सेल्सियस टेम्प्रेचर दर्ज किया गया। हालांकि, बुधवार को दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत कई शहरों में पारा 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। इसलिए बदला मौसम  मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने कहा- शीतलहर और कोल्ड डे यानी ठंडे दिन की कंडीशन खत्म हो गई है। चार से पांच दिन तक टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी रहेगी। जिससे ठंड का असर कम होगा। उत्तर भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के गुजरने के बाद बर्फबारी होगी। उत्तरी हवाएं फिर चलने लगेंगी। इसके बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर दोबारा आएगा। दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड इस बार दिसंबर महीने में ही ठंड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली। बुधवार से शीतलहर का दौर थमा। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई जबकि वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगा दिए गए। मंदिरों में भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए जा रहे हैं।

विधायक को विधानसभा में बोलने से रोका तो मौन धरने पर बैठे, गले में शराब की बोतल पहनकर पहुंचे विधायक

When the MLA was stopped from speaking in the Assembly, he sat on a silent dharna, the MLA arrived wearing a liquor bottle around his neck. विधानसभा में शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन है। बाप पार्टी से विधायक कमलेश्वर डोडियार मौन धारण की मुद्रा में दिखाई दिए। कमलेश्वर डोडियार पीला कपड़ पलेटकर और मुंह को कागज से बंद करके मौन धारण करकरे बैठे गए। डोडियार का कहना है कि उन्हें विधानसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा है। इसलिए वे विधानसभा के बाहर मौन धारण करके बैठे है। वहीं उज्जैन से कांग्रेस विधायक महेश परमार अनोखा प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए। कांग्रेस विधायक महेश परमार गले में शराब की बोतलों की माला पहनकर विधानसभा पहुंचे। डॉक्टर पर गाली देने का आरोप विधायक कमलेश्वर डोडियार को रतलाम के बंजली में आंदोलन करने से पहले गिरफ्तार कर लिया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद उन्हें और उनके समर्थकों को चौथे दिन जमानत मिल गई थी। पुलिस ने डोडियार समेत 14 लोगों को हिरासत में लिया गया था। कमलेश्वर डोडियार ने जेल से रिहा होने के बाद जिला अस्पताल के एक डॉक्टर पर आरोप लगाते हुए कहा थ कि 5 दिसंबर को अस्पताल के डॉक्टर ने मुझे गालियां दी थी, मुझे अपमानित किया था, इसी को लेकर पूरा आदिवासी समाज रतलाम में आंदोलन करने जा रहा था। हमने आंदोलन से पहले डॉक्टर के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन डॉक्टर को सस्पेंड नहीं किया गया। हम 11 दिसंबर को आंदोलन करने वाले थे। हम शांतिपूर्वक आंदोलन करने वाले थे, लेकिन सरकार ने तानाशाही तरीके से मुझे 11 तारीख को गिरफ्तार कर लिया गया। मुझे और मेरे समर्थकों को ेस4 दिनों तक जेल में रखा गया। जिससे आदिवासी समाज में रोष है। डोडियार ने आगे कहा था कि में विधानसभा में मामले में अपनी बात रखूंगा। कांग्रेस विधायक का शराब घोटाले को लेकर प्रदर्शन उज्जैन से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने विधानसभा में शराब की बोतलों की माला पहनकर प्रदर्शन करते हुए कहा है कि प्रदेश में शराब के घोटाले चल रहे है। प्रदेश में दिल्ली से भी बड़े धोटाले हो रहे है, लेकिन सरकार सो रही है। हर जिले में करोड़ों के शराब घोटाले हो रहे है। कांग्रेस के इस अनोखे प्रदर्शन को लेकर बीजेपी ने कहा है कि सदन में इस तरह से शराब की बोतले ले जाना उचित नहीं है। सदन में जहां गांधी जी की प्रतिमा लगी है वहां शराब की बोतलों की माला पहनकर कांग्रेस जा रहे है। कांग्रेस विधायकों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

मध्य प्रदेश में टीबी का कहर, राजधानी में सबसे ज्यादा मरीज, देखें आंकड़े

TB havoc in Madhya Pradesh, highest number of patients in the capital, see figures स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में अभियान चलाकर सालभर में 1.66 लाख मरीजों की पहचान की है। सबसे ज्यादा 11768 मरीज भोपाल में मिले हैं। इसके बाद इंदौर और फिर छतरपुर का नंबर है। सबसे कम 608 मरीज निवाड़ी जिले में मिले हैं। सतना जिला 4680 मरीजों के साथ प्रदेश में 10वें पायदान पर है। हालांकि विभाग प्रदेश में लक्ष्य के मुकाबले 88 फीसदी मरीजों की ही पहचान कर सका है। अभियान के तहत जिलों में आबादी के अनुसार जनवरी से दिसंबर 2024 तक मरीजों(TB cases in MP) को तलाशने का लक्ष्य दिया गया था। दो जिलों में शत-प्रतिशत प्रदेश में 1.90 लाख टीबी मरीजों(TB cases in MP) को तलाशने का लक्ष्य था, जिसमें से विभाग 1.66 लाख मरीजों की पहचान कर सका है। प्रदेश में लक्ष्य के मुकाबले अभी 12 फीसदी मरीजों तक महकमा नहीं पहुंच सका है। प्रदेश के सिर्फ दो जिले शिवपुरी में 110 प्रतिशत, बुरहानपुर में 109 प्रतिशत टीबी मरीज की पहचान की जा चुकी है।

कांग्रेस पार्टी ने स्वर्गीय मनोज परमार के बच्चों को भेंट की 5 लख रुपए की गुल्लक

Congress party presented a piggy bank of 5 lakh rupees to the children of late Manoj Parmar भोपाल । भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी को जिन बच्चों ने गुल्लक भेंट की थी, उनके पिता मनोज परमार और मां ने आत्महत्या की। सर्वप्रथम उनकी आवाज प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी  और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उठाई थी। उन्होंने राहुल गांधी से बच्चों की बात कराई थी।  प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आवाह्न पर भोपाल में जंगी प्रदर्शन का ऐलान किया था। 16 तारीख को मंच से पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने कहा कि प्रेम की गुल्लक का कर्ज प्रेम से निभाएंगे और जो राहुल को प्यार और सम्मान, उनकी भावनाएं समझी, बच्चों उसका मैत्री सम्मान कांग्रेस पार्टी सदैव निभाएगी और उनका ध्यान रखेगी ।  पूर्व मंत्री पूर्व सज्जन वर्मा, कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, विक्रम मस्ताल हनुमान, प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह राजावत ने बच्चों से मुलाकात की परिवार जनों से भेंट करके सांत्वना दी। ₹500000 की राशि की गुल्लक उन बच्चों भेंट की और आगामी पढ़ाई तक उनका खर्च पढ़ाई का उठाने का वादा किया ।  बच्चों से सज्जन वर्मा ने कहा  मेरे पास इनकम टैक्स के 100 से ज्यादा नोटिस आए हैं ।  मुकेश परमार के परिवार को जिस मुश्किल की घड़ी में भारतीय जनता पार्टी  जो सत्ता में है, उसकी मदद करनी चाहिए। वो परेशान कर रही है। इनकम टैक्स, ई डी पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल करके डरा रही है पर बच्चों भयभीत मत होना, मैं तुम्हारे साथ खड़ा हूं ।

कटोरा लेकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक: भाजपा सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन के गंभीर आरोप

Congress MLA reaches assembly with bowl: Serious allegations of financial mismanagement on BJP government नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार जी के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने आज मध्यप्रदेश विधानसभा के दूसरे दिन कटोरा लेकर सरकार के खिलाफ अनोखा विरोध दर्ज कराया।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के जनप्रतिनिधि “कर्ज लेकर घी पी रहे हैं” और जनता पर लगातार आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। सिंगार ने कहा, “जब नेतृत्व कमजोर हो, तो कर्ज बोझ बन जाता है और उसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है।”भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने इसे “वित्तीय अपराध” करार दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने न सिर्फ मध्यप्रदेश को कर्ज के तले दबाया है, बल्कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए जनता के खून-पसीने की मेहनत से भरे खजाने को नुकसान पहुंचाया है। “भाजपा सरकार ने राज्य को आर्थिक संकट में डाल दिया है और अब ‘कटोरा’ लेकर भीख मांगने की नौबत आ गई है,” विपक्ष ने सदन में सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा।कांग्रेस विधायकों ने कर्ज की बढ़ती दरों और राज्य की आर्थिक स्थिति के बिगड़ते हालातों को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की। उनका कहना था कि कर्ज का भार प्रदेश के विकास में बाधक बन रहा है और इसका सीधा असर आम जनता की जिंदगी पर पड़ रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि अगर भाजपा सरकार इसी तरह जनविरोधी आर्थिक नीतियों पर चलती रही, तो प्रदेश का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।

मध्यप्रदेश वासियों के लिए खुशखबरी, फाइलों के ढेर और बाबुओं के चक्कर से मिली मुक्ति , अब प्रदेश में लगेंगे ई ऑफिस

Good news for the people of Madhya Pradesh, freedom from piles of files and the affairs of babus, now e-offices will be set up. भोपाल ! मध्यप्रदेश में सरकारी कामकाज में तेजी लाने की कोशिश की जा रही है। इसके अंतर्गत प्रदेश में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य में अब सभी काम ऑनलाइन होंगे। ऑफिसों में फाइलों के ढेर और बाबुओं के चक्कर से मुक्ति मिल गई है। राज्य सरकार ने प्रदेश में ई ऑफिस लगाने की कवायद की है जिसका काम शुरु भी हो गया है। नए साल से मंत्रालय वल्लभ भवन में सभी विभागों में ई-ऑफिस के माध्यम से ही फाइलें निपटाई जाएंगी। इससे फाइलों की मॉनिटरिंग में भी आसानी होगी। ई-ऑफिस के लिए कर्मचारियों, अधिकारियों को बाकायदा प्रशिक्षण दिया गया है। कामकाज में तेजी और फाइलों की स्थिति की ट्रैकिंग के लिए ई-ऑफिस के संचालन की कवायद की जा रही है। राज्य मंत्रालय वल्लभ भवन के सभी विभागों में 1 जनवरी 2025 से ई-ऑफिस संचालित किए जाएंगे। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागीय प्रमुखों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्रालय में करीब डेढ़ दर्जन विभागों में ई-ऑफिस शुरु भी हो गए हैं। अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था से टेबल पर से फाइलों का ढेर हट जाएगा। मंत्रालय में 39 विभागों में ई-ऑफिस चालू होगा जिनमें से 17 में ई- फाइल सिस्टम प्रारंभ भी हो चुका है। बाकी 22 विभागों में भी 1 जनवरी से ई-ऑफिस लगने लगेंगे।राजधानी के सभी विभागाध्यक्ष कार्यालयों यानि संचालनालयों को भी ई-ऑफिस से जोड़ दिया गया है। राज्य के सभी संभागों और जिलों में भी जल्द ही ई-ऑफिस चालू कराए जाएंगे। कैबिनेट प्रस्ताव भी ऑनलाइन राज्य मंत्रालय वल्लभ भवन के विभागों में अब ई- फाइलें ही बनेंगी। यहां तक कि कैबिनेट प्रस्ताव भी ऑनलाइन तैयार किया जाएगा। कैसा होगा ई-ऑफिस ई-ऑफिस में सभी काम ऑनलाइन होंगे। अधिकारी कर्मचारी कंप्यूटर पर फाइलें निपटाएंगे। सरकारी कामकाज ई- फाइलों से ही होंगे। मैन्युअल फाइलिंग बंद हो जाएगी। पुरानी नस्तियों को भी ई- फाइलों में रखा जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों के लिए मैन्युअल फाइलें ही चलेंगी।

सीहोर के कारोबारी मनोज परमार के बच्चों से मिलेंगे पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, भेंट करेंगे ‘गुल्लक’

Former minister Sajjan Singh Verma will meet the children of Sehore businessman Manoj Parmar, will present ‘gullak’ MP News: सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि मनोज परमार के दोनों बच्चों की जीवन भर की पढ़ाई का खर्च उनकी ओर से उठाया जाएगा. इस संबंध में कांग्रेस के कई नेताओं ने आगे बढ़कर मदद करने का वादा भी किया है. मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा सीहोर जिले के कारोबारी मनोज परमार के बच्चों को आज मंगलवार (17 दिसंबर) को बड़ी गुल्लक भेंट करने वाले हैं. इसके अलावा पूर्व मंत्री बच्चों को कई और सुविधा देंगे, जिसके जरिए वह अच्छी तालीम ग्रहण कर सकेंगे. कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान मनोज परमार के बच्चों ने उन्हें गुल्लक भेंट की थी. सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि जब बच्चों ने गुल्लक भेंट की थी, उस समय वे वहीं मौजूद थे. बच्चों ने कहा था, “राहुल गांधी जी, आप अच्छा काम कर रहे हैं और भारत जोड़ने के लिए निकले हैं, हमने अपनी गुल्लक में जो राशि एकत्रित की है वह आपको भेंट कर रहे हैं, आपको जहां भी कोई अच्छा कार्य लगे उस पर यह राशि खर्च कर दीजिएगा.” उन्होंने बताया कि अब वह उन बच्चों को उनकी गुल्लक लौटने जा रहे हैं. मंगलवार को पूर्व मंत्री परमार दंपती के घर जाकर बड़ी गुल्लक बच्चों को सौंपेगे. उन्होंने बताया कि दोनों बच्चों की जीवन भर की पढ़ाई का खर्च उनकी ओर से उठाया जाएगा. इस संबंध में कांग्रेस के कई नेताओं ने आगे बढ़कर मदद करने का वादा भी किया है. परमार दंपती का परिवार कांग्रेस का परिवार है. बड़ी गुल्लक में पांच लाख रुपये पूर्व मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार के जीवन की मुश्किलें आसान करने के लिए उनकी ओर से छोटा सा प्रयास किया जा रहा है. वे बड़ी गुल्लक के रूप में पांच लाख रुपये पीड़ित परिवार के बच्चों को भेंट करने जा रहे हैं. दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय के छापे के बाद परमार दंपती ने आत्महत्या कर ली थी. कांग्रेस से जुड़े मनोज परमार उनकी पत्नी नेहा परमार खुदकुशी करते हुए सुसाइड नोट भी लिखा था. वहीं बच्चों का आरोप है कि उन्हें बीजेपी ज्वाइन करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था. दूसरी तरफ बीजेपी का कहना है कि मनोज परमार पर आपराधिक मामले दर्ज थे. बीजेपी में उनके लिए कोई जगह नहीं थी. इन सबके बीच अब कांग्रेस पूरे मामले को प्रदेश स्तर पर ले जाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है.

WEATHER UPDATE:  एमपी में ठंड का सितम जारी , भोपाल में टूटा 58 साल का रिकॉर्ड 

WEATHER UPDATE: Cold wave continues in MP, 58 year old record broken in Bhopal  8 दिन से चल रही शीतलहर; भोपाल समेत 20 जिलों में आज भी ऐसा ही मौसम भोपाल । मध्यप्रदेश में इस बार जनवरी से भी ठंडा दिसंबर है। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पिछले 8 दिन से शीतलहर चल रही है, जो 9वें दिन मंगलवार को भी चलेगी। मौसम विभाग ने भोपाल, जबलपुर समेत 20 जिलों में कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। कड़ाके की ठंड की वजह से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए हैं। सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, मंगलवार के बाद शीतलहर का दौर खत्म होने का अनुमान है और कुछ दिन तक थोड़ी राहत मिल सकती है। मंगलवार को 20 जिलों में शीतलहर चलने का अनुमान है। इनमें से 6 जिले- शाजापुर, आगर-मालवा, सीहोर, रायसेन, मंडला और छतरपुर में पेड़-पौधों की पत्तियों पर बर्फ भी जम सकती है। पचमढ़ी में 1.9 डिग्री, शहडोल का कल्याणपुर भी रहा ठंडा  प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। रविवार-सोमवार की रात में इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 1.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीती रात की तुलना में 0.9 डिग्री की बढ़ोतरी जरूर हुई है। शहडोल के कल्याणपुर में तापमान 2.3 डिग्री रहा। राजधानी भोपाल में पारे में गिरावट हुई और यह 3.3 डिग्री पर आ पहुंचा। मंडला में 3 डिग्री और उमरिया, शाजापुर के गिरवर में 3.3 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़, खजुराहो में पारा 5 डिग्री के नीचे ही रहा। भोपाल में टूटा 58 साल का रिकॉर्ड, पारा 3.3 डिग्री रहा भोपाल में दिसंबर की सर्दी का 58 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। 15-16 दिसंबर की रात में टेम्प्रेचर 3.3 डिग्री रहा। अब पारा 0.3 डिग्री लुढ़का तो ओवरऑल रिकॉर्ड टूट जाएगा। कड़ाके की ठंड की वजह से भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों के लिए हीटर लगाए गए हैं। वहीं, हाउस की खिड़कियों को बंद किया गया है। ताकि जानवरों को ठंड न लगे।

सरकार को जवाब पेश करने की आखिरी मोहलत दी , हाईकोर्ट ने पूछा-थानों में मंदिर कब-किसके आदेश से बना,बताएं

The government was given 7 days time to submit its reply, the High Court asked – when and by whose orders the temples were built in the police stations, please tell. जबलपुर । मध्यप्रदेश के थानों में बने या बन रहे मंदिरों पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब पेश करने के लिए 7 दिन की आखिरी मोहलत दी है। 19 नवंबर और इसके पहले 4 नवंबर को भी हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था। सोमवार (16 दिसंबर) को जबलपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा, ‘जल्द से जल्द राज्य सरकार पूरे प्रदेश के थानों के अंदर बने मंदिर और अन्य धार्मिकस्थलों की पूरी सूची पेश करे।’ हाईकोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा है कि प्रदेश के किस थाने में कब मंदिर बनाए गए और मंदिर बनाने के लिए आखिर किसने आदेश दिए थे?’ याचिका जबलपुर के ओपी यादव ने दायर की है। एक महीने पहले भी इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने थानों में बन रहे मंदिरों पर रोक लगाई थी। कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि आखिरकार कैसे सरकारी जमीन पर मंदिर बन रहे हैं?’ मामले पर सरकार ने अपनी शुरुआती आपत्तियां भी बताई थीं। इसे मानने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। सीएस और डीजीपी को नोटिस देकर जवाब मांगा थाएक महीने पहले याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ की डिवीजन बेंच ने प्रदेश के मुख्य सचिव (सीएस) अनुराग जैन और डीजीपी को नोटिस देकर जवाब मांगा था। नोटिस गृह विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग को भी दिए गए। याचिकाकर्ता ओपी यादव ने जबलपुर शहर के सिविल लाइन, लार्डगंज, मदनमहल और विजय नगर थाने में बने मंदिरों की फोटो भी याचिका में लगाई। उन्होंने बताया था कि पुलिस अफसर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। कई थानों में अंग्रेजों के समय बने हनुमान मंदिरप्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे थाने भी हैं, जहां अंग्रेजों के समय से मंदिर बने हैं। जबलपुर में ही कोतवाली थाना परिसर में बना हनुमान मंदिर 150 वर्ष पुराना है। इस मंदिर का निर्माण अंग्रेजी शासन काल में सैनिक पद पर रहने वाले पंडित नाथूराम व्यास द्वारा कराया गया था। इसी तरह मंडला, कटनी, रीवा, सागर, बालाघाट, बैतूल में भी कई थाने हैं, जो अंग्रेजों के समय के हैं। उप पुलिस अधीक्षक मदन मोहन समर कहते हैं कि ब्रिटिश सरकार की सैन्य और पुलिस छावनी में मंदिर और दूसरे धार्मिक स्थल बनाए जाने की परिपाटी शुरू हुई थी। थानों में जो मंदिर बने हैं, वह ज्यादातर आवासीय परिसर में बने हैं।

मध्य प्रदेश कांग्रेस का प्रदर्शन: रोशनपुरा चौराहे पर पुलिस की बैरिकेडिंग, आ रहे कांग्रेस नेताओं को रोका

Demonstration of Madhya Pradesh Congress: Police barricading at Roshanpura intersection, stopped the coming Congress leaders. राजधानी भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन जारी, महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा भी पहुंची MP Congress Protest: मध्य प्रदेश कांग्रेस का विधानसभा का घेराव का प्रदर्शन जारी है। सोमवार को एमपी कांग्रेस के इस प्रदर्शन में प्रदेशभर के हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। अभी भोपाल के जवाहर चौक इलाके में सभा चल रही है। इसके बाद कांग्रेस के नेता हजारों कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा की ओर कूच करेंगे। उनको रोकने के लिए पुलिस ने रोशनपुरा चौराहे पर बैरिकेडिंग कर रखी है। यहां वाटर कैनन भी मौजूद है। वहीं दूसरे जिलों से आ रहे कांग्रेस नेताओं को रोकने के लिए पुलिस ने भोपाल से लगी सड़कों पर भी बैरिकेड्स लगा रखे हैं। राजगढ़ जिले से आए कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका तो जिला पंचायत अध्यक्ष चन्दर सिंह राजगढ़ की अधिकारियों से बहस हो गई। प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, विधायक और कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। मनोज परमार के बच्चों की करेंगे मदद: सज्जन कांग्रेस की सभा में सज्जन सिंह वर्मा ने कहा- मणिपुर जल रहा है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में सुरक्षित हैं लेकिन वहां हिंदू मारे जा रहे हैं। वर्मा ने कहा कि मनोज परमार और उनकी पत्नी नेहा ने बीजेपी और ईडी के दबाव में आत्महत्या कर ली। आज बीजेपी के लोग उन बच्चों को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। मैं कल अपने पार्टी के तमाम साथियों से मदद लेकर एक बड़ी गुल्लक उन बच्चों को देने जाऊंगा। ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए और भविष्य में तकलीफ न हो। रावत को लेकर जयवर्धन का तंज पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि बीजेपी सरकार ने लाड़ली बहन योजना की राशि 1250 रुपए में एक रुपया भी नहीं बढ़ाया। चुनाव जीतने के बाद बीजेपी ने लाड़ला नेता योजना शुरू की। उस लाड़ला योजना के सबसे पहले लाभार्थी बने रामनिवास रावत। रामनिवास बीजेपी में गए लेकिन विजयपुर की जनता ने, माताओं-बहनों ने गरीब आदिवासी मुकेश मल्होत्रा को विधानसभा पहुंचा दिया। बीजेपी के लाड़ले नेता रामनिवास जी को घर बैठा दिया। बीजेपी सरकार चीन का लहसुन खिला रही कांग्रेस की सभा में पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा- आज बांग्लादेश के जरिये चीन का लहसुन हमारे यहां आ रहा है। बीजेपी सरकार के राज में हमें चीन का लहसुन खिलाया जा रहा है। किसानों को फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा। मैं जब ऊर्जा मंत्री था, कांग्रेस की सरकार 100 रुपए में 100 यूनिट बिजली देती थी। आज 1500 रुपए में 100 यूनिट बिजली मिल रही है। किसानों पर फर्जी केस लगाए जा रहे हैं। आज एकजुट होकर इस भाजपा सरकार के खिलाफ लड़ना है। अलका लांबा बोलीं- सरकार को घुटने पर लाएंगे महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा भी प्रदर्शन स्थल पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को बने हुए एक साल के ऊपर हो गया है। आधी आबादी यानी महिलाओं से सुरक्षा का वायदा था। एक साल में कितनी बहनें सुरक्षित हुईं? रीवा में इनको जिंदा गाड़ने की हिम्मत दबंगों ने दिखाई है। उज्जैन में नाबालिग बेटी को लहूलुहान हमने देखा है। बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। कौन सी बहन को साढ़े 400 रुपए में गैस सिलेंडर मिल रहा है, जिसकी गारंटी मोदी जी ने दी थी। महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा इन मुद्दों पर हम सरकार को घुटनों पर लाएंगे। अपना समय भी आएगा : कमलनाथ कमलनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बहुत बड़ा राजनीतिक परिवर्तन हुआ है। नौजवानों, समझ लो। आज आपसे निवेदन करना चाहता हूं कि इस राजनीतिक परिवर्तन को आप पहचानिए। जब तक आप घर-घर नहीं जाएंगे, हम बीजेपी से कभी मुकाबला नहीं कर पाएंगे। हमारा कर्तव्य है कि इस राजनीतिक परिवर्तन को पहचानें और उस हिसाब से काम करें। मुझे विश्वास है कि आप निराश नहीं होंगे। कमर ठाने रखिएगा। अपना समय भी आएगा। पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा- प्रदेश की तस्वीर आप सभी के सामने है। आज बड़े दुख के साथ मुझे कहना पड़ता है कि मध्य प्रदेश की पहचान घोटाला प्रदेश की है। हर क्षेत्र में घोटाला। नौजवानों के रोजगार में घोटाला। किसानों के बीज-खाद में घोटाला। जहां देखो घोटाला-घोटाला। आज हमारे कृषि क्षेत्र में कितनी समस्या है। एक बात याद रखिएगा कि मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था 70 प्रतिशत कृषि क्षेत्र पर आधारित है। अगर कृषि क्षेत्र डूबता है तो पूरा प्रदेश डूबता है। रात में हटाए गए होर्डिंग शहर में कांग्रेस के प्रदर्शन के जगह जगह होर्डिंग भी लगाए गए हैं। 15 दिसंबर, रविवार रात को नगर निगम के अमले ने कुछ जगहों से होर्डिंग भी हटाए हैं। इसे लेकर विवाद की छुटपुट घटनाएं भी हुई। कांग्रेस ने इसे लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस की हैं ये मांगें?

मध्य प्रदेश की सड़कों पर फिर दिखेंगी जल्द सरकारी बसें फर्राटे भरते

Government buses will soon be seen again on the roads of Madhya Pradesh. मध्य प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था एकदम से चरमरा गई है। दो दशक पहले जहां सड़कों पर राज्य परिवहन निगम की बसें फर्राटे भरती दिखाई देती थी वहीं अब निजी बसों का बोलबाला है। तनाकुलित तथा स्लीपर कोच बसें तक प्रदेश की सड़कों पर दौड़ रही है। राज्य परिवहन की बसें प्रदेश के विभिन्न शहरों को जोड़ने के अलावा दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक यात्रियों को लाती ले जाती थी। भोपाल। राज्य परिवहन निगम की इन बसों में जहां किराया वाजिब था तो वहीं विशिष्ट जनों व पत्रकारों के लिए पास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती थी। राज्य परिवहन निगम के संचालक मंडल में पहले नेताओं को रखा जाता था और अध्यक्ष का पद नौकरशाहों के जिम्में में होता था। एक बार का दिलचस्प वाकया है तब राज्य परिवहन निगम के अध्यक्ष एक नौकरशाह थे किसी पत्रकार ने अनौपचारिक चर्चा में उनसे पूछ लिया कि आपने बसों में यात्रा कब से नहीं की तो उन्होंने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया था की आखिरी बस यात्रा 15 साल पहले की थी, इस चर्चा के बाद अध्यक्ष महोदय ने समस्त डिपो प्रबंधकों को यह निर्देश दिया कि वह महीने में दो बार बसों में यात्रा करें और यात्रियों से फीडबैक ले कर व्यवस्था सुचारू करें। इसके साथ ही अध्यक्ष ने स्वयं भी हर महीने बस में सफर करना शुरू कर दिया बाद में राज्य परिवहन निगम के अध्यक्ष पद पर नेताओं को पदस्थ किया जाने लगा और यही से पूरे सिस्टम में दीमक लगना शुरू हो गया। जिन डिपो प्रबंधकों को राज्य परिवहन निगम अध्यक्ष अथवा उपाध्यक्ष से अच्छी सेटिंग होती थी वहां मनमानियां करने लगे। दूसरे राज्यों में जाने वाली बसों में उन्ही ड्राइवर व कंडक्टरों को भेजा जाने लगा जो वापसी पर अच्छी खासी रकम उनको भेंट कर सके क्योंकि राज्य की सीमा पार करने के बाद टिकट चेकिंग का कोई डर नहीं, लोकल सवारियों लो और अपनी जेब गर्म करो वाला सिद्धांत चलता था। दूसरे राज्यों में स्थित राज्य परिवहन निगम के डिपो प्रबंधकों के रोस्टर पर अपने नाते रिश्तेदारों को रख लिया जो केवल वेतन लेते थे काम नहीं करते थे। राज्य परिवहन निगम के एक उपाध्यक्ष ने जब विधानसभा का चुनाव लड़ा तो डिपो प्रबंधकों ने उनके चुनावी खर्च में हिस्सेदारी की, किसी डिपो प्रबंधक ने पोस्टर का खर्च उठाया तो किसी ने विज्ञापनों के लिये भुगतान किया। इस तरह की व्यवस्था ने तथा भ्रष्टाचार ने राज्य परिवहन निगम को खोखला करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और आखिरकार 2005 में राज्य परिवहन निगम को बंद करना पड़ा हालांकि इसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई थी। राज्य परिवहन निगम बंद होने का फायदा निजी बस मालिकों ने उठाना शुरू किया यह वह समय था जब दिग्विजय सिंह की सरकार का दूसरा कार्यकाल चल रहा था। दिग्गी सरकार घाटा बताती रही और भाजपा सरकार ने राज्य परिवहन निगम पर ही ताला लगा दिया और कुछ कर्मचारियों को वीआरएस देकर घर बैठा दिया तो कुछ कर्मचारियों को दूसरे विभागों में स्थानांतरित कर दिया गया। खैर यह तो राज्य परिवहन निगम का हाल हुआ उधर निजी बस ऑपरेटर की मनमानी बढ़ने लगी। बस में क्षमता से अधिक यात्री भरना निर्धारित किराए से ज्यादा वसूलना, सवाल करने पर यात्रियों से बदसलूकी करना, यहां तक की मारपीट की नौबत आना इत्यादि। शहरी इलाकों में तो फिर भी ठीक-ठाक मगर ग्रामीण क्षेत्रों में हालत ज्यादा खराब हो गए और लोग परेशान हो गए। राज्य परिवहन निगम बंद हो जाने के बाद भी जिन राज्यों से अंतर राज्य समझौता था उनकी बसे एमपी में आती रही। निजी ऑपरेटर इनका भी विरोध करने लगे। बहरहाल अब मोहन यादव की सरकार ने लोगों की परेशानियों को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को 19 साल बाद फिर से शुरू करने का संकेत दिया है तदनुसार लोक परिवहन सेवा का प्रारूप तैयार कर कैबिनेट में पेश किया जाएगा फिर उस पर अमल होना शुरू होगा वैसे अभी यह तय नहीं है कि लोक परिवहन का संचालन किस तरह होगा महाराष्ट्र का मॉडल अपनाया जाए या पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर अमल किया जाए यह फैसला भी हो जाएगा।

फार्मर आईडी बनाने जिलों में लगाए जाएंगे शिविर, दस रुपए देगी सरकार

Camps will be organized in the districts for making Farmer ID, the government will give ten rupees भोपाल। राज्यों में कैंप लगाकर किसान आईडी बनाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को इनसेंटिव देगी। इसमें प्रति कैंप 15,000 रुपये तक दिए जाएंगे। इसके अलावा हर आईडी बनाने पर केंद्र की ओर से राज्य सरकार को 10 रुपये दिए जाएंगे। दरअसल कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने राज्यों से किसान पहचान पत्र को तेजी से बनवाने के लिए कैंप लगाने को कहा है। किसान पहचान पत्र या किसान आईडी एक आधार से जुड़ी अनूठी डिजिटल पहचान है, जो राज्य के लैंड रिकॉर्ड से जुड़ी हुई है। इसके अलावा इसमें डेमोग्राफी, बोई गई फसल और जमीन के मालिकाना हक जैसी जानकारी भी होती है। किसान आईडी के माध्यम से बनाए गए डेटाबेस को किसान रजिस्ट्री के रूप में जाना जाएगा। यही वजह है कि केंद्र ने अब राज्यों से किसान आईडी देने के लिए कैंप-मोड अपनाने को कहा है।केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 27 नवंबर को इस संबंध में मध्यप्रदेश सराकर को एक पत्र भेजा था। केंद्र के पत्र के बाद आयुक्त भू-अभिलेख ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को इस संबंध में मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि राजधानी सहित प्रदेश भर में करीब 87 लाख 90 हजार किसानों की आईडी जनरेट होनी हैं, जबकि अकेले भोपाल में करीब 65 हजार किसानों की फार्मर आईडी बननी है। आयुक्त भू-अभिलेख अनुभा श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि फार्मर आईडी क्रियेशन के लिए राज्यों को इंसेंटिवाइज करने के लिए भारत सरकार द्वारा स्पेशल सेंट्रल असिस्टेंस स्कीम घोषित की गई है।फार्मर आईडी क्रियेशन कार्य यथाशीघ्र पूर्ण करने की दृष्टि से इसे राजस्व महाअभियान 3.0 में भी शामिल किया गया है। फार्मर आईडी जनरेट करने की कार्रवाई अभियान के रूप में पूर्ण करने के लिए कैम्प आयोजित कर शीघ्र कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने दिए हैं। भारत सरकार द्वारा प्रति कैप राशि 15000 रुपए तीन किश्तों में प्रदान की जाएगी। इसकी प्रक्रिया भी केंद्र सरकार के निर्देश में विहित की गई है। इन कागजों की होगी जरूरत जरूरत इसके लिए आपको आधार कार्ड की कॉपी, जमीन की जानकारी के लिए नकल की कॉपी, फसल के नाम, किस्में, बोनी का समय, बैंक पासबुक की डिटेल देनी होगी। हमेशा ध्यान रखें कि आधार नंबर और मोबाइल नंबर देते समय उसे चेक कर लें। आधार नंबर 12 अंकों का और मोबाइल नंबर 10 अंकों का होना चाहिए। इस तरह से मुहैया कराई जाएगी राशि प्रदेश में फार्मर आईडी बनाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को इनसेंटिव देगी। इसमें प्रति कैंप 15,000 रुपये तक दिए जाएंगे। इसमें गांवों में क्लस्टर से पीएम किसान डाटाबेस अनुसार कम-से-कम 50 फीसदी किसानों को रजिस्टर करना होगा। पहली किश्त 5000 रुपए प्रथम 15 फीसदी किसान आईडी जनरेट करने पर, दूसरी किश्त 5000 रुपए आगामी 15 प्रतिशत आईडी जनरेट करने पर और तीसरी किश्त 5000 आगामी 20 फीसदी फार्मर आईडी जनरेट करने पर प्राप्त होगी। प्रति फार्मर आईडी जनरेशन पर राशि 10 रुपए राज्य को प्राप्त होगी। यह राशि राजस्व महाअभियान 3.0 में फार्मर आईडी व खसरा आधार लिकिंग के लिए नियत कर्मचारी को दी जाएगी। ऐसे बनेंगे किसान आईडी इसके लिए किसानों को खुद का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन में गांव के पटवारी या सर्वेयर से किसान संपर्क कर सकते हैं। राजस्व का मैदानी अमला किसानों की किसान पहचान पत्र के लिए रजिस्ट्रेशन में मदद करेंगे। आप चाहें तो यह काम खुद भी कर सकते हैं। यह काम मोबाइल से कम्प्यूटर से भी किया जा सकता है। इसमें दी गई लिंक पर क्लिक करते ही आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। ओटीपी दर्ज करें और कैप्चा कोड भरना होगा। इसके बाद आपको नया यूजर अकाउंट बनाना होगा। अकाउंट बनने के बाद आपका किसान आईडी के लिए रजिस्ट्रेशन हो जाएगा।

रातापानी टाइगर रिजर्व के संरक्षण के लिए निकाली बाइक रैली, CM ने की शुरुआत, रणदीप हुड्डा भी रहे शामिल

Bike rally taken out for the conservation of Ratapani Tiger Reserve, CM started it, Randeep Hooda also participated रातापानी जंगल के संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत एक विशेष बाइक रैली का आयोजन किया गया। “विरासत से विकास” अभियान के अंतर्गत यह रैली कोलार रोड स्थित गोल जोड़ चौराहे से शुरू हुई। रैली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ अभिनेता रणदीप हुड्डा ने भी भाग लिया और अभियान की सराहना की। अभियान के दौरान अभिनेता रणदीप हुड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को उनके कार्यकाल के एक साल पूरे होने पर बधाई दी और कहा कि मैं कुरुक्षेत्र की धरती से आता हूं, जहां भगवान श्री कृष्ण ने अन्याय के खिलाफ संदेश दिया। आज मैं उस प्रदेश में हूं, जहां भगवान ने शिक्षा पाई और जहां जल, जंगल और गायों की सुरक्षा का संदेश दिया गया। रणदीप हुड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि श्री कृष्ण के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने जो कार्य किए हैं, वह सराहनीय हैं। विशेषकर जंगलों और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए उनकी प्रतिबद्धता प्रशंसा योग्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर वीर सावरकर की तारीफ करते हुए कहा कि वीर सावरकर को दो बार कालापानी की सजा हुई, लेकिन वे कभी नहीं झुके। उनका आदर्श आज भी हमें प्रेरणा देता है। रातापानी टाइगर रिजर्व से एक नई इबारत लिखी जाएगी, जहां टाइगर का संरक्षण किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, “जंगल का राजा टाइगर ही होता है, क्योंकि टाइगर अपने पराक्रम से शिकार करता है। टाइगर रिजर्व की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह न केवल प्रदेश के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस टाइगर रिजर्व के उद्घाटन के लिए बाइक रैली का आयोजन रोजगार और प्रदेश को गौरव देने का एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भोपाल और आसपास के क्षेत्र में भूगर्भीय परिवर्तन के कारण प्राचीन चित्रकला और अन्य ऐतिहासिक धरोहरें भी पाई जाती हैं। सीएम ने कहा कि भोपाल एक ऐसी राजधानी जिसके आंगन ने अपना टाइगर रिजर्व बना है।

मध्य प्रदेश भाजपा ने जारी की अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी की सूची ,देखे लिस्ट

Madhya Pradesh BJP released the list of president and other officials, see the list भोपाल ! भाजपा ने 19 मंडल अध्यक्षों की घोषणा की, जिला प्रतिनिधियों के नामों पर भी मुहर, लग गई है देखें सूची कई दिनों की मंत्रणा के बाद मध्यप्रदेश प्रदेश के देवास जिले में भाजपा मंडल अध्यक्षों का चुनाव संपन्न हो गया है। इसकी प्रक्रिया अलग-अलग मापदंडों के आधार पर पूरी की गई। जिसके बाद देवास जिले के 5 विधानसभा क्षेत्रों के 19 मंडलों की सूची जारी कर दी गई है। भाजपा के संगठनात्मक चुनाव में मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद चुनाव प्रक्रिया रोचक होगी। जल्द ही एमपी के अन्य जिलों में भी मंडल अध्यक्ष सहित जिला अध्यछ देखने को मिलेंगे । देखे लिस्ट इन्हें मिली नई जिम्मेदारी

ठंड के कारण स्कूलों का समय बदला: सुबह 9 बजे से लगेंगे सभी सरकारी-प्राइवेट स्कूल

School timings changed due to cold: All government and private schools will start from 9 am Bhopal News: भोपाल में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के टाइमिंग में परिवर्तन करने का निर्णय लिया है। 12 दिसंबर से सभी स्कूल सुबह 9 बजे से शुरू होंगे। भोपाल में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के टाइमिंग में परिवर्तन करने का निर्णय लिया है। 12 दिसंबर से सभी स्कूल सुबह 9 बजे से शुरू होंगे। डीईओ एनके अहिरवार ने बुधवार को सरकारी-प्राइवेट स्कूलों के लिए यह निर्देश जारी कर दिए। यह निर्देश सीबीएसई, आईसीएसई और एमपी बोर्ड से जुड़े स्कूलों के लिए रहेगा। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के आदेश के बाद गुरुवार से स्कूल नए समय पर लगेंगे। पहाड़ों की बर्फबारी का एमपी में असरउत्तर भारत में पहाड़ों की बर्फबारी के कारण राज्य में कड़ाके की ठंड बढ़ गई है। भोपाल में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्यियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन में रात्रि का सबसे कम तापमान है। पचमढ़ी ने सर्द रात का रिकॉर्ड बनायाराजधानी में 48 घंटे में रात के तापमान में 4.1 डिग्री की गिरावट हुई है। हिल स्टेशन पचमढ़ी ने सबसे सर्द रात का रिकॉर्ड बनाया। यहां पारा 3.5 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे के अनुसार, पचमढ़ी देश का दसवां सबसे ठंडा शहर रहा। तीन साल बाद भोपाल में कड़ाके की ठंड पड़ी है। इससे पहले 2021 में दिसंबर में पारा 3.4 डिग्री दर्ज किया गया था। इसके बाद दो साल दिसंबर में तापमान 8 डिग्री से नीचे नहीं रहा। अगले तीन से चार दिन कड़ाके की ठंड की संभावना है। रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे रह सकता है।

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