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बनर्जी साहब ने हमेशा ही माइनिंग सुपरवाइजरों ऐसोसिएशन के हित में किया कार्य किया: वेकोलि क्षेत्रीय इनमोसा संगठन पाथाखेड़ा

Banerjee Saheb always worked in the interest of the Mining Supervisors Association: Vekoli Regional Inmosa Organization Pathakheda हरिप्रसाद गोहेआमला/पाथाखेड़ा । वेस्टर्न कोल फील्ड के इनमोसा भवन में 8 अक्टूबर बुधवार इनमोसा ऐसोसिएशन की 68 वी वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई । इस दौरान संगठन के रचयिता स्वर्गीय जे. के .बनर्जी साहब द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान इनमोसा ऐसोसिएशन विकास एवं सुपरवाइजर स्टॉफ के हित में किए गए कार्यों का सार्वजनिक मंच से उल्लेख कर सभी ने उन्हें याद किया। इस दौरान सभी ने कहा बनर्जी साहब ने सदैव कोल माइनिंग सुपरवाइजरों के हित में अंतिम सांस तक काम किया उनके उल्लेखनीय कार्यों को भुलाया नहीं जा सकता । ये रहे उनके प्रयास चार्ज एलाउंस, केडर स्कीम 1991से1993 मे संसोधन- अन्यइनमोसा के रचयिता स्व .जे .के. बनर्जी साहब युवा माइनिंग सुपरवाइजर के पद पर कोल नगरी में पदस्थ हुए सन् 1952 में माइन एक्ट आया जे.के . बनर्जी साहब ने 07 अक्टूबर तक माइनिंग सुपरवाइजरों से हित के मुद्दों पर पांचों श्रमिक संगठनों से चर्चा की लेकिन उनकी कार्यप्रणाली से माइनिंग सुपरवाइजरों के हित के लिए कोई संतुष्ट जनक जबाब नहीं मिला आप लोग 5% माइनिंग सुपरवाइजर है 95% अन्य कामगार है जे .के .बनर्जी साहब ने तुरंत उनके नेतृत्व में जो कमेटी बनाई थी बनर्जी साहब कमेटी के प्रमुख थे उन्होंने दिनांक 08/ अक्टूबर को ( कलकत्ता) रजिस्टार आफिस जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जिसका नंबर 3887 है ऐसोसिएशन का नाम (इनमोसा)- इंडिया नेशनल माइन आफिसियल & सुपरवाइजरी स्टाफ ऐसोसिएशन – है उसके बाद निरन्तर ही अंतिम सांस तक माइनिंग सुपरवाइजरों के लिए उनके हित में कार्य किया आजीवन केवल (इनमोसा) के सदस्य रहे उनकी याद में 68 वा स्थापना दिवस (वेकोलि के इनमोसा भवन) में मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य -अतिथि ( एल .के . महापात्रा (क्षेत्रीय जनरल मैनेजर पाथाखेड़ा )- जे .के. गुप्ता क्षेत्रीय जी .एम.-आपरेशन- संचालन पाथाखेड़ा – क्षेत्र) शैलेन्द्र शेंडे -(कार्मिक – प्रबंधक – पाथाखेड़ा – क्षेत्र) किशोर वरर्दे (नगर अध्यक्ष – सारणी) माननीया- कविता पटैया वार्ड – पार्षद ,शेर सिंह परमार (संरक्षक – वेकोलि इनमोसा) लक्ष्मी कांत राठौर (डिविजनल अध्यक्ष वेकोलि इनमोसा) गोकुल प्रसाद गोहे ( -उप-महासचिव वेकोलि इनमोसा) श्री शाहिद अख्तर ( कोषाध्यक्ष- वेकोलि ) -ललित राठौर – क्षेत्रीय अध्यक्ष इनमोसा रमेश अमरूते (महामंत्री इनमोसा) अनिल चौरसिया (कोषाध्यक्ष) विषेश योगदान – सभी खानों के अध्यक्ष/सचिव/ उमेश चौकीकर, शाबीर अलि,चंचल, नियाज़, पटैया, रज्जू गोहे,उदय प्रताप पाथाखेड़ा – क्षेत्र के इनमोसा सदस्यों कि महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है साथ ही पेंच क्षेत्र, कन्हान क्षेत्र के पदाधिकारियों ने अहम् योगदान दिया ।

जंगल महकमे में प्रभार का खेला, चहेतों को किया जा रहा उपकृत एसीएस की सिफारिश की गई अनदेखी

उदित नारायणभोपाल। जंगल महकमे में प्रभार देने का कोई क्राइटेरिया नहीं बनाया गया है । ऐसे में प्रशासन-एक के मुखिया ने अपने चहेते आईएफएस देवांशु शेखर को प्रभार देने में इतनी जल्दबाजी दिखाई कि सागर वर्किंग प्लान अफसर का पदभार ग्रहण करने से पहले उन्हें सामाजिक वानिकी का प्रभार दे दिया ही दे दिया। जबकि कैडर में यह पद सीसीएफ स्तर के अधिकारी का है। वैसे जब रीवा में सामाजिक वानिकी वृत का अतिरिक्त प्रभार वन संरक्षक रीवा के राजेश कुमार राय को दिया है तो फिर सामाजिक वानिकी का प्रभार डीएफओ को क्यों दिया गया, यह शोध का विषय है। जबकि सागर में सीसीएफ कार्यरत है।प्रधान मुख्य वन संरक्षक विवेक जैन ने बुधवार को जारी आदेश में 2011 बैच के डीएफओ वर्किंग प्लान ऑफिसर देवांशु शेखर को सामाजिक वानिकी वृत सागर का प्रभार दिया है। सनद रहे कि 27 सितंबर को राज्य शासन द्वारा जारी आदेश में देवांशु शेखर को उत्तर बैतूल डीएफओ से हटकर सागर वर्किंग प्लान ऑफिसर के पद पर पदस्थ किया है। देवांशु शेखर ने अभी तक वर्किंग प्लान ऑफिसर का पदभार भी ग्रहण नहीं किया है। अपने मूल पोस्टिंग का पदभार ग्रहण करने से पहले ही उन्हें पीसीसीएफ विवेक जैन ने एक आदेश जारी कर सामाजिक वानिकी वृत सागर का प्रभार देकर उपकृत कर दिया। विवेक जैन के इस आदेश को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि वर्किंग प्लान ऑफिसर देवांशु शेखर को सामाजिक वानिकी का अतिरिक्त प्रभार दिया जा सकता है तो फिर 2009 बैच के प्रशांत कुमार सिंह, किरण बिसेन और अनुराग कुमार समेत अन्य पांच वर्किंग प्लान ऑफिसर को सामाजिक वानिकी का अतिरिक्त प्रभार क्यों नहीं दिया गया ? जबकि भोपाल को छोड़कर सामाजिक वानिकी वृत के पद खाली है और वे सभी प्रभार में चल रहें हैं। शेखर पर विशेष कृपा के संबंध में चर्चा इस बात की शुरू हो गई है कि शहर के अलावा अन्य वर्जन प्लान ऑफिसर को सामाजिक वानिकी वृत का प्रभाव क्यों नहीं दिया गया? सागर वर्किंग प्लान अफसर डीएफओ देवांशु शेखर को पीसीसीएफ विवेक जैन ने किस फॉर्मूले के तहत उपकृत किया। क्या उनके बनाए फॉर्मूले में अन्य 5 वर्किंग प्लान अफसर फिट नहीं आ रहे हैं ? जबकि डीएफओ शेखर के खिलाफ की गई जांच रिपोर्ट अंतिम निर्णय के लिए शासन के पास विचाराधीन है। एससीएस की सिफारिश को किया दरकिनार सूत्रों ने बताया कि अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल ने वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव को एक नोटशीट लिखी है। इसके अनुसार सिवनी वन वृत के मुख्य वन संरक्षक एसएस उद्दे से सामाजिक वानिकी का प्रभार लेकर जबलपुर वर्किंग प्लान सबमिट कर चुके वन संरक्षक रमेश विश्वकर्मा को सौंप दिया जाए। वैसे भी वन संरक्षक विश्वकर्मा को अपनी पोस्टिंग का इंतजार है। एसीएस की सिफारिश में यह भी उल्लेख है कि सामाजिक वानिकी रीवा वृत्त वहां के वन संरक्षक राजेश राय और सामाजिक वानिकी सागर वृत्त का प्रभार मुख्य वन संरक्षक सागर अनिल कुमार सिंह को अतिरिक्त प्रभार के रूप में दे दिया जाए। यह बात अलग है कि वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव इस बात से इनकार किया है कि सामाजिक वानिकी का आर्थिक प्रभार देने संबंधित एसीएस की कोई नोटशीट उनके पास आई है। प्रभार देने से वर्किंग प्लान में होगी देरी एक पीसीसीएफ अधिकारी का कहना है कि वर्किंग प्लान ऑफिसर को आर्थिक प्रभार दिए जाने से कार्यायोजना बनाने में देरी होगी , क्योंकि अतिरिक्त प्रभार वाला पद अफसरों के लिए लाभप्रद होता है। वे ज्यादातर समय वर्किंग प्लान पर नहीं देकर शुभ-लाभ को ध्यान में रखते हुए काम करते है। जबकि वर्किंग प्लान बनाने का कार्य गंभीरता और बारीकी से किया जाता है।

प्रदेश में इस वर्ष 4.50 लाख विद्यार्थियों को वितरित की जा रही हैं साइकिल

विभागीय बजट में 195 करोड़ रूपये का प्रावधान Bicycles are being distributed to 4.50 lakh students in the state this year. भोपाल : प्रदेश में इस वर्ष 2024-25 में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को 4 लाख 50 हजार साइकिलें नि:शुल्क वितरित की जा रही हैं। इसके लिये विभागीय बजट में 195 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। साइकिल वितरण का कार्य इस वर्ष नवम्बर तक पूरा किया जाने के निर्देश जिला अधिकारियों को दिये गये हैं। नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना में ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले विद्यार्थी, जो सरकारी स्कूलों में कक्षा 6वीं एवं 9वीं में अध्ययनरत हैं तथा वह जिस ग्राम के निवासी हैं, उस ग्राम में शासकीय माध्यमिक और हाई स्कूल संचालित न होने की वजह से विद्यार्थियों को सुविधाजनक तरीके से स्कूल पहुंचने के लिये साइकिल वितरित की जाती हैं। योजना में कक्षा 6वीं एवं 9वीं में प्रवेश लेने पर पात्र विद्यार्थी को साइकिल प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में कन्या छात्रावास में अध्ययनरत छात्राएं, जिनकी शाला छात्रावास से 2 किलोमीटर या अधिक दूरी पर है, उन्हें भी नि:शुल्क साइकिल प्रदाय की जा रही है। प्रदेश में वर्ष 2023-24 में इस योजना में 4 लाख 7 हजार विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल प्रदाय की गई थी। पीएमश्री स्कूल नरसिंहपुर में 142 छात्राओं को वितरित की गई साइकिल नरसिंहपुर जिले के पीएमश्री एमएलबी स्कूल नरसिंहपुर की 142 छात्राओं को नि:शुल्क साइकिल का वितरण किया गया। इन छात्राओं में ग्राम डोंगरगांव की छात्रा सोनम गोंड और कक्षा 9वीं की छात्रा अंकिता साहू, ग्राम पांसी की छात्रा शिवानी मोरिया व ग्राम भरवारा की छात्रा मुस्कान लोधी भी शामिल हैं। ग्राम डोंगरगांव की छात्रा सोनम गोंड़ का कहना है कि घर से स्कूल दूर है। कभी-कभी बस छूट जाने के कारण समय पर विद्यालय नहीं आ पाती थी। अब शासन द्वारा नि:शुल्क साईकिल मिल जाने से अब वे समय पर स्कूल आ-जा सकेंगी। इसी तरह ग्राम डोंगरगांव की ही छात्रा अंकिता साहू बताती हैं कि वे पीएमश्री एमएलबी स्कूल नरसिंहपुर में कक्षा 9 वीं में अध्ययन करती हैं। उन्हें स्कूल आने-जाने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी बस में बहुत ज्यादा भीड़ हो जाने के कारण वे स्कूल नहीं जा पाती हैं। अब नि:शुल्क साईकिल मिल जाने से वे समय पर स्कूल आ-जा सकेंगी और अपनी पढ़ाई में रूकावट नहीं आने देंगी। ग्राम पांसी की रहने वाली छात्रा शिवानी मोरिया व ग्राम भरवारा की छात्रा मुस्कान लोधी बताती हैं कि कभी-कभी पैसे के अभाव में वे बस का किराया नहीं दे पाती थी। गांव से स्कूल आने-जाने में बहुत समय लग जाता था। इससे उनकी पढ़ाई बाधित हो जाती थी। लेकिन अब साईकिल मिल जाने से वे समय पर स्कूल आ जा सकेंगी और अपनी पढ़ाई बिना किसी रूकावट से कर सकेंगी।

विकास कार्यक्रम में तेजी लाए, लापरवाही पर होगा एक्शन: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

Development programs should be expedited, action will be taken against negligence: Minister of State Smt. Gaur भोपाल : पिछड़ा वर्ग एवम् अल्पसंख्यक कल्याण और विमुक्त, घुमंतु और अर्ध घुमंतु राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया।साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कार्य में लापरवाही सामने आई तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर बुधवार को 74 बांग्ला निवास पर गोविंदपुरा विधानसभा में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा कर रही थी। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि प्रभातम हाइट्स में 7 में से 6 लिफ्ट का काम पूरा हो चुका है बची हुई एक लिफ्ट का काम भी एक हफ्ते के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही यहां पर सड़क, बोरवेल और बिजली कनेक्शन के सर्वे को भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। यहां के रहवासियों ने स्विमिंग पूल की जगह गार्डन और क्लब हाउस बनाने की मांग की है। इसी तरह एमजीएम में सड़क बनाने के कार्य में तेजी लाने के लिए कहा, पिपलानी सेक्टर में सड़क के लिए बाधा बन रहे अवैध निर्माण को तोड़ने का प्रस्ताव कलेक्टर को भेजे जाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।

वन स्टॉप सेंटर के प्रयासों से लौट रहा महिलाओं का सम्मान

Women’s respect is returning due to the efforts of One Stop Center भोपाल ! Women’s respect is returning महिलाओं के खिलाफ हिंसा एक गंभीर सामाजिक समस्या है जिससे निपटने और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिये प्रदेश में वन स्टॉप सेंटर की स्थापना की गई है। Women’s respect is returning महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिशन शक्ति की संबल उपयोजना के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर की स्थापना महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की हिंसा से प्रभावित और संकटग्रस्त महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर विभिन्न आपातकालीन एवं गैर-आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराना है। महिला सशक्तिकरण में वन स्टॉप सेंटर की भूमिका सुरक्षित आश्रय एवं तात्कालिक सहायता – वन स्टॉप सेंटर उन महिलाओं को तत्काल आश्रय और सुरक्षा प्रदान करता है जो घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन हिंसा अथवा किसी भी प्रकार की शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का शिकार होती है। सेंटर में महिलाओं को तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाती है और उन्हें सुरक्षित वातावरण में आश्रय दिया जाता है। कानूनी सहायता और परामर्श – वन स्टॉप सेंटर पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता प्रदान करता है ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सके और आवश्यक कानूनी कदम उठा सकें। कानूनी परामर्श और न्यायिक प्रक्रियाओं में सहायता मिलने से महिलाएँ अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ न्याय पाने की दिशा में सशक्त हो सकें। चिकित्सा सहायता – वन स्टॉप सेंटर पर महिलाओं को तत्काल चिकित्सा सहायता मिलती है। हिंसा या प्रताड़ना से घायल महिलाओं को नजदीकी स्वास्थ्य सेवाएँ के साथ समन्वय कर चिकित्सा सेवाएँ दी जाती है। मनोवैज्ञानिक परामर्श – हिंसा की शिकार महिलाएँ अक्सर मानसिक आघात से गुजरती है, वन स्टॉप सेंटर पर प्रशिक्षित परामर्शदाता महिलाओं को मानसिक और भावनात्मक समर्थन प्रदान करते है जिससे उनका आत्म-विश्वास मजबूत होता है। पुनर्वास सेवाएँ एवं समाज में पुनर्स्थापना – वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को पुनर्वास सेवाएँ भी प्रदान करते है। जरूरत पड़ने पर महिलाओं को उनके परिवार के साथ पुनर्स्थापित करने अथवा उन्हें स्वतंत्र जीवन जीने, अपने पैरों पर खड़ाहोने का अवसर प्रदान करता है। Read More : https://saharasamachaar.com/ifs-vs-missing-for-more-than-two-years-will-be-punished/ आर्थिक सशक्तिकरण के लिये प्रशिक्षण और रोजगार – वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को रोजगार और स्व-रोजगार देने के लिये प्रशिक्षण देने का भी प्रयास करते है। महिलाओं को विभिन्न कौशल में प्रशिक्षित किया जाता है। इससे वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन सकें और समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकें। प्रदेश के 52 जिलों में 57 वन स्टॉप सेंटर संचालित किये जा रहे है। प्रारंभ से अगस्त 2024 तक 98 हजार 636 महिलाओं को पंजीकृत कर विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान की गई, जिसमें लगभग 78 प्रतिशत महिलाएँ (76,499) को घरेलू हिंसा से संबंधित सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त दहेज उत्पीड़न, बलात्कार, यौन अपराध, बाल विवाह, गुमशुदा, अपहरण, निराश्रित आदि से संबंधित प्रकरणों में यथोचित मदद की गई। वर्ष 2019-20 में कुल 6 हजार 352 महिलाओं को सहायता दी गई थी। वर्ष 2023-24 में 21 हजार 490 महिलाओं को मदद प्रदान की गई। अब सभी वन स्टॉप सेंटर में वाहनों का प्रावधान भी किया गया है, जिससे दूरस्थ महिलाओं को भी त्वरित सहायता मिल सकेगी।

दो साल से अधिक समय से गायब आईएफएस वीएस होतगी दण्डित

IFS VS missing for more than two years will be punished भोपाल। राज्य शासन ने 13 जनवरी 2011 से 26 जनवरी 2013 तक कर्तव्यस्थल से गायब भारतीय वन सेवा के एमपी कैडर के वर्ष 1994 बैच के अधिकारी वीएस होतगी को उनकी सभी वेतन वृध्दियां स्थगित करने से दण्डित किया गया है। इनके बैच के एपीसीसीएफ पद पर प्रमोट हो चुके है। होतगी अभी भी डीएफओ हैं। राज्य शासन उनके बर्खासतगी का प्रस्ताव भी दो साल भेज चुकी थी, जिसे केंद्रीय कार्मिक विभाग में उसे निरस्त कर दिया।दरअसल, होतगी 3 अगस्त 2009 से 10 फरवरी 2011 तक भिण्ड सामान्य वनमंडल के डीएफओ थे। उन्हें 28 दिसम्बर 2010 को अनुदेशक रेंजर्स कॉलेज बालाघाट पदस्थ किया गया था परन्तु उन्होंने रिलीव होने के बाद भी ज्वाईनिंग नहीं दी। उन्हें 21 फरवरी 2012 को इस अनियमितता पर आरोप-पत्र जारी किया गया परन्तु उन्होंने कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया। 20 मई 2019 को उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठाई गई। 22 सितम्बर 2022 को विभागीय जांच की रिपोर्ट मिली, जिसमें उन्हें 754 दिनों तक कर्तव्य से अनुपस्थित होने का दोषी पाया गया। 22 अक्टूबर 2022 को होतगी को बचाव उत्तर देने का नोटिस दिया गया जिस पर उन्होंने 24 नवम्बर 2020 को बचाव उत्तर दिया। लेकिन उनका जवाब अमान्य किया गया और उन्हें अनुपस्थिति की अवधि को अकार्य दिवस मानते हुये उन्हें एक वेतवृध्दि असंचयी प्रभाव से रोकने के दण्ड से दण्डित किया गया। राज्य शासन ने होतगी प्रकरण संघ लोक सेवा आयोग को भेजा। आयोग ने भी 4 मार्च 2024 को होतगी को दोषी पाते हुये उन्हें सभी वेतनवृध्दियों से वंचित करने का दण्ड दिया गया। इस दण्ड के बारे में उत्तर देने के लिये होतगी को पत्र भेजा गया, परन्तु उन्होंने यह पत्र प्राप्त नहीं किया। इस पर उनके कार्यालयीन कक्ष की टेबल पर इसे चस्पा किया गया। इसके बाद भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर अब राज्य शासन ने एकपक्षीय निर्णय लेकर उन्हें इस टिप्पणी के साथ दण्डित किया है कि 30 अक्टूबर 2024 तक होतगी को वेतन के समयमान में निचले स्तर के दो चरणों तक की कटौती की शास्ति और आगे इस निर्देश के साथ अधिरोपित की जाये कि वह कटौती की अवधि के दौरान वेतन वृध्दियां अर्जित नहीं करेंगे। इस अवधि की समाप्ति पर, इस कटौती का प्रभाव उनकी भावी वेतनवृध्दि को स्थगित करने पर पड़ेगा।

हज यात्रियों के लिए बुरी खबर: हज यात्रा करने के लिए देनी होगी अब मोटी रकम

Bad news for Haj pilgrims: Now you will have to pay huge amount for Haj pilgrimage Haj Yatra: Bad news for Haj pilgrims हज यात्रा पर जाने वालों अकीदतमंदों में इंदौर सबसे आगे हैं तो वहीं डिंडौरी से सबसे कम केवल 3 लोगों का चुनाव हुआ। वहीं भोपाल दूसरे, उज्जैन तीसरे और देवास और धार चौथे और पांचवें नंबर पर है। चुने गए यात्रियों को पहली किस्त के रूप में एक लाख 30 हजार 300 रुपए जमा कराना है। बता दें कि इस बार Bad news for Haj pilgrims हजयात्रा के लिए पहली किस्त के रूप में लिया जाने वाला शुल्क पिछले साल के मुकाबले 50 हजार रुपए ज्यादा है। Read More : https://saharasamachaar.com/chairmanship-of-chief-secretary/ एमपी से 7101 लोगों का चयन मध्य प्रदेश से हजयात्रा पर जाने 7101 लोगों का चुनाव हुआ। यात्रा पर जाने जिन जिलों से सबसे कम यात्री चुने गए उनमें डिडौंरी काम नाम सबसे ऊपर है। यहां से तीन लोग चुने गए। वहीं पन्ना से केवल 4 लोगों का यात्रा के लिए चयन हुआ है। इसके अलावा 8 लोग भिंड और 12 लोग कटनी से यात्रा पर जाएंगे। 21 अक्टूबर लास्ट डेट Bad news for Haj pilgrims : सेंट्रल हज कमेटी ने पहली किस्त के रूप में हर यात्री से 1 लाख 30 हजार 300 रुपए जमा करने के निर्देश दिए हैं। इसे जमा करने के लिए 21 अक्टूबर अंतिम तारीख है। पेमेंट ऑफ लाइन भी जमा करा सकते हैं। हज समिति द्वारा धार्मिक तीर्थयात्राओं के आयोजन की परंपरा 1927 से चली आ रही है। समिति ने समुद्री मार्ग से तीर्थयात्राओं का आयोजन किया और इसका नेतृत्व बॉम्बे के पुलिस आयुक्त डी. हीली ने किया। समिति की पहली बैठक 14 अप्रैल 1927 को हुई थी। 2002 के हज समिति अधिनियम से पहले , समिति को कानूनी मान्यता देने का पहला प्रयास अंग्रेजों द्वारा किया गया था, जिन्होंने 1932 में पोर्ट हज समिति अधिनियम पारित किया था और बाद में 1959 में, जब जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व वाली सरकार ने हज समिति अधिनियम पारित किया था ।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य संचालन समिति गठित

State steering committee formed under the chairmanship of Chief Secretary भोपाल : राज्य शासन ने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) योजनांतर्गत भारत सरकार, पंचायती राज मंत्रालय द्वारा योजना के कार्यान्वयन के लिए उपयुक्त रणनीति और नीति तैयार करने, योजना की निगरानी और सभी स्तरों पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राज्य संचालन समिति का गठन chairmanship of Chief Secretary की अध्यक्षता में किया है। Read More : https://saharasamachaar.com/archana-was-removed-from-mfp-park-within-six-months/ समिति में कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खेल एवं युवा कल्याण, प्रमुख सचिव, समाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, वित्त, संचालक पंचायती राज, महानिदेशक/संचालक राज्य ग्रामीण विकास संस्थान (एसआईआरडी), अपर/संयुक्त संचालक पंचायती राज संचालनालय, समिति अध्यक्ष के अनुमोदन से दो विशेष आमंत्रित व्यक्ति समिति में सदस्य होंगे। अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास समिति में सदस्य सचिव होंगे। बैठक में उन्होंने अधिकारियों से प्रदेश में केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं और समाधान के उपायों को लेकर भी चर्चा की। जैन ने कहा कि प्रदेश में योजना बनाने के पूर्व विस्तृत विचार-विमर्श किया जाये तथा शासन से निर्णय हो जाने पर उसका क्रियान्वयन बेहतर तरीके से किया जाये जिससे अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकें। मुख्य सचिव जैन ने अधिकारियों से कहा कि राज्य की आय बढ़ाने के लिए अन्य साधन एवं स्त्रोत भी तलाशें। जैन ने अधिकारियों को अद्यतन तकनीकी एवं अपने सेक्टर में हो रहे नवाचारों से निरंतर अवगत रहने की जरूरत बतायी। मुख्य सचिव जैन ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश के विकास के लिए भारत सरकार के विभागीय अधिकारियों से सतत् संपर्क एवं समन्वय कर योजनाओं को आगे बढ़ाएं। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपने-अपने विभागों का डाटा-बेस बनाने को कहा जिससे इसका मास्टर डाटाबेस बनाया जा सके।

एमएफपी पार्क से छः महीने में ही अर्चना हटाई गई, जूनियर डीएफओ गीतांजलि बनी नई सीईओ

Archana was removed from MFP Park within six months, Junior DFO Gitanjali became the new CEO. उदित नारायणभोपाल। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक विभाष ठाकुर ने एक बार फिर एमएफपी पार्क की सीईओ अर्चना पटेल को हटाकर 2020 बैच की आईएफएस गीतांजलि जे को नया सीईओ बनाया। संघ के एमडी ठाकुर ने 12 महीने में तीन को बदल चुके हैं पर ना दवाईयों का समय पर प्रोडक्शन हो पा रहा है ना उसकी गुणवत्ता में सुधार हो रही। चर्चा है कि जिस भी सीईओ ने गुग्गल सहित रॉ मटेरियल की खरीदी में हुई गड़बड़झाला की फाइल खोली, उसे वहां से रुखसत होना पड़ा है। पहले पीजी फुलजले और अब अर्चना पटेल को एमएफपी पार्क के सीईओ पद से हटाकर मुख्यालय अटैच कर दिया गया।2004 बैच के आईएफएस पीजी फुलजले को नवंबर 23 में एमएफपी पार्क का सीईओ के पद पर पोस्टिंग हुई और जब उन्होंने आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने के लिए गुग्गल और अन्य रॉ मटेरियल की खरीदी में हुई गड़बड़ झाला की फाइल खोली तो उन्हें हटाकर 2018 बैच की महिला आईएफएस अर्चना पटेल को सीईओ बनाया। जबकि संघ में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक मनोज अग्रवाल ( वर्तमान में उनकी सेवाएं विभाग को वापस कर दी गई है) जैसे सीनियर आईएफएस कार्यरत थे। यानि सीनियर अफसर की कमी बताकर एमएफपी पार्क के स्थापना से अब तक की सबसे जूनियर और अनुभवहीन आईएफएस अर्चना पटेल को सीईओ बनाया गया। दिलचस्प पहले हुई है कि अर्चना पटेल के हटाए जाने की स्थिति वही निर्मित हुई, जिसके कारण फुलजले को सीईओ पद से हटाया गया। बताया जाता है कि सीईओ बनने के बाद पटेल 3-4 महीने तक रबर स्टाम्प के रूप में काम किया, वह जब खुद फैसला लेने लगी और गड़बड़झाले की फाइल खोलने लगी, तभी उन्हें भी हटा दिया गया। अबकी बार 2020 बैच की महिला आईएफएस गीतांजलि जे को सीईओ बनाया। अनुभवहीन अधिकारियों की पोस्टिंग बंद करने की कहीं साज़िश तो नहीं ? एमएफपी पार्क बरखेड़ा पठानी में उत्पादित औषधीय की क्वांटिटी और क्वालिटी में गिरावट आई है। चर्चा है कि लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी (एमएसपी पार्क) अनुभवहीन महिला अधिकारियों की पोस्टिंग के पीछे कहीं विंध्या हर्बल को बंद करने की साजिश तो नहीं चल रही है। यही वजह है कि एमएफपी पार्क बरखेड़ा पठानी में उत्पादित होने वाली औषधियों की क्वांटिटी और क्वालिटी में निरंतर गिरावट आ रही है। औषधि के गुणवत्ता को लेकर कई बार सवाल उठे। विगत वर्षों में केंद्र निरंतर प्रगतिशील रहा लेकिन पिछले 2 वर्षों में प्रशासनिक उदासीनता और गलत नीतियों से केंद्र को बहुत नुक़सान हुआ। कभी भारत के 17 राज्यों में आयुर्वेदिक दवाओं को सप्लाई करने वाले केंद्र को आयुष विभाग ने तो विंध्या हर्बल्स को ऑर्डर देना ही बंद कर दिया है। पिछले दिनों एक छोटा सा ऑर्डर इस वित्तीय वर्ष में केवल 1.8 करोड़ का आर्डर मिला है।

अतिवर्षा से प्रभावित किसानों ने विधायक रामेश्वर शर्मा से की मुलाकात, जल्द मिलेगी राहत

Farmers affected by excessive rain met MLA Rameshwar Sharma, will get relief soon भोपाल। हाल ही में हुई अतिवर्षा के कारण सोयाबीन सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसान परेशान हैं। शनिवार को रातीबड़ रोड और सीहोर रोड क्षेत्र के कई किसान युवा सदन पहुंचे और वहां विधायक रामेश्वर शर्मा से मुलाकात की। किसानों ने फसलों को हुए नुकसान की जानकारी दी और राहत की मांग की। विधायक रामेश्वर शर्मा ने तुरंत संज्ञान लेते हुए भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से बात की और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कराने की अपील की। चर्चा के बाद, कलेक्टर सिंह और एसडीएम हुजूर विनोद सोनकिया मुंडला गांव पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाई और उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने फसलों के नुकसान के साथ-साथ अन्य मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा की। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी। प्रशासन की ओर से फसलों के नुकसान का आंकलन कर जल्द ही मुआवजा राशि जारी की जाएगी।

विकास से समाज कल्याण के लिए सद्मूल्यों को करना होगा विकसित : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

आध्यात्मिकता द्वारा स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण” वैश्विक शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में हुए शामिल Good values ​​will have to be developed for social welfare through development: Deputy Chief Minister Shukla भोपाल ! उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी से विकास की तेज राह में विश्व आगे बढ़ रहा है, इसे सही दिशा देकर मानव कल्याण से जोड़ने के लिए समाज में सद्मूल्यों को विकसित करना होगा। विकास को वरदान बनाना है तो समाज में प्रेम, दया, करुणा, परोपकार और शांति की भावना को जागृत करना होगा। ब्रह्मकुमारी जैसे संस्थानों द्वारा जन-चेतना के लिए किये जा रहे कार्य सशक्त और समृद्ध भारत तथा वैश्विक खुशहाली के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल राजस्थान के माउंट आबू में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित “आध्यात्मिकता द्वारा स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण” वैश्विक शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि 4 से 7 अक्टूबर तक आयोजित शिखर सम्मेलन के शुभारंभ सत्र में (4 अक्टूबर) राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु शामिल हुई थीं। प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में सपनों के भारत के निर्माण का चल रहा है महायज्ञ उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है आज भारत विश्व की 5 वीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। आगामी 5 वर्षों में हम तीसरी और वर्ष 2047 तक विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे। व्यापक स्तर पर तेज गति से विकास हो रहा है। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ने विकास के द्वार खोले हैं। नागरिकों को सक्षम बनाने के लिये उच्चस्तरीय शिक्षा, स्वास्थ्य की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। विकास की राह के हर पड़ाव में सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सपनों के भारत के निर्माण का महायज्ञ चल रहा है। इस विकास को स्थायी बनाने के लिये मानव जाति का जागृत होना आवश्यक है। इसके लिये भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और आध्यमिकता का पुनरुत्थान करना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद कहते थे 21 वीं सदी भारत की होगी। भारत विश्वगुरु होगा। वर्तमान वैश्विक पारिस्थितियों में भारत का नेतृत्व नितांत आवश्यक है। आर्थिक विकास के साथ आध्यात्मिक विकास पर भी कार्य करना होगा। विकसित, समृद्ध और खुशहाल विश्व के निर्माण के लिये भारत की “वसुधैव कुटुंबकम्” की सोच पर सभी को चलना होगा। वैश्विक कल्याण के इस अहम दायित्व के निर्वहन के लिये आवश्यक है कि भारत का हर नागरिक सकारात्मक भूमिका निभाकर लोक-कल्याणकारी पुनीत यज्ञ में सहभागी बने। अच्छा मनुष्य बनकर ही स्वयं, समाज और विश्व का कल्याण किया जा सकता है सुनिश्चित उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी कहते थे “आज मानव ने आकाश में पक्षी की तरह उड़ना सीख लिया है, मछली की तरह समुद्र में तैरना सीख लिया है लेकिन इंसान की तरह जमीन पर चलना नहीं सीख पाया।” उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि वैश्विक कल्याण के लिये मानव मूल्यों को जागृत करना होगा। समाज को तोड़ने वाली शक्तियाँ कार्य कर रही हैं, परंतु ख़ुशी की बात है कि समाज को जोड़ने वाली, चिंतन करने वाली, वैश्विक कल्याण के भाव वाली संस्थाएँ और विचारक सतत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज विश्व ब्रह्मकुमारी जैसे संस्थानों को आशा भरी नज़रों से देख रहा है। यह वर्तमान पीढ़ी की ज़िम्मेदारी है आगामी पीढ़ी को भारत की समृद्ध संस्कृति और आध्यात्म से जोड़ने की दिशा में प्रयास करे। एक अच्छा मनुष्य बनकर ही स्वयं का, समाज का और विश्व का कल्याणकारी भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल को ब्रह्मकुमारी संस्थान के प्रतिनिधियों ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। ब्रह्मकुमारी के राजयोगी बृजमोहन, राजयोगिनी सुश्री चन्द्रिका दीदी सहित 20 हजार से अधिक प्रतिभागी इस सम्मेलन में शामिल थे।

डीजीपी की बेटी सोनाक्षी सक्सेना बनीं भोपाल की डीसीपी इंटेलिजेंस

DGP’s daughter Sonakshi Saxena becomes DCP Intelligence of Bhopal राजीव रंजन झा: भोपाल : 2020 बैच की युवा और चर्चित आईपीएस अधिकारी सोनाक्षी सक्सेना ने भोपाल पुलिस कमिश्नर कार्यालय में डीसीपी इंटेलिजेंस के पद पर कार्यभार संभाल लिया है। इससे पहले वे जबलपुर में एएसपी के पद पर तैनात थीं। सोनाक्षी की यह तीसरी पोस्टिंग है और पहली बार भोपाल में डीसीपी इंटेलिजेंस के रूप में सबसे युवा आईपीएस अधिकारी की नियुक्ति हुई है। सोनाक्षी, मध्य प्रदेश पुलिस के प्रमुख डीजीपी सुधीर सक्सेना की बेटी हैं। डीजीपी सक्सेना अगले महीने नवंबर में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, और माना जा रहा है कि इस संबंध में उनकी बेटी की भोपाल में पोस्टिंग को प्राथमिकता दी गई है। इससे पहले सोनाक्षी इंदौर में भी महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रह चुकी हैं।

भोपाल में चार नई तहसीलें गठित होंगी, गोविंदपुरा सर्किल होगा समाप्त

Four new tehsils will be formed in Bhopal, Govindpura circle will be abolished. भोपाल | राजीव रंजन झा। भोपाल जिले में प्रशासनिक सुधार के तहत चार नई तहसीलें बनाई जाएंगी, जिससे लोगों को नामांतरण, प्रमाण पत्र, और अन्य राजस्व संबंधी कामों में अधिक सुविधा होगी। गोविंदपुरा सर्किल को समाप्त कर इसका क्षेत्र एमपी नगर सर्किल में शामिल किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य तहसीलों में काम का बोझ कम करना और नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है। नई तहसीलों का गठन भोपाल जिले में सात तहसीलों का पुनर्गठन प्रस्तावित है। इनमें बैरागढ़, एमपी नगर, टीटी नगर, और शहर तहसील शामिल होंगी। इस नए प्रस्ताव पर 6 अक्टूबर को संभागायुक्त संजीव सिंह से चर्चा की जाएगी। गोविंदपुरा सर्किल के राजस्व क्षेत्र को एमपी नगर सर्किल में मर्ज किया जाएगा और मुख्यालय नरेला क्षेत्र में स्थापित होगा। प्रमुख बदलाव हुजूर तहसील के 29 गांवों को एमपी नगर तहसील में शामिल किया जाएगा। इसी तरह, टीटी नगर तहसील में रातीबड़ और कोटरा सुल्तानाबाद जैसे इलाकों को जोड़ा जाएगा। संत हिरदाराम नगर तहसील, शहर तहसील, और एमपी नगर तहसील का पुनर्गठन किया जाएगा ताकि राजस्व मामलों का बोझ समान रूप से विभाजित हो सके और नागरिकों को त्वरित सेवाएं मिल सकें। भोपाल शहर की 60% आबादी अब सीधे भोपाल शहर तहसील से जुड़ेगी, जो शहर के सबसे बड़े हिस्से को कवर करेगी। इस परिवर्तन से राजस्व मामलों की पेंडेंसी को कम करने और कार्यभार को बेहतर ढंग से बांटने में मदद मिलेगी। लोगों को होगा फायदा कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि यह प्रस्ताव जनसुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे न केवल तहसीलों में काम का बोझ कम होगा, बल्कि लोगों को भी अपने काम करवाने में सहूलियत मिलेगी।

भोपाल: तेज रफ्तार कार ने श्यामला हिल्स पर दो सगी बहनों को मारी टक्कर, एक की मौत

भोपाल शहर के श्यामला हिल्स थाना इलाके में सड़क पार कर रही दो सगी बहनों को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। उन्हें गंभीर घायल अवस्था में उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने 42 वर्षीय राजिया को मृत घोषित कर दिया। वहीं छोटी बहन 32 वर्षीय शाजिया की हालत नाजुक बताई जाती है। घटना शनिवार शाम लगभग सात बजे की है। हादसे के बाद कार चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है। चालक की तलाश की जा रही है। रिश्तेदार के घर से वापस लौट रही थीं थाना प्रभारी घूमेंद्र सिंह ने बताया कि राजिया जगन्नाथ कॉलोनी, ऐशबाग की रहने वाली थी। शनिवार को वह नीम वाली सड़क, जहांगीराबाद में रहने वाली छोटी बहन शाजिया के साथ अहाता रुस्तम खां में एक रिश्तेदार के घर आई थी। दोनों बहनें शाम को वापस घर लौट रही थीं। सिर में चोट लगने से मौके पर ही हुई मौत शाम करीब पौने सात बजे वे हिंदी भवन के सामने सड़क पार कर रही थीं, तभी स्मार्ट सिटी रोड से आ रही तेज रफ्तार कार ने दोनों को टक्कर मार दी थी। राजिया के सिर में गंभीर चोट लगी थी, जिस वजह से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अस्पताल में भर्ती शाजिया की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उसके मालिक का पता लगाया जा रहा है। चालक की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करें’, सीएम का विभागों का निर्देश

‘Resolve problems of entrepreneurs immediately’, CM’s instructions to departments भोपाल ! वीरांगना रानी दुर्गावती के 500वें जन्म शताब्दी के मौके पर सीएम मोहन यादव कैबिनेट की बैठक सिंग्रामपुर में हो रही है. इस बैठक के साथ मध्य प्रदेश सरकार कई सौगातें भी दे रही है. इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उद्योग विभाग और सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करें. औद्योगिक क्षेत्र में उद्यमियों के लिए औद्योगिक संस्थानों में भूमि विकास के साथ ही सीवरेज व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को दिलवाना सुनिश्चित किया जाए. उद्यमियों को आवश्यक अनुमतियों के लिए भी विभाग द्वारा निरंतर समीक्षा की जाए. छोटे उद्योगों और छोटे उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारी साप्ताहिक रूप से समीक्षा बैठक करें. मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि जिन जिलों में पावरलूम सेक्टर में विकास की संभावना है वहां आवश्यक सुविधा उपलब्ध करवायें. 700 से अधिक महिला उद्यमियों ने हिस्सा लियाबैठक में सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग की ओर से प्रेजेंटेशन में बताया गया कि इस वर्ष ग्वालियर व्यापार मेले में 1800 करोड़ से अधिक का व्यापार हुआ. उज्जैयिनी विक्रम व्यापार मेले में 2765.25 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ. महिला उद्यमी सम्मेलन भोपाल में 700 से अधिक महिला उद्यमियों ने हिस्सा लिया. लघु उद्योग भारती देवास इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव में भी एमएसएमई विभाग ने भूमिका निभाई. पावरलूम के साथ ही गारमेंट्स, टैक्सटाइल, फार्मा फर्नीचर और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में विशेष कार्य प्रारंभ किया गया है. एमएसएमई सेक्टर में कुल 850 इकाइयों को 275 करोड़ रुपये की राशि गत अगस्त माह में प्रदान की गई है. स्टार्टअप की संख्या में 150% की वृद्धि है हुईप्रदेश में स्टार्टअप को प्रोत्साहन दिया जा रहा है.कुल 2168 स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं. प्रदेश में कुल साढ़े चार हजार स्टार्टअप और 70 इनक्यूबेटर स्थापित किए गए हैं. भोपाल में स्टार्टअप केंद्र की स्थापना की गई है. गत दो वर्ष में अधिमान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या में 150% की वृद्धि हुई है. भारत सरकार की स्टार्टअप रैंकिंग में प्रदेश को लीडर श्रेणी में स्थान मिला है. अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स से अनुबंध किया गया है जिससे राज्य शासन ने 2.25 करोड़ निवेश किया है. इससे प्रदेश के तीन स्टार्टअप के लिए 11 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है.

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