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भोपाल : बड़े तालाब पर रोपैक्स सेवा शुरू करने का नितिन गडकरी का प्रस्ताव

Nitin Gadkari proposes to start Ro-Pax service on Bada Talab in Bhopal भोपाल । केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपने भोपाल दौरे के दौरान बड़े तालाब में रोपैक्स (रो-रो फेरी) सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रखा। यह योजना मुंबई, गुजरात और ओडिशा जैसे शहरों की तर्ज पर तैयार की गई है, जहां पहले से ही रोपैक्स सेवा सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। इस नई सेवा का उद्देश्य भोपाल के यातायात को सुगम बनाना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और शहर के पर्यटन को एक नई दिशा देना है। रोपैक्स सेवा: एक क्रांतिकारी कदम भोपाल के बड़े तालाब में प्रस्तावित रोपैक्स सेवा से भदभदा से बैरागढ़ तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा। वर्तमान में यह दूरी सड़क मार्ग से तय करने में 30 मिनट से अधिक समय लेती है, जबकि रोपैक्स सेवा के माध्यम से यह यात्रा महज 5 से 10 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इस परियोजना पर 15 से 20 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव है। इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या में कमी आएगी, जो यातायात के दबाव को कम करने में मदद करेगा। परियोजना के प्रमुख लाभ: 1. यातायात का सुधार और समय की बचत: मौजूदा समय में भदभदा से बैरागढ़ तक सड़क मार्ग से यात्रा करने में लगभग 17 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। रोपैक्स सेवा शुरू होने के बाद यह दूरी तालाब के जरिए सीधा तय की जा सकेगी, जिससे यात्रियों का कीमती समय बचेगा। 2. पर्यावरण अनुकूल समाधान: इस सेवा से सड़क यातायात पर निर्भरता कम होगी, जिससे वाहनों द्वारा उत्पन्न ध्वनि और वायु प्रदूषण में कमी आएगी। साथ ही, डीजल और पेट्रोल के उपयोग में भी कमी आएगी, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 3. पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन: बड़ा तालाब भोपाल का एक प्रमुख आकर्षण है, और रोपैक्स सेवा शुरू होने से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटक न केवल स्थानीय सुंदरता का आनंद ले सकेंगे, बल्कि तालाब के माध्यम से यात्रा का एक नया अनुभव भी प्राप्त करेंगे। 4. आर्थिक और सामाजिक विकास: इस परियोजना से न केवल स्थानीय निवासियों को लाभ मिलेगा, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे। इसके अलावा, स्थानीय व्यापार और होटल उद्योग में भी वृद्धि होने की संभावना है। अन्य शहरों के अनुभव: एक सीख गडकरी ने बताया कि मुंबई, ओडिशा और गुजरात में पहले से ही रोपैक्स सेवा सफलतापूर्वक चलाई जा रही है। इन शहरों में इस सेवा ने न केवल यातायात का दबाव कम किया है, बल्कि लोगों को जल परिवहन के प्रति जागरूक भी किया है। इन स्थानों पर रोपैक्स सेवा के माध्यम से न केवल स्थानीय यातायात का संचालन आसान हुआ है, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी इसके सकारात्मक परिणाम मिले हैं। भोपाल में इस सेवा को शुरू करने से ऐसे ही लाभ की अपेक्षा की जा रही है। परियोजना की प्रमुख चुनौतियाँ हालांकि रोपैक्स सेवा के कई फायदे हैं, लेकिन इसके कार्यान्वयन में कुछ चुनौतियाँ भी सामने आ सकती हैं: तालाब के जल स्तर का प्रबंधन: रोपैक्स सेवा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए बड़े तालाब का जल स्तर पर्याप्त होना आवश्यक है। सूखे के मौसम में तालाब का जल स्तर कम होने पर सेवा में रुकावट आ सकती है। पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन: जलमार्ग में चलने वाली फेरी सेवाओं से मछलियों और अन्य जलजीवों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका गहन अध्ययन आवश्यक है ताकि पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था: यात्रियों और वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फेरी सेवाओं के संचालन में उच्चतम सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। अधिकारियों पर तंज और काम की गति अपने भाषण में नितिन गडकरी ने परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने में लगने वाले समय पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि डीपीआर तैयार करने वाले अधिकारियों को पद्मश्री और पद्म विभूषण जैसे सम्मान दिए जाने चाहिए क्योंकि उनकी धीमी गति काम में देरी का कारण बनती है। उनका इशारा इस ओर था कि अगर योजनाओं को समय पर लागू किया जाए, तो लोगों को जल्द ही इसका लाभ मिल सकता है। रोपैक्स सेवा क्या है? रोपैक्स (रो-ऑन/रो-ऑफ) एक प्रकार की फेरी सेवा है जिसमें यात्रियों के साथ-साथ वाहन भी यात्रा कर सकते हैं। यह सेवा उन क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी होती है जहां जलमार्ग के जरिए यातायात का संचालन संभव है। वाहन सवार यात्री अपनी गाड़ी के साथ फेरी पर सवार हो सकते हैं और दूसरे किनारे पर उतर सकते हैं, जिससे सड़क यात्रा की तुलना में समय और ईंधन की बचत होती है। भोपाल में रोपैक्स की संभावनाएँ भोपाल के बड़े तालाब में रोपैक्स सेवा शुरू होने से शहर की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आ सकते हैं। यह सेवा न केवल सड़क यातायात को कम करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके अलावा, यह भोपाल को एक स्मार्ट और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।

एमपी में खाद की कमी पर कांग्रेस का हल्ला, कृषि मंत्री ने यूक्रेन-रूस युद्ध को ठहराया जिम्मेदार

Congress protests over fertilizer shortage in MP, Agriculture Minister blames Ukraine-Russia war भोपाल ! किसानों को खाद उपलब्ध कराने का दावा खोखला साबित हो रहा है. घंटों कतार में लगने के बावजूद पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है. बुआई के मौसम में खाद की किल्लत जी का जंजाल बन गयी है. सीहोर जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी में खाद के लिए किसानों की भीड़ देखी गई. आधार कार्ड की फोटोकॉपी लिये किसान कतारबद्ध नजर आए. किसानों का दर्द है कि सुबह से लाइन में लगने के बावजूद खाद नहीं मिली है. उन्होंने बताया कि खाद के लिए जद्दोजहद करने का अंदेशा था. इसलिए घर से रोटी बांधकर साथ लाए थे. भूख लगने पर पेड़ के नीचे बैठकर खाया है. नाराज किसानों ने सरकार के दावे पर सवाल उठाये. उन्होंने कहा कि सरकार हर साल ऐलान करती है कि प्रदेश में खाद की समस्या नहीं होने दी जायेगी. लगता है कि अधिकारियों को मुख्यमंत्री के आदेश की परवाह नहीं है. धूप में भूखे प्यास खड़े रहने के बावजूद खाद नहीं मिल रही है. खाद बांटने वाले कर्मचारी-अधिकारियों की डांट भी खाने को किसान मजबूर हैं. खाद की किल्लत पर कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने सफाई दी है. उन्होंने माना कि यूक्रेन-रूस युद्ध के कारण खाद आने में देरी हो रही है. कृषि मंत्री ने खाद की कमी के पीछे यूक्रेन-रूस युद्ध को कारण बताया. खाद की किल्लत पर कांग्रेस हमलावर प्रदेश में खाद संकट पर विपक्ष लगातार हमलावर है. राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खाद संकट का जिम्मेदार केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री मोहन यादव को ठहराया है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि 1993 से लेकर 2003 तक कांग्रेस की सरकार थी. उस दौरान खाद के लिए किसानों को परेशान नहीं होना पड़ा. खाद की कालाबजारी नहीं होने का भी उन्होंने दावा किया. आज खाद की ब्लैकमार्केटिंग और नकली खाद मामले में बीजेपी से जुड़े नेताओं का नाम सामने आ रहा है.

डी-नोटिफिकेशन के बाद भी चम्बल अभयारण्य क्षेत्र में नहीं होगा रेत खनन

Sand mining will not happen in Chambal sanctuary area even after de-notification उदित नारायणभोपाल। राज्य सरकार द्वारा 31 जनवरी 2023 को मुरैना वनमंडल में स्थित राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य का 207.049 हेक्टेयर क्षेत्र स्थानीय निवासियों को उनकी आजीविका हेतु रेत आपूर्ति हेतु डिनोटिफाई किया गया था, परन्तु अब इस डिनोटिफिकेशन को निरस्त किया जायेगा। अब यह मामला राज्य शासन स्तर पर है जहां वन मंत्री रामनिवास रावत से डिनोटिफिकेशन की सूचना निरस्त करने का प्रशासकीय अनुमोदन मांगा गया है।दरअसल सुप्रीम कोर्ट एवं एनजीटी ने इस डिनोटिफिकेशन की प्रक्रिया कोरह रहे घड़ियालों, डाल्फिन एवं कछुओं के रहवास के प्रतिकूल माना है। मप्र के स्टेट वाईल्ड लाईफ बोर्ड की 11 जून 2024 को हुई बैठक में यह प्रकरण आया था जिसमें निर्णय लिया गया था कि राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य के अंतर्गत स्थानीय लोगों की रेत आपूर्ति हेतु किये गये डिनोटिफाई क्षेत्र के संबंध में सुप्रीम कोर्ट एवं एनजीटी द्वारा रेत आपूर्ति के संबंध में चम्बल अभयारण्य की नदी में दिये गये निर्णय के परिप्रेक्ष्य में प्रस्ताव का पुनः परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही की जाये। इस पर राज्य के वन मुख्यालय की वन्यप्राणी शाखा ने प्रस्ताव का परीक्षण कर अब रिपोर्ट दी है कि डिनोटिफिकेशन की सूचना निरस्त किया जाये। शुरु से ही हुई गड़बड़ी दरअसल स्थानीय लोगों को रेत की आपूर्ति हेतु हेतु 31 जनवरी 2023 को चम्बल नदी का 207.049 हेक्टेयर क्षेत्र डिनोटिफाई किया गया था। इसके बाद मुरैना डीएफओ ने आपत्ति ली कि डिनोटिफिकेशन क्षेत्र इको सेंसेटिव जोन में आता है जहां रेत की आपूर्ति नदी से नहीं हो सकती है। इस पर इको सेंसेटिव जोन को खत्म करने का प्रस्ताव लाया गया परन्तु सुप्रीम कोर्ट एवं एनजीटी ने इस प्रक्रिया को गलत माना। अब डिनोटिफिकेशन निरस्त करने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं बचा है। साल भर पहले एनजीटी ने भी दिया निर्देश नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य (एनसीएस) में अवैध खनन को नियंत्रित करने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने अधिकारियों से रेत खनन संबंधी दिशा-निर्देशों को भी लागू करने को कहा है। यह निर्देश न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह और न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी की पीठ ने दिया है। इस मामले में कोर्ट ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, एसपीसीबी के साथ भिंड, मुरैना, ग्वालियर, आगरा, इटावा, झांसी, धौलपुर और भरतपुर के पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट से अवैध खनन को नियंत्रित करने, उस पर निगरानी रखने और तीन महीनों के भीतर इस मामले में क्या कार्रवाई की गई, उस पर रिपोर्ट सबमिट करने को कहा था किन्तु आज तक उत्तर प्रदेश राजस्थान और मध्य प्रदेश के डीजीपी ने अपनी रिपोर्ट सबमिट नहीं की। पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने भी उठाया था मामला कांग्रेस के कद्दावर नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने भी चंबल अपहरण क्षेत्र में हो रहे रेट उत्खनन को लेकर एक अभियान चलाया था। डॉक्टर सिंह ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक को पत्र लिखा था पर उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। यहां तक कि डॉ सिंह विधानसभा से लेकर सड़क तक जल जीवों की सुरक्षा को लेकर आवाज बुलंद किया था।

सरकारी स्कूल में शराबी हेडमास्टर की हरकत, कार्रवाई की तैयारी

Drunk headmaster’s actions in government school, preparation for action सिंगरौली ! सरकारी स्कूल में हेडमास्टर शराब के नशे में पहुंचा. इसका वीडियो ग्रामीणों ने बना लिया. अब इस मामले में शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई की बात कही है. मध्य प्रदेश के एक सरकारी स्कूल से शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है. सिंगरौली जिले के ग्रामीण क्षेत्र बिंदुल संकुल केंद्र, पुरा गांव के प्राथमिक स्कूल में एक टीचर शराब के नशे में धुत नजर आया. शराब पीकर स्कूल आने की वजह भी शिक्षक ने बताई. उसने कहा कि मेरा मोबाइल गुम हो गया, दिमाग डिस्टर्ब है, इसलिए थोड़ी बहुत शराब पीकर आया हूं. स्कूल में सिर्फ एक टीचरपुरा गांव में सरकारी स्कूल में तैनात इस टीचर का नाम अर्जुन सिंह है. इसी प्राथमिक विद्यालय में हेडमास्टर भी है, जो लंबे समय से इसी स्कूल में है और अक्सर स्कूल में शराब के नशे में ही आता है. इस प्राथमिक विद्यालय में सिर्फ यही एक शिक्षक है. ग्रामीणों ने बनाया वीडियोरोजाना की तरह बुधवार (16 अक्टूबर) को जब शराबी हेडमास्टर स्कूल पहुंचा तो ग्रामीणों ने उसका वीडियो बनाया और पूछा कि आप शराब पीकर क्यों आये हो? तो जवाब भी ऐसा दिया जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. शराबी हेडमास्टर ने कहा कि मेरा मोबाइल गुम गया है, इसलिए शराब पीकर स्कूल आया हूं. शिक्षा अधिकारी ने क्या कहा?ग्रामीणों ने नशे में धुत्त शराबी हेडमास्टर का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया. वीडियो वायरल होने के बाद जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारी एसबी सिंह ने जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही.

भोपाल में माइनिंग कॉन्क्लेव का सफल समापन, 20 हजार करोड़ का निवेश प्रस्ताव

Successful completion of Mining Conclave in Bhopal, investment proposal of Rs 20 thousand crores Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश में दो दिवसीय माइनिंग कॉन्क्लेव का समापन हो चुका है. इसमें मध्य प्रदेश को 20 हजार करोड़ रुपये के निवेशन का प्रस्ताव मिला है. MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रहे दो दिवसीय माइनिंग कॉन्क्लेव का शुक्रवार को समापन हो गया. समापन समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव भी शामिल हुए. इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 2 दिवसीय माइनिंग कॉन्क्लेव सफल रहा है. इसमें मध्य प्रदेश को 20 हजार करोड़ रुपये के निवेशन का प्रस्ताव मिला है. सीएम मोहन यादव ने उद्योगपतियों से अपील की कि आप सरकार के साथ खड़े हों, हम आपके साथ खड़े हैं. खनिज की दृष्टि से मध्य प्रदेश भाग्यशाली. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार चलाने वाला कैसा है, यह मायने रखता है, सीएम ने पीएम मोदी की नीति का दिया हवाला. उन्होंने कहा कि भारत पर ईश्वर और मां वसुधा की विशेष कृपा है, हम दोहन में विश्वास रखते हैं, शोषण में नहीं. मीनिंग सेक्टर रिर्फांम पुस्तिका का विमोचनसीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज भारत विश्व की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था है. आयोजन के दौरान मप्र माइनिंग कॉन्क्लेव-2024 में मीनिंग सेक्टर रिर्फांम पुस्तिका का विमोचन भी किया गया. इस अवसर पर एमओआईएल (भारत सरकार के उपक्रम) और मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड के बीच ब्लॉकों के व्यवसायिक दोहन के लिए संयुक्त उद्यम समझौता भी संपन्न हुआ. ‘मध्य प्रदेश की खदानों से निकले पत्थर उच्च कोटि के’सीएम ने कहा कि हमारे मध्य प्रदेश की खदानों से निकले पत्थर की गुणवत्ता उच्च कोटि की है. केन्द्र सरकार की ओर से माइनिंग नीलामी को लेकर प्रदेश को नंबर वन का पुरस्कार मिला है. खनिजों से भरपूर हमारा मध्य प्रदेश निरंतर खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है. वहीं उन्होंने कहा कि मनमोहन सरकार जहां घपलों-घोटालों की लिप्तता से बाहर नहीं निकल सकी थी, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में माइनिंग क्षेत्र में अभूतपूर्व कीर्तिमान रचे गए हैं, कहीं कोई घोटाला नहीं हुआ.

छतरपुर और खजुराहो में नाबालिगों पर अत्याचार, विपक्ष ने साधा निशाना

Atrocities on minors in Chhatarpur and Khajuraho, opposition targeted भोपाल। मध्य प्रदेश में नाबालिगों पर हो रहे अत्याचार को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधा हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस तरह की हैवानियत पर कब अंकुश लगेगा। आखिर कब आप प्रदेश की चिंता करोगे ? एमपी में ऐसी घटनाएं होने की वजह से लोगों को कानून का जरा भी डर नहीं है। दरअसल, छतरपुर और खजुराहो में नाबालिगों पर अत्याचार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एक वीडियो में नाबालिग के साथ बेल्ट से मारपीट तो वहीं दूसरे वीडियो में नाबालिग से अपने जूते चटवाए और जमकर पीटा। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (X) पर पोस्ट कर लिखा- MP में इस तरह की हैवानियत पर कब अंकुश लगेगा !!! छतरपुर और खजुराहो में नाबालिगों पर अत्याचार के वीडियो सामने आए हैं। एक आदिवासी नाबालिग के साथ गुंडों ने बेल्ट से मारपीट की! दूसरे नाबालिग से अपने जूते चटवाए और पीटा गया! MP में ऐसी घटनाएं लगातार होने का कारण है कि लोगों को कानून_व्यवस्था का भय नहीं रहा!… ये दो घटनाएं तो इसलिए सामने आई कि इनके वीडियो वायरल हुए। आखिर कब आप प्रदेश की चिंता करोगे? प्रदेश में इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। एक बार फिर इन घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। स्थिति सुधरने की बजाय और बिगड़ती जा रही है। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब तक नाबालिग हैवानियत का शिकार होते रहेंगे। प्रशासन की नींद कब खुलेगी, हालात कब सुधरेंगे।

कांग्रेस की कृषि यात्रा: जीतू पटवारी का बयान, दिग्विजय की चेतावनी

Congress’s Krishi Yatra: Jitu Patwari’s statement, Digvijay’s warning भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी, दिग्विजय सिंह और सज्जन वर्मा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेस में संयुक्त रुप से सरकार पर हमला बोला है। जीतू पटवारी ने कहा कि बार-बार यह बात स्थापित होती जा रही है कि बीजेपी की सरकार शिवराज और मोहन यादव किसान विरोधी है। ऋण माफी योजना बंद की. कांग्रेस पार्टी जो योजना लेकर आई थी उन्हें बंद किया. जो वादा इन्होंने किया था समर्थन मूल्य का वह अब तक पूरा नहीं किया और किसानों को धोखा दिया है. गेहूं और धान का वादा के अनुरूप एमएसपी नहीं दिया। यात्रा में सभी बड़े नेता शामिल होंगे यह राजनीतिक नहीं बल्कि किसानों का विषय है। सबसे बड़े किसान विरोधी शिवराज सिंह चौहान देश में मध्यप्रदेश की दुहाई देकर झूठ बोल रहे हैं. पूरे प्रदेश से किसने की समस्याओं और दुर्गति की खबरें हैडलाइन बन रहीं. मैं हर मंगलवार को शिवराज से समय मानता हूं. अगला मंगलवार पांचवा होगा जब तक वह समय नहीं देंगे हम लगातार उनसे समय मांगेंगे. किसानों की समस्या को लेकर से मांग रहा हूं. कांग्रेस गांव, खेत यात्रा निकालेगी। आग्रह करेंगे सरकार से जो आपने बातें की है वह पूरी करो व्यवस्थाओं को दुरुस्त करो. जल्द तारीख का ऐलान करेंगे. यात्रा में सभी बड़े नेता शामिल होंगे.

मध्य प्रदेश उपचुनाव: 13 नवंबर को 2 विधानसभा सीटों पर मतदान, EC ने किया शेड्यूल जारी

Madhya Pradesh by-election: Voting on 2 assembly seats on November 13, EC released schedule MP Bypoll 2024 Schedule: मध्य प्रदेश की दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान हो गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार (15 अक्टूबर) को प्रेस कांफ्रेंस कर चुनाव के शेड्यूल की जानकारी विस्तार से दी है. मध्य प्रदेश की बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों पर 13 नवंबर को मतदान होंगे और 23 नवंबर को मतगणना के बाद नतीजे सामने आ जाएंगे. मध्य प्रदेश विधानसभा उपचुनाव 2024 का शेड्यूलचुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए शेड्यूल के मुताबिक, नोटिफिकेशन जारी करने की तारीख 10 अक्टूबर 2024 होगीनामांकन भरने की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर 2024 होगीनामांकन पत्रों की जांच 28 अक्टूबर 2024 को होगीनाम वापस लेने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर तक होगीमतदान की तारीख 13 नवंबर 2024 होगीमतगणना 23 नवंबर 2024 को होगी इन वजहों से खाली हुईं बुधनी और विजयपुर सीटेंसीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट और श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं. बुधनी सीट पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लंबे समय तक विधायक रहे. इस बार के लोकसभा चुनाव में विदिशा से सांसद चुने जाने के बाद शिवराज सिंह को केंद्रीय मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली और इसी के साथ बुधनी सीट खाली हो गई. वहीं, विजयपुर विधानसभा सीट रामनिवास रावत के कांग्रेस छोड़ने के बाद से खाली है. रामनिवास रावत अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं. ऐसे में बीजेपी उन्हें ही इस सीट से फिर चुनाव में उतार सकती है. https://www.facebook.com/share/uhUckjZ3M64hNZUq बीजेपी और कांग्रेस की ओर से अभी बुधनी और विजयपुर सीट पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया गया है. हालांकि, बीजेपी नेताओं की मांग है कि बुधनी से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह को टिकट दिया जाए. वहीं, विजयपुर सीट से रामनिवास रावत का टिकट लगभग फाइनल माना जा रहा है. वहीं, कांग्रेस में अभी नामों पर विचार मंथन चल रहा है. माना जा रहा है कि एक-दो दिन में दोनों ही पार्टियां प्रत्याशियों की घोषणा कर देंगी. . राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के विज्ञान भवन स्थित प्लेनरी हॉल में दोपहर को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस (पीसी) के दौरान उन्होंने यह भी बताया, “महाराष्ट्र में एक चरण में ही चुनाव होगा. 20 नवंबर को मतदान होगा, जबकि 23 नवंबर, 2024 को मतगणना की जाएगी. झारखंड में दो चरण में मतदान होगा. पहले चरण के तहत 13 नवंबर को तो दूसरे फेज में 20 नवंबर, 2024 को वोट डाले जाएंगे और वोटों की गिनती 23 नवंबर को की जाएगी.” उप-चुनावों का कार्यक्रम कुछ इस तरह रहेगा सीईसी राजीव कुमार ने आगे उप-चुनावों के बारे में भी जानकारी दी और कहा, “उत्तर प्रदेश (यूपी) की 10 विधानसभा सीटों पर 13 नवंबर को मतदान होगा. केरल की वायनाड लोकसभा सीट पर 13 नवंबर को वोट डाले जाएंगे और उत्तराखंड में 20 नवंबर को बाई-इलेक्शन होगा.”

जब सभी सामाजिक वानिकी वन वृत का प्रभार सीसीएफ-सीएफ को तो सागर का प्रभार डीएफओ को क्यों…?

When CCF-CF is in charge of all social forestry forests then why is DFO in charge of Sagar? भोपाल। वन विभाग में जंगल राज कायम है। शायद यही वजह है कि परंपरा और क्राइटेरिया को तोड़-मरोड़कर पोस्टिंग और तबादले किए जा रहे हैं। पिछले दिनों वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रशासन एक के विवेक जैन ने परंपरा और प्रशासनिक मापदंड को दरकिनार करते हुए एक डीएफओ स्तर के WPO ( वर्किंग प्लान अफसर) को सामाजिक वानिकी वन वृत्त सागर को प्रभार सौंप दिया है। प्रशासनिक मापदंड के अनुसार कैडर में यह पद सीसीएफ अथवा सीएफ को दिया जा सकता है। जबकि सिवनी की तरह ही सागर सामाजिक वन वृत का सीसीएफ को दिया जा सकता था। चेहरा देखकर की गई पोस्टिंग को लेकर पूर्व नेता-प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह का कहना है कि हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर पोस्टिंग में हो रही नियमों की अनदेखी की और उनका ध्यान आकृष्ट कराएंगे। डब्बलूपीओ ( वर्किंग प्लान ऑफिसर) एवं डीएफओ देवांशु शेखर को कैडर के विरुद्ध सामाजिक वानिकी वन वृत्त का प्रभाव दिए जाने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष डॉ सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि देवांशु शेखर के अलावा डीएफओ प्रशांत कुमार सिंह को वर्किंग प्लान खंडवा, डीएफओ डॉ किरण बिसेन को वर्किंग प्लान उज्जैन, डीएफओ मीना कुमारी मिश्रा वर्किंग प्लान शिवपुरी, डीएफओ अनुराग कुमार वर्किंग प्लान रीवा और डीएफओ सुश्री संध्या को वर्किंग प्लान बालाघाट के पद पर पदस्थ किया गया। इनमें से किसी को भी सामाजिक वन वृत्त का अतीक प्रभार नहीं दिया गया। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि प्रशासनिक कैडर के अनुसार सामाजिक वन वृत्त खंडवा, बैतूल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, रीवा, सागर, जबलपुर, और सिवनी में सीसीएफ अथवा सीएफ के पद रिक्त है। सामाजिक वन वृत्त बैतूल में वर्किंग प्लान ऑफिसर वन संरक्षक पीएन मिश्रा और वर्किंग प्लान ऑफिसर एवं वन संरक्षक आदर्श श्रीवास्तव को सामाजिक इंदौर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वर्किंग प्लान ऑफिसर एवं डीएफओ देवांशु शेखर इकलौते ऐसे अफसर हैं, जिन्हें पीसीएफ प्रशासन एक विवेक जैन ने सागर सामाजिक वन वृत का प्रभार देकर उपकृत किया है। इन बिंदुओं पर जांच होनी चाहिए। सामाजिक वानिकी वन वृत में रिक्त पद रिक्त पद किसे प्रभाररीवा राजेश राय cfजबलपुर कमल अरोरा cfखंडवा रमेश गनावा cfइंदौर आदर्श श्रीवास्तव cfबैतूल पीएन मिश्रा cfसिवनी एसएस उद्दे ccfरतलाम एमएस बघेल cfसागर देवांशु शेखर DYCF

डॉ. यादव का बयान: प्रदेश में रोजगार और विकास के हर क्षेत्र में हो रहा सुधार

Dr. Yadav’s statement: Improvement is taking place in every field of employment and development in the state. सिंहस्थ के माध्यम से भारत दुनिया का करेगा नेतृत्वउज्जैन में नये उद्योगों की स्थापना से 50 हजार लोगों को मिलेगा प्रत्यक्ष रोजगारभौतिक सम्पदाओं का सदुपयोग कर प्रदेश को आर्थिक सम्पन्न बनायेंगेमुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दशहरा मिलन उत्सव में 658 करोड़ की 16 सड़क परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश को रोजगारपरक प्रदेश बनाने के साथ ही विकास के हर आयाम को तय कर रही है। प्रदेश की भौतिक सम्पदाओं का सदुपयोग कर आर्थिक रूप से सम्पन्न मध्यप्रदेश बनायेंगे। उन्होंने कहा कि उज्जैन में 350 करोड़ रुपये की लागत से प्रतिभा स्वराज इकाई का आज शुभारम्भ किया गया है, जिससे 5 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। उज्जैन के बेस्ट इंटरप्राइजेस और प्रतिभा स्वराज की इकाइयों से लगभग 10 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध होंगे। इसी प्रकार उज्जैन में अन्य औद्योगिक इकाई के माध्यम से 50 हजार बेरोजगार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव आज उज्जैन के कार्तिक मेला ग्राउण्ड में दशहरा मिलन उत्सव एवं 658 करोड़ की 16 सड़क परियोजनाओं के भूमि-पूजन कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन धर्म की सभी सन्यासी परम्पराओं के सभी वैष्णव और शैव संत 12 साल में सिंहस्थ में आते हैं और भविष्य में सनातन धर्म की दिशा, आचरण, स्वरूप तय करते है। मानवता की स्थापना के लिये सर्वोच्च सिंहस्थ मेला आयोजित किया जायेगा। सिंहस्थ के माध्यम से भारत दुनिया का नेतृत्व करेगा। इसकी समुचित तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के मामले में मध्यप्रदेश को देश का नम्बर वन राज्य बनायेंगे। इसके लिये अधोसंरचना विकास के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। प्रदेश को माइनिंग सेक्टर में भी दुनिया में नम्बर वन बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश हर सेक्टर में तेजी से तरक्की कर रहा है। प्रदेश में निवेशकों को लाने एवं निवेश बढ़ाने के लिये 16 अक्टूबर को हैदराबाद जाकर निवेशकों को आमंत्रित करेंगे। उज्जैन संभाग से प्रारम्भ हुई रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव की श्रंखला में अब 23 अक्टूबर को रीवा में कॉन्क्लेव होने वाली है। इसके बाद शहडोल, नर्मदापुरम संभाग में भी रीजनल इण्डस्ट्रीज कॉन्क्लेव आयोजित की जाएगी। आगामी वर्ष के फरवरी माह में प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा, जिसमें विश्वभर से निवेशक आमंत्रित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत शक्ति-सम्पन्न एवं सामर्थ्यशाली देश बनने के साथ ही विकास के समुच्चय में सर्वोच्च स्थान भी हासिल कर रहा है। हमारी सनातन परम्परा में देवी-देवताओं और ऋषि-मुनियों ने शास्त्र एवं शस्त्र के साथ दुनिया का मार्ग प्रशस्त किया है। हमारा देश शान्तिपूर्ण देश है, पर जरूरत पड़ने पर शास्त्र के साथ ही शस्त्र उठाना भी बखूबी जानता है। थल सेना, वायु सेना एवं नौसेना को शक्ति सम्पन्न बनाते हुए सम्पूर्ण विश्व के मोर्चे पर आज प्रधानमंत्री श्री मोदी प्रभावशाली भूमिका अदा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के माध्यम से उज्जैन विश्व पटल पर धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केन्द्र के रूप में पहचाना जायेगा। आगामी सिंहस्थ को दृष्टिगत रखते हुए उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मन्दिर की पहुंच को और अधिक सुगम बनाने के लिये सदावल में हेलीपेड का निर्माण भी किया जायेगा। इसी प्रकार सोमवारिया से लेकर सिंहस्थ बायपास तक नया फोरलेन बनाया जायेगा, जिसकी टेण्डर प्रक्रिया प्रारम्भ है। केडी गेट से लेकर बीमा हॉस्पिटल के आगे तक फोरलेन निर्माण की भी मंजूरी दी गई है। उज्जैन-इन्दौर सिक्सलेन का कार्य प्रारम्भ हो गया है। तपोभूमि से हामूखेड़ी मार्ग का भी आज भूमि-पूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि उज्जैन को जोड़ने वाले चारों तरफ के मार्गों को फोरलेन किया जायेगा, जिससे जिले के ग्रामीण क्षेत्र मुख्य मार्गों से जुड़ेंगे। विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश : लोक निर्माण मंत्री सिंह लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में लोक निर्माण विभाग “लोक निर्माण से लोक कल्याण’’ के ध्येय वाक्य के साथ विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा हैं। विकास कार्यों से उज्जैन बेहतर सड़कों के साथ सामाजिक और आर्थिक ऊंचाइयों पर भी पहुंचेगा। विकास का ‘मोहन मॉडल’ प्रदेश की उन्नति के साथ जन-कल्याण के मार्ग भी खोल रहा हैं। प्रदेश में विकास और जन-कल्याण के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन धार्मिक नगरी के साथ अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में भी स्थापित होगा। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा लोकपथ एप का संचालन किया जा रहा है, जिसमें अब सड़कों के क्षतिग्रस्त होने संबंधी प्राप्त शिकायतों का 7 दिन के अंदर संबंधित क्षेत्र के विभागीय अधिकारी द्वारा निराकरण किया जाएगा। मुझे बताते हुए खुशी है कि 3 से 4 महीने के अंदर अभी तक प्राप्त शिकायतों में से 95% से अधिक का निराकरण किया जा चुका है। कार्यक्रम में विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उज्जैन को 658 करोड़ से अधिक की राशि की सौगातें आज दी गई है, जो उज्जैन के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लोक निर्माण से लोक कल्याण के उद्देश्य से 658 करोड़ के विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्तिक मेला ग्राउंड उज्जैन में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में लोक निर्माण से लोक कल्याण के उद्देश्य से उज्जैन में 658 करोड़ से अधिक के विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया। इनमें प्रमुख रूप से 225.96 करोड़ की लागत से हरीफाटक-लालपुल-मुल्लापूरा फोरलेन मार्ग शंकराचार्य चौराहा से चंदूखेड़ी, 2 नग 2 लेन आरओबी और शिप्रा पर 2 लेन ब्रिज सहित फोरलेन मार्ग, 67.69 करोड़ की लागत से उज्जैन बड़नगर बाईपास टू-लेन मार्ग निर्माण कार्य (एनएच 148 का छूटा हुआ भाग), 22.61 करोड़ की लागत से बडावदा कलसी नागदा से दोत्रु मार्ग का निर्माण, 31.88 करोड़ की लागत से नागदा गिद्धगढ़ विदखेड़ा मोकड़ी मार्ग, 35.65 करोड़ की लागत से तपोभूमि से हामूखेड़ी मार्ग, 32.6 करोड़ के लागत से रालामंडल कांकरिया चिराखान लेकोडा़ झिरोलिया बारोदा … Read more

मध्यप्रदेश उद्योग तथा निवेश के क्षेत्र में बना रहा है नई पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने निनोरा में 355 करोड़ रुपए निवेश की प्रतिभा सिंटेक्स औद्योगिक इकाई का शुभारंभ कियामहिला सशक्तिकरण नीति के अंतर्गत प्रतिभा सिंटेक्स में 70% से अधिक महिला कर्मचारी Madhya Pradesh is creating a new identity in the field of industry and investment: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश उद्योग तथा निवेश के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर रहा है। इस दिशा में लगातार भ्रमण तथा उद्योगपतियों से संवाद के प्रतिफल में एक समृद्ध औद्योगिक परिवेश प्रदेश में नजर आ रहा है। निनोरा में स्थापित नवीन औद्योगिक इकाई उक्त प्रयासों की ही एक कड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को उज्जैन के समीप ग्राम निनोरा में 355 करोड़ रुपए निवेश वाली प्रतिभा सिंटेक्स औद्योगिक इकाई का शुभारंभ किया। इस औद्योगिक इकाई में वृहद स्तर पर गारमेंट निर्माण किया जाएगा, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। विशेष रूप से राज्य शासन की महिला सशक्तिकरण नीति के तहत इस औद्योगिक इकाई में 70% से अधिक कर्मचारी महिलाएं हैं। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, बहादुर सिंह बोरमुंडला, प्रबंध निदेशक औद्योगिक विकास निगम चंद्रमौली शुक्ला, प्रतिभा स्वराज प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन शिवकुमार चौधरी, प्रबंध निदेशक श्रेष्ठ चौधरी आदि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निनोरा में प्रतिभा स्वराज द्वारा स्थापित नवीन औद्योगिक इकाई से जहां हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं आसपास की खेती समृद्ध होगी। किसानो की आय में भी वृद्धि होगी। निनोरा में स्थापित औद्योगिक इकाई के प्रथम चरण में लगभग 100 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है, जिसमें आगे चलकर 355 करोड़ रुपए का निवेश होगा। डॉ. यादव ने उद्योग समूह द्वारा लगभग डेढ़ लाख एकड़ में की जाने वाली जैविक खेती की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की नवीन सकारात्मक औद्योगिक नीति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रत्येक संभाग में शासन द्वारा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेती तथा पशुपालन में उत्पादन और आय को दोगुना करने का सशक्त प्रयास किया जा रहा है। अभी प्रदेश में देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 9% हिस्सा है, जिसे बढ़ाकर 20% तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शासन द्वारा लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अग्नि वीर एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके माध्यम से दूरदृष्टि के साथ प्रधानमंत्री द्वारा देश की सैन्य क्षमता में वृद्धि की गई है। प्रधानमंत्री द्वारा संतुलन की दृष्टि से अग्नि वीर योजना लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष दशहरे पर रावण दहन के साथ शस्त्र-पूजन पर कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर से प्रेरणा लेते हुए इस वर्ष उत्साह एवं उमंग के साथ प्रदेश में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने उज्जयिनी का महत्व जताते हुए कहा कि प्रत्येक काल में उज्जयिनी अवंतिका नगरी का अस्तित्व रहता आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फीता काटकर औद्योगिक इकाई का शुभारंभ कर मशीनों का पूजन भी किया। साथ ही यहाँ कार्यरत महिला कर्मचारियों से चर्चा कर उनके जॉब, सैलरी, कार्यस्थल पर वातावरण तथा अन्य बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक इकाई में वस्त्र निर्माण की प्रक्रिया का अवलोकन किया, जिसमें मुख्यमंत्री के चित्र को भी मुद्रित किया गया है। प्रारम्भ में प्रतिभा स्वराज प्रा.लि. के प्रबंध निदेशक श्री श्रेष्ठ चौधरी ने स्वागत उद्बोधन दिया।

कैबिनेट मंत्री के बेटे का पुलिस पर हमला, वीडियो वायरल होने से सियासी तूफान

Video of cabinet minister’s son clashing with police goes viral, politics started over this मध्य प्रदेश के जबलपुर में कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल के बेटे प्रबल पटेल का पुलिस से विवाद का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक मंत्री के बेटे की कार से बुजुर्ग दंपती को टक्कर लगी थी। इसके बाद सड़क पर हंगामा हो गया और पुलिस भी पहुंच गई। वहां मौजूद किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जबलपुर। जबलपुर में कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल के बेटे प्रबल पटेल का पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस समझाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन वह आक्रामक रूप से धौंस दिखाता रहा। जानकारी के मुताबिक प्रबल की कार से बुजुर्ग दंपती को टक्कर लगी थी, जिसके बाद दोनों में विवाद हो गया। इस दौरान पुलिस भी वहां पहुंची थी। घटना के बाद मामले की पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली है। जबलपुर पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि हम वीडियो देखकर जांच करवाएंगे। टक्कर के बाद जमा हो गई भीड़ दरअसल यह पूरा मामला बीते बुधवार का बताया जा रहा है। घटना यादव कॉलोनी लेबर चौक की है, जहां प्रबल पटेल कार से जा रहा था, उसकी कार से बुजुर्ग दंतपी को टक्कर लगती है। लोगों की भीड़ जमा होती है, आसपास मौजूद पुलिस भी पहुंच जाती है। मौके पर पहुंच गए थे प्रबल के साथी दंपती के साथ प्रबल की कहासुनी होती है। पुलिस युवक को समझाती है और भीड़ भी युवक पर दवाब बनाने लगती है। जिसके बाद प्रबल के कुछ साथी मौके पर आते हैं। प्रबल पुलिस को धौंस देते नजर आता है। उसने खुद को मंत्री पुत्र बताते हुए पुलिस कर्मियों पर दवाब बनाया। बुजुर्ग दंपती ने नहीं की कोई शिकायतइस मामले में बुजुर्ग दंपती की तरफ से भी कोई शिकायत नहीं की गई है। सड़क पर हुए इस हंगामे का किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने कहा कि उन्हें इस मामले में अभी कोई जानकारी नहीं है लेकिन वे इसकी जांच करवाएंगे। वीडियो पर गर्माई सियासतमध्य प्रदेश कांग्रेस ने वीडियो को सोशल मीडिया एक्स पर शेयर कर सरकार पर सवाल उठाए हैं। पोस्ट में लिखा है- ‘प्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के बेटे प्रबल ने जबलपुर में बुजुर्ग दंपती को टक्कर मारने के बाद पुलिस वालों को इस अंदाज में धमकाया।’

जिला पंजीयक कौशले को सीएम यादव ने सम्मानित किया

District Registrar Kaushale was honored by CM Yadav हरिप्रसाद गोहेआमला । गुरुवार को मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं वाणिज्य कर मंत्री जगदीश देवड़ा ने ई रजिस्ट्री के सम्पदा 2.0 संस्करण का भोपाल मे उद्धाटन किया ! गुरुवार से इस नए संस्करण के माध्यम से लोग घर बैठे ई स्टाम्प खुद के लिए एप के जरिए जनरेट कर सकते है l जबकि कई मामलो मे पक्षकारों को रजिस्ट्रार दफ़्तर जाने की जरुरत से भी छुटकारा मिलेगा ! प्रदेश के हरदा जिले के सम्पदा 2.0 का सफल संचालन बैतूल जिला पंजीयक दिनेश कौशले ने किया ! इसके लिए मुख्यमंत्री श्री यादव ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया ! मुलताई उप पंजीयक कार्यालय के सेवप्रदाताओं ने जिला पंजीयक श्री कौशले को कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखकर प्रशिक्षण के बाद बधाईया दीं !

हाई कोर्ट ने पटवारी अनीता श्रीवास्तव का निलंबन रद्द किया, गलत आदेश पर सरकार को फटकार

High Court cancels suspension of Patwari Anita Srivastava, reprimands government on wrong order ग्वालियर – 23 सितंबर 2024 को मध्यप्रदेश High Court cancels suspension ने पटवारी अनीता श्रीवास्तव के निलंबन को अवैध ठहराते हुए राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई। न्यायमूर्ति अनिल वर्मा की पीठ ने न केवल अनीता के पक्ष में फैसला सुनाया, बल्कि सरकार को आदेशों का गलत इस्तेमाल करने पर सख्त चेतावनी भी दी। क्या है मामला? अनीता श्रीवास्तव, जो कि 2006 से पटवारी पद पर कार्यरत हैं, को भितरवार के एसडीओ ने 29 अगस्त 2024 को निलंबित कर दिया था। अनीता ने इस आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए दलील दी कि एसडीओ को उन्हें निलंबित करने का अधिकार नहीं है। मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 104(2) के अनुसार, केवल कलेक्टर ही पटवारी को निलंबित कर सकता है। कोर्ट ने क्या कहा? High Court cancels suspension कोर्ट ने इस मामले में सरकार को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि बिना अधिकार क्षेत्र के एसडीओ द्वारा जारी निलंबन आदेश न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह प्रशासनिक शक्तियों का दुरुपयोग भी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में, जहां आदेश बिना कानूनी आधार के जारी किए जाते हैं, हाई कोर्ट को हस्तक्षेप करना जरूरी है। न्यायमूर्ति अनिल वर्मा ने स्पष्ट किया कि “पटवारी का निलंबन या नियुक्ति का अधिकार केवल कलेक्टर के पास है, न कि एसडीओ के पास।” कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कई मामलों का हवाला देते हुए कहा कि जब किसी अधिकारी के पास आदेश जारी करने का अधिकार नहीं होता, तो ऐसे आदेशों को अवैध घोषित करना जरूरी है। पटवारी अनीता श्रीवास्तव के पक्ष में फैसला: कोर्ट ने अनीता श्रीवास्तव का निलंबन आदेश तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया और राज्य सरकार को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि राज्य सरकार कानून के तहत कोई कार्रवाई करना चाहती है, तो वह सही प्रक्रिया का पालन करते हुए कर सकती है। अनीता का बयान: फैसले के बाद अनीता ने खुशी जताई और कहा, “यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि उन सभी सरकारी कर्मचारियों की है जो अनुचित तरीके से निलंबित किए जाते हैं। कोर्ट ने मेरे साथ न्याय किया है और मैं इसके लिए आभारी हूं।” सरकार के लिए सख्त संदेश: इस फैसले ने न केवल अनीता श्रीवास्तव को न्याय दिलाया, बल्कि राज्य सरकार और उसके अधिकारियों को भी चेतावनी दी है कि बिना अधिकार और कानूनी आधार के आदेश जारी करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निष्कर्ष: यह फैसला पटवारियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून से बाहर जाकर आदेश जारी करना प्रशासन के लिए महंगा साबित हो सकता है

IAS अधिकारियों के तबादले की लहर, सामान्य प्रशासन विभाग ने दी अधिसूचना

मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने IAS किशोर कुमार कन्याल, अरुण कुमार विश्वकर्मा और लोकेश कुमार रामचंद्र जांगिड के तबादला आदेश जारी किये हैं भोपाल ! मध्य प्रदेश शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किये हैं इसमें एक उप सचिव और दो कलेक्टर शामिल हैं जिन्हें इधर से उधर किया गया है। तबादला सूची में IAS अधिकारियों के नामसामान्य प्रशासन विभाग मध्य प्रदेश द्वारा जारी आदेश में वन विभाग में बतौर उप सचिव पदस्थ किशोर कुमार कन्याल को वहां से हटाकर श्योपुर जिले में कलेक्टर बनाकर भेजा है, इसके अलावा निवाड़ी कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा को जिले से हटाकर अपर संचालक मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल पदस्थ किया है वहीं श्योपुर कलेक्टर लोकेश कुमार रामचंद्र जांगिड को फील्ड से हटाकर कलेक्टर निवाड़ी बनाया है।

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