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बार-बार अलग-अलग एंटीबायोटिक दवाएं देने से मरीजों पर नहीं होता असर

Repeatedly giving different antibiotics has no effect on patients. भोपाल। लगातार उपयोग से एंटीबायोटिक दवाओं का असर कम हो रहा है। एक मरीज को बार-बार अलग-अलग तरह की एंटीबायोटिक देने से उस पर ये दवाएं प्रभावी नहीं होती। ऐसे में विशेषज्ञ समय समय पर इन दवाओं की संवेदनशीलता को जांचने की सलाह देते हैं। एम्स भोपाल भी एंटीबायोटिक के प्रभाव को जांचने के लिए लगातार शोध हो रहे हैं। एम्स भोपाल देश का एकमात्र ऐसा संस्थान है जो दवाओं की संवेदनशीलता की रिपोर्ट को सार्वजनिक कर रहा है। गुरुवार को भी एम्स भोपाल ने 2023 की दूसरी छहमाही की एंटीबायोटिक की रिपोर्ट (एंटीबायोग्राम) जारी की। सरल शब्दों में कहें तो एम्स अपने अस्पताल में बेअसर हो चुकी एंटीबायोटिक की रिपोर्ट (एंटीबायोग्राम) जारी करता है। मालूम हो कि इस रिपोर्ट को हर छह महीने में अपडेट किया जाता है। दरअसल इस रिपोर्ट का उद्देश्य एंटीबायोटिक के धड़ल्ले से उपयोग को रोकना है। डॉक्टरों को बताएगा किस दवा का असर कमएम्स के पीआरओ केडी शुक्ला बताते हैं कि एंटीबायोग्राम वह तकनीक है जिससे एंटीबायोटिक की संवेदनशीलता की जानकारी मिलती है। लगातार उपयोग से एंटीबायोटिक का असर कम हो जाता है। हर अस्पताल या क्षेत्र में अलग अलग एंटीबायोटिक का असर अलग अलग होता है। ऐसे में एम्स अस्पताल में उपयोग हो रहे एंटीबायोटिक की जांच कर रिपोर्ट को हर छह महीने में अपडेट किया जाता है। इससे चिकित्सकों को यह पता होता है कि उन्हें किस एंटीबायोटिक का इस्तेमाल करना है किसका नहीं। एंटीबायोटिक का ऐसा हो रहा यूजएनएचएम के पूर्व संचालक डॉ. पंकज शुक्ला ने बताया कि कई चिकित्सक एक मरीज को दिन भर में पांच एंटीबायोटिक दे देते हैं। डॉक्टर अक्सर मरीजों पर एंटीबायोटिक का टेस्ट करते हैं। एक दवा काम न आए तो दूसरी और तीसरी दवाएं तक दी जाती हैं। एंटीबायोटिक के ज्यादा उपयोग से कुछ समय बाद मरीज पर इसका असर होना खत्म हो जाता है। कई एंटीबायोटिक बेअसरकरीब चार पहले एम्स भोपाल ने एंटीबायोटिक के कम हो रहे असर को लेकर शोध किया था। शोध में पता चला था कि नए एंटीबायोटिक का असर खत्म हो रहा है। शोध के अनुसार सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले एंटीबायोटिक जैसे एंपिसिलीन, एमॉक्सीसिलीन, सिफजोलिन, सिफ्रिएक्सोन आदि की प्रभाविता 50 प्रतिशत के नीचे पहुंच गई है। वहीं सालों पहले एनेक्टिव होने से क्लोरेम्फेनिकूल का उपयोग बंद कर दिया गया था, उसकी प्रभाविता 63 प्रतिशत तक पाई गई।

सागर एसपी ने 4 एएसआई सहित 9 पुलिसकर्मियों को किया निलंबित

Sagar SP suspended 9 policemen including 4 ASI भोपाल। सागर शहर में चोरी के मामले में तत्काल कार्रवाई करने में लापरवाही बरतने वाले 4 एएसआई समेत 9 पुलिसकर्मियों को एसपी अभिषेक तिवारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सभी निलंबित कर्मचारियों को रिजर्व भेज दिया है। 12-13 जनवरी की दरम्यानी रात सागर शहर की डॉ. नाचनदास वाली गली में स्थित फरियादी संतोष जैन के सूने मकान में चोरी की वारदात हुई थी। जिसमें चोर मकान से सोने-चांदी के गहने ले गए थे। इसी चोरी के घटनाक्रम की सूचना पर तत्काल कार्रवाई नहीं करने पर एसपी तिवारी ने एक्शन लिया है। उन्होंने घटनाक्रम में कोतवाली थाना के चीता मोबाइल में कार्यरत कार्यवाहक प्रधान आरक्षक प्राणेश, संदीप, आरक्षक मूलचंद्र, दिनेश ठाकुर और थाना कैंट की एफआरवी में कार्यरत एएसआई रामराज सोनकर व कार्यवाहक एएसआई मो. शाहिद को अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में उक्त घटनाक्रम में तत्काल कार्रवाई नहीं करने में लापरवाही और उदासीनता बरतने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।

लापरवाह अफसर बचे उपार्जन प्रकरण में

जबलपुर । जिला उपार्जन समिति के सदस्यों का सामूहिक उत्तरदायित्व है उपार्जन। धान उपार्जन की कार्यवाही में उपायुक्त सहकारिता अखिलेश निगम का नंबर कब आएगा? इसके पहले पूर्व कलेक्टर सौरभ सुमन ने उपायुक्त सहकारिता को निलंबित करने की बात कही थी क्योंकि उपार्जन जैसा महत्वपूर्ण दायित्व छोड़कर ये भोपाल चले गए थे। गौर तलब है कि जिला स्तर के अधिकारी होने के बावजूद अखिलेश निगम एक भी बार फील्ड पर नही गए किसी सहकारी समिति का दौरा नही किया। जबकि संभागीय आयुक्त सिद्धार्थ लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर रहे है।इसके पूर्व दिनांक दो जनवरी को आयुक्त सहकारिता की जबलपुर बैठक में भी उपस्थित नही थे। यदि समय पर उपायुक्त द्वारा केंद्र बनाए गए होते तो किसानों को धान रखने विवश न होना पड़ता। उपार्जन का सर्वाधिक विवादित विकास खंड पाटन और मझौली रहा है। हैरानी की बात यह है बीते दो माह से पाटन में उपायुक्त सहकारिता ने किसी को सहकारिता विस्तार अधिकारी का दायित्व ही नही दिया। मूल पद स्थापना भोपाल होने से जबलपुर कहकर निकल आते है। जबलपुर में भोपाल का बहाना बनाया जाता है।सवाल यह है कि किसानों के केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव उपायुक्त सहकारिता ने समय पर क्यों नही दिया? इसके पूर्व पदस्थापना जिले सिवनी में भी अखिलेश निगम उपार्जन अनियमितता के चलते केवलारी विधायक की शिकायत पर मुख्य मंत्री जी द्वारा मंच से स्थानांतरित किए गए थे ।

अवैध उत्खनन को लेकर नहीं हो रही कार्यवाही हाईवा वाहन से रेत के ओव्हर लोड परिवहन के 3 प्रकरणों में वसूला गया

No action is being taken against illegal excavation, recovery was made in 3 cases of overloaded transportation of sand by highway vehicle. कटनी । अवैध उत्खनन को लेकर जानकारी होते हुए भी कई जगह कार्यवाही नहीं की जा रही है इसी कड़ी में कलेक्टर अवि प्रसाद नें खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामलों में गंभीरता से कार्यवाही करने के निर्देश खनिज विभाग को दे रखें है। कलेक्टर अवि प्रसाद के निर्देश पर खनिज प्रभाग द्वारा ओव्हर लोड रेत का अवैध परिवहन के तीन मामलों पर कार्यवाही की जाकर 1 लाख 30 हजार 250 रूपये का प्रशमन शुल्क जमा कराया गया है।खनिज अधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार विगत 5 जनवरी को स्लीमनाबाद मंे आकस्मिक निरीक्षण के दौरान वाहन हाईवा क्रमांक एम.पी. 20 जेड.एफ.-7138 से अनावेदक परिवहनकर्ता वाहन चालक, मालिक अखिलेश यादव पिता श्री सुम्मत यादव निवासी टिकरिया तहसील कुंडम जिला जबलपुर 2..25 धनमीटर ओवर लोड रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर जप्त किया गया था।इसी तरह एक अन्य प्रकरण मे हाईवा वाहन क्रमांक एम.पी. 20 जेड.एफ.-7863 से अनावेदक परिवहनकर्ता वाहन चालक, मालिक जोतिश वासुदेव पिता भागीरथ वासुदेव निवासी कुहारी पटेरा जिला दमोह 2..00 धनमीटर ओवर लोड रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर जप्त किया गया था।जबकि हाईवा वाहन क्रमांक एम.पी. 20 जेड.डी.-7463 से अनावेदक परिवहनकर्ता वाहन चालक, मालिक सत्यम आदिवसी पिता मनीकलाल आदिवासी निवसी जुजावल तहसील बहोरीबंद जिला कटनी 2..00 धनमीटर ओवर लोड रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर जप्त किया गया था। कलेक्टर श्री प्रसाद के निर्देश पर खनिज अधिकारी द्वारा प्रकरण पर कार्यवाही की जाकर अनावेदक को सूचना पत्र जारी किया गया। जिसपर तीनों प्रकरणों में अनावेदकों द्वारा प्रशमन शुल्क 1 लाख 30 हजार 250 रूपये जमा करने के पश्चात मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 2022 के नियम 20 के अनुसार वाहन मुक्त करनें की कार्यवाही की गई।

नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में जमा राशि के अंतिम भुगतान के संबंध में दिशा निर्देश जारी

Guidelines issued regarding final payment of deposits in National Pension System (NPS) भोपाल ! वित्त विभाग के जारी आदेश में 6 अगस्त 2024 के द्वारा नवीन अंशदायी पेंशन योजना के अंतर्गत सेवानिवृत्त सेवा लाभ एवं मृत्यु के प्रकरणों में फण्ड मेनेजर के पास जमा राशि के अभिदाता अथवा नामांकित वैद्य उत्तराधिकारी को भुगतान की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।इस आशय का आदेश वित्त विभाग ने दिनांक 11 जनवरी 2014 को जारी किया है। जारी आदेश के अनुक्रम में 1 जनवरी, 2005 अथवा उसके बाद नियुक्त कर्मियों के विभिन्न खातों से अनिवार्य सेवानिवृत्त, पदच्युत अथवा सेवा से पृथक होने की स्थिति में फण्ड मैनेजर के पास जमा राशि के अभिदाता को भुगतान के लिए प्रक्रिया निर्धारित की गई है। प्राधिकरण (पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण) के नियमानुसार राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से अभिदाता की अधिवार्षिता पूर्व निकासी के मामले में यथा स्वीकार अभिदाता को संचति पेंशन कॉर्पस से एकमुश्त और वार्षिक राशि संदेय होगी। जारी निर्देश में प्राधिकरण ने अधिसूचित विनियमों के अनुसरण में अभिदाता अपने विकल्प पर एक गैर सरकारी अभिदाता के रूप में उसी स्थायी सेवानिवृत्त के साथ पेंशन प्रणाली में अभिदान करना जारी रख सकेगा। आदेश जारी दिनांक से ही प्रभावशील होगा।

बीच सत्र में अतिथि शिक्षकों को हटाने के निर्देश

Instructions to remove guest teachers mid-session भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों के विरुद्ध रखे गए अतिथि शिक्षकों को बीच सत्र में हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रदेशभर के जिला शिक्षा अधिकारियों ने जहां पर शिक्षकों की पदस्थापना हो गई है, वहां से अतिथि शिक्षकों को बाहर करने के निर्देश जारी किए हैं। दरअसल, प्रदेश के स्कूलों में जिन विषयों पर अतिथि शिक्षक पढ़ा रहे थे। उन विषयों पर नए शिक्षक नियुक्त हो गए हैं इसलिए अतिथि शिक्षकों को हटाया जा रहा है। इसके चलते अतिथि शिक्षकों के समक्ष रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है।

अपनी जगह सॉल्वर को बिठाकर परीक्षा की थी पास, आरक्षक पर मामला दर्ज

Passed exam by using solver instead case registered against constable शिकायत की जांच के बाद विभाग द्वारा वर्ष 2021 में किया जा चुका है बर्खास्त भोपाल। मिसरोद पुलिस ने विभाग द्वारा बर्खास्त हो चुके आरक्षक पर धोखाधड़ी और परीक्षा अधिनियम की धाराओं समेत अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। आरोपी ने वर्ष 2012 में हुई मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में अपने स्थान पर साल्वर को बिठाकर परीक्षा पास की थी। इसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा में वह खुद शामिल हुआ था। शारीरिक परीक्षा पास करने के बाद उसका चयन हो गया। वह नौकरी कर रहा था। इसी बीच शिकायत हो गई। शिकायत की जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस के अनुसार वर्ष 2012 में पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में गोरमी, जिला भिंड निवासी अमित सिंह शामिल हुआ था। फिजिकल और लिखित परीक्षा में पास होने के बाद सागर में उसकी नियुक्ति हो गई। करीब 9 साल नौकरी करने के बाद अमित सिंह ने अपना ट्रांसफर ग्वालियर करवा लिया। इसी बीच किसी व्यक्ति ने पुलिस मुख्यालय में उसकी शिकायत कर दी। शिकायत में बताया गया था कि अमित सिंह फिजिकल टेस्ट में स्वयं उपस्थित हुआ था, जबकि लिखित परीक्षा उसने साल्वर के माध्यम से पास की थी। शिकायत के आधार पर सागर और ग्वालियर एसपी ने जांच की तो शिकायत सही निकली। उसे वर्ष 2021 में पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। उसके खिलाफ धोखाधड़ी और परीक्षा अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने ग्वालियर के यूनिवर्सिटी थाने में अमित सिंह के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया था। परीक्षा मिसरोद के आरकेडीएफ कालेज में आयोजित हुई थी। इसलिए मिसरोद पुलिस को केस डायरी भेजी गई है।

25 निजी अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे सरकारी कर्मचारी

Government employees will be able to get treatment in 25 private hospitals भोपाल। राज्य शासन द्वारा शासकीय कर्मचारी व उनके परिवार के आश्रित सदस्य की जांच और उपचार के लिए 21 अस्पताल को नवीन मान्यता और चार की मान्यता अवधि में वृद्धि की गई है। अब शासकीय कर्मचारी 25 निजी अस्पताल में उपचार करा सकेंगे। नवीन मान्यता प्राप्त अस्पतालों में बॉम्बे हॉस्पिटल इंदौर, नेशनल हॉस्पिटल भोपाल, नर्मदा अपना हॉस्पिटल नर्मदापुरम, जैनमश्री हॉस्पिटल भोपाल, शैल्बी हॉस्पिटल जबलपुर, तेजनकर हेल्थकेयर उज्जैन, मार्बल सिटी हॉस्पिटल जबलपुर, नोबल हॉस्पिटल भोपाल, जिंदल हॉस्पिटल भोपाल, ग्लोबल सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ग्वालियर, ज्याति हॉस्पिटल इंदौर, अपेक्स हॉस्पिटल, वी वन हॉस्पिटल इंदौर, लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल जबलपुर, रेटिना स्पेशेलिटी इंदौर, अनंत हार्ट हॉस्पिटल भोपाल, महेश्वरी हॉस्पिटल भोपाल, चित्रकूट हॉस्पिटल जबलपुर, सेंटर फॉर साइट हॉस्पिटल इंदौर और डॉ अग्रवाल हेल्थ केयर इंदौर शामिल हैं। वहीं नर्मदा ट्रामा सेंटर भोपाल की अतिरिक्त मान्यता के साथ अमृता हॉस्पिटल शहडोल, आरोग्य हेल्थ केयर हॉस्पिटल छिंदवाड़ा और एमिनेंट हॉस्पिटल इंदौर की मान्यता में वृद्धि की गई है। मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल शासकीय कर्मचारियों और आश्रित परिवार सदस्यों से पंजीयन शुल्क नहीं लेंगे और चिकित्सालय में निर्धारित पैकेज दरों की रेट-लिस्ट प्रदर्शित करेंगे। निर्धारित दरों से अधिक शुल्क लेने, परीक्षण संबंधी सुविधाएं मानक-स्तर की न पाए जाने और किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर मान्यता समाप्त कर दी जाएगी। चिकित्सालय में उपचार और परीक्षण करवाने पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति निर्धारित दरों पर होगी। एक भी सरकारी अस्पताल नहीं है एनएबीएच सर्टिफाईफिलहाल प्रदेश का एक भी सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज एनएबीएच सर्टिफाई नहीं हैं। लेकिन भोपाल के हमीदिया हॉस्पिटल ने एंट्री लेवल सर्टिफिकेशन के लिए अप्लाई किया हुआ है। इसके तहत एनएबीएच की टीम हॉस्पिटल का प्राइमरी इंस्पेक्शन कर चुकी है, जिसकी रिपोर्ट अस्पताल प्रबंधन को अब तक नहीं मिली है।

सड़कें प्रदेश के विकास का द्वार, भविष्य में विकास की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान कर सड़क निर्माण की योजना बनाएं

Roads are the gateway to the development of the state, identify areas with potential for future development and plan road construction. कार्यनिर्माण योजना बनाते हुए स्थानीय जन-प्रतिनिधि और जनता से करे चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मंत्रालय में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सड़कें प्रदेश के विकास का द्वार है। जिन क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण होता है, वहां आवासीय और औद्योगिक विकास होता है। अगले 10 वर्ष में विकास की गति को देखते हुए शहरों का चयन करें और भविष्य में विकास की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान कर सड़क निर्माण की योजना बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्य उच्चतम गुणवत्ता का करें। समय पर कार्य पूरा हो इसका विशेष ध्यान रखें। निर्माण करने के लिए सड़कों और भवनों के मेंटेनेंस का भी ध्यान रखें। उन्होंने निर्देश दिए कि क्वालिटी कार्य करने वाली अच्छी एजेंसियों को कार्य दें। क्वालिटी कंट्रोल और मॉनिटरिंग के लिए राज्यस्तरीय ऑनलाइन क्वालिटी स्टेटस डैशबोर्ड बनाए। क्वालिटी लैब विकसित करने के साथ ही थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट कराएं। 50 लाख से अधिक के कार्य के लिए मानिटरिंग सेल बनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि 50 लाख रुपए से अधिक की लागत वाले निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए मॉनिटरिंग सेल बनाए। इसके साथ ही दूसरे देश और राज्यों की सड़क निर्माण की बेस्ट प्रैक्टिसेज का अध्ययन करे और प्रेरणा ले। अधोसंरचना के क्षेत्र में कार्य करने वाली बड़ी संस्थाओं से भी चर्चा करें। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि एनएचआई जैसे निर्माण संस्थाओं से प्रेरणा लेकर रेवेन्यू जेनरेशन मॉडल पर कार्य करने की योजना बनाएं, जिससे निर्माण कार्य की लागत निकलने के साथ ही शासन को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी। इसी तरह समग्र विकास की परिकल्पना पर कार्य करते हुए सड़क निर्माण, भवन निर्माण और पुल निर्माण आदि गतिविधियों में प्राधिकरण, नगरीय निकाय, पर्यटन विभाग, संस्कृति विभाग आदि को योजना में शामिल करें। उनसे आवश्यक सुझाव ले और योजना बनाएं। भवन निर्माण की योजना बनाते हुए जन-प्रतिनिधि और जनता से चर्चा करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि सड़क और भवन निर्माण की योजना बनाते हुए स्थानीय जन-प्रतिनिधि और जनता से चर्चा करें। साथ ही भौगोलिक जानकारी रखने वाले स्थानीय कंसल्टेंट की सेवाएं ले। ऐसे प्राप्त सुझाओं पर बने निर्माण से अधिक जन-सुविधा होगी और स्थानीय संतोष बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग की बुकलेट क्वालिटी कंट्रोल मैन्युअल फॉर रोड एंड ब्रिजेस का लोकार्पण किया। केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के सहयोग से प्रदेश की भौगोलिक स्थिति तथा जलवायु के अनुकूल सड़कों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए यह मैन्युअल तैयार किया गया है। सड़क और पुल के निर्माण के दौरान डिजाइन, निर्माण की कार्य विधि, निरीक्षण की प्रतिबद्धता और संधारण के विषय में विस्तृत रूप से दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कई विषयों पर दिया प्रजेंटेशनमुख्यमंत्री डॉ. यादव को विभागीय संरचना, प्रदेश में सड़कों की संख्या और स्थिति, मुख्य परियोजनाएं एवं कार्य, आगामी वर्ष में आने वाली परियोजनाएं, केंद्रीय सड़क एवं अधोसंरचना निधि, वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए लक्ष्य एवं उपलब्धियां, रेलवे ओवरब्रिज, भवन विकास निगम और सड़क विकास निगम की परियोजनाओं और एक्सप्रेस वे नेटवर्क के निर्माण सहित विभागीय योजनाओं संबंधी प्रेजेंटेशन दिया गया। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखवीर सिंह सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। सड़क निर्माण की कार्य योजना बनाते समय शहरों की सुंदरता का रखें ध्यान एमपीआरडीसी के संचालक मंडल की बैठक हुईहरिभूमि न्यूज. भोपालमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सड़कों के निर्माण की योजना बनाते हुए शहरों की सुंदरता का ध्यान रखें। जन आकांक्षाओं के अनुरूप और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर सड़क निर्माण की योजना बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में एमपीआरडीसी के संचालक मंडल की बैठक ले रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो स्थानों के बीच दूरी और यात्रा का समय कम हो, इन मुख्य बिन्दुओं को ध्यान में रखकर नए वैकल्पिक मार्ग की तलाश करें। मुख्यमंत्री को मप्र सड़क विकास निगम लिमिटेड के संचालक मंडल निगम की ओर से किए गए कार्यों का प्रेजेंटेशन दिया। संचालक मंडल के प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वीकृति के साथ आवश्यक निर्देश दिए।

अपन रिजेक्टेट नहीं हैं, मेरी राजनीति किसी पद के लिए नहीं: शिवराज सिंह चौहान

I am not a rejectee, my politics is not for any post: Shivraj Singh Chouhan पुणे में भारतीय छात्र संसद के 13वें संस्करण कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री चौहान भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को पुणे में भारतीय छात्र संसद के 13वें संस्करण कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम शिवराज सिहं चौहान युवाओं में जोश भरा उन्हें राजनीति में आने का आह्वान किया, उन्होंने कहा कि लोग मुझे फॉर्मर चीफ मिनिस्टर कहते हैं लेकिन अपन रिजेक्टेड नहीं हैं, उन्होंने कहा कि अपन छोड़ के भी आए तो ऐसे आए कि हर जगह जनता का स्नेह और प्यार मिलता है। जहां जाते है वहां लोग कहते है मामा मामा मामा, जनता का स्नेह और प्यार यही अपनी असली दौलत है। शिवराज ने आगे कहा कि छोड़ दिया इसका मतलब यह नहीं है कि राजनीति नहीं करुंगा। मैं राजनीति करूंगा। मेरी राजनीति किसी पद के लिए नहीं बड़े लक्ष्य के लिए हैं। इसीलिए आपको आह्वान करने आया हूँ । राजनीति में आने से डरो मत आगे बढ़ा।

एक सप्ताह रहेगी सर्दी से राहत, सुबह रहेगा कोहरा

There will be relief from cold for a week, there will be fog in the morning भोपाल। एक हफ्ते की कड़ाके की सर्दी के बाद शुक्रवार से दिन और रात की सर्दी में राहत मिल गई है। हालांकि दिन में ठंड का असर रहेगा। शुक्रवार सुबह राजधानी में कोहरा छाया रहा, शनिवार को भी कोहरा बना रहने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिन से पश्चिमी विक्षोव की वजह से प्रदेश में घना कोहरा छा रहा है। इस वजह से हवा का रुख बदल गया है। राजस्थान के आसपास चक्रवात सक्रिय है। इन वजहों से अगले 3 से 4 दिन तक कोहरा रहेगा। इसके बाद रात के तापमान में कुछ गिरावट हो सकती है, लेकिन 16 जनवरी से एक और सिस्टम सक्रिय होने का अनुमान है। जिससे रात का तापमान स्थिर रहेगा। शुक्रवार को प्रदेश के ज्यादातर शहरों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली है। भोपाल में 6 डिग्री तापमान बढ़ गया। यहां गुरुवार को तापमान 23.9 डिग्री दर्ज किया गया।

एक अप्रैल से रजिस्ट्री में गवाहों की नहीं पड़ेगी जरूरत, आधार से नाम लेगा साफ्टवेयर

There will be no need of witnesses in the registry from April 1, software will take names from Aadhar भोपाल। लंबे समय से ट्रायल पर चल रहे संपदा टू के साफ्टवेयर को एक अप्रैल से लागू कर दिया जाएगा। जिसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि गवाहों को पंजीयन दफ्तर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनके आधार से ही फोटो अपलोड हो जाएगा। इसके साथ वेब जीआइएस की मदद से मोबाइल पर ही प्रॉपर्टी की कलेक्टर गाइडलाइन में प्रॉपर्टी के रेट देखे जा सकेंगे। राजधानी सहित प्रदेश में नए वित्तिय वर्ष एक अप्रेल से इसे शुरू किया जाएगा। इसमें सर्च, ई रजिस्ट्रेशन, सर्च एंड सर्टिफाइड कॉपी भी आसान हो जाएगी। रजिस्ट्री में संपदा टू लागू होने से गवाहों की जरूरत नहीं पड़ेगी। आधार से फोटो और नाम लिए जाएंगे। मोबाइल पर वेब जीआइएस की मदद से प्रॉपर्टी की गाइडलाइन देख सकेंगे। इसके साथ गूगल से ऐप डाउनलोड कर मौके पर खड़े होकर वहां की गाइडलाइन का पता कर सकेंगे। प्रॉपर्टी को बैंक में बंधक बनाने के लिए बार-बार बैंक के चक्कर काटने नहीं होंगे। इसके लिए चार विभागों के अफसरों को रजिस्ट्रार के अधिकारी दिए जा रहे हैं। इसमें हाउसिंग बोर्ड, उद्योग विभाग, मप्र स्टेट इलेक्ट्रोनिक्स डेवलपमेंट कॉपोर्रेशन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम शामिल है। एक क्लिक पर मिलेगी रजिस्ट्री का डेटा एक क्लिक पर रजिस्ट्री की जानकारी मिल जाएगी। इससे बेनामी संपत्ति पर शिकंजा कसा जा सकेगा। प्रॉपर्टी की आइडी होने से उसमें कॉर्नर का प्लॉट है, उसकी कलेक्टर गाइडलाइन क्या है। लोकेशन सब उसमें रहेगी। ऐसे में स्टांप की चोरी रुकेगी, सर्विस प्रोवाइडर के यहां होने वाली लंबी चौड़ी लिखापढ़ी भी कम होगी। रजिस्ट्री के बाद नगर निगम में मैसेज जाएगा, जिससे नामांतरण की प्रक्रिया भी आसानी से होगी। एक अप्रैल से लागू करेंगे महानिरीक्षक पंजीयन एम सेलवेंद्रम ने कहा कि संपदा टूरजिस्ट्री में संपदा टू सॉफ्टवेयर एक अप्रेल नए वित्तिय वर्ष में पूरे प्रदेश में एक साथ लागू किया जाएगा। पहले ट्रायल कर रहे थे, लेकिन अब पूरे प्रदेश में एक साथ लागू करेंगे।

जल जीवन मिशन और जल निगम के कार्यों की समीक्षा की

Review of Jal Jeevan Mission and Jal Nigam workers जल जीवन मिशन में हर गांव, बसाहट, टोला हो शामिल, आवश्यक हो तो पुनः बनाए प्रस्ताव हर घर जल पहुंचाने के सभी कार्य गति व गुणवत्ता के साथ और समय पर हो भोपाल। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सभी जिला अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में सभी जिला अधिकारियों से परिचय प्राप्त करने के उपरांत उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के तहत जल जीवन मिशन और जल निगम के जिले में संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर गांव, हर बसाहट, हर मोहल्ला शामिल होना चाहिए। सभी को घर तक शुद्ध पेयजल मिले। विभाग के अधिकारी एक बार पुनः फील्ड में जांच कर और जनप्रतिनिधियों से फीडबैक लेकर देख लें, कहीं कोई बसाहट या मोहल्ला छूट तो नहीं गया है। आवश्यकता पड़ने पर संशोधित प्रस्ताव तैयार कर भेजें। विशेषकर हर्रई और अमरवाड़ा क्षेत्र में जाकर पुनः जांच लें । इसमें सभी छात्रावासों और प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी टेप वाटर सुनिश्चित हो। पानी सभी को मिले, जल है तो जीवन है। जल जीवन मिशन और जल निगम के सभी कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ और समय में पूर्ण कराएं। बैठक में जिला पंचायत के अध्यक्ष संजय पुन्हार, जिला आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य विवेक साहू और सुश्री मोनिका बट्टी सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।

प्रेरकों के साथ बच्चों ने की जंगल की सैर, देखी ( मै भी बाघ ) डाक्यूमेंट्री

Children took a trip to the jungle with the inspirations, watched the documentary (Main Bhi Bagh) हरिप्रसाद गोहे आमला ! स्कूली क्षात्रो को वन, वन्यप्राणी एवं पर्यावरण के संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकाशित करने के उद्देश्य को लेकर मध्य प्रदेश वन विभाग एवं मध्य प्रदेश ईकोपर्यटन विकास बोर्ड द्वारा दिनांक 11 जनवरी 2024 को भूमका देव (सारणी-बेलोण्ड रोड), आमला में वनसंरक्षक वनवृत्त बैतूल एवं वनमंडल अधिकारी दक्षिण बैतूल, उ.व.म.अ. आमला (सा.) के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में वन परिक्षेत्र आमला अंतर्गत अनुभूति वर्ष 2024 कार्यक्रम का आयोजन आयोजित किया गया।कार्यक्रम में अशासकीय मदरलैंड पब्लिक अकादमी स्कूल आमला के 126 छात्र/छात्रों ने भाग लिया । आयोजित शिविर में छात्रों ने प्रदेश के अनुभूति प्रेरक श्री के.एल. चंदेलकर सहित वन विभाग के 3 अन्य प्रेरकों के साथ एक प्राकृतिक सैर में हिस्सा लिया, जहाँ उन्हें पेड़ों और पक्षियों की विविध प्रजातियों के बारे में जानकारी दी गई । इस दौरान बच्चों को अनसिले कपड़े से बैग बनाने के साथ साथ “मैं भी बाघ” थीम पर डाक्युमेंट्री दिखाई गई । वहीं छात्र/छात्राओं के लिए चित्रकला, रंगोली, और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी वन विभाग द्वारा आयोजित किया गया । शिविर के दौरान मुख्य अतिथि बतौर गणेश यादव जनपद पंचायत अध्यक्ष आमला, भाजपा किसान नेता हरी यादव , सुखराम कुमरे सभापति जैवविविधता वन समिति के साथ सुखदेव यादव सरपंच, रामाधार यादव सरपंच,भगवंतसिंह रघुवंशी जिला मंत्री भाजपा अतिथि के रूप में शामिल हुये । प्रतियोगिता के विजेताओं को मुख्य अतिथियों द्वारा प्रथम/द्वितीय/तृतीय पुरस्कार वितरण किया गया। कार्यक्रम में “मैं भी बाघ” थीम गान का गायन किया गया एवं प्रकृति और वन्य जीव संरक्षण की प्रतिज्ञा के साथ अनुभूति कार्यक्रम सफलतापूर्वक समापन हुआ ।

अतिथि शिक्षक सुसाइड मामला: गिरफ्तारी के 24 दिन बाद प्राचार्य को किया निलंबित

Guest teacher suicide case: Principal suspended 24 days after arrest 8 दिसंबर को भेजा था पत्र भोपाल। भोपाल जिले के ग्राम हर्राखेड़ा स्थित शासकीय अरविंद भार्गव हायर सेकंडरी स्कूल के अतिथि शिक्षक सुसाइड मामले में लोक शिक्षण संचालनालय ने करीब 24 दिन बाद अब प्राचार्य श्रीप्रकाश विजयवर्गीय को निलंबित किया है। बताया जा रहा है कि डीईओ अंजनी कुमार त्रिपाठी ने आयुक्त लोक शिक्षण अनुभा श्रीवास्तव को निलंबित करने के लिए 8 दिसंबर को पत्र भेजा था। जिस पर 24 दिन बाद कार्रवाई की गई है। आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि में विजवर्गीय का मुख्यालय कार्यालय कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक भोपाल संभाग, भोपाल मप्र रहेगा एवं निलंबन काल में उन्हे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। गलतियों भरे आदेश पर हस्ताक्षर भी हो गएमामले में 24 दिन की देरी के बाद जारी किए गए आदेश में कुछ गलतियां भी की गई हैं। जारी आदेश में बताया गया है कि प्रकरण में अभियुक्त श्रीप्रकाश विजयवर्गीय को पुलिस ने 19 दिसंबर को अरेस्ट कर न्यायालय में पेश किया था और जेल भेज दिया था। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 8 दिसंबर 2024 को इसकी सूची दे दी गई थी। इस आदेश पर बकायदा लोक शिक्षण आयुक्त द्वारा हस्ताक्षर भी किए गए हैं, लेकिन इस गलती पर ध्यान नहीं दिया गया। यह है पूरा मामला: जानकारी के मुताबिक मूलतःअशोक नगर निवासी आकाश यादव पिता गोपाल यादव (23) यहां ग्राम हर्राखेड़ा स्थित शासकीय अरविंद भार्गव हायर सेकेंडरी स्कूल में बतौर अतिथि शिक्षक नौकरी कर रहे थे। पिछले साल 13-14 अक्टूबर को आकाश ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। आकाश के पास मिले सुसाइड नोट में लिखा था कि प्रिंसिपल श्रीप्रकाश विजयवर्गीय उसके स्थान पर अपने साले को रखना चाहते हैं। अतिथि शिक्षक छगनलाल शाह और नरेंद्र दुबे, प्रिंसिपल के साथ मिलकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। सुसाइड नोट में आगे लिखा है कि आज मैं जो कदम उठाने को मजबूर हूं। मामले में गुनना थाना पुलिस ने प्राचार्य समेत तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। घटना वाले दिन से ही प्राचार्य बिना बताए स्कूल से गायब:घटना वाले दिन से ही प्राचार्य बिना बताए स्कूल से गायब हो गए थे। उसके गायब होने के बाद भी विभाग की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं की गई थी। जिला शिक्षा अधिकारी अंजनी कुमार त्रिपाठी ने आयुक्त लोक शिक्षण अनुभा श्रीवास्तव को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया था, लेकिन लोक शिक्षण के अफसर मामले में अनजान बने हुए थे। वहीं, प्राचार्य विजयवर्गीय की हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद गुनगा थाने में सरेंडर कर दिया।

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