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कूनो में चीते की मौत नामीबिया से लाए एक और चीते ने तोड़ा दम

भोपाल। मॉनीटरिंग टीम को चीता शौर्य अचेत अवस्था में मिला था। कूनो में अब तक दस चीतों की मौत हो चुकी है, इनमें सात चीते और तीन शावक शामिल हैं। लॉयन प्रोजेक्ट के डायरेक्टर ने बताया कि आज करीब सवा तीन बजे चीता शौर्य की मौत हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का खुलासा होगा। अब तक 7 चीते और 3 शावक की मौत कूनो में अब तक चीते और शावक को मिलाकर यह 10वीं मौत है। इनमें 7 चीते और 3 शावक हैं। प्रोजेक्ट चीता में सितंबर 2022 में आठ चीतों को नामीबिया से लाया गया था। इसके बाद फरवरी 2023 में 12 और चीतों को दक्षिण अफ्रीका से लाया गया था। नामीबिया से लाया गया चीता शौर्य अपने सगे भाई गौरव के साथ आया था। दोनों हमेशा एकसाथ रहते थे, साथ शिकार करते थे। कुछ समय पहने दोनों की अग्नि और वायु चीते से भिड़ंत हुई थी। वे दोनों भी सगे भाई थे। इसमें अग्नि चीता गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बार चीतों को बाड़े में बंद कर दिया था। + कब-कैसे हुई चीतों की मौत… 26 मार्च 2023: साशा की किडनी इंफेक्शन से मौत  नामीबिया से लाई गई 4 साल की मादा चीता साशा की किडनी इंफेक्शन से मौत हो गई। वन विभाग ने बताया कि 15 अगस्त 2022 को नामीबिया में साशा का ब्लड टेस्ट किया गया था, जिसमें क्रियेटिनिन का स्तर 400 से ज्यादा था। इससे ये पुष्टि होती है कि साशा को किडनी की बीमारी भारत में लाने से पहले ही थी। साशा की मौत के बाद चीतों की संख्या घटकर 19 रह गई। 27 मार्च : ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया साशा की मौत के अगले ही दिन मादा चीता ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया। ज्वाला को नामीबिया से यहां लाया गया था। कूनो नेशनल पार्क में इन शावकों को मिलाकर चीतों की कुल संख्या 23 हो  गई। 23 अप्रैल : उदय की दिल के दौरे से मौत साउथ अफ्रीका से लाए गए चीते उदय की मौत हो गई। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में बताया गया कि उदय की मौत कार्डियक आर्टरी फेल होने से हुई। मध्यप्रदेश के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस चौहान ने बताया कि हृदय धमनी में रक्त संचार रुकने के कारण चीते क्की मौत हुई। यह भी एक प्रकार का हार्ट अटैक है। इसके बाद कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 22 रह गई।  9 मई : दक्षा की मेटिंग के दौरान मौत दक्षा को दक्षिण अफ्रीका से कूनो लाया गया था। जेएस चौहान ने बताया कि मेल चीते को दक्षा के बाड़े में मेटिंग के लिए भेजा गया था। मेटिंग के दौरान ही दोनों में हिंसक इंटरेक्शन हो गया। मेल चीते ने पंजा मारकर दक्षा को घायल कर दिया था। बाद में उसकी मौत हो गई। इसके बाद कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 21 रह गई। 23 मई : ज्वाला के एक शावक की मौत मादा चीते ज्वाला के एक शावक की मौत हो गई। जिएस चौहान ने बताया कि ये शावक जंगली 31 परिस्थितियों में रह रहे थे। 23 मई को श्योपुर में भीषण गर्मी थी। तापमान 46-47 डिग्री सेल्सियस था। दिनभर गर्म हवा और लू चलती रही। ऐसे में ज्यादा गर्मी, डिहाइड्रेशन और कमजोरी इनकी मौत की वजह हो सकती है। इसके बाद कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 20 रह गई। 25 मई : ज्वाला के दो और शावकों की मौत पहले शावक की मौत के बाद तीन अन्य को चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया था। इनमें से दो और शावकों की मौत हो गई। अधिक तापमान होने और लू के चलते इनकी तबीयत खराब होने की बात आमने सामने आई थी। इसके बाद कूनो में एक शावक सहित 18 चीते बचे। 11 : मेल चीता तेजस की मौत चीते तेजस की गर्दन पर घाव था, जिसे देखकर अनुमान लगाया गया कि चीतों के आपसी संघर्ष में उसकी जान गई है। इस मौत के बाद कूनो में 17 चीते बचे थे। 14 जुलाई : मेल चीता सूरज की मौत चीते सूरज की गर्दन पर भी घाव मिला। कूनो प्रबंधन का अनुमान है कि चीतों के आपसी संघर्ष में ही सूरज की जान गई है। इससे नेशनल पार्क में चीतों की संख्या घटकर 16 रह गई थी। 2 अगस्त : मादा चीता धात्री की मौत कूनो परिसर में ही मादा चीता धात्री का शव मिला था। पोस्टमॉर्टम में इंफेक्शन से मौत की वजह सामने आई थी। धात्री की मौत होने के बाद चीतों की संख्या 15 रह गई थी। 03 जनवरी : आशा ने तीन शावक जन्मे इसी साल 03 जनवरी को श्योपुर जिले के कूनो बेशनल पार्क से बड़ी खुशखबरी आई। मादा चीता आशा ने तीन शावकों को जन्म दिया। कूनो में अब 4 शावक समेत कुल 18 चीते हो गए थे। नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क लाई गई मादा चीता आशा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह नाम दिया था।  16 जनवरी 2024: नर चीते शौर्य की मौत नामीबिया से 17 सितंबर 2022 को कूनो नेशनल पार्क लाए गए नर चीते शौर्य ने दम तोड़ा। अब यहां 4 शावक समेत 17 चीते बचे हैं।

मंत्री जी का सभी पटवारियों को आदेश, तय समय पर हो सभी कार्य

Revenue Minister Karan Singh Verma’s order to all Patwaris, all work should be done on time. राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि नामांतरण प्रकरणों को 30 दिवस, आविवादित बंटवारा प्रकरणों को 45 दिवस में निराकृत करना सुनिश्चित करें। लंबित राजस्व प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाये। सीमांकन, नामांकन और बंटवारा आदि के प्रकरणों का तय समय-सीमा में निराकरण नहीं करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की जाये।पटवारी मुख्यालय पर रहें, सीमांकन, नामांतरण बंटवारा तय समय-सीमा में करें।पीएम किसान योजना में छूटे पात्र हितग्राहियों को जोड़ा जाए।आम आदमी के साथ न्यायपूर्ण और विनम्र व्यवहार किया जायें। कलेक्टर कमिश्नर अपने क्षेत्र में भ्रमण करें और राजस्व महाअभियान की मॉनीटरिंग करें।यह निर्देश मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने मंत्रालय के एनआईसी कक्ष से वर्चुअली राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए। वही मैदानी अमले को राजस्व महाअभियान के सफल संचालन सुनिश्चित करने के लिये आवश्यक निर्देश दिये। समय सीमा में सीमांकन-नामांकन और बंटवारा ना करने वालों पर करें कार्रवाई पीएम किसान योजना में छूटे पात्र हितग्राहियों को जोड़ें

बाल भवन में जिला स्तरीय आर्म रेसलिंग 21 जनवरी को,

District level arm wrestling at Bal Bhawan on 21st January. संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। ग्वालियर आर्म रेसलिंग वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वधान में जिला स्तरीय आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप होने जा रही है, उक्त प्रतियोगिता बाल भवन सिटी सेंटर ग्वालियर में दिनांक 21 जनवरी 2024 को होगी प्रतियोगिता सुबह 8 बजे से प्रारंभ होगी। यह जानकारी ग्वालियर आर्म रेसलिंग वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ केशव पांडे ने एक मीटिंग में दी ग्वालियर आर्म रेसलिंग वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव एवं ग्रीनवुड स्कूल के डायरेक्टर डॉ आदित्य भदौरिया ने बताया कि इस प्रतियोगिता में खिलाड़ी भार वर्ग एवं आयु वर्ग में विभाजित होकर मुकाबला करेंगे कुछ मुख्य वर्ग इस प्रकार हैं, सब जूनियर, जूनियर, सीनियर, महिला वर्ग, दिव्यांग वर्ग आदि। प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ी को पदक एवं प्रमाण पत्र दिया जाएगा और विजेता खिलाड़ियों को 28 जनवरी को भोपाल में संपन्न होने जा रही राज्य स्तरीय आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिलेगा। संस्था के सचिव डॉक्टर आदित्य भदौरिया ने आगे बताया कि ग्वालियर आर्म रेसलिंग का हब बन चुका है ! तथा ग्वालियर में नेशनल एवं इंटरनेशनल खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं। मीटिंग में वर्ल्ड चैंपियनशिप एवं ग्वालियर आर्म रेसलिंग कोच मनीष कुमार एवं भूपेंद्रकांत भी उपस्थित थे, वर्ल्ड चैंपियन मनीष कुमार जी ने बताया कि यह प्रतियोगिता प्रो पंजा लीग सीजन 1 के बाद पहली जिला आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता है। इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का ध्यान इसी बात पर होगा कि किसी भी तरह इस प्रतियोगिता में भाग लेकर राज्य स्तरीय आर्म रैसलिंग प्रतियोगिता में भाग ले और वहां से जीत कर नेशनल प्रतियोगिता में लेंगे। भूपेंद्रकांत जी ने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन 15 एवं 16 जनवरी 2024 को ग्वालियर आर्म रेसलिंग अकादमी जेसी मिल बिरला नगर में होंगे।

सिंहस्थ 2028 से पहले क्षिप्रा नदी की धारा बहे निर्मल

Before Simhastha 2028, the stream of Kshipra river should flow clean. भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ 2028 के मददेनजर क्षिप्रा नदी का पानी स्वच्छ निर्मल एवं आचमन योग्य बनाने के लिये इंदौर, उज्जैन एवं देवास के संबंधित अधिकारियों को क्षिप्रा नदी को साफ रखने की कार्य योजना तैयार करने को कहा है। उन्होंने गंदे पानी को रोकने के लिए जगह-जगह स्टॉप डैम बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज रविवार को उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ 2028 के विकास कार्य एवं क्षिप्रा शुद्धिकरण के संबंध में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इंदौर एवं उज्जैन संभाग के संभागायुक्तों एवं कलेक्टर्स को कार्ययोजनाएं बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर महाकाल लोक फेस-3 के कार्यों की भी शुरूआत की जाएगी। उन्होंने क्षिप्रा के उद्गम से लेकर समाप्ति स्थल तक घाटों पर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की विस्तृत कार्ययोजनाएं बनाने का निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देश का सबसे बड़ा कुंभ मेला सिहस्थ 12 वर्ष में एक बार उज्जैन में आयोजित होता है। जब सिंह राशि में बृहस्पति प्रवेश करते हैं। मेले में साधु, संत, महामंडलेश्वर, गणमान्य नागरिक एवं आम श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। सिंहस्थ का आयोजन न केवल उज्जैन बल्कि देश के लिए एक गौरवशाली क्षण होता है। जब श्रद्धालु आए तो मेले में गौरव का अनुभव करेंमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के अलावा सिंहस्थ मेले का इंदौर, देवास, ओंकारेश्वर दादा धुनी वाले, पशुपतिनाथ मंदिर, बगलामुखी मंदिर में भी सिंहस्थ मेले का विस्तार रहता है। सभी जगह आम जनता की सहभागिता रहती है। जब श्रद्धालु आए तो मेले में गौरव का अनुभव करें। सिहस्थ 2028 की प्लानिंग साधु संतों की सलाह पर करने और उनके परामर्श से ही कार्ययोजनाएं बनाने के निर्देश दिए। 99 करोड़ रुपए की डायवर्जन प्लानिंग पर नाराजगी व्यक्त कीमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कान्ह नदी का गंदा पानी क्षिप्रा में रोकने के लिए बनाई गई 99 करोड़ रुपए की डायवर्जन प्लानिंग पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एक बार में ही ऐसी योजना बनाएं कि क्षिप्रा का जल पीने और आचमन योग्य बन जाए। गलत प्लानिंग के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत केंद्र सरकार से क्षिप्रा शुद्धिकरण के लिए आवश्यक बजट की मांग की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय से संपर्क कर मार्गदर्शन प्राप्त करने को कहा।

यह है मॉडल अस्पताल जेपी का हाल: 59 सफाई कर्मी,

This is the condition of Model Hospital JP: 59 cleaning workers, भोपाल। राजधानी का मॉडल अस्पताल जेपी में सफाई व्यवस्था के नाम पर सरकारी रुपयों की बर्बादी हो रही है। सफाई का जिम्मा जिस कंपनी को दिया गया है, वह खानापूर्ति कर रही है। यही कारण है कि अस्पताल परिसर में गंदगी और गुटके के दाग देखे जा सकते है। आईपीडी वार्ड की खिड़कियों के बाहर कचरा और छिपे हुए कोनों में दवाईयों का ढेर आसानी से देखा जा सकता है। जानकारी अनुसार जेपी अस्पताल की सफाई का जिम्मा निजी कंपनी के पास है। जिसका नाम प्रथम नेशनल सिक्योरिटी सर्विसेस है। यह फर्म इंदौर की है। फर्म को जो ठेका दिया गया है, उसकी शर्तों के अनुसार 59 सफाई कमी जेपी अस्पताल में हर दिन ड्यूटी देंगे, लेकिन फर्म द्वारा सफाई सिर्फ 20 से 25 कर्मचारियों द्वारा कराई जा रही है। ताकि अधिक से अधिक पैसा बचाया जा सके। इतना ही नहीं ओपीडी के समय में सफाई पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता, बल्कि दोपहर में जब भीड़ कम होती है तब सफाईकर्मी एक से दो घंटे में सफाई करते हुए देखे जाते हैं। बायोमेडिकल वेस्ट का निष्पादन नहीं जेपी अस्पताल की सफाई व्यवस्था में सबसे बड़ी लापरवाही बायोमेडिकल वेस्ट मामले में हो रही है। अस्पताल में मरीजों को दी जाने वाली दवाईयां कचरे के ढेर में आए दिन मिलती हैं। इसके अलावा ग्लब्स, पट्टी और अन्य मेडिकल वेस्ट भी खुले परिसर में नाले के पास अक्सर देखे जाते हैं। आज तक नहीं मिला कायाकल्प अवार्ड जेपी अस्पताल में सफाई व्यवस्था लचर रहने और मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं सुस्त रहने के कारण ही आज तक संस्था को कायाकल्प अवार्ड में नंबर आने का मौका नहीं मिला है। जबकि इस अवार्ड को शुरू हुए सात साल से ज्यादा हो गए हैं। जेपी अस्पताल को अक्सर कायाकल्प अवार्ड में सांत्वना पुरस्कार से संतोष करना पड़ा है। जांच कराऊंगा जेपी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि सफाई व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जएगी। यदि निजी फर्म द्वारा कम संख्या में सफाई कर्मियों से काम लिया जा रहा है तो मैं इस मामले की जांच कराउंगा। यदि फर्म ने कुछ गड़बड़ी की है तो कंपनी पर जुर्माना लगाकर ठेका निरस्त किया जाएगा।

21 करोड़ से जगमगाएगा कोलार, बनेगा नया डिवीज़न कार्यालय

Kolar will shine with Rs 21 crore, new division office will be built भोपाल। कोलार के वार्ड 80 से 85 तक के क्षेत्र में 21 करोड़ की लागत राशि से विद्युतीकरण कार्य किए जाएंगे। जिसके अंतर्गत 33/11 केवी सब स्टेशन का निर्माण, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि, पावर क्षमता वृद्धि सहित पुराने तारों एवं पोलो को बदला जाएगा। रविवार को सात करोड़ की लागत से होने वाले कार्य शुभारंभ विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि पहले कोलार में हमने नया डिवीज़न क्षेत्र घोषित कराया। पहले इसका चांदबड डिवीज़न में था। जिसके लिए ओल्ड सिटी जाना पड़ता था। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कोलार में निर्वाद विद्युत सप्लाई के क्षेत्र में बहुत काम किया गया। पहले भी 25 करोड़ की राशि से आईपीडीएस योजना के अंतर्गत खर्च किए गए। थुआखेड़ा में अशोक सिंहल पॉवर हाउस का निर्माण कराया गया। बनेगा मिनी सचिवालयविधायक शर्मा ने कहा की एसडीएम कोलार कार्यालय परिसर में गेहूंखेड़ा में ही सभी कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। जिसे मिनी सचिवालय भी कहा जा सकता है। एक ही जगह सभी कार्यालय होने से नागरिकों को अलग अलग जगह आना-जाना न पड़े। शर्मा ने कहा कि यहां एसडीएम तहसील, नगर निगम जोन कार्यालय तो पहले से ही लग रहा है यहीं विद्युत डिवीज़न कार्यालय बनाया जाएगा साथ ही यहीं एडिशनल डीसीपी का कार्यालय भी बनाया जाएगा।

नगर निगम भोपाल के नीमच में बन रहे दो संयंत्र इस वर्ष काम करने लगेंगे, महापौर व अधिकारी पहुंचे

Two plants being built in Neemuch of Municipal Corporation Bhopal will start functioning this year. भोपाल। नगर निगम भोपाल के नीमच में बन रहे दो संयंत्र इस वर्ष काम करने लगेंगे, जिसकी प्रगति देखने भोपाल से नगर निगम महापौर मालती राय व विद्ययुत शाखा के अधिकारी रविवार को नीमच पहुंचे। नीमच पहुंचने के बाद महापौर ने बताया कि रास्ते में कई पवन ऊर्जा संयत्र का भी निरीक्षण कर सभी प्रकार की जानकारी लीं। जिससे यह जानकारी मिल सके कि भोपाल नगर निगम सही दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि यह दोनों संयत्र इस साल काम करने लगेंगेए जिससे इन परियोजनाओं से 55 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। यह बिजली निगम को 25 वर्षों तक रियायती दर पर उपलब्ध होगी। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार नीमच में 180 करोड़ रुपये से 20-20 मेगावाट के दो सौर ऊर्जा और 90 करोड़ रुपये से 15 मेगावाट का एक पवन ऊर्जा संयत्र लग रहा है। नगर निगम बिजली के बढ़ते खर्च से बचने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा पर निर्भरता बढ़ा रहा है। इसके लिए नीमच में 180 करोड़ रुपये से 20ण्20 मेगावाट के दो सौर ऊर्जा संयंत्र और 90 करोड़ रुपये से 15 मेगावाट का एक पवन ऊर्जा संयत्र लगाने जा रहा है। तीनों परियोजनाओं से 55 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। यह बिजली निगम को 25 वर्षों तक रियायती दर पर मिलेगी। महापौर मालती राय के अनुसार प्रथम चरण में 20 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का काम शुरु हो गया है। इसमें 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 28 करोड़ रुपये नगर निगम को देना होगाए जबकि बाकी रकम ठेकेदार लगाएगा। इसके बदले निगम को ठेकेदार आगामी 25 वर्षों तक 3.14 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली देगा। वहीं दूसरे चरण में 15 मेगावाट के पवन ऊर्जा संयंत्र प्लांट के लिए नीमच में भूमि आवंटित होने के बाद काम चालू हो गया है। इसकी लागत भी 90 करोड़ रुपये होगी। इसमें 30 करोड़ रुपये नगर निगमए जबकि बची हुई राशि ठेकेदार मिलाएगा। इसमें भी निगम को 25 वर्षों तक 4.24 रुपये प्रति यूनिट बिजली मिलेगी। तीसरे चरण में नीमच में 20 मेगावाट का एक अन्य सोलर संयंत्र लगना शुरू हो गया है। इसकी लागत भी 90 करोड़ रुपये होगी। इसमें भी निगम को केवल 28 करोड़ रुपये देने होंगे।

29 लोकसभा प्रभारी देंगे दावेदारों के नाम, गुटबाजी खत्म करने प्रभार के क्षेत्रों में करेंगे दौरे

29 Lok Sabha in-charges will give names of contenders, will tour the areas of their in-charge to end factionalism भोपाल। प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों के प्रभारियों की शुक्रवार को हुई दिल्ली में बैठक के बाद अब उन्हें अगले सप्ताह से अपने-अपने प्रभार वाले लोकसभा क्षेत्रों में जाना होगा। यहां से दावेदारों के नामों के पैनल तैयार करना होगा। ये नाम 30-31 जनवरी तक एआईसीसी को वे देंगे। इस बैठक से यह साफ हो गया है कि अब टिकट चयन का मामला एआईसीसी ही अपने हाथ में रखेगी।इसके चलते ही उसने ही लोकसभा प्रभारियों को बनाया और सीधे ही उनकी बैठक ली। खासबात यह है कि इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कोई भी पदाधिकारी शामिल नहीं था। सभी प्रभारियों से कहा गया है कि वे 18 से 24 जनवरी के बीच अपने प्रभार के क्षेत्र में जाएं और यहां की व्यापक रूप से रिपोर्ट तैयार करें। इसके साथ यह भी पता करें कि बेहतर उम्मीदवार कौन-कौन हो सकते हैं। इनमें से तीन नाम छांट कर एआईसीसी को भेजने का भी कहा गया है। कांग्रेस के सीनियर नेता ने बताया कि 30-31 तक लोकसभा प्रभारियों को रिपोर्ट देनी है। इसके बाद स्क्रीनिंग कमेटी नामों पर पीसीसी में ही मंथन करेगी। इस बार युवा चहेरों के साथ बुजुर्ग नेताओं को भी उतारा जा सकता है। हालांकि दर्जन से अधिक जिलों में कांग्रेस का खाता विधानसभा चुनाव में नहीं खुला है। अनुशासन कमेटी कब करेगी फैसलाकांग्रेस में होने वाली बैठकों में एक ही मुद्दा बार बार उठाया जा रहा है। कांग्रेस के नेताओं ने भितरघात का आरोप कार्यकर्ताओं पर लगाया था। पार्टी ने मांग की थी कि उन्हें बाहर किया जाए। इसके लिए अनुशासन कमेटी फैसला करेगी। हालांकि अभी तक बैठक कमेटी की नहीं हुई है। इसलिए नेताओं की नाराजगी भी उजागर हो रही है। खुलकर बैठकों पर नेताओं से सांप पाले हुए हैं। ऐसे आरोप तक लगा चुके हैं।

84 इंस्पेक्टर बनेंगे डीएसपी, सीएम के निर्देश के बाद पीएचक्यू ने तैयार किया प्रस्ताव, गृह विभाग को भेजा

84 inspectors will become DSP, after instructions from CM, PHQ prepared proposal, sent it to Home Department भोपाल। प्रदेश के 84 इंस्पेक्टर जल्द ही कार्यवाहक डीएसपी बनाए जाने वाले हैं। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय की प्रशासन शाखा में प्रस्ताव तैयार कर लिया है। प्रस्ताव गृह विभाग को भेज भी दिया है। इसके लिए इंस्पेक्टरों की सीनियर्टी की स्क्रूटनी भी की गई है। प्रदेश में पुलिस अफसरों की पदोन्नति किए को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस अफसरों को निर्देश दिए थे।इस निर्देश के पालन में पिछले महीने पुलिस मुख्यालय ने करीब 13 सौ पुलिस कर्मियों और जवानों को पदोन्नति दी। अब इसमें उपनिरीक्षक से कार्यवाहक निरीक्षक और निरीक्षक से कार्यवाहक ऊरढ की पदोन्नति की जाना है। इस क्रम में डीएसपी की पदोन्नति का काम तेजी से चल रहा है। पुलिस मुख्यालय की कार्मिक शाखा के अफसर इस काम में तेजी से लगे हुए हैं। इसमें वे 250 सीनियर निरीक्षकों के रिकॉर्ड को खंगाल रहे हैं। जिसमें इनकी डीई सहित अन्य जांचों को देखा जा रहा है। उनके रिकॉर्ड को खंगालने के बाद जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर गृह विभाग को भेजा जाएगा। वन टर्म प्रमोशन होगा पुलिस अफसरों को वन टर्म प्रमोशन देने की प्रक्रिया पिछले कुछ सालों से चल रही है। दरअसल प्रदेश में पदोन्नति पर कोर्ट की रोक होने के चलते पुलिस अफसरों को कार्यवाहक पद देकर पदोन्नति दी जा रही है। इसी क्रम में सभी के प्रमोशन किए जा रहे हैं। जिसमें उन्हें उच्च पद का प्रभार दिया जाता है। प्रदेश में निरीक्षकों से डीएसपी बनने लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पिछले साल भी बड़ी संख्या में निरीक्षकों को कार्यवाहक डीएसपी बनाकर उन्हें डीएसपी का प्रभार दिया था। इससे बाद भी यह पदोन्नति पाने वालों की संख्या में कमी नहीं आई। इस साल होने वाली 84 पदोन्नति के बाद प्रमोशन की स्थिति कुछ हद तक बेहतर हो सकती है।

मणिपुर पहुंचे एमपी कांग्रेस के नेता- दिग्विजय, पटवारी, उमंग ने फ्लाइट में लगाया नारा’ न्याय का हक-मिलने तक

MP Congress leaders reached Manipur – Digvijay, Patwari, Umang raised slogan in the flight ‘Till the right to justice is given’ भोपाल। मणिपुर से शुरू होने वाली भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने के लिए मप्र कांग्रेस के नेता भी दिल्ली से इंफाल के लिए रवाना हुए। दिल्ली से रवाना हुई स्पेशल फ्लाइट में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, अभिषेक मनु सिंघवी, अशोक गहलोत, भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के साथ एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी इंफाल पहुंचे। फ्लाइट टेक आॅफ के पहले कांग्रेस नेताओं ने न्याय का हक मिलने तक का नारा लगाया। हालांकि राहुल गांधी की इस यात्रा के शुरूआती कार्यक्रम में पूर्व सीएम कमलनाथ नहीं पहुंचे। मध्य प्रदेश में यात्रा सात दिनों में 698 और 9 जिलों को कवर करेगी। भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान के धौलपुर से मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में प्रवेश करेगी। इसके बाद मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, राजगढ़, आगर मालवा, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ से होते हुए राजस्थान के बांसवाड़ा तक जाएगी. राहुल करीब 7 दिन तक मध्य प्रदेश में यात्रा करेंगे। इस दौरान वह 9 जिलों को कवर करेंगे। इसका समापन 20 या 21 मार्च को मुंबई में होगा।

बार-बार अलग-अलग एंटीबायोटिक दवाएं देने से मरीजों पर नहीं होता असर

Repeatedly giving different antibiotics has no effect on patients. भोपाल। लगातार उपयोग से एंटीबायोटिक दवाओं का असर कम हो रहा है। एक मरीज को बार-बार अलग-अलग तरह की एंटीबायोटिक देने से उस पर ये दवाएं प्रभावी नहीं होती। ऐसे में विशेषज्ञ समय समय पर इन दवाओं की संवेदनशीलता को जांचने की सलाह देते हैं। एम्स भोपाल भी एंटीबायोटिक के प्रभाव को जांचने के लिए लगातार शोध हो रहे हैं। एम्स भोपाल देश का एकमात्र ऐसा संस्थान है जो दवाओं की संवेदनशीलता की रिपोर्ट को सार्वजनिक कर रहा है। गुरुवार को भी एम्स भोपाल ने 2023 की दूसरी छहमाही की एंटीबायोटिक की रिपोर्ट (एंटीबायोग्राम) जारी की। सरल शब्दों में कहें तो एम्स अपने अस्पताल में बेअसर हो चुकी एंटीबायोटिक की रिपोर्ट (एंटीबायोग्राम) जारी करता है। मालूम हो कि इस रिपोर्ट को हर छह महीने में अपडेट किया जाता है। दरअसल इस रिपोर्ट का उद्देश्य एंटीबायोटिक के धड़ल्ले से उपयोग को रोकना है। डॉक्टरों को बताएगा किस दवा का असर कमएम्स के पीआरओ केडी शुक्ला बताते हैं कि एंटीबायोग्राम वह तकनीक है जिससे एंटीबायोटिक की संवेदनशीलता की जानकारी मिलती है। लगातार उपयोग से एंटीबायोटिक का असर कम हो जाता है। हर अस्पताल या क्षेत्र में अलग अलग एंटीबायोटिक का असर अलग अलग होता है। ऐसे में एम्स अस्पताल में उपयोग हो रहे एंटीबायोटिक की जांच कर रिपोर्ट को हर छह महीने में अपडेट किया जाता है। इससे चिकित्सकों को यह पता होता है कि उन्हें किस एंटीबायोटिक का इस्तेमाल करना है किसका नहीं। एंटीबायोटिक का ऐसा हो रहा यूजएनएचएम के पूर्व संचालक डॉ. पंकज शुक्ला ने बताया कि कई चिकित्सक एक मरीज को दिन भर में पांच एंटीबायोटिक दे देते हैं। डॉक्टर अक्सर मरीजों पर एंटीबायोटिक का टेस्ट करते हैं। एक दवा काम न आए तो दूसरी और तीसरी दवाएं तक दी जाती हैं। एंटीबायोटिक के ज्यादा उपयोग से कुछ समय बाद मरीज पर इसका असर होना खत्म हो जाता है। कई एंटीबायोटिक बेअसरकरीब चार पहले एम्स भोपाल ने एंटीबायोटिक के कम हो रहे असर को लेकर शोध किया था। शोध में पता चला था कि नए एंटीबायोटिक का असर खत्म हो रहा है। शोध के अनुसार सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले एंटीबायोटिक जैसे एंपिसिलीन, एमॉक्सीसिलीन, सिफजोलिन, सिफ्रिएक्सोन आदि की प्रभाविता 50 प्रतिशत के नीचे पहुंच गई है। वहीं सालों पहले एनेक्टिव होने से क्लोरेम्फेनिकूल का उपयोग बंद कर दिया गया था, उसकी प्रभाविता 63 प्रतिशत तक पाई गई।

सागर एसपी ने 4 एएसआई सहित 9 पुलिसकर्मियों को किया निलंबित

Sagar SP suspended 9 policemen including 4 ASI भोपाल। सागर शहर में चोरी के मामले में तत्काल कार्रवाई करने में लापरवाही बरतने वाले 4 एएसआई समेत 9 पुलिसकर्मियों को एसपी अभिषेक तिवारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सभी निलंबित कर्मचारियों को रिजर्व भेज दिया है। 12-13 जनवरी की दरम्यानी रात सागर शहर की डॉ. नाचनदास वाली गली में स्थित फरियादी संतोष जैन के सूने मकान में चोरी की वारदात हुई थी। जिसमें चोर मकान से सोने-चांदी के गहने ले गए थे। इसी चोरी के घटनाक्रम की सूचना पर तत्काल कार्रवाई नहीं करने पर एसपी तिवारी ने एक्शन लिया है। उन्होंने घटनाक्रम में कोतवाली थाना के चीता मोबाइल में कार्यरत कार्यवाहक प्रधान आरक्षक प्राणेश, संदीप, आरक्षक मूलचंद्र, दिनेश ठाकुर और थाना कैंट की एफआरवी में कार्यरत एएसआई रामराज सोनकर व कार्यवाहक एएसआई मो. शाहिद को अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में उक्त घटनाक्रम में तत्काल कार्रवाई नहीं करने में लापरवाही और उदासीनता बरतने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।

लापरवाह अफसर बचे उपार्जन प्रकरण में

जबलपुर । जिला उपार्जन समिति के सदस्यों का सामूहिक उत्तरदायित्व है उपार्जन। धान उपार्जन की कार्यवाही में उपायुक्त सहकारिता अखिलेश निगम का नंबर कब आएगा? इसके पहले पूर्व कलेक्टर सौरभ सुमन ने उपायुक्त सहकारिता को निलंबित करने की बात कही थी क्योंकि उपार्जन जैसा महत्वपूर्ण दायित्व छोड़कर ये भोपाल चले गए थे। गौर तलब है कि जिला स्तर के अधिकारी होने के बावजूद अखिलेश निगम एक भी बार फील्ड पर नही गए किसी सहकारी समिति का दौरा नही किया। जबकि संभागीय आयुक्त सिद्धार्थ लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर रहे है।इसके पूर्व दिनांक दो जनवरी को आयुक्त सहकारिता की जबलपुर बैठक में भी उपस्थित नही थे। यदि समय पर उपायुक्त द्वारा केंद्र बनाए गए होते तो किसानों को धान रखने विवश न होना पड़ता। उपार्जन का सर्वाधिक विवादित विकास खंड पाटन और मझौली रहा है। हैरानी की बात यह है बीते दो माह से पाटन में उपायुक्त सहकारिता ने किसी को सहकारिता विस्तार अधिकारी का दायित्व ही नही दिया। मूल पद स्थापना भोपाल होने से जबलपुर कहकर निकल आते है। जबलपुर में भोपाल का बहाना बनाया जाता है।सवाल यह है कि किसानों के केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव उपायुक्त सहकारिता ने समय पर क्यों नही दिया? इसके पूर्व पदस्थापना जिले सिवनी में भी अखिलेश निगम उपार्जन अनियमितता के चलते केवलारी विधायक की शिकायत पर मुख्य मंत्री जी द्वारा मंच से स्थानांतरित किए गए थे ।

अवैध उत्खनन को लेकर नहीं हो रही कार्यवाही हाईवा वाहन से रेत के ओव्हर लोड परिवहन के 3 प्रकरणों में वसूला गया

No action is being taken against illegal excavation, recovery was made in 3 cases of overloaded transportation of sand by highway vehicle. कटनी । अवैध उत्खनन को लेकर जानकारी होते हुए भी कई जगह कार्यवाही नहीं की जा रही है इसी कड़ी में कलेक्टर अवि प्रसाद नें खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामलों में गंभीरता से कार्यवाही करने के निर्देश खनिज विभाग को दे रखें है। कलेक्टर अवि प्रसाद के निर्देश पर खनिज प्रभाग द्वारा ओव्हर लोड रेत का अवैध परिवहन के तीन मामलों पर कार्यवाही की जाकर 1 लाख 30 हजार 250 रूपये का प्रशमन शुल्क जमा कराया गया है।खनिज अधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार विगत 5 जनवरी को स्लीमनाबाद मंे आकस्मिक निरीक्षण के दौरान वाहन हाईवा क्रमांक एम.पी. 20 जेड.एफ.-7138 से अनावेदक परिवहनकर्ता वाहन चालक, मालिक अखिलेश यादव पिता श्री सुम्मत यादव निवासी टिकरिया तहसील कुंडम जिला जबलपुर 2..25 धनमीटर ओवर लोड रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर जप्त किया गया था।इसी तरह एक अन्य प्रकरण मे हाईवा वाहन क्रमांक एम.पी. 20 जेड.एफ.-7863 से अनावेदक परिवहनकर्ता वाहन चालक, मालिक जोतिश वासुदेव पिता भागीरथ वासुदेव निवासी कुहारी पटेरा जिला दमोह 2..00 धनमीटर ओवर लोड रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर जप्त किया गया था।जबकि हाईवा वाहन क्रमांक एम.पी. 20 जेड.डी.-7463 से अनावेदक परिवहनकर्ता वाहन चालक, मालिक सत्यम आदिवसी पिता मनीकलाल आदिवासी निवसी जुजावल तहसील बहोरीबंद जिला कटनी 2..00 धनमीटर ओवर लोड रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर जप्त किया गया था। कलेक्टर श्री प्रसाद के निर्देश पर खनिज अधिकारी द्वारा प्रकरण पर कार्यवाही की जाकर अनावेदक को सूचना पत्र जारी किया गया। जिसपर तीनों प्रकरणों में अनावेदकों द्वारा प्रशमन शुल्क 1 लाख 30 हजार 250 रूपये जमा करने के पश्चात मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 2022 के नियम 20 के अनुसार वाहन मुक्त करनें की कार्यवाही की गई।

नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में जमा राशि के अंतिम भुगतान के संबंध में दिशा निर्देश जारी

Guidelines issued regarding final payment of deposits in National Pension System (NPS) भोपाल ! वित्त विभाग के जारी आदेश में 6 अगस्त 2024 के द्वारा नवीन अंशदायी पेंशन योजना के अंतर्गत सेवानिवृत्त सेवा लाभ एवं मृत्यु के प्रकरणों में फण्ड मेनेजर के पास जमा राशि के अभिदाता अथवा नामांकित वैद्य उत्तराधिकारी को भुगतान की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।इस आशय का आदेश वित्त विभाग ने दिनांक 11 जनवरी 2014 को जारी किया है। जारी आदेश के अनुक्रम में 1 जनवरी, 2005 अथवा उसके बाद नियुक्त कर्मियों के विभिन्न खातों से अनिवार्य सेवानिवृत्त, पदच्युत अथवा सेवा से पृथक होने की स्थिति में फण्ड मैनेजर के पास जमा राशि के अभिदाता को भुगतान के लिए प्रक्रिया निर्धारित की गई है। प्राधिकरण (पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण) के नियमानुसार राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से अभिदाता की अधिवार्षिता पूर्व निकासी के मामले में यथा स्वीकार अभिदाता को संचति पेंशन कॉर्पस से एकमुश्त और वार्षिक राशि संदेय होगी। जारी निर्देश में प्राधिकरण ने अधिसूचित विनियमों के अनुसरण में अभिदाता अपने विकल्प पर एक गैर सरकारी अभिदाता के रूप में उसी स्थायी सेवानिवृत्त के साथ पेंशन प्रणाली में अभिदान करना जारी रख सकेगा। आदेश जारी दिनांक से ही प्रभावशील होगा।

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