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दिग्विजय सिंह ने शेयर की भगवान राम की तस्वीर, प्राण प्रतिष्ठा की मंगलकामना के साथ बीजेपी को दिया ये मैसेज

Digvijay Singh shared the picture of Lord Ram, gave this message to BJP with good wishes for his life. दिग्विजय सिंह राम मंदिर का पूरा निर्माण हुए बिना ही प्राण प्रतिष्ठा कराए जाने को लेकर लगातार हमलावर रहे. उन्होंने इसके लिए ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य के तर्कों का भी जिक्र किया. भकांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के ठीक पहले भगवान राम के बाल स्वरूप की तस्वीर शेयर की है. उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर देशवासियों को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की मंगलकामनाएं दीं. उन्होंने इसी के साथ भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार को भी मैसेज दिया और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार अब ये सुनिश्चित करेगी कि रामराज में किसी भी तरह की नफरत की कोई जगह न हो और सब मर्यादा में रहकर अपने धर्मों का पालन करें.  आशा है अब बीजेपी सरकार सुनिश्चित करेगी…’ दिग्विजय सिंह ने रविवार रात ट्वीट करते हुए रामलला के बाल स्वरूप की तस्वीर शेयर की है, जिसपर लिखा है, ‘धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो. प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो.’ इस फोटो के साथ किए गए ट्वीट के कैप्शन में दिग्विजय सिंह ने लिखा, ‘समस्त देशवासियों को अयोध्या में निर्माणाधीन मंदिर में रामलला के विग्रह के प्रतिष्ठित होने की मंगलकामनाएं. आशा है भाजपा सरकार अब ये सुनिश्चित करेगी कि रामराज में नफरत-हिंसा की कोई जगह नहीं होगी. सब प्रेम से मर्यादा में रहकर अपने धर्मों का पालन करेंगे.’  दरअसल दिग्विजय सिंह कांग्रेस पार्टी के उन प्रमुख नेताओं में रहे, जिन्होंने अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के निर्माण कार्य का पूरा होने के पहले ही प्राण प्रतिष्ठा कराए जाने की खूब आलोचना की है. उन्होंने इसको लेकर उत्तराखंड स्थित ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के तर्क का भी खूब जिक्र किया.

राममय हुआ संतनगर 11 हजार रामभक्तों के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया हनुमान चालीसा पाठ, राम धुन पर झूमे रामेश्वर शर्मा

Santnagar became Ram-filled; Chief Minister Mohan Yadav recited Hanuman Chalisa with 11 thousand Ram devotees. भोपाल। अयोध्यानाथ भगवान श्री राम जी के भव्य मंदिर में विराजमान होने के उपलक्ष्य में पूरा मध्यप्रदेश राममय हो रहा है। अपने नवाचारों और हिन्दुत्व वादी छवि के लिए लगातार चर्चित रहने वाले विधायक रामेश्वर शर्मा भी राजा राम के आगमन पर लगातार विभिन्न आयोजन करा रहे हैं। शनिवार को उन्होंने संत हिरदाराम नगर स्थित हेमू कालानी स्टेडियम में मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन कराया। इस आयोजन में 11 हजार रामभक्तों ने एक साथ उपस्थित होकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। विधायक रामेश्वर शर्मा के कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव व उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी सम्मलित हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया व रामभक्तों के साथ भक्तिभाव के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। आयोजन से पूर्व मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री व विधायक शर्मा ने शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, जिसके बाद कार्यक्रम विधिवत प्रारंभ हुआ। बच्चों के साथ राम धुन पर झूमे रामेश्वर शर्मा हेमू कालानी स्टेडियम में आयोजित सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ कार्यक्रम में इतनी भीड़ जुटी कि पूरा स्टेडियम रामभक्तों से खचाखच भरा था। कार्यक्रम के दौरान नागरिकों के उत्साह में पूरा स्टेडियम झूम उठा। 11 हजार रामभक्तों का स्वर जब हनुमान चालीसा के रूप में गूँजा तो कण-कण राममय हो गया। विधायक रामेश्वर शर्मा भी राम भजनों पर बच्चों के साथ जमकर नाचते दिखे। विधायक शर्मा ने इस दौरान भजन भी गाए और राम-गाड़ी पर बैठकर आनंद लिया।  रामेश्वर शर्मा हिन्दुओं की प्रखर आवाज हैं – राजेन्द्र शुक्ल, उप-मुख्यमंत्री मप्र कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि – वर्षों के संघर्ष के बाद यह शुभ घड़ी आई है जब हम अपने रामलला को भव्य मंदिर में विराजमान होते देख रहे हैं। इस घड़ी में ऐसा भव्य आयोजन कराकर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रामभक्तों की आस्था को और प्रबल किया है। जिस तरह उत्तर प्रदेश में योगी जी और असम में हेमंत विस्वा सरमा हिन्दुओं की प्रखर आवाज हैं, उसी तरह मध्यप्रदेश में भाई रामेश्वर शर्मा हिन्दुओं की प्रखर आवाज है। उनका हर आयोजन भव्य और अनोखा होता है। इस सफल आयोजन के लिए उन्हें बधाई।  11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ प्रशंसनीय – मुख्यमंत्री मोहन यादव। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या में श्री राम मंदिर के लिए कई जन्मों के बाद प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। हम सभी सौभाग्यशाली हैं, ये शुभ घड़ी सामने आई है। इसके लिए गत पांच सौ वर्ष से कई पीढ़ियां खप गईं। आने वाली 22 जनवरी को सुशासन और रामराज का नया इतिहास बनेगा। नये दौर का नया भारत बनेगा। उन्होंने आगे कहा कि हनुमान चालीसा से भक्ति और शक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। अयोध्या में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर भगवान राम के अनन्य भक्त हनुमान जी को आधार बनाकर 11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ प्रशंसनीय है। हम सभी के लिए भगवान श्रीराम आराध्य हैं। अयोध्या में मंदिर का बनना अखंड भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। भारतवासी आज समृद्धशाली अतीत को याद कर रहे हैं। सात जन्मों के पुण्योदय से राम काज कर पाए रहा हूँ। – रामेश्वर शर्मा कार्यक्रम में संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – धन्य हैं वो लोग जिन्होंने रामलला के लिए तन, मन, धन और प्राण समर्पित कर दिए। जिनके बलिदानों की कीमत पर आज हमने रामलला का भव्य मंदिर पाया है। मैं स्वयं कारसेवा के लिए गया। उस समय पर भी मेरा यही विचार था कि “यदि रामलला के काम न आए तो बेकार जिंदगानी है” मेरा आज भी यही विचार है। मैं तन-मन-प्राण लगाकर भी राम काज करने को आतुर रहता हूँ। उन्होंने आगे कहा कि अब कुछ घंटों के अंतराल के बाद हमारी आस्था के केन्द्र मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अपनी जन्मभूमि पर वापस लौट रहे हैं। उनके आगमन के हर्ष में पूरा देश सराबोर है। इसी हर्ष के वशीभूत होकर हमने 11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया है।  कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – जब 11 हजार रामभक्तों का स्वर श्री हनुमान चालीसा के रूप में गुंजायमान हुआ तो ऐसा लगा जैसे अयोध्यानाथ स्वयं प्रकट होकर पवनसुत स्तुतियों को आशीष प्रदान कर रहे हों। रामभक्ति में सब ऐसे रमे कि लग रहा था मानो स्टेडियम का कण-कण जीवंत होकर राम धुन गा रहा था। उन्होंने आगे कहा कि राम जी के अभिनंदन में यह काज करके मेरा जीवन धन्य हो गया। मेरे सात जन्मों के पुण्यों के उदय से  राम जी, हनुमान जी की कृपा से और रामभक्तों की आस्था से यह आयोजन सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। संत नगर वालों ने संपत्ति छोड़ दी लेकिन धर्म नहीं छोड़ा – रामेश्वर शर्मा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि संत नगर वो भूमि है जिसने धर्म के लिए सर्वस्व त्याग का पाठ सिखाया है। जब 1947 में देश विभाजन हुआ और सिंधी भाईयों से धर्मपरिवर्तन की शर्त रखी तो उन्होंने संपत्ति, घर, द्वार सब छोड़ दिया लेकिन अपना धर्म नहीं छोड़ा। उनकी धर्मनिष्ठा हम सबके लिए प्रेरणा है। इसलिए आज इस आयोजन के लिए संत हिरदाराम नगर की पुण्यभूमि को चुना। धर्मभूमि पर राम काज कर के स्वयं को धन्य पाता हूँ।

रामलला प्राण प्रतिष्ठा का दिन दिवाली की तरह मनाएं , उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला

Celebrate the day of Ramlala Pran Pratistha like Diwali, Deputy Chief Minister Rajendra Shukla भोपाल ! आज हमारे देश के करोड़ों लोगों का मस्तक गर्व से ऊंचा करने वाला काम हो रहा है, 22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा ! उप मुख्यमत्री राजेंद्र शुक्ला ने आह्वान किया है कि 22 जनवरी को हर व्यक्ति अपने घर 11 दीपक जलाए। उन्होंने कहा कि उस पावन दिन एक भी ऐसा घर न हो, जहां ग्यारह दीपक न जले। रामनवमी को जिस उत्साह से मनाया जाता है, उसी उत्साह से उन्होने राम मंदिर उद्घाटन के दिन भी उत्सव मनाने का आग्रह किया है। उप मुख्यमंत्री ने किया दीपक जलाने का आह्वानराजेंद्र शुक्ला ने कहा कि दो दिन बाद भव्य मंदिर का उद्घाटन हो रहा है और सारा देश मोदी जी की इस कुशलता का लोहा मान रहा है। उन्होने कहा कि ‘सारे देश में उमंग और उत्साह है। हर घर में भगवान राम की पूजा आराधना हो रही है। सुंंदरकांड के पाठ हो रहे हैं। हनुमान चालीसा के पाठ हो रहे हैं। हमारी सबसे बड़ी ताकत धर्म और अध्यात्म ही है। दुनिया में बहुत से देश हो सकता है हमसे आगे हों लेकिन धर्म और अध्यात्म के मामले में वो हमारे सामने बौने हैं अभी भी। हमारे सामने सारी दुनिया परंपरा और अध्यात्म की ताकत के आगे नतमस्तक होती है। इसीलिए इसका संरक्षण और संवर्धन भी जरुरी है और उस दिशा में रामजन्मभूमि पर भव्य राममंदिर का निर्माण बहुत बड़ा कदम है जो आज हमारे देश के करोड़ों लोगों का मस्तक गर्व से ऊंचा करने वाला काम हो रहा है। 22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। इस क्षण को हम सबको आगे बढ़ कर उत्साह के साथ मनाने की जरूरत है। 22 जनवरी को कोई भी घर ऐसा न हो जहां पर हम 11 दीपक जलाकर उत्साह न मनाएं।”अयोध्या राम मंदिर उद्घाटन और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में सिर्फ दो दिन बाकी है और इसे लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। इसे लेकर अयोध्या में तो तैयारियां जारी ही हैं लेकिन देश भर के अलग अलग स्थानों पर भी ज़ोर शोर से व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मंदिरों में सफाई अभियान चल रहा है और कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं। अब उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भी आह्वान किया है कि इस दिन को दीपावली की तरह मनाएं और श्रीराम के नाम पर सभी लोग अपने घरों में ग्यारह दीपक जलाएं।

आज रात 10 बजे से तोड़ा जाएगा लालघाटी से बैरागढ़ तक बीआरटीएस कारिडोर

BRTS corridor from Lalghati to Bairagarh will be demolished from 10 pm tonight नगर निगम और प्रशासन ने मिलकर तैयार की है तोड़ने की योजना। सुरक्षा के लिए बंद किया जाएगा डेढ़ मीटर तक का क्षेत्र। लगेंगी सोलर लाइट।भोपाल ! बीआरटीएस कारिडोर (बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को आज यानी शनिवार रात 10 बजे से तोड़ना शुरू किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम और जिला प्रशासन ने मिलकर पूरी योजना तैयार कर ली है। प्रथम चरण में लालघाटी से बैरागढ़ तक के कारिडोर को तोड़ा जाएगा। यह काम पीडब्ल्यूडी और निगम प्रशासन के अमले द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। यहां सुरक्षा के लिए एक से डेढ़ मीटर तक का क्षेत्र बंद किया जाएगा और सोलर लाइट लगाई जाएंगी। पीडब्ल्यूडी के ब्रिज ईई जावेद शकील ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बीआरटीएस कारिडोर को तोड़ने का काम रात में 10 बजे से शुरू किया जाएगा। इस दौरान ट्रैफिक कम रहता है। हलालपुर से इसकी शुरुआत की जाएगी।मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने विगत बुधवार को प्रजेंटेशन देखने के बाद बीआरटीएस को हटाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे। इसके बाद बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर) से शुरुआत करने की बात कही गई थी। 24 किलोमीटर लंबे बीआरटीएस के दोनों ओर दिन में ट्रैफिक का ज्यादा रहता है, इसलिए जब रात में ट्रैफिक कम होगा तब हटाने के निर्देश है। यही कारण है कि आज शनिवार रात से बीआरटीएस को तोड़ने का काम शुरू किया जाएगा। मिसरोद से एम्प्री तक, रोशनपुरा से कमला पार्क और कलेक्टोरेट से लालघाटी के बीच बीआरटीएस को तोड़ने में कुल 18.51 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कारिडोर की वजह से ये परेशानियां इस तरह तैयार की गई है बीआरटीएस तोड़ने की योजना1 – होशंगाबाद पर बने बीआरटीएस कारिडोर की लंबाई 6.7 किलोमीटर है। जिस पर पर्याप्त राइट आफ वे एवं जमीन उपलब्ध होने के बाद भी वाहनों के लिए सिर्फ दो लेन ही है। बीआरटीएस हटाकर 3-3 लेन का सिक्सलेन मार्ग का निर्माण हो सकता है। इसमें 11.67 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके साथ साइकिल ट्रैक का उपयोग भी उचित रूप से नहीं होने से यह टू व्हीलर के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है।2 – इसकी लंबाई 1.42 किलोमीटर है, जो शहर के व्यस्त क्षेत्र में स्थित होकर ट्रैफिक के लिए बाधित बन रहा है। इस लंबाई में डेडिकेटेड कारिडोर हटाया जाकर मिक्स्ड वाहनों के लिए तीन लेन सड़क मय सेंट्रल वर्ज के बनाए जाने में करीब 3.21 करोड़ रुपए खर्च आ सकता है।3 – कलेक्टोरेट से लालघाटी तक यह 1.73 किलोमीटर लंबा है। इसे हटाकर दोनों ओर तीन -तीन लेन की सड़क हो जाएगी। इसमें कुल 3.63 करोड़ रुपए खर्च आ सकता है।4 – हलालपुर से सीहोर नाके तक कुल 3.81 लंबाई के इस कारिडोर को भी हटाया जाएगा। इससे बैरागढ़ में ट्रैफिक काफी हद तक सुधर सकता है। बैरागढ़ में 306 करोड़ रुपए की लागत से एलीवेटेड कारिडोर प्रस्तावित है। इसके टेंडर भी हो चुके हैं। इसी प्रोजेक्ट में बीआरटीएस को हटाया जाना भी शामिल हैं। इसके चलते जिला प्रशासन या नगर निगम को अतिरिक्त कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा।यह बात मीटिंग में मुख्य सचिव के सामने रखी गई। कारिडोर को पीडब्ल्यूडी ही हटवाएगा। जिस जगह कारिडोर है, वही पर एलीवेटेड कारिडोर के पिलर खड़े होंगे। इनका कहना हैभोपाल में बीआरटीएस कारिडोर तोड़ने की शुरुआत आज शनिवार रात 10 बजे संत हिरदाराम नगर से की जाएगी। यहां पर नगर निगम, प्रशासन और पीडब्ल्यूडी का अमला संयुक्त रूप से कार्रवाई करेगा।

आबकारी सब इंपेक्टर्स ने प्रमोशन के लिए भगवान राम को सौंपी पाती

Excise sub-inspectors handed over cards to Lord Ram for promotion. भोपाल। आबकारी विभाग के उपनिरीक्षकों ने भगवान श्रीराम के नाम एक पाती लिखकर 18 साल से प्रमोशन और पदनाम न मिलने को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की है। इस संबंध में इन्होंने शुक्रवार को डिप्टी सीएम व आबकारी मंत्री जगदीश देवडा, प्रमुख सचिव दीपाली रस्तौगी और आबकारी आयुक्त ओपी श्रीवास्तव को ज्ञापन भी सौंपा। इन अधिकारियों का कहना है कि उनकी मांग से सरकारी खजाने पर वित्तीय भार भी नहीं आएगा।आबकारी उपनिरीक्षकों का कहना है कि उनकी मांग जिला सहायक अधिकारी का पदनाम की है। पिछले 18 साल से वे एक ही पद पर कार्य कर रहे हैं। उनके साथ अन्य विभागों में भर्ती अधिकारी डिप्टी कलेक्टर तक बन चुके हैं, लेकिन अब तक हमारी मांग पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे उपनिरीक्षकों की संख्या 134 है। इनके पदनाम बदलने के साथ ही करीब 300 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों को फायदा होगा। पाती में क्या लिखाहे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, आज हम सभी आपके द्वार एक आशा लेकर आए हैं। ऐसा सुनिश्चित है कि तेरे स्मरण मात्र से समस्त प्राणियों के सभी दुखों का नाश हो जाता है। प्रभु, वर्तमान युग में हर्ष का विषय, दैहिक प्रसन्नता और आनंद से परिपूर्ण उत्सवीय माहौल में जब कि आप टेंट से दिव्य राम मंदिर में प्रतिष्ठित हो रहे हैं। आपके मानवीय चरित्र में आपका वनवास 14 वर्षों का रहा किंतु हम अभागे इस दैहिक अवस्था में विगत 18 वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत हैं। हमारे कई साथी 20 तो कोई 25, 28 वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत है और कई सेवानिवृत्त होकर, कई आपके चरणों में विलीन हो गए। प्रभु श्री राम हम सभी आबकारी विभाग के कर्मचारी, आरक्षक, मुख्य आरक्षक, आबकारी उप निरीक्षक एवं अन्य साथी आपके करबद्ध प्रार्थना करते हैं कि इस दैहिक अवस्था के शासकीय कर्तव्यों में शीघ्र पदोन्नति मिलें, ऐसा आशीर्वाद प्रदान करें।

कोलार सिक्सलेन से बढ़ा प्रदूषण एक्यूआई 300 के पार

Pollution increases due to Kolar Sixlane, AQI crosses 300 भोपाल। कोलार सिक्सलेन के निर्माण की वजह से आसपास क्षेत्र में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। सड़क के आसपास का एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया है। उड़ती धूल ने स्थानीय रहवासियों की सेहत खराब कर दी है। जिसको लेकर एनजीटी ने भी सख्ती दिखाई है। एनजीटी ने पीडब्ल्यूडी को निर्माणाधीन सड़क पर निरंतर पानी का छिड़काव करने के आदेश दिए हैं। नितिन सक्सेना ने तीन नवंबर 2023 को कोलार में सिक्सलेन के कारण बढ़ते प्रदूषण को लेकर एनजीटी में याचिका लगाई थी। जिसके बाद एनजीटी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की एक समिति बनाकर सड़क का निरीक्षण करने और छह सप्ताह में इसकी रिपोर्ट एनजीटी को पेश करने के निर्देश दिए थे। पीसीबी ने प्रदूषण का स्तर बताया खतरनाककोलार गेस्ट हाउस से कजलीखेड़ा के कालापानी तक पीसीबी के अधिकारियों ने 10 व 11 जनवरी 2024 को इसका निरीक्षण किया। जिसमें पाया कि गेंहूखेड़ा से कालापानी तक आठ किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। जबकि डीमार्ट से सर्वधर्म व चूनाभट्टी से कोलार गेस्ट हाउस तक करीब सात किलोमीटर का निर्माण अधूरा है। इसी क्षेत्र में सबसे अधिक प्रदूषण हो रहा है। हालांकि पीडब्ल्यूडी का तर्क है कि सुबह और शाम दो बार सड़क पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। लेकिन एनजीटी ने कहा है कि पानी का छिड़काव इतनी मात्रा में होना चाहिए कि धूल सूखने न पाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों और वंचितों की सहायता के लिए सरकार प्रतिबद्ध

The Chief Minister said that the government is committed to helping the poor and the deprived. भोपाल। मुख्यमंत्री पद का शपथ लेने के करीब सवा महीने बाद डॉ. मोहन यादव आज शुक्रवार को शुभ मुहूर्त में विधि- विधान से पूजन अर्चन के बाद मुख्यमंत्री निवास में प्रवेश किए। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास में बने समत्व भवन में गरीबाें और वंचिताें की सहायता के मुद्दे पर पहली बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रधानमंत्री मोदी सरकार की ओर से लागू जनकल्याण और विकास कार्यों का हर जरूरतमंद व्यक्ति लाभ लें। गरीबों और वंचितों को सहायता व सम्बल दिलाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत बड़वानी जिले के सेंधवा और सिंगरौली जिले की ग्राम पंचायत ओड़गड़ी के हितग्राहियों से वर्चुअली चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के जीवन में प्रगति और उन्नति लाने के लिए इन्हें सभी जरूरी सहायता और सहयोग दिलाने की बात कही है। महिलाओं को सहयोग की सर्वाधिक आवश्यकता है। इस यात्रा के दौरान जीवन ज्योति कैम्प के तहत एक लाख 37 हजार लोग, हेल्थ कैम्प के अंतर्गत 27 लाख 68 हजार लोग लाभान्वित हुए हैं। 2 लाख 37 हजार व्यक्तियों का सुरक्षा बीमा कराया गया है। विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान अब तक 41 लाख 35 हजार 788 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा चुका है। 19 हजार 500 ग्राम पंचायतों में हुआ शिविरों का आयोजन-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत प्रदेश में अब तक 19 हजार 500 से अधिक ग्राम पंचायतों में शिविरों का आयोजन हुआ है। इस यात्रा में एक करोड़ 69 लाख 22 हजार से अधिक लोग शामिल हुए हैं। एक करोड़ 24 लाख 23 हजार से अधिक लोगों ने विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। यात्रा के तहत 6 लाख 99 हजार 672 लोगों को आयुष्मान योजना तथा एक लाख 81 हजार 762 लोगों को उज्जवला योजना का लाभ दिलाया गया है। इसीप्रकार किसान क्रेडिट कार्ड एक लाख 11 हजार से अधिक लोगों को उपलब्ध कराए गए हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के अतहत प्रत्येक किसान को केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से हर साल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। योजनाओं के लाभ से जीवन में आया सकारात्मक बदलाव- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेंधवा के भालेराव तथा राहुल वाडिले से आत्मीय चर्चा की। भालेराव की चाय की दुकान है, जो उन्होंने मुद्रा लोन से मिली राशि से आरंभ की है। राहुल वाडिले ने बताया कि वे मोबाइल रिपेयरिंग करते हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वनिधि योजना, आयुष्मान कार्ड सहित उज्जवला योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उनके परिवार की महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का भी लाभ मिला है। राहुल ने बताया कि सरकार की योजनाओं से ही पक्के मकान में रहना, घरेलू गैस से खाना बनाना और आयुष्मान कार्ड की सहायता से परिजनों का प्रायवेट अस्पताल में इलाज कराना संभव हो पाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सिंगरौली की ग्राम पंचायत ओड़गड़ी के रामसूरत साकेत, श्रीमती अनीता सिंह तथा गंगाराम वैश्य ने योजनाओं के लाभ से स्वयं और परिवार के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के संबंध में बात की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों को दी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को आगे चलकर इनका लाभ लेने के लिए बधाई दी। साथ ही अपील की कि 22 जनवरी को रामलला की मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में उत्साह और उमंग के साथ वर्चुअली सम्मिलित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी हितग्राहियों को गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की शुभकामनाएं भी दीं।

भोपाल स्टेशन पर हेल्प काउंटर खाली, सुबह से शाम तक कुर्सी के हवाले जिम्मेदारी

Help counter empty at Bhopal station, responsibility handed over to chair from morning till evening भोपाल। उत्तर भारत सहित देश के अलग अलग राज्यो में इन दिनो कोहरा जम कर पड़ रहा है जिसके कारण ट्रेनो की रफ्तार में ब्रेक सा लग गया है और भोपाल पहुचने वाली कई ट्रेने एक से 20 घंटे की देरी से आ रही है । यात्रियों की सुविधा के लिए भोपाल रेल मंडल ने भोपाल स्टेशन पर एक सहायता केंद्र बनाया था जिसमें कोहरे से प्रभावित ट्रेनो के बारे में यात्रियों को जानकारी देनी थी लेकिन आलम यह है कि जिम्मेवारो द्वारा सुबह भोपाल स्टेशन पर हेल्प कांउटर के पास एक खाली कुर्सी रख दी जाती है और उस कुर्सी के हवाले ही यात्रियों को जानकारी देने का जिम्मा होता है। यात्री निराश होकर लौटते है हेल्प काउंटरकोहरे के कारण जिन यात्रियों की ट्रेन लेट होती है वह अक्सर जानकारी लेने के लिए हेल्प काउंटर पर जाते है। लेकिन कई घंटो के इंतजार के बाद भी वहां कोई नहीं आता । और बिना जानकारी के ही वापस लौटना पड़ता है।139 और इंटरनेट के भरोसे यात्रीहेल्प काउंटर से जानकारी न मिलने के बाद जिन यात्रियों के पास एन्ड्रायड मोबाइल होते है वह इंटरनेट पर जानकारी लेते है वहीं रेलवे के इंक्वारी डायल139 पर भी जानकारी मिल जाती है। भोपाल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया का कहना है कि कोहरे से प्रभावित ट्रेनो के यात्रियों को जानकारी देने के लिए भोपाल स्टेशन पर हेल्प काउंटर चल रहा है हो सकता है है कर्मचारी किसी काम से इधर उधर चला गया है। मैं एक बार इसे देखवा लेता हूं। और रेलवे यात्रियों को पूरी सुविधा देने के लिए कटिबद्ध है।

शहीद के परिजन को डेढ़ साल बाद भी नहीं मिली नौकरी, दिग्विजय ने सीएम को याद दिलाई शिवराज की घोषणा

Martyr’s family did not get job even after one and a half years, Digvijay reminded CM of Shivraj’s announcement भोपाल। पूर्व सीएम और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा क्रमांक सी 1697 दिनांक 18.09.2022 का अवलोकन करने को कहा है। दरअसल, मण्डला जिले के चरगांव निवासी बीएसएफ जवान गिरजेश कुमार त्रिपुरा में सेवा देते हुए शहीद हो गए थे। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री ने गिरजेश के परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा देने की घोषणा की थी। दिग्विजय सिंह ने पत्र में लिखा कि गिरिजेश कुमार की पत्नी राधा उद्दे ने बताया कि डेढ़ वर्ष बाद भी उनके परिवार के किसी भी सदस्य को शासकीय सेवा में नहीं लिया गया है। दिग्विजय सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र को शासकीय सेवा में लिए जाने का निवेदन किया है। शहीद के परिवार को सरकारी कार्यालय के चक्कर लगाना पड़ रहा है। यह खेदजनक है। दिग्विजय सिंह ने पूर्व सीएम की घोषणा पर अमल कर शहीद गिरिजेश कुमार उद्दे के परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा में लिए जाने के लिए आवश्यक निर्देश प्रदान करने की मांग की है।

बागी और भितरघाती के खिलाफ कांग्रेस का एक्शन

Congress action against rebels and traitors भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ने बड़ा एक्शन लेते हुए 79 बागियों और भितरघातियों को पार्टी से बाहर निकाल दिया। वहीं 150 से ज्यादा नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन सभी पर पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप हैं। अब लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी में दागियों को बाहर का रास्ता दिखाना शुरू किया गया है। खास बात है कि कांग्रेस को दागियों के चयन में 45 दिन लग गए। क्योंकि कुछ बड़े नेताओं के खास भी हैं। यह सवाल कांग्रेस की समीक्षा और लोकसभा चुनाव समिति की बैठकों में प्रत्याशियों ने भी उठाया था। विधानसभा चुनाव हारने वाले प्रत्याशी और कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार पार्टी लीडर्स के सामने भितरघात करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पार्टी कार्यकतार्ओं के खिलाफ मिली शिकायतों पर निर्णय लेने के लिए शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अनुशासन समिति की बैठक हुई। बैठक के बाद पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि विधानसभा चुनाव बागी होकर लड़ने वाले और पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ काम करने वाले 79 लोगों को कांग्रेस से निष्कासित किया जा चुका है। अनुशासन समिति ने आधिकारिक तौर पर उनके निष्कासन का फैसला लिया है। इसके साथ ही डेढ़ सौ अन्य कार्यकतार्ओं, पदाधिकारी और नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रदेश भर से 250 कार्यकतार्ओं के खिलाफ शिकायतें पहुंची हैं। इनमें कांग्रेस के घोषित उम्मीदवार के खिलाफ बागी हुए नेताओं के समर्थन में काम करने, दूसरे दलों के प्रत्याशियों का सपोर्ट करने जैसी शिकायतें पहुंची हैं। दूसरे दलों से शामिल हुए कार्यकर्ताओं की संख्या ज्यादा– खास बात है कि कांग्रेस ने अभी सिर्फउन कार्यकर्ताओं को बाहर किया है। जो विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे। समिति ने सबसे पहले उन सभी के खिलाफ एक्शन लिया है। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि अभी अधिकांश नेताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आगामी 10 दिनों के बाद फिर से बैठक होगी। इसमें जवाब के आधार निष्कासित करने की कार्रवाई होगी।

अस्पतालों, शिक्षा संस्थानों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन को बनाया जाएगा डॉग फ्री जोन

Hospitals, educational institutions, bus stands, railway stations will be made dog free zones. भोपाल। रेबीज मुक्त शहर कार्यक्रम के संबंध में नगर निगम आयुक्त की अध्यक्षता में सिटी टास्क फोर्स की बैठक का आयोजन शुक्रवार को आईएसबीटी सभागार में किया गया। इसमें राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत साल 2030 तक डॉग मीडियेटेड राष्ट्रीय कार्य योजना के लक्ष्य की प्राप्ति पर चर्चा की गई। बैठक में स्वास्थ्य संस्थाओं पर एंटी रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता, कुत्तों के टीकाकरण, विभागों के समन्वित सहयोग, रिपोर्टिंग पर चर्चा की गई। बैठक में पालतू जानवरों के पंजीयन, टीकाकरण एवं नसबंदी किए जाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थाओं, बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन को डॉग फ्री जोन बनने पर सहमति दी गई है। पशुओं से सीधे संपर्क में आने वाले नगर निगम कर्मियों के लिए भी प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। नगर निगम के कचरा वाहनों से जिंगल के माध्यम से जागरूकता संदेश दिए जायेंगे। रेबीज से होने वाली समस्या के निवारण के लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इस संबंध में आयुक्त नगर निगम की अध्यक्षता में सिटी टास्क फोर्स का गठन किया गया है। सिटी टास्क फोर्स में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अपर आयुक्त नगर निगम स्वास्थ्य, निदेशक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, अधिष्ठाता गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मुख्य वन संरक्षक, अध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, अध्यक्ष नर्सिंग होम एसोसिएशन को शामिल किया गया है। एक साल में 18 हजार प्रकरण सामने आएभोपाल में साल 2023 में कुत्तों के काटने के लगभग 18 हजार प्रकरण सामने आए हैं । दिसंबर एवं जनवरी माह में कुत्तों के काटने के प्रकरण ज्यादा रहते हैं। बैठक में रेबीज नियंत्रण के लिए आवारा कुत्तों एवं पालतू कुत्तों का टीकाकरण किए जाने एवं रेबीज केसेस की रिपोर्टिंग के संबंध में चर्चा की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने दी जानकारीमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि रेबीज एक जानलेवा बीमारी है। जानवर के काटने या खरोंचने के बाद सही समय पर टीके न लगवाना घातक होता है। राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के 2030 तक रेबीज उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पशुपालन विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी बैठक में पशुपालन विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी के बारे में जानकारी दी गई। इस एडवाइजरी में बच्चों को आवारा कुत्तों से दूरी रखने, कुत्तों से छेड़छाड़ ना करने, तेज़ आवाज वाले पटाखों के इस्तेमाल न करने, जानवरों को परेशान न करने, पालतू कुत्तों के टीकाकरण एवं नसबंदी करवाने के संबंध में जानकारी दी गई है। डॉग बाइट की सूचना नगर निगम के कॉल सेंटर 155304 पर दी जा सकती है।

वाहन चालकों की जेब पर भारी पड़ेगी पार्किंग, डेढ़ वर्ष बाद फिर निगम वसूलेगा शुल्क

Parking will be heavy on the pockets of drivers, after one and a half years the corporation will again charge the fee. भोपाल ! 15 मई 2022 को नगर निगम ने शहर में मल्टीलेवल और प्रीमियम को छोड़कर सभी आन व आफ स्ट्रीट पार्किंग निश्शुल्क की गई थी। राजधानी में एक बार फिर वाहन चालकों की जेब पर पार्किंग शुल्क भारी पड़ने वाला है। इसके लिए नगर निगम जल्द ही टेंडर जारी करने जा रहा है। नए नियमों के तहत जहां प्रीमियम पार्किंग की संख्या बढ़ाने पर जोर होगा, वहीं शुल्क में भी 30 से 40 प्रतिशत की बढ़ाेत्तरी होगी। बता दें कि बीते 15 मई 2022 को नगर निगम ने शहर में मल्टीलेवल और प्रीमियम को छोड़कर सभी आन व आफ स्ट्रीट पार्किंग निश्शुल्क की गई थी। इसके बदले नए वाहनों से एकमुश्त शुल्क की वसूली की जा रही थी। लेकिन आटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के द्वारा याचिका लगाने के बाद कोर्ट ने एक मुश्त वसूली पर रोक लगा दी थी। तब न तो नगर निगम पार्किंग की वसूली कर पा रहा था और न ही आरटीओ द्वारा एक मुश्त शुल्क की वसूली हो रही थी। ऐसे में नगर निगम को हर वर्ष करोड़ो रुपये का नुकसान हो रहा था। अब शहर के सभी पार्किंग स्थलों पर शुल्क की वसूली का प्रस्ताव महापौर परिषद में पारित हो गया है। जल्द ही इसके टेंडर जारी होंगे। न्यूमार्केट के बाद अन्य स्थानों पर भी बनेगी प्रीमियम पार्किंग निगम अलग-अलग पैकेज में पेड पार्किंग टेंडर जारी करेगा। 35 से अधिक आन और आफ स्ट्रीट पार्किंग में वाहन खड़ा करने पर शुल्क देना पड़ेगा। नए पार्किंग टेंडर्स में शहर में प्रीमियम पार्किंग की संख्या में छह से सात गुना इजाफा भी किया गया है। यानी न्यू मार्केट के बाद अब प्रीमियम पार्किंग दस नंबर, एमपी नगर सहित अन्य कई क्षेत्रों में भी नजर आएंगी। जहां सामान्य पार्किंग के मुकाबले तीन गुना ज्यादा पार्किंग शुल्क चुकाना होगा। 13 पैकेज में 35 पार्किंग स्थलों का होगा ठेका निगम ने नए सिरे से पार्किंग ठेके देने की कवायद शुरू की है। इसके तहत 13 पैकेज बनाकर 35 स्थानों पर पेड पार्किंग शुरू की जाएंगी। एक पैकेज में एक से छह पार्किंग शामिल की गई हैं। साथ ही पैकेज में एक ही जगह को प्रीमियम और सामान्य पेड पार्किंग में बांटा गया है। न्यू मार्केट प्रीमियम पार्किंग को आधार बना शहर में शुरू की जाने वाली अन्य प्रीमियम पार्किंग की फीस तय की गई है। वर्तमान में प्रीमियम पार्किंग में 30 रुपए घंटा पार्किंग शुल्क होता है, जो एक घंटा से ज्यादा होने पर 50 रुपए हो जाता है। पार्किंग स्थलों पर बढ़ गई चोरी और अव्यवस्था नगर निगम द्वारा आफ स्ट्रीट और आन स्ट्रीट पार्किंग मुफ्त करने के बाद से पार्किंग स्थल अव्यवस्था के शिकार होते जा रहे हैं। अव्यवस्थित पार्किंग की वजह से यहां वाहन पार्क करने के लिए लोगों को जगह नहीं मिल रही है। आइएसबीटी, एमपी नगर, न्यू मार्केट समेत एक दर्जन पार्किंग स्थलों से 100 से ज्यादा दो पहिया वाहनों के चोरी होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लेकिन अब तक नगर निगम न तो यहां सीसीटीवी लगा पाया और न ही यहां वाहनों की सुरक्षा के लिए चौकीदारों की तैनाती की गई। “ इनका कहना है नगर निगम जल्द ही पेड पार्किंग टेंडर जारी करने जा रहा है। जिससे पार्किंग स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाई जा सके और वाहनों की सुरक्षा भी हो। – मालती राय, महापौर

सबसे सीनियर आईएएस की वल्लभ भवन से बाहर पोस्टिंग: केंद्र से रिलीव हुए संजय बंदोपाध्याय बने अध्यक्ष कर्मचारी चयन मंडल

Most senior IAS posted outside Vallabh Bhawan भोपाल। मध्य प्रदेश कैडर के सबसे सीनियर आईएएस अधिकारी संजय बंदोपाध्याय को मंत्रालय से बाहर पोस्टिंग दी गई है। हाल ही में संजय बंदोपाध्याय केंद्रीय प्रति नियुक्ति से वापस मध्य प्रदेश कैडर लौटे हैं। उन्हें अध्यक्ष कर्मचारी चयन मंडल की जिम्मेदारी दी गई है। पंचायत और ग्रामीण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मलय श्रीवास्तव के पास फिलहाल इस विभाग का अतिरिक्त प्रभार था। उन्हें मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के अध्यक्ष के पद से रिलीव कर दिया गया है। मुख्य सचिव वीरा राणा के पास अध्यक्ष माध्यमिक शिक्षा मंडल का अतिरिक्त प्रभार रहेगा। जानकारों का कहना है कि कैडर के मुताबिक संजय बंदोपाध्याय और वीर राणा दोनों ही 1988 बैच के अधिकारी हैं लेकिन सीनियरिटी और डीओपीटी के नियम के मुताबिक उन्हें मंत्रालय के बाहर पोस्टिंग दी गई है। मुख्य सचिव के फैसले के समय संजय बंदोपाध्याय केंद्रीय प्रति नियुक्ति पर थे। इसलिए उन्हें मध्य प्रदेश में मुख्य सचिव के पद से दूर रहना पड़ा था। हाल ही में केंद्र सरकार ने संजय बंदोपाध्याय को मध्य प्रदेश कैडर में वापस भेज दिया है। इसलिए मुख्य सचिव वीरा राणा के रहते संजय बंधोपाध्याय की पदस्थापना मंत्रालय में नहीं हो सकती है।

पत्नी की पिटाई और सरकार के खिलाफ कोर्ट बाजी से 20 महीने से भुगत रहे स्पेशल डीजी सजा

Special DG is facing punishment for 20 months due to beating of wife and court case against the government भोपाल। मध्य प्रदेश के सबसे सीनियर आईपीएस अफसर की पुलिस मुख्यालय में दुर्गति हो रही है। करीब 20 महीने से अधिक का समय हो बीत चुका है। स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम को बिना काम के ही पुलिस मुख्यालय में बैठाया गया है। इस बात से खफा होकर आईपीएस पुरुषोत्तम शर्मा सरकार से वीआरएसमांग चुके हैं लेकिन शर्मा की इस मांग को सरकार खारिज कर चुकी है। पत्नी की पिटाई करने के वीडियो वायरल होने की सजा शर्मा रिटायरमेंट से पहले भुगत रहे हैं। खास बात है कि मध्य प्रदेश के डीजीपी सुधीर सक्सेना से कैडर के मुताबिक शर्मा सीनियर है। मध्य प्रदेश कैडर की 1986 बैच की अधिकांश अफसर रिटायर हो चुके हैं। शर्मा इकलौते हैं जो इस बैच में सीनियर मोस्ट है। जबकि सुधीर सक्सेना मध्य प्रदेश के डीजीपी साल 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। साल 2020 में शर्मा की पत्नी ने मारपीट की शिकायत की थी। पिटाई का वीडियो भी वायरल हुआ था। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई कि आखिर यह वीडियो कब का है लेकिन सरकार ने इस वीडियो के सामने आने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया था। सरकार के एक्शन पर शर्मा ने आपत्ति जताते हुए कैट में आवेदन दिया था। कैट ने भी शर्मा के आवेदन को सही माना और सरकार को निर्देश दिए कि निलंबन को बहाल किया जाए। सरकार ने कैट के आदेश को भी अनसुना कर दिया। जिसके बाद शर्मा ने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उन्हें साल 2022 में पुलिस मुख्यालय में स्पेशल डीजी की कुर्सी मिल गई लेकिन इसके बाद भी सरकार ने शर्मा को कोई काम नहीं दिया। गृह विभाग का तर्क: कई मामलों की चल रही जांचस्पेशल डीजी शर्मा को पीएचक्यू में काम नहीं दिए जाने पर गृह विभाग का अलग तर्क है। अधिकारी ने बताया कि शर्मा के खिलाफ दो जांच चल रही है। अभियोजन में रहते हुए नियमों को अनदेखा करते हुए अटैचमेंट किए थे। जबकि सरकार से उन्हें अनुमति लेनी चाहिए थी। वहीं सरकारी पद पर रखते हुए निजी कार्यों के लिए दिल्ली के आफिस का इस्तेमाल किया था। इसलिए उन्हें पत्नी की पिटाई के मामले से पहले ही तत्कालीन डीजीपी वीके सिंह ने काम छीन लिया था। अप्रैल में होंगे रिटायर सक्सेना नवंबर में रिलीवसाल 1986 बैच के स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा अप्रैल में रिटायर हो जाएंगे। इसके बाद 1987 बैच की सुधीर कुमार सक्सेना मध्य प्रदेश के डीजीपी रिटायर होंगे। यह माना जा रहा है कि उन्हें एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा। हालांकि लोकसभा का चुनाव सक्सेना के रहते ही होगा। चुनाव के परिणाम के बाद भी सक्सेना मध्य प्रदेश में डीजेपी का पद रहेगा। उनका रिटायरमेंट नवंबर में होगा। 2025 में चार स्पेशल डीजी होंगे रिटायर, डीजीपी की रेस से रहेंगे बाहर1 साल बाद 2025 में स्पेशल डीजी रैंक के चार अधिकारी रिटायर होंगे। खास बात है कि चारों आईपीएस के पास 2 साल का समय नहीं है 1987 बैच के सीनियर आईपीएस शैलेश सिंह 2025 फरवरी में रिटायर हो जाएंगे। होमगार्ड में पदस्थ डीजी अरविंद कुमार में रिटायर होंगे। हालांकि अरविंद कुमार सेंट्रल में डीजी के पद के लिए इंपैनेल्ड हो चुके हैं। सेंट्रल एजेंसी में उन्हे डीजी का पद मिल सकता है लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें अब तक रिलीव नहीं किया है। इसके बाद सुधीर कुमार शाही भी जनवरी महीने में ही रिटायर हो जाएंगे। 1988 बैच के कैलाश मकवाना अभी मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन में पदस्थ है। 2025 में दिसंबर में रिटायर होंगे। चारों अफसर के पास 2 साल का समय नहीं है। जिसके कारण डीओपीटी के नियम के कारण उनका डीजीपी बनना मुश्किल है।

मोहन सरकार के मंत्रियों को सरकारी बंगले अलाट किए

13 मंत्रियों व राज्य मंत्रियों को सरकारी बंगले अलाट किए भोपाल। राज्य सरकार ने गुरूवार को 13 मंत्रियों व राज्य मंत्रियों को सरकारी बंगले अलाट कर दिए। उन्हें हालांकि यह बंगले खाली होने की प्रत्याशा में अलाट किया गया है। मंत्रियों को बंगले आवंटित करने का यह पहला आदेश है। बाकी मंत्रियों व राज्य मंत्रियों को जिनके पास बंगले आवंटित नहीं हैं, उनके लिए भी जल्दी ही आदेश जारी किया जाएगा।सामान्य प्रशासन विभाग जीएडी से जारी आदेश के अनुसार मंत्री प्रह्लाद पटेल को बी-7 सिविल लाइन में बंगला अलाट किया गया है। यह बंगला अभी ओमप्रकाश सखलेचा के पास था। इसीतरह मंत्री सम्पतिया उईके को बी-17 ए पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह के पास था। इसी तरह बी-2 काशियाना बंगला चैतन्य काश्यप को अलाट किया गया है। यह बंगला पहले राजवर्धन सिंह दत्तीगांव काे अलाट किया गया है। अन्य मंत्रियों को भी बंगला अलाट किया गया है। बताते हैं कि ज्यादातर बंगले चुनाव हार चुके मंत्रियों के हैं। मंत्रियों को नए आवास आवंटितप्रहलाद सिंह पटेल बी-7 सिविल लाइन, करण सिंह वर्मा बी-22 चार इमली, उदय प्रताप सिंह बी-17, 74 बंगला, सम्पतिया उइके बी-12ए 74 बंगला, निर्मला भूरिया बी-10, 74 बंगला, नारायण सिंह कुशवाह बी-11 चार इमली, नागर सिंह चौहान बी-12बी 74 बंगला, राकेश शुक्ला बी-19 74 बंगला, चैतन्य कश्यप बी-2 काशियाना बंगला, धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी बी-11, 74 बंगला, दिलीप जायसवाल बी-2 चार इमली, गौतम टेटवाल सी-1, 74 बंगला और लखन पटेल सी-14 शिवाजी नगर।

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