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पटवारी ने नामांतरण के बाद एक महीने लगवाए चक्कर, कलेक्टर ने किया सस्पेंड

Patwari made rounds for a month after name transfer, collector suspended नामांतरण के 15 आवेदकों को लटकाया, जांच के बाद कार्रवाई भोपाल। राजस्व पखवाड़े के बावजूद पटवारियों के काम का तरीका नहीं बदल रहा है। हालात यह है कि नामांतरण, बंटवारा और नामांतरण के बाद ऑनलाइन अपडेशन के काम महीनों तक पेंडिंग रहता है। जिसके लिए आम लोगों को महीनों तक चक्कर काटना पड़ते हैं। हाल ही में टीटी नगर सर्कल में पदस्थ पटवारी अनुराधा पटेल ने एक आवेदक को नामांतरण के बाद ऑनलाइन अपडेशन के लिए एक महीने तक चक्कर लगवा दिए। पीड़ित ने जब इसकी शिकायत एडीएम हरेंद्र नारायण से की तो, उन्होंने तहसीलदार से जांच कराई। जांच में पता चला कि पटवारी ने 15 अन्य मामलों में समय पर रिपोर्ट नहीं लगाई है। जिसके आधार पर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने पटवारी को सस्पेंड कर दिया है। पटवारी अनुराधा पटेल ने संज्ञान नहीं लेते हुए लापरवाही की गई जिसके तहत आवेदक वीरेन्द्र मेवाड़ा ने इसकी शिकायत अपर कलेक्टर को दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि ग्राम बरखेड़ी कलां की पटवारी ने नामांतरण होने के बाद राजस्व रिकार्ड में अमल नहीं किया है। जिसके आधार पर बुधवार को कलेक्टर ने बरखेड़ी क्षेत्र की पटवारी को सस्पेंड कर दिया है।

स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को उनके अधिकारों से अवगत कराया जाए: स्कूल शिक्षा मंत्री

Children studying in schools should be made aware of their rights: School Education Minister भोपाल। शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और महत्वपूर्ण है, उसी तरह बच्चों की सुरक्षा और उनका संरक्षण भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। आवश्यक है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को उनके अधिकारों से अवगत कराया जाए। यह बात स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कही। बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2005, किशोर न्याय अधिनियम-2012 एवं पॉक्सो अधिनियम-2015 की जागरूकता के लिए मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा राजधानी स्थित समन्वय भवन में बुधवार को राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में स्कूल शिक्षा तथा परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया और मप्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष देवेन्द्र मोरे, आयोग के सदस्य ओंकार सिंह, डॉ. निशा श्रीवास्तव, मेघा पवार, अनुराग पाण्डेय, डॉ. निवेदिता शर्मा और सोनम निमामा सहित अन्य उपस्थित रहे। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि इस संदर्भ में और बेहतर कार्य कैसे किया जा सकता है, इसके लिये स्कूल शिक्षा और महिला बाल विकास विभाग संयुक्त बैठक कर आगे की रणनीति बनाएगे। हमारी कोशिश है कि जनजाति क्षेत्रों मे भी आंगनवाड़ी खोले जाएं:मंत्री निर्मला भूरियामहिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि अब आदिवासी क्षेत्रों में भी ऐसी कार्यशालाएं आयोजित होंगी, जिससे उस क्षेत्र के बच्चे भी अपने अधिकारों को समझ सकेंगे। उन्होंने कहा कि शहरों में कई संस्थाएँ काम कर रही हैं, परंतु आदिवासी क्षेत्रों मे इसका अभाव है। संस्थाएँ ऐसे क्षेत्रों में भी जागरूकता के लिये काम करें। हमारी कोशिश है कि बच्चों और महिलाओं के उत्थान के लिये जनजाति क्षेत्रों मे भी आंगनवाड़ी खोले जाएं।आरटीई में 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा करने का प्रस्ताव: कार्यशाला में म.प्र. बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष रविन्द्र मोरे ने सुझाव दिया कि प्रवासी मजदूर परिवारों के बच्चों को भी देश के हर प्रदेश में एक जैसी शिक्षा एवं मध्यान्ह भोजन प्राप्त कर सकें, इसके लिये वन नेशन वन ऐनरोल्मेंटपर कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने निःशुल्क एवं अनिवार्य बात शिक्षा अधिनियम मे कक्षा 8वीं तक निःशुल्क शिक्षा को बढ़ाकर कक्षा 12वीं तक करने का प्रस्ताव रखा।

पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों में भी दी जाएगी मेस सुविधा: राज्य मंत्री कृष्णा गौर

Mess facility will also be provided in backward class hostels: Minister of State Krishna Gaur पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री गौर ने किया छात्रावासों का निरीक्षण भोपाल। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने बुधवार को भोपाल जिले के पिछड़ा वर्ग के कन्या और बालक छात्रावास का निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री गौर ने कहा कि प्रदेश के पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को मेस की सुविधा दिये जाने पर विचार किया जा रहा है। उन्होने छात्रावासों में मेस शुरू करने के संबंध में कार्यवाही करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है। मंत्री गौर के निरीक्षण के दौरान कन्या और बालक छात्रावासों में रह रहे छात्र-छात्राओं ने छात्रावास में मेस सुविधा शुरू करने की बात कही। छात्र-छात्राओं ने बताया कि मेस सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें स्वयं भोजन बनाना पड़ता है। इससे उनकी पढ़ाई में व्यवधान पड़ता है। कन्या छात्रावास में छात्राओं ने सर्दी के मौसम में गीजर और वाइफाई की व्यवस्था देने के लिये भी कहा। राज्य मंत्री गौर ने दोनों छात्रावास में गीजर लगाने के लिये और छात्रावासों में वाइफाई की सुविधा देने के लिये भी अधिकारियों को निर्देश दिए। छात्रावासों में पुस्तकालय की सुविधा मिलेगी:मंत्री गौर ने निरीक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं से चर्चा की और उनसे छात्रावास की व्यवस्थाओं में सुधार के लिये सुझाव भी मांगे। उन्होंने कन्या छात्रावास के भवन में कॉपर इलेक्ट्रिक वायरिंग करवाने के लिये भी कहा। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के अनुकूल वातावरण मिले, ऐसी व्यवस्थाएं छात्रावास में की जाना जरूरी है। पिछड़ा वर्ग कल्याण के छात्रावासों में छात्र-छात्राओं को अध्ययन के लिएपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये लायब्रेरी भी शुरू की जाऐगी। पानी के सीपेज से हुई गंदगी पर जताई नाराजगी:राज्य मंत्री गौर ने कन्या छात्रावास में छत से दीवारों पर पानी के सीपेज से हुई गंदगी पर नाराजगी जाहिर की। छात्रावास की मेंटेनेंस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिये जाने पर संबंधित अधिकारियों को ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने बालक छात्रावास में जिम का मेंटेनेंस करने और जिम इन्ट्रक्टर को पदस्थ करने के लिये भी अधिकारियों को कहा।

181 पर कॉल कर आधार नंबर देकर एक दिन में बनेगा आय-मूल निवास प्रमाण पत्र,

Income-based residence certificate will be made in one day by calling 181 and giving Aadhaar number भोपाल। अगर आप मध्यप्रदेश के निवासी हैं और अपना आय या मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परेशान हो रहे हैं, तो चिंता मत कीजिए। अब आपको सिर्फ 181 पर कॉल करना होगा। यहां आधार नंबर बताकर प्रमाणपत्र ले सकते हैं। जिसके लिए आपके मोबाइल के वाट्सएप पर लिंंक सेंड कर दी जाएगी। जिसके आधार पर कॉपी निकाली जा सकती है। सिटीजन केयर योजना के तहत यह सेवा दी जा रही है। वर्तमान में आम लोगों को आय और मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नजदीकी लोक सेवा केंद्र में जाकर आवेदन करना पड़ता है। जिसके लिए 20 रुपए लोक सेवा केंद्र की फीस भी चुकाना पड़ती है। इसके बाद सुबह आवेदन करने के बाद शाम को प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। सिटीजन केयर योजना के तहत आम लोग अब इस सेवा का फायदा उठा सकते हैं। इसके लिए 181 पर कॉल करने के बाद सिर्फ आधार की जानकारी देना है। जिसके बाद वाट्सएप पर आय और मूल निवाास प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया जाएगा। लोक सेवा केंद्र प्रबंधक प्रसून सोनी का कहना है कि सिटीजन केयर योजना के तहत आय और मूल निवास की सेवाएं दी जा रही हैं। जिससे आम लोगों को बिना राशि खर्च किए तुरंत आय और मूल निवास प्रमाण पत्र दे दिया जाएगा। नए ठेकेदारों ने संभाला लोकसेवा केंद्रों का कामजिले के कलेक्टोरेट, टीटी नगर, कोलार और बैरसिया लोकसेवा केंद्रों का काम नए ठेकेदारों ने संभाल लिया है। दरअसल इस बार आवेदकों से 20 रुपए प्रोसेसिंग फीस ली जा रही है, जबकि ठेकेदारों ने 40 रुपए के हिसाब से टेंडर फाइल किया था। 16 जनवरी से काम संभालने के बाद केंद्रों पर व्यवस्थाओं में सुधार किया जा रहा है।

बेटियों का जहां सम्मान, वह घर स्वर्ग समान

Where daughters are respected, that home is like heaven. डॉ. केशव पाण्डेय (अतिथि संपादक) हिंदू परिवार में जब किसी कन्या का जन्म होता है तो अक्सर कहा जाता है, बधाई हो! आपके घर में लक्ष्मी आई है। शास्त्रों में तो यह भी कहा गया है कि बेटी का जन्म पुण्यवान के घर ही होता है। कन्या को न सिर्फ देवी कहा जाता है बल्कि देवी की तरह पूजा भी जाता। लेकिन समाज में ऐसे दानव मौजूद हैं जिनके कारण देवियों के रूप में पूजी जाने वाली बेटियां असुरक्षित हैं। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जानते हैं बालिकाओं की वास्तविक स्थिति और हालात के साथ उनके प्रति होने वाले अपराधों की वास्तविकता। 24 जनवरी को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। महिला बाल विकास मंत्रालय ने पहली बार 2008 में इस दिवस को मनाने की शुरूआत की थी। इस बार 17वां दिवस है। सवाल उठता है कि आखिर 24 जनवरी को ही यह दिवस क्यों मनाया जाता है? तो इसकी एक खास वजह है। इस दिन का नाता देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ा है। इंदिरा गांधी ने 24 जनवरी 1966 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। देश की बेटी के सर्वोच्च पद तक पहुंचने की उपलब्धि को प्रतिवर्ष याद करने के साथ ही महिलाओं को सशक्त बनाने और जागरूकता लाने के उद्देश्य से 24 जनवरी का दिन महत्वपूर्ण माना गया। बालिकाओं व महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों से उन्हें बचाने और उनके सामने आने वाली चुनौतियों व अधिकारों के संरक्षण के लिए जागरूक करना भी इसका मुख्य उद्देश्य है।कारण स्पष्ट है कि हर साल 60 हजार सें अधिक बच्चे गायब हो जाते हैं, जिनमें बालिकाओं का प्रतिशत अधिक होता है। देश में बालिकाओं के कुछ जोखिम, उल्लंघन और कमजोरियां हैं। जिनका सामना उन्हें केवल इसलिए करना पड़ता है, क्योंकि वे लड़की हैं।यही वजह है कि बालिकाओं की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भी 19 दिसम्बर 2011 को प्रति वर्ष 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की घोषणा की। यह न केवल लैंगिक समानता को बढ़ावा देता है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षित वातावरण के उनके अधिकारों को सुनिश्चित करता है।देश में दो-दो बालिका दिवस मनाए जाने और भारत सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसी व्यापक प्रचारित योजना के बावजूद भारत में अन्तरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय संकल्पों का लक्ष्य करीब नहीं आ पा रहा है।आज भी इंदिरा गॉधी जैसी कुछ भारतीय महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर शक्तिशाली आवाज उठा रही हैं। भारत ने विश्व को कल्पना चावला जैसी अंतरिक्ष यात्री दी हैं। आज भारत की बेटियां न केवल फाइटर प्लेन चला रही हैं बल्कि युद्ध के मोर्चे पर भी तैनात हैं। चन्द्रयान-3 की सफलता में भी भारत की बेटियों का महत्वपूर्ण योगदान है। बावजूद इसके भारतीय समाज में पितृ सत्तात्मक विचारों, मानदंडों, परंपराओं और संरचनाओं के कारण ज्यादातर बालिकाएं अपने कई अधिकारों का पूरी तरह से उपभोग नहीं कर पा रही हैं। लैंगिक भेदभाव, सामाजिक मानदंडों और प्रथाओं के प्रचलन के कारण, बालिकाओं को बाल विवाह, किशोर गर्भावस्था, घरेलू काम, खराब शिक्षा और स्वास्थ्य, यौन शोषण और हिंसा की संभावनाओं का सामना करना पड़ता है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार भारत का कुल लिंगानुपात बढ़कर 1020 कन्या हो गया है। लेकिन यह लैंगिक तरक्की सुविधाभोगी और कथित पढ़े-लिखे जागरूक शहरियों के घरों में नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों में हुई है। शहरों में आज भी प्रति हजार बालकों पर बालिकाओं की संख्या 985 ही है। मतलब यह कि शहरों में जहां गर्भावस्था में भ्रूण परीक्षण की सुविधाएं हैं, वहां बालिका भ्रूण अब भी सुरक्षित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र में लिंगानुपात संतोषजनक है तो वहां चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। यही वजह है नवजात से लेकर पॉंच साल से कम बच्चों की मृत्यु दर अधिक है। इनमें बालिकाओं का प्रतिशत सर्वाधिक है। इसी सर्वेक्षण के मुताबिक अब भी 18 साल से पहले 23 प्रतिशत किशोरों का विवाह हो जाता है जिनमें बालिकाएं ही अधिक होती हैं। बाल विवाह के कारण 15 से लेकर 19 साल उम्र की 6.8 प्रतिशत बेटियां गर्भवती या माताएं पाईं गईं।अपराध की बात करें तो नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार वर्ष 2022 में कुल 83,350 बच्चे गुम हुए। जिनमें 62,946 बालिकाएं थीं। इन गुमशुदा बालिकाओं में 1,665 का कहीं पता नहीं चला। ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2022 में बच्चों के खिलाफ अपराध के कुल 1 लाख 62 हजार 449 मामले दर्ज हुए । जबकि 2021 में 1,49,404 मामले दर्ज हुए थे। एक साल के अंदर यह वृद्धि 8.7 प्रतिशत थी। पॉस्को एक्ट के तहत यौन अपराध के 39.7 प्रतिशत मामले दर्ज हुए। सबसे ज्यादा 20 हजार 762 मामले महाराष्ट्र में दर्ज किए गए। राज्य बाल शोषण के मामले में मध्य प्रदेश में 20 हजार 415 अपराध दर्ज हैं, इनका देश में तीसरा नंबर है। महिलाओं के प्रति अपराध में प्रदेश के हालात ठीक नहीं हैं। सन् 2021 में बालिकाओं से बलात्कार के 37 हजार 511 मामले दर्ज हुये थे। जो 2022 में बढ़कर 38 हजार 30 हो गये। यौन हमलों की संख्या में 3.1 प्रतिशत तथा यौन उत्पीड़न में दशमल शून्य 4 की वृद्धि दर्ज की गयी। महिला पहलवानों द्वारा गत वर्ष लगाया गया यौन उत्पीड़न का मामला लोग भूले नहीं होंगे। पहलवानों ने सरकार पर व्यभिचारी को बचाने का आरोप लगाया था। लड़कियों के खिलाफ अत्याचार करने वालों को राजनीतिक आधार पर माफ करना या उनको बचाना घोर सामाजिक अपराध भी है।इस तरह के आरोप देश के लिए श्राप के समान हैं। हमारा देश तब तक पूरी तरह से विकसित नहीं होगा जब तक कि बालक और बालिकाओं दोनों को उनकी पूरी क्षमता तक पहुंचने के लिए समान रूप से अवसर नहीं दिये जाते। प्रत्येक बच्चा अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने का हकदार है, लेकिन उनके जीवन में और उनकी देखभाल करने वालों के जीवन में लैंगिक असमानताएं इस वास्तविकता में बाधा डालती हैं। शिक्षा, जीवन कौशल, खेल और बहुत कुछ के साथ निवेश करके और उन्हें सशक्त बनाकर लड़कियों के महत्व को बढ़ाना महत्वपूर्ण है।लड़कियों के महत्व में वृद्धि करके हम सामूहिक रूप से विशिष्ट परिणामों की उपलब्धि में योगदान दे सकते हैं, कुछ अल्पकालिक व अन्य मध्यम अवधि जैसे बाल विवाह को समाप्त करना … Read more

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बंगले की मांग की,

Leader of Opposition Umang Singhar demanded the bungalow of former CM Shivraj Singh Chauhan, उमंग ने मांगा मामा का घर: सीएम मोहन यादव से की शिवराज सिंह के बंगले की मांग, कहा- बुआ से जुड़ी हैं यादें भोपाल ! मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के घर की मांग की है. नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक पत्र लिखा है और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को आवंटित B – 9 बंगले की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस बंगले से उनकी बुआ जमुना देवी की यादें जुड़ी हैं. इसलिए यह बंगला उन्हें दिया जाए. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र में लिखा कि शासकीय आवास क्रमांक बी-9, 74 बंगला म.प्र. के आदिवासी वर्ग की महान नेता एवं प्रदेश की पहली महिला उपमुख्यमंत्री स्व.जमुना देवी को नेता प्रतिपक्ष होने के नाते वर्षों आवंटित रह. वे आदिवासी समुदाय की नेता होने के साथ-साथ मेरी बुआ भी थी और बचपन से ही इस बी-9 शासकीय आवास में मैंने उनको दिन-रात प्रदेश के सर्वहारा वर्ग की सेवा में प्राणप्रण से जुटे देखा है. भावनात्मक रूप से मेरा इस शासकीय आवास से लगाव भी है. अतः आपसे अनुरोध है कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते मुझे उक्त शासकीय आवास आवंटित कर अनुग्रहित करने का कष्ट करें. बता दें कि वर्तमान में यह बंगला मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को आवंटित है. हाल ही में उन्होंने इसकी जानकारी देते हुए बताया था कि अब से उन्हें घर ‘मामा का घर’ के नाम से जाना जाएगा.

भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर हमले के विरोध में MP कांग्रेस का मौन धरना, नेता बोले- ये लोकतंत्र की हत्या

Silent protest of MP Congress in protest against the attack on ‘Bharat Jodo Nyay Yatra’, leader said – this is murder of democracy कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर असम में हुए हमले के विरोध में पूरे देश में कांग्रेस द्वारा मौन धरना कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के भी अलग-अलग जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया. मध्यप्रदेश प्रदेश कांग्रेस द्वारा भोपाल के रोशनपुरा में मुख्य तौर पर धरना दिया गया. Bharat Jodo Nyay Yatra: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर असम में हुए हमले के विरोध में पूरे देश में कांग्रेस (Congress) द्वारा मौन धरना कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के भी अलग-अलग जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया. मध्यप्रदेश प्रदेश कांग्रेस द्वारा भोपाल के रोशनपुरा में मुख्य तौर पर धरना दिया गया. जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh),कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jeetu patwari) और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar) सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता कार्यकर्ता मौजूद रहे. इस दौरान सभी ने अपने हाथ पर काली पट्टी बांधी हुई थी.ये धरना करीब 3 घंटे तक चला. ग्वालियर, इंदौर, अशोकनगर से भी ऐसी ही तस्वीरें सामने आई हैं. दरअसल कांग्रेस का आरोप है कि असम में राहुल गांधी की न्याय यात्रा पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमला किया है. कांग्रेस का आरोप है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाली जा रही भारत जोड़ो न्याय यात्रा को भारतीय जनता पार्टी की असम सरकार द्वारा रोकने का प्रयास किया गया है और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा राहुल गांधी की यात्रा पर हमला कर व्यवधान पैदा किया जा रहा है. दूसरी तरफ ग्लावियर के फूलबाग में भी कांग्रेस विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भी धरना दिया. कांग्रेस के विधायक साहब सिंह गुर्जर ने कहा कि ये लोकतांत्रिक देश है और असम में सरेआम लोकतंत्र की हत्या की जा रही है. इस मौके पर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा ने कहा कि कल पूरे देश में लोग मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे लेकिन असम की सरकार राहुल जी को मंदिर में जाने से रोककर अलोकतांत्रिक काम कर रही थी. इसलिए आज हम गांधी जी की प्रतिमा के सामने बैठकर ऐसे लोगों को सदबुद्धि देने की प्रार्थना कर रहे हैं.इसी तरह से इंदौर में भी शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा के नेतृत्व में कांग्रेसनी कार्यकर्ताओं ने धरना दिया. उधर अशोकनगर में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा स्थानीय गांधी पार्क पर मौन धरना प्रदर्शन किया गया. इस धरने से पहले अशोकनगर विधायक हरी बाबू राय ने खुद झाड़ू लगाकर साफ-सफाई की. हरी बाबू राय ने कहा कि जिस प्रकार हमारे नेता राहुल गांधी के प्रति व्यवहार किया जा रहा है वह अशोभनीय है.

स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग होंगे मर्ज,सभी जिलों में खुलेंगे पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस

भोपाल ! मध्यप्रदेश में चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग अब मिलकर एक होंगे। मंत्रालय में शाम को होने वाली कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी दी जाएगी। वहीं प्रदेश के सभी जिलों में पीएम कॉलेज आफ एक्सीलेंस खोले जाएंगे। मध्यप्रदेश में चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अलग-अलग होंने के कारण कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। दोनो विभाग आमजनता की स्वास्थ्य सुविधाओं पर काम करते है। लेकिन चिकित्सा शिक्षा विभाग मेडिकल एजूकेशन पर काम करता है और स्वास्थ्य विभाग केवल प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं पर ही काम करता है। मेडिकल एजूकेशन विभाग के अंतर्गत प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेज आते है और इन कालेजों से सम्बद्ध अस्पतालों में ही जूनियर डॉक्टर और चिकित्सा शिक्षा विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टर काम करते है। नीतिगत मसलों पर दोनो विभाग अलग- अलग होने के कारण कई दिक्कते आ रही थी। इन्हें दूर करने के लिए अब दोनो विभागों को मिलाकर एक किया जा रहा है नये विभाग का नाम लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग होगा। इन्हें दूर करने के लिए अब दोनो विभागों को मिलाकर एक किया जा रहा है। प्रदेश के सभी जिलों में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस खोले जाने है। इस प्रस्ताव पर भी आज होंने वाली कैबिनेट बैठक में चर्चा की जाएगी। ये कॉलेज विशेष होंगे और इनमें विद्यार्थियों को सभी तरह के विषयों पर अध्ययन करने की सुविधा होगी। इन कॉलेजों को रोजगारोन्नमुखी शिक्षा से भी जोड़ा जाएगा। हर जिले में ऐसा एक कॉलेज खोला जाएगा। इसके अलावा अशोकनगर जिले में मल्हारगढ़ सिचाई परियोजना के लिए 72 करोड़ रुपए की मंजूरी देने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में चर्चा की जाएगी। चार अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा की गई अनियमितताओं के चलते उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने और उनकी विभागीय जांच शुरु करने के प्रस्तावों पर भी चर्चा की जाएगी।

खनिज ब्लॉक की नीलामी में MP अव्वल, राज्य खनन मंत्रियों का सम्मेलन

MP tops in auction of mineral blocks, conference of state mining ministers खनिज ब्लॉक की नीलामी में मध्यप्रदेश को प्रथम पुरस्कार, राज्य खनन मंत्रियों का सम्मेलन केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में राज्य खनन मंत्रियों का सम्मेलन भोपाल में आयोजित किया गया। यह राज्य खनन मंत्रियों का दूसरा सम्मेलन है। भोपाल। राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में राज्य खनन मंत्रियों के सम्मेलन मंगलवार सुबह शुरू हुआ।केंद्रीय कोयला, खान एवं संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में हो रहे इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव भी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हैं। इस सम्मेलन में 20 राज्यों के खनिज मंत्री हिस्सा ले रहे हैं।खनिज ब्लॉक की नीलामी में मध्यप्रदेश को प्रथम पुरस्कार प्रदान करने के लिए, खान मंत्रालय एवं आप सभी का अभिनंदन करता हूं। इस मौके पर “माइनिंग एंड बियॉन्ड’’ विषय पर प्रदर्शनी भी कुशाभाऊ ठाकरे सभागार परिसर में लगाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव व केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में जियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया, जिला खनिज प्रतिष्ठान सहित देश की प्रमुख खनन कंपनियो, निजी एजेंसियों और स्टार्ट-अप्स द्वारा अपनी उपलब्धियां को प्रदर्शित किया गया है।इस सम्मेलन के दौरान खनन क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन राज्यों को सम्मानित किया जाएगा। बता दें कि यह राज्य खनन मंत्रियों का दूसरा सम्मेलन है। पहली बार यह सम्मेलन सितंबर 2022 में हैदराबाद में आयोजित किया गया था। सीएम मोहन यादव से की मुलाकातइस सम्मेलन में शिरकत करने के लिए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार सुबह भोपाल पहुंचे। यहां पर उन्होंने सम्मेलन से पहले मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर सीएम डा. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डा. यादव ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान दोनों के बीच राज्य में कोयला एवं खनन क्षेत्र से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई

श्री राम चंद्र जी के स्वरूप में बाबा बटेश्वर 5100 दीपों से सजा शिवालय

Baba Bateshwar pagoda decorated with 5100 lamps in the form of Shri Ram Chandra Ji भोपाल । पुराने शहर के प्राचीन से श्री बड़वाले महादेव मंदिर में अयोध्या में प्रभु श्री राम लाल विराजमान होने के उपलक्ष्य में बाबा बटेश्वर को प्रभु श्री राम जी के स्वरुप में विराजमान किया गया, समिति के संयोजक संजय अग्रवाल ने बताया कि 5100 दीपों से पूरे मंदिर को सजाया गया। मंदिर गर्भ ग्रह में रंगोली और दीपमालाएं जलाई रात्रि 8 बजे श्रृंगार दर्शन कर महाआरती एवं प्रसाद वितरण हुआ। श्री बड़वाले महादेव मंदिर से ॐ नम: शिवाय मंडल के द्वारा निकली प्रभातफेरीॐ नम: शिवाय मंडल के द्वारा प्रात: 7:00 बजे प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें मंडल के सदस्यों द्वारा अखण्ड ॐ नम: शिवाय एवं राम घुन के भजन गाये फेरी श्री बड़वाले महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर पुराने शहर के दयानंद चौक, लोहा बाजार, पीपल चौक, सराफा, लखेरापुरा से सोमवारा होते हुए शिवालय भवन में समापन हुआ। प्रभु राम मंदिर निर्माण का गवाह बन हरि हरात्मक शक्ति महायज्ञ मां दुर्गा धाम शक्तिपीठ मंदिर में सोमवार 10:00 बजे ढोल तसो बाजे झांकियां के साथ सैकड़ो भक्तगण नर नारियों राममय होकर श्री राम के जयकारे लगाते हुए। राम शोभा यात्रा में सम्मिलित होकर राम मंदिर निर्माण का उत्सव भव्यता और जोश के साथ मनाया जो अशोका गार्डन के मुख्य मुख्य मार्ग से होकर पुन: दुर्गा धाम मंदिर में संपन्न हुई । दोपहर 2:00 बजे से मुख्य यज्ञाचारी पंडित युगल किशोर शास्त्री ने सर्वप्रथम महायज्ञ के 9 हवन कुंडों में श्री राम प्रभु के 1001 आहुतियां डलवा कर महायज्ञ को 26 वा ऐतिहासिक पर्व मनाया।

दिग्विजय सिंह ने शेयर की भगवान राम की तस्वीर, प्राण प्रतिष्ठा की मंगलकामना के साथ बीजेपी को दिया ये मैसेज

Digvijay Singh shared the picture of Lord Ram, gave this message to BJP with good wishes for his life. दिग्विजय सिंह राम मंदिर का पूरा निर्माण हुए बिना ही प्राण प्रतिष्ठा कराए जाने को लेकर लगातार हमलावर रहे. उन्होंने इसके लिए ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य के तर्कों का भी जिक्र किया. भकांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के ठीक पहले भगवान राम के बाल स्वरूप की तस्वीर शेयर की है. उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर देशवासियों को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की मंगलकामनाएं दीं. उन्होंने इसी के साथ भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार को भी मैसेज दिया और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार अब ये सुनिश्चित करेगी कि रामराज में किसी भी तरह की नफरत की कोई जगह न हो और सब मर्यादा में रहकर अपने धर्मों का पालन करें.  आशा है अब बीजेपी सरकार सुनिश्चित करेगी…’ दिग्विजय सिंह ने रविवार रात ट्वीट करते हुए रामलला के बाल स्वरूप की तस्वीर शेयर की है, जिसपर लिखा है, ‘धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो. प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो.’ इस फोटो के साथ किए गए ट्वीट के कैप्शन में दिग्विजय सिंह ने लिखा, ‘समस्त देशवासियों को अयोध्या में निर्माणाधीन मंदिर में रामलला के विग्रह के प्रतिष्ठित होने की मंगलकामनाएं. आशा है भाजपा सरकार अब ये सुनिश्चित करेगी कि रामराज में नफरत-हिंसा की कोई जगह नहीं होगी. सब प्रेम से मर्यादा में रहकर अपने धर्मों का पालन करेंगे.’  दरअसल दिग्विजय सिंह कांग्रेस पार्टी के उन प्रमुख नेताओं में रहे, जिन्होंने अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के निर्माण कार्य का पूरा होने के पहले ही प्राण प्रतिष्ठा कराए जाने की खूब आलोचना की है. उन्होंने इसको लेकर उत्तराखंड स्थित ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के तर्क का भी खूब जिक्र किया.

राममय हुआ संतनगर 11 हजार रामभक्तों के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया हनुमान चालीसा पाठ, राम धुन पर झूमे रामेश्वर शर्मा

Santnagar became Ram-filled; Chief Minister Mohan Yadav recited Hanuman Chalisa with 11 thousand Ram devotees. भोपाल। अयोध्यानाथ भगवान श्री राम जी के भव्य मंदिर में विराजमान होने के उपलक्ष्य में पूरा मध्यप्रदेश राममय हो रहा है। अपने नवाचारों और हिन्दुत्व वादी छवि के लिए लगातार चर्चित रहने वाले विधायक रामेश्वर शर्मा भी राजा राम के आगमन पर लगातार विभिन्न आयोजन करा रहे हैं। शनिवार को उन्होंने संत हिरदाराम नगर स्थित हेमू कालानी स्टेडियम में मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन कराया। इस आयोजन में 11 हजार रामभक्तों ने एक साथ उपस्थित होकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। विधायक रामेश्वर शर्मा के कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव व उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी सम्मलित हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया व रामभक्तों के साथ भक्तिभाव के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। आयोजन से पूर्व मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री व विधायक शर्मा ने शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, जिसके बाद कार्यक्रम विधिवत प्रारंभ हुआ। बच्चों के साथ राम धुन पर झूमे रामेश्वर शर्मा हेमू कालानी स्टेडियम में आयोजित सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ कार्यक्रम में इतनी भीड़ जुटी कि पूरा स्टेडियम रामभक्तों से खचाखच भरा था। कार्यक्रम के दौरान नागरिकों के उत्साह में पूरा स्टेडियम झूम उठा। 11 हजार रामभक्तों का स्वर जब हनुमान चालीसा के रूप में गूँजा तो कण-कण राममय हो गया। विधायक रामेश्वर शर्मा भी राम भजनों पर बच्चों के साथ जमकर नाचते दिखे। विधायक शर्मा ने इस दौरान भजन भी गाए और राम-गाड़ी पर बैठकर आनंद लिया।  रामेश्वर शर्मा हिन्दुओं की प्रखर आवाज हैं – राजेन्द्र शुक्ल, उप-मुख्यमंत्री मप्र कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि – वर्षों के संघर्ष के बाद यह शुभ घड़ी आई है जब हम अपने रामलला को भव्य मंदिर में विराजमान होते देख रहे हैं। इस घड़ी में ऐसा भव्य आयोजन कराकर विधायक रामेश्वर शर्मा ने रामभक्तों की आस्था को और प्रबल किया है। जिस तरह उत्तर प्रदेश में योगी जी और असम में हेमंत विस्वा सरमा हिन्दुओं की प्रखर आवाज हैं, उसी तरह मध्यप्रदेश में भाई रामेश्वर शर्मा हिन्दुओं की प्रखर आवाज है। उनका हर आयोजन भव्य और अनोखा होता है। इस सफल आयोजन के लिए उन्हें बधाई।  11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ प्रशंसनीय – मुख्यमंत्री मोहन यादव। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या में श्री राम मंदिर के लिए कई जन्मों के बाद प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। हम सभी सौभाग्यशाली हैं, ये शुभ घड़ी सामने आई है। इसके लिए गत पांच सौ वर्ष से कई पीढ़ियां खप गईं। आने वाली 22 जनवरी को सुशासन और रामराज का नया इतिहास बनेगा। नये दौर का नया भारत बनेगा। उन्होंने आगे कहा कि हनुमान चालीसा से भक्ति और शक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। अयोध्या में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर भगवान राम के अनन्य भक्त हनुमान जी को आधार बनाकर 11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ प्रशंसनीय है। हम सभी के लिए भगवान श्रीराम आराध्य हैं। अयोध्या में मंदिर का बनना अखंड भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। भारतवासी आज समृद्धशाली अतीत को याद कर रहे हैं। सात जन्मों के पुण्योदय से राम काज कर पाए रहा हूँ। – रामेश्वर शर्मा कार्यक्रम में संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – धन्य हैं वो लोग जिन्होंने रामलला के लिए तन, मन, धन और प्राण समर्पित कर दिए। जिनके बलिदानों की कीमत पर आज हमने रामलला का भव्य मंदिर पाया है। मैं स्वयं कारसेवा के लिए गया। उस समय पर भी मेरा यही विचार था कि “यदि रामलला के काम न आए तो बेकार जिंदगानी है” मेरा आज भी यही विचार है। मैं तन-मन-प्राण लगाकर भी राम काज करने को आतुर रहता हूँ। उन्होंने आगे कहा कि अब कुछ घंटों के अंतराल के बाद हमारी आस्था के केन्द्र मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अपनी जन्मभूमि पर वापस लौट रहे हैं। उनके आगमन के हर्ष में पूरा देश सराबोर है। इसी हर्ष के वशीभूत होकर हमने 11 हजार रामभक्तों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया है।  कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – जब 11 हजार रामभक्तों का स्वर श्री हनुमान चालीसा के रूप में गुंजायमान हुआ तो ऐसा लगा जैसे अयोध्यानाथ स्वयं प्रकट होकर पवनसुत स्तुतियों को आशीष प्रदान कर रहे हों। रामभक्ति में सब ऐसे रमे कि लग रहा था मानो स्टेडियम का कण-कण जीवंत होकर राम धुन गा रहा था। उन्होंने आगे कहा कि राम जी के अभिनंदन में यह काज करके मेरा जीवन धन्य हो गया। मेरे सात जन्मों के पुण्यों के उदय से  राम जी, हनुमान जी की कृपा से और रामभक्तों की आस्था से यह आयोजन सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। संत नगर वालों ने संपत्ति छोड़ दी लेकिन धर्म नहीं छोड़ा – रामेश्वर शर्मा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि संत नगर वो भूमि है जिसने धर्म के लिए सर्वस्व त्याग का पाठ सिखाया है। जब 1947 में देश विभाजन हुआ और सिंधी भाईयों से धर्मपरिवर्तन की शर्त रखी तो उन्होंने संपत्ति, घर, द्वार सब छोड़ दिया लेकिन अपना धर्म नहीं छोड़ा। उनकी धर्मनिष्ठा हम सबके लिए प्रेरणा है। इसलिए आज इस आयोजन के लिए संत हिरदाराम नगर की पुण्यभूमि को चुना। धर्मभूमि पर राम काज कर के स्वयं को धन्य पाता हूँ।

रामलला प्राण प्रतिष्ठा का दिन दिवाली की तरह मनाएं , उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला

Celebrate the day of Ramlala Pran Pratistha like Diwali, Deputy Chief Minister Rajendra Shukla भोपाल ! आज हमारे देश के करोड़ों लोगों का मस्तक गर्व से ऊंचा करने वाला काम हो रहा है, 22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा ! उप मुख्यमत्री राजेंद्र शुक्ला ने आह्वान किया है कि 22 जनवरी को हर व्यक्ति अपने घर 11 दीपक जलाए। उन्होंने कहा कि उस पावन दिन एक भी ऐसा घर न हो, जहां ग्यारह दीपक न जले। रामनवमी को जिस उत्साह से मनाया जाता है, उसी उत्साह से उन्होने राम मंदिर उद्घाटन के दिन भी उत्सव मनाने का आग्रह किया है। उप मुख्यमंत्री ने किया दीपक जलाने का आह्वानराजेंद्र शुक्ला ने कहा कि दो दिन बाद भव्य मंदिर का उद्घाटन हो रहा है और सारा देश मोदी जी की इस कुशलता का लोहा मान रहा है। उन्होने कहा कि ‘सारे देश में उमंग और उत्साह है। हर घर में भगवान राम की पूजा आराधना हो रही है। सुंंदरकांड के पाठ हो रहे हैं। हनुमान चालीसा के पाठ हो रहे हैं। हमारी सबसे बड़ी ताकत धर्म और अध्यात्म ही है। दुनिया में बहुत से देश हो सकता है हमसे आगे हों लेकिन धर्म और अध्यात्म के मामले में वो हमारे सामने बौने हैं अभी भी। हमारे सामने सारी दुनिया परंपरा और अध्यात्म की ताकत के आगे नतमस्तक होती है। इसीलिए इसका संरक्षण और संवर्धन भी जरुरी है और उस दिशा में रामजन्मभूमि पर भव्य राममंदिर का निर्माण बहुत बड़ा कदम है जो आज हमारे देश के करोड़ों लोगों का मस्तक गर्व से ऊंचा करने वाला काम हो रहा है। 22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। इस क्षण को हम सबको आगे बढ़ कर उत्साह के साथ मनाने की जरूरत है। 22 जनवरी को कोई भी घर ऐसा न हो जहां पर हम 11 दीपक जलाकर उत्साह न मनाएं।”अयोध्या राम मंदिर उद्घाटन और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में सिर्फ दो दिन बाकी है और इसे लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। इसे लेकर अयोध्या में तो तैयारियां जारी ही हैं लेकिन देश भर के अलग अलग स्थानों पर भी ज़ोर शोर से व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मंदिरों में सफाई अभियान चल रहा है और कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं। अब उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भी आह्वान किया है कि इस दिन को दीपावली की तरह मनाएं और श्रीराम के नाम पर सभी लोग अपने घरों में ग्यारह दीपक जलाएं।

आज रात 10 बजे से तोड़ा जाएगा लालघाटी से बैरागढ़ तक बीआरटीएस कारिडोर

BRTS corridor from Lalghati to Bairagarh will be demolished from 10 pm tonight नगर निगम और प्रशासन ने मिलकर तैयार की है तोड़ने की योजना। सुरक्षा के लिए बंद किया जाएगा डेढ़ मीटर तक का क्षेत्र। लगेंगी सोलर लाइट।भोपाल ! बीआरटीएस कारिडोर (बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को आज यानी शनिवार रात 10 बजे से तोड़ना शुरू किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम और जिला प्रशासन ने मिलकर पूरी योजना तैयार कर ली है। प्रथम चरण में लालघाटी से बैरागढ़ तक के कारिडोर को तोड़ा जाएगा। यह काम पीडब्ल्यूडी और निगम प्रशासन के अमले द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। यहां सुरक्षा के लिए एक से डेढ़ मीटर तक का क्षेत्र बंद किया जाएगा और सोलर लाइट लगाई जाएंगी। पीडब्ल्यूडी के ब्रिज ईई जावेद शकील ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बीआरटीएस कारिडोर को तोड़ने का काम रात में 10 बजे से शुरू किया जाएगा। इस दौरान ट्रैफिक कम रहता है। हलालपुर से इसकी शुरुआत की जाएगी।मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने विगत बुधवार को प्रजेंटेशन देखने के बाद बीआरटीएस को हटाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे। इसके बाद बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर) से शुरुआत करने की बात कही गई थी। 24 किलोमीटर लंबे बीआरटीएस के दोनों ओर दिन में ट्रैफिक का ज्यादा रहता है, इसलिए जब रात में ट्रैफिक कम होगा तब हटाने के निर्देश है। यही कारण है कि आज शनिवार रात से बीआरटीएस को तोड़ने का काम शुरू किया जाएगा। मिसरोद से एम्प्री तक, रोशनपुरा से कमला पार्क और कलेक्टोरेट से लालघाटी के बीच बीआरटीएस को तोड़ने में कुल 18.51 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कारिडोर की वजह से ये परेशानियां इस तरह तैयार की गई है बीआरटीएस तोड़ने की योजना1 – होशंगाबाद पर बने बीआरटीएस कारिडोर की लंबाई 6.7 किलोमीटर है। जिस पर पर्याप्त राइट आफ वे एवं जमीन उपलब्ध होने के बाद भी वाहनों के लिए सिर्फ दो लेन ही है। बीआरटीएस हटाकर 3-3 लेन का सिक्सलेन मार्ग का निर्माण हो सकता है। इसमें 11.67 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके साथ साइकिल ट्रैक का उपयोग भी उचित रूप से नहीं होने से यह टू व्हीलर के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है।2 – इसकी लंबाई 1.42 किलोमीटर है, जो शहर के व्यस्त क्षेत्र में स्थित होकर ट्रैफिक के लिए बाधित बन रहा है। इस लंबाई में डेडिकेटेड कारिडोर हटाया जाकर मिक्स्ड वाहनों के लिए तीन लेन सड़क मय सेंट्रल वर्ज के बनाए जाने में करीब 3.21 करोड़ रुपए खर्च आ सकता है।3 – कलेक्टोरेट से लालघाटी तक यह 1.73 किलोमीटर लंबा है। इसे हटाकर दोनों ओर तीन -तीन लेन की सड़क हो जाएगी। इसमें कुल 3.63 करोड़ रुपए खर्च आ सकता है।4 – हलालपुर से सीहोर नाके तक कुल 3.81 लंबाई के इस कारिडोर को भी हटाया जाएगा। इससे बैरागढ़ में ट्रैफिक काफी हद तक सुधर सकता है। बैरागढ़ में 306 करोड़ रुपए की लागत से एलीवेटेड कारिडोर प्रस्तावित है। इसके टेंडर भी हो चुके हैं। इसी प्रोजेक्ट में बीआरटीएस को हटाया जाना भी शामिल हैं। इसके चलते जिला प्रशासन या नगर निगम को अतिरिक्त कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा।यह बात मीटिंग में मुख्य सचिव के सामने रखी गई। कारिडोर को पीडब्ल्यूडी ही हटवाएगा। जिस जगह कारिडोर है, वही पर एलीवेटेड कारिडोर के पिलर खड़े होंगे। इनका कहना हैभोपाल में बीआरटीएस कारिडोर तोड़ने की शुरुआत आज शनिवार रात 10 बजे संत हिरदाराम नगर से की जाएगी। यहां पर नगर निगम, प्रशासन और पीडब्ल्यूडी का अमला संयुक्त रूप से कार्रवाई करेगा।

आबकारी सब इंपेक्टर्स ने प्रमोशन के लिए भगवान राम को सौंपी पाती

Excise sub-inspectors handed over cards to Lord Ram for promotion. भोपाल। आबकारी विभाग के उपनिरीक्षकों ने भगवान श्रीराम के नाम एक पाती लिखकर 18 साल से प्रमोशन और पदनाम न मिलने को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की है। इस संबंध में इन्होंने शुक्रवार को डिप्टी सीएम व आबकारी मंत्री जगदीश देवडा, प्रमुख सचिव दीपाली रस्तौगी और आबकारी आयुक्त ओपी श्रीवास्तव को ज्ञापन भी सौंपा। इन अधिकारियों का कहना है कि उनकी मांग से सरकारी खजाने पर वित्तीय भार भी नहीं आएगा।आबकारी उपनिरीक्षकों का कहना है कि उनकी मांग जिला सहायक अधिकारी का पदनाम की है। पिछले 18 साल से वे एक ही पद पर कार्य कर रहे हैं। उनके साथ अन्य विभागों में भर्ती अधिकारी डिप्टी कलेक्टर तक बन चुके हैं, लेकिन अब तक हमारी मांग पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे उपनिरीक्षकों की संख्या 134 है। इनके पदनाम बदलने के साथ ही करीब 300 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों को फायदा होगा। पाती में क्या लिखाहे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, आज हम सभी आपके द्वार एक आशा लेकर आए हैं। ऐसा सुनिश्चित है कि तेरे स्मरण मात्र से समस्त प्राणियों के सभी दुखों का नाश हो जाता है। प्रभु, वर्तमान युग में हर्ष का विषय, दैहिक प्रसन्नता और आनंद से परिपूर्ण उत्सवीय माहौल में जब कि आप टेंट से दिव्य राम मंदिर में प्रतिष्ठित हो रहे हैं। आपके मानवीय चरित्र में आपका वनवास 14 वर्षों का रहा किंतु हम अभागे इस दैहिक अवस्था में विगत 18 वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत हैं। हमारे कई साथी 20 तो कोई 25, 28 वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत है और कई सेवानिवृत्त होकर, कई आपके चरणों में विलीन हो गए। प्रभु श्री राम हम सभी आबकारी विभाग के कर्मचारी, आरक्षक, मुख्य आरक्षक, आबकारी उप निरीक्षक एवं अन्य साथी आपके करबद्ध प्रार्थना करते हैं कि इस दैहिक अवस्था के शासकीय कर्तव्यों में शीघ्र पदोन्नति मिलें, ऐसा आशीर्वाद प्रदान करें।

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