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विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम शुरू ,सदन में बात रखते समय जोश दिखाएं, पर वो होश से नियंत्रित हो ,विस अध्यक्ष

विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम शुरू, विस अध्यक्ष नरेंद्र तोमर ने कहा- सदन में बात रखते समय जोश दिखाएं, पर वो होश से नियंत्रित हो नवनिर्वाचित विधायकों के लिए मप्र विधानसभा में आज से शुरू हो रहे दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला।भोपाल। सदन में भूमिका और आचरण कैसा हो, जनहित के मुद्दों को कैसे नियम-प्रक्रिया के अंतर्गत उठाया जाए, बजट चर्चा में किस तरह बात रखें और अन्य विधायी कार्यों की क्या प्रक्रिया है? ऐसे कई पहलुओं को मध्य प्रदेश के विधायक जानेंगे। इसके लिए विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम मंगलवार सुबह 11 बजे विधानसभा के मानसरोवर सभागार में शुरू हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जनप्रतिनिधि को नियम-प्रक्रिया की जानकारी हो : तोमरविधायकों के प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अच्छा जनप्रतिनिधि बनने के लिए जरूरी है कि उसे नियम-प्रक्रिया की जानकारी हो। आज यह प्रचलन हो गया है कि सदन में चिल्ला कर बोलो तो अच्छा समझ जाएगा। सदन में बात रखते समय जोश दिखे पर वह होश से नियंत्रित हो। गुस्सा आचरण में झलक में नहीं चाहिए। सार्वजनिक हितों के प्रश्नों का अध्ययन होना चाहिए। प्रशिक्षण से आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। इस कार्यक्रम में शिरकत करने लोकसभा अध्यक्ष मंगलवार सुबह कोटा से भोपाल पधारे। यह सत्र “ प्रभावी विधायक कैसे बनें, संसदीय शिष्टाचार एवं आचरण विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें नवनिर्वाचित विधायकों को संसदीय आचरण व व्यवहार के टिप्स दिए जाएंगे। इस सत्र में लोकसभा स्पीकर के अलावा विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, उप्र विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष मंग सिंघार भी अपने विचार रखेंगे। सत्र के प्रारंभ में लोकसभा महासचिव श्री उत्पल कुमार सिंह का संबोधन होगा।

बीआरटीएस कॉरीडोर हटाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू, इस माह के अंत में टूटेगा

Tender process started for removal of BRTS corridor, demolition will take place at the end of this month सीएम के सामने सीएस ने पूरी प्लानिंग रखी, इसके बाद निगम कमिश्नर ने अधिकारियों के साथ की बैठक भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल के विकास को लेकर समीक्षा बैठक में भाग लेते हुए बीआरटीएस को हटाने के प्लान को भी समझा। साथ ही इस कार्य को जल्दी शुरू करने को कहा। इसके बाद भोपाल नगर निगम कमिश्नर ने अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर तुरंत ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करने को कहा। सीएम ने यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिये बीआरटीएस कॉरीडोर हटाने के संबंध में जो निर्देश दिए थेए उसके अनुसार ही अब प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसी प्रक्रिया के तहत बीआरटीएस तोड़ने के लिए नगर निगम टेंडर प्रक्रिया शुरू कर रहा है। टेंडर खुलने के बाद इस माह के अंत में फरवरी के पहले सप्ताह में बीआरटीएस का काम शुरू हो जाएगा। नगर निगम कमिश्नर फ्रेंक नोबल ए ने बताया कि बीआरटीएस को हटाने के लिए पूरी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसके लिए सबसे पहले टेंडर जारी किए जा रहे हैं। टेंडर आने के बाद कंपनी के बारे में जानकारी मिलेगी कि वो अभी तक क्या काम कर रही थी। इसके बाद उसे ठेका दिया जाएगा। इस काम में इस माह के अंत तक का समय लग जाएगा। इसलिए बीआरटीएस तोड़ने का काम इस माह के अंत तक या फरवरी के पहले हफ्ते में बीआरटीएस तोड़ने का काम शुरू हो जाएगा। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी अधिकारी संजय मस्के अनुसार बीआरटीएस हटाने का काम नगर निगम है। इसलिए पीडब्ल्यूडी जो भी काम करेगाए वो बीआरटीएस हटने के बाद ही काम शुरू होगा।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देश- 22 जनवरी को बल्व बुझे नहीं

Energy Minister Pradyuman Singh Tomar’s instructions – do not switch off bulbs on January 22 भोपाल। अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन होने जा रहा है। इसको लेकर देश वासियों को बेसब्री से इंतजार है। 22 जनवरी को पूरा देश दिवाली मनाएगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सोमवार को कार्यभार ग्रहण किया। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश जारी किया कि 22 जनवरी को प्रदेश में निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा है कि अयोध्या में रामलला के मंदिर में भगवान श्रीराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन एवं अन्य चैनलों के माध्यम से किया जायेगा। कार्यक्रम का स्वरूप अत्यंत व्यापक होगा और जन-सामान्य उक्त कार्यक्रम के साक्षी होना चाहेंगे। अत: इस दिन विद्युत व्यवधान नहीं होना चाहिए। उस दिन बिजली का मेंटनेंस का कार्य ना किया जाए। उन्होंने कहा है कि विद्युत व्यवधान होने से जन-सामान्य को कार्यक्रम देखने में असुविधा हो सकती है।

गांधी सागर अभयारण्य में विदेश से आएंगे चीते.

In Gandhi Sagar Wildlife Sanctuary, cheetahs will be brought from abroad. गांधी सागर अभयारण्य में विदेश से आएंगे चीते, 28 किमी क्षेत्र में फेंसिंग का काम पूरा करने में जुटा वन विभाग – फरवरी में चीतों के लिए अभयारण्य पूरी तरह तैयार हो जाएगा, जल्द निर्णय करेगी केंद्र सरकार  उदित नारायण भोपाल। गांधी सागर अभयारण्य में 64 किमी को बाड़ा तैयार कर लिया गया है। यहां पर करीब 28 किमी की फेंसिंग का काम करीब करीब पूरा हो गया है। इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 17 से 18 करोड़ के आसपास है। अगले माह यानी फरवरी में चीतों के लिए अभयारण्य पूरी तरह तैयार हो जाएगा। इसके बाद चीतों को लाने का निर्णय होगा। केंद्र सरकार की किसी अफ्रीकी देश से चीते लाने को लेकर चर्चा चल रही है। गांधी सागर अभयारण्य का क्षेत्र छोटा है। इसलिए यहां पर 5 से 6 चीतों को ही लाकर रखा जाएगा।  बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर सबसे पहले 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीते श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में छोड़े गए थे। इसके बाद 18 फरवरी को 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते कूनो नेशनल पार्क में लाकर छोड़े गए। कूनो के जंगल में कुल 20 चीते लाए गए। इनमें से छह चीतों की मौत हो गई है। कूनो में अभी 14 बड़े चीते हैं और एक शावक है। वहीं, तीन नए शावकों ने अभी जन्म लिया है। कूनो नेशनल पार्क में एक-एक कर चीतों को खुले जंगल में छोड़ा जा रहा है। अब तक दो को ही खुले में छोड़ा गया है। कूनो नेशनल पार्क में चीता सफारी की भी शुरूआत कर दी गई। कूनो से शिफ्ट नहीं होंगे चीते – प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) असीम श्रीवास्तव ने बताया कि गांधी सागर अभयारण्य में कूना से चीते शिफ्ट नहीं किए जाएंगे। वहां विदेश से नए चीते लाए जाएंगे। इसका निर्णय केंद्र सरकार करेगी। अभयारण्य में तैयारी अंतिम दौर में है।

कड़ाके की ठंड के चलते ठिठुरते शहर में जल रहे 415 स्थानों पर अलाव

Bonfires are burning at 415 places in the city which is shivering due to severe cold रैन बसेरा के अलावा बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन, आटो स्टेंड सहित सभी मार्केट और सार्वजनिक स्थानों पर भी जले अलाव भोपाल। राजधानी में कड़ाके की ठंड और ठिठुरते भोपाल को राहत देने के लिए नगर निगम ने पूरे शहर में 415 स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की है। कोहरा और ठंडी हवाएं चलने के कारण यह अलाव दिनभर 24 घंटे ही जल रहे हैं। यह अलाव रैन बसेरा के अलावा बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन, आटो स्टेंड सहित सभी मार्केट और सार्वजनिक स्थानों पर भी अलाव जल रहे हैं। निगम अधिकारियों के शहर के बाहर से आने वाले आश्रय विहीन नागरिकों के लिए रात्रि विश्राम की व्यवस्था व सार्वजनिक स्थलों पर रात व्यतीत करने वाले नागरिकों को कड़ाके की ठंड से राहत पहुंचाने के लिए अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है।निगम का अमला समस्त 21 ज़ोनों के अंतर्गत आने वाले आश्रय स्थलों के अलावा बस स्टैंड्स, रेल्वे स्टेशन, अस्पतालों सहित ऐसे स्थानों जहां रात्रि के समय नागरिकों का अधिक आना जाना होता है अथवा नागरिक किसी कारणवश घर के बाहर रात्रि व्यतीत करते हैं, ऐसे नागरिकों को कड़ाके की ठंड से राहत पहुंचाने के लिए शहर के 415 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था कर रहा है। निगम के ज़ोन स्तर पर पदस्थ सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा चिन्हित स्थानों पर निगम के उद्यान विभाग से रोजाना लकड़ी उपलब्ध कराई जा रही है और नियमित रूप से इस व्यवस्था की मॉनीटरिंग भी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है। लगातार अधिकारी व जनप्रतिनिधि ले रहे हैं जानकारीनिगम की इस व्यवस्था का समय.समय पर मुख्यमंत्री, मंत्री, महापौर व अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भी आश्रय स्थलों व अलाव स्थलों पर जाकर अवलोकन भी किया जा रहा है। जोन के अनुसार अलाव की व्यवस्थाठंड से राहत पहुंचाने के लिए जोन 1 में 16 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जा रही हैए जबकि जोन 2 में 7 स्थानए जोन 3 में 12 स्थानए जोन क्र 4 में 19 स्थान जोन 5 में 17 स्थानए जोन 6 में 22 स्थानए जोन 7 में 30 स्थानए जोन में 122 स्थान जोन 9 में 1 स्थानए जोन 10 में 15 स्थानए जोनण् 12 में 4 स्थानए जोन 13 में 12 स्थानए जोन 14 में 4 स्थानए जोन 15 में 10 स्थानए जोन 16 में 15 स्थानए जोन 17 में 7 स्थानए जोन 18 में 16 स्थानए जोन 19 में 21 स्थानए जोन 20 में 10 स्थान तथा जोन 21 में 55 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जा रही है।

बीयू ने परीक्षा आवेदन की बढ़ाई तारीख, अब 12 तक जमा होंगे पीजी के परीक्षा फार्म

BU extended the date of exam application, now PG exam forms will be submitted till 12th भोपाल। राजधानी स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय ने संवद्ध कॉलेजों के लिए परीक्षा आवेदन की तारीख बढ़ा दी है। विवि द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर नियमित, स्वाध्यायी अथवा एटीकेटी के लिए अब परीक्षा आवेदन 5 जनवरी 2024 के स्थान पर 12 जनवरी तक किए जा सकेंगे। स्नात्कोत्तर के तहत एमए., एम काम., एम.एस.सी., एम.एस.सी. होमसांइस, मास्टर ऑफ सोशल वर्क, एम.ए. यौगिक सांइस, पी.जी. डिप्लोमा इन यौगिक सांइस नियमित, स्वाध्यायी, एटीकेटी परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा आवेदन पत्र (सत्र 2023-2024.) एम.पी.ऑन लाईन के माध्यम से भरे जा सकेंगे। सामान्य शुल्क के साथ आवेदन करने की तारीख 12 जनवरी 2024 की गई है। लेट फीस 300 के साथ 13 से 17 जनवरी के साथ ही विशेष विलंब शुल्क 1000 रुपए के साथ 18 जनवरी 2024 से परीक्षा शुरू होने के 3 दिन पहले तक आवेदन किए जा सकेंगे।

जिला अभिभाषक संघ के चुनाव की तैयारियां पूरी जज और पुलिस अधिकारियों ने लिया जायजा

Preparations for District Advocates Association elections completed, judge and police officers took stock वकीलों के मतदान के लिए बनाए गए 100 पोलिंग बूथ मुख्य चुनाव अधिकारी ने चुनाव अधिकारियों की बैठक आयोजित कर दिए दिशा- निर्देश भोपाल। जिला अभिभाषक संघ के 8 जनवरी को होने वाले द्विवार्षिक चुनाव के लिए जिला अदालत परिसर में तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नेतृत्व में जजे और पुलिस अधिकारियों ने चुनाव अधिकारियों के साथ तैयारियों का जायजा लिया। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा। यह चुनाव जजेज और स्टेट बार कौंसिल के पर्यवेक्षकों की निगरानी में होगा। मुख्य चुनाव अधिकारी रवींद्र तिवारी ने बताया कि जिला अभिभाषक संघ अथवा स्टेट बार कौंसिल का आई कार्ड दिखाने के बाद ही मतदान स्थल पर प्रवेश दिया जाएगा। मतदान ओपन एरिया में किया जाएगा। मतदान के लिए 20 हजार स्कायर फीट का वाटर पुरूफ पण्डाल लगाया गया है। चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पूरे अदालत परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिला अभिभाषक संघ में लगभग 8 हजार 500 वकील पंजीकृत हैं, इसमें से 4 हजार 616 मतदाता वकील अपने मत का प्रयोग कर सकेंगें। मतदाता वकीलों के मतदान के लिए 100 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। मतदान के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी रवींद्र तिवारी ने शनिवार को चुनाव अधिकारियों की बैठक आयोजित कर चुनाव प्रक्रिया के संबंध में चुनाव अधिकारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश दिए । बैठक में मीडिया प्रमुख जीके छिब्बर, मीडिया प्रभारी खालिद हफीज, चुनाव अधिकारी,मनीष द्विवेदी, ललित मिठवानी, रोहित श्रोती, रजनीश बरैया ,पुरुषोत्तम पंजवानी ,हाशिम अली,घनश्याम सोनी ,श्रीमती किरण साहू किशोर साहू , मंजू जैन सिंह , हेमंत वर्मा ,यश विघार्थी , सुनील सेवलानी शंकर प्रसाद शुक्ला, कपिल मेहरा, विपिन पण्डया , जतिन रोहित गुप्ता ,हेमंत पाल ,रविशंकर गुर्जर , रोशन कुमार राम गुर्जर और गौरव चौहान सहित अन्य चुनाव अधिकारी उपस्थित थे। इस चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सहसचिव, कोषाध्यक्ष एवं पुस्तकालयाध्यक्ष तथा कार्यकारिणी सदस्य के 30 पदों के लिए 96 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे हैं।

रेलवे प्रशासन अंग्रेजों के जमाने से पटाखों का ही उपयोग कर ट्रेनों का कर रहा संचालन

Railway administration has been operating trains using firecrackers since the British era. फाग सेफ्टी डिवाइस भी नहीं रोक पा रहीं ट्रेनों की लेटलतीफी, कोहरे में पटरियों पर ट्रैकमैन डेटोनेटर लगाकर पायलट को दिखा रहे राह भोपाल। रेलवे का दावा है कि सर्दी के मौसम में कोहरे को मात देने के लिए ट्रेनों के इंजनों में फाग सेफ्टी डिवाइस लगाई गई हैं, लेकिन ये डिवाइस भी ट्रेनों का संचालन पटरी पर लाने के लिए कारगार साबित नहीं हो रही है। दरअसल पिछले कुछ दिनों से लगातार ट्रेनों के देरी से आने का सिलसिला जारी है। तो वहीं अभी भी कोहरे की अधिकता के दौरान ट्रेनों के सफल संचालन के लिए संरक्षा सुरक्षा के लिए रेलवे प्रशासन अंग्रेजों के जमाने से काम में आने वाले पटाखों का ही उपयोग कर ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार रेलवे ने कोहरे से निपटने के लिए पायलट को फॉग डिवाइज उपलब्ध कराए थे,पमरे जोन के तीन रेल मंडल में 1048 डिवाइस लगाई गई थी। लेकिन कोहरा छाते ही तमाम प्रयास फेल साबित हुए हैं। आलम ये है कि एक दर्जन से अधिक ट्रेने 1-26 घंटे की देरी से भोपाल पहुंच रही है। कोहरे के कारण केवल दिल्ली ही नहीं मुंबई,यूपी व छतीसगढ़ के रूट भी प्रभावित हुआ है, साथ ही इससे वंदेभारत,राजधानी व शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी प्रभावित हो रही है। कोहरे के कारण ट्रेनें लेट होने से यात्रियों को तो परेशानी हो रही हैं। तो वहीं पायलट पटाखों के सहारे ट्रेनों का संचालन कर रहे है। पटरी पर 270 मीटर की दूरी पर डेटोनेटर लगाए जाते है कोहरे की अधिकता के दौरान ट्रेनों के सफल संचालन के लिए संरक्षा सुरक्षा के लिए आज भी रेलवे प्रशासन अंग्रेजों के जमाने से काम में आने वाले पटाखों का ही उपयोग ही कारगार साबित हो रहा है। रेलवे की नई तकनीक फाग डिवाइस का अधिक असर दिखाई नहीं दिया है। अभी भी रेलकर्मी अधिक कोहरा होने पर पटरियों पर पटाखें लगाकर ट्रेन के चालक को सतर्क कर रहे है। कोहरे में ट्रेनों को सिग्नल सुरक्षित गति से संचालित करने के लिए पमरे जोन में अंग्रेजों के जमाने से चले रहे जुगाड़ का ही प्रयोग किया जा रहा है। अधिक कोहरा होने पर रेलकर्मी गैंगमैन, ट्रैकमैन पटरियों पर पटाखे लगाकर आगे रेल फाटक, सिग्नल, स्टेशन आदि की जानकारी देते है। सिग्नल से पहले पटरी पर 270 मीटर की दूरी पर डेटोनेटर (पटाखे) बांधे जाते है। ट्रेन गुजरने के साथ ही तेज आवाज होती है। इस पर चालक को आगे फाटक, सिग्नल आदि होने की जानकारी मिल जाती है और वह ट्रेन की गति को धीमी कर देता है।

सीजन में पहली बार दिनभर कोहरा, हवाओं से बढ़ी सर्दी, दिन-रात में 4 डिग्री का अंतर

सीजन में पहली बार दिनभर कोहरा, हवाओं से बढ़ी सर्दी, दिन-रात में 4 डिग्री का अंतर भोपाल। राजधानी में शनिवार को भी दिनभर धूप के दर्शन नहीं हुए, शाम 5 बजे के करीब कुछ हिस्सों में ढलते सूरज की लुकाछिपी रही। यह सीजन में पहला मौका है जब लगातार तीसरे दिन धूप नहीं खिली और दिनभर कोहरे के बादलों के बीच हवाओं का असर बढऩे से सर्दी का अहसास बढ़ गया। दिन का पारा एक डिग्री गिरकर 18.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से 5.2 कम रहा है। रात का पारा मामूली बढ़कर 14.2 डिग्री रहा, जिससे शहर के दिन और रात के तापमान में केवल 4.6 डिग्री की ही अंतर रह गया। मौसम केंद्र के अनुसार रविवार को भी मौसम लगभग ऐसा ही रहेगा। मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला के अनुसार सर्द हवाओं की रफ्तार बढऩे के साथ दिनभर कोहरे का असर रहने से रात में भी सर्दी बढ़ सकती है। शाम को अचानक बढ़ी सर्दीशहर में दिनभर कोहरे का असर रहा, जिससे आसमान पर घने बादलों की जमावट का अहसास होता रहा। सुबह के समय अति घना कोहरा रहने से वाहनों को हेड लाइट जलाकर दूरी तय करना पड़ी। इससे वाहन रेंगते नजर आए। इधर, कोहरे और सर्दी के कारण शहर में गर्म कपड़ों का रुझान बढ़ गया। दिनभर जले अलाव, गर्म कपड़ों में लिपटे रहे लोगदिन में सर्द हवाओं और धुआं धुआं रहे मौसम के बीच सर्दी से राहत के लिए सड़क के किनारे दुकान लगाने वालों से लेकर हाथ ठेले पर सब्जी आदि बेचने वाले दिन भी अलाव तापते दिखे। दिनभर लोग गर्म कपड़ों और कंबल में लिपटे दिखे, तो कई घर में ही रजाई में लिपटे रहे।

मेल नर्स से मोबाइल छीनकर भागे बाइक सवार

Bike rider ran away after snatching mobile from male nurse भोपाल। बागसेवनिया थाने से चंद कदमों की दूरी पर शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे के आसपास बाइक सवार बदमाशों ने मेल नर्स से मोबाइल छीन लिया। छीने गए मोबाइल की कीमत दस हजार रुपए है। पुलिस ने उक्त मामले में चोरी का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार 26 वर्षीय संदीप मेवाड़ा, दीपशिखा अस्पताल में मेल नर्स है। वे अस्पताल में ही एक कमरे में रहते हैं। उन्होंने बताया कि सुरेंद्र पैलेश के पास अन्नपूर्णा होटल में वह खाना खाते हैं। शुक्रवार रात भी वह खाना खाकर दीपशिखा अस्पताल लौट रहे थे। इस दौरान मोबाइल पर बातचीत कर रहे थे। वे विद्या नगर पेट्रोल पंप के पास पहुंचे ही थे कि पीछे से आ रहे बाइक सवार बदमाशों ने उनका मोबाइल छीन लिया। उन्होंने घटना की शिकायत बागसेवनिया थाने पहुंचकर की थी। बागसेवनिया पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि लूट नहीं हुई है। बाइक सवार बदमाशों ने चलती बाइक से उनके हाथ पर धक्का दिया था। इससे मोबाइल नीचे गिर गया। वह कुछ समझ पाते इससे पहले बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने मोबाइल उठाया और अपने साथी के साथ बाइक से भाग निकला।

पटवारी होंगे प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष,

पटवारी होंगे प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष, पॉलिटिकल अफेयर्स देखेंगे प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने किया चुनाव समिति और पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन भोपाल। लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के लिए प्रदेश चुनाव समिति और पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन किया है। प्रदेश चुनाव समिति में जीतू पटवारी को अध्यक्ष बनाया है। इसके साथ ही 34 सदस्य शामिल किए गए हैं। जबकि पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का अध्यक्ष प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह को बनाया गया है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी इस समिति के कन्वीनर होंगे। खास बात यह है कि पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी में पूर्व सीएम कमलनाथ, उनके बेटे नकुलनाथ, पूर्व दिग्विजय सिंह और उनके बेटे जयवर्धन सिंह शामिल है। ये है कांग्रेस की प्रदेश चुनाव समितिजीतू पटवारी (अध्यक्ष), कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, उमंग सिंघार, सुरेश पचौरी, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, अजय सिंह राहुल, विवेक तनखा, रामनिवास रावत, सज्जन सिंह वर्मा, कमलेश्वर पटेल, राजेंद्र कुमार सिंह, फूल सिंह बरैया, हेमंत कटारे, डॉ. गोविंद सिंह, एनपी प्रजापति, आरिफ मसूद, दिनेश गुर्जर, संजय उइके, यादवेंद्र सिंह बुंदेला, फुन्दे लाल मार्को, महेश परमार, पीसी शर्मा, दिलीप सिंह गुर्जर, प्रवीण पाठक, संजय शर्मा, रवि जोशी, तरबर सिंह लोधी, अजय मिश्रा बाबा, जगत बहादुर सिंह अनु, अशोक सिंह और राजीव सिंह।ये है पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटीजितेंद्र सिंह (अध्यक्ष), जीतू पटवारी (कन्वीनर), कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, उमंग सिंगार, कांतिलाल भूरिया, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, अजय सिंह राहुल, विवेक तन्खा, नकुलनाथ, कमलेश्वर पटेल, ओमकार सिंह मरकाम, डॉ. गोविंद सिंह, मीनाक्षी नटराजन, बाला बच्चन, रामनिवास रावत, सज्जन सिंह वर्मा, लखन घनघोरिया, विजयलक्ष्मी साधौ, जयवर्धन सिंह, हिना कांवरे, आरिफ मसूद, फूल सिंह बरैया, सिद्धार्थ कुशवाह, सुखदेव पांसे, तरुण भनोट, झूमा सोलंकी, प्रियव्रत सिंह ,शेख अलीम, शोभा ओझा और मुकेश नायक ।

डाऊ के वकील ने कहा-भोपाल न्यायालय को सुनवाई का अधिकार नहीं

Dow’s lawyer said – Bhopal court has no right to hear भोपाल। गैस त्रासदी की जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड कंपनी को खरीदने वाली अमरीकी कंपनी डाऊ केमिकल कंपनी की ओर से जिला न्यायालय में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील रवींद्र श्रीवास्तव ,पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केन्द्र सरकार सिदर्दाथ लूथरा और भोपाल के एडवोकेट संदीप गुप्ता ने बहस पेश करते हुए कहा कि यह कंपनी अमेरिका में है, इसलिए भोपाल के न्यायालय के क्षेत्राधिकार में नहीं आती है। कंपनी के खिलाफ केस चलाने का इस न्यायालय को कोई अधिकार नहीं है। वर्ष 2012 में हाईकोर्ट का जो फैसला आया उसमें डाऊ केमिकल कंपनी पक्षकार नहीं थी। बल्कि डाऊ केमिकल इंटरनेशनल प्रायवेट लिमिटेड कंपनी पक्षकार थी। इसलिए वो फैसला हम पर लागू नहीं होता। याचिकाकर्ता भोपाल गुरुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन के वकील अवि सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए डाऊ केमिकल कंपनी की आपत्ति का विरोध करते हुए कहा कि मप्र हाईकोर्ट ने 19 अक्टूबर 2012 को क्षेत्राधिकार के संबंध में निर्णय कर दिया था, इसलिए इस संबंध में अब तर्क की आवश्यक्ता नहीं है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि डाऊ केमिकल इंटरनेशनल प्रायवेट लिमिटेड कंपनी और डाऊ केमिकल कंपनी एक ही ग्रुप की कंपनियां हैं। इसलिए यह फैसला इस कंपनी पर भी लागू होगा। वहीं डाऊ केमिकल कंपनी के वकील ने कहा कि उक्त आदेश के द्वारा न्यायालय का क्षेत्राधिकार होने अथवा न होने का बिंदू निर्णित नहीं किया गया है। न्यायालय ने बहस सुनने के पश्चात 20 जनवरी के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया है। उल्लेखनीय है कि गैस पीडि़त संगठनों ने गैस त्रासदी के आपराधिक मामले में डाऊ केमिकल कंपनी को पक्षकार बनाए जाने की मांग को लेकर जिला अदालत में याचिका दायर की थी । जिला अदालत द्वारा वर्ष 2014 से डाऊ केमिकल कंपनी को इसका जवाब देने के लिए अदालत में हाजिर होने के लिए समंस जारी किए जा रहे थे। वर्ष 2001 में यूनियन कार्बाइड कंपनी इण्डिया लिमिटेड को डाऊ केमिकल कंपनी प्राइवेट लिमिटेड यूएस ने खरीद लिया था। याचिकाकर्ता भोपाल गुरुप फ ॉर इंफ ॉमेज़्शन एंड एक्शन की ओर से वर्ष 2004 में भोपाल की जिला अदालत में याचिका दायर कर डाऊ केमिकल कंपनी प्राइवेट लिमिटेड यूएस को प्रकरण में पक्षकार बनाए जाने की मांग की गई थी। 3 अक्टूबर को डाऊ केमिकल कंपनी की ओर से सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील रवींद्र श्रीवास्तव और भोपाल के एडवोकेट संदीप गुप्ता जिला अदालत में पहली बार पेश हुए थे।

सड़क किनारे सो रहे लोगों को सीएम मोहन यादव ने वितरित किए कंबल

CM Mohan Yadav distributed blankets to people sleeping on the roadside प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंड, प्रशासन के साथ सड़क पर निकले मोहन यादव, की ये पहल उज्‍जैन। मध्य प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे आम जनजीवन बेहाल है। इसी बीच उज्‍जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव अधिकारियों के साथ रात में सड़कों पर निकले और सड़क किनारे सो रहे लोगों को कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा, कि ‘ठंड में कोशिश कर रहे हैं कि सभी को रैन बसेरों तक पहुंचाएं। प्रशासन के साथ आज रात कंबल बांटने निकला था। सभी अधिकारियों से कहना चाहूंगा कि ठंड में प्रशासन संवेदनशीलता दिखाते हुए लोगों की मदद करें।’

मानव दुर्व्यापार को रोकने मध्यप्रदेश पुलिस ने किया मंथन

Madhya Pradesh Police brainstormed to stop human trafficking पुलिस मुख्यालय में सायबर इनेबल्ड ह्यूमन ट्रैफिकिंग विषय पर हुआ सेमिनार एडीजी सायबर योगेश देशमुख ने कहा कि सायबर अपराधियों से निपटने के लिए लोगों को जागरूक होना जरूरी संतोष सिंह तोमर भोपाल। पुलिस मुख्यालय, भोपाल में महिला सुरक्षा शाखा द्वारा ”सायबर इनेबल्ड ह्युमन ट्रेफिकिंग” विषय पर शुक्रवार को एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। प्रज्जवला संस्था के सहयोग से आयोजित इस सेमिनार में तकनीक का प्रयोग कर मानव दुर्व्यापार के तरीकों और उन पर नियंत्रण पाने के लिए मंथन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि एडीजी सायबर सेल श्री योगेश देशमुख ने बताया कि तकनीक का इस्तेमाल लोगों के जीवन को सुविधाजनक बना रहा है, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि यह उनके लिए खतरा भी है। मानव दुर्व्यापार में लिप्त लोग तकनीक के प्रयोग को अधिक सुरक्षित मानते हैं। वह तकनीक का उपयोग करने में शातिर हैं और आसानी से नागरिकों को अपने जाल में फंसा लेते हैं। मध्यप्रदेश पुलिस लगातार ऐसे अपराधियों का डेटा बेस के आधार पर रणनीति तैयार कर मानव दुर्व्यापार रोक रही है। हमारे पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को दक्ष बनाया जा रहा है, ताकि वे समन्वय स्थापित कर सायबर अपराधियों को पकड़कर पीड़ितों को न्याय दिला सके। हालांकि मानव दुर्व्यापार रोकने के लिए नागरिकों को भी जागरूक होने की आवश्यकता है। महिला सुरक्षा शाखा की एडीजी श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में आयोजित इस सेमिनार में महिला सुरक्षा शाखा की आईजी श्रीमती हिमानी खन्ना, एआईजी श्रीमती किरणलता केरकट्‌टा, एआईजी श्रीमती प्रतिभा त्रिपाठी, एआईजी सुश्री पिंकी जीवनानी, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, उप पुलिस अधीक्षक, महिला थाना प्रभारी, जीआरपी थाना प्रभारी एवं सायबर पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। संचालन महिला सुरक्षा शाखा के एआईजी वीरेंद्र मिश्रा ने किया। महिलाएं और बच्चे ही नहीं, पुरुष वर्ग भी हो रहे मानव दुर्व्यापार के शिकार :- प्रज्जवला की प्रोजेक्ट एडवाइजर डॉ. सुनीथा कृष्णन ने कहा कि तकनीक का उपयोग कर मानव दुर्व्यापार में लिप्त आरोपी, पीड़ित को गुमराह कर अपने झांसे में फंसाते हैं या लालच देकर उन्हें शोषण की ओर धकेला जाता है। यह केवल महिलाओं और बच्चों के साथ नहीं बल्कि पुरुष वर्ग के साथ भी हो रहा है। पहले यह माना जाता था कि केवल गरीब, अशिक्षित, विशेष समुदाय या जाति के लोगों के साथ इस तरह की घटनाएं होती हैं, जबकि हर आयु, लिंग, वर्ग और समुदाय के लोगों के साथ मानव दुर्व्यापार संबंधी अपराध बढ़ रहे हैं। सबसे बढ़ी चिंता का विषय यह है कि हमारे बच्चे भी इसका शिकार बन रहे हैं। उन्हें ऑनलाइन गेमिंग एप और वेबसाइट्स के माध्यम से सेक्सटॉर्शन की ओर धकेला जा रहा है। कोरोना के बाद से अचानक बढ़े मामले प्रज्जवला टीम की प्रोजेक्ट क्वार्डिनेट स्वस्ति राणा ने कहा कि मानव दुर्व्यापार के लिए तकनीक का उपयोग अधिक बढ़ा है। दरअसल ऑनलाइन क्लासेस के लिए बच्चों के हाथ में मोबाइल पहुंच गया, जिसका फायदा उठाकर मानव दुर्व्यापार करने वालों ने बच्चों को शिकार बनाना शुरू किया। हमारी संस्था 11 राज्यों में शोध कर रही है, जिसके बाद सरकार के साथ मिलकर मानव दुर्व्यापार रोकने में नेशनल एक्शन प्लान बनाने में मदद मिलेगी। अकेलापन महसूस करने वाली महिलाएं रहती हैं टारगेट प्रज्जवला की रिसर्च ऑफिसर ताबिश अहसान ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को गुमराह कर मानव दुर्व्यापार की ओर धकेला जाता है। इनमें विशेषकर अकेलापन महसूस करने वाली महिलाएं और युवतियां मानव तस्करों के टारगेट पर होती हैं। उन्होंने बताया कि ऐसी महिलाओं की भावनाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से समझते हुए पहले तो उनसे दोस्ती की जाती है और जीवनभर उनका साथ निभाने का झांसा देकर उन्हें मानव दुर्व्यापार का शिकार बनाया जाता है। अलग-अलग सोशल प्लेटफार्म्स का करते हैं उपयोग प्रज्जवला के सायबर एक्सपर्ट लेफ्टिनेंट कर्नल विजय किशोर झा ने बताया कि सोशल मीडिया साइट्स, जॉब प्रोवाइडिंग वेबसाइट्स, ऑनलाइन गेम्स और डेटिंग साइड्स आदि के माध्यम से लोगों को मानव तस्कर अपने जाल में फंसाते हैं। उन्होंने ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग करते हुए मानव दुर्व्यापार पर नियंत्रण किस तरह किया जा सकता है इसकी जानकारी दी। जल्द अमीर बनाने का सपना दिखाकर फंसाते हैं जाल में प्रज्जवला के लीगल एक्सपर्ट आदिरा श्रीनिवासन ने मानव दुर्व्यापार के तीन अंतर्राष्ट्रीय मामलों का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि अधिकतर ऐसे मामलों में जल्दी अमीर बनाने का झांसा देकर लोगों को फंसाया जाता है। कई बार पूरा परिवार झांसे में आ जाता है। उन्होंने शोषण के लिए ऑस्ट्रिया, अमेरिका में शोषण के मामलों और इंडोनेशिया में ऑर्गन की तस्करी के लिए लोगों को शिकार बनाने के बारे में जानकारी दी। हर पहलू की बारिकी से हो पड़ताल प्रज्जवला के सायबर इन्वेस्टिगेटर मोहम्मद रियाजउद्दीन ने बताया कि मानव दुर्व्यापार एक संगठित अपराध है। ऐसे मामलों में इन्वेस्टिगेशन के समय हर पहलू पर ध्यान देने की जरूरत है। खास तौर पर किस तरह का अपराध है, क्यों किया जा रहा है, किस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, लेनदेन किस माध्यम से किया जा रहा है, पीड़ित कौन है, किस क्षेत्र का है और किन कारणों से उसे मानव दुर्व्यापार का शिकार बनाया जा रहा है, इन सभी पहलुओं पर गहनता से जांच जरूरी है। न केवल पुलिस बल्कि स्वयं सेवी संस्थाओं को भी सहयोग देना आवश्यक है। सायबर इनेबल्ड ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामलों पर हुई समूह चर्चा :- सेमिनार में सायबर इनेबल्ड ह्युमन ट्रैफिकिंग को रोकने में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सुलझाए गए मामलों के बारे में समूह चर्चा की गई। इसके बाद प्रश्नावली के माध्यम से डेटा कलेक्शन किया गया। इसमें सायबर और महिला सुरक्षा के लिए तत्पर मध्यप्रदेश पुलिस के निरीक्षक और प्रज्जवला संस्था के प्रतिनिधि शामिल रहे।

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