LATEST NEWS

नेता प्रतिपक्ष सिंघार बोले-बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया बजट,वहां कई विशेष पैकेज दिए

Leader of Opposition Singhar said – The budget was made keeping in mind the Bihar elections, many special packages were given there. मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय बजट को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये केंद्रीय बजट बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, वहां कई विशेष पैकेज दिए गए। उन्होंने कहा नीतीश कुमार के भरोसे भाजपा की सरकार चल रही है इसलिए उनपर ही मेहरबानी की गई है। एमएसपी कानून की गारंटी पर कोई बात नहींनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री जी शायद भूल गए हैं कि देश का बजट पूरे देश के लिए होता है। उन्होंने कहा इस बजट में किसानों की एमएसपी कानून की गारंटी पर कोई बात नहीं की गई। प्रधानमंत्री आवाज योजना 13670 करोड़ कर दी गयी। जल जीवन मिशन 70 हजार करोड़ था अब 22694 करोड़ कर दिया। एससी एसटी ओबीसी की योजनाओं में भी कटौती की गई है। एससी एसटी और गरीबों के लिए कुछ नहींनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ये बजट भाजपा सरकार ने एक राज्य में चुनाव जीतने के हिसाब से बनाया गया है। उमंग सिंघार ने कहा कि किसानों के एमएसपी, आवास योजना, एससी एसटी और गरीबों के लिए कुछ नहीं किया गया है, उनकी योजनाओं को लेकर कटौती की गई है। उमंग सिंघार ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी आप इन्हीं लोगों के कारण प्रधानमंत्री बने हैं और उन्हीं को आज भूल गए। ये देश का बजट है देश के हिसाब से होना

कंसोटिया बने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव: तीन आईएएस की जिम्मेदारी बदली; मुखर्जी को बनाया राजस्व मंडल का अध्यक्ष

भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जापान दौर से लौटने से पहले तीन सीनियर आईएएस अफसरों की जिम्मेदारी में बदलाव किया गया है। जेएन कंसोटिया को गृह विभाग को अपर मुख्य सचिव बनाया है। वहीं दो दिन पहले एसीएस बनाए गए अनिरुद्ध मुखर्जी को राजस्व मंडल का अध्यक्ष बनाया गया है। राजस्व मंडल में प्रशासकीय सदस्य और प्रमुख सचिव सचिन सिन्हा को ग्वालियर से भोपाल लाया है। सिन्हा को प्रशासन अकादमी का महानिदेशक बनाया है। बता दें कि एसीएस एसएन मिश्रा शुक्रवार को रिटायर हो गए। जिसके बाद कंसोटिया की उनके पद पर नियुक्ति की गई। वे मोहन सरकार में करीब 1 साल बाद बड़े विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे। कंसोटिया अभी प्रशासन अकादमी के डीजी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। शमी को आवासीय आयुक्त नई दिल्ली का अति. प्रभार अनिरुद्ध मुखर्जी को दो दिन पहले एसीएस बनाकर आवासीय आयुक्त नई दिल्ली की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्हें लोक परिसंपत्ति विभाग का जिम्मा भी सौंपा था। अब उनके पास लोक परिसंपत्ति विभाग की जिम्मेदारी यथावत रखी है। वहीं आवासीय आयुक्त नई दिल्ली का अतिरिक्त प्रभार खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी को सौंपा गया है। परिवहन और जेल विभाग की जिम्मेदारी किसी को नहीं परिवहन और जेल विभाग की जिम्मेदारी अभी किसी को नहीं दी गई है। रिटायर एसीएस एसएन मिश्रा के पास गृह विभाग के एसीएस के साथ परिवहन और जेल विभाग का अतिरिक्त प्रभार था।

सिर्फ कागजों में देश कि सबसे स्वच्छ राजधानी भोपाल: ज़मीनी हकीकत कुछ और, बस स्टैंड बदहाल, कीचड़-गंदगी से भरे पड़े ,,,

Bhopal is the cleanest capital of the country only on paper: Ground reality is different, bus stand is in bad condition, filled with mud and dirt,,, भोपाल । राजधानी भोपाल के नादरा बस स्टैंड और आईएसबीटी की हालत बदहाल है। दोनों बस स्टैंड पर गंदगी पसरी है। पीने के साफ पानी और स्वच्छ शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। नादरा बस स्टैंड रात के समय नशे का अड्डा बन जाता है। यहां चोरी और लड़ाई की घटनाएं भी आम हैं। बता दें कि नादरा बस स्टैंड से रोजाना करीब 5 हजार से अधिक यात्री सागर, बीना, विदिशा, अशोकनगर, गुना, शिवपुरी, आदि शहरों के लिए जाते हैं। वहीं आईएसबीटी से रोजाना करीब 6 हजार यात्री होशंगाबाद, इटारसी, बैतूल आदि जैसे शहरों के लिए निकलते हैं, इसके अलावा अन्य राज्यों जैसे राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश आदि के लिए भी बसें यहां से रवाना होती हैं। खुले में शौच से स्थानीय दुकानदार और यात्री परेशाननादरा बस स्टैंड पर एजेंट का काम करने वाले दयाल सिंह गुर्जर ने बताया कि पानी निकासी की सही व्यवस्था न होने के चलते बस स्टैंड कीचड़ से भरा है। लोग यहां खुले में शौच करते है। इससे पूरे इलाके में बदबू बनी रहती है. जिसकी वजह से स्थानीय दुकानदार और यात्री परेशान रहते हैं। नगर निगम भी हमारे आवाज उठाने पर ही सफाई करवाता है। मुफ्त शौचालय का बोर्ड लगा, फिर भी मांगे जाते हैं पैसेदुकानदार मोहम्मद सईद ने बताया कि वह पिछले 40 सालों से बस स्टैंड पर दुकान चलाते हैं। यहां शौचालय का कोई बोर्ड या निशान नहीं लगा है। इसके चलते विशेषकर महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां बाहर बने शौचालय में महिलाओं के लिए मुफ्त लिखे होने पर भी उनसे पैसे मांगे जाते हैं। जब महिलाएं इस बात को लेकर आवाज उठाती हैं, तो उन्हें शौचालय में काम चलने की दलील दी जाती है। बस स्टैंड पर गुंडे लोगों की वजह से मनमाने तरीके से काम हो रहा है। कम से कम रात के समय प्रशासन को एक आदमी की ड्यूटी लगानी चाहिए जो निगरानी कर सके। रात होते ही नशे का अड्डा बन जाता है नादरा बस स्टैंडऑटो ड्राइवर शेराज ने बताया कि यहां देर रात अक्सर लोगों के साथ चोरी की घटनाएं होती रहती है। लोगों के बैठने और पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है। हालांकि बस स्टैंड पर 2-3 पानी की टंकी लगी हैं, लेकिन सब सालों पुरानी है। जिनकी सफाई होते हुए हमने नहीं देखा। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि रात होते ही बस स्टैंड नशे का अड्डा बन जाता है। जिससे आए दिन यहां लड़ाई-झगड़ा भी होता रहता है। अतिक्रमण की वजह से बस निकालने में दिक्कत बस ड्राइवर जुम्मा खान ने बताया कि नादरा बस स्टैंड शिफ्ट होने की बात कही जा रही है, लेकिन कब तक होगा इसका अनुमान नहीं है। बस स्टैंड की जगह सही से नहीं बनी हुई है, साथ ही अतिक्रमण भी फैला रहता है। इसके चलते यहां से बस निकालने में बहुत परेशानी होती है। आईएसबीटी की हालत भी बदहाल शहर के आईएसबीटी की हालत भी बदहाल है। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि बस स्टैंड में सीवर लाइन चोक होने की वजह से परिसर में गंदा पानी भरा रहता है। इसके अलावा ड्राइवर बूथ पर लगाकर ही बसे धोते हैं, जिससे कीचड़ फैलता है। बस स्टैंड पर पीने के साफ पानी व्यवस्था नहीं है और शौचालय भी साफ नहीं है। ज्यादातर बस ड्राइवर बस स्टैंड के बाहर मुख्य सड़क पर ही बसे खड़ी करते हैं। इससे सवारियों दिक्कत होती है। इस संबंध में निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का कहना है कि स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर निगम अच्छे प्रयास कर रहा है। दिन-रात सफाई हो रही है। जहां खामी होगी, वहां सुधार करेंगे। बस स्टैंड पर भी विशेष सफाई करवाई जाएगी। शहर के दोनों बस स्टैंडों से कहां जाती हैं बसें आईएसबीटी : होशंगाबाद, इटारसी, बैतूल, मुलताई की ओर बसें जाती हैं। नादरा बस स्टैंड : सागर, बीना, विदिशा, अशोकनगर, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर की बसें जाती हैं।

प्रदेश में विशेष परिस्थिति में मंत्री कर सकेंगे ट्रांसफर, GAD ने स्थानांतरण नीति (संशोधन)-2025 जारी

Ministers will be able to transfer in special circumstances in the state मध्य प्रदेश में अभी राज्य और जिला स्तर पर स्थानांतरण पर प्रतिबंध है। शासन ने 24 जून 2021 को राज्य एवं जिला स्तर पर ट्रांसफर नीति जारी की थी। सरकार ने कार्य की सुविधा से उपरोक्त नीति की कण्डिका 9 में संशोधन किया है। इसमें विभाग के मंत्री विशेष परिस्थिति में ट्रांसफर कर सकेंगे। बुधवार को साामन्य प्रशासन विभाग की तरफ से स्थानांतरण नीति (संशोधन)-2025 जारी कर दी गई। बता दें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षा में महेश्वर में हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई थी। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त उच्च प्राथमिकता के प्रकरणों में सचिव प्राशसकीय अनुमोदन प्राप्त कर आदेश जारी कर सकेंगे। साथ ही ऐसे ट्रांसफर प्रकरण जिनको करने में विभाग नीति के अनुरूप नहीं पाता है तो ऐसे प्रकरण विभागीय सचिव, विभागीय मंत्री के अनुमोदन के बाद कारण समेत अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय को दोबारा प्रस्तुत कर अग्रिम आदेश प्राप्त करेंगे। इसके अलावा ट्रांसफर नीति के तहत ट्रांसफर करते हुए यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जिस स्थान से ट्रांसफर किया जा रहा है, उस स्थान पर रिक्त पदों का प्रतिशत ट्रांसफर किए जा रहे स्थान से अधिक तो नहीं हो रहा है। ऐसी स्थिति में ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने कुछ शर्तों के तहत शासकीय कर्मचारियों के ट्रांसफर (स्थानांतरण) के लिए एक नीति जारी की है। इस नीति के अनुसार, सामान्य रूप से ट्रांसफर केवल विशेष परिस्थितियों में ही किए जा सकते हैं। इन परिस्थितियों में शामिल हैं- स्वास्थ्य कारण- जैसे गंभीर बीमारियां (कैंसर, लकवा, दिल का दौरा आदि) के कारण तत्काल स्थानांतरण की आवश्यकता हो।न्यायालय के आदेश- यदि किसी न्यायालय का आदेश हो और उस आदेश का पालन करना आवश्यक हो, लेकिन स्थानांतरण के दौरान कर्मचारी पर कोई विभागीय कार्रवाई लंबित न हो।गंभीर शिकायत या अनियमितता- यदि शासकीय कर्मचारी के खिलाफ गंभीर शिकायत या लापरवाही हो और विभाग ने उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की हो।आपसी अपराध मामला- यदि लोकायुक्त या पुलिस ने कर्मचारी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया हो और जांच में कोई रुकावट न हो, तो इस कारण भी स्थानांतरण किया जा सकता है।रिक्त पदों की पूर्ति- यदि किसी कर्मचारी के निलंबन, त्यागपत्र, सेवानिवृत्ति या मृत्यु के कारण पद खाली हो और विभाग को लगे कि उस पद को भरना जरूरी है, तो भी स्थानांतरण किया जा सकता है।

मध्य प्रदेश का राज भवन घूमने का सुनहरा अवसर , जाने नियम

Golden opportunity to visit Raj Bhavan of Madhya Pradesh, know the rules MP News: मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल के निर्देश पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर तीन दिनों के लिए राजभवन के दरवाजे आम लोगों के लिए खुले रहेंगे. राजभवन में कई ऐसे दर्शनीय स्थान है जो इतिहास से जुड़े हुए हैं. इनका भ्रमण और अवलोकन आम लोगों द्वारा किया जा सकता है. राजभवन के अपर मुख्य सचिव के सी गुप्ता ने बताया कि राज्यपाल मंगू भाई पटेल के निर्देश पर राजभवन को आम लोगों के अवलोकन के लिए तीन दिनों तक खोला जाएगा. उन्होंने बताया कि आम नागरिक 25 से 27 जनवरी 2025 तक की निर्धारित समय अवधि में राजभवन देख सकते हैं. इसके लिए समय भी तय किया गया है. आम लोगों के लिए दोपहर 2:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक राजभवन खुला रहेगा. इसी प्रकार 26 जनवरी को प्रातः 11 से दोपहर 2:00 बजे तक राजभवन का भ्रमण किया जा सकेगा. संभावना जुटाए जा रही है कि तीन दिन की अवधि में हजारों की संख्या में लोग राजभवन को देखने के लिए जा सकते हैं. उन्हें गेट नंबर 2 से आवागमन की अनुमति मिलेगी. इतिहास को संजोए हुए है राजभवनराजभवन राज्यपाल का निवास होने के साथ-साथ इतिहास को अपने आप में संजोए हुए हैं. यहां पर तोप, आकर्षक प्राचीन‌ वस्तुओं के साथ-साथ एक विशाल वेंकट हाल भी है, जो कि काफी पुराना है. राजभवन की कई प्राचीन वस्तुएं आम लोगों को अपनी और आकर्षित करती है. इसके अलावा प्राचीन समय के लगे हुए झूमर भी राजभवन की खूबसूरती के साथ-साथ लोगों के आकर्षण का केंद्र माने जाते हैं. जिस क्षेत्र में राजभवन स्थित है वह 1880 तक एक सैन्य छावनी क्षेत्र था. इस क्षेत्र में किसी भी निजी निर्माण की अनुमति नहीं थी. 1880 में वर्तमान राजभवन का निर्माण भोपाल की नवाब शाहजहां बेगम ने ब्रिटिश अधिकारियों के ठहरने के लिए किया था. इसे शुरू में लाल कोठी नाम दिया गया था. 1880 के बाद से लाल कोठी भोपाल में तैनात ब्रिटिश राजनीतिक एजेंटों का आधिकारिक निवास बन गया.

उज्जैन में शराबबंदी के बाद उठा सवाल…काल भैरव को भोग में कैसे चढ़ेगी शराब? संतों ने कही ये बात

After prohibition of liquor in Ujjain, question arose…how will liquor be offered to Kaal Bhairav? The saints said this मध्यप्रदेश के उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की ओर से शराबबंदी का एलान करने के बाद बाबा महाकाल के सेनापति भगवान कालभैरव मंदिर, जहां भगवान को श्रद्धालु शराब का भोग लगाते हैं, इस परंपरा के चलते मंदिर के बाहर आबकारी विभाग की दो सरकारी शराब दुकानें संचालित होती हैं। इन दुकानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शराब खरीदकर भगवान को अर्पित करते हैं और कई लोग इसे प्रसाद के रूप में भी ग्रहण करते हैं। लेकिन अब इस नई नीति से यह दोनो दुकाने बंद हो जाएगी। 17 दुकानों पर लग जाएगा तालाउज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है। आदेश आने के बाद नई आबकारी नीति के अनुसार ही निर्णय लिया जाएगा। वहीं उज्जैन शहर के नगर निगम क्षेत्र में 17 शराब की दुकान आती हैं, जिससे आबकारी विभाग को 242 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिलता है, लेकिन अब मोहन सरकार कैबिनेट के फैसले के बाद इन 17 दुकानों पर ताला लग जाएगा और 242 करोड़ रुपए का नुकसान आबकारी विभाग को होगा। कलेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि कालभैरव के इस मुद्दे पर फैसला अभी बाकी है और जब आदेश जारी होगा, तब काल भैरव मंदिर के आसपास शराब बंदी के आदेश पर विचार किया जाएगा। इन 17 शहरों में लगा बैनमोहन यादव सरकार ने मध्य प्रदेश के 17 शहरों में शराबबंदी का फैसला किया। इन शहरों में उज्जैन, ओंकारेश्वर, मैहर, खजुराहो, महेश्वर, ओरछा, सांची, नलखेड़ा, सलकनपुर, जबलपुर, मंदसौर सहित अन्य जिलों का नाम शामिल है। सीएम मोहन ने कहा कि ये सभी क्षेत्र हमारी धार्मिक आस्था के केंद्र हैं। इसी नीति के आधार पर इन सभी क्षेत्रों में सरकार ने शराबबंदी का निर्णय लिया है। खास बात ये है कि, शराबबंदी वाले क्षेत्रों से हटाई जाने वाली सभी शराब दुकानों को अन्य किसी स्थानों या शहरों में विस्थापित भी नहीं किया जाएगा। यानी ये सभी दुकानें पूरी तरह से बंद होंगी। महाकाल के सेनापति है काल भैरवधार्मिक मान्यताओं के अनुसार काल भैरव बाबा महाकाल के सेनापति है। महाकाल दर्शन से पहले काल भैरव मंदिर में दर्शन किए जाते हैं। भगवान काल भैरव को आदिकाल से ही शराब का भोग लगाकर सबके सामने पिलाई जाती है। यही वजह है कि मंदिर के पास दो शराब की दुकानें हैं, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु करीब 5 लाख रुपए की शराब लेते है। उज्जैन में शराब बंदी को लेकर सवाल उठ रहा है कि काल भैरव मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्तों को शराब चढ़ाने के लिए शराब कहां से मिलेगी….? ऐसे में यहां शराब बंदी के आदेश को कैसे लागू किया जाएगा? संतों ने कहा लोगों को सीमित मात्रा में ही मिलेउज्जैन अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रामेश्वर दास जी महाराज ने कहा कि सरकार शराब बंदी लागू करे, लेकिन काल भैरव मंदिर में ख़ास ध्यान देकर नई नीति बनाए, ताकि लोग इसे सिर्फ चढ़ाने के उद्देश्य से ही खरीद सके। साथ ही भक्तों को दुकान से शराब सीमित मात्रा में ही मिले।

गौशाला से गायों के लापता होने पर संतों में आक्रोश, सिर मुंडवाकर प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

Saints are angry over the disappearance of cows from the cowshed, they shave their heads and demand action from the administration खाचरोद स्थित श्री नंदराज गौशाला लेकोड़िया में 498 गौमाताओं के लापता होने का मामला सामने आया है। बगलामुखी शक्तिपीठाधीश्वर संत कृष्णानंद महाराज ने दस दिन पूर्व प्रशासन को इस घटना की जानकारी देते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने शिकायत में बताया कि गौशाला में एक हजार गौमाताओं के लिए मध्यप्रदेश सरकार 20 रुपये प्रति गौमाता के मान से अनुदान दे रही है। वहीं, सरकारी पशु चिकित्सक की रिपोर्ट में गौशाला में केवल 500 के आसपास गौमाताओं का उल्लेख किया गया है। संत कृष्णानंद महाराज का कहना है कि सरकारी दस्तावेजों के अनुसार गौशाला में एक हजार गौमाताओं के लिए अनुदान मिल रहा है, जबकि पशु चिकित्सक की रिपोर्ट में सैकड़ों गायों के गायब होने का जिक्र है। उनका सवाल है कि ये गायें आखिर कहां हैं? संत के आरोपों के बाद आनन फानन में गौशाला समिति सदस्यों ने अन्य गौशालाओं में गाय भेजने का जिक्र किया था, लेकिन उक्त गौशाला के संचालकों ने स्वामी के सामने आकर दूसरी गौशाला की गाय के यहां पहुंचने से मना कर दिया। स्वामी कृष्णा नंद महाराज ने अपने जन्मदिन के मौके पर स्वागत मंच को गौमाताओं की हत्या के प्रतीक रूप में श्रद्धांजलि में बदल दिया। गया और बाहर से आए कई और साधु संतों, यहां तक कि भक्तों ने गौ माता को श्रद्धांजलि देते हुए अपने सिर के बाल सर मुंडवा दिए। स्वामी यही नहीं रुके और मंच से क्षेत्रीय विधायक तेज बहादुर सिंह चौहान पर बरसते हुए कहा कि अब तो विधायक बन गए हो अगली बार भूल जाना कि तुम विधायक बनोगे और आज के बाद इस आश्रम के दरवाजे तुम्हारे लिए बिल्कुल बंद हैं। वहीं लिंकोडिया गौशाला के संत गंगा गिरी महाराज भी सामने आए उन्होंने भी मीडिया के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मैं तो पिछले कई वर्षों से गौशाला का संचालन करता था। कुछ दिनों के लिए बाहर क्या चला गया इन दुष्टों ने 498 गौ माता को कहा पहुंचा दिया। आप तो मीडिया वाले हैं आप ही सच्चाई बाहर ला सकते हैं और सच्चाई बाहर आनी चाहिए। मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से आग्रह करता हूं इस विषय पर तुरंत संज्ञान लें और दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजें।

कैबिनेट बैठक के लिए महेश्वर तैयार, मंत्रियों को मिलेगा मालवा निमाड़ के व्यंजन

Maheshwar ready for cabinet meeting, ministers will get dishes from Malwa Nimar शुक्रवार को पर्यटन नगरी महेश्वर में होने वाली मंत्रीमंडल बैठक के लिए तैयारियां जोरों पर है। नर्मदा रिट्रीट कैम्पस में एक बड़ा डोम तैयार किया गया है। बैठक में शामिल मंत्रियों को मालवी और निमाड़ी व्यंजन परोसे जाएंगे। दाल बाफले, चूरमा लड्डू, दाल पानिए, बेसन गट्टे की सब्जी सहित अन्य व्यंजन परोसे जाएंगे। माना जा रहा है कि कैबिनेट बैठक में धार्मिक नगरी में शराब बिक्री पर प्रतिबंध के फैसले को मंजूरी दी जाएगी। लोकमाता अहिल्या बाई होलकर का 300 वां जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। इस मौके पर महेश्वर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक करने का फैसला लिया। मुख्यमंत्री व अन्य मंत्री सुबह साढ़े दस बजे महेश्वर पहुंच जाएंगे। पहले अहिल्या प्रतिमा का पूजन होगा, फिर यहां मंत्रियों का सामूहिक फोटो सेशन होगा। दोपहर 12 बजे बैठक शुरू होगी। जिसमे प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे। मालवी-निमाड़ी अंदाज में सजा परिसर जिस परिसर में बैठक होगी। उसे मालवी निमाड़ी अंदाज में सजाया गया है। दीवारों पर मांडने व संजा सजाए गए है। इसके अलावा रंग-बिरंगी वंदनदार भी सजाई गई है। परिसर के मुख्य गेट पर महेश्वर किले की प्रतिकृति बनाई गई है। महेश्वर में मुख्यमंत्री व मंत्री चार घंटे तक रुकेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर से भोपाल रवाना हो जाएंगे। परिसर के समीप एक हेलीपेड भी बनाय गया है। पहली बार निमाड़ में आने वाले महेश्वर में यह बैठक हो रही है। इससे पहले हनुमंतिया में भी कैबिनेट बैठक हो चुकी है।

सेज यूनिवर्सिटी और एक्सप्रेस ई कनेक्ट का समझौता: कृषि क्षेत्र में नवाचार

Sage University and Express E Connect tie up: Innovation in agriculture sector भोपाल ! दिनांक 22 जनवरी 2025 को एलसीबी फर्टिलाइजर और एक्सप्रेस ई कनेक्ट के प्रबंध निदेशक उदित नारायण और भोपाल स्थित सेज यूनिवर्सिटी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता जैव उर्वरकों और अन्य संबंधित उत्पादों के प्रदर्शन, प्रमाणन, निर्माण और व्यवसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। इस साझेदारी के तहत शोध और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र में क्रांति आने की उम्मीद है। गौरतलब है कि इस समझौते से पहले भी एलसीबी फर्टिलाइजर और एक्सप्रेस ई कनेक्ट ने मध्य प्रदेश में महत्वपूर्ण पहल की है। 25 दिसंबर 2024 को, अटल जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर, पंचायती राज मंत्री माननीय प्रहलाद पटेल जी ने दमोह जिले में एलसीबी फर्टिलाइजर और एक्सप्रेस ई कनेक्ट के साथ मिलकर आत्मनिर्भर गौशाला परियोजना का शुभारंभ किया था। इस पहल का उद्देश्य गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाना और कृषि उत्पादकता में सुधार करना था। इस आत्मनिर्भर गौशाला परियोजना के तहत जैव उर्वरकों का निर्माण गोबर और अन्य जैविक कचरे से किया जाता है। इसका उपयोग खेतों में किया जाने वाला रासायनिक उर्वरकों का स्थान लेने के लिए किया जा रहा है। यह मॉडल न केवल पर्यावरण को सुरक्षित बनाता है, बल्कि किसानों को किफायती और प्रभावी विकल्प भी प्रदान करता है। इस पहल से किसानों के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। Read More: अटल जन्म शताब्दी पर जैविक खेती को बढ़ावा: दमोह में जैविक खाद इकाई का शुभारंभ नए एमओयू के तहत सेज यूनिवर्सिटी शोध और तकनीकी सहयोग में अपनी भूमिका निभाएगी। यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ किसानों और उद्योग के लिए प्रमाणन प्रक्रियाएं विकसित करेंगे। इसके साथ ही, जैव उर्वरकों और संबंधित उत्पादों के प्रदर्शन के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह साझेदारी छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए भी नए अवसर खोलेगी। एलसीबी फर्टिलाइजर और एक्सप्रेस ई कनेक्ट ने इस समझौते के माध्यम से कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने का संकल्प लिया है। आत्मनिर्भर गौशालाओं को और अधिक व्यापक रूप में स्थापित करने और जैव उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने की योजना है। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इस समझौते के माध्यम से मध्य प्रदेश के कृषि क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। माननीय प्रहलाद पटेल जी द्वारा शुरू की गई आत्मनिर्भर गौशाला परियोजना और नई साझेदारी के बीच का यह तालमेल राज्य और देश के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

अहिल्या देवी की नगरी महेश्वर में 24 को कैबिनेट की बैठक, बस सेवा शुरू करने का हो सकता है ऐलान

Cabinet meeting on 24th in Ahilya Devi’s city Maheshwar, announcement may be made to start bus service. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 24 जनवरी को लोकमाता अहिल्या देवी की नगरी महेश्वर में कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रदेश में बस सेवा शुरू करने को मंजूरी मिलने की संभावना है। सरकार इस वर्ष के अंत तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में यात्री बस सेवा प्रारंभ करना चाहती है। शुरू में कुछ चयनित रूटों पर बसे चलाई जाएंगी। बैठक के बाद परिवहन विभाग इस प्रस्ताव को लेकर आगे की कार्रवाई तेज करेगा। इसके तहत बस सेवा संचालित करने के लिए एक कंपनी स्थापित की जाएगी, जो प्रदेश में यात्री बसों का संचालन करेगी। इस बैठक को लेकर सभी संबंधित विभाग तैयारियों में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2025 मालवा की महारानी पुण्यश्लोका अहिल्या देवी का 300 वां जयंती वर्ष है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने देवी अहिल्या माता की 300वीं जयंती मनाने का निर्णय लिया है। इस उपलक्ष्य में हम पूरे वर्ष अलग-अलग कार्यक्रम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैबिनेट की अगली बैठक मालवा की महारानी लोकमाता अहिल्या देवी को समर्पित की जाएगी। कैबिनेट की बैठक 24 जनवरी को लोकमाता की राजधानी रही धार्मिक नगरी महेश्वर में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को जारी अपने संदेश में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्या देवी का जीवन धार्मिकता, त्याग और करुणा का प्रतीक था। वे न केवल एक कुशल शासिका थीं, बल्कि एक आदर्श नारी और माता भी थीं। लोकमाता अहिल्या देवी के शासनकाल, उनकी कर्तव्यपरायणता, धर्म परायणता, सुशासन, दानशीलता, धार्मिकता आदि गुणों से हमें सद्मार्ग और सुशासन के जरिए लोक-कल्याण की असीम ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है। उनके व्यक्तित्व की आभा से पूरा समाज आज भी उन्हें अत्यंत श्रद्धा से देखता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की पावन धरा वह स्थान है, जहां रानी दुर्गावती, लोकमाता अहिल्या देवी, सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज जैसे प्रतापी एवं सुशासन लाने वाले शासक हुए हैं। इनके नाम और काम पर मध्यप्रदेश सदैव गौरवान्वित होता आया है। इस संदर्भ में महिला शासिका लोकमाता अहिल्या देवी का नाम भी अजर-अमर है। उनके नाम पर समर्पित मंत्रि-परिषद की बैठक में हम जनकल्याण से जुड़ी कई नवीन योजनाओं को मंजूरी देने जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की कि हम सब मालवा की लोकमाता अहिल्या देवी के पुण्य स्मरण में शामिल हों। वे स्वयं और सभी मंत्रीगण मिलकर अहिल्या माता को समर्पित मंत्रिपरिषद की बैठक के लिए महेश्वर जाएंगे और यही लोकमाता को उनके सद्कार्यों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

अतिक्रमणकारियों का मुकाबला फ्रंट में नहीं बल्कि समुदाय विरुद्ध समुदाय के जरिए करें

Confront the encroachers not from the front but through community against community भोपाल। आईएफएस अफसरों की दो दिन चली मंथन का समापन शनिवार को हो गया। मंथन में अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल ने फील्ड के अवसरों को दो मूल मंत्र बताएं। पहला यह कि अतिक्रमणकारियों का मुकाबला फ्रंट में रहकर नहीं करे, बल्कि उसे समुदाय वर्सेस समुदाय को आगे कर करें। जंगल बचाने वाले समुदाय का सपोर्ट करें और उन्हें ताकतवर बनाएं। दूसरा मंत्र टीम भावना से काम करने का दिया।  अपैक्स भवन में दो दिन चली मैराथन मंथन में फील्ड के अफसरों ने जितने भी प्रेजेंटेशन दिए, वे सभी प्रस्तुति एसीएस वर्णवाल के मानक पर खरे नहीं उतरे। शनिवार को सतना डीएफओ मयंक चांडीवाल ने वन अधिकार अधिनियम को लेकर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। चांडीवाल ने बताया कि अधिनियम में दो गवाह के आधार मानकर पट्टा देने की अनुशंसा कर दिया जाता है। जबकि दो साक्ष्य के आधार पर हो, जिसमें एक सैटलाइट इमेजरी होना चाहिए। इस पर एसीएस वर्णवाल बोले कि आप अपने ढंग से अधिनियम के प्रावधानों का प्रजेंटेशन करेंगे। अधिनियम का इंटरप्रिटेशन अपने हिसाब से ना करें। वर्णवाल ने यह भी कहा कि यदि आप सहमत नहीं है तो अपनी आपत्ति लिखित में कलेक्टर के समक्ष दर्ज कराएं। आपकी आपत्ति को कलेक्टर इग्नोर नहीं कर सकता। इसी मसले पर एपीसीसीएफ भी कुछ कहना चाहते थे किन्तु एसीएस ने उन्हें बोलने नहीं दिया। पन्ना नेशनल पार्क की फील्ड डायरेक्टर अंजना तिर्की ने एसीएस के समक्ष जानवर मुआवजा का अधिकार फॉरेस्ट अफसर को देने की बात रखी। इस पर वर्णवाल ने कहा कि राजस्व अधिकारी को अधिकार इसलिए दिया गया है क्योंकि उनके पास मुआवजा आकलन करने का अनुभव है। उन्होंने यह भी कहा कि शाजापुर जैसे वन मंडलों में स्टाफ की कमी होती है तो मुआवजा का काम कैसे कर पाएंगे।  टीम भावना से करें काम एसीएस वर्णवाल ने दो दशक पहले देवास जिले के मेहंदीखेड़ा में हुई गोलीचालन को लेकर एक रिपोर्ट केस स्टडी के रूप में फॉरेस्ट अफसर के बीच वितरित की। तब वर्णवाल देवास के कलेक्टर थे। फॉरेस्ट के अफसर से सवाल किया कि इसमें आप बताएं क्या किया जा सकता था? इसके बाद उन्होंने अफसर के समक्ष कहा कि इस गोलीचालन में चार लोगों की मौत हुई थी। इसकी मजिस्टिकल जांच हुई थी। तब देवास में डीएफओ महेंद्र धाकड़ थे। उन्होंने बताया कि मजिस्ट्रियल जांच में कलेक्टर एसपी और डीएफओ के बयान एक जैसे ही थे। हम लोगों ने टीम भावना के साथ घटना और मजिस्ट्रियल जांच का सामना किया। इसलिए डीएफओ कलेक्टर और एसपी के साथ मिलकर काम करें।  नए अफसरों को परोसा झूठ एसीएस वर्णवाल ने देवास के मेहंदीखेड़ा गोलीकांड के मामले में कुछ झूठ भी परोसा है। बड़वाल ने एनजीओ तक का नाम नहीं बताया जबकि आदिवासी मुक्ति संगठन के नाम से जनता को वर्ग लाया जा रहा था और इसके संचालक राहुल बनर्जी और माधुरी बेन थे, जो आज भी सक्रिय है। वर्णवाल ने फील्ड से आए अफसर से यह बताया कि इस घटना को लेकर विधानसभा क्वेश्चन तक नहीं हुई। जबकि गोली कांड को लेकर सदन में खूब हंगामा हुआ स्थगन लाये गए थे और विधानसभा की कार्रवाई बाधित भी हुई। इसके चलते सरकार को कलेक्टर, एसपी और डीएफओ को हटाना भी पड़ा था। इस पूरी घटना को लेकर तत्कालीन पीसीसीएफ आरडी शर्मा के कहने पर मैंने ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की थी। मैंने दैनिक नई दुनिया में तीन दिन तक रिपोर्टिंग का एपिसोड चलाया। अपनी रिपोर्टिंग में मैंने यह  स्पष्ट कर दिया था कि तत्कालीन प्रमुख सचिव वन बनर्जी और एनजीओ संचालक कर्ता राहुल बनर्जी के बीच दोस्ताना संबंध रहे और उनमें टेलिफोनिक बातचीत भी होती रही। राहुल पुलिस की नजरों में फरार था पर वल्लभ भवन में अधिकारियों से मिलता जुलता रहा। मेरे द्वारा खबर प्रकाशित करने के बाद वन विभाग प्रमुख सचिव से बनर्जी को हटा दिया गया था। तत्कालीन पीसीएफ आरडी शर्मा आज भी जीवित है।

शक्कर कारखाने को चलाने के लिए संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना शुरू

Sangharsh Samiti begins indefinite strike to run sugar factory मुरैना ! जिले के सबसे बड़े उद्योग दी मुरैना मंडल सहकारी कारखाने को चलाने के लिए, कर्मचारी किसानों का बकाया भुगतान करने के लिए ,मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर अमल करने के लिए, कारखाने की परिसंपत्तियों को नहीं बेची जाने और नीलामी रोकने के लिए एवं शासन से विशेष अनुदान के लिए की मांगों के लिए रोजगार विशाल धरना कैलारस शक्कर कारखाने पर प्रारंभ हुआ जौरा विधानसभा के प्रत्येक गांव से किसान अपने साथ आटा सब्जी लेकर आ रहे हैं  किसानों की यह मंशा है कैलारस का कारखाना फिर से शुरू होना चाहिए   इस धरने में कांग्रेस पार्टी के साथ कम्युनिस्ट पार्टी बहुजन समाज पार्टी आम आदमी पार्टी के नेता भी धरने पर  बैठे हैं, अपने सम्बोधन में अशोक तिवारी ने कहा कि शक्कर कारखाना सहकारिता की धरोहर है इसमें किसानों की हिस्सेदारी है, तिवारी ने कहा जिस प्रकार सरकार अन्य कारखानों को चालू करने के लिए रुपया दे रही है तो कैलारस  के कारखाने को भी चालू करने के लिए पैसा देना चाहिए, पूर्व विधायक रबीन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि इस कारखाने से हज़ारों किसान मजदूरों दुकानदारों को बहुत लाभ था, आज यहां का युवा बाहर अन्य प्रान्तों में मजदूरी करने जा रहे हैं, बसपा के नंदलाल खरे ने कहा कि सरकार की मंशा है कि इस कारखाने की को अपने लोगों को देना चाहती है  ,लेकिन हम शक्कर कारखाने की जमीन को  बेचने नहीं देंगे और हमारी पार्टी के नेता भी इस धरने में सम्मलित होंगे, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राठौर ने कहा कि सरकार कितनी भी ताकत लगा ले पंकज उपाध्याय के साथ हजारों सिपाही साथ हैं  जिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने कहा जिस प्रकार मुरैना का बस स्टेंड खरीदा इसी तरह कैलारस शक्कर कारख़ाने को खरीदना चाहते हैं, इस क्षेत्र की जनता चाहती है कि कारखाना चलाना चाहिए पार्टी और क्षेत्र की जनता आपके साथ हैं, कॉंग्रेस के अशोक सिंह सिकरवार में कहा कि नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि तुम मुझे सांसद बना दो फिर में शक्कर कारखाने को चलाएंगे, सांसद बन गए फिर भी कारखाना नहीं चला, चुनाव में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बीजेपी की सरकार बनेगी तो में कैलारस में केबिनेट मीटिंग कराऊंगा, सरकार बनी पर कारख़ाना नही चला ,जिला कॉंग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष विष्णु अग्रवाल ने कहा कि शक्कर कारखाना अगर चालू होगा तो सबको फायदा होगा,  अगर कारखाना चालू होता है तो सबको लाभ होगा, कॉंग्रेस के महासचिव जसवीर सिंह गुर्जर ने कहा कि  शक्कर कारखाने जब चलता था तब पूरे क्षेत्र का गन्ना यहां आता था किसानों की आवाज को बीजेपी दबाना चाहती है बीजेपी के नेताओं को भी समझना चाहिए कि क्षेत्र की जनता बहुत परेशान हैं उन्हें भी जनता का दर्द समझना चाहिए, अभी समय है सबको जागना पड़ेगा, सरकार लोगों की आवाज को दबाना चाहती है, एक धरना जिले और भोपाल में भी होना चाहिये, जिससे पूरे प्रदेश की जनता दिखेगी ,मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव रामलखन डंडौतिया  ने कहा कि बीजेपी सरकार की नीति और नीयत में खोट है  ,पहले  पोरसा और मुरैना का बस स्टेंड खरीदा ऐसे ही ये शक्कर कारखाने को अपने नुमाइंदों को दिलवाना चाहती है, पंकज उपाध्याय ने कारखाने को बचाने के लिए जो बीड़ा उठाया है हम सबको उनका साथ देना चाहिए, सबकी जिम्मेदारी है कारखाने को बचाना है जब तक मोहन सरकार नीलामी नहीं रोकती तब तक धरना प्रदर्शन चलता- रहेगा, पूर्व विधायक महेशदत्त मिश्रा ने कहा कि सरकार तुमने मील को बंद करा दिया लेकिन पहले तुमने चालू करने की कहा था केंद और प्रदेश में तुम्हारी सरकार है  दस हजार की जरूरत थी कारखाना चलाने की पर तुमने कारखाना को चालू कराना उचित नहीसमझ, cpm के गयाराम  धाकड ने कहा कि मैं भी एक किसान हूं मैंने भी इस कारखाने में गन्ना दिया था, पूरे क्षेत्र में गन्ना की डिपो थी  अब सब बंद हैं, मेने कई बार कहा कि कारखाने की मशीन खराब थी पर हमारी किसी ने सुनवाई नही की  जान बुझ कर कारखाने को बंद कराया गया, हमने कहा कारखाने में चोरी हो रही हैं पर हमारी बातों को नहीं सुना धरने मैं मुख्य रूप से राजवीर धाकड़ राजेश गुप्ता सुरेंद्र शाक्य नंदलाल खरे बदनसिंह जी आम आदमी पार्टी से डॉक्टर मुरारी लाल अमर विनोद दुबे राम इत्यागी ओम प्रकाश शाक्य डॉ शम्मा कुरेशी शराफत अली खान जगदीश प्रजापति ओम प्रकाश शर्मा संतोष सोलंकी धर्मेंद्र सिंह सिकरवार आदिराम जाटव प्रमोद शर्मा पवन शर्मा राजकुमार सिकरवार मुरारी लाल धाकड़ सुरेश उपाध्याय जगदीश शुक्ला विष्णु अग्रवाल अशोक  सिकरवार राजेश राठौर बृजकिशोर सखवार शैलेंद्र बौहरे राजेंद्र सिंह जादौन के साथ बड़ी संख्या में किसान एवं युवा  मौजूद रहे।

शहडोल में 7वां रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, सीएम यादव पहुंचे, 30 हजार करोड़ के प्रस्तावों पर चर्चा होगी

Seventh Regional Industry Conclave of Madhya Pradesh मध्य प्रदेश का सातवां रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आज गुरुवार को शहडोल जिले में आयोजित हो रहा है। कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए सीएम मोहन यादव भी पहुंच गए हैं। इस कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए पांच हजार निवेशकों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र से लगभग 40 से ज्यादा बड़े उद्योगपति शहडोल पहुंच चुके हैं। इनके अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय निवेशक भी पहुंचे हैं। शहडोल के इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित हो रहे इस कॉन्क्लेव में विशेष रूप से खनिज उद्योग, सौर ऊर्जा और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही एसीसी सीमेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट और रिलायंस इंडस्ट्री के प्रतिनिधि शामिल इसमें शामिल होंगे। कॉन्क्लेव में 30 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। कॉन्क्लेव में शामिल होने से पहले सीएम यादव ने की गौ सेवारीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का लेकर सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी। उन्होंने एक्स कर लिखा- भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य से पूर्व गौ माता के पूजन का विशिष्ट महत्व होता है। आज शहडोल में आयोजित “रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव” में सहभागिता से पूर्व निवास स्थित गौशाला में जगतजननी गौ माता की सेवा कर प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। मैया के आशीर्वाद से अनंत संभावनाओं वाले मध्यप्रदेश में निवेश की वर्षा हो और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प सिद्धि का पथ प्रदर्शित हो, यही प्रार्थना है। यह प्रस्ताव मिलेरीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव में ग्राम पटासी में ऐथेनॉल प्लांट के लिए 140 करोड़ रुपए, ग्राम मुदरिया में खाद्य प्रसंस्करण के लिए 3.5 करोड़ रुपए तथा ग्राम छतवई में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में 5 करोड़ रुपए के प्रस्ताव मिले है। औद्योगिक विकास के लिए शहडोल जिले के दियापीपर में 51.135 हेक्टेयर, तथा ग्राम चन्नौड़ी में 2.023 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है। उमरिया जिले में आद्योगिक क्षेत्र बड़वार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए 5 करोड़ रुपए , बड़वार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए 2 करोड़ रूपये, ग्राम रोहनिया में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए 2.5 करोड़ के प्रस्ताव मिले हैं।

मप्र में 7 साल बाद भी कैंपा प्राधिकरण का गठन नहीं, केंद्र को दिखाया ठेंगा

Even after 7 years, CAMPA authority has not been formed in Madhya Pradesh, showing contempt to the Centre. भोपाल। केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय ने अगस्त 2018 को सभी राज्यों में प्रतिपूरक वनीकरण कोष एवं योजना प्राधिकरण कैपा गठन के निर्देश दिए थे। 7 साल बीत जाने के बाद भी मप्र में कैंपा प्राधिकरण का गठन नहीं हो पाया। जबकि केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के आधार पर प्राधिकरण के गठन के आदेश दिए थे। यानी मप्र में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की भी हो रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय के निर्देश पर देश के अन्य राज्यों में कैंपा प्राधिकरण का गठन हो गया है। जबकि मप्र में अभी तक पीसीसीएफ का एक पद बचाने के लिए गठन नहीं किया गया। मौजूदा काल में राज्य कैडर में पीसीसीएफ के पद भी कम हो गए हैं। बावजूद इसके प्राधिकरण का गठन करने को लेकर शीर्ष अफसरों द्वारा न केवल आना-कानी की जा रही है, बल्कि मुख्य सचिव से लेकर मुख्यमंत्री तक गलत तथ्य प्रस्तुत किए जा रहे हैं। विभाग में स्थितियां है कि पीसीसीएफ कैंपा का पद हथियाने के लिए वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी एड़ी से चोटी तक का जोर लगा रहे हैं। अब तक जितने भी पीसीसीएफ कैंपा के पद पर पदस्थ रहे आईएफएस अफसरों की मुख्यमंत्री हाउस तक सीधी पहुंच रही है। फिलहाल मौजूदा स्थिति में पीसीसीएफ कैम्पा पद पर पीके सिंह है, जो 31 जनवरी को सेवामुक्त हो रहें हैं। अब तो बना दिया जाना चाहिए कैंपा प्राधिकरण लंबे समय तक केंद्र में अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाने वाले अनुराग जैन के मुख्य सचिव बनने के बाद कैंपा प्राधिकरण के गठन की संभावनाएं बढ़ गई है। कैंपा प्राधिकरण के गठन होने पर पीसीसीएफ कैंपा का पद समाप्त हो जाएगा, क्योंकि इसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) पद का प्रावधान है। इस पद पर एवीसीसीएफ स्तर के अधिकारी को ही सीईओ पदस्थ जा सकता है। नाथ सरकार ने नहीं दिया प्राधिकरण पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार के कार्यकाल bमें तत्कालीन अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव ने केंद्र के निर्देश पर राज्य में कैथा प्राधिकरण के गठन की पहल शुरू की। प्राधिकरण के गठन की प्रक्रिया शुरू होते ही तत्कालीन पीसीसीएफ पद पर विराजे एबी गुप्ता छिंदवाड़ा की दौड़ लगा दीथी। तत्कालीन मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल ने गुप्ता की मुलाकात कमलनाथ से कराई। इस मुलाकात में कैंपा पीसीसीएफ गुप्ता के बाद नाथ के निर्देश पर कैंपा प्राधिकरण के गठन पर विराम लग गया। कमलनाथ के बाद शिवराज सरकार ने भी प्राधिकरण के गठन पर पहल नहीं की। इसकी वजह भी स्पष्ट थी कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपने करीबी रिश्तेदार महेंद्र सिंह धाकड़ को पीसीसीएफ कैंपा के पद पर उपकृत करना था। केंद्र से नहीं मिली कैंपा पीसीसीएफ की मंजूरी केंद्र सरकार ने कैपा पीसीसीएफ का पद अस्थाई तौर पर 3 साल के लिए स्वीकृत किया था, जिसकी मियाद जनवरी 2019 को समाप्त हो गई। यानी 2019 के बाद से अब तक पीसीसीएफ कैंपा का पद कैडर में स्वीकृत न होने के बाद भी पोस्टिंग होती चली आ रही है। अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल कैंपा प्राधिकरण संबंधित प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के समक्ष मूव करना चाहिए। मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव के अधीन वन विभाग भी है। यानी सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और केंद्र सरकार केंद्र सरकार के निर्देश के 7 साल बाद तो मप्र प्राधिकरण का गठन कर दिया जाना चाहिए। फैक्ट फाइल

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में छात्रों को ले जा रही बस से ट्रक टकराया, एक की मौत; कई घायल

A truck collides with a bus carrying students in Bhopal, the capital of Madhya Pradesh, one dead; many injured मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को एक भीषण हादसा हो गया जिसमें छात्र-छात्राएं घायल हो गए हैं. हादसे में 6 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है. वहीं एक की मौत हो गई है. कई और बच्चों को चोटें आई हैं. बच्चों और बस ड्राइवर समेत अन्य घायलों को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है. बच्चों का इलाज किया जा रहा है. यह सड़क हादसा शहर के भोरी बायपास के पास हुआ है. पुलिस भी मौके पर पहुंची और सभी घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाने में मदद की. जानकारी के मुताबिक यह हादसा भौरी बाईपास पर हुआ है, जहां छात्रों से भरी हुई बस जा रही थी और सामने से तेज रफ्तार ट्रक ने बस को टक्कर मार दी. बस का सामने का हिस्सा कचूमर बन चुका है. हादसे के बाद स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ा और छात्रों को बस से निकालना शुरू किया. इसी बीच पुलिस को भी जानकारी दी गई. पुलिस भी मौके पर पहुंची और घायल बच्चों को हॉस्पिटल में भर्ती करवाया. घायलों का चल रहा इलाजघायलों के इलाज की व्यवस्था की जा रही है. सभी छात्र-छात्राएं पीपुल्स स्कूल ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी के इजीनियरिंग के छात्र हैं. सभी छात्र आईसर कंपनी के प्लांट पर विजिट के लिए गए थे. हादसे में 6 बच्चों की हालत नाजुक बताई जा रही है. फिलहाल डॉक्टर्स की टीम बच्चों का इलाज करने में जुटी हुई है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जिस वक्त छात्र-छात्राएं विजिट से वापस लौट रहे थे उसी वक्त बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है. एक छात्र की मौतबिरसिंहपुर पाली के रहने वाले छात्र विनीत साहू की हादसे के बाद मौत हो गई है. उसे गंभीर हालत में हॉस्पिटल ले जाया गया था. वहीं छात्र विमल यादव और छात्र शिवम लोधी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. उनका क्रिटिकल केयर में इलाज किया जा रहा है. बस के अंदर बैठे बाकी छात्र-छात्राओं को यानी करीब 29 छात्रों को मामूली चोटें आई हैं. सभी छात्रों को हादसे के बाद पीपुल्स हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया है.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet