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भारतीय जनता पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाती : वीडी शर्मा

भोपाल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा है कि देश हो प्रदेश यहाँ रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को ढूंढ ढूंढ कर निकाला जायेगा और वापस भिजावाया जाएगा और अवैध रूप से रह रहे पाक नागरिक बिलकुल भी नहीं बचेंगे, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की पहलगाम हमले के रूप में की गई कायराना हरकत का करारा जवाब दिया जायेगा पूरा देश गुस्से में है। मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष वीडी शर्मा ने आज पार्टी कार्यालय में उन विधायकों और अन्य जन प्रतिनिधियों को बुलाकर बात की जो पिछले कई दिनों से सार्वजानिक मंच से पार्टी लाइन से हटकर बातें कर रहे थे, उन्होंने सभी से बात की जो नहीं आ पाए उनको बुलाकर बात की जाएगी, जबकि एक नेत्री को नोटिस पार्टी नोटिस दे रही है। पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाती वीडी शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाती ऐसा करने वाला कार्यकर्ता हो, पदाधिकारी हो, मंत्री, सांसद, विधायक हो कोई बक्शा नहीं जाता भाजपा में एक पद्धति है एक प्रक्रिया है उसके तहत काम होते है आज उसी के तहत सबसे बात हुई है, हम सब इंसान हैं हो जाता है कभी कभी लेकिन सबको समझाइश देने बुलाया था। हमारी बेटियों-बहनों की तरफ आँख उठाकर देखने वाला बचेगा नहीं भोपाल में हिंदू लड़कियों को लव जिहाद के जाल में फंसाने वाली गैंग के सवाल पर वीडी शर्मा ने कहा कि हमारी पुलिस बहुत एक्टिव है वो एक्शन ले रही है मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी कड़े निर्देश दिए है, उन्होंने कहा हमारी बेटियों बहनों की तरफ आँख उठाकर देखने वाला बचेगा नहीं। बिलकुल बक्शा नहीं जायेगा वीडी शर्मा ने पाकिस्तानी नागरिकों से जुड़े सवाल पर कहा कि एक एक पाकिस्तानी नागरिक को ढूंढ ढूंढ कर निकाला  जायेगा और वापस भेजा जायेगा और जो अवैध रूप से रह रहे हैं उन्हें बिलकुल बक्शा नहीं जायेगा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा अब हमारे भाई बहनों के ताबूत आये तो अब आतंकवाद का अंतिम ताबूत होगा जिसपर कील ठुकेगी, पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह कह चुके हैं पाकिस्तान को पहलगाम हमले का करार जवाब  मिलेगा, पूरा देश इस मामले में एकजुट है।

कायरतापूर्ण हरकत पर और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार हर कीमत पर कार्रवाई करने को तैयार :विधायक रामेश्वर शर्मा

भोपाल/इंदौर  मध्य प्रदेश के भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने बयान देते हुए कहा कि देश के गृहमंत्री तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे हैं। भारत के प्रधानमंत्री जी  विदेश दौरा रद्द करके तत्काल भारत वापस लौटे हैं। हमारी भारत सरकार सचेत और सजग एक्शन के मूड में है। इस कायरतापूर्ण हरकत पर और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार हर कीमत पर कार्रवाई करने को तैयार है। बीजेपी विधायक ने कहा कि हम अपने नागरिकों का बदला लेंगे। आतंकवादी कान खोलकर सुन ले, शांति में अगर आग लगाई है तो आंच  तुम्हारे घरों तक जरूर जाएगी। यह शांति का टापू है मेरा कश्मीर, केसर की क्यारी है मेरा कश्मीर और हिंदुस्तान की धरती का स्वर्ग है मेरा कश्मीर। ध्यान रखना तुम्हें मगर मुगालता होगा तो वह दूर कर लेना, भारत रात को 12 बजे भी बदला लेना जानता है।   आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता वहीं पूर्व मंत्री और वर्तमान बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने भी कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले  की निंदा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय भक्ति शीर्ष नेतृत्व की सरकार इस पर कड़ा एक्शन लेगी। देश की अखंडता और एकता को 75 वर्षों से जो प्रयास कर रहे हैं इन्हें कभी सफल नहीं होने दिया जाएगा।  सरकार इस आतंकी हमले को लेकर कठोर कदम उठा रही है।   पूर्व मंत्री ने कहा कि देश की अखंडता और एकता को तोड़ने वाली शक्तियों को खत्म किया जाएगा। सेकुलरिज्म और धर्मनिरपेक्षता की बात करने वालों को अपनी आत्मा के अंदर झांक कर विश्लेषण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों का केवल आतंक फैलाना ही काम है और इन्हें सबक सिखाने का काम केंद्र नेतृत्व का है और उन्हें अच्छे से आता है। देश के स्वर्ग में धर्म पूछ पूछ कर मारना और मानवता को शर्मसार करने वाले लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा उन्हें सबक सिखाया जाएगा। कलमा पढ़ने की बात को लेकर उनका कहना था कि जिस धर्म ग्रंथ की वह बात करते हैं उन्होंने उस धर्म को न पड़ा है ना समझा है। अगर पढ़ा और समझा होता तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं करते।

संवैधानिक संस्थाओं का अपमान और झूठ-फरेब की राजनीति कांग्रेस की पुरानी आदत : राजपाल सिंह सिसौदिया

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कांग्रेस नेत्री कुमारी शैलजा की पत्रकार-वार्ता पर दी प्रतिक्रिया कानून का सामना करने से क्यों घबरा रहा कांग्रेस का शाही परिवार:  राजपाल सिंह सिसौदिया संवैधानिक संस्थाओं का अपमान और झूठ-फरेब की राजनीति कांग्रेस की पुरानी आदत : राजपाल सिंह सिसौदिया -नेशनल हेराल्ड मामले में चोरी और सीनाजोरी कर रही कांग्रेस पार्टी – राजपाल सिंह सिसौदिया भोपाल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कांग्रेस नेत्री कुमारी शैलजा की पत्रकार-वार्ता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा झूठ, छल-कपट की राजनीति करती रही है। नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर उसका विरोध चोरी और सीनाजोरी को दर्शाता है। इस मामले में कांग्रेस के लोग कभी ईडी और आयकर के दफ्तर पर प्रदर्शन करते हैं, तो कभी इन संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब करने के लिए इन पर सवाल उठाते हैं। सिसौदिया ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी की चार्जशीट में श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी का नाम आना पूरी तरह से तकनीकी और कानूनी मामला है। इसलिए सोनिया और राहुल गांधी को तकनीकी और कानूनी आधार पर अपना पक्ष अदालत में रखना चाहिए, लेकिन समझ में नहीं आता कि कांग्रेस का शाही परिवार इस मामले में कानून का सामना करने से घबरा क्यों रहा है? आरोप लगाने से पहले आत्मविश्लेषण करे कांग्रेस भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले की शुरुआत 2012 में हुई थी, उस समय देश में कांग्रेस की ही सरकार थी। एक जनहित याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 2013 में इस मामले में सुनवाई शुरू की और 2013 में ही केस दर्ज हुआ। उस समय देश में कांग्रेस की ही सरकार थी। ऐसे में ईडी की चार्जशीट में श्रीमती सोनिया गांधी, राहुल गांधी और सैम पित्रोदा आदि के जो नाम आए हैं, तो इन नामों को कौन सामने लाया? मोदी सरकार पर आरोप लगाने की बजाय कांग्रेस पार्टी को यह आत्मविश्लेषण करना चाहिए कि इन लोगों के खिलाफ किसने ये षडयंत्र रचा था? कार्पोरेट षडयंत्र की परिणति है नेशनल हेराल्ड मामला भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कहा कि नेशनल हेराल्ड अखबार 1937 में शुरू हुआ और 5000 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी इसके शेयरहोल्डर थे। 2008 में नेशनल हेराल्ड बंद हो गया।  उसके बाद कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड रुपए का लोन इस अखबार को दिया। नेशनल हेराल्ड की आर्थिक स्थिति नहीं सुधरी, तो कार्पोरेट षडयंत्र करके यंग इंडिया नाम की कंपनी बनाई गई, जिसमें 38-38 प्रतिशत शेयर श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी के थे। बाकी मोतीलाल वोरा व अन्य लोगों के थे। कांग्रेस एक पॉलीटिकल पार्टी है और यह जानना जरूरी है कि एक पॉलीटिकल पार्टी किसी प्राइवेट बॉडी को फंड कैसे दे सकती है? इसके बाद नेशनल हेराल्ड के 90 करोड़ के शेयर यंग इंडिया कंपनी को ट्रांसफर कर दिए गए, जिसके शेयर होल्डर्स श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी है। इस तरह यह पूरी संपत्ति एक परिवार के हाथ में आ गई। यह बताया गया था कि यंग इंडिया एक चैरिटेबल संस्था है, लेकिन यह क्या चैरिटी करती है, इसका किसी को कुछ नहीं पता। इस तरह से जो अखबार आजादी के आंदोलन में लड़ने वाले लोगों की आवाज को ताकत देने के लिए स्थापित किया गया था, उसे नेहरू खानदान की जागीर बना दिया। स्वतंत्रता सेनानियों ने किया था विरोध भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कहा कि नेशनल हेराल्ड के स्वामित्व वाली कंपनी ऐसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की स्थापना देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने की थी। इन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शेयर होल्डर्स ने कंपनी के अधिग्रहण का विरोध किया था, आपत्ति भी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि शेयर धारकों से पूछे बिना कंपनी को किसी को भी कैसे दे दिया गया? उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्ता जी ने तो अधिकारिक रूप से कहा था कि नेशनल हेराल्ड के लिए मैंने मेहनत करके पार्टी कार्यकर्ताओं से पैसा जुटाया था और यह अखबार देश की आवाज उठाने के लिए स्थापित किया गया था। लेकिन इसे नेहरू खानदान की आवाज कैसे बना दिया गया? लेकिन कांग्रेस के एक परिवार के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के विरोध तथा आपत्तियों की भी परवाह नहीं की गई।

अप्रैल के आखिर तक भाजपा जेपी नड्डा के विकल्प के तौर पर नए नेता के नाम का ऐलान करेगी

नई दिल्ली भाजपा के नए अध्यक्ष का ऐलान कभी भी हो सकता है। चर्चा है कि अप्रैल के आखिर तक भाजपा की ओर से जेपी नड्डा के विकल्प के तौर पर किसी नए नेता के नाम का ऐलान हो सकता है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का नाम भी अध्यक्ष की रेस में है। इसके अलावा मोदी सरकार में ही मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव के नामों की भी चर्चा जोरों पर है। कहा जा रहा है कि इन तीन नेताओं में से किसी एक को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है। अध्यक्ष पर फैसला लेने से पहले आरएसएस की सलाह भी ली जाएगी। वहीं उससे पहले यूपी, बंगाल, आंध्र प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में अध्यक्ष का फैसला भी लिया जाएगा। तभी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा 25 अप्रैल तक यूपी समेत कई राज्यों में अध्यक्षों का ऐलान कर सकती है। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नामांकन दाखिल किया जाएगा और किसी एक नेता का नाम सर्वसम्मति से तय किया जाएगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मनोहर लाल खट्टर को लेकर सहमति बनने की संभावना अधिक है। इसकी वजह है कि वह पीएम नरेंद्र मोदी के करीबी हैं और उनकी पहली पसंद भी हैं। लंबे समय तक आरएसएस प्रचारक के तौर पर काम करने वाले मनोहर लाल खट्टर को संगठन की अच्छी समझ है। इसके अलावा आरएसएस को भी उनके नाम पर आपत्ति नहीं होगी, जो मानता है उसकी वैचारिक पृष्ठभूमि के नेता के हाथ में ही पार्टी की कमान होनी चाहिए। इसके अलावा धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव के नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि मनोहर लाल खट्टर सबसे आगे माने जा रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी और मनोहर लाल खट्टर के दशकों पुराने रिश्ते हैं। ऐसे में संगठन की कमान भी उनके भरोसेमंद व्यक्ति के पास होगी और आरएसएस भी इसे लेकर सहमत होगा। यही नहीं भाजपा में महासचिव के तौर पर भी राज्यों से कई नेताओं को शामिल किया जा सकता है। ये वे नेता होंगे, जो पूर्व मंत्री या सीएम जैसे पदों पर रह चुके हैं, लेकिन इन दिनों उनके पास कोई बड़ा दायित्व नहीं है। वहीं अभी संगठन में काम करने वाले कुछ लोगों को कैबिनेट में भी एंट्री दी जा सकती है। दरअसल एनडीए सरकार में सहयोगी दलों की डिमांड है कि कैबिनेट का विस्तार किया जाए और उनके नेताओं को एंट्री मिले। इस बीच बिहार में चुनाव है और उससे पहले उपेंद्र कुशवाहा को मंत्री पद दिया जा सकता है। वहीं एकनाथ शिंदे की पार्टी को भी मौका मिल सकता है, जो डिप्टी सीएम तो हैं, लेकिन बीच-बीच में उनकी नाराजगी की खबरें आती रहती हैं। चर्चाएं यह भी हैं कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने के मौके पर भी कैबिनेट विस्तार हो सकता है।

अप्रैल के अंत तक बीजेपी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है, मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर बड़ा ऐलान

नई दिल्ली भारतीय राजनीति में एक बड़ा संगठनात्मक फेरबदल जल्द देखने को मिल सकता है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस वीकेंड तक पांच राज्यों के लिए नए प्रदेश अध्यक्षों के नाम का ऐलान कर सकती है। इसके तुरंत बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अप्रैल के अंत तक बीजेपी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है, जो 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी की नई दिशा और रणनीति तय करेगा। क्या है पूरी प्रक्रिया? BJP के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले कम से कम 50 प्रतिशत राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति होनी जरूरी है। अब तक 14 राज्यों में नए अध्यक्ष चुने जा चुके हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों में यह पद अभी खाली है। इस हफ्ते इन राज्यों के लिए नामों का ऐलान हो सकता है। बड़े नेताओं के बीच अहम बैठकें इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, संगठन महामंत्री बीएल संतोष और मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। यह मंथन अगले अध्यक्ष के चयन और संगठनात्मक बदलावों की ओर इशारा करता है। किसके नाम की हो रही है चर्चा? सूत्रों के मुताबिक, अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा इसको लेकर मनोहर लाल खट्टर, धर्मेंद्र प्रधान, और भूपेंद्र यादव जैसे दिग्गज नेताओं के नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इन नामों पर जल्द ही RSS से भी फीडबैक लिया जाएगा।  कैबिनेट में भी हो सकता है फेरबदल बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव के बाद मोदी कैबिनेट में भी विस्तार और फेरबदल की संभावनाएं जताई जा रही हैं। माना जा रहा है कि इसमें NDA सहयोगी दलों जैसे NCP, शिवसेना और बिहार के नेताओं को भी जगह मिल सकती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अध्यक्ष पद का कार्यकाल और देरी की वजह जेपी नड्डा जनवरी 2020 में अध्यक्ष बने थे। आम तौर पर बीजेपी अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है, लेकिन चुनाव टलते रहे और नड्डा का कार्यकाल बढ़ा दिया गया। 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी अब सोच-समझकर अगला चेहरा चुनना चाहती है, ताकि आगामी राज्य चुनावों और 2029 की तैयारियों के लिए रणनीति पक्की की जा सके।  

भाजपा में जल्द ही बड़े बदलाव, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया 20 अप्रैल के बाद शुरू, प्रह्लाद जोशी इस दौड़ में सबसे आगे

नई दिल्ली  बीजेपी जल्द ही बड़े बदलाव के लिए तैयार है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया 20 अप्रैल के बाद शुरू हो सकती है। इसको लेकर पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में भाजपा के शीर्ष स्तर पर काफी गहमागहमी देखी गई है। बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर एक बड़ी बैठक हुई, जिसमें अमित शाह, राजनाथ सिंह और बी एल संतोष जैसे पार्टी और आरएसएस के बड़े नेता शामिल हुए। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में पार्टी के संगठन में बदलाव और नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर भी मंथन हुआ। पार्टी के भरोसेमंद सूत्र ने बताया है कि अभी मुख्य रूप से पांच नामों पर चर्चा चल रही है और हो सकता है कि इस बार कर्नाटक के किसी नेता को पार्टी की कमान सौंप दी जाए। लेकिन, इस सूत्र ने एक छठा नाम भी बताया है। बीजेपी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन? बीजेपी के एक विश्वस्त सूत्र ने  बताया है कि अभी नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की रेस में सबसे आगे केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का नाम चल रहा है। इनके अलावा भी उन्होंने 4 और नाम बताए हैं। लेकिन, सबसे चौंकाने वाला नाम छठे नेता का है, जो अबतक इस चर्चा में पूरी तरह से गायब रहे हैं। यहां पर बीजेपी के सभी संभावित राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम और उन्हें यह जिम्मेदारी दिए जाने की संभावित वजह भी बताई जा रही है। 1) प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय मंत्री बीजेपी सूत्र का कहना है कि प्रह्लाद जोशी को पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद जोशी अभी मोदी सरकार में कंज्यूमर अफेयर्स, फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन और रिन्यूएबल एनर्जी मंत्री हैं। प्रह्लाद जोशी आरएसएस से होते हुए भाजपा सरकार में इतने बड़े पद तक पहुंचे हैं। 2) बीएल संतोष, बीजेपी महासचिव (संगठन) बीएल संतोष भी कर्नाटक से आते हैं और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के प्रचारक हैं। भारतीय जनता पार्टी में यह पद पार्टी संगठन और संघ के बीच कड़ी का काम करता है। बीएल संतोष 1993 से आरएसएस के प्रचारक हैं और पूरी तरह से संघ के कार्यों से जुड़े रहे हैं। जब हमने बीजेपी सूत्र से सवाल किया कि क्या पार्टी इस तरह से एक प्रचारक को सीधे अपने संगठन का जिम्मा सौंप सकती है? तो उन्होंने बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे के नाम का जिक्र किया, जिन्होंने आरएसएस से सीधे पार्टी संगठन का उत्तरदायित्व संभाला था। बीजेपी सूत्र ने यह भी दावा किया है कि अगर संतोष के नाम पर मुहर लगती है तो सुनील बंसल उनकी जगह महासचिव (संगठन) का जिम्मा संभाल सकते हैं। 3) सीटी रवि, बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी के एक बड़े नेता हैं। वे चिकमगलूर विधानसभा क्षेत्र से चार बार MLA रह चुके हैं। रवि अपनी आक्रामक राजनीति के लिए जाने जाते हैं। वे कर्नाटक में भाजपा सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। वह शुरुआत से ही आरएसएस से जुड़े रहे हैं और अभी कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य हैं। उनकी आक्रामक राजनीति की वजह से उनका भी नाम जेपी नड्डा की जगह भाजपा के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में लिया जा रहा है। 4) धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर काफी पहले से लिया जा रहा है। इसकी वजह है उनका आरएसएस वाला बैकग्राउंड और उनकी जबरदस्त संगठन क्षमता। वह पार्टी के बैकग्राउंड रणनीतिकारों में अहम भूमिका निभाते रहे हैं और चुनावी समीकरण बिठाने में भी इनके कौशल की पार्टी में खूब सराहना होती है। अभी प्रधान ओडिशा के संबलपुर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 5) भूपेंद्र यादव, केंद्रीय मंत्री राजस्थान की अलवर लोकसभा सीट से संसद भूपेंद्र यादव अभी केंद्र में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय संभाल रहे हैं। भूपेंद्र यादव की तरह ही ये भी बीजेपी के धुरंधर रणनीतिकारों में शामिल रहे हैं और पार्टी के लिए चुनाव जितवाने वाली मशीन की तरह काम आते रहे हैं। संघ का बैकग्राउंड और बेहतरीन संगठन क्षमता की वजह से बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर इनका नाम भी काफी चर्चा में रहा है। मनोज सिन्हा का भी आ रहा है नाम भाजपा सूत्र ने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर जो सबसे चौंकाने वाला संभावित नाम बताया है, वह है जम्मू और कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा का। सूत्र ने दलील दी है कि प्रधानमंत्री मोदी की वजह से पार्टी चौंकाने वाले फैसले लेने के लिए जानी जाती है, ऐसे में मनोज सिन्हा भी नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर सामने आ जाएं तो हैरानी नहीं होनी चाहिए। पार्टी सूत्र का यह भी कहना है कि जो भी अध्यक्ष होंगे, वे अपेक्षाकृत युवा चेहरा होंगे। 2020 से ही राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं नड्डा जेपी नड्डा जनवरी 2020 से ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनका कार्यकाल जून 2024 तक बढ़ाया गया था, ताकि वे लोकसभा चुनाव तक काम कर सकें। बीजेपी अध्यक्ष का चुनाव फरवरी 2025 तक ही हो जाना था, लेकिन हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली के चुनावों के कारण यह टल गया। फिर देशभर में संगठन चुनाव शुरू हो गए। बीजेपी में दो कार्यकाल से ज्यादा अध्यक्ष बनने की परंपरा नहीं है। लेकिन, नड्डा का एक ही कार्यकाल पूरा हुआ है, बाकि वह अतिरिक्त या कार्यकारी प्रभार संभालते रहे हैं।

भाजपा युवा मोर्चा ने आज अंबेडकर चौराहा पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी का पुतला दहन किया गया

सिंगरौली भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जे• पी•नड्डा जी एवं भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री तेजस्वी सूर्या जी के निर्देशानुसार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री वी•डी शर्मा जी एवं भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्री वैभव पवार जी के नेतृत्व मे तथा भाजपा जिलाध्यक्ष श्री सुंदरलाल शाह जी के मार्गदर्शन में भाजयुमो जिला सिंगरौली द्वारा नेशनल हेराल्ड मामले मे कांग्रेस के द्वारा लगातार देश को गुमराह किए जाने के विरोध में आज दिनांक 17 अप्रैल को अंबेडकर चौराहा पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी का पुतला दहन किया गया । उक्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट Shivam Shukla जी, कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष श्री Rajendra Singh Parmar जी, भाजपा मंडल अध्यक्ष श्री Saurabh Gupta जी,जिला उपाध्यक्ष श्री Raju Baba Ambesh Dwivedi ,जिला महामंत्री राजू केशरी भाजपा सिंगरौली  ,श्री शशांक विक्रम सिंह,जिला सोशल मीडिया प्रभारी सोनू शाह ,शशांक अग्रहरि,मनीष द्विवेदी,विक्रम सिंह परमार,आकाश पाण्डेय ,भाजयुमो मंडल अध्यक्ष राजेश विश्वकर्मा,प्रवेश सिंह,विवेक सिंह, महेश शाह,सुभाष,चंदन,उमेश शाह मंडल महामंत्री गुरुप्रीत सिंह सरदार एवं अन्य सभी भारतीय जनता युवा मोर्चा सिंगरौली के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।।

प्रदेश स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए आष्टा विधायक

आष्टा  संविधान निर्माता, भारत रत्न, “बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान अभियान” को लेकर आज भोपाल में प्रदेश स्तरीय  कार्यशाला का आयोजन सम्पन्न हुआ । आयोजित कार्यशाला में शामिल होने आष्टा विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर भोपाल पहुचे ओर आयोजित एक दिवसीय  कार्यशाला में शामिल हुए । आयोजित उक्त कार्यशाला को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लक्ष्मीकांत वाजपेयी, राष्ट्रीय महासचिव श्री दुष्यंत गौतम, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, प्रदेश शासन के मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद जी, अजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य एवं अजा मोर्चा के प्रदेश अध्‍यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में प्रदेश स्तरीय वक्ता कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। एवं सभी वरिष्ठ राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व का मार्गदर्शन मार्गदर्शन प्राप्त हुआ ।

कांग्रेस के पूर्व मंत्री के घर ED की रेड: हाल ही में उन्होंने भाजपा के खिलाफ बयान बाज़ी की थी ,19 ठिकानों पर पहुंची टीम

ED raids at the house of former Congress minister

ED raids at the house of former Congress minister: Recently he had made statements against BJP, the team reached 19 locations जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे प्रताप सिंह खाचरियावास के 19 ठिकानों पर आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम छापा मार रही है। जयपुर में एक और प्रदेश के अन्य 18 ठिकानों पर सुबह करीब 5 बजे टीमें पहुंच गई थीं। यह मामला रियल एस्टेट में निवेश का काम करने वाली PACL में हुए 48 हजार करोड़ के घोटाले से जुड़ा है। ईडी से मिली जानकारी के अनुसार, प्रताप सिंह और उनके परिवार के लोगों के नाम पर PACL में घोटाले का पैसा ट्रांसफर हुआ था। अधिकांश पैसा प्रॉपर्टी और अन्य सेक्टर में लगा दिया गया। उधर, पूर्व मंत्री के घर छापेमारी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में जयपुर के सिविल लाइंस स्थित आवास पर समर्थक पहुंच गए। समर्थकों ने इस कार्रवाई का विरोध किया। मौके पर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के जयपुर के सिविल लाइंस स्थित इसी मकान में सुबह से ED की रेड चल रही है। लाखों लोगों के साथ हुई थी PACL में धोखाधड़ी लाखों लोगों के साथ PACL में धोखाधड़ी हुई थी। इसके बाद यह केस सुप्रीम कोर्ट में चला गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2016 को सेवानिवृत्त सीजेआई आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था। कोर्ट ने कमेटी से कहा था कि पीएसीएल की संपत्तियों को नीलाम करके 6 महीने में लोगों को ब्याज सहित भुगतान करें। सेबी के आकलन के अनुसार, पीएसीएल की 1.86 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति है, जो निवेशकों की जमा राशि की तुलना में 4 गुना है। पीएसीएल कंपनी की योजनाओं को अवैध मानते हुए सेबी ने 22 अगस्त 2014 को कंपनी के कारोबार बंद कर दिए थे। इसके चलते निवेशकों की पूंजी कंपनी के पास जमा रह गई। इसके बाद कंपनी व सेबी के बीच सुप्रीम कोर्ट में केस चला और सेबी जीत गई। राजस्थान में 28 लाख लोगों ने 2850 करोड़ किए थे निवेश17 वर्ष तक राज्य में रियल एस्टेट में निवेश का काम करने वाली पीएसीएल में प्रदेश के 28 लाख लोगों ने करीब 2850 करोड़ और देश के 5.85 करोड़ लोगों ने कुल 49100 करोड़ का निवेश किया था। कंपनी पर बिहार, महाराष्ट्र, एमपी, असम, कर्नाटक, जयपुर ग्रामीण, उदयपुर, आंध्र प्रदेश, पंजाब, छत्तीसगढ़ समेत आधे से ज्यादा राज्यों में मुकदमे दर्ज हैं। सबसे पहले जयपुर में इसका खुलासा होने पर एफआईआर दर्ज हुई थी। जानकार सूत्रों की मानें तो इस केस में प्रताप सिंह की भागीदारी करीब 30 करोड़ की बताई जा रही है। ईडी की छापेमारी पूरी होने के बाद ही रिकवरी को लेकर कुछ कहा जा सकता है। खाचरियावास ने कहा- जो इनके खिलाफ बोलता है, ईडी भेज देते हैंप्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा- ईडी केंद्र के अधीन है। इस डबल इंजन की सरकार से ज्यादा उम्मीद नहीं कर सकता। मेरे परिवार के सदस्यों के यहां बेवजह सर्च चल रहा है। हम पूरा सर्च करवाएंगे। ईडी के अफसरों से हम पूरा सहयोग करेंगे। बीजेपी सरकार को मेरे बोलने से इतना दर्द है कि छापे डलवा दिए। मैं पिछले डेढ़ साल से इनके खिलाफ बोल रहा हूं। जो बीजेपी और इनकी सरकार के खिलाफ बोलता है, उसके घर ये ईडी भेज देते हैं। मैं बोल रहा था तो मुझे भी पहले से पता था कि ईडी तो एक दिन पहुंचेगी, यदि पहुंचेगी तो मैं भी तैयार हूं। मेरा नाम प्रताप सिंह खाचरियावास है, मुझे सबका इलाज करना आता हैखाचरियावास ने बीजेपी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा- बीजेपी के लोगों से कहना चाहूंगा। आप ही सरकार में नहीं रहोगे। सरकारें बदलती रहती हैं। जमाना बदलेगा। आपने यह कार्रवाई शुरू की है, कल बीजेपी वालों के खिलाफ भी हम यही कार्रवाई करेंगे। डरते थोड़े ही हैं। मेरा नाम प्रताप सिंह खाचरिवास है। मुझे सबका इलाज करना आता है।

भाजपा ने बाबा साहब के विचारों का कभी पालन नहीं किया- दिग्विजय सिहं

इंदौर कांग्रेस के दिग्गज नेता व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आज अंबेडकर जयंती पर इंदौर पहुंचे। जहां उन्होंने मीडिया से चर्चा की और कई मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। दिग्विजय सिंह ने वक्फ बिल के विरोध में पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा के लिए आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया। वहीं गद्दार पोस्टर को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। वहीं बाबा साहेब अंबेडकर जयंती मनाने पर भाजपा को निशाने पर लिया। पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा के लिए बीजेपी जिम्मेदार दिग्विजय सिंह ने पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा के लिए बीजेपी और संघ को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि ऐसे कुछ संगठन जो नफरत फैलाते हैं जो दंगे फसाद करवाते हैं। उन्हें क्यों इजाजत दी जाती है, जुलूस के रूप में डीजे लगाकर मस्जिद के सामने से निकलने की। ऐसे संगठन को प्रशासन मंजूरी क्यों देता है। डबल इंजन सरकार की मानसिकता है नफरत फैलाकर दंगे करवाकर राजनीतिक रोटी सेकना। भाजपा और संघ का धर्म से कोई लेना देना नहीं है। नफरत फैलाकर दंगे फसाद करवाकर उसके आधार पर राजनीति रोटी सेकना बीजेपी और संघ का असली धर्म है। भाजपा ने बाबा साहब के विचारों का कभी पालन नहीं किया- दिग्विजय सिहं दिग्विजय सिंह ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर मीडिया से की चर्चा करते हुए कहा कि मुझे इस बात की प्रशंसा है बीजेपी और संघ आज बाबा साहब आंबेडकर को सम्मान के नजरों से देख रहे हैं। संघ ने तिरंगा जलाया संविधान का विरोध किया। हमेशा बीजेपी ने नफरत के अंदाज में राजनीति की है। बाबा साहब के विचारों का पालन बीजेपी ने कभी नहीं किया। दलितों की जमीन दबंग छीन रहे हैं, बीजेपी मौन है।

‘नर्सिंग शिक्षा की हालत शर्मनाक’, नेता प्रतिपक्ष ने Nursing Scam को लेकर सरकार को फिर घेरा, कहा- 300 से ज्यादा कॉलेज थे, अब सिर्फ 95 बचे

‘The condition of nursing education is shameful’, the Leader of Opposition again cornered the government over the Nursing Scam भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नर्सिंग घोटाले को लेकर सरकार को जमकर घेरा हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की हालत शर्मनाक है! यह भारतीय जनता पार्टी की सरकार की नाकामी का नतीजा है। एमपी में कभी 300 से ज्यादा नर्सिंग कॉलेज थे, अब सिर्फ 95 बचे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक बार फिर नर्सिंग घोटाले को लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा- ‘मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की हालत शर्मनाक है! BJP सरकार की नाकामी का नतीजा – कभी 300 से ज़्यादा नर्सिंग कॉलेज थे, अब सिर्फ़ 95 बचे हैं।’ सिंघार ने आगे कहा कि ‘CBI जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया, सैकड़ों कॉलेज मानकों पर खरे नहीं उतरे और बंद हो गए। घोटाले के बाद छात्रों का भरोसा इतना टूट गया कि 2023-24 में एक भी दाखिला नहीं हुआ – पूरा सेशन शून्य रहा! जो सरकार शिक्षा नीति पर बड़ी-बड़ी बातें करती है, उसी के राज में शिक्षा की ये दुर्दशा क्यों?’ उन्होंने मध्य प्रदेश बीजेपी को टैग करते हुए पूछा कि ‘युवाओं का भविष्य यूं बर्बाद क्यों हो रहा है ?’ https://twitter.com/UmangSinghar/status/1910213082942521781

आज से 12 अप्रैल तक गांव-बस्ती चलोग अभियान के तहत बीजेपी जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता गावों, मोहल्लों और सेवा बस्तियों का दौरा करेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश में भाजपा का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इसके साथ ही भाजपा के कई कार्यक्रम की शुरुआत भी कर दी है। इसी क्रम में 7 से 12 अप्रैल तक गांव-बस्ती चलोग अभियान के तहत जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता गावों, मोहल्लों और सेवा बस्तियों का दौरा करेंगे। इस दौरान कार्यकर्ता मंदिर, अस्पताल, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत कार्यालय आदि स्थानों पर जाकर स्वच्छता अभियान, जनसंवाद, वन नेशन, वन इलेक्शन और सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। इससे पहले 6 अप्रैल भाजपा के स्थापना दिवस पर  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने प्रदेश कार्यालय में ध्वजारोहण किया और कार्यकर्ताओं को बधाई दी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के आव्हान पर प्रदेशभर में लाखों कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अपने घरों पर भाजपा का झंडा फहराया।     बाबा साहब की प्रतिमाओं की सफाई और दीपोत्सव 13 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर भाजपा कार्यकर्ता बाबा साहब की प्रतिमाओं की सफाई करेंगे। संध्या के समय दीप जलाकर दीपोत्सव मनाया जाएगा, और सामूहिक पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। इस दिन भाजपा कार्यकर्ता संविधान का सामुहिक पाठ करेंगे 8-9 अप्रैल: विधानसभा स्तर पर सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे 7 से 13 अप्रैल तक: गांव-बस्ती चलो अभियान के अंतर्गत कार्यकर्ता गांवों, मोहल्लों और सेवा बस्तियों का दौरा करेंगे  

भाजपाः लोकमंगल के संकल्प की एक अनुपम यात्रा: विष्णु दत्त शर्मा

भाजपा स्थापना दिवस 45 साल-बेमिसाल भाजपाः लोकमंगल के संकल्प की एक अनुपम यात्रा भाजपाः असंभव को संभव करने का नाम   स्वाधीनता के बाद 1951 में जब पं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, बलराज मधोक और दीनदयाल उपाध्याय ने जनसंघ बनाया था तबविरोधीउनकी हँसी उड़ाते थे कि ये क्या राजनीति करेंगे और जब 1980 में भाजपा की स्थापना हुई तो उनके ताने बढ़ते गये। उस दौर में अटल जी ने कहा था- अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा। आज भाजपा सारी चुनौतियों को ध्वस्त करके भारतीय राजनीति की धुरी बन चुकी है, केंद्र सहित डेढ़ दर्जन राज्यों में सरकार है औरसबसे पुरानी पार्टी का दावा करने वाले पारिवारिक गिरोह न केवल सत्ता को तरस रहे हैं बल्कि अपनी तथाकथित पारंपरिक सीटें भी गँवा बैठे हैं। अपनी 45 वीं वर्षगांठ मना रही भाजपा ने भारत की राजनीति में जो रास्ता चुना था, उस पर चलकरइसने सारी दुनिया को चकित किया है। पार्टी ने आज देश को भ्रष्टाचार, परिवारवाद, अपराधीकरण, जातिवाद, तुष्टिकरण, आतंकवाद जैसे घावों से मुक्ति दिलाईहै। साथ ही उन सभी मुद्दों को हल करके राजनीति में नया अध्याय लिख चुकी है, जिनकापार्टी ने अपनी स्थापना के समय संकल्प लिया था। कश्मीर में धारा 370 की विदाई या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण से लेकर वक्फ बोर्ड कानून में बदलाव तक के सभी संकल्प भाजपा ने पूरे किये हैं। अपनी कथनी और करनी से आज यह सर्वाधिक विश्वसनीय पार्टी बनी है तथाजिसकोकरोड़ों लोगों ने अपनाकर विश्व का सर्वोच्च दल बनाया है। आज की पीढ़ी को यह जानना चाहिए कि 1980 के दशक का कालखंड भारतीय राजनीति का टर्निंग प्वाइंट था, जब भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई। देश के राष्ट्रवादी समूहों ने एक सपना देखा था, जिसमें भारतीय गौरव की पुनर्स्थापना, भारत के आध्यात्मिक उत्कर्ष, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता के विचार-बीज थे। आज वे बीज फलदार बृक्ष हो चुके हैं। 45 साल में वे सारे सपने साकार हो चुके हैं। राजनीतिक क्षेत्र में यह आश्चर्य का विषय हो गया है कि कैसे एक पार्टी 2 सीटोंसे अपनी यात्रा शुरू करते हुए सबसे बड़े लोकतंत्र की सबसे बड़ी पार्टी बनकर आज राजनीति के प्रतिमान बदल रही है। पार्टी विद डिफरेंस के नारे को मूर्त रूप देकर कार्यकर्ताओं ने सारी दुनिया को सियासत का अनूठा स्वरूप दिखाया है। हालांकि भाजपा का गठन 6 अप्रैल, 1980 को हुआ, परन्तु इसका अतीत भारतीय जनसंघ से जुड़ा है। स्वतंत्रता प्राप्ति तथा देश विभाजन के बादबढ़ते अल्पसंख्यक तुष्टिकरण, लाइसेंस-परमिट-कोटा राज, राष्ट्रीय असुरक्षा, राष्ट्रीय मसलों जैसे कश्मीर आदि पर घुटनाटेक नीति, अंतर्राष्ट्रीय मामलों में भारतीय हितों की अनदेखी आदि अनेक मुद्दों के गर्भ से जनसंघ का जन्म हुआ था। आपातकाल के बाद भाजपा की स्थापना सुदृढ़, सशक्त, समृद्धएवं स्वावलम्बी भारत के निर्माण हेतु की गई थी, जिसमें  पार्टी ने एक ऐसे राष्ट्र की कल्पना की जो आधुनिक दृष्टिकोण से युक्त एक प्रगतिशील एवं प्रबुद्ध समाज का प्रतिनिधित्व करता हो तथा भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति के मूल्यों से प्रेरणा लेकर‘विश्व गुरू’ के रूप में विश्व पटल पर स्थापित हो। साथ ही संविधान सम्मत सभी नागरिकों को राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक न्याय, समान अवसर सुनिश्चित हो।पं. दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित ‘एकात्म-मानवदर्शन’ को अपना वैचारिक दर्शन मानते हुए भाजपा ने अंत्योदय, सुशासन, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, विकास एवं सुरक्षा के संकल्प पर चलते हुए 45 सालकी अनुपम यात्रा पूरी की है। इस यात्रा में दीनदयाल जी के अंत्योदय से लेकर मोदी जी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास जैसा अद्वितीय संकल्प पूर्ण हुए हैं। भाजपा के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अन्तर्गत गरीबी मिटाना केवल नारा नहीं, उसका संकल्प था। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण कोई भाषण नहीं, प्रतिबद्धता थी। कश्मीर में 370 की समाप्ति चुनावी जुमला नहीं, राष्ट्रीय एकात्मताका साक्षात संकल्प था। अन्त्योदय स्लोगन नहीं, यह गरीबों का जीवन स्तर उठाने का प्रण था, जिसे पार्टी का हर कार्यकर्ता 1980 से लेकर अब तक पूर्ण करने में सक्रिय हैं। अटल जी की सरकार द्वारा विपरीत परिस्थितियों में परमाणु परीक्षण हो, कारगिल विजय हो या नरेद्र मोदी जी द्वारा कश्मीर में 370 की समाप्ति हो, श्रीराम मंदिर निर्माण हो या वक्फ बोर्ड कानून में बदलाव हो, ये भाजपा की राजनीति में वे मील पत्थर हैं, जो संकल्प से सिद्धि का मंत्र बनकर पीढियों को प्रेरित करते रहेंगे। आज स्थापना दिवस के प्रसंग में भाजपा के उत्कर्ष में अमूल्य योगदान देने वाले नेतृत्व की चर्चा जरूरी है। अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर नरेंद्र मोदी तक पार्टी नेताओं ने संकल्प और साहस का नया इतिहास रचा है। भारत को परमाणु शक्ति बनाने से लेकर चंद्रयान-मंगलयान की यात्रा तक की उपलब्धि चुनावी राजनीति से अलग एक अदम्य साहस और देशभक्त नेतृत्व का प्रमाण है।2014 से लेकर 2025 तक गरीबों के मसीहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ने अपने सभी संकल्पों को एक-एक करके पूर्ण करते हुए भारत को सशक्तबनाया है।आज भारत के लगभग सभी तीर्थ केंद्र विकास का नया प्रतिमान गढ़ रहे हैं। निरंतर उपेक्षा का दंश झेल रहे हमारे प्राचीन आध्यात्मिक केंद्रोंका गौरव भी पुनर्स्थापित हुआ है। यही नहीं, भाजपा ने अपने वैचारिक आचरण से देश की राजनीतिक संस्कृति को भी बदला है।एक ओर जहां परिवारवादी, तुष्टिकरण और जातिवादी राजनीति का दौर समाप्त हो गया, वहीं अब धर्म-संस्कृति की बात करना सांप्रदायिक होना नहीं है। राष्ट्रवाद की चर्चा अब संकुचित मानसिकता का परिचायक नहीं है। सरकार की ओर से देवालयों का विकास करना, अब ध्रुवीकरण नहीं है। भारतीयता की बात करना और मातृभाषा में काम करना अब पिछड़ापन नहीं है। हिन्दुत्व का विचार अब सर्वग्राही बन गया है। अपनी प्रखर व प्रतिबद्ध कार्यशैली से भाजपा ने देश के राजनीतिक विमर्श को परिवर्तित करने में ऐतिहासिक सफलता पायी है। इस पड़ाव पर भाजपा अपनी पंचनिष्ठाओं की नींव पर न केवल गर्व सेस्वयं खड़ी है बल्कि उसके सहयोगी दल भी उसके साथ कंधा मिलाकर खड़े हैं। अभी-अभी वक्फ बोर्ड कानून संशोधन मामले में सारी दुनिया ने देखा है।   राज्य भाजपा इकाई का अध्यक्ष होने के नाते अपने अनुभव से कह सकता हूं कि विजन, संगठन, नेतृत्व और कार्यकर्ता- इन चारों अंगों के कारण भाजपा कैडर आधारित पार्टीबनी है। अटल जी, लालकृष्ण आडवानी जी, नरेंद्र मोदी जी, अमित शाह जी और जय प्रकाश नड्डा तक पार्टी का नेतृत्व करने वाले अनेक लोग इसी कैडर की गंगोत्री से निकले हैं। आज नरेंद्र मोदी के चमत्कारिक … Read more

अगले सप्ताह प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के चुनाव की तारीख की घोषणा

भोपाल    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद का चुनाव जल्द किया जा सकता है। संसद का सत्र शुक्रवार को समाप्त हो गया। ऐसे में अब प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव की तारीख की घोषणा की जा सकती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा की योजना इसी माह के पहले पखवाड़े में प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कराने की है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी चुनाव होना है और इससे पहले मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति होना है। ऐसे में अब चर्चा है कि अगले सप्ताह प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की तारीख की घोषणा हो सकती है, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष के नाम घोषित किया जा सकता है। मध्य प्रदेश में दो महीने पहले जिला अध्यक्षों के चुनाव हो चुके हैं। सामान्य प्रक्रिया के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव जिला अध्यक्षों के चुनाव के तुरंत बाद किया जाना था, लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव समेत कई कारणों से इसे टाल दिया गया। अब प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव जल्द होने की बात कही जा रही है। ऐसे में दावेदारों के नामों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष की रेस में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, बैतूल से विधायक हेमंत खंडेलवाल, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और राज्यसभा सदस्य सुमेर सिंह सोलंकी समेत अन्य नेताओं के नाम चर्चा में हैं। आदिवासी नेता को मिल सकता है मौका भाजपा संगठन आदिवासी चेहरे को भी मौका दे सकता है, क्योंकि लंबे समय से आदिवासी नेता को प्रदेश भाजपा की कमान नहीं सौंपी गई है। एससी वर्ग से सत्यनारायण जटिया प्रदेश अध्यक्ष बने, लेकिन आदिवासी वर्ग को प्रतिनिधित्व नहीं मिल सका। इसका एक कारण जातिगत समीकरण को ध्यान में रखते हुए आदिवासी वर्ग को मौका देना भी माना जा रहा है। प्रदेश में ओबीसी वर्ग से मुख्यमंत्री होने के अलावा डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ब्राह्मण और जगदीश देवड़ा एससी वर्ग से आते हैं। वीडी शर्मा सामान्य वर्ग से आते हैं। इस बार आदिवासी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की अटकलें है। इसमें राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी, खरगोन से सांसद गजेंद्र पटेल, मंडला से सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते के नाम चर्चा में है। हेमंत खंडेलवाल- बैतूल से विधायक और पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल का नाम भी प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में शामिल है। वह प्रदेश संगठन में लंबे समय से काम कर रहे है। संगठन के ही वरिष्ठ नेताओं ने उनका नाम बढ़ाया है। खंडेलवाल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और संघ की पसंद भी बताया जा रहा है। नरोत्तम मिश्रा- पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही है। वे सवर्ण वर्ग से आते हैं और राज्य की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। उनकी केंद्रीय नेतृत्व से भी अच्छी ट्यूनिंग मानी जाती है। वीडी शर्मा– वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का नाम भी रेस में हैं, क्योंकि उनके कार्यकाल में बीजेपी ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया था। पार्टी एक बार फिर उनके नाम पर विचार कर सकती है। अरविंद भदौरिया– पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया संगठन के एक कुशल रणनीतिकार माने जाते हैं। हालांकि, वह 2023 के विधानसभा चुनाव में हार गए थे, लेकिन पार्टी उन्हें एक बार फिर सक्रिय करना चाहती है।

एमपी में 900 करोड़ का एंबुलेंस घोटाला! कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह का सनसनीखेज खुलासा, जानें क्या कहा?

Ambulance scam of Rs 900 crore in MP! Sensational disclosure by Congress leader Jaivardhan Singh, know what he said? भोपाल ! कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने मध्य प्रदेश सरकार में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश करने का दावा किया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह पिछले ढाई साल में दो हजार एंबुलेंस के लिए 900 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है, जो एक बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। इस मामले को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ढाई साल में एंबुलेंस के लिए किराये के तौर पर छत्तीसगढ़ की एक निजी कंपनी को जो पैसा दिया है, वह एंबुलेंस की कीमत से तीन गुना ज्यादा है। जयवर्धन सिंह ने कहा कि हर सरकार का दायित्व होता है कि राज्य में चिकित्सा सुविधाओं पर नियंत्रण हो और उसकी गुणवत्ता अच्छी हो। मैंने विधानसभा में एक सवाल पूछा था कि एंबुलेंस के लिए प्रदेश सरकार ने अब तक कितना भुगतान किया है। मुझे जानकारी मिली कि पिछले ढाई साल में छत्तीसगढ़ की एक निजी कंपनी जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेज को 900 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इस कंपनी के पास करीब दो हजार एंबुलेंस हैं और इसका औसत किराया प्रति एंबुलेंस 45 लाख रुपये दिया गया है। एनएचएम के तहत मिलने वाले पैसों का गलत इस्तेमाल उन्होंने कहा कि अगर आप इसकी तुलना करें तो एक पूरी तरह से सुसज्जित एंबुलेंस, जिसमें हर आधुनिक उपकरण जैसे वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की व्यवस्था हो, उसकी अधिकतम कीमत 20 लाख रुपये होती है। लेकिन, यहां सरकार 45 लाख रुपये किराये के रूप में भुगतान कर चुकी है। यह सीधा-साधा भ्रष्टाचार और सरकारी धन का दुरुपयोग है। यह सब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत मिलने वाले केंद्र सरकार के पैसों का गलत इस्तेमाल है। कम से कम 600 से 700 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। इसमें भाजपा के दलाल, कुछ सरकारी अधिकारी और यह छत्तीसगढ़ी निजी कंपनी शामिल हैं, जिन्होंने सरकारी पैसों का गबन किया है। इस पैसे को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रयोग किया जाना चाहिए था, जिससे लाखों बच्चों और गर्भवती महिलाओं की मदद हो सकती थी। कंपनी को जारी किए गए थे 40 नोटिस उन्होंने इस घोटाले के कई उदाहरण भी पेश किए। उन्होंने कहा कि गुना से एक बच्चा भोपाल इलाज के लिए जा रहा था, लेकिन रास्ते में ऑक्सीजन खत्म हो गया और बच्चे की मौत हो गई। ऐसे कई मामले सामने आए हैं। जयवर्धन सिंह ने यह भी बताया कि जय अम्बे कंपनी के खिलाफ 40 से अधिक नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन सरकार ने इसके बावजूद इस कंपनी को पूरा भुगतान किया। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो कांग्रेस विधायक ने बताया कि वह इस मामले में लोकायुक्त और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) में शिकायत करने का निर्णय ले चुके हैं। उन्होंने कहा, “मैंने तय किया है कि मैं इस मामले में लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू में शिकायत करूंगा ताकि इस पूरे घोटाले की जांच हो सके। जिन लोगों ने सरकारी पैसों का दुरुपयोग किया है, उन्हें सजा मिलनी चाहिए और इस घोटाले में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह घोटाला एक बड़े खेल का हिस्सा है, जिसे पूरी तरह से उजागर किया जाना चाहिए ताकि सरकारी पैसों का सही उपयोग हो सके और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हो।

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