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बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष में अब और देरी नहीं होगी, अप्रैल महीने में चेहरे से सस्पेंस खत्म हो जाएगा

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संघ मुख्यालय के दौरे के बाद अब बीजेपी के नए राष्ट्रीय के ऐलान को काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष में अब और देरी नहीं होगी। अप्रैल महीने में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चेहरे से सस्पेंस खत्म हो जाएगा। संसद के बजट सत्र के बाद बीजेपी के संगठन चुनावों में तेजी की उम्मीद है। संसद का बजट सत्र 4 अप्रैल को खत्म हो रहा है। संघ के सूत्रों की मानें तो नए अध्यक्ष के चयन में संघ, पीएम मोदी और अमित शाह के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की भूमिका अहम हो सकती है। 2009 से 2013 तक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे नितिन गडकरी अभी भी संघ नेतृत्व की गुडबुक में बने हुए हैं। नागपुर दौरे में नितिन गडकरी पूरे दौरे में फडणवीस के साथ पीएम और संघ नेताओं के साथ मौजूद रहे थे। कब हो सकता है ऐलान? बीजेपी ने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के ऐलान की यूं तो कई डेडलाइन निकल चुकी हैं। अप्रैल महीने में 6 अप्रैल को बीजेपी का स्थापना दिवस है लेकिन 6 अप्रैल तक ऐलान हो पाएगा। इसकी संभावना बेहद कम है। इसके बाद बीजेपी ने 18 अप्रैल को राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद (BJP National Executive Council Meet) की बैठक रखी है। इस बैठक में नए अध्यक्ष का ऐलान हो सकता है। अगर कुछ देरी होती है तो भी अप्रैल में जेपी नड्‌डा के उत्तराधिकारी का ऐलान हो जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी में कहा गया है कि अगले कुछ दिनों में संगठन चुनाव पूरा हो जाएगा। 13 राज्यों में अध्यक्षों का ऐलान हो चुका है। 19 राज्यों में ऐलान बाकी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए 19 राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होना जरूरी है। कैसे नड्‌डा बने थे अध्यक्ष? 2019 में अमित शाह के गृह मंत्री बनने के बाद जेपी नड्‌डा बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष बने थे। छह महीने बाद 30 जनवरी 2020 को उन्हें सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था। नड्‌डा का कार्यकाल जनवरी 2023 में खत्म हो गया था, लेकिन लोकसभा चुनावों के लिए उन्हें जून, 2024 तक एक्सटेंशन दे दिया गया था। इसके बाद भी नड्‌डा एक्सटेंशन पर हैं। ऐसे में बतौर अध्यक्ष लंबी पारी खेल चुके हैं। नड्‌डा वर्तमान में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भी हैं। नए अध्यक्ष की अगुवाई में 12 चुनाव सूत्रों का कहना है कि बीजेपी का जो भी नया अध्यक्ष होगा उसके सामने 2025 में बिहार, फिर 2026 में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के साथ असम और केरल में मोर्चा संभालना होगा। इसके बाद 2027 में पांच राज्यों के चुनाव के साथ राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव भी होंगे। ऐसे में अगले तीन साल के कार्यकाल में कुल 12 अहम चुनाव होंगे। सूत्रों की मानें तो बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद की बैठक में बेंगलुरु में 18 अप्रैल से 20 अप्रैल तक प्रस्तावित है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान इसमें हो सकता है। अगर ये बैठक की तारीखें थोड़ी आगे भी खिसकती हैं तो भी अप्रैल के अंत तक बीजेपी को राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने की पूरी संभावना है।

इसी माह बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का होगा ऐलान

नई दिल्ली  कौन होगा भारतीय जनता पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष? यह सवाल लंबे समय से राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जेपी नड्डा का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद, अब तक नए अध्यक्ष की घोषणा नहीं की गई है, और वह अभी भी एक्सटेंशन पर पार्टी की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इस बीच, खबरें थीं कि बीजेपी और आरएसएस नए अध्यक्ष को लेकर एकमत नहीं थे। बीजेपी चाहती थी कि नेतृत्व ऐसा हो, जिसने नड्डा की तरह संगठन को सफलता दिलाई हो, जबकि आरएसएस की प्राथमिकता संगठन से जुड़े, विचारधारा से मजबूत और उसकी नीतियों को आत्मसात करने वाले नेता की थी। हालांकि, 30 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की नागपुर में हुई मुलाकात के बाद अटकलें तेज़ हो गई हैं कि जल्द ही बीजेपी को नया अध्यक्ष मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी इस महीने अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर सकती है। संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल के तीसरे हफ्ते तक यह फैसला सार्वजनिक हो जाएगा।वहीं, 4 अप्रैल को संसद सत्र समाप्त होने के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। सिर्फ राष्ट्रीय अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के बीजेपी प्रदेश अध्यक्षों के नामों का ऐलान भी अगले कुछ हफ्तों में हो सकता है। कौन बनेगा अध्यक्ष? बीजेपी में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव सिर्फ एक औपचारिक नियुक्ति नहीं होती, बल्कि यह लोकसभा चुनाव 2029 और आने वाले राज्य चुनावों की रणनीति का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

प्रदेश के जनजातीय व दूरस्थ अंचलों तक संचालित होंगी परिवहन सेवा की बसें – श्री विष्णुदत्त शर्मा

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने का निर्णय पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जताया आभार ————————————————————  जन-जन को सुविधा उपलब्ध कराएगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा- श्री विष्णुदत्त शर्मा प्रदेश की जनता को सुगम परिवहन सेवा शुरू करने का निर्णय लेने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई-श्री विष्णुदत्त शर्मा  प्रदेश के जनजातीय व दूरस्थ अंचलों तक संचालित होंगी परिवहन सेवा की बसें – श्री विष्णुदत्त शर्मा भोपाल  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद  विष्णुदत्त शर्मा ने मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक में प्रदेश की जनता को सुगम परिवहन सेवा शुरू करने का निर्णय लेने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई देते हुए आभार जताया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का लाभ प्रदेश के जन-जन को मिलेगा और विशेषकर ग्रामीण, पिछड़े तथा दूरस्थ जनजातीय अंचल के लोगों को भी आवागमन सुविधा आसानी से मिल सकेगी, जहां अभी यात्रीं बसों की सुविधा कम है। उन्होंने कहा कि सीएम राइज स्कूल का नाम सांदीपनि स्कूल करने तथा औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं के लिए होस्टल बनाने के निर्णय भी डॉ. मोहन यादव की सरकार के सराहनीय कदम हैं, जिनका लाभ पूरे प्रदेश को मिलेगा। प्रदेश की जनता का जीवन आसान बना रही भाजपा सरकार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार लगातार प्रदेश की जनता के जीवन को आसान बनाने के लिए प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को मंजूरी इन्हीं प्रयासों की अगली कड़ी है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप में शुरू हो रही इस परिवहन सेवा की शुरुआत से जहां बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं सेवा से जुड़ने वाले निजी बस ऑपरेटरों को भी काम मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस सेवा के सलाहकार समिति होगी, जिसमें मध्यप्रदेश शासन के मंत्री, कलेक्टर और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल रहेंगे, जो समय-समय पर होल्डिंग कंपनी को सलाह देंगे। यात्री बसों के संचालन की त्रि-स्तरीय मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए प्रदेश मुख्यालय स्तर पर एक राज्यस्तरीय होल्डिंग कंपनी गठित की जाएगी। प्रदेश के सात बड़े संभागों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और रीवा में 7 क्षेत्रीय सहायक कंपनियां भी गठित की जाएंगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि नई योजना में सरकार अनुबंधित बसों को प्राथमिकता से परमिट देगी। बसों पर प्रभावी नियंत्रण सरकार का ही होगा, इसलिए यात्रियों के शोषण की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के सभी आदिवासी इलाकों में सुगम यात्री परिवहन के लिए हर जरूरी प्रयास करेगी और इस बस सेवा के माध्यम से इन अंचलों के लोग भी विकास से जुड़ेंगे।

बस्तियों का दौरा कर स्वच्छता अभियान में भाग लें पार्टी पदाधिकारी – हितानंद जी

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में भोपाल जिले की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बूथ के व्हाट्सअप और लाभार्थी प्रमुख ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लोगों को जोड़ें। कार्यकर्ता 6 अप्रैल को पार्टी का स्थापना दिवस और 14 अप्रैल को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती की तैयारियों में जुट जाएं। मंडल समितयों में महिलाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि 6 अप्रैल को पार्टी का स्थापना दिवस मनाने के लिए विशेष तैयारियां करें और अपने निवास और पार्टी कार्यालय पर पार्टी का ध्वज लगाकर पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाएं। कार्यालय की सजावट कर रंगोली सजाएं तथा मिठाई बांटें। सेल्फी लेकर उसे सोशल मीडिया पर ‘‘हैशटैग बीजेपी फॉर विकसित भारत’’ के साथ पोस्ट करें। बैठक को प्रदेश उपाध्यक्ष कांतदेव सिंह, प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी एवं जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति ने भी संबोधित किया। बस्तियों में स्वच्छता व सेवा कार्यों में जुटें पदाधिकारी भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने कहा कि 6 एवं 7 अप्रैल को बूथ स्तर पर और 8-9 अप्रैल को मंडल व विधानसभा स्तर पर भाजपा की चुनावी सफलता, संगठनात्मक विस्तार, भारतीय राजनीति में भाजपा द्वारा लाया गया परिवर्तन एवं प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी जी के साथ विकसित भारत की ओर यात्रा जैसे विषयों पर नए प्राथमिक सदस्यों का सम्मेलन आयोजित करना सुनिश्चित करें। 7 से 12 अप्रैल के बीच जिला पदाधिकारी, जन प्रतिनिधि व मंडल अध्यक्ष दिन में 8 घंटे “बस्ती चलो अभियान“ के तहत सेवा बस्ती का दौरा कर मंदिर, अस्पताल, स्कूल व गलियों में स्वच्छता अभियान में भाग लें। इस दौरान विभिन्न योजनाओं के 10 लाभार्थियों से मिलकर उनसे बातचीत करें, आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूल, पशु चिकित्सालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व पंचायत कार्यालय का दौरा कर जल संरचनाओं की सफाई में सहभागिता करें। स्थानीय निवासियों की चौपाल का आयोजन तथा अलग-अलग समुदाय के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के घर पहुंचना है। वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ता, मीसा बंदी तथा कारसेवकों का सम्मान करने के साथ बूथ समितियों की बैठक आयोजित करना है। बाबा साहब की प्रतिमाओं को सफाई कर मनाएं दीपोत्सव भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने कहा कि भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के पूर्व 13 अप्रैल को उनकी प्रतिमाओं की सफाई करना तथा संध्या के समय दीपोत्सव मनाना है। 14 अप्रैल को बाबा साहब की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ करना है। आंगनबाड़ी केंद्रों और अनुसूचित जाति बस्तियों के स्कूल परिसरों की सफाई एवं सामुदायिक सुविधाओं का रखरखाव किया जाए। 15 से 25 अप्रैल के बीच समाज के विभिन्न वर्गों के वरिष्ठों के साथ कम से कम 2 सत्रों की जिला स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन कर कांग्रेस द्वारा किए गए बाबा साहब के अपमान और भाजपा द्वारा दिए जा रहे सम्मान और जिस तरह से कांग्रेस ने संविधान से खिलवाड़ किया तथा भाजपा ने संविधान के प्रति जो सम्मान प्रदर्शित किया है, उस पर विस्तार से चर्चा की जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी का शताब्दी वर्ष समारोह मना रही है, इसके लिए पार्टी कार्यकर्ता श्रद्वेय अटल जी के पत्र, फोटो, वीडियो आदि के माध्यम से नए कार्यकर्ताओं को अवगत कराएं। बैठक में पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह जादौन, जिला प्रभारी महेन्द्र सिंह यादव, महापौर श्रीमती मालती राय, वरिष्ठ नेता प्रदीप त्रिपाठी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी मंचासीन रहे।  

संघ के बिना BJP की कामयाबी नामुमकिन नहीं, बीजेपी-RSS ने बना लिया 2029 का भी प्लान!

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी राजनीतिक सफलता का श्रेय आरएसएस को हमेशा ही देते रहे हैं। हालांकि 11 साल प्रधानमंत्री रहने के बाद वह रविवार को पहली बार आरएसएस के मुख्यालय पहुंचे। पीएम मोदी इससे पहले 2013 में लोकसभा चुनाव की बैठक को लेकर नागपुर आए थे। पीएम मोदी ने आरएसएस के संस्थापक डॉ. केबी हेडगेवार के स्मारक पर जाकर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने आरएसएस की तारीफ खरते हुए कहा कि यह एक संगठन नहीं बल्कि राजनीति की आत्मा है। उन्होंने कहा कि संघ एक अमर संस्कृति के वट वृक्ष की तरह है जो कि आधुनिकता से भी ओतप्रोत है। आरएसएस कार्यकर्ता के तौर पर ही शुरू हुआ राजनीतिक सफर पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय चेताना का जो बीज 100 साल पहले बोया गया था वह एक वट वृक्ष का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि आरएसएस के कार्यकर्ता पूरे देश में तन-मन से लोगों की सेवा कर रहे हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सफर 1972 में आरएसएस प्रचारक के तौर पर ही शुरू हुआ था। उनकी सक्रियता के चलते ही उन्हें 2001 में गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया गया था। आरएसएस के एक सीनियर पदाधिकारी ने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं है कि बीजेपी का वैचारिक मेंटॉर आरएसएस है। इसके बावजूद बीजेपी ने आरएसएस से दूरी ही दिखाने की कोशिश की। सरकार और संघ का काम पूरी तरह अलग होता है। कई नेता इस बात को स्वीकार करते हैं कि उनका भविष्य आरएसएस की वजह से ही तय हो पाया है। फिर भी मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि आरएसएस कभी सरकार के कामकाज में कोई दखल नहीं देता है और ना ही इसका कोई राजनीतिक अजेंडा है। आरएसएस से अनबन की भी थी चर्चा 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान यह भी चर्चा थी की आरएसएस और बीजेपी की बन नहीं रही है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने यहां तक कहा था कि बीजेपी अब आत्मनिर्भर है। वहीं जब बीजेपी को हिंदी बेल्ट में सीटों का नुकसान हुआ तो आरएसएस प्रमुख ने भी कई बार इशारों-इशारों में खुले मंच पर नसीहत दे डाली। हालांकि लोकसभा में झटके के बाद बीजेपी ने फिर आरएसएस को अहमियत देनी शुरू की और इसका प्रभाव हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में दिखाई दिया। हालांकि आरएसएस नेता एचवी शेषाद्री ने कहा कि यह कोई डिबेट ही नहीं थी। जो लोग बीजेपी और आरएसएस दोनों को नहीं जानते हैं वही अनबन की अफवाह उड़ा रहे थे। इसके अलावा दो अहम कार्यक्रम भी आने वाले दिनों में होने वाले हैं। एक है बेंगलुरु में होने वाली बीजेपी कार्यकारिणी की बैठक और दूसरी आरएसएस का शताब्दी वर्ष समारोह। ऐसे में दोनों ही संगठन अपने संबंधों को नई ऊंचाई देने में ललगे हैं। अगले महीने बेंगलुरु में होने वाली कार्यकारिणी की बैठक में बीजेपी नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी ऐलान कर सकती है। ऐसे में पीएम मोदी का आरएसएस मुख्यालय जाना अहम मानाजा रहा है। दो प्रधानमंत्रियों के दौरे के बीच कितना कुछ बदल चुका है? पच्चीस साल के लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के आंगन में भारत के दूसरे प्रधानमंत्री की आमद हुई है. अटल बिहारी वाजपेयी ने बतौर प्रधानमंत्री संघ के दफ्तर का दौरा 27 अगस्त 2000 को किया था. ये संघ की स्थापना का 75वां साल था. अब 25 वर्ष बाद RSS की यात्रा के शताब्दी वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागपुर संघ मुख्यालय की यात्रा की है. 11 साल पहले प्रधानमंत्री बनने के बाद नागपुर में आरएसएस मुख्यालय की अपनी पहली यात्रा में नरेंद्र मोदी ने संघ को भारत की अमर संस्कृति का ‘वट वृक्ष’ बताया. आरएसएस के एक पदाधिकारी ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के रूप में अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान साल 2000 में यहां का दौरा किया था. संयोग है कि पीएम मोदी जब आरएसएस के दफ्तर पहुंचे हैं तो ये उनका तीसरा कार्यकाल है. संघ भारतीय संस्कृति का अक्षय वटवृक्ष- मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी संस्कृति को नष्ट करने के प्रयास किए गए भारतीय संस्कृति की चेतना कभी समाप्त नहीं हुई. स्वतंत्रता संग्राम से पूर्व डॉ.हेडगेवार और गुरुजी गोलवलकर ने भी इस राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा दिया. उन्होंने 100 वर्ष पहले जिस वटवृक्ष का बीजारोपण किया था, वह आज विशाल रूप में फैल चुका है. नरेंद्र मोदी ने कहा कि संघ का यह वटवृक्ष आदर्श और सिद्धांतों की वजह से टिक पाया है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत की राष्ट्रीय संस्कृति का कभी न समाप्त होने वाला अक्षय वटवृक्ष है. अब एक चौथाई सदी पहले उस मुलाकात की बात करते हैं जो तब हुई जब बतौर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी संघ कार्यालय नागपुर पहुंचे थे. RSS और भारतीय जनता पार्टी के रिश्ते को वैचारिक और संगठनात्मक रूप से गहरा माना जाता है, जो समय के साथ विकसित हुआ है 10 मार्च, 2000 को के एस सुदर्शन संघ के प्रमुख बने तो देश में पीएम की कुर्सी पर वो व्यक्ति था जो कभी स्वयंसेवक रहा था. लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी  के जमाने में स्वदेशी जागरण मंच, विहिप, भारतीय मजदूर संघ, किसान संघ जैसे संघ के अनुषांगिक संगठनों से कई मौकों पर टकराव होता रहा. हालांकि संघ के प्रति वाजपेयी की निष्ठा पर कोई सवाल ही नहीं था. 1995 में ऑर्गनाइजर में लिखे एक लेख में संघ को अपनी आत्मा बताया था. उन्होंने लिखा था, “आरएसएस के साथ लंबे जुड़ाव का सीधा कारण है कि मैं संघ को पसंद करता हूं. मैं उसकी विचारधारा पसंद करता हूं और सबसे बड़ी बात, लोगों के प्रति और एक दूसरे के प्रति आरएसएस का दृष्टिकोण मुझे भाता है और यह बस आरएसएस में मिलता है.” अटल के प्रधानमंत्री बनने के बाद एक दौर ऐसा भी आया, जब उनके संघ से रिश्ते कुछ असहज हो चले थे. उस वक्त संघ और सहयोगी संगठनों के नेता व्यक्तिगत हमले करने से भी नहीं चूकते थे. जबकि संघ में व्यक्तिगत नहीं बल्कि नीतिगत आलोचना की परंपरा रही. संघ विचारक दिलीप देवधर के अनुसार केएस सुदर्शन अपने विचारों को लेकर बहुत दृढ़ रहते थे. यह अटल बिहारी वाजपेयी जानते थे. यही वजह रहा कि भले ही रज्जू भईया ने उन्हें 1998 में उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था, मगर उन्हें सर संघचालक का … Read more

BJP 7 अप्रैल से 12 अप्रैल तक ‘गांव चलो, बस्ती चलो’ अभियान संचालित करेगी

भोपाल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 7 अप्रैल से 12 अप्रैल तक ‘गांव चलो, बस्ती चलो’ अभियान संचालित करेगी। इस दौरान कार्यकर्ता विभिन्न सामाजिक और सेवा कार्यों में भाग लेंगे। 2 अप्रैल को भोपाल में प्रदेश स्तरीय बैठक होगी, जिसमें अभियान, भाजपा स्थापना दिवस 6 अप्रैल और डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती 14 अप्रैल से जुड़े कार्यक्रमों की रूपरेखा बनेगी। 6 अप्रैल को कार्यकर्ता अपने घर और कार्यालयों में पार्टी का झंडा लगाएंगे। 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर सामाजिक और संगठनात्मक कार्यक्रम होंगे। यह अभियान भाजपा को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने में सहायक होगा। पार्टी स्थापना दिवस से लेकर 14 अप्रैल तक लगातार पार्टी के तमाम कार्यक्रम चलेंगे। इस बीच गांव चलो-बस्ती चलो अभियान में भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को 5 तरह की गतिविधियां संचालित करने का लक्ष्य दिया जाएगा। इनमें गांव या बस्ती के प्रमुख मंदिर और स्कूल में जाकर स्वच्छता अभियान चलाएंगे। अगल-अलग सरकारी योजना के 10 हितग्राहियों के घर जाकर संपर्क करेंगे। आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल, पशु चिकित्सालय, स्वास्थ्य केंद्र या पंचायत का दौरा करेंगे। जल संरचनाओं की सामूहिक सफाई करेंगे। भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी के झंडे के साथ यात्राएं निकालेंगे। बूथ समितियों की बैठक, अलग-अलग समुदायों के नेताओं और मीसाबंदी नेताओं के घर जाना, शाम को ग्रामीणों की चौपाल लगाना जैसे काम किए जांएंगे। 2 अप्रैल को होगी बैठक भाजपा ने 2 अप्रैल को राजधानी में संगठन के कामकाज को लेकर प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में सभी प्रदेश पदाधिकारियों के साथ ही सभी जिलाध्यक्षों और पूर्व जिलाध्यक्षों को भी भोपाल बुलाया गया है। इस बैठक में पार्टी की स्थापना दिवस और आंबेडकर जयंती पर पार्टी के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी। इसके साथ ही गांव चलें-बस्ती चलें अभियान को लेकर भी चर्चा होगी। ।

भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी, इसमें आपका स्वागत है -हितानंद जी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में ‘आईएम बीजेपी फ्यूचर फोर्स’ के दो दिवसीय बूट कैंप का शुभारंभ कर संबोधित किया ———————————————– -लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनसेवक बनकर कार्य करें युवा उद्यमी व प्रोफेशनल्स -भारतीय जनता पार्टी सच्चे अर्थो में जनता की सेवा करने वाला राजनीतिक दल है -डॉ. मोहन यादव -देश और राजनीति की दिशा बदल सकते हैं युवा -जातिवाद, परिवारवाद समाप्त होगा तभी विकसित भारत बनेगा -विष्णुदत्त शर्मा -भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी, इसमें आपका स्वागत है -भाजपा की नीति राष्ट्र नीति है -हितानंद जी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में ‘‘आईएम बीजेपी फ्यूचर फोर्स‘‘ के दो दिवसीय बूट कैंप का शुभारंभ कर संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एक हजार साल की गुलामी के बाद वर्ष 1947 में देश आजाद हुआ और देश की जनता के पैसे से सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया गया, लेकिन एक समुदाय विशेष के वोट के लिए देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने मंदिर का उद्घाटन करने से इंकार कर दिया। नेहरू जी ने वोट के लिए देश के नैतिक मूल्यों व सनातन संस्कृति को किनारे किया था। आप सभी उद्यमी लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनसेवक बनकर कार्य करें। जिलों के विकास को और अच्छे तरीके से सुनिश्चित करने के लिए जिलों में गठित विकास समितियों में उद्यमियों व प्रोफेशनल्स को भी जोड़ा जाएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी चाहते हैं कि शासन और नीति निर्माण की प्रक्रिया में युवा प्रोफेशनल्स की भागीदारी हो। यह दो दिवसीय बूट कैंप इसी दिशा में एक कदम है। वहीं, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने प्रतिभागियों को भाजपा की रीति-नीति का परिचय देते हुए कहा कि भाजपा का जन्म विचारों के आधार पर हुआ है और उसके लिए सदैव राष्ट्र प्रथम रहा है। प्रधानमंत्री जी विक्रमादित्य की तरह जनता की सेवा का कार्य कर रहे – डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पहले के समय में राजा हुआ करते थे। शासन एक व्यक्ति के हाथ में होता था, राजा को हरा दिया तो पूरे देश पर कब्जा हो जाया करता था। गुलाम होने से पहले भारत के अंतिम सम्राट पृथ्वीराज चौहान थे। लेकिन इसके पहले का शासन तंत्र बहुत अच्छा था। भगवान श्रीकृष्ण और सम्राट विक्रमादित्य की कार्य प्रणाली से शासन व्यवस्था को समझा जा सकता है। भगवान श्रीकृष्ण ने किसी राज्य पर कब्जा नहीं किया, दुष्टों का संहार करने के बाद सत्ता दूसरे लोगों को सौंपते चले गए। इसी तरह सम्राट विक्रमादित्य ने अपने शासन में नवरत्न बनाए थे। इन्हीं नवरत्नों को जनता की सेवा के लिए नियुक्त कर दिया था। विक्रमादित्य सम्राट होते हुए कभी राजा या सम्राट कहलाना पसंद नहीं करते थे, वे जनता का सेवक ही कहलाना पदस्थ करते थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी विक्रमादित्य की तरह जनता की सेवा कर रहे हैं और खुद को जनता का सेवक मानते हैं। उन्होनें कहा कि यह मैं आप लोगों को इसलिए बता रहा था, क्योंकि जब तक आप गुलामी क्यों मिली और कैसे मिली यह नहीं समझेंगे, तब तक सच्चे अर्थों में आजादी का महत्व समझ में कम आएगा। आक्रांतों ने जनता पर शासन किया और भारत को लूटकर चले गए। लोकतंत्र की सच्ची ताकत जनता के पास होनी चाहिए। इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए राजनीति से परिवारवाद को समाप्त करने और एक लाख ऐसे युवाओं को राजनीति में लाने का आह्वान किया है, जिसके परिवार अभी राजनीति में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने सोमनाथ मंदिर जाने से इंकार कर दिया था, लेकिन तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने सोमनाथ मंदिर जाकर उसका उद्घाटन किया। कांग्रेस और उसकी पार्टी के नेता राम मंदिर का विरोध कर रहे थे, जब भव्य राम मंदिर का निर्माण हो गया तो उनके दर्शन करने आज तक नहीं पहुंचे। भाजपा सरकार ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक विकास दर को 0.02 प्रतिशत से 12 प्रतिशत तक पहुंचाया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सत्ता की ताकत सुनीतियों के बल पर होती है, मध्यप्रदेश में 2003 से पहले कांग्रेस की सरकार थी, लेकिन प्रदेश के विकास के लिए कोई कार्य नहीं किया गया। 2003 में जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी, तब प्रदेश की औद्योगिक विकास दर 0.02 प्रतिशत के करीब थी। भारतीय जनता पार्टी ने सुशासन और कल्याणकारी नीतियों के कारण मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में लाकर खड़ा कर दिया है। वर्तमान में मध्यप्रदेश की औद्योगिक विकास दर 12 प्रतिशत पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी देश की राजनीति से परिवारवाद को समाप्त करने के लिए एक लाख प्रोफेशनल्स, उद्यमियों और अलग-अलग क्षेत्र के प्रतिभावान लोगों, एंटरप्रेन्योर को राजनीति में लाने का आह्वान इसीलिए किया है कि अलग-अलग क्षेत्र के आप लोग अपने-अपने क्षेत्र के जानकार व महारथी हैं। देश और प्रदेश के विकास में नीतियों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। आप सभी अपने-अपने क्षेत्र के विकास के लिए बनाई जाने वाली नीतियों में महत्वपूर्ण सुझाव देंगे और नीतियों को बनाने में अपनी भूमिका निभाएंगे, जिससे देश और प्रदेश आगे बढ़ेगा और 2047 तक भारत को विश्व गुरू बनाने का सपना साकार होगा। मोदी जी की चाहते हैं-नीति निर्माण प्रक्रिया में शामिल हों यंग प्रोफेशनल्स-विष्णुदत्त शर्मा   भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने बूट कैंप में विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल, इंटेलेक्चुअल युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि शिकागो की धर्मसभा में स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि आप मुझे मेरे जैसे 100 युवा दें, मैं सारी दुनिया को बदल दूंगा। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से जब युवाओं ने पूछा कि राजनीति गुंडाइज्म, धनबल, बाहुबल की पर्याय बन गई है, इस स्थिति को कैसे बदला जा सकता है? तब डॉ. कलाम ने जवाब दिया था कि जब तक आपके जैसे युवा राजनीति में नहीं आएंगे, तब तक वही पुराने लोग राजनीति चलाते रहेंगे और यही सब चलता रहेगा। इन्हीं महापुरुषों की बात को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी … Read more

NDA के सरताज होगा Bihar, मांझी-चिराग और उपेंद्र की रणनीति तैयार

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के चार प्रमुख सहयोगी दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और चुनावी रणनीतियों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रमुख जीतन राम मांझी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक का आयोजन बीजेपी नेता संजय जासवाल के आवास पर किया गया, जिसमें जेडीयू नेता संजय झा भी शामिल हुए। 225 सीटों पर जीत का दावा बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि बिहार में NDA की बड़ी जीत तय है। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन को 225 से अधिक सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा, बिहार चुनाव की तैयारियों पर आगे पटना में विस्तृत चर्चा की जाएगी। NDA की मौजूदा स्थिति को देखते हुए हमें जनता का भरपूर समर्थन मिलेगा। सीट शेयरिंग और रणनीति पर चर्चा केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि बैठक का कोई खास उद्देश्य नहीं था, लेकिन यह चुनावी वर्ष होने के कारण रणनीतियां तय करने का समय है। उन्होंने कहा, हम चुनाव में किस सोच के साथ जाएंगे, सरकार की उपलब्धियां जनता के बीच कैसे रखी जाएंगी, और सीट शेयरिंग समेत अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। NDA इस बार ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगा और 225 से अधिक सीटों पर जीत सुनिश्चित होगी। एनडीए के सामने कोई गठबंधन नहीं टिकेगा आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने बैठक को NDA की मजबूती का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, यह एक आपसी विचार-विमर्श का कार्यक्रम था। चुनावी वर्ष में जब राजनीतिक दलों के नेता मिलते हैं, तो चुनाव को लेकर चर्चा होना स्वाभाविक है। हम सभी चुनाव की तैयारियों में पूरी तरह जुटे हुए हैं। बिहार में NDA की स्थिति बेहद मजबूत है और हमारे सामने कोई अन्य गठबंधन टिकने वाला नहीं है। सभी चीजें तय हैं और इसी आधार पर हम चुनाव जीतेंगे। आगे की रणनीति पर मंथन जारी बैठक में शामिल नेताओं ने यह भी संकेत दिया कि बिहार चुनाव को लेकर आगे पटना में विस्तृत बैठक होगी, जहां सीटों के बंटवारे और चुनाव प्रचार की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। बिहार में NDA सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर भी जोर दिया जाएगा। बिहार में सत्तारूढ़ NDA के नेताओं का यह आत्मविश्वास बताता है कि वे आगामी चुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार हैं। अब देखना यह होगा कि विपक्षी दल महागठबंधन इस चुनौती का किस तरह सामना करते हैं।

दिल्ली में बीजेपी गवर्नमेंट आते ही शुरू हुई बिजली समस्या, लोगों का धरना प्रदर्शन, आप ने दिल्ली सरकार को घेरा

Electricity problem started in Delhi as soon as BJP government came नई दिल्ली ! बुराड़ी के पास इलाकों में बिजली कटौती की समस्या लंबे समय तक देखी गई, ऐसे में वहां के लोग विरोध के लिए सड़कों पर उतर आए. बिजली कटौती को लेकर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी ने डेढ़ महीने में दिल्ली की व्यवस्था खराब कर दी. मनीष सिसोदिया ने कहा कि मई-जून के महीने में क्या होगा? दिल्ली में पावर कट को लेकर आप नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा है. पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि दिल्ली में मार्च में बिजली का ये हाल है कि पॉवर-कट के कारण लोगों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, तो मई-जून की तपती गर्मी में पीक डिमांड बढ़ने के समय क्या हाल होगा? उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की सरकार में 10 सालों तक लगातार दिल्लीवालों को 24 घंटे बिजली दी गई, लेकिन ‘विपदा’ सरकार ने 1 महीने में ही साबित कर दिया कि 24 घंटे बिजली देना उनके बस की बात नहीं है. डेढ़ महीने में दिल्ली का बुरा हाल कर दियावहीं अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमनें बड़ी मुश्किल से दिल्ली में बिजली की व्यवस्था को ठीक किया था, बहुत मेहनत की थी और रोज उस पर नज़र रखते थे. दस साल कभी कहीं पॉवर कट नहीं हुए. इन लोगों ने मात्र डेढ़ महीने में बिजली का बुरा हाल कर दिया. पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के रहते हमेशा चौबीस घंटे बिजली आती थी, लेकिन बीजेपी सरकार आते ही हालात देखिए. बिजली को लेकर लोग सड़क पर उतरने लगे हैं. अभी ये हाल है तो मई-जून की भयंकर गर्मियों में क्या हाल होने वाला है? बीजेपी की डबल इंजन सरकार का मतलब है बिजली मिलेगी नहीं और अगर बिजली कटौती के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरोगे तो पुलिस का इंजन है ही. थाने में रात गुजारिये. बिजली विभाग के खिलाफ किया विरोधबुराड़ी के जगतपुर गांव के रहने वाले लोगों ने ज्यादा समय से बिजली कटौती के कारण दिल्ली रिंग रोड को जाम कर बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. लोग गर्मी से परेशान होकर सड़कों पर उतर आए. उन्होंने विरोध में जमकर नारे भी लगाए.

MIC की पहली बैठक, .50 करोड़ का स्ट्रीट लाइट टेंडर किया निरस्त के बाद हंगामा

बिलासपुर बिलासपुर नगर निगम की मेयर इन कौंसिल (MIC) की पहली बैठक हुई। जिसमें सड़क, नाली, पानी और लाइट जैसे बुनियादी मुद्दों के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर 37 प्रस्ताव पर चर्चा की गई। बिलासपुर नगर निगम के नए कार्यकाल की पहली एमआईसी बैठक में ही स्ट्रीट लाइट टेंडर को लेकर हंगामा हुआ। एमआईसी सदस्य विजय ताम्रकार ने टेंडर पर आपत्ति जताई, जिस पर सदस्यों से चर्चा के बाद 5.50 करोड़ रुपए के इस टेंडर को निरस्त कर दिया गया। दरअसल, शहर की सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए नगर निगम ने 5.50 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया था। यह टेंडर 2.31 प्रतिशत बिलो रेट पर जांजगीर की उदयश्री ग्रुप कंपनी को दिया गया था। बैठक में विजय ताम्रकार ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रदेश में आमतौर पर 20 से 25 प्रतिशत बिलो रेट पर काम होता है। ऐसे में इस टेंडर से निगम को लगभग 1.25 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। उनकी आपत्ति के बाद बैठक में गर्मागर्म बहस हुई। पेयजल सहित 37 प्रस्ताव पास नवनिर्वाचित महापौर पूजा विधानी की अध्यक्षता में यह पहली एमआईसी बैठक बुधवार शाम 5 बजे विकास भवन के दृष्टि सभागार में आयोजित हुई। इसमें कुल 37 प्रस्ताव पारित किए गए। गर्मी को देखते हुए बैठक में शहर में पानी की आपूर्ति को दुरुस्त करने के लिए जरूरी कदम उठाने तथा सड़क, नाली और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। भाजपा ही लगाती है शहर में स्ट्रीट लाइट स्ट्रीट लाइट के ठेके को लेकर हुई बहस के बीच यह चर्चा होती रही कि शहरभर में स्ट्रीट लाइट का काम भाजपा का एक वरिष्ठ नेता, गोलबाजार के एक फर्म के नाम से टेंडर लेकर करता है। टेंडर भी इसी कारण निरस्त किया गया ताकि नेताजी को टेंडर मिल सके।

बिहार विधानसभा चुनाव में MP के नेता ‘मेरा बूथ-सबसे मजबूत’ का करेंगे आकलन

भोपाल  कुछ महीने बाद होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए मध्य प्रदेश के अनुभवी कार्यकर्ताओं को भी वहां भेजा जाएगा। पूर्व जिलाध्यक्ष, पूर्व पदाधिकारी, पूर्व संगठन मंत्री और महिला कार्यकर्ताओं सहित लगभग 250 नेताओं की टीम बिहार भेजी जाएगी। कुछ मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को भी जिलों की कमान दी जाएगी। ये लोग वहां चुनाव से पहले बूथ प्रबंधन का काम देखेंगे। प्रदेश के संगठन क्षमता वाले कार्यकर्ताओं का पार्टी कई राज्यों में उपयोग करती रही है। बिहार दिवस से हुई शुरुआत     हाल ही में बिहार दिवस पर वहां के नेताओं ने मध्य प्रदेश आकर ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का कार्यक्रम कर लोगों को जोड़ने का काम आरंभ कर दिया है ताकि ये लोग बिहार के अपने रिश्तेदारों को भाजपा के साथ जोड़ सकें।     अलग-अलग क्षेत्र में भी दोनों राज्यों में रोटी-बेटी के संबंध वाले लोगों की संख्या बहुत है। यही वजह है कि प्रदेश के नेताओं को बिहार में अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा।     मध्य प्रदेश से भेजे जाने वाले नेता-कार्यकर्ता बूथ से लेकर शक्ति केंद्र, मंडल और जिलों में तैनात किए जाएंगे। यहां संगठन को चुनावी तैयारियों के लिहाज से ये नेता-कार्यकर्ता प्रशिक्षित करेंगे।     ‘मेरा बूथ-सबसे मजबूत’ के लक्ष्य को बिहार भाजपा संगठन ने कितना प्राप्त किया है और उसमें यदि कुछ कमी रह गई है, तो इसका आकलन कर वहां के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण भी देंगे।     परोक्ष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार चुनाव पर अभी से नजर रख रहे हैं। बता दें, मध्य प्रदेश से कुछ समय पहले हुए दिल्ली और उससे पहले गुजरात व झारखंड के विधानसभा चुनाव में भी कार्यकर्ताओं को भेजा गया था।     मध्य प्रदेश के साथ इन राज्यों में भी रोटी-बेटी के संबंध वाले लोगों की संख्या बहुत है। गुजरात विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए 92 अनुभवी कार्यकर्ताओं को भेजा गया था। तब प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष जीतू जिराती और पूर्व संगठन मंत्री श्याम महाजन को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अनुभवी कार्यकर्ताओं को भेजती है पार्टी भाजपा विधानसभा चुनाव में विभिन्न राज्यों से उन कार्यकर्ताओं को पहले ही बुला लेती है, जिन्हें कई राज्यों में चुनाव के दौरान सांगठनिक कार्यों का लंबा अनुभव हो। इन जमीनी कार्यकर्ताओं को विधानसभा क्षेत्र की सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक स्थिति के अनुसार रणनीति बनाने में महारत होती है। परिवार के नाते…     किसी भी राज्य में चुनाव होते हैं तो परिवार के नाते मध्य प्रदेश से भी अनुभवी कार्यकर्ता चुनावी तैयारी के लिए भेजे जाते हैं। आने वाले चुनावों के लिए भी मध्य प्रदेश से कार्यकर्ता भेजे जाएंगे। – विष्णु दत्त शर्मा, अध्यक्ष, मध्य प्रदेश भाजपा  

राजस्थान :प्रदेश भाजपा के संगठन में इस बार महिला नेताओं को अहम जिम्मेदारी दी जाएगी

जयपुर  राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ अब अपनी नई टीम बनाने वाले हैं। नई टीम की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। बताया जा रहा है कि प्रदेश स्तर पर नाम फाइनल कर लिए गए हैं। एक औपचारिक अनुमति के लिए केंद्रीय नेताओं के सामने नई टीम के पैनल को रखा जाएगा। केंद्रीय नेताओं से हरी झंडी मिलते ही नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी जाएगी। जुलाई 2024 में मदन राठौड़ को पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। बाद में फरवरी 2025 में राठौड़ को निर्विरोध प्रदेशाध्यक्ष चुना गया। प्रदेश अध्यक्ष के पद पर कार्य करते हुए आठ महीने हो गए लेकिन अभी तक पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी की ओर से बनाई गई ही यथावत है। अब राठौड़ अपने स्तर पर संगठन में फेरबदल करने जा रहे हैं। महिला नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी प्रदेश भाजपा के संगठन में इस बार महिला नेताओं को अहम जिम्मेदारी दी जाएगी। संगठन 33 फीसदी आरक्षण के लिहाज से अहम पदों पर महिलाओं को नियुक्ति देना तय है। प्रदेश उपाध्यक्ष और महामंत्री जैसे अहम पदों पर महिलाओं को जिम्मेदारी दी जाने वाली है। प्रदेश भाजपा की महिला नेत्रियों में इस बात को लेकर बड़ी खुशी भी है कि उन्हें संगठन में अहम पदों पर काम करने का मौका मिलेगा। पूरी कार्यकारिणी में करीब 90 पद हैं। 33 प्रतिशत आरक्षण के हिसाब से करीब 30 पदों पर महिलाओं को मौका मिलने वाला है। दीप्ति किरण माहेश्वरी, अनिता भदेल, डॉ. ज्योति मिर्धा और रंजीता कोली को मिलेगा बड़ा अवसर प्रदेश संगठन की मुख्य कार्यकारिणी में भी अब महिलाओं नेत्रियों को अवसर मिलने वाला है। मौजूदा विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी, अनिता भदेल, पूर्व सांसद रंजीता कोली सहित अन्य वरिष्ठ नेत्रियों के लिए अब बड़ा मौका है जब पार्टी में उनकी अहम भूमिका होने वाली है। पूर्व सांसद संतोष अहलावत और ज्योति मिर्धा को भी अहम जिम्मेदारी मिलने वाली है। प्रदेश कार्यकारिणी के साथ जिला कार्यकारिणियों का भी गठन होगा तो वहां भी स्थानीय महिला नेत्रियों को ज्यादा अवसर मिलने वाले हैं। महिला नेत्रियों को दी जाने वाली नियुक्तियों में जातिगत समीकरण भी साधे जाएंगे। ऐसे में हर वर्ग की महिला नेत्रियों को मौका मिलना तय है।

बजट सत्र के आखिरी दिन सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा ने वेतन और भत्ता नहीं लेने का ऐलान किया

भोपाल  मध्य प्रदेश के बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने विधानसभा में बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि न तो वे वेतन लेंगे और न ही किसी तरह का भत्ता लेंगे। उमाकांत ने कहा कि जनसेवा के लिए विधायक बने हैं ऐसे में जब जनसेवा ही हमारा उद्देश्य है तो शासकीय लाभ लेने का कोई मतलब नहीं मिलता। वे पंडित दीनदयाल उपाध्याय को अपना आदर्श मानते हैं। एमपी विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन सिरोंज से भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने वेतन और भत्ता नहीं लेने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मैंने संकल्प लिया है, घोषणा की है कि, मैं नियमों के अंतर्गत मिलने वाले वेतन भत्ते नहीं लूंगा। दरअसल, विधानसभा में एक विषय पर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान विधायक उमाकांत शर्मा को वेतन छोड़ देने की नसीहत दी गई। इस बात को सुनने के बाद उन्होंने तुरंत वेतन और भत्ता छोड़ने का ऐलान किया। क्या बोले भाजपा विधायक? उमाकांत शर्मा ने कहा कि राजनीति सेवा के लिये की जा रही है और इसका आदर्श जिनके पास स्वयं का घर नहीं, हमारे प्रधानमंत्री हैं। स्वयं हमारे लिये, माननीय विधायकों के लिये, सांसदों के लिये ईमानदारी से तनख्वाह लेना भी छोड़ रहे हैं। इस पर एक सदस्य ने कहा कि आप भी पंडित जी तनख्वाह लेना छोड़ दो। इसके जवाब में उमाकांत शर्मा ने कहा कि आज मैं भी तनख्वाह लेना छोड़ रहा हूं। विधायकों – मंत्रियों को सलाह विधायक शर्मा ने कहा कि, मैं प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी के राहत कोष में मैं अपना वेतन दूंगा। यही नहीं उमाकांत ने दूसरे विधायकों-मंत्रियों को भी सलाह दी कि, वो भी अपना वेतन, भत्ता और पेंशन छोड़ें। इसके अलावा गाय की सार में सोने पर भाजपा विधायक ने कहा कि, गाय हमारी माता है और उसकी सेवा करना हमारा परम धर्म है।

बीजेपी नेता का टूटा पैर तो अस्पताल को बना दिया पार्टी दफ्तर, बेड के पीछे पोस्टर लगाकर हुई मीटिंग

कानपुर पार्टी विद डिफरेंस के नेता गजब की स्टाइल में सियासत करते हैं और जब सत्ता हो तो अस्पताल का वार्ड भी पार्टी का कार्यालय बन जाता है। यह मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर से है, जहां कानपुर महानगर उत्तर में जिला अस्पताल के वार्ड में ही कार्यकर्ताओं की बैठक ले ली गई। कानपुर के भाजपा जिला अध्यक्ष कौन हैं? कानपुर भाजपा जिलाध्यक्ष अध्यक्ष अनिल दीक्षित ने अपने टूटे पैर के इलाज के दौरान अस्पताल में कार्यकर्ताओं की बैठक की। बैठक के दौरान अस्पताल के बेड के पीछे पार्टी का बैनर टांगा सामने और अगल-बगल वार्ड के कमरे की बेंच पर बेड पर कार्यकर्ताओं को बैठाया गया। 10 मिनट की इस बैठक में नेताजी बेड पर लेटे लेटे कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते रहे। अब इसे आप समर्पण कहें या रुतबा या फिर राजनीतिक तमाशा जहां कैमरा भी बुलाया गया था। अस्पताल में क्यों हुई जिलाध्यक्ष की बैठक? कानपुर के आर्य नगर स्थित मेदांता अस्पताल के वार्ड में हुई इस बैठक में जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित ने सरकार के 8 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रमों की चर्चा की और वहीं कार्यकर्ताओं में जिम्मेदारी भी बांटी। जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने बताया कि पार्टी की तरफ से 14 अप्रैल तक होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की सूची आई थी। यह उसी के संबंध में बैठक बुलाई गई थी।   निजी अस्पताल के वार्ड में ही पार्टी का झंडा बैनर लगाकर हुई इस बैठक में समर्पण की नेताजी को तारिफ भी मिल सकती है। क्योंकि नेताजी को अपनी चोट से ज्यादा खुशी इस बात पर है कि कार्यकर्ताओं का प्रेम इनको पैर में पेन महसूस ही नहीं होने दे रहा है।

माफी नहीं मांगूंगा… BJP विधायक चिंतामणि मालवीय का पार्टी के खिलाफ मोर्चा, कांग्रेस का भी मिल गया साथ

ujjain kumbh land acquisition controversy chintamani malviya उज्जैन ! बीजेपी विधायक चिंतामणि को राष्ट्रीय अध्यक्ष JP नड्डा ने नोटिस भेजा है. इस पर चिंतामणि ने कहा है कि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिली है. अगर मिलती भी है तो मैंने कुछ भी ग़लत नहीं कहा है. मैं माफ़ी नहीं मांगूंगा.उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ को लेकर बवाल मचा हुआ है. बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय ने विधानसभा में मुद्दा उठाया और कहा कि उज्जैन के किसान परेशान हैं और डरे हुए है. उनकी ज़मीन जबरदस्ती अधिग्रहण की जा रही है. इस बयान के बाद अब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष JP नड्डा ने उन्हें नोटिस जारी किया है. नोटिस में कहा गया है कि आज सार्वजनिक जगह पर बयानबाजी कर पार्टी की छवि धूमिल कर रहे हैं. बीजेपी की ओर से भेजे गए नोटिस में चिंतामणि को 7 दिनों जवाब देने के लिए कहा गया है. मुझे नोटिस नहीं मिलाइस मामले पर आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय ने कहा कि मैं बीजेपी का प्रतिबद्ध कार्यकर्ता हूं. मैंने जो कुछ कहा, वो सदन के अंदर का विषय है. मैंने कुछ भी ग़लत नहीं कहा है. मैं माफ़ी नहीं मांगूंगा. पार्टी का नोटिस अभी मुझे प्राप्त नहीं हुआ है. अगर मुझे मिलेगा तो मैं उसके तथ्यानुरूप जवाब से पार्टी को अवगत कराऊंगा. उन्होंने कहा था कि भू-माफियाओं की साजिश की वजह से किसानों को अपनी ही जमीन से बेदखल किया जा रहा है. सालों से यहां भूमि का अधिग्रहण कुछ ही महीनों के लिए होता था, लेकिन स्थाई तौर पर कब्जा सही नहीं है. दूसरे नेताओं को क्यों नहीं जारी किया नोटिस?वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी में कोई आवाज़ उठाता है तो उसकी आवाज़ दबा दी जाती है. किसानों के मुद्दे पर हम उनके साथ है. कांग्रेस पार्टी भी उज्जैन जाकर किसानों के साथ प्रदर्शन में शामिल होगी.नोटिस जारी करना ही थे बीजेपी को तो आख़िर क्यों गोविंद राजपूत ,प्रहलाद पटेल और विश्वास सारंग को नहीं किए. दूसरी तरफ़ बीजेपी इस मामले पर चुप है. सिंहस्थ क्या है?सिंहस्थ उज्जैन मध्य प्रदेश में आयोजित होने वाला महाकुंभ मेला है, जो हर 12 साल में एक बार शिप्रा नदी के तट पर होता है. इसे ‘सिंहस्थ कुंभ महापर्व’ भी कहा जाता है. यह हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें संत, महात्मा, अखाड़े, श्रद्धालु और तीर्थयात्री बड़ी संख्या में शामिल होते हैं.

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