आबकारी विभाग की बड़ी कार्यवाही 3 लाख 70 हजार रूपये की मदिरा जप्त अलग-अलग क्षेत्र में दी गई दबिश
Excise Department conducted a major operation, seizing alcoholic beverages worth 3 lakh 70 thousand rupees in different areas.
Excise Department conducted a major operation, seizing alcoholic beverages worth 3 lakh 70 thousand rupees in different areas.
Priyadarshini Raje and Maharyaman performed the holy remembrance of the queen mother. विजयाराजे सिंधिया की 104वीं जयंती पर अम्मा महाराज की छत्री में श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे सैकड़ों नेता।प्रियदर्शनी राजे और महाआर्यमन ने किया राजमाता का पुण्य स्मरण” संतोष सिंह तोमरग्वालियर। जनसेवा के लिए राजपथ से लोकपथ का मार्ग चुनने वाली राजमाता विजयाराजे सिंधिया की 104वीं जयंती गुरुवार को मनाई गई।राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जयंती के अवसर पर सिंधिया परिवार की ओर से प्रियदर्शनी राजे और महाआर्यमन सिंधिया ने कटोराताल थीम रोड स्थित छत्री परिसर में पहुंचकर करुणा की मूर्ति राजमाता विजयराजे सिंधिया की प्रतिमा पर पुष्पांजलि के साथ श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनका पुण्य स्मरण किया।वहीं मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के चलते भागदौड़ में व्यस्त केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिन की शुरुआत अपनी दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए की। श्री सिंधिया ने अपने बचपन की एक फोटो ‘जिसमें उनकी दादी विजयाराजे सिंधिया उन्हें अपनी गोद में लिए हुए हैं।’ सोशल मीडिया X (एक्स) पर शेयर करते हुए लिखा “अपने सीधे-सरल स्वभाव और लोकसेवा के प्रति समर्पण के कारण मेरी आजीअम्मा आज भी मध्य प्रदेश और देश के कण-कण और जन-जन के दिलों में बसती हैं। राष्ट्र सेवा को अपनी प्राथमिकता मानने वाली राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी भारतीय जनसंघ एवं भाजपा की आधार स्तंभ थी, जिन्होंने भारतीय राजनीति को एक नई पहचान देने का कार्य किया। वह आज भी हर घड़ी प्रकाशपुंज की भांति मेरा मार्गदर्शन करती हैं। उनकी जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनका आशीर्वाद सदैव मेरे मध्य प्रदेश पर बना रहे, यही प्रार्थना है।”छत्री परिसर में सुबह से आदरांजलि अर्पित करने वालों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। दोपहर तक ग्वालियर-चंबल अंचल के अनेक नेताओं व पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके आदर्शां को जीवन में अपनाकर राजमाता के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
भोपाल. मध्य प्रदेश में उपचुनाव के ही चर्चे हैं। बीजेपी और कांग्रेस ने अपने अपने स्तर पर पूरी तैयारी कर ली है. हर विधानसभा क्षेत्र में बैठकों और प्रचार-प्रसार का दौर जारी है. इस बीच बीजेपी ने हर बूथ पर पन्ना प्रमुख की नियुक्ति कर दी है. इन पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी मतदाता सूची के हर पन्ने पर नज़र रखने की होगी. वहीं, कांग्रेस भी दावा कर रही है कि उसकी भी बूथ स्तर पर तैयारी पूरी है. 28 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी बूथ स्तर तक रणनीति तैयार कर रही है. इसी के तहत बीजेपी ने खुद को मजबूत करने के लिए 8 हज़ार से ज़्यादा पन्ना प्रभारियों को मुस्तैद कर दिया है. यह पन्ना प्रभारी संबंधित विधानसभा क्षेत्र में वहां के बूथ के लिए तैयारी करेंगे और मतदाताओं पर नजर बनाएंगे. बीजेपी का दावा है कि उसने उपचुनाव के लिए बूथ स्तर तक तैयारी कर ली है. इसके लिए लगातार भोपाल से लेकर संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में बैठकों के दौर जारी हैं. मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा हर बूथ पर पन्ना प्रमुख की नियुक्ति की गई है. बूथ पर आने वाली मतदाता सूची में जितने पन्ने होते हैं. उतने ही बीजेपी के पन्ना प्रमुख हैं. इन पन्ना प्रमुख की मुख्य जिम्मेदारी हर वोटर तक सरकार की उपलब्धियां पहुंचाना और वोटर को अपने पक्ष में करने की होती है. कांग्रेस भी मैदान में तैयार बीजेपी की तरह कांग्रेस का दावा भी है कि उसकी उपचुनाव को लेकर तैयारियां पूरी हैं. संगठन स्तर पर भी उपचुनाव की हर चरण की तैयारी पूरी कर ली गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी ने बताया कि बीजेपी की 15 साल की सरकार और हमारी 15 महीने की सरकार में जमीन आसमान का अंतर है. बूथ स्तर पर जनता के बीच हमारे कार्यकर्ता इस बात को लेकर जा रहे हैं. जिन लोगों ने हमारी सरकार गिराई है, जनता उन्हें उपचुनाव में सबक सिखाएगी. सुरेश पचौरी ने यह भी कहा कि बीजेपी भले ही कितनी तैयारी कर ले, उपचुनाव में जीत कांग्रेस की होगी. जनता सब कुछ समझ चुकी है.
भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के पूर्व केबिनेट मंत्री प्रदेश के अनुसूचित जाति के जनमानस में समाये सरल सहज मिलनसार प्रदेश के कद्दावर जन नेता लाल सिंह आर्य को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपनी नई टीम में भाजपा अनुसुचित जाति मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है। इस पर हर्ष जताते हुए भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा मध्यप्रदेश प्रदेश मीडिया सह प्रभारी एसएल वर्मा ने कहा कि श्री आर्य पार्टी की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरे उतरेंगे। लाल सिंह आर्य ने केबिनेट मंत्री के पूर्व मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष रहकर सफलता पूर्वक अपने दायित्वों का निर्वाहन करते हुए सभी अनुसूचित जाति के दिलों में अपना अहम स्थान बनाया है. श्री वर्मा ने बताया कि श्री आर्य को यह दायित्व मिलने पर प्रदेश के जनमानस में खुशी की लहर चल पड़ी है। श्री वर्मा व मोर्चे के सभी पदाधिकारियो ने शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया है!
नई दिल्ली. आठ महीने के लंबे इंतजार और तमाम कयासों के बाद बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपनी टीम की घोषणा कर दी. जेपी नड्डा को पिछले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की जो टीम मिली थी, उसमें उन्होंने कई अमूलचूल परिवर्तन करते हुए अपनी टीम में अनुभव, संगठन कुशलता के साथ-साथ युवा जोश का सामंजस्य बैठाने की कोशिश की है. जेपी नड्डा ने अपनी टीम में वैसे तो कई बड़े-बड़े फैसले लिए हैं लेकिन सबसे चौंकाने वाला फैसला आरएसएस से बीजेपी में आए राम माधव और मुरलीधर राव को हटाना है. राम माधव ने ही मोदी सरकार बनने के बाद जम्मू कश्मीर में पीडीपी के साथ सरकार बनवाकर घाटी में पार्टी को मजबूती दी थी. उसके बाद असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर एक के बाद एक सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी. मिजोरम, नगालैंड और मेघालय में गठबंधन की सरकार बनाकर पूर्वोत्तर भारत में भी बीजेपी के पैर जमाने का काम किया था. हरियाणा में 2014 और 2019 में सरकार बनाने में बड़ी भूमिका निभाने वाले डॉ अनिल जैन को भी महासचिव पद से हटा दिया गया है. छत्तीसगढ़ में रमन सिंह से छत्तीस का आंकड़ा रखने वाली सरोज पांडेय भी महासचिव पद से मुक्त कर दी गई हैं. इनकी जगह जिन चेहरों को नड्डा ने टीम में जगह दी वो अचंभित करते हैं. जिन्हें प्रमोशन मिला है उनमें तरुण चुग पंजाब से आते हैं और अभी तक राष्ट्रीय सचिव के पद पर काम कर रहे थे, दिल्ली के प्रभारी थे. हालांकि दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी की क्या पर्फोमेंस रही, ये किसी से छुपी नहीं है. इन चेहरों पर जताया भरोसा पिछले कुछ समय से बीजेपी ने जिस दलित चेहरे पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है उनमें दुष्यंत कुमार गौतम का नाम शामिल है. इन पर नड्डा ने भरोसा जताते हुए अपनी टीम में महासचिव बनाया हैं. कर्नाटक के सीटी रवि को महासचिव बनाया गया हैं. सीटी रवि कर्नाटक सरकार में संस्कृति, कन्नड़ और पर्यटन मामलों के मंत्री हैं और उनकी मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा से खास नहीं बनती है. इसलिए वो मंत्री पद से इस्तीफा देकर बीजेपी महासचिव के तौर पर काम करेंगे. इसके अलावा महिला कोटे से कांग्रेस से बीजेपी में आईं एनटी रामाराव की बेटी डी पुरदेंश्वरी को महासचिव बनाया गया है. चेन्नई में जन्मी पुरदेंश्वरी मनमोहन सिंह सरकार में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री रही हैं. जाहिर है कि उन्हें आंध्र प्रदेश की नुमाइंदगी करने के लिए राम माधव की जगह दी गई है. डी पुरदेंश्वरी 2019 के लोकसभा में विशाखापट्टनम से चुनाव लड़ी थी और उनकी जमानत भी जब्त हो गई थी. असम चुनाव को देखते हुए नड्डा ने सांसद दिलीप सैकिया को महासचिव बनाया है. सैकिया असम में पिछलें दो दशकों से संगठन में कई पदों पर काम कर चुके हैं. तेजस्वी सूर्या को बड़ी जिम्मेदारी जेपी नड्डा की नई टीम पर संगठन महासचिव बीएल संतोष की प्रभाव अच्छा खासा दिखता हैं. सीटी रवि को महासचिव के पद पर ताजपोशी और उनके करीबी माने जाने वाले युवा सांसद तेजस्वी सूर्या को भी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें पूनम महाजन की जगह युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है. अनंत कुमार का कर्नाटक बीजेपी में ही नही बल्कि केंद्रीय बीजेपी नेतृत्व में बड़ा नाम था. उनके निधन के बाद उनकी पत्नी तेजस्वनी लोकसभा सीट बेंगलुरू दक्षिण से दावेदार थीं. हालांकि बीएल संतोष ने पूरी ताकत लगाकर अनंत कुमार की पत्नी की जगह तेजस्वी सूर्या को टिकट दिलाया था. जेपी नड्डा की नई टीम में तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को उपाध्यक्ष बनाया गया है. वसुंधरा राजे और रमन सिंह पहले से ही अमित शाह की टीम से उपाध्यक्ष थे. इस बार झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का नया नाम जुड़ गया हैं. नड्डा की नई टीम राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में भी कुछ नाम चौंकाते हैं जैसे मुकुल रॉय. हालांकि मुकुल रॉय को तृणमूल कांग्रेस से बीजेपी में आए लंबा अरसा हो चुका है. लेकिन उन्हें सरकार के बजाए संगठन में जिम्मेदारी मिली. पश्चिम बंगाल चुनाव में उनकी बड़ी भूमिका रहने वाली है. इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. उमा भारती, प्रभात झा, विनय सहस्त्रबुद्धे, ओम माथुर, श्याम जाजू और अविनाश राय खन्ना की उपाध्यक्ष पद से छुट्टी कर दी गई है . प्रवक्ता बीजेपी ने 23 प्रवक्ताओं की भारी-भरकम फौज बनाई है. राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी इसकी अगुवाई करेंगे. इसमें पूर्व सूचना प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ और सांसद हिना गवित, सांसद राजू बिस्टा, सांसद राजीव चंद्रशेखर, तेजतर्रार सांसद अपराजिता सारंगी समेत कई युवा चेहरों को जगह दी गई हैं लेकिन मीनाक्षी लेखी को प्रवक्ता पद से मुक्ति दे दी गई है. जेपी नड्डा ने अपनी टीम में दूसरी पार्टियों से आए नेताओ को भी तरजीह देते हुए उन्हें संगठन में जगह दी है. जेपी नड्डा की इस टीम में नए-पुराने चेहरों का सामंजस्य बैठाने की कोशिश की गई है. नड्डा ने अपनी टीम में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं के अनुभव का ध्यान रखते हुए स्थान दिया हैं. सबसे खास बात ये हैं कि उन्होंने अपनी टीम जातिगत आधार पर और सभी राज्यों को प्रतिनिधित्व देते हुए चुनी है. पद खाली वहीं सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि तमाम कोशिश के बाद भी जेपी नड्डा संगठन की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण पद महासचिव पर सभी 10 महासचिवों की नियुक्ति नहीं कर पाए हैं. संगठन के हिसाब से संगठन महासचिव समेत 10 महासचिव होने चाहिए लेकिन अभी एक महासचिव पद खाली है. मतलब साफ है कि कहीं न कहीं पार्टी में ऐसे अनुभवी लोगों की कमी है जिनको महासचिव बनाया जाए. वहीं अमित शाह के 6 साल अध्यक्षीय कार्यकाल में दो महासचिव समेत कई संगठन के पद खाली रहे. सूत्रों के मुताबिक जिन नेताओं को नड्डा की टीम में जगह नहीं मिली हैं, उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनाया जा सकता हैं. माना जा रहा है कि केंद्र सरकार में मंत्रिमंडल में फेरबदल भी जल्द होगा.
भोपाल. शिवपुरी जिले में पहली बार प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया एक साथ मंच पर दिखे। मुंगावली विधानसभा क्षेत्र में पिपरई और अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र के राजपुर गांव में दोनों नेताओं ने अपनी इस जोड़ी तो शिव-ज्योति एक्सप्रेस का नाम दिया। करोड़ों रुपए के विकास कार्यो का लोकार्पण व शिलान्यास करने के बाद दोनों की नेताओं ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ व दिग्विजय सिंह पर जुबानी हमले किए। मुख्यमंत्री चौहान ने अशोकनगर को स्मार्ट सिटी बनाने का ऐलान किया। अगले साल अशोकनगर में कृषि महाविद्यालय खोलने का आश्वासन भी दिया। राजपुर में सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कमलनाथ जैसे मुख्यमंत्री का आचार डालेंगे क्या, जो अपने विधायकों की नहीं सुन रहे थे। इसलिए महाराज ने सरकार को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा ग्वालियर में कमलनाथ ने बोला- शिवराज सिंह नालायक है, जबकि फसल बीमा का पैसा खाने वाले, कर्जामाफी की वादाखिलाफी, कई योजनाओं को बंद करने वाले कमलनाथ ही नालायक थे। मुख्यमंत्री चौहान ने पूर्व कांग्रेस सरकार से मिले खाली खजाने पर कहा कांग्रेस की नीति, नीयत और नेता ठीक नहीं हैं, इसलिए लक्ष्मीजी उनसे रूठीं थीं। मैं रोने वाला मुख्यमंत्री नहीं हूं, इसलिए खुलेआम बोल रहा हूं प्रदेश की खराब हालत को सुधारने कर्जा लूंगा और जब स्थिति सुधर जाएगी तो वापस कर दूंगा। मेरी जनता के साथ वादाखिलाफी करने वाले कमलनाथ और दिग्विजय सिंह गद्दार : राज्यसभा सांसद बनने के बाद पहली बार जिले में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा दिग्विजय सिंह और कमलनाथजी बोल रहे हैं कि जजपाल सिंह गद्दार है, ज्योतिरादित्य गद्दार है, लेकिन मैं कहता हूं कि जो नेता और जो सरकार मेरी जनता के साथ वादा खिलाफी और गद्दारी करेगी, उसके खिलाफ सिंधिया परिवार काम रखेगा। सिंधिया ने कहा कांग्रेस सरकार ने जनता के साथ वादाखिलाफी की तो प्रदेश की जनता के मान-सम्मान और विकास के लिए ज्योतिरादित्य ढाल बन गया। मोती-माधव एक्सप्रेस की तरह चलेगी शिव-ज्योति एक्सप्रेस मंच से दोनों की नेताओं ने अपनी इस नई जोड़ी को शिव-ज्योति एक्सप्रेस का नाम दिया। सिंधिया ने कहा कि जिस तरह 1980 में मोतीलाल वोरा जी और उनके पिताजी की जोड़ी को मोती-माधव एक्सप्रेस नाम दिया था, इसी तरह प्रदेश के विकास और प्रगति के लिए शिव-ज्योति एक्सप्रेस चलेगी। इस एक्सप्रेस के साथ चलने पर हर घर में खुशहाली आएगी।
छतरपुर। मंगलवार को छतरपुर जिले के बड़ामलहारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सभा में कोरोना की चैन और ज्यादा मजबूत हो गई, क्योंकि सभा के लिए नेताओं ने गांव-गांव से कार्यकर्ताओं को बुलाया। सभा को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक अमला भी जुटा रहा। नतीजा यह हुआ कि मंच-पंडाल से लेकर हैलिपैड तक कहीं भी सोशल डिस्टेंसिंग दिखाई नहीं दी। जहां मंच पर नेताओं ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर चुनावी शंखनाद किया, वहीं पंडाल और हैलिपेड पर धक्का-मुक्की होती रही।
भोपाल. मप्र में 27 सीटों के उपचुनावों में प्रत्याशियों को लेकर भाजपा की तस्वीर तकरीबन साफ हो गई है। शुरुआत में कांग्रेस से भाजपा में आए 22 नेताओं को पहले ही पार्टी नेता संभावित प्रत्याशी घोषित कर चुके हैं। शेष बचीं हुई 5 सीटों नेपानगर, मांधाता, बड़ा मलेहरा, जौरा और आगर में भी अब नाम तकरीबन तय हो चुके हैं। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से चर्चा के बाद प्रदेश भाजपा नेपानगर, मांधाता और बड़ा मलेहरा में भी उन्हीं नेताओं को मौका देगी, जो हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए हैं। बड़ा मलेहरा से कांग्रेस विधायक रहे प्रद्युम्न लोधी के भाजपा में आने के बाद सरकार ने उन्हें नागरिक आपूर्ति निगम का अध्यक्ष बनाया है। तब ऐसा माना गया था कि पार्टी उन्हें टिकट नहीं देगी, लेकिन अब तय हुआ है कि कांग्रेस से जो भी भाजपा में आया है, उसे टिकट दिया जाए। लिहाजा भाजपा को अब सिर्फ आगर और जौरा से ही प्रत्याशी तय करना है। भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल के निधन के बाद आगर सीट रिक्त हुई, जबकि जौरा में कांग्रेस विधायक रहे बनवारीलाल शर्मा के निधन से सीट खाली हुई। पार्टी ने सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगर में 3 नामों सांसद अनिल फिरोजिया की बहन व पूर्व विधायक रेखा रत्नाकर, मनोहर ऊंटवाल के बेटे बंटी ऊंटवाल और प्रभु गेहलोत के नाम में से किसी एक पर सहमति बनाने के प्रयास शुरू किए हैं। रेखा और बंटी का नाम आगे हैं, जबकि जौरा में सुबेदार सिंह रजौधा के नाम पर आमराय बन रही है। भाजपा पितृपक्ष के बाद सूची जारी कर सकती है। पार्टी दफ्तर में बैठक…वर्तमान व पूर्व विधायक नहीं पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को सेवा सप्ताह के रूप में मनाए जाने के लिए भोपाल शहर भाजपा की बैठक शनिवार को पार्टी दफ्तर हुई। इसमें सभी विधायकों और पूर्व विधायकों को भी आना था, लेकिन सिर्फ कृष्णा गौर ही पहुंचीं। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने इसे गंभीरता से लिया है। बताया जा रहा है कि सुमित पचौरी को नया जिलाध्यक्ष बनाए जाने के बाद से चल रही तनातनी इस बैठक में भी दिखाई दी। हाल ही में भगवानदास सबनानी को प्रदेश महामंत्री बनने के बाद यह खींचतान और बढ़ गई है। हॉल में हुई बैठक में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हुआ। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सतीश विश्वकर्मा ने कहा कि ज्यादा कार्यकर्ताओं के आने से यह स्थिति बनी। प्रदेशाध्यक्ष शर्मा ने कार्यकर्ताओं से मंडल व बूथस्तर तक सेवा कार्यक्रम करने को कहा।