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सड़क हादसे में वाहन के उड़े परखच्चे, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में SDM और नायब तहसीलदार बाल-बाल बचे

गरियाबंद. छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में बीती रात ड्यूटी के बाद जिला मुख्यालय से देवभोग वापस लौटते समय SDM तुलसी दास मरकाम सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए. उनकी स्कॉर्पियो सीजी 30 डी 9997 नेशनल हाइवे 130 सी में अनियंत्रित होकर धवलपुर नाला के पास पलट गई. यह गाड़ी पलट कर जब टकराई तो वाहन के सामने के हिस्से के परखच्चे उड़ गए. इस घटना में एसडीएम और स्कॉर्पियो चला रहे तहसीलदार विजय सिंह बाल-बाल बचे हैं. दोनों को मामूली चोंटे ही आई है. दरअसल, इस हादसे के वक्त गाड़ी की सेफ्टी के लिए दोनों एयरबैग्स खुले हुए थे, जिसकी वजह से दोनों की जान बच पाई है. दोनों को मामूली अंदरूनी चोंट आई है. घटना के बाद तत्काल एसडीएम तुलसी दास मरकाम व वाहन चला रहे नायब तहसीलदार विजय सिंह को आवाजाही कर रहे मददगार के द्वारा मैनपुर अस्पताल में ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया गया. वहीं घटना के बाद वाहन को नाले से बाहर निकालकर धवलपुर ढाबे के पास रखा गया है. फिलहाल उनकी कार क्यों पलटी इसका कारण पता नहीं चल सका है. कारण का पता लगाने के लिए पुलिस की टीम घटना की जांच में जुट गई है.

राइस मिल को NOC देने से हैं आक्रोशित, छत्तीसगढ़-गरियाबंद के सरपंच का ग्रामीणों ने बंद किया हुक्कापानी

गरियाबंद. छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां राइस मिल स्थापना के लिए ग्राम पंचायत ने एनओसी जारी किया है, इससे गांव दो फाड़ में बंट गया है. राइस मिल के विरोध में ग्रामीणों ने जहां सरपंच के परिवार का हुक्का पानी बंद कर दिया है. वहीं सरपंच ने भी परिवार और समर्थकों के साथ थाना पहुंचकर ग्रामीणों को बरगलाने वालों की शिकायत की है. यह मामला मैनपुर ब्लॉक के जड़ापदर का है. राइस मिल को ग्राम पंचायत ने एनओसी जारी किया है. पंचायत के इस पत्र ने गांव को दो फाड़ कर दिया है. ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के देव स्थल पर राइस मिल बनाया जा रहा है, जिसके लिए सरपंच की मौन स्वीकृति थी, जबकि सरपंच का दलील है कि पंचायत द्वारा पूरी प्रकिया के तहत विधिवत एनओसी दिया गया है. 2005 से 2023 तक जमीन की दो बार बिक्री भी हुई. सरपंच हरचंद ध्रुव ने कहा कि ग्रामीणों के लिए रोजगार सृजित करने के उद्देश्य से उद्योग स्थापना के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र विधिवत दिया गया है. उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में होगी उचित कार्रवाई : टीआई इस मामले में उपसरपंच, पंच ने भी ग्रामीणों के कुछ गुट पर प्रताड़ित करने और शासकीय काम में बाधा का आरोप लगाकर प्रशासन से शिकायत की है. मामला अब बड़े अफसरों के संज्ञान में आ गया है. देखना होगा कि हुक्का पानी के इस अनोखे मामले का पटाक्षेप प्रशासन कैसे करेगा. इस मामले में थाना प्रभारी रवि हुर्रा ने कहा कि मामले की शिकायत मिली है. उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है. उनके मार्ग दर्शन में उचित कार्रवाई किया जाएगा.

तहसीलदार ने देखे प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल, छत्तीसगढ़-गरियाबंद का पर्यटन स्थल बनेगा कांदाडोंगर

गरियाबंद। जिले के कांदाडोंगर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी प्रयासों को गति मिल रही है। गरियाबंद कलेक्टर दीपक अग्रवाल के निर्देश पर अमलीपदर तहसीलदार योगेंद्र देवांगन ने हाल ही में कांदाडोंगर के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान वे हरिहर वेलफेयर फाउंडेशन और स्थानीय ग्रामीणों के साथ कांदाडोंगर के मुख्य शिखर पर स्थित मां कुलेश्वरी धाम, भगवान राम के भ्राता लक्ष्मण जी द्वारा धनुष बाण से खोदा गया प्राचीन कुंड, राम पगार, थीपा खोल स्थित गुप्त गंगा और पर्वत की ऊंचाइयों पर स्थित समतल भूमि का अवलोकन करने पहुंचे। बता दें कि इससे पहले, कलेक्टर दीपक अग्रवाल और जिले के कई अन्य आलाधिकारियों ने कांदाडोंगर के अन्य प्रमुख स्थलों का दौरा किया था, जिसमें महर्षि सर्वांग ऋषि तपोस्थली गुफा, पर्वत के नीचे स्थित मां कुलेश्वरी मंदिर, कचनाधुर्वा मंदिर, कांदेश्वर महादेव द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर और गांधी माता मंदिर शामिल हैं। इन धार्मिक स्थलों को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात कही गई थी। अधिकारियों का मानना है कि ये स्थल धार्मिक आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक महत्व भी रखते हैं, और इन्हें पर्यटन के लिहाज से उपयुक्त माना गया है। कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने तहसीलदार को निर्देश दिए हैं कि वे पहाड़ी के शिखर पर स्थित अन्य धार्मिक और प्राचीन स्थलों की जानकारी भी एकत्रित करें, ताकि इस क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके। तहसीलदार योगेंद्र देवांगन ने बताया कि कांदाडोंगर में कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल स्थित हैं, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में मौजूद गुफाओं और औषधीय गुणों से भरपूर रंगीन चट्टानों का भी निरीक्षण किया गया है। यह स्थल पर्यटन के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है, जिसके चलते यहां विकास कार्यों की संभावना को तलाशा जा रहा है। गौरतलब है कि इस इलाके को संवारने के लिए हरिहर वेलफेयर फाउंडेशन जमीनी स्तर पर लगातार काम कर रहा है। स्वच्छता व्यवस्था हेतु डस्टबिन की व्यवस्था और कांदाडोंगर की सुंदरता को बढ़ाने के लिए अनेक प्रकार के पेड़-पौधे लगाए जा रहे हैं। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बैरिकेड की व्यवस्था की गई है। कांदेश्वर धाम में तालाब के किनारे सभी खाबों में लाइट की व्यवस्था भी की गई और लगातार कांदाडोंगर को सुंदर और दर्शनीय बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस क्षेत्र के विकास के लिए और किन पहलुओं पर ध्यान देता है और कांदाडोंगर को एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में और क्या कदम उठाए जाते हैं। हरिहर वेलफेयर फाउंडेशन के सदस्य आशुतोष सिंह राजपूत ने बताया कि वह कांदाडोंगर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के फैसले से बेहद खुश हैं, क्योंकि अगर यह क्षेत्र पर्यटन के मानचित्र पर आता है, तो इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। कांदाडोंगर के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की खोज से न सिर्फ आस्था का संचार होगा, बल्कि यहां के अनछुए प्राकृतिक सौंदर्य को भी दुनिया के सामने लाया जा सकेगा। कांदाडोंगर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान तहसीलदार योगेंद्र देवांगन, जनपद सभापति भूमि लता यादव, ग्राम सरपंच पुजारी टीकम, कंचना धुर्वा, पुजारी मुकेश दाऊजी, हरिहर वेलफेयर फाउंडेशन के आशुतोष सिंह राजपूत (चिराग ठाकुर), पुष्पराज यादव, प्रभुलाल ध्रुव, मधु सूर्यवंशी, अलेश यादव, राजेश यादव, बोनी अवस्थी, तरुण ताड़ी, पुरुषोत्तम कवर, चिंटू यादव, चंदो, कृष्ण साथ मौजूद रहे।

कई KM तक मिले खून के धब्बे, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में हाथी के बच्चे ने खाया बम, शिकारी पर रखा इनाम

गरियाबंद. छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में बम विस्फोट से एक हाथी का बच्चा घायल हो गया है। यह घटना उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में हुई। अधिकारियों ने बताया कि हाथियों के झुंड के घुमने वाले इलाके में खून के धब्बे मिले हैं। हमारी टीम जांच कर रही है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के निदेशक वरुण जैन ने कहा कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के पास के इलाके से हमें सूचना मिली कि हाथियों के झुंड के घूमने वाले इलाके में बड़ी मात्रा में खून के धब्बे देखे गए हैं। जब शिकार विरोधी टीम ने जांच की, तो हमने 6-7 किलोमीटर तक पैरों के निशान के लिए खून के धब्बों का पता लगाया। निदेशक वरुण जैन ने कहा कि ड्रोन विजुअल के माध्यम से हमारे कर्मचारियों ने देखा कि एक हाथी का बच्चा जो 5 से 6 साल का है, घायल है, उसका जबड़ा सूजा हुआ है और उसके पैर में भी चोट है। हमें पोटेशियम बम का अवशेष भी मिला। हमने रायपुर से डॉक्टरों की टीम बुलाई है। डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया है। आगे कहा कि हम शिकारियों की तलाश कर रहे हैं। हमने शिकारियों के बारे में कोई भी जानकारी देने वालों के लिए 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया है। हमने विस्फोटक वस्तु के बारे में पुलिस को शिकायत भी दी है। थर्मल के माध्यम से ड्रोन से हम क्षति की सीमा का पता लगाएंगे। मिली जानकारी के मुताबिक, हादसा उस वक्त हुआ जब हाथी का बच्चा बम को खाने की कोशिश कर रहा था।

अशांति फैलाने का षड्यंत्र रच रही कांग्रेस, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में भाजपा का बड़ा आरोप

गरियाबंद. प्रदेश में बढ़ती अपराधिक घटनाओं के बीच भाजपा ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया है। छत्तीसगढ़ में होने वाली अपराधिक घटनाओं को लेकर भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा अशांति व अराजकता फैलाने के लिए लगातार षड्यंत्र किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में हर आतंक और अपराध के पीछे कांग्रेस का ही खूनी पंजा है। जहां भी अपराध और तनाव जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है, उसकी जड़ में कांग्रेस है। कांग्रेस पहले खुद अपराध को अंजाम देती है, षड्यंत्र रचती है। फिर उस पर सरकार को घेरने में उसके बड़े नेता लग जाते हैं। भाजपा नेता अनिल चंद्राकर, सुरेंद्र सोनटेके, गुरुनारायण तिवारी, दुलार सिन्हा तथा लुद्राक्ष साहू ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार और छत्तीसगढ़ समेत तमाम राज्यों में हुए सफाये के बाद से कांग्रेस में अब बदले की भावना भरी हुई है। वह समाज में अशांति फैलाने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाते कहा कि कांग्रेस जानबूझ कर छत्तीसगढ़ को आग में झोंकना चाहती है। हाल में प्रदेश में हुई बड़ी अपराधिक घटनाओं में कांग्रेसियों की संलिप्ता सामने आना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। भाजपा ने प्रदेश में बीते कुछ महीने में हुए घटनाक्र का जिक्र करते हुए कहा कि दामाखेड़ा में कबीरपंथ ही नहीं समूचे प्रदेश की आस्था के केंद्र में हमला करने वाला कांग्रेस का सक्रिय कार्यकर्ता निकला है। इसका प्रमाण स्वयं प्रकाशमुनि साहब के फेसबुक के पोस्ट में है। उन्होंने कहा कि अपराधी सरपंच पति कांग्रेस पार्टी का ही कार्यकर्ता है। इसी तरह बलौदाबाजार घटना में कांग्रेस के विधायक देवेंद्र यादव के साथ-साथ सैकड़ों कांग्रेसी जेल में बंद हैं। सूरजपुर में पुलिस अधिकारी की पत्नी और बच्चे की जघन्य हत्या करने वाला एनएसयूआई का जिला महासचिव था। एनएसयूआई का जिलाध्यक्ष भी इस घृणित कृत्य में जिम्मेदार था। लोहारीडीह कांड में भी बार-बार गांव में अशांति फैलाने और दो समूहों को लड़वाने का काम कांग्रेस कर रही है। भाजपा ने कहा कि इस तरह के घिनौने कृत्य में कांग्रेसियों के नाम सामने आने के बाद भी कांग्रेस उल्टे चोर कोतवाल को डांटे की तर्ज पर राजनीति कर रही है। सवाल उठता है कि क्या ये अब अपनी गंदी राजनीति चमकाने के लिए नरसंहार आदि को भी प्रायोजित करने से बाज नहीं आ रहे हैं? उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इन कृत्यों को छत्तीसगढ़ कतई सहन नहीं करेगा। भाजपा की हमारी सरकार तो प्रदेश में हर कीमत पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कटिबद्ध है ही, हमारा संगठन भी लोकतांत्रिक तरीके से कांग्रेस का मुकाबला करने तैयार है। कांग्रेस को प्रदेश में अशांति, अराजकता और आतंक फैलाने और फिर उस आग पर अपना हाथ सेंकने की छूट हम बिल्कुल नहीं दे सकते।

लाखों का सामान खाक, छत्तीसगढ़-गरियाबंद की किराना दुकानों में लगी आग

गरियाबंद। दिवाली के जश्न के बीच गरियाबंद जिले में किराना दुकानों में भीषण आग लगने से लाखों का सामान जलकर राख हो गया है, जिससे दुकानदारों को भारी नुकसान हुआ. ताजा मामला छुरा थाना क्षेत्र के पंडरीपानी गांव में हरि साहू की किराना दुकान में घटित हुआ. आगजनी के समय दुकानदार का परिवार पूजा कर रहा था. बताया जा रहा है कि जब एक ग्राहक को सामान दिया जा रहा था, उसी समय दुकान में रखे पेट्रोल के केन से पेट्रोल फैल गया. पेट्रोल के दीपक के संपर्क में आते ही आग भड़क गई और पूरे दुकान में फैल गई. आग की लपटें इतनी तेज थी कि परिवार को जान बचाने के लिए भागना पड़ा. इस आगजनी में मोबाइल समेत लाखों का सामान जलकर खाक हो गया. कुमहड़ी खुर्द में भी दूकान में लगी आग बीती रात देवभोग थाना क्षेत्र के कुमहड़ी खुर्द गांव में महेश बीसी की किराना दुकान में भी आग लगने की घटना सामने आई. महेश पूजा करने के बाद घर लौटा ही था कि दीपक से दुकान में आग लग गई. इस हादसे में दुकान का सारा सामान जलकर राख हो गया. घटना की जानकारी देर रात लगी, जिससे समय पर आग पर काबू नहीं पाया जा सका. दिवाली के पटाखों से भी लगी आग गरियाबंद कोतवाली क्षेत्र के कुम्हारपारा में दिवाली के पटाखों से एक वेन में आग लग गई, जिससे गाड़ी जलकर खाक हो गई. जिले में आगजनी की इन तीन घटनाओं के बाद पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

दो अवैध क्लीनिक सील कर झोलाछाप डॉक्टरों पर बढ़ाई सख्ती, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में शिक्षक से दवाइयां जब्त

गरियाबंद. जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्यवाही की है। स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त टीम ने बुधवार को फिंगेश्वर ब्लॉक के कई गांवों छापेमार कार्यवाही कर दो अवैध क्लीनिक को सील किया है साथ ही दो संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। छापामारी के दौरान ये सभी क्लिनिक नियम विरुद्ध संचालित पाए गए। इस दौरान टीम ने यहां से बड़ी मात्रा में दर्द के इंजेक्शन, एक्सपायरी दवाइयां, प्रेगनेंसी कीट, अबॉर्शन कीट, एंटीबायोटिक भी बरामद किए है। जिसे जप्त कर लिया गया। इसके अलावा मौके पर कई ऐसी दवाइयां भी मिली है जो विशेषज्ञ डॉक्टर के सलाह के बिना नहीं दी जा सकती। कार्यवाही के बाद झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों से पता चला की कार्यवाही की भनक लगते ही कई झोलाछाप डॉक्टर पहले ही अपनी दुकान बनकर भाग निकले थे। उल्लेखनीय है कि विगत कुछ वर्षों से जिले में झोलाछाप डॉक्टरों की बाढ़ सी आ गई है। गांव-गांव में झोला छाप डॉक्टरों का जाल बिछा हुआ है। ये झोला छाप डॉक्टर ग्रामीण अंचल में अवैध रूप से निजी क्लीनिक संचालित कर स्वास्थ्य सेवा देने के नाम पर मरीजों की जेब काट रहे हैं साथ ही मरीजों की जान से खिलवाड़ भी कर रहे है। लगातर इसकी शिकायत मिलनें के बाद बुधवार को जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ गार्गी यदुपाल के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने फिंगेश्वर ब्लॉक के ग्राम लचकेरा, रजनकट्टी, कोसमबुढ़ा और भेंद्री में औचक छापेमार कार्यवाही की। कार्यवाही के दौरान ग्राम लचकेरा में राजूराम साहू अपने घर में, रजनकट्टी में रविशंकर साहू, कोसमबुढ़ा में वीरेंद्र महलदार और ग्राम भेंद्री में जागेश्वर साहू अपने घर में अवैध रूप से क्लीनिक का संचालन करते पाए गए। इनके घर से बड़ी संख्या में एक्सपाइरी दवाइयां, इंजेक्शन, प्रेगनेंसी कीट सहित कई प्रकार के दवाइयां बरामद हुई है। बताया जाता है इसमें भेंद्री निवासी जागेश्वर साहू पेशे से सरकारी शिक्षक है। इसके बाद भी अवैध गतिविधियों में सलिप्त पाए गए। संयुक्त टीम में दो क्लिनिक को सील करते हुए उनसे दोबारा अवैध क्लिनिक संचालित नहीं करने का शपथ पत्र भी लिया। इसके अलावा दो को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इस दौरान संयुक्त टीम में शिशू रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अंकुश वर्मा, डीएचओ डॉक्टर लक्ष्मीकांत जांगड़े, डॉक्टर सुनील रेड्डी के साथ ही फिंगेश्वर थाना से एएसआई सोमेश्वर ठाकुर भी शामिल थे। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के भोलेभाले लोग दलालों के चक्कर में आकर कुकुरमुत्ते की तरह गांव गांव में चल रहे अवैध क्लीनिक का ही सहारा लेते है और अपनी जेब ढीली कर कई बार अपनी जान भी जोखिम लगा बैठते है। छापेमारी के दौरान टीम ने डेका डोबिन इंजेक्शन 500, प्रेगनेंसी कीट, बीपी मशीन, थर्मामीटर, डिक्लोफेनाक इंजेक्शन, ऑप्टिनेयरोन इंजेक्शन, जेंटामाइसिन इंजेक्शन, डेक्सामेथासोन इंजेक्शन सहित दर्द, बुखार, संक्रमण की भी कई प्रकार की दवाई और इंजेक्शन जप्त किए है। इधर, जिले में अवैध क्लिनिक के साथ ही धड़ल्ले से अवैध नर्सिंग होम भी संचालित किए जाने की शिकायत है। नियम विरुद्ध संचालित अवैध नर्सिंग होम में लोगों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। मालूम हो कि कुछ माह पहले ही अवैध नर्सिंग होम में एक महिला को डॉक्टर के लापरवाही और समुचित इलाज नहीं करने के चलते मौत हो गई थी। बाद में मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अवैध नर्सिंग को सील कर दिया था। इसके कुछ दिन बाद फिर छुरा ब्लॉक के एक हॉस्पिटल में गर्भवती महिला के पेट में ही बच्चे की मौत होने का मामला सामने आया था। विभाग के कार्यवाही के बाद अब अवैध नर्सिंग होम और हॉस्पिटल चलाने वालों को भी कार्यवाही की चिंता सताने लगी है। इस संबंध में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर गार्गी पाल यदु से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि लंबे समय से अवैध क्लिनिक संचालन की सूचना मिली थी। टीम बनाकर छापेमार कार्यवाही की गई, जिसमें चार क्लिनिक अवैध रूप से संचालित पाए गए। दो को सील किया गया है। क्लिनिक में एक ही इंजेक्शन का उपयोग कई मरीजों कर किया जा रहा था। कई एक्सपाइरी दवाइयां भी जप्त की है।

वन विभाग ने किया अलर्ट, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में तेंदुआ दिखने से फैली दहशत

गरियाबंद. गरियाबंद मुख्यालय में एक बार फिर तेंदुए की आमद ने लोगों की नींद हराम कर दी है. बीती रात तेंदुआ गरियाबंद नगर पालिका के वार्ड नंबर 1 में घूमता रहा और स्थानीय आवारा पशुओं का शिकार करता रहा. तेंदुए की मौजूदगी सीसी कैमरे में भी कैद हो गई है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है. वन विभाग ने लोगों से तेंदुए को लेकर सतर्क रहने की अपील की है. खासकर बच्चों और बढ़ों को अकेले में ना घूमने की सलाह दी गई है. इसके साथ ही तेंदुआ दिखने पर तुरंत विभाग को सूचना देने के लिए कहा है. वन विभाग को इन नंबरों पर करें सूचित — 0- वन परिक्षेत्र अधिकारी, गरियाबंद- 8871 850 621, 0- सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी, गरियाबंद-7803 919831 0- बीट फॉरेस्ट ऑफिसर गरियाबंद- 7354 212601. सूत्रों के अनुसार, तेंदुआ हाइवे किनारे स्थित पहाड़ के खोह में पिछले कई महीनों से डेरा जमाए हुए है. हालांकि, वन विभाग ने तेंदुए की उपस्थिति को दर्शाने वाले चेतावनी बोर्ड लगाकर अपनी जिम्मेदारी निभाने का प्रयास किया है, लेकिन स्थानीय लोगों में दहशत है. वहीं स्थानीय पार्षद संदीप सरकार ने भी इस स्थिति पर चिंता जताते हुए प्रशासन से आम लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है. उन्होंने स्थानीय प्रशासन से तेंदुए को पकड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है.

जिला प्रशासन ने खड़े किए थे हाथ, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में सड़क की मरम्मत करवा रहे ओडिशा के क्रेशर संचालक

गरियाबंद। उसरी पानी में पीएमजीएसवाय की जर्जर सड़क की मरम्मत ओडिशा के क्रेसर संचालक करवा रहे हैं. यह तब हो रहा है, जब भारी वाहनों की आवाजाही से जर्जर हुई सड़क की मरम्मत की मांग करते थक चुके ग्रामीणों ने हाइवा को रोककर प्रदर्शन किया था, वहीं दूसरी ओर फंड का अभाव बताकर प्रशासन ने मरम्मत से हाथ खड़े कर दिए थे. वर्ष 2015 मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत पीएमजीएसवाय विभाग द्वारा उसरीपानी से कालाहांडी पाइकपड़ा तक 2 किमी लंबी सड़क बनाई गई थी. भारी वाहन गुजरने के कारण सड़क में गढ्ढे हो गए थे, जिसकी ओडिशा के क्रेशर संचालक मरम्मत करवा रहे हैं. मिक्स डस्ट और गिट्टी डालकर पहले फोकलेन से गढ्ढे भरे जा रहे है, फिर उसे बराबर कर आवाजाही लायक बनाया जा रहा है. दिन भर में एक किमी सड़क की मरम्मत की गई है. पूरी सड़क की मरम्मत में 2 लाख रुपए से ज्यादा का खर्च का अनुमान है. हाथ पर हाथ धरे बैठी रही प्रशासन उसरी पानी के उपसरपंच नारायण मांझी और पंच ललित नागेश ने बताया कि उक्त सड़क पर पहले तो भारी वाहन की आवाजाही रोकने प्रशासन के पास बार गुहार लगाते रहे. एसडीएम से लेकर अन्य अफसरों से बार-बार निवेदन करते रहे. प्रशासन के अफसर वाहन रोकने के बजाए सीधे सेट हो गए, मरम्मत के जवाब में फंड का रोना रोते रहे, इसलिए हम सभी ग्रामीणों को एकजुट होकर इसके समाधान के लिए सड़क पर उतरना पड़ा था. तब जाकर माने क्रेशर संचालक ग्रामीणों ने कहा कि 3 अक्टूबर को 6 हाइवा को रोक दिए थे, तब भी कार्रवाई के लिए कोई जिम्मेदार अफसर नहीं आए. 3 घंटे जाम के बाद हम लोगों ने वाहन मालिक व क्रेशर संचालक से सीधी बात कर सड़क मरम्मत पर वाहन छोड़ने की शर्त रखी थी. क्रेशर संचालक अपने वायदे के मुताबिक, अब सड़क मरम्मत करा रहे. दोनों राज्य के लिए अहम है सड़क कालाहांडी में पाइक पड़ा है, जहां से नवरंगपुर जिले के बड़े व्यापारिक सेंटर जाने के लिए उसरीपानी के रास्ते से प्रवेश करना पड़ता है. ओडिशा के दो जिलों के जोड़ने का यह शॉर्टकट है. कमर्शियल वाहन के अलावा बड़े शहरों को जाने वाली 5 से ज्यादा यात्री बस इसी रास्ते से गुजरती है. उसरी पानी के ग्रामीणों को उपचार के लिए नवरंगपुर हो या धर्मगढ़ जाने के लिए आसानी होती है. आलम यह है कि सड़क जर्जर होने के कारण यात्री बसें बंद हो गई थी. नवनीकरण का भेजा है प्रस्ताव मामले में पीएमजीएसवाय के एसडीओ कमलेश चंद्राकर ने कहा कि कार्य में 2018 तक संधारण अवधि खत्म हो गयी थी. सड़क के नवीनीकरण कार्य के लिए अप्रैल 2024 में सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है. मंजूरी मिलते ही नवीनीकरण किया जाएगा. आपसी सहमति व सुविधा के लिए अस्थाई मरम्मत अगर ग्रामीण करवा रहे हैं, तो वो उनके आपस का मसला है.

अगले दिन पहुंचे रेंजर ने सामान्य मौत का दिया गैरजिम्मेदाराना बयान, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में हिरण का तीर से शिकार

गरियाबंद। जंगल पर मनुष्यों के बढ़ते अतिक्रमण के बीच वैसे ही वन्य जीव असहाय हैं. ऐसे में वन विभाग के जिम्मेदारों की वन्य जीवों के प्रति असंवेदनशीलता ज्यादा कष्टकारक हो जाती है. ऐसा ही एक मामला पांडुका वन परिक्षेत्र में देखने को मिला, जहां तीर लगने से मृत हिरण तक पहुंचने में रेंज अफसर को 24 घंटे लग गए. जब तक वे मौके पर पहुंचते तब तक कुत्ते नोचकर खा गए थे, यहां तक शव पोस्टमार्टम के भी लायक नहीं बचा था. पांडुका वन परिक्षेत्र के ग्राम विरोडार पहुंच मार्ग से केवल 100 मीटर दूर हिरण का शव दिखने की जानकारी सोमवार सुबह चरवाहों ने स्थानीय लोगों को दिया. झाडियों में मृत मिले हिरण को तीर लगा हुआ था, और उसे कुछ लोग मौके पर जलाने का प्रयास भी करते दिखे. ग्रामीणों को आते देख जारकिन छोड़ कर शिकारी भाग खड़े हुए. जिसकी सूचना तत्काल पांडुका वन परिक्षेत्राधिकारी संतोष चौहान देते हुए मोबाइल पर उन्हें फोटो भी भेजा गया. उन्होंने तत्काल मौके पर टीम भेजने की बात तो कही, लेकिन उन्होंने 24 घंटे बाद मौके पर पहुंचे. ग्रामीण वन विभाग के अधिकारी और पशु चिकित्सक के साथ मौके पर पहुंचे, तब तक हिरण के आधे से ज्यादा हिस्से को कुत्ते नोच कर खा चुके थे. रही-सही हड्डियां आस-पास बिखरी पड़ी थी. पशु चिकित्सा अधिकारी केपी शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम करने के लायक शव की स्थिति नहीं है. शव के आधे से ज्यादा अंग गायब हैं. शव में तीर चुभा हुआ था, जिसे वन अमले को सौंप दिया गया है. वन अमले ने आनन-फानन में पंचनामे की कार्रवाई कर बचे-खुचे शव का अंतिम संस्कार मौके पर कर दिया. रेंजर की लेट-लतीफी को लेकर ग्रामीणों में रोष दिखा. इसकी वजह जब रेंजर से पूछी गई तो उन्होंने इसे सामान्य बात कहकर टाल दिया. वहीं, इस बात की जानकारी जब डीएफओ लक्ष्मण सिंह को दी गई, तो उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए फोटो भेजने को कहा, जिससे वे जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकें. डीएफओ को फोटो तो भेज दिया, लेकिन अब देखना है कि लापरवाह अधिकारी के खिलाफ कब कार्रवाई होती है.

बाल-बाल बचे चिकित्सा अधिकारी, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में गहरी खाई में गिरी कार

गरियाबंद। सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ डॉ. सुनील रेड्डी कार दुर्घटना में बाल-बाल बचे. नेशनल हाइवे 130 सी पर बारूका और कचना धुरवा के बीच में कार गहरे खाई में जा गिरी थी. जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त डॉक्टर रेड्डी अपनी कार खुद चला रहा थे. इस हादसे में उन्हें सामान्य खरोच भर आईं है. हादसा साइड देते वक्त अचानक मोड़ में कार के अनियंत्रित होने से हुआ है. हादसे के बाद कुछ देर के लिए डॉ. रेड्डी घटना स्थल पर बेहोश हो गए थे. होश में आने के बाद उन्होंने खुद जिला अस्पताल में सहयोगी को संपर्क कर मदद के लिए बुलाया. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया.

छात्रों ने भजन गाकर गांधीगिरी से चलाया हस्ताक्षर अभियान, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में महाविद्यालय की मांग

गरियाबंद. अमलीपदर हायर सेकेंडरी के छात्रों ने कॉलेज की मांग को लेकर ‘गांधी गिरी’ शुरू कर दी है. छात्रों का एक समूह ‘रघुपति राघव राजा राम’ भजन गाते हुए समर्थन जुटा रहा है. अब तक 700 लोगों से हस्ताक्षर करवा कर समर्थन प्राप्त कर चुके हैं, और उनका लक्ष्य 1,000 हस्ताक्षर जुटाने का है. एक हजार हस्ताक्षर पूरे होते ही छात्र कोलेक्टोरेट जाकर अपनी मांग को लेकर ज्ञापन देंगे. छात्रों ने बताया कि वे तब तक अभियान जारी रखेंगे जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती. अभियान का नेतृत्व कर रहे छात्र अतुल ताम्रकार, शाहिल मिर्जा, और विशाल मिश्रा ने कहा कि स्थानीय क्षेत्र में प्रति वर्ष 300 से अधिक छात्र कॉलेज की पढ़ाई के लिए निकलते हैं, लेकिन महाविद्यालय की अनुपस्थिति के कारण उन्हें आगे की पढ़ाई में कठिनाई का सामना करना पड़ता है. लंबे समय से हो रही है महाविद्यालय की मांग – अमलीपदर में महाविद्यालय की मांग को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि भी लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं. क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण, बारिश के दौरान 50 गांव अक्सर टापू में तब्दील हो जाते हैं. भाजपा और कांग्रेस सरकारों ने अपने-अपने कार्यकाल में केवल आश्वासन दिए हैं, लेकिन महाविद्यालय की स्थापना अन्यत्र की गई है. जब स्थानीय जनप्रतिनिधियों की आवाज को अनसुना किया गया, तो छात्रों ने अब मोर्चा खोल दिया है. 16 अगस्त को छात्रों ने एक विशाल रैली निकालकर तहसीलदार योगेश सिंह ठाकुर को ज्ञापन सौंपा था. सुनवाई न होने पर उन्होंने गांधी गिरी की राह अपनाई. पूर्व छात्रों का दर्द — अमलीपदर निवासी त्रिभुवन ताम्रकार, मुकेश मांझी और बहरापारा निवासी रुकमन यादव ने 2021 के बाद 12वीं पास की, लेकिन दूरी के कारण वे आगे की पढ़ाई नहीं कर सके. 10 साल पहले 12वीं पास करने वाले अविनाश भोसले ने बताया कि उनकी उच्च शिक्षा की इच्छा थी, लेकिन कॉलेज की दूरी के कारण उन्हें प्राइवेट पढ़ाई करनी पड़ी. पूर्व छात्र और कांग्रेस नेता अनुराग वाघे ने छात्रों की गांधी गिरी का समर्थन करते हुए कहा कि महाविद्यालय की मांग को लेकर पूर्व में किए गए प्रयासों का कोई परिणाम नहीं निकला. तहसीलदार योगेश सिंह राजपूत ने बताया कि ज्ञापन को उच्च कार्यालय भेज दिया गया है. मांग के संबंध में जैसे ही कोई पत्राचार होगा, ज्ञापन दाताओं को सूचित किया जाएगा.

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