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भाजपा पार्षद के पति ने युवक को बेरहमी से पिटा, सड़क पर घसीटा

BJP councilor's husband beats young man brutally, drags him on the road

BJP councilor’s husband beats young man brutally, drags him on the road जबलपुर । जबलपुर में वार्ड नंबर 58 की भाजपा पार्षद माधुरी सोनकर के पति बाबू ऊर्फ राजेश सोनकर ने युवक को जमकर पीटा। पिटाई का वीडियो इंटरनेट में बहुप्रसारित हो रहा है जिसके बाद पीड़ित के स्वजन पुलिस अधीक्षक से मिला। कर्मचारियों के साथ युवक की कहासुनी हुई थीवार्ड नंबर 58 की पार्षद माधुरी सोनकर के पति बाबू ऊर्फ राजेश सोनकर पर 20 साल के अमन चौधरी को पीटने का आरोप है। युवक ने सोमवार को वार्ड में बन रही नाली निर्माण की सामग्री सड़क पर फैले होने पर अपत्ति की थी। जिसके बाद कर्मचारियों के साथ कहासुनी हुई। पार्षद पति पीटने के बाद सड़क पर घसीटापार्षद पति ने कर्मचारियों के साथ मिलकर उसे पीटना शुरू कर दिया। सड़क पर घसीटा गया। मारपीट में अमन बुरी तरह से घायल हो गया। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से पीड़ित परिवार मिला। एसपी ने थाना हनुमानताल को इस मामले में कार्रवाई के लिए निर्देश दिए, जिसके बाद मामला दर्ज किया जा रहा है। अमन चौधरी पंखा बनवाने गया थापीडि़त के मुताबिक सोमवार को राधाकृष्णन वार्ड के रविदास नगर के पास नाली बन रही थी। समान सड़क पर पड़ा हुआ था। पिता श्यामलाल के कहने पर अमन चौधरी पंखा बनवाने गया था। लौटकर जब वह वापस आ रहा था, उसी दौरान नाली बनाने के लिए रखा रेत, सीमेंट सड़क पर फैला हुआ था। पीड़ित थाने गया था, लेकिन सुनवाई नहींअमन ने जैसे ही वहां पर काम करने वाले कर्मचारियों से कहा कि पूरे सड़क पर ये समान फैला हुआ है कहां से निकलें, कर्मचारियों ने पार्षद पति को बुला लिया, जिसके बाद अमन के साथ जमकर मारपीट की गई। घटना के बाद पीड़ित थाने गया था, लेकिन वहां उनकी सुनवाई नहीं हुई थी।

मुझे मालिक नहीं, भाई कहो.. क्या हुआ जब राहुल गांधी ने मोची रामचैत को किया फोन

Call me brother, not master.. What happened when Rahul Gandhi called cobbler Ramchait?

Call me brother, not master.. What happened when Rahul Gandhi called cobbler Ramchait? उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर पहुंचने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी पिछले सप्ताह एक मोची की दुकान पर गए थे. इस दौरान राहुल गांधी ने अपने हाथ से जुते की सिलाई की थी और बाद में मोची को एक मशीन भेजी थी. अब मोची रामचैतने राहुल गांधी के लिए रिटर्न दिया है, जो राहुल गांधी को खूब पसंद आया है. मोची रामचैत ने चमड़े का काला जूता बनाकर भेजा है, जो राहुल को खूब पसंद आए. इसके बाद उन्होंने रामचैत को फोन किया और धन्यवाद दिया. हालांकि, इस दौरान जब रामचैत ने राहुल को मालिक कहकर संबोधित किया तो उन्होंने टोक दिया और कहा कि मुझे मालिक नहीं, भाई कहो. राहुल गांधी ने शेयर किया 5 मिनट का वीडियो राहुल गांधी ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है और लिखा कि पिछले दिनों सुल्तानपुर से वापस आते वक्त रास्ते में जूतों के कारीगर रामचेत जी से मुलाकात हुई थी, उन्होंने मेरे लिए प्रेम भाव से अपने हाथों से बनाया एक बहुत ही कम्फर्टेबल और बेहतरीन जूता भेजा है. राहुल गांधी ने कहा कि कामगार परिवारों के ‘परंपरागत कौशल’ में भारत की सबसे बड़ी पूंजी छिपी है. देश के कोने-कोने में अलग-अलग स्किल वाली ऐसी करोड़ों प्रतिभाएं हैं. अगर इन ‘भारत बनाने वालों’ को जरूरी समर्थन मिले तो वह अपनी ही नहीं, देश की भी तकदीर बदल सकते हैं. मुझे मालिक नहीं, भाई कहो: राहुल गांधी जब रामचैत ने राहुल गांधी के लिए 2 जोड़ी जूते भेजे तो उन्होंने रामचैत को फोन किया और धन्यवाद दिया. राहुल ने कहा, ‘आपने मेरे लिए बहुत सुंदर जूता भेजा है. बहुत बहुत धन्यवाद.’ इसके बाद रामचेत ने कहा कि आपने हमे बहुत ऊपर उठा दिया है मालिक. इस पर राहुल गांधी ने उन्हें टोका और कहा कि आप मालिक ना कहो, भाई कहो. मालिक शब्द अच्छा नहीं है. 26 जुलाई को रामचैत की दुकान पर गए थे राहुल बता दें कि राहुल गांधी 26 जुलाई को सुल्तानपुर गए थे. इस दौरान उन्होंने रामचेत नाम के मोची से मुलाकात कर उनके काम और मुश्किलों के बारे में जाना था. इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता ने एक चप्पल भी सिली थी. अब राहुल गांधी ने इस मुलाकात का पूरा वीडियो ‘एक्स’ पर शेयर किया है. कुलियों के एक समूह ने सोमवार (5 अगस्त) को दिल्ली राहुल गांधी से मुलाकात की और उनके साथ अपनी परेशानियों को शेयर किया. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी उन्हें सौंपा. इस दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थीं.

जिस जमीन पर बैठकर विधायक जयवर्धन ने सुनी महिलाओं की समस्याएं, वहाँ लगेगा टीनशेड

A teen shed will be set up on the land where MLA Jaivardhan sat and listened to the problems of women.

A teen shed will be set up on the land where MLA Jaivardhan sat and listened to the problems of women. भोपाल/गुना। राघौगढ़ क्षेत्र के विधायक जयवर्धन सिंह इन दिनों ग्रामीण क्षेत्र के दौरे पर हैं। इसी सिलसिले में विधायक ग्राम इकोदिया पहुंचे, जहां उन्होंने मंदिर के सामने जमीन पर बैठकर चौपाल लगाई। इस मौके पर विधायक से मुखातिब होने वालों में पुरुषों से ज्यादा संख्या महिलाओं की रही। विधायक ने महिलाओं से लम्बी बातचीत की, इस दौरान वातावरण पारिवारिक नजर आया। जहां महिलाओं ने खुलकर अपनी बात रखी। इकोदिया में मंदिर परिसर में महिलाओं से चर्चा करने के दौरान जयवर्धन सिंह ने सबसे पहले उनके पारिवारिक हालचाल जाने। अधिकांश महिलाओं से गांव की मूलभूत समस्याओं को लेकर चर्चा की। विधायक ने स्पष्ट किया कि महिलाएं पारिवारिक सदस्य की तरह बात करें और अपनी समस्याएं बताएं। जयवर्धन सिंह ने ग्रामीणों को बताया कि वे हर पंचायत अथवा गांव की एक महिला का मोबाइल नम्बर लेंगे, ताकि वे महिलाओं से उनकी समस्याएं जान सकें। इसकी वजह बताते हुए जयवर्धन सिंह ने कहा कि मूलभूत समस्याओं से सर्वाधिक परेशान महिलाओं को ही होना पड़ता है। इसलिए वे सुनिश्चित करें कि गांव की महिलाएं अपनी परेशानी बताएं ताकि उनका त्वरित निराकरण किया जा सके। इकोदिया मंदिर के बाहर लगी पंचायत में विधायक ने पारिवारिक वातावरण में चर्चा कर रहीं महिलाओं ने बताया कि उन्हें मंदिर के बाहर एक टीनशेड चाहिए, ताकि वे बारिश और धूप में भी भजन-कीर्तन कर सकें। विधायक को महिलाओं की मांग और सुझाव पसंद आया। उन्होंने तत्काल मौके पर मौजूद ग्रामीणों से कहाकि वे इंदौर अथवा मालवा क्षेत्र के विभिन्न धार्मिक परिसरों में लगे अच्छी गुणवत्ता के टीनशेड की जानकारी लें। आधुनिक टीनशेड कहां मिलते हैं, कितना खर्चा आएगा आदि उन्हें बताया जाए, ताकि जल्द से जल्द इकोदिया मंदिर के बाहर टीनशेड लगवा सकें।

राहुल गांधी की बात पर भरी संसद में शिवराज ने बोल दी बड़ी बात: देखें विडियो

Shivraj said a big thing in the Parliament filled with Rahul Gandhi's words

Shivraj said a big thing in the Parliament filled with Rahul Gandhi’s words राहुल की बात पर भरी संसद में शिवराज ने कह दी ऐसी बात कि कांग्रेसी बस सुनते रह गए…!

केरल: वायनाड में जहां भूस्खलन ने मचाई थी तबाही, वहां पहुंचे राहुल-प्रियंका

Kerala: Rahul-Priyanka reached the place where landslide caused devastation in Wayanad.

Kerala: Rahul-Priyanka reached the place where landslide caused devastation in Wayanad. केरल के वायनाड में अब तक 167 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से ज्यादा लोग लापता हैं. 8000 से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है. हताहतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. गुरुवार को सीएम विजयन ने रिव्यू मीटिंग की. सीएम ने कहा कि लापता लोगों की तलाश के लिए नदी में बचाव अभियान जारी रहेगा. कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड के चूरलमाला में भूस्खलन स्थल पर पहुंचे हैं, जहां 30 जुलाई को भूस्खलन हुआ था. राहुल और प्रियंका वायनाड के पीड़ित परिवारों से मुलाकात भी करेंगे. बाढ़-बारिश और लैंडस्लाइड की अलग-अलग घटनाओं में अब तक 167 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से ज्यादा लोग लापता हैं. वहीं, 8000 से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है. केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि सुबह 7 बजे तक कुल 256 पोस्टमॉर्टम किए गए हैं, जिनमें शवों के हिस्से भी शामिल हैं. इस प्रकार ये पूरे 256 शव नहीं हैं बल्कि कुछ शवों के अंग भी इसमें शामिल हैं. हमने 154 शव जिला प्रशासन को सौंप दिए हैं. राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है. सेना लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन कर रही है. मुंडक्कई और चूरलमाला सबसे ज्यादा प्रभावितमुंडक्कई और चूरलमाला सबसे ज्यादा प्रभावित वाला इलाका है. यहां काफी नुकसान हुआ है. दोनों क्षेत्रों को जोड़ने के लिए 190 फुट लंबा ‘बेली ब्रिज’ बनाया गया है. मुंडक्कई शहर में लगभग 450 से 500 घर थे मगर मुंडक्कई अब वायनाड के नक्शे से मिट चुका है. यहां कुछ भी नहीं बचा. कीचड़ और पत्थरों के अलावा कुछ भी नहीं है. बेली ब्रिज का निर्माण पूरा- CM विजयनवायनाड भूस्खलन पर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गुरुवार को कहा कि आज एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. उसके बाद राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक भी हुई. बैठक में विपक्षी नेताओं ने भी हिस्सा लिया. मैं सेना के जवानों के प्रयासों की सराहना करता हूं. उन्होंने हमें बताया है कि फंसे हुए ज्यादातर लोगों को बचा लिया गया है. मिट्टी के नीचे फंसे लोगों को बचाने के लिए मशीनरी लाना मुश्किल था और पुल बनाने से यह काम आसान हो गया. बेली ब्रिज का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है. सीएम बोले- रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगासीएम विजयन ने आगे कहा कि लापता लोगों की तलाश के लिए नदी में बचाव अभियान जारी रहेगा. बचाए गए लोगों को अस्थायी रूप से शिविरों में शिफ्ट कर दिया गया है. पुनर्वास कार्य जल्द से जल्द किया जाएगा, जैसा कि हमने पहले की स्थितियों में भी किया है. मैं मीडिया से अनुरोध करता हूं कि वे लोगों से मिलने और शिविरों के अंदर शूटिंग करने से बचें. आप उनसे शिविरों के बाहर बात कर सकते हैं, व्यक्तियों की गोपनीयता की रक्षा करना महत्वपूर्ण है. लोकसभा में भी उठा मुद्दावायनाड लैंडस्लाइड का मुद्दा लोकसभा में भी बुधवार को उठाया गया था. इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कहा कि यह समय केरल के वायनाड की जनता के साथ चट्टान की तरह खड़े रहने का है. इसके लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है. राहत, बचाव एवं पुनर्वास के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे. शाह ने सदन को यह भी बताया कि वह आपदा प्रबंधन पर इसी सत्र में एक विधेयक भी लाएंगे. मंत्री ने कहा कि सरकार केरल की जनता को आश्वस्त करना चाहती है कि वह उनको किसी भी मुसीबत में अकेला नहीं छोड़ेगी.

कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु चक्रव्यूह में फँस गया और मारा गया- उसी प्रकार आज 21वीं सदी का कमल के आकार का चक्रव्यूह भारत को फँसा रहा : राहुल गांधी 

similarly, today the lotus-shaped Chakravyuh of the 21st century is trapping India: Rahul Gandhi

Abhimanyu got trapped in the Chakravyuh in Kurukshetra and was killed – similarly, today the lotus-shaped Chakravyuh of the 21st century is trapping India: Rahul Gandhi नई दिल्ली। कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु चक्रव्यूह में फँस गया और मारा गया – एक ऐसा चक्रव्यूह जिसे छह लोग नियंत्रित करते थे, और जिसे कमल के आज 21वीं सदी का कमल के आकार का चक्रव्यूह भारत को फँसा रहा है। आज 21वीं सदी का कमल के आकार का चक्रव्यूह भारत को फँसा रहा है और इसे मोदी, शाह, अडानी, अंबानी, डोभाल और भागवत नियंत्रित कर रहे हैं। इस आधुनिक चक्रव्यूह ने हमारे – युवाओं को बेरोज़गारी और पेपर लीक के चक्रव्यूह में फँसा दिया है – किसानों को कर्ज के चक्रव्यूह में – मध्यम वर्ग को टैक्स के चक्रव्यूह में – एमएसएमई को टैक्स आतंकवाद के चक्रव्यूह में – जवानों को अग्निपथ के चक्रव्यूह में – एससी/एसटी/ओबीसी/अल्पसंख्यकों को अन्याय के चक्रव्यूह में उदाहरण के लिए, 2.5% पर शिक्षा बजट 20 वर्षों में सबसे कम है। और वित्त मंत्री ने पेपर लीक के बारे में बात तक नहीं की।  भारत ब्लॉक ने इस चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए पहला कदम उठाया है और तब तक लड़ता रहेगा जब तक कि भय के इस माहौल की जगह शिव जी की बारात नहीं आ जाती, जहाँ समान अवसर, न्याय और स्वतंत्रता हो। भाजपा को युवाओं को अभिमन्यु समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। वे अर्जुन हैं और इस चक्रव्यूह से मुक्त हो जाएंगे।

बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कही ऐसी बात, निर्मला सीतारमण ने पकड़ लिया माथा

Rahul Gandhi said such a thing during the discussion on the budget

Rahul Gandhi said such a thing during the discussion on the budget, Nirmala Sitharaman held her head लोकसभा में आम बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर जमकर हंगामा हुआ. सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी के कई बयानों पर आपत्ति जताई. इस दौरान स्पीकर ओम बिड़ला ने भी नेता प्रतिपक्ष से सदन के नियमों का पालन करने की बात कही. अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने सरकार पर कई आरोप लगाए. इस दौरान बजट की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि एक बार ओबीसी की भागीदारी का सवाल उठा दिया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट बनाने वाले 20 अधिकारियों में से केवल दो अल्पसंख्यक या ओबीसी समुदाय से हैं. उनके इस बयान पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक मिनट से झेंप गई. उन्होंने आपना माथा पकड़ लिया. राहुल गांधी ने भाषण के दौरान स्पीकर से बजट के बाद हलवा समारोह की तस्वीर दिखाने की अनुमति मांगी लेकिन स्पीकर ने अनुरोध अस्वीकार कर दिया. राहुल ने फिर तस्वीर के बारे में बताते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2024 तैयार करने वाले 20 अधिकारियों में से केवल दो अल्पसंख्यक समुदाय से हैं. उन्होंने कहा कि वे तस्वीर में मौजूद भी नहीं हैं. सदन में हंगामाकेंद्रीय बजट पर राहुल गांधी के भाषण के दौरान लोकसभा में हंगामा हो गया. गांधी पर निशाना साधते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि आप सदन के नियम नहीं जानते, आप सदन के अध्यक्ष को चुनौती देते हैं. राहुल गांधी ने बजट भाषण में पेपर लीक मुद्दे का जिक्र न करने के लिए निर्मला सीतारमण पर हमला बोला. इस मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 सालों में देश में पेपर लीक के 70 मामले सामने आए हैं. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि 99% युवा केंद्रीय बजट 2024 में पेश किए गए इंटर्नशिप कार्यक्रम के लिए पात्र नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि आपने युवाओं के लिए क्या किया? इस दौरान राहुल गांधी के एक बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी खड़े हो गए. उन्होंने कहा कि अग्निवीर को लेकर नेता प्रतिपक्ष देश को गुमराह कर रहे हैं.

पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता आरिफ अकील का निधन, मध्य प्रदेश में शोक की लहर

Former minister and Congress leader Arif Akil passes away

Former minister and Congress leader Arif Akil passes away, wave of mourning in Madhya Pradesh भोपाल ! मध्यप्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री रहे आरिफ अकील का निधन हो गया। 72 साल के आरिफ अकील काफी समय से बीमार थे। आरिफ अकील को रविवार शाम को सीने में दर्द की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीमारी के चलते पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस से टिकट नहीं लिया था और अपने बेटे को चुनाव लड़ाया था। भोपाल उत्तर विधानसभा से लगातार अपनी जीत दर्ज कराने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेता आरिफ अकील ने सोमवार को सुबह अंतिम सांस ली। उनके विधायक पुत्र आतिफ अकील ने उनके निधन की पुष्टि की है। रविवार शाम को उन्हें सीने में दर्द की शिकायत होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रविवार और सोमवार की दरमियानी रात उन्होंने अंतिम सांस ली। 40 साल तक रहा शेर ए भोपाल का जलवाशेर ए भोपाल नाम से चर्चित रहे पूर्व मंत्री आरिफ अकील भोपाल उत्तर विधानसभा सीट पर 40 सालों तक सक्रिय रहे। मिलन सार और हर वर्ग के व्यक्ति के लिए हमेशा तैयार रहने वाले आरिफ अकील के बारे में कहा जाता है कि जो भी उनके घर किसी समस्या के लिए पहुंच जाता था, वो अपना सारा काम छोड़कर उसकी मदद के लिए दौड़ पड़ते थे।कांग्रेस शासन काल में वे दो बार मंत्री रहे। उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण, जेल खाद्य जैसे प्रमुख विभाग मिले थे। आरिफ अकील की शुरुआती राजनीतिक जनता दल से हुई थी। इसके बाद वे कांग्रेस में आ गए थे। पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री रहते हुए शिवराज सिंह चौहान भी उत्तर विधानसभा में आरिफ अकील की सीट को नहीं हिला पाए थे। कांग्रेस में शोक की लहरआरिफ अकील के निधन से प्रदेश कांग्रेस में शोक की लहर दौड़ गई है। कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेताओं ने आरिफ अकील के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

बुधनी उपचुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारियां तेज, जीतू पटवारी ने बनाई जीत की रणनीति

Congress preparations intensified for Budhni by-election, Jitu Patwari made strategy for victory

Congress preparations intensified for Budhni by-election, Jitu Patwari made strategy for victory प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधनी विधानसभा सीट छोड़े जाने के बाद उपचुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है. शिवराज के गढ़ बुधनी में अब कांग्रेस भी एक्टिव मोड में आ गई है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को बुधनी विधानसभा में कार्यकर्ताओं के साथ टिफिन पार्टी में शामिल हुए.बता दें बुधनी विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए कांग्रेस की तरफ से प्रभारी व सह प्रभारी की नियुक्ति की जा चुकी है. कांग्रेस ने पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह को प्रभारी और इछावर से पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल को सह प्रभारी बनाया है. वहीं बीजेपी ने प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा को प्रभारी बनाया है और पूर्व मंत्री रामपाल सिंह को सह प्रभारी बनाया है. पटवारी ने कार्यकर्ताओं के साथ किया संवादसलकनपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधनी विधानसभा के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित रेहटी, बुधनी ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी को मजबूत करने के लिए अपनी भावना प्रदेशाध्यक्ष के सामने रखी. संवाद कार्यक्रम के बाद टिफिन पार्टी कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें घर से टिफिन लेकर आये बूथ के कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोजन किया. इस अवसर पर बुधनी विधानसभा सह प्रभारी शैलेंद्र पटेल, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव गुजराती, पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल, डॉ. बलवीर तोमर, जिला संगठन मंत्री गणेश तिवारी, दिनेश मेघवानी, महेश राजपुत, विक्रम मस्ताल, रेहटी ब्लॉक अध्यक्ष प्रेमनारायण गुप्ता, भैरूंदा ब्लॉक अध्यक्ष देवीसिंह थारोल, लाडक़ुई ब्लॉक अध्यक्ष चंदर मीणा, गोपालपुर ब्लॉक अध्यक्ष अशोक सिंह भाटी, बुधनी ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र यादव, शाहगंज ब्लॉक अध्यक्ष बहादुर सिंह, मंगलसिंह ठाकुर, विष्णु ठाकुर, उमाशंकर नागर, राधेकिशन नागर, रामकरण यादव, इसरार खां, अर्जुन गौर एवं कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्तागण मौजूद रहे. देवीधाम सलकनपुर मंदिर में पूजा-अर्जनाउपचुनाव की तैयारियों के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी बुधनी विधानसभा के दौरे पर थे. इस दौरान वे प्रसिद्ध देवी धाम सलकनपुर मंदिर पहुंचे. जहां उन्होंने मां बीजासन माता के दरबार में पूजा अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की.

भाजपा नेता ने कलेक्टर अनुराग पांडे को धमकाया, कहा रिटायर्ड मेन से पहले घर भेज दूंगा, ऑडियो वायरल

BJP leader threatened collector Anurag Pandey

BJP leader threatened collector Anurag Pandey, said I will send him home before he retires, audio goes viral रायपुर। बीजापुर जिले में कलेक्टर और भाजपा नेता के बीच विवाद का ऑडियो वायरल हो रहा है। फोन कॉल पर भाजपा नेता चार दिन में कलेक्टर को हटवाने की धमकी दे रहे हैं। वहीं, कलेक्टर भी जवाब देते हुए कह रहे हैं कि, तेरी इतनी औकात है क्या? विवाद बीजापुर के भाजपा नेता अजय सिंह और कलेक्टर अनुराग पांडे के बीच हुआ है। 7 जुलाई का है ऑडियो क्या है ऑडियो में भाजपा नेता अजय सिंह- मैं अपनी पर आ गया तो आपका रिटायरमेंट जो अगस्त को होना है, 4 दिन नहीं लगेगा हटने में… चैलेंज कर के देखो। कलेक्टर– तेरी इतनी औकात है, औकात है तो कर लेना। अजय सिंह– आप कलेक्टर हैं, आपकी कोई हैसियत नहीं है, सरकार के अधिनस्थ हो। आप नौकर हो पब्लिक के। खुली चुनौती दे रहा हूं, सबके साथ लगना मेरे साथ मत लगना। कलेक्टर– मैं भी बता दे रहा हूं, सबसे लगना, लेकिन मेरे साथ मत लगना। टेंडर से जुड़ा है मामला कलेक्टर और भाजपा नेता के बीच विवाद टेंडर को लेकर है। बीजापुर और आस-पास के इलाकों में स्कूल बिल्डिंग का निर्माण होना है। अजय सिंह कंस्ट्रक्शन के काम से जुड़ा है। जिले में काम हासिल करने को लेकर अधिकारियों के साथ यह विवाद हुआ है। वायरल ओडियो में भी टेंडर मिलने की बात कलेक्टर और अजय के बीच होती सुनाई दी है। अजय सिंह– आपने पहले से कह रखा है कि रविंद्र झाड़ी को काम देना है। कलेक्टर– मैंने किसी को नहीं कहा है। PWD के ईई ने बोला होगा। मेरे रहते आप मेरे किसी अधिकारी को नहीं चमका सकते। भोपालपट्टनम के सभी आपके पार्टी के लोग कह रहे हैं कि आपने सबको काम बांटा है। वो तो कैंसिल होगा उसकी चिंता मत करो। अजय सिंह– हो जाए कैंसिल आप जाएंगे, दूसरा कलेक्टर आएगा, दूसरे से काम करवा लेंगे।

MSP किया जा सकता है लागू! मोदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए ये है राहुल गांधी का मेगा प्लान

MSP can be implemented! This is Rahul Gandhi's mega plan to put pressure on Modi government

MSP can be implemented! This is Rahul Gandhi’s mega plan to put pressure on Modi government Rahul Gandhi on MSP: विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को विभिन्न राज्यों के किसान नेताओं के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें अपने सामने आ रही विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। संसद भवन परिसर में अपने कार्यालय में आयोजित बैठक के बाद, गांधी ने अपने घोषणापत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी प्रदान करने की कांग्रेस पार्टी की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। MSP की कानूनी गारंटी की जा सकती है लागू उन्होंने कहा कि एक आकलन से पता चला है कि एमएसपी की कानूनी गारंटी लागू की जा सकती है। गांधी ने आगे कहा कि कांग्रेस देश भर के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए इस महत्वपूर्ण उपाय के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं से समर्थन जुटाएगी।अपनी बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “हमने अपने घोषणापत्र में कानूनी गारंटी के साथ एमएसपी का उल्लेख किया है। हमने आकलन किया है और इसे लागू किया जा सकता है।” राहुल गांधी ने कहा, “हमने अभी एक बैठक की, जिसमें हमने तय किया कि हम INDIA गठबंधन के दूसरे नेताओं से बात करेंगे और सरकार पर दबाव डालेंगे कि देश के किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए।” किसानों ने की कांग्रेस नेताओं से मुलाकात बैठक में केसी वेणुगोपाल, राजा बराड़, सुखजिंदर सिंह रंधावा, गुरजीत सिंह औजला, धर्मवीर गांधी, डॉ. अमर सिंह, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और जय प्रकाश भी मौजूद थे। इससे पहले, कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा आमंत्रित किए गए किसान नेताओं को संसद परिसर के अंदर नहीं जाने दिया गया। बाद में, किसान नेताओं को संसद में आने की अनुमति तभी दी गई, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उनसे मिलने के लिए बाहर जाने का फैसला किया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि क्योंकि वे किसान हैं, इसलिए उन्हें संसद परिसर में प्रवेश करने दिया जा रहा है।उन्होंने कहा, “हमने उन्हें (किसान नेताओं को) हमसे मिलने के लिए यहां बुलाया था। लेकिन वे उन्हें यहां (संसद में) नहीं आने दे रहे हैं। क्योंकि वे किसान हैं, शायद यही कारण है कि वे उन्हें अंदर नहीं आने दे रहे हैं।” इस बीच, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं ने सोमवार को घोषणा की कि वे पूरे देश में केंद्र सरकार के पुतले जलाएंगे और एमएसपी गारंटी को कानूनी बनाने की अपनी मांगों को पूरा करने के लिए एक नया विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। 31 अगस्त को ‘दिल्ली चलो’ इस विरोध के हिस्से के रूप में, वे विपक्ष द्वारा निजी विधेयकों का समर्थन करने के लिए एक “लंबा मार्च” भी निकालेंगे। इसके बाद, प्रदर्शनकारी किसान 15 अगस्त को देश भर में ट्रैक्टर रैली निकालेंगे, जब देश स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के नेताओं ने कहा कि किसानों का ‘दिल्ली चलो’ मार्च 31 अगस्त को 200 दिन पूरा करेगा और लोगों से पंजाब और हरियाणा सीमा पर खनौरी, शंभू आदि पहुंचने की अपील की। हरियाणा के जींद जिले में 15 सितंबर को एक रैली आयोजित की जाएगी और 22 सितंबर को पिपली में एक और रैली आयोजित की जाएगी।इससे पहले फरवरी में, हरियाणा सरकार ने अंबाला-नई दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैरिकेड्स लगा दिए थे, जब किसान यूनियनों ने घोषणा की थी कि किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों के समर्थन में दिल्ली तक मार्च करेंगे।

IIT की परीक्षा पास करने के बाद भी बकरी चराने को मजबूर छात्रा, तेलंगाना के CM रेड्डी ने बढ़ाया मदद का हाथ

Telangana CM Reddy extends helping hand

Student forced to graze goats even after passing IIT exam, Telangana CM Reddy extends helping hand तेलंगाना। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी एक आदिवासी लड़की को वित्तिय सहायता देने के लिए आगे आए हैं। आईआईटी, पटना में सीट हासिल करने के बावजूद वित्तीय समस्याओं के कारण राजन्ना सिरसिला जिले की बदावथ मधुलता बकरियां चराने पर मजबूर थी। सीएम रेड्डी करेंगे मददमधुलता ने इस साल के जेईई में अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी के तहत 824वीं रैंक हासिल की थी और आईआईटी, पटना में भी सीट हासिल की थी। हालांकि, वित्तीय बाधाओं के कारण, परिवार फीस और अन्य खर्चों के लिए 2.5 लाख रुपये का इंतजाम नहीं कर सका। मधुलता आगे इंजीनियरिंग भौतिकी में बी.टेक करना चाहती है। मजदूर की बेटी मधुलता पिछले महीने अपने एडमिशन के लिए केवल 17,500 रुपये ही दे पाई थी। हालांकि, गरीब परिवार के पास ट्यूशन फीस और अन्य खर्चों के लिए 2.51 लाख रुपये का इंतजाम नहीं कर सका। अपने पिता के बीमार होने के कारण मधुलता को परिवार का भरण-पोषण करने के लिए गांव में बकरियां चराने के लिए मजबूर होना पड़ा। फीस भरने की अंतिम तिथि 27 जुलाईआदिवासी कल्याण जूनियर कॉलेज, जहां से मधुलता ने 12वीं कक्षा पास की थी, के संकाय ने अधिकारियों से लड़की की मदद करने की अपील की थी, क्योंकि फीस भरने की अंतिम तिथि 27 जुलाई तक ही है। राज्य सरकार ने आदिवासी लड़की की दुर्दशा पर ध्यान दिया और उसकी शिक्षा जारी रखने में मदद के लिए वित्तीय सहायता के आदेश जारी किए। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने वित्तीय कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद प्रतिष्ठित संस्थान में सीट हासिल करने के लिए मधुलता को बधाई दी। 1 लाख रुपये की ट्यूशन फीस माफमुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बुधवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि आदिवासी कल्याण विभाग ने उसकी शिक्षा जारी रखने के लिए आवश्यक राशि जारी कर दी है। मुख्यमंत्री ने कामना की वह तेलंगाना का नाम रोशन करे। आदिवासी कल्याण आयुक्त द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, छात्रा ने 2,51,831 रुपये की वित्तीय सहायता मांगी। राज्य सरकार ने 1 लाख रुपये की ट्यूशन फीस माफ कर दी और शैक्षणिक शुल्क, छात्रावास शुल्क, जिमखाना, परिवहन, मेस शुल्क, लैपटॉप और अन्य शुल्क के लिए 1,51,831 रुपये जारी किए।

कांग्रेस विधायक के बंगले पर ईडी का छापा, 60 करोड़ के मामले की चल रही पूछताछ

ED raids Congress MLA's bungalow, investigation into Rs 60 crore case ongoing

ED raids Congress MLA’s bungalow, investigation into Rs 60 crore case ongoing टीकमगढ़ ! टीकमगढ़ विधानसभा से कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला के घर पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने छापा मारा। ईडी की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। ये कार्रवाई ईडी ने विधायक और पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह बुंदेला के निवास लाल दरवाजा पर बुधवार तड़के 5 बजे शुरू की थी। अब तक मिल रही जानकारी के मुताबिक मामला करीब 60 करोड़ के फ्रॉड का बताया जा रहा है। बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले भी असम पुलिस ने ऐसी ही दबिश दी थी। इस समय यादवेंद्र सिंह बुंदेला से पूछताछ किए जाने की जानकारी मिल रही है। पुलिस और सुरक्षा बल तैनात टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक रोहित का कहना है कि केंद्रीय जांच एजेंसी जांच कर रही हैं। मकान के बाहर सीआरपीएफ और मध्य प्रदेश सशस्त्र पुलिस बल के जवान तैनात किए गए हैं, जो किसी को अंदर या बाहर नहीं जाने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के बाद मामले की जानकारी दी जाएगी। जानें कौन हैं यादवेंद्र सिंह बुंदेला यादवेंद्र सिंह बुंदेला स्टूडेंट लाइफ से ही कांग्रेस में एक्टिव रहे हैं। 1983 के उपचुनाव में पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद 1985, 1993, 1998, 2008 और 2023 में विधानसभा का चुनाव जीते हैं। यादवेंद्र सिंह बुंदेला कांग्रेस के सीनियर नेता हैं। वे पांचवीं बार टीकमगढ़ विधानसभा सीट से विधानसभा का चुनाव जीते हैं। 1995 से 1998 तक दिग्विजय सिंह सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उन्हें दिग्विजय सिंह का करीबी माना जाता है। उमा भारती को दे चुके हैं चुनावी मात यादवेंद्र सिंह बुंदेला 2008 के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा में आए थे। तब विधानसभा चुनाव में उमा भारती अपनी अलग पार्टी बनाकर चुनाव में उतरी थीं। जहां उन्होंने खुद अपने गृहनगर टीकमगढ़ से चुनाव लड़ा था। लेकिन यहां उन्हें यादवेंद्र सिंह बुंदेला से हार का सामना करना पड़ा था।

बजट में भेदभाव का आरोप… संसद के अंदर और बाहर विपक्ष का हंगामा

Allegation of discrimination in the budget… Opposition ruckus inside and outside the Parliament

Allegation of discrimination in the budget… Opposition ruckus inside and outside the Parliament नई दिल्ली (Parliament Monsoon Session 2024)। देश का विपक्ष लोकसभा में पेश आम बजट 2024-24 (Union Budget 2024-25) से खुश नहीं है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार ने गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरोपों से इनकार किया है। इस बीच, इस मुद्दे पर बुधवार को विपक्ष ने संसद के बाहर और अंदर प्रदर्शन किया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष के नेताओं ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया। इसमें सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव समेत तमाम बडे़ नेता शामिल हुए। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘कई राज्यों को बजट में न्याय नहीं मिला है। हम न्याय के लिए लड़ रहे हैं।’ वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, ‘हम सभी मांग कर रहे थे कि किसानों को एमएसपी मिलना चाहिए, लेकिन समर्थन मूल्य किसानों के बजाय उन गठबंधन सहयोगियों को दिया जाता है जो अपनी सरकार बचा रहे हैं। सरकार महंगाई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी है। उत्तर प्रदेश को कुछ नहीं मिला।’ लोकसभा में हंगामा, स्पीकर ने लगाई फटकारवहीं, लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। प्रश्नकाल नहीं चलने दिया। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने फटकार लगाई। इससे पहले बजट पेश होने के बाद मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्ष दलो के प्रमुख नेताओं की बैठक हुई थी। बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी, लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई, राकांपा प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक-ओ-ब्रायन और कल्याण बनर्जी, द्रमुक के टीआर बालू, जेएमएम की महुआ माझी, आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा और संजय सिंह समेत अन्य नेता शामिल हुए थे। बजट से खुश नहीं विपक्ष, बनाई विरोध की रणनीतिबैठक में तय हुआ है कि सरकार के भेदभाव के खिलाफ विरोध जताया जाएगा।सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी नेता संसद भवन का बाहर जुटेंगे।प्रमुख विपक्षी नेता संसद भवन की सीढ़ियों पर खड़े होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।कांग्रेस शासित राज्यों के CM 27 जुलाई को नीति आयोग की बैठक में नहीं जाएंगे।

जीतू पटवारी ने PM मोदी को लिखा पत्र, CBI जांच से नर्सिंग घोटाले तक इन मुद्दों पर किए सवाल

Jitu Patwari wrote a letter to PM Modi

Jitu Patwari wrote a letter to PM Modi, asked questions on issues ranging from CBI investigation to nursing scam. Jitu Patwari Letter to PM Modi: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने मंगलवार (23 जुलाई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को पत्र लिखा है. जीतू पटवारी ने इस पत्र में सीबीआई की किसी मामले की जांच से पहले राज्य सरकार से लिखित में अनुमति लेने पर आपत्ति जताई है. साथ ही पटवारी ने पत्र में नर्सिंग घोटाले का भी जिक्र किया है. जीतू पटवारी ने अपने पत्र में लिखा कि “प्रधानमंत्री जी जब शिवराज सिंह चौहान जी को हटा कर आपकी सहमति से ही मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया गया था, तब हमें उम्मीद थी कि व्यापम जैसी व्यवस्था दोबारा इस प्रदेश में नहीं होगी, लेकिन हाल ही में आपकी डबल इंजन सरकार के द्वारा लिया गया एक फैसला काफी सारे सवाल खड़ा कर रहा है, जिनका जवाब आपकी मध्य प्रदेश सरकार से लेकर जनता को बताया जाना चाहिए.” जीतू पटवारी ने पीएम से किया ये सवालउन्होंने आगे लिखा कि “प्रदेश की सरकार ने हाल ही में एक फैसला लिया है, जिसके तहत राज्य में अब सीबीआई की किसी मामले की जांच से पहले राज्य सरकार से लिखित में अनुमति लेनी होगी. मंजूरी मिलने के बाद ही जांच एजेंसियां एक्शन ले पाएंगी, मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास ही गृह मंत्रालय का दायित्व भी है, इसलिए बिना उनकी सहमति के निर्णय गृह मंत्रालय द्वारा नहीं लिया जा सकता” जीतू पटवारी ने लिखा कि “सब जानते हैं कि मध्य प्रदेश में जनता के साथ मिलकर कांग्रेस पार्टी लगातार नर्सिंग घोटाले का पर्दाफाश कर रही है, जिसके तहत लाखों की संख्या में छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक प्रभावित हुए हैं. इस घोटाले में भारतीय जनता पार्टी के मंत्री और अन्य नेताओं की भूमिका बिल्कुल स्पष्ट है. अब ऐसा प्रतीत होता है कि यदि सही से जांच हो तो उनकी गिरफ्तारी भी संभव है. ऐसे में प्रदेश की जनता के जेहन में कुछ सवाल हैं जैसे क्या प्रधानमंत्री जी को इस घोटाले और राज्य सरकार द्वारा सीबीआई के संदर्भ में लिए गए फैसले की जानकारी है?” उन्होंने आग लिखा कि “यदि हां तो क्या कारण है कि यह फैसला लिया गया? क्या आपकी राज्य सरकार को केंद्र सरकार की एजेंसियों पर भरोसा नहीं है? ये प्रश्न आपसे इसलिए पूछे जा रहे हैं क्योंकि आप ही ने चुनाव के समय मध्य प्रदेश में आकर गारंटियों की बात कही थी और डबल इंजन सरकार का जुमला भी आप ही के द्वारा लगातार दिया जाता रहा है. कई विपक्षी राज्यों ने भी इस तरह के फैसले लिए हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियां एक अलग पार्टी की सरकार होने के कारण कई बार किसी दूसरी मानसिकता के साथ काम करती है. लेकिन मध्य प्रदेश में तो आप ही की पार्टी की सरकार है.” MP सरकार जांच एजेंसियों के खिलाफ फैसला लेने लगी है?जीतू पटवारी ने यह भी लिखा कि प्रधानमंत्री जी मध्य प्रदेश ने आपको 29 में से 29 सांसद चुन कर दिए हैं तो आपकी यह जिम्मेदारी बनती कि मध्य प्रदेश के लोगों को बताएं कि क्या सीबीआई की जांच के लिए लिखित में प्रदेश सरकार से अनुमति लेना क्या आपकी सरकार की नीति है? केंद्र और राज्य सरकार में सामंजस्य का अभाव क्यों है? लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में आपकी सरकार स्थिर नहीं है? जिसके कारण मध्य प्रदेश सरकार भी आपकी जांच एजेंसियों के खिलाफ फैसला लेने लगी है? उन्होंने लिखा कि “क्या व्यापम घोटाले के बाद बदनाम हुए मध्य प्रदेश में नर्सिंग घोटाले को लेकर सीबीआई जांच केवल दिखावा है, क्योंकि अगर हर मामले में सीबीआई को राज्य सरकार से ही अनुमति लेनी है तो फिर सीबीआई जांच का मतलब ही क्या रह गया? क्या प्रदेश सरकार आपसे कुछ छुपा रही है? क्या आपके किसी लाडले मंत्री को गिरफ्तारी से बचाने के लिए इस तरीके का फैसला लिया गया है? क्या यह फैसला मुख्यमंत्री की जानकारी के बगैर अधिकारियों ने अपने को बचाने के लिए ले लिया है मध्य प्रदेश की जनता इन सारे सवालों के जवाब की आपसे उम्मीद करती है.”

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