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स्वस्थ किशोरी ही, आगे चलकर बनती है स्वस्थ माँ : उप मुख्यमन्त्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमन्त्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि एमएमआर और आईएमआर की स्थिति में सुधार के लिये किशोरियों के स्वास्थ्य की जाँच और सुधार के प्रयास, गर्भावस्था के पूर्व और गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की नियमित जाँच के साथ प्रसव पश्चात निगरानी अहम है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ किशोरी आगे चलकर स्वस्थ माँ बनती है। इसके लिये विभागीय प्रयासों के साथ सामाजिक संगठनों, आमजनों का सहयोग अपेक्षित है, जिससे गर्भवती महिलायें और किशोरियाँ अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें। परिवारजन उन्हें सहयोग प्रदान करें। शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के लिये जन-जागरूकता ज़रूरी है। उप मुख्यमन्त्री श्री शुक्ल ने यूनिसेफ भोपाल कार्यालय में भ्रमण कर मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में यूनिसेफ द्वारा की जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने यूनिसेफ के अधिकारी-कर्मचारियों को संचालित गतिविधियों में सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग प्रदान करने की बात कही। उन्होंने कहा कि एकीकृत प्रयासों से हम मिलकर प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त करेंगे। मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य के विभिन्न मानकों में देश का अग्रणी राज्य बनायेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में एमएमआर और आईएमआर मानकों में सुधार के लिये सतत प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के साथ देश-विदेश के स्वास्थ्य विशेषज्ञों से हम सतत संपर्क में हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि संसाधनों की कमी नहीं है। स्वास्थ्य अधोसंरचना में सतत विस्तार किया जा रहा है। चिकित्सकीय सहायक और चिकित्सकीय मैनपॉवर की उपलब्धता के लिए चिकित्सकीय शैक्षणिक संस्थानों में विस्तार किया जा रहा है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में 33 हज़ार से अधिक पदों पर नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के साथ सामाजिक जागरूकता भी ज़रूरी है, जिससे हाई रिस्क प्रेगनेंसी का समय से चिन्हांकन कर अपेक्षित निदान की व्यवस्था की जा सके। उन्होंने प्रदेश में आईएमआर और एमएमआर में सुधार के लिये संगठित प्रयासों के सुझाव प्राप्त किये। ऑफिस इंचार्ज यूनिसेफ भोपाल डॉ. अनिल गुलाटी ने यूनिसेफ द्वारा मध्यप्रदेश में संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। हेल्थ स्पेशलिस्ट यूनिसेफ डॉ. प्रशांत कुमार सहित यूनिसेफ भोपाल के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित थे।

देश की क्षमता के सदुपयोग के लिये सही दिशा में प्रयास आवश्यक: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वैभवशाली नेतृत्व में आज भारत में अपार संभावनाएं हैं। देश की क्षमता के सदुपयोग के लिये सही दिशा में प्रयास आवश्यक है। इसके लिए आवश्यक है कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले प्रोफेशनल्स पूरी निष्ठा के साथ देश के निर्माण में अपना योगदान दें। सभी अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि युवा शक्ति और वरिष्ठों के सतत मार्गदर्शन में भारत 2047 तक विश्वगुरु बनेगा।उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल होटल जहांनुमा पैलेस भोपाल में आईसीएसआई (इंस्टिट्यूट ऑफ़ कंपनी सेक्रेटरीज़ ऑफ़ इंडिया) की एमपी  स्टेट कॉन्फ्रेंस-2025 “संकल्प” में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि देश में तेज गति से विकास हो रहा है। औद्योगीकरण को गति मिली है। विभिन्न क्षेत्रों में स्टार्ट-अप, कंपनियों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। आज देश में प्रदेश में सकारात्मक वातावरण है। पूरा विश्व भारत को आशा की नज़रों से देख रहा है। कंपनियों का संचालन नियम अनुसार हो और वे सहजता से देश के विकास में सहभागी बनें इसके लिए कंपनी सेक्रेटरीज की भूमिका अहम है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कॉन्फ्रेंस की सफलता की शुभकामना दी। महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, संचालक ऐग्पा श्री राजेश गुप्ता, आईसीएसई के वाईस प्रेसिडेंट श्री धनंजय शुक्ला सहित आईसीएसआई के पदाधिकारी और कंपनी सेक्रेटरीज़ उपस्थित रहे।  

विद्यार्थियों का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि वर्ष 2024-25 के लिए उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार सभी पात्र नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता एवं प्रवेश प्रक्रिया को 15 जनवरी तक पूर्ण किया जाए। जीएनएम, बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया को समयावधि में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निवास कार्यालय में मध्यप्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन एवं काउंसिल की विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की और कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि कि 31 दिसंबर 2024 से काउंसलिंग की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, जो 14 जनवरी 2025 को संपन्न की जाएगी। सभी शासकीय एवं अशासकीय नर्सिंग कॉलेजों के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग की व्यवस्था लागू की गयी है। संचालक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा (नर्सिंग एवं पैरामेडिकल) श्री मनोज सरियाम, रजिस्ट्रार मध्यप्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउसिंग श्री के.के. रावत सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

इजरायल के अनुभव, प्रयासों और सुझावों से रीवा नगर निगम क्षेत्र में बेहतर जल प्रबंधन किया जायेगा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

जल वितरण प्रणाली को लीकेज प्रूफ बनाने के साथ रीवा के हर घर में शुद्ध जल सप्लाई सुनिश्चित करना है: उप मुख्यमंत्री शुक्ल भविष्य आधारित, पर्यावरण अनुसंगत योजना का करें निर्माण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल इजरायल के अनुभव, प्रयासों और सुझावों से रीवा नगर निगम क्षेत्र में बेहतर जल प्रबंधन किया जायेगा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल इजराइल का प्रतिनिधि मंडल करेगा सहयोग भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि जल प्रबंधन के लिये इजरायल का नाम विश्व में विख्यात है। उनके अनुभव, प्रयासों और सुझावों से रीवा नगर निगम क्षेत्र में बेहतर जल प्रबंधन किया जायेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि योजना का निर्माण भविष्य की आवश्यकताओं और मांग को ध्यान में रखकर किया जाये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा शहर में जल वितरण प्रणाली को लीकेज प्रूफ बनाने के साथ हर घर में शुद्ध जल पहुँचना सुनिश्चित करना है। जल संग्रहण के साथ जल का संवर्धन भी भविष्य की मांग को पूरा करने के लिये आवश्यक है। जल को उपचारित कर पुनः प्रयोग करना समय की मांग है और पर्यावरण अनुसंगत है। इसे ध्यान में रखते हुए योजना का निर्माण किया जाये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चार इमली स्थित निवास कार्यालय में नगर निगम रीवा में वाटर सप्लाई सुविधा के विस्तार, प्रबंधन और सशक्तीकरण के लिये इजराइल के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा की। जल प्रबंधन और वितरण नेटवर्क सुदृढ़ीकरण पर इज़राइल के प्रतिनिधि मंडल ने अनुभव किये साझा इजरायल प्रतिनिधि मंडल ने बेहतर जल प्रबंधन और वितरण नेटवर्क सुदृढ़ीकरण पर अपने अनुभव को साझा किया। जल संसाधन प्रबंधन के लिये कृत्रिम और प्राकृतिक सोर्स का चिन्हांकन किया जाना महत्वपूर्ण है। कृत्रिम स्तंभों में अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग शामिल है। प्राकृतिक स्तंभों में वर्षा जल संग्रहण, भूजल पुनर्भरण, झील व भूजल निगरानी, और बाढ़ जल संग्रहण शामिल हैं। प्रभावी प्रबंधन के लिए संरक्षण और पुनःप्राप्ति सुनिश्चित कर जल संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है। इजराइल प्रतिनिधि मंडल में वॉटर अटैशे श्रीमती नोआ अमसालेम, वरिष्ठ जल संसाधन विशेषज्ञ नीरज गहलावत शामिल थे। भारत में इज़राइल वॉटर अटैशे दोनों देशों के बीच जल संसाधन प्रबंधन, तकनीकी सहयोग और अनुसंधान में साझेदारी को मजबूत करने का कार्य करते हैं। जल संरक्षण, पुनर्चक्रण और कुशल सिंचाई तकनीकों जैसे क्षेत्रों में तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान करते हैं। इसके साथ ही, जल सुरक्षा, जल प्रदूषण नियंत्रण और नीति निर्माण में सहयोग प्रदान करते हैं। वॉटर अटैशे शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के बीच संयुक्त परियोजनाओं को प्रोत्साहित करते हैं और जल संकट से निपटने के लिए दीर्घकालिक समाधान विकसित करने में मदद करते हैं। आगामी 2 वर्ष में रीवा शहर में 15 हज़ार नल कनेक्शन, 450 किमी वितरण नेटवर्क होगा तैयार नगर निगम रीवा में तकनीकी सलाहकार यूएडीडी सतीश कुमार राव ने रीवा में अब तक किये गये कार्य, प्रस्तावित योजना की जानकारी दी। रीवा शहर में वर्तमान में 550 किमी वितरण नेटवर्क से 45 हजार परिवारों को नल कनेक्शन दिये गये हैं। 23 मिलियन किली की भंडारण क्षमता है। 58 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट किया जा रहा है। अमृत 2.0 परियोजना में 2026 तक 37 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट 18.7 मिलियन किली भंडारण क्षमता 450 किमी वितरण नेटवर्क और 15 हज़ार नये जल कनेक्शन दिया जाना प्रस्तावित है। साथ ही पुरानी नेटवर्क प्रणाली को रिपेयर करना कार्ययोजना का प्रमुख अंग है। रीवा में 24×7 वॉटर सप्लाई सुनिश्चित करने के लक्ष्य पर योजना का निर्माण किया जा रहा है, इसके लिये जल के ज़िम्मेदारी पूर्ण उपयोग के लिये जन-जागरूकता अभियान को भी प्रस्ताव में शामिल किया जायेगा।  

अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा स्वच्छ और पौष्टिक भोजन विद्यार्थियों तक पहुँचाने का पुनीत कार्य किया जा रहा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा स्वच्छ और पौष्टिक भोजन विद्यार्थियों तक पहुँचाने का पुनीत कार्य किया जा रहा है। यहाँ जिस साफ़-सफ़ाई से और पोषक तत्वों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर भोजन बनाने का कार्य किया जा रहा है, वह अनुकरणीय है। उन्होंने संस्था में कार्यरत सभी कर्मचारियों के समर्पण और सेवा-भाव की सराहना की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने भोपाल में अक्षय पात्र फाउंडेशन की केंद्रीयकृत रसोई का अवलोकन किया। राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन का यह प्रयास न केवल बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। उन्होंने संस्था के समर्पित कर्मचारियों और प्रबंधन टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में यह संस्था और अधिक बच्चों तक अपनी सेवाएं पहुंचाएगी और अन्य संस्थानों को भी प्रेरित करेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संस्था की स्वचालित प्रक्रिया, सुव्यवस्थित संचालन और योजनाबद्ध कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन न केवल बच्चों को स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहा है, बल्कि यह कार्य अत्यंत प्रभावशाली और अनुकरणीय तरीके से किया जा रहा है। संस्था का सुव्यवस्थित संचालन इसके योजनाबद्ध दृष्टिकोण को दर्शाता है। भोजन वितरण के लिए विशेष वाहनों का उपयोग, समय प्रबंधन का सख्त पालन, पोषण गुणवत्ता की नियमित जाँच और प्रबंधन टीम के बीच उत्कृष्ट समन्वय इसे और अधिक प्रभावी बनाते हैं। शासकीय और निजी क्षेत्र के बीच मजबूत साझेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने राष्ट्रीय स्तर पर अक्षय पात्र फाउंडेशन के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह मॉडल शासकीय और निजी क्षेत्र के बीच मजबूत साझेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह संस्था पूरे भारत में 16 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 23 हज़ार से अधिक विद्यालयों में लगभग 22 लाख 50 हज़ार बच्चों को पौष्टिक भोजन प्रदान कर रही है। उल्लेखनीय है कि अक्षय पात्र फाउंडेशन के भोपाल स्थित किचन से मध्यान्ह भोजन के तहत 645 विद्यालयों के लगभग 35 हज़ार बच्चों को भोजन प्रदाय किया जा रहा है। अक्षय पात्र फाउंडेशन के भोपाल क्लस्टर के अध्यक्ष आचार्य रत्न दासा उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पिटल रीवा में सफल दोहरे किडनी प्रत्यारोपण के लिए संपूर्ण चिकित्सा टीम को बधाई दी

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पिटल रीवा में सफल दोहरे किडनी प्रत्यारोपण के लिए संपूर्ण चिकित्सा टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर क्षेत्रों तक सशक्त और सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सफलता राज्य के हर हिस्से में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं को विस्तार देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। रीवा में यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने का कार्य करेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार अंग प्रत्यारोपण जैसे जटिल चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक संसाधनों और विशेषज्ञता को हर मेडिकल संस्थान में सुलभ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने इस उपलब्धि को रीवा और पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताते हुए टीम की मेहनत और समर्पण की सराहना की। सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पिटल, रीवा में ट्रांसप्लांट फिजिशियन और नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. रोहन द्विवेदी और ट्रांसप्लांट सर्जन व यूरोलॉजिस्ट डॉ. पुष्पेंद्र शुक्ला के नेतृत्व में एक ही दिन में दो मरीजों का सफलतापूर्वक किडनी प्रत्यारोपण किया गया। इनमें से एक महिला मरीज को उनकी माता द्वारा और एक पुरुष मरीज को उनके बड़े भाई द्वारा किडनी दान की गई। दोनों मरीज स्वस्थ हैं और 17 दिसंबर को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिए गए हैं। यूरोलॉजी विभाग के डॉ. विवेक शर्मा, डॉ. आशीष घनघोरिया, डॉ. बृजेश तिवारी और डॉ. विजय शुक्ला, निश्चेतना विभाग के डॉ. आलोक प्रताप सिंह, डॉ. सुभाष अग्रवाल, डॉ. राजीव द्विवेदी, डॉ. रवि प्रकाश सिंह, और डॉ. एल. पी. सिंह सहित ओटी और केटीयू स्टाफ ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया।  

यह सुनिश्चित किया जाये कि सेवाएं समय पर आम नागरिकों तक पहुँचे- उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश के हर क्षेत्र में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अधोसंरचना के विस्तार और अत्याधुनिक उपकरणों की खरीदी के प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जाये कि सेवाएं समय पर आम नागरिकों तक पहुँचे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश के विभिन्न जिला चिकित्सालयों और कैंसर अस्पतालों में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही खरीदी प्रक्रिया की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिये कि अधोसंरचना विकास के साथ-साथ आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्रक्रिया की सतत मॉनीटरिंग कर समयसीमा के भीतर उपकरण खरीदी का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने सीटी स्कैन, एमआरआई, कैथ लैब, पेट-स्कैन, लाईनैक, और ब्रेकी-थेरेपी जैसे उन्नत उपकरणों की खरीदी प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश के चिकित्सकीय संस्थानों में औषधि एवं कंज्यूमेबल की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उक्त सामग्री आवश्यकतानुसार संस्थानों में उपलब्ध हों, यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने ट्रांसफर पोर्टल की तैयारी की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल सुविधाजनक और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। उन्होंने विभागीय स्तर पर पोर्टल को और अधिक दुरुस्त करने के निर्देश दिये ताकि ट्रांसफर प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तरुण राठी, एमडी एमपीपीएचएससीएल मयंक अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सफल विदेश यात्रा पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दी बधाई

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की और उनके सफल ब्रिटेन एवं जर्मनी दौरे के लिए बधाई दी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह दौरा प्रदेश में निवेश आकर्षित करने और मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए भूमि, बिजली और कर संबंधी सुविधाएं दी हैं। मेडिकल डिवाइस पार्क, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और उद्योग हब विकसित किए हैं। हर क्षेत्र के विकास के लिए वहां की विशेषताओं और क्षमता का पूरा उपयोग करने की रणनीति बनाई है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विश्वास जताया कि यह यात्रा मध्यप्रदेश में निवेश का नया युग शुरू करेगी। यह प्रदेश की अद्वितीय विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित होगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश समग्र विकास के मार्ग पर तेजी से अग्रसर है। प्रदेश में क्षेत्रीय क्षमताओं और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए ठोस योजनाएं बनाई जा रही हैं। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार ने उद्योग-अनुकूल नीतियां लागू की हैं और व्यापार सुगमता (ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस) को प्राथमिकता दी है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश आज निवेश के लिए सबसे आकर्षक गंतव्य बन चुका है। हमने न केवल निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाया है, बल्कि प्रत्येक निवेश प्रस्ताव को रोजगार के नए अवसरों में तब्दील करने का लक्ष्य रखा है। यह प्रदेश की प्रगति को नया आयाम देगा और युवाओं के लिए नए रोजगार सृजित करेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस यात्रा के दौरान ब्रिटेन और जर्मनी के विभिन्न निवेशकों और औद्योगिक संगठनों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। निवेशकों ने मध्यप्रदेश की प्रगतिशील नीतियों, सुदृढ़ बुनियादी ढांचे और उद्योगों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना की।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शुरूआत में पहले यात्रियों को सौपें बोर्डिंग पास

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि रीवा एयरपोर्ट से भोपाल की सीधी कनेक्टिविटी विंध्य क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। यह सेवा क्षेत्र के नागरिकों के लिए समय की बचत के साथ-साथ सुविधाजनक यात्रा का माध्यम बनेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र को प्रगति और विकास से जोड़ने के लिए सतत प्रयासरत है। विंध्य क्षेत्र को हवाई कनेक्टिविटी प्रदान करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह हवाई सेवा रीवा को राज्य और देश के अन्य प्रमुख शहरों से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण कड़ी होगी। इससे व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, साथ ही यह क्षेत्र के सांस्कृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य को देश और विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाने में भी सहायक होगी। उप मुख्यमंत्री ने भोपाल के राजा भोज अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर “फ्लाई बिग” कंपनी के टिकट काउंटर का उद्घाटन किया। उन्होंने भोपाल से रीवा एयरपोर्ट की पहली फ्लाइट सेवा की शुरुआत करते हुए यात्रियों को बोर्डिंग पास सौंपे गए। भोपाल सांसद आलोक शर्मा, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण भोपाल के निदेशक रामजी अवस्थी, “फ्लाई बिग” कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। इस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनते हुए यात्रियों ने अपनी खुशी और उत्साह व्यक्त किया। रीवा और भोपाल के बीच “फ्लाई बिग” कंपनी की उड़ान सेवा सप्ताह में 4 दिन रहेगी उपलब्ध एयरपोर्ट निदेशक अवस्थी ने बताया कि रीवा और भोपाल के बीच निर्धारित उड़ान सेवाएं (शेड्यूअल्ड फ्लाइट सर्विस) मंगलवार से शुरू हो गई हैं, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को एक नई दिशा प्रदान करेंगी। कुछ सीटें 999 रुपये में उड़ान योजना अन्तर्गत आरक्षित हैं, जबकि शेष सीटों की कीमतें डायनेमिक प्रॉइसिंग मॉडल के तहत तय की जाएंगी। यह पहल अधिकतम लोगों को सस्ती और सुविधाजनक हवाई यात्रा का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। हमें विश्वास है कि यह सेवा क्षेत्र के यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। रीवा और भोपाल के बीच “फ्लाई बिग” कंपनी की उड़ान सेवा सप्ताह में 4 दिन उपलब्ध रहेगी। भोपाल से रीवा की उड़ान (फ्लाइट नंबर S9-514) मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, और शुक्रवार को उपलब्ध होगी। भोपाल एयरपोर्ट से फ्लाइट सुबह 8:15 बजे प्रस्थान करेगी और रीवा एयरपोर्ट पर सुबह 10:20 बजे पहुंचेगी। रीवा से भोपाल की उड़ान (फ्लाइट नंबर S9-515) सोमवार, मंगलवार, बुधवार, और गुरुवार को संचालित होगी। रीवा एयरपोर्ट से यह फ्लाइट दोपहर 1:40 बजे प्रस्थान करेगी और भोपाल एयरपोर्ट पर 3:45 बजे पहुंचेगी। भोपाल से रीवा के लिए फ्लाइट शुरू हो गई है। सप्ताह में 4 दिन फ्लाइट उड़ेगी। प्रत्येक मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को सुबह 8.15 बजे भोपाल से फ्लाइट टेक ऑफ यानी, उड़ान भरेगी, जबकि 2 घंटे में सुबह 10.20 बजे रीवा लैंड करेगी। भी पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा के तहत सप्ताह में 6 दिन उड़ान जरूर भरी जा रही है, लेकिन प्लेन सिर्फ छह सीटर है। वहीं, किराया भी अधिक है। इसलिए पूरे यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। अब नियमित फ्लाइट शुरू की गई है। मंगलवार सुबह डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल से रीवा एयरपोर्ट की पहली फ्लाइट सेवा की शुरुआत करते हुए यात्रियों को बोर्डिंग पास सौंपे। व्यापार, पर्यटन-उद्योग को ऊंचाई तक ले जाएगा डिप्टी सीएम शुक्ल ने कहा कि, रीवा एयरपोर्ट से भोपाल की सीधी कनेक्टिविटी विंध्य क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। यह सेवा क्षेत्र के नागरिकों के लिए समय की बचत के साथ-साथ सुविधाजनक यात्रा का माध्यम बनेगी। शेड्यूअल्ड फ्लाइट सर्विस शुरू एयरपोर्ट डायरेक्टर अवस्थी ने बताया, रीवा और भोपाल के बीच निर्धारित उड़ान सेवाएं (शेड्यूअल्ड फ्लाइट सर्विस) आज से शुरू हो गई हैं, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को एक नई दिशा प्रदान करेंगी। कुछ सीटें 999 रुपए में उड़ान योजना अंतर्गत आरक्षित हैं, जबकि शेष सीटों की कीमतें डायनेमिक प्राइसिंग मॉडल के तहत तय की जाएंगी। यह पहल अधिकतम लोगों को सस्ती और सुविधाजनक हवाई यात्रा का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। यह सेवा क्षेत्र के यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।  

अधिकारी-कर्मचारियों के स्थानांतरण आवेदन में मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जाए: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल  मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि शासकीय सेवकों की स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जाए। अधिकारी-कर्मचारियों के स्थानांतरण आवेदन में मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जाए। सामान्य प्रशासन विभाग के प्रविधानों के अनुसार स्थानांतरण प्रक्रिया में विभिन्न कारणों यथा पति-पत्नी शासकीय सेवक हैं और एक ही कार्यस्थल में पदस्थापना चाहते हैं, स्वयं की गंभीर बीमारी, परिवार के सदस्यों की स्वास्थ्य समस्याओं या अन्य बड़े कारणों के लिए प्राथमिकता दी जाए। पोर्टल पर समय पर उपलब्ध कराएं जानकारी उन्होंने कहा, ई-एचआरएमआइएस में ऐसे प्रविधान किए जाएं कि स्थानांतरण में मानवीय हस्तक्षेप कम से कम हो। पोर्टल में शासकीय सेवकों की आवश्यकताओं और प्रविधानों के अनुरूप सभी जरूरी सुधार किए जाएं। रिक्तियों की अद्यतन जानकारी पोर्टल पर समय पर उपलब्ध कराई जाए। एक सप्ताह में तैयारियां करने को कहा उप मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए ई-एचआरएमआइएस पोर्टल के प्रविधानों की समीक्षा की। उन्होंने पोर्टल में सभी तैयारियां एक सप्ताह में करने के लिए कहा है। एमपीएसईडीसी के प्रतिनिधियों ने पोर्टल के प्रविधानों पर प्रस्तुतीकरण दिया। बता दें कि ई-एचआरएमआइएस से लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में स्थानांतरण के लिए पहली बार आनलाइन सुविधा प्रारंभ की जा रही है। 1700 हेक्टेयर वन भूमि पर होंगे विकास कार्य, भारत सरकार ने दी स्वीकृति मप्र की 1700 हेक्टेयर वन भूमि पर विकास कार्य किए जाएंगे। इसके लिए भारत सरकार ने स्वीकृति दे दी है। वर्ष 2024 में भारत सरकार ने मध्य प्रदेश के वन क्षेत्र में कुल एक हजार 709.45 हेक्टेयर भूमि 37 परियोजनाओं के लिए मंजूर की है। इसके बदले में अन्यत्र राजस्व भूमि एवं वर्तमान दर पर ली गई है।इन परियोजनाओं में जल संसाधन विभाग से संबंधित सात प्रकरणों में 1310.08 हेक्टेयर, विद्युत प्रोजेक्ट के 13 प्रकरणों में 220.36 हेक्टेयर, रेलवे के एक प्रकरण में 12.97 हेक्टेयर, खनन के दो प्रकरणों में 56.63 हेक्टेयर, सड़क के चार प्रकरणों में 35.42 हेक्टेयर और 10 अन्य प्रकरणों में 73.95 हेक्टेयर वन भूमि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा 48 प्रकरणों में 998.27 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्सन की सैद्धांतिक सहमति भी भारत सरकार ने दी है।

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुधार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएँ: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुधार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएँ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए अंतर्विभागीय समन्वय आवश्यक है। ताकि तेज गति से स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तारित किया जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग के महत्वपूर्ण कार्यों और अंतर्विभागीय समन्वय विषयों की समीक्षा की। अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग संजय दुबे, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संदीप यादव और आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संजीवनी क्लीनिक में रिक्त पदों पर जल्द से जल्द नियुक्तियाँ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक चिकित्सा सेवाओं को सशक्त करने के लिए प्रक्रिया को तेज गति से पूर्ण किया जाए। नवीन गठित ज़िलों में जिला चिकित्सालयों के लिए चिकित्सकीय और पैरामेडिकल पदों की पूर्ति की प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की । उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि सभी आवश्यक प्रस्ताव मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को शीघ्र भेजे जाएँ, ताकि रिक्त पद जल्द भरे जा सकें और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो। शासकीय मेडिकल कॉलेजों में पे-प्रोटेक्शन के विषय पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और आईपीएचएस मानक अनुसार रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति के लिए विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।  

दीनदयाल शोध संस्थान का यह प्रकल्प शिक्षा के क्षेत्र में एक अभिनव प्रयोग है, विज्ञान के मॉडल व प्रयोग रहे विशेष आकर्षण के केन्द्र

चित्रकूट उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि श्रद्धेय नाना जी देशमुख के द्वारा रोपित सुरेन्द्रपाल ग्रामोदय विद्यालय चित्रकूट आज विशालकाय वट वृक्ष बनकर अपनी छाया कई छात्रों को प्रदान कर रहा है। दीनदयाल शोध संस्थान का यह प्रकल्प शिक्षा के क्षेत्र में एक अभिनव प्रयोग है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ग्रामोदय विद्यालय चित्रकूट में बाल दिवस के अवसर पर दीप प्रज्जवलन कर बाल मेले का उद्घाटन किया। चित्रकूट मंडल के कमिश्नर बालकृष्ण तिवारी, गायत्री शक्तिपीठ के प्रबंधक रामनारायण त्रिपाठी, महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट के कुलगुरु प्रोफेसर भरत मिश्रा, चित्रकूट जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। बालक-बालिकाओं की अन्तर्निहित शक्तियों के समुचित विकास के लिए दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित सुरेन्द्रपाल ग्रामोदय विद्यालय में बाल मेला का आयोजन किया गया। जिसमें प्रेरक व आकर्षक झाँकियाँ, विज्ञान प्रयोग व मॉडल, बौद्धिक गेमशो, रुचिकर खाद्य स्टालों सहित अनेक मनोरंजक, ज्ञानवर्धक व शैक्षिक कार्यक्रमों का समावेश छात्र-छात्राओं द्वारा किया गया। उल्लेखनीय है कि सुरेंद्रपाल ग्रामोदय विद्यालय नौनिहालों के सर्वांगीण विकास के ध्येय से विगत 25 वर्षों से अधिक समय से चित्रकूट में अपनी सेवाएं दे रहा है। बाल दिवस के उपलक्ष्य में विद्यालय में बाल विज्ञान मेला आयोजित किया गया जिसमें विज्ञान के अनेकानेक प्रयोग, मॉडल, प्रोजेक्ट, झांकियां, ज्ञानवर्धक गेम शो, मनोरंजन मैजिक शो का भव्य प्रदर्शन किया गया। मेले का सर्वाधिक आकर्षण वहां पर लगाए गए विज्ञान के अभिनव मॉडल और प्रोजेक्ट रहे। दीनदयाल शोध संस्थान के अन्य प्रकल्प रामनाथ आश्रम शाला तथा कृष्णादेवी बनवासी बालिका विद्यालय मझगवां के छात्र भी प्रयोग और मॉडल प्रदर्शित किये। साथ ही छात्र-छात्राओं ने खाद्य स्टॉल भी मेले में लगाये।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश के पहले “सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस फ़ॉर प्रीनेटल डायग्नोसिस ऑफ़ हीमोग्लोबिनोपैथीज़” का किया लोकार्पण

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि जनजातीय समुदाय को सिकल सेल एनीमिया से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने धरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती, जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर संजय गांधी स्मारक चिकित्सालय, रीवा में प्रदेश के पहले शासकीय “सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस फ़ॉर प्रीनेटल डायग्नोसिस ऑफ़ हीमोग्लोबिनोपैथीज़” का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण केंद्र विंध्य क्षेत्र के नागरिकों, विशेषकर जनजातीय समूह के नागरिकों में रक्तजनित वंशानुगत विकारों के शोध, जांच एवं नैदानिक चिकित्सकीय परीक्षण के लिए समर्पित रहेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि केन्द्र की स्थापना प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को एक नए आयाम पर ले जाने का प्रयास है, जिससे रक्तजनित विकारों से प्रभावित विशेष समूहों को सटीक और समर्पित चिकित्सा सेवा प्रदान की जा सके। विंध्य क्षेत्र के नागरिकों, विशेषकर जनजातीय समुदायों में इन विकारों की व्यापकता को देखते हुए इस केन्द्र की आवश्यकता थी। यह केन्द्र रक्तजनित वंशानुगत विकारों का गहन अध्ययन करेगा और रोग की समय पर पहचान कर चिकित्सा सेवा प्रदान करेगा। कार्यक्रम में गांधी स्मारक चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश शीर्ष पर मध्यप्रदेश में सिकिल सेल एनीमिया नियंत्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रयास किए गये हैं। अब तक 80 लाख 67 हजार 135 लोगों की स्क्रीनिंग कर मध्यप्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है। सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के प्रथम चरण में 46 लाख से अधिक लोगों को जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड वितरित किए गए हैं, जिसमें भी मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। मध्यप्रदेश में सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण के सफल पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर पूरे देश में “सिकिल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन 2047” की शुरुआत की गई है, जिसमें 17 राज्य शामिल हैं।  

रीवा कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के तौर पर विकसित कर ए-ग्रेड मंडी बनाया जायेगा – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

कृषि उपज मंडी रीवा को ए-ग्रेड मंडी बनाया जायेगा – उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने 15 करोड़ 64 लाख रुपये के कार्यों का किया भूमिपूजन रीवा कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के तौर पर विकसित कर ए-ग्रेड मंडी बनाया जायेगा  – उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि रीवा कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के तौर पर विकसित कर ए-ग्रेड मंडी बनाया जायेगा। किसानों की सुविधाओं के लिए सभी अधोसंरचना विकास के कार्य कराकर इसे सुव्यवस्थित व सर्वसुविधायुक्त बनाया जायेगा। उप मुख्यमंत्री ने आदर्श मंडी के रूप में विकसित करने के लिए प्रथम चरण के तहत 15 करोड़ 64 लाख रूपये लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा जिले में खेती का उत्पादन बढ़ रहा है। जिले में आगामी वर्षों में 9 लाख एकड़ क्षेत्र में सिचाई की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं जिससे उत्पादन और बढ़ेगा और मंडी में खाद्यान्न की आवक अधिक होने से यह ए-ग्रेड मंडी बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के प्रयासों से रीवा की मंडी को आदर्श मंडी बनाये जाने की घोषणा की गयी थी उसी अनुक्रम में प्रथम चरण में विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया है। यह सभी कार्य एक वर्ष में पूर्ण कर लिये जायेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि नवीन सब्जी मंडी बन जाने से किसानों को सुविधाएं मिली साथ ही व्यापारियों का समय भी बचने लगा और उनका व्यापार तीन गुना बढ़ गया। उप मुख्यमंत्री ने मंडी में कराये जा रहे विकास कार्यों के अतिरिक्त अन्य आवश्यक कार्य भी प्राथमिकता से कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उल्लेखनीय है कि रीवा कृषि उपज मंडी में प्रथम चरण में हाई राइज शेड, जल निकासी व्यवस्था, वाहन पार्किंग, कंक्रीट सड़क निर्माण, मुख्य गेट का सौन्दर्यीकरण एवं कैटल प्रोटेक्टर का निर्माण, मुख्य मार्ग पर डिवाइडर एवं गार्डन, 2 हजार मे. टन गोदाम निर्माण, हम्माल तुलावटी के लिए रेस्टहाउस, कार्यालय भवन की मरम्मत, ए व बी ब्लाक दुकानों के पीछे शेड निर्माण, मंडी प्रांगण में दो स्थानों पर वाच टावर का निर्माण कराये जाने के साथ ही जनरेटर शेड स्थापित किया जायेगा साथ ही सीसीटीव्ही कैमरे भी लगाये जायेंगे। अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी सहित विभागीय अधिकारी, किसान एवं व्यापारी उपस्थित रहे।  

परियोजना से 653 गांवों में एक लाख 20 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना से मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिले के किसानों की तकदीर और खेती की तस्वीर बदल जाएगी। इस परियोजना से 653 गांवों में एक लाख 20 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने परियोजना का निर्माण कार्य समय पर शुरू करने के लिए राजस्व, वन तथा जल संसाधन विभाग को समन्वित प्रयास कर आवश्यक स्वीकृति की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। कमिश्नर कार्यालय सभागार रीवा में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विन्ध्य की महत्वकांक्षी सीतापुर-हनुमना माइक्रो सिंचाई परियोजना की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि परियोजना के लिये शासन द्वारा 4 हज़ार 167 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, साथ ही निर्माण एजेंसी से 3 हज़ार 700 करोड़ का अनुबंध हो गया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि परियोजना में बनने वाला बांध सीधी जिले में अमिलिया के पास सोन नदी पर निर्मित किया जाना प्रस्तावित है। यह क्षेत्र सोन घड़ियाल अभ्यारण्य में स्थित है। निर्माण कार्यों के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति, वन्यजीव संरक्षण संबंधी स्वीकृति तथा अन्य स्वीकृति आवश्यक होंगी। इसके लिए जल संसाधन विभाग ऑनलाइन आवेदन कर दे। वन विभाग के अधिकारियों के सहयोग से जल संसाधन विभाग परियोजना की मंजूरी के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर लें। इसके लिए विशेषज्ञ की भी सलाह ले सकते हैं। इस सिंचाई परियोजना से लाखों किसानों को लाभ मिलेगा। घड़ियाल के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बांध का निर्माण कराएं, जिससे विकास के कार्यों के साथ वन्य जीवों के संरक्षण में भी किसी तरह का प्रभाव न पड़े। बहुती सिंचाई परियोजना का शेष निर्माण कार्य 1 माह के अंदर करें पूर्ण उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बहुती सिंचाई परियोजना के शेष निर्माण कार्य को पूरा करके किसानों को दिसम्बर 2024 माह तक सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराएं। नहरों की साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य एक माह में पूर्ण कराएं। अधूरे निर्माण कार्य 30 नवम्बर 2024 तक पूरा कराकर दिसम्बर माह में नईगढ़ी एक परियोजना में 7 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराएं। मुख्य अभियंता जल संसाधन ने बताया कि सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना में सोन नदी पर 268.90 एमसीएम क्षमता का बांध बनाया जाएगा। इससे सोन घड़ियाल के बेसिन में 2 हज़ार हेक्टेयर जमीन, 1 हज़ार 290 हेक्टेयर निजी भूमि तथा 15 हेक्टेयर वन भूमि डूब क्षेत्र में आएगी। बांध से रीवा जिले के 11 गांवों में 3 हज़ार हेक्टेयर, मऊगंज में 399 गांवों में 62 हज़ार 500 हे., सीधी जिले में 140 गांवों में 26 हज़ार 500 हे. तथा सिंगरौली जिले के 103 गांवों में 28 हज़ार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। कमिश्नर रीवा संभाग बीएस जामोद, आईजी एमएस सिकरवार, कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल, कलेक्टर मऊगंज अजय श्रीवास्तव, विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

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