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पेट्रोल-डीजल कारों की कीमत से मेल खाएंगी इलेक्ट्रिक कारें, अग्रणी कंपनी का बड़ा दावा

मुंबई   भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार लगातार तेज़ी से बढ़ रहा है और अब यह ऑटो उद्योग के लिए एक अहम बदलाव का दौर बनता जा रहा है। खासतौर पर चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के सेगमेंट में कुछ कंपनियों ने मजबूत पकड़ बना ली है। इसी कड़ी में देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक कारों की कीमतें पेट्रोल और डीजल से चलने वाली पारंपरिक कारों के बराबर पहुंच सकती हैं। यदि ऐसा होता है तो भारतीय ऑटो बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार और तेज हो सकती है।  इलेक्ट्रिक कार बाजार में तेजी से बढ़ती हिस्सेदारी भारत के इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर सेगमेंट में फिलहाल एक प्रमुख कंपनी का दबदबा बना हुआ है, जिसके पास लगभग 40 प्रतिशत तक बाजार हिस्सेदारी बताई जाती है। कंपनी की सफलता के पीछे उसके इलेक्ट्रिक मॉडल्स की लंबी श्रृंखला भी एक बड़ी वजह है। उसके पोर्टफोलियो में नेक्सन EV, पंच EV, टियागो EV, टिगोर EV, कर्व EV और हैरियर EV जैसे कई विकल्प मौजूद हैं। इन मॉडलों के कारण अलग-अलग बजट और जरूरतों वाले ग्राहकों को विकल्प मिल रहे हैं। हालांकि सबसे किफायती इलेक्ट्रिक कार का खिताब अभी किसी अन्य कंपनी के पास है, जबकि इस कंपनी की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार टियागो EV मानी जाती है, जिसकी शुरुआती कीमत करीब आठ लाख रुपये के आसपास है। तकनीक में सुधार से घट सकती है लागत कंपनी के इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों की तकनीक तेजी से विकसित हो रही है। उनका कहना है कि बैटरी तकनीक में लगातार सुधार हो रहा है और नई बैटरियां पहले के मुकाबले अधिक ऊर्जा संग्रह करने में सक्षम हैं। इसके साथ ही चार्जिंग की गति भी तेज हुई है और सुरक्षा के लिहाज से भी नई तकनीक अधिक भरोसेमंद मानी जा रही है। इन बदलावों के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। प्रोपल्शन सिस्टम के इंटीग्रेशन से बढ़ेगी दक्षता वाहनों के इलेक्ट्रिक सिस्टम में भी तेजी से बदलाव हो रहे हैं। मोटर, इन्वर्टर, ऑनबोर्ड चार्जर और अन्य पावर इलेक्ट्रॉनिक्स को अब पहले की तरह अलग-अलग यूनिट के रूप में नहीं रखा जा रहा है। इन्हें एकीकृत सिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे गाड़ी का कुल वजन कम होता है और डिजाइन अधिक प्रभावी बनता है। पहले जहां इन हिस्सों को अलग-अलग लगाया जाता था, वहीं अब इन्हें एक कॉम्पैक्ट सिस्टम में बदला जा रहा है। इससे वाहन हल्का होने के साथ-साथ बैटरी की क्षमता बढ़ाने की गुंजाइश भी बनती है और बिना बड़े ढांचे में बदलाव किए गाड़ी की ड्राइविंग रेंज को बेहतर बनाया जा सकता है। बैटरी कीमतों में नरमी से मिल सकता है फायदा वैश्विक स्तर पर बैटरी की कीमतों में धीरे-धीरे कमी आने और तकनीक के बेहतर होने से कंपनियों को उम्मीद है कि इलेक्ट्रिक कारें बेहतर रेंज और प्रदर्शन के साथ बाजार में आएंगी। उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ मॉडलों में कीमत का अंतर अब पारंपरिक इंजन वाली कारों से बहुत कम रह गया है। यदि यह अंतर और घटता है तो ग्राहक इलेक्ट्रिक कारों को ज्यादा तेजी से अपनाने लगेंगे। 10 लाख रुपये से कम का सेगमेंट बना फोकस भारतीय यात्री वाहन बाजार में दस लाख रुपये से कम कीमत वाली कारों की मांग काफी अधिक है और यही वजह है कि कंपनियां इस सेगमेंट पर खास ध्यान दे रही हैं। हाल ही में एक लोकप्रिय इलेक्ट्रिक मॉडल को बैटरी-एज-ए-सर्विस विकल्प के साथ पेश किया गया, जिससे उसकी शुरुआती कीमत और कम कर दी गई। इस व्यवस्था में ग्राहक बैटरी को अलग से सेवा के रूप में ले सकते हैं, जिससे शुरुआती लागत कम हो जाती है। हालांकि बैटरी सेल अभी भी विदेशों से मंगाए जाते हैं, लेकिन बैटरी पैक का डिजाइन और असेंबली देश में ही की जा रही है और धीरे-धीरे स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाने की कोशिश भी जारी है। सस्ती और व्यावहारिक EV से बढ़ेगा अपनाने का चलन ऑटो उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सबसे बड़ा अवसर कम कीमत वाले सेगमेंट में ही है। यदि दस लाख रुपये से कम कीमत में भरोसेमंद और पर्याप्त रेंज देने वाली इलेक्ट्रिक कारें उपलब्ध होती हैं, तो परिवार इन्हें अपनी मुख्य कार के रूप में भी इस्तेमाल करना शुरू कर सकते हैं। जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक वाहन सुलभ, किफायती और रोजमर्रा के उपयोग के लिए सुविधाजनक बनेंगे, वैसे-वैसे इनके प्रति लोगों का भरोसा और बाजार में इनकी हिस्सेदारी दोनों बढ़ती जाएंगी।

2026 में शेयर बाजार का भयानक नुकसान, 48 लाख करोड़ रुपये निवेशकों के हाथ से गए.

 नई दिल्‍ली  शेयर बाजार निवेशकों के लिए कोरोना महामारी के दौर से भी ज्यादा भयानक साल 2026 गुजरा है. इस साल अभी महज ढाई महीने ही बीते हैं, लेकिन जितना नुकसान इतने कम समय में उठाया है, उतना पिछले 15 साल में किसी भी समय नहीं उठाया. भारतीय शेयर बाजार के लिए साल 2026 की शुरुआत तो ठीक रही थी, लेकिन उसके बाद से लगातार दबाव और बिकवाली का ही समय रहा है. आलम यह रहा कि ढाई महीने से भी कम समय में निवेशकों ने 533 अरब डॉलर (48.50 लाख करोड़ रुपये) बाजार में गंवा दिए. आंकड़ों में झांकें तो पता चलता है कि साल 2011 के बाद से अब भारतीय निवेशकों को सबसे ज्‍यादा नुकसान हुआ है. इस साल अभी तक बीएसई पर लिस्‍टेड कंपनयिों का मार्केट कैप 533 अरब डॉलर नीचे आ चुका है, जो 2011 में करीब 625 अरब डॉलर गिरा था. खास बात यह है कि भारतीय शेयर बाजार को हुआ नुकसान मैक्सिको, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका, नॉर्वे, फिनलैंड, वियतनाम और पोलैंड के बाजारों को हुए कुल नुकसान से भी ज्‍यादा है. इतना ही नहीं, भारतीय शेयर बाजार के नुकसान का आंकड़ा चिली, ऑस्ट्रिया, फिलीपींस, कतर और कुवैत को हुए नुकसान से भी दोगुना रहा है. मार्केट कैप एक साल में सबसे कम भारतीय शेयर बाजार में लिस्‍टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप अभी करीब 4.77 ट्रिलियन डॉलर के आसपास है, जो अप्रैल 2025 के बाद से सबसे निचला स्‍तर है. यह साल 2026 की शुरुआत में करीब 5.3 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया था. लिहाजा इसमें सीधे 10 फीसदी की गिरावट दिख रही है. यह गिरावट दिखाती है कि भारतीय शेयर बाजार में साल 2026 की शुरुआत से अब तक किस कदर बिकवाली हावी रही है. जनवरी से ही यहां लगातार उतार-चढ़ाव दिख रहा है. विदेशी निवेशकों की बेरुखी कायम भारतीय शेयर बाजार पर सबसे ज्‍यादा असर डालने वाले विदेशी निवेशकों की बेरुखी 2025 के बाद इस साल भी कायम है. साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों ने लगातार अपने पैसे निकाले हैं. इसके अलावा कंपनियों की कमाई और ट्रेड वॉर की वजह से भी बाजार पर खासा असर दिखा है. टैरिफ से लेकर मिसाइल तक के युद्ध ने पूरी दुनिया के बाजार को हिला दिया है, जिसका भारतीय बाजार पर कुछ ज्‍यादा ही असर दिखा. ईरान युद्ध ने आग में डाला घी. अभी अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से दुनिया संभली भी नहीं थी कि ईरान के साथ-साथ खाड़ी देशों में शुरू हुए युद्ध ने ग्‍लोबल मार्केट को हिलाकर रख दिया. कच्‍चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा पहुंचा है, जिससे भारत में महंगाई और चालू खाते के घाटे के बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है. आयात बिल में होने वाला इजाफा देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर भी दबाव डाल रहा है. बार्कलेस का कहना है कि क्रूड में 10 डॉलर प्रति बैरल का भी इजाफा होता है तो भारत के चालू खाते का घाटा 9 अरब डॉलर बढ़ जाता है.  

नया भारत-US समझौता जल्द हो सकता है, ट्रंप के दूत ने दी उम्मीद की खबर

नई दिल्ली भारत और अमेरिका एक और समझौते पर मुहर लगाने के बेहद करीब हैं। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को यह खुशखबरी देते हुए कहा है कि दोनों देश क्रिटिकल मिनरल्स से जुड़े अहम समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और आने वाले कुछ महीनों में इस पर बड़ी घोषणा हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा है कि दोनों देश मैन्युफैक्चरिंग और नई तकनीकों के लिए जरूरी दुर्लभ खनिज की सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए इस समझौते पर तेजी से काम कर रहे हैं। सर्जियो गोर ने इस पर खुशी जताते हुए कहा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हम क्रिटिकल मिनरल्स समझौते को अंतिम रूप देने के बहुत करीब पहुंच गए हैं। यह समझौता एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी सिस्टम और उभरती तकनीकों के लिए जरूरी सप्लाई चेन को सुरक्षित करने में मदद करेगा। अगले कुछ महीनों में इस पर बड़ी घोषणा होने की उम्मीद है।” सर्जियो गोर ने कहा कि आने वाले महीनों में दोनों देश ठोस नतीजे दिखा सकते हैं। उन्होंने बताया कि दोनों सरकारों में इस साझेदारी को आगे बढ़ाने की मजबूत राजनीतिक इच्छा दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा, “हम कुछ अलग देख रहे हैं। जहां पहले रुकावटें होती थीं, अब वहां प्रगति दिखाई दे रही है। अमेरिका और भारत की साझेदारी की ताकत और गति को बढ़ाने वाली कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां सामने आई हैं।” भारत-अमेरिका के रिश्तों पर क्या बोले? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत ने यह भी कहा है कि भारत और अमेरिका के रिश्ते ऐतिहासिक ऊंचाइयों तक पहुंचने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने हाल में हुए कई महत्वपूर्ण समझौतों और प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी में तीन बड़ी प्रगति हुई है। पहली व्यापार के क्षेत्र में, दूसरी भरोसे और तकनीक के क्षेत्र में और तीसरी रणनीतिक समन्वय के क्षेत्र में। उनके अनुसार यह तीनों पहलू दिखाते हैं कि अमेरिका और भारत की साझेदारी किस दिशा में आगे बढ़ रही है। अंतरिम समझौते पर सहमति इस दौरान अमेरिका-भारत अंतरिम व्यापार समझौते के बारे में बोलते हुए गोर ने कहा कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्था का आकार, लोगों की प्रतिभा और समाज में मौजूद उद्यमशीलता की ऊर्जा यह साफ दिखाती है कि सहयोग की संभावनाएं बहुत बड़ी हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत सिर्फ गति और राजनीतिक इच्छाशक्ति की थी, ताकि इन अवसरों को ठोस परिणामों में बदला जा सके। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका ने बीते 7 फरवरी को एक अंतरिम समझौते पर सहमति जताई थी।

6000 एकड़ औद्योगिक जमीन पर अतिक्रमण, गोविंदपुरा, मंडीदीप व पीथमपुर में 5 हजार करोड़ निवेश का रास्ता बंद

इंदौर /भोपाल  मप्र में कागजों पर उद्योगों के लिए डेढ़ लाख एकड़ जमीन उपलब्ध है लेकिन हकीकत उलट है। प्रदेशभर के औद्योगिक क्षेत्रों की 5-6 हजार एकड़ जमीन अवैध कब्जों से घिरी है। इनमें अवैध कॉलोनियां, गोदाम और व्यावसायिक कब्जे शामिल हैं। नए उद्योगों के लिए जगह ही नहीं मिल पा रही है। इसे मुक्त करा लिया जाए तो 90 हजार लोगों को रोजगार मिल सकता है, वहीं, 4 से 5 हजार करोड़ निवेश भी आ सकता है। लेकिन, राजनीतिक दखल के चलते ये प्रयास सफल नहीं हो पा रहे। भोपाल में 700 एकड़ में फैले गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 180 एकड़ से अधिक अतिक्रमण है। 141 एकड़ जमीन का विवाद एक बिल्डर समूह से हाई कोर्ट में सालों से लंबित है तो 10-15 एकड़ क्षेत्र में 3 झुग्गी बस्तियां बसी हुई हैं। ​पीथमपुर में ही 50 एकड़ जमीन मुक्त कराई गई है। इधर, मप्र औद्योगिक विकास निगम के एमडी चंद्रमौलि शुक्ला कहते हैं, भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के औद्योगिक क्षेत्रों में महिला हॉस्टल बन रहे हैं। अवैध कॉलोनियों और झुग्गियों में रह रही महिला श्रमिकों को इनमें बसाया जाएगा। प्रति एकड़ निवेश टेक्सटाइल में एक करोड़ रुपए प्रति एकड़ से लेकर फार्मा में 6 करोड़ तक निवेश आता है। मल्टी स्टोरी क्लस्टर में 10-12 करोड़ तक है। वहीं, प्रति एकड़ निवेश पर अलग-अलग सेक्टर में 20 से 150 लोगों को नौकरियां मिलती हैं। 15 साल बाद प्रस्ताव पर पहल मंडीदीप इंडस्ट्री एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा, 15 साल पहले हमने पास में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने का प्रस्ताव दिया था ताकि कब्जे न हों और श्रमिकों को आवास मिलें। अब ये पहल हुई है। श्रमिकों के आवास बनेंगे पीएम आवास योजना के तहत निजी बिल्डरों की मदद से औद्योगिक क्षेत्रों के पास श्रमिकों के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट और रेंटल प्रोजेक्ट के तहत आवास बनेंगे। -संकेत भोंडवे, आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास किस तरह के अतिक्रमण…     40% गुमठियां, पार्किंग     35% झुग्गी बस्तियां     25% भूखंड धारकों के अवैध निर्माण  

किसानों को बड़ी राहत: पीएम किसान की 22वीं किस्त से छत्तीसगढ़ के 24 लाख खातों में पहुंचे 498.83 करोड़

रायपुर  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने असम की राजधानी गुवाहाटी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किश्त जारी की। इस दौरान देशभर के 9 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में लगभग 18 हजार 640 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के 24 लाख 71 हजार किसानों के खातों में 498.83 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित प्रधानमंत्री किसान निधि सम्मान योजना राशि अंतरण एवं पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन प्रदेश के किसान भाइयों और बहनों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को हर वर्ष तीन किश्तों में कुल 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जो किसानों के परिश्रम और उनके योगदान के सम्मान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों को अब तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 11 हजार 283 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार बनने के बाद सबसे पहले किसानों को बोनस राशि प्रदान की गई और 13 लाख किसानों के खातों में 3 हजार 716 करोड़ रुपये अंतरित किए गए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के 48 घंटे के भीतर किसानों के खातों में भुगतान सुनिश्चित किया गया। इसके साथ ही कृषक उन्नति योजना के तहत 25 लाख से अधिक किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपये की राशि होली से पहले अंतरित की गई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। सिंचाई के लिए कृषि पंपों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके लिए इस वर्ष के बजट में 5 हजार 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से दो वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजना भी शुरू की गई है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। उन्होंने किसानों से धान के साथ-साथ अन्य फसलों की खेती की ओर भी ध्यान देने की अपील की, जिससे पानी की बचत होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। धरसीवां विधायक  अनुज शर्मा ने भी किसानों को संबोधित करते हुए बधाई दी। इस अवसर पर विधायक  अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर, कृषि विभाग के संचालक  राहुल देव,  छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के एमडी  अजय अग्रवाल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

जूनियर डॉक्टरों की मांग पूरी: MP में बढ़ा स्टाइपेंड, जानें किसे कितनी मिलेगी राशि

भोपाल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की गई है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2.94 के आधार पर यह वृद्धि करते हुए एक अप्रैल 2025 से संशोधित स्टाइपेंड लागू कर दिया गया है। कितने रुपये बढ़ाया गया नए संशोधन के अनुसार पीजी प्रथम वर्ष के डॉक्टरों का स्टाइपेंड 75,444 रुपये से बढ़ाकर 77,662 रुपये कर दिया गया है। वहीं पीजी द्वितीय वर्ष का स्टाइपेंड 77,764 रुपये से बढ़ाकर 80,050 रुपये और तृतीय वर्ष का स्टाइपेंड 80,086 रुपये से बढ़ाकर 82,441 रुपये निर्धारित किया गया है। इसी तरह मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड भी बढ़ाया गया है। पहले जहां इंटर्न को 13,928 रुपये मिलते थे, वहीं अब उन्हें 14,337 रुपये स्टाइपेंड दिया जाएगा। इसके अलावा सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के डॉक्टरों का स्टाइपेंड भी बढ़ाकर 82,441 रुपये तय किया गया है। सीनियर रेजिडेंट का इतना बढ़ा सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 88,210 रुपये से बढ़ाकर 90,803 रुपये कर दिया गया है, जबकि जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 63,324 रुपये निर्धारित किया गया है। इस फैसले से प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे और सेवाएं दे रहे जूनियर डॉक्टरों को सीधा लाभ मिलेगा।  

भू-माफियाओं की अब खैर नहीं! रजिस्ट्री से पहले जमीन के मालिकाना हक की होगी पूरी जांच

लखनऊ उत्तर प्रदेश में जमीन और संपत्ति से जुड़े विवादों, धोखाधड़ी और जालसाजी की घटनाओं को रोकने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार का हालिया कैबिनेट फैसला आने वाले समय में बड़ा बदलाव ला सकता है। रजिस्ट्री से पहले भू-संपत्ति के मालिकाना हक और उससे जुड़े दस्तावेजों की अनिवार्य जांच की व्यवस्था लागू होने से जमीन के लेनदेन को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में नई शुरुआत मानी जा रही है। यह फैसला भू-माफियाओं की कमर तोड़ने का भी काम करेगा साथ ही लोगों की मेहनत की कमाई लुटने से बचेगी। जमीन की खरीद-फरोख्त के मामलों में अक्सर कोई न कोई समस्या सामने आती रहती है। रजिस्ट्री होने के बाद खरीदार को पता चलता है कि जमीन विवादित है, उस पर किसी और का दावा है या फिर दस्तावेजों में गड़बड़ी है। ऐसे मामलों में कई बार लोगों को लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ती है और उनकी मेहनत की कमाई दांव पर लग जाती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद रजिस्ट्री से पहले ही कागजात और मालिकाना हक की जांच होने से ऐसे जोखिम काफी हद तक कम हो सकते हैं। प्रॉपर्टी विशेषज्ञ प्रदीप मिश्रा का कहना है कि यह कदम भविष्य में संपत्ति विवादों की संख्या कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। जब रजिस्ट्री से पहले जमीन की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और दस्तावेजों की पुष्टि हो जाएगी, तब फर्जी सौदे, डुप्लीकेट कागजात और धोखाधड़ी की संभावनाएं स्वतः कम हो जाएंगी। इससे जमीन खरीदने वाले लोगों को भरोसे के साथ निवेश करने का माहौल मिलेगा। यह फैसला भू-माफियाओं और अवैध जमीन कारोबार पर भी प्रभावी चोट साबित होगा। लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों और कानूनी खामियों का फायदा उठाकर कुछ लोग जमीनों की अवैध खरीद-बिक्री करते रहे हैं। यदि रजिस्ट्री प्रक्रिया में ही कड़ी जांच की व्यवस्था लागू होती है, तो ऐसे तत्वों के लिए जमीन से जुड़े फर्जी सौदे करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए भी यह कदम सकारात्मक माना जा रहा है। जब जमीन से जुड़े लेनदेन अधिक पारदर्शी और सुरक्षित होंगे, तो निवेशकों और खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा। इससे शहरी और औद्योगिक विकास की योजनाओं को भी गति मिलने की संभावना है। योगी सरकार पहले से ही भू-माफियाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और अवैध कब्जों को हटाने के अभियान पर जोर दे रही है। ऐसे में रजिस्ट्री से पहले दस्तावेजों की जांच की नई व्यवस्था इस अभियान को और मजबूत आधार देने में सक्षम होगी। आने वाले समय में यह पहल आम लोगों को जमीन से जुड़े जोखिमों से बचाने और संपत्ति बाजार को अधिक विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

कोकराझार से पीएम मोदी का बड़ा ऐलान: 4,570 करोड़ की योजनाएं, ‘असम माला 3.0’ लॉन्च, तीन नई ट्रेनों को हरी झंडी

गुवाहाटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी गुवाहाटी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए असम के कोकराझार में 4,570 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। उन्होंने तीन नई रेल सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई। पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “मौसम खराब होने की वजह से मैं कोकराझार नहीं आ पा रहा हूं। मैं आप सभी का क्षमाप्रार्थी हूं। यहां गुवाहाटी से ही आपसे संवाद संभव हुआ है। मैं दिल्ली से निकला था आपके पास आने के लिए, लेकिन मुझे गुवाहाटी में ही उतरना पड़ा और अब मैं यहां से आपके दर्शन भी कर रहा हूं और आपसे बात भी कर रहा हूं।” उन्होंने कहा कि भाजपा-एनडीए की डबल इंजन सरकार असम की विरासत के संरक्षण और असम के तेज विकास के लिए निरंतर काम कर रही है। आज यहां इस कार्यक्रम में ही इस क्षेत्र के विकास के लिए 4,500 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इसमें से 1,100 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि बोडोलैंड की सड़कों के लिए खर्च होने जा रही है। ‘असम माला अभियान’ के तीसरे चरण से असम की रोड़ कनेक्टिविटी और अधिक सशक्त होगी। इससे पहले, पीएम मोदी ने 3,200 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली एक प्रमुख सड़क इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर परियोजना ‘असम माला 3.0’ की शुरुआत की। इस योजना के तहत, अंतर-राज्यीय संपर्क को बेहतर बनाने और राष्ट्रीय राजमार्गों व ग्रामीण सड़कों के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए असम भर में 900 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) क्षेत्र में लगभग 1,100 करोड़ रुपए के निवेश से निर्मित छह सड़क इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जिनमें चार फ्लाईओवर और दो पुल शामिल हैं। इन परियोजनाओं से कोकराझार जिले में यातायात जाम कम करने और संपर्क, पर्यटन, कृषि, स्वास्थ्य सेवा और ग्रामीण आवागमन में सुधार लाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, पीएम मोदी ने कोकराझार जिले के बाशबारी में आवधिक मरम्मत (पीओएच) कार्यशाला की आधारशिला रखी। पीएम मोदी ने असम और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में संपर्क सुधारने के उद्देश्य से शुरू की गई तीन नई रेल सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई। इनमें कामाख्या-चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल है, जो उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारत के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। गुवाहाटी-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस, असम और पश्चिम बंगाल के बीच संपर्क को बेहतर बनाएगी। वहीं नारंगी-अगरतला एक्सप्रेस असम और त्रिपुरा के बीच संपर्क को सुधारते हुए यात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए अंतर-राज्यीय यात्रा को सुगम बनाएगी।

आर्थिक सशक्तिकरण को मिलेगी नई रफ्तार, सहकारिता मॉडल पर जोर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के कटोरा तालाब में टीजेएसबी सहकारी बैंक की रायपुर शाखा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि रायपुर में टीजेएसबी सहकारी बैंक की नई शाखा खुलने से प्रदेश की सहकारी गतिविधियों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता की भावना हमें सिखाती है कि हम मिलजुलकर आगे बढ़ें और एक-दूसरे को मजबूत बनाएं। मुख्यमंत्री  साय ने टीजेएसबी सहकारी बैंक की रायपुर शाखा में 24 घंटे संचालित एटीएम का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सहकारी बैंक हमेशा आम आदमी के सबसे भरोसेमंद साथी रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस नई शाखा के खुलने से जरूरतमंदों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएँ मिलेंगी। छोटे दुकानदारों, स्वरोजगार करने वालों और अपना काम शुरू करने वाले युवाओं को इससे बड़ी सहायता मिलेगी। इससे स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सहकार से समृद्धि” का जो विजन देश में शुरू हुआ है, उसे छत्तीसगढ़ में भी तेजी से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी सहकारिता के इस मजबूत मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीजेएसबी बैंक ने एक छोटे से प्रयास के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी और आज इसका विस्तार कई राज्यों में हो चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टीजेएसबी बैंक की रायपुर शाखा भी सहकारिता की इसी भावना को आगे बढ़ाएगी और लोगों के जीवन में आर्थिक समृद्धि का नया रास्ता खोलेगी। इस अवसर पर टीजेएसबी बैंक के अध्यक्ष  शरद गांगल, उपाध्यक्ष  वैभव सिंगवी, व्यवस्थापकीय संचालक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी  निखिल आरेकर सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

PM Kisan 22वीं किस्त जारी: करोड़ों किसानों के खाते में आए 2000 रुपये, जानें पूरी जानकारी

नई दिल्ली देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए आज का दिन खुशियां लेकर आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम की धरती से पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) की 22वीं किस्त जारी कर दी है। इस डिजिटल ट्रांसफर के जरिए देशभर के 9.32 करोड़ किसान परिवारों के बैंक खातों में 18,640 करोड़ रुपये की राशि सीधे भेजी गई है। असम से मिली सौगात, खातों में पहुंचने लगा पैसा प्रधानमंत्री ने एक बटन दबाकर योजना की अगली किस्त हस्तांतरित की। गौरतलब है कि इससे पहले 19 नवंबर 2025 को तमिलनाडु से 21वीं किस्त जारी की गई थी। अब 22वीं किस्त के ₹2,000 किसानों के खातों में जमा होना शुरू हो गए हैं। चूंकि एक साथ 9 करोड़ से अधिक खातों में ट्रांजैक्शन किया जाता है, इसलिए तकनीकी कारणों से कुछ किसानों के खातों में पैसा पहुंचने में थोड़ा समय लग सकता है। यदि आपके खाते में अभी तक राशि नहीं आई है, तो घबराने की जरूरत नहीं है, कुछ समय इंतजार करें। अपना बैलेंस और स्टेटस कैसे चेक करें? अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपके खाते में 22वीं किस्त का पैसा आया है या नहीं, तो आप घर बैठे ही आधिकारिक पोर्टल के जरिए अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं।     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।     होमपेज पर दाईं ओर ‘Know Your Status’ के विकल्प पर क्लिक करें।     अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरें।     ‘Get Data’ पर क्लिक करते ही आपके सामने पूरी डिटेल आ जाएगी।     यहां आप देख सकते हैं कि आपको अब तक कितनी किस्तें मिली हैं और 22वीं किस्त का स्टेटस क्या है। पैसा न आने पर क्या करें? यदि स्टेटस में ‘Success’ दिख रहा है लेकिन बैंक से मैसेज नहीं आया है, तो अपनी पासबुक अपडेट कराएं। अगर स्टेटस में कोई समस्या (जैसे ई-केवाईसी या बैंक सीडिंग) दिख रही है, तो उसे तुरंत नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर पर जाकर ठीक कराएं।

इराक में बड़ा हादसा: अमेरिकी टैंकर विमान गिरा, 4 क्रू मेंबर्स की मौत

वाशिंगटन मिडिल ईस्ट में जारी संकट के बीच अमेरिकी वायुसेना को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा है. पश्चिमी इराक में अमेरिकी सेना का एक केसी-135 रिफ्यूलिंग विमान हादसे का शिकार हो गया. इस दौरान विमान में कुल छह क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से चार की मौत हो गई है। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने भी क्रू मेंबर्स की मौत की पुष्टि की है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सेंटकॉम ने बताया कि केसी-135 रिफ्यूलिंग विमान में मौजूद छह में से चार क्रू मेंबर की मौत हो चुकी है, जबकि दो की तलाश और बचाव अभियान जारी है। सेंटकॉम का कहना है कि दुर्घटना के पीछे का कारणों का पता लगाया जा रहा है. अभी जांच जारी है. कुछ सामने आता है तो अधिक जानकारी साझा की जाएगी। अमेरिकी सेना ने साफ़ किया कि विमान हादसे का शिकार किसी दुश्मन के हमले या फ्रेंडली फायर की वजह से नहीं हुआ है. यानि साफ है कि शुरुआती जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना किसी हमले से जुड़ी नहीं है। अमेरिका का केसी-135 विमान एक रिफ्यूलिंग विमान है. इसका इस्तेमाल आसमान में दूसरे सैन्य विमानों को ईंधन देने के लिए किया जाता है. इसे टैंकर विमान भी कहा जाता है. इन विमानों का इस्तेमाल लंबी दूरी के मिलिट्री ऑपरेशनों में बेहद अहम भूमिका निभाती है. सैन्य विमान या फाइटर जेट युद्ध के दौरान बिना ज़मीन पर उतरे लंबे समय तक आसमान में फिर रह सकते हैं और दुश्मनों पर क़हर बरपा सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अमेरिकी सैन्य ताकत की प्रशंसा की CENTCOM की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस बारे में और जानकारी उपलपब्ध होने पर बताया जाएगा। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ‘ईरान हालात बहुत तेजी से बदल रहे हैं।’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने अमेरिकी सैन्य ताकत की प्रशंसा की। ‘ईरान के साथ स्थिति बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है’ व्हाइट हाउस में आयोजित महिला इतिहास माह कार्यक्रम में बोलते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिकी सेनाएं मजबूत प्रदर्शन कर रही हैं और उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा कार्रवाई ईरान से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों से निपट रही हैं। उन्होने कहा कि ‘ईरान के साथ स्थिति बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा है। हमारी सेना का कोई मुकाबला नहीं है। इसके जैसी सेना पहले कभी नहीं रही। किसी ने भी ऐसा पहले कभी नहीं देखा।’ पोर्ट के अनुसार एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त हुआ KC-135 विमान में कम से कम 6 क्रू सदस्य सवार थे. वहीं अमेरिकी सेना की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह दुर्घटना न तो दुश्मन की गोलीबारी से हुई और न ही अपने ही पक्ष की गोलीबारी (फ्रेंडली फायर नहीं था) से. बयान में विमान को “एक नुकसान” बताया गया है। मिडिल ईस्ट में निगरानी करने वाला यू.एस. सेंट्रल कमांड ने कहा कि इस घटना में दो विमान शामिल थे. उनमें से एक सुरक्षित उतर गया, जबकि दूसरा पश्चिमी इराक में गिर गया। इसका पूरा बयान यह था- “यूएस सेंट्रल कमांड को यूएस केसी-135 ईंधन भरने वाले विमान के नुकसान की जानकारी है. यह घटना ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान फ्रेंडली हवाई क्षेत्र में हुई और बचाव प्रयास जारी हैं. घटना में दो विमान शामिल थे. एक विमान पश्चिमी इराक में गिर गया, और दूसरा सुरक्षित रूप से उतर गया. प्लेन न तो दुश्मन देश की फायरिंग से क्रैश हुआ न फ्रेंडली फायर में क्रैश हुआ. जैसे-जैसे स्थिति आगे बढ़ेगी, अधिक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी. हम अतिरिक्त जानकारी जमा करने और जवानों के परिवारों के लिए क्लियरिटी देने के लिए लगातार धैर्य रखने का अनुरोध करते हैं।

क्रिकेटर्स की शादियों का जश्न: कुलदीप-वंशिका की शादी में चहल और रिंकू भी शामिल

मसूरी  टी20 विश्व कप चैंपियन भारतीय टीम के चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव की शादी के फंक्शन उत्तराखंड की पहाड़ों की रानी मसूरी में शुरू हो चुके हैं. आज शुक्रवार को हल्दी और मेहंदी की रस्में हो रहीं हैं. शनिवार को कुलदीप यादव की शादी उनकी बचपन की दोस्त वंशिका चड्ढा से होगी. शादी समारोह में शामिल होने के लिए कुलदीप यादव के साथी क्रिकेटरों का मसूरी में जमावड़ा लगने लगा है. कुलदीप यादव की शादी में शामिल होने पहुंचे टीम के साथी: आज शुक्रवार को सबसे पहले भारतीय क्रिकेट टीम के फील्डिंग कोच टी दिलीप, कुलदीप यादव की शादी के फंक्शन अटेंड करने मसूरी पहुंचे. टी दिलीप को अक्सर आप बीसीसीआई द्वारा जारी किए जाने वाले वीडियो में बेस्ट फील्डर को मेडल देते देखते होंगे. सोशल मीडिया पर इंडियन ड्रेसिंग रूम के ये वीडियो बहुत पसंद किए जाते हैं. खासकर पाकिस्तानी खिलाड़ी भारतीय ड्रेसिंग रूम के ऐसे वीडियो देखकर भौचक्के रह जाते हैं. मंगेतर प्रिया सरोज के साथ पहुंचे रिंकू सिंह: टी दिलीप के बाद रिंकू सिंह, कुलदीप यादव की शादी समारोह में शामिल होने के लिए मसूरी पहुंचे हैं. रिंकू सिंह, कुलदीप के गृह प्रदेश यूपी से आते हैं. रिंकू ने कुलदीप के साथ यूपी से घरेलू क्रिकेट खेला तो कोलकाता नाइट राइडर्स का ड्रेसिंग रूम भी दोनों ने शेयर किया है. रिंकू सिंह अपनी मंगेतर सांसद प्रिया सरोज के साथ समारोह में शामिल होने आए हैं. युजवेंद्र चहल भी शादी में शामिल होने पहुंचे: इसके साथ ही भारतीय क्रिकेट टीम में सालों तक कुलदीप यादव के साथ स्पिन जोड़ी के रूप में खेलने वाले युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) भी साथी की शादी में शामिल होने मसूरी पहुंच चुके हैं. कुलदीप और चहल ने 70 वनडे मैचों में मिलकर 130 विकेट लिए हैं. भारतीय टीम के लिए शानदार सफलता लाने वाली स्पिनरों की इस जोड़ी को दोनों के नाम मिलाकर ‘कुलचा’ कहा जाता है. धोनी और सितारों का जमावड़ा:शादी में शामिल होने के लिए महेंद्र सिंह धोनी अपनी पत्नी साक्षी और बेटी जीवा के साथ मसूरी पहुंच गए हैं। उनके अलावा कुलदीप के करीबी दोस्त युजवेंद्र चहल और रिंकू सिंह भी इस जश्न का हिस्सा बनने पहुंचे हैं। चहल ने मीडिया से बातचीत में कहा भाई की शादी है,तो फुल डांस तो होगा ही! सितारों की इस लिस्ट में मशहूर गायक कैलाश खेर, अभिनेता कुणाल कपूर और टीम इंडिया के फील्डिंग कोच टी दिलीप भी शामिल हैं। कल ‘वंशिका’ के होंगे कुलदीप: कुलदीप अपनी बचपन की दोस्त वंशिका के साथ 14 मार्च को सात फेरे लेंगे। शनिवार को होने वाले मुख्य समारोह में रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव और हेड कोच गौतम गंभीर के पहुंचने की भी उम्मीद है। शादी के डिजिटल कार्ड को काफी मॉडर्न और रॉयल लुक दिया गया है। इसमें कपल ने अपनी जोड़ी को #Kulvansh नाम दिया है। 14 मार्च की शाम 5 बजे कुलदीप की बारात निकलेगी और शाही अंदाज में यह विवाह संपन्न होगा। ये बड़े क्रिकेट भी शादी में आ सकते हैं: कुलदीप यादव की शादी में विराट कोहली, रोहित शर्मा, सूर्य कुमार यादव, अभिषेक शर्मा समेत पूरी टी20 और वनडे टीम के आने की उम्मीद है. गुरुवार को ही कुलदीप क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के देहरादून दफ्तर में शादी का निमंत्रण देने पहुंचे थे. कुलदीप की शादी को लेकर उत्सव जैसा माहौल: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव की शादी को लेकर मसूरी में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है. पहाड़ों की रानी कही जाने वाली मसूरी में आयोजित इस भव्य समारोह की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. होटल प्रबंधन ने मेहमानों के स्वागत के लिए बड़े स्तर पर व्यवस्थाएं की हैं और पूरे आयोजन स्थल को खास तरीके से सजाया गया है. आज शुक्रवार देर शाम यहां हल्दी समारोह का आयोजन किया जाना है. हल्दी समारोह से पहले ही मेहमानों के बीच डांस और मस्ती का दौर शुरू हो गया. शनिवार को होगी शादी: बताया जा रहा है कि भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शिराज के भी देर शाम तक मसूरी पहुंचने की संभावना है. वहीं शनिवार को होने वाले मुख्य विवाह समारोह में भारतीय टीम के कई बड़े सितारों के शामिल होने की उम्मीद है. इनमें टी20 कप्तान सूर्य कुमार यादव, रोहित शर्मा और भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. समारोह वाले होटल की सुरक्षा सख्त: बताया जा रहा है कि शादी समारोह में सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए आम लोगों के प्रवेश पर रोक रखी गई है. केवल आमंत्रित मेहमानों को ही कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति दी जा रही है. समारोह में बॉलीवुड जगत की हस्तियों के साथ-साथ प्रदेश के कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं के भी शामिल होने की संभावना है. मसूरी में हो रही इस हाई-प्रोफाइल शादी को लेकर स्थानीय लोगों और पर्यटकों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. क्रिकेट, बॉलीवुड और राजनीति की बड़ी हस्तियों की मौजूदगी से यह समारोह शहर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है. 

लाड़ली बहना योजना: 1.25 करोड़ महिलाओं को मिली 34वीं किस्त, खातों में आए 1500 रुपये

भोपाल मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए 13 मार्च का दिन खास रहा। उनके लाड़ले भाई प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके खातों में योजना की 34वीं किश्त के रूप में 1500 रुपये ट्रांसफर किए। सीएम डॉ. यादव ने ग्वालियर जिले के घाटीगांव स्थित शबरी माता मंदिर में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में 1.25 महिलाओं के खातों में 1836 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस मौके पर उन्होंने 121 करोड़ रुपये की लागत के 54 विकासकार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत बड़ी से बड़ी कठिन परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें प्रदेश की बहन बेटियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना के तहत 33 किश्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है। इस अवधि में 54,140 करोड़ रुपये की राशि बहनों के खातों में सीधे ट्रांसफर की गई है। आज नवरात्रि से पहले बहनों को 1500 रुपए की सौगात मिली है। महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में हमारी सरकार ने लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की है। इससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अब लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इस दिशा में हमारी सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। खुला सौगातों का पिटारा     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भितरवार में 122 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इसमें 40 करोड़ लागत के भव्य सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण और नए पुल का भूमिपूजन भी शामिल है।     डबरा के जौरासी गांव में डॉ भीमराव अंबेडकर स्मारक के लिए दूसरे चरण में 12.5 हजार करोड़ के भूमि पूजन किया जाएगा।     कुलैथ, डबरा और मुरार में 50-50 सीट के बालक बालिका छात्रावास का पूजन हो रहा है। आईएसबीटी के पास 7 करोड़ की लागत से श्रमिक विश्रामगृह का निर्माण किया जा रहा है।     उन्होंने कहा 2024 से अब तक ग्वालियर में 220 औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है।     यहां 12.5 हजार करोड़ के निवेश से हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और लोगों की जिंदगी बदलेगी। सीतापुर में फुटवियर क्लस्टर का निर्माण किया जा रहा है।     मुरैना में हाइड्रोजन निर्माण के लिए नया कारखाना लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिवपुरी के कूनो नेशनल पार्क में चीता अपना कुनबा बढ़ा रहा है।     माधव नेशनल पार्क अब टाइगर, घड़ियाल और कछुआ के लिए पहचान बना रहा है। किसान कल्याण वर्ष में हमारी सरकार ने किसानों को 40 रुपये बोनस देखकर गेहूं खरीदने का निर्णय लिया है।     प्रदेश में पशुपालन एवं दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नई योजना की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ये घोषणाएं सीएम डॉ. यादव ने कहा कि भितरवार पीएचसी को सिविल अस्पताल बनाएंगे। घाटीगांव के उप स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कराएंगे। भितरवार और घाटीगांव में युवाओं के कौशल विकास के लिए आईटीआई केंद्र की स्थापना करेंगे। भितरवार में मां शबरी माता का भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि का सर्वे कराया जाएगा। संस्कृति विभाग के माध्यम से भगवान देवनारायण मंदिर में आयोजन होंगे। लिखी जा रही विकास की नई इबारत     कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भितरवार विधानसभा क्षेत्र को माता शबरी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है।     प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।     लाडली बहनों को आज योजना की 34वीं किश्त सीधे बैंक खाते में मिल रही है।     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का संकल्प लिया है।     भारत अब अमृतकल से आगे शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है।     बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के बगैर विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकता है। इसीलिए मध्य प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना की शुरुआत की गई है।     प्रदेश की लाड़ली बहनों को आगामी वर्षों में प्रति माह 3000 तक दिए जाएंगे।     इस दौरान जल संसाधन मंत्री एवं ग्वालियर जिले के प्रभारी तुलसीराम सिलावट ने कहा कि हमारी सरकार ने जो कहा है, वह किया है।     प्रदेश के अन्नदाता को समृद्ध बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकल्प लिया है।  

सरकार का बड़ा फैसला: LPG कमी के बावजूद होटल-रेस्तरां की रसोई नहीं होगी बंद

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में जंग के कारण पैदा हुए वैश्विक गैस संकट के बीच सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. इसमें होटल-रेस्तरां इंडस्ट्री को राहत देने की तैयारी है. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में कमर्शियल एलपीजी की मौजूदा स्थिति और इसका होटल-रेस्तरां तथा पर्यटन सेक्टर पर पड़ रहे असर पर चर्चा की गई. सरकार ने हालात को संभालने के लिए तुरंत कुछ कदम उठाने का फैसला किया है. आज से व्यवसायों को हर महीने की औसत कमर्शियल LPG जरूरत का करीब 20 फीसदी कोटा दिया जाएगा, ताकि होटल और रेस्तरां की रसोई चलती रहे। इसके अलावा होटल और रेस्तरां को अतिरिक्त गैस सप्लाई देने के उपायों पर भी काम किया जा रहा है. पेट्रोलियम और पर्यटन मंत्रालय आपस में मिलकर और उद्योग से जुड़े लोगों के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे, ताकि हालात पर नजर रखी जा सके और समस्याओं का जल्दी समाधान किया जा सके. सरकार का कहना है कि गैस की मौजूदा परेशानी चल रहे युद्ध की वजह से पैदा हुए वैश्विक संकट का हिस्सा है। होटल इंडस्ट्री परेशान दरअसल, पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग ने वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है. भारत में 80-85 प्रतिशत एलपीजी आयात इसी इलाके से होता है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से. जहाजों की आवाजाही रुकने से देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों (नीले रंग वाले) की भारी कमी हो गई है. होटल, रेस्तरां, ढाबे और पर्यटन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हैं. कई शहरों जैसे मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता और दिल्ली में रेस्तरां मेन्यू कम कर रहे हैं, कुछ बंद हो रहे हैं या समय कम कर रहे हैं. मुंबई में 20 प्रतिशत तक होटल-रेस्तरां बंद हो चुके हैं, और अगर हालात नहीं सुधरे तो दो-तीन दिनों में 50 प्रतिशत तक बंद हो सकते हैं. बेंगलुरु में होटल एसोसिएशन ने चेतावनी दी थी कि सप्लाई बंद रहने पर हजारों जगहें बंद हो जाएंगी। घरेलू सेक्टर पर जोर बैठक के बाद पुरी ने कहा कि ये समस्या वैश्विक है, जंग की वजह से पैदा हुई है, लेकिन सरकार घरेलू उपभोक्ताओं (घरों में इस्तेमाल वाली गैस) को प्राथमिकता दे रही है. घरेलू क्षेत्र कुल खपत का 87 प्रतिशत है, जबकि कमर्शियल सिर्फ 13 प्रतिशत. सरकार ने तुरंत राहत के कदम उठाए हैं. आज से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) व्यवसायों को उनकी औसत मासिक कमर्शियल एलपीजी जरूरत का करीब 20 प्रतिशत कोटा देंगी. राज्य सरकारों के साथ मिलकर ये कोटा असली जरूरतमंदों को दिया जाएगा, ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी न हो. ये कदम ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए है. इसके अलावा अतिरिक्त गैस सप्लाई के उपायों पर काम चल रहा है. पेट्रोलियम और पर्यटन मंत्रालय मिलकर उद्योग से जुड़े लोगों के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे।

स्वदेशी मेला 2026 की शुरुआत, सीएम विष्णु देव साय करेंगे औपचारिक उद्घाटन

 भिलाई  स्वदेशी जागरण फाउंडेशन की इकाई भारतीय विपणन विकास केंद्र CBMD द्वारा आयोजित होने वाले स्वदेशी मेले का भव्य शुभारंभ जयंती स्टेडियम के सामने मैदान में शुक्रवार शाम 7 बजे किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और मेले का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम करेंगे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा, विशिष्ट अतिथि प्रेम प्रकाश पांडेय-पूर्व विधानसभा अध्यक्ष छत्तीसगढ़, विधायक ललित चंद्राकर, रिकेश सेन, देवेंद्र यादव, महापौर नगर निगम भिलाई नीरज पाल, महापौर नगर निगम दुर्ग अलका बाघमार, दीपक शर्मा अखिल भारतीय विचार विभाग प्रमुख, जगदीश पटेल, प्रांत संयोजक स्वदेशी जागरण मंच, अमर बंसल प्रांत स्वदेशी मेला प्रमुख, सतीश थोरानी अध्यक्ष छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, व्यापारी वर्ग, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित रहेंगे। स्वदेशी मेला प्रांत प्रमुख अमर बंसल, प्रबंधक सुब्रत चाकी, मेला संयोजक अजय भसीन ने बताया कि मेला स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने, स्थानीय उद्यमियों को मंच प्रदान करने और भारतीय संस्कृति एवं परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। मेले में 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें स्वदेशी उत्पाद, हस्तशिल्प, वस्त्र, घरेलू उद्योग, दैनिक उपयोग की सामग्री सहित कई नवाचारपूर्ण उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री की जाएगी। मेले में आने वाले लोगों के लिए मनोरंजन के विशेष आकर्षण भी रखे गए हैं। बच्चों और परिवारों के लिए आकर्षक झूले एवं मनोरंजन गतिविधियाँ उपलब्ध रहेंगी। इसके साथ ही स्वाद प्रेमियों के लिए एक विशेष फूड जोन बनाया गया है, जहाँ विभिन्न प्रकार के पारंपरिक और आधुनिक व्यंजन उपलब्ध होंगे। इसके अलावा मेले में ऑटोमोबाइल जोन भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा, जहाँ विभिन्न कंपनियों के नवीनतम वाहनों और तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। स्वागत समिति के अध्यक्ष दिनकर बसोतिया ने बताया कि स्वदेशी मेले में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, कला और परंपराओं की भी झलक देखने को मिलेगी, जिससे यह आयोजन केवल व्यापारिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक उत्सव का रूप लेगा। विपणन प्रबंधक जीआर जगत व जयेश पांचाल ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने परिवार और मित्रों के साथ मेले में पहुँचकर स्वदेशी उत्पादों को अपनाने, स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन देने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने में सहभागी बनें। मीडिया प्रभारी शंकर सचदेव के मुताबिक मेला काफी रोमांचक होने वाला है। शहरवासियों से अपील की गई कि परिवार संग जरूर आएं।

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