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प्रयागराज महाकुंभ 2025 मानव इतिहास का सबसे बड़ा आयोजन, इससे पहले ऐसी सहभागिता का प्रमाण नहीं

महाकुम्भनगर  तीर्थराज प्रयागराज की धरती पर बीते 13 जनवरी से आयोजित हो रहे महाकुंभ मेला ने बुधवार को महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान पर्व पर 65 करोड़ का आंकड़ा पारकर इतिहास रच दिया। महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान पर्व पर सुबह 8 बजे तक ही लाखों लोगों ने स्नान कर इस महारिकॉर्ड को स्थापित कर इस महाकुम्भ को संख्या के लिहाज से इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया। दावा किया जा रहा है कि कुंभ ही नहीं, दुनिया के किसी भी आयोजन में आज तक एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोग नहीं जुटे हैं, जितने 45 दिनों के अंदर प्रयागराज में बनाए गए एक अस्थायी शहर में जुट गए। यह संख्या कई देशों की आबादी से भी कई गुना अधिक है। अब तक 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में सनातन आस्था की पावन डुबकी लगाई है। कई देशों की आबादी से ज्यादा लोग कर गए स्नान 65 करोड़ श्रद्धालुओं के किसी एक स्थान पर जुटने का इतिहास में और कोई उदाहरण नहीं दिखाई देता। सनातन के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था, दृढ़ निश्चय और विश्वास का ही यह फल है कि संगम तट पर इतना विशाल जनसमूह 45 दिनों में एकत्र हो गया। यदि इस संख्या की दुनिया भर के देशों की आबादी से तुलना की जाए तो कई देशों की आबादी इसमें समा जाएगी। उदाहरण के तौर पर अमेरिका की दोगुनी से ज्यादा, पाकिस्तान की ढाई गुना से अधिक और रूस की चार गुनी से ज्यादा आबादी के बराबर श्रद्धालु यहां अब तक आ चुके हैं। यही नहीं, जापान की 5 गुनी आबादी, यूके की 10 गुनी से ज्यादा आबादी और फ्रांस की 15 गुनी से ज्यादा आबादी ने यहां आकर त्रिवेणी संगम में पावन डुबकी लगा ली है। देश की लगभग आधी आबादी ने लगाई डुबकी तीर्थराज प्रयागराज में आयोजित इस महाकुम्भ में संख्या के लिहाज से भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में सनातन धर्म को मानने वाले करोड़ों श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। यदि देश की कुल जनसंख्या से स्नानार्थियों की तुलना की जाए तो इसके अनुसार भी लगभग 50 प्रतिशत भारत ने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा ली है। वहीं अगर सनातन धर्मावलंबियों की बात करें तो देश के 60 प्रतिशत से ज्यादा और दुनिया के करीब 55 प्रतिशत सनातनी श्रद्धालुओं ने पावन स्नान कर लिया है। 45 दिन तक चले इस आयोजन में श्रद्धा की डुबकी लगाने के लिए दुनिया भर से श्रद्धालु जुटे हैं। 73 देशों के राजनयिकों के साथ भूटान नरेश नामग्याल वांगचुक समेत तमाम देशों के अतिथि यहां अमृत स्नान करने पहुंचे। यही नहीं, मां जानकी के मायके नेपाल के 50 लाख से अधिक लोग अब तक त्रिवेणी के पवित्र जल में स्नान कर महाकुम्भ के साक्षी बन चुके हैं। इसके अलावा इटली, फ्रांस, यूके, पुर्तगाल, अमेरिका, इजराइल, ईरान, मॉरीसस समेत दुनिया के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं। सीएम योगी की उम्मीदों के पार पहुंचा श्रद्धालुओं का आंकड़ा मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य मां सरस्वती के पवित्र संगम में श्रद्धा और आस्था से ओत-प्रोत साधु-संतों, श्रद्धालुओं, स्नानार्थियों और गृहस्थों का स्नान अब उस शिखर के भी पार पहुंच गया है, जिसकी महाकुम्भ से पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उम्मीद जताई थी। सीएम योगी ने अनुमान जताया था कि इस बार जो भव्य और दिव्य महाकुम्भ का आयोजन हो रहा है, वह स्नानार्थियों की संख्या का नया रिकॉर्ड स्थापित करेगा। उन्होंने शुरुआत में ही 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई थी। हालांकि, श्रद्धालुओं की संख्या सीएम योगी के अनुमान से भी आगे निकल गई। बीती 11 फरवरी को ही 45 करोड़ श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार हो गया, जबकि 22 फरवरी को यह संख्या 60 करोड़ से भी ऊपर पहुंच गई। महाशिवरात्रि पर 65 करोड़ की संख्या पारकर इसने नया कीर्तिमान बना दिया।

राष्ट्रपति बोलीं- संतों ने हमेशा समाज को सही राह दिखाई, वर-वधु को दी बधाई

छतरपुर खजुराहो स्थित बागेश्वर धाम में 251 जोड़ों का सामूहिक विवाह महोत्सव हो रहा है। कार्यक्रम में बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को हनुमान यंत्र भेंट किया।बागेश्वर धाम पर आयोजित होने वाले कन्या विवाह समारोह की घड़ी आ गई है। आज महाशिवरात्रि पर्व पर 251 बेटियां परिणय सूत्र में बंधेंगी और उनको आशीर्वाद देने के लिए राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु पहुंच गई हैां। समूचा बागेश्वर धाम आज जनकपुर जैसा लग रहा है। बागेश्वर धाम में राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय परंपरा में संतों ने सदियों से अपने कर्म और वाणी से जनमानस को राह दिखाई है। उन्होंने समाज में फैले अंधविश्वासों के बारे में लोगों को जागरूक किया है, छुआ-छूत और ऊंच-नीच के भेद-भाव को दूर करने की सीख दी है। आज जब हमारा देश वूमन डेवलपमेंट से वूमन लीड डेवलपमेंट की ओर अग्रसर है तब समाज के सभी लोगों का कर्तव्य बनता है कि वे बेटियों और बहनों को सबल और सक्षम बनाने में अपना योगदान दें। 251 घोड़े कहां से लाए, महाराज जी गजब कर दिया… मध्य प्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव छतरपुर में सामूहिक विवाह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि 215 घोड़े कहां से लाए, महाराज जी गजब कर दिया आपने… मुख्यमंत्री ने कहा कि बागेश्वर धाम अलग तरह का कीर्तिमान बना रहा है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव छतरपुर पहुंचे। जहां उन्होंने बागेश्वर धाम में आयोजित सामूहिक विवाह महोत्सव में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को प्रणाम किया। सीएम ने कहा कि आज का आनंद अद्भुत है। पिछले साल भी मैं यहां आया था, बीते वर्ष 151 और इस साल 251, जो आंकड़ा देखा 669 बेटियों का विवाह अभी तक आपने किया है, कई तरह के संदेश इस विवाह समारोह से दिया गया। यह जोड़े मां पार्वती और शंकर के रूप में दिखाई दे रहे है। वहीं सीएम डॉ यादव ने कहा कि ये 251 घोड़े कहां कहां से लाए, महाराज जी गजब कर दिया, लेकिन आपने ने जातिगत भावनाओं को कुचला और सामाजिक समरता का उदारहण दिया है। ये हमारे लिए सौभाग्य की बात है। आज आपने अश्वमेघ के घोड़े के समान दिग्विजय घोड़े के समान ये घोड़े लाए हैं, जिन्होंने समाज की असमानता को तोड़ दिया। शासन, सत्ता और संत की त्रिवेणी की मौजूदगी में ये विवाह का काम किया। जातियों की दीवारें टूटें और सद्भावना बने ये काम किया है। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से 51 हजार रुपए देने की भावना है, इसलिए सरकार की योजना का लाभ यहां आए जोड़ों को मिलेगा। धीरेंद्र शास्त्री बोले- बेटियां गर्व से ससुराल में रहेंगी  बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को हनुमान यंत्र और बालाजी की फोटो भेंट किया। वहीं महामहिम ने दूल्हों और दुल्हनों के लिए सूट और साड़ियां लेकर आई हैं। उन्होंने सभी को भेंट दी। छतरपुर के खजुराहो स्थित बागेश्वर धाम में 251 जोड़ों का सामूहिक विवाह महोत्सव हो रहा है। इस कार्यक्रम में शामिल होने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंच गई हैं। वे एयरफोर्स के विमान से खजुराहो एयरपोर्ट पर आईं। जहां राज्यपाल मंगूभाई पटेल और सीएम डॉ मोहन यादव ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति वहां से हेलीकॉप्टर से बागेश्वर धाम पहुंचीं। जहां उन्होंने बालाजी मंदिर के दर्शन किए। दर्शन पूजन के बाद वे सामूहिक विवाह के लिए बने पंडाल के मंच पर पहुंचीं। कार्यक्रम शुरू होने से पहले राष्ट्रगान गाया गया। इसके बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने राष्ट्रपति को बालाजी की फोटो भेंट की है। वहीं प्रेसिडेंट ने विवाह कर रहे जोड़ों को सूट और साड़ियां भेंट की है। इस कार्यक्रम में राज्यपाल मंगूभाई पटेल और सीएम डॉ मोहन यादव भी मौजूद हैं। बेटियों को बोझ मत समझो धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि जिस दिन हमने अपनी बहन का विवाह जैसे-तैसे लोगों से उधार लेकर किया उसी दिन ठान लिया था कि आज हमें बहन के विवाह में इतना निराश होना पड़ रहा है, भगवान ने हमें सामर्थ्यवान बनाया तो भारत में बेटियों के विवाह के लिए किसी को निराश नहीं होना पड़ेगा। बेटियों को बोझ मत मानो, बेटियां, बेटों से कम है क्या ? बेटियों कम होती तो हमारी बेटियां बड़े-बड़े शिखर पर नहीं पहुंचतीं। बेटियों के विवाह की खुशियां फैली चारों तरफ बेटियों के विवाह की खुशियां फैली हैं। बागेश्वर धाम सज धज कर अपने 251 दूल्हों के स्वागत के लिए आतुर है। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने सभी जमाइयों को घोड़े पर बैठाकर उनकी बरात निकलवाएंगे। महाराज श्री का संकल्प है कि किसी के बीच जाति पांति और ऊंच नीच का भेदभाव न हो। मंगलवार को केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, महाराष्ट्र के मंत्री सतेन्द्र सिंह राठौर ने आकर महाराजश्री का आशीर्वाद लिया। राष्ट्रपति बोलीं- संतों ने हमेशा समाज को सही राह दिखाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, भारतीय परंपरा में संतों ने सदियों अपने कर्म और वाणी से जन मानस को राह दिखाई है। सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाई है। अंधविश्वास के बारे में लोगों को जागरूक किया है। चाहे गुरुनानक हों, रविदास हों या संत कबीर दास हों, मीराबाई हों या संत तुकाराम, सभी ने समाज को सही राह दिखाई है। राष्ट्रपति ने कहा- धीरेंद्र शास्त्री को धन्यवाद देती हूं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, सभी जोड़ों को बधाई देती हूं। सभी को सुखमय जीवन की शुभकामनाएं। आपको विवाह सूत्र में बांधने वाले बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को धन्यवाद देती हूं। विवाहित जोड़ों को गृहस्थी के सामान के साथ-साथ जीवनयापन के लिए आटा चक्की और सिलाई मशीन भी दी जा रही है। राज्यपाल ने वर-वधु को दी बधाई राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा, सभी वर-वधु को बधाई। बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री ने गरीब और वंचित बेटियों के विवाह का समारोह किया ये अनुकरणीय है। सामूहिक विवाह समारोहों से भावी पीढ़ियों को अच्छे संस्कारों की सीख मिलती है। सीएम बोले- 251 घोड़े कहां से लाए, गजब कर दिया सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा, आज बागेश्वर धाम नया कीर्तिमान बना रहा है। आपने जातिगत संघर्ष को तोड़ने का काम किया है। ये हमारे लिए सौभाग्य की बात है। 251 घोड़े कहां-कहां से लाए महाराज गजब कर दिया आपने। आज आपने … Read more

सरगुजा में बोलेरो और कंटेनर के बीच टक्कर, 4 लोगों की मौत, 7 लोग गंभीर रूप से घायल

सरगुजा छत्तीसगढ़ के सरगुजा में बोलेरो और कंटेनर के बीच टक्कर हो गई। हादसे में 4 लोगों की मौके पर मौत हो गई है। जबकि 7 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने ट्रक में आग लगी दी। बोलेरो सवार महाशिवरात्रि पर मंदिर दर्शन कर लौट रहे थे। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा नेशनल हाईवे-43 पर मंगरी और बालमपुर के बीच बुधवार दोपहर करीब 12.30 बजे हुआ है। हादसे के बाद बोलेरो पलट गई। जिससे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मरने वालों में एक महिला, एक बच्चा और दो पुरुष शामिल हैं। गुस्साए भीड़ ने ट्रक में लगाई आग हादसे के बाद लोग बोलेरो के अंदर ही फंस गए। जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। सभी घायलों को सीतापुर सीएचसी अस्पताल भेजा गया है। जहां इलाज चल रहा है। हादसे में ट्रक ड्राइवर भी घायल हुआ है। घटना के बाद गुस्साए भीड़ ने ट्रक में आग लगा दी। जिसे पुलिस कर्मियों ने बुझा लिया है। किलकिला शिव मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे बताया जा रहा है कि, बोलेरो क्रमांक CG 15 ED 7078 में सवार होकर 11 लोग महाशिवरात्रि पर किलकिला शिव मंदिर गए थे। सुबह दर्शन कर अपने घर रेवापुर-सखौली लौट रहे थे। इसी दौरान ब्लैक स्पॉट वाली जगह पर हादसा हो गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।  

निवेशकों को सभी सुविधाएं, लाभ और सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध: राज्य मंत्री लोधी

प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में पर्यटन में निवेश के अनंत अवसर और असंख्य संभावनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजनीतिक क्षेत्र में नहीं होता तो आज टूरिज्म श्रेत्र में व्यवसाय कर रहा होता:केंद्रीय मंत्री शेखावत निवेशकों को सभी सुविधाएं, लाभ और सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध: राज्य मंत्री लोधी अगले महीने पूरे परिवार के साथ मध्यप्रदेश घूमने आऊंगा, एमपी सुंदर, विलक्षण और अद्भुत : अभिनेता पंकज त्रिपाठी पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में मिले 4468 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जीआईएस में टूरिज्म समिट में निवेशकों और उद्योगपतियों ने जाने निवेश के अवसर और संभावनाएं भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में पर्यटन में निवेश के अनंत अवसर और असंख्य संभावनाएं मौजूद है। पर्यटकों में निवेशकों के लिए सभी सुविधाएं और हर पर्यटक के लिए कुछ न कुछ खास अगर किसी प्रदेश में है तो वह मध्यप्रदेश है। प्रदेश में पर्यटन के बढ़ते हुए अवसरों और निवेश को देखते हुए मुझे विश्वास है कि आगामी समय में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सिर्फ पर्यटन पर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस के दौरान टूरिज्म समिट को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचनाओं और सुविधाओं के विकास, कनेक्टिविटी बढ़ाने और पर्यटकों को अविस्मरणीय पर्यटन अनुभव प्रदान करने के सतत प्रयास किए जा रहे है।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव  ने कहा कि पर्यटकों में विश्वास बढ़ाने के लिए नियमित वायु सेवा का संचालन शासन के निर्देशानुसार किया जा रहा है। सामान्य यात्रियों के लिए उचित दरों पर हवाई सेवा के अलावा आयुषमान कार्ड धारकों के लिए निःशुल्क और एम्बुलेंस की सुविधा प्रदेश में उपलब्ध है। वन्यजीव पर्यटन का अनुभव कराने के साथ साथ यहां पर्यावरण संरक्षण और सहअस्तित्व की अवधारणा पर कार्य किया जाता है। वन्यजीव बिना डर के गांव में विचरण करते हुए नजर आते है। श्योपुर में चीते आसपास के गांव में तो बाघ भोपाल में शहरी इलाकों में विचरण करते हुए दिखते है। पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन ऐसा सिर्फ मध्यप्रदेश में संभव है। मध्यप्रदेश चीता, बाघ, घड़ियाल, तेंदुआ के साथ वल्चर स्टेट भी है। टाइगर रिजर्व की संख्या में भी वृद्धि हो रही हैं।   केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आने वाले समय में भारत के विकास में योगदान देने वाले तीन क्षेत्रों टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल और टूरिज्म को बताया है। वर्ष 2047 तक भारत की जीडीपी में पर्यटन का योगदान बढ़कर 10% से अधिक होगा। भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। इस वर्ष बजट में इनकम टैक्स में छूट दिए जाने से मध्यम वर्ग में खर्च करने की सीमा बढ़ी है। इसका सीधा लाभ पर्यटन श्रेत्र को मिलेगा। जिसे देश और प्रदेश में बढ़ती हुई घरेलू पर्यटकों की संख्या के रूप में देखा जा सकता हैं। इन्हीं सब परिस्थितियों को देखते हुए मध्यप्रदेश में टूरिज्म के श्रेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं है। अगर राजनीतिक क्षेत्र में नहीं होता तो आज टूरिज्म श्रेत्र में व्यवसाय कर रहा होता। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने सभी निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं के द्वार पर खड़ा है। यहां जो भी अवसर मिले वहां निवेश करें। मेरा विश्वास है कि आपका निवेश आपको निराश नहीं करेगा। संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने पर्यटन के श्रेत्र में निवेशकों के लिए आकर्षक नीतियां बनाई है। हम निवेशकों को सभी सुविधाएं, लाभ और सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही अब मध्यप्रदेश फिल्म निर्माण का सबसे उपयुक्त स्थान बन गया है। अभी हाल में ही कई ब्लॉकबस्टर फिल्म मध्यप्रदेश में शूट हुई है। राज्य मंत्री लोधी ने सभी निवेशकों, उद्योगपतियों और पर्यटकों को मध्यप्रदेश में पर्यटन और निवेश के लिए आमंत्रित किया। अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने मध्यप्रदेश में शूटिंग के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि करीब 20 वर्ष पहले एक फिल्म में मध्यप्रदेश में गाइड की भूमिका निभाई थी। उस वक्त मैने एमपी की खूबसूरती देखी। तब से एमपी से प्यार हो गया। एमपी से जुड़ाव पहले से था और ब्रांड एम्बेसडर बाद में बना। घरेलू पर्यटकों को बताना होगा कि पर्यटन के लिए विदेश जाने की जरूरत नहीं है, सब कुछ एमपी में ही है। मैं खुद अगले महीने पूरे परिवार के साथ मध्यप्रदेश घूमने आऊंगा। मध्यप्रदेश से हृदय से जुड़ा हुआ हूं। एमपी सुंदर, विलक्षण और अद्भुत है   प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग और प्रबंध संचालक म.प्र. टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने प्रदेश में पर्यटन की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विशेषताओं, पर्यटन परियोजनाओं और निवेश के अवसरों पर प्रेजेंटेशन दिया। पर्यटन नीति 2025 और फिल्म पर्यटन नीति 2025 के तहत निवेशकों को मिलने वाले आकर्षक लाभ, अनुमति के लिए पारदर्शी और सिंगल विंडो सिस्टम, उपलब्ध लैंड पार्सल, अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट, रोड रेल और एयर कनेक्टिविटी आदि के साथ आगामी पीपीपी प्रोजेक्ट्स आदि को विस्तार से समझाया। अध्यक्ष, एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष पद्मअजीत बजाज, , कार्यकारी उपाध्यक्ष इंडियन होटल्स कंपनी लि. रोहित खोसला, इतिहासकार पद्मके.के. मोहोम्मद,  हेड कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन्स एंड कॉर्पोरेट एफेयर्स मेक माई ट्रिप समीर बजाज, निदेशक जेहनुमा होटल्स अलि राशिद, अभिनेता विजय विक्रम सिंह भी विशेष रूप से मौजूद थे। अपर प्रबंध संचालक सुबिदिशा मुखर्जी ने आभार व्यक्त किया। केंद्रीय मंत्री शेखावत और राज्यमंत्री लोधी की गरिमामयी उपस्थिति में प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र के विस्तार और सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से एमपी टूरिज्म बोर्ड द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में 6 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में मिले 4468 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव राज्य में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में कुल 4468 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह निवेश राज्य में क्रूज पर्यटन, फिल्म निर्माण, होटल-रिजॉर्ट निर्माण, वाटर पार्क, गोल्फ कोर्स, अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट जैसी परियोजनाएं के साथ ही पर्यटन सुविधाओं में विस्तार के लिये प्रस्तावित है। इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) द्वारा विभिन्न नेशनल पार्क, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में होटल्स की स्थापना के लिए 1960 करोड़ का निवेश प्रस्ताव, अयोध्या क्रूज लाइन्स द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से क्रूज पर्यटन परियोजना, नॉलेज मरीन एंड इंजीनियरिंग वर्क्स लिमिटेड (KMEW) द्वारा 70 करोड़ रुपये में क्रूज पर्यटन परियोजना, ट्रेजर ग्रुप इंदौर द्वारा … Read more

मुख्यमंत्री ने किया ‘विक्रमोत्सव कलश यात्रा’ का शुभारंभ, साहित्यिक, सांस्कृतिक और विज्ञान आधारित आयोजन होंगे

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर उज्जैन में ‘विक्रमोत्सव 2025’ की भव्य कलश यात्रा का शुभारंभ किया। ये उत्सव 26 फरवरी से 30 मार्च 2025 तक चलेगा जिसमें कई तरह के साहित्यिक, सांस्कृतिक और विज्ञान आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आज कलश यात्रा के शुभारंभ अवसर पर कई गणमान्य नागरिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। विक्रमोत्सव महादेव के महोत्सव से जुड़ा एक विशेष आयोजन है जो इस बार सम्राट विक्रमादित्य के युग, भारत के गौरव, नवजागरण और भारतीय विद्या पर केंद्रित रहेगा। इस दौरान कई साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। साथ ही ज्योतिष, विचार गोष्ठियां, इतिहास और विज्ञान से जुड़े आयोजन भी होंगे। साथ ही विक्रम व्यापार मेला भी लगेगा जिसमें लोक और जनजातीय संस्कृति पर आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने किया ‘विक्रमोत्सव कलश यात्रा’ का शुभारंभ सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज महाशिवरात्रि पर उज्जैन में 26 फरवरी से 30 मार्च 2025 तक आयोजित होने वाले ‘विक्रमोत्सव 2025’ में कलश यात्रा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ‘यह विक्रमोत्सव हमारी गौरवशाली संस्कृति एवं लोक कलाओं की जीवंतता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।’ विक्रमोत्सव के तहत उज्जैन सहित प्रदेश की अन्य जगहों पर भी सम्राट विक्रमादित्य, भारतीय ऋषि-वैज्ञानिक परंपरा और देवी अहिल्याबाई से जुड़ी प्रदर्शनियां लगाई जाएं। इसी के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी जानकारियों को लोगों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न आयोजन होंगे। साहित्यिक, सांस्कृतिक और विज्ञान आधारित आयोजन होंगे इस दौरान कई साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।विक्रमोत्सव में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन होगा जिसमें भीली और गोंडी जैसी जनजातीय बोलियों के कवियों को भी आमंत्रित किया जाए।, शोधपरक पुस्तकों ग्रंथों का विमोचन होगा और विक्रम पंचांग का प्रकाशन भी किया जाएगा। साथ ही सम्राट विक्रमादित्य पर लिखे गए गीत, कविताओं और रचनाओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, जाणता राजा नाटक की तरह ही सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित एक भव्य नाटक तैयार किया जाए और इसे प्रदेश के कई शहरों के साथ देशभर के प्रमुख नगरों में प्रस्तुत किया जाएगा। इसी के साथ, मुख्यमंत्री ने विक्रमोत्सव में होने वाले राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन में ड्रोन और रोबोटिक-शो के आयोजन के निर्देश दिए हैं। विज्ञान सम्मेलनों में इसरो सहित अन्य महत्वपूर्ण विज्ञान और शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों को आमंत्रित किया जाएगा। इस प्रकार विक्रमोत्सव संस्कृति, समाज और अर्थव्यवस्था से जुड़ी गतिविधियों को एक साथ जोड़कर विरासत से विकास की दिशा में एक अनूठा आयोजन होगा।

मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं – बाबा बागेश्वर

रायपुर : बागेश्वर धाम में ऐतिहासिक आयोजन : 251 निर्धन कन्याओं का विवाह बागेश्वर धाम द्वारा संपन्न होगा बागेश्वर धाम में धार्मिक भक्ति, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम देखने को मिला: मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं – बाबा बागेश्वर रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बागेश्वर धाम में चल रहे शिवरात्रि महोत्सव और 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए।बागेश्वर धाम में धार्मिक भक्ति, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत परंपरा और धर्मनिष्ठा की भूमि है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय यहीं बिताया था। हमें गर्व है कि बागेश्वर धाम में इस दिव्य आयोजन में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि संस्कार और संस्कृति किसी भी व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है। डबल इंजन सरकार के सहयोग से यह संकल्प लिया गया है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह उन्मूलन किया जाएगा। प्रदेश के सुरक्षा बल मजबूती से इस अभियान में लगे हुए हैं, और गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में यह मिशन सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। धर्मांतरण पर रोक और घर वापसी अभियान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकार धर्मांतरण रोकथाम और घर वापसी अभियान को भी प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि धर्मांतरण के विरुद्ध हमारी सरकार कठोर नीति अपनाएगी और समाज को उसकी मूल पहचान से जोड़ेगी। समाज सेवा का नया अध्याय: 251 निर्धन कन्याओं का विवाह बागेश्वर धाम द्वारा आयोजित 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। इस आयोजन में वैदिक रीति-रिवाज से कन्याओं का विवाह संपन्न होगा, सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का संपूर्ण सामान प्रदान किया जाएगा।  आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समरसता का संगम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बागेश्वर धाम का यह आयोजन सनातन धर्म की महिमा को पुनर्स्थापित करने, समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने और गरीब कन्याओं के भविष्य को संवारने का ऐतिहासिक अवसर है।छत्तीसगढ़ सरकार इस आयोजन में भागीदारी कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है और भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में योगदान देने के लिए संकल्पित है। सरल स्वभाव के धनी हैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय – पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज कार्यक्रम में बाबा बागेश्वर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए कहा कि इस पावन कार्य को संपूर्णता देने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित हैं। वे बहुत ही सरल स्वभाव के हैं और छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार आज एक बड़ा अनूठा कार्य कर रही है, जो गौरव का विषय है। राज्य को अगले दो वर्षों के भीतर नक्सल प्रभावित क्षेत्र से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों  इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं, ताकि छत्तीसगढ़ समृद्ध और शांतिपूर्ण प्रदेश बन सके। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, और जब हम छत्तीसगढ़ जाते हैं, तो एक बात हमेशा कहते है – छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया। यह प्रदेश धर्म और संस्कृति की भूमि है, और हम प्रार्थना करते हैं कि यह भूमि हमेशा खुशहाल और धन-धान्य से परिपूर्ण बनी रहे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी का खजुराहो आगमन पर हार्दिक स्वागत, वंदन

छतरपुर  बागेश्वर धाम पर आयोजित होने वाले कन्या विवाह समारोह की घड़ी आ गई है। आज महाशिवरात्रि पर्व पर 251 बेटियां परिणय सूत्र में बंधेंगी और उनको आशीर्वाद देने के लिए राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु पहुंच गई हैां। समूचा बागेश्वर धाम आज जनकपुर जैसा लग रहा है। चारों तरफ बेटियों के विवाह की खुशियां फैली हैं। बागेश्वर धाम सज धज कर अपने 251 दूल्हों के स्वागत के लिए आतुर है। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने सभी जमाइयों को घोड़े पर बैठाकर उनकी बरात निकलवाएंगे। महाराज श्री का संकल्प है कि किसी के बीच जाति पांति और ऊंच नीच का भेदभाव न हो। मंगलवार को केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, महाराष्ट्र के मंत्री सतेन्द्र सिंह राठौर ने आकर महाराजश्री का आशीर्वाद लिया। खजुराहो एयरपोर्ट पर सीएम मोहन यादव ने किया राष्ट्रपति का स्वागत     खजुराहो की पवित्र भूमि पर आदरणीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी का आत्मीय स्वागत किया। बालाजी मंदिर से उठेगी बारात बागेश्वर धाम के प्रमुख सेवादार नितेंद्र चौबे ने बताया कि विवाह की तैयारियां पंडाल के पास ही की गई हैं। सड़क के एक तरफ जयमाला होगी। दूसरी तरफ मंडप बनाए गए हैं। उसके पीछे बेटियों के रहने की भी व्यवस्था की गई है। 251 घोड़े तैयार किए गए हैं, जिन पर बारात निकाली जाएगी। बालाजी मंदिर के पास से ही बारात उठकर पंडाल में आएगी। यहां अलग-अलग मंडप बनाए गए हैं। मुख्य स्टेज पर वरमाला होगी। विदाई शाम करीब 5 बजे होगी। उपहार के लिए सभी की गाड़ियां बुलवा ली गई हैं। विवाह महोत्सव में लोगों का शुरू बागेश्वर धाम के सामूहिक विवाह महोत्सव में शामिल होने के लिए लोगों का आना शुरू हो गया है। राष्ट्रपति के इंतजार में पंडाल भरने लगे हैं। बागेश्वर धाम के लिए हुई महामहिम रवाना राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मध्य प्रदेश के खजुराहो पहुंच चुकी हैं। एयरपोर्ट पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल, सीएम डॉ मोहन यादव और पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने उनका स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति खजुराहो से बागेश्वर धाम के लिए रवाना हो गई हैं। यहां वे 251 कन्याओं के सामूहिक विवाह में शामिल होंगे। राजस्थान से मंगवाए 20 लाख रसगुल्ले बागेश्वर धाम में भंडारे की जिम्मेदारी सागर के कैटरर्स को दी गई है। इसके संचालक राजा ठाकुर बताते हैं कि करीब 400 लोगों का स्टाफ खाना बनाने में जुटा। इतने ही लोग धाम के शिष्य मंडल की टीम भी मदद में लगी है। 20 फरवरी से खाना बनाने का काम शुरू कर दिया था। प्रसाद शुद्ध घी में बनाया गया है। राजस्थान से 20 लाख पीस छेना के रसगुल्ले भी मंगवाए हैं। खाना बनाने का काम मशीनों की मदद से किया जा रहा है। 12 से 15 एकड़ में भंडारे की व्यवस्था है।    20 लाख लोगों के लिए भंडारे की व्यवस्था आयोजन के लिए 20 लाख लोगों के भंडारे की व्यवस्था है। मेन्यू में बूंदी, रायता, जलेबी, मालपुआ, पुलाव समेत 13 व्यंजन परोसे जाएंगे। इसके लिए 400 लोग पिछले छह दिन से खाना बनाने में जुटे हैं। इतने ही लोग शिष्यमंडल की मदद कर रहे हैं। नवविवाहित जोड़े को गिफ्ट में ढाई लाख रुपए कीमत के घरेलू उपयोग का सामान दिया जाएगा। इनमें डबल बेड, सोफा, आटा चक्की, अलमारी, ड्रेसिंग समेत घरेलू उपयोग के 56 आइटम शामिल हैं। फाइट कराकर ग्रेट खली ने दिया नशा न करने का संदेश अमेरिका की सुख सुविधा त्याग कर ग्रेट खली अपने देश के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। ग्रेट खली का कहना है कि यदि युवा नशा त्यागेंगे और खेलों की ओर आकर्षित होंगे तो न केवल देश का मान बढ़ेगा बल्कि देश खेलों में सशक्त होगा। ग्रेट खली ने बीती रात अपने शागिर्दों से जो खलबली मचाई वह देखने लायक थी। बागेश्वर धाम के लिए यह एक अनोखा प्रदर्शन रहा। महिला पहलवानों में रुचिका,दया कौर, तानिया सहित सभी 6 महिलाए जालंधर पंजाब एकेडमी की स्टूडेंट हैं। वहीं पुरुष वर्ग में जेटी बाबा, माजा,सहित 14 पहलवानों ने अपने दांवपेच दिखाए। राष्ट्र चेतना के उत्थान में आगे बढ़ें : ऋतंभरा 22 फरवरी से 25 फरवरी तक बागेश्वर धाम में साध्वी ऋतंभरा दीदी मां के मंगल प्रवचन सुनने का लोगों को अवसर मिला। यहां आए लाखों लोगों को दीदी मां ने संदेश दिया कि राष्ट्र चेतना के उत्थान में हम सब अपना योगदान दें। दीदी मां ने कहा कि जब राष्ट्र का उत्थान होगा तभी हिन्दू राष्ट्र बनेगा। बीते दो दिनों से बागेश्वर धाम में देश के प्रख्यात संतों का आगमन जारी है। विगत रोज जगतगुरू स्वामी रामानंदाचार्य महाराज के अलावा अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक चिन्मयानंद बापू जी, राज राजेश्वरानंद महाराज लंदन, डॉ. हनुमान ददरूआ सरकार, इंद्रेश उपाध्याय, राजूदास महाराज हनुमानगढ़ी अयोध्या, गीता मनीषी जी शामिल हैं। धाम के कार्यक्रमों को देखकर अभिभूत हूं : विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंगलवार को बागेश्वर धाम पहुंचे। उन्होंने बालाजी के दर्शन करने के बाद बागेश्वर महाराज का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत पावन और पुनीत अवसर है कि हमें भी यहां आने का सौभाग्य मिला। उन्होंने बताया कि उनके साथ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, अन्य साथी रामप्रताप सिंह व उनके पुत्र दर्शन करने आए हैं।

मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं : बाबा बागेश्वर

रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  आज बागेश्वर धाम में चल रहे शिवरात्रि महोत्सव और 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए। बागेश्वर धाम में धार्मिक भक्ति, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत परंपरा और धर्मनिष्ठा की भूमि है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय यहीं बिताया था। हमें गर्व है कि बागेश्वर धाम में इस दिव्य आयोजन में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि संस्कार और संस्कृति किसी भी व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है। डबल इंजन सरकार के सहयोग से यह संकल्प लिया गया है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह उन्मूलन किया जाएगा। प्रदेश के सुरक्षा बल मजबूती से इस अभियान में लगे हुए हैं, और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में यह मिशन सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। धर्मांतरण पर रोक और घर वापसी अभियान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकार धर्मांतरण रोकथाम और घर वापसी अभियान को भी प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि धर्मांतरण के विरुद्ध हमारी सरकार कठोर नीति अपनाएगी और समाज को उसकी मूल पहचान से जोड़ेगी। समाज सेवा का नया अध्याय: 251 निर्धन कन्याओं का विवाह बागेश्वर धाम द्वारा आयोजित 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। इस आयोजन में वैदिक रीति-रिवाज से कन्याओं का विवाह संपन्न होगा, सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का संपूर्ण सामान प्रदान किया जाएगा।  आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समरसता का संगम मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बागेश्वर धाम का यह आयोजन सनातन धर्म की महिमा को पुनर्स्थापित करने, समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने और गरीब कन्याओं के भविष्य को संवारने का ऐतिहासिक अवसर है।छत्तीसगढ़ सरकार इस आयोजन में भागीदारी कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है और भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में योगदान देने के लिए संकल्पित है। सरल स्वभाव के धनी हैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय – पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज कार्यक्रम में बाबा बागेश्वर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए कहा कि इस पावन कार्य को संपूर्णता देने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित हैं। वे बहुत ही सरल स्वभाव के हैं और छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार आज एक बड़ा अनूठा कार्य कर रही है, जो गौरव का विषय है। राज्य को अगले दो वर्षों के भीतर नक्सल प्रभावित क्षेत्र से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों  इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं, ताकि छत्तीसगढ़ समृद्ध और शांतिपूर्ण प्रदेश बन सके। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, और जब हम छत्तीसगढ़ जाते हैं, तो एक बात हमेशा कहते है – छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया। यह प्रदेश धर्म और संस्कृति की भूमि है, और हम प्रार्थना करते हैं कि यह भूमि हमेशा खुशहाल और धन-धान्य से परिपूर्ण बनी रहे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

ग्लोबल ब्रिलि,न्स फोरम लंदन ने किया एनआरआई समिट का आयोजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय नागरिक विश्व के किसी भी देश में बसते हों, भारतीय संस्कृति से अवश्य जुड़े रहते हैं। हमारे राष्ट्र की यही पहचान है। विश्व के अलग-अलग देशों में रहने वाले भारतीय वहाँ के समाज में भी समरस हो जाते हैं। प्रत्येक समाज के साथ आत्मीयता स्थापित करने और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की विशेषता भारतीय नागरिकों की पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार की शाम कोर्टयार्ड मैरिट में ग्लोबल ब्रिलिएन्स फोरम लंदन द्वारा आयोजित एनआरआई समिट को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे अध्ययन केंद्र थे, जहां श्रेष्ठ जीवन पद्धति सिखाई जाती थी। विश्व के कई देशों से इन शिक्षा केंद्रों तक शिक्षा ग्रहण करने के लिए नागरिक पहुंचते थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विभिन्न देशों के अप्रवासी भारतीयों से भेंट के दौरान भोपाल और मध्यप्रदेश के विशिष्ट स्थानों के संबंध में चर्चा की और उनसे पुन: मध्यप्रदेश आने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके सहित अन्य देशों से आए अप्रवासी भारतीयों द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रतिभागी के रूप में आने के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जेरार्डस क्रॉस टाऊन (बकिंघमशायर, इंग्लैंड) की महापौर सुप्रेरणा भारद्वाज, आदित्य प्रताप सिंह (इंचार्ज ग्लोबल ब्रिलियन्स फोरम, यूके), जितेन्द्र वैद्य (यूएई), संजय नागरकर (प्रेसीडेंट इन्डिया कनेक्ट, हांगकांग) विनायक गिरगुने, जसपाल सिंह एवं दिवाकर शुक्ला ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा के अलावा सुनेहा बग्गा, राहुल कोठारी आदि उपस्थित थे।  

जीआईएस से मिले 30.77 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  भारत के विकास को गति दे रहा है मध्यप्रदेश : केंद्रीय गृह मंत्री शाह जीआईएस भोपाल के समारोह में केन्द्रीय गृह मंत्री ने की मध्यप्रदेश सरकार के नवाचारों की सराहना जीआईएस से मिले 30.77 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमने निवेश के लिए बनाया है नया इको-सिस्टम हमारी निवेश नीतियों को सबने सराहा, निवेशकों का बढ़ा है मध्यप्रदेश पर विश्वास आरआईसी के सफल प्रयासों का प्रतिफल मिला जीआईएस में भोपाल केन्द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भोपाल में सम्पन्न दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सिफ मध्यप्रदेश की नहीं, यह देश की उपलब्धि है। उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन देने के लिये उठाये गये कदम भारत के विकास को भी गति देने का कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश निश्चित ही प्रमुख उद्योग राज्य बनेगा। मध्यप्रदेश में निवेशकों में निवेश करने के प्रति विश्वास बढ़ा है। स्थायी और सशक्त सरकार, पारदर्शी प्रशासन, उपयोगी नीतियां, सहयोगी सामाजिक वातावरण, आर्थिक प्रगति के लिये ऐसे आधार हैं, ‍जो मध्यप्रदेश में मौजूद हैं। मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है जिसने जनविश्वास अधिनियम, ईज ऑफ डूइंग के माध्यम से पहल की है। निश्चित ही मध्यप्रदेश टॉप एचीवर बनेगा। केन्द्रीय मंत्री शाह मंगलवार की शाम भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में हुई दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय मंत्री शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सूत्र वाक्य ‘विरासत भी और विकास भी’ को मध्यप्रदेश चरितार्थ कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष@2047 तक पूर्ण विकसित भारत का संकल्प किया है। भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। इसमें मध्यप्रदेश अपना योगदान देते हुए महत्वपूर्ण सहयोगी राज्य सिद्ध होगा। मध्यप्रदेश ने लोकल और ग्लोबल दोनों स्तर पर प्रगति के प्रयासों में सहभागी बनने का सराहनीय कार्य किया है। यह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट बहुत सफल रही है। इसकी सफलता के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी टीम बधाई और अभिनंदन की पात्र हैं। मध्यप्रदेश में इस समिट में हुए एमओयू जल्द ही मूर्त रूप लेकर प्रदेश के विकास को गति प्रदान करेंगे। मध्यप्रदेश में किया गया प्रयोग सम विकास के लिये आवश्यक केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. द्वारा किया गया रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का प्रयोग सफल रहा। सम विकास के लिये ऐसे प्रयास आवश्यक हैं। अन्य राज्य भी यह प्रयोग कर सकते हैं। प्रत्येक क्षेत्र में अलग तरह का निवेश संभव होता है। मध्यप्रदेश में फिजीकल पोटेंशियल, सेक्टोरल और ग्लोबल पोटेंशियल के मार्ग प्रशस्त हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी की भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है। केन्द्रीय मंत्री शाह के उद्बोधन के प्रमुख बिन्दु     मध्यप्रदेश में सशक्त अधोसंरचना मौजूद है। भूमि, जल और बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है।     यहां कुशल मानव संसाधन की प्रचुरता है।     मध्यप्रदेश में मार्केट का एक्सेस और पारदर्शी प्रशासन है।     मध्यप्रदेश में स्थिर सरकार, केन्द्रीय भौगोलिक स्थिति, उद्योगों के लिये अनुकूल नीतियां हैं।     यहां सभी कुछ प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।     मध्यप्रदेश उद्योगपतियों के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र है।     मध्यप्रदेश में सर्वाधिक खनिज संसाधन उपलब्ध हैं।     मध्यप्रदेश देश की कॉटन केपिटल है। यहां देश के कपास उत्पादन का एक चौथाई ऑर्गेनिक फार्म में होता है।     मध्यप्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुआ है।     यह अत्यंत सराहनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया है।     मध्यप्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की उपलब्धि प्राप्त करेगा।     आज सम्पन्न समिट में 200 से अधिक संस्थानों के प्रतिनिधि, 60 देशों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रतिभागी शामिल हुए। कई विभागीय सम्मेलन और सेक्टोरल सत्र भी समिट में सम्पन्न हुए हैं। यह मध्यप्रदेश की ग्लोबल उपस्थिति का परिचायक है।     प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में निवेश का तैयार हुआ सकरात्मक माहौल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री शाह के जीआईएस के समापन सत्र में आने के लिए उनका अभिनंदन करते हुए कहा कि कल प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जीआईएस का शुभारंभ और आज गृह मंत्री शाह द्वारा समापन से मध्यप्रदेश ने देश के कुशल नेतृत्व का मार्गदर्शन प्राप्त किया है। उन्होंने इसके लिए मध्यप्रदेश की जनता की ओर से आभार जताया। उन्होंने निवेशकों से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में औद्योगीकरण और निवेश को लेकर एक सकारात्मक माहौल बना है। मप्र में पर्याप्त जल, जंगल, जमीन, बिजली, लैंड बैंक और निवेश के लिये अनुकूल वातावरण बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में एक वर्ष पहले क्षेत्रीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) की शुरुआत की थी, ताकि संभाग स्तर पर औद्योगीकरण और निवेश को और अधिक बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि आरआईसी के बहुत अच्छे परिणाम हमें मिले हैं। आरआईसी में किए गए प्रयासों का प्रतिफल हमें जीआईएस में मिला है। हमने मध्यप्रदेश को आगे बढ़ाने और निवेशकों का हौसला बढ़ाने के लिए निवेश नीतियों में कई बदलाव किए हैं। हमारी नई निवेश नीतियों की सभी ने सराहना की है। हमारी सरकार ने वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया है। टेक्सटाइल, फार्मा और ऑटो उद्योग में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। विकास का इस कारवां में हम लगातार आगे बढ़ते रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 100 से अधिक एक्सपटर्स और उद्योगपतियों सहित करीब 25000 से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की। इसमें 60 से अधिक देशों के निवेशक डेलीगेट भोपाल आए। जीआईएस करीब 5000 बिजनेस-टू-बिजनेस और 600 बिजनेस-टू-गर्वनमेंट मीटिंग्स आयोजित हुई। उन्होंने बताया कि अब तक सरकार को 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। विभिन्न एमओयू साइन किये गये। प्रदेश सरकार अपने प्रयासों को धरातल पर उतरने के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार यहां के युवाओं, किसानों, महिलाओं और सभी प्रकार के संभावित क्षेत्रों में विकास के इस अभियान को जारी रखेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले वर्ष लागू किए गए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश में किए गए नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में हम सभी नए आपराधिक कानून सुधारों को पूरी तरह लागू कर मध्यप्रदेश को देश … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्निक महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में बाबा महाकाल की पूजा-अर्चना कर दुग्धाभिषेक किया

उज्जैन 12 ज्योतिर्लिंगों में से महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि का महापर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी पत्नी के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन पहुंचे। जहां उन्होंने बाबा महाकाल का गर्भगृह में पूजन अर्चन कर बाबा का अभिषेक किया इसके बाद आरती करने के बाद महाकाल का आशीर्वाद लिया। दरअसल, हर विशेष काम में बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने वाले सीएम मोहन यादव आज महाशिवरात्रि के पर्व अपनी धर्मपत्नी सीमा यादव के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने पीले रंग का सोला पहनकर गर्भगृह में प्रवेश किया व बाबा महाकाल को जल अर्पित कर पंचामृत अभिषेक कर बिल्वपत्र, पुष्प व भोग अर्पित किया। महाशिवरात्रि पर दर्शन करने पुहंचे सीएम महाशिवरात्रि के त्योहार के दौरान सीएम मोहन यादव ने बाबा का अभिषेक कर उनको वस्त्र धारण करवाए और आरती भी की। इस दौरान उन्होंने नंदी हॉल में पहुंचकर बाबा महाकाल का ध्यान भी लगाया। उन्होंने भगवान महादेव के संसार में एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग की पूजा अर्चना कर प्रदेश के विकास और प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की मंगल कामना की।

इंग्लैंड और अफगानिस्तान दोनों टीमों के लिए आज का मुकाबला करो या मरो जैसा

लाहौर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बड़ा स्कोर खड़ा करने के बावजूद हार का सामना करने से आहत इंग्लैंड को चैंपियंस ट्रॉफी में अपनी उम्मीदें बरकरार रखने के लिए बुधवार को यहां अफगानिस्तान की स्पिन चुनौती की कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। इंग्लैंड और अफगानिस्तान को अपने पहले मैच में पराजय का सामना करना पड़ा था और इसलिए दोनों टीमों के लिए यह मैच करो या मरो जैसा बन गया है। ग्रुप बी में दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया ने अपने पहले मैच जीते थे। इंग्लैंड का सीमित ओवरों की क्रिकेट में दबदबा अब बीते दिनों की बात हो चुकी है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगर उसके बल्लेबाज चले तो गेंदबाजों ने निराश किया जो 350 से अधिक के स्कोर का बचाव नहीं कर पाए। जहां तक पहले मैच में इंग्लैंड की बल्लेबाजी का सवाल है तो यह नहीं भूलना चाहिए कि ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख गेंदबाज इस टूर्नामेंट में नहीं खेल रहे हैं। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने पहले मैच में उसके अनुभवहीन गेंदबाजी आक्रमण का पूरा फायदा उठाकर बड़ा स्कोर बनाया। इसलिए देखा जाए तो इंग्लैंड को अफगानिस्तान के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। इंग्लैंड के बल्लेबाजों को चैंपियंस ट्रॉफी से पहले भारत के खिलाफ वनडे श्रृंखला में स्पिन गेंदबाजों को खेलने में काफी परेशानी हुई थी। अफगानिस्तान के पास राशिद खान, नूर अहमद और मोहम्मद नबी जैसे विश्वस्तरीय स्पिनर हैं जो किसी भी तरह की बल्लेबाजी लाइनअप को परेशानी में डालने में सक्षम हैं। यहां की पिच से धीमी गति के गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना है और ऐसे में इंग्लैंड के बल्लेबाजों को कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। इंग्लैंड को ऑलराउंडर ब्रायन कार्स के चोटिल होने के कारण बाहर होने से झटका लगा है। उसने अपने स्पिन गेंदबाजी विभाग को मजबूत करने के लिए उनकी जगह रेहान अहमद को टीम में शामिल किया है। रेहान अहमद को टीम में शामिल करने से आदिल रशीद को काफी मदद मिलेगी जिनके साथ अभी तक लियम लिविंगस्टोन दूसरे स्पिनर की भूमिका निभा रहे थे। बल्लेबाजी में इंग्लैंड की सबसे बड़ी चिंता सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट और हैरी ब्रूक की खराब फॉर्म है। साल्ट ने वनडे में अपना एकमात्र शतक 2022 में लगाया था। इसके बाद वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए। ब्रूक की कहानी भी लगभग ऐसे ही है। उन्होंने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे श्रृंखला में अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन इसके बाद वह बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे हैं। जहां तक अफगानिस्तान का सवाल है तो उसकी अपनी परेशानियां हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछले मैच में उसके गेंदबाजों ने निराश किया तो बल्लेबाज भी नहीं चल पाए जिससे उसकी टीम को 107 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा था। अफगानिस्तान की टीम में लगभग वही खिलाड़ी हैं जिन्होंने पिछले साल उसे टी20 के सेमीफाइनल में पहुंचाया था। अफगानिस्तान को अगर सेमी फाइनल की अपनी उम्मीदों को बनाए रखना है तो उसके खिलाड़ियों को एकजुट होकर प्रदर्शन करना होगा। टीम इस प्रकार हैं: अफगानिस्तान: हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, इकराम अलीखिल, गुलबदीन नायब, अजमतुल्ला उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, नांग्याल खरोती, नूर अहमद, फजलहक फारूकी, फरीद मलिक, नवीद जादरान। रिजर्व: दरविश रसूली, बिलाल सामी। इंग्लैंड: जोस बटलर (कप्तान), जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, हैरी ब्रूक, रेहान अहमद, बेन डकेट, जेमी ओवरटन, जेमी स्मिथ, लियाम लिविंगस्टोन, आदिल राशीद, जो रूट, साकिब महमूद, फिल साल्ट, मार्क वुड। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 2.30 बजे शुरू होगा।  

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होगी किसानों से अच्छी गुणवत्ता की फसल की खरीदी: खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने निर्देश दिये हैं कि रबी विपणन वर्ष 2025-26 के गेहूँ उपार्जन की अवधि के दौरान उपार्जन केन्द्रों पर आने वाले किसानों के लिए सभी पर्याप्त सुविधाएं होनी चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर उपार्जन कार्य से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने यह निर्देश मंत्रालय में रबी उपार्जन नीति की समीक्षा के दौरान दिये। श्री  राजपूत ने कहा कि उपार्जन केन्द्रों पर आने वाले किसानों के लिए छाया की सुविधा के लिए शेड लगवाएं जाएं तथा पीने के पानी, प्रतीक्षा कक्ष, दरियां, टेबल, कुर्सी तथा शौचालय आदि का पर्याप्त प्रबंध करें।  उन्होंने निर्देश दिये कि समिति स्तर पर पर्याप्त बिजली की सुविधा, हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन, इलेक्ट्रॉनिक उपार्जन उपकरण तथा किसानों की जानकारी के लिए सूचना पटल पर उपार्जन संबंधी जानकारी प्रदर्शित करें। श्री राजपूत  ने निर्देश दिये कि न्यूनतम समर्थन मूल्य के बारे में ज्यादा से ज्यादा जागरूकता लाएं ताकि गेहूँ खरीदी केन्द्रों तक अधिकतम पंजीकृत किसान अपनी फसल लेकर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि किसानों को गेहूं उपार्जन के बाद जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित करें।  खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि  इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूँ खरीदी का कार्य 1 मार्च से प्रारंभ किया जाएगा जो 18 अप्रैल तक चलेगा। वहीं शेष संभागों में 17 मार्च से 5 मई 2025 तक गेहूँ खरीदी का कार्य उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से किया जाएगा। 80 लाख मीट्रिक टन गेहूँ उत्पादन का अनुमान प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण  श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने बताया कि अभी तक 2 लाख 91 हजार से अधिक किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया है। उन्होंने बताया कि इस बार मध्यप्रदेश में 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन का अनुमान है। बैठक में आयुक्त खाद्य श्री कर्मवीर शर्मा ने बताया कि गेहूँ उपार्जन में स्लाट बुकिंग के लिए लघु और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि खरीदी के लिए किसानों को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का भी उपयोग किया जाएगा। इस दौरान विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

शहरों में सुव्यवस्थित ट्राफिक के लिये अंडरब्रिज बनाने पर विचार किया जाएगा: नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय

भोपाल शहरों का ट्रांजिट ओरिएंटेड डेव्हलपमेंट किया जाएगा। शहरों में सुव्यवस्थित ट्राफिक के लिये अंडरब्रिज बनाने पर विचार किया जाएगा। नगरों के विकास के लिये बनाई गई पॉलिसी में आपके सुझावों पर जरूरी परिवर्तन किये जाएंगे। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने यह बात ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 के अर्बन डेव्हलपमेंट सेशन में कही। केन्द्रीय नागरिक उड्यन मंत्री श्री के. राम मोहन नायडू ने कहा कि उज्जैन में एयरपोर्ट बनाया जाएगा। पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि ग्राम पंचायतों के नियम-कानूनों की शहरी विकास के कानूनों से समानता होनी चाहिए। श्रम कानूनों में सुधार होगा, जिससे उद्योगपति और श्रमिक के बीच टकराव की स्थिति नहीं बनेगी। अतिथियों ने एमपी ईवी तरंग पोर्टल को लांच किया। एमओयू में हुए शामिल शहरों में विमान सेवाओं के उद्देश्य से पाँच कम्पनियों के साथ एमओयू हुए। एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ अंतर्राष्ट्रीय रूट इंदौर से आबुधाबी और इंदौर से बैंकॉक और घरेलू रूट इंदौर से पटना, इंदौर से कोच्ची एवं इंदौर से वाराणसी के लिये विमान सेवाएं शुरू करने के लिये एमओयू हुआ। फ्रेंकफिन कम्पनी के साथ मध्यप्रदेश में 5 एविएशन एकेडमी शुरू करने के लिये एमओयू हुआ। इसमें 6 से 7 हजार लोगों को रोजगार मिलना संभावित है। फ्लाई भारती के साथ उज्जैन में एयरपोर्ट डेव्हलपमेंट के लिये एमओयू हुआ। इसमें 750 करोड़ रूपये का निवेश होगा। “कंपनी प्रधान एयर” के साथ उज्जैन में और राज्य के भीतर हवाई सेवाएं शुरू करने के लिये एमओयू हुआ। इसमें 150 करोड़ रूपये का निवेश होगा। इन एविया एविएशन कंसलटेंट जीएमबीएच के साथ भोपाल में मेंटीनेंस रिपेयर एण्ड ऑपरेशन (एमआरओ) की स्थापना के लिये एमओयू हुआ। इसमें प्रथम चरण में 500 करोड़ रूपये के निवेश की संभावना है। एक एमओयू एडिमिनिस्ट्रेटिव स्टॉफ कॉलेज ऑफ इंडिया के ट्रेनिंग इन्सट्रीट्यूट के साथ नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने किया है। इसमें विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की ट्रेनिंग होगी। जनभागीदारी शहर के विकास का अहम हिस्सा मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि जनभागीदारी शहर के विकास का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इंदौर शहर के नागरिकों की तरह स्वच्छता को संस्कार में शामिल करना होगा। उन्होंने बताया कि इंदौर को क्लीन सिटी के साथ ही ग्रीन सिटी बनाया जाएगा। इंदौर में आगामी 5 साल में ढाई करोड़ पौधे लगाकर तापमान 4 डिग्री तक कम करने का लक्ष्य है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि ऐसी पॉलिसियाँ बनाई जा रही है कि शहर का विकास हो, प्रदेश का विकास हो और निवेशक का भी विकास हों। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि केन्द्र ने एक लाख करोड़ रूपये का ट्रस्ट फंड बनाया है। इस राशि का उपयोग मध्यप्रदेश में शहरों के सुनियोजित विकास के लिये अच्छी योजना बनाकर किया जायेगा। इसके लिये हमारा विभाग केन्द्र से पर्याप्त राशि लाने के लिये ठोस प्रयास करेगा। सिविल एविएशन हब के रूप में विकसित होगा मध्यप्रदेश केन्द्रीय नागरिक उड्यन मंत्री श्री नायडू ने कहा कि मध्यप्रदेश सिविल एविएशन हब के रूप में विकसित होगा। मध्यप्रदेश में प्रशिक्षण संस्थान खोलने की अनुकूल परिस्थितियां है। मध्यप्रदेश में एयरो स्पोर्टस शुरू किये जा सकते है। प्रयागराज में लगे महाकुंभ की तरह भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों का महाकुंभ आयोजित कर अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने निवेश के लिये मध्यप्रदेश द्वारा बनाई गई नई नीतियों की सराहना की। देश के कोने-कोने को एयर ट्रैफिक से जोड़ेंगे। हर 100 किमी में एयर पोर्ट बनाने का लक्ष्य है। एयरपोर्ट बनाने के लिये जहां जगह कम होगी, वहां हेलीपोड बनायें जाएंगे। सत्र में प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय कुमार शुक्ला ने “डेव्हलपिंग सिंटीज ऑफ टुमॉरो” के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास श्री सिबि चक्रवर्ती ने ग्रीन क्लीन लीवेबल सिटीज के संबंध में प्रेजेन्टेशन दिया। डायरेक्टर, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स डॉ. डेबोलिना कुंडू ने बताया कि 2054 तक 50 प्रतिशत से अधिक आबादी शहरी हो जाएगी। इसलिये अभी से शहरों के समुचित विकास की ओर ध्यान देना जरूरी है। चीफ एक्सक्यूटिव ऑफिसर आईआईएचसीएल प्रोजेक्ट श्री पलाश श्रीवास्तव, सीनियर एक्सक्यूटिव डायरेक्टर डीएलएफ टाउनशिप श्री राजीव सिंह और वर्ल्ड बैंक के कंट्री डायरेक्टर इंडिया श्री अगस्ते टानो काउमी सहित अन्य विशेषज्ञों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये।

भारतीय रेलवे ने कहा है कि मध्य प्रदेश में उत्पादित सभी बिजली को हम खरीदेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश बिजली के मामले में सरपल्स स्टेट है। अब रिन्यूएबल एनर्जी की दिशा में भी मध्य प्रदेश में जबरदस्त काम हो रहा है। मध्य प्रदेश से उत्पादित बिजली को भारतीय रेलवे खरीदेगी। यहां से रेलवे को सबसे सस्ती बिजली मिल रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गत वर्षों में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में तेज गति से वृद्धि हुई है। अब यह हमारी कुल ऊर्जा उत्पादन का 15% हो गई है। सस्ती बिजली बनाने का रेकॉर्ड उन्होंने कहा कि साथ ही मध्यप्रदेश ने सबसे सस्ती बिजली बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया है। प्रदेश के नीमच जिले में स्थापित सोलर परियोजना में 02 रुपए 14 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उत्पादन किया जा रहा है। यह सस्ती बिजली हमारी सरकार भारतीय रेलवे को बेच रही है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। सोलर उर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा विशेष रूप से सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है। रीवा में 750 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क स्थापित किया गया है। इसी प्रकार नीमच में 500 मेगावाट का सोलर पॉवर प्लांट और भारत का सबसे बड़ा पम्पड हाइड्रो पॉवर स्टोरेज प्रोजेक्ट लगाया गया है। यह सबसे सस्ती बिजली का उत्पादन कर रहा है। ओंकारेश्वर में भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट स्थापित किया गया है। बाबई में पहला मैन्युफैक्चरिंग जोन नर्मदापुरम जिले के मुहासा बाबई में भारत का पहला पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन बनाया गया है। पहले इसके क्षेत्र को बढ़ाकर 884 एकड़ किया गया था, अब इसमें 1000 एकड़ क्षेत्र और बढ़ाया जा रहा है। मध्यप्रदेश भारत के 500 गीगावॉट के नवकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। भारतीय रेल खरीदेगी बिजली वहीं, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेश का अच्छा माहौल बना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक भारतीय रेल ऊर्जा के क्षेत्र में “नेट जीरो” हो जाएगी, अर्थात शत-प्रतिशत बिजली पर चलेगी। अभी 97% रेलवे लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन कर लिया गया है। आज मध्यप्रदेश के साथ 170 मेगावाट का पावर परचेज एग्रीमेंट किया गया है, जो अपने आप में अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश जितनी भी अतिरिक्त बिजली उत्पादित करेगा हम खरीदेंगे। वैष्णव ने कहा कि मध्य प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का ऐतिहासिक कार्य चल रहा है। इस क्षेत्र में 01 लाख 4 हजार करोड रुपए का निवेश किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2014 के बाद 2456 किलोमीटर का रेलवे नेटवर्क तैयार किया गया है। गौरतलब है कि प्रदेश में 10 वर्ष पहले मात्र 500 मेगावाट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादित होती थी जो अब 7000 मेगावाट हो गई है। प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर जल, जमीन, वायु और सूर्य का प्रकाश है, वे यहां इन्वेस्ट करें।

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