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माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी के भोपाल आगमन पर पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत

भोपाल केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का मंगलवार को भोपाल आगमन पर आत्मीय स्वागत किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री शाह शाम 4 बजे विशेष विमान से के राजकीय विमानतल पर पहुंचे। राजकीय विमानतल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधयों ने उनका पुष्प-गुच्छ भेंट कर हार्दिक अभिनंदन किया। डीजीपी कैलाश मकवाना, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, पुलिस आयुक्त हरिनारायण चारी मिश्रा ने भी उनका स्वागत किया।  

मध्‍य रात्रि 2.30 बजे खुलेंगे महाकाल मंदिर के पट, 44 घंटे तक भगवान महाकाल भक्तों को देंगे दर्शन

उज्जैन  महाशिवरात्रि पर्व के तहत विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर के पट मंगलवार-बुधवार की दरिमयानी रात 2.30 बजे खोले जाएंगे। इसके बाद से भक्तों को लगातार 44 घंटे भगवान महाकाल के दर्शन होंगे। इस दौरान गर्भगृह में भगवान के अभिषेक-पूजन का क्रम सतत जारी रहेगा। नौ मार्च को शयन आरती के बाद रात 11 बजे मंदिर के पट पुन: बंद होंगे।  मंगलवार रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद भस्म आरती होगी। बुधवार सुबह 7.30 बजे बालभोग (दद्योदक) तथा सुबह 10.30 बजे भोग आरती होगी। दोपहर 12 बजे तहसील की ओर से शासकीय पूजन होगा। शाम चार बजे होलकर व सिंधिया स्टेट की ओर से पूजा की जाएगी। शाम 7.30 बजे संध्या आरती में भगवान को गर्म मीठे दूध का भोग लगाया जाएगा। शाम सात बजे से कोटितीर्थ कुंड के समीप स्थित भगवान श्री कोटेश्वर महादेव मंदिर में शिवरात्रि की महापूजा शुरू होगी। पुजारी कोटेश्वर महादेव का अभिषेक-पूजन कर सप्त धान अर्पित करेंगे। उसके बाद पुष्प मुकुट सजाकर आरती की जाएगी। इसके बाद रात 11 बजे से गर्भगृह में महानिशा काल में महाकाल की महापूजा शुरू होगी, जो अगले दिन नौ मार्च को सुबह छह बजे तक चलेगी। इस दौरान भगवान महाकाल पंचामृत, फलों के रस, गुलाब जल, भांग आदि से अभिषेक-पूजन किया जाएगा। भगवान को सप्तधान अर्पित उनके शीश सवामन फल व फूलों से बना पुष्प मुकुट सजाया जाएगा। सोने-चांदी के आभूषणों से भगवान का शृंगार होगा। भगवान पर चांदी का सिक्का व बिल्व पत्र न्योछावर किया जाएगा। भगवान को फलों का भोग लगाकर आरती की जाएगी। सेहरा दर्शन के उपरांत साल में एक बार दिन में दोपहर 12 बजे होने वाली भस्म आरती होगी। भस्म आरती के बाद भोग आरती होगी और शिवनवरात्र का पारणा होगा। रात 10.30 बजे शयन आरती के बाद रात 11 बजे मंदिर के पट बंद होंगे। इसके साथ ही महाशिवरात्रि पर्व संपन्न होगा। 44 घंटे में कब-कब आरती पूजा होगी     मंगलवार-बुधवार की मध्य रात्रि 2.30 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद भस्म आरती होगी।     बुधवार सुबह 7.30 से 8.15 बजे तक दद्योदक (बालभोग) आरती होगी।     सुबह 10.30 से 11.15 बजे तक भोग आरती होगी।     दोपहर 12 बजे तहसील की ओर से भगवान महाकाल की शासकीय पूजा होगी।     शाम 4 बजे से होलकर व सिंधिया राजवंश की ओर से पूजा अर्चना की जाएगी।     शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक कोटेश्वर महादेव का पूजन व सेहरा श्रृंगार होगा।     रात 11 बजे से गर्भगृह में महाकाल की महापूजा होगी, जो सारी रात चलेगी।     गुरुवार सुबह 6 बजे से 10 बजे तक सेहरा दर्शन होंगे।     दोपहर 12 बजे साल में एक बार दिन में भस्म आरती होगी।     दोपहर 2 बजे बालभोग व भोग आरती होगी।     रात 11 बजे शयन आरती के बाद पट बंद होंगे। ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर के पट 24 घंटे खुले रहेंगे खंडवा। प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग तीर्थ ओंकारेश्वर में भी पर्व को लेकर तैयारी जारी है। महाशिवरात्रि पर एक लाख से अधिक भक्तों के आने का अनुमान है। मंदिर ट्रस्ट के व्यवस्थापक पं. आशीष दीक्षित के अनुसार आठ मार्च को तड़के तीन बजे मंदिर के पट भगवान के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। इसके बाद लगातार 24 घंटे भक्त दर्शन कर सकेंगे। रोशनी से जगमगाया पशुपतिनाथ मंदिर, सुबह चार बजे से होंगे दर्शन मंदसौर। महाशिवरात्रि पर्व के तहत मंदिर आकर्षक रोशनी से जगमगमा रहा है। पर्व पर भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर के पट सुबह चार बजे से ही खुल जाएंगे और दर्शन प्रारंभ हो जाएंगे। जो अगले 33 घंटे तक खुले ही रहेंगे। इस दौरान भक्त लगातार दर्शन कर सकेंगे। सीसीटीवी कैमरों से भी पूरी व्यवस्था और सुरक्षा पर नजर रखी जएगी। दिनभर में 50 हजार से अधिक भक्त दर्शन करने के लिए पहुंचने का अनुमान है।

प्रवासी भारतीयों को मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में सहभागिता के लिए किया आमंत्रित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज़ी से विकसित होने वाले राज्यों में है शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश से लगाव, मध्यप्रदेश की सामूहिक शक्ति का प्रतीक प्रवासी भारतीयों को मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में सहभागिता के लिए किया आमंत्रित सेक्टर वाइज समिट का होगा आयोजन, शुरुआत कृषि से भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश तेज गति से आगे बढ़ता हुआ राज्य है। विकास के सभी क्षेत्रों में निवेश की नई संभावनाएँ उभरकर सामने आई हैं। प्रदेश के प्रत्येक भू-भाग में विकास और निवेश संभावनाओं को तलाशने के लिये रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया। भोपाल में हो रही जीआईएस ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, का 8वाँ संस्करण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विकास के विभिन्न क्षेत्रों में नई संभावनाओं से प्रवासी भारतीय परिचित हो रहे हैं। प्रदेश में सभी क्षेत्रों – आईटी, फार्मा, बॉयोटेक समेत विभिन्न सेक्टर्स में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 18 नई नीतियाँ लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि अब सेक्टर-वाइज समिट का आयोजन किया जाएगा। इसकी शुरुआत कृषि क्षेत्र से होगी। निवेशकों के लिए सरलीकृत प्रक्रिया और उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों और निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि सभी क्षेत्र निवेश के लिए खुले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रवासी भारतीयों के प्रति अपने गहरे जुड़ाव को व्यक्त करते हुए कहा कि जब लंदन में मध्यप्रदेश के निवासी मेयर बनते हैं, तो यहाँ भी खुशी से आतिशबाजी की जाती हैं। जब जिम्बाब्वे में मध्यप्रदेश का रहने वाले या यहां की जड़ों से जुड़ा हुआ व्यक्ति मुख्यमंत्री के पद को सुशोभित करते हैं, तो यहाँ भी खुशियाँ मनाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि यह आंतरिक लगाव और मध्यप्रदेश की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है, जो दुनिया के किसी भी कोने में अपने लोगों की सफलता पर गर्व महसूस करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में “प्रवासी मध्यप्रदेश समिट” में मध्यप्रदेश के प्रवासी नागरिकों, फ्रेंड्स ऑफ़ एमपी, इंडिया कनेक्ट के सदस्यों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में रोजगार के नये अवसरों के सृजन में प्रदेश के प्रवासी भारतीयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से अपील करते हुए कहा कि वे मध्यप्रदेश में निवेश कर यहाँ के विकास में भागीदार बनें। उन्होंने आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी और प्रदेश को एक वैश्विक निवेश गंतव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बाबा महाकाल की भस्म आरती जीवन को सार्थक करने का सिखाती है सिद्धांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल की भस्म आरती का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा महाकाल की भस्म आरती में पंचामृत से शरीर को निर्मल किया जाता है इसके बाद विधिवत पूजा कर अंत में भस्म से शरीर को ढंका जाता है। भस्म आरती जीवन को सार्थक करने का लघु सिद्धांत भी सिखाती है। उन्होंने महाकाल की भस्म आरती का महत्व समझाते हुए कहा कि भस्म आरती जन्म से मृत्यु तक के दर्शन का लघु रूप है। यह हर क्षण स्मरण कराती है कि जीवन में सर्वश्रेष्ठ कार्य करते जायें और समय पर हर कार्य पूरा करें। उन्होंने कहा कि उज्जैन आध्यात्मिक नगरी के साथ ही समय (काल) की नगरी भी है। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ की चर्चा करते हुए कहा कि यह आध्यात्मिक कुंभ है और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सांसारिक और आर्थिक महाकुंभ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल भस्म आरती के दुर्लभ दर्शन की वीआर (वर्चुअल रियलिटी) हेडसेट सेवा भी लॉन्च की। (वीआर) वीथि संकुल में उपलब्ध रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समय के सदुपयोग और कर्म पर बल देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने भी गीता में यही उपदेश दिया है कि सभी को अपने कर्मों के माध्यम से समाज के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो प्रवासी भारतीय सफलता की ऊंचाइयों पर पहुँचे हैं, उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश करना चाहिए। इससे वे न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे, बल्कि हजारों लोगों के जीवन में सुधार लाने का पुण्य भी अर्जित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फ्रेंड्स ऑफ एमपी (यूके चैप्टर) के आबिद फारूकी और टीम के द्वारा मध्यप्रदेश के पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए पर्यटन प्रमोशन फ्रेम का अनावरण किया। मध्यप्रदेश सरकार करेगी पूर्ण सहयोग प्रमुख सचिव, प्रवासी भारतीय विभाग संदीप यादव ने कहा कि नीति-निर्माण से विषयों पर केंद्र सरकार निर्णय लेती है, लेकिन मध्यप्रदेश सरकार स्थानीय स्तर की समस्याओं के समाधान के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक, सुविध शाह ने विदेश व्यापार से जुड़े विभिन्न प्रावधानों और मध्यप्रदेश में व्यापारिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। प्रवासी भारतीयों और उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश की प्रगति को सराहा फ्रेंड्स ऑफ एमपी (यूएई चैप्टर) के अध्यक्ष जितेंद्र वैद्य ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सशक्त और विकासपरक सोच के कारण मध्यप्रदेश आज हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हांगकांग के लीडिंग इन्वेस्टर और इंडिया कनेक्ट के ग्लोबल प्रेसिडेंट संजय नागरकर ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति की सराहना की। नागरकर ने कहा कि मध्यप्रदेश ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में लगातार प्रगति कर रहा है और लॉजिस्टिक्स की दृष्टि से यहाँ असीम संभावनाएँ हैं। उन्होंने बताया कि “इंडिया कनेक्ट” ग्रुप ने निकट भविष्य में 65 हजार करोड़ रुपये के निवेश का संकल्प लिया है। हाल ही में 6 हजार 500 करोड़ रुपये के निवेश का एमओयू भी साइन किया गया है। उन्होंने बताया कि इंडिया कनेक्ट समूह अब बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के साथ बॉयो केमिस्ट्री में एमओयू करने जा रहा है और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी कार्य करेगा। बंकिंघमशायर (लंदन) की मेयर सुप्रेरणा भारद्वाज, फ्रेंड्स ऑफ एमपी (बॉस्टन चैप्टर) के अध्यक्ष रोहित दीक्षित, कार्यक्रम में फ़िजी के हाई कमिश्नर जगन्नाथ साई, जिम्बाब्वे के राज मोदी, फ्रेंड्स ऑफ एमपी चैप्टर के कई सदस्य और मध्यप्रदेश से जुड़े प्रवासी भारतीयों ने समिट में सहभागिता की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर केंद्रित लघु फ़िल्मों का प्रदर्शन किया गया।

ज्यादा धर्म का प्रचार कर सकेगी महाकाल की नगरी, आने वाले दिनों में यहां 3300 हेक्टेयर जमीन पर धार्मिक सिटी बनेगी :मंत्री शेखावत

भोपाल  मध्यप्रदेश, खासकर महाकाल की नगरी उज्जैन के लिए बड़ी खुशखबरी है। आने वाले दिनों में यहां 3300 हेक्टेयर जमीन पर धार्मिक सिटी बनेगी। इस सिटी में साधु-संतों, महंतों, महामंडलेश्वरों, शंकराचार्य को स्थायी जगह मिलेगी। ये सभी गुरुजन यहां आश्रम बनाएंगे। वे इन जगहों पर अन्न क्षेत्र चला सकेंगे, धर्मशाला बना सकेंगे, स्कूल-कॉलेज-अस्पताल बना सकेंगे। खास बात यह है कि इस योजना में आम जनता भी शामिल होकर व्यवस्था में हाथ बंटा सकेगी। यानी कुल मिलाकर महाकाल की नगरी और ज्यादा धर्म का प्रचार के साथ-साथ नर सेवा कर सकेगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में की। सीएम यादव ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 के दूसरे दिन यानी 25 फरवरी को फिल्म एंड टूरिज्म सेशन को संबोधित कर रहे थे. इस सेशन में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और विख्यात अभिनेता पंकज त्रिपाठी भी मौजूद थे। सेशन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद ही हमने टूरिज्म सेक्टर को सबसे पहले विकसित करने की कोशिश की। इसके मद्देनजर हमने एविएशन पॉलिसी में बदलाव किया है। टूरिज्म को बढ़ाने के लिए हमारी खुद की विमान सेवा भी है। उन्होंने कहा कि विमानों की संख्या बढ़ने पर हम कंपनियों को इंसेंटिव देंगे। आज सिंगरौली, जबलपुर, रीवा की एयर कनेक्टिविटी जबरदस्त हो गई है। हमने एयर एंबुलेंस भी शुरू की। जहां-जहां हवाई पट्टी है वहां विमान से और जहां हेलीपैड है वहां हैलीकॉप्टर से मरीजों को पहुंचाया जाता है। आजकल टूरिज्म में हेल्थ टूरिज्म भी आ रहा है। इसके लिए हम कई तरह के प्रयोग कर रहे हैं। 10 मार्च को 9वें टाइगर रिजर्व का लोकार्पण     सीएम यादव ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई हार्टपेशेंट ईश्वर के दर्शन करने उज्जैन आ रहा है और वह आयुष्मान कार्ड धारी है, तो हम कोशिश करेंगे कि उसके हार्ट का ऑपरेशन वहीं हो जाए।     हम उसके रहने-खाने की व्यवस्था करेंगे और ऑपरेशन करवाकर वापस भिजवा देंगे। राजधानी भोपाल एक ऐसा शहर है, जहां दिन में इंसान तो रात में टाइगर घूमते हैं।     इन दिनों टाइगर ने भी सह अस्तित्व की भावना अपनाकर जीवनशैली बदल ली है। आमतौर पर एक टाइगर को जीने के लिए 45 से 50 किलोमीटर की जरूरत होती है।     जबकि, बाघिन को 10-15 किमी इलाके की जरूरत होती है। लेकिन, अब इनकी संख्या इतनी बढ़ गई है कि बाघ बाघिन के इलाके में ही जीवन पूरा कर रहा है।     पूरे देश में सबसे ज्यादा टाइगर हमारे पास हैं। पूरे देश में सबसे ज्यादा लेपर्ड भी हमारे पास हैं। हमारे पास पहले 7 टाइगर रिजर्व थे।     इसी साल हमने रातापानी में 8वां टाइगर रिजर्व घोषित किया। इसे डॉ विष्णु वाकणकर का नाम दिया। माधव नेशनल पार्क हमारा 9वां टाइगर रिजर्व है। 10 मार्च को उसका लोकार्पण होगा। केंद्रीय मंत्री से कही ये बात     सीएम यादव ने मजेदार अंदाज में केंद्रीय मंत्री शेखावत से कहा कि मंत्री जी आपके जोधपुर में शायद फर्नीचर अच्छा बनाते हैं।     लेकिन, मजेदार बात है कि जोधपुर में लकड़ी नहीं है और फर्नीचर सबसे अच्छा बनता है। हमारे यहां लकड़ी बहुत है, लेकिन फर्नीचर नहीं बना पाते।     इसलिए आपका और हमारा एमओयू कर लेते हैं। जब आप जल शक्ति मंत्री थे तो आपने केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध नदी के बड़े प्रोजेक्ट पर फोकस किया। क्या होगा उज्जैन में     सीएम यादव ने कहा कि साल 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ होने वाला है। जब कुंभ राशि वृश्चिक राशि में प्रवेश करती है तो कुंभ हो जाता है। हर 12 साल में एक बार ऐसी स्थिति बनती है।     उन्होंने कहा कि उज्जैन में लगभग 3300 हेक्टेयर जमीन में धार्मिक सिटी बसाने की योजना है। उसमें बड़े पैमाने पर साधु-संतों, महंतों, महामंडलेश्वरों, शंकराचार्य को स्थायी रूप से जगह दी जाएगी।     वे आश्रम में अन्न क्षेत्र चला सकते हैं, धर्मशाला बना सकते हैं, स्कूल-कॉलेज और अस्पताल बना सकते हैं। केवल साधु संत ही नहीं आम लोग भी इस तरह की व्यवस्था में मदद कर सकते हैं। पंकज त्रिपाठी ने की एमपी की तारीफ     विख्यात फिल्म अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने कहा कि मध्यप्रदेश विलक्षण है, यहा अपार संभावनाएं हैं।     राज्य में जितनी खूबसूरती है, उतनी कहीं और नहीं। यहां आकर वापस जाने का मन नहीं करता।     यहां आकर मन को शांति मिलती है। उन्होंने मध्यप्रदेश में फिल्म शूटिंग के दौरान अनुभवों को सांझा करते हुए यहां की प्रकृति के बारे में बताया।  

प्रदेश में उद्यानिकी फसलों का रकबा 5 साल में 27 लाख से बढ़कर होगा 32 लाख हैक्टेयर

खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएँ : केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान निवेश प्रोत्साहन के लिये मध्यप्रदेश में सिंगल विण्डो प्रणाली लागू : उद्यानिकी मंत्री कुशवाह प्रदेश में उद्यानिकी फसलों का रकबा 5 साल में 27 लाख से बढ़कर होगा 32 लाख हैक्टेयर प्रदेश में 8 फूड पार्क, 5 एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर, 2 मेगा फूड पार्क और 2 मसाला पार्क उपलब्ध भोपाल कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग द्वारा इनवेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में आयोजित सीड टू सेल्फ इन लांचिंग इन्वेस्टमेंट अपार्चुनिटी इन एमपी एग्री फूड एण्ड डेयरी सेक्टर पर आयोजित सत्र में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएँ हैं। मध्यप्रदेश निवेश के लिये आवश्यक अधोसंरचना के साथ एक लाख हैक्टेयर का लैण्ड बैंक रखने वाला देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी फसलों के अंतर्गत टमाटर, मटर, प्याज, लहसुन, मिर्च, गेहूँ और चावल उत्पादन में देश अग्रणी है। उन्होंने कहा कि कृषि-उद्यानिकी उत्पादन की प्रचुर मात्रा में उत्पादन से किसान को फसल का भरपूर दाम नहीं मिल पाता है। इसलिये आवश्यक है कि प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जाये। इससे फसलों का वैल्यू एडीशन होगा। किसान और उत्पादक इकाई, दोनों लाभान्वित होंगे। इसी तरह भारत पूरी दुनिया में फूड प्रोसेसिंग के लिये वर्ल्ड लीडर बन सकता है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय कृषि मंत्रालय फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिये बीज और पौध की नवीन किस्म विकसित करवा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के कृषि उत्पादन को विदेशों में बेहतर मांग मिल सके, इसके लिये भारत सरकार द्वारा चावल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी शून्य कर दी है। साथ ही ऑइल पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दी है। इसका लाभ देश की फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को मिलेगा। उन्होंने सभी निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिये भरपूर सहयोग का आश्वासन भी दिया। उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने “इनवेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 में आये सभी निवेशकों ओर विषय-विशेषज्ञों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, अपनी समृद्ध कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण क्षमताओं के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। प्रदेश के उद्यानिकी उत्पादों ने देश में अलग पहचान बनायी है। प्रदेश के 27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। इसे आगामी 5 वर्षों में बढ़ाकर 32 लाख हेक्टेयर तथा उत्पादन 400 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 500 लाख टन करने का लक्ष्य रखा गया है। देश के कुल जैविक उत्पादन में मध्यप्रदेश की भागीदारी 40 प्रतिशत है। प्रदेश का रियावन लहसुन और सुंदरजा आम विश्व बाजार में अपनी अलग पहचान रखता है। हमारी सरकार ने कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में विशेष निवेश योजनाओं को लागू करते हुए ‘एक जिला-एक उत्पाद’ पहल के तहत 52 जिलों की विशिष्ट फसलें चिन्हित की हैं। राज्य सरकार द्वारा बनायी गयी नवीन निवेश नीतियों को निवेशकों के अनुकूल बनाया गया है। साथ ही इन नीतियों के निर्धारण के लिये निवेशकों के सुझाव भी राज्य सरकार द्वारा खुले मन से आमंत्रित किये गये हैं। निवेश प्रोत्साहन के लिये सिंगल विण्डो प्रणाली रखी गयी है, जिसमें भूमि का आवंटन एवं सभी प्रकार की अनुमतियां कम से कम समय में मिल सकेंगी। किसानों की आय, रोजगार, निवेश तथा निर्यात में वृद्धि राज्य सरकार का संकल्प है। कृषि उत्पादन आयुक्त मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि फसल को खेत से बाजार तक पहुंचाने और उसे वाजिब दाम उपलब्ध कराने पर विस्तृत चर्चा करने की आवश्यकता है। उन्होंने मध्यप्रदेश में कृषि, पशुपालन एवं उद्यानिकी के महत्व और उनके निर्यात संभावनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में राज्य के कृषि, खाद्य प्र-संस्करण एवं डेयरी क्षेत्रों में निवेश के नए अवसरों पर व्यापक चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों ने किसानों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए नवाचार, तकनीकी प्रगति एवं सरकारी नीतियों के महत्व पर रोशनी डाली। प्रमुख सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण अनुपम राजन ने कहा कि प्रदेश में निवेश का बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। राज्य की सशक्त अधोसंरचना के अंतर्गत 8 फूड पार्क, 2 मेगा फूड पार्क, 5 कृषि प्र-संस्करण क्लस्टर एवं एक लॉजिस्टिक पार्क निवेशकों को उत्कृष्ट अवसर प्रदान कर रहे हैं। इसके साथ ही, सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से भूमि आवंटन एवं सभी प्रकार की अनुमतियाँ शीघ्र उपलब्ध कराई जा रही हैं। मिनी योजनाओं से लेकर उन्नत फ्रोजन लॉजिस्टिक अधोसंरचना तक के अनेक कदम उठाये जा रहे हैं, जिससे किसानों की आय, रोजगार एवं निर्यात में वृद्धि सुनिश्चित होगी। उद्यानिकी के समग्र विकास एवं वैश्विक स्तर पर वृद्धि करने के लिये भारत सरकार के सहयोग से विशेष फसल आधारित क्लस्टर का चयन किया गया है। जैसे निमाड़ में मिर्च, गुना-राजगढ़ में धनिया, बुंदेलखण्ड में अदरक, बघेलखण्ड में हल्दी, बुरहानपुर में केला, मटर, जबलपुर, देवास और इंदौर में आलू के क्लस्टर चयनित किये गये हैं। इसके लिये केन्द्र सरकार द्वारा 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है जिसमें प्रदेश सरकार आनुपातिक राशि का निवेश करेगी। उन्होंने बताया कि छोटे उद्यमियों द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना अंतर्गत 930 करोड़ रुपये की इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। केन्द्रीय सचिव कृषि सुब्रत गुप्ता ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। हमारे घरों में फूड प्रोसेसिंग का लगातार उपयोग होता है। बदलते परिवेश में रेडी-टू-फूड और रेडी-टू-ईट फूड की मांग लगातार बढ़ रही है। इससे भारत दुनिया में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर सकता है। केन्द्र सरकार द्वारा फूड प्रोसेसिंग को प्रोत्साहित करने के लिये 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नये उद्यमी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण श्रीमती प्रीति मैथिल ने मध्यप्रदेश में उद्यानिकी और खाद्य प्र-संस्करण के संबंध में उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वह सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं, जिनकी आवश्यकता नई फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना के लिये होती है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश मसाला फसलों के उत्पादन में देश में प्रथम, फल उत्पादन में द्वितीय और दुग्ध उत्पादन में तृतीय स्थान पर है। प्रदेश में 11 एग्रो क्लाइमेटिक जोन हैं। परिवहन के लिये 700 रेलवे स्टेशन, 60 फ्लाइट्स तथा 9 इनलैण्ड पोर्ट स्थित हैं। मध्यप्रदेश में कृषि विपणन के लिये कृषि उपज मण्डियों की सुदृढ़ श्रंखला … Read more

मध्य प्रदेश 2047 तक भारत की जीडीपी में अपना योगदान मौजूदा 4.6% से बढ़ाकर 6.0% करने के लिए अच्छी स्थिति में

भोपाल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था संभावित रूप से अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) को 2047-48 तक 2.1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (248.6 लाख करोड़ रुपये) तक बढ़ा सकती है, जो मौजूदा 164.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर (13.6 लाख करोड़ रुपये) से 8.6% की सीएजीआर से बढ़ सकती है। “एन विज़निंग मध्यप्रदेश इकोनॉमी@2047” शीर्षक वाली रिपोर्ट, आर्थिक विकास के लिए एक दृष्टिकोण, प्रमुख क्षेत्रों की पहचान, नीतिगत हस्तक्षेप और निवेश के अवसरों की रूपरेखा तैयार करती है जो राज्य के परिवर्तन को आगे बढ़ाएंगे। रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए, सीआईआई के महानिदेशक,चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने और विकास को गति देने के लिए समर्पित एक सक्रिय राज्य सरकार के साथ, मध्य प्रदेश 2047-48 तक भारत की जीडीपी में अपना योगदान मौजूदा 4.6% से बढ़ाकर 6.0% करने के लिए अच्छी स्थिति में है। रिपोर्ट व्यापक डेटा विश्लेषण और हितधारक परामर्श पर आधारित है, जिसमें उद्योग के नेताओं, नीति निर्माताओं और अकादमिक विशेषज्ञों के इनपुट शामिल हैं। यह मध्य प्रदेश की पूर्ण आर्थिक क्षमता को उजागर करने, सतत विकास, रोजगार सृजन और बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धात्मकता सुनिश्चित करने के लिए एक ब्लूप्रिंट के रूप में कार्य करता है। इसके अलावा, रिपोर्ट इस बात पर ज़ोर देती है कि मध्य प्रदेश (एमपी) को अपने महत्वाकांक्षी विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विनिर्माण और औद्योगिक विस्तार को केंद्र में रखना होगा। जबकि कृषि क्षेत्र वर्तमान में मप्र की अर्थव्यवस्था में 43% योगदान देता है, दीर्घकालिक विकास को बनाए रखने के लिए विनिर्माण की हिस्सेदारी 2047 तक 7.2% से बढ़कर 22.2% होनी चाहिए। इसे प्राप्त करने के लिए, रिपोर्ट क्षैतिज (क्रॉस-सेक्टोरल) और ऊर्ध्वाधर (सेक्टर-विशिष्ट) दृष्टिकोणों में वर्गीकृत रणनीतिक हस्तक्षेपों की रूपरेखा तैयार करती है। क्षैतिज हस्तक्षेप इस प्रकार हैं: सबसे पहले, राज्य सरकार को परिवहन बुनियादी ढांचे को बढ़ाकर, अधिक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करके, एयर कार्गो हब का विस्तार करके और हवाई कनेक्टिविटी में सुधार करके बुनियादी ढांचे के विकास को आगे बढ़ाना जारी रखना चाहिए। इसके अतिरिक्त, राज्य को क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक पार्क और स्मार्ट सिटी बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को एकीकृत करने के लिए पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक पार्क बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए। दूसरे, विशेष रूप से कपड़ा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे रोजगार लोचदार क्षेत्रों के लिए कुशल कार्यबल की उपलब्धता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके लिए, राज्य सरकार को और अधिक कौशल पार्क स्थापित करने चाहिए और कौशल अंतराल को दूर करने के लिए कौशल विकास में उद्योग की भागीदारी को प्रोत्साहित करना चाहिए। तीसरा व्यवसाय करने में आसानी में सुधार से संबंधित है जो व्यवसाय के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। निर्बाध अनुमोदन और मंजूरी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम (एसडब्ल्यूएस) की दक्षता बढ़ाने से महत्वपूर्ण लाभ मिल सकते हैं। भूमि अधिग्रहण और पंजीकरण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना, निरीक्षणों को एकीकृत करना और समय पर मंजूरी प्रदान करना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। चौथा एमएसएमई को बढ़ाने से संबंधित है। यह सर्वविदित है कि एमपी एमएसएमई और स्टार्टअप के लिए एक संपन्न पारिस्थितिकी तंत्र का दावा करता है और जहां तक ​​छोटे पैमाने के उद्यमों की संख्या का सवाल है, दस शीर्ष राज्यों में से सातवें स्थान पर है। आगे का कार्य रियायती ऋण व्यवस्था के माध्यम से ऋण तक पहुंच में सुधार, प्रदर्शनियों और व्यापार मेलों में भाग लेकर बाजार पहुंच में सुधार के लिए समर्थन, एमएसएमई को बढ़ाने के लिए निर्यात सहायता की सुविधा, कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करना, डिजिटलीकरण और तकनीकी उन्नयन की सुविधा जैसे उपायों के माध्यम से एमएसएमई को बढ़ाना है। उपरोक्त के अलावा, चार गेम-चेंजिंग हस्तक्षेप हैं जो राज्य को वैश्विक मानचित्र पर लाएंगे। इनमें निर्यात को बढ़ावा देने, गहन तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने, हरित संक्रमण को सुविधाजनक बनाने और संस्थागत तंत्र को मजबूत करने से संबंधित उपाय शामिल हैं। बाद को आर्थिक सुधारों के व्यापक स्पेक्ट्रम को संबोधित करने के लिए एक आर्थिक सलाहकार परिषद बनाकर लागू किया जा सकता है। क्षैतिज हस्तक्षेपों के अलावा, रिपोर्ट ऊर्ध्वाधर हस्तक्षेपों को भी कवर करती है जिसमें कृषि व्यवसाय और खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्युटिकल, चिकित्सा उपकरण और स्वास्थ्य देखभाल, पेट्रोकेमिकल्स और प्राकृतिक गैस, पर्यटन, आईटी और आईटीईएस, रक्षा और एयरोस्पेस, नवीकरणीय ऊर्जा जैसे उच्च प्रभाव और उभरते क्षेत्रों के लिए क्षेत्र विशिष्ट रणनीतियां शामिल हैं। बनर्जी के अनुसार, राज्य की अर्थव्यवस्था एक मोड़ पर है और औद्योगिक क्षमताओं को विकसित करने के लिए संरचनात्मक सुधार को आगे बढ़ाना राज्य में निवेशक आकर्षण में सुधार की कुंजी होगी। मध्यप्रदेश ने तकनीकी नवाचार, उन्नत कृषि पद्धतियों और व्यापक फसल विविधीकरण के आधार पर कृषि उत्कृष्टता के निर्माण के लिए नई कसौटी तैयार की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कृषि में देखी गई सफल रणनीतियों के आधार पर, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में पहल की आवश्यकता है जो राज्य को प्रगति की दिशा में नए रास्ते खोलने में मदद करेगी।  

‘सनातन’ संगम के आखिरी 2 दिन…श्रद्धालु ने पार किया अब 63 करोड़ का आंकड़ा

प्रयागराज महाकुंभ में 63 करोड़ से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं। इतनी भीड़ आने के बाद भी शहर की हवा गुणवत्ता के अनुरूप रही। मेला प्रशासन का दावा है कि इस दौरान प्रयागराज की हवा चंडीगढ़ से अच्छी रही। इतनी संख्या में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ और हजारों वाहनों की आवाजाही के बावजूद वायु गुणवत्ता खराब नहीं हुई है। लगातार 42 दिन से शहर वायु की गुणवत्ता को लेकर ग्रीन जोन में बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पर्यावरण कंसल्टेंट शहीक शिराज के अनुसार महाकुंभ ग्रीन जोन में है। उन्होंने बताया कि 100 के भीतर एयर क्वालिटी इंडेक्स अच्छा माना जाता है। सिर्फ मौनी अमावस्या के दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स 106 रहा। अन्य दिनों में यह 100 से काफी नीचे रहा। इस तरह से सिर्फ मौनी अमावस्या के दिन ही वायु की गुणवत्ता कुछ खराब थी। उन्होंने बताया, 13 जनवरी पौष पूर्णिमा को महाकुंभ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 67 था। 14 जनवरी मकर संक्रांति को 67, 29 जनवरी मौनी अमावस्या को 106, 03 फरवरी बसंत पंचमी को 65 और 12 फरवरी माघी पूर्णिमा को 52 रहा है। महाकुंभ के आखिरी स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर सोमवार को संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए भक्ति की लहरें फिर उफनाने लगी हैं। चाहे लाल मार्ग हो या काली मार्ग या फिर त्रिवेणी मार्ग, हर तरफ से आस्था का जन सैलाब संगम में मिलने के लिए उमड़ता रहा। मेला प्रशासन ने रात आठ बजे तक 1.30 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का दावा किया। सोमवार की देर शाम तक रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों से संगम जाने वाले रास्तों पर लंबी कतारें लगी रहीं। निजी वाहनों का रेला उमड़ने से आउटर की पार्किंग में वाहनों को खड़ा करने की जगह तक नहीं बची। मेला प्रशासन ने मंगलवार की शाम तक तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान लगाया है। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। भीड़ के मद्देनजर मेला प्रशासन ने चुस्त-दुरुस्त इंतजाम किए हैं। पार्किंग के अलावा खाली स्थानों और पटरियों पर बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने डेरा जमा लिया है। देर शाम तक मेला प्रशासन की ओर से तैयारियां परखी जाती रहीं। करीब 12 किमी क्षेत्रफल में फैले संगम के 42 घाटों पर स्नानार्थी ही नजर आ रहे हैं। कोई दंड-कमंडल लेकर तो कोई सिर पर गठरी और कंधे पर झोला-बोरा लिए संगम की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। मेले में वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मेला क्षेत्र के इंट्री प्वाइंटों, संगम व पांटून पुलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस, पैरामिलिट्री के अलावा होमगाड्स, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस और यूपी एसटीएफ के जवान तैनात कर दिए गए हैं। शहर में 10वें दिन जाम से राहत पर वाराणसी, मिर्जापुर मार्ग पर वाहनों की कतार महाकुंभ के दौरान लगने वाले रोजाना भीषण जाम से शहरवासियों को सोमवार को थोड़ी राहत मिली। आखरी बार ऐसी स्थिति माघी पूर्णिमा स्नान के अगले दिन थी। यानी 10वें दिन श्रद्धालुओं के साथ-साथ शहरी को जाम से छुटकारा मिला है। जबकि, बाहरी नंबर की गाड़ियों को भी प्रवेश दिया गया। वहीं, वाराणसी, मिर्जापुर मार्ग पर वाहन रुक-रुककर चलते रहे। मेले में भीड़ कम होने पर कई जगह बैरिकेडिंग भी हटा दी गई हैं। इससे सुबह नौ बजे से ही शहर की सड़काें पर रोजाना के मुकाबले गाड़ियों का कम लोड दिखा। बालसन, सिविल लाइंस, सोहबतियाबाग, तेलियरगंज, फाफामऊ, लेप्रोसी, जानसेनगंज, सीएमपी, अलोपी बाग समेत अन्य जगहों पर जाम की स्थिति सामान्य रही। आवश्यक उपयोग के वस्तुओं के वाहनों की खुली नो-इंट्री शहर में आने वाले आवश्यक उपयोग के वस्तुओं के वाहनों के लिए 11 बजे से नो-इंट्री हटाई गई है। यातायात प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि सिर्फ उन्हीं वाहनों को छूट दी गई है, जिसमें आवश्यक उपयोग के वस्तुएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए पहले जैसे ही व्यवस्था बनी रहेगी। वाहनों का लोड कम होने पर शहर में प्रवेश दिया जाएगा।     प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर सुबह-शाम जाम लगा रहा। शाम करीब चार बजे से जैन मंदिर से अंदावा तक वाहनों की कतार लगी रही।     चित्रकूट-प्रयागराज मार्ग पर भी पहले के मुकाबले जाम से राहत मिली है। सिर्फ बसों को शंकरगढ़ पार्किंग में रोका गया।     प्रतापगढ़-प्रयागराज मार्ग पर जाम से श्रद्धालुओं को मलाक हरहर के रास्ते स्टील ब्रिज की ओर से जाने दिया गया।     मिर्जापुर-प्रयागराज मार्ग पर दोपहर दो बजे से गाड़ियों की कतार लग गई। यह कतार भीरपुर से ऊंचडीह बस अड्डे तक था।     प्रयागराज-लखनऊ-रायबरेली मार्ग पर जाम से राहत थी। मलाका स्टील ब्रिज और फाफामऊ की ओर से गाड़ियां गुजरीं     कानुपर मार्ग पर वाहन सुलेमसराय नेहरू पार्क तक आए। यहां कुछ गाड़ियां रोकी गईं।  

छत्तीसगढ़ के सभी 33 जेलों में महाकुंभ से लाए गए गंगाजल से कैदियों ने किया स्नान

रायपुर जेल में कैद बंदी कभी सपने में नहीं सोच सकता कि उसे प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में स्नान करने का अवसर मिलेगा, लेकिन छत्तीसगढ़ के सभी 33 जेलों में कैद बंदियों के लिए यह हकीकत साबित हो रहा है. इन कैदियों को उनकी इच्छानुसार प्रयागराज महाकुंभ से लाए गए गंगाजल से सामूहिक स्नान कराया जा रहा है. छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने प्रयागराज महाकुंभ से कैदियों के लिए गंगाजल लाए हैं. इस गंगाजल से न केवल रायपुर सेंट्रल जेल के बल्कि राज्य के अन्य 4 सेंट्रल जेल, 20 जिला जेल और 8 सब-जेल के कैदी भी स्नान कर रहे हैं. इस स्नान के माध्यम से कैदियों ने मानसिक और आत्मिक शांति की प्राप्ति की आशा जताई. इस आयोजन को लेकर महानिदेशक (जेल) हिमांशु गुप्ता ने विशेष व्यवस्था की है. उन्होंने कहा कि आज प्रातःकाल छत्तीसगढ़ की सभी 33 जेलों में इच्छुक बंदियों को महाकुंभ संगम स्थल के पवित्र जल से स्नान किया है. इस कार्यक्रम में बंदियों एवं जेल स्टाफ ने हर्षोउल्लास से भाग लिया गया है. यह कैदियों के बीच धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है.

जीआईएस : एमपी में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करेंगे बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल  में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन का सत्र जारी है। बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने भी मध्य प्रदेश में निवेश करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मुझे एमपी से प्यार मैं, यहां इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करूंगा। मध्य प्रदेश के भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में टूरिज्म सेक्टर पर केंद्रित सत्र आयोजित किया गया। इस महत्वपूर्ण सत्र में बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भाग लिया। इस समिट के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों और निवेशकों की उपस्थिति में मध्य प्रदेश को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीतियों पर चर्चा की गई। पंकज त्रिपाठी ने कहा कि 2007 में मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग ने एक डॉक्यूमेंट्री बनाई थी। इसमें दिखाया था कि एक महिला एमपी घूमने आती है। मैं गाइड बनकर उसे भीमबेटका, सांची, भोजपुर, ग्वालियर घुमाता हूं। उस वक्त मैंने एमपी की खूबसूरती देखी। मुझे तभी से प्यार हो गया था। मैं सौभाग्यशाली हूं कि पैदा हुआ बिहार में, कर्मभूमि मुंबई है और एमपी से जुड़ाव है। मैं राजनीति से नहीं जुड़ा तो यहां इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करूंगा।

सिख विरोधी दंगों के मामले में सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा

नई दिल्ली  1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में दो सिख नागरिकों की हत्या से जुड़े मामले में भी कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। सिख दंगा मामले में सज्जन कुमार अब भी तिहाड़ जेल में हैं। दिल्ली की राउज ऐवन्यू कोर्ट ने फैसला सुनाया है। इससे पहले 25 फरवरी तक अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि सज्जन कुमार को 1 नवंबर 1984 को सरस्वती विहार इलाके में पिता-पुत्र की हत्या से संबंधित मामले में दोषी ठहराया गया था। पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को 12 फरवरी को दंगा, गैरकानूनी सभा और हत्या आदि से संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया था। इस मामले में सीबीआई और शिकायतकर्ता ने सज्जन कुमार को फांसी की सजा देने की मांग की थी. मामला 1 नवंबर, 1984 की है, जिसमें पश्चिमी दिल्ली के राज नगर में सरदार जसवंत सिंह और सरदार तरुण दीप सिंह की हत्या कर दी गई थी. शाम को करीब चार-साढ़े चार बजे दंगाइयों की भीड़ ने पीड़ितों के राज नगर इलाके स्थित घर पर लोहे के सरियों और लाठियों से हमला कर दिया था. शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, इस भीड़ का नेतृत्व सज्जन कुमार कर रहे थे जो उस समय बाहरी दिल्ली लोकसभा सीट से कांग्रेस के सांसद थे. शिकायत के मुताबिक, सज्जन कुमार ने भीड़ को हमला करने के लिए उकसाया था, जिसके बाद भीड़ ने सरदार जसवंत सिंह और सरदार तरुण दीप सिंह को जिंदा जला दिया था. भीड़ ने पीड़ितों के घर में तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी को भी अंजाम दिया था. शिकायतकर्ता की ओर से तत्कालीन रंगनाथ मिश्रा की अध्यक्षता वाली जांच आयोग के समक्ष दिए गए हलफनामे के आधार पर उत्तरी जिले के सरस्वती विहार थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे. कब क्या हुआ? 1 नवंबर 1984: सरस्वती विहार में जसवंत सिंह और तरुणदीप सिंह की हत्या की गई थी. पंजाबी बाग पुलिस स्टेशन में सज्जन कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. 16 दिसंबर 2021: पुलिस जांच को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने सज्जन के खिलाफ आरोप तय किए थे. इस दौरान पीड़ित के वकील ने दलील दी थी, “वकील ने कहा था, भीड़ खतरनाक हथियार लेकर सरस्वती विहार में घुसी. उन्होंने लूटपाट, आगजनी और तोड़फोड़ शुरू कर दी. वे सिखों की प्रॉपर्टीज पर हमला कर रहे थे. वे इंदिरा गांधी की हत्या का बदला ले रहे थे. भीड़ ने जसवंत के घर हमला किया, उसकी और बेटे की हत्या कर दी. लूटपाट के बाद घर में आग लगा दी.” 12 फरवरी 2025: स्पेशल जज कावेरी बावेजा ने फैसला सुनाया- इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि सज्जन कुमार न केवल भीड़ में शामिल थे, बल्कि भीड़ की अगुआई भी कर रहे थे. पहले तीन बार टल चुका है फैसला: 31 जनवरी 2025 को हुई सुनवाई में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सज्जन कुमार पर फैसला टाल दिया था. इससे पहले 8 जनवरी और 16 दिसंबर 2024 को भी फैसला टाला गया था. दोनों बार विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा की कोर्ट में तिहाड़ में बंद सज्जन कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेश हुआ था. दिसंबर 2021 को सज्जन कुमार ने इस मामले में खुद को निर्दोष बताते हुए ट्रायल का सामना करने की बात कही थी. ट्रायल में सज्जन कुमार को दोषी माना गया था. इसके बाद उनके खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था.

पाकिस्तान में खेल रही दुनिया भर की टीमें आतंकी अटैक के अलर्ट से खौफ में होंगी

नई दिल्ली/लाहौर  आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के आगाज से पहले ही पाकिस्तान विवादों में रहा है। भारतीय टीम के नहीं जाने से तिलमिलाए पाकिस्तान ने खूब ड्रामा किया। कभी टूर्नामेंट से बाहर होने की धमकी दी तो कभी मेजबानी छोड़ने की, लेकिन आखिरी में होता वही है जो में भारत चाहता है। हाइब्रिड मॉडल के लिए वह मजबूर हुआ तो ओपनिंग सेरिमनी में भारत का झंडा नहीं लगाकर शर्मिंदा करने की कोशिश की। आईसीसी ने जब डांटा तो वापस पाकिस्तान झंडा लगाने को मजबूर हुआ। अब टूर्नामेंट पर आतंकी हमले का अलर्ट जारी हुआ तो पाकिस्तान उल्टे भारत पर दोष मढ़ने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने भारतीय मीडिया द्वारा चैंपियंस ट्रॉफी में खिलाड़ियों और विदेशी दर्शकों के लिए कथित आतंकी खतरे की खबरों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांतिपूर्वक और कुशलता से चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी कर रहा है। भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स में कथित तौर पर आतंकी समूहों द्वारा विदेशी मेहमानों के अपहरण की साजिश का दावा किया गया था। तरार ने इन खबरों को भारत द्वारा पाकिस्तान में खेल को बर्बाद करने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि भारत इस बात को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है कि ICC टूर्नामेंट पाकिस्तान में हो रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सुरक्षित रूप से टूर्नामेंट का आयोजन कर रहा है और यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ी जीत है। दरअसल, सोमवार को पाकिस्तान के इंटेलिजेंस ब्यूरो ने सुरक्षा बलों को ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भाग लेने वाले विदेशी मेहमानों के अपहरण की साजिश के बारे में चेतावनी दी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, इस्लामिक स्टेट और बलूचिस्तान स्थित अन्य समूहों सहित कई आतंकी संगठनों के खिलाफ अलर्ट जारी किया गया है। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि खुफिया चेतावनी के जवाब में पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने खिलाड़ियों और उनके साथ आने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेंजर्स और स्थानीय पुलिस सहित उच्च-स्तरीय सुरक्षा दल तैनात किए हैं। अन्य रिपोर्ट में इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत पर विशेष रूप से चीनी और अरब नागरिकों को कथित फिरौती के प्रयासों के लिए निशाना बनाने का आरोप लगाया गया था। जियो न्यूज पर एक इंटरव्यू के दौरान इस मामले पर सवाल किए जाने पर सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा- मैं रिकॉर्ड पर कहना चाहूंगा कि पाकिस्तान शांतिपूर्वक और बहुत ही कुशलता से ICC चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी कर रहा है। हमारे मैदान भरे हुए हैं हमारे पास दुनिया भर से प्रशंसक हैं, भीड़ खुश है, हमारी सड़कें उन लोगों से भरी हैं जो क्रिकेट की जीत का जश्न मना रहे हैं लेकिन भारतीय मीडिया, जो एक चापलूस मीडिया है, राजनीति करने की कोशिश कर रहा है और पाकिस्तान के खिलाफ झूठा प्रचार फैला रहा है जो अस्वीकार्य और पूरी तरह से असत्य है। पाकिस्तान सबसे सुरक्षित स्थानों में से एक है और हम ICC मैचों को बहुत ही शांतिपूर्वक और बहुत ही कुशलता से आयोजित करने में सक्षम रहे हैं। तरार ने आरोप लगाया कि ये रिपोर्ट्स भारत द्वारा पाकिस्तान में खेल को तोड़फोड़ करने का एक और प्रयास है। उन्होंने कहा- वे इससे बाज नहीं आते। वे यह नहीं पचा पा रहे हैं कि पाकिस्तान में एक बड़ा खेल और ICC टूर्नामेंट आयोजित किया गया है और वे इससे बेहद चिंतित हैं। पहले भी उन्होंने इसके बारे में बहुत सारा प्रचार फैलाने की कोशिश की और विभिन्न बहाने बनाकर ICC टूर्नामेंट को बर्बाद करने की कोशिश की, इसलिए हमें लगता है कि वे इससे बहुत दुखी हैं। तरार ने कहा कि वह इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच के लिए लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि स्टेडियम खचाखच भरा होने के साथ, उस दिन के माहौल और भावना का वर्णन करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं। उन्होंने कहा- सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं वहां इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के भी बहुत सारे प्रशंसक थे और मैं वहां बहुत से ब्रिटिश लोगों से मिला। यह पाकिस्तान के लिए एक जीत थी कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच इतना बड़ा मैच पाकिस्तानी खेल मैदान में हुआ। कम भीड़ के उनके झूठे प्रचार की खुद ही मौत हो गई। अब जो ये झूठे खतरे की चेतावनियां चलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह से निराधार, झूठे और मनगढ़ंत प्रचार हैं। BCCI खेल को राजनीति से मिलाए बिना नहीं रह सकता। वे अतिवादी, कट्टरपंथी और कट्टर हैं जो अपने जहरीले प्रचार से खेल के मैदानों में भी खेल को राजनीति से मिलाने का प्रयास करते हैं। तरार ने न्यूजीलैंड के एक क्रिकेटर रचिन रविंद्र का फोन चोरी होने की खबरों का एक और उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सफलता पाने के प्रयास में इस तरह के प्रचार का सहारा नहीं लिया जा सकता। तरार ने कहा कि पाकिस्तान इस तरह के प्रचार को खारिज करता है और दोहराया कि देश टूर्नामेंट के आयोजन के बारे में बहुत अच्छा काम कर रहा है और आगे भी करता रहेगा।

भोपाल और इंदौर बनेंगे महानगर, मेट्रो का विस्तार होगा: CM मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन का सेशन शुरू हो गया है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि भोपाल-इंदौर को मेट्रोपॉलिटन शहर बनाना है। उन्होंने भोपाल और इंदौर में मेट्रोपॉलिटन सिटी की अवधारणा लागू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर को मुंबई और बाकी शहरों को इंदौर बनाना है। पहले उद्योगों को जोड़ेंगे। फिर 25 साल बाद सब जोड़ देंगे। मंगलवार को सीएम मोहन यादव GIS के दूसरे दिन के सेशन में पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहरलाल खट्टर की तारीफ की। वहीं उन्होंने कहा कि अधिकारी बोल रहे थे भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट नहीं हो सकती है। मैंने कहा कि भोपाल में ही करना है। इंदौर में तो हो ही सकती है लेकिन भोपाल में भी GIS करना है। सीएम मोहन ने कहा कि इंदौर को मुंबई बनाना है, बाकी शहरों को इंदौर बनाना है। इंदौर और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन शहर बनाना है। पहले उद्योगों से जोड़ेंगे, फिर 25 साल में सब जोड़ देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मानव संग्रहालय में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के दूसरे दिन यह बात कहीं. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी में उन्होंने समिट के दूसरे दिन के सेशन की शुरुआत की. कार्यक्रम में प्रदेश के कई मंत्री भी मौजूद थे. इस दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि छोटे छोटे शहरों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की कल्पना पर शुरुआती दौर में ताज्जुब किया गया था, लेकिन इससे मिलने वाले परिणामों से उद्योगपति, निवेशक, अधिकारी सभी आश्चर्यचकित हैं. क्या बोले सीएम मोहन यादव? • प्रदेश में संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की शुरुआत उज्जैन से हुई, जिसके बाद पूरा साल हर महीने (चुनाव की अवधि छोड़कर) किसी एक संभाग में इसका आयोजन किया गया. • इस दौरान उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सागर, जबलपुर, शहडोल, नर्मदापुरम जैसे छोटे स्थानों पर भी यह आयोजन किए गए. • शुरुआत में छोटे शहरों की कॉन्क्लेव को लेकर आश्चर्य व्यक्त किया गया था. लेकिन बाद में इसके बेहतर परिणाम नजर आए. इससे निवेशकों और उद्योगपतियों का कॉन्फिडेंस बढ़ा है. • इंदौर की बजाए भोपाल में ग्लोबल इंवेस्टर समिट की बात पर आश्चर्य किया गया. लेकिन हमें अब इंदौर को मुंबई और दिल्ली जैसा विकसित करना है और प्रदेश के बाकी शहरों को इंदौर की तरह विकास देना है. • इंदौर को धार(पीथमपुर), देवास, उज्जैन(मक्सी, नागदा, शाजापुर) जैसे औद्योगिक शहरों के साथ जोड़कर मेट्रो पॉलिटियन नगर बनायेंगे. • करीब 8000 किलोमीटर के इस दायरे में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा. • कानूनी पेचीदगियों से हटकर यह क्षेत्र इंडस्ट्रियल बेल्ट के रूप में विकसित किया जाएगा. • भोपाल के औद्योगिक विकास के लिए इसके साथ विदिशा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम जिलों को जोड़कर मेट्रो पॉलिटियन नगर बनाया जाएगा. • इन सभी क्षेत्रों में बिजली, पानी, रेलवे, सीवेज और स्वच्छता की व्यवस्थाएं बढ़ाई जाएंगी. • अगले 25 सालों में इस औद्योगिक कल्पना को आकार दे दिया जाएगा. • ग्लोबल इंवेस्टर समिट के बाद शहरी और नगरीय विकास की धारणा के साथ अलग अलग एक एक विषय के आधार पर कॉन्क्लेव की जाएंगी. सीएम ने की बड़ी घोषणा मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में दो प्रमुख शहरों भोपाल और इंदौर में मेट्रोपॉलिटन सिटी की अवधारणा लागू की जा रही है। इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी के तहत इंदौर, देवास, धार, पीथमपुर, उज्जैन सहित आसपास के अन्य क्षेत्रों को मिलाकर एक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर विकसित किया जाएगा। जहां सड़क, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जाएगा। इसी तरह भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी में भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा और सीहोर के साथ नर्मदापुरम के कुछ क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा, जिससे यह एक सुसंगठित और विकसित शहरी क्षेत्र बन सके। ‘अनलॉकिंग लैंड वैल्यू एंड सिटीज’ विषय पर आयोजित GIS सत्र में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद रहे। इस सत्र में इंटीग्रेटेड टाउन पॉलिसी और ईवी (EV) पॉलिसी पर विस्तार से चर्चा की गई। सत्र की शुरुआत नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की। उन्होंने घोषणा की कि मेट्रो के आसपास अर्बन ग्रोथ सेंटर विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही इंदौर में 30% और भोपाल में 31% एफएआर (FAR) बढ़ाने की योजना पर काम किया जा रहा है। दिनभर होंगी अलग-अलग बैठकें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 25 फरवरी (मंगलवार) को भी दिनभर कई बैठकें होंगी। सुबह 9:30 बजे प्रवासी मध्य प्रदेश समिट होगी। सुबह 10:30 बजे समिट हाल वन में टूरिज्म समिट, समित हाल 2 में सुबह 11:30 बजे माइनिंग समिट, दोपहर 2 बजे से एमएसएमई और स्टार्टअप समिट, दोपहर 2:00 बजे से अर्बन डेवलपमेंट समिट होगी। कनाडा, पोलैंड और मल्टीनेशनल इन्वेस्टर्स के साथ दिनभर राउंड टेबल बैठकें होंगी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 11:15 बजे से 12:30 बजे तक निवेशकों के साथ 121 मीटिंग करेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे से सीएम मोहन इन्वेस्टर्स के साथ सेकंड राउंड की मीटिंग करेंगे। GIS का समापन आज ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का समापन होगा। जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे। वे शाम 4 बजे भोपाल पहुंचेंगे। अमित शाह एमपी पवेलियन और एक्सपीरियंस जोन देखेंगे। शाम 4:30 बजे समापन सत्र के लिए मुख्य हॉल जाएंगे। जहां मुख्य सचिव अनुराग जैन समारोह में फॉरवर्ड मध्य प्रदेश का प्रेजेंटेशन देंगे। प्रमुख उद्योगपतियों के संबोधन के बाद शाम 5 बजे मुख्यमंत्री मोहन यादव का समापन भाषण होगा। इसके बाद शाम 6 बजे मीडिया ब्रीफिंग होगी।

विधानसभा में सीएजी रिपोर्ट पेश, केजरीवाल कार्यकाल के दौरान जो लूट-खसूट की गई उसके कच्चे खुलेंगे चिट्ठे

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में पिछली सरकार के दौरान हुए कामकाज को लेकर कई सीएजी (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) रिपोर्ट को मंगलवार को विधानसभा में पेश किया जाएगा। पिछले 3 साल के 14 सीएजी रिपोर्ट लंबित हैं, जिन्हें भाजपा सरकार पटल पर रखने जा रही है। रिपोर्ट्स के सामने आने से पहले ही भाजपा सरकार आम आदमी पार्टी और इसके मुखिया अरविंद केजरीवाल पर आक्रामक है। रेखा गुप्ता सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि केजरीवाल को सारी लूट-करप्शन सामने आ जाने का डर था जिसकी वजह से वह इन रिपोर्ट्स को 3 साल तक दबाए बैठे रहे। सिरसा ने विधानसभा जाने से पहले पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘आज दिल्ली विधानसभा में अरविंद केजरीवाल द्वारा किए गए घोटालों को, जो कैग रिपोर्ट से सामने आई थी, जिसको तीन साल से दबा रखा था, एक-एक करके विधानसभा में पेश किया जाएगा। अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल के दौरान जो दिल्ली में लूट-खसूट की गई उसके कच्चे चिट्ठे खुलेंगे।’ सिरसा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल इसलिए इन्हें दबाकर बैठे थे क्योंकि जो करप्शन करके उन्होंने दिल्ली को लूटा था वह कैग ने हाईलाइट करके निकाल लिया था। केजरीवाल जानते थे कि ये रिपोर्ट अगर सामने आ जाएगी, तो उनकी सारी लूट, खसूट के चिट्ठे सामने आ जाएंगे। लेकिन बचा नहीं पाए, सरकार बदल गई। केजरीवाल की पहली सरकार है जिसने कैग रिपोर्ट को भी टेबल नहीं किया और इसके लिए भी विपक्ष को हाई कोर्ट जाना पड़ा। सोचिए कितने कट्टर बेईमान हैं केजरीवाल कि कैग रिपोर्ट भी टेबल नहीं होने देते, तीन साल तक। जनता के सामने आएंगे काले कारनामे: सचदेवा दिल्ली विधानसभा में सीएजी रिपोर्ट पेश होने से पहले दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि इससे अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान हुए काले कारनामे सामने आएंगे। उन्होंने कहा, ‘सीएजी रिपोर्ट ‘आप’ के काले कारनामे का चिट्ठा है और हमने चुनाव में वादा किया था जिस-जिस ने भ्रष्टाचार किया है उसे जवाब देना पड़ेगा। तो आज हम उम्मीद करते हैं कि उपराज्यपाल के भाषण के बाद सीएजी रिपोर्ट पेश किया जाएगा तो जितने भी इनके काले कारनामे हैं वो दिल्ली की जनता के सामने आएगी।’

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा पर आयोजित विभागीय शिखर सम्मेलन में हुए शामिल

सबसे सस्ती बिजली बनाने में मध्यप्रदेश ने बनाया रिकॉर्ड: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेज गति से हो रहे हैं कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा पर आयोजित विभागीय शिखर सम्मेलन में हुए शामिल भारतीय रेल के साथ हुआ पीपीए अनुबंध संपादित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में गत वर्षों में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में तेज गति से वृद्धि हुई है। अब यह हमारी कुल ऊर्जा उत्पादन का 15% हो गई है। साथ ही मध्यप्रदेश ने सबसे सस्ती बिजली बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया है। प्रदेश के नीमच जिले में स्थापित सोलर परियोजना में 02 रुपए 14 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उत्पादन किया जा रहा है और यह सस्ती बिजली हमारी सरकार भारतीय रेलवे को बेच रही है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के अंतर्गत नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा पर आयोजित विभागीय शिखर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत दुनिया के सामने हर क्षेत्र में सीना तान के खड़ा है। आज जहां विश्व में उथल-पुथल मची हुई है, बहुत से देश आपस में बात भी नहीं करते। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी का सभी से निरंतर संवाद है और वे भारत की प्रगति के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। सोमवार को भोपाल में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट आयोजित की गई है, जिसमें दुनिया भर से मध्यप्रदेश में निवेश प्रस्ताव आ रहे है। देश-विदेश के निवेशकों ने मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर भरोसा जताया है। हमारे लिए छोटा से छोटा निवेश भी बहुत बड़ा है और हर निवेशक महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी संस्कृति सूर्य पर केन्द्रित है। सूर्य देव की हम पूजा करते हैं और वह हमें ऊर्जा प्रदान करते हैं। सूर्य के सारथी अश्विन है। वैसे ही हमारे मार्गदर्शक केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव हैं। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा के साथ ही तेज गति से रेलवे नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा विशेष रूप से सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है। रीवा में 750 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क स्थापित किया गया है। इसी प्रकार नीमच में 500 मेगावाट का सोलर पॉवर प्लांट और भारत का सबसे बड़ा पम्पड हाइड्रो पॉवर स्टोरेज प्रोजेक्ट लगाया गया है। यह सबसे सस्ती बिजली का उत्पादन कर रहा है। ओंकारेश्वर में भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट स्थापित किया गया है। नर्मदापुरम जिले के मुहासा बाबई में भारत का पहला पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन बनाया गया है। पहले इसके क्षेत्र को बढ़ाकर 884 एकड़ किया गया था, अब इसमें 1000 एकड़ क्षेत्र और बढ़ाया जा रहा है। मध्यप्रदेश भारत के 500 गीगावॉट के नवकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेश का अच्छा माहौल बना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक भारतीय रेल ऊर्जा के क्षेत्र में “नेट जीरो” हो जाएगी, अर्थात शत-प्रतिशत बिजली पर चलेगी। अभी 97% रेलवे लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन कर लिया गया है। आज मध्यप्रदेश के साथ 170 मेगावाट का पावर परचेज एग्रीमेंट किया गया है, जो अपने आप में अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश जितनी भी अतिरिक्त बिजली उत्पादित करेगा हम खरीदेंगे। वैष्णव ने कहा कि मध्य प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का ऐतिहासिक कार्य चल रहा है। इस क्षेत्र में 01 लाख 4 हजार करोड रुपए का निवेश किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2014 के बाद 2456 किलोमीटर का रेलवे नेटवर्क तैयार किया गया है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। आज हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री स्वयं ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निरंतर प्रदेश में निवेश बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। चरैवेति, चरैवेति के आदर्श वाक्य को लेकर वे निरंतर इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में 10 वर्ष पहले मात्र 500 मेगावाट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादित होती थी जो अब 7000 मेगावाट हो गई है। प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर जल, जमीन, वायु और सूर्य का प्रकाश है, वे यहां इन्वेस्ट करें। शिखर सम्मेलन में सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन के आर.पी. गुप्ता, साउथ एशिया रीजनल डायरेक्टर इमाद फारुकी, अवाडा ग्रुप के विनीत मित्तल, एलएलपी समूह के सुनील जैन, उद्योगपति पराग शर्मा, पिनाकी भट्टाचार्य, पवन अग्रवाल, नवीन खंडेलवाल, राजीव जैन, जिग्नेश मेहता, गुरदीप सिंह आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अपर प्रमुख सचिव एमएसएमई मनु श्रीवास्तव ने शिखर सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की और स्वागत भाषण दिया। एमडी अमनवीर सिंह बैंस ने आभार व्यक्त किया। पीपीए अनुबंध हुआ संपादित, निवेशकों ने किये निवेश अनुबंध मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में शिखर सम्मेलन में दो पावर परचेज एग्रीमेंट अनुबंध पहला भारतीय रेल, नीमच सोलर प्रोजेक्ट, रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड और वारी के बीच तथा दूसरा एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी, वारी और रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड के बीच संपादित हुए। इसके साथ ही नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में विभिन्न निवेशकों के साथ निवेश अनुबंध भी सम्पादित हुए।  

टेक-इन्वेस्ट-मध्यप्रदेश-विभागीय-शिखर-सम्मलेन-का-आयोजन-मुख्यमंत्री-डॉ-यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का भोपाल में आयोजन हुआ है और इसका लाभ सभी क्षेत्रों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की राजधानी भोपाल की बदलती पहचान का ज़िक्र करते हुए कहा कि अब यहां की पहचान निवेश, उद्योग और व्यापार से हो रही है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पहले दिन सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के शिखर सम्मेलन “टेक इन्वेस्ट मध्यप्रदेश” में आईटी और टेक क्षेत्र के उद्योगपतियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आईटी एक अलग प्रकार की दुनिया है और इस क्षेत्र में निवेश और विस्तार की अनंत संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने आईटी के क्षेत्र में बनाई गई नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि बाकी राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश ने सबसे अच्छी पॉलिसी बनाई है। उन्होंने कहा कि इन नीतियों का लाभ निवेशकों को मिलेगा। आईटी सेक्टर के विस्तार के लिए मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन जगहों पर आईटी के क्षेत्र में चुनौतियां आती थीं, आज वहां भी आईटी हब बन रहे हैं। विभागीय शिखर सम्मेलन में भारत को अगली प्रौद्योगिकी महाशक्ति बनने के मध्यप्रदेश के दृष्टिकोण पर चर्चा की गई। विभिन्न संस्थाओं से निवेश प्रस्ताव प्राप्त किये एवं एमओयू साइन किये गये। सत्र में आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, ड्रोन, एवीजीसी-एक्सआर, डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) के लिए मध्यप्रदेश को वैश्विक केंद्र पर आयोजित सत्रों में विभिन्न पेनालिस्ट ने अपने विचार साझा किये। शिखर सम्मेलन में विभिन्न प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में कुल 25 हजार 640 करोड़ का निवेश प्राप्त हुआ, जिससे लगभग एक लाख 83 हजार 400 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। आईटी और आईटीएस क्षेत्र में 5500 करोड़ का निवेश प्राप्त हुआ। इससे अनुमानित 93 हजार रोजगार सृजित होंगे। ईएसडीएम क्षेत्र में 14 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ, जिससे लगभग 14 हजार रोजगार सृजित होंगे। डेटा सेंटर के लिये 6800 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ, जिसमें 2900 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। जीसीसी में 700 करोड़ का निवेश प्राप्त हुआ, जिससे 40 हजार 500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। एबीजीसी-एक्सआर में 110 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ, जिसमें 3000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। ड्रोन सेक्टर में 180 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ, जिससे लगभग 30 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। मध्यप्रदेश भारत की डिजिटल क्रांति में सबसे आगे : दुबे अपर मुख्य सचिव विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने राज्य को आईटी क्षेत्र में अग्रणी बनाने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भारत की डिजिटल क्रांति में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश लोक सेवाओं की गांरटी प्रदान करने वाला देश में पहला राज्य है। यहां भूमि के पंजीकरण एवं नामांतरण की व्यवस्था ऑनलाइन है। राष्ट्रीय सेवा वितरण मूल्यांकन 2025 में देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। देश का सबसे स्वच्छतम शहर इंदौर एवं स्वच्छतम राजधानी भोपाल स्थित है। यहा के टियर टू शहर राज्य की स्थिति को तकनीकी गंतव्य के रूप में मजबूत कर रहे है। एसीएस दुबे ने भारत में जीसीसी इण्डस्ट्री के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मध्यप्रदेश की जीसीसी नीति के प्रमुख प्रावधानों पर प्रकाश डाला। मध्यप्रदेश में दी जा रही निवेश सुविधाओं के बारे में अवगत कराया। अपर मुख्य सचिव दुबे ने कहा कि राज्य ने प्रभावशाली आईटी, आईटीएस और ईएसडीएम निवेश प्रोत्साहन नीति-2023, जीसीसी नीति-2025, एबीजीसी एक्सआर नीति-2025, ड्रोन प्रमोशन और उपयोग नीति 2025 और समीकंडक्टर नीति 2025 लांच की है। यह नीतियाँ वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने एवं राज्य में विकसित पारिस्थितिक तंत्र बनाने में सहयोग प्रदान कर रही है। नीतियों में कैपेक्स, भूमि और ब्याज छूट, प्लग-एंड-प्ले सुविधा आदि का प्रावधान किया गया है। भारत को उत्पाद पॉवर हाउस बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिये : डॉ. चौधरी पद्म भूषण पुरस्कार विजेता, सह-संस्थापक और पूर्व एमडी एचसीएल, संस्थापक ईपीआईसी फाउंडेशन डॉ. अजय चौधरी ने कहा कि ने कहा कि डिजाइन केन्द्रों, स्टार्ट-अप्स, शिक्षाविदों और ग्लोबल मार्केटिंग को एकीकृत कर भारत को उत्पाद पॉवर हाउस बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिये। हमें यह कोशिश करना चाहिये कि गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी कम्पनी भारत में स्थापित हों। भारत को उत्पाद राष्ट्र बनाना चाहिये। मध्यप्रदेश में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन क्षमता बढ़ाने की असीम संभावनाएँ हैं। डॉ. चौधरी ने तकनीकी निवेश और दीर्घकालिक रणनीतियों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें अगले 20 वर्षों में भारत की कंपनियों को दुनिया की शीर्ष पांच कंपनियों में शामिल करने की दिशा में सोचना चाहिए। डॉ. चौधरी ने ‘मेक इन इंडिया’ पहल को और ज़्यादा सुदृढ़ करते हुए इसे ‘डिज़ाइन एंड मेक इन इंडिया’ में बदलने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सेमीकंडक्टर, ड्रोन और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों पर केंद्रित नीतियों को बढ़ावा दे रहा है। ऐसे में यदि भारत को वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में अग्रणी बनाना है, तो प्रौद्योगिकी निर्माण में अधिक निवेश करना होगा। शासकीय सेवाओं का लाभ प्रदान करने में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य : कृष्णन टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार एस. कृष्णन ने कहा कि हमें डिजिटल टेक्नोलॉजी पर अधिक जोर देना जरूरी है, क्योंकि अर्थव्यवस्था अब तकनीक के आधार पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि 10 साल पहले डिजिटल टेक्नोलॉजी का भारत की जीडीपी में योगदान मात्र 6-7 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 13 प्रतिशत हो गया है और वर्ष 2030 तक इसके 20प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आज भारत में 90 प्रतिशत से अधिक मोबाइल फोन असेंबल किए जा रहे हैं, जिससे देश टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। डिजिटल अर्थव्यवस्था द्वारा भारत वर्ष 2047 तक विकसित देश बन जायेगा। विश्व की 70 प्रतिशत से अधिक डिजाइन कम्पनियाँ भारत में स्थापित हैं। हम डिजाइन के क्षेत्र में भारत को वैश्विक केन्द्र के रूप में स्थापित कर सकते हैं। मध्यप्रदेश देश का सर्वाधिक कृषि उत्पादक राज्य है, यहाँ बाइब्रेंट टेक ईको सिस्टम है। राज्य में सेमी-कंडक्टर डिजाइन के लिये टियर-टू शहर हैं। शासकीय सेवाओं का लाभ प्रदान करने में मध्यप्रदेश देश … Read more

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