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मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, 254 नए उर्वरक विक्रय केंद्रो की स्थापना की स्वीकृति

सिविल सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण का अनुसमर्थन नवीन मेडिकल कॉलेज में प्राध्यापकों की भर्ती की आयु सीमा की गई 50 वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, 254 नए उर्वरक विक्रय केंद्रो की स्थापना की स्वीकृति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (महिलाओं की नियुक्ति के लिए विशेष उपबंध) नियम, 1997 में मुख्यमंत्री के आदेश दिनांक 13.09.2023 एवं इसके परिपालन में विभाग द्वारा जारी अधिसूचना 3 अक्टूबर, 2023 का अनुसमर्थन किया गया। इस निर्णय से महिला आरक्षण 35 प्रतिशत होगा। 254 नए उर्वरक विक्रय केंद्रो की स्थापना की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2024-25 में (खरीफ एवं रबी सीजन में) 254 नए उर्वरक विक्रय केन्द्र स्थापित करने पर मानव संसाधन पर होने वाली संभावित व्यय की वास्तविक राशि अधिकतम 1 करोड़ 72 लाख रूपये की सीमा तक की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया। 660 मेगावॉट क्षमता की नवीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई की स्थापना के लिए फिजिबिलिटी स्टडी मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप वि‌द्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 (410) मेगावाट) एवं विद्युत गृह क्रमांक 3 (420 मेगावाट) में स्थापित इकाइयों को रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 में स्थित इकाई क्रमांक 6 एवं 7 (200 + 210 मेगावॉट) एवं विद्युत गृह क्रमांक 3 में स्थित इकाई क्रमांक 8 एवं 9 (2X210 मेगावॉट) द्वारा रूपांकित आयु पूर्ण कर ली गई हैं। ये इकाइयों लगभग 39 से 44 वर्षों से संचालन में हैं। इन इकाइयों की स्थिति एवं प्रदर्शन के दृष्टिगत म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा इन इकाइयों को रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने की चाही गई अनुमति मंत्रि-परिषद ने प्रदान की है। निर्णय अनुसार सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 एवं 3 में स्थित इकाई क्रमांक 6 से 9 (कुल क्षमता 830 मेगावॉट) को 30 सितम्बर, 2024 से रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने की अनुमति प्रदान की गई। रिटायर (डी-कमीशन) इकाइयों का डिस्पोजल ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जायेगा। इन इकाईयों के स्थान पर 660 मेगावॉट क्षमता की नवीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई (इकाई क्रमांक 13) की स्थापना के लिए म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा फिजिबिलिटी स्टडी करायी जायेगी। आयु-सीमा में वृद्धि का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा नवीन शासकीय चिकित्सा महावि‌द्यालयों में चिकित्सा शिक्षकों की कमी को दृष्टिगत रखते हुए सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष से बढ़ाकर 50 वर्ष करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। सह चिकित्सीय पाठ्क्रमों की मान्यता म.प्र. सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम, 2000 को निरस्त करने की कार्यवाही को लंबित रखते हुए शैक्षणिक सत्र 2023-24 एवं आगामी सत्रों की मान्यता प्रक्रिया, साथ ही सह-चिकित्सीय पाठ्यक्रम उत्तीर्ण कर्मियों के पंजीयन एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं का आयोजन पूर्व में प्रचलित म.प्र. सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम, 2000 अंतर्गत् प्रचलित नियमों के अनुसार, पूर्व में विघटित मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद को पुनर्जीवित करते हुए, पूर्ण किये जाने तथा राष्ट्रीय आयोग द्वारा अधिनियम अंतर्गत प्रावधानित विनियम (रेगुलेशन) जारी होने के उपरांत विनियम के अनुरुप मध्यप्रदेश अलाइड एण्ड हेल्थ केयर कौंसिल ‌द्वारा स्वशासी बोर्ड्स के गठन होने पर पुनर्जीवित मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद स्वतः समाप्त हो जायेगी एवं मंत्रि-परिषद् के पूर्व में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम 2000 को निरस्त करने की कार्यवाही की जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा दी गई। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार, सहकारिता मंत्रालय द्वारा लागू की गई केन्द्र प्रवर्तित परियोजना “Strengthening of Cooperatives through IT Interventions” अन्तर्गत प्रदेश के पंजीयक सहकारी संस्थाएँ कार्यालय के कम्प्यूटराईजेशन के लिए परियोजना की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गयी। इस पर 3 करोड़ 68 लाख रूपये व्यय आयेगा, जिसकी 60 प्रतिशत राशि केन्द्र एवं 40 प्रतिशत राशि राज्य शासन द्वारा वहन की जायेगी।  

संरक्षण की पहल, खुरासानी इमली को सहेजने की योजना, जानिए-इस दुलर्भ पेड़ में क्या विशेष गुण हैं

इंदौर धार जिले के मांडव में खुरासानी इमली के दुर्लभ पेड़ों की तस्करी रोकने और ट्रांसलोकेट किए जाने की चुनौती के बीच अब वन विभाग ने हर पेड़-पौधे को रिकॉर्ड पर लेकर संरक्षित करने का फैसला किया है. हाल ही में मध्यप्रदेश के सभी वन मंडल के डीएफओ को निर्देश दिए गए हैं, जिन्होंने अपने जिलों में पाए जाने वाले इस पेड़ की जानकारी संकलित करके विभाग को सौंपी है. मांडव में खुरासानी इमली के पेड़ों की तस्करी के प्रयास गौरतलब है मई 2023 में धार जिले के मांडव में चोरी छुपे खुरासानी इमली के कई पेड़ों को हैदराबाद स्थित ग्रीन किंगडम प्राइवेट कंपनी अपने बोटैनिकल गार्डन में शिफ्ट करने के लिए ले जा रही थी. इस मामले को ईटीवी भारत द्वारा एक्सपोज किया गया था. इसके बाद पता चला कि धार जिले के वन विभाग के अधिकारियों ने 8 पेड़ों को काटने की अनुमति गुप्त रूप से दी थी. हालांकि ये कंपनी 14 पेड़ काटकर हैदराबाद में शिफ्ट कर चुकी थी. इस मामले के चर्चा में आने के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने के आदेश दिए. इस मामले से जुड़ा एक अन्य प्रकरण अभी कोर्ट में विचाराधीन है. पूरे प्रदेश में खुरासानी इमली के पेड़ों का रिकॉर्ड होगा मेंटेन राज्य सरकार अब खुरासानी के पौधे-पेड़ों का रिकॉर्ड संरक्षित कर जानकारी मंगा रही है. हाल ही में मध्य प्रदेश बायोडायवर्सिटी बोर्ड द्वारा प्रत्येक जिले के वन मंडलों को निर्देश दिया गया है कि पूरे प्रदेश में इस पौधे की प्रजाति कहां-कहां है और कितनी संख्या में है, इसकी जानकारी एकत्र की जाए. इंदौर डीएफओ महेंद्र सोलंकी ने बताया “वन मुख्यालय से मंगाई गई जानकारी के अनुसार इंदौर जिले में करीब 33 खुरासानी इमली के पेड़ों का रिकॉर्ड तैयार किया गया है, जिसे मुख्यालय भेजा गया है. इंदौर जिले के अलावा महू एवं कुछ अन्य स्थानों पर जितने भी पौधे हैं, सभी संरक्षित हैं जिनका चिह्नांकन किया गया है, जिससे कि इस दुर्लभ प्रजाति को सहेज कर रखा जा सके.” खुरासानी इमली के पेड़ों को काटने पर प्रतिबंध बता दें कि जैव विविधता वाले इस वृक्ष को काटने के लिए राज्य सरकार ने भी प्रतिबंध लगा रखा है. राजस्व विभाग ने 14 में 2024 की अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय जैव विविधता अधिनियम 2022 के तहत अधिसूचित वृक्षों को काटे जाने गिराए जाने या अन्य क्षति पहुंच जाने के लिए कोई अनुज्ञा या अनुमति नहीं दी जाएगी. अफ्रीकन बाओबाब कहे जाने वाले ये पेड़ अफ्रीका और अरब मूल के हैं, जिनका पृथ्वी पर करीब 2000 पुराना इतिहास है. देश में यही इकलौता पेड़ है, जिसमें रेडियो कार्बन डेटिंग के गुण हैं. री-डिहाइड्रेशन इस दुर्लभ पेड़ की बड़ी विशेषता इसके अलावा इस दुलर्भ पेड़ में री-डिहाइड्रेशन अचूक गुण है. बताया जाता है कि 14वीं शताब्दी में महमूद खिलजी के शासनकाल के दौरान अफ्रीका से ईरान होते हुए जो अरब से मजदूर यहां आए थे. वह इस फल को प्यास से बचने के लिए अपने साथ रखते थे. उस वक्त धार जिले का मांडव भी मुगलकालीन गतिविधियों का केंद्र रहा, जहां इस फल के बीज गिरने से ये पौधे विकसित हुए, जो आज भी मांडव में मौजूद हैं. माना जाता है कि इस एक पेड़ की उम्र 5000 वर्ष से भी अधिक हो सकती है, जो अपने जीवन काल में 120000 लीटर तक पानी का संग्रह कर सकता है. 

मंत्री विजयवर्गीय ने उपद्रवियों को चेतावनी देते हुए कहा,

इंदौर  दीपावली पर पटाखे फोड़ने को लेकर हुए विवाद पर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नाराजगी जताई. तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि शांति भंग करने वाले तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा. BJP के वरिष्ठ नेता विजयवर्गीय ने उपद्रवियों को चेतावनी देते हुए कहा, “अगर वे मेरे हाथ लग गए तो मैं उन्हें उल्टा लटका दूंगा और पूरे शहर में घुमाऊंगा. इस शहर में कोई अशांति नहीं फैला सकता.” इंदौर-1 से विधायक ने दावा किया, “इस मामले में प्रशासन बहुत सक्रियता से काम कर रहा है, लेकिन अगर ऐसा लगता है कि हमें भी इसमें शामिल होने की जरूरत है, तो हम पीछे नहीं हटेंगे. हम इस शहर के लिए कुछ भी कर सकते हैं.” विजयवर्गीय पीड़ित परिवार से भी मिले. उनसे क्षेत्र की एक महिला ने कहा कि हमें डराया जाता है. इस पर मंत्री ने कहा कि अब किसी की हिम्मत नहीं होगी. पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए हिंदू संगठनों के लोग भी पहुंचे थे. इलाके में अप्रिय स्थिति निर्मित न हो, इसके लिए एहतियात के लिए फोर्स भी तैनात किया गया है. बता दें कि शहर के छत्रीपुरा थाना इलाके में 1 नवंबर को पटाखे फोड़ने को लेकर दो समूहों के बीच हुई झड़प में 6 लोग मामूली रूप से घायल हो गए थे. पुलिस के अनुसार, इस घटना के सिलसिले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के विंध्य की प्रतिभाओं के सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री शुक्ल हुए शामिल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल में बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट द्वारा भोपाल में आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने बघेली भाषा में कहा कि “लोगन का सम्मानित करब विंध्य कै गौरवशाली परम्परा आय। सम्मान समाज मा या संदेश देत है कि समाज कै नज़र पारखी है। औरन का प्रेरित करत है मेहनत करै का, संघर्ष करिके सफल होंय का। सफलता का कौनों शॉर्टकट नहीं होय। दूरदृष्टि और पक्का इरादा से कौनों लक्ष्य प्राप्त कीन जा सकत है।” उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कार्यक्रम में संघ लोक सेवा आयोग और राज्य सेवा आयोग की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले विंध्य क्षेत्र की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। अपने क्षेत्र का अपने समाज का विकास करने में भी अग्रणी रहें उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी सम्मानित अधिकारियों को प्रेरित किया कि अपने कार्यक्षेत्र में पूरे मनोयोग से कार्य कर विंध्य क्षेत्र का प्रदेश का और राष्ट्र का नाम रोशन करें। उन्होंने आह्वान किया कि स्वयं के विकास के साथ अपने क्षेत्र का अपने समाज का विकास करने में भी अग्रणी रहें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विंध्य क्षेत्र के प्रतिभाशाली व्यक्ति प्रदेश में देश और समूची दुनिया कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, यह क्षेत्र के लिये गौरव का विषय है। देश के सीओएएस जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी दोनों रीवा की पावन धरा के है। कई विभूतियों ने विंध्य का नाम रोशन किया है। क्षेत्र के विकास कार्यों में विंध्य के नागरिकों ने सदैव प्रदान किया है सहयोग उप मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों में विंध्य के नागरिकों ने चाहे वह कहीं भी रहे हों सदैव सहयोग प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि जहाँ चाह होती है वहाँ राह बन ही जाती है। असफलता का कारण समझकर सही दिशा में प्रयास करें तो निःसंदेह सफलता कदम चूमेगी। विंध्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है, रफ्तार बनी रहे इसके लिए एकजुट होकर करें प्रयास उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आज देश में अनुकूल परिस्थितियाँ हैं, बजट की कोई कमी नहीं है। आज भारत विश्व की 5 वीं अर्थव्यवस्था है। शीघ्र ही भारत विश्वगुरु बनेगा। यह तभी संभव है जब सभी आगे बढ़ें। इसके लिये सभी को स्वयं के साथ-साथ समाज और क्षेत्र के लिये कार्य करना होगा। उन्होंने कहा संस्कार विहीन शिक्षा बिना सुगन्ध के पुष्प के समान है। सभी को सुगंधित पुष्प बनना है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विंध्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है, यह रफ्तार बनी रहे, इसमें और तेजी आये इसके लिये सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी चयनित अधिकारियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामना दी। ट्रस्ट की गतिविधियाँ क्षेत्र के विकास में सहयोगी हों यही प्रयास है: पूर्व नेता प्रतिपक्ष सिंह पूर्व नेता प्रतिपक्ष, विधायक एवं बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र के नागरिकों को एकजुट करने का, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे विंध्यवासियों को सम्मानित कर अन्य नागरिकों को प्रेरित करने के लिये यह आयोजन किया गया है। ट्रस्ट की गतिविधियाँ क्षेत्र के विकास में सहयोगी हों यही प्रयास है। विन्ध्य की प्रतिभाओं ने साझा किये सफलता के मंत्र कार्यक्रम में विंध्य क्षेत्र के सम्मानित अधिकारियों ने अपनी सफलता की कहानी और सफलता के मंत्र साझा किये। आईपीएस सुकाजल सिंह ने कहा कि सपनों को पूरा करने की चाहत मेहनत को अपना बना ही लेती है। सफलता के लिये इंटर्नल मोटिवेशन अहम है। उन्होंने कहा कि हम सबका यह प्रयास होना चाहिये कि हम टैलेंट को पहचाने और उन्हें अवसर प्रदान करने में सहयोग करें। डिप्टी कमांडेट होमगार्ड के पद पर चयनित आशीष कुशवाहा ने अपने संघर्ष की कहानी साझा की और कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित अंबिकेश प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार पद पर चयनित सुआंचल अग्रवाल, वेटनरी डॉक्टर पद पर चयनित डॉ रागिनी मिश्रा ने अपने विचार साझा किये। कार्यक्रम में आईपीएस सुकाजल सिंह, आईएफएस अक्षत पाण्डेय, वीरेन्द्र कुमार पटेल, सुऋषिका सिंह, आईआरटीएस रोहित सिंह, डिप्टी कलेक्टर अंबिकेश प्रताप सिंह, सुअर्चना मिश्रा, नंदन तिवारी, देवेंद्र द्विवेदी, सुप्रिया पाठक, सौरभ मिश्रा, अमित सोनी, उमेश द्विवेदी, डीएसपी हेमंत पांडे, डिप्टी कमांडेंट होमगार्ड आशीष कुशवाहा, वेटनरी डॉक्टर डॉ रागिनी मिश्रा, एटीओ प्रकाश द्विवेदी, एडी शिक्षा सुकविता त्रिपाठी, सीईओ जनपद सुज्योति पटेल, नायब तहसीलदार कमलेश मिश्रा, आशीष मिश्रा, प्रकाश उपाध्याय, सुबिंदु तिवारी, सुरूपा पाठक, सुआंचल अग्रवाल, सुप्रज्ञा दुबे, सुप्रतीक्षा सिंह, सुअंकिता पांडे, सुएकता शुक्ला, शिव कुमार गौतम, सुमित तिवारी और सौम्य कुमार द्विवेदी को सम्मानित किया गया। बघेली व्यजनों से परिपूर्ण जेउनार का लिया आनंद विंध्य क्षेत्र के प्रतिभाशाली भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी ईश्वर पाण्डेय को उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में डीजी आरसीवीपी नारोन्हा प्रशासनिक अकादमी जे. एन. कंसोटिया, पूर्व डीजीपी स्वराज पुरी, मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के महासचिव कमलाकर सिंह सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम उपरांत सभी उपस्थितों ने पारंपरिक बघेली व्यजनों से परिपूर्ण जेउनार का आनंद लिया।  

अजय सिंह के बाद लक्ष्मण सिंह ने उठाए सवाल, ‘यह प्राइवेट कंपनी नहीं है, MD जो चाहेंगे वो होगा’

भोपाल  मध्यप्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी पर बवाल जारी है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के भाई व पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि पहले सब की राय लेकर कार्यकारिणी घोषित होती थी। यह कोई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नहीं है कि एमडी जो चाहेगा वह होगा। पार्टी सबकी है, किसी परिवार की नहीं है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लक्ष्मण सिंह ने कहा कि पहले सब की राय लेकर कार्यकारिणी घोषित होती थी। कार्यकर्ताओं से पूछकर कार्यकारिणी बनती थी, जो मेहनत करने वाले कार्यकर्ता थे, उनको हम पद देते थे, एडजस्ट करते थे। यह परंपरा पिछले 25-30 वर्षों से नगण्य हो चुकी है। यह कार्यकारिणी पीसीसी बंद कमरे में बैठकर बनी है। किसी ने इनको लिस्ट पकड़ा दी और इन्होंने जारी कर दी। पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह ने आगे कहा कि यह कोई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नहीं है कि एमडी जो चाहेगा वह होगा। अजय सिंह ने सही बात कही है। अब कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी भी खुद कह रहे है कि वह वादा करो, जो निभा सकते हो। पार्टी सबकी है, किसी के परिवार की नहीं है। PCC चीफ ने कही थी ये बात वहीं लक्ष्मण सिंह की नाराजगी और उनके ट्वीट पर जीतू पटवारी का बयान सामने आया था। उन्होंने कहा था कि हमारा परिवार बड़ा है। बड़े परिवार में छोटा-मोटा मुद्दा होता रहता है। सबको मानने और सबके भावनाओं का सम्मान करना मेरा काम है। मैं प्रदेश अध्यक्ष हूं कुछ आपत्ति आई हैं, जिसे मैंने गंभीरता से लिया है सभी से मेरी बात हो गई है। लक्ष्मण सिंह को पूरी जानकारी नहीं है, इसलिए उन्होंने ऐसा बोल दिया। मैं उनकी बातों का सम्मान करता हूं, वह एक सीनियर लीडर है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस में कार्यकारिणी को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार 26 अक्टूर को खत्म हुआ। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी की नई टीम का ऐलान हुआ। जिसमें 177 नेताओं को जिम्मेदारी दी गई। इसमें 17 उपाध्यक्ष बनाए गए है, 71 जनरल सेक्रेटरी बनाए गए है। 40 विशेष आमंत्रित सदस्य बनाये गए, वहीं 33 स्थाई आमंत्रित सदस्य बनाए गए है। एग्जीक्यूटिव कमेटी के 16 सदस्य बनाए गए है। लेकिन सूची आने के बाद से अब तक पूर्व विधायक कल्पना वर्मा समेत छह लोगों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

शिवराज आखिरी बार 2006 में खुद के लिए वोट मांगने बुदनी आए थे, अब भार्गव के लिए आएंगे

बुधनी बुधनी विधानसभा में वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव के बाद ऐसा मौका पहली बार देखने को मिलेगा, जिसमें शिवराज सिंह चौहान स्वयं भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांगते हुए नजर आएंगे। इस अवधि में उन्होंने विधानसभा चुनाव में कभी भी वोट नहीं मांगे थे। लेकिन इस बार परिस्थितियां ठीक नहीं होने के कारण उन्हें मैदान में उतरना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि अपने खास सखा के लिए वह बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में पहुंचकर जनसभाओं को संबोधित करेंगे। पहले दौरे कार्यक्रम के मुताबिक वह सात नवम्बर को पिपलानी, छिदगांव काछी व रेहटी में चुनावी सभाओं को संबोधित करने के साथ ही आम मतदाताओं से रूबरू होंगे। बुधनी में विधानसभा का उपचुनाव होना है, जिसमें भाजपा की ओर से रमाकांत भार्गव प्रत्याशी हैं। 2006 से लेकर 2023 तक हुए सभी चुनावों में शिवराज सिंह चौहान भाजपा की ओर से प्रत्याशी रहे हैं। 2006 में हुए उपचुनाव के दौरान उनके द्वारा विधानसभा क्षेत्र में पदयात्रा करते हुए वोट मांगे गए थे। लेकिन उसके बाद हुए आम चुनावों में वह अपने लिए कभी भी बुधनी की जनता के पास वोट मांगने नहीं आए थे। विपक्षी दल से कोई भी नेता चुनाव मैदान में उतरा हो या फिर किसी भी बड़े स्टार प्रचारक की सभा हुई हो उसके बावजूद भी उन्होंने विधानसभा की और अपना रुख नहीं किया था। उनका पूरा चुनाव क्षेत्र के कार्यकर्ता और जनता के हवाले ही रहता था। इसके बावजूद भी हर चुनाव में उनकी जीत का अंतर लगातार बढ़ता ही रहा। लेकिन आगामी 13 नवम्बर को होने वाले उपचुनाव में शिवराज सिंह चौहान को भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांगने गांव-गांव दस्तक देना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि झारखंड में हो रहे विधानसभा चुनाव की व्यस्तता के बावजूद भी उन्हें बुधनी में अपना समय देना पड़ रहा है। इसके पीछे बड़ा कारण भाजपा प्रत्याशी का कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच पुरजोर विरोध है, जिसे थामने के लिए शिवराज सिंह चौहान मैदान में उतर रहे हैं। उनके द्वारा लगातार भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं व नेताओं से सतत संपर्क बनाकर चुनाव में जुटने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बुधनी में कांग्रेस की काट है शिवराज बुधनी विधानसभा में कांग्रेस की काट शिवराज सिंह चौहान हैं, जिन्होंने कांग्रेस के गढ़ को नेस्तनाबूद किया था। उसके बाद से लेकर अभी तक कभी भी कांग्रेस इस विधानसभा पर जीत का परचम नहीं लहरा सकी है। वर्ष 1990 में अपनी राजनीति का आगाज करने के बाद पहला चुनाव उन्होंने 24,000 से भी अधिक मतों से जीता था। उसके बाद से उनकी जीत का कारवां लगातार जारी रहा। लेकिन इस बार शिवराज सिंह चौहान बुधनी विधानसभा से प्रत्याशी नहीं है। ऐसे में कांग्रेस इस मौके को गंवाना नहीं चाहती। शिवराज सिंह चौहान की जन्म और कर्म स्थली कहलाने वाली बुधनी सीट को कांग्रेस के हाथों में नहीं जाने देना चाहते। जिसके कारण वह पुरजोर प्रयास करते हुए भाजपा प्रत्याशी रमाकांत भार्गव (जिन्हें उनका सबसे खास सखा माना जाता है) के पक्ष में मैदान में उतरने वाले हैं। जनता का मूड, शिवराज के लिए सभी एक, लेकिन भार्गव के लिए चुनौती बुधनी विधानसभा क्षेत्र की जनता का मूड  शिवराज सिंह चौहान के लिए तो हमेशा एक ही रहा है। लेकिन भाजपा के द्वारा घोषित किए गए प्रत्याशी रमाकांत भार्गव के लिए आम जनता चुनौती साबित हो रही है। भाजपा प्रत्याशी का कार्यकर्ताओं के बीच ही पुरजोर विरोध होना पार्टी के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। भाजपा के द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यकर्ता सम्मेलन( दीपावली मिलन समारोह) में भी पार्टी कार्यकर्ताओं की कम उपस्थिति नेताओं के लिए चिंता का कारण बन गई है। इसके पीछे बड़ा कारण कुछ समय पूर्व टिकट वितरण से उपजा विरोध है। हालांकि भाजपा संगठन ने अपने सभी जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को एकजुट कर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार की जिम्मेदारी सौंप दी है। गौरतलब है कि 1990 में राजनीति का आगाज करने के बाद शिवराज सिंह ने पहला चुनाव 24000 से भी अधिक मतों से जीता था। उसके बाद से उनकी जीत का कारवां यहां लगातार जारी रहा। वहीं कांग्रेस भी इस बार बुदनी विधानसभा सीट का जीतकर शिवराज सिंह चौहान का किला भेदने की तैयारी में जुट गई है।

नवंबर और दिसंबरमें 48 लाख शादियां, 6 लाख करोड़ रुपये का व्यापार होने की उम्मीद : CAIT

नई दिल्ली दिवाली का त्योहार बीत चुका है। अब महापर्व छठ (Chhath Mahaparv) की तैयारी शुरू हो गई है। इसके बीतते ही 12 नवंबर को देवोत्थान एकादशी है। फिर शुरू हो जाएगा शादी-ब्याह का मौसम। इस साल शादी का लगन 16 दिसंबर तक चलेगा। अनुमान है कि इस दौरान देश भर में करीब 48 लाख शादियां होंगी। इन शादियों से बाजार में करीब छह लाख करोड़ रुपये आएंगे। मतलब कि अर्थव्यवस्था को एक नया बल मिलेगा। कहां से आया है यह अनुमान देश के रिटेल कारोबारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने एक अध्ययन रिपोर्ट जारी किया है। इसी में दावा किया गया है कि इस साल नवंबर और दिसंबर महीने में करीब 48 लाख शादियां होने का अनुमान है। संगठन का कहना है कि इन शादियों से करीब 6 लाख करोड़ रुपये का व्यापार होने की उम्मीद है। पिछले साल इस सीजन में करीब 35 लाख शादियों से कुल 4.25 लाख करोड़ रुपये का व्यापार हुआ था। कैट का कहना है कि देश भर के 75 प्रमुख शहरों में शादी से संबंधित वस्तुओं और सेवाओं में व्यापार करने वाले प्रमुख व्यापारी संगठनों से चर्चा के आधार पर यह अनुमान लगाया गया है। इस बार शुभ मुहूर्त की ज्यादा है तिथियां बताया जाता है कि इस साल शुभ विवाह मुहूर्त की तिथियों में वृद्धि के कारण व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि का अनुमान है। वर्ष 2023 में 11 शुभ मुहूर्त थे, जबकि इस वर्ष 18 मुहूर्त है। इससे व्यापार को और अधिक बढ़ावा मिलने की संभावना है। इस दौरान दिल्ली में ही अनुमानित 4.5 लाख शादियां होंगी। इससे इस सीजन में 1.5 लाख करोड़ रुपये के व्यापार की उम्मीद है। किस-किस दिन लगन कैट के अनुसार, इस साल के शादी सीजन में नवंबर में शुभ तिथियां 12, 13, 17, 18, 22, 23, 25, 26, 28 और 29 हैं, जबकि दिसंबर में ये तिथियां 4, 5, 9, 10, 11, 14, 15 और 16 हैं। इसके बाद लगभग एक महीने तक शादियों के सीजन में विराम होगा। इसके बाद साल 2025 में मध्य जनवरी से मार्च तक फिर से शादियां शुरू होंगी। एक शादी में कितना खर्च कैट के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल के मुताबिक दो महीने के दौरान देश भर में 10 लाख शादियों में औसतन 3 लाख रुपये खर्च होंगे। करीब 10 लाख शादियों में 6 लाख रुपये खर्च होंगे। करीब 10 लाख शादियां ऐसी होंगी जिनमें 10 लाख रुपये, इतनी ही शादियों में 15 लाख रुपये खर्च होंगे। लगभग 7 लाख शादियां ऐसी होंगी जिनमें औसतन 25 लाख रुपये खर्च होंगे जबकि 50,000 शादियों में 50 लाख रुपये खर्च होंगे। देश में करीब 50,000 ऐसी शादियां होंगी जिनमें एक करोड़ या उससे अधिक राशि के खर्च होने का अनुमान है। शादी में किन वस्तुओं पर कितना खर्च खंडेलवाल के अनुसार, शादी के खर्च को सामान और सेवाओं के बीच विभाजित किया जाता है। इनमें मुख्य रूप से कपड़े, साड़ियां, लहंगे, और अन्य परिधान पर 10%, आभूषण पर 15%, इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली उपकरण, और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 5%, सूखे मेवे, मिठाइयां, और स्नैक्स 5%, किराना और सब्जियां 5%, उपहार आइटम्स 4% तथा अन्य वस्तुओं पर 6% का अमूमन खर्च होता है। दूसरी आर सर्विस सेक्टर में बैंक्वेट हॉल, होटल, और शादी के स्थल पर 5%, इवेंट मैनेजमेंट 3%, टेंट सजावट 10%, केटरिंग एवं सेवाएं 10%, फूल सजावट 4%, परिवहन और कैब सेवाएं 3%, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी 2%, ऑर्केस्ट्रा, संगीत आदि 3%, लाइट और साउंड 3% तथा अन्य सेवाएं 7%, के खर्च के अंदाज़ से संपन्न होती हैं।

एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची , ठेले पर ही हो गई महिला की डिलीवरी, बच्चे की मौत, सरकार ने लिया एक्शन

 सीधी  मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक दर्दनाक मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार, एक महिला ने समय पर एम्बुलेंस न मिलने पर ठेले पर ही बच्चे को जन्म दे दिया, जिसके बाद कुछ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि उर्मिला रजक (26) को शुक्रवार रात को प्रसव पीड़ा शुरू हुई और परिवार के सदस्य उसे ठेले पर अस्पताल ले गए, हालांकि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसका प्रसव हो गया। सिविल सर्जन दीपरानी इसरानी ने पीटीआई-भाषा को बताया, अस्पताल पहुंचने पर स्टाफ ने उसकी जांच की। बच्चे की मौत 24 घंटे पहले ही गर्भ में हो चुकी थी। परिवार एक संकरी गली में रहता है और उन्हें एंबुलेंस के लिए मुख्य सड़क पर आना पड़ा, जो देर से पहुंची। जिला प्रशासन का एंबुलेंस बुकिंग प्रणाली पर कोई सीधा नियंत्रण नहीं है। क्या है पूरा मामला? दरअसल, ये पूरा मामला मध्य प्रदेश के सीधी जिला का है, जहां जिला मुख्यालय से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर रहने वाली महिला उर्मिला रजक प्रसव पीड़ा से परेशान थी. घरवालों ने एंबुलेंस को फोन लगाया, लेकिन एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची. काफी देर इंतजार करने के बाद महिला का पति हाथ ठेले में ही पत्नी को अस्पताल लेकर निकल पड़ा लेकिन वे अस्पताल नहीं पहुंच पाए और प्रसव पीड़ा से परेशान महिला ने ठेले में ही बच्चे को जन्म दे दिया. जन्म देने के कुछ मिनट बाद ही बच्चे की मौत हो गई. अब इस घटना के वीडियो शेयर किए जा रहे हैं. बच्चे की मौत के बाद गरमाई राजनीति नवजात बच्चे की मौत होने के बाद मामले में राजनीति गरमा गई है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ट्वीट कर इस मामले में चिंता जाहिर की है और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वहीं डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, ” सीधी में एक गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली. परिवार को उसे सब्जी के ठेले पर अस्पताल ले जाना पड़ा. जहां रास्ते में ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया और बच्चे को बचाया नहीं जा सका. जब स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हालत इतनी खराब है तो पूरे प्रदेश की हालत को समझा जा सकता है.” सरकार ने की कड़ी कार्रवाई वहीं समय पर एंबुलेंस सेवा न मिलने पर हाथ ठेले पर महिला के प्रसव और नवजात की मौत के मामले में सरकार ने सख्त कार्रवाई की है. उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मामले में संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा, ”सरकार की प्राथमिकता त्वरित और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है. किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य है.” इस मामले को लेकर सोमवार शाम प्रोजेक्ट हेड 108 एकीकृत कॉल सेंटर भोपाल ने 3 एंबुलेंस वाहनों के एक माह के परिचालन व्यय में कटौती कर दी है, जिसकी राशि 4,56,917 रुपए है. एडिश्नल कलेक्टर अंशुमान राज ने कही ये बात एडिश्नल कलेक्टर अंशुमान राज ने कहा, “हमने डॉक्टरों और एम्बुलेंस चालक से बात की है। महिला के परिवार द्वारा केंद्रीकृत कॉल सेंटर पर कॉल करने के लगभग 25 मिनट बाद एम्बुलेंस पहुंची। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी कर दिया गया है। मामले की जांच चल रही है।” बता दें कि बीते दिनों ओडिशा के केंद्रपारा से गर्भवती महिला के साथ लापरवाही का मामला सामने आया था। यहां ओडिशा सरकार की कर्मचारी ने दावा किया था कि बाल विकास अधिकारी द्वारा अस्पताल जाने के लिए छु्ट्टी नहीं दिए जाने के कारण उसने अपना बच्चा खो दिया। इस मामले में पीड़िता परिवार ने पुलिस में अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

कैबिनेट बैठक में मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक की भर्ती की आयु सीमा में वृद्धि पर भी निर्णय लिया

भोपाल  प्रदेश की मोहन सरकार ने महिलाओं के हित में बड़ा कदम उठाया है। सिविल सेवाओं में महिलाओं के लिए अब 33 के बजाय 35 प्रतिशत पद आरक्षित होंगे। मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। इसके साथ-साथ मेडिकल कॉलेज में सहायक प्राध्यापक की भर्ती के लिए आयु सीमा को दस साल बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। अब 40 के बजाय 50 साल तक उम्र के अभ्यर्थी मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक पद के लिए आवेदन कर सकेंगे। इन प्रस्तावों पर लगी मुहर         – प्रदेश में खाद आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए 254 नकद विक्रय केंद्र खोलने की दी गई स्वीकृति। 7 दिसंबर को होगी नर्मदापुरम में इन्वेस्टर्स समिट। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पर्यवेक्षण समिति गठित उधर, सिंहस्थ वर्ष-2028 की तैयारियों के लिए मप्र शासन द्वारा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पर्यवेक्षण समिति गठित कर दी गई है। पर्यवेक्षण समिति सिंहस्थ के अंतर्गत मंत्रि-परिषद समिति के निर्देशों का पालन, मंत्रि-परिषद समिति के समक्ष रखे जाने समस्त नीतिगत प्रकरणों का परीक्षण कार्य तथा विभिन्न विभागों की सिंहस्थ मद कार्य योजना की समीक्षा करेगी। समिति में अपर मुख्य सचिव, गृह, उर्जा, लोक निर्माण, जल संसाधन, परिवहन, प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, राजस्व, वित्त, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, संस्कृति एवं पर्यटन, सदस्य होंगे। प्रमुख सचिव, नगरीय विकास एवं आवास समिति के सदस्य सचिव होंगे।

कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग पर MP हाईकोर्ट की रोक, सरकारों, यूट्यूब, X को जारी किया नोटिस

 भोपाल मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग यानी सीधा प्रसारण वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अवैध रूप से साझा करने, एडिट करने, इस्तेमाल करने और बदलाव करने पर सोमवार को रोक लगा दी। अदालत ने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से ऐसे वीडियो हटाने के अनुरोध वाली एक याचिका पर केंद्र और राज्य सरकारों और हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी नोटिस जारी किया। क्या दी दलील? दमोह के एक कारोबारी डॉ. विजय बजाज ने अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग के वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अवैध रूप से साझा करने, एडिट करने और उसे प्रसारित करने के खिलाफ एक याचिका दायर की थी। विजय बजाज की पैरवी करने वाले वकील उत्कर्ष अग्रवाल ने कहा कि यह मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की कार्यवाही के सीधा प्रसारण से संबंधी नियमों का उल्लंघन है। कमाई करने वालों से वसूली जाए रकम याचिका में अदालत से यह भी अनुरोध किया गया है कि अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अवैध रूप से साझा करके इन वीडियो पर मिली व्यूवरशिप (देखने वाले लोगों की संख्या) के जरिये धन कमाने वालों से उक्त धन की वसूली के लिए भी निर्देश जारी किया जाए। कॉपीराइट का उल्लंघन करके अवैध रूप से अपलोड किए गए कुछ वीडियो विशेष रूप से प्रस्तुत किए गए। यूट्यूब और एक्स को नोटिस मुख्य न्यायाधीश एसके कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई की। वकील उत्कर्ष अग्रवाल ने बताया कि याचिका की सुनवाई के दौरान यूट्यूब और एक्स को नोटिस जारी किया गया है। अग्रवाल ने कहा कि याचिका की सुनवाई के दौरान इसने मेटा प्लेटफॉर्म इंक, यूट्यूब और ट्विटर को नोटिस जारी किए। विस्तृत आदेश के अपलोड होने का इंतजार है। हाई कोर्ट के पास लाइव स्ट्रीमिंग की कॉपीराइट इन नियमों में स्पष्ट प्रविधान है कि लाइव स्ट्रीमिंग के सभी कापीराइट हाई कोर्ट के पास हैं। इन नियमों के अंतर्गत किसी भी प्लेटफार्म पर लाइव स्ट्रीमिंग का मनमाना उपयोग, शेयर, ट्रांसमिट या अपलोड करना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए कई सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर लाइव स्ट्रीमिंग की क्लिपिंग को एडिट करके अपलोड करके आर्थिक लाभ उठाया जा रहा है। हाई कोर्ट के सुनवाइयों की मीम्स, शार्ट्स यही नहीं हाई कोर्ट के आदेशों के मीम्स, शार्ट बनाए जाते हैं और न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं व शासकीय अधिकारियों पर अभद्र व आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती हैं। अब तक जिन भी लोगों ने हाई कोर्ट लाइव स्ट्रीमिंग का दुरुपयाेग कर सोशल मीडिया के माध्यम से धनार्जन किया है, उनसे वसूली की जाए। अभी तक जितनी भी क्लिपिंग सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपलोड की गई हैं, उन्हें डिलीट करने का भी आदेश पारित किया जाए।

उत्तर प्रदेश में पुलिस महानिदेशक पद पर तैनाती के लिए नई नियमावली बना दी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पद पर तैनाती के लिए नई नियमावली बना दी गई है। इसे सोमवार को कैबिनेट से मंजूरी भी मिल गई है। अब डीजीपी की नियुक्ति के लिए एक मनोनयन समिति का प्रावधान किया गया है। समिति के अध्यक्ष हाईकोर्ट के रिटायर न्यायाधीश होंगे। साथ ही समिति में प्रदेश के मुख्य सचिव, संघ लोक सेवा आयोग और यूपी लोक सेवा आयोग से नामित एक-एक व्यक्ति, अपर मुख्य सचिव गृह और एक रिटायर डीजीपी भी होंगे। न्यूनतम कार्यकाल दो वर्ष का रहेगा नियमावली में तय किया गया है कि डीजीपी पर उसी अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी जिनकी सेवा अवधि कम से कम छह महीने अवश्य शेष हो। इसके साथ ही डीजीपी का न्यूनतम कार्यकाल दो साल तक होना चाहिए। डीजीपी की नियुक्ति होने पर उन्हें कम से कम दो साल तक कार्यकाल जरूर प्रदान किया जाए। अगर तैनाती के बाद उनकी सेवा अवधि छह महीने ही शेष है तो सेवा अवधि को बढ़ाया जा सकता है। अगर नियुक्त डीजीपी किसी अपराधिक मामले या भ्रष्टाचार अथवा अपने कर्तव्यों का पालन करने में अक्षम साबित हुए तो सरकार उन्हें दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही हटा सकती है। डीजीपी को उनके पद से हटाने के लिए संबंधित प्रावधानों में भी हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाना जरूरी होगा। नियमावली के मुताबिक डीजीपी पद पर वे ही अधिकारी चुने जाएंगे जो वेतन मैट्रिक्स के स्तर 16 में पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यरत हो। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2006 में अधिनियम बनाने को कहा था सुप्रीम कोर्ट ने रिट याचिका प्रकाश सिंह व अन्य बनाम भारत संघ व अन्य के मामले में 22 सितम्बर, 2006 में राज्य सरकारों से एक नया पुलिस अधिनियम बनाने को कहा था जिससे पुलिस व्यवस्था को किसी भी तरह के दबाव से मुक्त रखा जाए। नागरिकों के अधिकारों को सुरक्षित रखने और विधि का शासन स्थापित करने में यह व्यवस्था सक्षम साबित हो सके। हाईकोर्ट ने भी आशा की है कि नई नियमावली से सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी न हो। नियुक्ति नियमावली-2024 का उद्देश्य यूपी के डीजीपी पद पर उपयुक्त व्यक्ति की नियुक्ति हेतु चयन के लिए स्वतंत्र व पारदर्शी तंत्र स्थापित करना है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उक्त चयन राजनीतिक या कार्यकारी हस्तक्षेप से मुक्त है। यूपी में अभी अधिकारी कैसे बनते हैं डीजीपी?   डीजीपी के चयन में अब तक प्रचलित प्रक्रिया के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार संघ लोक सेवा आयोग को DG पद के सभी अफसर का नाम भेजती है. संघ लोक सेवा आयोग से पहले केंद्र का डिपार्मेंट ऑफ पर्सनल ट्रेंनिंग यानी डीओपीटी तीन सीनियर मोस्ट अधिकारियों का पैनल बनाकर भेजता है, जिनके पास काम से कम 2 साल का कार्यकाल हो. राज्य सरकार की तरफ से उन DG पद के अफसर का नाम नहीं भेजा जाता जिनका 6 महीने या उससे कम वक्त में रिटायरमेंट होना हो. संघ लोक सेवा आयोग के द्वारा भेजे गए तीन अफसरों के नाम में एक अफसर को डीजीपी बनाया जाता है.   योगी सरकार ने क्यों किया ये बदलाव? उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार आई तो कानून व्यवस्था को संभालने की जिस नीति पर सरकार काम कर रही थी उस मानक पर खरा उतरने वाले अफसरों की लगातार कमी महसूस की जा रही थी. सरकार के भरोसेमंद अफसर जूनियर थे जिनको डीजीपी बनाने के लिए संघ लोक सेवा आयोग के मानक आड़े आते थे. अब कैबिनेट में प्रस्ताव पास होने के बाद संघ लोक सेवा आयोग का दखल खत्म हो जाएगा.   HC के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में बनी कमेटी चुनेगी DGP अब उत्तर प्रदेश के डीजीपी का चयन हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी. इस कमेटी में हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज अध्यक्ष होंगे. उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, संघ लोक सेवा आयोग द्वारा नामित एक व्यक्ति, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष या नामित व्यक्ति, प्रमुख सचिव गृह, एक रिटायर्ड DGP जिसने उत्तर प्रदेश पुलिस में काम किया हो, यह कमेटी स्थायी डीजीपी का चयन करेगी. कैबिनेट से पारित प्रस्ताव के अनुसार, नई व्यवस्था में बनाए गए डीजीपी का कार्यकाल 2 साल का होगा.

छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश दोनों राज्य सगे भाई, दोनो राज्यों की साझा संस्कृति है, साथ ही साझा विचार और साझा राष्ट्रवादी भाव है: CM यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सांझी संस्कृति को सहेजते हुए विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश दोनों राज्य सगे भाई है। दोनो राज्यों की साझा संस्कृति है, साथ ही साझा विचार और साझा राष्ट्रवादी भाव है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रायपुर में छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस समारोह राज्योत्सव को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री और भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि उनके कुशल नेतृत्व में ही छत्तीसगढ़ राज्य का उदय हुआ। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के विकास की असीम संभावनाओं का आंकलन कर निर्णय लिया। आज वनांचल और माइनिंग के साथ-साथ सभी क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य है। पूरे प्रदेश में विकास के नए आयाम रचे जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब डबल इंजन की सरकार तेजगति से विकास के पथ पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन भूमि का संबंध भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से रहा है। मां कौशल्या और माँ शबरी ने भी इस भूमि का उद्धार किया है। माता शबरी के झूठे बेर भगवान श्रीराम के द्वारा खाने का गौरवशाली प्रसंग जनजातीय संस्कृति को गौरवान्वित करता है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ, राजस्थान और गुजरात ये सभी राज्य भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के आध्यात्मिक प्रसंगों को अपने में समेटे हुए है। इस गौरवशाली अतीत को भावी पीढ़ी के सामने लाने के लिए हमारी सरकार मिलकर काम करेगी। भगवान श्रीराम के पदचिन्हों पर बनने वाले श्रीराम वन-गमन पथ के साथ साथ भगवान श्रीकृष्ण के प्रसंग स्थलों को चिन्हित करते हुए धार्मिक तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का दीप प्रज्ज्वलित और देव नगाड़ा बजाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरूण साव, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं सांसद ब्रजमोहन अग्रवाल सहित अन्य जन-प्रतिनिधि, समाजसेवी, कलाकार और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।  

अमेरिका बना सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, भारत 2025 में भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा

नई दिल्ली  अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। वहीं रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक बार फिर से दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का पहला स्थान बरकरार रखा है और वर्ष 2025 में यह सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था होने का अनुमान है। अमेरिका का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) अनुमानित 29,840 बिलियन डॉलर तक पहुँच जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में चीन, अमेरिका से ठीक पीछे होगा, जिसका अनुमानित जीडीपी 19,790 बिलियन डॉलर रहने का अनुमान है। पश्चिमी देशों के आर्थिक प्रतिबंधों और विभिन्न आर्थिक झटकों के बावजूद चीन ने इस उच्च स्तर को बनाए रखा है। वहीं, जर्मनी की अर्थव्यवस्था कुछ कठिनाइयों से जूझने के बावजूद 4,591 बिलियन डॉलर के अनुमान के साथ तीसरे स्थान पर रहेगी। यह संकेत देता है कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में स्थिरता बनाए रखने में जर्मनी ने उल्लेखनीय काम किया है। आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार, यूनाइटेड किंगडम 3,685 बिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ छठे स्थान पर बना रहेगा, जबकि फ्रांस 3,223 बिलियन डॉलर के साथ सातवें स्थान पर रहेगा। ब्राज़ील और इटली के बीच भी मामूली अंतर है, जिसके चलते ब्राज़ील आठवें स्थान पर और इटली नौवें स्थान पर आ जाएगा। ब्राजील के जीडीपी का अनुमान 2,438 बिलियन डॉलर और इटली का अनुमान 2,390 बिलियन डॉलर है। कनाडा 2,361 बिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ दसवें स्थान पर रहेगा। भारत की जीडीपी अगले साल उत्पाद 4,340 बिलियन डॉलर पहुंचेगी रिपोर्ट के अनुसार, भारत वर्ष 2025 में जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। अनुमान के मुताबिक, भारत का सकल घरेलू उत्पाद 4,340 बिलियन डॉलर पहुंच सकता है। भारत ने तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ यूनाइटेड किंगडम को पीछे छोड़कर पांचवें स्थान से चौथे स्थान पर छलांग लगाई है। यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और सरकार द्वारा आर्थिक सुधारों और विभिन्न योजनाओं के परिणामस्वरूप आई है। जापान जो आर्थिक मंदी का सामना कर रहा है, 4,310 बिलियन डॉलर के अनुमानित जीडीपी के साथ पांचवें स्थान पर होगा। भारत का भविष्य उज्जवल आईएमएफ की रिपोर्ट बताती है कि आर्थिक अस्थिरता और वैश्विक बदलावों के बीच कई देशों ने अपनी स्थिति को बनाए रखने और सुधारने में सफलता प्राप्त की है। विशेष रूप से भारत की आर्थिक प्रगति से यह संकेत मिलता है कि यह देश निकट भविष्य में और भी ऊंचाइयों पर पहुंच सकता है। जबकि अमेरिका, चीन और जर्मनी जैसी अर्थव्यवस्थाएं अब भी स्थिरता बनाए हुए हैं।  

केंद्रीय मंत्री गडकरी, आस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया सहित कई देशों के विशेषज्ञ भारतीय सड़क कांग्रेस अधिवेशन में लेंगे हिस्‍सा

रायपुर राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान में 8 से 11 नवंबर तक होने वाले भारतीय सड़क कांग्रेस अधिवेशन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस महत्वपूर्ण अधिवेशन का उद्घाटन सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी करेंगे। यह अधिवेशन सड़क निर्माण के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों, नीतियों और प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसमें भारत के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की भागीदारी होगी। अधिवेशन में श्रीलंका, बांग्लादेश, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और सिंगापुर के निर्माण विशेषज्ञ और वैज्ञानिक शामिल होंगे। इन विशेषज्ञों के अनुभव और ज्ञान का लाभ उठाकर, भारत में सड़क निर्माण की चुनौतियों और अवसरों पर गहन चर्चा की जाएगी। चार दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में, यह तय किया जाएगा कि विभिन्न राज्यों में किस प्रकार की तकनीकें अपनाई जाएं, जिससे सड़कें अधिक मजबूत, टिकाऊ और सुरक्षित बनाई जा सकें। अधिवेशन के लिए लगाए जाएंगे 129 स्टाल साइंस कॉलेज मैदान में अधिवेशन के लिए 129 स्टाल लगाए जाएंगे। इन स्टालों के लिए विशेष रूप से बड़े डोम बनाए जा रहे हैं, जहां सड़क, पाथ-वे, और डिवाइडर के डिजाइन के साथ विभिन्न उपकरण प्रदर्शित किए जाएंगे। इन प्रदर्शनों का उद्देश्य लोगों को सड़क निर्माण की नवीनतम तकनीकों और प्रगति से अवगत कराना है। उपस्थित लोग इन स्टालों पर जाकर विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और सड़क निर्माण के क्षेत्र में हो रहे बदलावों का अनुभव कर सकेंगे। अधिवेशन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। इस अधिवेशन का आयोजन प्रदेश में पहली बार हो रहा है, जिसके लिए तैयारियां तेजी से जारी हैं। स्थानीय प्रशासन और आयोजकों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए हैं। इस अवसर पर न केवल सड़क निर्माण से संबंधित जानकारियों का आदान-प्रदान होगा, बल्कि यह अवसर विभिन्न देशों के विशेषज्ञों के साथ विचारों का साझा करने का भी होगा। कुल मिलाकर, भारतीय सड़क कांग्रेस अधिवेशन सड़क निर्माण के क्षेत्र में एक नई दिशा देने का प्रयास करेगा, जो कि न केवल भारत की सड़क संरचना को मजबूत बनाएगा, बल्कि भविष्य में सड़क सुरक्षा और गुणवत्ता को भी सुनिश्चित करेगा। यह अधिवेशन सभी भागीदारों के लिए एक मंच प्रदान करेगा, जहां वे अपने विचार साझा कर सकेंगे और नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

भोपाल में 848 मकान बिजली ट्रांसमिशन की 132 केवी क्षमता की एक्स्ट्रा हाईटेंशन लाइन की जद, टूटेंगे छज्जे

 भाेपाल  शहर के कई क्षेत्रों में लोग जान जोखिम में डालकर घरों में रह रहे हैं। ऐसे लोगों को दुर्घटना से बचाने के लिए मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने नियमानुसार नोटिस जारी किए हैं। बता दें कि शहर में 848 मकान बिजली ट्रांसमिशन की 132 केवी क्षमता की एक्स्ट्रा हाईटेंशन लाइन की जद में हैं। कंपनी ने ऐसे मकानों की छत और छज्जे तोड़ने के लिए नगर निगम प्रशासन और जिला प्रशासन को पत्र भी लिखा है। लाइन की जद में आ रहे निर्माण को तोड़ने के लिए एक माह की मोहलत दी गई है। गौरतलब है कि सोमवार को करोंद में एक महिला हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलस गई थी। महिला की हालत गंभीर है। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथारिटी के नियमानुसार एवं इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 1956 के प्रविधानों के अनुसार 132 केवी टावर के 27 मीटर कारिडोर में कोई निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता है। इसी तरह 132 केवी टावर में कम से कम 6.5 मीटर का वर्टिकल क्लीयरेंस होना चाहिए। देवकी नगर में हुई थी बड़ी कार्रवाई इस साल की शुरूआत में देवकी नगर में बड़ी कार्रवाई हुई थी। यहां 132 केवी क्षमता की एक्स्ट्रा हाईटेंशन लाइन की जद में आ रहे निर्माण को तोड़ा गया था। यहां पर अधिकारियों के कहने पर मकान की बाउंड्रीवाल को मकान मालिक ने ही तोड़ा था। अधिकारियों ने कहा कि हाईटेंशन लाइन के आसपास कई मकान हैं और मंदिर भी हैं। इस दौरान बड़ी दुर्घटना का भी खतरा है। इनका कहना है गोविंदपुरा, नारियलखेड़ा, देवकी नगर, करोंद, बैरागढ़, आनंद नगर और जैन कालोनी में ऐसे मकान चिह्नित किए गए हैं, जहां हाईटेंशन लाइन एकदम पास में है। शहर में पेट्रोलिंग और सर्वे करके सूची नगर निगम और जिला प्रशासन को सौंप दी गई है। सुनील तिवारी, एमडी, मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी

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