LATEST NEWS

स्मार्ट मीटर में बैलेंस खत्म होने के बाद भी अगले तीन दिन तक बिना कनेक्शन काटे रिचार्ज कराया जा सकता

भोपाल  मध्यप्रदेश के 20 जिलो में अब तक 10 लाख स्मार्ट मीटर सफलता पूर्वक लगाए जा चुके हैं। जबकि भोपाल में विभिन्न परिसरों में 35 हजार स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। इन स्मार्ट मीटरों का निरीक्षण करने केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव शशांक मिश्रा भोपाल आए। उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के फायदे बताने के साथ ही मोबाइल एप भी इंस्टाल करवाया। इस दौरान कंपनी के निदेशक (वाणिज्य) सुधीर कुमार श्रीवास्तव, महाप्रबंधक शहर बीबीएस परिहार सहित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। सुविधा का लाभ लेने के लिए कहा केंद्रीय संयुक्त सचिव ने शहर के दानिशकुंज, विराशा हाइट्स में उपभोक्ताओं के परिसरों में लगाए गए स्मार्ट मीटरों का निरीक्षण करते हुए उनकी कार्यप्रणाली को देखा। यहां उन्होंने उपभोक्ताओं से चर्चा कर मीटर के फायदे बताए और एप इंस्टाल कर सुविधा का लाभ लेने के लिए कहा है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर के लगने से सुरक्षा निधि से छूट, पहले से जमा सुरक्षा-राशि से पहला रिचार्ज,मौजूदा टैरिफ के अनुसार, घरेलू एवं गैर घरेलू (व्यावसायिक) बिल में 25 पैसे प्रति यूनिट की छूट, ऊर्जा-प्रभार से जुड़े अन्य प्रभारों (यथा विद्युत-शुल्क, टीओडी सरचार्ज, पावर फैक्टर सरचार्ज) की घटी विद्युत दर से गणना,प्रत्येक भुगतान पर, बिल राशि के शून्य से पांच प्रतिशत (न्यूनतम पांच रुपये ) की छूट, घरेलू श्रेणी में छूट की कोई अधिकतम सीमा नहीं, जबकि अन्य श्रेणियों में छूट की अधिकतम सीमा 20 रुपये जैसे लाभ मिलेंगे। बैलेंस खत्म होने के बाद तीन दिन का मौका उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर में बैलेंस खत्म होने के बाद भी अगले तीन दिन तक बिना कनेक्शन काटे रिचार्ज कराया जा सकता है।उपभोक्ता मोबाइल में एप के जरिए विद्युत-भार (लोड) की हर 15 मिनट में रियल टाइम जानकारी,विद्युत खपत, तत्संबंधी विद्युत प्रभार, बैलेंस राशि की प्रतिदिन की जानकारी, मीटर रीडिंग की गड़बड़ी, विद्युत लाइनों, वितरण ट्रांसफार्मर, बिजली आपूर्ति में व्यवधान की समस्या को आसानी से दूर करवा सकेंगे। इतना ही भविष्य में सोलर रूफ टाप कनेक्शन लेने पर नये मीटर माडेम खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी।

UP में 27 हजार प्राथमिक विद्यालयों को नजदीकी विद्यालय में विलय करते हुए उन्हें बंद करने की तैयारी !

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के 27 हजार बेसिक स्कूलों के जल्द बंद होने की खबरों ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। अब सरकार की ओर से इन खबरों का खंडन कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कहा गया है कि 27 हजार प्राथमिक विद्यालयों को नजदीकी विद्यालय में विलय करते हुए उन्हें बंद करने की बाते कहीं जा रही है, जो बिल्कुल भ्रामक और निराधार है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से यह भी कहा गया कि इस संबंध में ऐसी कोई प्रक्रिया गतिमान नहीं है।  बेसिक शिक्षा विभाग के एक्स पर इस संबंध में कई पोस्ट किए गए हैं। पोस्ट के जरिये बेसिक शिक्षा विभाग ने बताया कि मीडिया में ऐसी खबरें चल रही है। इसमें 27 हजार प्राथमिक विद्यालयों को नजदीकी विद्यालयों में विलय करते हुए बंद करने की बात की गई है, जो बिल्कुल भ्रामक और निराधार है। साथ ही यह भी साफ किया गया कि किसी भी विद्यालय को बंद किए जाने की कोई प्रक्रिया नहीं चल रही है। ड्राप आउट दर कम करने की कोशिश जारी वहीं विभाग की ओर से बताया गया कि प्रदेश का प्राथमिक शिक्षा विभाग विद्यालयों में मानव संसाधन और आधारभूत सुविधाओं के विकास, शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने पोस्ट के जरिये बताया कि छात्रों विशेषकर बालिकाओं के ड्राप आउट दर को कम करने के लिए विभाग लगातार प्रयत्नशील है। इसको लेकर समय-समय पर विभिन्न अध्ययन भी किए जाते रहे हैं। इसके साथ ही विभाग ने बताया कि बीते सालों में प्रदेश के विद्यालयों में कायाकल्प, निपुण, प्रेरणा आदि योजनाओं के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति और सुधार हुए हैं। विभाग के लिए प्रदेश के छात्रों का हित सर्वोपरि है। बता दें, 50 से कम बच्चों वाले प्राथमिक स्कूलों को बंद कर नजदीकी स्कूलों में मर्ज किये जाने की खबरे चल रही थी। फिलहाल इन खबरों का खंडन कर दिया गया है। एक्स पर पूछा जा रहा ये सवाल आपके द्वारा जारी खंडन को झूठा करार देते हुए यह कागज वायरल हो रहा है। कागज 13 और 14 नवंबर को आयोजित बैठक को लेकर जारी विस्तृत एजेंडा का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें स्पष्ट रूप विद्यालयों को मर्ज करने की विस्तृत रूपरेखा स्पष्ट की गई थी। कुछ कहना चाहेंगे?

उपचुनावों में पूरी तरह योगी की चल रही, मोदी-नड्डा से मुलाकात, मोहन भागवत संग बंद कमरे में चर्चा

लखनऊ  लोकसभा चुनाव 2024 में झटका खाने वाली बीजेपी के लिए यूपी का उपचुनाव प्रतिष्‍ठा का सवाल बन चुका है। 9 सीटों पर 13 नवंबर को वोटिंग होनी है। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ स्‍वयं उपचुनाव को लेकर लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस बार बीजेपी आलाकमान ने योगी आदित्‍यनाथ को खुली छूट दी है। प्रत्‍याशियों के चयन से लेकर तमाम अहम रणनीतिक फैसले योगी के मुताबिक लिए गए हैं। ऐसे में ये उपचुनाव असल मायने में मुख्‍यमंत्री योगी के लिए भी अग्नि परीक्षा जैसी होगी। अचानक दिल्‍ली पहुंच मोदी और नड्डा से मिले एक दिन पहले योगी आदित्‍यनाथ अचानक दिल्‍ली पहुंचे। वह यहां बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से मिले। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक उपचुनाव से जुड़े मुद्दों पर बातचीत होती रही। इसके बाद योगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने पहुंचे। करीब एक घंटे की बातचीत में चुनावी चर्चा के अलावा महाकुंभ 2025 और 69 हजार शिक्षक भर्ती जैसे मुद्दों पर भी बातचीत हुई। संघ के शीर्ष नेताओं से 45 मिनट तक चली बैठक इससे पहले पिछले हफ्ते मथुरा में राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक हुई थी। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ यहां संघ के शीर्ष नेताओं से मिलने पहुंचे। करीब 45 मिनट तक इनके बीच बंद कमरे में बातचीत हुई। हरियाणा विधानसभा चुनावों में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाने वाले संघ ने यूपी उपचुनावों को लेकर भी योगी को कई सुझाव दिए। मोहन भागवत से इन मुद्दों पर हुई चर्चा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात कर उपचुनाव की तैयारियों पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि उपचुनाव में मत प्रतिशत बढ़ाने, बूथ प्रबंधन सभी वर्गों के वोटरों को एकजुट करने सहित कई मुद्दों पर दोनों के बीच वार्ता हुई है। लोकसभा चुनाव में अनुकूल प्रदर्शन होने के बाद हरियाणा की सफलता में संघ की अहम भूमिका रही। वहां छोटे समूहों में बैठकें कर लोगों के बीच अपनी बात पहुंचाई। साथ ही बूथ प्रबंधन में संघ ने अहम भूमिका निभाई। डोर-टू-डोर अभियान चलाकर बीजेपी के लिए माहौल बनाया। अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी तरह का कुछ माहौल यूपी में बनाने को लेकर चर्चा हुई। इन 9 सीटों पर होने हैं उपचुनाव करहल, सीसामऊ, कुंदरकी, गाजियाबाद, फूलपुर, मझवां, कटेहरी, खैर और मीरापुर में 13 नवंबर को उपचुनाव हैं। अयोध्‍या की मिल्‍कीपुर सीट पर भी उपचुनाव होना है, लेकिन अभी उसकी डेट नहीं घोषित की गई है। इन 10 सीटों में पांच पर सपा का कब्‍जा था। तीन बीजेपी के पास थी। एक निषाद पार्टी और एक रालोद के पास थी। लोकसभा की 80 में मात्र 33 सीटें जीत पाई थी बीजेपी इस साल हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी यूपी की 80 में से केवल 33 सीटें जीत पाई। साथ ही उसका वोट शेयर भी घटकर 41 फीसदी तक रह गया। ऐसे में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के सामने उपचुनाव जीतने को लेकर बड़ी चुनौतियां हैं। जिस तरह बेहतर प्रदर्शन करते हुए सपा ने 37 सीटों पर जीत हासिल की है, इससे उपचुनाव में भी उसका दावा मजबूत माना जा रहा है।

धार के रहने वाले 4 बच्चों की कार के अंदर दम घुटने से मौत

धार धार के रहने वाले 4 बच्चों की कार के अंदर दम घुटने से मौत हो गई। यह हादसा शनिवार को गुजरात के अमरेली जिले के रंधीय गांव में हुआ, जबकि मामले की जानकारी रविवार को हुई। ये चारों बच्चे एक ही परिवार के थे और धार के टांडा थाना क्षेत्र के खनीअंबा के रहने वाले थे। इनके माता-पिता मजदूरी करने गुजरात गए थे, बच्चे भी अपने पिता के साथ गुजरात गए हुए थे। खेलते हुए कार में घुस गए थे बच्चे शनिवार को ग्राम खनीअंबा निवासी सोबलिया नामक मजदूर के बच्चे कार के अंदर खेलते हुए घुस गए थे। शुरुआती जांच में बताया जा रहा है कि बच्चों ने कार का गेट अंदर से बंद कर लिया। जिससे कार अंदर से लॉक हो गई और पर्याप्त वेंटिलेशन न होने के कारण बच्चों का दम घुट गया। यह हादसा रात में हुआ, इस दर्दनाक घटना का पता रविवार की सुबह तब चला जब बच्चों के पिता काम से वापस लौटे। बच्चों को ढूंढ़ने के दौरान उनकी निगाह कार के अंदर गई, जहां वे मृत पाए गए। हादसे में मारे गए सोबलिया दो बेटे और दो बेटियां है। जिनकी उम्र दो से सात साल के बीच थी। बताया जा रहा है कि यह कार खेत मालिक की थी, जिसके यहां सोबलिया और उनका परिवार मजदूरी कर रहे थे। अमरेली पुलिस के अनुसार बच्चों की मृत्यु दम घुटने से हुई है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। इस दर्दनाक घटना से धार जिले के ग्राम खनीअंबा में शोक का माहौल है। मृत बच्चों के नाम -सात वर्षीय सुनीता, पांच वर्षीय सावित्री, तीन वर्षीय कार्तिक और दो वर्षीय विष्णु है। ये चारों बच्चे मूल रूप से धार जिले के टांडा थाने के ग्राम खनीअंबा के रहने वाले है।

केरल, पंजाब और यूपी में 13 नवंबर को होने वाले उपचुनाव अब 20 नवंबर को होंगे

 नई दिल्ली केरल, पंजाब और यूपी में 13 नवंबर को होने वाले उपचुनाव अब 20 नवंबर को होंगे. विभिन्न उत्सवों के कारण चुनाव आयोग ने वोटिंग को एक हफ्ते तक टालने का फैसला किया है. बता दें कि 13 नवंबर को होने वाली वोटिंग को टालने के लिए कांग्रेस, भाजपा समेत कई दलों ने चुनाव आयोग से अपील की थी. पार्टियों का कहना था कि कई त्योहारों के चलते 13 नवंबर को वोटिंग कम हो सकती है. हालांकि, चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को ही आएंगे. इसी दिन महाराष्ट्र और झारखंड के चुनावी नतीजे भी आएंगे. कार्तिक पुर्णिमा के चलते बीजेपी ने की थी ये मांग भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने यूपी में होने वाले विधानसभा उप-चुनाव की तारीखों में बदलाव की मांग को लेकर चुनाव आयोग को ज्ञापन दिया था. बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने अपने ज्ञापन में कहा था कि 15 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा होने की वजह से कुंदरकी, मीरापुर, गाजियाबाद और प्रयागराज में लोग तीन चार दिन पहले इकट्ठे जो जाते हैं. ऐसे में चुनाव आयोग को कार्तिक पूर्णिमा को ध्यान में रखते हुए तारीखों में बदलाव करना चाहिए. बीजेपी की मांग थी कि 13 नवंबर की जगह 20 नवंबर को चुनाव कराए जाएं. बता दें कि अब 20 नवंबर को उत्तर प्रदेश में 9 सीटों पर उपचुनाव होने हैं जिनमें- कानपुर की सीसामऊ, प्रयागराज की फूलपुर, मैनपुरी की करहल, मिर्जापुर की मझवां, अंबेडकरनगर की कटेहरी, गाजियाबाद सदर, अलीगढ़ की खैर, मुरादाबाद की कुंदरकी और मुजफ्फरनगर की मीरापुर सीट शामिल है. जानकारी के मुताबिक, हाईकोर्ट में मुकदमा लंबित होने के चलते चुनाव आयोग ने मिल्कीपुर में चुनाव की तारीख का एलान नहीं किया है. चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को आएंगे. इसी दिन महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे भी सामने आएंगे. यूपी की इन 9 सीटों पर होना है विधानसभा उपचुनाव     करहल     सीसामऊ     कुंदरकी     गाजियाबाद     फूलपुरट     मझवां     कटेहरी     खैर     मीरापुर  

कनाडा में हिंदू मंदिर पर हमला: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- ऐसे कृत्य भारत के संकल्प को कमजोर नहीं कर सकते हैं

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा में एक हिंदू मंदिर पर किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, मैं कनाडा में हिंदू मंदिर पर किए गए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। इसी तरह, हमारे राजनयिकों को डराने-धमकाने की कायरतापूर्ण कोशिशें भयावह हैं। इस प्रकार की हिंसा कभी भी भारत के संकल्प को कमजोर नहीं कर सकती। हम कनाडा सरकार से न्याय सुनिश्चित करने और कानून का शासन बनाए रखने की उम्मीद करते हैं। पीएम मोदी की ओर से यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब लगातार दूसरे दिन खालिस्तान समर्थकों ने कनाडा में हिंदू मंदिर पर हमला किया और वहां मंदिर में मौजूद हिंदुओं को घायल कर दिया। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि दूसरे दिन के हमले के दौरान पुलिस मंदिर परिसर और आसपास मौजूद थी। लेकिन उसके बाद भी उन पर हमले किए गए। मामले को कनाडा के सामने उठाए भारत सरकार: कांग्रेस इस बीच, विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने भी कनाडा के ब्रांपटन में हिंदू मंदिर पर खालिस्तानी चरमपंथियों की ओर से की गई हिंसा की निंदा की और भारत सरकार से इस मामले को कनाडा के सामने मजबूती के साथ उठाने का अनुरोध किया। कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, यह पूरी तरह से निंदनीय है और कांग्रेस स्पष्ट शब्दों में इस घटना की आलोचना करती है। हम भारत सरकार से इस मुद्दे को कनाडाई अधिकारियों के सामने मजबूती से उठाने का आग्रह करते हैं। किसी को भी श्रद्धालुओं को मंदिर में जाने से रोकने की अनुमति नहीं दी जा सकती। हमले पर विदेश मंत्राय ने क्या कहा हिंदू मंदिर पर हमला ऐसे समय में हुआ है, जब भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव बढ़ा हुआ है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नई दिल्ली कनाडा में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा,  हम ब्रांपटन, ओंटारियों में हिंदू सभा मंदिर में चरमपंथियों और अलगाववादियों की ओर से की गई हिंसा की निंदा करते हैं। हम कनाडा सरकार से आग्रह करते हैं कि सभी पूजा स्थलों को ऐसे हमलों से सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग हिंसा में शामिल हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। 

बहुती माइक्रो इरिगेशन से 30 दिनों में किसानों को पानी उपलब्ध कराएँ : उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल. उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कमिश्नर कार्यालय सभागार रीवा में संभाग की प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटी-मोटी बाधाओं के कारण बहुती माइक्रो इरिगेशन से सिंचाई शुरू नहीं हो पा रही है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी तथा निर्माण एजेंसी बहुती नहर निर्माण के छूटे हुए भाग में तत्काल निर्माण कार्य शुरू कराएं। निर्माण कार्य के दौरान कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमिश्नर तथा पुलिस महानिरीक्षक आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। लगभग 10 स्थानों में अधिग्रहीत भूमि पर निर्माण कार्य में बाधा डालने के कारण 65 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा नहीं मिल पा रही है। सभी निर्माण कार्य 30 दिन में पूरा करके बहुती माइक्रो इरिगेशन से किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हनुमना उद्वहन सिंचाई परियोजना से सीधी, मऊगंज और रीवा जिले के बड़ी संख्या में किसानों को लाभ मिलेगा। इसके लिए शासन द्वारा चार हजार करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इसका मुख्य बांध सीधी जिले में सोन नदी पर बनाया जाएगा। इससे उद्वहन द्वारा पानी मऊगंज और हनुमना में पहुंचाया जाएगा। परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति तथा अन्य सभी अनुसंशाओं के लिए तत्काल आवेदन कर दें। मुख्य वन संरक्षक परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए विभागीय मापदण्डों के अनुसार शीघ्र स्वीकृतियाँ जारी कराएं। उप मुख्यमंत्री ने नईगढ़ी सूक्ष्म दाब सिंचाई परियोजना की नहरों का निर्माण भी शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र के सभी जिलों में विकास को गति देने के लिए ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन तथा सिंचाई परियोजनाओं के कार्य समय पर पूरा किया जाना आवश्यक है। रेलवे परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराकर निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराएं, जिससे 2025 में रीवा रेलवे लाइन से सीधी जिले से जुड़ जाए। बैठक में मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग ने सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि बहुती सिंचाई परियोजना में 21 किलोमीटर नहर तथा छुहिया घाटी में 3.1 किलोमीटर की टनल का निर्माण पूरा हो गया है। मैहर, सीधी और रीवा जिले के कुल 11 स्थानों में नहर निर्माण के लिए अर्जित भूमि पर निर्माण कार्य में कठिनाई आ रही है। इन कठिनाईयों को दूर करके 30 दिन में निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा। बैठक में कमिश्नर श्री बीएस जामोद, आईजी श्री एमएस सिकरवार, कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल, कलेक्टर सीधी श्री स्वरोचिष सोमवंशी, कलेक्टर मऊगंज श्री अजय श्रीवास्तव, जल संसाधन विभाग के अधिकारी तथा निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

25 से अधिक गोवंश कराया मुक्त, राजस्थान-भरतपुर में गोतस्करों और क्यूआरटी टीम में मुठभेड़

भरतपुर. भरतपुर जिले के बयाना सदर थाना क्षेत्र के जंगल में गोतस्करों और पुलिस की क्यूआरटी-5 टीम के बीच रविवार रात मुठभेड़ हो गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिलने पर टीम ने तुरंत कार्रवाई की। मौके पर पहुंचने पर गोतस्करों ने पुलिस को देख फायरिंग शुरू कर दी, जिस पर QRT-5 टीम ने जवाबी फायरिंग की। मुठभेड़ के दौरान गोतस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल हुए, लेकिन QRT-5 टीम ने एक ट्रक को पकड़ने में सफलता पाई, जिसमें 25 से अधिक गोवंश को मुक्त कराया गया। सभी गोवंश को भरतपुर नगर निगम की गोशाला में सुरक्षित भिजवा दिया गया है। QRT-5 टीम के प्रभारी सुरज्ञान सिंह मीणा ने बताया कि मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी कि बयाना सदर थाने के अंतर्गत गांव खोहरा के जंगल में गोतस्करों द्वारा भारी संख्या में गोवंश को एकत्र किया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने रात करीब एक बजे लोकेशन पर छापा मारा। वहां पहुंचने पर तस्करों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसका पुलिस ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। हालांकि, तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। लेकिन पुलिस ने एक ट्रक बरामद किया, जिसमें 25 से अधिक गोवंश भरे हुए थे। इन सभी को तत्काल गोशाला भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि खोहरा के जंगल में तस्करों ने 100 से अधिक गोवंश को पकड़कर बांध रखा है। पुलिस अब इन सभी गोवंशों को भी जल्द से जल्द किसी गोशाला में भिजवाने की योजना बना रही है।गौरतलब है कि हाल ही में 27 अक्तूबर को भी QRT-5 टीम ने गहनौली मोड़ थाना क्षेत्र के गांव बर पीपल के पास छापा मारकर 28 गोवंश को मुक्त कराया था। भरतपुर एसपी मृदुल कच्छावा द्वारा क्षेत्र में बढ़ती गोतस्करी की घटनाओं को देखते हुए QRT-5 टीम का गठन किया गया है, जो लगातार गोतस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। गोतस्करी पर लगाम कसने के प्रयास में QRT-5 टीम का गठन और अभियान चलाया जा रहा है, जिसके चलते यह टीम विशेष कर रात में विशेष निगरानी रखती है और जहां कहीं भी मुखबिर की सूचना मिलती है, तुरंत वहां पर दबिश देती है।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में प्रदेश का श्रेष्ठ प्रदर्शन, पिछले तीन वर्षों से मध्यप्रदेश लगातार प्रथम स्थान पर

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये है कि नगरीय क्षेत्र में जरूरतमंद पथ-विक्रेताओं को उनकी जरूरत के मुताबिक ऋण प्रदान करते हुए कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई जाये। प्रदेश में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में पिछले तीन वर्षों से श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश लगातार पहले स्थान पर है। इस योजना में प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में हाथठेला चालकों, रेहड़ी पटरी वालों को 10, 20 और 50 हजार रूपये तक का ऋण प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। प्रदेश में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का क्रियान्वयन नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा किया जा रहा है। तीन वर्षों में श्रेष्ठ प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया है कि प्रदेश में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में पिछले तीन वर्षों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए देशभर में पहले स्थान पर अपनी उपस्थिति दर्ज करता आया है। पीएम स्वनिधि योजना में अब तक 12 लाख 30 हजार हितग्राहियों को करीब 1769.16 करोड़ रूपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में मध्यप्रदेश के 4 लाख 89 हजार पथविक्रेता सफलतापूर्वक डिजिटल लेन-देन कर रहे है। जिसमें उन्हें 21 करोड़ रूपये का कैशबेक भी प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिये चयनित क्षेत्रों में हितग्राहियों को प्रशिक्षण भी दिलाया जा रहा है। प्रदेश में कोरोना काल के दौरान पूर्व में असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत पथ-विक्रेताओं को प्रदेश सरकार की ओर से एक-एक हजार रुपये की अनुदान राशि भी उपलब्ध कराई गई थी। पथ-विक्रेताओं को निकायों द्वारा बैंकों के लिये निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है। हितग्राहियों को अन्य योजनाओं का भी दिलाया गया लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया है कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत प्रदेश के 16 लाख 17 हजार से अधिक पथ-विक्रेताओ कों प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, भवन और अन्य निर्माण श्रमिक अधिनियम, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसी के साथ जननी सुरक्षा योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से भी हितग्राहियों को जोड़ा गया है। प्रदेश में पीएम स्वनिधि योजना का क्रियान्व्यन 413 नगरीय निकायों में सफलतापूर्वक किया जा रहा है।

कनाडा : मंदिर पर खालिस्तानियों का हमला, गुस्साए हिंदू संगठनों ने लिया बड़ा फैसला, सिखों का भी मिला साथ!

नई दिल्ली/ ओटावा  कनाडा के ओटावा में भारतीय उच्चायोग ने 4 नवंबर को एक बयान जारी कर खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। ओटावा में भारतीय उच्चायोग ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “हमने आज (3 नवंबर) टोरंटो के पास ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर के साथ मिलकर आयोजित वाणिज्य दूतावास शिविर के बाहर भारत विरोधी तत्वों द्वारा हिंसक व्यवधान देखा है। यह देखना बेहद निराशाजनक है कि हमारे वाणिज्य दूतावास द्वारा स्थानीय सह-आयोजकों के पूर्ण सहयोग से आयोजित किए जाने वाले नियमित वाणिज्य दूतावास संबंधी कार्यों में इस तरह की रुकावट पैदा की जा रही हैं। हम भारतीय नागरिकों सहित आवेदकों की सुरक्षा के लिए भी बहुत चिंतित हैं, जिनकी मांग पर ही इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भारत विरोधी तत्वों के इन प्रयासों के बावजूद, हमारा वाणिज्य दूतावास भारतीय और कनाडाई आवेदकों को 1000 से अधिक जीवन प्रमाण पत्र जारी करने में सक्षम रहा।” इससे पहले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भी हमले की निंदा की और कहा कि हर कनाडाई को अपने धर्म का स्वतंत्र और सुरक्षित तरीके से पालन करने का अधिकार है। ट्रूडो ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में आज हुई हिंसा अस्वीकार्य है। हर कनाडाई को अपने धर्म का स्वतंत्र और सुरक्षित तरीके से पालन करने का अधिकार है।” कनाडा में एक हिंदू मंदिर पर हुए हमले पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि, “कनाडाई प्रधानमंत्री द्वारा कनाडा में हिंदू मंदिरों पर हुए हमलों की निंदा करना एक अच्छा कदम है। चूंकि कई भारतीय कनाडा में काम कर रहे हैं, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल रहा है, मेरा मानना है कि कनाडा सरकार वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा का ध्यान रखेगी।” 3 नवंबर को ब्रैम्पटन हिंदू सभा मंदिर के पास हुई घटना में खालिस्तानी चरमपंथियों ने विरोध प्रदर्शन किया और भारतीय तिरंगे को थामे एक समूह के साथ उनकी झड़प हो गई। वीडियो फुटेज से पता चलता है कि खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने विरोधी समूह पर हमला किया। मंदिर में आने वाले कई लोग सुरक्षा की तलाश में मंदिर परिसर में भाग गए, जिससे चरमपंथियों ने मंदिर पर हमला कर दिया। इससे पहले, विंडसर, मिसिसॉगा और ब्रैम्पटन में मंदिरों को भी इसी तरह की तोड़फोड़ का सामना करना पड़ा था, जिसकी कनाडाई और भारतीय नेताओं ने निंदा की थी। कनाडा और भारत के बीच संबंधों में उस समय गिरावट आ गई जब ओटावा ने 45 वर्षीय कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की 2023 में वैंकूवर में हत्या की साजिश रचने का आरोप भारत सरकार पर लगाया था। निज्जर एक प्रमुख खालिस्तान कार्यकर्ता था।  कनाडा में लगे ‘बंटोगे तो कटोगे’ के नारे… मंदिर पर खालिस्तानियों के हमले के बाद हिंदुओं की हुंकार कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों की हिमाकत लगातार बढ़ रही है. वो खुलेआम भारत के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे हैं. यहां तक कि हिंदुओं और मंदिरों पर हमले भी कर रहे हैं. इस बीच, अब हिंदुओं में भी एकजुटता के प्रयास तेज हो गए हैं. यहां हिंदुओं ने कनाडा में ‘बंटोगे तो कटोगे’ के नारे लगाए हैं और एकता दिखाने की अपील की है. दरअसल, रविवार को खालिस्तानी समर्थकों ने ब्रैम्पटन में हिंदू मंदिर में भक्तों के एक समूह को निशाना बनाया है. इस घटना से हिंदुओं में बड़े स्तर पर आक्रोश फैल गया है. खुद प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो सामने आए और घटना की निंदा की. ट्रूडो ने कहा, मंदिर में हिंसा की घटनाएं अस्वीकार्य हैं. प्रत्येक कनाडाई को अपने धर्म का स्वतंत्र और सुरक्षित तरीके से पालन करने का अधिकार है. उन्होंने इस घटना की जांच करने के लिए त्वरित एक्शन लेने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसी को धन्यवाद भी दिया. इस घटना से कनाडा के हिंदुओं के बीच लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है. अब ब्रैम्पटन मंदिर के पुजारी ने एकता का परिचय देने का आग्रह किया और ‘बंटोगे तो कटोगे’ के नारे लगाए हैं. खालिस्तानी हमले के बाद हिंदुओं ने ब्रैम्पटन में बंटोगे तो कटोगे के नारे लगाए हैं. ब्रैम्पटन मंदिर के पुजारी का कहना था कि अब सबको एक होना पड़ेगा. कनाडा में हिंदुओं को एकजुट होने की जरूरत है. आप एकजुट रहेंगे तो सुरक्षित बने रहेंगे. हिंदू सभा मंदिर के बाहर एकजुट हिंदुओं ने ‘भारत माता की जय’ के नारे भी लगाए. पुजारी का कहना था कि सिर्फ नारे नहीं लगाने हैं. ये हमला सिर्फ हिंदू सभा पर नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया के हिंदुओं पर हुआ है. आज वो समय आ गया है, जब हम लोगों को एकजुट होने की जरूरत है. हमें अपने बारे में ही नहीं, बल्कि आने वाले समय के बारे में भी सोचना होगा. सबको एक होना पड़ेगा. हम किसी का भी विरोध नहीं करते हैं. लेकिन कोई अगर हमारा विरोध करेगा तो… उसके बाद फिर नारेबाजी होने लगती है. कनाडा : मंदिर पर खालिस्तानियों का हमला, गुस्साए हिंदू संगठनों ने लिया बड़ा फैसला, सिखों का भी मिला साथ! कनाडा के ब्रैम्पटन में मंदिर में हिंसा और श्रद्धालुओं के साथ मारपीट पर हिंदू संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हिंदू संगठनों ने खालिस्तानियों के बढ़ते हौसले और हिंदू समुदाय पर हमलों को देखते हुए जस्टिन ट्रूडो सरकार से सवाल किए हैं। कैनेडियन नेशनल काउंसिल ऑफ हिंदू और हिंदू फेडरेशन ने मंदिर के पुजारियों और हिंदू अधिकारों के लिए लड़ने वाले समूहों के साथ मंदिर पर हमले के बाद एक आधिकारिक बयान जारी किया है। साथ ही ये फैसला लिया है कि राजनेताओं को अब राजनीतिक उद्देश्यों के लिए मंदिर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कैनेडियन नेशनल काउंसिल ऑफ हिंदू और हिंदू फेडरेशन ने अपने बयान में कहा है कि ब्रैम्पटन में मंदिर में हमला हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है। खालिस्तानियों की हिंसा और हिंदुओं पर हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में इस घटना की जांच और इसमें शामिल लोगों पर कार्रवाई बहुत जरूरी है। साथ ही में फैसला लिया गया है कि मंदिरों में राजनीतिक गतिविधियों की इजाजत ना दी जाए।  

CIA भारत, बांग्‍लादेश, म्‍यांमार को बांटने का प्लान- CM लालदुहोमा

वॉशिंगटन  मिजोरम के मुख्यमंत्री पीयू लालदुहोमा ने बीते महीने, 4 सितंबर को अमेरिका के इंडियानापोलिस में एक भाषण दिया है। इस भाषण में कही गई उनकी बातों की ना सिर्फ भारत बल्कि बांग्लादेश और म्यांमार में भी चर्चा है। इस दौरान लालदुहोमा ने चिन-कुकी-जो की एकजुटता और एक देश का आह्वान किया। चिन-कुकी-जो भारत, बांग्लादेश और म्यांमार में रहने वाली ईसाई जनजातियां हैं। अमेरिका में हुए इस भाषण के बाद सवाल है कि क्या यूएस की खुफिया एजेंस‍ियां भारत, बांग्‍लादेश और म्‍यांमार के कुछ हिस्सों को अलग करते हुए अलग ईसाई देश बनाने के लिए काम कर रही हैं क्योंकि अमेरिका की जमीन पर उनको इस बात को रखने के लिए मंच मिला है। गोवा क्रोनिकल के मुताबिक, मिजोरम सीएम के भाषण के अंतर्निहित निहितार्थों ने अलगाववादी एजेंडे के बारे में चिंताएं पैदा कर दी हैं, जो दक्षिण एशिया को अस्थिर कर सकता है। धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर टिप्पणियों के साथ लालदुहोमा के भाषण ने किसी विदेशी समर्थन का संदेह पैदा किया है। साथ ही संप्रभुता, क्षेत्रीय स्थिरता और भूराजनीतिक पैंतरेबाजी पर भी बहस छेड़ दी है। लालदुहोमा बोले- हम सब एक लोग लालदुहोमा ने अपने भाषण में कहा, ‘हम एक लोग हैं, हम भाई बहन हैं और बंटने का जोखिम नहीं उठा सकते। ईश्वर ने हमें एक बनाया और हम राष्ट्रीयता की हासिल करने के लिए एक नेतृत्व के तहत उठेंगे। हालांकि किसी देश की सीमाएं हो सकती हैं लेकिन एक सच्चा राष्ट्र उनसे परे होता है। हमें तीन देशों की तीन सरकारों में अन्यायपूर्वक विभाजित किया गया है। हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते।’ लालदुहोमा नेराजनीतिक एकता की एक मुखर दृष्टि का प्रस्ताव रखा, जिससे संप्रभुता के बारे में चिंताएं पैदा हुई हैं। लालदुहोमा ने अपने भाषण में ‘राष्ट्रीयता की नियति’ पर बात करते हुए साझा सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का आह्वान किया। उन्होंने इस पर जोर दिया कि चिन-कुकी-जो लोगों के पास उन सरहदों के बावजूद एक राष्ट्र होने का ऐतिहासिक दावा है। यह भावना चिन-कुकी-जो समुदाय की ओर से हाल में उभरी है, जो खुद को हाशिए पर महसूस कर रहे हैं। ये समुदाय भारत के मणिपुर और मिजोरम राज्यों के साथ-साथ बांग्लादेश और म्यांमार के कुछ हिस्सों में फैली हुई हैं।ये भाषाई, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध साझा करती हैं जो उन्हें सीमाओं के पार जुड़ा हुआ महसूस कराती हैं। बांग्लादेश की पूर्व पीएम ने भी किया था दावा ये चिंता लंबे समय ये रही है कि विदेशी शक्तियां रणनीतिक उद्देश्यों के लिए इस क्षेत्र में विभाजन करा सकती हैं। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कुछ समय पहले दावा किया था कि एक अमेरिकी अधिकारी ने बांग्लादेश, म्यांमार और भारत के कुछ हिस्सों को मिलाकर एक ईसाई राष्ट्र बनाने की योजना के बारे में बात की थी। हसीना के बयान ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचाई थी। अब मिजोरम सीएम का बयान भी इसी तरह की चिंताओं को बढ़ाता करता है कि क्या अमेरिका से इस क्षेत्र में कोई हस्तक्षेप हो रहा है। लालदुहोमा के भाषण की सेटिंग और समय इन चिंताओं को और भी बढ़ाता है क्योंकि उन्होंने अमेरिकी धरती पर यह संदेश देने का विकल्प चुना है। अमेरिका पर पूर्व में भी रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए अलगाववादी आंदोलनों का समर्थन करने का आरोप लगा है। हसीना के बाद इंडियानापोलिस में अपना भाषण देकर लालदुहोमा ने अमेरिकी इरादों के बारे में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। खालिस्‍तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्‍नू को सीआईए का एजेंट माना जाता है।

एक ही स्थान पर मिलेगी खाद, बीज, मिट्टी और कृषि उपकरणों की जानकारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पीएम किसान समृद्धि केन्द्र वन स्टॉप सेंटर के रूप में कार्य करेंगे। इनमें खाद, बीज, कृषि उपकरण और मिट्टी परीक्षण के अतिरिक्त खेती-किसानी से संबंधित अन्य जानकारियाँ भी उपलब्ध कराई जायेंगी। उल्लेखनीय है कि 3 सितम्बर को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता विभाग और नर्मदा नियंत्रण मण्डल के कार्यों की समीक्षा बैठक में प्रत्येक ग्राम पंचायत में पीएम किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित किये जाने के निर्देश दिये थे। पीएम किसान समृद्धि केन्द्रों का उद्देश्य है कि एक ही स्थान पर किसानों को मिट्टी, बीज, उर्वरक इत्यादि की जानकारी उपलब्ध कराई जाये। इसके साथ ही इन केन्द्रों को कस्टम हॉयरिंग सेंटर्स से जोड़कर किसानों को कृषि संबंधी छोटे और बड़े उपकरण भी उपलब्ध कराये जायें। किसानों को कृषि की बेहतर पद्धतियों और विभिन्न शासकीय योजनाओं के बारे में जानकारियाँ प्रदान की जायें। किसानों को मिलेंगे ये लाभ ग्राम पंचायतों में पीएम किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित हो जाने से किसानों को अन्य स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें केन्द्र में ही खेती-किसानी के लिये आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध होंगे। संसाधन उपलब्ध न होने पर किसान समृद्धि केन्द्र समन्वयक की भूमिका निभाकर उन्हें संसाधन उपलब्ध करायेगा। इससे किसानों का खाद, बीज, उर्वरक और कृषि उपकरणों की खरीदी के लिये आने-जाने का समय भी बचेगा और अन्य व्यय भी नहीं होंगे। उन्हें किसान समृद्धि केन्द्र पर ही गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध होगी, जिससे वे बेहतर उपज भी प्राप्त कर सकेंगे। किसान समृद्धि केन्द्र पर रहेगी हेल्प-डेस्क पीएम किसान समृद्धि केन्द्र पर हेल्प-डेस्क भी रहेगी। यहाँ से मृदा विश्लेषण और मृदा परीक्षण के आधार पर पोषक तत्वों के उपयोग की जानकारी मिलेगी। मौसम पूर्वानुमान की जानकारी मिलेगी। केन्द्र से फसल बीमा, ड्रोन, कृषि वस्तुओं की जानकारी के साथ अधिक लाभार्जन के लिये फसलों के पेटर्न के पैकेज संबंधी जानकारी भी मिलेगी। प्रगतिशील किसानों का रहेगा व्हाट्सएप ग्रुप पीएम किसान समृद्धि केन्द्र के संचालक कृषि विभाग और कृषि संबंधी कार्यक्रम और गतिविधियों से जुड़े रहेंगे। पीएम किसान समृद्धि केन्द्र से जुड़े प्रगतिशील किसानों के किसान समृद्धि समूह नामक व्हाट्स-अप ग्रुप का निर्माण भी किया जायेगा।

कांकेर नक्सल मुठभेड़ में शामिल जवान केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक होंगे सम्मानित

कांकेर  कांकेर पुलिस अधीक्षक आई के एलिसेला समेत जिले के 58 जवान केंद्रीय दक्षता पदक से सम्मानित हुए हैं. उन्हें ये सम्मान हापाटोला मुठभेड़ में सफल ऑपरेशन पर दिया गया. इस मुठभेड़ में लगभग 1 करोड़ 80 लाख के इनामी 29 नक्सली मारे गए थे. कांकेर के जवानों को सम्मान: गृह मंत्रालय की तरफ से हर साल विशेष ऑपरेशन, जांच और फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले देशभर के पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों को केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक से सम्मानित किया जाता है. साल 2024 में छत्तीसगढ़ के 182 अधिकारी व कर्मचारियों को सम्मानित किए जाने के साथ ही कांकेर के पुलिस अधीक्षक आई. कल्याण ऐलिसेला के अलावा जिले के अन्य 57 अधिकारियों व कर्मचारियों को इस पदक से सम्मानित किए जाने की घोषणा दिवाली के दिन की गई. इस पदक की घोषणा हर साल 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर की जाती है. 16 अप्रैल 2024 को मारे गए थे 29 नक्सली: कांकेर पुलिस अधीक्षक आई के एलिसेला ने कहा कि छत्तीसगढ़ और कांकेर जिला पुलिस के लिए ये सम्मान बड़ी उपलब्धि है. 16 अप्रैल 2024 को हापाटोला मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गए थे. उन पर 1 करोड़ 80 लाख का इनाम घोषित था. इनमें कई बड़े नक्सली शामिल थे. इस घटना के बाद कांकेर में नक्सली घटनाओं में काफी कमी आई है. इस घटना के बाद लोकसभा चुनाव हुआ था जो काफी शांतिपूर्ण हुआ. इस में नक्सली एनकाउंटर का काफी महत्व रहा. आई के एलिसेला ने बताया कि इस सफल एनकाउंटर को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक की घोषणा की गई. इस ऑपरेशन में शामिल 60 लोगों को इस पदक से सम्मानित किया गया. बाकी लोगों के लिए भी वीरता पदक की अनुशंसा की गई है. अमित शाह के दौरे के बाद हापाटोला मुठभेड़: कांकेर जिले के कलपर-हापाटोला मुठभेड़ के कुछ माह पहले गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान अगले साल तक नक्सलियों का सफाया करने की बात कहीं थी. इसके बाद ही ये ऑपरेशन चलाया गया. एसपी आई कल्याण ऐलीसेला ने कांकेर और सीमावर्ती जिलों की सीमा पर नक्सल ऑपरेशन के लिए खाका तैयार किया और अंदरुनी इलाके में नेटवर्क बढ़ाया. कलपर हापाटोला पहाड़ी में नक्सलियों की उपस्थिति का इनपुट मिलने पर नक्सलियों के कैंप पर हमला बोलने की रणनीति तैयार की गई. इस ऑपरेशन में पखांजुर एएसपी प्रशांत शुक्ला, पखांजुर डीएसपी रवि कुमार कुजूर, पखांजुर थाना प्रमारी लक्ष्मण केवट और तत्कालीन बांदे थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की रणनीति पर ऑपरेशन किया. यह आपरेशन उस समय का सबसे बड़ा ऑपरेशन था, जिसमें 29 नक्सलियों को मार गिराने में कांकेर पुलिस और अन्य बल को सफलता मिली. नक्सलियों के कई बड़े लीडर एनकाउंटर में मारे गए. कांकेर मुठभेड़ समेत कई ऑपरेशनों में विशेष योगदान इस सम्मानित सूची में उन पुलिसकर्मियों के नाम शामिल हैं, जिन्होंने कांकेर नक्सल मुठभेड़ समेत विभिन्न अभियानों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. इनके साहस और निडरता के कारण इन अभियानों में सफलता प्राप्त हुई. इनकी बहादुरी से ही अंतिम सांसें ले रहा नक्सलवाद छत्तीसगढ़ का नाम पूरे देश में कभी नक्सल प्रभावित राज्य के रूप में नकारात्मक रूप में लिया जाता था. साल की शुरुआत में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सात राज्यों के डीजीपी और मुख्य सचिवों की बैठक लेकर नक्सलवाद के खात्मे के लिए खाका तैयार किया. छत्तीसगढ़ के पुलिस अफसरों और जवानों में उन्होंने ऐसा जोश भरा कि इसके बाद सिलसिलेवार मुठभेड़ों का दौर शुरू हो गया. कांकेर से लेकर नारायणपुर व बीजापुर में पुलिस अफसरों की रणनीति और मैदान में जवानों की बहादुरी से इसे अंजाम तक पहुंचाया गया. यही वजह रही कि अवॉर्ड सूची में छत्तीसगढ़ के जवानों व पुलिस अफसरों की संख्या पूरे देश में सर्वाधिक है.

ये चुनाव इस बात के लिए है कि हम आगे अपने देवी देवताओं की पूजा पाएंगे: सीएम यादव

 भोपाल /रांची मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज झारखंड की राजधानी रांची की कांके विधानसभा पहुंचे, उन्होंने यहाँ आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए झारखंड में हो रही घुसपैठ पर बड़ा हमला किया, मुख्यमंत्री ने कहा कि ये बांग्लादेशी घुसपैठिये आपके मकान, दुकान, रोजगार और हक़ पर कब्ज़ा कर रहे हैं और इसे झारखंड की सरकार संरक्षण दे रही है, इसे रोकना होगा। कांके विधानसभा रांची पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का क्षेत्र के लोगों ने दिल से स्वागत किया,मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उपस्थित जन समूह से कहा मैं बाबा महाकाल की धरती उज्जैन से आता हूँ यहाँ मुझे मालूम पड़ा है कि पहाड़ी बाबा भी महाकाल का ही रूप हैं मैं दोनों को प्रणाम करता हूँ, उन्होंने कहा कि ये जो झारखंड की सरकार है, कांग्रेस की सरकार है उसके पीछे कोई औ र्लोग हैं ये लोग केवल झूठ बोलते हैं। ये चुनाव इस बात के लिए है कि हम आगे अपने देवी देवताओं की पूजा पाएंगे? घुसपैठ पर हमला करते हुए सीएम ने कहा मैं आपको डरा नहीं रहा लेकिन ये बात सही है ये चुनाव इस बात का है कि हम आगे अपने देवी देवताओं की पूजा पाएंगे? होली दिवाली मना पाएंगे कि नहीं? क्योंकि घुसपैठ बहुत तेजी से हो रही है, उन्होंने कहाकि बांग्लादेश में हिन्दुओं का नर संहार हो रहा है लेकिन ये चुप है क्योंकि ये केवल कुर्सी चाहते है इसलिए ये षड्यंत्र कर रहे हैं। ये घुसपैठिये आपकी आने वाली पीढ़ी के लिए संकट बन रहे हैं   सीएम ने कहा मैं आबादी का रेशो देख रहा था यहाँ 7 प्रतिशत हिन्दू कम हुए है आदिवासी वर्ग जो कभी 41 प्रतिशत था आज 28 रह गया है, अरे जब आबादी बढ़ रही है तो ये लोग कम क्यों हो रहे हैं? वो इसलिए कि झारखंड सरकार घुसपैठ को शरण दे रही है मुख्यमंत्री ने कहा कि ये घुसपैठिये आपके रोजगार पर, दुकान पर, मकान पर कब्ज़ा कर रहे हैं इतना ही नहीं ये आपका हक़ भी छीन रहे है ये घुसपैठ आपकी आने वाली पीढ़ी के लिए संकट पैदा कर रही है डॉ मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के कर्मों के कारण जनता ने उन्हें लोकसभा चुनावों में सबक दिखाया है, जम्मू कश्मीर में 40 हजार हत्याओं का पाप कांग्रेस के सिर पर है, कांग्रेस के कर्मों के कारण जो हालत जम्मू कश्मीर में हुई है यदि रोका नहीं गया तो वो हालत झारखंड की भी होगी। ये चुनाव ईमानदारों और बेईमानों के बीच है मुख्यमंत्री ने कहा झारखंड के लिए भाजपा ने सोचा, बिहार के साथ जुड़कर यहाँ की प्रगति रुकी हुई थी अटल जी ने इसे अलग राज्य बनाया, यहाँ प्राकृतिक सुन्दरता बहुत, है अटल जी ने कहा था कि ये देश का नंबर एक राज्य होगा लेकिन अटल जी को क्या पता होगा कि यहाँ ऐसी सरकार आयेगी जो भ्रष्टाचारी होगी, इस सरकार में बैठे लोगों ने इतना भ्रष्टाचार किया है कि यदि सौ सौ के नोट हो तो एक रेल गाड़ी भर जाएगी, इसलिए समझिये ये चुनाव ईमानदारी और बेईमानी के बीच है, बेईमानों का आपको बाहर का रास्ता दिखाना है।

25 दिसंबर से 25 फरवरी तक लगने जा रहा है सबसे बड़ा मेला, 11 नवंबर तक स्वीकार की जाएंगी मेले के लिए निविदाएं

ग्वालियर ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के सचिव से प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑनलाइन निविदाएँ 11 नवम्बर को दोपहर 12 बजे तक प्रस्तुत की जा सकती हैं। पोर्टल पर प्राप्त निविदाएँ 12 नवम्बर को दोपहर 12 बजे खोली जायेंगीं। मेला की व्यवस्थाओं से संबंधित कार्यों के ठेके लेने के इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थायें निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर निविदा की शर्तें उपलब्ध हैं। ग्वालियर व्यापार मेला में टीनशेड, बेरीकेटिंग, माइक, टेंट, टैक्सी, अस्थायी विद्युत फिटिंग, सजावट कार्य व सुरक्षा गार्ड व्यवस्था इत्यादि के ठेके के लिये पोर्टल पर निविदाएँ अपलोड कर दी गई हैं। इसके अलावा फ्लैक्स प्रिंटिंग कार्य, अस्थायी सीसीटीव्ही कैमरा, मंच पर प्रकाश व्यवस्था, सम्पूर्ण मेला परिसर की साफ-सफाई शिल्प बाजार की दुकानें तैयार करने, सीवर संधारण, होर्डिंग, दुपहिया व चार पहिया वाहन पार्किंग, पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम, स्वच्छता परिसरों की साफ-सफाई, पानी की लाइन बिछाने इत्यादि व्यवस्थाओं के संबंध में भी निविदाएँ पोर्टल पर अपलोड की गई हैं। साथ ही विधिवत विज्ञापन भी प्रकाशित कराया गया है। ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के सचिव से मिली जानकारी के अनुसार ऑनलाइन निविदाएं 11 नवंबर को दोपहर 12 बजे तक प्रस्तुत की जा सकती हैं। पोर्टल पर मिली निविदाएं 12 नवम्बर को दोपहर 12 बजे खोली जाएंगी। मेला की व्यवस्थाओं से संबंधित कार्यों के ठेके लेने के इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थाएं निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर निविदा की शर्तें उपलब्ध हैं। मेला संबंधी इन व्यवस्थाओं की निविदाएं मांगी ग्वालियर व्यापार मेला में टीन शेड, बैरिकेडिंग, माइक, टेंट, टैक्सी, अस्थायी बिजली फ़िटिंग, सजावट कार्य व सुरक्षा गार्ड व्यवस्था के ठेके के लिए पोर्टल पर निविदाएं अपलोड कर दी गई हैं। इसके अलावा फ्लैक्स प्रिंटिंग कार्य, अस्थायी सीसीटीवी कैमरा, मंच पर प्रकाश व्यवस्था, सम्पूर्ण मेला परिसर की साफ-सफाई, शिल्प बाजार की दुकानें तैयार करने, सीवर संधारण, होर्डिंग, दोपहिया व चार पहिया वाहन पार्किंग, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, परिसरों की साफ-सफाई, पानी की लाइन बिछाने के संबंध में भी निविदाएं पोर्टल पर अपलोड की गई हैं। साथ ही विधिवत विज्ञापन भी प्रकाशित कराया गया है। 104 एकड़ में लगता है व्यापार मेला ग्वालियर व्यापार मेला की खासियत है कि यह 104 एकड़ में लगता है। यह मेला पहले सागर ताल के पास मैदान में लगता था। पर एक सदी पहले यह वर्तमान मेला मैदान में आया। इस मेला की एक और विशेषता है। यहां मध्य प्रदेश शासन द्वारा वाहन की खरीद पर 50 प्रतिशत की रोड टैक्स छूट मिलती है। इसके चलते मेले में लगने वाला ऑटो मोबाइल सेक्टर अपने आप में खास होता है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet