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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का एक्शन, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 7 शूटर्स गिरफ्तार

नई दिल्ली लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ पैन इंडिया कार्रवाई में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है. गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 7 शूटर्स गिरफ्तार हुए हैं. सभी शूटर्स की गिरफ्तारी पंजाब और अन्य राज्यों से की गई है. पुलिस ने शूटर्स के पास से हथियार भी बरामद किए हैं. इससे पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने भी शिकंजा कसा. एनआईए ने लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित कर दिया है. अनमोल बिश्नोई उर्फ ​​भानु कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई है. वह सिंगर-राजनेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी आरोपी है. कौन है लॉरेंस का भाई, ज‍िसे NIA ने मोस्टवांटेड लिस्ट में क‍िया शामिल साल 2023 में जांच एजेंसी ने उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. रिपोर्ट के मुताबिक वह फर्जी पासपोर्ट पर भारत से भाग गया था. अनमोल बिश्नोई कथित तौर पर अपने ठिकाने बदलता रहता है और पिछले साल उसे केन्या और इस साल कनाडा में देखा गया था. जानकारी में मुताबिक अनमोल बिश्नोई पर 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं. वह जोधपुर जेल में सजा काट चुका है. अनमोल को 7 अक्टूबर 2021 को जमानत पर रिहा किया गया था. बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में भी आया नाम बाबा सिद्दीकी की हत्या मामले की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच को आरोपियों से पूछताछ में पता चला था कि शूटर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई के सीधे संपर्क में थे. हत्या करने वाले संदिग्ध तीन शूटरों ने हत्या से पहले एक इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप (स्नैपचैट) के जरिए जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई से बातचीत की थी. अनमोल बिश्नोई एक शूटर और साजिशकर्ता प्रवीण लोनकर के संपर्क में था. अनमोल कनाडा और अमेरिका से आरोपियों के संपर्क में था. एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की दशहरा की रात मुंबई के बांद्रा इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में अब तक मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.  

उमर अब्दुल्ला सरकार के आते ही आतंकी वारदातों में इजाफा, 15 दिन में 19 का कत्ल

 श्रीनगर जम्मू-कश्मीर को 10 साल बाद चुनी हुई सरकार मिली है और उमर अब्दुल्ला अब मुख्यमंत्री बन गए हैं। इसके बाद भी केंद्र शासित प्रदेश में आतंकी हमले थमने की बजाय और बढ़ गए हैं। बीते 15 दिनों में ही अलग-अलग आतंकी हमलों में अब तक 19 लोग मारे जा चुके हैं। 24 अक्टूबर की शाम को कश्मीर के गुलमर्ग में फिर एक आतकी हमला हुआ, जिसमें दो आर्मी पोर्टर और दो जवान शहीद हो गए। यह हमला भी टूरिस्ट हॉटस्पॉट वाले इलाके में हुआ। यही नहीं यहां सेना की बड़ी संख्या में तैनाती रहती है। उसके बाद भी आतंकियों के सेना तक पहुंचने और उनको निशाना बनाने से सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले 20 अक्टूबर को गांदरबल जिले के गगनगीर इलाके में एक सुरंग के निर्माण की साइट पर आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 6 बाहरी मजदूरों और एक स्थानीय डॉक्टर का कत्ल कर दिया गया। इन लोगों पर आतंकियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं और ज्यादातर लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इससे पूर्व 18 तारीख को भी शोपियां में बिहार के एक मजदूर का कत्ल कर दिया गया था। इन घटनाओं के बीच एलजी मनोज सिन्हा ने सुरक्षा बलों को सख्ती बरतने और पुलिस एवं सेना को साथ मिलकर अभियान चलाने का आदेश दिया है। फिर भी अब तक कोई नियंत्रण नहीं दिख रहा है। बीती रात को सेना और आतंकियों के बीच छिड़े संघर्ष ने चिंताओं को और बढ़ा दिया है। बारामूला, पुंछ, शोपियां, गांदरबल और कश्मीर समेत ज्यादातर इलाकों में सुरक्षा बलों की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल ज्यादातर जगहों पर सुरक्षा बल सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं और कई जगहों पर कैंपिंग बढ़ा दी गई है। 9 अक्टूबर को भी एक लापता सैनिक का गोलियों से छलनी शव बरामद हुआ था। खबर थी कि सैनिक को अनंतनाग से आतकियों ने अगवा कर लिया है। अंत में उनका शव ही बरामद किया गया। जवान की पहचान हिलाल अहमद भट के तौर पर हुई है। इस बीच गुरुवार को सीएम उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली में राजनाथ सिंह और होम मिनिस्टर अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने इस दौरान राज्य का दर्जा बहाल किए जाने की मांग की। वहीं भाजपा के एक नेता ने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा तब तक नहीं मिल सकता, जब तक सुरक्षा के हालात सुधर नहीं जाते। उन्होंने उमर अब्दुल्ला सरकार के आते ही आतंकी वारदातों में इजाफे की ओर भी इशारा किया। माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में शांति पूर्ण चुनाव और सरकार गठन से पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन बौखला गए हैं और वे लोगों पर हमले कर रहे हैं। इसी के चलते ऐसी स्थिति पैदा हुई है। बारामूला आतंकी हमले पर क्या बोले फारूक अब्दुल्ला नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बारामूला आतंकी हमले पर उन्होंने कहा, ‘इस रियासत में ऐसा होता रहेगा। जब तक इस समस्या से निकलने का रास्ता नहीं निकलेगा, तब तक यह नहीं रुकेगा। मैं 30 साल से देख रहा हूं कि निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं।’ फारूक ने कहा कि हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बनने वाले हैं, तो वे ऐसा क्यों कर रहे हैं? हमारा भविष्य बर्बाद करने के लिए? उन्हें अपने देश को देखना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मैं उनसे फिर अपील करता हूं कि वे इसे रोकें और दोस्ती का रास्ता खोजें। अगर दोस्ती नहीं की गई तो भविष्य बहुत मुश्किल होगा। मैं इस घटना में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देता हूं।’ जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में गुरुवार को किए गए आतंकवादी हमले में गंभीर रूप से घायल हुए 2 जवानों ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस हमले में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है। सैन्य बल के साथ काम करने वाले 2 कुलियों की कल मौत हो गई थी। तीन सैनिकों सहित चार लोग घायल हुए थे जिनमें से दो सैनिकों ने बाद में दम तोड़ दिया। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में गुलमर्ग से छह किलोमीटर दूर आतंकवादियों ने सेना के एक वाहन पर हमला दिया। बूटापथरी इलाके में सेना के वाहन पर तब गोलीबारी की जब वह अफरावत रेंज में नागिन चौकी की ओर जा रहा था। अधिकारियों ने कहा कि यह क्षेत्र पूरी तरह से सेना के कब्जे में है। उमर अब्दुल्ला बोले- हालिया हमले गंभीर चिंता का विषय जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि घाटी में हालिया हमले गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘उत्तरी कश्मीर के बूटापथरी क्षेत्र में सेना के वाहनों पर हमले की बेहद दुर्भाग्यपूर्ण खबर है, जिसमें कुछ लोग हताहत हुए हैं। कश्मीर में हालिया हमले गंभीर चिंता का विषय हैं।’ अब्दुल्ला ने कहा कि मैं इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं और जान गंवाने वाले लोगों के प्रियजन के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं यह भी प्रार्थना करता हूं कि घायल पूरी तरह और शीघ्र स्वस्थ हों। पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी हमले की निंदा की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, ‘बारामूला में सेना के काफिले पर आतंकवादी हमले से स्तब्ध और दुखी हूं। इसकी स्पष्ट रूप से निंदा करती हूं और घायल सैनिकों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करती हूं।’

बलरामपुर में गुरुचंद के अंतिम संस्कार में हुआ बवाल, पुलिसकर्मियों पर किया पथराव

बलरामपुर बलरामपुर के कोतवाली थाना में स्वास्थ्यकर्मी गुरुचंद मंडल की मौत के मामले में फिर से बड़ा बवाल हुआ है. आज पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में मृतक के डेड बॉडी को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था, तभी ग्रामीणों ने जोरदार विरोध जताया और पत्थरबाजी कर दी. इस हिंसा में एडिशनल एसपी निमिशा पांडे को चोट लगी है. वहीं पुलिस के अधिकारी मौके पर उग्र भीड़ को समझाइश देने में जुटे हुए हैं. घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस के जवान तैनात हैं. बता दें कि गुरुवार दोपहर को बलरामपुर के कोतवाली थाना के बाथरूम में एनएचएम के कर्मचारी गुरुचंद मंडल की फांसी के फंदे पर लटकी लाश मिली, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई. सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और मृतक के परिजनों ने रात में कोतवाली पहुंचकर जमकर हंगामा किया. सैकड़ों लोगों की भीड़ ने थाने में पथराव किया, वहीं परिसर में खड़ी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की. आक्रोश इतना बढ़ गया कि स्थिति को काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े. मृतक के पिता ने पुलिस पर मारपीट का लगाया आरोप इस मामले में मृतक गुरु चरण के पिता शांति मंडल ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है. उन्होंने बताया कि बहू के लापता होने के बाद पुलिस वालों के बुलाने पर हम लोग थाने गए थे, जहां हमारे साथ मारपीट की गई है. बेटे को भी मारे हैं और 17 साल के नाती को मारने की भी धमकी दिए है. मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने मारपीट का जख्म भी दिखाया. स्वास्थ्यकर्मी की आत्महत्या के मामले में टीआई और एक आरक्षक सस्पेंड बलरामपुर के कोतवाली थाना में एनएचएम कर्मचारी गुरुचंद मंडल की मौत के मामले में थाना प्रभारी प्रमोद रूसिया और आरक्षक अजय यादव को निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई बलरामपुर-रामानुजगंज एसपी ने की है. कांग्रेस ने बनाई 8 सदस्यीय जांच समिति बलरामपुर के कोतवाली थाना के बाथरूम में एनएचएम के कर्मचारी गुरुचंद मंडल की आत्महत्या मामले में कांग्रेस ने 8 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसमें डॉ. अजय तिर्की को संयोजक और सफी अहमद, राजेन्द्र तिवारी, के.पी. सिंह , मधु गुप्ता, लाल साय, सीमा सोनी, दिनेश यादव जांच समिति के सदस्य बनाया गया है.

पति के साथ पिकनिक मनाने गई थी पत्नी, पांच लोगों ने किया दुष्कर्म, पुलिस ने 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया

रीवा कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में एक महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या का मामला सामने आया था, जिसने पूरे देश में शोक की लहर पैदा कर दी थी। अभी यह मामला पूरी तरह से शांत भी नहीं हुआ कि मध्य प्रदेश के रीवा से एक और भयावह मामला सामने आया है, जिसने समाज को फिर से शर्मसार कर दिया है। एक महिला अपने पति के साथ पिकनिक मनाने गई थी, जहां उसके साथ 5 लोगों ने दुष्कर्म किया। यह घटना इस बात की पुष्टि करती है कि महिलाएं अब भी सुरक्षित नहीं हैं, चाहे वे किसी भी स्थान पर जाएं। दरअसल, मध्यप्रदेश के रीवा जिले में एक नवविवाहिता महिला अपने पति के साथ पिकनिक मनाने गई थी जिसके साथ पांच लोगों ने दुष्कर्म किया, अब पुलिस ने इस मामले में 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि कथित सामूहिक दुष्कर्म की यह घटना सोमवार को गुढ़ तहसील के एक भ्रमण स्थल की है। रीवा मुख्यालय की पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) हिमाली पाठक ने फोन पर बताया, ‘‘महिला की हाल ही में शादी हुई है। उसकी और उसके पति की उम्र 19 से 20 वर्ष के आसपास है और दोनों अभी कॉलेज में हैं।” पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने वाले पांच लोगों में से एक के हाथ और छाती पर टैटू बना है। डीएसपी ने बताया कि पुलिस ने अपनी जांच के तहत 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। कथित सामूहिक दुष्कर्म को एक संवेदनशील मामला बताते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए सावधानी से काम कर रही है कि पीड़िता की पहचान उजागर न हो। दंपति ने मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे गुढ़ पुलिस थाने में संपर्क किया। डीएसपी ने कहा, ‘‘फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के विशेषज्ञ और मैं मौके पर पहुंचे। पीड़िता का मेडिकल प्रशिक्षण कराया गया और उसी दिन शाम सात बजे प्राथमिकी दर्ज की गई।” महिला के बयान का हवाला देते हुए डीएसपी ने बताया कि गुढ़ औद्योगिक क्षेत्र में एक प्रसिद्ध मंदिर से करीब दो किलोमीटर दूर एक फव्वारे के पास वह अपने पति के साथ बैठी हुई थी। इस दौरान कुछ दूरी पर पार्टी कर रहे आधा दर्जन दरिंदे नशे की हालत में वहां पहुंच गए। उन्होंने युवक को धमकाया और उसके साथ मारपीट की। अधिकारी के अनुसार, अपने बयान में महिला ने कहा कि फव्वारे के पास पांच लोगों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। उन्होंने कहा, ‘‘अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। हमने 100 से अधिक लोगों और संदिग्धों को पकड़ा है। हमारी जांच जारी है।” उन्होंने बताया कि पांच अज्ञात लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत सामूहिक दुष्कर्म और अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने हर कदम, हर मोर्चे पर भारत और जर्मनी की दोस्ती के गहरे होने पर खुशी की जाहिर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को दुनिया की स्थिरता, सातत्य, भरोसे और पारदर्शिता का मजबूत आधार बताते हुए जर्मनी के उद्योग जगत का भारतीय प्रतिभा एवं नवान्वेषण को अपनाने और विश्व के बेहतर भविष्य के लिए योगदान सुनिश्चित करने का आह्वान किया। मोदी ने यहां जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज़ और वाइस चांसलर डॉक्टर रॉबर्ट हाबेक की मौजूदगी में एशिया-पैसिफ़िक कांफ्रेंस ऑफ़ जर्मन बिज़नेस को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने हर कदम, हर मोर्चे पर भारत और जर्मनी की दोस्ती के गहरे होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, “ये साल, भारत-जर्मनी रणनीतिक साझीदारी का 25वाँ वर्ष है। अब आने वाले 25 वर्ष, इस साझीदारी को नई बुलंदी देने वाले हैं। हमने आने वाले 25 वर्षों में विकसित भारत का एक रोडमैप बनाया है। मुझे खुशी है कि ऐसे महत्वपूर्ण समय में जर्मन कैबिनेट ने फोकस ऑन इंडिया डॉक्यूमेंट रिलीज़ किया है। विश्व की दो सशक्त लोकतंत्र, विश्व की दो शीर्ष अर्थव्यवस्थाएं, साथ मिलकर कैसे विश्व कल्याण की शक्ति बन सकती हैं, फोकस ऑन इंडिया डॉक्यूमेंट में उसका ब्लू प्रिंट है। इसमें रणनीतिक साझीदारी को समग्रता से आगे बढ़ाने की कार्यशैली और प्रतिबद्धता साफ़ दिखती है। खासतौर पर भारत की कुशल श्रमशक्ति पर जर्मनी ने जो भरोसा जताया है, वो अद्भुत है।” मोदी ने कहा, “जर्मनी ने कुशल भारतीयों के लिए हर वर्ष मिलने वाले वीज़ा की संख्या, 20 हज़ार से बढ़ाकर 90 हज़ार करने का फैसला किया है। मुझे विश्वास है कि इससे जर्मनी की तरक्की को नई गति मिलेगी।” उन्होंने कहा कि हमारा आपसी व्यापार 30 अरब डॉलर से अधिक के स्तर पर पहुँच चुका है। आज एक तरफ सैकड़ों जर्मन कम्पनियां भारत में हैं, तो वहीं भारतीय कंपनियां भी तेजी से जर्मनी में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही हैं। आज भारत विविधता और जोखिम मुक्त सबसे बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। भारत वैश्विक कारोबार एवं विनिर्माण का भी हब बन रहा है। ऐसे में आपके लिए मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड का, ये सबसे उपयुक्त समय है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ और एशिया प्रशांत क्षेत्र के बीच संबंध मजबूत करने में एशिया प्रशांत सम्मेलन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। लेकिन वह इस मंच को सिर्फ कारोबार और निवेश के सीमित दायरे में ही नहीं देखते हैं। बल्कि वह इसे हिन्द प्रशांत क्षेत्र और विश्व के बेहतर भविष्य की साझीदारी के रूप में देखते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “दुनिया को स्थिरता और सातत्य की ज़रूरत है, भरोसे और पारदर्शिता की ज़रूरत है। चाहे समाज हो या फिर आपूर्ति श्रृंखला, हर मोर्चे पर इन मूल्यों को बल देने की ज़रूरत है। इनके बिना कोई भी देश, कोई भी क्षेत्र, अपने बेहतर भविष्य की कल्पना नहीं कर सकता। हिन्द प्रशांत क्षेत्र तो दुनिया के भविष्य के लिए बहुत ज़रूरी है। वैश्विक वृद्धि हो, जनसंख्या हो या कौशल हो, इस क्षेत्र का योगदान और क्षमता, दोनों बहुत व्यापक है। इसीलिए इस सम्मेलन का महत्व और भी बढ़ जाता है।” उन्होंने कहा कि भारत की जनता, एक स्थिर राजनीतिक प्रणाली और विश्वसनीय नीतियों के इकोसिस्टम को बहुत महत्व देती है। यही वजह है कि 60 साल बाद एक सरकार को लगातार तीसरा कार्यकाल मिला है। भारत की जनता का ये भरोसा, बीते एक दशक में सुधार, प्रदर्शन और बदलाव लाने वाली शासन व्यवस्था के कारण मज़बूत हुआ है। जब देश का सामान्य नागरिक ये सोच रहा है, तब आप जैसे बिजनेस के लिए, आप जैसे निवेशकों के लिए भारत से बेहतर स्थान क्या हो सकता है। मोदी ने कहा कि आज भारत, लोकतंत्र, आबादी, मांग और डेटा, ये चार मज़बूत स्तंभों पर खड़ा है। प्रतिभा, तकनीकी, नवान्वेषण और बुनियादी ढांचा, भारत की प्रगति के औजार हैं। इन सभी को आगे ले जाने वाली एक और बड़ी ताकत आज भारत में है। ये ताकत है- आकांक्षी भारत की। यानि एआई आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस और एआई एस्पीरेशनल इंडिया (आकांक्षी भारत) की दोहरी ताकत भारत के पास है। और आकांक्षी भारत को हमारा युवा वर्ग आगे ले जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीती सदी में प्रगति को मुख्यत: प्राकृतिक संसाधनों ने गति दी थी। 21वीं सदी को मानव संसाधन एवं मानव नवान्वेषण, गति देने वाले हैं। इसलिए भारत अपने युवाओं के कौशल एवं प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण पर बहुत फोकस कर रहा है। भारत, भविष्य की दुनिया की ज़रूरतों के लिए आज काम कर रहा है। हमारा मिशन मिशन एआई हो, हमारा सेमीकंडक्टर मिशन हो, मिशन क्वांटम हो, मिशन ग्रीन हाइड्रोजन हो, अंतरिक्ष तकनीक से जुड़े मिशन हों, डिजिटल इंडिया का मिशन हो, इन सभी का लक्ष्य दुनिया के लिए बेहतरीन और विश्वसनीय समाधान देना है। आप सभी साथियों के लिए इन क्षेत्रों में निवेश और कारोबारी गठबंधन की अनेक संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हर इनोवेशन को, एक शानदार प्लेटफॉर्म और बेहतरीन बुनियादी ढांचा देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, नए स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री 4.0 के लिए अनंत संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। आज भारत अपने फिज़िकल इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म करने में जुटा है। रेल, रोड, हवाई अड्डों और बंदरगाहों में रिकॉर्ड निवेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें जर्मन और हिन्द प्रशांत क्षेत्र की कंपनियों के लिए अनेक संभावनाएं हैं। यह खुशी की बात है कि नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर भारत और जर्मनी मिलकर काम कर रहे हैं। पिछले महीने ही गुजरात में जर्मनी के साथ मिलकर, चौथा वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा निवेश सम्मेलन आयोजित किया गया है। वैश्विक स्तर पर नवीकरणीय स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश के लिए भारत-जर्मनी प्लेटफार्म भी लॉन्च किया गया है। उम्मीद है कि ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम की जो संभावनाएं भारत ने बनाई हैं, उसका फायदा भी जर्मन उद्योगपति ज़रूर उठाएंगे। मोदी ने कहा, “भारत की विकास यात्रा से जुड़ने का यही समय है, सही समय है। जब भारत का डायनमिज्म और जर्मनी का प्रिसिशन मिलता है, जब जर्मनी की इंजीनियरिंग और भारत का इनोवेशन मिलता है, जब जर्मनी की टेक्नॉलॉजी और भारत का टैलेंट मिलता है, तब हिन्द प्रशांत क्षेत्र के साथ-साथ पूरी दुनिया का बेहतर भविष्य तय होता है।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा, “भारत आना सिर्फ व्यापार ही नहीं होता, भारत की संस्कृति, खानपान और शॉपिंग को आपने समय नहीं दिया, तो आप बहुत कुछ गंवा देंगे।” … Read more

राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार तथा राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार किए वितरित

शिक्षक, आदर्श समाज और राष्ट्र के शिल्पकार हैं : राज्यपाल पटेल संस्कार आधारित शिक्षा पर केंद्रित है नई शिक्षा नीति – मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय संस्कृति में गुरु शिष्य परंपरा का रहा है विशेष महत्व राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार तथा राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार किए वितरित 54 लाख विद्यार्थियों को गणवेश के लिए सिंगल क्लिक से किए 324 करोड़ रुपये अंतरित इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में विद्यार्थियों और शिक्षकों किया गया सम्मानित नवाचार श्रेणी के लिए अंतर्राष्ट्रीय संस्था टी-4 एज्यूकेशन द्वारा विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त रतलाम के सीएम राइज विनोबा विद्यालय के शिक्षक हुए सम्मानित राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षक सम्मान तथा गणवेश वितरण कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि शिक्षक, आदर्श समाज और राष्ट्र के शिल्पकार हैं। उनकी महत्ता इस बात से ही समझी जा सकती है कि माता-पिता, बच्चों को जन्म और संस्कार देते हैं, जबकि शिक्षक उन्हें ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों के साथ आदर्श नागरिक बनाते हैं। शिक्षा प्रगति की पहली सीढ़ी है। यह समाज में समानता, स्वावलम्बन और स्वाभिमान के गुणों को विकसित करने का सबसे प्रभावी तरीका है। शिक्षकों की यह जिम्मेदारी है कि विद्यार्थियों में देश प्रेम के साथ गरीब, वंचित और जरूरतमंदों की मदद के गुणों को विकसित करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि शिक्षक, अपना काम यह मानकर करें कि वे न सिर्फ बच्चों को विद्यादान कर रहे हैं बल्कि विकसित और विश्वगुरू भारत के निर्माण में योगदान भी दे रहे हैं। राज्यपाल पटेल प्रशासन अकादमी में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान तथा गणवेश राशि वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समारोह की अध्यक्षता की। राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण किया। सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम आरंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर आम का पौधा रोपा। राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार-2024 के लिए चयनित 14 शिक्षकों, वर्ष-2023 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त दो शिक्षकों और राज्य स्तरीय शैक्षिक संगोष्ठी में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को शॉल-श्रीफल, प्रशस्ति-पत्र और सम्मान राशि का चेक प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर नवाचार श्रेणी के लिए अंतर्राष्ट्रीय संस्था टी-4 एजुकेशन द्वारा विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त रतलाम के सीएम राइज विनोबा विद्यालय के शिक्षकों का सम्मान भी किया गया। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में तीन विद्यार्थियों और उनके गाइड शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 54 लाख विद्यार्थियों के खातों में गणवेश के लिए 324 करोड रुपए की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। सीएम राइज़ स्कूल राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना राज्यपाल पटेल ने कहा कि शिक्षक, बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ स्व-रोजगार और स्वावलम्बन के लिए तैयार करें। उन्हें आज के प्रतियोगी युग में जुझारू और सफल बनने का हुनर सिखाएं। शिक्षक, बच्चों में शेयर एण्ड केयर, नैतिकता, दया, सहयोग आदि नैतिक गुणों को रोपें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता और पहुँच को बढ़ाने का अभूतपूर्व कार्य कर रही है। इसी क्रम में सीएम राइज स्कूल, प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने की विशेष पहल है। यह परियोजना बच्चों के बौद्धिक, मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास की बेहतरी में सफल होगी। तत्कालीन शिक्षा व्यवस्था की सामर्थ्य और भारतीय संस्कृति के गर्व का आधार है श्रीमद् भगवद् गीता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से पाठ्यक्रम में संस्कार आधारित शिक्षा के समावेश और क्रियान्वयन के अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। भारतीय संस्कृति में ऐतिहासिक रूप से गुरु-शिष्य परंपरा का विशेष महत्व रहा है। इसी का परिणाम है कि भारतीय समाज ने हर काल परिस्थिति में देश के सामने आने वाली चुनौती में प्रभावी तरीके से महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। हर चुनौती पूर्ण स्थिति में देश की शैक्षणिक संस्थाएं अपने दायित्व निर्वहन में सक्रिय और सजग रही हैं। भगवान श्रीराम के काल में शिष्य के रूप में प्रशिक्षित हो रहे श्रीराम और लक्ष्मण ने भी दृढ़ता पूर्वक तत्कालीन चुनौतियों का सामना किया। भगवान श्रीकृष्ण सांदीपनि आश्रम आकर 64 कला, 14 विद्या, 18 पुराण, चारों वेद और शस्त्र और शास्त्र के बीच तालमेल में निपुण हुए। घनघोर युद्ध में उनके मुखारविंद से निकली वाणी, श्रीमद् भगवद् गीता के स्वरूप में विश्व के सामने आई है। यह तत्कालीन शिक्षा व्यवस्था की सामर्थ्य का प्रमाण और भारतीय संस्कृति के गर्व का आधार है। चंद्रगुप्त और चाणक्य के रूप में भी परंपरा की इस निरंतरता के दर्शन होते हैं। इसी क्रम में सम्राट विक्रमादित्य ने भी आक्रांताओं को परास्त कर व्यवस्था स्थापित की। लॉर्ड मैकाले ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नष्ट करने के हर संभव किए प्रयास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इतिहास की सभी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भारतीय शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ आधार की निरंतरता स्पष्टतः परिलक्षित होती है। इसी का परिणाम है कि शक्ति और सामर्थ्य का आधार हमारी शैक्षणिक और बौद्धिक संस्थाएं, शत्रु के आक्रमण का सदैव निशाना बनी और आक्रांताओं द्वारा तक्षशिला और नालंदा को ध्वस्त किया गया। इसी क्रम में लॉर्ड मैकाले ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नष्ट करने के हर संभव प्रयास किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से भारतीय शिक्षा व्यवस्था में भारत के गौरवशाली अतीत पर केंद्रित पाठ्यक्रम का समावेश किया है। भारत, संपन्न और शक्तिशाली बनने के साथ ही विश्व गुरु बनने के मार्ग पर निरंतर अग्रसर है। हम सर्वे भवन्तु सुखिन:- सर्वे सन्तु निरामय: के उद्दात भाव से संपूर्ण विश्व में मानव मूल्यों को स्थापित करने के पथ पर अग्रसर हैं। स्कूल शिक्षा विभाग, शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण और बेहतर परिणाम देने के लिए प्रतिबद्ध स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्कूल शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण, बेहतर परिवेश, बेहतर व्यवस्था, बेहतर संसाधन और बेहतर परिणाम के लिए विभाग निरंतर कार्यरत है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इस वर्ष 74 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों … Read more

NCP अजित गुट की दूसरी लिस्ट, नवाब मलिक की बेटी सना और बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान को टिकट

मुंबई  महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के शंखनाद के बीच मुंबई से बड़ी खबर सामने आई है। दिवंगत एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी के बेटे और मुंबई युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष जीशान सिद्दीकी एनसीपी में शामिल हो गए हैं। जीशान सिद्दीकी का अजित पवार ने पार्टी में स्वागत किया। इसके अलावा एनसीपी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए बांद्रा पूर्व सीट से जीशान सिद्दीकी को पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया। एनसीपी में शामिल होकर क्या बोले जीशान? एनसीपी में शामिल होने के बाद जीशान सिद्दीकी ने कहा कि यह मेरे और मेरे परिवार के लिए एक भावनात्मक दिन है। इस कठिन समय में मुझ पर विश्वास करने के लिए मैं अजित पवार, प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे का आभारी हूं। मुझे बांद्रा ईस्टसे टिकट मिला है। मुझे यकीन है कि सभी लोगों के प्यार और समर्थन से मैं बांद्रा ईस्ट को फिर से जरूर जीतूंगा। जीशान ने पिता की हत्या पर क्या कहा? अपने पिता की हत्या के बाद ज़ीशान ने कहा कि हत्यारों की नजर अब उन पर है, लेकिन वह डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने X पर लिखा कि उन्होंने मेरे पिता को चुप करा दिया। लेकिन वे भूल जाते हैं- वह एक शेर थे और मैं उनकी दहाड़ अपने अंदर, उनकी लड़ाई अपनी रगों में लिए हुए हूं। वह न्याय के लिए खड़े हुए, बदलाव के लिए लड़े और अडिग साहस के साथ तूफानों का सामना किया। बांद्रा पूर्व की जनता से अपील? ज़ीशान ने आगे कहा कि अब जो लोग उन्हें नीचे लाए, वे मुझ पर अपनी नजरें गड़ाए हुए हैं। यह मानते हुए कि वे जीत गए हैं, उनसे मैं कहता हूं। एक शेर का खून मेरी रगों में दौड़ता है। मैं अभी भी यहां हूं, निडर और अटूट। उन्होंने एक को ले लिया, लेकिन मैं उनकी जगह पर उठ खड़ा हुआ हूं। यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। आज मैं वहीं खड़ा हूं जहां वह खड़े थे। जीवित, अथक और तैयार। बांद्रा पूर्व के मेरे लोगों, मैं हमेशा आपके साथ हूं। कब हुई थी बाबा सिद्दीकी की हत्या दरअसल 12 अक्टूबर की रात को मुंबई के बांद्रा इलाके में ज़ीशान सिद्दीकी के दफ्तर के पास पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है और मुख्य शूटर समेत दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे के मकसद का अभी तक पता नहीं चल पाया है और विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। इसमें लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से कथित संबंध भी शामिल है। शिवसेना (यूबीटी) ने जारी की उम्मीदवारों की सूची महा विकास अघाड़ी (एमवीए) में शामिल उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) ने गुरुवार को उम्मीदवारों की एक सूची जारी कर दी. उद्धव ठाकरे की पार्टी ने 65 उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में उद्धव की पार्टी ने ठाकरे परिवार की एक रवायत तोड़ दी है. उद्धव ठाकरे ने अपने चचेरे भाई राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे के खिलाफ भी उम्मीदवार उतार दिया है. महाराष्ट्र में 20 नवंबर को होगा चुनाव महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. पिछले चुनाव में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं. हालांकि, चुनाव के बाद शिवसेना एनडीए से अलग हो गई और उसने एनसीपी-कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना ली. शिवसेना के उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने. जून 2022 में शिवसेना में आंतरिक कलह हो गई. इसके बाद एकनाथ शिंदे ने पार्टी के 40 विधायकों को तोड़ दिया. एकनाथ शिंदे बीजेपी के समर्थन से मुख्यमंत्री बन गए. अब शिवसेना दो गुटों में बंट चुकी है. शरद पवार की एनसीपी भी दो गुट- शरद पवार और अजित पवार में बंट गई है.

एम्स के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्राैपदी मुर्मू ने टॉपर छात्र-छात्रों को मेडल से नवाजा, दिया सफलता का मूल मंत्र

रायपुर   राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंची और सीधे रायपुर एम्स के दूसरे दीक्षांत समारोह में हुईं शामिल. इस मौके पर राज्यपाल रमेन डेका, सीएम साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी मौजूद रहे. समारोह में राष्ट्रपति मुर्मू के हाथों 10 छात्रों को गोल्ड मेडल दिया गया. इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू डिग्री प्राप्त करने वाले 514 छात्रों को बधाई देते हुए समारोह को संबोधित किया. राष्ट्रपति मुर्मू ने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति के रूप में देश की सेवा करते हुए मुझे कई समारोह में भाग लेने का अवसर मिलता है. शिक्षा संस्थानों में जाकर मुझे अधिक प्रसन्नता होती है. मुझे संतोष का अनुभव होता है कि हमारे देश का भविष्य आप जैसे प्रतिभावान युवाओं के हाथों में सुरक्षित है. आज उपाधि एवं पदक प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को मैं बहुत-बहुत बधाई देती हूं और उनके स्वर्णिम भविष्य की कामना करती हूं. जिन अभिभावकों और शिक्षकों के समर्थन तथा सहयोग से आपने यह रास्ता तय किया है, वे भी बधाई के पात्र हैं. उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि AIIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से शिक्षा प्राप्त करना सौभाग्य की बात है. यहां से शिक्षा प्राप्त करके आपकी प्रतिभा और विकसित हुई होगी. Medical Professionals का कार्य अत्यंत जिम्मेदारी भरा है. आपके निर्णय अनेक बार जीवन रक्षा से जुड़े होते हैं. मैं समझती हूं कि आपको इस जिम्मेदारी का बोध है तथा अपने उत्तर-दायित्वों का निर्वाह आप पूरी तन्मयता एवं क्षमता से करेंगे. Medical Professionals के तौर पर आप प्रायः ऐसी परिस्थितियों से गुजरते हैं जो बहुत चुनौतीपूर्ण होती हैं. उनका सामना करने के लिए आप अपनी भावनाओं पर नियंत्रण करना सीख लेते हैं. भावुकता से मुक्त हो कर कार्य करने और संवेदनशीलता की कमी होने के बीच बहुत थोड़ा सा ही फासला होता है. मानवीय मूल्यों पर दिया जोर दुनिया के अनेक प्रतिष्ठित एवं श्रेष्ठ चिकित्सकों ने Medical Professionals को मानवीय मूल्यों के साथ काम करने की सलाह दी है. उनमें Dr. Francis Weld Peabody का नाम बहुत महत्वपूर्ण है. उनका “The Care of the Patient” नामक लेख विश्व के कई चिकित्सा संस्थानों में विद्यार्थियों को पढ़ने की सलाह दी जाती है. इस लेख में उन्होंने लिखा है and I quote “The treatment of a disease may be entirely impersonal; the care of a patient must be completely personal.” Unquote मैं समझती हूं कि जब आपने यह कार्यक्षेत्र चुना होगा, तब आपके मन में दया, करुणा और संवेदना के आदर्श रहे होंगे. आपको हमेशा याद रखना है कि ये मानवीय मूल्य हमको मजबूत बनाते हैं. इसलिए हमेशा अपने कार्यक्षेत्र में इन जीवन-मूल्यों के साथ काम करें. इससे आपको कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी, तथा आपका जीवन सार्थक होगा. स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार उन्होंने सभा में उपस्थित लोगों को संबोधितक करते हुए कहा कि देश के सभी नागरिकों तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के लिए भारत सरकार निरंतर प्रयास कर रही है. पिछले एक दशक में, देशवासियों को Universal Health Coverage प्रदान करने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं. ‘आयुष्मान भारत योजना’ के अंतर्गत अब सत्तर वर्ष से अधिक उम्र के नागरिक भी लाभान्वित हो रहे हैं. ‘प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना’ से लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध हो रही हैं. पिछले दस वर्षों में Medical colleges और MBBS तथा PG की सीटों में भी बढ़ोतरी हुई है. नए AIIMS भी स्थापित किए गए हैं. AIIMS संस्थान, कम खर्च में अच्छी health care services एवं medical education देने के लिए जाने जाते हैं. AIIMS संस्थानों के साथ देशवासियों का विश्वास जुड़ा हुआ है. इसीलिए बहुत बड़ी संख्या में लोग दूर- दूर से AIIMS में इलाज कराने आते हैं. जिस डॉक्टर के साथ AIIMS का नाम जुड़ा होता है, उसके प्रति मरीजों में सम्मान की भावना बढ़ जाती है. AIIMS रायपुर की उपलब्धियां मुझे यह जानकर हर्ष होता है कि AIIMS रायपुर भी इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है. वर्ष 2012 में स्थापित इस संस्थान ने अपनी कुछ वर्षों की यात्रा में ही बहुत प्रतिष्ठा अर्जित की है. इसके लिए इस संस्थान से जुड़े सभी लोगों की मैं सराहना करती हूं. मुझे बताया गया है कि चिकित्सा एवं लोक कल्याण के लिए AIIMS रायपुर द्वारा कई कार्य किए जा रहे हैं. यह संस्थान, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के साथ कुपोषण का उन्मूलन करने के लिए कार्य कर रहा है. यहां के Sickle Cell Clinic में मरीजों को इलाज प्रदान किया जाता है. Sickle Cell मरीजों की पहचान के लिए जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाते हैं. आधुनिक तकनीकों का उपयोग हम एक ऐसे दौर से गुजर रहे हैं जिसमें आधुनिकतम Technologies हमारे जीवन को बहुत तेज गति से प्रभावित कर रही हैं. सुदूर क्षेत्रों के लोगों के कल्याण के लिए इन आधुनिकतम Technologies का उपयोग किया जा सकता है. यह हर्ष की बात है कि AIIMS रायपुर इस दिशा में प्रयासरत है. मुझे बताया गया है कि AIIMS Raipur, Artificial Intelligence संचालित Clinical Decision Support System पर काम कर रहा है. इसके माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों के डॉक्टरों को आपातकालीन स्थितियों में real time मदद प्रदान की जाएगी. AIIMS रायपुर द्वारा किए जा रहे इन कार्यों से सामुदायिक स्वास्थ्य में सुधार होगा तथा नागरिकों का जीवन बेहतर होगा. मुझे आशा है कि आने वाले समय में यह संस्थान जनहित के कार्यों में और विस्तार करेगा. वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि हमने वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखा है. आपकी पीढ़ी के द्वारा किए गए कार्य इस राष्ट्रीय संकल्प को सिद्ध करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे. आपको वंचित वर्गों की सेवा के कार्य को प्राथमिकता देनी है. जो लोग साधन सम्पन्न होते हैं उनके पास अनेक विकल्प हो सकते हैं. लेकिन वंचित वर्ग के लोगों की आशाएं आप पर ही टिकी होती हैं. इसलिए मेरी आपको सलाह है कि सभी लोगों की, विशेषकर असहाय लोगों की, सेवा में आप हमेशा तत्पर रहें. कुछ नया सीखने की भावना विद्यार्थी जीवन से पेशेवर जीवन में कदम रखना एक महत्वपूर्ण बदलाव है. लेकिन आप अपने ज्ञान को बढ़ाते रहने का उत्साह हमेशा बनाए रखें. हमेशा कुछ नया सीखने की भावना आपके लिए लाभदायक होगी. अपने कौशल … Read more

LAC पर सामान्य होने लगे हालात, सेनाओं का डिसइंगेजमेंट शुरू, 4-5 दिनों में पेट्रोलिंग शुरू होने की उम्मीद

नई दिल्ली भारत और चीन के बीच हुए समझौते के बाद पूर्वी लद्दाख में हालात बेहतर हुए हैं। दोनों देशों की सेनाएं पीछे हटने लगी हैं। देपसांग और डेमचॉक में स्थानीय कमांडर स्तर की मीटिंग 22 अक्टूबर यानी मंगलवार से शुरू हुई थी। इस मीटिंग में दोनों देशों के बीच सहमति बनी और अब सेनाएं पीछे हटने लगी हैं। बुधवार को डेमचॉक में दोनों तरफ से एक-एक टेंट हटाया गया। गुरुवार को भी कुछ टेंपरेरी स्ट्रक्चर भी तोड़े गए हैं। आज सुबह तक लगभग 40 प्रतिशत डिसइंगेजमेंट हो चुका है, चीनी सेना और भारतीय सेना की ओर से अस्थायी संरचना और बेस हटा दिए गए हैं। आज दोनों पक्ष डेमचोक और देपसांग में फिजिकल वेरिफिकेशन और हवाई रिकॉर्डिंग कर सकते हैं। यही वह जगह है, जहां टकराव हुआ था। चीनी और भारतीय सेना के दो कमांडरों के बीच हॉटलाइन वार्ता हुई, जिसमें पीछे हटने की प्रक्रिया के बारे में चर्चा हुई। इसके बाद स्थान की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई और डेमचोक और देसांग में शांति और सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया गया।डेमचॉक में भारतीय सैनिक चार्डिंग नाले के पश्चिम की तरफ पीछे की ओर जा रहे हैं और चीनी सैनिक नाले के दूसरी तरफ यानी पूरब की तरफ वापस जा रहे हैं। दोनों तरफ से करीब 10-12 टेंपरेरी स्ट्रक्चर बने हैं और दोनों तरफ से करीब 12- 12 टेंट लगे हैं, जो हटने हैं। 4-5 दिनों में पेट्रोलिंग शुरू होने की उम्मीद देपसांग में चीनी सेना के टेंट नहीं हैं, लेकिन उन्होंने गाड़ियों के बीच में तिरपाल लगाकर टेंपरेरी शेल्टर बनाए हैं। गुरुवार को यहां से भी चीनी सैनिकों ने अपनी कुछ गाड़ियां कम की हैं। भारतीय सेना ने भी कुछ सैनिकों की संख्या गुरुवार को यहां से कम की। ये प्रक्रिया पूरी होने के बाद देपसांग और डेमचॉक में अगले 4-5 दिनों में पेट्रोलिंग शुरू होने की उम्मीद है। बैठक में तय किया गया है कि दोनों पक्षों के स्थानीय कमांडर आगे के घटनाक्रम और एलएसी पर शांति बनाए रखने के लिए दिन में दो बार बातचीत करेंगे। गलवान और अन्य 3 बफर जोन या ऐसे क्षेत्र पर कोई और अपडेट नहीं है, जहां अभी तक पेट्रोलिंग नहीं हुई है। कोर कमांडर स्तर की वार्ता जल्द ही होगी, लेकिन समय तय नहीं हुआ है। रक्षामंत्री बोले- देर-सवेर समाधान निकलेगा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चाणक्य डिफेंस डायलॉग के मंच पर चीन के साथ LAC पर बने तनाव पर कहा कि भारत और चीन बॉर्डर एरिया LAC के कुछ क्षेत्रों में अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए कूटनीतिक और सैन्य स्तरों पर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत से समान और पारस्परिक सुरक्षा के सिद्धांतों के आधार पर जमीनी स्थिति को बहाल करने के लिए सहमति बन गई है। राजनाथ ने कहा कि भारत और चीन के बीच अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए बातचीत चल रही है। बातचीत के बाद, समान और पारस्परिक सुरक्षा के सिद्धांतों के आधार पर जमीनी स्थिति को बहाल करने के लिए सहमति बनी है। पारंपरिक क्षेत्रों में गश्त और आसपास के पशुपालकों के पशुओं की चराई भी सहमति के बिंदुओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि बातचीत जारी रहने से देर-सवेर इस मुद्दे पर समाधान जरूर निकलेगा। पीछे हट रहे हैं दोनों देशों के सैनिक डेमचौक में, भारतीय सैनिक चार्डिंग नाला के पश्चिमी हिस्से की ओर पीछे हट रहे हैं तो चीनी सैनिक नाला के पूर्वी हिस्से की ओर पीछे हट रहे हैं.  दोनों तरफ करीब 10 से 12 अस्थायी ढांचे और करीब 12 तंबू बने हुए हैं जिन्हें हटाने की तैयारी है. उधर देपसांग में चीनी सेना के पास टेंट नहीं हैं, लेकिन उन्होंने गाड़ियों के बीच तिरपाल का इस्तेमाल कर अस्थायी आश्रय स्थल बनाए हैं. देपसांग में अब तक आधे ढांचे हटाए जा चुके है. चीनी सेना ने इलाके में अपने वाहनों की संख्या कम कर दी और भारतीय सेना ने भी वहां से कुछ सैनिक कम कर दिए. ढांचे हटने के बाद शुरू होगी 22वें राउंड की वार्ता आपको बता दें कि प्रत्येक सुबह, दोनों देशों के स्थानीय सैन्य कमांडर दिन के लिए नियोजित कार्यों पर चर्चा करने के लिए हॉटलाइन कॉल करते हैं. वे प्रतिदिन एक या दो बार तयशुदा प्वॉईंट पर मिलते हैं. गलवान सहित चार बफर जोन पर चर्चा अभी तक नहीं हुई है. एक बार जब डेमचोक और देपसांग में गश्त फिर से शुरू हो जाती है और विश्वास स्थापित हो जाता है, तो कोर कमांडर-स्तरीय वार्ता बफर जोन में गश्त फिर से शुरू करने पर केंद्रित होगी. डेमचोक और देपसांग मैदानों से अस्थायी ढांचों को पूरी तरह से हटाने और गश्त फिर से शुरू होने के बाद कोर कमांडर स्तर की 22वें दौर की वार्ता की उम्मीद है. इन उच्च-स्तरीय चर्चाओं के लिए अभी तक कोई तारीख तय नहीं की गई है. राजनयिक सफलता विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि भारत और चीन ने टकराव वाली जगहों पर गश्त फिर से शुरू करने के एक सफल समझौते पर पहुंच गए हैं. यह समझौता गहन कूटनीतिक प्रयासों और सैन्य कमांडरों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद हुआ था.  ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक से इस सफलता को और बल मिला. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान, दोनों नेताओं ने सीमा पर शांति के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की, और आगे की वृद्धि को रोकने के लिए मौजूदा तंत्रों के माध्यम से संचार बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित किया. मोदी और शी के बीच बैठक को टकरान कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा गया.

भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट, निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये बाजार में स्‍वाहा

नई दिल्‍ली आज सुबह से ही शेयर बाजार में गिरावट देखी गई. शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार कम नुकसान पर रहा है, लेकिन धीरे-धीरे यह गिरावट तेज हो गई और देखते ही देखते निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये बाजार में साफ हो गए. सबसे ज्‍यादा बैंक निफ्टी, स्मॉल कैप, मिड कैप इंडेक्‍स में गिरावट देखी गई. Nifty Bank 1100 अंक से ज्‍यादा टूट चुका था, जबकि Sensex में 900 अंकों की गिरावट आई. इसके अलावा, निफ्टी में 300 अंकों के आसपास गिरावट रही, जो 24100 के नीचे कारोबार कर रहा था. निवेशकों के 10 लाख करोड़ स्‍वाहा! पिछले कुछ दिनों से तिमाही नतीजे और विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार निकासी के कारण भारतीय शेयर बाजार दबाव में कारोबार कर रहा है. सेंसेक्‍स और निफ्टी में हर दिन गिरावट देखी जा रही है. आज तो मिडकैप और स्‍मॉलकैप वाले पोर्टफोलियो ऐसे टूटे जैसे शेयर बाजार में सुनामी सी आ गई. BSE लिस्‍टेड कंपनियों का मार्केट कैप 9.8 लाख करोड़ रुपये घटकर 435.1 लाख करोड़ रुपये पर आ गया. यानी कि एक दिन के दौरान ही निवेशकों की वैल्‍यूवेशन में करीब 10 लाख करोड़ रुपये की कमी आई. करीब 19% टूटा ये शेयर सुबह सेंसेक्‍स मामूली तेजी के साथ 80,187.34 अंक पर खुला था, ज‍बकि इसके दिन का हाई लेवल 80,253.19 था. हालांकि बाजार बंद होने तक सेंसेक्‍स -663 अंक टूटकर 79,402.29 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 218.60 अंक गिरकर 24,180.80 पर क्‍लोज हुआ, जो आज सुबह 24,418.05 पर खुला था. बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से 20 शेयर गिरावट पर रहे, जबकि 10 शेयरों में तेजी रही. Indusind Bank के शेयर 18.79 फीसदी तक गिरकर 1038 रुपये पर थे.

महाकाल की भस्म आरती में भक्तों के लिए भी VIP व्यवस्था, रात 2 बजे सीधे मिलेगा प्रवेश

उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान अब सामान्य दर्शनार्थियों को भी वीआईपी सुविधा प्राप्त होगी। आम भक्तों को रात 2 बजे मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर में चेकिंग के बाद सीधे मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। नए समय पर प्रवेश की यह व्यवस्था दीपावली से पहले लागू हो सकती है। दर्शनार्थियों को इसकी जानकारी देने के लिए परिसर में सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके साथ ही दर्शन अनुमति पास पर भी नए समय का उल्लेख किया जाएगा। इस दौरान भक्तों को रात में पानी पिलाने के लिए भी कर्मचारी तैनात रहेंगे। शौचालय आदि की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। महाकाल दर्शन: अभी यह व्यवस्था लागू है     वर्तमान में श्रद्धालु भस्म आरती दर्शन के लिए रात 10 बजे से कतार में लग रहे हैं। महाकाल मंदिर में प्रतिदिन तड़के 4 बजे भगवान महाकाल की भस्म आरती की जाती है। मंदिर समिति द्वारा प्रतिदिन करीब 1700 श्रद्धालुओं को भस्म आरती दर्शन की अनुमति दी जाती है।     वीआईपी भक्त रात 2 बजे सीधे मंदिर पहुंचते हैं तथा चेकिंग के उपरांत सीधे मंदिर में प्रवेश करते हैं। वहीं, सामान्य दर्शनार्थी रात 10 बजे से दर्शन की कतार में खड़े हो जाते हैं। इस व्यवस्था से महिलाएं, बच्चे तथा वृद्ध श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।     तीन दिन पहले भस्म आरती व्यवस्था का औचक निरीक्षण करने पहुंचे प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने दर्शनार्थियों की इस परेशानी को देखा तथा व्यवस्था में परिवर्तन का निर्णय लिया। उनके मार्गदर्शन में ही आम लोगों के लिए भी वीआईपी दर्शन की प्लानिंग बनी है। वीआईपी की तरह आएं सामान्य भक्त     महाकाल के दरबार में आम भक्त भी वीआईपी है। जब प्रोटोकाल के अंतर्गत आने वाले श्रद्धालु रात 3 बजे मंदिर पहुंचते हैं, तो आम भक्त सारी रात क्यों परेशान होता रहे। अब सामान्य दर्शनार्थियों को भी प्रोटोकाल की सुविधा प्राप्त होगी, वे अब रात 10 बजे नहीं बल्कि रात 2 बजे मंदिर पहुंचेंगे। जांच के बाद उन्हें सीधे मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। – गणेश कुमार धाकड़, प्रशासक भक्तों तक ऐसे पहुंचाएंगे जानकारी     दर्शन अनुमति पास पर रात 2 बजे प्रवेश का समय अंकित किया जाएगा।     अनुमति के SMS में भी अब नए समय रात 2 बजे प्रवेश का उल्लेख रहेगा।     महाकाल मंदिर परिसर, हरसिद्धि, चारधाम मंदिर क्षेत्र में सूचना बोर्ड लगेंगे।     कंट्रोल रूम से लगातार उद्घोषणा कर भक्तों को नए समय की जानकारी देंगे।   उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल लोक बनने के बाद से ही यहां दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है,पहले महाकाल मंदिर में रोजाना 20 से 30 हजार श्रद्धालु पहुंचते थे, लेकिन अक्टूबर 2022 में महाकाल लोक बनने के बाद यहां आने वाले भक्तों की संख्या में चार गुना तक बढ़ोतरी हो गई है। यह संख्या बढ़कर डेढ़ से दो लाख तक पहुंच गई है। देश विदेश से पहुंचने वाले श्रद्धालु भगवान महाकाल की तड़के सुबह 4 बजे होने वाली भस्मारती के दर्शन करना चाहते हैं। बता दें कि मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ दो दिन पहले भस्मारती निरीक्षण पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने देखा कि भस्मारती के दर्शन के इच्छुक सामान्य श्रद्धालुओं को रात 11 बजे से कतार में लगना पड़ता है, इसके बाद 3 से 4 स्थानों पर रोककर उनकी चेकिंग की जाती है, जिससे कि श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनकी इसी परेशानी को देखते हुए मंदिर प्रशासक ने नई व्यवस्था शुरू करने की तैयारी की है और दीपावली से पहले यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। इस दौरान सामान्य श्रद्धालुओं को अब 11 बजे से लाइन में नहीं लगना होगा, बल्कि उन्हें रात 2 बजे महाकाल मंदिर के मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर वाले गेट से लाइन में लगकर दर्शन करने जाना होगा। फॉर्म लेने के लिए भी रातभर नहीं खड़ा रहना पड़ेगा महाकाल मंदिर के प्रशासक गणेश धाकड़ ने बताया कि मंदिर समिति ने सामान्य श्रद्धालुओं के लिए 300 सीट की फ्री सुविधा दे रखी है। एक दिन पहले पहुंचने वाले श्रद्धालु रात में लाइन में लगकर सुबह फॉर्म लेते थे और फिर उसे भरकर जाते थे। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को भी बदला जाएगा, अब श्रद्धालु रात में ही 10 बजे के करीब फॉर्म ले जाएंगे और सुबह 8 बजे के बाद आकर अपनी परमिशन बनवा लेंगे, इससे श्रद्धालु को रात भर लाइन में खड़ा नहीं रहना पड़ेगा। वर्तमान में श्रद्धालुओ को रात भर लाइन में खड़े रहकर सुबह 6 बजे फॉर्म दिया जाता था। मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ का कहना है कि हम इस व्यवस्था को एक-दो दिन में लागू करने जा रहे हैं। भस्म आरती के लिए तड़के 4 बजे मंदिर के पट खोले जाते हैं। अब भी आम श्रद्धालुओं को मान सरोवर गेट से तो प्रवेश मिल रहा है, लेकिन इसके लिए उन्हें रात 11 बजे से भारत माता मंदिर के पास लाइन में लगना पड़ रहा है। बच्चे-बुजुर्ग सभी 5 घंटे तक लाइन में लगकर पट खुलने का इंतजार करते हैं। दिवाली पर गर्भगृह में जलेगी सिर्फ एक फुलझड़ी होली पर्व पर हुए अग्निकांड हादसे के बाद महाकाल मंदिर में सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर समिति ने निर्णय लिया है कि गृभगृह में पूजा के दौरान प्रतीकात्मक रूप में सिर्फ एक फुलझड़ी जलाई जाएगी। इस दौरान महाकाल मंदिर को विशेष लाइटिंग के साथ-साथ फूलों से भी सजाया जाएगा। मंदिर में 31 अक्टूबर को दीपावली मनाई जाएगी। इस दौरान पंडे, पुजारी सिर्फ एक फुलझड़ी जला सकेंगे। इसके अलावा किसी को भी महाकाल मंदिर परिसर में किसी भी तरह की आतिशबाजी और पटाखे जलाने की इजाजत नहीं होगी। सुरक्षा कर्मियों को पत्र जारी कर दिए निर्देश मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ ने इसको लेकर पत्र जारी किया है कि दिवाली वाले दिन सुरक्षाकर्मी इस बात का ध्यान रखें कि कोई भी भक्त मंदिर में पटाखे लेकर प्रवेश न करे। भक्तों के महाकाल मंदिर में प्रवेश के दौरान चेकिंग की जाए। सांकेतिक रूप से एक फुलझड़ी जलाने की इजाजत दी गई है। कोटि तीर्थ पर दीपक जलाए जाएंगे और पूरे मंदिर को फूलों से सजाया जाएगा।    

2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बनेगा भारत : IMF

नई दिल्ली इस हफ्ते भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर को लेकर कई उत्साह बढ़ाने वाले अनुमान आए हैं. इन आंकड़ों से ये साफ नजर आ रहा है कि दुनिया की सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भारत ना केवल सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकोनॉमी बना रहेगा, बल्कि काफी बड़े अंतर से भारत ये मुकाम हासिल करेगा. सबसे पहले बात करते हैं IMF के अनुमान की जिसमें कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस साल 7 परसेंट की ग्रोथ दर्ज करेगी. 2025 में भारतीय इकोनॉमी की चाल कुछ सुस्त होकर साढ़े 6 परसेंट पर आ सकती है. IMF की बड़ी रिपोर्ट IMF ने कहा है कि कोविड-19 के बाद अर्थव्यवस्था फिर से अपने पुराने रूप में लौटने लगी है. इसके साथ ही, महंगाई को भी काफी हद तक काबू करने की बात इसमें कही गई है. हालांकि, कुछ देशों में अभी भी कीमतों पर दबाव बना हुआ है. इसके बाद S&P Global Market Intelligence की रिपोर्ट की बात करें तो इसमें कहा गया है कि भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 2024-25 में 6.8 फीसदी और 2025-26 में 6.6 परसेंट रह सकती है. इसमें कहा गया है कि कमजोर सरकारी निवेश के बावजूद, भारत की घरेलू मांग, बेहतर मानसून और सरकारी सामाजिक खर्च इकोनॉमी की रफ्तार को बढ़ा रहे हैं. इसके साथ ही, महंगाई में गिरावट और सरकारी नीतियों का समर्थन भी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का काम करेगा. वहीं RBI के डिप्टी गवर्नर माइकल देबब्रत पाटरा ने 2024-25 में भारतीय जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 परसेंट रहने का अनुमान जताया है. भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी के कारण इसके बाद 2025-26 में इसके 7 फीसदी पर आने का अनुमान है, उनका मानना है कि भारत का समय आ गया है और देश अपनी युवा आबादी के चलते तेजी से विकास करेगा. भारत पहले से ही दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2030 तक ये तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. इसके पहले आए दूसरी दिग्गज एजेंसियों के भारत की ग्रोथ को लेकर जारी किए गए अनुमानों की बात करें तो वर्ल्ड बैंक ने कृषि उत्पादन, सरकारी खर्च और निजी निवेश में बढ़ोतरी के असर से 2024 के लिए 6.9 फीसदी विकास दर का अनुमान लगाया है. वहीं महंगाई में गिरावट और सरकारी सुधारों से अर्थव्यवस्था को हो रहे फायदों के चलते ADB ने 6.8 परसेंट ग्रोथ रेट का अनुमान लगाया है, जबकि गोल्डमैन सैश ने 2024 के लिए 7 परसेंट और ICRA ने 6.9 परसेंट ग्रोथ रेट का अनुमान लगाया है. हालांकि, कोविड-19 के बाद अर्थव्यवस्था में उछाल देखने को मिला है. लेकिन ग्लोबल अनिश्चितताओं और कमजोर बाहरी मांग के असर से इकोनॉमी अभी भी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन नहीं कर पा रही है. इसके बावजूद, भारत की घरेलू मांग, स्थिर तेल की कीमतें और सरकारी निवेश अगले कुछ साल में अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखने में मदद करेंगे.  

मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार लगातार स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा स्तर तक भर्ती कर रही : मंत्री परमार

 कटनी मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार कटनी पहुंचे, जहां बीजेपी नेताओं ने उनका पुष्पगुच्छ से स्वागत किया और क्षेत्र के विकास पर चर्चा की। इस दौरान मंत्री इंदर सिंह परमार ने मीडिया से बातचीत में कई बड़े दावे किए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार लगातार स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा स्तर तक भर्ती कर रही है। हाल ही में सरकार ने 1 लाख शिक्षकों की भर्ती का निर्णय लिया है, जिसकी परीक्षा, इंटरव्यू सहित अन्य प्रक्रियाएं जारी हैं। हमारी सरकार ने अतिथि शिक्षकों को बढ़ावा देते हुए 25 प्रतिशत आरक्षण भी दिया है। दरअसल, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार भोपाल से वंदे भारत ट्रेन से कटनी पहुंचे। वहां बीजेपी जिलाध्यक्ष दीपक टंडन, विधायक संदीप जायसवाल, बड़वारा विधायक धीरेंद्र सिंह, बीजेपी पदाधिकारी सुनील उपाध्याय सहित अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। इन नेताओं ने मंत्री परमार के साथ कटनी को विकसित करने में आ रही बाधाओं पर चर्चा की। इस पर मंत्री परमार ने विभिन्न विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए बेहतर कार्य करने की बात कही। बता दें कि कटनी खनिज संपदा से घिरा हुआ जिला है, जहां रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए माइनिंग कोर्स शुरू करने के लिए तत्कालीन कलेक्टर अवि प्रसाद ने भोपाल पत्राचार किया था। लेकिन, अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जब अमर उजाला की टीम ने इस विषय को उठाया, तो मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि हम लगातार क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार नए विषयों को शामिल कर रहे हैं। कुछ स्थानों पर वित्त (फाइनेंस) के विषय चालू किए गए हैं और कुछ स्थानों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शुरू किया जा रहा है। माइनिंग कोर्स भी जल्द शुरू किया जाएगा।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज 25 अक्टूबर को राजधानी रायपुर के एम्स और एनआईटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी

रायपुर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में सरगुजा प्रखण्ड का लोकार्पण करेंगी तथा छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को 9वीं किस्त की राशि जारी करेंगी और इस योजना के हितग्राहियों से चर्चा करेंगी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु कल 26 अक्टूबर को रायपुर के जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने के साथ ही आईआईटी भिलाई और पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल हेल्थ साइंस एवं आयुष यूनिवर्सिटी नवा रायपुर के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी जोरों शोरों से हो रही तैयारी 25 अक्टूबर को राष्ट्रपति मुर्मू रायपुर एम्स और एनआईटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। इसके अलावा उनके द्वारा नवा रायपुर में पुरखौती मुक्तांगन परिसर में सरगुजा प्रखण्ड का लोकार्पण भी किया जाएगा। जिसे लेकर पूरे शहर में जोरों शोरों से तैयारियां की जा रही हैं। यहां भी दीक्षांत कार्यक्रमों में शामिल होंगी राष्ट्रपति वहीं 26 अक्टूबर को राष्ट्रपति मुर्मू रायपुर के जगन्नाथ मंदिर में दर्शन करेंगी। इसके बाद वो आईआईटी भिलाई और पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल हेल्थ साइंस एवं आयुष यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। 70 लाख महिलाओं को सौगात राष्ट्रपति मुर्मू छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को 9वीं किस्त की राशि भी जारी करेंगी। साथ ही वो इस योजना से जुड़ी महिलाओं से बातचीत भी करेंगी। लोगों में उत्साह का माहौल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के छत्तीसगढ़ आने से लोगों में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है। इसके लिए राजधानी रायपुर को भी सजाया गया है। वहीं वीआईपी मूवमेंट होने के कारण कई जगहों पर यातायात भी प्रभावित रहेगा। राष्ट्रपति मुर्मु पुरखौती मुक्तांगन में सरगुजा प्रखण्ड का लोकार्पण और आदिवासी समुदाय के लोगों से मुलाकात और चर्चा करेंगी। इसके बाद वे शाम 7:05 बजे राजभवन आएंगी। राजभवन में निर्धारित कार्यक्रम के लिए 7:30 बजे तक का उनका समय आरक्षित रहेगा। राष्ट्रपति मुर्मु राजभवन में राज्यपाल रमेन डेका द्वारा आयोजित रात्रि भोज में शामिल होंगी और राजभवन में रात्रि विश्राम करेंगी।        राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 26 अक्टूबर को सुबह 9:20 बजे राजभवन से प्रस्थान कर गायत्री नगर रायपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर जाएंगी और वहां दर्शन और आरती के बाद रायपुर एयरपोर्ट जाएंगी और वहां से विशेष हेलीकॉप्टर से भिलाई के लिए प्रस्थान करेंगी। राष्ट्रपति मुर्मु सुबह सवा 11 बजे से दोपहर सवा 12 बजे तक आईआईटी भिलाई के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगी। राष्ट्रपति मुर्मु वहां से हेलीकॉप्टर से दोपहर एक बजे रायपुर एयरपोर्ट वापस आएंगी और नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री के नवीन शासकीय आवास में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा उनके सम्मान में आयोजित दोपहर भोज में शामिल होंगी।  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु दोपहर साढ़े तीन बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल हेल्थ साइंस एवं आयुष युनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ नवा रायपुर जाएंगी। वहां आयोजित तृतीय दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी। वे शाम 5:10 बजे रायपुर एयरपोर्ट से विशेष विमान से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी।

सीएम ने 14 शिक्षकों को किया सम्मानित, 54 लाख विद्यार्थियों को सिंगल क्लिक से गणवेश राशि की वितरीत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 54 लाख स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म के लिए 324 करोड़ रुपये की राशि जारी किए. इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने 14 शिक्षकों को भी सम्मानित किया.मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 54 लाख स्कूली बच्चों को यूनिफॉर्म खरीदने के लिए 324 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर किए. यह भोपाल स्थित आरसीपीवी नरोन्हा अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में किया गया. इस दौरान राज्य शिक्षक सम्मान से पुरस्कृत 14 शिक्षकों और 2 राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया. इस दौरान मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल उपस्थित रहे.  राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन्हें सम्मानित किया। इन शिक्षकों में 8 प्राथमिक- माध्यमिक और 6 उच्चतर माध्यमिक श्रेणी के शिक्षक शामिल हैं। साथ ही इस कार्यक्रम में निश्शुल्क गणवेश योजना के अंतर्गत प्रदेश के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 54 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में करीब 324 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक के जरिए अंतरित की गई। बता दें कि पहले यह कार्यक्रम शिक्षक दिवस पर पांच सितंबर को आयोजित होने वाला था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया था। इस कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित हैं। सम्मान से विभूषित सभी शिक्षकों को समारोह में सम्मान राशि 25 हजार रुपये, शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। वहीं विगत वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता शिक्षकों को विशेष सम्मान राशि 11 हजार रुपये दी गई। तीन विद्यार्थियों को विशेष सम्मान निधि समारोह में राष्ट्रीय इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले भिंड जिले में उद्योतगढ़ के कक्षा 10वीं के विद्यार्थी दीपक वर्मा को 25 हजार रुपये की विशेष सम्मान निधि प्रदान की गई। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर पांचवे स्थान पर रहीं बालाघाट जिले के लांजी की छात्रा शिरोमणी दहीकर तथा 31वां स्थान प्राप्त करने वाले भोपाल के कक्षा 7वीं के विद्यार्थी आरुष नाग को 15-15 हजार रुपये विशेष सम्मान निधि दी गई। इन विद्यार्थियों के साथ ही उनके गाइड शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। प्रथमिक व माध्यमिक श्रेणी में इनका हुआ सम्मान दमोह जिले के शासकीय प्राथमिक शाला देवरान टपरिया की प्राथमिक शिक्षक शीला पटेल, शाजापुर जिले के शासकीय नवीन प्रायमरी स्कूल ताजपुर के प्राथमिक शिक्षक वैभव तिवारी, ग्वालियर जिले के शासकीय माध्यमिक शाला बाडौरी मुरार के शिक्षक बृजेश कुमार शुक्ला, छिंदवाड़ा के शासकीय प्राथमिक शाला कउआखेड़ा के प्राथमिक शिक्षक राकेश कुमार मालवीय, गुना जिले के शासकीय माध्यमिक शाला समरसिंगा के प्राथमिक शिक्षक राजीव कुमार शर्मा, राजगढ़ जिले के बांगुपरा शासकीय प्राथमिक स्कूल के प्राथमिक शिक्षक सुरेश कुमार दांगी, खंडवा जिले की शा. प्राथमिक शाला झूमरखाली की शिक्षिका नीतू ठाकुर, सिवनी के शासकीय प्राथमिक शाला भीरा खंडवा के शिक्षक संजय कुमार रजक के नाम शामिल हैं। उच्चतर माध्यमिक श्रेणी में ये पुरस्कृत इंदौर के गुरुकुलम महू के उच्च माध्यमिक शिक्षक जगदीश सोलंकी, छिंदवाड़ा के शासकीय उत्कृष्ट उमावि की शिक्षिका अमिता शर्मा, मंदसौर के शा. बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नंबर-2 की शिक्षिका कीर्ति सक्सेना, भोपाल के शासकीय उत्कृष्ट उमावि के व्याख्याता राजेंद्र जसूजा, उज्जैन के शासकीय कन्या उमावि सराफा की उच्च माध्यमिक शिक्षक ज्योति तिवारी, शहडोल के शासकीय एमएलवी उमावि की माध्यमिक शिक्षक अंजना द्विवेदी का नाम शामिल हैं।

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