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बृजभूषण का पप्पू यादव पर तंज- बाहुबली बनते हैं और अब सुरक्षा मांग रहे, लॉरेंस पर क्यों बोले

कैसरगंज. यूपी में कैसरगंज के पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने सांसद पप्पू यादव पर तंज किया है। बृजभूषण ने कहा कि बिहार के अंदर एक नेता बड़े बाहुबली बनते हैं और अब सुरक्षा मांग रहे हैं। ऐसा बयान क्यों देते है जो सुरक्षा मांगनी पड़े। दरअसल, संसाद पप्‍पू यादव ने कुछ दिनों पहले कहा था कि वह 24 घंटे में लॉरेंस बिश्‍नोई का नेटवर्क खत्‍म कर सकते हैं। इसके बाद उन्‍हें जान से मारने की धमकी मिलने लगी जिस पर पप्‍पू यादव ने सुरक्षा की मांग की है। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अपने पैतृक आवास पर समर्थकों से मुलाकात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोई हैं बिहार के बड़े बह़ुबली नेता हैं जो हर विषय पर बोलते हैं। अब सुरक्षा मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा बयान ही क्यों दिया था कि सुरक्षा मांगनी पड़े। आजकल जिसको देखो वही टिप्पणी करने लगता है। इनाम घोषित कर दे रहा है। उसके बाद सुरक्षा मांगने लगता है। बृजभूषण ने कहा कि मेरी सरकार से अपील है कि इन सब पर रोक लगना चाहिए। ऐसा करने वालों को सरकार कोई सुरक्षा ना दे। उन्होंने कहा कि देश, धर्म, समाज और व्यक्ति पर बोलने वालों पर रोक लगनी चाहिए। समाज में नफरत फैलाने वालों पर नकेल लगाना जरूरी है। पप्पू यादव के लिए जेड प्लस सुरक्षा की मांग आपको बता दें कि विश्नोई गैंग द्वारा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को जान से मारने की धमकी की मिली है। सांसद कार्यालय के सचिव देवाशीष पासवान ने केन्द्र सरकार से आग्रह किया है कि सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को जेड प्लस सुरक्षा प्रदान की जाय। उन्होंने कहा कि सांसद को बार-बार माफियाओं द्वारा पहले भी कई बार धमकी मिल चुका है। गृह मंत्री से आग्रह किया कि सांसद पप्पू यादव को अविलंब जेड प्लस सुरक्षा मुहैया कराएं। पप्पू ने लॉरेंस बिश्नोई को दो टके का क्रिमिनल कहा था सांसद पप्पू यादव ने बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद लॉरेंस बिश्नोई को दो टके का क्रिमिनल कहा था और दावा कर दिया कि कानून इजाजत दे तो वो 24 घंटे में लॉरेंस का नेटवर्क खत्म कर देंगे। जेल में सुरक्षित बैठा लॉरेंस बिश्नोई कई चर्चित लोगों की हत्या सुपारी किलरों से करवा चुका है। लॉरेंस के घोषित टारगेट में सलमान खान सबसे ऊपर हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन शहर में पैदल भ्रमण करके नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएं दी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन शहर में पैदल भ्रमण करके नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएं दी मुख्यमंत्री ने स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने का संदेश दुकानदारों नागरिकों को दिया उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपावली पर उज्जैन शहर में पैदल भ्रमण करके नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएं दी। उनके साथ दीपावली की खुशियां मनाई। मुख्यमंत्री ने नागरिकों को दीपावली की मिठाई खिलाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहर के फ्रीगंज शहीद पार्क टॉवर चौक आदि क्षेत्रों में पैदल भ्रमण करते हुए नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए उनके कुशल क्षेम पूछी। उनके साथ फोटो खिंचवाये। अपने भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकानदारों तथा नागरिकों को स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने का संदेश भी दिया। उज्जैन शहर के नागरिक भी मुख्यमंत्री से आत्मीयता के साथ मिले मुख्यमंत्री से मिलकर उनकी खुशी देखते ही बनती थी। नागरिक आत्मीयता की उष्मा से सरोबार थे। कई स्थानों पर नागरिकों द्वारा मुख्यमंत्री पर पुष्प वर्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कई दुकानों के अंदर जाकर दुकान संचालकों से मुलाकात की। दुकानदारों के परिजनों से भी चर्चा की। इस दौरान फ्रीगंज में प्रकटेश्वर महादेव मंदिर तथा राम लक्ष्मण मंदिर में दर्शन किए , पूजा अर्चना की सबको दीपावली की शुभकामनाएं दी। उज्जैन के फ्रीगंज में राह में चलते हुए मुख्यमंत्री को देखकर दिव्यांग दंपत्ति परमानंद तथा रेखा प्रजापत ने मुख्यमंत्री से कार्तिक मेला क्षेत्र में अपने स्वरोजगार के लिए एक दुकान उपलब्ध कराने की मांग की। उनकी मांग पर मुख्यमंत्री ने तत्काल कलेक्टर नीरज कुमार सिंह को बुलवाया और दिव्यांग दंपति को उनकी मांग के अनुसार दुकान उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। दिव्यांग दंपति प्रसन्नचित् होकर अपने घर को रवाना हुए। फ्रीगंज क्षेत्र में भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री यादव ने गन्ने की चरखी चलाने वाले ललित पाटिल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने स्वयं चरखी पर गन्ने का रस निकाल कर उपस्थित जनों को पिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहजता सरलता देखकर नागरिक अभिभूत थे। इसके पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवास पर दीपावली के अवसर पर पूजा अर्चना की। इस दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा कलेक्टर नीरज कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा भी मौजूद रहे  

न्यूजीलैंड ने जीता टॉस, लिया बल्लेबाजी का फैसला

मुंबई मुंबई में खेले जा रहे सीरीज के तीसरे और आखिरी टेस्ट में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया है। इस मैच में भारतीय टीम में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया है, और उनकी जगह मोहम्मद सिराज को वापस शामिल किया गया है। कीवी टीम पहले दो मैच जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी है, जिससे भारतीय टीम के लिए यह मैच जीतना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। टीम इंडिया प्लेइंग XI यशस्वी जयसवाल, रोहित शर्मा (कप्तान), शुबमन गिल, विराट कोहली, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), सरफराज खान, रवींद्र जड़ेजा, वाशिंगटन सुंदर, रविचंद्रन अश्विन, आकाश दीप, मोहम्मद सिराज न्यूजीलैंड प्लेइंग XI ओम लैथम (सी), डेवोन कॉनवे, विल यंग, ​​रचिन रवींद्र, डेरिल मिशेल, टॉम ब्लंडेल (डब्ल्यू), ग्लेन फिलिप्स, ईश सोढ़ी, मैट हेनरी, अजाज पटेल, विलियम ओ’रूर्के

13 करोड़ भारतीय बेहद गरीब, तमाम दावों के बीच आई विश्व बैंक रिपोर्ट

मुंबई करीब 12.9 करोड़ भारतीय वर्ष 2024 में अत्यधिक गरीबी में जीवन बसर कर रहे हैं। विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, इन भारतीयों की प्रतिदिन की आमदनी 181 रुपये (2.15 डॉलर) से भी कम है। वर्ष 1990 में यह संख्या 43.1 करोड़ थी। रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा रफ्तार से दुनिया में गरीबी खत्म करने में एक सदी से भी अधिक समय लग सकता है। विश्व बैंक की मंगलवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, उच्च गरीबी मानक के साथ मध्य आय वाले देशों के लिए गरीबी की तय सीमा प्रतिदिन 576 रुपये (6.85 डॉलर) है, लेकिन जनसंख्या वृद्धि के चलते 1990 की तुलना में 2024 में अधिक भारतीय गरीबी रेखा से नीचे रह रहे हैं। इससे पहले विश्व बैंक ने कहा था कि भारत में अत्यधिक गरीबी पिछले दो वर्षों में बढ़ने के बाद 2021 में 3.8 करोड़ घटकर 16.74 करोड़ रह गई। भारत का योगदान वैश्विक चरम गरीबी में घटेगा विश्व बैंक के मुताबिक, अगले दशक में वैश्विक अत्यधिक गरीबी में भारत का योगदान काफी कम होने का अनुमान है। यह अनुमान अगले दशक में प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि के साथ-साथ ऐतिहासिक विकास दरों पर आधारित है। भारत में 2030 में चरम गरीबी दर शून्य करने पर भी इस अवधि में दुनियाभर में अत्यधिक गरीबी दर 7.31 फीसदी से गिरकर 6.72 फीसदी ही रहेगी जो अभी भी तीन फीसदी के लक्ष्य से काफी ऊपर है। दुनिया में 70 करोड़ लोग अत्यधिक गरीब गरीबी, समृद्धि और पृथ्वी : बहुसंकट से बाहर निकलने के रास्ते नामक रिपोर्ट में कहा गया है कि आज भी दुनिया की 44 फीसदी आबादी प्रतिदिन 576 रुपये से कम पर जीवनयापन करती है। जनसंख्या वृद्धि के कारण 1990 के बाद से इस गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों की संख्या में कोई खास बदलाव नहीं आया है। 2020-2030 एक खोया हुआ दशक होने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रगति की मौजूदा रफ्तार के हिसाब से अत्यधिक गरीबी को मिटाने में दशकों लगेंगे और लोगों की प्रतिदिन की कमाई 576 रुपये से ऊपर लाने में एक सदी से अधिक समय लगेगा। वैश्विक आबादी का 8.5 फीसदी या 70 करोड़ लोग आज भी 181 रुपये से कम पर जीवनयापन कर रहे हैं। अनुमान है कि 2030 में 7.3 फीसदी आबादी अत्यधिक गरीबी में रह रही होगी। अफ्रीका में बढ़ेगी गरीबी: रिपोर्ट में कहा गया है कि इन नए डाटासेट को हाल ही में जारी 2022-23 के घरेलू उपभोग और व्यय सर्वेक्षण (एचसीईएस) में शामिल नहीं किया गया था, क्योंकि आवश्यक विश्लेषण समय पर पूरे नहीं किए जा सके। रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष मजबूत हैं जैसे उप-सहारा अफ्रीका और विकासशील देशों में अत्यधिक गरीबी का बढ़ना और 2030 तक अत्यधिक गरीबी के खात्मे का पहुंच से बाहर होना।

राज्य वन्यजीव विभाग ने बरखेड़ा – बुधनी रेलवे लाइन के निर्माण को पर कई तरह की चिंता जताई

भोपाल मध्य प्रदेश में 2015 से अब तक 14 तेंदुए, सात बाघ और एक भालू की मौत हो चुकी है। अब राज्य वन्यजीव विभाग ने बरखेड़ा और बुधनी के बीच रेलवे लाइन परियोजना के निर्माण को लेकर कई तरह की चिंता जताई है। जिससे पता चलता है कि वन्यजीवों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए किए गए उपायों को ठीक से लागू नहीं किया गया है। 2011-12 में स्वीकृत बरखेड़ा-बुदनी खंड 26.50 किलोमीटर लंबा ट्रैक है जिसे 991.60 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह रातापानी वन्यजीव अभयारण्य और टाइगर रिजर्व में आता है। यह रेलवे लाइन तब जांच के घेरे में आई जब 14-15 जुलाई की रात को भोपाल से करीब 70 किलोमीटर दूर मिडघाट के एक फॉरेस्टेड एरिया में ट्रेन की चपेट में आने से तीन बाघ शावक घायल हो गए। चोट लगने की वजह से आखिरकार उनकी मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, रिकॉर्ड से पता चलता है कि वन्यजीव विभाग ने इस साल 6 सितंबर को एक समीक्षा बैठक में रेलवे लाइन के निर्माण के संबंध में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड द्वारा लगाई गई कुछ शर्तों के अनुपालन में खामियों को उजागर किया था। विभाग ने कहा कि ‘भारत सरकार से प्राप्त सशर्त अनुमति के तहत लगाई गई शर्तों का एजेंसी (भारतीय रेलवे) द्वारा पूरी तरह से पालन नहीं किया गया।’ बैठक के दौरान उठाया गया एक मुख्य मुद्दा अंडरपास का अनुचित निर्माण था, जिसका मकसद वन्यजीवों के लिए सुरक्षित मार्ग प्रदान करना था। विभाग ने कहा कि यह ‘अंडरपास लोकल ड्रेनेज सिसटम्स के ऊपर बना हुआ है जो मॉनसून के दौरान पानी से भर जाते हैं, जिससे जानवरों को वैकल्पिक रास्ते तलाशने पड़ते हैं, जो अक्सर उन्हें रेलवे पटरियों पर ले जाते हैं।’ रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ‘खराब जल निकासी के कारण पटरियों के पास जलभराव वाले क्षेत्र पानी की तलाश में जानवरों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं’, जिससे रेल से उनके टकराव का खतरा और बढ़ गया है। बैठक में रेलवे पटरियों से दूर वैकल्पिक जल स्रोतों को विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। बैठक में गति सीमा विवाद भी एक मुद्दा था। विभाग ने कहा कि वन क्षेत्रों से गुजरने वाली ट्रेनों के लिए स्वीकृत गति सीमा ’60 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई थी, वहीं रेलवे अधिकारियों द्वारा लगाए गए बोर्ड 75 और 65 किमी प्रति घंटे की गति सीमा दर्शाते हैं’, जो निर्धारित सुरक्षा उपायों का स्पष्ट उल्लंघन है। ट्रैक के रखरखाव के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। फील्ड स्टाफ, वैज्ञानिकों और पशु चिकित्सकों द्वारा संयुक्त निरीक्षण से पता चला कि ‘ट्रैक के बीच की घास विजिबिलिटी में बाधा डालती है, जिससे ट्रेन के पायलटों के लिए वन्यजीवों को देखना और जानवरों के लिए आने वाली ट्रेनों से बचना मुश्किल हो जाता है।’

रिलायंस के ब्रांड कैंपा कोला की धमक कोका-कोला को कीमत घटाने पर मजबूर होना पड़ा

नई दिल्ली भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी ने कोला मार्केट में उतरते ही तहलका मचा दिया है। रिलायंस के कैंपा ब्रांड ने अपने प्रॉडक्ट्स की कीमत कोका-कोला और पेप्सी की तुलना में काफी कम रखी है। इससे इन कंपनियों को कड़ी चुनौती की सामना करना पड़ा है। कई मार्केट्स में उनका हिस्सेदारी प्रभावित होने लगी है। कोका-कोला अब अपनी 400 मिली की बोतल की कीमत 25 रुपये से घटाकर 20 रुपये करने की योजना बना रही है। डिस्ट्रीब्यूटर्स से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है। संशोधित कीमतें अगले एक हफ्ते में तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के बाजारों में लागू होने की संभावना है। इस बारे में कोका-कोला ने सवालों का जवाब नहीं दिया। सूत्रों ने कहा कि कोका-कोला 400 मिली की बोतल अभी 25 रुपये में बेच रही है। तत्काल उन्हीं बोतलों की पैकेजिंग बदलकर 20 रुपये नहीं की जा सकती है। कंपनी आने वाले दिनों में एक नई पैकेजिंग लॉन्च करेगी। इसमें बोतल पर 250 मिली और 150 मिली फ्री लिखा होगा। इसकी कीमत 20 रुपये होगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के ब्रांड कैंपा कोला ने अपने पैक्स की कीमत कोका-कोला की तुलना में 5-20 रुपये कम है। इससे कोका-कोला जैसी वैश्विक कंपनियों को अपनी कीमतों में बदलाव करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। कैसे निपटेगा पुराना स्टॉक? कैंपा कोला अपनी 500 मिली की बोतले 20 रुपये में बेचती है जबकि कोका-कोला की 400 मिली बोतल की कीमत 25 रुपये है। इसी तरह कैंपा की 600 मिली की बोतल की कीमत 30 रुपये है, जबकि कोका-कोला उसे 40 रुपये में बेचती है। कैंपा की 2 लीटर की बोतल और कोका-कोला के 2.25 लीटर की बोतल की कीमत में 20 रुपये का अंतर है। कोका-कोला जनरल ट्रेड चैनल से 250 मिली, 400 मिली, 600 मिली, 1 लीटर और 2.25 लीटर पैक आकार की कोल्ड ड्रिंक बोतलें बेचती है। कंपनी मॉडर्न ट्रेड चैनल के जरिए ज्यादातर 750 मिली और 1.25 लीटर की बोतलें बेचती है जबकि जनरल ट्रेड चैनल से 600 मिली और 1 लीटर की बोतलें अधिक बिकती हैं। हालांकि कोका-कोला के डिस्ट्रीब्यूटर्स को इस बात की चिंता है क्योंकि उनके पास 250 मिली की बोतलों का काफी स्टॉक है। इनकी कीमत 20 रुपये है। कम कीमत वाली 400 मिली की बोतलों के बाजार में आने से पहले उन्हें इस स्टॉक को खत्म करना होगा। अभी यह साफ नहीं है कि 250 मिली की बोतलों के लिए कोका-कोला की कीमत और मार्केटिंग स्ट्रैटजी क्या होगी? डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कहा कि 250 मिली के स्टॉक को खत्म करना होगा।

पाकिस्तान ने फिर चीन के सामने फैलाया हाथ, मांगा 110 अरब रुपये का नया लोन

इस्लामाबाद कंगाली में डूबे पाकिस्तान एक बार फिर खुद को बचाने के लिए चीन के दरवाजे पर खैरात मांगने पहुंच गया है। पाकिस्तान ने चीन से अतिरिक्त 10 अरब युआन (1.4 अरब डॉलर या 117.70 अरब भारतीय रुपये) का कर्ज देने की गुहार लगाई है। पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट ट्रिब्यून ने अपनी रिपोर्ट में इस बारे में जानकारी दी है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने वॉशिंगटन में चीन के वित्त मामलों के उप मंत्री लियानो मिन से मुलाकात की और चीनी पक्ष से मुद्रा विनिमय समझौते के तहत सीमा को बढ़ाकर 40 अरब युआन करने का अनुरोध किया। चीन के कर्ज जाल में फंस रहा पाकिस्तान ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, अगर चीन इस अनुरोध को स्वीकार कर लेता है तो कुल सुविधा लगभग 5.7 अरब डॉलर हो जाएगी। पाकिस्तान पहले ही अपना कर्ज चुकाने के लिए 30 अरब युआन (4.7 अरब डॉलर) की चीनी व्यापार सुविधा का उपयोग कर चुका है। अब वह इस सुविधा को अतिरिक्त 10 अरब युआन (1.4 अरब डॉलर) तक बढ़ाना चाहता है। मौजूदा 4.3 बिलियन डॉलर की सुविधा पाकिस्तानी केंद्रीय बैंक ‘स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान’ के विदेशी मुद्रा भंडार का हिस्सा है, जो करीब 11 अरब डॉलर है। पहले भी खैरात मांग चुका है पाकिस्तान यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने इस तरह की मांग की है। नकदी संकट से जूझ रहे देश ने पहले भी कर्ज सीमा बढ़ाने की मांग की है, लेकिन चीन ने इस तरह की अपीलों को खारिज किया है। यहां ध्यान देने की बात है कि पाकिस्तान ने यह नया अनुरोध 4.3 अरब डॉलर की सुविधा को विस्तारित करने के दो सप्ताह बाद किया है। इस विस्तार को चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग की हाल की यात्रा के दौरान औपचारिक रूप दिया गया था, जिसमें पाकिस्तान की कर्ज चुकौती अवधि को 2027 तक बढ़ा दिया गया था। लोन चुकाने के लिए चाहिए लोन पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने नए अनुरोध की पीछे के कारणों को साफ नहीं किया है, लेकिन रिपोर्ट से पता चलता है कि पहले से चले आ रहे कुछ कर्जों की चुकौती को लेकर संकट के चलते देश अतिरिक्त वित्तीय सहायता के लिए मजबूर हुआ है। पाकिस्तान और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को बढ़ावा देने लिए स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान और पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने दिसम्बर 2011 में द्विपक्षीय मुद्रा विनियम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक के अनुसार, वित्त वर्ष 2021 में 20 अरब युवान की प्रारंभिक सीमा को तीन वर्षों के लिए 30 अरब युवान तक बढ़ा दिया गया था। नवम्बर 2022 में तत्कालीन वित्त मंत्री इशाक डार ने अन्य कर्जों में देरी के कारण 10 अरब युआन की वृद्धि का अनुरोध किया था।

फ्लू या हर्पीस इंफेक्शन का शिकार हुए हैं तो सालों बाद आप डिमेंशिया के रिस्क की गिरफ्त में आ सकते हैं: शोध

फ्लू (flu)ऐसा सीजनल इंफेक्शन है जो ज्यादातर लोगों को हो जाता है. लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि फ्लू, हर्पीस (herpes) संक्रमण या रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट जैसे संक्रमण डिमेंशिया (dementia)के रिस्क को बढ़ा सकते हैं. जी हां, हाल ही में पब्लिश एक स्टडी में कहा गया है कि फ्लू और हर्पीस जैसे संक्रमण ब्रेन अट्रॉफी और डिमेंशिया से जुड़े हैं और अगर संक्रमण लगातार बने रहें तो डिमेंशिया के रिस्क बढ़ जाते हैं. इस स्टडी में उन जैविक कारकों का भी संकेत दिए गया जो न्यूरोडीजेनेरेटिव डिजीज में योगदान करते हैं. नेचर एजिंग में छपी इस स्टडी में अल्जाइमर बीमारी और डिमेंशिया के बारे में एक उपयोगी डेटा प्रदान किया गया है. फ्लू और हर्पीस इन्फेक्शन से बढ़ सकता है डिमेंशिया अन्य स्टडी में पता चला है कि फ्लू के शॉट्स और शिंगल्स वैक्सीन के जरिए डिमेंशिया के रिस्क को कम किया जा सकता है. फ्लू और हर्पीस जैसे संक्रमण आगे जाकर स्ट्रोक और दिल के दौरे के भी कारण बन सकते हैं. स्टडी में कहा गया है कि कुछ गंभीर संक्रमण जैसे फ्लू, हर्पीस और सांस की नली का इन्फेक्शन मेंटल हेल्थ को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है. यहां तक कि छोटे मोटे इंफेक्शन भी दिमाग की सोचने और समझने की प्रोसेस को इफेक्ट कर सकते हैं. इससे दिमाग के व्यवहार करने का तरीका भी बदल सकता है. जबकि गंभीर संक्रमण दिमाग की क्षमता और इम्यून रिस्पांस के लिए कतई अच्छा नहीं है. स्टडी में कहा गया है कि ये सोचा जाना कि कोई संक्रमण न्यूरोडीजेनेरेटिव डिजीज में बड़ी भूमिका निभा सकता है, फिलहाल संभव नहीं है लेकिन कोरोना महामारी के बाद इस बारे में सोचा जाने लगा है. वैस्कुलर डिमेंशिया का रिस्क बढ़ता है इस स्टडी में जिन संक्रमणों की जांच की गई, इनमें फ्लू, हर्पीस, रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन और स्किन इंफेक्शन शामिल हैं. ये सभी ब्रेन लॉस यानी ब्रेन अट्रॉफी से जुड़े पाए गए हैं. स्टडी में कहा गया है कि ये संक्रमण तुरंत डिमेंशिया के खतरे को नहीं बढ़ाते हैं. इनके होने के सालों बाद डिमेंशिया और अल्जाइमर के जोखिम बढ़ जाते हैं. ये बढ़ा हुआ रिस्क वैस्कुलर डिमेंशिया से जुड़ा है. वैस्कुलर डिमेंशिया अल्जाइमर के बाद दूसरे सबसे बड़े मनोभ्रंश के रूप में पहचाना जाता है क्योंकि ये दिमाग में खून के रुकने से होता है. 

भारत में 2023 में सड़क हादसों के कारण 1,73,000 लोगों की मौत हुई: रिपोर्ट

नई दिल्ली भारत में सड़क हादसों में होने वाली मौतों का आंकड़ा चिंताजनक है। 2023 में देश में 1,73,000 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा बैठे। इनमें से लगभग 55% मौतें केवल छह बड़े राज्यों – उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई हैं। राजस्थान में सड़क हादसों में सबसे ज्यादा इजाफा देखा गया है, जहां 2022 की तुलना में 2023 में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 6% की वृद्धि हुई है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस बढ़ते हुए आंकड़े पर चिंता व्यक्त करते हुए शनिवार को अधिकारियों और इंजीनियरों से सड़क दुर्घटनाओं की जांच करने और सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया। सड़क हादसों में बुझ गए हजारों घरों के चिराग आंकड़ों से पता चलता है कि 2023 में इन छह राज्यों में 95,246 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई, जबकि 2022 में यह संख्या 91,936 थी। हालांकि सड़क परिवहन मंत्रालय और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा अभी तक सड़क दुर्घटनाओं और मौतों पर रिपोर्ट प्रकाशित नहीं की गई है, लेकिन यह ट्रेंड बताता है कि भारत द्वारा अगले छह वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को आधा करने की कोशिश के बावजूद यह समस्या कितनी गंभीर होती जा रही है। पिछले साल देश में कहां हुए सबसे अधिक सड़क हादसे दिल्ली में संयुक्त आयुक्त (यातायात) रह चुके पूर्व आईपीएस अधिकारी सत्येंद्र गर्ग ने बताया कि दुर्घटनाओं की उचित जांच और हस्तक्षेप से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम किया जा सकता है। दिल्ली के यातायात मुद्दों से निपटने के दौरान मुझे इसका एहसास हुआ था। ज़्यादातर दुर्घटनाओं और मौतों को रोका जा सकता है। हादसों की जांच जरूरी विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी अधिकारियों को इस मानसिकता से बाहर निकलने की जरूरत है कि बड़े राज्यों में सड़कें और वाहन ज्यादा होने के कारण सड़क हादसों में होने वाली मौतों की संख्या भी ज्यादा होगी। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ और ड्राइविंग मैनुअल के लेखक नरेश राघवन का कहना है कि कानूनों को लागू करने के साथ-साथ ड्राइवरों को शिक्षित करने पर भी ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। वह कहते हैं कि याद रखें कि केवल पांच या छह नियमों को ही पुलिस यातायात नियमों को लागू कर सकती है। शेष 45 बुनियादी सड़क नियम लोगों/ड्राइवरों को सिखाने होंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को सड़क और पुल निर्माण में उभरते रुझानों और तकनीकों पर एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले साल सड़क दुर्घटनाओं में हमने 1.73 लाख लोगों की जान गंवाई है और याद रखें कि हर साल मरने वाले लगभग 60% लोग 18-34 वर्ष की आयु वर्ग के होते हैं। सड़क दुर्घटनाओं की सामाजिक-आर्थिक लागत हमारे सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 3% है। कृपया इसे गंभीरता से लें। सड़क सुरक्षा के मुद्दों को संवेदनशीलता से निपटें, दुर्घटनाओं की जांच करें, खतरनाक जगहों को ठीक करें और मुद्दों का समाधान करें। हमने युद्धों में भी इतने लोगों को कभी नहीं खोया।

मोदी सरकार कब जारी कर सकती है PM Kisan Yojana की 19वीं किस्त? यहां जानें किसान

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एक ऐसी योजना है जिसके जरिए करोड़ों किसानों को आर्थिक लाभ मिल रहा है। इस योजना को भारत सरकार चलाती है और देश का किसान इससे लाभान्वित हो रहा है। हर साल इस योजना के लिए करोड़ों रुपये जारी किए जाते हैं। जो किसान इस योजना के लिए पात्र होते हैं उन्हें भारत सरकार की तरफ से सालाना 6 हजार रुपये दिए जाते हैं। योजना के अंतर्गत अब तक कुल 18 किस्त के पैसे जारी हो चुके हैं और अब अगली बारी 19वीं किस्त की है। तो चलिए जानने की कोशिश करते हैं कि ये किस्त कब जारी हो सकती है। आप अगली स्लाइड्स में 19वीं किस्त के बारे में जान सकते हैं… कितनी किस्त आ चुकी है?     पीएम किसान योजना के अंतर्गत अब तक 18 किस्त जारी हो चुकी हैं। बीती 5 अक्तूबर को 18वीं किस्त जारी की गई। इसका लाभ 9.4 करोड़ से अधिक किसान लाभार्थियों को मिला। डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में पैसे भेजे गए। कब जारी हो सकती है 19वीं किस्त?     किस्त के पैस देने के लिए एक नियम है जिसके अंतर्गत लगभग हर 4 महीने के अंतराल पर किस्त जारी की जाती है। ऐसे में अगर देखें तो पिछली किस्त (18वीं किस्त) 5 अक्तूबर 204 को जारी हुई। ऐसे में अगली किस्त (19वीं किस्त) का समय अगले चार महीने यानी जनवरी में जारी हो सकती है। हालांकि, अभी आधिकारिक तौर पर इसको लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है। ये काम जरूर करवा लें:-     अगर आप चाहते हैं कि आपको भी योजना के अंतर्गत मिलने वाले किस्त के 2 हजार रुपये मिले तो इसके लिए जरूरी है कि आप ई-केवाईसी करवा लें। जो किसान इस काम को नहीं करवाते हैं वे किस्त के लाभ से वंचित रह सकते हैं। इसलिए लाभ लेने के लिए ये काम जरूर करवा लें। 19वीं किस्त जारी होने की तारीख क्या है?     किस्त का लाभ लेने के लिए दूसरा काम है भू-सत्यापन। इस काम को करवाना भी बेहद जरूरी है। नियमों के तहत जो किसान इस काम को नहीं करवाते या करवाएंगे, वे किस्त के लाभ से वंचित रह जाएंगे     साथ ही अपने आधार कार्ड को अपने बैंक खाते से लिंक जरूर करवा लें क्योंकि अगर आप ये काम नहीं करवाते तो भी आपकी किस्त अटक सकती है।  

आज से शुरू हो रहे भारत के खिलाफ तीसरे टेस्ट में चोटिल विलियमसन नहीं खेलेंगे

मुंबई ग्रोइन इंजरी से जूझ रहे केन विलियमसन भारत के खिलाफ एक नवंबर से मुंबई में शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट में भी नहीं खेलेंगे। न्यूजीलैंड क्रिकेट (एनजेडसी) ने कहा है कि इंग्लैंड के खिलाफ आगामी तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में विलियमसन की फिटनेस सुनिश्चित करने के मद्देनजर वह तीसरे टेस्ट के लिए भारत नहीं जाएंगे। न्यूजीलैंड टीम के कोच गैरी स्टीड के हवाले से एनजेडसी ने कहा, “केन की स्थिति में काफी सुधार हुआ है लेकिन इस समय वह हमारे साथ जुड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हैं। इसलिए हमारे विचार में उन्हें अभी न्यूजीलैंड में रिहैब करना चाहिए ताकि वह इंग्लैंड के खिलाफा श्रृंखला के लिए तैयार हो सकें।” इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला क्राइस्टचर्च में 28 नवंबर से शुरू होने वाली है। विलियमसन को यह चोट श्रीलंका दौरे के दौरान लगी थी। जिसके चलते विलियमसन भारत के खिलाफ पहले दो टेस्ट मैचों का भी हिस्सा नहीं बन पाए थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस गर्व और गौरव का अवसर है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस गर्व और गौरव का अवसर है। प्रदेश के 69वें स्थापना दिवस और दीपावली पर सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ ही समाज के जरूरतमंद वर्ग के जीवन में खुशियां बिखरने के लिए समर्थ वर्ग को आगे आना चाहिए। निर्माण श्रमिकों, अस्पतालों में दाखिल निर्धन वर्ग के रोगियों और अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों को प्रत्येक नागरिक अपनी क्षमता के अनुसार फल, मिष्ठान और उनके बच्चों के लिए पटाखों का प्रबंध करें। शासकीय अधिकारी, व्यापारी वर्ग, उद्योगपति और निजी क्षेत्र के संस्थान भी प्रदेश के स्थापना दिवस और दीपावली पर सामाजिक प्रकल्प हाथ में लें। संयोग से इस वर्ष प्रदेश के स्थापना दिवस पर दीपावली पर्व का संयोग बना है। यह दोहरी प्रसन्नता का अवसर है, इस नाते सभी नागरिकों के लिए सम्मिलित उल्लास का वातावरण बनना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में प्रदेश के स्थापना दिवस एक नवम्बर से आयोजित होने वाले चार दिवसीय कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा कर रहे थे। बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार प्रदेश का 69वाँ स्थापना दिवस समारोह आनंद और उमंग के साथ मनाया जाएगा। भोपाल के लाल परेड पर 30 अक्टूबर को विशेष कार्यक्रम में भारतीय सेना की ओर से बैंड प्रदर्शन और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी। सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता के कार्य हाथ में लिए जाएंगे। स्थापना दिवस के अवसर पर शासकीय भवनों पर सायंकाल को प्रकाश सज्जा भी की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गरीब बस्तियों में सेवा कार्यों का संचालन किया जाए। विशेष रूप से निर्माण श्रमिकों का त्यौहार पर ध्यान रखते हुए उनके बच्चों के लिए मिष्ठान और पटाखों की व्यवयस्था की जाए। जिलों में कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधि ऐसे सेवा कार्यों का नेतृत्व करें। स्व-सहायता समूहों की बहनों द्वारा निर्मित उत्पाद विक्रय के लिए उपलब्ध करवाए जाएं। माटी शिल्प, काष्ठ शिल्प और अन्य कलाओं से जुड़े शिल्पकारों के उत्पाद सामाजिक संगठनों द्वारा भी खरीदकर वितरित किए जाएं। दीपावली के अवसर पर जिला स्तर पर भी सेवा प्रकल्प संचालित किए जाएं। स्थापना दिवस कार्यक्रमों की रूपरेखा बैठक में जानकारी दी गई कि लाल परेड ग्राउंड में मध्यप्रदेश गान, सेना के बैंड प्रदर्शन और एयर-शो के लिए तैयारियां की जा रही हैं। विकास प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। यह प्रदर्शनी 30 एवं 31 अक्टूबर को लगी रहेगी। दीपावली के त्यौहार को देखते हुए नागरिक सुविधानुसार दोनों दिन प्रदर्शनी देख सकेंगे। प्रदेश के स्थापना दिवस पर संस्कृति विभाग की ओर से एक नवम्बर को अमृत मध्यप्रदेश के अंतर्गत समवेत नृत्य-नाटिका प्रस्तुत होगी। यह प्रस्तुति प्रदेश की सांस्कृतिक और क्षेत्रीय विशिष्टताओं पर आधारित होगी। नाटिका में अनेक पावन स्थलों के महत्व को भी प्रदर्शित किया जाएगा। शिखर सम्मान से अलंकृत श्री चंद्रमाधव बारिक ने इस नृत्य नाटिका का निर्देशन किया है। प्रस्तुति में 108 कलाकार हिस्सा लेंगे। लोकमाता अहिल्या देवी को समर्पित महेश्वर घाट की थीम पर कार्यक्रम का आकल्पन किया जा रहा है। सुगम संगीत के अंतर्गत गायक और संगीतकार श्री अंकित तिवारी कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई पर निर्मित प्रोजेक्ट खूब लड़ी मर्दानी के लिए संगीत देने वाले श्री तिवारी ने अनेक हिंदी फिल्मों में भी संगीत दिया है। रवीन्द्र भवन में सांस्कृतिक संध्या के साथ ही एक नवम्बर को जन अभियान परिषद द्वारा प्रभात फेरियों का आयोजन किया जाएगा। खेल एवं युवक कल्याण, महिला बाल विकास, पंचायत और नगरीय प्रशासन विभाग स्वच्छता, सजावट और रंगोली से संबंधित गतिविधियों का आयोजन करेंगे। ऐतिहासिक स्मारकों और महापुरूषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई एवं बाजारों में सौन्दर्यीकरण किया जाएगा। महत्वपूर्ण स्थलों पर 69 दीप जलाए जाएंगे। भोपाल के साथ ही जिलों में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार विभिन्न गतिविधियां सम्पन्न होंगी। स्थापना दिवस के अवसर पर होंगे गोवर्धन पूजा के कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीपावली के दूसरे दिन भारत की प्राचीन परम्परा के अनुसार गोवर्धन पूजा होती है। गोवर्धन पूजा व्यक्तिगत स्तर के साथ ही संस्थागत स्तर पर भी की जा सकती है। प्रदेश के स्थापना दिवस पर दीपावली और गोवर्धन पूजा का सुखद संयोग बना है। विभिन्न गौशालाओं में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से गौ-पूजन कार्यक्रम होंगे। गोवर्धन पूजा के कार्यक्रमों के लिए प्रशासनिक अमला भी सक्रिय रहे। कार्यक्रमों का गरिमामय आयोजन किया जाए। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह एवं जेल श्री एस.एन मिश्रा, पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर कुमार सक्सेना, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री संजय कुमार शुक्ला, पर्यटन निगम के प्रबंध संचालक और मुख्यमंत्री के अपर सचिव श्री इलैया राजा टी., सचिव सामान्य प्रशासन विभाग श्री अनिल सुचारी, आयुक्त पुरातत्व श्रीमती उर्मिला शुक्ला, संस्कृति संचालक श्री एन.पी. नामदेव, कलेक्टर भोपाल श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।  

नामांकन दाखिल करने की तिथि समाप्त, कुल 46 उम्मीदवारों ने अपने दाखिल किया नामांकन पत्र

रायपुर रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव 2024 के लिए नामांकन दाखिल करने की तिथि आज समाप्त हो गई है. अंतिम तिथि तक कुल 46 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किया है. इस दौरान कुल 57 नाम निर्देशन पत्र जमा किए गए हैं. आज 25 अक्टूबर 2024 को भारतीय सर्वजन हिताय समाज पार्टी से विक्रम अडवानी, हमर राज पार्टी से मनीष कुमार ठाकुर, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी से गोपीचंद साहू, भारतीय जनता पार्टी से सुनील कुमार सोनी, बहुजन मुक्ति पार्टी से कृष्णा चिंचखेड़े, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से फरीद मोहम्मद कुरैशी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार से बृजनारायण साहू, निर्दलीय आशीष पाण्डेय, नीरज दुबे, मो. शान अहमद, अब्दुल अजीम, चन्द्र प्रकाश कुर्रे, प्रकाश कुमार उरांव, अदनान शाहीद, संतोष वर्मा, जयंत अग्रवाल, रमीज अलमास, मोहम्मद वसीम रिजवी, मो. इरफान खान, सलमान खान, अब्दुल शौकत गनी, रूबीना अंजुम, दीन बंधु गुप्ता ने अपना नाम निर्देशन पत्र जमा किया. चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की संवीक्षा 28 अक्टूबर को की जाएगी. उम्मीदवार 30 अक्टूबर तक अपना नामाकंन वापस ले सकेंगे. उपचुनाव के लिए 13 नवंबर को मतदान होना है और इसके नतीजे 23 नवंबर को आएंगे.

झारखंड के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी, पीएम मोदी सहित 40 नेता शामिल

रांची झारखंड के विधानसभा चुनाव के पहले चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सहित कुल 40 नेता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्टार प्रचारक होंगे। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह की ओर से इस संबंध में भारत के निर्वाचन आयोग को सूचित कर दिया गया है। झारखंड में कुल 81 विधानसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव के पहले फेज में 43 सीटों पर 13 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। इस चरण के प्रचार के लिए पार्टियों और उम्मीदवारों के पास अब 18 दिन का वक्त है। भाजपा की ओर से स्टार प्रचारक घोषित किए गए नेताओं में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा पहले से कैंप कर रहे हैं। पिछले तीन दिनों में इन दोनों नेताओं ने 10-12 सभाएं संबोधित की हैं। पार्टी की ओर से जिन राज्यों के मुख्यमंत्री स्टार प्रचारक के तौर पर राज्य में चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे, उनमें उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव, ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी, हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी और छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय शामिल हैं। केंद्रीय मंत्रियों में धर्मेंद्र प्रधान और अन्नपूर्णा देवी और केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय और संजय सेठ भी स्टार प्रचारक होंगे। पार्टी के बड़े नेताओं में स्मृति ईरानी, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत वाजपेयी, नागेंद्र नाथ त्रिपाठी, कर्मवीर सिंह, सुवेंदु अधिकारी भी स्टार प्रचारक बनाए गए हैं। भाजपा की झारखंड प्रदेश इकाई के नेताओं में प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व सीएम चंपई सोरेन, पूर्व सांसद कड़िया मुंडा, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, सांसद विद्युत वरण महतो, निशिकांत दुबे, ढुल्लू महतो, आदित्य साहु, प्रदीप वर्मा, बालमुकुंद सहाय, पूर्व विधायक सीता सोरेन, पूर्व मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, मनोज सिंह और घूरन राम भी स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल हैं। राज्य में पहले चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुक्रवार को संपन्न हो गई। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर शाम 5 बजे तक अपडेट की गई सूचना के मुताबिक, पहले फेज के लिए कुल 868 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है।

उत्तरकाशी में मस्जिद को गिराने की मांग को लेकर हंगामा बढ़ा, हिंदू संगठनों ने किया बंद का ऐलान, धारा 163 लागू

उत्तराखंड उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में एक मस्जिद को गिराने की मांग को लेकर हंगामा बढ़ गया है। आरोप है कि यह मस्जिद अवैध रूप से सरकारी जमीन पर बनाई गई है। इस मस्जिद को हटाने की मांग करते हुए हिंदू संगठनों के लोग दो दिन से सड़कों पर उतरे हुए हैं। गुरुवार को पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसका विरोध करते हुए हिंदू संगठनों ने शुक्रवार को बंद का आह्वान किया है। व्यापारियों का समर्थन गंगाघाटी और यमुनाघाटी प्रांतीय उद्योग व्यापार संघ ने पुलिस लाठीचार्ज का विरोध किया है। उन्होंने सभी व्यापार मंडलों से अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखने के लिए कहा है। पिछले दिन भी संयुक्त हिंदू संगठन की ‘जन आक्रोश’ रैली के समर्थन में उत्तरकाशी, डुंडा, भटवाड़ी और जोशियाड़ा में बाजार बंद रहे। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर BNS 163 लागू की है, जिसके तहत 5 से ज्यादा लोग एक जगह जमा नहीं हो सकेंगे। आज शुक्रवार की नमाज अदा की जानी है, लेकिन हिंदूवादी संगठनों ने नमाज का विरोध किया है।   पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की और पुलिस पर पथराव किया, जिसमें 7-8 पुलिसकर्मी घायल हुए। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया।   प्रशासन की कार्रवाई प्रदर्शनकारी हिंदू संगठनों ने प्रशासन से मस्जिद में जुमे की नमाज पर भी रोक लगाने की मांग की है। तनाव के मद्देनजर पूरे उत्तरकाशी शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का दावा है कि गुरुवार के प्रदर्शन के बाद स्थिति सामान्य हो गई है और उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। हालांकि, फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है। प्रशासन स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सतर्क है।  

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