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राष्ट्रपति के आगमन पर राजधानी रायपुर तैयार, चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात, अधिकारी कर रहे मौका मुआयना

रायपुर  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के लिए राजधानी रायपुर तैयार है. सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं. अधिकारी मौका मुआयना करते हुए नजर आ रही छोटी-बड़ी खामियों को दुरुस्त करने के निर्देश दे रहे हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दो दिवसीय दौरा शुक्रवार से शुरू हो रहा है. कमोबेश एक साल के अंतराल के बाद हो रहे राष्ट्रपति के इस दौरे को लेकर जिला प्रशासन कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाह रहा है, जिसके लिए आज फाइनल मॉकड्रिल किया गया. राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के दौरे के मद्देनजर शुक्रवार सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच चार बार रिंग रोड नंबर 1 बंद रहेगा. राष्ट्रपति का काफिला डीडीनगर, गोलचौक जैसे व्यस्त इलाके से होकर गुजरेगा. रूट प्लान में काफिला गुजरने के आधे घंटे पहले रास्ते बंद रहेंगे. राष्ट्रपति सुरक्षा की पूरी कमान रायपुर रेंज आईजी अमरेश मिश्रा के हाथों में रहेगी. उनके निर्देशन में शहर के अलग-अलग इलाकों में एक हज़ार से अधिक पुलिस जवान और सौ से अधिक पुलिस के आला अधिकारी सुरक्षा संभालेंगे. इसके लिए अन्य जिलों से अतिरिक्त बल भी बुलाया गया है. दौरे का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम 25 अक्टूबर सुबह 11 बजे: राष्ट्रपति का रायपुर एयरपोर्ट पर आगमन. सुबह 11:30 बजे: रायपुर एम्स के दूसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी. दोपहर 1 बजे: एम्स से रवाना होकर राजभवन पहुंचेंगी. दोपहर 3 बजे: NIT रायपुर के 14वें दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेंगी. शाम 4:30 बजे: नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में स्थानीय आदिवासियों से मुलाकात. शाम 6 बजे: राजभवन लौटेंगी और रात्रि विश्राम करेंगी. 26 अक्टूबर सुबह 9 बजे: विवेकानंद सरोवर, रायपुर का दौरा. सुबह 10 बजे: रायपुर एयरपोर्ट से भिलाई के लिए प्रस्थान. सुबह 11 बजे: IIT भिलाई के चौथे दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी. दोपहर 1:30 बजे: भिलाई से वापस रायपुर स्थित राजभवन लौटेंगी. दोपहर 3:30 बजे: पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति चिकित्सा एवं आयुष विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेंगी. शाम 5 बजे: दीक्षांत समारोह के बाद दिल्ली के लिए रायपुर एयरपोर्ट से प्रस्थान करेंगी.

देश के साधु-संत, महंत, अखाड़ा प्रमुखों और महामंडलेश्वर आदि ने प्रसन्नता व्यक्त कर मुख्यमंत्री की घोषणा को सराहा है

साधु-संतों ने उज्जैन में भी स्थायी आश्रम बनाने के मुख्यमंत्री के निर्णय को सराहा स्वामी अवधेशानंद जी ने संतों के प्रति संवेदनशीलता के लिए मुख्यमंत्री को दिया साधुवाद देश के साधु-संत, महंत, अखाड़ा प्रमुखों और महामंडलेश्वर आदि ने प्रसन्नता व्यक्त कर मुख्यमंत्री की घोषणा को सराहा है अखाड़ा परिषद ने निर्णय को बताया विकासोन्मुखी भोपाल उज्जैन में वर्ष 2008 में होने वाले वैश्विक सिंहस्थ की तैयारियां राज्य शासन ने अभी से शुरू कर दी है। सिंहस्थ में पूरे देश से आने वाले साधु-संतों से भी उज्जैन की पहचान सदैव से रही है। साधु-संतों के हित में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा स्थायी आश्रम निर्माण के लिए की गई घोषणा को पूरे देश के साधु-संत, महंत, अखाड़ा प्रमुखों और महामंडलेश्वर आदि ने प्रसन्नता व्यक्त कर मुख्यमंत्री की घोषणा को सराहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हरिद्वार में जिस प्रकार साधु-संतों के अच्छे आश्रम बने हुए हैं, उसी प्रकार उज्जैन में भी साधु-संतों के स्थायी आश्रम बनवाने के प्रयास किए जाएंगे। उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से योजना को आकार दिया जाएगा। सभी मूलभूत सुविधाओं के विकास के साथ साधु-संतों के लिए आश्रम निर्माण के कार्य समानांतर रूप से होंगे। समाज के इच्छुक सनातन धर्मावलंबियों के माध्यम से अन्न क्षेत्र, धर्मशाला, आश्रम, चिकित्सा केंद्र, आयुर्वेद केंद्र आदि सार्वजनिक गतिविधियों के संचालन को भी प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा की गई इस महत्वपूर्ण पहल का उज्जैन से लेकर हरिद्वार तक संत समाज ने स्वागत किया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष मां मनसा देवी ट्रस्ट हरिद्वार के अध्यक्ष पंचायती निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत रवींद्र पुरी महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्णय को अत्यंत ही महत्वपूर्ण बताते हुए विकास के लिये नये आयाम स्थापित करने वाला बताया है। महांमडलेश्वर और अखाड़ों के प्रमुखों ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त की है। जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति में चिरकाल से अंतर्निहित “सर्वं खल्विदं ब्रह्म नेह नानास्ति किंचन” व “आत्मवत सर्व भूतेषु” जैसे दिव्य भावों के संपोषक, लोक कल्याणकारी योजनाओं तथा पारमार्थिक प्रवृत्तियों के प्रसारक संत सत्पुरुष ही हैं। स्वामी अवधेशानंद जी ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार उज्जैन में हरिद्वार की भाँति साधु संतों, महंत, अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर इत्यादि को स्थाई आश्रम बनाने की अनुमति दी जाना, अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने उज्जैन तीर्थ विकास एवं संतों के प्रति उनकी इस संवेदनशीलता के लिये मुख्यमंत्री को साधुवाद दिया। पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर 1008 आनंद विभूषित अवधूत बाबा अरुण गिरी जी महाराज (एनवायरमेंट बाबा) ने कहा कि संतों में बड़ा उल्लास और खुशी है। सिंहस्थ क्षेत्र उज्जैन में जो अखाड़ों की जगह है, संतों की जमीन है, उसमें पर्यावरण को बचाते हुए स्थायी निर्माण के लिए सभी संत समाज के लोग उनका स्वागत करते हैं। इससे हरिद्वार जैसा विकास उज्जैन का भी हो जाएगा, जब सभी संत महापुरुषों का वहां आश्रम बनेगा। राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, पीठाधीश्वर वाल्मिकी धाम ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी सूझबूझ और विवेक से अभुतपूर्व और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। कुंभ मेला भारत के चार पवित्र स्थानो पर लगता है उसमें एक अवंतिका पुरी उज्जैन भी है। प्रसन्नता की बात है कि कुंभ, अवंतिका और मध्यप्रदेश के शासनकाल के इतिहास में डॉ. यादव के निर्णय से कुंभ-2028 में देश के उच्च कोटि के महात्मा तंबूओ में न रहकर पक्के आश्रम में रहेंगे। बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्णय इस लिये लिया है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया है। डॉ. यादव ने संकल्प लिया है कि 2028 में जो कुंभ आएगा उसमें हम देश के जितने भी निर्धारित अखाड़े हैं, उन सभी अखाड़ों का स्थायी निर्माण करके दिया जाएगा। उसके लिए एक हेक्टेयर के भू-खंड पर 25 प्रतिशत पर भवन निर्माण किया जा सकेगा। शेष भू-खंड अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिये खुला रहेगा। उन्होंने सन्यासी होने के नाते देश के तमाम साधु-संतों की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और आशीर्वाद दिया। आचार्य महामंडलेश्वर श्रीपंचदशनाम आव्हान अखाडा हरिद्वार के अरुण गिरी जी महाराज (अवधूत बाबा), बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, पीठाधीश्वर वाल्मिकी धाम, (राज्यसभा सांसद), महंत रामेश्वर गिरी महाराज, सचिव श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा, अध्यक्ष, शैव मंडल उज्जैन, पीर रामनाथ जी महाराज, गादीपति, भर्तहरि गुफा, उज्जैन एवं महंत डॉ. रामेश्वर दास महाराज अध्यक्ष रामादल अखाड़ा परिषद उज्जैन ने भी मुख्यमंत्री के निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त की है।  

अब इंडिगो-विस्तारा, AI की 85 फ्लाइट्स में बम की धमकी, सरकार बोली- सख्त कानून लाएंगे

नई दिल्ली विमानों को बम से उड़ाने की धमकी से जुड़े मामले थम नहीं रहे हैं. अब 85 विमानों को उड़ाने की धमकी मिली है. इनमें एअर इंडिया के 20 विमान शामिल हैं. जिन विमानों को धमकी मिली है, उनमें 20 इंडिगो, 20 विस्तारा और 25 अकासा की उड़ानें शामिल हैं. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इससे पहले दिल्ली पुलिस ने पिछले आठ दिनों में 90 से ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बम से उड़ाने की धमकी के संबंध में आठ अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं. जिन उड़ानों को धमकी मिली हैं, उनमें अकासा, एअर इंडिया, इंडिगो और विस्तारा की सेवाएं शामिल हैं. ये उड़ानें दिल्ली से विभिन्न घरेलू और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए संचालित होती हैं. पुलिस का कहना है कि इन मामलों में जांच की जा रही है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, धमकी भरे मैसेज एक्स पर प्राप्त हुए थे जिन्हें बाद में अधिकारियों ने खारिज कर दिया. पहला मामला 16 अक्टूबर को बेंगलुरु जाने वाली अकासा की फ्लाइट को निशाना बनाने से जुड़ा आया था. एक्स के माध्यम से मिली बम की धमकी के बाद केस दर्ज किया गया था. इस विमान में 180 से ज्यादा यात्री सवार थे. विमान को दिल्ली लौटना पड़ा था. पुलिस ने अगले दिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को पत्र लिखकर धमकी भरे मैसेज पोस्ट करने वाले अकाउंट की डिटेल मांगी थी. दिल्ली पुलिस की साइबर सेल की विभिन्न टीमें उड़ानों पर जारी खतरों को लेकर एक्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गतिविधियों पर नजर रख रही हैं. एक हफ्ते से भी कम समय में 170 से अधिक उड़ानों को बम की धमकी मिली है. इस बीच, सरकार एयरलाइनों को बम की धमकियों से निपटने के लिए विधायी कार्रवाई की योजना बना रही है, जिसमें अपराधियों को नो-फ्लाई सूची में डालना भी शामिल है. विमानों को धमकी से निपटने के लिए सख्त कानून लाने की तैयारी केंद्रीय उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने  कहा- ऐसी धमकी देने वालों के नाम ‘नो फ्लाई लिस्ट’ में शामिल किए जा सकते हैं। सरकार विमानन सुरक्षा नियमों और नागरिक विमानन सुरक्षा के विरुद्ध गैरकानूनी कृत्यों का दमन अधिनियम, 1982 में संशोधन की योजना बना रही है। उन्होंने कहा- नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) इस मुद्दे पर लगातार गृह मंत्रालय के संपर्क में है। धमकियों को लेकर केंद्र सरकार के 4 एक्शन     एयर मार्शल की संख्या दोगुनी: केंद्र सरकार ने 16 अक्टूबर को फ्लाइट्स में एयर मार्शलों की संख्या दोगुनी करने का फैसला किया। इसी दिन गृह मंत्रालय ने फर्जी धमकियों को लेकर एविएशन मिनिस्ट्री से रिपोर्ट मांगी। CISF, NIA और IB को भी रिपोर्ट देने को कहा गया है।     एयरलाइंस के CEOs के साथ बैठक: ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने 19 अक्टूबर को सभी एयरलाइंस के CEOs के साथ बैठक की। इसमें झूठी धमकियों से निपटने को लेकर चर्चा की गई। साथ ही यात्रियों की असुविधा और एयरलाइंस के नुकसान पर भी बात हुई।     DGCA प्रमुख को हटाया: केंद्र ने 19 अक्टूबर को DGCA चीफ विक्रम देव दत्त को पद से हटाते हुए कोयला मंत्रालय में सचिव बना दिया। इस बदलाव को धमकी वाले मामलों से जोड़कर देखा जा रहा है।     मुंबई और कोच्चि से 2 अरेस्ट: मुंबई पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। दोनों ने इंडिगो फ्लाइट में बम की धमकी दी थी। वहीं, केरल के कोच्चि एयरपोर्ट पर सोमवार को एक यात्री को बम की धमकी देने के आरोप में हिरासत में लिया गया। धमकियों से हफ्तेभर में ₹200 करोड़ से ज्यादा का नुकसान विमान में बम होने की सूचना मिलने पर फ्लाइट को अपने निर्धारित एयरपोर्ट के बजाय नजदीकी एयरपोर्ट पर उतारा जाता है। इससे ईंधन की खपत तो ज्यादा होती ही है, विमान की दोबारा जांच करने, यात्रियों को होटलों में ठहराने और उन्हें उनके मंजिल तक पहुंचाने के लिए भी व्यवस्था करनी पड़ती है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इन सब पर करीब 3 करोड़ रुपए तक खर्च होते हैं। इस हफ्ते विस्तारा, एअर इंडिया, इंडिगो, अकासा, स्पाइसजेट, स्टार एयर और अलायंस एयर की 70 से ज्यादा घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को धमकी मिल चुकी है। धमकियों की वजह से अब तक 200 करोड़ रुपए तक का नुकसान हो चुका है।  

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और एकेएस यूनिवर्सिटी के बीच एमओयू, युवाओं को देंगे प्रशिक्षण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा में रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के न्यूजलेटर ‘ऑफबीट मध्य प्रदेश’ का विमोचन किया। इस न्यूजलेटर का उद्देश्य राज्य के पर्यटन स्थलों की व्यापक जानकारी प्रदान करना और राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देना है। हर तीन महीने में प्रकाशित होने वाले इस न्यूज लेटर में मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक, और धार्मिक स्थलों के बारे में जानकारी दी जाएगी। मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थल, नीतियों, आयोजन और सम-सामयिक गतिविधियों के प्रचार प्रसार के लिए प्रकाशन किया जा रहा है। एपी टूरिज्म की वेबसाइट पर भी दिखेगा न्यूजलेटर पर्यटन क्षेत्र के देश और विदेश के हितधारक, मीडिया और जनसामान्य को मध्य प्रदेश पर्यटन की उपलब्धियों और नवाचार की जानकारी मिल सकेगी। इस न्यूजलेटर को मध्य प्रदेश पर्यटन की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाएगा। पर्यटन गतिविधियों से स्थानीय स्तर पर बढेंगे रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फेन सेन्चूरी, मंडला में स्थित इकाई के संचालन के लिए स्वीकृति पत्र (लेटर ऑफ अवॉर्ड) अंश इन्फ्रास्ट्रक्चर और डेवलपर्स रायपुर को सौंपा। मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा 30 वर्ष के लिए पीपीपी मोड में संचालित करने के लिए सौंपा है। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों का विकास होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार में वृद्धि होगी। पर्यटन प्रबंधन के क्षेत्र में कौशल विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड (एमपीटीबी) और एकेएस यूनिवर्सिटी, सतना के एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य सतना और रीवा क्षेत्र में पर्यटन प्रबंधन और आतिथ्य क्षेत्र में कौशल विकास और रोजगार क्षमता को बढ़ावा देना है। दोनों संस्थाएं मिलकर पर्यटन एवं आतिथ्य सत्कार के क्षेत्र में प्रशिक्षण, पाठ्यक्रम विकास, इंटर्नशिप के माध्यम से रोजगार एवं स्व-रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहित करेंगी। एमपी के पर्यटन स्थलों की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि मध्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। ऑफ बीट मध्य प्रदेश न्यूजलेटर के माध्यम से देश-विदेश के पर्यटकों को राज्य के पर्यटन स्थलों की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। न्यूजलेटर में पर्यटन से जुड़े पहलुओं पर होगा फोकस न्यूजलेटर राज्य के पर्यटन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर फोकस करेगा, जिसमें टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्क, विरासत स्थल, धार्मिक स्थल और पारंपरिक गांव सहित पर्यटन नीतियां और नवाचार की जानकारी शामिल होगी। इसके साथ ही एकेएस यूनिवर्सिटी, सतना के साथ हुआ एमओयू क्षेत्रीय विकास, उद्यमिता को बढ़ावा देने और समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सतना और रीवा के पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में रोजगार की नई संभावनाएं पैदा करेगी।

MVA में होने के कारण उद्धव ठाकरे को सेक्युलर पॉलिटिक्स करने की मजबूरी, हिंदुत्‍व का भी विरोध

मुंबई ये ठाकरे परिवार की ताकत नहीं तो क्या है, बीजेपी को महाराष्ट्र की राजनीति में अपने बूते खड़े होने के लिए अब भी जूझना पड़ रहा है. मुश्किल ये है कि बालासाहेब ठाकरे ने जो कुछ कमाया था, उद्धव ठाकरे ने एक झटके में गंवा दिया. महाराष्‍ट्र की राजनीति में अब मातोश्री का वो महत्‍व नहीं है, जो भाजपा से गठबंधन के दौर में हुआ करता था. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की जिस कुर्सी के लिए उद्धव ठाकरे ने बीजेपी के खिलाफ जंग छेड़ी, उस पर भी आधे कार्यकाल तक ही टिक पाये, और जब सरकार गई तो संगठन से भी हाथ धोना पड़ा. उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र के लोगों को शुक्रिया कहना चाहिये कि लोकसभा चुनाव 2024 में थोड़ी बहुत इज्जत रख ली – लेकिन कांग्रेस को ज्यादा सीटें देकर उद्धव ठाकरे को कहीं का छोड़ा भी नहीं. और अब तो उद्धव ठाकरे की हालत और भी बुरी होती लग रही है. मुख्यमंत्री पद देने की बात तो दूर, शरद पवार और राहुल गांधी ने महाविकास आघाड़ी में उद्धव ठाकरे के लिए उनके मनमाफिक सीटें भी नहीं छोड़ी हैं – अब तक ये तो साफ हो ही गया है कि बीजेपी के साथ ही उद्धव ठाकरे के भी अच्छे दिन हुआ करते थे. क्या से क्या हो गये देखते देखते! पांच साल पहले उद्धव ठाकरे कहां थे, और अब कहां पहुंच चुके हैं – अगर परिस्थितियों, उपलब्धियों और चुनौतियों के पैमाने पर रखकर तुलना करें तो बहुत कुछ बदल चुका है. उद्धव ठाकरे के खाते में उपलब्धि के नाम पर सिर्फ एक ही चीज दर्ज हुई है, ढाई साल के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी – लेकिन बाकी सब घाटे का ही सौदा रहा है. 1. उद्धव ठाकरे जब भारतीय जनता पार्टी के साथ हुआ करते थे चुनावों के दौरान बीजेपी के साथ साथ करीब 50-50 के पार्टनर हुआ करते थे, लेकिन MVA में उनकी हिस्सेदारी एक-तिहाई बनकर रह गई है. 2. 2019 में उद्धव ठाकरे की पार्टी 165 सीटों पर चुनाव मैदान में उतरी थी, लेकिन इस बार उनको महज 85 सीटों से संतोष करना पड़ रहा है. MVA में जो सीट शेयरिंग का फार्मूला तय हुआ है, उसके हिसाब से शिवसेना (UBT), कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार) तीनों को 85-85-85 सीटें मिल रही हैं. मतलब, अभी 255 सीटों पर तस्वीर साफ हुई है, जबकि 33 सीटें रिजर्व रखी गई हैं. संजय राउत का तो दावा है कि 270 सीटों पर बात बन गई है. बताते हैं कि 33 सीटें INDIA ब्लॉक के बाकी सहयोगी दलों समाजवादी पार्टी और सीपीएम के लिए बचाकर रखी गई हैं, लेकिन अभी तस्वीर नहीं साफ है. 3. सवाल ये है कि कितना भी बेहतर परफॉर्मेंस कर लें, क्या उद्धव ठाकरे पिछली बार जितनी सीटें नहीं जीत पाएंगे? 2019 में बीजेपी-शिवसेना में बीजेपी को 105 सीटें और शिवसेना को 56 सीटें मिली थी. महाराष्ट्र में 20 नवंबर को एक ही फेज में वोटिंग होगी – और 23 नवंबर को नतीजे आने की अपेक्षा है. मुख्यमंत्री बन पाना तो किस्मत की बात होगी!   उद्धव ठाकरे ने खुद को एमवीए के मुख्यमंत्री पद का चेहरा बना दिये जाने की हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन न तो शरद पवार और न ही राहुल गांधी ने ऐसा कोई वादा किया – अब तो जो ज्यादा सीटें जीतेगा, दावेदारी उसीकी मजबूत होगी. 1. पहले मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनने के लिए उद्धव ठाकरे ने सार्वजनिक बयानों का सहारा लिया. फिर शरद पवार का साथ मिलने की उम्मीद रही, लेकिन वो भी दगा दे गये. बल्कि, वो तो जयंत पाटिल का भी नाम लेने लगे हैं. दिल्ली पहुंचकर गांधी परिवार से मिलकर गुजारिश भी की, लेकिन मुख्यमंत्री पद देने के लिए कोई भी राजी नहीं हुआ. 2. जब देखा कि विपक्षी गठबंधन मुख्यमंत्री का नाम घोषित करने से बचना चाह रहा है, तो कदम पीछे खींचकर उद्धव ठाकरे ने सुझाव दिया कि सार्वजनिक घोषणा भले न हो, कम से कम तय तो कर ही लिया जाये कि मुख्यमंत्री कौन होगा – लेकिन ये तो किसी को मंजूर न था. 3. उद्धव ठाकरे के हिस्से वाली शिवसेना के प्रभाव क्षेत्र का दायरा भी सिकुड़ता जा रहा है. महाराष्‍ट्र में महज मुंबई-कोंकण तक सिमट जाने का खतरा पैदा हो गया है. पुणे और आसपास तो एकनाथ शिंदे ही जमे हुए हैं, जहां बीजेपी के लिए भी उनको बेदखल करना मुश्किल हो रहा है. सेक्युलर पॉलिटिक्स करने की मजबूरी MVA में होने के कारण उद्धव ठाकरे की पार्टी के सामने हिंदुत्‍व की राजनीति का विरोध करने की मजबूरी भी है. कांग्रेस और शरद पवार के साथ खड़े होने के लिए उद्धव ठाकरे को भी वही बोलना पड़ता है, जो गठबंधन की पॉलिटिकल लाइन बनी हुई है. हिंदुत्व का एजेंडा ही नहीं, शिवसेना तो कट्टर हिंदुत्व की राजनीति करती आ रही थी. बीजेपी के हिंदुत्व से भी चार कदम आगे. देखा जाये तो नई बीजेपी भी पुरानी शिवसेना के मुकाबले नहीं टिक पाती – लेकिन सेक्युलर दलों का साथ देने के नाम पर उद्धव ठाकरे को क्या क्या नहीं करना और सहना पड़ रहा है. उद्धव ठाकरे बार बार हिंदुत्व की बात दोहराते हैं, लेकिन लोगों तक संदेश पहुंचते पहुंचते वो रस्मअदायगी जैसा ही हो जाता है. उद्धव ठाकरे अपने हिंदुत्व को बीजेपी से बेहतर बताने की कोशिश करते हैं, लेकिन बीजेपी के आक्रामक रुख के आगे वो नहीं टिक पाते. अगर बीजेपी सबका साथ सबका विकास जैसा नारा देती है, तो किसी को दिक्कत नहीं होती, लेकिन उद्धव ठाकरे का हिंदुत्व की बात करना भी असरदार नहीं होता. भले ही उद्धव ठाकरे धारा 370, तीन तलाक और अयोध्या के मुद्दे पर पुराने स्टैंड पर ही कायम क्यों न रहते हों.  

गांदरबदल में आतंकियों के हाथ में US आर्मी में इस्तेमाल होने वाली राइफल, जानिए इसकी ताकत

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में 20 अक्टूबर की शाम टनल कंस्ट्रक्शन में लगे मजदूरों पर आतंकवादियों ने नाटो असॉल्ट राइफल M-4 से हमला किया था। बेहद अडवांस इस राइफल का इस्तेमाल अमेरिकी सेना करती है। एक्सपर्ट मानते हैं कि इससे एक मिनट में 970 गोलियां दागी जा सकती हैं और इतने के बाद भी राइफल गर्म नहीं होती। जांच में जुटे सुरक्षा बलों को घटनास्थल पर लगे CCTV कैमरों की एक फुटेज भी मिली है, जिसमें 2 आतंकी दिखे हैं। हालांकि हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों की संख्या 2 से 3 बताई जा रही है। कैमरे में कैद हुए आतंकियों की तलाश में कई जगह दबिश दी जा रही है। खून-खराबे का इरादा रखते हुए मजदूरों के कैंप में दाखिल हुए सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि दोनों आतंकी बड़े पैमाने पर खून-खराबे का इरादा रखते हुए मजदूरों के कैंप में दाखिल हुए थे। अंदर पहुंचने पर लोगों को देखते हुए उन्होंने ओपन फायरिंग शुरू कर दी थी। घटना में 7 लोग मारे गए थे और कई घायल हुए। आतंकियों ने जिस तरह से इस हमले को अंजाम दिया उसे देखते हुए आशंका यह भी जताई जा रही है कि कहीं दोनों या इनमें से किसी एक का रियासी हमले से भी संबंध है। ठीक इसी तरह से आतंकवादियों ने इसी साल 9 जून को जम्मू के रियासी में तीर्थ यात्रियों की बस में ओपन फायरिंग की थी। लगभग वही पैटर्न आतंकवादियों ने इस हमले में भी अपनाया। रियासी अटैक वाले आतंकवादी भी अभी खुले घूम रहे हैं। चेहरा छुपाने की कोशिश नहीं की, शॉल से राइफल छिपाई गांदरबल हमले के बारे में एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल दो आतंकियों के बारे में ही जानकारी मिल रही है। दोनों ने अपना चेहरा ढकने की कोई कोशिश नहीं की थी। यानी वह अपनी पहचान ना छिपाते हुए एक तरह से यह मेसेज देना चाह रहे थे कि हिम्मत है तो हमें पकड़कर दिखाओ। दोनों ने शॉल ओढ़े हुए थे। शॉल शायद राइफल छिपाने के लिए लिए थे। दोनों आतंकियों की उम्र 22 से 30 साल के बीच की लग रही है। दोनों ने कमर पर पिट्टू बैग थे। शायद उस बैग में गोली और खाने-पीने का सामान भरा हो। हमले को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से भाग गए थे। 100 से ज्यादा लोगों से हुई पूछताछ मामले की जांच जम्मू-कश्मीर पुलिस के हाथों में है। लेकिन, आने वाले समय में यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को ट्रांसफर होने की बात कही जा रही है। फरार आतंकियों और स्थानीय स्तर पर उनकी मदद करने वालों की धर-पकड़ के लिए पुलिस, सेना, सीआरपीएफ और अन्य फोर्सेज तलाशी अभियान चला रही हैं। अभी तक 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। एजेंसियों को शक है कि फरार आतंकियों की मदद स्थानीय स्तर पर की गई थी। नहीं तो इतना सटीक और टाइमिंग के हिसाब से हमला नहीं हो पाता। शक है कि आतंकियों ने कुछ दिन पहले यहां मजदूर के रूप में काम भी किया हो या उनका कोई साथी मजदूरों या कंस्ट्रक्शन साइट से संबंधित अन्य ग्रुप में शामिल हो। पता था कि मजदूर कहां मिलेंगे आतंकियों को यह अच्छे से पता था कि दिनभर काम करने के बाद अब मजदूर कहां मिलेंगे? उसी स्पाट को आतंकियों ने निशाना बनाया। हालांकि, जम्मू-कश्मीर पुलिस सूत्रों का कहना है कि स्थानीय लोगों से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि शुरुआत में लगा कि पटाखे जलाए जा रहे हैं। क्योंकि घटनास्थल के पास में ही सोमवार को लड़की की शादी थी। हमले के समय वहां घर पर ढोल-नगाड़ों पर डांस चल रहा था। लेकिन चंद मिनटों में लग गया कि यह हमला है। हमले के दौरान एक बात यह भी सामने आ रही है कि यहां की लाइट ऑफ हो गई थी। अब लाइट को आतंकवादियों ने बंद किया या फिर मजदूरों ने या फिर बिजली विभाग द्वारा ही बंद की गई। इसकी भी जांच की जा रही है। M-4 राइफल के बारे में जानें     1980 के दशक में इसका शुरुआती वर्जन अमेरिका ने बनाया।     गैस से चलने वाली यह एयर कूल्ड असॉल्ट राइफल है।     एक मिनट में 700 से 970 राउंड गोलियां दाग सकती है।     इसकी प्रभावी रेंज 500-600 मीटर है और अधिकतम रेंज 3,600 मीटर है।     इसे चलाने के लिए बहुत ज्यादा मिलिट्री ट्रेनिंग की जरूरत नहीं होती।     अब 60 से ज्यादा देशों के सुरक्षा बल भी इसका इस्तेमाल करती है।     इससे ग्रेनेड भी लॉन्च किया जा सकता है।

बीजेपी ने अनुजेश को करहल से उतारकर इस सीट पर मुलायम परिवार के बीच मुकाबला कर दिया

 मैनपुरी यूपी की नौ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने सात सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. मैनपुरी की जिस करहल सीट से सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इस्तीफा दिया था, उस सीट पर बीजेपी ने उनके ही जीजा अनुजेश यादव को उतार दिया है. अनुजेश को उतारकर बीजेपी ने इस सीट पर मुलायम परिवार के बीच मुकाबला कर दिया है क्योंकि अखिलेश यादव ने इस सीट पर अपने भतीजे और मैनपुरी के पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव को टिकट दिया है. अनुजेश यादव मुलायम परिवार के दामाद हैं. वह मुलायम सिंह यादव के भाई अभयराम यादव की बेटी संध्या यादव के पति हैं. संध्या यादव, आजमगढ़ से सांसद धर्मेद्र यादव की सगी बहन हैं. संध्या यादव मुलायम परिवार की पहली बेटी हैं, जिन्होंने राजनीति में कदम रखा था. इतना ही नहीं वो मैनपुरी की जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. संध्या और अनुजेश को समाजवादी पार्टी से निकाल दिया गया था, जिसके बाद दोनों ने बीजेपी ज्वाइन कर ली थी. घिरोर से विधायक रह चुकी हैं अनुजेश की मां उर्मिला अनुजेश यादव का परिवार शुरू से ही राजनीति में है और समाजवादी पार्टी से जुड़ा हुआ है. उनकी मां उर्मिला यादव मैनपुरी की घिरोर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की टिकट पर विधायक रह चुकी हैं.    लोकसभा चुनाव के दौरान ऐसी चर्चाएं थीं कि बीजेपी मुलायम परिवार के ही किसी सदस्य को डिंपल यादव के सामने उतार सकती है. इनमें दो नाम आगे चल रहे थे. पहला नाम था अपर्णा यादव का, जोकि मुलायम परिवार की बहू हैं. वो मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं. जबकि दूसरा नाम था अनुजेश यादव का. अनुजेश ने मैनपुरी में हुए उपचुनाव में भी समाजवादी पार्टी के खिलाफ प्रचार किया था. हालांकि बाद में डिंपल के सामने यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह को उतारा गया था, लेकिन इस सीट पर बीजेपी जीत हासिल नहीं कर पाई थी.   विधानसभा का नंबर विधानसभा का नाम उम्मीदवार का नाम 29 कुंदरकी श्री रामवीर सिंह ठाकुर 56 गाजियाबाद श्री संजीव शर्मा 71 खैर श्री सुरेंद्र दिलेर 110 करहल श्री अनुजेश यादव 256 फूलपुर श्री दीपक पटेल 277 कटेहरी श्री धर्मराज निषाद 397 मझवां श्रीमती सुचिस्मिता मौर्या   बीजेपी ने किन सीटों पर उतारे उम्मीदवार? करहल पर अनुजेश यादव के साथ ही बीजेपी ने गाजियाबाद सदर पर पार्टी के महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा, कुंदरकी से रामवीर सिंह ठाकुर को टिकट दिया है. इसके अलावा खैर (अजा) सीट से सुरेंद्र दिलेर, फूलपुर से दीपक पटेल, कटेहरी से धर्मराज निषाद और मझवां से श्रीमती सुचिस्मिता मौर्या को टिकट दिया गया है.  

कृषि मंत्री ने बताया- बोवनी की प्राथमिकता और जिले में उपलब्ध खाद के भंडार को देखते हुए उर्वरक व्यवस्था की जा रही है

भोपाल प्रदेश में कई स्थानों पर खाद के लिए रात में लाइनें लगने और धरना-प्रदर्शन जैसी स्थिति सामने आ रही है। कांग्रेस इसे लेकर हमलावर है तो सरकार भी दावा कर रही है कि खाद की कोई कमी नहीं है। पिछले वर्ष की तुलना में वर्तमान स्थिति में अधिक खाद उपलब्ध है। विपणन संघ के गोदामों से खाद टोकन पर ही दी जाएगी। निजी क्षेत्र के उर्वरक विक्रय केंद्रों की भी निगरानी की जाएगी ताकि कोई गड़बड़ी न हो। कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि बोवनी की प्राथमिकता और जिले में उपलब्ध खाद के भंडार को देखते हुए उर्वरक व्यवस्था की जा रही है। अक्टूबर, 2023 में यूरिया का विक्रय 4.67 लाख टन हुआ था, जिसके विरुद्ध इस वर्ष अक्टूबर में 8.53 लाख टन परिवहन मिलाकर उपलब्ध है। इसमें से 2.40 लाख टन यूरिया का विक्रय हुआ है और 6.13 लाख टन भंडार में है।   इसी तरह डीएपी और एनपीके अक्टूबर, 2023 में 4.37 लाख टन बिका था, जबकि इस वर्ष अक्टूबर, 2024 में 5.58 लाख मीट्रिक टन ट्रांजिट सहित उपलब्ध है। 2.20 लाख मीट्रिक टन डीएपी और एनपीके का विक्रय हो चुका है। भारत सरकार से भी यूरिया, डीएपी, एनपीके की आपूर्ति हो रही है। विपणन संघ के डबल लाक केंद्रों (गोदाम) पर टोकन से ही खाद देने की व्यवस्था बनाई गई है। दो दिसंबर से होगा धान का उपार्जन, 7.85 लाख किसानों ने कराया पंजीयन प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन दो दिसंबर से किया जाएगा। वहीं, ज्वार और बाजरा 22 नवंबर से खरीदा जाएगा। इसके लिए 7 लाख 85 हजार 41 किसानों ने पंजीयन कराया है। इनका क्षेत्र 14 लाख 12 हजार 857 लाख हेक्टेयर है। इसका सत्यापन राजस्व विभाग के कर्मचारियों से कराया जा रहा है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि धान, ज्वार और बाजरा के उपार्जन की तैयारी हो चुकी है। सर्वाधिक एक लाख 29 हजार 373 किसानों ने बालाघाट में पंजीयन कराया है। रीवा में 64 हजार 215, सतना में 58 हजार 960, जबलपुर में 54 हजार 546, सिवनी में 52 हजार 407, कटनी में 52 हजार 279, मंडला में 41 हजार 461, पन्ना में 33 हजार 472, शहडोल में 33 हजार 661, मैहर में 26 हजार 757 किसान उपार्जन केंद्रों पर उपज विक्रय के लिए पंजीयन कराया है। सबसे कम 880 किसान विदिशा में पंजीकृत हुए हैं।

सिरोही जिले में सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

 सिरोही राजस्थान में ब्यावर-पिंडवाड़ा हाईवे (NH-62) पर गुरुवार सुबह करीब 7.15 बजे टायर फटने के कारण बड़ा हादसा हो गया है। कार नाले में गिर गई और एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। कार सवार पिंडवाड़ा से जोधपुर की तरफ जा रहे थे।एसपी सिरोही अनिल कुमार ने बताया है कि कार का संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ है। पांच लोगों की मौत हो गई है। जबकि, एक महिला घायल हो गई है। अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिरोही में सारनेश्वर ब्रिज के पास यह हादसा हुआ है। कार का टायर फटने से कार बेकाबू हो गई और यह हादसा हो गया। दूसरी तरफ सिरोही कोतवाली थानाधिकारी कैलाश दान ने बताया कि कार में सवार एक परिवार गुजरात से जोधपुर की तरफ जा रहा था। तभी सारनेश्वर जी पुलिए के पास कार के आगे का टायर फट गया, जिससे कार अनियंत्रित होकर डिवाडर को पार करते हुए नाले में गिर गई। हादसा इतना दर्दनाक था फलोदी के खारा गांव के निवासी दो महिला, दो पुरुष और एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला घायल हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही सीओ मुकेश चौधरी, कोतवाली थानाधिकारी मय टीम के मौके पर पहुंचे और घायल महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया। साथ ही मृतकों के शवों को मोर्चरी में रखवाया है। सीआई कैलाशदान ने बताया कि जानकारी में सामने आया है कि सभी मृतक एक ही परिवार के हो सकते हैं। सभी गुजरात गए थे और वापस अपने गांव खारा लौट रहे थे। इस दौरान हादसे का शिकार हो गए। हादसे में घायल महिला का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। दिवाली मनाने आ रहा था परिवार पुलिस के मुताबिक, फलोदी (राजस्थान) का परिवार 40 साल से गुजरात के दाहोद में रहता था। परिवार दिवाली मनाने गुजरात से फलोदी आ रहे थे। गुरुवार सुबह 7 बजे तेज रफ्तार कार कोतवाली थाना इलाके में ब्यावर-पिंडवाड़ा NH-62 पर थानेश्वरजी पुलिया के पास पहुंची ही थी कि अचानक टायर फट गया। स्विफ्ट कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए हाईवे से नीचे नाले में गिर गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। क्षतिग्रस्त कार को क्रेन की मदद से बाहर निकलवाया। घायल महिला को सिरोही हॉस्पिटल पहुंचाया। हादसे में इनकी गई जान एक्सीडेंट में दाहोद (गुजरात) निवासी प्रताप (53) पुत्र कांती लाल भाटी, रामूराम (50) पुत्र प्रेमाराम भाटी, उषा (50) पत्नी प्रताप भाटी, पुष्पा (25) पत्नी जगदीश भाटी और आशु (11 महीने) पुत्र जगदीश भाटी की मौत हो गई। शारदा (50) पत्नी रमेश भाटी घायल हो गईं। परिवार गुजरात का रहने वाला था। आशु, पुष्पा का बेटा था। इस हादसे में दोनों की जान चली गई है।

Rewa Industry Conclave में 31 हजार करोड़ रुपये के मिले प्रस्ताव, बदल जाएगी एमपी की सूरत

रीवा  CM मोहन यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस, रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव पर प्रेस कॉन्फ्रेंस. रीवा अंचल में औद्योगिक क्रांति की दिशा में बड़ा कदम, 4 हजार निवेशकों ने भाग लिया, रीवा ही नहीं 10 से ज्यादा राज्य के लोग शामिल, 120 से ज्यादा उद्योगपतियों ने भाग लिए, उद्योगपतियों ने की MP की नीति की तारीफ, पतंजलि 1 हजार करोड़ फूड इंडस्ट्री में निवेश करेगा. उज्जैन में वेलनेस सेंटर शुरू करेंगे, डालमिया 3 हजार करोड़ निवेश करेंगे, रामा ग्रुप सतना में 500 करोड़ निवेश करेगा. रीवा रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मध्य प्रदेश सरकार को हजारों करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले. इसके समापन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि रीवा का आयोजन सबसे सफल रहा. इस कॉन्क्लेव में 31 हजार करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं. रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव रीवा के औद्योगिक विकास के लिए क्रांतिकारी कदम साबित होगा. इसमें भाग लेने 4 हजार से अधिक उद्यमियों ने पंजीयन कराया. इसमें 10 राज्यों के निवेशकों ने भागीदारी की. कार्यक्रम में 150 से ज्यादा विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया. प्रदेश का पांचवां रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव रीवा के कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया. इसमें विन्ध्य में औद्योगिक निवेश की संभावनाओं पर मुख्यमंत्री डॉ यादव के सामने उद्योगपतियों ने खुलकर अपने विचार रखे. आचार्य बालकृष्ण ने कहा- पतंजलि यहां फूड प्रोसेसिंग, पर्यटन, आईटी और सोलर के क्षेत्र में काम करेगी। ये निवेश शुरुआती है। सफलतापूर्वक संचालन के बाद इसे और बढ़ाया जाएगा। कॉन्क्लेव में सीएम डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि रीवा में मल्टी माॅडल लॉजिस्टिक पार्क बनेगा। संजय दुबरी नेशनल पार्क को इंटरनेशनल लेवल का बनाएंगे। हेल्थ टूरिज्म डेवलप करेंगे। नए और आवटिंत मिलाकर सबसे बड़े निवेशकों के प्रोजेक्ट 1) केजीएस सीमेंट- 14 हजार करोड़ रुपए 2) सिद्धार्थ इंफ्राटेक- 12 हजार 800 करोड़ रुपए 3) अल्ट्राटेक सीमेंट लि.- 3000 करोड़ रुपए 4) आडानी ग्रुप-2528 करोड़ रुपए 5) पतंजलि ग्रुप-एक हजार करोड़ रुपए 6) रामा ग्रुप- 500 करोड़ रुपए विन्ध्य में बिजली, पानी, परिवहन के अच्छे साधन पर्याप्त खनिज, वन संपदा और औद्योगिक निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण से उद्योगपति खुश हुए. समारोह में डालमिया ग्रुप के महाप्रबंधक पुनीत डालमिया, पतंजलि ग्रुप के महाप्रबंधक आचार्य बालकृष्ण, रामा ग्रुप के सीएमडी  नरेश गोयल, अडाणी ग्रुप के भिमसी कचोट सहित अन्य उद्यमी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिद्धार्थ इंफाटेक ने 12 हजार 800 करोड़ रुपये, ऋत्विक प्रोजेक्ट ने 4 हजार करोड़ रुपये, केजीएस सीमेंट ने 14 हजार करोड़ रुपये, पतंजलि ग्रुप ने एक हजार करोड़ रुपये, रामा ग्रुप ने 500 करोड़ रुपये, सोलर एएमसी सर्विस प्रा.लि. ने 400 करोड़ रुपये, बीपीसीएल पेट्रोकेमिकल ने 300 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है. ये भी निवेश को तैयार इनके अलावा शारदा मिनरल्स ग्रुप से 225 करोड़ रुपये, एस. गोयंका ग्रुप से 200 करोड़ रुपये, शिव शिक्त कंस्ट्रक्शन कंपनी से 175 करोड़ रुपये, आडानी ग्रुप से 2528 करोड़ रुपये, जय प्रकाश पावर बेंचर से 750 करोड़ रुपये, एनटीपीसी से सोलर प्लांट के लिए 103 करोड़ रुपये, अल्ट्राटेक सीमेंट लि. से 3000 करोड़ रुपये, निसर्ग इस्पात से एक हजार करोड़ रुपये तथा अन्य उद्योगों में 2063 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं. इनसे लगभग 30 हजार लोगों को रोजगार का अवसर मिलेगा. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि पतंजलि ग्रुप उज्जैन में योग और आयुर्वेद का संस्थान बनाने जा रहा है. रीवा में पांचवें रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से विन्ध्य के विकास को नई दिशा मिलेगी. पीथमपुर की 5 इंडस्ट्रियल यूनिटों का वर्चुअल भूमिपूजन किया सीएम ने पीथमपुर की 5 इंडस्ट्रियल यूनिटों का वर्चुअली भूमि पूजन भी किया। इनमें पिनेकल मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड EV बस और लाइट कॉमर्शियल व्हीकल बनाने के लिए यूनिट लगाएगी। इसमें 1600 करोड़ का निवेश करेगी। यहां 500 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। यह मध्य प्रदेश की पहली डेडिकेटेड ईवी बस और लाइट कॉमर्शियल व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट होगी। पिनेकल ग्रुप पहले ही यहां वंदे भारत के स्लीपर कोच बनाने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, जिसकी शुरुआत अगले साल मार्च से होने की संभावना है। कोर ब्लॉक स्केफ होल्डिंग एण्ड फॉर्म वर्क प्रालि कंपनी द्वारा मेटल पाइप बनाने के लिए यूनिट लगाई जाएगी। इसमें 150 करोड़ रुपए का डाइरेक्ट फॉरेन ​​​​इन्वेस्टमेंट किया जाएगा। इस निवेश से 350 लोगों को रोजगार मिलेंगे। बीज को पौधा बनना है तो मिट्‌टी में गाड़ना पड़ता है-सीएम सीएम ने कहा चुनाव का समय नहीं है। पुनित डालमिया से बात कर रहा था। मैं एज ए सीएम की तरह बैठा हूं। मेरा एक-एक अधिकारी भाषण दे रहा है। सीएस से लेकर पीएस तक। मुझे भी मजा आ रहा है। मंत्री बोल रहे हैं। उद्योगपति बोल रहे हैं। बीज से पौधा निकलने की कल्पना करना। पौधे को बनने से पहले बीज को अपने आपको मिट्टी में गाड़ना पड़ता है। अस्तित्व मिटाना पड़ता है। अहंकार निकालना पड़ता है। हम एक परिवार हैं। कोई सीएम-अफसर नहीं है। सब परिवार की तरह काम करें। सारे पीएस हिंदी में इतना अच्छा भाषण दे रहे कि इनकी प्रतियोगिता कराओ तो पुरस्कार देना पड़ जाए। सारी बातें आज ओपन ट्रांसपैरेंट बातें हुई हैं। यही तो मोदीजी का सपना है। कलेक्टर भी ध्यान देते हैं कि सरकार का मूड क्या है। अपने आप ही चमत्कार होता है। हमारी क्षमता से काम करेंगे तो बदलाव होगा। अफसरों ने दी विभाग से जुड़ी जानकारी अफसरों ने कॉन्क्लेव में अपने विभाग की ओर से औद्योगिक विकास के लिए किए जा रहे काम बताए। ऊर्जा विभाग और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के अपर सचिव मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि रीवा की बिजली से दिल्ली की मेट्रो चल रही है। हर जिले में सरकारी बिल्डिंग पर सोलर पैनल लगेगा। कारनिश पॉवर जोन प्रालि द्वारा इलेक्ट्रिक मशीनरी और इक्यूपमेंट्स के लिए यूनिट लगाई जाएगी। इसमें 1.5 करोड़ का निवेश और 27 लोगों को रोजगार मिलेगा। मां तुलजा इंडस्ट्रीज द्वारा हातोद में प्लास्टिक प्रोडक्ट और पैकेजिंग यूनिट की स्थापना की जाएगी। इसमें 13 लोगों को रोजगार मिलेगा। श्री गजानन इन्टरप्राइजेस द्वारा रेहटा खडकोद में नॉनफेरस मेटल एंड प्रोडक्ट यूनिट की स्थापना की जाएगी।

मुख्यमंत्री यादव ने किया रीवा रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का शुभारंभ, 4 हज़ार से अधिक उद्योगपति शामिल

 रीवा सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज दीप प्रज्वलन करते हुए रीवा में 5वें रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। कृष्णा राज कपूर सभागार में आयोजित इस कॉन्क्लेव में 4,000 से अधिक प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं, जिसमें प्रमुख निवेशक और 3,000 एमएसएमई उद्यमी शामिल हैं। इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य विंध्य क्षेत्र को औद्योगिक अवसरों का केंद्र बनाना है, जिससे निवेश को आकर्षित किया जा सके। बता दें कि मुख्यमंत्री ने 2025 को ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ घोषित किया है, जिससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। आज हो रहे पांचवें इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का केंद्र ऊर्जा, खनन, कृषि, डेयरी, खाद्य प्र-संस्करण, पर्यटन और हस्तशिल्प जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करना है। इस कॉन्क्लेव में प्रेजेंटेशन, राउंडटेबल और सेक्टोरल सत्र हैं, जिनमें नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा पर विशेष चर्चा हो रही है। रीवा में 5वें रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का शुभारंभ मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यकाल में इससे पहले चार प्रमुख इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन हो चुका है। इनमें पहला इंडस्ट्री कॉन्क्लेव उज्जैन में आयोजित किया गया था, जिसमें कई बड़े उद्योगपतियों और निवेशकों ने भाग लिया। दूसरा कॉन्क्लेव जबलपुर में हुआ, जहां विभिन्न उद्योगों के लिए निवेश के अवसरों पर चर्चा की गई। तीसरा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव ग्वालियर आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने भाग लिया और हाल ही में 27 सितंबर को सागर में चौथा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश के साढ़े चार हजार से अधिक उद्योगपति शामिल हुए थे। मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से अब पांचवां रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव रीवा में हो रहा है। विंध्य में विकास का नया कीर्तिमान मुख्यमंत्री ने रीवा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह अंचल विंध्य और बुंदेलखंड को जोड़ते हुए विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए जा चुके हैं और उन्हें सफल बनाने के लिए मुंबई, कोयंबतूर, बेंगलुरु और कोलकाता में रोड शो किए गए, जिनके परिणाम बेहद सकारात्मक रहे हैं। नए उद्योगों की शुरुआत होगी इस कॉन्क्लेव के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कई उद्योगों का भूमि पूजन और लोकार्पण भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के तहत प्रदेश के विकास को और तेज गति से आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।   मध्य प्रदेश को औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की पहल यह कॉन्क्लेव न सिर्फ विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश को एक औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। ‘इन्वेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025’ के लिए जारी किए गए विशेष आमंत्रण के साथ, यह सम्मेलन राज्य के आर्थिक विकास के लिए नए द्वार खोलेगा। इस कॉन्क्लेव में ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) और जी-2-सी (सरकार से नागरिक) स्टॉल भी स्थापित किए गए हैं। यहां एमपी इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन, एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन, डायरेक्टोरेट ऑफ़ फ़ॉरेन ट्रेड, कस्टम विभाग, ईसीजीसी लिमिटेड, फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एक्सपोर्ट और हस्तशिल्प विकास निगम सहित 16 से अधिक विभाग और संस्थान शामिल हैं।

देश के उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश को समृद्ध और संपन्न बनाना हमारा संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा प्रदेश को समृद्ध और संपन्न बनाना हमारा संकल्प है देश के उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश को समृद्ध और संपन्न बनाना हमारा संकल्प है। उद्योग और निवेश गतिविधियों को विस्तार देने के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएँ मध्यप्रदेश में विद्यमान हैं। प्रदेश के उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत उद्योग समूहों को प्रदेश में अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश विकास पथ पर निरंतर अग्रसर हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव रीवा के लिए प्रस्थान करने से पहले निवास पर अपने संदेश में यह बात कही। प्रदेश में गतिविधियों के विस्तार के लिए उद्योगपति रूचि प्रकट कर रहे हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से 3 लाख 25 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सॄजित करने में मदद मिली और लगभग 2 लाख 45 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव भी तैयार हैं। प्रदेश में निवेश की संभावनाओं के दृष्टिगत निवेशक और उद्योगपति अपनी गतिविधियों के विस्तार में रुचि प्रकट कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर कार्य करने का अवसर मिले, ब्रेन ड्रेन रुके, इस उद्देश्य से भी राज्य सरकार कार्य कर रही है। साथ ही प्रदेश में विभिन्न विभागों में 1 लाख से अधिक नौकरियों के लिए भर्ती प्रक्रिया आरंभ हो रही है।  

5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का M मोहन ने किया शुभारंभ करेंगे, झोली भरकर विंध्य आये खास मेहमान

रीवा  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कांन्क्लेव आज रीवा में है, जो सबसे ज्यादा सफल होगी। अभी तक मप्र में 2.45 लाख करोड़ का निवेश मिला… तीन लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार के अवसर मिले। रोजगार की दिशा में लगातार युवाओं को अवसर मिलेंगे मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने गठन के साथ ही लगातार मध्य प्रदेश के औद्योगिक निवेश और रोजगार की दिशा में लगातार युवाओं को अवसर मिले, हमारे हर युवा के हाथ में काम मिले इसलिए सभी सेक्टर में समान रूप से काम कर रही है। खासकर के हमारे आईटी का सेक्टर हो या एमएसएमई उद्योग का सेक्टर हो, हेवी इंडस्ट्री से लेकर फूड इंडस्ट्री तक सभी क्षेत्रों में लगातार रोजगार निवेश के अभियान में हम लगे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी तक प्रदेश के अंदर उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में हम रीजनल इंडस्ट्री कांन्क्लेव कर चुके हैं और इसे सफल बनाने के लिए मुंबई, कोयंबतूर, बेंगलुरु और कोलकाता इत्यादि स्थानों पर रोड शो करके भी आए हैं, जिसके सुखद परिणाम भी मिले हैं। डॉक्टर यादव ने कहा कि आज रीवा में पांचवीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि रीवा महत्वपूर्ण अंचल हैं जो विंध्य और बुंदेलखंड को जोड़ते हुए विकास के लिए एक नया कीर्तिमान बनाएगा। निवेश प्रस्तावों के संबंध में उद्योगपतियों से वन टू वन चर्चा करेंगे उद्घाटन समारोह के बाद मुख्यमंत्री विन्ध्य क्षेत्र में निवेश प्रस्तावों के संबंध में उद्योगपतियों से वन टू वन चर्चा करेंगे। कार्यक्रम के समापन के बाद मुख्यमंत्री शाम 6 बजे एयरपोर्ट रीवा से वायुयान से प्रस्थान कर शाम 6.50 बजे एयरपोर्ट भोपाल पहुंचेगे। विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं: उप मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएँ हैं और इसे साकार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) जैसे आयोजन आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं। मुख्यमंत्री के विजनरी नेतृत्व में प्रदेश के समग्र विकास को मिल रही है नई दिशा यह क्षेत्रीय विशेषताओं के आधार पर निवेश संभावनाओं को प्रस्तुत कर औद्योगिक विकास में संतुलन लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व में यह पहल प्रदेश के समग्र विकास को एक नई दिशा प्रदान कर रही है। इसका पाँचवां संस्करण 23 अक्टूबर को रीवा में आयोजित किया जा रहा है। यह क्षेत्र निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य बन गया पहले उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में सफलतापूर्वक कॉन्क्लेव आयोजित किए जा चुके हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए आधुनिक और सशक्त इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, रेलवे और हवाई मार्ग का निरंतर विस्तार किया जा रहा है, जिससे यह क्षेत्र निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य बन गया है। सहयोगी पहलों से निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बना क्षेत्र में सीमेंट, खनिज और सरप्लस पावर जैसी प्राकृतिक संपदाओं की प्रचुरता इसे औद्योगिक गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती हैं।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और सिंगल विंडो क्लीयरेंस और औद्योगिक सहयोगी पहलों से निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बना है। विन्ध्य क्षेत्र में उद्योगों के लिए 9,000 हेक्टेयर से अधिक का भूमि बैंक उपलब्ध इसी सकारात्मक माहौल के चलते अब तक 4,000 से अधिक निवेशकों ने रीवा में होने वाले इस कॉन्क्लेव के लिए पंजीकरण कराया है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में उद्योगों के लिए 9,000 हेक्टेयर से अधिक का भूमि बैंक उपलब्ध है। यह कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय लिखेगी कॉन्क्लेव में आईटी, पर्यटन, माइनिंग, एमएसएमई, कुटीर उद्योग, और कृषि क्षेत्र में निवेश पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विन्ध्य क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं, जिनका विकास प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्वास जताया कि यह कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय लिखेगी। मध्यप्रदेश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में औद्योगिक विकास का नया केंद्र बना रीवा संभाग रीवा संभाग, जो मध्य प्रदेश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित है, आज तेजी से एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। अपनी सांस्कृतिक धरोहर, प्राचीनता, प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता और खनिज भंडारों के साथ यह क्षेत्र निवेशकों के लिए अनगिनत अवसर प्रस्तुत करता है। यहां न सिर्फ औद्योगिक विकास के लिए मजबूत आधारभूत संरचना तैयार की गई है, बल्कि इसके पर्यटन और ऐतिहासिक महत्व ने भी इसे और अधिक आकर्षक बना दिया है। रीवा संभाग के औद्योगिक क्षेत्र चोरहटा, गुढ़, बाईपास, और त्योथर जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन क्षेत्रों में निर्माण सामग्री, कृषि आधारित उद्योग, धातु उद्योग, और खाद्य प्रसंस्करण जैसे उद्योग प्रमुखता से उभर रहे हैं। रीवा का हवाई संपर्क जुड़ने के बाद इन क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों की रफ्तार और भी बढ़ गई है, जिससे निवेशकों को माल की ढुलाई और उत्पादों की आपूर्ति में आसानी हो रही है। सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर रीवा संभाग का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व इसे पर्यटन के नजरिए से भी महत्वपूर्ण बनाता है। यहां स्थित रीवा किला, गोविंदगढ़ का किला, और मुक्ति धाम जैसे स्थान न केवल ऐतिहासिक धरोहर हैं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, रीवा के साथ जुड़ी बघेलखण्ड की संस्कृति ने भी इस क्षेत्र को एक विशिष्ट पहचान दी है। खनिज और प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता रीवा संभाग खनिज संसाधनों से समृद्ध है। यहां प्रचुर मात्रा में चूना पत्थर, डोलोमाइट, और बॉक्साइट जैसे खनिज पाए जाते हैं, जो औद्योगिक गतिविधियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन खनिज संसाधनों का दोहन स्थानीय उद्योगों को कच्चा माल उपलब्ध कराता है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बल मिलता है। पर्यटन और पौराणिक महत्व रीवा संभाग अपने प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटक स्थलों के लिए भी प्रसिद्ध है। केऊटी जलप्रपात, चित्रकूट और सिद्ध बाबा जैसे स्थानों का पर्यटन महत्व है, जो न सिर्फ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हैं बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, इस क्षेत्र … Read more

बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में खुलासा लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई का शूटर्स से सीधा लिंक मिला

 मुंबई बाबा सिद्दीकी की हत्या मामले की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है कि शूटर्स लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोन बिश्नोई के सीधे संपर्क में थे. क्राइम ब्रांच के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि शूटर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई के सीधे संपर्क में थे. हालांकि पूछताछ में हत्या का कारण पता नहीं चला है. क्राइम ब्रांच को मिला लिंक मुम्बई क्राइम ब्रांच को NCP नेता बाबा सिद्दीकी हत्या मामले की जांच के दौरान पहली बार लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई का शूटर्स से सीधा लिंक मिल गया है. सामने आया है कि, हत्या करने वाले संदिग्ध तीन शूटर्स ने हत्या से पहले एक इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप (स्नैपचैट) के जरिए जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई से बातचीत की थी. अनमोल बिश्नोई भी एक शूटर और साजिशकर्ता प्रवीण लोनकर के संपर्क में था. अनमोल कनाडा और अमेरिका से आरोपियो के संपर्क में था. आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं. 10 आरोपी अब तक हुए गिरफ्तार क्राइम ब्रांच ने बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में अब तक 10 आरोपियो को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो शूटर और हथियार सप्लायर भी शामिल हैं. बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में शूटर शिवकुमार गौतम और कई आरोपी जिसे पुलिस ने आरोपी बताया है वो फरार है. आरोपी स्नैपचैट के ज़रिए एक-दूसरे से संपर्क में थे और मैसेज के माध्यम से निर्देश मिलने के बाद उसे तुरंत डिलीट कर देते थे. ऐसे ही जब गिरफ्तार आरोपियों के स्नैपचैट को बारीकी से खंगाला गया तब पता चला कि शूटर्स और प्रवीण लोनकर सीधे-सीधे अनमोल बिश्नोई के संपर्क में थे. इस मामले में अब क्राइम ब्रांच जल्द ही MCOCA की संबंधित धाराएं जोड़ने की तैयारी में है. जांच के दौरान क्राइम ब्रांच को कई स्नैपचैट अकाउंट्स की जानकारी मिली जिसका इस्तेमाल कर आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में थे.  पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है। उन्होंने बताया कि 12 अक्टूबर की हत्या की जांच कर रही शहर पुलिस की अपराध शाखा ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि गिरफ्तार हमलावर धर्मराज कश्यप, गुरमेल सिंह और फरार चल रहे शिवकुमार गौतम ने सितंबर में मुंबई के बाहरी इलाके करजत तहसील के अंतर्गत पलासधारी में एक झरने के पास गोलीबारी का अभ्यास किया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शूटर्स ने झरने के पास की इस जगह को इसलिए चुना क्योंकि यह सुनसान इलाका है। यहां पर गोलियों की आवाज दूर-दूर तक किसी को सुनाई नहीं दी और न ही किसी ने उन्हें यहां शूटिंग करते हुए देखा। 5 किलोमीटर अंदर जंगल में जाकर करते थे प्रैक्टिस जंगल में शूटिंग की प्रैक्टिस के लिए आरोपियों को रोज जाना पड़ता इसलिए उन्होंने सबसे पास के इलाके में रहने को चुना। उन्होंने सितंबर के दूसरे हफ्ते में कर्जत के जंगल में शूटिंग प्रैक्टिस शुरू की। उससे पहले पलसदरी गांव में एक घर किराए पर लिया। यहां से वे रोज जंगल में अंदर पांच किलोमीटर जाते और शूटिंग की प्रैक्टिस करते थे। ठाणे के गैंग को पहले दिया था हत्या का जिम्मा पुलिस अधिकारी ने बताया कि नितिन सप्रे और राम कनौजिया ने इस ऑपरेशन को लीड किया। उन्होंने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री सिद्दीकी (66) की हत्या का जिम्मा पहले ठाणे स्थित पांच सदस्यीय सुपारी गिरोह को सौंपा था। अधिकारी के अनुसार, अपराध में प्रयुक्त पिस्तौल कनौजिया और एक अन्य आरोपी भगवत सिंह ओम सिंह राजस्थान से लाए थे। इसलिए गैंग हटा पीछे अपराध को अंजाम देने के लिए 50 लाख रुपये की मांग पर असहमति और दिवंगत राजनेता के प्रभाव को देखते हुए यह गिरोह हत्या का ठेका लेने से पीछे हट गया। हालांकि गैंग ने अटैक को अंजाम देने के लिए जरूरत के सारे सामान और मदद देने का ठेका ले लिया। उदयपुर से यूं लाए पिस्टल पहली टीम ने जब बाबा सिद्दीकी की हत्या करने से इनकार कर दिया था, तब शुभम लोणकर और उसके भाई प्रवीण ने पहली टीम को बहराइच वाली टीम को सारी व्यवस्था उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी थी। यही वजह है कि पहली टीम के पांच सदस्य राम कनौजिया, नितिन सप्रे, संभाजी पारधी, चेतन पारधी और प्रदीप ठोंबरे में से राज कनौजिया उदयपुर गया। वहां भगवन सिंह के जरिए पैसे और पिस्टल लेकर मुंबई आया। फिर हरीश निषाद और शुभम लोणकर ने टारगेट की रेकी करने के लिए आरोपियों को कुर्ला में घर दिलाया। नितिन सप्रे, संभाजी पारधी और राम कनौजिया ने शूटर्स को कर्जत के गांव में प्रैक्टिस करने के लिए किराए पर घर दिलवाया। कब हुई बाबा सिद्दीकी की हत्या और आरोपियों की गिरफ्तारी 12 अक्टूबर विजयादशमी के दिन बाबा सिद्दीकी की हत्या हुई थी। हत्या के तुरंत बाद पुलिस ने मौके से दो शूटर गुरनैल सिंह और धर्मराज कश्यप को गिरफ्तार किया था। अगले दिन मुख्य साजिशकर्ता शुभम लोणकर के भाई प्रवीण लोणकर और बहराइच से हरीश निषाद को गिरफ्तार किया गया। फिर एक साथ पांच आरोपियों राम कनौजिया, नितिन सप्रे, संभाजी पारधी, चेतन पारधी और प्रदीप ठोंबरे की गिरफ्तारी हुई। इस मामले में दसवीं गिरफ्तारी बेलापुर से भगवत सिंह की हुई है। तीन आरोपी शुभम लोणकर हरियाणा निवासी जीशान अख्तर और शूटर शिवकुमार गौतम फरार हैं। फेसबुक से रिप्लाई में देरी मुंबई क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तीन फरार आरोपियों को ढूंढने और उनकी लोकेशन को ट्रेस करने में दिक्कतें आ रही हैं। पूरी वारदात के मुख्य साजिशकर्ता शुभम लोणकर ने फेसबुक पर पोस्ट कर जिम्मेदारी ली थी कि यह लॉरेंस बिश्नोई का काम है। उसके कुछ समय बाद उसने फेसबुक से पोस्ट डिलीट भी कर दी थी। संभवतः सिम कार्ड भी निकाल कर फेंक दिया था। मुंबई पुलिस ने उसके एफबी अकाउंट की उस वक्त की लोकेशन जानने के लिए फेसबुक को पत्र लिखा है, लेकिन उसका सर्वर विदेश में होने की वजह से रिप्लाई बहुत देरी से आता है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि रिप्लाई में देरी से आरोपी काफी दूर निकल जाते हैं।  

RSS की अखिल भारतीय की चार दिवसीय बैठक ग्वालियर में, दीवाली के दिन से शुरू होने वाली, भागवत रहेंगे मौजूद

 ग्वालियर  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय स्तर की चार दिवसीय बैठक मध्य प्रदेश के ग्वालियर (Gwalior) में होनी है. दीवाली के दिन से शुरू होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत (Dr. Mohan Bhagwat) पूरे समय उपस्थित रहेंगे. यह बैठक 31 अक्टूबर से शुरू होगी. बताया गया कि संघ की यह राष्ट्रीय बैठक शहर के शिवपुरी लिंक रोड पर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर केदारपुर परिसर में होगी. इसमें डॉ. भागवत चार दिन तक पूरे समय उपस्थित रहेंगे. उपस्थित रहेंगे ये लोग डॉ. मोहन भागवत के साथ संघ के कार्यवाह दत्तात्रय हौसबोले और अखिल भारतीय टोली के सभी सदस्य भी पूरे समय उपस्थित रहेंगे. आरएसएस की दीपावली बैठक के नाम से हर वर्ष होने वाली इस बैठक के लिए इस बार ग्वालियर को चुना गया है. इस बैठक में संघ परिवार की आगामी रणनीति और पाठ्यक्रमों में संभावित बदलावों पर व्यापक चर्चा होगी. इन संगठनों को भी किया गया आमंत्रित सूत्रों के अनुसार बैठक में भाग लेने आरएसएस के विभिन्न आनुषंगिक संगठनों के अपेक्षित पूर्णकालिक पदाधिकारी 30 अक्टूबर से ग्वालियर पहुंचना शुरू हो जाएंगे. इस बैठक का औपचारिक समापन 4 नवंबर को होगा. इस बैठक में भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विश्व हिंदू परिषद सहित संघ से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है. इस बैठक की तैयारियों को लेकर बीती रात से यहां बैठकों का दौर शुरू हो गया है. रात को हुई बैठक में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों को भोजन और व्यवस्था संबंधी दायित्व सौंपे गए.

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