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पंचायत राज अधिनियम में संशोधन कर नया प्रविधान करने जा रही सरकार

भोपाल प्रदेश में नगरीय निकायों के अध्यक्षों के विरुद्ध जिस तरह से अविश्वास प्रस्ताव आता है, वैसा ही अब सरपंचों के विरुद्ध भी लाया जा सकेगा। इसके लिए सरकार पंचायत राज अधिनियम में संशोधन कर नया प्रविधान करने जा रही है। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा अध्यादेश लाया जाएगा। इसमें यह प्रविधान किया जाएगा कि तीन चौथाई पंच के हस्ताक्षर से ही आवेदन पत्र स्वीकार होगा और यह तीन वर्ष की कार्यावधि पूर्ण होने पर ही लाया जा सकेगा। नगरीय निकायों के बाद अब पंचायत में भी नए नियम होंगे लागू प्रदेश में अभी तक नगरीय निकायों के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने का ही प्रविधान था। इसमें भी दो वर्ष की कार्यावधि पूरी होने पर दो तिहाई पार्षदों के समर्थन से प्रस्ताव लाया जा सकता था। इस अवधि को बढ़ाकर सरकार ने तीन वर्ष की कार्यावधि और तीन चौथाई पार्षदों का समर्थन अनिवार्य कर दिया है। यही व्यवस्था सरपंच के लिए भी लागू करने की मांग विभिन्न संगठनों ने उठाई थी। पिछले दिनों पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति जताई। इसके बाद विभाग ने अधिनियम में संशोधन की तैयारी प्रारंभ दी है। अध्यादेश के माध्यम के संशोधन विभागीय अधिकारियों कहा है कि चूंकि अभी विधानसभा का कोई सत्र प्रस्तावित नहीं है, इसलिए अध्यादेश के माध्यम के संशोधन किया जाएगा। प्रारूप तैयार करके वरिष्ठ सचिव समिति को भेजा जाएगा और फिर विधि एवं विधायी विभाग से परिमार्जित कराकर अंतिम निर्णय के लिए अगले माह तक कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है।

बहराइच हिंसा में आरोपियों के खिलाफ डेमोलेशन ऐक्शन पर रोक, सुप्रीम कोर्ट आज करेगा केस की सुनवाई

नई दिल्ली  उच्चतम न्यायालय ने  कहा कि उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में हिंसा और दंगों में कथित रूप से शामिल आरोपियों के खिलाफ ‘बुलडोजर’ चलाने की प्रस्तावित कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर बुधवार को सुनवाई की जायेगी। न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सी यू सिंह और अन्य वकीलों की शीघ्र सुनवाई करने की गुहार स्वीकार करते हुए इस मामले को 23 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कथित रूप से दंगों में शामिल लोगों के खिलाफ तोड़-फोड़ की कार्रवाई इस आधार पर करना चाहती है कि उनका निर्माण अवैध है।इस पर पीठ ने कहा, “आप इस अदालत द्वारा पारित आदेशों से अवगत हैं। यदि वे (राज्य सरकार) इन आदेशों का उल्लंघन करने का जोखिम उठाना चाहते हैं, तो यह उनकी पसंद है।” पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज से कहा कि उसे बुधवार तक कोई कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।इस पर अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने सहमति जताते हुए कहा, “हम कुछ नहीं करेंगे।” उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने बहराइच जिले के एक गांव में धार्मिक जुलूस के दौरान संगीत बजाने को लेकर कथित रूप से सांप्रदायिक हिंसा में शामिल तीन लोगों की अचल संपत्ति के ध्वस्तीकरण के लिए नोटिस जारी किया है। सर्वोच्च न्यायालय ने एक अक्टूबर को अपने 17 सितंबर के आदेश को बढ़ा दिया था कि इस न्यायालय की अनुमति के बिना किसी आपराधिक मामले में शामिल अभियुक्त की संपत्ति को ध्वस्त करने के लिए राज्यों द्वारा बुलडोजर का उपयोग नहीं किया जाएगा शीर्ष अदालत ने हालांकि,तब सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथों, रेलवे लाइनों या जल निकायों पर अतिक्रमण से जुड़ी कार्रवाई को छूट दी थी।शीर्ष अदालत ने तब बुलडोजर कार्रवाई के लिए दिशानिर्देश निर्धारित करने पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था। सर्वोच्च न्यायालय ने एक अक्टूबर को कहा था कि वह “बुलडोजर न्याय” के विवादास्पद मुद्दे से निपटने के लिए अखिल भारतीय स्तर पर दिशा-निर्देश तैयार करेगा, जिसका उपयोग कुछ राज्य सरकारें किसी व्यक्ति पर अपराध का आरोप लगने के तुरंत बाद उसके घर या दुकान को ध्वस्त करने के लिए करती हैं।    

रिलायंस रिटेल के स्टोर्स पर भारत ब्रांड का सस्ता आटा-चावल बेचेगी सरकार

नई दिल्ली  सरकार महंगाई पर लगाम लगाने के लिए भारत ब्रांड का आटा, चावल और दाल रिटेल चेन के जरिए बेचने पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक इसके लिए सरकार मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस रिटेल से बातचीत कर रही है। हालांकि आम चुनावों के दौरान कीमतों में स्थिरता लाने के लिए भारत ब्रांड के उत्पादों को रिलायंस के जियोमार्ट, ऐमजॉन और बिगबास्केट सहित ई-कॉमर्स फर्मों के साथ पहले भी अल्पकालिक व्यवस्थाएं की गई हैं। लेकिन यह पहली बार है कि सरकार अपने बफर स्टॉक से खाद्य उत्पादों को रियायती कीमतों पर बेचने के लिए एक निजी खुदरा विक्रेता के साथ दीर्घकालिक व्यवस्था पर विचार कर रही है। सूत्र ने बताया कि सरकार इसी तरह की व्यवस्था के लिए खुदरा श्रृंखला डीमार्ट और अन्य किराना खुदरा विक्रेताओं के साथ भी बातचीत शुरू करने पर विचार कर रही है। रिलायंस ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की, जबकि डीमार्ट की मूल कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स ने टिप्पणी के लिए भेजे ईमेल का तुरंत जवाब नहीं दिया। भारत ब्रांड के तहत सरकार रियायती कीमत पर खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुएं लोगों को उपलब्ध कराती है। रिलायंस के स्टोर सरकार ने 2023 में लोगों को महंगाई से राहत देने के लिए भारत आटा, भारत दाल और भारत चावल लॉन्च किया था। यह योजना खासकर उन लोगों के लिए है जो गरीबी रेखा से नीचे नहीं हैं। इसलिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त अनाज के पात्र नहीं हैं। भारत-ब्रांडेड उत्पाद वर्तमान में भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ और नेफेड द्वारा अपने आउटलेट और मोबाइल स्टोर सहित केंद्रीय भंडार के माध्यम से बेचे जाते हैं। सूत्र ने बताया कि एक बड़े खुदरा विक्रेता के साथ गठजोड़ करने से भारत ब्रांड के उत्पादों की पहुंच बढ़ेगी, जिससे वे अधिक लोगों तक पहुंच सकेंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज की खुदरा कंपनी रिलायंस रिटेल देश में 2,700 से अधिक किराना स्टोर संचालित करती है। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार इन स्टोर्स में ताजे फल और सब्जियां, डेयरी और अनाज से लेकर मसाले, प्रसंस्कृत खाद्य और पेय पदार्थ और घरेलू और व्यक्तिगत देखभाल उत्पाद बेचे जाते हैं। बढ़ गई कीमत इस बीच सरकार ने भारत ब्रांड आटा, चावल और दाल की कीमतों में इजाफा किया है। सूत्रों के मुताबिक 10 किलो का भारत आटा अब 300 रुपये में मिलेगा जबकि 10 किलो भारत चावल की कीमत 340 रुपये होगी। इसी तरह चना दाल की कीमत भी बढ़ा दी गई है। पहले 10 किलो आटे की कीमत 275 रुपये थी जबकि 10 किलो चावल 290 रुपये में मिलता था। इसी तरह भारत ब्रांड की एक किलो चना दाल 60 रुपये में मिलती थी। इसी कीमत अब 70 रुपये कर दी गई है।

वाइब्रेंट विंध्य: रीवा में प्रदेश की 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव

विंध्य क्षेत्र को निवेश और औद्योगिक केन्द्र के रूप में करेंगे स्थापित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  औद्योगिक परिदृश्य को सशक्त बनाने रीवा में प्रदेश की पांचवीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आज  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाइब्रेंट विंध्य: रीवा में प्रदेश की 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज 23 अक्टूबर को रीवा में प्रदेश की पांचवीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य विंध्य क्षेत्र को निवेश और औद्योगिक अवसरों के केंद्र के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 को ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ घोषित किया गया है। इसके दृष्टिगत प्रदेश में हुई आरआईसी को एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। रीवा स्थित कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में होने वाली कॉन्क्लेव में 4 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें 50 से अधिक प्रमुख निवेशक और 3 हजार से अधिक एमएसएमई उद्यमी शामिल होंगे। सम्मेलन का मुख्य फोकस राज्य के प्रमुख क्षेत्रों— ऊर्जा, खनन, कृषि, डेयरी, खाद्य प्र-संस्करण, पर्यटन एवं हस्तशिल्प में निवेश को प्रोत्साहित करने पर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल का उद्देश्य राज्य में निवेशकों और उद्यमियों के बीच एक सार्थक संवाद स्थापित करना है, जिससे औद्योगिक विकास के नए द्वार खुलेंगे। प्रेजेन्टेशन के साथ राउंडटेबल और सेक्टोरल-सत्र कॉन्क्लेव में राज्य सरकार के विभिन्न विभाग औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, एमएसएमई, आईटी, खनन, ऊर्जा और पर्यटन विभागों द्वारा प्रमुख प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके अलावा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा पर एक विशेष राउंडटेबल-सत्र भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें उद्योग के उभरते अवसरों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श होगा। चार सेक्टोरल-सत्र भी होंगे, जो एमएसएमई, स्टार्टअप्स, खनन एवं खनिज, पर्यटन और कुटीर उद्योगों में निवेश अवसरों पर केंद्रित होंगे। वन-टू-वन बैठकें और भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव से 20 से अधिक निवेशक वन-टू-वन बैठक करेंगे, जिससे सरकार और निवेशकों के बीच सीधा संवाद स्थापित हो सकेगा। साथ ही, मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा रीवा आईटी पार्क और चुरहटा औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत उपकेंद्र सहित 20 से अधिक औद्योगिक प्रतिष्ठानों का वर्चुअल भूमिपूजन किया जाएगा। इसके अलावा, 80 से अधिक निवेशकों को भूमि आवंटन पत्र भी वितरित किए जाएंगे, जो प्रदेश में निवेश की प्रक्रिया को और सरल बनाएंगे। ओडीओपी और जी-2-सी प्रदर्शनी स्टॉल कॉन्क्लेव में ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) और जी-2-सी (सरकार से नागरिक) स्टॉल भी स्थापित किए जाएंगे। इनमें एमपी इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन, एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन, डायरेक्टोरेट ऑफ़ फ़ॉरेन ट्रेड, कस्टम विभाग, ईसीजीसी लिमिटेड, फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एक्सपोर्ट और हस्तशिल्प विकास निगम सहित 16 से अधिक विभाग और संस्थान शामिल होंगे। यह प्रदर्शनी उद्यमियों को सरकारी योजनाओं और नीतियों की विस्तृत जानकारी प्रदान करेगी, जिससे वे अपने व्यावसायिक निर्णयों को प्रभावी ढंग से ले सकेंगे। व्यापारिक प्रोत्साहन और अवसर कॉन्क्लेव का उद्देश्य न केवल व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा देना है, बल्कि निवेशकों और उद्यमियों के लिए राज्य में उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को और आसान बनाना है। बिज़नेस प्रमोशन सेंटर के अंतर्गत, विभिन्न ट्रेड एसोसिएशन और सरकारी विभागों के प्रतिनिधि व्यापारिक संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा करेंगे। एमपी इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआईडीसी) द्वारा व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए नवीनतम नीतियों और योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। नवकरणीय ऊर्जा पर राउंड टेबल सत्र और सेक्टोरल-सत्र कॉन्क्लेव में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा पर एक विशेष राउंड टेबल-सत्र होगा, जिसमें उद्योग जगत के विशेषज्ञ पर्यावरणीय संतुलन और औद्योगिक विकास पर चर्चा करेंगे। साथ ही, चार थीमेटिक-सत्रों के माध्यम से एमएसएमई, स्टार्टअप्स, खनन, पर्यटन और कुटीर उद्योगों में उभरते अवसरों पर विचार-विमर्श होगा। वाइब्रेंट विंध्य: औद्योगिक विकास की नई दिशा रीवा में होने वाली कॉन्क्लेव विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करना है, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश को एक औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। ‘इन्वेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025’ के लिए जारी किए गए विशेष आमंत्रण के साथ, यह सम्मेलन राज्य के आर्थिक विकास और निवेश के लिए नए अवसरों का द्वार खोलने में सहायक सिद्ध होगा। वाइब्रेंट विंध्य का यह आयोजन न केवल विंध्य क्षेत्र, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को एक नई दिशा देने का कार्य करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नेतृत्व में प्रदेश सरकार के समर्पण और प्रयासों से राज्य जल्द ही एक औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरने की राह पर अग्रसर है।  

चक्रवाती तूफान ‘दाना’ 24 अक्टूबर की रात को ओडिशा के तट के पास पहुंचेगा

कोलकाता पश्चिम बंगाल में चक्रवात और तूफान की आशंका के बीच भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी जारी की है कि चक्रवाती तूफान ‘दाना’ बंगाल के कई जिलों में विकराल रूप लेगा। यह तूफान 24 अक्टूबर की रात से 25 अक्टूबर की सुबह के बीच ओडिशा तट को पार कर पश्चिम बंगाल के तट पर पहुंच सकता है। इस दौरान हवा की गति 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को दक्षिण अंडमान सागर में चक्रवात बन रहा है। यह चक्रवात मंगलवार तक बंगाल की खाड़ी के ऊपर विकसित हो गया । मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि यह 24 अक्टूबर की रात को ओडिशा के तट के पास पहुंचेगा। मौसम विभाग ने यह भी कहा कि बंगाल में होने वाली भव्य काली पूजा से पहले बंगाल में भयंकर आपदा आ सकती है। इसको लेकर बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिला प्रशासन ने तटीय इलाकों के सभी बीडीओ और एसडीओ के साथ बैठक की है, सभी जगहों पर राहत सामग्री का स्टॉक कर दिया गया है। तटीय इलाकों में निगरानी की जाएगी। इसके अलावा मछुआरों को गहरे समुद्र में आगे जाने से रोकने के लिए चेतावनी जारी है। दूसरी ओर, राज्य के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में से एक दीघा के मौसम की स्थिति को देखते हुए पर्यटकों पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे या नहीं, इसकी जानकारी कल दी जाएगी। पूर्व मेदिनीपुर के जिलाधिकारी पूर्णेन्दु माजी ने कहा कि पूर्व मेदिनीपुर जिला प्रशासन हर तरफ से चक्रवात से निपटने के लिए तैयार है। इस दौरान ओडिशा और पश्चिम बंगाल के अलावा पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश और झारखंड के कई जिलों में भी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 23 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना में भारी बारिश का अनुमान जताया है। विभाग ने कहा कि 24 और 25 अक्टूबर को पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना और झारग्राम में एक या दो स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश के साथ, भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने यह भी कहा कि 24 और 25 अक्टूबर को कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, पुरुलिया और बांकुड़ा जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। ओडिशा: चक्रवाती तूफान ‘दाना’ गुरुवार को पुरी और सागर द्वीप समूह के बीच पहुंचेगा चक्रवाती तूफान ‘दाना’ के 24 अक्टूबर को उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों पर पुरी और सागर द्वीप समूह के बीच पहुंचने की आशंका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया, “उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए, यह 24 अक्टूबर की रात और 25 अक्टूबर की सुबह पुरी तथा सागर द्वीप के बीच उत्तरी ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल के तटों को एक गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में पार कर सकता है। इसके कारण हवा की रफ्तार 100 से 110 किमी प्रति घंटे से 120 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है।” आईएमडी ने 24 अक्टूबर को मयूरभंज, बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, जाजपुर, कटक जिलों में अलग-अलग जगहों पर 20 सेमी से अधिक भारी बारिश होने की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट भी जारी किया है। इसी तरह, 24 अक्टूबर को पुरी, गंजम, खोरधा, नयागढ़, क्योंझर, अंगुल और ढेंकनाल जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच, 25 अक्टूबर को उत्तर ओडिशा के क्योंझर, भद्रक, बालासोर और मयूरभंज जैसे जिलों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने का रेड अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी ने जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, कटक, जाजपुर, ढेंकनाल, अंगुल, देवगढ़, सुंदरगढ़ सहित जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के संबंध में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी जारी की है। आईएमडी ने अचानक बाढ़, निचले इलाकों और कृषि क्षेत्रों में जलभराव, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कों को संभावित नुकसान और कमजोर घरों की दीवारें गिरने की भी चेतावनी दी है। ओडिशा के राजस्व मंत्री पुजारी ने कहा कि राज्य सरकार संभावित चक्रवाती तूफान का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने लोगों से नहीं घबराने की अपील की है। मंत्री ने कहा, “सभी जिलों के कलेक्टरों को संभावित चक्रवाती तूफान के प्रति सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।”      

प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के आयोजन को लेकर पूरे शहर, आस-पास एवं मेला क्षेत्र में कई निर्माण कार्य चल रहे

महाकुंभ 2025 के निर्माण कार्यों से बढ़ी प्रयागराज में होटल और होम स्टे की मांग Mahakumbh 2025 :प्रयागराज में न केवल संगम क्षेत्र बल्कि पूरे शहर में निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के आयोजन को लेकर पूरे शहर, आस-पास एवं मेला क्षेत्र में कई निर्माण कार्य चल रहे प्रयागराज  सनातन आस्था के सबसे बड़े आयोजन महाकुंभ 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में दिव्य, भव्य, नव्य और ग्रीन बनाने के कार्य प्रयागराज में जोर-शोर से चल रहे हैं। प्रयागराज में न केवल संगम क्षेत्र बल्कि पूरे शहर में निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। शहर में सड़कों, चौराहों, फ्लाईओवर, पार्कों और होटलों का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य हो रहा है। इसके चलते शहर में पिछले कुछ महीनों से कई राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय कंस्ट्रक्शन कंपनियां डेरा जमाए हुए हैं। इन कंपनियों के इंजीनियर, अधिकारियों और कर्मचारियों के शहर में ठहरने की जरूरत ने प्रयागराज निवासियों, होटल और मकान मालिकों को आय का नया स्रोत प्रदान किया है। प्रयागराजवासी महाकुंभ 2025 के आयोजन को लेकर आशान्वित और उत्साहित हैं। प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के आयोजन को लेकर पूरे शहर, आस-पास एवं मेला क्षेत्र में कई निर्माण कार्य चल रहे हैं। सीएम योगी के निर्देश के अनुरूप सभी निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के कार्य 15 दिसंबर तक पूरे किए जाने हैं। कई सरकारी और निजी कंस्ट्रक्शन कंपनियां शहर में अपने प्रोजेक्टस तेजी से पूरे करने में जुटी हैं। इसके चलते इन कंपनियों के अधिकारियों और कर्मचारियों को शहर में ठहरने के लिए किराए के मकान, होटल और होम स्टे की जरूरत पड़ रही है। इन अधिकारियों और कर्मचारियों की जरूरत के मुताबिक शहर में वेल फर्निश्ड, नॉन फर्निश्ड मकानों की मांग बढ़ी है। प्रयागराज के प्रापर्टी डीलरों का कहना है कि बड़ी संख्या में उनके पास क्वेरी आ रही हैं। इसके दृष्टिगत कई मकान मालिक अपने खाली पड़े कमरों और मकानों को होम स्टे में बदल रहे हैं। जहां लोगों को रहने, खाने और अन्य दैनिक जरूरतों की सुविधाएं भी दी जा रही हैं। इसके साथ ही, रेस्टोरेंट्स और टिफिन संचालकों की भी आमदनी बढ़ी है। प्रयागराज होटल्स और रेस्टोरेंट्स ओनर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट हरजिंदर सिंह का कहना है कि महाकुंभ 2025 को लेकर शहर के सभी होटल्स व रेस्टोरेंट संचालक उत्साहित हैं। वो अपने-अपने होटल्स और रेस्टोरेंट में महाकुंभ के मुताबिक सुविधाओं का निर्माण करा रहे हैं। शहर के होटल्स में कई नेशनल और मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए कमरे बुक हैं और उनके कई अधिकारी पिछले कई दिनों से उनमें रह भी रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अभी से कई श्रद्धालु और पर्यटक महाकुंभ के दिनों के लिए इनक्वायरी और एडवांस बुकिंग भी करा रहे हैं। महाकुंभ 2025 का दिव्य, भव्य, नव्य आयोजन प्रयागराज वासियों के लिए उमंग, उत्साह के साथ-साथ आय के नए स्रोत भी पैदा कर रहा है।    

सीएम ने कहा हमने रेशम उत्पादन को 84 गुना बढ़ाने में सफलता प्राप्त की, UP जल्द ही देश में अग्रणी राज्यों में गिना जाएगा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रेडीमेड गारमेंट्स में दुनिया के छोटे-छोटे देशों की धमक है। जिन लोगों के पास संसाधन कम और संभावनाएं न के बराबर हैं, वे आगे बढ़ चुके हैं। हमारे पास संभावना और संसाधन भी है। काम चाहने वाली आधी आबादी के बड़े तबके को रेशम उत्पादन, प्रोसेसिंग, रेडीमेड गारमेंट, डिजाइनिंग, मार्केटिंग, पैकेजिंग के साथ जोड़ लें तो दुनिया में रेडीमेड गारमेंट में धमक बनाने वाले देशों का स्थान उत्तर प्रदेश और भारत ले सकता है। इस संभावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार के द्वारा उठाए गए कदमों का लाभ लेना चाहिए। सीएम ने कहा कि हमने रेशम उत्पादन को 84 गुना बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है। वह समय जरूर आ सकता है, जब यूपी का किसान रेशम उत्पादन में देश में अग्रणी राज्यों में गिना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 से 28 अक्टूबर तक चलने वाले सिल्क एक्सपो का  इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उद्घाटन किया। सीएम ने रेशम मित्र पत्रिका का विमोचन किया और 16 कृषकों,उद्यमियों, संस्थाओं व डिजाइनरों को पं. दीनदयाल उपाध्याय रेशम रत्न सम्मान प्रदान किया। सीएम ने यहां लगी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। सीएम योगी ने कहा कि 2017 में भाजपा सरकार आने के बाद प्रदेश ने परंपरागत उत्पाद को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने परंपरागत उत्पाद के लिए पॉलिसी बनाई। 75 जनपदों के लिए वहां के एक उत्पाद को चिह्नित करते हुए आगे बढ़ाया। यही कारण है कि 75 जनपद का यूनिक प्रोडक्ट है, जिसे हमने वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट कहा। ओडीपीओपी को सरकार ने मार्केट, डिजाइनिंग, पैकेजिंग से जोड़ा तो इससे रोजगार का सृजन हुआ और परंपरागत उत्पादों का एक्सपोर्ट भी प्रारंभ हुआ। यूपी के 75 जनपदों में 75 जीआई प्रोडक्ट हैं, जिन्हें देश के अंदर मान्यता प्राप्त हुई है। यह संभावना यूपी में हैं। वाराणसी, भदोही और मुबारकपुर की साड़ियों के माध्यम से भी यूपी के पोटेंशियल को बढ़ाने का अवसर प्राप्त होता है। सिल्क एक्सपो इस फील्ड में यूपी की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का माध्यम बने, इस पर हमें प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान का नारा सदैव से प्रचलित रहा है। जीव सृष्टि और किसी भी व्यक्ति के लिए हवा-पानी तो आवश्यक है ही, लेकिन रोटी, कपड़ा, मकान भी आवश्यक है। कपड़ा न सिर्फ जीवन की आवश्यकता है, बल्कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ ही रोजगार सृजन का भी सशक्त माध्यम भी है। रेशम, प्राचीन काल से ही इसकी अलग-अलग पद्धतियां रही हैं। 25 करोड़ की आबादी वाले यूपी में इस फील्ड में अनेक संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। यूपी ने पिछले कुछ समय में प्रगति की है। पहले की तुलना में यह संतोषजनक है, लेकिन अभी उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की दृष्टि से यह अपर्याप्त है। यहां अत्यंत संभावनाएं हैं। सीएम योगी ने कहा कि सभी को देखना चाहिए कि उत्तर प्रदेश के अंदर क्या संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। यूपी में वाराणसी, भदोही, आजमगढ़ से लेकर वाराणसी तक, चाहे वह मुबारकपुर की साड़ी हो या वाराणसी की। सिल्क कलस्टर विकसित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने इस दिशा में नए प्रयास को आगे बढ़ाया है। वाराणसी की सिल्क साड़ियां पूरे देश में हर मांगलिक कार्यक्रम के लिए पसंद बनती हैं। काशी विश्वनाथ धाम बढ़ने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ी संख्या ने इस व्यापार को नई ऊंचाई दी है। वाराणसी में एक्सपो मार्ट के माध्यम से ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर बनने के उपरांत इसमें काफी वृद्धि हुई है। सीएम ने कहा कि आजमगढ़ के मुबारकपुर के साड़ी उद्योग से जुड़े उद्यमियों, मिर्जापुर, वाराणसी और भदोही के सिल्क कलस्टर की प्रगति को देखकर लगता है कि इसमें बहुत गुंजाइश है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ-हरदोई बॉर्डर पर पीएम मित्र पार्क (टेक्सटाइल्स पार्क का वृहद रूप) आने जा रहा है। एक हजार एकड़ क्षेत्रफल में इसमें टेक्सटाइल्स से जुड़े अलग-अलग उद्योग लगने जा रहे हैं। यह यूपी की संभावनाओं को प्रदर्शित करने का माध्यम है, लेकिन रॉ मटेरियल हमें ही तैयार करना होगा। किसान यदि इस दिशा में आगे बढ़ते हैं तो प्रोत्साहन के लिए केंद्र सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चल रही हैं। विभाग इन योजनाओं के बारे में हर जनपद में संगोष्ठी, सेमिनार, प्रगतिशील किसानों के साथ संवाद करे और प्रोसेसिंग-ट्रेनिंग प्रोग्राम से जोड़े। केवल गोरखपुर मंडल ही नहीं, वाराणसी, मिर्जापुर, लखनऊ, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़ में भी संभावनाएं बढ़ेंगी। सीएम योगी ने कहा कि यूपी जैसे राज्य में 9 क्लाइमेटिक जोन हैं। इनमें अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग कृषि उत्पादों को विकसित करने और आगे बढ़ाने का अवसर होता है। यूपी के अंदर यह संभावनाएं बहुत अच्छी बन सकती हैं। वाराणसी-आजमगढ़ प्राचीन काल से ही रेशम उद्योग का कलस्टर रहा है। लोकल स्तर पर रेशम का उत्पादन, प्रोसेसिंग, आगे की प्रक्रिया के साथ वस्त्र उत्पादन से जोड़ें। रॉ मटेरियल सस्ता मिलता है तो स्वाभाविक रूप से लागत भी सस्ती आएगी। समाज-मार्केट की डिमांड के अनुरूप उत्पाद आसानी से लोगों को उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। सरकार इस दिशा में प्रशिक्षण से जोड़ने, रॉ मटेरियल-प्रोसेसिंग के लिए सहयोग, मार्केटिंग और डिजाइनिंग के साथ जोड़ने में मदद करेगी। सीएम योगी ने कहा कि प्राचीन काल से ही यूपी का किसान-उद्यमी इससे जुड़ा रहा है, लेकिन उन्हें पिछली सरकार का दंश झेलना पड़ा था। समय के अनुरूप उचित प्रोत्साहन, डिजाइनिंग, पैकेजिंग के साथ उन्हें नहीं जोड़ा गया। यह केवल सिल्क ही नहीं, बल्कि परंपरागत उत्पाद के प्रत्येक क्षेत्र में ऐसा होता था। भदोही में कॉरपेट, गोरखपुर में टेराकोटा उत्पाद मिलेगा। सबसे अधिक जीआई प्रोडक्ट वाराणसी में हैं। आगरा और कानपुर में चमड़ा उत्पाद, मुरादाबाद में पीतल उत्पाद, फिरोजाबाद में ग्लास, मेरठ में स्पोर्ट्स आइटम है यानी अलग-अलग जनपद के अलग-अलग उत्पाद यूपी के पोटेंशियल को देश-दुनिया के सामने रखता है। इसके माध्यम से यूपी परंपरागत उत्पादों के माध्यम से युवाओं-उद्यमियों को आगे बढ़ने का प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि यूपी के अंदर सिल्क के कलस्टर जिन क्षेत्रों में विकसित हो सकते हैं या जहां संभावनाएं बनी हुई हैं, वहां भी उसे तेजी के साथ बढ़ाने के लिए प्रयास प्रारंभ करना होगा। आवश्यकता पड़ने पर विभाग को अलग से भी ऐसे किसान, जो रेशम मित्र के … Read more

MI5 की चेतावनी रूस और ईरान मिलकर यूरोप समेत ब्रिटेन में अराजकता पैदा करने की कोशिशों में जुटे

लंदन ब्रिटिश सैन्य खुफिया एजेंसी MI5 ने चेतावनी जारी की है कि रूस और ईरान मिलकर यूरोप समेत ब्रिटेन में अराजकता पैदा करने की कोशिशों में जुटे हैं। MI5 एजेंसी के महानिदेशक केन मैक्कलम ने मंगलवार को कहा कि रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी GRU ब्रिटेन समेत यूरोप की सड़कों पर अराजकता पैदा करने के अपने मिशन पर निरंतर आगे बढ़ती जा रही है और इस मिशन के तहत आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा की अन्य घटनाओं को बढ़ावा दे रही है। केन मैक्कलम ने ये भी कहा है कि ईरान और रूस अब कुख्यात आतंकी संगठन ISIS और अलकायदा की मदद से आतंकवाद के बदलते स्वरूप का इस्तेमाल ब्रिटेन के खिलाफ करने लगे हैं और इसके तहत बच्चों और किशोरों को इंटरनेट के जरिए निशाना बनाया जा रहा है। MI5 की हालिया जांचों में से एक तिहाई से अधिक में ISIS और अलकायदा समेत अन्य विदेशी आतंकवादी समूहों से संबंधित जांच शामिल है। CNN की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एजेंसी के महानिदेशक केन मैक्कलम ने लंदन में एक भाषण में कहा, “ISIS ने आतंकवादी घटनाओं को फिर से अंजाम देना शुरू कर दिया है और ऐसे आतंकवादी घटनाओं में शामिल होने वाले आठ में से एक से ज्यादा लोग नाबालिग हैं।” मैक्कलम ने कहा कि यह 2021 के बाद से तीन गुना ज्यादा है। मैक्कलम का यह बयान रूस और ईरान द्वारा पोषित और प्रायोजित आतंक की घटनाओं के बढ़ते जोखिम, यूक्रेन-रूस युद्ध और मध्य पूर्व में कई मोर्चों पर छिड़े युद्धों के कारण वैश्विक सुरक्षा को प्रभावित करने के बारे में पश्चिमी देशों की चेतावनियों के बीच आया है। हालांकि, उन्होंने कहा, “हम इस जोखिम के प्रति पूरी तरह से सचेत हैं कि मध्य पूर्व में होने वाली घटनाएँ सीधे तौर पर ब्रिटेन में आतंकवादी कार्रवाई को बढ़ावा दे सकती हैं।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि पिछले एक-दो सालों में जब से यूक्रेन-रूस युद्ध और इजरायल-हमास युद्ध छिड़ा है, तब से सार्वजनिक घृणा अपराध में वृद्धि हुई है, लेकिन वह अभी तक आतंकवादी गतिविधि में तब्दील नहीं हुआ है। मैक्कलम ने संवाददाताओं को बताया कि ब्रिटिश एजेंसी का लगभग तीन-चौथाई काम इस्लामवादी चरमपंथ से निपटना रह गया है, जबकि एक चौथाई काम दूर-दराज के समूहों से संबंधित हैं। उन्होंने ये भी बताया कि MI5 और ब्रिटिश पुलिस ने 2022 की शुरुआत से अब तक ईरान समर्थित 20 आतंकी साजिशों को बेनकाब और नाकाम किया है। उन्होंने बताया कि ऐसी आतंकी साजिशों की वजह से ही पूरे यूरोप से यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से करीब 750 रूसी राजनयिकों को निष्कासित किया जा चुका है।

दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इंदौर कलेक्टर और निगम कमिश्नर को दिया सम्मान

इंदौर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा ‘5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार’ से पश्चिम जोन के अंतर्गत इंदौर को सर्वश्रेष्ठ जिले के तौर पर पुरस्कृत करने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि के लिए समस्त प्रदेशवासियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा है कि “मध्यप्रदेश पानी की एक-एक बूंद के उचित उपयोग एवं संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और ‘जल-संरक्षण’ की दिशा में निरंतर अपनी भूमिका का निर्वाह कर रहा है। आने वाली पीढ़ी के लिए अपनी नैतिक जिम्मेदारी को भली-भाँति समझते हुए हमने प्रदेश में जल-संरचनाओं का जाल बिछाया है, पुरानी जल-संरचनाओं का नवीनीकरण किया है और सिंचाई क्षमता को बढ़ाने का लगातार प्रयत्न किया जा रहा है। कलेक्टर इंदौर आशीष ने प्राप्त किया पुरस्कार : विज्ञान भवन दिल्ली में हुआ कार्यक्रम उल्लेखनीय है कि इंदौर जिले को जल-संचयन और जल-संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान के लिए पश्चिम क्षेत्र  के सर्वश्रेष्ठ जिले का राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में हुए 5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार-2023 समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यह पुरस्कार प्रदान किया। कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और राज्यमंत्री वी. सोमन्ना भी उपस्थित थे। पुरस्कार इंदौर के कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा तथा जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन ने ग्रहण किया। नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में किए गए कई कार्य इंदौर जिले में जल-संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं। जिले में अजनार, बालम, चोरल, कराम, मोरल और पातालपानी नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में विभिन्न कार्य किए गए हैं, जिनमें 366 पौध-रोपण कार्य, 216 जल-संचयन कार्य, 60 रिचार्ज संरचनाएं, 90 वाटरशेड उपचार कार्य और 814 जल और मिट्टी संरक्षण कार्य शामिल हैं। इसके अलावा  बालम नदी के जलग्रह-क्षेत्र में 5 अमृत सरोवर, 4 फार्म पॉन्ड, 5 चेक डैम और 30 गेबियन जाल संरचनाएं बनाई गई हैं। पुराने तालाबों का भी किया गया जीर्णोद्धार जल-संचयन के प्रयासों के अंतर्गत नाला ट्रेंचिंग (गहरीकरण) के लगभग 420 कार्य किए गए हैं, जिससे जल स्तर में वृद्धि हुई है। पुष्कर धरोहर समृद्धि अभियान के तहत 462 पुरानी संरचनाएं जैसे- तालाब, चेक डैम और स्टॉप डैम का जीर्णोद्धार किया गया है, जिससे जल-भंडारण क्षमता में 16 लाख घन मीटर की वृद्धि हुई है और 1500 हेक्टेयर कृषि भूमि के लिए अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध हुई है। एक लाख घरों की छतों पर नागरिकों ने लगाई वर्षा जल संचयन प्रणाली जिले में वृहद स्तर पर जल-संचयन संरचनाएं भी निर्मित की गयी हैं, जिसमे 420 फार्म पॉन्ड, 180 पेरकोलेशन टैंक, 100 निस्तारी टैंक और 190 चेक डैम शामिल हैं। इससे जिले में जल-भंडारण क्षमता में 30 लाख घन मीटर की वृद्धि हुई है। लगभग 25 हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्र को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों के तहत लाया गया है, जिससे जिले के लगभग 16 हजार किसान लाभान्वित हुए हैं। जिले में एक लाख घरों की छतों पर नागरिकों द्वारा अपने खर्च पर ही वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित की गई हैं और 10 स्थानों पर पीज़ोमीटर लगाए गए हैं, जिससे जल स्तर का मूल्यांकन किया जा सके। हरियाली महोत्सव के दौरान 20 लाख पौधे लगाए गए और इंदौर शहरी क्षेत्र में 2 लाख 55 हजार पौधे लगाए गए हैं। राष्ट्रीय जल पुरस्कारों का उद्देश्य पानी के महत्व के बारे में जागरूकता उत्पन्न करना और स्वच्छ जल के उपयोग के सर्वोत्तम प्रचलन अपनाने के लिए प्रेरित करना है। 5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ राज्य, सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय, सर्वश्रेष्ठ स्कूल या कॉलेज, सर्वश्रेष्ठ उद्योग, सर्वश्रेष्ठ जल उपयोगकर्ता संघ, सर्वश्रेष्ठ संस्थान और सर्वश्रेष्ठ नागरिक समाज सहित 9 श्रेणियों में संयुक्त विजेताओं सहित 38 विजेताओं को पुरस्कृत किया गया है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, 40 प्राइवेट अस्पतालों में करा सकेंगे मुफ्त इलाज, सरकार ने बढ़ाई लिस्ट, ये हैं हॉस्पिटल

नई दिल्ली  केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। सरकार नें CGHS और ECHS की सर्विस का दायरा बढ़ा दिया है। अब केंद्रीय कर्मचारी 40 प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटर में अपना इलाज करा सकते हैं। सरकार नें अपनी लिस्ट में 40 अस्पतालों को शामिल कर लिया है। इन सभी अस्पतालों की रेट लिस्ट भी CGHS और ECHS के तहते आने वाले कर्मचारियों के लिए ने के बराबर होगी। साथ ही जो इलाज में खर्च होगा वह बाद में सरकार देगी। हाल ही में एक्स-सर्विसमेन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ECHS) ने 40 प्राइवेट अस्पतालों, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटरों को अपने पैनल में शामिल किया है। यह फैसला हाल में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में लिया गया। CGHS और ECHS के लिए शामिल किये 40 नए प्राइवेट अस्पताल ECHS के मैनेजिंग डायरेक्टर को इस पैनल में शामिल किए गए नए अस्पतालों की लिस्ट के बारे में औपचारिक आदेश मिला है। यह प्रोसेस रक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत की गया है, जिसके अनुसार ECHS लाभार्थियों को अस्पताल और इलाज की सर्विस दी जाएगी। अब ECHS की गिनती में 40 प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटर शामिल किये गए हैं। सभी कर्मचारी करा पाएंगे कम रेट में इलाज सभी पैनल में शामिल अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों को रक्षा मंत्रालय की तय की शर्तों का पालन करना होगा, जिसमें सर्विस की दरें भी शामिल हैं। इलाज का रेट लिस्ट समिति की पास की दरों दरों के अनुसार होगा। साथ ही CGHS (सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) दरों के साथ समायोजित की जाएंगी। यानी, CGHS कर्मचारियों का जिस रेट पर प्राइवेट अस्पतलाओं में इलाज होता है, उसी रेट पर ECHS के तहत आने वाले कर्मचारी भी इलाज करा पाएंगे। ये 40 अस्पतालों की लिस्ट CGHS में भी शामिल की गई है। अस्पतालों की लिस्ट इसके अतिरिक्त जो अस्पताल पहले से ही CGHS के साथ पैनल में शामिल हैं, उन्हें ECHS के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करते समय अपनी CGHS स्थिति का सर्टिफिकेश देना होगा। CGHS पैनल वाले अस्पतालों की स्थिति तब तक वैलिड रहेगी जब तक उनकी CGHS मान्यता एक्टिव है, और उनके समझौते का रिन्यू भी हो सकता है। NABH यानीनेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स से मान्यता प्राप्त सुर्विस को भी ECHS के साथ पैनल में शामिल किया जाएगा, जो उनके NABH सर्टिफिकेशन की पीरियड तक वैलिड रहेगी। यह कदम ECHS सदस्यों को अधिक सुविधाएं और बेहतर स्वास्थ्य सर्विस देने की दिशा में उठया अहम कदम है। CGHS और ECHS में क्या है अंतर CGHS और ECHS दोनों ही भारत सरकार की स्वास्थ्य योजनाएं हैं, लेकिन ये अलग-अलग समूहों को सर्विस देती है। CGHS केंद्र सरकार के कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए है, जबकि ECHS सेना के रिटायर कर्मियों और उनके आश्रितों के लिए है। ECHS के पास CGHS की तुलना में अधिक पैनल वाले अस्पताल हैं, जिसमें दूरदराज के एरिया के अस्पताल भी शामिल हैं।

23 अक्टूबर को रीवा में 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और उनके सतत प्रयासों से मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है। चार संभागों में सफल आरआईसी के बाद 23 अक्टूबर 2024 को रीवा में 5वीं आरआईसी आयोजित की जा रही है, जिसमें “वाइब्रेंट विंध्य” बायर-सेलर मीट होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विजन राज्य में संतुलित और समान आर्थिक विकास को मजबूती प्रदान करना है। आरआईसी के माध्यम से प्रदेश औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहा है। रीवा में होने वाली आरआईसी इसमें महत्वपूर्ण योगदान देगी। रीवा में बायर-सेलर मीट: व्यापारिक अवसरों को नई दिशा रीवा में होने वाली बायर-सेलर मीट विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी। इस मीट में 2500 से अधिक उद्यमी शामिल होंगे। यह आयोजन न केवल व्यावसायिक साझेदारियों को बढ़ावा देने का मंच है, बल्कि विभिन्न राज्यों के उद्यमियों के बीच महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। व्यावसायिक साझेदारियों के लिए बैठकें इस मीट का प्रमुख आकर्षण व्यावसायिक साझेदारियों के लिए बैठकें हैं। जहां विंध्य क्षेत्र के स्थानीय उद्यमी और बाहरी राज्यों के उद्यमी बिज़नेस अपॉर्चूनिटीज़ पर चर्चा कर करेंगे। इसमें विचारों का आदान-प्रदान होगा और व्यवसाय के नए रास्ते खुलेंगे। राज्य स्तर पर भागीदारी इस बायर-सेलर मीट में 10 से अधिक राज्य उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और हरियाणा से उद्यमी शामिल होंगे। यह विविधता न केवल मौके को और रोचक बनाएगी, बल्कि व्यावसायिक नेटवर्क को भी मजबूत करेगी। स्थानीय उद्यमियों के लिए अवसर स्थानीय उद्यमियों को बाहरी राज्यों के उद्यमियों से सीधे मिलकर व्यापारिक अवसरों पर चर्चा करने का मौका मिलेगा। यह मंच न केवल नई व्यापारिक संभावनाओं को उजागर करेगा, बल्कि क्षेत्रीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी सहायक होगा। अपनी सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध विंध्य अब व्यावसायिक अवसरों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। यह बायर-सेलर मीट स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को नए बाजारों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण मंच साबित होगी, जिससे व्यापारिक संभावनाएँ और मजबूत होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और नए निवेशकों को आकर्षित करने में सहायता मिलेगी। मेहमान बघेलखंड के पारंपरिक व्यंजनों का लेंगे आनंद रीवा में 23 अक्टूबर को होने जा रही कॉन्क्लेव की एक विशेषता होगी, जिसमें विंध्य क्षेत्र की समृद्ध और पारंपरिक खाद्य संस्कृति से प्रतिनिधियों को परिचय कराया जायेगा। बघेलखंड के विशिष्ट व्यंजनों का स्वाद लेकर मेहमान स्थानीय स्वाद का आनंद उठाएंगे, जो न केवल स्वादिष्ट, बल्कि अत्यधिक पौष्टिक भी होंगे।

JPC की मीटिंग, BJP-TMC सांसद में जोरदार बहस, विपक्ष की हिस्सेदारी पर विवाद बढ़ा तो कांच की बोतल पटकी

 नई दिल्ली वक्फ बिल को लेकर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक में तृणमूल कांग्रेस नेता कल्याण बनर्जी और बीजेपी सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय के बीच झड़प हो गई. इस झड़प में कल्याण बनर्जी चोटिल हो गए हैं. जेपीसी की बैठक में दोनों नेताओं के बीच हुई तीखी झड़प के दौरान कल्याण बनर्जी ने पानी की कांच की बोतल फोड़ दी, जिससे उनके हाथ में चोट लग गई. इससे उनके हाथ में चार टांके लगे हैं. JPC मीटिंग में बोतल तोड़ने वाले TMC सांसद पर ऐक्शन, हुए सस्पेंड वक्फ बिल पर हुई संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की बैठक के दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता और पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर से सांसद कल्याण बनर्जी और भाजपा नेता अभिजीत गंगोपाध्याय के बीच तीखी बहस के बाद बैठक में हंगामा मच गया। इस दौरान कल्याण बनर्जी ने गुस्से में एक कांच की पानी की बोतल तोड़ दी, जिससे उनकी खुद की उंगली घायल हो गई। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी को इस अनियंत्रित आचरण के लिए वक्फ बिल पर जेपीसी से एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया है। इस झड़प की वजह से बैठक को थोड़ी देर के लिए रोक दिया गया. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कल्याण बनर्जी ने अचानक से बोतल उठाई और मेज पर फोड़ दी. इससे उन्हें खुद चोट लग गई. यह बैठक संसद परिसर में हुई थी. जेपीसी बैठक में क्या हुआ था? सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में कई रिटायर्ड जज, वरिष्ठ अधिवक्ता और बुद्धिजीवी मौजूद थे. इस बीच अचानक से कल्याण बनर्जी उठकर बोलने लगे. वह इससे पहले भी बैठक में कई बार बोल चुके थे. लेकिन इस बार जब वह बीच में बोलने लगे तो अभिजीत गंगोपाध्याय ने आपत्ति जताई. सूत्रों का कहना है कि जब अभिजीत गंगोपाध्याय ने आपत्ति जताई तो कल्याण बनर्जी ने उनके खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. इस बीच दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया और गुस्से में कल्याण बनर्जी ने कांच की बोतल उठाकर मेज पर पटक दी, जिससे वह चोटिल हो गए. पहले भी हो चुका है हंगामा वक्फ बिल पर जेपीसी की बैठक में हंगामा होता रहा है. पिछले हफ्ते भी जमकर हंगामा हुआ था, जिसके बाद विपक्षी सांसदों ने वॉकआउट कर दिया था. जानकारी के अनुसार, विपक्षी सांसदों ने भाजपा सांसदों पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. विपक्षी सांसदों का आरोप है कि इस दौरान समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने भी बीजेपी सांसदों पर कोई एक्शन नहीं लिया. वहीं, भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया कि अभद्र भाषा का इस्तेमाल विपक्षी सांसदों की ओर से किया गया झड़प के दौरान कांच की बोतल टूटी सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान बहस अचानक तीखी हो गई और दोनों सांसदों के बीच शब्दों का आदान-प्रदान गरम हो गया। इस बीच, कल्याण बनर्जी ने गुस्से में एक कांच की पानी की बोतल उठाकर उसे मेज पर तोड़ दिया। बोतल टूटने से उनके हाथ में चोट आई, जिसके चलते तुरंत उन्हें चिकित्सा सहायता दी गई और चार टांके लगाए गए। इस घटना ने बैठक में हड़कंप मचा दिया और कुछ समय के लिए बैठक स्थगित करनी पड़ी। बैठक के दौरान तनाव बढ़ा वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान दोनों नेताओं के बीच मतभेद पहले से ही गहरा रहे थे। बहस के दौरान अचानक विवाद इतना बढ़ गया कि यह शारीरिक झड़प में बदल गया। बैठक में मौजूद अन्य सदस्यों ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत किया। हालांकि, इस झड़प ने बैठक के एजेंडे को प्रभावित किया और कार्यवाही को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या कहा? प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना अचानक हुई। कल्याण बनर्जी ने गुस्से में आकर पानी की बोतल उठाई और उसे टेबल पर पटक दिया, जिससे कांच के टुकड़े उनके हाथ में लग गए। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत उनकी मदद की और उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया। इस घटना के बाद बैठक की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया और सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाए गए। जानें, बैठक में झड़प की वजह वक्फ बिल पर पहले से ही दोनों पक्षों के बीच गहरी असहमति थी। बीजेपी सांसद अभिजीत गांगोपाध्याय और टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के बीच तीखी बहस ने इस झड़प को जन्म दिया। सूत्रों के अनुसार, बिल के कुछ प्रावधानों पर दोनों नेताओं की राय में बहुत बड़ा फर्क था, जो अंततः झड़प का कारण बना। यह झड़प बिल के विभिन्न बिंदुओं पर गहरे मतभेदों को भी उजागर करती है। इलाज के बाद लौटे कल्याण बनर्जी चोट लगने के बाद, कल्याण बनर्जी को पास के अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनके हाथ पर चार टांके लगाए गए। इलाज के बाद उन्होंने बैठक में वापस लौटने की इच्छा जताई, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें आराम करने की सलाह दी गई। घटना के बाद, दोनों पक्षों के नेताओं ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन पार्टी के अन्य सदस्यों ने बताया कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। बैठक की कार्यवाही दोबारा शुरू घटना के कुछ समय बाद बैठक की कार्यवाही दोबारा शुरू की गई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बना रहा। इस घटना के बाद से सुरक्षा के अतिरिक्त उपाय किए गए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। वक्फ बिल पर चर्चा अभी भी जारी है और इसके भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में नया अध्याय लिखेगी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजनरी नेतृत्व में प्रदेश के समग्र विकास को मिल रही है नई दिशा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएँ : उप मुख्यमंत्री शुक्ल रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में नया अध्याय लिखेगी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएँ हैं और इसे साकार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (RIC) जैसे आयोजन आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं, क्योंकि यह क्षेत्रीय विशेषताओं के आधार पर निवेश संभावनाओं को प्रस्तुत कर औद्योगिक विकास में संतुलन लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व में यह पहल प्रदेश के समग्र विकास को एक नई दिशा प्रदान कर रही है। इसका पाँचवां संस्करण 23 अक्टूबर को रीवा में आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में सफलतापूर्वक कॉन्क्लेव आयोजित किए जा चुके हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की। विन्ध्य क्षेत्र निवेशकों के लिए आदर्श गंतव्य उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए आधुनिक और सशक्त इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, रेलवे और हवाई मार्ग का निरंतर विस्तार किया जा रहा है, जिससे यह क्षेत्र निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य बन गया है। क्षेत्र में सीमेंट, खनिज और सरप्लस पॉवर जैसी प्राकृतिक संपदाओं की प्रचुरता इसे औद्योगिक गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती हैं। 4 हज़ार से अधिक निवेशक करा चुके हैं पंजीयन उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में “ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस”, “सिंगल विंडो क्लीयरेंस” और औद्योगिक सहयोगी पहलों से निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बना है। इसी सकारात्मक माहौल के चलते अब तक 4,000 से अधिक निवेशकों ने रीवा में होने वाले इस कॉन्क्लेव के लिए पंजीकरण कराया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में उद्योगों के लिए 9,000 हेक्टेयर से अधिक का भूमि बैंक उपलब्ध है। इस कॉन्क्लेव में आईटी, पर्यटन, माइनिंग, एमएसएमई, कुटीर उद्योग, और कृषि क्षेत्र में निवेश पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विन्ध्य क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं, जिनका विकास प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्वास जताया कि यह कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय लिखेगी।  

25 अक्टूबर से 1400 से अधिक केन्द्रों पर होगा सोयाबीन का उपार्जन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जिले, तहसील, विकासखंड और संभागों के पुनर्गठन की प्रक्रिया की जा रही है आरंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन-प्रतिनिधि और आमजन से आमंत्रित हैं सुझाव विभागों में लगभग एक लाख पदों पर होंगी भर्तियां 11 विभाग समन्वित रूप से चलाएंगे रोजगार के लिए अभियान 25 अक्टूबर से 1400 से अधिक केन्द्रों पर होगा सोयाबीन का उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सड़कों के लिए प्रदेश को लगभग 30 हजार करोड़ की सौगात देने केन्द्रीय मंत्री गडकरी का माना आभार माईनिंग कॉन्क्लेव में 11 औद्योगिक घरानों से प्राप्त हुए 19 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा पर गौ-शालाओं में होंगे कार्यक्रम गोवंश की सेवा में बेहतर कार्य करने वालों को किया जाएगा पुरस्कृत मंत्रीगण गृह जिलों के कार्यक्रमों में होंगे शामिल शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को 28 अक्टूबर को मिलेगा वेतन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मार्च 2024 में प्रदेश की प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन का प्रस्ताव किया था। इस क्रम में प्रदेश के संभाग, उप संभाग, जिले, तहसील, विकासखंडों के पुनर्गठन की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। आमजन और जन-प्रतिनिधि अपने सुझाव, आवेदन और अभ्यावेदन के रूप में पुनर्गठन आयोग को प्रस्तुत कर सकेंगे। आवेदनों पर विचार के बाद अनुशंसाएं पुनर्गठन आयोग द्वारा राज्य शासन को प्रस्तुत की जाएंगी। नगरीय क्षेत्र की सीमाओं के प्रस्ताव भी आयोग को दिए जा सकेंगे। आयोग नवंबर माह से विभिन्न संभागों में अपने दौरे प्रारंभ करेगा, आवेदन अभ्यावेदन के लिए 4 से 6 माह तक का समय रहेगा। जन-सुविधा की दृष्टि से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, जिससे लोग सरलता से अपने सुझाव आयोग को पहुंचा सकें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह जानकारी मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में दी। मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे-मातरम गान के साथ मंत्रालय में आरंभ हुई। औद्योगिक इकाइयों के लिए उपलब्ध होगी स्किल्ड लेबर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रोजगार सृजन, राज्य सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में रोजगार के अधिक से अधिक अवसरों के सृजन के लिए 11 विभाग समन्वित रूप से प्रयास कर रहे हैं। उद्योग, एमएसएमई, कृषि -उद्यानिकी आदि विभागों के साथ तालमेल करते हुए अगले 4 साल में रोजगार के अवसरों के सृजन के लिए कार्य योजना बनाई जा रही है। प्रदेश में जारी इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव के परिणाम स्वरुप स्थापित हो रही औद्योगिक इकाइयों के लिए स्किल्ड लेबर उपलब्ध हो और प्रदेश के युवाओं को रोजगार भी मिले इस उद्देश्य से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग और लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया भी आरंभ की जा रही है। सभी विभागों में लगभग 1 लाख तक भर्तियां होंगी, जिसकी प्रक्रिया अभियान के रूप में आरंभ की जा रही हैं। सुखद है आमजन को 999 रूपए में विमान यात्रा का अवसर प्रदान करना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रीवा में प्रदेश के छठवें विमानतल का लोकार्पण करने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह बघेलखंड, बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे जन-सुविधा प्राप्त होने के साथ विकास की प्रक्रिया को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विमान सेवा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आमजन को 999 रूपए में विमान यात्रा का अवसर प्रदान करना सुखद है। इंदौर से उज्जैन के बीच भी 1500 रुपए में विमान यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने मंत्रीगण और जन-प्रतिनिधियों से प्रदेश में विमान सेवा को प्रोत्साहित करने की अपील करते हुए कहा कि इससे जन-सामान्य को विमान यात्रा का अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्राप्त होगा। 4892 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी पर होगा सोयाबीन का उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सोयाबीन उपार्जन 25 अक्टूबर से आरंभ हो रहा है, अब तक 3 लाख 44 हजार से अधिक किसानों द्वारा पंजीयन करवा लिया गया है। किसानों से 4892 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी पर सोयाबीन का उपार्जन 1400 से अधिक केन्द्रों पर आरंभ हो रहा है। उन्होंने सभी मंत्रीगण को उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दीपावली के दृष्टिगत प्रदेश के सभी अधिकारी-कर्मचारियों का वेतन आहरण 28 अक्टूबर को कर दिया जाएगा। खनन सामग्री पर आधारित निर्माण इकाइयों की प्रदेश में स्थापना को किया जाएगा प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में 19 अक्टूबर को भोपाल में इंडियन रोड कांग्रेस का शुभारंभ हुआ, जिसमें प्रदेश को 7 सड़कों के लिए 9390 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई। साथ ही 27 सड़कों के लिए 20 हजार 403 करोड़ रुपए की स्वीकृतियां केन्द्र सरकार से शीघ्र ही प्राप्त होने वाली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री गडकरी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में हुई माइनिंग कॉन्क्लेव में 11 औद्योगिक घरानों से प्रदेश में 19 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। प्रदेश में खनन प्रक्रिया में नवीनतम तकनीक का उपयोग करने और खनन सामग्री पर आधारित निर्माण इकाइयों की प्रदेश में स्थापना पर भी कॉन्क्लेव में विचार-विमर्श हुआ। दुग्ध उत्पादन की उन्नत तकनीकों पर दी जाएगी जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा के अवसर पर शासकीय तथा अनुदान प्राप्त गौ-शालाओं में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने सभी मंत्रियों को अपने-अपने गृह जिलों की गौ-शालाओं के कार्यक्रमों में शामिल होने के निर्देश दिए। इन कार्यक्रमों में गोवंश की सेवा में बेहतर कार्य करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही दुग्ध उत्पादन की उन्नत तकनीकों और विकास एवं जन-कल्याण के कार्यक्रमों तथा योजनाओं की जानकारी जन-सामान्य को प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में आश्रमों और साधु-संतों के अखाड़ों के लिए की जा रही नवीन व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी दी।  

1,11,11,111… कौन दे रहा लॉरेंस बिश्नोई के एनकाउंटर का इनाम? मचा हड़कंप

नईदिल्ली एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी (Baba Siddique) की हत्या और बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान (Salman Khan) को जान से मारने की धमकी के बाद से ही गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. अब इस बीच करणी सेना (Karni Sena) ने लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मी को 1,11,11,111/- रुपये (एक करोड़ ग्यारह लाख ग्यारह हजार ग्यारह सौ ग्यारह) पुरस्कार की घोषणा की है. बता दें कि करणी सेना के प्रमुख सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के मामले में भी बिश्नोई गैंग का नाम आया था. करणी सेना के अध्यक्ष ने जारी किया वीडियो करणी सेना अध्यक्ष के राज शेखावत का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मी को 1,11,11,111 रुपये देने का दावा किया है. उन्होंने कहा, ‘हमारे अनमोल रत्न एवं धरोहर अमर शहीद सुखदेव सिंह गोगामेड़ी जी के हत्यारे लॉरेंस बिस्नोई का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मी को क्षत्रिय करणी सेना 1,11,11,111/- रुपए (एक करोड़ ग्यारह लाख ग्यारह हजार ग्यारह सौ ग्यारह) प्रदान कर पुरस्कृत करेगी और उस बहादुर पुलिसकर्मी के परिवार की सुरक्षा एवं संपूर्ण व्यवस्थाओं का दायित्व भी हमारा ही रहेगा. जय मां करणी.’  लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल ड्रग तस्करी के एक मामले में गुजरात की साबरमती जेल में बंद है. आपको बताते चलें कि अप्रैल में मुंबई में सलमान खान के घर ग्लैक्सी के बाहर गोलीबारी, फिर एनसीपी नेता बाबा सिद्दकी की हत्या में उसका नाम सामने आया है. सोशल मीडिया पर अपलोड वीडियो में क्षत्रिय करणी सेना प्रमुख ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई ने हमारे अनमोल रत्न और विरासत अमर शहीद सुखदेव सिंह गोगामेड़ी जी का हत्यारा है. शेखावत ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा है, ‘क्षत्रिय करणी सेना की केंद्र सरकार मांग- जल्द से जल्द लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर करें।’ पिछले साल करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। 5 दिसंबर 2023 को राजस्थान के जयपुर में हमलावर उनके घर मुलाकात के बहाने से आए और बातचीत के बीच अचानक फायरिंग करके गोगामेड़ी की हत्या कर दी थी। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली थी। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अहम सदस्य गोल्डी बराड़ ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि गोगामेड़ी उनके कामकाज पर टांग अड़ा रहा था। 2-3 बार गोगामेड़ी को चेतावनी दी गई थी, लेकिन नहीं माना तो शूट कराना पड़ा। रोहित राठौड़ और नितिन फौजी नाम के दो शूटर्स ने गोगामेड़ी की हत्या की थी और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था। अब क्षत्रिय करणी सेना ने लॉरेंस बिश्नोई के एनकाउंटर की मांग की है। बिश्नोई अभी गुजरात की जेल में बंद है। बता दें कि करणी सेना के प्रमुख सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की 5 दिसंबर 2023 को जयपुर में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. कुछ घंटों के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने उनकी हत्या की जिम्मेदारी ली थी. बिश्नोई का मजबूत आपराधिक गैंग पूरे देश में सक्रिय है. सितंबर 2023 में गिरोह ने खालिस्तानी समर्थक सुखा दुनेके की हत्या की जिम्मेदारी ली थी.

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