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मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, लैंगिक अपराध से पीडितों को संरक्षण एवं वित्तीय सहायता की स्वीकृति

प्रदेश में संचालित 12,670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्रों में उन्नयन का निर्णय 12 हजार 670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्र में उन्नयन किये जाने का निर्णय लिया गया मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, लैंगिक अपराध से पीडितों को संरक्षण एवं वित्तीय सहायता की स्वीकृति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में वर्तमान में संचालित 12 हजार 670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्र में उन्नयन किये जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों में एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का प्रावधान है। निर्णय अनुसार इन मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों के उन्नयन के बाद एक पद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं एक पद आंगनवाड़ी सहायिका का होगा। उन्नयित 25 आंगनवाड़ी केन्द्रों पर एक पर्यवेक्षक के मान से कुल 476 पर्यवेक्षक के पद स्वीकृत किये गये। केन्द्र सरकार के निर्धारित मापदण्ड उन्नयित आंगनवाड़ी केन्द्रों पर लागू होंगे। मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्रों में उन्नयन किए जाने पर केन्द्रांश राशि रूपये 3401.90 लाख एवं राज्यांश राशि 17945.82 लाख होगा। इस प्रकार कुल राशि रूपये 21347.71 लाख अतिरिक्त वार्षिक व्यय भार आयेगा। लैंगिक अपराध से पीडितों को संरक्षण एवं वित्तीय सहायता की स्वीकृति मंत्रि-परिषद् द्वारा केन्द्र सरकार द्वारा संचालित मिशन वात्सल्य अंतर्गत बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (संशोधित 2019) की धारा 4 एवं 6 के तहत “Scheme for Care and Support to Victims under Section 4 & 6 of the Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act, 2012” को प्रदेश के 55 जिलों में लागू किया गया है। योजना का उद्देश्य 18 वर्ष तक लैंगिक अपराध से पीड़ितों को POCSO Act के अंतर्गत संरक्षण एवं भारत सरकार के निर्भया फण्ड से वितीय सहायता प्रदान करना एवं उनके सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करना है। निर्भया फण्ड से प्रत्येक जिले को 10 लाख रूपये आवंटित किये जायेंगे। लैंगिक अपराध से पीड़ितों को सहायता के लिए जिले आवश्यकता के अनुसार राशि का उपयोग कर सकेंगे। स्वास्थ्य संस्थाओं अंतर्गत 6388 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में स्वीकृत कुल 454 स्वास्थ्य संस्थाओं में कुल 6388 नवीन पदों (5936 नियमित एवं 452 संविदा) के सृजन की स्वीकृति दी। इसके अतिरिक्त 1589 आउट सोर्सिंग एजेन्सी से कार्य पर रखे जाने की स्वीकृति भी दी गई। पदों के सृजन पर होने वाले वार्षिक अनुमानित व्यय राशि 351 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। नवीन सृजित पदों का सृजन कर समस्त पदों को वर्ष 2024-25 में भरें जाने की स्वीकृति दी है। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद् द्वारा 1 जनवरी 2016 के पूर्व एवं 01/01/2016 को या इसके उपरांत सेवानिवृत्त विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स (सेवानिवृत्त अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी) को वित्त विभाग के परिपत्र अनुसार सातवें वेतनमान के अनुरूप पेंशन देने की स्वीकृति दी गई।  

‘सोने ‘ की कीमत ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड पर, पहली बार 80 हजार के पार पहूँचा Gold

इंदौर  शहर में सोने की कीमतें नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। सोमवार को यह पहली बार 80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गईं। शहर में सोने के दाम ₹250 प्रति 10 ग्राम और चांदी के दाम ₹700 प्रति किलोग्राम बढ़ गए। इस तेजी के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती, वैश्विक तनाव और त्योहारी मांग में वृद्धि जैसे कई कारण शामिल हैं। जल्द ही एक लाख पार हो जाएगी चांदी इंदौर में  24 कैरेट सोना ₹80,200 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹97,200 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। चांदी के सिक्के ₹950 में बिके। चांदी की कीमत भी बढ़कर ₹99,400 प्रति किलोग्राम हो गई है और जल्द ही ₹1,00,000 के स्तर को पार कर सकती है। सोने की कीमतों में उछाल की वजह सोने की कीमतों में यह उछाल कई कारणों से आया है, जिसमें सबसे प्रमुख है अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा COVID-19 महामारी के बाद पहली बार ब्याज दरों में 50 आधार अंकों की कटौती। इसने निवेशकों को सोने जैसे सुरक्षित ठिकानों की ओर आकर्षित किया है। इसके अलावा, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व में इज़राइल, हमास और हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्ष ने वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है, जिससे सोने की मांग और बढ़ गई है। अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से भी बढ़ी मांग अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के कमजोर होने से भी सोने की कीमतों को समर्थन मिला है। सोना और डॉलर के बीच उलटा संबंध होता है, यानी जब डॉलर कमजोर होता है, तो सोना मजबूत होता है। हाल ही में, भारत सरकार ने सोने पर सीमा शुल्क 15% से घटाकर 6% कर दिया था, जिससे घरेलू बाजार में सोने की मांग और बढ़ गई। पहली बार नहीं मना रिकॉर्ड इंदौर में यह पहली बार नहीं है जब सोने की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बनाया है। अप्रैल में, सोना पहली बार 75,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार गया था। हालाँकि, इसके बाद कीमतों में कुछ गिरावट आई, लेकिन यह गिरावट अस्थायी साबित हुई। इंदौर में पहली बार अप्रैल में 75 हजार पार हुआ था सोना इंदौर में सोना केडबरी रवा 17 अप्रैल को पहली बार 75 हजार के पार जाकर नकद में 75650 रुपए और सोना आरटीजीएस में 75800 रुपए प्रति दस ग्राम के भाव से बिका था। 5 दिन बाद सोने के भाव में गिरावट शुरू हुई थी और 22 अप्रैल को सोना 500 रुपए टूट कर 74 हजार 900 रुपए हो गया था। इसके बाद से ही सोने के भाव में तेजी-मंदी का दौर जारी है। 24 जुलाई को केंद्रीय बजट के बाद सोना 70 हजार 300 रुपए पर आ गया था। 3 महीने में 9 हजार 970 रुपए महंगा हुआ सोना इंदौर मे सोना पिछले 3 माह में ही 9 हजार 970 रुपए महंगा हो चुका है। केंद्र सरकार द्वारा कस्टम ड्यूटी घटाने के बाद 25 जुलाई को सोना 70 हजार 300 रुपए प्रति ग्राम के भाव पर बिका था। वहीं आज यानी 21 अक्टूबर को सोने का भाव 80 हजार 270 रुपए प्रति 10 ग्राम है। इस लिहाज से सोना पिछले 3 महीने में 9 हजार 970 रुपए महंगा हो गया है।

पुतिन से बोले PM मोदी, यूक्रेन संघर्ष सुलझाने में भारत पूरा सहयोग करने को है तैयार

कज़ान  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (22 अक्टूबर) को 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर कजान में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने कई अहम मुद्दों पर द्विपक्षीय बैठक की। पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि मैं आपकी मित्रता और गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आपका आभार व्यक्त करता हूं। इस शहर के साथ भारत के गहरे और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। कजान में भारत के नए कांसुलेट खुलने से ये संबंध और मजबूत होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 3 महीनों में मेरा दो बार रूस आना हमारे करीबी समन्वय और गहरी मित्रता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले एक वर्ष में BRICS की सफल आवश्यकता के लिए मैं आपको बधाई देता हूं। 15 वर्षों में BRICS ने अपनी विशेष पहचान बनाई है और अब विश्व के सफल देश इससे जुड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कल (23 अक्टूबर) मैं BRICS सम्मलेन में हिस्सा लेने के लिए उत्सुक हूं। बता दें कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 22 से 24 अक्टूबर तक रूस के शहर कजान में आयोजित किया जा रहा है। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने आगे कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष के विषय पर हम लगातार संपर्क रहे हैं। जैसा कि मैंने पहले कहा है, हमारा मानना ​​है कि समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम शांति और स्थिरता की जल्द से जल्द बहाली का पूरा समर्थन करते हैं। हमारे सभी प्रयास मानवता को प्राथमिकता देते हैं। भारत आने वाले समय में हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है। वहीं, इस दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि अंतर सरकारी आयोग की अगली बैठक 12 दिसंबर को नई दिल्ली में होने वाली है। हमारी परियोजनाएं लगातार विकसित हो रही हैं। उन्होंने पीएम मोदी ने कहा कि आपने कजान में भारतीय वाणिज्य दूतावास खोलने का फैसला किया है। हम इसका स्वागत करते हैं। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की नीतियों से हमारे सहयोग को फायदा होगा। हमें आपको और आपके प्रतिनिधिमंडल को रूस में देखकर बहुत खुशी हुई। इस दौरान पुतिन ने पीएम मोदी से कहा, “हमारे ऐसे रिश्ते हैं कि मुझे ऐसा लगा कि आपको किसी अनुवाद की जरूरत नहीं है।” पुतिन की बात पर पीएम मोदी ठहाका लगाकर हंसने लगे। पीएम मोदी का मेगा स्वागत प्रधानमंत्री मोदी 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए मंगलवार को कजान पहुंचे। पीएम मोदी ने मॉस्को से लगभग 900 किलोमीटर पूर्व में स्थित कजान की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना होने से पहले एक बयान जारी कर कहा कि भारत ब्रिक्स के भीतर करीबी सहयोग को महत्व देता है जो वैश्विक विकास एजेंडे से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत और चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साल नए सदस्यों को जोड़कर ब्रिक्स का विस्तार करने से इसकी समावेशिता बढ़ी है जिससे वैश्विक भलाई होगी। पीएम मोदी ने कहा कि वह शिखर सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा को लेकर आशान्वित हैं। रूस द्वारा आयोजित इस शिखर सम्मेलन को यूक्रेन में संघर्ष और पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात के बीच गैर-पश्चिमी देशों द्वारा अपनी ताकत दिखाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। पीएम मोदी के होटल पहुंचने पर भारतीय प्रवासियों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने भारतीय तिरंगा थामकर नारे लगाए और संस्कृत में एक स्वागत गीत गाया। पारंपरिक भारतीय परिधान पहने रूसी कलाकारों के एक समूह ने रूसी नृत्य प्रस्तुत किया, जिसे मोदी ने बड़ी दिलचस्पी से देखा। पीएम मोदी द्वारा ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) सम्मेलन से इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी बैठक सहित कई द्विपक्षीय बैठकें किए जाने की संभावना है। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स के मूल सदस्य हैं। इसमें अब मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को भी शामिल कर इस समूह का विस्तार किया गया है।

अध्यक्ष नड्डा ने मप्र भाजपा के ‘I am BJP Future Force’ अभियान की तारीफ की और उन्होंने अन्य राज्यों को भी इसे अपनाने को कहा

भोपाल मध्य प्रदेश भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करने के उद्देश्य से ‘आई एम बीजेपी फ्यूचर’ नामक अनूठे सदस्यता अभियान का आयोजन किया। इस अभियान की सफलता ने राष्ट्रीय स्तर पर भी पार्टी का ध्यान आकर्षित किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस अभियान की प्रशंसा की और कहा कि मध्य प्रदेश भाजपा ने प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। ‘आई एम बीजेपी फ्यूचर’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गैर-राजनीतिक युवाओं और प्रोफेशनल्स को पार्टी की विचारधारा से जोड़ना था। मध्य प्रदेश के भोपाल, जबलपुर, उज्जैन, और इंदौर में आयोजित इन कार्यक्रमों के जरिए 5000 से ज्यादा प्रोफेशनल्स ने भाजपा की सदस्यता ली। इस अनूठी पहल के तहत मध्य प्रदेश भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप एक सशक्त और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नड्डा ने की तारीफ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश भाजपा का यह कदम एक मिसाल है। प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करने में मध्यप्रदेश भाजपा अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सभी राज्यों को भी इस तरह के प्रोग्राम आयोजित करने चाहिए, ताकि युवा और प्रोफेशनल्स राजनीति में शामिल हो सकें और 2047 के विकसित भारत के सपने को साकार कर सकें। चार प्रमुख शहरों में सफलता का सफर भोपाल (5 अक्तूबर): सफल लांच भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित इस अभियान का लांच 5 अक्तूबर को हुआ, जहां 150 प्रोफेशनल्स ने भाजपा की सदस्यता ली। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने इस कार्यक्रम का नेतृत्व किया और पार्टी के मूल्यों व दृष्टिकोण को साझा किया। जबलपुर (11 अक्तूबर): जोश और उमंग जबलपुर में 11 अक्तूबर को 300 से अधिक प्रोफेशनल्स भाजपा से जुड़े। वीडी शर्मा ने इस अवसर पर कहा, “युवा प्रोफेशनल्स का जुड़ना पार्टी के लिए एक नई ऊर्जा का संचार है।” उज्जैन (13 अक्तूबर): मुख्यमंत्री का नेतृत्व उज्जैन में 13 अक्तूबर को 500 से अधिक प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस कार्यक्रम का नेतृत्व किया और प्रोफेशनल्स को भाजपा की विचारधारा से अवगत कराया। इंदौर (15 अक्तूबर): ग्रैंड फिनाले इंदौर में आयोजित ग्रैंड फिनाले में 1500 से अधिक प्रोफेशनल्स भाजपा से जुड़े। वीडी शर्मा ने इस मौके पर कहा, “यह कार्यक्रम हमारे भविष्य की राजनीति की दिशा तय करेगा।

दो हजार किलो सिंथेटिक कलाकंद करवाया नष्ट, राजस्थान- में मिलावटी मावा बनाने में अलवर सबसे आगे

अलवर/जयपुर. त्योहारी सीजन को देखते हुए जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ केंद्रीय खाद्य सुरक्षा दल जयपुर एवं अलवर के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ओर से संयुक्त छापे मारे गए, जिसमें 2200 किलो मिलावटी तथा सिंथेटिक कलाकंद नष्ट कराया गया। राज्य सरकार के शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा विभाग के संयुक्त आयुक्त डॉ. एस एन धौलपुरिया के सुपरविजन में केंद्रीय दल के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों एवं अलवर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। संयुक्त रूप से कार्रवाई बेडा का बास (किशनगढ़बास) स्थित सरफराज मिल्क केक में तैयार हो रहे  मिलावटी कलाकंद के विरुद्ध कार्रवाई की। यहां पर मिल्क पाउडर, रिफाइंड तेल एवं सूजी से कलाकंद बनाया जा रहा था। मौके पर एफएसएसए के तहत सैंपल लिए गए और 2200 किलो मिलावटी कलाकंद नष्ट करवाया गया। जांच में पता चला कि वहां कार्यरत मजदूरों और मौजूदा कर्मचारियों का मेडिकल भी नहीं करवाया गया था। फर्श टूटा हुआ पाया गया एवं चारों तरफ गंदगी भी फैली हुई थी और अनहाइजीनिक कंडीशन में कलाकंद बनाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि लिए गए नमूनों की प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय खाद्य सुरक्षा दल से खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद शर्मा, लोकेश शर्मा, देवेंद्र राणावत ओर अलवर से खाद सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार यादव मौजूद रहे। गौरतलब है कि त्योहारी सीजन को देखते हुए अलवर जिले में मिलावटी मावे की खपत काफी बढ़ जाती है और धड़ल्ले से मिलावटी मावा और कलाकंद तैयार किया जाता है। हालात इतने खराब हैं के दिवाली जैसे बड़े त्योहार के बावजूद लोग इस अवसर पर मावे की मिठाई खरीदना पसंद नहीं करते हैं। राज्य के किसी शहर में मिलावटी मावा इतने बडे़ पैमाने पर नहीं बनाया जाता, जितना अलवर में बनाया जाता है।

सीएम साय ने सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में सदस्यों से मांगे सुझाव

जशपुर छत्तीसगढ़ में साय सरकार के गठन के बाद आज जशपुर में पहली बार सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित की गई है. इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कर रहे हैं. बैठक की शुरुआत होते ही सीएम साय ने प्राधिकरण के सदस्यों से उनके सुझाव रखने को कहा. जिसके बाद एक सदस्य की मांग पर उन्होंने सरगुजा जिले में गन्ना उत्पादन के घटते रकबे पर चिंता जाहिर की और गन्ना उत्पादन बढ़ाने का प्रयास करने के निर्देश दिए. सदस्य ने बैठक में बताया कि लुण्ड्रा में सब्जी की बहुत खेती होती है. लेकिन लोग निजी बाजार से महंगे में पौधे खरीदते हैं. इस समस्या को सुनकर सीएम साय ने सरकारी स्तर पर नर्सरी लगाकर सस्ते में पौधे उपलब्ध कराने की बात कही. उन्होंने बंद नर्सरी को शुरू करने के निर्देश दिए. साथ ही सदस्यों को उनकी मांग के सन्दर्भ में पत्र प्रस्ताव देने की भी बात कही है. इस बैठक में सीएम साय ने प्राधिकरण अंतर्गत नए काम जनप्रतिनिधियों से सलाह लेकर स्वीकृत करने के निर्देश दिए. इसके अलावा पुराने काम, जो अभी तक प्रारंभ नहीं हुए हैं, उन्हें निरस्त करने के भी निर्देश दिए हैं. सीएम ने कहा कि छोटे छोटे काम को जल्द पूरा करें. कार्य पूर्ण होने में विलंब नहीं होना चाहिए.

इंदौर ने जल संरक्षण-संवर्धन के लिए चौथी बार राष्ट्रीय जल पुरूस्कार, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर को एक और राष्ट्रीय उपलब्धि प्राप्त हुई है। फिफ्थ नेशनल वाटर अवॉर्ड में इंदौर जिला वेस्टर्न जोन में बेस्ट डिस्ट्रिक्ट कैटेगरी में प्रथम स्थान पर रहा है। मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जिला कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा और जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन को यह पुरस्कार प्रदान किया। गौरतलब है कि इंदौर को वर्ष 2018 व 2022 में पश्चिम जोन में प्रथम स्थान का पुरस्कार मिला था। वहीं वर्ष 2023 में बेस्ट नगरीय निकाय श्रेणी में इंदौर को दूसरा स्थान मिला था। चौथा अवार्ड लेते ही पांचवें की तैयारी में जुटा इंदौर     चौथी बार वाटर अवार्ड लेने के साथ ही इंदौर ने पांचवीं बार भी पुरस्कार लेने की तैयारी कर ली। जिला पंचायत के सीईओ सिद्धार्थ जैन के मुताबिक अब जिले की सभी नदियों, तालाब व कुओं की जीआईएस मैपिंग की जाएगी।     इसके माध्यम से जलाशयों की सतत निगरानी कर जल संरक्षण किया जाएगा। शहरी क्षेत्र में भूजल पुनर्भरण की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। अभी शहरी क्षेत्र में जहां एक लाख घरों में जल पुनर्भरण इकाइयां लगाई गईं, अगले एक वर्ष में दो से तीन लाख घरों में यह इकाइयां लगाई जाएंगी।     इसके अलावा जिले में हरित क्षेत्र बढ़ाया जाएगा। कान्ह व सरस्वती नदियों के कैचमेंट एरिया को बढ़ाने के साथ इन नदियों के पानी को किसी नए तालाब में ले जाकर सहेजने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। भोपाल: अमृत -2 मिशन अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में भू-जल संसाधनों के प्रबंधन पर कार्यशाला शहरी क्षेत्रों में भू-जल संसाधनों के प्रबंधन और संरक्षण विषय पर मंगलवार को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा अमृत परियोजना के अंतर्गत पर्यावरण परिसर स्थित (एप्को) भोपाल में कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में भू-जल संसाधनों के प्रबंधन और संरक्षण पर विचार करना है। कार्यशाला में आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भरत यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यशाला में 418 नगरीय निकायों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।  

CWG 2026: भारत को ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों से पहले बड़ा झटका, क्रिकेट-बैडमिंटन, हॉकी-शूटिंग इन खेलों से बाहर

नई दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की पदक संभावनाओं को करारा झटका देते हुए मेजबान शहर ग्लासगो ने क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती और निशानेबाजी जैसे प्रमुख खेलों को 2026 संस्करण से हटा दिया है। ग्लासगो ने बजट के अनुकूल खेलों को 2026 में होने वाले खेलों के लिए चुना है और इसकी लिस्ट भी बनाई है। बजट को सीमित करने और लॉजिस्टिक्स को व्यवस्थित करने के लिए टेबल टेनिस, स्क्वैश और ट्रायथलॉन को भी हटा दिया गया है। ग्लासगोमें केवल चार स्थान ही पूरे खेलों की मेजबानी करेंगे। 2022 बर्मिंघम संस्करण की तुलना में खेलों में आयोजनों की कुल संख्या नौ कम होगी। 2026 में होना है ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल राष्ट्रमंडल खेलों के 23वें संस्करण की शुरुआत 2026 में 23 जुलाई से होगी और यह दो अगस्त तक चलेगा। 2014 में ग्लासगो में ही राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन हुआ था। 12 साल बाद मेजबान के रूप में ग्लासगो की वापसी कई परेशानियां लेकर आई हैं। राष्ट्रमंडल खेल महासंघ ने एक बयान में कहा- खेल कार्यक्रम में एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स (ट्रैक एंड फील्ड), तैराकी और पैरा तैराकी, कलात्मक जिमनास्टिक, ट्रैक साइक्लिंग और पैरा ट्रैक साइक्लिंग, नेटबॉल, भारोत्तोलन और पैरा पावरलिफ्टिंग, मुक्केबाजी, जूडो, बाउल्स और पैरा बाउल्स, और 3×3 बास्केटबॉल और 3×3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल शामिल होंगे। खेल चार स्थानों पर होंगे – स्कॉट्सटाउन स्टेडियम, टोलक्रॉस इंटरनेशनल स्विमिंग सेंटर, एमिरेट्स एरेना- जिसमें सर क्रिस होय वेलोड्रोम और स्कॉटिश इवेंट कैंपस (एसईसी) शामिल हैं। एथलीटों और सहायक कर्मचारियों को होटल आवास में रखा जाएगा।’ भारत की पदक की संभावनाओं को झटका यह रोस्टर भारत की पदक संभावनाओं के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि पिछले संस्करण में देश के अधिकांश पदक हटाए गए खेलों से आए थे। चार साल पहले लॉजिस्टिक्स के कारण बर्मिंघम कार्यक्रम से हटा दिए जाने के बाद शूटिंग की वापसी की कभी उम्मीद नहीं थी। ग्लासगो कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन ने कहा, ‘ग्लासगो 2026 में आठ मील के गलियारे के भीतर चार स्थानों पर केंद्रित 10-खेल कार्यक्रम होगा।’ इसने शूटिंग को रोस्टर से बाहर कर दिया क्योंकि बैरी बुडन सेंटर (2014 सीडब्ल्यूजी के दौरान शूटिंग की मेजबानी) ग्लासगो से 100 किमी से ज्यादा दूर है। कुश्ती स्थल ग्लासगो ग्लासगो ग्रीन और स्कॉटिश प्रदर्शनी और सम्मेलन केंद्र, जिसने 2014 में हॉकी और कुश्ती की मेजबानी की थी, को आयोजन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है, जबकि सर क्रिस होय वेलोड्रोम, जहां उस साल बैडमिंटन आयोजित किया गया था, इस बार केवल साइकिलिंग के लिए उपयोग किया जाएगा। लागत के अलावा, हॉकी को बाहर करने का कारण यह भी हो सकता है कि खेलों का आयोजन विश्व कप के करीब किया जा रहा है जो दो सप्ताह बाद 15 से 30 अगस्त तक वावरे, बेल्जियम और अम्स्टेलवीन, नीदरलैंड में निर्धारित है। ऑस्ट्रेलियाई राज्य विक्टोरिया 2026 संस्करण का मूल मेजबान था, लेकिन बढ़ती लागत के कारण पिछले साल उसने अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद स्कॉटलैंड ने खेलों को बचाने के लिए कदम बढ़ाया। हॉकी का बाहर होना झटका खेलों से हॉकी का बाहर होना भारत के लिए एक बड़ा झटका होगा। पुरुष टीम ने तीन रजत और दो कांस्य पदक जीते हैं, जबकि महिलाओं ने भी चमक बिखेरी है और 2002 के खेलों में एक ऐतिहासिक स्वर्ण सहित तीन पदक जीते हैं। बैडमिंटन में भारत ने प्रभावशाली 31 पदक जीते हैं। इनमें 10 स्वर्ण, आठ रजत और 13 कांस्य शामिल हैं। खासतौर पर देश को 2026 संस्करण में पुरुष और महिला एकल के साथ-साथ पुरुष युगल में गत चैंपियन के रूप में प्रवेश करना था। निशानेबाजी भारत के लिए एक मजबूत पदक की उम्मीद थी, जिसके नाम पर चौंका देने वाले 135 पदक थे। गिनती में 63 स्वर्ण, 44 रजत और 28 कांस्य शामिल थे। कुश्ती प्रतियोगिता में देश को 114 पदक मिले हैं, जिनमें 49 स्वर्ण, 39 रजत और 26 कांस्य शामिल हैं। 2022 में क्रिकेट को जोड़ा गया था 2022 में क्रिकेट की इन खेलों में दोबारा शुरुआत के बाद भारतीय महिला टीम ने रजत पदक जीता था। पैरा-एथलीट 2002 मैनचेस्टर संस्करण से खेलों का हिस्सा रहे हैं और 2026 संस्करण में भी बने रहेंगे। सीजीएफ ने कहा, ‘पैरा खेल को एक बार फिर खेलों के लिए एक प्रमुख प्राथमिकता और अंतर के बिंदु के रूप में पूरी तरह से एकीकृत किया जाएगा, जिसमें छह पैरा खेलों को खेल कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।’ सीजीएफ ने कहा कि खेलों से शहर में 100 मिलियन पाउंड से अधिक का निवेश आएगा और इस क्षेत्र के लिए 150 मिलियन पाउंड से अधिक का आर्थिक मूल्य जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है। संस्था ने दावा किया कि यह सब एक ऐसे मॉडल की बदौलत संभव होगा जिसे विशेष रूप से खेलों के आयोजन के लिए सार्वजनिक धन की आवश्यकता नहीं होने के लिए डिजाइन किया गया है। राष्ट्रमंडल खेल महासंघ की सीईओ केटी सैडलेयर ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा- 2026 के खेल कल के राष्ट्रमंडल खेलों के लिए एक पुल होंगे। भविष्य के लिए खेलों को वास्तव में सहयोगी, लचीले और टिकाऊ मॉडल के रूप में रीसेट और फिर से परिभाषित करने की हमारी यात्रा में एक रोमांचक पहला कदम जो लागत को कम करता है। यह पर्यावरणीय पदचिह्न को कम करता है और सामाजिक प्रभाव को बढ़ाता है।’  

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक, मयाली नेचर कैंप का 10 करोड़ से होगा कायाकल्प

रायपुर प्रकृति की गोद से सरगुजा क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। जशपुर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मयाली में आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित है, जिसमें शामिल होने खड़सा व्यू प्वाइंट पहुंचने पर मुख्यमंत्री साय एवं सभी अतिथियों का कर्मा नृत्य और पारंपरिक वाद्य यंत्रों ढांक एवं नगाड़े की धुनों के बीच परम्परागत बांस की टोपी और डुंबर के फल और आम की पत्तियों की माला पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मयाली डैम में बोट से सभी अतिथियों के साथ मयाली नेचर कैंप की खूबसूरती को निहारते हुए बैठक स्थल तक पहुंचे. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ बैठक में शामिल होने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, उपाध्यक्ष सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण गोमती साय, सांसद रायगढ़ राधेश्याम राठिया, विधायक जशपुर रायमुनी भगत, राम प्रताप सिंह, कृष्ण कुमार राय, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, कमिश्नर जीआर चुरेंद्र, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल, एसपी शशिमोहन सिंह भी पहुंचे हैं. पर्यटन स्थल मयाली का 10 करोड़ से होगा कायाकल्प नेचर कैंप से एक ओर डैम की खूबसूरती तो दूसरी ओर विशालतम प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ का विहंगम दृश्य और दिखाई पड़ता है। चारों ओर फैली हरियाली इसकी सुंदरता और बढ़ जाती है। मयाली नेचर कैंप को स्वदेश दर्शन योजना में शामिल करने के साथ ही पर्यटन विभाग ने मयाली के विकास के लिए 10 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। मयाली नेचर कैंप- प्रकृति का अनुपम उपहार जशपुर की सुरम्य पहाड़ियों की गोद में स्थित है प्रकृति का अनुपम उपहार मयाली। यहां मयाली नेचर कैंप जिले के कुनकुरी ब्लॉक में चराईडांड़ बगीचा स्टेट हाईवे के करीब स्थित है। डेम के किनारे, हरियाली से भरे हुए प्राकृतिक स्थल पर परिवार के साथ भारी संख्या में पर्यटक आते हैं। वीकेंड के दिनों में मयाली में लोगों की भीड़ ज्यादा जुटती है। मयाली नेचर कैंप में बोटिंग की भी सुविधा है।

मध्यप्रदेश में1 लाख लोगों को सरकारी नौकरी, नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के रहने-खाने की व्यवस्था…

भोपाल मोहन सरकार ने आज कैबिनेट बैठक की। इस बैठक में एमपी सरकार ने दिवाली से पहले युवाओं को बड़ा तोहफा दिया है। बैठक में लिए गए सभी फैसलों की जानकारी प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने दी। डिप्टी सीएम ने कहा कि दिसंबर 2024 तक प्रदेश में 1 लाख सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यात्री सिर्फ 999 रुपए में रीवा से भोपाल के लिए उड़ान भर सकेंगे। बता दें कि हाल ही में नरेंद्र मोदी ने रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। यह प्रदेश का छठा एयरपोर्ट है। दूरस्थ गांवों के जिलों को बदलने का फैसला उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने आगे कहा कि कैबिनेट की बैठक में दूरस्थ गांवों के जिलों को बदलने के फैसले लिए गए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि लोगों के सुझावों पर ही फैसले लिए जाएंगे। साथ ही डिप्टी सीएम ने कहा कि बैठक में प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग को लेकर भी चर्चा हुई। आयोग नवंबर से पूरे प्रदेश का दौरा करेगा। तहसील, विकासखंड, जिला, संभाग स्तर पर दौरे किए जाएंगे। आम लोगों से सुझाव लिए जाएंगे। दूरस्थ क्षेत्रों को नजदीकी जिलों में शामिल करने के सुझाव लिए जाएंगे। फीडबैक लेने का काम चार से छह महीने तक जारी रहेगा। सिंहस्थ को लेकर भी बड़ा फैसला डिप्टी सीएम ने बताया कि शस्त्र पूजन के बाद जिले के प्रभारी मंत्री गोवर्धन पूजा में भी शामिल होंगे। इसको लेकर मुख्यमंत्री ने कैबिनेट में निर्देश दिए हैं। सभी मंत्री गौशाला का भी दौरा करेंगे। इसके अलावा सरकार ने उज्जैन में सिंहस्थ को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। सिंहस्थ अखाड़े और संतों के लिए प्लॉटिंग करके आश्रम बनाए जाएंगे। हर अखाड़े को 5 बीघा जमीन दी जाएगी। आवासीय और व्यावसायिक काम पर रोक रहेगी। जमीन पर सिर्फ धार्मिक उद्देश्यों के लिए काम होगा। कैबिनेट की बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत विभिन्न पदों पर नियुक्ति के फैसले लिए गए। राज्य सरकार के इस फैसले से 12,670 आंगनवाड़ी सहायिका पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अलावा 476 पर्यवेक्षक के पद भी भरे जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग में भी 7,900 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। पीड़िता को 10 लाख रुपए की सहायता मोहन सरकार ने POCSO के लिए बड़ा फैसला लिया है। अगर 18 साल से कम उम्र की कोई पीड़िता गर्भवती होती है तो सरकार उसकी पहचान कर उसे 10 लाख रुपए की सहायता देगी। इसे राज्य के हर जिले में लागू किया जाएगा। वहीं मोहन कैबिनेट ने यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड कर्मचारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने रिटायरमेंट पर उन्हें सातवां वेतनमान देने का फैसला किया है। कैबिनेट में फैसला लिया गया कि 2016 से अब तक रिटायर हुए सभी कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। एक लाख पदों में स्वास्थ्य विभाग के 7900 पद शामिल कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम और लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा, एक लाख पदों को भरने के फैसले में स्वास्थ्य विभाग के भी 7900 पद शामिल हैं। ये पद तीन नए जिलों में जिला अस्पताल खोलने और 454 चिकित्सा संस्थाओं में रिक्त पदों की भर्ती के लिए तय किए गए हैं। डिप्टी सीएम शुक्ल ने बताया कि कैबिनेट में मुख्यमंत्री यादव के उज्जैन सिंहस्थ 2028 को लेकर किए गए फैसले का समर्थन किया गया है। सिंहस्थ के लिए भव्य तैयारियां हो रही हैं। उज्जैन विकास प्राधिकरण रोड, नाली बनाएगा। हर अखाड़े को पांच बीघा जमीन दी जाएगी। जिसमें तीन बीघा में ही निर्माण होगा। 12670 आंगनवाड़ी को मंजूरी, नए पद भी भरेंगे डिप्टी सीएम ने बताया कि कैबिनेट बैठक के दौरान प्रदेश की 12670 मिनी आंगनवाड़ी को पूर्ण आंगनवाड़ी में उन्नयन को मंजूरी दी गई है। मिनी आंगनवाड़ी में सहायिका नहीं होती है। इसका उन्नयन होने के बाद अब इन आंगनवाड़ी केंद्रों में 12670 सहायक और 476 सुपरवाइजर के पद स्वीकृत किए गए हैं। इस पर 213 करोड़ का वार्षिक खर्च आएगा। इसमें 179 करोड़ राज्य सरकार देगी और 34 करोड़ केंद्र सरकार देगी। नवंबर से तेज होगा पुनर्गठन आयोग का काम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, मार्च 2024 में प्रदेश की प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन का प्रस्ताव किया गया था। इस क्रम में प्रदेश के संभाग, उप संभाग, जिले, तहसील, विकासखंडों के पुनर्गठन की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। इसके लिए आम जन व जनप्रतिनिधि अपने सुझाव, आवेदन और अभ्यावेदन के रूप में पुनर्गठन आयोग को प्रस्तुत कर सकेंगे। पुनर्गठन आयोग द्वारा आवेदनों पर विचार के बाद राज्य शासन को अनुशंसा की जाएगी। नगरीय क्षेत्र की सीमाओं के प्रस्ताव भी आयोग को आवेदन तथा अभ्यावेदन के माध्यम से दिए जा सकेंगे। आयोग नवंबर माह से विभिन्न संभाग में दौरा प्रारंभ करेगा। आवेदन अभ्यावेदन के लिए 4 से 6 माह तक का समय रहेगा। रिलायंस, हिंडाल्को, पतंजलि के आएंगे निवेश डिप्टी सीएम शुक्ल ने कहा कि रीवा में कल रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होने जा रहा है। रीवा में सीमेंट, पावर, सोलर एनर्जी और पर्यटन क्षेत्र में वृहद संभावनाएं हैं। रीवा एयरपोर्ट के परिचालन को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा हुई। यहां से चलने वाले विमान का प्रति यात्री किराया रेलवे के एसी थ्री-टीयर के किराए से कम है। कॉन्क्लेव के लिए 4 हजार रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। रिलायंस, हिंडाल्को, पतंजलि, डालमिया ग्रुप समेत सीमेंट ग्रुप के अन्य बड़े उद्योगपति आ रहे हैं, जो यहां निवेश करेंगे। इसके पहले भोपाल में हुई माइनिंग कॉन्क्लेव का भी अच्छा रिस्पांस रहा है। यहां 19 हजार करोड़ से अधिक के निवेश आए। MSP पर सोयाबीन खरीदेगी सरकार हाल ही में मोहन सरकार ने MSP पर सोयाबीन खरीदने का फैसला किया था। राज्य में सोयाबीन उपार्जन 25 अक्टूबर से शुरू होना है। इसके लिए 3 लाख 44 हजार किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।

आज मासुलपानी पंचायत को मिलेगा राष्ट्रीय ‘जल पुरस्कार’, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

रायपुर  छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए कांकेर जिले की मासुलपानी ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 22 अक्टूबर को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में कांकेर के नरहरपुर विकासखण्ड की ग्राम पंचायत मासुलपानी को श्रेष्ठ पंचायत श्रेणी में द्वितीय स्थान के लिए सम्मानित करेंगी। गौरतलब है कि, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने 14 अक्टूबर को श्रम शक्ति भवन नई दिल्ली में 5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा की। इसमें कांकेर जिले की मासुलपानी पंचायत सहित 38 विजेताओं के नाम शामिल हैं। यह पुरस्कार 9 श्रेणियों में दिए जाएंगे। गांव में 90% फीसदी आबादी आदिवसियों की कांकेर जिले की ग्राम पंचायत मासुलपानी जिला मुख्यालय से 5 किमी की दूरी पर स्थित है। मासुलपानी में 5 राजस्व गांव शामिल हैं। ग्राम पंचायत का कुल क्षेत्रफल 1429 हेक्टेयर है। मासुलपानी पंचायत में 90 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति की है। जल संरक्षण के क्षेत्र में मासुलपानी पंचायत ने उल्लेखनीय कार्य किया है। इस ग्राम पंचायत में 161 जल शेड संरचनाएं बनाई गई हैं, जिनमें 99 फार्म तालाब शामिल हैं। इसके अलावा, वर्ष 2023 के दौरान पंचायत द्वारा 39 नंबर ब्रशवुड, एक सामुदायिक तालाब डी-सिल्टिंग, 02 कुएं, 02 भूमिगत बांध, 03 गेबियन और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया गया है। श्रेष्ठ पंचायतों की श्रेणी में मिला दूसरा स्थान गांव के लोगों ने सिंचाई के लिए सतही जल का उपयोग करना शुरू कर दिया है। जल संरक्षण और इसके समुचित उपयोग की दिशा में इस नवाचार के लिए जिले की मासुलपानी ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ पंचायतों की श्रेणी में दूसरा स्थान मिला है। गांव में पर्याप्त पानी होने से पलायन रुका: जल संरक्षण का काम मासुलपानी और इसके आसपास के 5 ग्राम पंचायत देवगांव, धौराभांठा, बादल, दबेना और सुरही में भी हुआ है. इन गांव में पहले केवल मानसून में ही किसान एक बार धान की फसल लेते थे. इसके बाद गांव खाली हो जाता था, क्योंकि 75 प्रतिशत परिवार काम की तलाश में पलायन कर ईंट भट्ठा, बोर गाड़ी, राइस मिलों में काम करने चले जाते थे. अब गांव में पर्याप्त पानी होने से गांवों के लोग धान की डबल फसल के साथ सब्जी, दलहन तिलहन, मिलेट्स, मछली और झींगा पालन कर समृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं. यही कारण है कि इन गांव में पलायन तो थम ही गया है, साथ ही आसपास के क्षेत्रों में इन गांवों से सब्जी और मछली बिकने जा रही है. मासुलपानी पंचायत को जल संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रपति अवॉर्ड महिलाओं ने कैसे किया ये कमाल: साल 2014 में सबसे पहले मासुलपानी में जल संरक्षण का काम शुरू हुआ. यहां सफलता मिली तो इसी पैटर्न पर आसपास के भी गांव में जल संरक्षण की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है. यहां भी बारिश का पानी गांव से लगी पहाड़ियों से तेजी से बहकर नदी नालों में मिल जाता था. मासुलपानी की तरह सुरही में भी 29 ब्रशवुड, 3 लूस बोल्डर स्ट्रक्चर तो 2 सीपीटी बनाए गए हैं. देवगांव में पानी रोकने 8 लूस बोल्डर स्ट्रक्चर, 3 गेबियन, 12 गुल्ली प्लग, एक सीपीटी बनाने के साथ 2 स्टॉपडैम की मरम्मत की गई है. 277 डबरियों के साथ मासुलपानी में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काफी काम शुरू हुए. मछली पकड़कर महिलाएं बन रही लखपति पानी बचाने गांव के लोगों को किया गया जागरूक: गांव की महिलाओं ने बताया कि गांव में पानी की समस्या ना हो इसे लेकर जागरूक करने का प्रयास किया गया. उन्हें पानी के सर्वोत्तम उपयोग के तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए तरह तरह के कार्यक्रम चलाए गए. लोगों में जागरूकता आई. गांव में अब भरपूर पानी से ना सिर्फ खेती कर रहे हैं बल्कि मछली पालन कर लाखों रुपये कमा रहे हैं. मासुलपानी गांव को जल संरक्षण अवॉर्ड     गांव में समूह बनाने से पहले ही समूह बनाया. गांव में प्लानिंग की गई. जल संरक्षण के लिए गांव का दौरा कर चोटी से घाटी तक पानी संरक्षण के लिए फाइल बनाई गई. इस फाइल को जनपद में जमा किया गया.- हेमलता कश्वयप, स्थानीय, मासुलपानी जल संरक्षण से मछली पालन बना गांव का प्रमुख व्यवसाय: गांव की सुलोचना साहू बताती है कि साल में मछली पालन से एक घर से 80 से 85 हजार रुपये की कमाई हो जाती है. गांव में 167 तालाब है. लगभग 90 गांव के तालाब हैं और 50 से 60 सरकारी तालाब हैं. निजी और सरकारी तालाबों में मछली पालन कर हर परिवार के लोगों की लाखों रुपयों की कमाई हो रही है. गांव की अन्य महिलाएं बताती हैं कि जल संरक्षण से ना सिर्फ मछली पालन किया जा रहा है बल्कि धान के साथ ही दलहन तिलहन की फसल भी ली जा रही है. इसके अलावा बकरी पालन, सुअर पालन से भी लाभ कमा रहे हैं. प्रशासन के सहयोग से गांव बना आत्मनिर्भर: ग्राम पंचायत में 161 जल शेड संरचनाएं बनाई गई, जिनमें 99 फार्म तालाब शामिल हैं. इसके अलावा साल 2023 के दौरान पंचायत द्वारा 39 नंबर ब्रशवुड, एक सामुदायिक तालाब डी सिल्टिंग, 2 खोदे गए कुएं, 2 भूमिगत बांध, 3 गेबियन और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया गया है. इन कार्यान्वयनों के कारण लोगों ने केवल भूजल पर निर्भर रहने के बजाय, सुरक्षात्मक सिंचाई के माध्यम से सतही जल का उपयोग करना शुरू कर दिया है. कांकेर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर कांकेर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर ने बताया कि ग्राम देवगांव के पास ग्राम पंचायत मासुलपानी को जल संरक्षण और संवर्धन के लिए राष्ट्रीय स्तर का सम्मान देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू 22 अक्टूबर को देंगी. यह कांकेर जिले के साथ साथ प्रदेश और देश के लिए बड़े गौरव की बात है. कलेक्टर ने कहा कि शासन की कोई भी योजना तब तक सफल नहीं होती, जब तक लोगों की उसमें सक्रिय सहभागिता न हो. मासुलपानी में सामुदायिक तालाब निर्माण, गहरीकरण, कुआं निर्माण, वॉटर शेड, कूप खनन, गेबियन निर्माण सहित विभिन्न जल संरक्षण के उपाय किए गए, जिसमें ग्रामीणों ने अपनी भूमिका निभाई.  

उत्‍तर प्रदेश में 9 सीटों पर उपचुनाव की रणभेरी बज चुकी, बीजेपी डोर टू डोर अभियान चलाकर वोटरों से संपर्क करने की तैयारी

मथुरा  उत्‍तर प्रदेश में 9 सीटों पर उपचुनाव की रणभेरी बज चुकी है। 13 नवंबर को यहां वोटिंग होगी। भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक अपने प्रत्‍याशियों का ऐलान नहीं किया है। माना जा रहा है कि जल्‍द ही उम्‍मीदवारों की लिस्‍ट आ सकती है। इस बीच, मंगलवार को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ मथुरा दौरे पर आ रहे हैं। वह यहां 10 दिनों का प्रवास कर रहे संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शाम छह बजे दोनों की मुलाकात हो सकती है। इस दौरान उपुचनाव में वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार की जा सकती है। गौरतलब है कि मथुरा के परखम में संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक चल रही है। इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ संघ के सभी प्रमुख प्रचारक भी मौजूद रहेंगे। संघ की यह बैठक भविष्य की योजनाओं का खाका खींचने के लिए हो रही है। बताया जा रहा है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में जीत से उत्‍साहित आरएसएस यूपी उपचुनाव में भी ऐसी ही रणनीति तैयार करने में जुटा है। संघ हरियाणा के तरह यूपी में भी नुक्‍कड़ सभाओं और डोर टू डोर अभियान चलाकर बीजेपी के लिए माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है। 5 हजार छोटी सभाएं करने का लक्ष्‍य बताया जा रहा है कि हरियाणा चुनाव में जिस तरह बीजेपी ने ओबीसी वोटरों को अपने पक्ष में किया, उसी तरह यूपी में भी प्रयास कर रही है। इसके लिए पांच से सात लोगों के छोटे-छोटे ग्रुप बनाए जाएंगे जो अपने इलाकों में लोगों के घर-घर जाकर वोटरों से संवाद करेंगे। संघ ने उन इलाकों की पहचान की है, जहां बीते लोकसभा चुनाव में बीजेपी को उम्‍मीदों के अनुसार वोट नहीं मिले। सभी 10 विधानसभाओं में संघ ने करीब पांच हजार छोटी सभाएं करने का लक्ष्‍य बनाया है। ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक में आएंगे योगी गौरतलब है कि मंगलवार को मथुरा में ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक होनी है। इसमें शामिल होने के लिए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ आ रहे है। वह विकास परिषद के अध्‍यक्ष हैं। बताया जा रहा है कि शाम 4 बजे परिषद की बैठक शुरू होगी। इस दौरान डेढ़ दर्जन से ज्‍यादा के प्रस्‍ताव रखे जाएंगे। करोड़ों रुपयों के इन प्रस्‍ताव पर मुख्‍यमंत्री की अध्‍यक्षता में मुहर लगाई जाएगी।

मैरिटल रेप केस: पीड़ित पतियों का विरोध प्रदर्शन, ‘शादी के खेल में हर पति जाएगा जेल में…’ के लगाए नारे

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में अक्सर अपनी मांगों को लेकर कई तरह के संगठन धरना प्रदर्शन करते हैं. अपनी बात सरकार तक पहुंचाते हैं. कई बार विरोध में भी प्रदर्शन किए जाते हैं. दिल्ली में इस तरह के धरना प्रदर्शन यूं तो आम बात हैं. लेकिन रविवार को जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के बाहर एक ऐसा प्रदर्शन हुआ, जिसने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा. खासकर प्रदर्शनकारियों के नारों और तख्तियों ने. दरअसल, ये प्रदर्शन किसी सियासी संगठन या पार्टी का नहीं था, बल्कि ये था पत्नियों से पीड़ित पतियों का प्रदर्शन. ये लोग मैरिटल रेप को लेकर प्रस्तावित कानून का विरोध कर रहे थे. – शादी के खेल में, हर पति जाएगा जेल में. – बीवी करे तो प्यार, पति करे तो बलात्कार. – पत्नी के प्यार में, पति गया तिहाड़ में. – अगले जन्म मोहे बेटा ना कीजो. ..और ना जाने ऐसे ही कितने नारे रविवार को दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के बाहर गेट पर प्रदर्शन कर रहे करीब 75 लोग लगा रहे थे. ये नारे लिखी तख्तियां भी उनके हाथों में थीं. स्टेडियम के बाहर प्रदर्शन करने वाले वो लोग थे, जो किसी ना किसी हाल में अपनी पत्नियों से पीड़ित हैं. उनके उत्पीड़न का शिकार बनें हैं या फिर उनकी ब्लैकमेलिंग का. इन लोगों में कुछ लोग तो ऐसे थे, जो कई साल से अपने बच्चों से भी नहीं मिले हैं. क्योंकि उनकी पत्नियों नें उन्हें घर से बाहर निकाल दिया है. और कुछ बच्चों को उनके पिता से भी मिलने की इजाजत नहीं देती हैं. कुछ पति ऐसे हैं, कि वो अपना घर होते हुए भी किराए के मकानों में रहते हैं. दरअसल, ये सारे पत्नी पीड़ित प्रदर्शनकारी मैरिटल रेप को लेकर प्रस्तावित कानून का विरोध करने के लिए वहां जमा हुए थे. ये सभी अपने नारों और तख्तियों की वजह से लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच रहे थे. दिल्ली हाई कोर्ट के अधिवक्ता मनीष सिंधवानी इस प्रोटेस्ट का नेतृत्व कर रहे थे. वह खुद पत्नी पीड़ित रह चुके हैं. उन्होंने खुद शिकार बनने के बाद ऐसे लोगों की मदद करने का फैसला किया था, जो पत्नी से पीड़ित हैं. इसी के चलते उन्होंने न्याय प्रयास फॉउन्डेशन का आगाज किया. प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता मनीष सिंधवानी ने कहा कि अगर ये कानून पास हो गया तो हर घर में रहने वाले पुरुषों को रेपिस्ट बता कर जेल भेजा जा सकता है. मामूली झगड़े पर भी पत्नी पति को जेल भिजवा सकती है. पति को ब्लैकमेल किया जा सकता है. सहमति से संबंध की बात बात कही जाती है, लेकिन सवाल ये है कि सहमति कौन तय करेगा? रात की सहमति अगले दिन किसी भी विवाद या झगड़े के बाद बदली जा सकती है. मनीष सिंधवानी का कहना था कि पहले से ही महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर बने कानूनों का जमकर दुरुपयोग होता आया है. चाहे घरेलू हिंसा हो या दहेज उत्पीड़न या फिर यौन हिंसा. अधिकांश मामलों में महिलाएं इन कानून के नाम पर पति का उत्पीड़न करती आई हैं. ऐसे मे अगर ये नया कानून भी पास हो गया तो महिलाओं को पुरुषों के खिलाफ मिसयूज करने के लिए एक और कानून मिल जाएगा. एक प्रर्दशनकारी सुमित सिन्हा का कहना था कि अगर पुरुषों के खिलाफ एक तरफा ऐसे ही कानून बनते रहे, तो आने वाले वक्त में युवा शादी के नाम से भी कतराने लगेंगे और शादी जैसी संस्था भी बदनाम हो जाएगी. सुमित का दावा है कि पत्नी के कारण वो पिछले तीन साल से अपनी 6 साल की बेटी से मिल नहीं पाए हैं. न्याय प्रयास फॉउन्डेशन पीड़ित पतियों की कानूनी सहायता के लिए काम कर रही है. जिसमें बहुत से ऐसे पीड़ित पति भी आए हैं, जो खुद हिंसा और ब्लैकमेलिंग का शिकार हैं. जिनसे उनकी पत्नियां लगातार पैसे की मांग करती हैं. पैसा नहीं देने पर वे अपने पति और उनके माता-पिता के खिलाफ झूठे मुकदमें दर्ज कराती रहती हैं. कई मामलों में तो ऐसा भी देखा गया है कि पति को घर से बाहर निकाल कर उनकी संपत्ति पर भी कब्जा कर लिया गया. आपको बता दें कि मैरिटल रेप को लेकर कानून अभी तक नहीं बना है और इस पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय में विचार-विमर्श चल रहा है. जिस पर अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को होनी है. न्याय प्रयास फाउंडेशन इस कानून को पारित न किए जाने की मांग कर रही है. और लगातार इस कानून का विरोध कर रही है. संस्था का मानना है कि इस कानून सबसे अधिक दुरुपयोग होगा और विवाह संस्था विफल हो जाएगी.  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- समग्र विकास से सभी की खुशहाली के द्वार खुलेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन की पहचान साधु-संतों से है। उज्जैन में हरिद्वार के तर्ज पर साधु-संतों, महंत, अखाड़ा प्रमुखों और महामंडलेश्वर आदि को स्थायी आश्रम बनाने की अनुमति दी जाएगी। प्रत्येक 12 वर्षों में एक बार होने वाला सिहंस्थ का आयोजन वर्ष 2028 में किया जाएगा। साधु-संतों को उज्जैन में आने, ठहरने, कथा, भागवत इत्यादि अन्य आयोजन के लिए पर्याप्त रूप से भूमि-भूखंड की आवश्यकता पड़ती है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा साधु-संतों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्थायी आश्रम बनाए जाने की योजना बनाई गई हैं। निजी होटल्स में साधु-संतों और श्रद्धालुओं को इस प्रकार के आयोजनों के लिए चुनौतियां आती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मेला कार्यालय, उज्जैन के ऑडिटोरियम में सिंहस्थ के संबंध में पत्रकारों से संवाद कर रहे थे। सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक श्री सतीश मालवीय, महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संभागायुक्त श्री संजय गुप्ता, आईजी श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, एसपी श्री प्रदीप शर्मा सहित मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हरिद्वार में जिस प्रकार साधु-संतों के अच्छे आश्रम बने हुए हैं, उसी प्रकार उज्जैन में भी साधु-संतों के स्थायी आश्रम बनवाने के प्रयास किए जाएंगे। उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से योजना को आकार दिया जाएगा। सिंहस्थ के दृष्टिगत सड़क, बिजली, पेयजल, जल-निकासी इत्यादि मूलभूत सुविधाओं के लिए भी स्थायी अधोसंरचना का निर्माण भी होगा, जिससे अस्थायी निर्माण से होने वाली समस्याएं निर्मित न हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हरिद्वार की तरह उज्जैन को धार्मिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए सभी जन-प्रतिनिधियों के साथ मिलकर कार्य-योजना तैयार की गई है। सुगम यातायात के दृष्टिगत फोर-लेन, सिक्स-लेन और ब्रिज जैसे स्थायी अधोसंरचना विकास के कार्य किए जाएंगे। सभी मूलभूत सुविधाओं के विकास के साथ साधु-संतों के लिए आश्रम निर्माण के कार्य समानांतर रूप से होंगे। समाज के इच्छुक सनातन धर्मावलंबियों के माध्यम से अन्न क्षेत्र, धर्मशाला, आश्रम, चिकित्सा केंद्र, आयुर्वेद केंद्र आदि सार्वजनिक गतिविधियों के संचालन को भी प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन सहित प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है। समग्र विकास से सभी की खुशहाली के द्वार खुलेंगे। सभी देव-स्थानों के आसपास हमारे धर्माचार्य आ जाए यह हमारी प्राथमिकता हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महंत, अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर को ही आश्रम निर्माण के लिए अनुमति इस प्रकार दी जाएगी कि एक हेक्टेयर के भूखंड पर 25 प्रतिशत पर ही भवन का निर्माण किया जा सकेगा। शेष 75 प्रतिशत भूखंड खुला रहेगा, जिसमें पार्किंग आदि व्यवस्थाओं के लिए पर्याप्त खुला स्थान रहे। आवासीय और कमर्शियल उपयोग के लिए इस प्रकार की अनुमति नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकाल महालोक बनने के बाद से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन आते हैं। निरंतर धार्मिक आयोजनों का क्रम जारी रहता है, जो कि इसी को ध्यान में रखते हुए पूरी योजना तैयार की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन-इंदौर सिक्स-लेन कार्य की टेंडर प्रक्रिया हो गई है। वहीं उज्जैन- जावरा ग्रीन फील्ड फोर-लेन मार्ग का शीघ्र भूमि-पूजन किया जाएगा। इस वृहद् योजना में इंदौर, उज्जैन, धार, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर आदि को विकसित किया जाएगा। उज्जैन के धार्मिक मूल स्वरूप को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन मेट्रो ट्रेन संचालन की सैद्धांतिक स्वीकृति भी दी गई है। इसी के साथ उज्जैन, देवास, फतेहाबाद, इंदौर को जोड़ते हुए सर्किल वंदे मेट्रो ट्रेन का भी संचालन किया जाएगा। इसकी गति मेट्रो ट्रेन की तुलना में अधिक होगी। रेल रूट के साथ उज्जैन के सभी मार्गों का भी सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। उज्जैन से निकलने वाले सभी मार्ग फोर-लेन किए जाएंगे। वर्तमान एयर-स्ट्रिप का भी उन्नयन कर टेक्निकल रूप से एयरपोर्ट बनाया जायेगा, जिससे 12 महीने हवाई यातायात सुविधा भी उज्जैन को मिल सके।  

मध्यप्रदेश चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व स्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने की ओर तेजी से बढ़ रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

चिकित्सा क्षेत्र में विश्व स्तरीय सेवाओं की ओर मध्यप्रदेश अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने इरकैड के इंदौर केंद्र के शुभारंभ समारोह को किया वर्चुअली संबोधित  मध्यप्रदेश चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व स्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने की ओर तेजी से बढ़ रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व स्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने चिकित्सा के क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने के प्रयास किए हैं। वर्ष 2024-25 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 20 हजार 439 करोड़ रुपए का प्रावधन किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं की कार्य दक्षता बढ़ाने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का विलय किया गया है। प्रदेश में अभी 17 शासकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। अगले सत्र से सिंगरौली और श्योपुर में शासकीय मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होंगे। इसके अलावा अगले दो वर्ष में 6 अन्य नए शासकीय मेडिकल कॉलेज संचालित होने लगेंगे। चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड में स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फ्रांस की संस्था इरकैड के इंदौर में केंद्र प्रारंभ होने पर कार्यक्रम को वीडियो कॉफ्रेंसिंग से संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरविंदो विश्वविद्यालय इंदौर के डॉ. विनोद भण्डारी को इस केंद्र की शुरूआत के लिए बधाई दी और केंद्र की सफलता की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में किए जा रहे विशेष कार्यों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में एमबीबीएस एवं पीजी मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ाई जा रही है, जिससे प्रदेश में योग्य चिकित्सकों की कमी न रहे। राज्य सरकार ने विश्व स्तरीय चिकित्सा अधोसंरचना विकसित करने के प्रयास किए हैं। इसमें मेडिकल कॉलेज परिसरों में नए नर्सिंग कॉलेज और पैरामेडिकल संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में चार नए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल प्रारंभ किए गए हैं। इसके अलावा ग्वालियर में एक हजार बिस्तर क्षमता का अस्पताल भी प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीपीपी माडल पर टेलिमेडिसिन सेवा से 1200 से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जोड़े गए हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में 45 तरह की स्वास्थ्य जांचें हो रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि इंदौर देश का फार्मा हब बन कर उभरा है। उज्जैन में सबसे बड़ा मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों से गंभीर रोगियों और दुर्घटनाग्रस्त लोगों को एयर लिफ्ट कर उपचार के लिए भिजवाने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में हृदय की सर्जरी, कैंसर के उपचार और अंग प्रत्यारोपण के कार्य किफायती दरों पर हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश मेडिकल टूरिज्म क्षेत्र में निरन्तर आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की भागीदारी के लिए डॉ. भंडारी ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि दूरबीन से सर्जरी का ज्ञान देने और मेडिकल रिसर्च की दृष्टि से फ्रांस की संस्था इरकैड के सहयोग से की गई शुरूआत प्रदेश में अपने तरह की विशिष्ट पहल है। यह केंद्र जनोपयोगी बने इसके लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।  

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