LATEST NEWS

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, दुनियाभर में तेजी से आंखों से संबंधित समस्या मायोपिया के मामले बढ़ते जा रहे हैं

नईदिल्ली साल 2019 के अंत में शुरू हुई कोविड-19 महामारी का असर अब भले ही हल्का हो गया है पर संक्रमण का खतरा वैश्विक स्तर पर अब भी बना हुआ है। वायरस में म्यूटेशन से उत्पन्न होने वाले नए-नए वेरिएंट्स विशेषज्ञों की चिंता बढ़ाते रहे हैं। इस बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दुनियाभर में बढ़ती एक नई महामारी को लेकर लोगों को अलर्ट किया है। विशेषज्ञों ने कहा, हम सभी तकनीक से प्रेरित इस दुनिया में दिनभर किसी ने किसी तरह के स्क्रीन से चिपके रहते हैं। मोबाइल, टेलीविजन हो या लैपटॉप, इनके अधिक उपयोग के कारण हमारा स्क्रीन टाइम काफी बढ़ गया है जो एक नई महामारी को जन्म दे सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, दुनियाभर में बहुत तेजी से आंखों से संबंधित समस्या, विशेषतौर पर मायोपिया (निकट दृष्टिदोष) के मामले बढ़ते जा रहे हैं। यह बच्चों में सबसे ज्यादा रिपोर्ट की जा रही समस्या है जिसके कारण कम दिखाई देने और समय के साथ अंधेपन का खतरा बढ़ जाता है। अगर समय रहते इसे नियंत्रित करने के लिए प्रयास न किए गए तो अगले एक-दो दशक में वयस्कों की बड़ी आबादी मायोपिया से पीड़ित हो सकती है। ये निश्चित ही गंभीर चिंता का विषय है। मायोपिया के बढ़ते मामले स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बचपन में मायोपिया का निदान होने से जीवन की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। यह प्रवृत्ति चिंताजनक है, यह सिर्फ चश्मे पर निर्भरता की समस्या नहीं है बल्कि इसके कारण ग्लूकोमा और रेटिनल डिटेचमेंट जैसी आंखों की अन्य बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है। कुछ अध्ययनों का अनुमान है कि वर्ष 2050 तक दुनिया की लगभग आधी आबादी मायोपिया से पीड़ित हो सकती है। भारत में, बच्चों में मायोपिया की घटना लगातार बढ़ रही है। कोरोना महामारी ने इसके जोखिमों को और भी बढ़ा दिया है। मायोपिया के कारण मानसिक रोगों का खतरा नेत्र रोग विशेषज्ञ कहते हैं, ज्यादातर मामलों में मायोपिया का निदान बचपन में ही किया जाता है। ये समस्या सिर्फ आंखों तक ही सीमित नही हैं, इसके कारण मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर होने का खतरा रहता है। मायोपिया के कारण बच्चों की विशिष्ट खेलों और अन्य गतिविधियों में भागीदारी कम हो जाती है। बाहर खेल-कूद में कमी के कारण मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर हो सकता है। मायोपिया के शिकार लोगों में भविष्य में स्ट्रेस-एंग्जाइटी और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित कई तरह की अन्य विकारों का जोखिम अधिक हो सकता है। बच्चों में मायोपिया की बढ़ती समस्या ब्रिटिश जर्नल ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन में बच्चों में मायोपिया की बढ़ती समस्या को लेकर अलर्ट किया गया है। 50 देशों में पांच मिलियन (50 लाख) से अधिक बच्चों और किशोरों पर किए गए शोध में पाया गया है कि एशियाई देशों में इसका जोखिम सबसे अधिक देखा जा रहा है। जापान में 85% और दक्षिण कोरिया में 73% बच्चे निकट दृष्टि दोष से ग्रस्त हैं, जबकि चीन और रूस में 40% से अधिक बच्चे इससे प्रभावित हैं। मायोपिया के बारे में जानिए नेत्र रोग विशेषज्ञों के मुताबिक मायोपिया (निकट दृष्टिदोष) आंखों की गंभीर समस्या है, जिसमें रोगी को अपने निकट की वस्तुएं तो स्पष्ट रूप से देखती हैं, लेकिन दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई पड़ती हैं। इसमें आंख का आकार बदल जाता है। सामान्यतौर पर आंख की सुरक्षात्मक बाहरी परत कॉर्निया के बड़े हो जाने के कारण ऐसी समस्या हो सकती है। ऐसी स्थिति में आंख में प्रवेश करने वाला प्रकाश ठीक से फोकस नहीं कर पाता है। क्यों बढ़ रहे हैं मायोपिया के मामले ‘द लैंसेट डिजिटल हेल्थ जर्नल’ में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया था कि स्क्रीन टाइम ने बच्चों और युवाओं में मायोपिया के जोखिम को पहले की तुलना में काफी बढ़ा दिया है। स्मार्ट डिवाइस की स्क्रीन पर बहुत अधिक समय बिताना मायोपिया के खतरे को 30 फीसदी तक बढ़ा देता है। इसके साथ ही कंप्यूटर के अत्यधिक उपयोग के कारण यह जोखिम बढ़कर लगभग 80 प्रतिशत हो गया है। इसके अलावा कोरोना महामारी की नकारात्मक स्थितियों जैसे लोगों को ज्यादा से ज्यादा समय घरों में बीतना, बाहर खेलकूद में कमी और ऑनलाइन क्लासेज के कारण आंखों से संबधित इस रोग के मामले और भी बढ़ गए हैं। 

16 करोड़ रुपये की लागत से ओंकारेश्वर में वॉटर टूरिज्म बढ़ाने की योजना, राजस्व में होगी वृद्धि

खंडवा टूरिज्म के लिहाज से बड़ी खबर है. मध्य प्रदेश टूरिज्म डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन (MPTDC) बोट क्लबों सहित वॉटर टूरिज्म की उन सभी जगहों को विकसित कर रहा है, जहां टूरिस्ट को आकर्षित किया जा सकता है. इसी सिलसिले में कॉर्पोरेशन ने ओंकारेश्वर में वॉटर टूरिज्म बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है. इसमें मिनी क्रूज, पैरासिलिंग और मैकेनिकल बोट चलाने की योजना बनाई जा रही है. इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 16 करोड़ रुपये है. अधिकारी बताते हैं कि सरकार को वित्तीय वर्ष 2023-24 में बोट क्लब से 6 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है. इनके दोबारा बनने से राजस्व में वृद्धि हो सकती है. मध्य प्रदेश टूरिज्म डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन (MPTDC) के अधिकारियों ने बताया कि हमने प्रदेश की कई जगहों पर नए बोट क्लबों की स्थापना के साथ-साथ पहले से स्थापित जगहों को और खूबसूरत बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है. ताकि, टूरिस्ट को प्रदेश के टूरिज्म स्पॉट पर और ज्यादा सुविधाएं मिल सकें. हमने नए वॉटर टूरिज्म के नए केंद्रों को स्थापित करने का भी प्रस्ताव दिया है. गौरतलब है कि, ओंकारेश्वर में पहले से ही छोटा सा बोट क्लब है. इसमें चार स्पीड बोट चलाई जाती हैं. इन्हें एक साल पहले यहां लाया गया था. अब इसे और विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है. यह है पूरा प्रस्ताव अधिकारी बताते हैं कि ओंकारेश्वर में हमने पैरासेलिंग बोट चलाने का प्रस्ताव दिया है. इससे एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए नया केंद्र होगा. भोपाल से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि टूरिस्ट को यहां तक लाने के लिए कई सुविधाओं और गतिविधियों की योजना बनाई जा रही है. हम यह भी कोशिश कर रहे हैं कि डीजल की जगह इलेक्ट्रिकल-सोलर ऊर्जा की इस्तेमाल किया जाए. दूसरे डैम भी होंगे विकसित इसके अलावा कॉर्पोरेशन गंभीर डैम और सरसी बोट को भी विकसित किया जाएगा. उज्जैन के गंभीर डैम में भी मिनी क्रूज, इलैक्ट्रिक बोट और शिकारा चलाया जाएगा. इंदौर क्षेत्र में ओंकारेश्वर, सैलानी, गांधी सागर और चोरल में टूरिज्म एक्टिविटी होती हैं. प्रदेश में फिलहाल 15 बोट क्लब संचालित हैं.

20 अक्टूबर करवा चौथ 80 साल बाद गजकेसरी योग में मानेगा

 हिंदू धर्म में करवा चौथ का विशेष महत्व है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए और कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत को कठोर व्रत में से एक माना जाता है, क्योंकि इसे निर्जला रखा जाता है। रात को चंद्रमा देखने के बाद ही व्रत खोलते हैं। इस साल करवा चौथ का व्रत 20 अक्टूबर को रखा जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस साल करवा चौथ पर काफी दुर्लभ योग बन रहे हैं, जिससे कई राशियों की किस्मत चमक सकती है। बता दें कि अबकी बार करवा चौथ के दिन गजकेसरी, महालक्ष्मी के साथ शश, समसप्तक, बुधादित्य, जैसे राजयोगों का निर्माण हो रहा है। ऐसे में कुछ राशि के जातकों की किस्मत चमक सकती है। आइए जानते हैं करवा चौथ पर बन रहे शुभ योगों से किन राशियों की चमक सकती है किस्मत… ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अबकी बार सूर्य और बुध दोनों ही ग्रह शुक्र की राशि तुला में है। ऐसे में बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही शुक्र के वृश्चिक राशि में आने वह गुरु के साथ मिलकर समसप्तक योग का निर्माण कर रहे हैं। इसके अलावा शनि अपनी राशि कुंभ में रहकर शश राजयोग का निर्माण कर रहे हैं। इसके अलावा चंद्रमा वृषभ राशि में गुरु के साथ युति करके गजकेसरी और मिथुन राशि में मंगल के साथ युति करके गजकेसरी राजयोग का निर्माण कर रहे हैं। वृषभ राशि (Vrishabha Zodiac) इस राशि के जातकों के लिए करवा चौथ का दिन काफी खास जाने वाला है। इस राशि के जातकों को हर क्षेत्र में सफलता के साथ-साथ धन लाभ हो सकता है। लंबे समय से रुके काम पूरे होने के साथ-साथ परिवार के साथ खुशनुमा वक्त बीतेगा। इस राशि के जातकों के ऊपर बुध, शुक्र, शनि के साथ-साथ मंगल ग्रह की विशेष कृपा हो सकती है। ऐसे में इस राशि के जातकों द्वारा किए गए कामों की सराहना हो सकती है। वाहन, संपत्ति आदि खरीदने की चाह पूरी हो सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है। संतान की ओर से भी कोई खुशखबरी मिल सकती है। कन्या राशि (Kanya Zodiac) कन्या राशि के जातकों के लिए करवा चौथ का दिन लाभकारी सि्द्ध हो सकता है। इस राशि के जातकों हर क्षेत्र में सफलता हासिल हो सकती है। लंबे समय से चली रही पैसों की तंगी से निजात मिल सकता है। संतान की ओर से भी कोई खुशखबरी मिल सकती है। इसके साथ ही आपकी भी थोड़ी सी टेंशन कम होगी। वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहेगी। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। इसके साथ ही अविवाहितों को शादी का प्रस्ताव आ सकता है। सरकारी नौकरी पाने के भी चांसेस तेजी से बन रहे हैं। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। स्वास्थ्य ही अच्छा रहने वाला है। तुला राशि (Tula Zodiac) इस राशि के जातकों के लिए भी करवा चौथ काफी खुशियां लेकर आने वाला है। एकाग्रता में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही बौद्धिक क्षमता अच्छे होने के कारण आप कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं। भविष्य के लिए लिया गया ये निर्णय आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है। छात्रों के लिए भी ये अवधि लाभकारी सिद्ध हो सकती है। पढ़ाई में मन लगेगा। परिवार के साथ अच्छा वक्त बीतेगा। जीवन में खुशियों की दस्तक हो सकती है। कार्यस्थल पर वरिष्ठों और सहकर्मियों का साथ मिलेगा, जिससे आप अपने लक्ष्य को पाने में सफल हो सकते हैं।

इंदौर शहर में केबल कार चलाने का प्रारंभिक सर्वे का कार्य भी पूरा, राजवाड़ा से तीन रूट जुड़े

 इंदौर  इंदौर शहर में मेट्रो का निर्माण कार्य जारी है और गांधी नगर से रोबोट चौराहा तक कारिडोर बनाया जा चुका है। इसी बीच शहर में केबल कार चलाने का प्रारंभिक सर्वे का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। प्रारंभिक सर्वे में सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाले क्षेत्र को कवर कर सात रूट बनाए गए हैं। यह रूट 60.12 किमी क्षेत्र को कवर करेंगे। प्रत्येक किलोमीटर की अनुमानित लागत 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। पहले फेस में 2.5 किमी हिस्से में निर्माण करने का प्रस्ताव है। इस हिस्से में केबल कार का रूट बनाने के लिए 250 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। शहर के केबल कार चलाने के लिए प्रारंभिक सर्वे में सात रूट बनाए गए हैं। इनमें से प्राथमिकता वाले रूट का चयन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक में होगा। इसके बाद एजेंसी डिटेल रिपोर्ट तैयार करेंगी। शहर में केबल कार चलाने के लिए भारी-भरकम राशि खर्च करना होगी। आइडीए के सीईओ आरपी अहिरवार का कहना है कि अभी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार हुई है। जल्द ही बैठक कर फाइनल रूट तय किया जाएगा। इसके बाद कंपनी कंपनी फाइनल रिपोर्ट बनाएगी। 1.3 किमी पर बनेगा स्टेशन मेट्रो की प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रत्येक 1.3 किमी पर स्टेशन का प्रस्ताव दिया गया है। 60 किमी लंबे सात रूट पर 41 स्टेशन बनाने का प्रस्ताव कंपनी ने रखा है। प्रत्येक रूट के एक किमी हिस्से में बफर जोन रहेगा। फाइनल रूट तय होने के बाद अलग-अलग रूट में काम किया जाएगा। ताकि शहर में यातायात की परेशानी की समस्या उत्पन्न न हो। राजवाड़ा से तीन रूट जुड़े प्रारंभिक सर्वे में जो रूट तय किए गए है, उसमें तीन रूट ही राजवाड़ा से जुड़े हैं। जबकि अन्य चार रूट बाहरी क्षेत्रों में बनाए गए है। लाइन वन चंदशेखर चौराहा से शिवाजी वाटिका तक जा रही है। इसमें गुरुद्वारा पर स्टेशन प्रस्तावित है। जबकि लाइन-2 राजवाड़ा से सुपर कॉरिडोर तक बनेगी, इसमें राजवाड़ा पर स्टेशन प्रस्तावित है। लाइन-7 जो रामचंद्र नगर से पलासिया दरगाह तक बनेगी इसमें राजवाड़ा चौक पर स्टेशन प्रस्तावित है। यह हैं सात रूट     लाइन-1 – चंद्रशेखर आजाद चौराहा से मालगंज, जवाहर मार्ग गुरुद्वारा, सरवटे बस स्टेशन से शिवाजी वाटिका चौराहा तक।     लाइन-2 – जवाहर मार्ग गुरुद्वारा से राजवाड़ा चौक, मरीमाता, टिगरिया बादशाह से सुपर कारिडोर तक।     लाइन-3 – खालसा चौक से लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन, मरीमाता, किला मैदान होते हुए रामचंद्र नगर तक।     लाइन-4 – खालसा चौक से विजय नगर, शिवाजी वाटिका, टावर चौराहा, आइटी पार्क, पालदा होते हुए बायपास तक।     लाइन-5 – भीम नगर से चाणक्यपुरी, दशहरा मैदान, लुनियापुरा, सरवटे बस स्टेशन से रेलवे स्टेशन तक।     लाइन-6 – रेलवे स्टेशन से मालवा मिल, पाटनीपुरा, बापट चौराहा से खालसा चौक निरंजनपुर तक।     लाइन-7 – रामचंद्र नगर से बड़ा गणपति, राजवाड़ा चौक, रेलवे स्टेशन से पलासिया दरगाह तक।  

देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस स्लीपर मुंबई से दिल्ली रूट पर चलाई जाएगी, मध्य प्रदेश के 5 स्टेशनों से होकर गुजरेगी

भोपाल वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारतीय रेलवे द्वारा पेश की गयी एक अल्ट्रामॉर्डन और कंफर्टेबल ट्रेन है जो लंबी दूरी की यात्रा को सुविधाजनक और आरामदायक बनाने के उद्देश्य से जल्द शुरू होने वाली है। इसकी सौगात मध्यप्रदेश वासियों को भी मिल रही है। जानकारी के मुताबिक पहली वंदे भारत स्लीपर का कॉमर्शियल रन आने वाले समय यानि दिसंबर तक शुरू हो जाएगा। देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस स्लीपर मुंबई से दिल्ली रूट पर चलाई जा सकती है। स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस मध्य प्रदेश के 5 स्टेशनों से होकर गुजरेगी। रेलवे बोर्ड ने इसका रूट भी लगभग फाइनल कर लिया है। कितना होगा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) पहले ही बता चुके है कि वंदे भारत स्लीपर का किराया देश में राजधानी एक्सप्रेस के किराए के बराबर होने वाला है। अर्थात् फर्स्ट एसी में लगभग 2100 रुपये , सेकंड एसी में लगभग 1695 रुपये, थर्ड एससी में लगभग 1270 रुपये किराया रहेगा। एमपी से चल रही है ये वंदे भारत एक्सप्रेस -रानी कमलापति स्टेशन से हजरत निजामउद्दीन वंदे भारत ट्रेन (अप्रैल 2023 से शुरू) । इसमें 16 कोच हैं। 1128 सीटों वाली इस ट्रेन में 14 एसी चेयर कार और 2 एग्जीक्यूटिव क्लास कोच हैं। -हजरत निजामुद्दीन से खजुराहो के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस (मार्च 2024 से)यह ट्रेन झांसी, ग्वालियर, ललितपुर, टीकमगढ़ और छतरपुर में रुकती है। -रानी कमलापति स्टेशन से जबलपुर और इंदौर के लिए दो ट्रेनें (जून 2023 से शुरू)। नागपुर और रीवा तक एक्सटेंड किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल नई दिल्ली के भारत मंडपम में वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन असेंबली का करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार सुबह 10 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन असेंबली (डब्ल्यूटीएसए) 2024 का उद्घाटन करेंगे जिसका आयोजन अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ द्वारा किया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी कार्यक्रम के दौरान इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 के आठवें संस्करण का भी उद्घाटन करेंगे। वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन असेंबली (डब्ल्यूटीएसए) अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) के मानकीकरण कार्य के लिए शासी सम्मेलन है, जो संयुक्त राष्ट्र की डिजिटल प्रौद्योगिकी एजेंसी है। यह सम्मेलन हर चार साल में आयोजित किया जाता है। पहली बार इसका आयोजन भारत और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में किया जाएगा। यह एक महत्वपूर्ण वैश्विक आयोजन है। इसमें 190 से ज्यादा देशों के तीन हजार से अधिक उद्यमी, नीति-निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो दूरसंचार, डिजिटल और आईसीटी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करेंगे। डब्ल्यूटीएसए 2024 एक ऐसा मंच प्रदान करेगा जहां देश को अगली पीढ़ी की महत्वपूर्ण तकनीकों जैसे 6जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), आईओटी, बिग डेटा, साइबर सुरक्षा आदि के मानकों के भविष्य पर चर्चा की जाएगी। भारत में इस कार्यक्रम की मेजबानी करने से देश को वैश्विक दूरसंचार एजेंडे को आकार देने और भविष्य की प्रौद्योगिकियों की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। भारतीय स्टार्टअप और अनुसंधान संस्थान बौद्धिक संपदा अधिकार और मानक आवश्यक पेटेंट विकसित करने में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के लिए तैयार हैं। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम का प्रदर्शन होगा, जिसमें प्रमुख दूरसंचार कंपनियां और नवप्रवर्तनकर्ता क्वांटम तकनीक, सर्कुलर इकोनॉमी, 6जी, 5जी, क्लाउड और एज कंप्यूटिंग, आईओटी, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, ग्रीन टेक, सैटकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में नवाचार और प्रगति का प्रदर्शन करेंगे। इंडिया मोबाइल कांग्रेस, एशिया का सबसे बड़ा डिजिटल तकनीकी मंच, दुनिया भर में उद्योग, सरकार, अकादमिक, स्टार्टअप और अन्य प्रमुख हितधारकों के लिए नवीनतम समाधान, सेवाएं और आधुनिक उपयोग के मामलों को प्रदर्शित करने का एक जाना-माना प्लेटफॉर्म बन गया है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में 400 से अधिक प्रदर्शकों, लगभग 900 स्टार्टअप और 120 से ज्यादा देशों की भागीदारी होगी। इस आयोजन का उद्देश्य 900 से अधिक तकनीकी उपयोग परिदृश्यों का प्रदर्शन करना, 100 से अधिक सत्र और चर्चाएं आयोजित करना है, जिसमें 600 से अधिक वैश्विक और भारतीय वक्ता शामिल होंगे।

दिवाली से पहले मिल सकता है 1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए DA में 3% की बढ़त का तोहफा

नई दिल्ली देश में करीब 1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण खुशखबरी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार दिवाली से पहले इन कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 3% की बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है। यह बढ़ोतरी कर्मचारियों के लिए लंबे समय से अपेक्षित थी, और इसकी घोषणा 25 अक्टूबर तक की जा सकती है। DA की वर्तमान स्थिति फिलहाल, केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 50% है। यदि यह 3% की बढ़ोतरी लागू होती है, तो DA बढ़कर 53% हो जाएगा। इस बढ़ोतरी से न केवल कर्मचारियों को लाभ होगा, बल्कि उन्हें जुलाई, अगस्त और सितंबर महीनों का एरियर भी प्राप्त होगा। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और त्योहारों के समय उन्हें वित्तीय राहत मिलेगी। कैबिनेट की मंजूरी इस प्रस्ताव को लेकर बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने का पूरा प्लान तैयार कर लिया है। कैबिनेट की बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी, जिसके बाद इसे आधिकारिक रूप से मंजूरी दी जाएगी। कैबिनेट द्वारा मंजूरी मिलने के बाद, जल्द ही कर्मचारियों के खातों में नया DA और एरियर का पैसा ट्रांसफर किया जा सकता है। हिमाचल प्रदेश और यूपी सरकार की पहल दिवाली के इस समय, अन्य राज्यों में भी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की खबरें आई हैं। हाल ही में, हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए 4% महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इससे राज्य के 1.80 लाख सरकारी कर्मचारियों और 1.70 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। यह कदम दशहरा से पहले उठाया गया, जिससे कर्मचारियों को त्योहार के मौसम में अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिली। इसी तरह, उत्तर प्रदेश सरकार ने मार्च 2024 में अपने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4% की बढ़ोतरी की थी। ये सभी पहलें दर्शाती हैं कि राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों के कल्याण के प्रति गंभीर हैं और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। महंगाई भत्ते की गणना की प्रक्रिया महंगाई भत्ते की गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आधार पर की जाती है। AICPI, देश में खुदरा मूल्य आंदोलनों को ट्रैक करता है, और इस सूचकांक का नियमित रूप से संशोधन किया जाता है। महंगाई भत्ता साल में दो बार, आमतौर पर जनवरी और जुलाई में, संशोधित किया जाता है। जब भी महंगाई में वृद्धि होती है, तो इससे कर्मचारियों के DA में भी बढ़ोतरी की जाती है।   कर्मचारियों की मांग कर्मचारी संगठन लंबे समय से महंगाई भत्ते में वृद्धि की मांग कर रहे थे। इस संदर्भ में, सरकार की इस पहल को बहुत सकारात्मक रूप में देखा जा रहा है। अगर यह प्रस्ताव कैबिनेट से मंजूरी पा जाता है, तो इसे सरकारी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय मदद माना जाएगा। त्योहारों का महत्व त्योहारों का समय हमेशा से लोगों के लिए खुशी और उत्सव का समय होता है। दिवाली, जो भारत में सबसे बड़े त्योहारों में से एक है, इस समय महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी होने से कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगी। यह बढ़ोतरी उन्हें अपने परिवार के साथ बेहतर तरीके से त्योहार मनाने में मदद करेगी। कुल मिलाकर, महंगाई भत्ते की प्रस्तावित बढ़ोतरी न केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी खुशियों का कारण बनेगी। दिवाली से पहले इस खुशी की उम्मीद करना न केवल उचित है, बल्कि इससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। इस फैसले से ना केवल कर्मचारियों को वित्तीय राहत मिलेगी, बल्कि यह उन्हें अपने काम में और भी प्रेरित करेगा। सरकार की इस पहल से सरकारी कर्मचारियों में सकारात्मकता और उत्साह बढ़ेगा, जो समाज के लिए एक अच्छी खबर है।

अंतरिक्ष में जोड़े जाएंगे स्पेसक्राफ्ट के हिस्से, ISRO बड़े प्रयोग की तैयारी, रचेगा इतिहास

नई दिल्ली ISRO चीफ डॉ. एस. सोमनाथ ने खुलासा किया है कि दिसंबर में इसरो SPADEX (Space Docking Experiment) मिशन कर सकता है. क्योंकि चंद्रयान-4 (Chandrayaan-4) के लिए अंतरिक्ष में डॉकिंग बहुत जरूरी तकनीक है. डॉकिंग मतलब जो अलग-अलग हिस्सों को एकदूसरे की तरफ लाकर उसे जोड़ना. इस समय SPADEX के सैटेलाइट्स का इंटीग्रेशन हो रहा है. एक महीने में ये बनकर तैयार हो जाएंगे. इसके बाद इनकी टेस्टिंग वगैरह होगी. सिमुलेशन होंगे. उम्मीद है कि इसरो इसे 15 दिसंबर 2024 या उससे पहले लॉन्च करे. यह मिशन अंतरिक्ष में डॉकिंग प्रोसेस पूरा करने की पहली सीढ़ी होगी. SPADEX मिशन क्यों है जरूरी? अंतरिक्ष में दो अलग-अलग चीजों को जोड़ने की ये तकनीक ही भारत को अपना स्पेस स्टेशन बनाने में मदद करेगी. साथ ही चंद्रयान-4 प्रोजेक्ट में भी हेल्प करेगी. स्पेडेक्स यानी एक ही सैटेलाइट के दो हिस्से होंगे. इन्हें एक ही रॉकेट में रखकर लॉन्च किया जाएगा. अंतरिक्ष में ये दोनों अलग-अलग जगहों पर छोड़े जाएंगे. धरती की निचली कक्षा में प्रयोग इसके बाद इन दोनों हिस्सों को धरती से निचली कक्षा में जोड़ा जाएगा. ताकि ये फिर से एक यूनिट बन जाएं. इस पूरे प्रोसेस कई तरह के काम होंगे- जैसे दोनों अलग-अलग हिस्से एकदूसरे को खुद से अंतरिक्ष में खोजेंगे. उनके पास आएंगे. ताकि एक ही ऑर्बिट में आ सकें. इसके बाद दोनों एकदूसरे से जुड़ जाएंगे. इसरो के आगे के मिशन क्या होंगे? इसके बाद इसरो गगनयान के दो टेस्ट करेगा. पहला टेस्ट व्हीकल डिमॉन्स्ट्रेशन-2 (TVD2) और पहला मानवरहित मिशन (G1). इस दौरान इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट और पैड अबॉर्ट टेस्ट भी किए जाएंगे. G1 मिशन में ह्यूमेनॉयड व्योममित्र (Vyomitra) महिला रोबोट भी जाएगी. ताकि उसके ऊपर पड़ने वाले असर की स्टडी की जा सके. G1 में एक सीट पर व्योममित्र और दूसरे पर एनवायरमेंटल कंट्रोल एंड लाइफ सपोर्ट सिस्टम (ECLSS) होगा. इन दोनों के डेटा का एनालिसिस किया जाएगा. ताकि यह पता चल सके कि अंतरिक्ष में इंसानों पर क्या असर होगा. और इलेक्ट्रॉनिक्स, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर आदि पर क्या फर्क पड़ेगा.  

रूस के काजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले सदस्यता लेने की मची होड़, 34 देशों की सदस्यता पर नई रार

नई दिल्ली रूस के काजान में इसी महीने 22 से 24 अक्तूबर के बीच ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। उससे पहले ब्रिक्स की सदस्यता लेने की होड़ सी मच गई है। पाकिस्तान, तुर्की, म्यांमार, सीरिया, फिलिस्तीन समेत कुल 34 देशों ने ब्रिक्स की सदस्यता के लिए आवेदन दिया है। बड़ी बात यह है कि हिंसा प्रभावित सीरिया, म्यांमार और फिलिस्तीन ने भी आवेदन दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि आगामी शिखर सम्मेलन में 10 नए सदस्यों और 10 पार्टनर को इस संगठन में शामिल किया जा सकता है। बता दें कि भारत,ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका इसके संस्थापक सदस्य देश हैं। जनवरी 2024 में इस समूह का विस्तार हुआ था। अब इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भी शामिल हैं। न्‍यू इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक काजान में होने वाली बैठक में आम सहमति बनने के बाद ही नए सदस्‍यों का ऐलान किया जाएगा। कहा जा रहा है कि भारत ब्रिक्स में नए सदस्यों को शामिल करने का फिलहाल पक्षधर नहीं है, जबकि चीन क्षेत्रीय दबदबा मजबूत करने और अपने एजेंडे को साधने के लिए ब्रिक्स का विस्तार करना चाहता है। चीन इस एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए रूस को अपने साथ ला सकता है। किन-किन देशों ने किया है आवेदन रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन 34 देशों ने ब्रिक्स की सदस्यता के लिए आवेदन दिया है, उनमें अल्‍जीरिया, अजरबैजान, बहरीन, बांग्‍लादेश, बेलारूस, बोलिव‍िया, क्‍यूबा, चाड, इंडोनेशिया, कजाखस्‍तान, कुवैत, पाकिस्‍तान, कुवैत, मलेशिया, लाओस, म्‍यांमार, मोरक्‍को, नाइजीरिया, सेनेगल, दक्षिण सूडान, श्रीलंका, फिलिस्‍तीन, सीरिया, थाइलैंड, तुर्की, यूगांडा, वेनेजुएला, वियतनाम और जिंबाब्‍वे शामिल हैं। इस लिस्ट में कई ऐसे देश हैं जो चीन के करीबी हैं और उन पर चीन का बहुत ज्यादा प्रभाव है। ये देश चीन के साथ मिलकर अमेरिकी नेतृत्व वाले गठजोड़ और देशों का विरोध करते हैं। अपने फायदे के लिए विस्तार चाहता है चीन विश्लेषकों का मानना है कि चीन ब्रिक्स का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करना चाहता है। इसी कड़ी में श्रीलंका और बांगलादेश का भी नाम जुड़ा है, जो भारत के पड़ोसी देश हैं लेकिन चीन की तरफ झुकाव रखते हैं। चीन चाहता है कि जी-7 के खिलाफ ब्रिक्स को खड़ा किया जाय। वह रूस को आगे कर अपनी चाल चल रहा है। इस वक्त रूस यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में फंसा हुआ है और पश्चिमी देशों के साथ लोहा ले रहा है, जबकि चीन उसकी मदद कर रहा है। भारत नहीं चाहता ब्रिक्स का विस्तार भारत और ब्राजील को छोड़कर ब्रिक्स के सभी सदस्य देश चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) का हिस्सा हैं। भले ही ब्राजील आधिकारिक तौर पर बीआरआई का हिस्सा नहीं है, लेकिन चीन उसे लुभाने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि वह ब्राजील से निर्यात होने वाली चीजों का लगभग एक-तिहाई हिस्सा खरीदता है। ऐसे में भारत का तर्क है कि अभी हाल ही में ब्रिक्स का विस्तार हुआ है, इसलिए अभी रुककर इसके विस्तार पर विचार किया जाना चाहिए। काजान में होने वाले शिखर सम्मेलन में ईरान और तुर्की के भी राष्ट्रपति शामिल होने वाले हैं। भारत की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जाने वाले हैं। तीन महीने के अंदर उनकी यह दूसरी रूस यात्रा होगी। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भी इसमें शामिल होने की संभावना है। दरअसल, ब्रिक्स एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसकी स्थापना 2006 में की गई थी। रूस ने 01 जनवरी, 2024 को ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली। इस वर्ष की शुरुआत रूस, ब्राजील, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के अलावा अब इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब शामिल हो चुके हैं। रूस की ब्रिक्स अध्यक्षता निष्पक्ष वैश्विक विकास और सुरक्षा के लिए बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर केंद्रित है। अपनी अध्यक्षता के हिस्से के रूप में रूस 200 से अधिक राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।

कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट वाली याचिका हुई खारिज, कहा- यह सिर्फ सनसनी फैलाने के लिए है: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने कोविड वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स वाली याचिका को खारिज कर दिया है। याचिका में दावा किया गया था कि कोविड वैक्सीन के इस्तेमाल के बाद से इंसानों के ऊपर साइड इफेक्ट्स (रक्त का थक्का जमना, हार्ट अटैक) दिखाई दे रहे हैं, जिसे लेकर यूके की एक कोर्ट में भी मुकदमा दायर किया गया है। चीफ जस्टिस डीवाई चन्द्रचूड़, जस्टिस जे बी पादरीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने कहा कि जनहित याचिका को खारिज करते हुए कहा कि यह सिर्फ सनसनी फैलाने के लिए है। हमें उस स्थिति के बारे में भी सोचना चाहिए कि अगर वैक्सीन ना ली जाती तो क्या साइड इफेक्ट्स होते। जस्टिस पादरीवाला ने याचिकाकर्ता से सवाल किया कि क्या आपने वैक्सीन ली है? आपको कुछ हुआ है, जिस पर याचिकाकर्ता के वकील ने वैक्सीन लेने की बात को स्वीकार किया लेकिन किसी भी तरह के साइड इफेक्ट से इंकार किया। इस पर बेंच की तरफ से कहा गया कि यह याचिका केवल सनसनी फैलाने का प्रयास लग रही है, इसलिए हम इसे खारिज कर रहे हैं। प्रिया मिश्रा और अन्य याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर की गई इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने मांग की गई थी कि वह मेडिकल विशेषज्ञों की एक समिति से एस्ट्राजेनेका की कोविडशील्ड वैक्सीन और उसके साइड इफेक्ट और जानलेवा जोखिम की जांच करवाएं। इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट के सामने यह मांग की रखी गई थी कि इस समिति में दिल्ली एम्स के निदेशक और रिटायर सुप्रीम कोर्ट के जज हों ताकि वैक्सीन के जोखिमों का अध्ययन किया जा सके। इसके अलावा याचिका में यह भी मांग की गई थी कि इस वैक्सीन से जिन लोगों को भी नुकसान हुआ है उनके लिए वैक्सीन डैमेज पेमेंट सिस्टम स्थापित किया जाए, जिसमें मुआवजे की व्यवस्था हो। दरअसल, कोविड वैक्सीन बनाने वाली ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका ने अप्रैल में कोर्ट में माना था कि वैक्सीन से इंसानों को ऊपर खतरनाक साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। उन्होंने माना कि वैक्सीन से रक्त के थक्के और प्लेटलेट्स की कमी हो सकती है, हालांकि इसके चांसेज बहुत कम हैं। भारत के सीरम इंस्टीट्यूट ने भी जो कोविडशील्ड वैक्सीन बनाई थी वह एस्ट्राजेनेका के फॉर्मूला पर ही आधारित थी। इसी वैक्सीन की करीब 175 करोड़ से ज्यादा खुराकें तो भारत में दी जा चुकी हैं और करोड़ों की संख्या में यह विदेशों को भी भेजी जा चुकी हैं।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास सतत रूप से जारी

रायपुर : गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित प्रसव के लिए बेहतर सुविधा – स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल बलौदाबाजार के जिला अस्पताल में 9 महीने में हुए 462 सिजेरियन सहित 1 हजार 800 से अधिक प्रसव  स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास सतत रूप से जारी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सुविधाओं एवं संसाधनों में लगातार इजाफा हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास सतत रूप से जारी है। इसी कड़ी में बलौदाबाजार में कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। जिला अस्पताल बलौदाबाजार में इस वर्ष जनवरी 2024 से माह सितंबर तक 9 माह में कुल 1816 सफल प्रसव कराए गए हैं। उक्त प्रसव में से 1354 सामान्य प्रसव तथा 462 सिजेरियन शामिल है। सिजेरियन में आकस्मिक और पूर्व नियोजित दोनों ही सम्मिलित हैं। जिला अस्पताल बलौदाबाजार के सिविल सर्जन डॉक्टर के. के. टेम्भूरने ने बताया कि अस्पताल में तीन स्त्री रोग विशेषज्ञों के साथ कुशल प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ अपनी सेवाएं देते हैं। यहाँ आधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रसव कक्ष स्थापित है। प्रसव के बाद नवजात शिशु के देखभाल हेतु विशेष एस.एन.सी.यू. भी स्थापित है। उक्त कुल प्रसव में 161 बच्चों को उक्त एस.एन.सी.यू. में भर्ती कर उनकी विशेष देखभाल भी की गई। ग्राम खैरा से माह सितंबर में अपनी 23 वर्षीय पत्नी को प्रसव पीड़ा पर जिला अस्पताल लेकर आएं नोहर पटेल ने बताया कि अस्पताल में आने पर उन्हे बताया गया कि फीटल डिस्ट्रेस की स्थिति है जिसमें भ्रुण तक ऑक्सीजन पहुँचने में दिक्कत होती है और बच्चे की धड़कन बढ़ती है। ऐसे में ऑपेरशन के माध्यम से प्रसव हुआ जिसमें मां और बच्चे दोनों ही स्वस्थ हैं। इसी प्रकार प्रोलांग लेबर (देर तक प्रसव पीड़ा) की स्थिति में आये हुए गिरौदपुरी के पास स्थित ग्राम खोसड़ा के रहने वाले महेंद्र पैकरा ने बताया कि 28 वर्षीय उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा काफी देर से हो रही थी जिस कारण जिला अस्पताल लेकर आया तथा यहाँ ऑपेरशन के माध्यम से प्रसव हुआ। अस्पताल में दवाई और अन्य सुविधाएं निःशुल्क प्राप्त हुई। इस प्रकार के ऑपेरशन का निजी अस्पताल में काफी पैसा खर्च होता, जो बच गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बलौदाबाजार डॉ. राजेश कुमार अवस्थी के अनुसार जिला अस्पताल एन.क्यू.ए.एस. प्रमाण पत्र धारी संस्था है। यह प्रमाण पत्र उच्च गुणवत्त्तापूर्ण सेवाएँ प्रदान करने के कारण राष्ट्रीय स्तर के मूल्यांकन के बाद प्राप्त हुआ है। अस्पताल में प्रसव की इस सुविधा को लगातार बेहतर से और बेहतर करने का प्रयास जारी है, जिससे आम जनता को इसका लाभ प्राप्त हो सके।

हमारे नागरिकों के हितों की रक्षा के हमारे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है : जयशंकर

नई दिल्ली विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दुनिया के विभिन्न देशों से आज अपील किया कि वे भारत की प्रतिभाओं एवं युवा जनशक्ति का अपने यहां विकास के लिए लाभ लें। डॉ जयशंकर ने यहां सुषमा स्वराज भवन में प्रवासी श्रमिकों के कानूनी एवं सुरक्षित प्रवासन के लिए विदेश मंत्रालय के विदेशी रोज़गार प्रभाग द्वारा विकसित पोर्टल ‘ईमाईग्रेट’ के नये संस्करण के अनावरण के मौके पर यह अपील की। इस मौके पर केन्द्रीय श्रम, रोज़गार, खेल एवं युवा मामलों के मंत्री मनसुख मांडविया और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गरीटा भी उपस्थित थे। डॉ जयशंकर ने कहा कि पिछले साल ही सुरक्षित और कानूनी प्रवासन चैनलों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विदेश मंत्रालय के अभियान के दौरान प्रधानमंत्री ने ‘सुरक्षित जाएं, संरक्षित जाएं’ आदर्श वाक्य के साथ एक स्मारक डाक टिकट जारी किया था। आज का कार्यक्रम उस भावना को दर्शाता है क्योंकि यह जीवन को आसान बनाने और जन केंद्रित शासन को बढ़ाने के लिए मोदी सरकार की प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है। ई-माइग्रेट पोर्टल का शुभारंभ भारतीय श्रमिकों के लिए एक सुरक्षित, अधिक पारदर्शी और समावेशी गतिशीलता बनाने के हमारे निरंतर प्रयासों का एक प्रमाण है और हमारे नागरिकों के हितों की रक्षा के हमारे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। विदेश मंत्री ने कहा कि जबकि हम भारत की अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रतिष्ठा में अपने प्रवासी श्रमिकों के अमूल्य योगदान को पहचानते हैं, हमें उन कमजोरियों को भी स्वीकार करना चाहिए जिनका वे विदेशी भूमि पर सामना करते हैं। हमारे मिशनों, विशेष रूप से खाड़ी में मिशनों में समर्पित श्रमिक अताशे हैं जो श्रम और अन्य शिकायतों का निवारण सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि संशोधित ई-माइग्रेट पोर्टल में उनके सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए 24 गुणा 7 बहुभाषी हेल्पलाइन नंबर भी हैं, जिनके लिए कभी-कभी तत्काल समाधान की आवश्यकता होती है।” उन्होंने कहा कि यह पाेर्टल एवं मोबाइल ऐप प्रवासी श्रमिकों के लिए अवसरों के द्वार खोल रहा है। भारत सरकार ने उनके लिए रोज़गार के अवसराें के साथ सुरक्षित एवं प्रशिक्षित प्रवासन के सभी उपाय भी मुहैया कराये हैं। विदेश मंत्री ने इस मौके पर मौजूद विदेशी राजनयिकों से अपील की कि वे अपने अपने देशों के विकास की यात्रा में भारत की प्रतिभाओं एवं परिश्रमी युवाओं के कौशल का लाभ उठायें। उन्होंने सभी पक्षकारों से ईमाइग्रेट पोर्टल के उपयोग की भी अपील की। मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने भारत के युवाओं को ना केवल देश में बल्कि विश्व भर में रोज़गार के अवसर सुलभ कराने का संकल्प लिया है और उनका कहना है कि भारत सरकार के सभी मंत्रालयों एवं विभागों को समग्रता में सोचना एवं योजना तैयार करना चाहिए। ईमाइग्रेट पोर्टल उसी सोच का परिणाम है जिसमें श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय का नेशनल कैरियर पोर्टल और माई भारत पोर्टल भी जुड़ा है। इससे दुनिया के अन्य देशों को भी भारत की प्रतिभाओं का लाभ उठाने का मौका मिलेगा। ईमाइग्रेट पोर्टल एवं मोबाइल ऐप में डिजीलॉकर, करीब छह लाख कॉमन सर्विस सेंटरों, भाषिणी अनुवाद सेवा, उमंग पोर्टलों को जोड़ा गया है। आर्थिक जांच वांछित (ईसीआर) श्रेणी के 21 देशों और नॉन ईसीआर देशों में काम के लिए इच्छुक कामगार सीधे पंजीकरण करा सकते हैं। विदेशी मिशनों में स्थायी रूप से माइग्रेशन अताशे की नियुक्ति की गयी है जो प्रवासी श्रमिकों की मदद के मुद्दों को देखते हैं।      

बहराइच में बढ़ा बवाल, मूर्ति विसर्जन के दौरान गोली मारने से युवक की मौत, सब रखकर लोगो ने किया प्रदर्शन

बहराइच बहराइच में महसी के महाराजगंज कस्बे में मूर्ति विसर्जन के दौरान गोली मारने से मृतक युवक का शव सुबह पौने आठ बजे गांव पहुंचा। मौके पर पहुंचे तहसीलदार को आक्रोशित ग्रामीणों ने खदेड़ दिया। शव लेकर ग्रामीण महसी तहसील मुख्यालय कूच कर आए हैं। यहां शव रखकर हजारों की भीड़ प्रदर्शन कर रही है। कई थानों की पुलिस संग डीएम व एसपी मौके पर लोगों को समझाने में लगी हुई हैं, लेकिन आक्रोशित लोग हत्यारोपितों के एनकाउंटर व घर पर बुलडोजर चलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। महाराजगंज कस्बे में मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान खैरीघाट थाने के ग्राम रेहुआ मंसूर निवासी 22 वर्षीय गोपाल मिश्र को गोली मार दी गई थी। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आज सुबह उसका शव पैतृक गांव पहुंचते ही आसपास के गांवों के लोग एकत्र हो गए। सूचना पर तहसीलदार महसी पहुंचे। इन्हें देखते ही ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया। तहसीलदार जाओ, जाओ के नारे संग उन्हें खदेड़ दिया गया। ग्रामीण शव को कंधों पर रखकर निकल पड़े। जिस गांव से शव गुजरा सैकड़ों ग्रामीण कारवां के साथ जुड़ते चले गए। सात किलोमीटर लंबा फासला तय कर ग्रामीण शव लेकर महसी तहसील मुख्यालय पहुंच गए। यहां शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। सूचना पर डीएम मोनिका रानी, एसपी वृंदा शुक्ला, एडीएम गौरव रंजन, एएसपी ग्रामीण पवित्र मोहन त्रिपाठी समेत कई थानों की पुलिस भी बुला ली गई है। आक्रोशित ग्रामीणों को माइक से डीएम लगातार समझाने का प्रयास कर रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गोली मारने व उन्माद करने वालों को खोज कर एनकाउंटर किया जाए। आरोपितों के घरों पर बुलडोजर संग पीड़ित परिवार को एक करोड़ की मुआवजा उपलब्ध कराया जाना चाहिए। फिर भांपने में चूका खुफिया तंत्र जिला अस्पताल गेट बाहर सड़क पर शव प्रदर्शन के बाद भी जनभावनाओं को समझने में खुफिया व पुलिस महकमा एक बार फिर चूका है। जिस समय मृतक का शव गांव पहुंचा। आला अधिकारी के बजाए तहसीलदार को मौके पर भेजा गया है। इसके चलते सात किलोमीटर तक शव लेकर आक्रोशित ग्रामीण तहसील मुख्यालय पहुंच गए। डीएम माइक से वार्ता की लगातार कर रही अपील डीएम मोनिका रानी आक्रोशित भीड़ संग वार्ता को लेकर लगातार माइक से समझाने का प्रयास कर रही हैं। डीएम तीन जिम्मेदारों को सामने आकर अपनी मांग रखने को कह रही हैं। उनका कहना है कि शव दफनाने के बाद वे लोग मांग को लेकर तत्काल कार्रवाई शुरू करेंगी। हालांकि भीड़ लिखित आश्वासन मांग रही है। विधायक के आश्वासन पर माने लोग, शव लेकर निकले गांव की ओर महसी तहसील मुख्यालय पर शव रखकर सुबह नौ बजे से प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण विधायक महसी सुरेश्वर सिंह के आश्वासन के बाद मान गए हैं। ग्रामीण तहसील से शव लेकर गांव की ओर निकल पड़े हैं। शव यात्रा में भारी भीड़ भी शामिल है। सुरक्षा के मद्देनजर गांव तक के रास्तों पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। विधायक ने कठोर से कठोर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।

राज्यपाल से राजभवन में प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों ने की मुलाकात

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकसेवा पात्र, जरूरतमंदों और गरीबों की सेवा करने का सुअवसर है। उन्होंने डिप्टी कलेक्टरों से कहा कि “लोकसेवा” शब्द का अर्थ गहराई से समझें। जनता की सेवा के भाव को अपने मन में सदैव सबसे ऊपर रखें।  सेवाकाल में ईमानदारी और निष्ठा से काम करने में ही जीवन की सार्थकता है। राज्यपाल पटेल नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय एकेडमी भोपाल में प्रशिक्षणाधीन राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर्स को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर अकादमी के महानिदेशक जे.एन. कंसोटिया भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के ग़रीब कल्याण कार्यक्रमों को सफल बनाना लोक सेवकों की ज़िम्मेदारी है। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराना उनका मूल कर्तव्य है। अपने सेवाकाल में हमेशा बड़े-बुजुर्गों, दिव्यांगों और वंचितों के प्रति सम्मान और आदर का भाव रखें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि राज्य की सेवा करने के लिए प्रशासनिक तंत्र का अंग बनने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। प्रशिक्षु अधिकारी प्रशिक्षण से जुड़ी बातें, नियमों और अधिनियमों को बारीकी से सीखें। प्रदेश की सामाजिक, आर्थिक, भौगोलिक, चुनौतियों के अनुरूप समाधान का दृष्टिकोण अपनाए। उन्होंने प्रशासनिक अकादमी भोपाल द्वारा अधिकारियों को स्वच्छ और संवेदनशील लोक-सेवक बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने राज्य प्रशासनिक सेवा में चयन के लिए सभी प्रशिक्षणार्थियों को बधाई भी दी। जनजाति समुदाय के साथ संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार रखें राज्यपाल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश जनजातीय बहुल राज्य है। प्रदेश के समग्र विकास के लिए जनजाति वर्ग का विकास बहुत जरूरी है। प्रशिक्षु अधिकारी जनजाति समुदाय के प्रति हमेशा सरल, संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार रखें। उनके साथ आत्मीय, सीधा और जीवंत सम्पर्क बनाए। उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल करने में अपना  योगदान दें। महानिदेशक नरोन्हा एकेडमी, भोपाल जे.एन. कंसोटिया ने स्वागत उद्बोधन में राज्यपाल पटेल को प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। राज्यपाल पटेल का संचालक प्रशासनिक अकादमी मुजीबुर्रहमान खान ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। प्रशिक्षु अधिकारी सुप्रियंका भलावी और आशुतोष महादेवसिंह ठाकुर ने प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा किया। विधि भारद्वाज ने आभार माना। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, राजभवन के अधिकारी उपस्थित थे।  

केंद्रीय कर्मचारियों को एक महीने की सैलरी के बराबर बोनस, खाते में आएगी इतनी राशि, आदेश जारी

नई दिल्ली वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा 10 अक्तूबर को जारी आदेश के अनुसार, एडहॉक बोनस के तहत जो रकम दी जाती है, उसका निर्धारण करने के लिए एक नियम बनाया गया है। कर्मियों का औसत वेतन, गणना की उच्चतम सीमा के अनुसार, जो भी कम हो, उसके आधार पर यह बोनस जोड़ा जाता है। यदि किसी कर्मी को सात हजार रुपये मिल रहे हैं, तो उसका 30 दिनों का मासिक बोनस लगभग 6908 रुपये रहेगा। इस तरह के बोनस का फायदा, केंद्र सरकार के उन कर्मचारियों को ही मिलेगा, जो 31 मार्च 2024 को सेवा में रहे हैं। उन्होंने साल 2023-24 के दौरान कम से कम छह महीने तक लगातार ड्यूटी दी है। इन आदेशों के तहत तदर्थ बोनस का भुगतान केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों के पात्र कर्मचारियों के लिए भी स्वीकार्य होगा। ये आदेश संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन के उन कर्मचारियों पर भी लागू माने जाएंगे, जो परिलब्धियों के संबंध में केन्द्र सरकार की पद्धति का अनुसरण करते हैं। इसके अलावा वे कर्मचारी, किसी अन्य बोनस या अनुमग्रह स्कीम के अंतर्गत नहीं आते हैं। इन आदेशों के अंतर्गत भुगतान के लिए केवल वे कर्मचारी पात्र होंगे, जो 31.03.2024 को सेवा में थे और जिन्होंने वर्ष 2023-24 के दौरान न्यूनतम छह महीने तक लगातार सेवा की है। वर्ष में छह महीने से लेकर पूरे एक वर्ष तक लगातार सेवा की अवधि के लिए पात्र कर्मचारियों को यथा-अनुपात भुगतान किया जाएगा। पात्रता-अवधि की गणना, सेवा के महीनों (महीनों की निकटतम पूर्णांकित संख्या) के रूप में की जाएगी। गैर-उत्पादकता संबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) की मात्रा की गणना औसत परिल्बधियों/गणना की उच्चतम सीमा, इनमें से जो भी कम हो, के आधार पर की होगी। एक दिन के लिए गैर-उत्पादकता संबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) की गणना करने के लिए, एक वर्ष की औसत परिलब्धियों को 30.4 (एक महीने के औसत दिनों की संख्या) से विभाजित किया जाएगा। इसके बाद दिए जाने वाले बोनस के दिनों की संख्या से इसको गुणा किया जाएगा। उदाहरण के लिए, मासिक परिलब्धियों की उच्चतम गणना सीमा को 7000/- रुपए (जहां वास्तविक औसत परिलब्धियां 7000/- रुपए से ज्यादा हैं) मानते हुए, 30 दिनों के लिए गैर-उत्पादकता संबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) 7000 x 30/30.4 + 6907.89/- रुपए (पूर्णाकित 6908/- रुपए) बनेगा। ऐसे दिहाड़ी मजदूर, जिन्होंने 6 कार्य-दिवसीय सप्ताह वाले दफ़्तरों में पिछले तीन अथवा इससे अधिक वर्षों में हर वर्ष कम से कम 240 दिन (पांच कार्य-दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों के मामले में 3 या इससे अधिक वर्षों में हर वर्ष 206 दिन) कार्य किया है, इस गैर-उत्पादकता संबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) के भुगतान के पात्र होंगे। देय गैर-उत्पादकता संबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) की राशि (1200 रुपए x 30/30.4 अर्थात 1184.21/- रुपए (पूर्णाकित 1184/- रुपए)) होगी। ऐसे मामलों में जहां वास्तविक परिलब्धियां 1200/- रुपए प्रतिमाह से कम हैं, इस राशि की गणना वास्तविक मासिक परिलग्धियों के आधार पर होगी। इन आदेशों के अंतर्गत सभी भुगतान निकटतम रुपए में पूर्णाकित किए जाएंगे।  इस मद में होने वाला व्यय दिनांक 16 दिसंबर, 2022 की व्यय विभाग की अधिसूचना के अनुसार संबंधित शीर्ष के नामे डाला जाएगा। गैर-उत्पादकता संबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) की मद में होने वाला व्यय चालू वर्ष के लिए संबंधित मंत्रालयों/विभागों के संस्वीकृत बजट प्रावधान के तहत पूरा किया जाना है। जहां तक भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा विभाग में कार्यरत व्यक्तियों का संबंध है, ये आदेश भारत के संविधान के अनुच्छेद 148(5) के तहत यथा अधिदेशित भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के परामर्श से जारी किए गए हैं। योग्य कर्मचारी, इन शर्तों को जरुर पढ़ लें वित्त मंत्रालय के आदेश में कहा गया है, जो कर्मचारी अस्थायी तौर से एडहॉक बेस पर नियुक्त हुए हैं, उन्हें भी ये बोनस मिलेगा, बशर्ते उनकी सेवा के बीच कोई ब्रेक न रहा हो। ऐसे कर्मचारी जो, 31 मार्च 2024 को या उससे पहले सेवा से बाहर हो गए, उन्होंने त्यागपत्र दे दिया हो या सेवानिवृत हुए हों, उसे स्पेशल केस माना जाएगा। इसके तहत वे कर्मी, जो अमान्य तरीके से मेडिकल आधार पर 31 मार्च से पहले रिटायर हो गए या दिवंगत हो गए हैं, लेकिन उन्होंने वित्तीय वर्ष में छह माह तक नियमित ड्यूटी की है, तो उसे एडहॉक बोनस के योग्य माना जाएगा। इसके लिए संबंधित कर्मचारी की नियमित सेवा की निकटवर्ती संख्या को आधार बनाकर ‘प्रो राटा बेसिस’ पर बोनस तय होगा। ये कर्मचारी होंगे बोनस के हकदार इस बोनस के लिए केंद्र सरकार के वे कर्मचारी हकदार होंगे जो 31 मार्च 2024 तक सर्विस में थे और जिन्होंने वर्ष के दौरान कम से कम 6 महीने की निरंतर सेवा दी है. जो कर्मचारी एक वर्ष से कम समय तक सर्विस कर चुके हैं, उन्हें काम किए गए महीनों के आधार पर बोनस मिलेगा. कैसे होगा बोनस का कैलकुलेशन बोनस की राशि की गणना औसत वेतन को 30.4 से विभाजित करके की जाएगी, फिर उसे 30 दिनों से गुणा किया जाएगा. उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की मंथली तनख्वाह 7,000 रुपये है, तो उनका 30 दिनों का नॉन-प्रोडक्टविटी लिंक्ड बोनस लगभग 6,908 रुपये आएगा. जो अस्थायी श्रमिक (Casual laborers) लगातार तीन सालों में हर साल कम से कम 240 दिन काम कर चुके हैं, वे भी इस बोनस के लिए पात्र होंगे. ऐसे श्रमिकों के लिए बोनस 1,200 प्रति माह के आधार पर तय की जाएगी. आर्डर के अनुसार, सभी पेमेंट को निकटतम रुपये में राउंडेड किया जाएगा और खर्चों को संबंधित मंत्रालयों और विभागों द्वारा उनके स्वीकृत बजट के भीतर कवर किया जाएगा. केंद्र सरकार ये कर्मी भी होंगे बोनस के पात्र वे कर्मचारी, जो प्रतिनियुक्ति, विदेश सेवा, केंद्र शासित प्रदेश या किसी पीएसयू में 31 मार्च 2024 को कार्यरत हैं तो उन्हें लेंडिंग डिपार्टमेंट यानी उधार देने वाला विभाग, यह बोनस नहीं देगा। ऐसे केस में उधार लेने वाले संगठन की जिम्मेदारी बनती है कि वह एडहॉक बोनस, पीएलबी, एक्सग्रेसिया और इंसेंटिव स्कीम आदि प्रदान करे, बशर्तें वहां ऐसे प्रावधान चलन में हों। यदि कोई कर्मचारी ‘सी’ या इससे ऊपर के ग्रेड में है और उसे वित्तीय वर्ष के दौरान बीच में ही विदेश सेवा से वापस बुला लिया जाता है, तो इसे लेकर एडहॉक बोनस का नियम बनाया गया है। इसके तहत वित्तीय वर्ष में विदेशी विभाग से यदि उस कर्मी के … Read more

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet