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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व दूरसंचार मानकीकरण सभा (डब्ल्यूटीएसए) का उद्घाटन किया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) की ओर से आयोजित किए जाने वाली विश्व दूरसंचार मानकीकरण सभा (डब्ल्यूटीएसए) का उद्घाटन किया। इसके अलावा पीएम ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) के आठवें संस्करण का भी उद्घाटन किया। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में कई लेटेस्ट इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और 6जी डेवलपमेंट के अपडेट आदि की जानकारी मिलेगी। इस दौरान टेलीकॉम स्टेकहोल्डर्स भी मौजूद थे। डब्ल्यूटीएसए दुनिया भर के दूरसंचार मानकों को तय करने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक है। यह अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ के मुख्य सम्मेलनों में से एक है, जिसे हर चार साल में आयोजित किया जाता है। भारत और एशिया-प्रशांत में पहली बार आईटीयू-डब्ल्यूटीएसए का आयोजन किया जा रहा है। यह एक महत्वपूर्ण वैश्विक कार्यक्रम है जो 190 से अधिक देशों के 3,000 से अधिक उद्योग जगत के नेताओं, नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच पर एकत्रित करने जा रहा है। डब्ल्यूटीएसए 2024 देशों को 6जी, एआई, आईओटी, बिग डेटा, साइबर सुरक्षा आदि जैसी अगली पीढ़ी की महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के मानकों के भविष्य पर चर्चा करने और निर्णय लेने के लिए एक मंच प्रदान कर रहा है। भारत में इस कार्यक्रम की मेजबानी से देश के वैश्विक दूरसंचार एजेंडे को आकार देने और भविष्य की प्रौद्योगिकियों के लिए दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। इसके जरिए भारतीय स्टार्टअप और अनुसंधान संस्थान बौद्धिक संपदा अधिकार और मानक अनिवार्य पेटेंट विकसित करने में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के लिए तैयार हैं। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में भारत के इनोवेशन संबंधी इकोसिस्टम का प्रदर्शन होगा, इसमें अग्रणी दूरसंचार कंपनियां और इनोवेटर क्वांटम तकनीक और सर्कुलर इकोनॉमी में प्रगति को उजागर करेंगे। साथ ही, 6जी, 5जी यूज-केस शोकेस, क्लाउड और एज कंप्यूटिंग, आईओटी, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, ग्रीन टेक, सैटकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पर भी प्रकाश डालेंगे। एशिया का सबसे बड़ा डिजिटल प्रौद्योगिकी मंच इंडिया मोबाइल कांग्रेस उद्योग जगत, सरकार, शिक्षाविदों, स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी समेत दूरसंचार क्षेत्र के इकोसिस्टम में अन्य प्रमुख हितधारकों के लिए अभिनव समाधान, सेवाओं और अत्याधुनिक उपयोग के मामलों को प्रदर्शित करने के लिए दुनिया भर में एक प्रसिद्ध मंच बन गया है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में 400 से अधिक प्रदर्शकों, लगभग 900 स्टार्टअप और 120 से ज्यादा देशों की भागीदारी होगी। इस आयोजन का उद्देश्य 900 से अधिक तकनीकी उपयोग परिदृश्यों का प्रदर्शन करना, 100 से अधिक सत्र और चर्चाएं आयोजित करना है, जिसमें 600 से अधिक वैश्विक और भारतीय वक्ता शामिल होंगे।    

चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय पदों में भर्ती की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूर्ण की जाये : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमन्त्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिये हैं कि लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय पदों में भर्ती की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूर्ण की जाये। संबंधित विभागीय अधिकारी चयन संस्थानों से नियमित संपर्क में रहें। औपचारिकताओं की पूर्ति में किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में लोक सेवा आयोग एवं कर्मचारी चयन मंडल द्वारा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग में की जाने वाली चयन प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। आयुक्त लोक स्वास्थ्य तरुण राठी, सचिव चिकित्सा शिक्षा श्रीमती सुरभि गुप्ता और संचालक श्रीमती मल्लिका नागर उपस्थित रहीं। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में 33 हज़ार 118 पदों में भर्ती प्रक्रियाधीन है। इनमें 3 हज़ार 341 विज्ञप्त श्रेणी, 3 हज़ार 620 नर्सिंग श्रेणी के और 5 हज़ार 732 अविज्ञप्त श्रेणी के पद हैं। इनमें आईपीएचएस मानक के लिये स्वीकृत 18 हज़ार 653 पद, 263 उन्नयन संस्थाओं के लिये 5 हज़ार 664 पद, कैलाशनाथ काटजू सिविल हॉस्पिटल के 195 पद, 454 उन्नयन संस्थाओं के लिये 7 हज़ार 977 पद, 9 शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय के लिए 414 पद सहित 10 अन्य संस्थानों के 215 पद शामिल है। विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी, सिविल सर्जन, प्रशासकीय अधिकारी, अस्पताल अधीक्षक, सहायक प्रबंधक, प्रबंधक, हॉस्पिटल असिस्टेंट, नर्सिंग ऑफिसर, मेट्रन, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट, लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर सहित अन्य चिकित्सकीय सहायक चिकित्सकीय पदों पर चयन की कार्यवाही लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल द्वारा की जा रही है।  

दुनिया के अमीरों की लिस्ट में भारी उलटफेर, अडानी, अंबानी की नेटवर्थ में भी गिरावट

नई दिल्ली  भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की नेटवर्थ में हफ्ते के पहले दिन  गिरावट देखने को मिली। अडानी पहले ही 100 अरब डॉलर क्लब से बाहर हो चुके हैं। अब उन पर अमीरों की लिस्ट में टॉप 20 से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक सोमवार को उनकी नेटवर्थ में 67.3 करोड़ डॉलर की गिरावट आई। वह 98.9 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 18वें नंबर पर हैं। इस साल उनकी नेटवर्थ में 14.6 अरब डॉलर की तेजी आई है। इस बीच देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में भी 98.4 लाख डॉलर की गिरावट आई। वह 104 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 14वें नंबर पर है। इस साल उनकी नेटवर्थ में 7.91 अरब डॉलर की गिरावट आई है। रिलायंस ने बाजार बंद होने के बाद अपने तिमाही नतीजों की घोषणा की। दूसरी तिमाही में कंपनी के नेट प्रॉफिट में तीन फीसदी गिरावट आई है। सोमवार को कंपनी का शेयर बीएसई पर 0.11 फीसदी गिरावट के साथ बंद हुआ जबकि सेंसेक्स 0.73 फीसदी तेजी के साथ बंद हुआ। जेंसन हुआंग टॉप 10 की दहलीज पर इस बीच अमेरिका की दिग्गज एआई चिप कंपनी एनवीडिया का शेयर  रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ ही यह दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी बनने के करीब पहुंच गई। इसका मार्केट कैप 3.39 ट्रिलियन डॉलर हो गया है जबकि ऐपल का मार्केट कैप 3.52 ट्रिलियन डॉलर है। इस तेजी से कंपनी के फाउंडर और सीईओ जेंसन हुआंग की नेटवर्थ 121 अरब डॉलर पहुंच गई है। इस बीच लैरी एलिसन 186 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं। एलिसन सॉफ्टवेयर कंपनी ओरेकल कॉर्प के सबसे बड़े स्टेकहोल्डर हैं। टेस्ला, स्पेसएक्स, एक्स समेत कई कंपनियों को चला रहे एलन मस्क 241 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में टॉप पर बने हुए हैं। ऐमजॉन के फाउंडर जेफ बेजोस 210 अरब डॉलर के साथ फिर दूसरे नंबर पर आ गए हैं। फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म के सीईओ मार्क जकरबर्ग 209 अरब डॉलर के साथ अब तीसरे नंबर पर खिसक गए हैं। फ्रांसीसी कारोबारी बर्नार्ड अरनॉल्ट 185 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ पांचवें नंबर पर खिसक गए हैं। इस साल उनकी नेटवर्थ में 22.2 अरब डॉलर की गिरावट आई है।

महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव: तारीखों का ऐलान, 20 नवंबर को महारास्ट्र में मतदान, 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे परिणाम

नई दिल्ली चुनाव आयोग के अनुसार, महाराष्ट्र में 20 नवंबर को एक चरण में मतदान होगा। वहीं 23 नवंबर को चुनाव के नतीजों का एलान कर दिया जाएगा। झारखंड में पहले चरण का मतदान 13 नवंबर को होगा, दूसरा चरण 20 नवंबर को को होगा। चुनाव आयोग ने 48 विधानसभा सीटों और दो लोकसभा सीटों पर उपचुनाव के शेड्यूल का भी एलान किया है। महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। महाराष्ट्र में एक ही चरण में 20 नवंबर को को मतदान होगा। दोनों ही राज्यों के चुनाव नतीजे एक साथ ही 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। महाराष्ट्र में विधानसभा की कुल 288 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 145 है। वहीं झारखंड में 81 सीटें हैं और बहुमत का नंबर 42 है। महाराष्ट्र में 26 नवंबर को मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। वहीं झारखंड में 5 जनवरी तक नई सरकार का गठन हो जाना चाहिए। चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र विधानसभा के कार्यकाल को ध्यान में रखते हुए ही नवंबर में चुनाव कराने का फैसला लिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि झारखंड में कुल 2.6 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या 1.6 करोड़ है, जबकि 1.3 करोड़ से ज्यादा पुरुष मतदाता हैं। इस तरह झारखंड में महिला वोटर्स की संख्या पुरुष मतदाताओं की तुलना में अधिक है। वहीं महाराष्ट्र में कुल 1 लाख 186 पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। महिलाओं के लिए अलग से बूथ भी बनेंगे। इसके अलावा बूथों पर बुजुर्ग एवं महिला वोटर्स को वेटिंग के दौरान आराम के लिए बैठने की व्यवस्था भी की जाएगी। आपराधिक प्रवृत्ति वाले उम्मीदवारों को तीन बार मीडिया में अपने बारे में जानकारी देनी होगी। इसके अलावा पार्टियों को भी बताना होगा कि आखिर उन्हें ही क्यों टिकट दिया जा रहा है। चुनाव आयुक्त ने कहा कि हर तरह से निष्पक्ष चुनाव पर फोकस रहेगा। किसी भी तरह के प्रलोभन पर नजर रहेगी। मनी, मसल पावर पर लगाम कसी जाएगी। इसके अलावा नशे आदि पर भी रोक लगाने का प्रयास रहेगा। चीफ इलेक्शन कमिश्नर राजीव कुमार ने कहा कि हमने तय किया है कि किसी भी मतदाता को 2 किलोमीटर से ज्यादा का सफर वोटिंग के लिए न करना पड़े। महाराष्ट्र और झारखंड की सीमाओं पर भी कड़ी चौकसी रखी जाएगी ताकि दूसरे राज्यों से कैश, नशे आदि की तस्करी न होने पाए।

POCSO केस में बोला हाईकोर्ट- किसी नाबालिग के सामने कपड़े उतारकर यौन संबंध बनाना यौन उत्पीड़न के बराबर है

नई दिल्ली POCSO एक्ट के तहत किसी नाबालिग के सामने कपड़े उतारकर यौन संबंध बनाना यौन उत्पीड़न के बराबर है और दंडनीय अपराध है। हाल ही में एक याचिका पर सुनवाई के दौरान केरल हाईकोर्ट ने यह बात कही है। आरोप हैं कि याचिकाकर्ता और पीड़ित बच्चे की मां को यौन संबंध बनाते हुए बच्चे ने देख लिया था, जिसके बाद कथित तौर पर उसके साथ पीटा गया। क्या बोला कोर्ट लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस ए बदरुद्दीन ने कहा कि शरीर के किसी भी अंग को इस मंशा से दिखाना कि उसे बच्चा देख ले, उसे यौन उत्पीड़न के बराबर माना जाएगा। कोर्ट का कहना है कि बच्चे के सामने कपड़े हटाकर यौन संबंध बनाना POCSO की धारा 11 के तहत यौन उत्पीड़न के बराबर और धारा 12 के तहत दंडनीय अपराध है। रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने कहा, ‘स्पष्ट रूप से कहें, तो जब कोई व्यक्ति बच्चे को नग्न शरीर दिखाता है, तो यह दिखाता है कि वह बच्चे का यौन उत्पीड़न करने का इरादा रखता है। ऐसे में यह POCSO एक्ट की धारा 12 के साथ धारा 11(i) रीड के तहत दंडनीय अपराध है। इस मामले में आरोप हैं कि आरोपी कमरा लॉक किए बगैर कपड़े हटाने के बाद यौन संबंध बनाने में व्यस्त थे। उन्होंने बच्चे को कमरे में आने दिया, ताकि वह यह सब देख ले।’ कोर्ट ने कहा, ‘ऐसे में प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता के खिलाफ POCSO एक्ट की धारा 12 के साथ धारा 11(i) रीड के दंडनीय अपराध करने का आरोप लगाया गया है।’ क्या था मामला दूसरे आरोपी के तौर पर पेश किए गए याचिकाकर्ता और पहली आरोपी पीड़िता की मां के बीच यौन संबंध थे। रिपोर्ट के अनुसार, आरोप हैं कि याचिकाकर्ता और पीड़ित बच्चे की मां ने नाबालिग को सामान लाने के लिए भेजकर लॉज के कमरे में यौन संबंध बनाए। आरोप हैं कि नाबालिग लड़के ने वापस लौटने पर कमरा बंद नहीं होने के चलते याचिकाकर्ता और उसकी मां को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। लड़के को देखकर याचिकाकर्ता ने उसे गले से पकड़ा और गाल पर मारा और लात भी मारी। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता ने नाबालिग को पीटा, जिसके चलते उसे चोट पहुंची। कोर्ट का कहा है कि नाबालिग लड़के याचिकाकर्ता का कोई प्रभा या नियंत्रण नहीं होने के चलते जेजे की धारा 75 के तहत अपराध नहीं बनता है। अदालत ने याचिकाकर्ता के खिलाफ IPC की धारा 341 और जेजे एक्ट की धारा 75 के तहत आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। यौन उत्पीड़न को समझाते हुए अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता और पीड़ित की मां बगैर दरवाजा बंद किए यौन संबंध बना रहे थे। कोर्ट ने कहा कि कमरा बंद नहीं होने के कारण नाबालिग अंदर पहुंच गया, जिसके चलते उसने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ IPC की धारा 34 के साथ धारा 323 रीड और POCSO एक्ट की धारा 12 के साथ धारा 11(i) रीड के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है।

प्रदेश के 2,378 जनजाति छात्रावास सोलर पॉवर सिस्टम से होंगे रोशन, सरकार खर्च करेगी1500 करोड़

भोपाल मध्यप्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के ट्राइबल हॉस्टल्स में अब अनकट पावर सप्लाई की व्यवस्था होगी। आदिवासी छात्रावासों में बिजली बिल के खर्च और बार-बार बिजली की समस्या के समाधान के लिए सोलर पावर सिस्टम लगाए जाएंगे। जनजातीय कार्य विभाग के अधीन सभी छात्रावास, आश्रम, शालाएं, कन्या शिक्षा परिसर, क्रीड़ा परिसर सहित अन्य विशिष्ट श्रेणी की संस्थाओं में सोलर पॉवर सिस्टम लगाए जाएंगे। प्रदेश भर की 2,378 संस्थाओं में सोलर पॉवर सिस्टम लगाने के लिए करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए भेजा है। परीक्षाओं की स्मार्ट प्रिपरेशन में भी मिलेगी मदद सोलर पॉवर सिस्टम लगने से इन संस्थाओं में ई-कक्षाएं (स्मार्ट क्लासेस, स्मार्ट लैब) और नई तकनीक के उपयोग से विद्यार्थियों को स्कूली परीक्षाएं सहित प्रतियोगी परीक्षाओं की स्मार्ट प्रिपरेशन में भी मदद मिलेगी। विभागीय कार्ययोजना को अनुमोदन मिलते ही इन सभी संस्थाओं में सोलर पॉवर सिस्टम लगाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। छात्रावास-आश्रमों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे छात्रावासों, आश्रम शालाओं एवं अन्य विशिष्ट श्रेणी की संस्थाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर ठोस प्रस्ताव तैयार किया है। विभाग के अधीन ऐसी कुल 2,810 संस्थाएं हैं। इनमें से 1,305 संस्थाओं में पहले से ही सीसीटीवी कैमरे स्थापित हैं। शेष सभी विभागीय संस्थाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाने विभाग ने करीब 1053.85 लाख रुपए का अनुमानित व्यय प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इससे विद्यार्थियों के अध्ययन-अध्यापन एवं अन्य गतिविधियों की भी नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जा सकेगी।  

Pearl Chit Fund Refund: निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी, 6 करोड़ निवेशकों को 50 हजार करोड़ रुपये रिफंड अभियान शुरू

नई दिल्ली 50 हजार करोड़ रुपये के पर्ल ग्रुप पोंजी स्कैम मामले में अब 10 साल बाद निवेशकों के चेहरे पर खुशी लौटनी शुरू हो गई है। इस स्कीम में फंसे करीब 6 करोड़ निवेशकों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनकी धनराशि वापस करने के लिए अभियान शुरू किया है। ईडी ने कहा कि उसने पर्ल एग्रो ग्रुप की 700 करोड़ रुपये की कुर्क की गई संपत्तियों की डिटेल जस्टिस लोढ़ा कमिटी के साथ शेयर की है। लोढ़ा कमिटी का गठन सुप्रीम कोर्ट ने किया था। यह कमिटी जब्त की गई संपत्तियों के निपटान और पीड़ितों को धनराशि वापस करने का काम करती है। सेबी ने लगाया था बैन पर्ल एग्रो ग्रुप ने 18 वर्षों में 59 मिलियन (5.9 करोड़) निवेशकों से 49,100 करोड़ रुपये लिए थे। यह रकम ‘अवैध’ रूप से ली गई थी। सेबी ने इस ग्रुप पर इस प्रकार से पैसा इकट्टा करने को लेकर बैन लगा दिया था। इस मामले की जांच एक दशक पहले उस समय शुरू हुई थी जब सीबीआई ने फरवरी 2014 में पहली बार एफआईआर दर्ज की थी। हवाला के जरिए दुबई भेजा गया था पैसा ईडी की जांच में पता चला कि पर्ल ग्रुप के प्रमोटरों ने एक पोंजी स्कीम शुरू की थी। इसमें उन्होंने निवेशकों को प्लॉट आवंटित करने का वादा किया था। हालांकि, रिटर्न देने के बजाय प्रमोटरों ने कोलकाता में रजिस्टर्ड फर्जी संस्थाओं को धनराशि ट्रांसफर कर दी। फिर इन कंपनियों से नकदी के रूप में पैसा निकाला गया और हवाला चैनलों का उपयोग करके दुबई भेजा गया। इसके बाद इन पैसे को होटल और रिजॉर्ट खरीदने के लिए कई देशों में निवेश किया गया। ऑस्ट्रेलिया में खपाई सबसे ज्यादा रकम जांच में पता चला कि ऑस्ट्रेलिया में संपत्ति खरीदने में बड़ा निवेश किया गया था। 2018 में ED ने PACL और उसके प्रमोटर निर्मल सिंह भंगू की ऑस्ट्रेलिया में 462 करोड़ रुपये की दो संपत्तियां जब्त कीं। चार साल बाद भारत में भंगू के ग्रुप की संस्थाओं और सहयोगियों से जुड़ी 244 करोड़ रुपये की और संपत्तियां जब्त की गईं। इस मामले की जांच अभी भी जारी है। कई राज्यों में हुई तलाशी पिछले हफ्ते ईडी ने इस राशि का पता लगाने के लिए दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और उत्तराखंड में 44 स्थानों पर तलाशी ली। हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक ED ने गुरुग्राम में SRS ग्रुप के प्रोजेक्ट SRS पर्ल, SRS सिटी, SRS प्राइम के घर खरीदारों को पहले लॉट में 78 फ्लैट लौटाना शुरू कर दिया है, जिनकी कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक है।

सिंहस्थ-2028 में100 करोड़ से अधिक के काम के लिए कैबिनेट मंजूरी, 50 KM रेडियस में बनेगी सिंहस्थ के लिए पार्किंग

उज्जैन सिंहस्थ-2028 के दौरान उज्जैन में 10 किमी से लेकर 50 किमी एरिया तक में मुख्य मार्गों पर पार्किंग सह ट्रांजिट क्षेत्र बनाए जाएंगे। 10 सितंबर को हुई बैठक में उज्जैन कलेक्टर ने मुख्यमंत्री और सिंहस्थ की मंत्रिमंडलीय कमेटी के सामने प्रजेंटेशन दिया था। 4 दिन बाद इस प्रजेंटेशन का विवरण जारी हुआ। जिसके मुताबिक उज्जैन जिला प्रशासन के प्रजेंटेशन पर सैद्धांतिक सहमति दे दी गई है। विभागों से कहा- समय सीमा में कराएं काम नोडल एजेंसी बनाए गए नगरीय विकास विभाग ने सभी संबंधित विभागों से कहा है कि समय-सीमा में काम पूरा कराएं। बड़े वाहन शहर के बाहर रोके जाएंगे और वहां सुविधायुक्त ट्रांजिट स्थल बनाए जाएंगे। इन ट्रांजिट स्थलों से शहर के अंदर तक (मंदिर के घाटों तक आने के लिए) नि:शुल्क परिवहन (इलेक्ट्रिक बसें) की व्यवस्था की जानी चाहिए। छोटे और निजी वाहनों को शहर के भीतर न्यूनतम दूरी तक आने की अनुमति देने और शहरी सीमा में तय पार्किंग स्थलों को चिह्नित किए जाएं और उनके उपयोग की कार्ययोजना बनाएं। इंदौर और उज्जैन संभाग के सभी बस अड्‌डों को चिह्नित कर उनकी क्षमता विस्तार, सुविधा, मजबूतीकरण और नवीनीकरण का काम पुनर्घनत्वीकरण योजना या पीपीपी मोड पर किया जाएगा। सिंहस्थ में होने वाले कामों को लेकर केंद्रीय योजनाओं और केंद्र सहायता वाली योजनाओं व निजी जनभागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से काम कराने पर फोकस किया जाएगा। सिंहस्थ के कामों के प्रस्ताव संबंधित विभाग, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों के माध्यम से नोडल विभाग नगरीय विकास और आवास विभाग को भेजे जाएंगे। नगरीय विकास विभाग करेगा इन प्रस्तावों का परीक्षण जो काम किए जाने हैं, उसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनी है जो विचार कर काम को कार्ययोजना में शामिल किए जाने का फैसला करेगी। इसके साथ ही इस कमेटी द्वारा विभागीय कार्य, सिंहस्थ मद के काम और पीपीपी मोड के काम के लिए वित्तीय व्यवस्था की भी अनुशंसा की जाएगी। इस मामले में अंतिम निर्णय मंत्रिमंडलीय समिति लेगी। 100 करोड़ से अधिक के काम के लिए कैबिनेट मंजूरी     मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा कामों को मंजूरी दिए जाने के बाद विभागीय मद से काम होगा। मुख्य सचिव इसकी समीक्षा करेंगे।     सिंहस्थ मद से होने वाले कामों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति लेना होगी। 20 करोड़ रुपए तक के काम स्टेट फाइनेंस कमेटी और 100 करोड़ तक के काम ईएफसी और इससे अधिक राशि के काम कैबिनेट की मंजूरी के बाद होंगे।     3 साल से अधिक समय लगने वाले कामों को चिह्नित कर लिया गया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने इसका परीक्षण भी कर लिया है। यह काम करेगा PWD     लोक निर्माण विभाग (PWD) खाकचौक वीर सावरकर चौराहा से गढ़कालिका से भर्तहरी गुफा होकर रंजीत हनुमान तक सड़क और पुल बनाएगा। मंगलनाथ और दत्त अखाड़ा क्षेत्र को जोड़ने के लिए केडी गेट से वीरा दुर्गादास छत्री होकर गोन्सा चौराहा तक नदी पर पुल समेत अन्य वैकल्पिक निर्माण कराए जाएंगे।     सिद्धवट कूट से कैलाश खो तक सस्पेंशन ब्रिज बनाया जाएगा। पर्यटन विभाग भी एक पैदल पुल बनाएगा। इसकी आवश्यकता का परीक्षण करने के लिए कहा है।     इंदौर-उज्जैन मार्ग से होकर बड़नगर और जावरा मार्ग को जोड़ते हुए सिंहस्थ बायपास पर लंबाई 19 किमी तक फोरलेन बनाने का काम किया जाएगा।     इंदौर-खंडवा नेशनल हाइवे पर बड़वाह और सनावद में एनएचएआई बायपास बनाएगा। इसके लिए परीक्षण करने का फैसला किया गया है।

भोपाल में16 साल तक बंधक बनाकर रखी गई महिला की मौत, पिता की शिकायत के बाद किया था रेस्क्यू

भोपाल शहर के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में स्थित बरखेड़ी इलाके में ससुराल में 16 साल से बंधक महिला ने सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात अस्पताल में दम तोड़ दिया। महिला के पिता के आवेदन पर पुलिस ने विगत 05 अक्टूबर को उसे बेहद कृशकाय अवस्था में रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसका उपचार किया जा रहा था। महिला के मायका पक्ष ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। 40 साल की उम्र में महिला का वजन 25 किलो रह गया था। महिला चलने-फिरने में असमर्थ थी और यहां तक कि बोल भी नहीं पा रही थी। महिला को रस्सी से बांधकर रखा गया था। पुलिस द्वारा रेस्क्यू के दौरान महिला को गोदी में उठाकर अस्पताल ले जाया गया था। पुलिस ने महिला के पति पर प्रकरण दर्ज किया था। हमीदिया अस्पताल में मंगलवार को विशेषज्ञ डॉक्टरों का दल महिला के शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। महिला के मायके वाले लोग भी भोपाल में ही मौजूद हैं। 40 साल की उम्र में 25 किलो रह गया था वजन जानकारी के अनुसार एनजीओ, पीड़िता के परिजन, महिला थाना और जहांगीराबाद थाने की टीम जब मौके पर पहुंची तो पीड़िता कमरे में रस्सी से बंधी मिली। वह चल भी नहीं पा रही थी। उसे गोद में उठाकर बाहर लाना पड़ा था। करीब 40 साल की पीड़िता हड्डी का ढांचा बन चुकी थी। उसका वजन सिर्फ 25 किलो रह गया था। 2006 में हुई थी शादी, 2 साल बाद मिलना बंद कराया महिला थाने में नरसिंहपुर के किशन लाल साहू ने आवेदन दिया था। किशन लाल के अनुसार उनकी बेटी रानू साहू का विवाह 2006 में भोपाल निवासी योगेंद्र साहू से हुआ था। साल 2008 के बाद से बेटी के ससुराल वालों ने उससे मिलने नहीं दिया। बेटी के बच्चों को भी उससे दूर भेज दिया गया। ससुराल पक्ष के प्रताड़ित करने के बाद से बेटी की हालत खराब होने की जानकारी पड़ोसियों से मिली। किशन लाल ने पुलिस से बेटी रानू को रेस्क्यू कर इलाज कराने और ससुराल पक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया। इसके बाद महिला थाना पुलिस ने लोकल थाने की मदद से रानू को रेस्क्यू किया। पति-ससुर ने महिला को मानसिक रोगी बताया पति और ससुर का कहना है कि पीड़िता मानसिक रोगी थी, उसका इलाज चल रहा था। हालांकि परिवार इलाज के पर्चे नहीं दिखा सका। पति ने बंधक बनाकर रखने की बात से इनकार किया। उसने कहा- चार दिन पहले ही साले और रिश्ते की एक साली ने पत्नी से मुलाकात की थी। अगर बंधक बनाकर रखते तो उनसे मिलने क्यों देते। भाई ने कहा था- वीडियो पर बहन को देखा, तब आए पीड़िता के छोटे भाई शिव कुमार साहू ने बताया था कि सूचना मिली थी कि बहन को ससुराल में बंधक बनाकर रखा गया था। इसी का पता लगाने दो दिन पहले बहन रानू से मिलने गई। उसने वीडियो बनाकर भेजा। तब बहन की हालत देखी और पुलिस को साथ लेकर गए। ससुराल से उसे मुक्त कराया। उसकी हालत बेहद खराब थी। वजन मात्र 25 किलो रह गया था। उसके साथ अत्याचार किया जा रहा था। इस कारण उसकी हालत ऐसी हुई। ससुराल वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

भेल स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स की फिर रौनक लौटाने की तैयारी, मप्र खेल विभाग करेगा भेल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का संचालन

भोपाल  खेलों को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश के खेल मंत्री, विश्वास सारंग ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि खेल विभाग BHEL द्वारा संचालित 125 एकड़ में फैले मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का प्रबंधन अपने हाथ में लेगा। इसके लिए जल्द ही केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। मंत्री सारंग ने  खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कॉम्प्लेक्स का दौरा कर सुविधाओं का जायजा लिया। खेल विभाग के अंदर में आ जाएगा भेल स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स मंत्री विश्वास सारंग के साथ अधिकारियों की टीम भी थी। सारंग ने कहा कि BHEL स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को खेल विभाग के माध्यम से संचालित करने के लिए प्राथमिक रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसके लिए केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय को प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। ठप हैं खेल गतिविधियां उन्होंने बताया कि यह कॉम्प्लेक्स लंबे समय से उपेक्षित पड़ा हुआ है, जिससे खेल गतिविधियां ठप हैं। प्रबंधन हस्तांतरण से खेल गतिविधियों को फिर से शुरू करने और एथलेटिक गतिविधियों में भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। इन खेलों की सुविधाएं कॉम्प्लेक्स में क्रिकेट, गोल्फ, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, टेनिस, टेबल टेनिस, हॉकी, एथलेटिक्स और कबड्डी सहित कई खेलों की सुविधाएं उपलब्ध हैं। मंत्री सारंग ने कहा कि कॉम्प्लेक्स और खेल सुविधाओं के अपग्रेडेशन से इसे और बेहतर बनाया जाएगा। यह शहर के बीचों-बीच भोपाल और मध्य प्रदेश के निवासियों और खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ा तोहफा होगा। इससे न केवल BHEL टाउनशिप के लोगों को, बल्कि भोपाल के नागरिकों को भी लाभ होगा। नए क्रिकेटरों को लाभ मिलेगा उन्होंने यह भी कहा कि BHEL स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के भीतर क्रिकेट स्टेडियम के उन्नयन से नए क्रिकेटरों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के लिए मैदान के मानक पूरे हो रहे हैं, बाकी सुविधाओं जैसे स्टैंड के विस्तार के लिए धन की व्यवस्था की जाएगी। भेल के सहयोग से खेल विभाग करेगा संचालन खेल विभाग, BHEL के सहयोग से इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का संचालन करेगा। इससे उन्नयन कार्य किफायती तरीके से हो सकेंगे और जनता को इसका पूरा लाभ मिलेगा। गोल्फ के लिए भी है जगह खेल मंत्री ने बताया कि लगभग 125 एकड़ भूमि पर बने इस परिसर में रखरखाव का अभाव है। यहां गोल्फ के लिए 33 एकड़ जगह भी है। स्थानीय प्रबंधन ने शुरुआती सहमति दे दी है और इस कॉम्प्लेक्स को खेल विभाग के अधीन लाकर इसे एक अच्छी खेल सुविधा के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। क्रिकेट, वॉलीबाल सहित सभी खेल इस मौके पर खेल मंत्री सारंग ने कहा कि भेल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में क्रिकेट, गोल्फ, वॉलीबाल, बास्केटबाल, टेबल टेनिस, हॉकी, एथलेटिक्स, कबड्डी सहित लगभग सभी खेल हैं। कांप्लेक्स और खेल सुविधाओं के उन्नयन से इसको और बेहतर बनाया जाएगा। जिससे भोपाल और प्रदेश के खेल प्रेमियों को बड़ी सौगात मिलेगी। साथ ही भेल टाउनशिप के रहवासियों सहित भोपालवासियों को भी लाभ मिलेगा। क्रिकेट मैदान भी बनेगा खेल कांप्लेक्स में क्रिकेट मैदान का उन्नयन होगा, तो क्रिकेट प्रतिभाओं को लाभ मिलेगा। यहां क्रिकेट मैदान के लिए सभी मापदंड हैं। बाकी स्टैंड आदि सुविधाओं का विस्तार करने के लिए बजट की व्यवस्था की जाएगी। इसका संचालन भेल और खेल विभाग मिलकर करेगा तो कम बजट खर्च होगा। भेल खेल कांप्लेक्स खेल विभाग के अंतर्गत आ जाए, इसका प्रस्ताव भेजा जा रहा है। इसके लिए सभी अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण किया गया है। प्राथमिक रूप से स्थानीय प्रबंधन ने इसकी सहमति दी है। इसे जल्द ही एक अच्छा खेल परिसर बनाया जाएगा, यही प्रयास है। – विश्वास कैलाश सारंग, मंत्री, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मप्र शासन

करंट से दो बाइक सवारों की मौत, छत्तीसगढ़-कोरबा में जंगली सुअर को मारने बिछाए बिजली के तार

कोरबा. जिले के बालको थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बेला में सोमवार की देर शाम उस वक्त सनसनी फैल गई जब दो ग्रामीण युवकों की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। देखते ही देखते राहगीरों की भीड़ एकत्रित हो गई और इसकी सूचना बालको थाना पुलिस को दी गई। बताया जा रहा है कि गांव से गुजरे 11KW करंट प्रवाहित तार से शिकारियों के द्वारा शिकार करने के लिए जीआई तार को बिछाया गया था। तार बहुत नीचे और जमीन से लगा हुआ था। इसी रास्ते से मोटरसाइकिल पर सवार होकर ग्राम टापरा की ओर से बेला आ रहे दो युवक नारायण कंवर पिता करम सिंह 35 वर्ष व टिकेश्वर राठिया पिता बृजलाल 32 वर्षीय दोनों करंट प्रवाहित तार की चपेट में आ गए। जहां दोनों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। यह मार्ग आम रास्ता होने के कारण लोगों की आवाजाही काफी ज्यादा थी। घटना के दौरान राहगीरों की नजर उन पर पड़ी और तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। जहां मौके पर पहुंचे करंट प्रवाहित तार को पहले अलग किया। उसके बाद आगे की कार्यवाही शुरू की गई। वहीं इसकी सूचना मृतक के परिजनों को भी दिए जहां मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना मिलते ही बालको थाना में पदस्थ एएसई माखन लाल पात्रे और प्रधान आरक्षक लक्ष्मीकांत खरसन टीम  के साथ घटनास्थल पहुंचे। मौके तक चारपहिया वाहन जाने का रास्ता नहीं है। पुलिस किसी तरह घटनास्थल पहुंची और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए रात करीब 10:45 बजे पंचनामा बाद शव को जिला अस्पताल के लिए रवाना किया गया। एम्बुलेंस कर्मियों द्वारा स्ट्रेचर में दोनों शवों के साथ करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पैदल तय की गई, तब जाकर एम्बुलेंस तक पहुंचे। मंगलवार को सुबह पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। मृतकों के परिजनों में कोहराम व गांव में शोक मिश्रित सन्नाटा पसर गया है। कुछ दिन पहले ही सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोढ़ी के जंगल में भी जंगली सुअर पकड़ने करंट प्रवाहित तार बिछाया गया था जिसमें करंट की चपेट में आने से एक ग्रामीण की मौत हो गई थी लगातार जंगली सूअर का शिकार करने जंगलों में  शिकारी सक्रिय वही वन विभाग को कोई लेना-देना ही नहीं है किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं और ना ही वन विभाग इस पर नजर रखी हुई है तभी तो लगातार घटना सामने आ रहे हैं।

हमीदिया में वार्ड ब्वॉय और टेक्नीशियन चार महीने से वेतन नहीं मिलने के चलते 500 कर्मचारी हड़ताल पर

भोपाल हमीदिया अस्पताल में वार्ड ब्वॉय और टेक्नीशियन चार महीने से वेतन नहीं मिलने के चलते लगभग 500 कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते सुबह से ही यहां आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार इन सभी कर्मचारियों को एजाइल सिक्योरिटी सर्विस कंपनी द्वारा वेतन दिया जाता है। यह सभी हमीदिया में एजाइल कंपनी के आउट सोर्स कर्मचारी हैं। इससे पहले इन कर्मचारियों ने तीन से चार बार कंपनी को पत्र लिखकर शिकायत की थी। पत्र के जवाब में कंपनी द्वारा सिर्फ आश्वासन दिया गया। इसके चलते कर्मचारियों ने हडताल कर दी। अब अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में कंपनी के अलावा शासन स्तर पर भी बातचीत की है, ताकि जल्द से जल्द ये मामला खत्म हो। कर्मचारियों की मांग- जिस विभाग में काम, वहीं से मिले वेतन वार्ड ब्वॉय रज्जू लाल ने कहा, हमारी मांग है कि जिस विभाग में हम काम कर रहे हैं, उसी विभाग से पेमेंट दिया जाए। वार्ड ब्वॉय, हाउस कीपिंग, लैब टेक्नीशियन, ऑपरेटर किसी की भी पेमेंट नहीं आई है। हम लोग पेमेंट के लिए कई बार लगातार आवेदन दे चुके हैं। लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया है। अगर हमारी बात नहीं सुनी गई, तो हम यहां से जिला कलेक्टर के पास जाएंगे। इसके अलावा हम मुख्यमंत्री के सामने भी अपनी परेशानी बताएंगे। पर्चा नहीं बनने से हो रही परेशानी आष्टा से आए मरीज के परिजन बताया कि वे सुबह से अपनी पत्नी को लेकर आए हैं। पत्नी को दर्द की शिकायत है, मगर पर्चा नहीं बनने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इंदौर के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिये पर्याप्त संख्या में बनाये जाएंगे अंडरपास और फ्लाय-ओवर मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विकास को नई गति देकर लिखा जाएगा नया अध्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में रचा गया विकास का स्वर्णिम इतिहास, मुख्यमंत्री ने एक साथ 222 करोड़ रुपये लागत के 4 फ्लाय-ओवर का किया लोकार्पण इंदौर के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिये पर्याप्त संख्या में बनाये जाएंगे अंडरपास और फ्लाय-ओवर  मुख्यमंत्री डॉ. यादव संत सेवालाल के नाम पर होगा फूटी कोठी ओवर ब्रिज और चौराहा इंदौर इंदौर में आज स्वर्णिम इतिहास रचा गया। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक ही दिन में एक साथ लगभग 222.25 करोड़ रुपये लागत के 4 फ्लाय-ओवर का लोकार्पण किया। यह पहली बार हो रहा है जब इंदौर में एक ही दिन में एक साथ 4 फ्लाय-ओवर का लोकार्पण हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फूटी कोठी (संत सेवालाल चौराहा) सहित भंवरकुंआ, खजराना और लवकुश चौराहे के फ्लाय-ओवर का लोकार्पण किया। चारों फ्लाय-ओवर इंदौर के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने में मददगार होंगे। फ्लाय-ओवर के प्रारंभ होने से इंदौर के लाखों नागरिकों को सुगम एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी। फूटी कोठी फ्लाय-ओवर का नाम प्रसिद्ध संत सेवालाल जी महाराज के नाम पर किया गया है। फ्लॉय-ओवर लोकार्पण अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और विधायक और पूर्व मंत्री सुउषा ठाकुर, महेन्द्र हार्डिया, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, महेन्द्र हार्डिया और मनोज पटेल, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना मालवीय, पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे, गौरव रणदिवे, चिन्टू वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि विशेष रूप से मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फूटी कोठी (संत सेवालाल चौरहा) में आयोजित फ्लाय-ओवर के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास को नई गति देकर विकास का नया अध्याय लिखा जाएगा। विकास के सभी अवरोधों को हटाकर प्रदेश के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर का चहुँमुखी विकास और सुरक्षित यातायात हमारी प्राथमिकता है। हमारा प्रयास है कि इंदौर के किसी भी चौराहे पर यातायात बाधित न हो और वाहन चालकों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने इंदौर की यातायात संबंधी परेशानियों के निराकरण के लिए कहा कि यहाँ जितने भी अंडरपास/ओवर ब्रिज की आवश्यकता होगी, वह सभी बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इंदौर में 400 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज लाइन का कार्य करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नशे का अवैध कारोबार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। नशे के अवैध कारोबार करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मनुष्यों की सोच जहां समाप्त होती है, वहीं से संतों की सोच शुरू होती है। मनुष्यों एवं देवताओं के बीच संत सेतु के रूप में होते हैं। समाज के किसी भी संत के योगदान को भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने प्रदेश में गायों के संरक्षण, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा गौ-शालाओं के संचालन के संबंध में राज्य शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि फूटी कोठी चौराहे का नाम संत सेवालाल चौराहा होगा। इंदौर के चौराहों पर आवश्यकतानुसार अंडर-पास और ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। आगामी 3 वर्षों में एक कार्य-योजना बनाकर लगभग 20 से 25 अंडरपास/ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। इंदौर शहर में यातायात सुधार के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज बनाना हमारा संकल्प है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने लोकार्पित हुए 4 ओवर ब्रिज के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को संत गोपाल चैतन्य महाराज ने भी संबोधित किया। एकलव्य सिंह गौड़ ने आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने इंदौर भ्रमण के दौरान सबसे पहले फूटी कोठी फ्लाय-ओवर का लोकार्पण किया। यह फ्लाय-ओवर 610 मीटर लंबा है। इसकी चौड़ाई 24 मीटर एवं 6 लेन है। इसके निर्माण पर 57.70 करोड़ रूपये लागत आयी है। इसी तरह उन्होंने भवर कुआं के फ्लाय-ओवर का लोकार्पण भी किया। भंवरकुंआ में 625 मीटर लंबे और 24 मीटर चौड़ाई के 6 लेन फ्लाय-ओवर का निर्माण 55.77 करोड़ रूपये की लागत से किया गया है। इसी तरह लवकुश चौराहा और खजराना चौराहा के फ्लाय-ओवर की एक-एक भुजा का लोकार्पण भी किया गया। खजराना के फ्लाय-ओवर की लागत 41.19 करोड़ और लवकुश चौराहे के फ्लाय-ओवर की लागत 66.88 करोड़ रूपये हैं। उक्त दोनों फ्लाय-ओवर भी 6 लेन हैं। इन दोनों फ्लाय-ओवर की दूसरी भुजाओं का कार्य भी लगभग 90 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। शेष कार्य भी जल्द ही पूरा हो जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौरी जायके का लिया स्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर भ्रमण के दौरान विजय नगर स्थित एक रेस्टॉरेंट पर रूके। यहाँ उन्होंने अपने मंत्री के साथी कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों के साथ इंदौरी जायके का स्वाद लिया। उन्होंने रेस्टॉरेंट में पानीपुरी, भजिये और छोले भटूरे भी खाये।  

मुख्यमंत्री ने कहा- राज्य सरकार द्वारा 17-18 अक्टूबर 2024 को भोपाल में खनन कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के महत्वाकांक्षी विकसित भारत-2047 के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए राज्य सरकार द्वारा 17-18 अक्टूबर 2024 को भोपाल में खनन कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। यह महत्वपूर्ण आयोजन राज्य में खनन, तेल, गैस और खनिज आधारित उद्योगों की व्यापक संभावनाओं को प्रदर्शित करेगा, जो विकास की रीढ़ के रूप में कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्य है और देश के खनन क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह देश का एकमात्र राज्य है जो हीरे का उत्पादन करता है साथ ही मैंगनीज और तांबा अयस्क के उत्पादन में भी अग्रणी है, जो विभिन्न औद्योगिक उपयोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा राज्य रॉक-फॉस्फेट उत्पादन में दूसरे, सीमेंट उद्योग के लिए आवश्यक चूना पत्थर उत्पादन में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर है। कोल-गैस के उत्पादन में भी राज्य दूसरे स्थान पर है, जो वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और स्थिरता की दिशा में उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कॉन्क्लेव से मध्यप्रदेश सरकार राज्य को खनन और खनिज-आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाने के लिये की पहल कर रही है। इससे राज्य में आर्थिक संमृद्धि और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होगी। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सभी हितधारकों, उद्योगपतियों और खनन क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल होने के लिये आमंत्रित किया गया है। इनकी रहेगी विशेष उपस्थिति खनन कॉन्क्लेव में केंद्रीय खनन मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री एस.सी. दुबे और सचिव केन्द्रीय खान मंत्रालय श्री वी.एल. कांता राव शामिल होंगे, जो राज्य में खनन क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिये केन्द्र सरकार की ओर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराऐंगे इस कार्यक्रम में 600 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी। इसमें एन.सी.एल, एच.सी.एल, एन.एम.डी.सी., ओ.एन.जी.सी., और जी.ए.आई.एल जैसी प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि और अन्य राज्यों के उद्योगपति शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि कॉन्क्लेव खनिज कंपनियों, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य प्रमुख हितधारकों को एक मंच पर लाएगा, जिससे सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा। इस आयोजन का उद्देश्य मध्यप्रदेश के समृद्ध खनिज संसाधनों को प्रदर्शित करना है, जिससे राज्य में निवेश को आकर्षित किया जा सके। इसमें कोयला, चूना पत्थर, तेल और गैस, सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही खनन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग की भूमिका पर भी जोर दिया जाएगा। इस आयोजन में डिजिटल परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें खनन कार्यों में ऑटोमेशन के साथ एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग पर चर्चा होगी। कोल गैस (CBM) जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की संभावनाओं का भी अन्वेषण किया जाएगा। सीमेंट, ऊर्जा, और खनिज-आधारित उद्योगों से संबंधित मुद्दों पर गहन चर्चा के लिए एक राउंड टेबल मीटिंग भी होंगी। कॉन्क्लेव में कई संस्थानों के साथ एमओयू भी होंगे, जो राज्य के खनन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए निवेश प्रस्तावों को औपचारिक रूप देंगे।

साय कैबिनेट की 15वीं बैठक 16 को, धान खरीदी और राज्योत्सव समेत कई मुद्दों पर होगी चर्चा

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 16 अक्टूबर को राज्य कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंडों और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा, इस दौरान आगामी राज्योत्सव और धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा भी किये जाने की संभावना है। बता दें कि प्रदेश की विष्णुदेव सरकार ने इस साल राज्य में 160 लाख टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है और 15 नवंबर से खरीदी शुरू करने का प्रस्ताव है। इन प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर लगने की संभावना है। इसके साथ ही प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों द्वारा 4% महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने की मांग पर विचार और कुछ विभागों में नए पदों की स्वीकृति के प्रस्ताव भी कैबिनेट के समक्ष रखे जा सकते हैं। कैबिनेट बैठक में विधायकों के यात्रा भत्ते में वृद्धि के प्रस्ताव को भी मंजूरी के लिए पेश किया ज सकता है। इसके अलावा, पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को एक साथ कराए जाने पर भी चर्चा हो सकती है। इस संदर्भ में गठित आईएएस ऋचा शर्मा की कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, जिसमें दोनों चुनाव एक साथ कराने की अनुशंसा की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले बीते 20 सितंबर को कैबिनेट की बैठक हुई थी, जिसके बाद मंत्रियों की व्यस्तता के कारण इस महीने की शुरुआत में प्रस्तावित बैठक स्थगित हो गई थी।

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