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PM मोदी वाशिम पहुंचे, पोहरादेवी मंदिर में की पूजा-अर्चना, शीश झुकाया, आरती की, नगाड़ा बजाया…

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को महाराष्ट्र के वाशिम जिला के पोहरादेवी स्थित जगदम्बा मंदिर में पूजा अर्चना की। उन्होंने पोहरादेवी में ही स्थित संत सेवालाल महाराज और संत रामराव महाराज की समाधि पर जाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार सुबह नांदेड़ हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां उनका स्वागत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अशोक चव्हाण ने किया। इसके बाद मोदी हेलीकॉप्टर से पोहरादेवी के लिए रवाना हो गए। प्रधानमंत्री मोदी एक दिवसीय महाराष्ट्र दौरे पर हैं। पीएम मोदी ने बजाया नगाड़ा पूजा के दौरान पीएम मोदी ने मंदिर प्रांगण में मौजूद नगाड़ा भी बजाया. यह मंदिर बंजारा समुदाय के लोगों के लिए खास है और उनकी माता पोहरादेवी वाली जगदंबा माता में बहुत आस्था है. देवी की विशेष पूजा और आरती में नगाड़ा बजाना एक आवश्यक रीति है और जब लोगों की मनोकामना मंदिर में पूरी होती है तो भी वह नगाड़ा बजाकर बधाई भरते हैं. पीएम मोदी, महाराष्ट्र के दौरे पर हैं और शनिवार को वह 56,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत करने वाले हैं. महाराष्ट्र में उनका भव्य स्वागत किया जा रहा है. पीएम मोदी सबसे पहले वाशिम पहुंचे, यहां वह बंजारा विरासत संग्रहालय का उद्घाटन करने वाले हैं. इसी क्रम में वह पोहरादेवी में जगदंबा माता मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे और यहां से संत सेवालाल महाराज तथा संत रामराव महाराज की समाधियों पर श्रद्धांजलि अर्पित करने गए. यहां से निकलकर वह ठाणे में 32,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. वाशिम के बाद मोदी का ठाणे और मुंबई जाने का कार्यक्रम हैं। जहां पर वह कई आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। आज 5 अक्टूबर को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 18वीं किस्त जारी होने वाली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र के वाशिम में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान व्यक्तिगत रूप से इस किस्त की घोषणा करेंगे। इस योजना के तहत केंद्र सरकार सीधे किसानों के बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर करती है, जिससे देशभर के लाखों लोगों को फायदा होता है। प्रत्येक वर्ष, पात्र किसानों को कुल ₹6,000 मिलते हैं, जो ₹2,000 प्रत्येक की तीन किस्तों में वितरित किए जाते हैं। मोदी वाशिम में करीब 23,300 करोड़ रुपए की कृषि और पशुपालन क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं की शुरुआत करेंगे। ठाणे में 32,800 करोड़ रुपए से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके बाद PM मुंबई में लगभग 14,120 करोड़ रुपए की लागत वाली मुंबई मेट्रो लाइन- 3 के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) से आरे जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड (JVLR) सेक्शन का उद्घाटन करेंगे। मोदी BKC और सांताक्रूज स्टेशनों के बीच मेट्रो में सवारी भी करेंगे।

मंत्री जायसवाल ने चिरमिरी में कृषि विश्व विद्यायल बनाने तथा चिरमिरी और मनेंद्रगढ़ के मध्य एक नर्सिंग कॉलेज बनाने की घोषण की

 मंत्री जायसवाल ने कृषि विश्वविद्यालय तथा नर्सिंग कॉलेज बनाने की घोषणा की स्वास्थ्य मंत्री ने कहा नए संस्थान के शुभारंभ से क्षेत्र के छात्रों को तकनीकी शिक्षा में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे  मंत्री जायसवाल ने चिरमिरी में कृषि विश्व विद्यायल बनाने तथा चिरमिरी और मनेंद्रगढ़ के मध्य एक नर्सिंग कॉलेज बनाने की घोषण की मनेन्द्रगढ़/एमसीबी  04 अक्टूबर 2024/ माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा अस्थाई भवन आईटीआई कॉलेज के प्रथम तल पर शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज चिरमिरी का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उन्होंने माँ सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित के साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य गीत का गायन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके पश्चात जायसवाल ने रिबन काटकर कॉलेज का कक्षाओं का उद्घाटन किया। स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस नए संस्थान के शुभारंभ से क्षेत्र के छात्रों को तकनीकी शिक्षा में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उद्घाटन समारोह के दौरान मंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इस कॉलेज की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है इस शुभारंभ के साथ ही चिरमिरी के छात्रों को अब स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने की दो घोषणाएं:- इस दौरान उन्होंने सरभोका के आसपास चिरमिरी में कृषि विश्व विद्यायल बनाने तथा चिरमिरी और मनेंद्रगढ़ के मध्य एक नर्सिंग कॉलेज बनाने की घोषण की। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र  में आने वाले सत्र में भौतिक, गणित, हिन्दी तथा अंग्रेजी विषय से यहां के विद्यार्थी स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई कर सकेंगे। सरकार ने शासकीय पालिटेक्निक कॉलेज के भवन हेतु निर्माण एवं उपकरण तथा साजसजा के लिए 10  करोड़ रूपये की शासकीय स्वीकृति दी है। इसके साथ ही चिरमिरी के वार्ड क्रमांक 01 में 5 एकड़ भूमि का आबंटन किया गया है। कॉलेज निर्माण के सभी कार्य प्रक्रियाधीन है। पॉलिटेक्निक कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग, माइनिंग इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग तथा जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम)  एवं जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) ब्रॉच प्रारंभ किया गया है। सभी ब्रांचों में 60-60 सीट उपलब्ध है। कॉलेज के सुचारू संचालन के लिए 23 शैक्षणिक स्टाफ, 45 सहयोगी स्टाफ कुल 68 लोगों सेटअप तैयार किया गया है। इस कॉलेज को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त है तथा छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानन्द तकनीकी विश्वविद्यालय से संबध्यता किया गया है। अभी कॉलेज में सिविल इंजीनिरिंग के 8 तथा माइंनिंग इंजीनियरिंग 19 विद्यार्थियों के साथ कुल 27 छात्र है। आईटीआई कॉलेज के विद्यार्थियों ने नल कलेक्शन, वाटर कूलर, सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए मंच तथा कॉलेज परिसर में मोटर साइकिल स्टैंड की मांग रखी जिन्हें मंत्री जी तुरंत स्वीकृति दे दी और छात्रों को परेशानी न हो इसके लिए उन्होंने तत्काल नगर निगम आयुक्त इनके प्राक्कलन तैयार इसकी जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।   कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने नव प्रवेशी छात्र एवं छात्राओं को पेन एवं कॉपी देकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम जिला अध्यक्ष अनिल केशरवानी, नेता प्रतिपक्ष संतोष सिंह, भूतपूर्व महापौर डब्ल्यू बेहरा, वार्ड पार्षद राय सिंह, जनप्रतिनिधी, विजयेन्द्र सारथी, नगर निगम आयुक्त राम प्रसाद आंचल, तहसीलदार शशि शेखर मिश्रा, पॉलिटेक्निक कॉलेज प्राचार्य आर. जे. पाण्डेय आईटीआई कॉलेज के छात्र एवं छात्राएं तथा उनके अभिभावक सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

देवी अहिल्या इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली, ई-मेल में लिखा- हमने ताकतवर देशों से भी पंगा लिया, अब तुम्हारे साथ गेम शुरू

इंदौर  इंदौर के देवी अहिल्या इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इस साल यह चौथी बार है जब एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी देने वाले ने डार्क वेब का इस्तेमाल किया है। इससे पहले इंदौर, भोपाल और देश के 50 अन्य एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। ई-मेल के जरिए दी धमकी पुलिस के अनुसार, ये धमकी इंदौर एयरपोर्ट के एक स्टाफ को मिली, जो अज्ञात ईमेल आईडी Generalshiva@rediffmail से आया है। एयरपोर्ट के सिक्योरिटी इंचार्ज की ऑफिशियल आईडी पर शुक्रवार को आए ई-मेल में एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। भेजे गए इस ई-मेल में लिखा है ‘याद रखना हम दुनिया के ताकतवर देशों से अकेले लड़ रहे हैं। आप भी अपनी तैयारी रखें!’ सिक्योरिटी इंचार्ज को मिला धमकी भरा मेल सबसे बड़ी बात यह है कि धमकी भरा मेल सिक्योरिटी इंचार्ज के औपचारिक मेल अकाउंट पर आया है. इस मेल में लिखा है “याद रखना हम दुनिया के ताकतवर देशों से अकेले लड़ रहे हैं, आप भी अपनी तैयारी रखें”, इस मेल के माध्यम से एयरपोर्ट को बम से उड़ाने का जिक्र भी किया गया है. पूरे मामले की शिकायत इंदौर के एरोड्रम थाने में पहुंच चुकी है, जिसके बाद पुलिस ने इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस अभी पूरे मामले में औपचारिक जानकारी देने से बच रही है. पुलिस अधिकारियों कहना है कि साइबर सेल की मदद से उच्च स्तरीय जांच की जा रही है. एयरपोर्ट की सिक्योरिटी बढ़ाई एयरपोर्ट के सिक्योरिटी इंचार्ज को शिकायत धमकी भरा मेल मिलने के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है. एयरपोर्ट के अधिकारियों ने नाम ने छापने की शर्त पर बताया कि इंदौर एयरपोर्ट पर आने जाने वाली फ्लाइट और पैसेंजरों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. इसके अलावा अलग-अलग जांच एजेंसी अभी अपने स्तर पर जांच कर रही है. उल्लेखनीय है कि इंदौर एयरपोर्ट से रोजाना हजारों की संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है. इसके बाद सिक्योरिटी इंचार्ज ने तत्काल एरोड्रम थाना पुलिस से संपर्क कर मामले की जानकारी दी। एरोड्रम पुलिस ने देर शाम मेल भेजने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर सुरक्षा और अन्य एजेंसियों को इस बारे में अलर्ट कर दिया है। मामले में एरोड्रम पुलिस ने बीएनएस की धारा 351(4) के तहत केस दर्ज किया है। 5वीं बार इस तरह की धमकी इंदौर एयरपोर्ट को पिछले 10 महीने में पांचवी बार धमकी मिली। इस बार यह धमकी एयरपोर्ट सिक्योरिटी कमांडेंट के ऑफिशल मेल पर आई है। एरोड्रम पुलिस के मुताबिक एयरपोर्ट के मुख्य सुरक्षा अधिकारी सीवी सिंह ने अज्ञात मेल भेजने वाले के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। शुक्रवार सुबह आया यह मेल मेल के आखिरी में ‘जय महाकाल’ और ‘जय आदि शक्ति’ भी लिखा हुआ है। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार धमकी भरा ईमेल शुक्रवार सुबह 10.59 बजे एनआईएल विषय नाम से जनरल शिवा मेल आईडी से आया था। जिसमें बम से उड़ाने की धमकी लिखी हुई थी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लाड़ली बहनों को लघु उद्योग और व्यवसाय की गतिविधियों से जोड़ा जाए

लाड़ली बहनों को लघु उद्योगों से जोड़कर आर्थिक लाभ दिलवाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला बाल विकास विभाग की योजनाओं की हुई समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लाड़ली बहनों को लघु उद्योग और व्यवसाय की गतिविधियों से जोड़ा जाए भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में संपन्न बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों और योजनाओं की आज समीक्षा हुई। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया भी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लाड़ली बहनों को लघु उद्योग और व्यवसाय की गतिविधियों से जोड़ा जाए। हुनरमंद लाड़ली बहनों को चिन्हित कर लघु उद्योगों से जोड़ा जाएगा तो उनके आर्थिक उन्नयन का मार्ग प्रशस्त होगा। हितग्राही बहनों को यह लाभ दिलवाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य में सीएसआर फंड का उपयोग किया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए प्राप्त जन सहयोग सराहनीय है। बैठक में जनजातीय बहुल क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों को अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में भी चर्चा हुई। प्रदेश में 97 हजार 339 आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इनसे 81 लाख महिलाएं और बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन वात्सल्य सहित विभिन्न कार्यक्रम की सतत् मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण, पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, पोषण अभियान, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जन-मन), शाला पूर्व शिक्षा गतिविधि, आंगनवाड़ी सेवाओं के सुचारू संचालन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर शक्ति अभिनंदन अभियान के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया गया कि महिलाओं के लिए प्रदेश में शक्ति सदन और सखी निवास संचालित हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश अग्रणी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश देश में अव्वल है । वर्ष 2024 -25 में प्रदेश में 2 लाख 46 हजार 185 हितग्राही पंजीकृत हैं। योजना शुरू होने से अब तक 1191 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान हितग्राहियों को किया गया है। योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षति पूर्ति के रूप में प्रोत्साहन राशि प्रदान करना और दूसरे प्रसव पर बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना शामिल है। भारत सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का क्रियान्वयन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम प्रावधान के अनुक्रम में एक जनवरी 2017 से प्रारंभ किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन वात्सल्य के तहत फोस्टर केयर की मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, मुख्यमंत्री कार्यालय और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने दिये स्किल्स फोर्स बनाने के निर्देश, छोटे उद्योगों से जुड़े उद्यमियों को मिले पूरी सहायता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की एमएसएमई विभाग की समीक्षा समान स्वरूप के छोटे उद्योगों की योजनाओं को युक्ति-संगत बनायें- मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने दिये स्किल्स फोर्स बनाने के निर्देश, छोटे उद्योगों से जुड़े उद्यमियों को मिले पूरी सहायता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम जैसे ही अन्य विभागों से जुड़े छोटे-छोटे लघु उद्योगों के विकास की सुविधाजनक योजनाओं को युक्ति-संगत बनाकर एक ही छत के नीचे लाया जाये। उन्होंने निवेशकों के मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के रुख के दृष्टिगत स्किल्स बैंक बनाने के निर्देश भी दिये, जिससे उद्योगों को एक साथ वर्क-फोर्स मिल सके। बैठक में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी तथा उद्योग आयुक्त एवं एमएसएमई विभाग के सचिव नवनीत मोहन कोठारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि हाल ही में राजधानी भोपाल के निकट रायसेन जिले में स्थित औद्योगिक केंद्र मंडीदीप गए थे, तब उन्हें उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी दी थी। उद्यामियों ने यह भी बताया था कि उन्होंने मंडीदीप में कुछ आंतरिक सड़क मार्गों का निर्माण अपनी ओर से करवाया है। इस संदर्भ में आज मंत्रालय में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि उद्योग विभाग और सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करें। औद्योगिक क्षेत्र में उद्यमियों के लिए औद्योगिक संस्थानों में भूमि विकास के साथ ही सीवरेज व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को दिलवाना सुनिश्चित किया जाए। उद्योग से जुड़ी समस्याओं को तत्परता से हल करने के लिए उद्योग से जुड़े सभी विभाग को ही मार्ग निकालना है। इसके लिए उद्योग विभाग नेतृत्वकारी भूमिका निभाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न व्यापार मेले अर्थ व्यवस्था की गति को रफ्तार प्रदान करते हैं। ग्वालियर और उज्जैन के व्यापार मेलों की तर्ज पर अन्य नगरों में भी व्यापार मेले और उत्सव आयोजित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अन्य प्रमुख निर्देश     उद्यमियों को आवश्यक अनुमतियां प्रदान करने के लिए भी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा निरंतर समीक्षा की जाए। छोटे उद्योगों और छोटे उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारी साप्ताहिक रूप से समीक्षा बैठक करें।     जिन जिलों में पावरलूम सेक्टर में विकास की संभावना है वहां आवश्यक सुविधा उपलब्ध करवायें।     विभिन्न विभागों के समान स्वरूप के छोटे छोटे लघु उद्यमों को एक ही छत के नीचे लाया जाए। विभाग विशेष द्वारा दी जा रही सब्सिडी और सुविधाएं देने में भी एकरूपता की नीति लागू कर सकते हैं।     विभाग सभी योजनाओं को एक जैसा बनाएं। स्किल्स बैंक बनाएं जिसमें सभी ट्रेड के हुनरमंद या प्रशिक्षित फोर्स को समाहित करें, उद्योगों को वर्कर फोर्स उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। ग्वालियर और उज्जैन व्यापार मेलों से हुआ साढ़े चार हजार करोड़ से अधिक का व्यापार बैठक में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की ओर से प्रजेंटेशन में बताया गया कि इस वर्ष ग्वालियर व्यापार मेले में 1800 करोड़ से अधिक का व्यापार हुआ। उज्जैयिनी विक्रम व्यापार मेले में 2765.25 करोड़ रुपए का व्यापार हुआ। महिला उद्यमी सम्मेलन भोपाल में 700 से अधिक महिला उद्यमियों ने हिस्सा लिया। लघु उद्योग भारती देवास इंडस्ट्रियल कानक्लेव में भी एमएसएमई विभाग ने भूमिका निभाई। पावरलूम के साथ ही गारमेंट्स ,टैक्सटाइल, फार्मा फर्नीचर और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में विशेष कार्य प्रारंभ किया गया है। एमएसएमई सेक्टर में कुल 850 इकाइयों को 275 करोड़ रुपए की अनुदान राशि गत अगस्त माह में प्रदान की गई है। प्रदेश में कुल साढे चार हजार स्टार्टअप और 70 इनक्यूबेटर स्थापित बैठक में बताया गया कि प्रदेश में स्टार्टअप को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। कुल 2168 स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं। प्रदेश में कुल साढे चार हजार स्टार्टअप और 70 इनक्यूबेटर स्थापित किए गए हैं। भोपाल में स्टार्टअप केंद्र की स्थापना की गई है। गत दो वर्ष में अधिमान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या में 150 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।भारत सरकार की स्टार्टअप रैंकिंग में प्रदेश को लीडर श्रेणी में स्थान मिला है। अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स से अनुबंध किया गया है जिससे राज्य शासन ने 2.25 करोड़ निवेश किया है। इससे प्रदेश के तीन स्टार्टअप के लिए 11 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त किया गया है। मध्यप्रदेश में शासकीय भूमि पर निजी विकासक द्वारा 11 क्लस्टर स्वीकृत किए गए। निजी भूमि पर 24 क्लस्टर स्वीकृत हुए हैं जिनमें 2100 से अधिक भू-खण्ड होंगे। प्रदेश के 5 नवीन औद्योगिक क्षेत्र में 291 भू-खण्ड और 6 औद्योगिक क्षेत्रों का उन्नयन किया जाएगा।  

मध्‍य प्रदेश में 2022 से तबादलों पर लगी हुई है रोक, इसी माह घोषित हो सकती है तबादला नीति

भोपाल जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों की मांग को देखते हुए मोहन यादव सरकार इसी माह तबादला नीति घोषित कर सकती है। इसे कैबिनेट में प्रस्तुत करने की तैयारी है। तबादलों पर पिछले डेढ़ साल से प्रतिबंध है। वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव और इसके बाद लोकसभा चुनाव के चलते तबादले नहीं हो पाए हैं। तब से लेकर बड़े पदों पर अब तक केवल मुख्यमंत्री के समन्वय से ही तबादले हो रहे हैं। अब दोनों ही चुनाव हो चुके हैं। ऐसे में सरकार कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए तबादले से रोक हटाने जा रही है। प्रस्तावित नीति में प्रावधान किया गया है कि प्रभारी मंत्री की अनुशंसा पर ही तबादले किए जाएंगे। इसके लिए सरकार के प्राथमिकता वाले जिलों का प्रभार वरिष्ठ मंत्रियों को दिया गया है। 2022 में तबादलों से रोक हटी थी। इसके बाद अब नई नीति के तहत तबादले किए जाएंगे। एक जिले से दूसरे जिले के लिए स्वैच्छिक और प्रशासनिक आधार पर तबादले किए जाएंगे, लेकिन ये 20 प्रतिशत से अधिक नहीं होंगे। जहां भाजपा का कमजोर जनाधार, उन जिलों में वरिष्ठ मंत्रियों को दिया प्रभार मध्य प्रदेश के जिन जिलों में भाजपा का कमजोर जनाधार रहा है वहां प्रभार वरिष्ठ मंत्रियों को दिया गया है। वे प्रभार के जिलों में सरकार और पार्टी दोनों के बीच तालमेल बनाते हुए कार्य कर रहे हैं। तबादलों में भी यह तालमेल देखने को मिलेगा। इंदौर जैसा महत्वपूर्ण जिला मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने पास रखा है। भोपाल का प्रभार मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप को दिया गया है। छिंदवाड़ा जिला का प्रभार राकेश सिंह के पास है। ऐसे ही महत्वपूर्ण जिलों की कमान वरिष्ठ मंत्रियों को सौंपी गई है। मंत्रियों के बंगलों पर तबादला कराने वाले आवेदकों की भीड़ मंत्रियों के बंगलों पर तबादला कराने के लिए आवेदकों की भीड़ जुट रही हैं। पार्टी और संगठन के पदाधिकारियों के बंगले पर भी तबादले के लिए सिफारिश के लिए जमावड़ा हो रहा है। भोपाल में मंत्रियों के बंगलों पर प्रदेशभर से आवेदन पहुंच रहे हैं। मंत्रालय मुख्यमंत्री सचिवालय में भी विधायक चहेते अधिकारियों की सिफारिश लेकर पहुंच रहे हैं।  

इंदौर शहर में अत्यधिक यातायात दबाव वाले चौराहों पर विदेश की तर्ज पर यलो बाक्स जंक्शन बनाए जा रहे

 इंदौर  इंदौर शहर के बिगड़े यातायात को व्यवस्थित करने के लिए नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। अब शहर के व्यस्ततम चौराहों पर नगर निगम यलो बाक्स जंक्शन बना रहा है। हाल ही में हाई कोर्ट और रीगल तिराहे पर इसे बनाया गया है। लेकिन अधिकांश वाहन चालकों को इसका पालन कैसे करें, इसकी जानकारी तक नहीं है। इसलिए अब यातायात विभाग वाहन चालकों को जागरूक कर रहा है। बता दें कि अत्यधिक यातायात दबाव वाले चौराहों पर विदेश की तर्ज पर यलो बाक्स जंक्शन बनाए जा रहे हैं। इसके पहले देवास नाका, लैंटर्न चौराहा, नौलखा, इंद्रप्रस्थ चौराहा आदि जगह इस तरह के जंक्शन बनाए जा चुके हैं, लेकिन वाहन चालकों को इसकी जानकारी ही नहीं है। रात में चमकने वाले स्टापर भी लगेंगे चौराहों पर रात में चमकने वाले स्टापर भी लगाए जा रहे हैं। ये सूर्य की रोशनी से चार्ज होंगे और रात में वाहन चालकों को दूर से नजर आएंगे। इससे दुर्घटना रुकेगी। वहीं शहर में डिवाइडरों की पेंटिंग का काम भी चल रहा है। वाहन चालक और राहगीरों को कर रहे जागरूक यातायात सिपाही सुमंत सिंह कछावा ने बताया कि अधिकांश वाहन चालकों को यलो बाक्स जंक्शन के बारे में जानकारी नहीं है। गुरुवार को हमने पलासिया चौराहे पर राहगीरों को जागरूक किया। उन्हें बताया कि पैदल सड़क पार करने के लिए यलो बाक्स का उपयोग न करते हुए सिर्फ जेब्रा क्रासिंग का ही उपयोग करें। इसी तरह वाहन चालकों को भी बताया कि रेड सिग्नल होने पर स्टाप लाइन पर रुकना है, यलो बाक्स में नहीं आना है। यलो बाक्स जंक्शन पर विशेष ध्यान रखें     यलो बाक्स जंक्शन पर विशेष ध्यान रखना होगा। अभी विभाग लोगों को जागरूक कर रहा है। आगे चलकर नियम नहीं मानने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई भी की जाएगी। – अरविंद तिवारी डीएसपी, यातायात विभाग यलो बाक्स जंक्शन क्या है यलो बाक्स जंक्शन का चलन विदेश और भारत के बड़े शहरों में किया जाता है, ताकि किसी तरह की सड़क दुर्घटना न हो और यातायात सुगमता से चले। चौराहों पर वाहन चालकों के रुकने के लिए स्टाप लाइन होती है। फिर पैदल चलने वालों के लिए जेब्रा क्रासिंग बने होते है। इसके बाद यलो बाक्स जंक्शन बनाते हैं। इसका उपयोग वाहन चालक और पैदल राहगीरों के लिए अलग-अलग है। चौराहे पर वाहन चालकों को स्टाप लाइन पर रुकना होता है, लेकिन वे जेब्रा क्रासिंग पार कर यलो बाक्स में खड़े हो जाते हैं। वहीं पैदल राहगीरों को भी यलो बाक्स में न जाकर सिर्फ जेब्रा क्रासिंग से ही सड़क पार करनी चाहिए।

रानी दुर्गावती के सम्मान में मंत्रि-परिषद की बैठक सिंग्रामपुर में की जा रही है

सिंग्रामपुर के लिये 5 अक्टूबर का दिन होगा अभूतपूर्व :मुख्यमंत्री डॉ. यादव रानी दुर्गावती के सिंहासन कक्ष से प्रेरित पहली ओपन-एयर कैबिनेट रानी दुर्गावती के सम्मान में मंत्रि-परिषद की बैठक सिंग्रामपुर में की जा रही है भोपाल राज्य शासन ने मातृ शक्ति को पूर्ण सम्मान देते हुए स्वतंत्रता संग्राम, सुशासन, साहस जैसे क्षेत्रों में राष्ट्र के लिये योगदान देने वाली वीरांगनाओं, शासिकाओं की स्मृति में विविध प्रयास किए जा रहे हैं। पहले इन्दौर में लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती समारोह पूर्व मनाई गई। अब दुर्गावती के सम्मान में मंत्रि-परिषद की बैठक दमोह के सिंग्रामपुर में उनकी जयंती पर की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ पूरा मंत्रीमण्डल और उच्च प्रशासनिक अमला 5 अक्टूबर का दिन दमोह के सिंग्रामपुर में बितायेंगे। यहां कैबिनेट बैठक के साथ सभी मंत्रीगण विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।     सिंग्रामपुर में होने वाले प्रमुख कार्यक्रम     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक।     प्रदेश की लाड़ली बहना योजना में पात्र हितग्राहियों के खाते में राशि का अंतरण।     सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों के खाते में राशि का अंतरण।     प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की हितग्राही बहनों के खाते में अनुदान राशि का अंतरण।     विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन।     ग्राम हरदुआ जामशा विकासखंड बटियागढ़ के उत्कृष्ट विद्यार्थियों का सम्मान।     सिंगौरगढ़ किला, निदानकुण्ड जल प्रपात, प्राचीन दुर्गा माता मंदिर का भ्रमण।     कैबिनेट स्थल का डिजाईन रानी दुर्गावती के किले की भव्यता को करेगा प्रतिबिंबित रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती के उपलक्ष्य में, सिंग्रामपुर में एक भव्य ओपन-एयर कैबिनेट बैठक होगी, जो रानी दुर्गावती के सुशासन, उनकी कार्यकुशलता और महिलाओं के सशक्तिकरण से प्रेरित है। इस बैठक का डिज़ाइन रानी दुर्गावती के किले की भव्यता को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें एक किला-नुमा प्रवेश द्वार और शिव मंदिर भी शामिल हैं। यह पहली बार है जब कैबिनेट की बैठक एक खुले क्षेत्र (ओपन एरिया) में आयोजित की जा रही है, जो रानी दुर्गावती के समय की स्थापत्य कला से प्रेरित है। यहां की आर्किटेक्चरल छत और दीवारें रानी के जीवन की संपूर्ण यात्रा को जीवंत रूप से प्रस्तुत करेंगी, जिसमें नारी युद्ध, प्रगतिशील शासन, और महिलाओं के सशक्तिकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को विशेष रूप से उजागर किया जाएगा। इस आयोजन की डिज़ाइन में शानदार पत्थर की दीवारें, मेहराबदार खिड़कियाँ और एक मध्यकालीन किले की प्रामाणिकता को दर्शाने वाले तत्व शामिल होंगे। सजावट गोंड कला से प्रेरित होगी, जो रानी दुर्गावती के सिंग्रामपुर क्षेत्र के गोंड समुदाय के साथ उनके गहरे संबंध को उजागर करेगी। खाद्य क्षेत्र को एक पारंपरिक गोंड गाँव के आँगन की तर्ज पर सजाया गया है, जहाँ मेहमान पेड़ों के नीचे बैठकर, हटा से लाए गए प्राचीन कांसे के बर्तनों में परोसा गया भोजन का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा, मंत्रियों के लिए विशेष कार्यालय गोंड कला और भित्ति चित्रों से प्रेरित होकर बनाए जा रहे हैं, जो कार्य-क्षमता और सांस्कृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम प्रस्तुत करेंगे। सिंग्रामपुर के भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्रियों का स्वागत स्थानीय जनजातीय सांस्कृतिक टीम द्वारा पारंपरिक शैली में किया जाएगा, जो क्षेत्र की अनोखी परंपराओं और जीवंत आत्मा को उजागर करेगा।  

प्रदेश में लाड़ली बहनों को इस बार समय से पहले मिलेगी किस्त, सीएम एक क्लिक से सभी बहनों के खाते में भेजेंगे 1250 रुपये

दमोह  मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की किस्त इस बार आज 5 अक्टूबर शनिवार को 1.29 करोड़ बहनों के खाते में आ जाएगी। सीएम डॉ. मोहन यादव दमोह जिले के लिए सिंग्रामपुर में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन कार्यक्रम से सिंगल क्लिक से खाते में 1250 रुपये भेजेंगे। नवरात्र और दशहरे के त्योहार को देखते हुए लाड़ली बहना योजना की किस्त इस बार जल्दी जारी की जा रही है। दमोह के सिंग्रामपुर में होगी कैबिनेट की बैठक दमोह जिले के सिंग्रामपुर में आज शनिवार को मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक होगी। इसके साथ ही ही यहां लाड़ली बहना सम्मेलन का आयोजन भी किया गया है। इसमें सीएम डॉ. मोहन यादव लाड़ली बहनों से चर्चा करेंगे। इस दौरान वे प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की हितग्राही बहनों के खाते में भी राशि ट्रांसफर करेंगे। सिंग्रामपुर रानी दुर्गावती की राजधानी रही है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक, लाड़ली बहना एवं स्व सहायता समूह तथा सिंगौरगढ़ किले के महत्वूपर्ण स्थलों के कार्यक्रम पांच अक्टूबर को प्रस्तावित है। इसी उद्देश्य को लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेन्द्र सिंह लोधी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटैल, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अघ्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने कार्यक्रम स्थलों का जायजा लिया एवं आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए। प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि पहली कैबिनेट भी वीरांगना रानी दुर्गावती के स्मरण में उनकी 500वीं जन्म जयंती पर जबलपुर में हुई थी, एक वर्ष पूरा होने को है 501वीं जन्म जयंती पांच अक्टूबर को है। कैबिनेट बैठक में राज्य के हितों पर विचार होंगे जब कैबिनेट में इस बात की चर्चा हुई थी तो हम सभी ने प्रस्ताव रखा था कि सिंगौरगढ़ में यदि यह कैबिनेट होती है, तो वास्तव में यह यादगार बनेगा। मैं मुख्यमंत्री का आभारी हूं उन्होंने मध्य प्रदेश की कैबिनेट बैठक सिंग्रामपुर में रखने का फैसला किया है, पूरी सरकार रानी दुर्गावती की पहली राजधानी में उनके चरणों में बैठकर राज्य के हितों का विचार करेगी। संस्कृति पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कि कैबिनेट रानी दुर्गावती के नाम पर समर्पित है। जो ऐतिहासिक दृष्टि से रानी दुर्गावती का जो योगदान है जिन्होंने अकबर जैसे योद्धा से टक्कर ली और इतिहास में एक बड़ा नाम किया।

एक मिनट में कैंसर होगा डिटेक्ट, IIT कानपुर ने 6 साल में तैयार किया डिवाइस

 कानपुर अब सिर्फ एक मिनट में ही पता चल जाएगा कैंसर है या नहीं. IIT कानपुर ने ऐसी कमाल की डिवाइस तैयार की है, जो 60 सेकेंड के अंदर ही रिपोर्ट देगी. यह डिवाइस केवल माउथ कैंसर (Mouth Cancer) का पता लगाने के लिए है. डिवाइस मुंह के अंदर की तस्वीर लेकर उसका एनालिसिस करेगी और तुरंत रिपोर्ट बता देगी. इस डिवाइस से यह भी पता चल जाएगा कि कैंसर किस स्टेज में है. इस डिवाइस को केमिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रो. जयंत कुमार सिंह की मदद से स्कैन जिनी कंपनी ने बनाया है. इसी साल दिसंबर तक यह मार्केट में आ सकती है. चलिए जानते हैं यह डिवाइस कितनी कारगर हो सकती है, इसकी कीमत कितनी होगी… 3 हजार लोगों का ट्रायल इस डिवाइस को प्रो. जयंत कुमार सिंह और उनकी टीम ने 6 साल में तैयार किया है. यह पोर्टेबल डिवाइस है, जिसे छोटे से बैग में रखकर कही में ले जा सकते हैं. कानपुर में कई जगहों पर कैंप लगाकर करीब 3 हजार लोगों पर इसका ट्रायल भी किया गया है. इस डिवाइस से 22 साल तक के युवाओं में कैंसर का पता चला है. टेस्टिंग में फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर, प्राइवेट जॉब करने वाले भी शामिल रहे. कैसे काम करती है डिवाइस प्रो. जयंत ने बताया कि डिवाइस की साइज एक टूथब्रेश जितनी है. इसमें हाई क्वालिटी कैमरा और LED लग है. इसे स्मार्टफोन, टैबलेट या आईपैड से भी कनेक्ट किया जा सकता है. कैमरा मुंह के अंदर की तस्वीर लेने के बाद डिटेल में रिपोर्ट मोबाइल पर भेज देगा. ये पावर बैकअप के साथ ट्रैकिंग के लिए हेल्थ हिस्ट्री जमा करती रहती है. इसका रिजल्ट 90% सटीकता वाला है और इसकी जांच में किसी तरह का दर्द भी नहीं होता है. डिवाइस को तैयार करने में लगे 6 साल केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के सीनियर साइंटिस्ट प्रो. जयंत कुमार सिंह और उनकी टीम को इस डिवाइस को बनाने में 6 साल लगे हैं. उन्होंने बताया कि यह डिवाइस पोर्टेबल है. इसे आप छोटे बैग में रखकर कहीं भी ले जा सकते हैं. 3000 लोगों पर हुआ टेस्ट आईआईटी कानपुर ने मुंह के कैंसर की जांच के लिए शहर में कई जगहों पर कैंप लगाए. इसमें करीब 3000 लोगों पर परीक्षण किया गया. टेस्ट के दौरान 22 साल तक की उम्र के लोगों में कैंसर की पुष्टि हुई है. शिविर में फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूर, प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारी व अन्य लोग मौजूद थे. उन्होंने कहा कि अगर मुंह के कैंसर का शुरुआती दौर में पता चल जाए तो इसे काफी हद तक रोका जा सकता है. स्मार्ट फोन से कनेक्ट है डिवाइस प्रो. जयंत कुमार सिंह ने बताया कि यह डिवाइस टूथब्रश के आकार का है. इसमें हाई क्वालिटी का कैमरा और एलईडी लगी है. इसे हम अपने स्मार्टफोन, टैबलेट या आईपैड से कनेक्ट कर सकते हैं. मुंह के अंदर की फोटो लेने के बाद कैमरा आपके मोबाइल पर सारी रिपोर्ट दे देगा. डिवाइस पावर बैकअप के साथ ट्रैकिंग के लिए हेल्थ हिस्ट्री कलेक्ट करती है. यह डिवाइस 90 फीसदी सटीकता के साथ जांच करता है और इसके इस्तेमाल किसी तरह का दर्द नहीं होता. डिवाइस की कीमत प्रो. जयंत ने बताया कि इस डिवाइस की कीमत डेढ़ से दो लाख रुपये के बीच होगी. हालांकि, इसे अभी बाजार में उतारा नहीं गया है. इसमें इस्तेमाल होने वाले गैजेट दूसरे देश से खरीदने पड़ते हैं. इसलिए कीमत थोड़ी ज्यादा है. इस एक डिवाइस से पांच लाख मरीजों की जांच की जा सकती है और हम एक दिन में करीब 300 मरीजों की जांच कर सकते हैं. कैंसर का पता लगाने वाली डिवाइस की कीमत प्रो. जयंत ने बताया कि माउथ कैंसर का पता लगाने वाली इस डिवाइस की कीमत 1.5 लाख से लेकर 2 लाख रुपए तक होगी. इसमें लगने वाले कई सामान विदेशों से इंपोर्ट किए जाने हैं, इस वजह से इसकी कीमत ज्यादा है. एक डिवाइस से कम से कम 5 लाख लोगों की जांच की जा सकती है. एक दिन में करीब 300 लोगों का टेस्ट किया जा सकता है. इस डिवाइस के मार्केट में आने से मेडिकल सेक्टर में बड़ी क्रांति आ सकती है.

वृंदावन में मध्य प्रदेश सरकार के 11 मंदिर-परिसर, नगर निगम मथुरा में अवैध नामांतरण, कुछ तो गिरने की कगार पर

ग्वालियर  वृंदावन में मध्य प्रदेश सरकार के आधिपत्य वाले 11 मंदिरों की स्थिति खराब है। जर्जर हो चुके इन मंदिरों पर वर्षों से यहां रहने वाले लोगों ने कब्जा कर लिया है। वे किराया भी नाममात्र का दे रहे हैं। तीन मंदिरों से जुड़ी संपत्ति को हड़पने की मंशा से कुछ लोगों ने जून, 2024 में मथुरा नगर निगम से उनका नामांतरण भी करवा लिया। जानकारी मिलते ही मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से नामांतरण को चुनौती दी गई है। इस पर सुनवाई जारी है। वृंदावन में मध्य प्रदेश सरकार के 11 मंदिर-परिसर हैं। इनमें रतलाम कुंज, सावंत बिहारी कांच मंदिर, श्रवण कुंज, सैलाना कुंज राधाकृष्ण मंदिर, प्रियावल्लभजी क्षीपी गली, दतिया नौहरा, हीरा मोहन सहित धर्मशाला जैसी कुल 11 संपत्तियां हैं। ढह सकते हैं मंदिर वृंदावन में मध्य प्रदेश सरकार के 11 मंदिर-परिसर हैं। इनमें रतलाम कुंज, सावंत बिहारी कांच मंदिर, श्रवण कुंज, सैलाना कुंज राधाकृष्ण मंदिर, प्रियावल्लभजी क्षीपी गली, दतिया नौहरा, हीरा मोहन सहित धर्मशाला जैसी कुल 11 संपत्तियां हैं। संकरी गलियों में स्थित इन मंदिरों को जीर्णोद्वार का इंतजार है। कुछ ऐसी स्थिति में भी पहुंच गए हैं कि कभी भी ढह सकते हैं। इन मंदिरों के पदेन प्रबंधक ग्वालियर संभाग के कमिश्नर हैं। जब राजाओं के मंदिर सरकार को दिए गए थे, तब ये मंदिर मध्य प्रदेश सरकार के आधिपत्य में आए थे। इन्हें ग्वालियर संभाग मुख्यालय के अधीन कर दिया गया। ग्वालियर संभाग के कमिश्नर के पास माफी एवं औकाफ के अंतर्गत आने वाली संपत्ति (देवस्थान व्यवस्था) की देखरेख करना और आवश्यक नियंत्रण रखना भी है। पहले ये मंदिर बिजावर स्टेट, दतिया स्टेट व अन्य कई राजपरिवारों के आधिपत्य में थे। मथुरा प्रशासन से निगरानी की अपेक्षा मंदिरों की देखरेख के लिए ग्वालियर के अधिकारियों ने मथुरा जिला प्रशासन को पूर्व में यह भी सुझाव दिया कि इन मंदिरों की बेहतर देखरेख हो, इसके लिए मथुरा जिले के जिम्मेदार अधिकारी को सदस्य बनाया जा सकता है। इसके अलावा वहां कॉरिडोर भी प्रस्तावित है, जिसमें इन मंदिरों के शामिल होने की संभावना है। मथुरा जिला प्रशासन इन मंदिरों को लेकर दूसरे स्थान पर जमीन दे सकता है। इन मंदिरों का किराया प्रति मंदिर दो सौ रुपये प्रतिमाह के लगभग है। इसे बढ़वाने के लिए मथुरा के जिलाधिकारी से भी ग्वालियर के अफसर मिले थे। नामांतरण करवा लिया मध्य प्रदेश सरकार के कुछ मंदिरों का गलत ढंग से नामांतरण करवा लिया गया है। इसे चुनौती दी गई है। इसके लिए हमारे कर्मचारी वृंदावन भेजे गए थे।– मनोज खत्री, कमिश्नर, ग्वालियर संभाग

इस ट्रेन में थाली-कटोरी लेकर जाएं, मिलेगा भरपेट भोजन, नहीं लगते पैसे, 29 सालों से लगातार जारी …..

अमृतसर भारतीय रेलवे दुनिया की बेहतरीन सुविधाओं वाली रेल सेवा बनती जा रही है। रेलवे के सफर के दौरान लोगों को बहुत सारी सहूलियतें मिलती हैं। ट्रेन में बैठे-बैठे यात्रियों को भोजन मिलता है। रेलवे की इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन IRCTC ने अलग से साइट बनाई है। उस पर जाकर ट्रेन में बैठे-बैठे ऑनलाइन खाना मंगाया जा सकता है। हालांकि इसके लिए पैसे देना होता है। लेकिन एक ट्रेन ऐसी, जिसमें फ्री में भरपेट भोजन मिलता है। बताया जा रहा है कि इस ट्रेन में यात्रियों को लंगर सुविधा मुहैया कराई जाती है। अमृतसर-नांदेड़ सचखंड एक्सप्रेस में 29 साल से यात्रियों को फ्री खाना खिलाया जा रहा है। इस ट्रेन में भोजन ले जाने की जरूरत नहीं रहती है। 2081 किमी के सफर में यात्रियों को लंगर दिया जाता है। सचखंड एक्सप्रेस में पैंट्री भी है। लेकिन यहां पर खाना नहीं बनता है। इसकी वजह ये है कि जिस समय नाश्ता मिलता है। उस समय स्टेशन पर लंगर लगता है। जिससे खाना बनाने की जरूरत ही नहीं पड़ती है। सचखंड एक्सप्रेस में 6 जगह मिलता है लंगर सचखंड एक्सप्रेस में सफर करने वाले यात्रियों को खाने की टेंशन नहीं रहती है। उन्हें फ्री में खाना मिलता है। बीते कई सालों से इस ट्रेन में यात्रियों को स्पेशल लंगर परोसी जाता है। सचखंड एक्सप्रेस 39 स्टेशनों पर रुकती है। इस दौरान 6 स्टेशनों पर यात्रियों के लिए लंगर लगता है। ट्रेन भी उसी हिसाब से उन स्टेशनों पर रुकती है कि लोग आराम से लंगर लेकर खा सकें। नई दिल्ली और डबरा स्टेशन पर दोनों तरफ से सचखंड एक्सप्रेस में लंगर लगता है। जिसके लिए यात्री पहले ही तैयारी करके आते हैं। इस दौरान सभी यात्रियों के हाथ में अपने बर्तन होते हैं। कोई अमीर गरीब नहीं होता है। हर किसी को लंगर का इंतजार रहता है। जनरल से लेकर एसी कोच तक के यात्री अपने बर्तन लेकर स्टेशन पर आ जाते हैं। 29 साल से चल रहा है लंगर लंगर का मेनू रोज बदला जाता है। इसका खर्च गुरुद्वारों को मिलने वाले दान से निकलता है। आमतौर पर कढ़ी-चावल, छोले, दाल, खिचड़ी,की सब्जी, आलू-गोभी की सब्जी, साग-भाजी मिलती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 29 सालों में एक भी दिन ऐसा नहीं हुआ जब यहां पर खाना ना खिलाया गया हो। ये ट्रेन अगर लेट भी होती है तो सेवादार इंतजार में खड़े रहते हैं। रोज करीब 2000 लोगों के लिए लंगर तैयार किया जाता है। क्या है इस ट्रेन का इतिहास? ट्रेन को नांदेड़ और अमृतसर के बीच चलाया जाता है। 1995 में ये ट्रेन हफ्ते में एक बार चलती थी। इसके बाद इसमें थोड़ा बदलाव करके हफ्ते में दो बार चलाया गया। 1997-1998 के दौरान ये हफ्ते में 5 दिन चलने लगी। 2007 से ये ट्रेन रोजाना चलाई जा रही है। इस ट्रेन में लंगर सभी को दिया जाता है। जानकारी के मुताबिक, इस लंगर की शुरुआत सिख कारोबारियों ने की थी। जिसे बाद में गुरुद्वारे ने जारी रखा है। साथ बर्तन लेकर चलते हैं यात्री  ट्रेन के जनरल से लेकर एसी कोच तक में यात्री अपने साथ बर्तन लेकर चलते हैं. स्टेशनों पर बस बर्तन आगे किया, लंगर का प्रसाद मिल जाता है. दरअसल सचखंड एक्सप्रेस सिखों के दो सबसे बड़े धर्मस्थल अमृतसर के श्री हरमंदर साहिब और नांदेड़ (महाराष्ट्र) के श्री हजूर साहिब सचखंड को जोड़ती है. जिसकी वजह से सफर के रूट में पड़ने वाले छह स्टेशनों पर लंगर का प्रसाद सालों से परोसा जाता रहा है. कढ़ी-चावल, छोले, दाल, खिचड़ी,की सब्जी, आलू-गोभी की सब्जी, साग-भाजी मिलती हैं.   रोजाना 2000 लोगों के लिए बनता है लंगर  साल 1995 शुरू हुई इस ट्रेन को पहले हफ्ते में एक बार चलाया जाता था.बार में इसे बढ़ाकर हफ्ते में दो बार चलाया गया. साल 1997 में इसे हफ्ते में 5 बर और फिर इसे बढ़ाकर रोजाना कर दिया गया. इस लंगर की शुरुआत एक व्यापारी ने की थी, अब रोजाना 2000 लोगों के लिए लंगर बनता है. ट्रेन से सफर करने वाले लोग पहले से ही तैयारी करके रखते हैं. स्टेशन आने पर कुछ सेवादार ट्रेन में और कुछ स्टेशनों पर यात्रियों को लंगर का प्रसाद परोसते हैं. सालों से चली आ रही ये परंपरा आज भी जारी है. 

सड़कों के रख-रखाव में लापरवाही के लिए 21 अधिकारियों और 173 ठेकेदारों को नोटिस जारी, 9 ठेकेदारों को किया ब्लैक लिस्ट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सतपुड़ा-विंध्याचल भवन क्षेत्र सहित संपूर्ण अरेरा हिल्स क्षेत्र में कार्यालयों के लिए वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप भवनों के निर्माण के उद्देश्य से समग्रता में प्लानिंग की जाए। क्षेत्र में मेट्रो की सुविधा भी उपलब्ध होने जा रही है, साथ ही रोड नेटवर्क भी बेहतर हो रहा है। अत: कर्मचारियों व आम नागरिक की सुविधा को ध्यान में रख, कार्य स्थलों तक वॉक टू वर्क की सुविधा सुनिश्चित करते हुए क्षेत्र की अधोसंरचना विकसित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं के संबंध में मंत्रालय में बैठक ले रहे थे। बैठक में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में इंदौर की ईस्टर्न बायपास परियोजना और गड्ढा मुक्त सड़क अभियान पर भी चर्चा हुई। लोक-पथ एप से हुईं 3 हजार 652 शिकायतें निराकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में ईस्टर्न बायपास परियोजना का क्रियान्वयन किसानों तथा क्षेत्र के निवासियों को विश्वास में लेकर किया जाए। क्षेत्र के विकास में स्थानीय लोगों के लाभ व हित सुनिश्चित करते हुए योजना लागू की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़कों रख-रखाव में अद्यतन तकनीक अपनाते हुए कार्य किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि 07 अगस्त से 06 सितम्बर तक प्रदेश में सड़कों की मरम्मत के लिए चलाये गये विशेष अभियान में प्रमुख अभियंता, सड़क एवं सेतु द्वारा 35 हजार 995 किलोमीटर सड़कों पर मरम्मत की गई। आम नागरिकों द्वारा सड़कों में गड्ढों की शिकायत के लिए संचालित लोक-पथ एप में 46 हजार 516 किलोमीटर सड़कें रजिस्टर्ड हैं। गत 2 माह में एप में 3 हजार 721 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिसमें से 3 हजार 652 शिकायतें निराकृत की जा चुकी हैं। सड़कों की स्थिति के संबंध में 15 कार्यपालन यंत्रियों को कारण बताओ सूचना पत्र और 156 ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए तथा 9 ठेकेदारों की 73 लाख 30 हजार रूपए की राशि राजसात कर उनका पंजीयन ब्लैक लिस्ट किया गया है। अभियान में म.प्र. सड़क विकास निगम ने ओ.एम.टी योजना के तीन मार्गों पर निवेशकर्ताओं से टोल अधिकार वापस लिए। ठेकेदारों पर दंडात्मक कार्यवाही कर एक करोड़ 30 लाख रूपए से अधिक का दंड अधिरोपित किया गया। सड़क विकास निगम ने 17 ठेकेदारों और 6 अधिकारियों को मार्ग के उचित रखरखाव न करने के कारण शो-कॉज नोटिस भी जारी किए। व्हाईट टॉपिंग से होगा सड़कों का सुधार बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में 21 जिलों में चयनित 41 डामरीकृत सड़कों पर व्हाईट टॉपिंग कार्य का पायलेट प्रोजेक्ट लिया जा रहा है। व्हाईट टॉपिंग के अंतर्गत डामरीकृत सड़कों पर क्रांकीट की 6 से 8 इंच मोटाई का कार्य किया जाता है। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री संजय दुबे, प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने की घोषणा, अगले हफ्ते भारत आएंगे राष्ट्रपति मुइज्जू, मालदीव के तेवर नरम

नई दिल्ली मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू अगले सप्ताह भारत दौरा करेंगे। वह सात से दस अक्टूबर तक राजकीय यात्रा करेंगे। यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को यह घोषणा की। जून में भारत आए थे मुइज्जू मुइज्जू गत जून में भी भारत आए थे। उस समय वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे। जायसवाल ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि मालदीव के राष्ट्रपति की भारत यात्रा से दोनों देशों के बीच सहयोग को और गति मिलेगी। दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध भी प्रगाढ़ होंगे। मालदीव के राष्ट्रपति का शेड्यूल भारत यात्रा के दौरान मुइज्जू मुंबई और बेंगलुरु भी जाएंगे। उधर, मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय के बयान के अनुसार, मुइज्जू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आमंत्रण पर भारत दौरा करेंगे। इस दौरान वह राष्ट्रपति मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें करेंगे। बता दें कि मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव आ गए थे। हालांकि अब मुइज्जू सरकार के रुख में नरमी आ गई है।

महिला सुरक्षा पर दस दिवसीय विशेष सर्वव्यापी जागरूकता अभियान पूरे प्रदेश में संचलित किया जा रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मध्यप्रदेश पुलिस महिला सुरक्षा शाखा द्वारा समाज में महिलाओं एवं बालिकाओं के विरूद्ध हो रहे अपराधों एवं हिंसा की रोकथाम और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ”मैं हूँ अभिमन्यु” अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत विशेष रूप से पुरूषों को जागरूक किया जाएगा। इस अभियान में तीन अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक सहयोग, सम्मान और समानता की थीम पर सर्वव्यापी जागरूकता अभियान पूरे प्रदेश में संचलित किया जा रहा है। अभियान में नुक्कड़ नाटक, प्रश्नावली, लघु फिल्म, पोस्टर्स और जनजागरूकता रैली आयोजित की जा रही है। इसमें सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक स्टॉफ, स्वंयसेवी संस्थाओं सहित शासकीय विभागों का सहयोग लिया गया है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में पूरे देश में स्वच्छता पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। इसी परिपेक्ष्य में मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह अभियान मानसिक स्वच्छता हेतु दस दिवसीय अनूठा अभियान है। इसमें सभी वर्ग युवा वर्ग उत्साह से भाग ले रहे हैं।      अभियान का उद्देश्य इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल्यकाल से ही पुरूषों में लैगिंक समानता एवं एक दूसरे के प्रति सम्मान की भावना जागृत करना, महिलाओं के प्रति विशेष सम्मान की भावना जाग्रत की जाकर महिला अपराधों के प्रति संवेदनशील बनाना, शिक्षा के माध्यम से विभिन्न अपराधों की जानकारी दी जाकर उनके दुष्परिणाम से अवगत कराना, समय-समय पर बालकों के क्रियाकलापों का आकलन किया जाकर उनके दुष्परिणामों से अवगत कराना, प्रारंभिक अवस्था से ही प्रत्येक महिला के प्रति सम्मान एवं आदर का दृष्टिकोण रखने हेतु प्रोत्साहित किया जाना, युवा वर्ग को महिला अधिकारों के प्रति अवगत कराया जाकर महिलाओं को अपने विचार रखने की स्वतंत्रता एवं उनके विचारों के प्रति सम्मानजनक भाव रखने की शिक्षा दी जाना तथा वर्तमान में तकनीकों के माध्यम से समाज में जो अश्लीलता व्याप्त है उनसे दूर किया जाकर शिक्षा/संस्कारों पर जोर दिया जाना है। आयोजित होंगी विभिन्न गतिविधियां अभियान के दौरान इन दस दिनों में पूरे प्रदेश में वाद-विवाद प्रतियोगिता, नुक्कड नाटक, स्लोगन, समूह चर्चा, लघुफिल्मों का प्रदर्शन एवं मैराथन दौड़ का आयोजन। जिले के प्रमुख स्थानों जैसे- रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड, पर्यटन स्थल, तहसील कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय, शापिंग मॉल आदि स्थानों पर अभिमन्यु शुभंकर के कट-आउट का सेल्फी प्वाइंट लगाए गयें है। अभिमन्यु वैज, अभिमन्यु स्टीकर विभिन्न प्रतिभागियों को प्रदान किये जाएगें। टिवट्टर हैंडल, व्हाटसअप ग्रुप आदि में लघु फिल्म एवं पोस्टरों का प्रचार-प्रसार किया जायेगा। अभियान के दौरान समाज की धारा से वंचित समुदाय के ऐसे व्यक्ति जो समुदाय की रीति से अलग कार्य कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर द्वारा ऐसे लोगों का चयन कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। महिला अपराध को रोकने में अहम भूमिका निभाने वालों को एवं ऐसी महिलाएं जिन्होने पुरूषों द्वारा किए जाने वाले कार्यक्षेत्र में अपनी पहचान बनाई हो, को भी सम्मानित कर स्मृति चिन्ह प्रदान किये जायेंगे। साथ ही  महिला उत्थान के क्षेत्र में कार्य कर रहे पुरुषों (पीड़िता पुनर्वास के क्षेत्र में, पीड़िता से विवाह करने आदि) को सम्मानित किया जायेगा। महिला सुरक्षा शाखा द्वारा निर्मित लघु फिल्मों का होगा प्रर्दशन महिला सुरक्षा शाखा पीएचक्यू भोपाल द्वारा समाज में गिरते हुए पारिवारिक मूल्यों तथा संस्कारों के प्रति जागृत करने के लिए तीन लघु फिल्मों का निर्माण कर विभिन्न प्लेटफार्मो पर उनका प्रर्दशन सुनिचित किया जा रहा है ताकि लोग महिलाओं/ बालिकाओं के प्रति अपनी संस्कृति के अनुरूप गरिमामय आचरण करें। इन विभागों की रहेगी मुख्य भूमिका इस अभियान के कुशल क्रियान्वयन में पुलिस विभाग के साथ-साथ स्कूल एवं उच्च शिक्षा विभाग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, संस्कृति विभाग, पर्यटन विभाग, ग्रामीण एवं पंचायत विभाग, परिवहन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं गैर सरकारी संगठनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।  

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