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‘घोटाला करे AAP, शिकायत करे कांग्रेस, कार्रवाई हो तो गाली दें मोदी को’, विपक्षी एकता पर PM मोदी का प्रहार

नई दिल्ली  राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में तीसरी बार एनडीए की सरकार बनना ऐतिहासिक है। स्वतंत्र भारत के इतिहास और संसदीय यात्रा में कई दशकों के बाद ऐसा हुआ है कि जनता ने लगातार तीसरी बार किसी सरकार को जनादेश दिया है। पीएम मोदी ने कहा, 60 साल के बाद ऐसा हुआ है कि सरकार 10 साल तक सत्ता में रहने के बाद वापस लौटी है। मैं समझता हूं कि यह कोई सामान्य बात नहीं है। कुछ लोगों ने जानबूझकर जनता द्वारा दिए गए इस फैसले को ब्लैकआउट करने की कोशिश की। हमारे देश के लोगों ने हमें अपनी अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर 5वें से तीसरे स्थान पर लाने का जनादेश दिया है, और मुझे पूरा विश्वास है कि हम भारत की अर्थव्यवस्था को दुनिया में शीर्ष 3 में पहुंचा कर रहेंगे। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में हम देश की जनता की बुद्धिमता पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने दुष्प्रचार को पराजित किया। उन्होंने प्रदर्शन को प्राथमिकता दी। उन्होंने छल की राजनीति को खारिज किया और विश्वास की राजनीति पर विजय की मुहर लगाई। अगले पांच साल बुनियादी सुविधाओं की संतृप्ति सुनिश्चित करने और गरीबी के खिलाफ लड़ाई के लिए है। यह देश अगले पांच वर्षों में गरीबी के खिलाफ विजयी होगा और मैं यह पिछले दस वर्षों के अनुभव के आधार पर कह रहा हूं। जब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा, तो इसका प्रभाव जीवन के हर क्षेत्र पर होगा। संविधान का अनादर किया राज्यसभा के स्पीकर ने कहा,’नेता प्रतिपक्ष ने मेरा अनादर नहीं किया उस संविधान का अनादर किया है, जिसकी शपथ उन्होंने ली है. यह कैसे हो सकता है, ये अपर हाउस. हमें देश का मार्गदर्शन करना है. मैं उनके आचरण की भर्त्सना करता हूं. सदन का मतलब है कि आपने अपनी बात कर ली तो सत्ता पक्ष की भी बात सुनो.’ जनादेश को पचा नहीं पा रहे स्पीकर जगदीप धनखड़ के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विपक्ष के वॉकआउट पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा,’नारेबाजी हो हल्ला और मैदान छोड़कर भाग जाना यही उनके (विपक्ष) नसीब में लिखा हुआ है.140 करोड़ देशवासियों ने जो जनादेश दिया है, उसको ये पचा नहीं पा रहे हैं. कर्तव्य से बंधा हूं- पीएम मोदी पीएम मोदी ने आगे कहा,’कल इनके सारे हथकंडे फेल हो गए. आज इनमें लड़ने का हौसला भी नहीं रहा. मैं तो कर्तव्य से बंधा हुआ है. देश का सेवक हूं. उन्होंने फर्टिलाइजर को लेकर कहा कि वैश्विक संकटों की वजह से कुछ समस्याएं उत्पन्न हुईं, लेकिन हमने 12 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी देकर इसका असर किसानों पर नहीं पड़ने दिया.’ पीएम मोदी ने कहा कि पहले हमारे देश में छोटे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से ऋण प्राप्त करने में बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ता था, और बहुत कम किसानों तक इसकी पहुंच होती थी। आज हमारी नीतियों के कारण, संख्या में काफी वृद्धि हुई है। हमने किसानों को एक व्यापक भूमिका में देखा है, और किसान क्रेडिट कार्ड के विस्तार और किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को इसके लाभों के माध्यम से हमने उनके जीवन को सुविधाजनक बनाया है, इससे कृषि क्षेत्र मजबूत हुआ है और उनके काम के लिए मजबूत समर्थन प्रदान किया गया है। विपक्ष पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश देख रहा है कि झूठ फैलाने वालों में सच सुनने का भी साहस नहीं है। उनमें सच का सामना करने और इतनी चर्चा के बाद उठाए गए सवालों का जवाब देने का साहस नहीं है। वे उच्च सदन की महान परंपरा का अपमान कर रहे हैं। देश की जनता ने उन्हें हर तरह से हरा दिया है, उनके पास सड़कों पर नारे लगाने, हंगामा करने और मैदान छोड़कर भाग जाने के अलावा कुछ नहीं बचा है। हम दिल्ली में मोदी की वाहवाही कर सकते थे- पीएम पीएम मोदी ने कहा कि जब जी-20 की मीटिंग हुई, हम दिल्ली में बहुत तामझाम के साथ मोदी की वाहवाही कर सकते थे लेकिन हम चाहते थे  कि विश्व राज्यों के बारे में जाने. हम फेडरलिज्म में विश्वास रखते हैं. कोरोना काल में जितने मुख्यमंत्रियों से संवाद हुआ, इतने कम समय में कभी नहीं हुआ. हम ऐसी स्थिति में हैं जहां से एक नई क्रांति का नेतृत्व कर रहे हैं. सेमी कंडक्टर को लेकर राज्यों को भी नीतियां बनानी चाहिए. राज्यों में प्रतिस्पर्धा हो, गुड गवर्नेंस के साथ हो. आज जब विश्व दस्तक दे रहा है, राज्यों से आग्रह करूंगा कि आगे आइए और फायदा उठाइए. रोजगार के लिए राज्यों में प्रतिस्पर्धा क्यों नहीं होना चाहिए, युवाओं को फायदा मिलेगा. असम में सेमी कंडक्टर पर तेज गति से काम हो रहा है. इससे नॉर्थ ईस्ट को बहुत फायदा मिलने वाला है. यूएन ने 2023 को मिलेट्स ईयर के रूप में घोषित किया था. ये भारत की ताकत है. राज्य इसके लिए आगे आए. इससे किसान के लिए समृद्धि के नए द्वार खुल सकते हैं. दुनिया के लिए न्यूट्रिशियन मार्केट का सॉल्यूशन भी मिलेट में है. आरोग्य की दृष्टि से भी वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए राज्य आगे आएं. ईज ऑफ लिविंग सामान्य नागरिक का हक है. राज्य इसके लिए आगे आएं. भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई है, इसे कई स्तर पर नीचे ले जाना पड़ेगा. राज्य अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ बीड़ा उठाएंगे तो हम बहुत तेजी से भ्रष्टाचार से मुक्ति दिला पाएंगे. 21 वीं सदी को अगर भारत की सदी बनानी है तो एफिशिएंसी की दिशा में तेजी से काम करना होगा. मणिपुर में सौहार्द के लिए हर प्रयास कर रही है सरकार- पीएम पीएम मोदी ने कहा कि मणिपुर में हालात सामान्य बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है. मणिपुर में हिंसा की घटनाएं लगातार कम हो रही हैं. मणिपुर में भी स्कूल-कॉलेज संस्थान खुले हुए हैं. जैसे देश में परीक्षाएं हुईं, वहां भी परीक्षाएं हुई हैं. केंद्र सरकार सभी से बातचीत करके सौहार्द का रास्ता खोलने की कोशिश कर रही है. छोटे-छोटे ग्रुपों से बात की जा रही है. गृह मंत्री वहां जाकर कई दिन रहे हैं. अधिकारी भी लगातार जा रहे हैं. समस्या के समाधान के लिए हर प्रकार से … Read more

पांच माओवादियों के मारे जाने की खबर, छत्तीसगढ़-नारायणपुर में जवानों और नक्सलियों में मुठभेड़

नारायणपुर. छत्तीसगढ़ के नारायणपुर प्रभावित नारायणपुर जिले में मंगलवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में पांच नक्सली मारे गए। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ अबूझमाड़ में कोहकामेटा थाना क्षेत्र के जंगलों में उस समय हुई जब सुरक्षाबलों का एक संयुक्त दल नक्सल विरोधी अभियान पर था। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया, ”कार्रवाई में अब तक पांच नक्सली मारे गए हैं। इलाके में तलाशी अभियान अब भी जारी है और विस्तृत जानकारी का इंतजार है।” उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में सुरक्षाकर्मियों के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है। अधिकारी ने बताया कि जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), विशेष कार्य बल (एसटीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों ने रविवार को यह अभियान शुरू किया था। इस घटना के साथ ही राज्य में सुरक्षा बलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में इस साल अब तक 138 नक्सली मारे जा चुके हैं। बस्तर में सबसे ज्यादा कार्रवाई इनमें से 136 माओवादी बस्तर संभाग में मारे गए, जिसमें नारायणपुर समेत सात जिले शामिल हैं। वहीं दो अन्य नक्सलियों को रायपुर संभाग के धमतरी जिले में मार गिराया गया। पंद्रह जून को नारायणपुर जिले में मुठभेड़ में आठ नक्सली मारे गए थे तथा इस घटना में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का एक जवान शहीद हो गया था। पांच जून को नारायणपुर में मुठभेड़ में छह नक्सली मारे गए थे जबकि 23 मई को नारायणपुर-बीजापुर सीमा पर मुठभेड़ में सात नक्सलियों को मार गिराया गया था। इन जिलों में भी हुई कार्रवाई इससे पहले 10 मई को बीजापुर में मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए थे और 30 अप्रैल को नारायणपुर और कांकेर जिलों की सीमा पर मुठभेड़ में तीन महिलाओं समेत 10 नक्सली मारे गए थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक 16 अप्रैल को कांकेर जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गए थे। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 5 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं. वहीं कई नक्सलियों के घायल होने का दावा बस्तर के आईजी सुंदरराज पी ने किया है. माओवादियों के अस्थाई कैंप से बड़ी मात्रा में नक्सलियों का विस्फोटक सामान, हथियार और नक्सली साहित्य बरामद किए गए हैं. बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से माओवादी संगठन के बड़े कैडर के नक्सली इस इलाके में डेरा जमाए हुए थे. इसके बाद जवानों ने सूचना मिलने पर घेराबंदी किया. इस घेराबंदी के दौरान जवानों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई. पुलिस चला रही ‘माड़ बचाओ अभियान’ इसी इलाके में जवानों ने कुछ महीने पहले मुठभेड़ में 16 नक्सलियों को ढेर किया था. गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से इन पांच जिलों में पुलिस के जरिय ‘माड़ बचाओ अभियान’ चलाया जा रहा है. दरअसल, पिछले 30 जून को बस्तर संभाग के  नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव और कांकेर जिले में DRG, STF, BSF और आईटीबीपी के लगभग 1400 जवान नक्सलियों के कोर इलाके अबूझमाड़ में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं.  इसी दौरान जंगलों में जवानों और नक्सलियों का आमना- सामना हुआ है. 2 जुलाई सुबह   नक्सली और जवानों के बीच हो रही मुठभेड़ हुई.

लखनऊ में सहारा मुख्य भवन पर ED की छापेमारी, 100 अधिकारी एक साथ पहुंचे कपूरथला हेड ऑफिस

  लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) का छापा पड़ा है। सहारा इंडिया के मुख्यालय में ईडी की छापेमारी हो रही है। कोलकाता की चिटफंड कंपनी में घोटाले से जुड़े मामले में ईडी की टीम सहारा इंडिया मुख्यालय को खंगाल रही है। ईडी की टीम ने सहारा के मुख्यालय में दाखिल होते ही सभी कर्मचाीरियों के फोन जब्त कर लिए। इसके बाद तमाम सेक्शन में पहुंच कर घोटाले से संबंधित जानकारियों को एकत्र किया जा रहा है। इस आधार पर कार्रवाई को लेकर चर्चा का बाजार गर्म किया जा रहा है। सहारा इंडिया का ये पूरा मामला कोलकाता की चिट फंड कंपनी में हुए कथित घोटाले से जुड़ा हुआ है। इलेक्ट्रानिक दस्तावेजों को इक्कठा करने के साथ में फाइलों की भी जांच की जा रही है। टीम ने सभी कर्मचारियों के मोबाइल जब्त कर लिए हैं। किसी को भी बाहर जाने नहीं दिया जा रहा है। चिटफंड घोटाले में छापेमारी सूत्रों के अनुसार, सहारा इंडिया मुख्यालय में छापेमारी कोलकाता की चिटफंड कंपनी में हुए कथित घोटाले से जुड़ी हुई है। इस मामले में सहारा इंडिया के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चल रहा है। इसी क्रम में ईडी की टीम लखनऊ के कपूरथला स्थित सहारा इंडिया के हेड ऑफिस में भी पहुंची। यहां जांच और छापेमारी चल रही है। फोन जब्त किए जाने से गहराया मामला छापेमारी और जांव के दौरान ईडी की टीम ने मुख्यालय में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों के सेल फोन जब्त कर लिए गए। फोन जब्त किए जाने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। तरह-तरह की चर्चा का दौर शुरू हो गया है। ईडी की टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है। इस घोटाले से जुड़े सबूत इकट्ठा कर रही है। लखनऊ यूनिट भी छापेमारी में शामिल प्रवर्तन निदेशालय लखनऊ यूनिट को भी इस छापेमारी में शामिल किया गया है। इस संयुक्त कार्रवाई के जरिए कोलकाता की चिटफंड कंपनी में हुए घोटाले की तह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। चिटफंड घोटाले में शामिल सभी लोगों को न्याय के कटघरे तक लाना है। यह छापेमारी सहारा इंडिया के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आई है। ईडी की इस कार्रवाई से सहारा इंडिया के खिलाफ आरोपों की गंभीरता पर चर्चा शुरू हो गई है।

वित्त मंत्री विपक्ष के शोर-शराबे के बीच बजट पेश किया, सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाया, बजट 3 लाख 65 हजार 67 करोड़ रुपए

Convicted criminal leader Subhash Chandra Bose failed to escape from Central Jail 

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा में आज डॉ. मोहन यादव सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश हो रहा है। विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा बजट प्रस्तुत कर रहे हें। इस दौरान विपक्ष की ओर से हंगामा होने लगा। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विपक्षी विधायकों से कहा कि आप जिस पर चर्चा की मांग कर रहे हैं, उस पर बाद में बात हो जाएगी। पहले बजट भाषण हो जाए। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उठाया सदन में गलत जानकारी देने का मुद्दा। इसके बाद यहां हंगामा शुरू हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मान्य परंपराओं का पालन करें जो विषय उठाया जा चुका है, वह दोबारा नहीं उठाया जा सकता है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अब नर्सिंग घोटाला मामले पर कोई चर्चा नहीं होगी। तीर्थ दर्शन योजना के लिए 50 करोड़ रुपये वित्तमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के रिटायर होने के बाद भविष्य निधि तुरंत मिलेगी। इसके साथ ही 50 करोड़ रुपये तीर्थ दर्शन योजना के लिए दिए जाएंगे। 4725 करोड़ रुपये का प्रावधान वन और पर्यावरण के लिए किया गया है। वित्तमंत्री ने बजट भाषण में कहा- आगामी 5 साल में एक्सप्रेसवे नेटवर्क के माध्यम से अटल प्रगति पथ, नर्मदा प्रगति पथ, विंध्य एक्सप्रेसवे, मालवा निर्माण एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड विकास पथ और मध्य भारत विकास पथ के कार्य किए जाएंगे। इन मार्गों के दोनों और औद्योगिक गलियारा विकसित किए जाएंगे। सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन में बनेंगी सड़कें सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन शहर में बाइपास तथा शहर में सभी मार्गों को फोरलेन और 8 लेन की सड़क प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 2000 किलोमीटर सड़क का नवीनीकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क एवं पुल के निर्माण व संधारण के लिए बजट 10000 करोड रुपए प्रस्तावित किया गया है। प्रदेश में अभी तक 70 लाख 860293 घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर नल से जल उपलब्ध कराया जाएगा। सभी गैर कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे तथा कृषि उपभोक्ताओं को औसतन प्रतिदिन 10 घंटे विद्युत प्रदाय की जाएगी। प्रदेश में 26 जनवरी 2024 को सर्वाधिक 17614 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गई। वर्ष 2024-25 में ऊर्जा क्षेत्र के लिए 19406 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जो 2023 24 की तुलना में 1046 करोड़ रुपये अधिक है। हंगामे के बीच वित्तमंत्री बजट भाषण प्रस्तुत कर रहे हैं। इसके पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के भाषण अनुमोदन हुआ। इसके बाद कैबिनेट में बजट को मंजूरी दी गई। बजट की प्रमुख बातें     वित्तमंत्री ने तीन लाख 65 हजार 67 करोड़ रुपये का बजट पेश किया।     बजट पिछले साल की तुलना में 16 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।     केंद्रीय सहायता के तौर पर प्रदेश को 15000 करोड़ रुपए अधिक मिलेंगे।     बजट में पेयजल व्यवस्था के लिए 10279 करोड़ रुपये का प्रावधान हुआ।       पीएम आवास योजना के लिए 4 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया।     मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में 4 हजार 900 करोड़ रुपए का प्रावधान     पीएम ई-बस योजना के तहत छह शहरों में 552 ई बसें चलाई जाएंगी। ये ई-बसें इंदौर, भोपाल, जबलपुर,ग्वालियर, उज्जैन व सागर में चलेंगी।     इस साल मंदसौर, नीमच व सिवनी में सरकारी मेडिकल कॉलेज शुरू किए जाएंगे।     2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए 500 करोड़ का प्रावधान। इससे उज्जैन और आसपास के 10 जिलों में विकास कार्य किए जाएंगे।     राम पथ गमन के स्थानों को चिह्नित कर उनका विकास करेंगे। श्रीकृष्ण पाथेय योजना पर भी काम होगा।     महिला स्व-सहायता समूहों को बड़े बाजारों से जोड़ने के लिए 800 करोड़ रुपए का प्रावधान। पार्वती, काली सिंध और चंबल लिंक परियोजना 2025-26 तक 65 लाख हेक्टेयर और 2028-29 तक एक करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र को संचित करने का लक्ष्य रखा गया है। पार्वती, काली सिंध, चंबल नदी लिंक परियोजना निर्माण की सैद्धांतिक सहमति बनाई गई है। इससे प्रदेश के 10 जिलों में चार लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता निर्मित होगी और पेयजल मिलेगा सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण व संधारण के लिए 13 हजार 596 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। केन बेतवा लिंक परियोजना और के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। राज्य मिले मिशन मोटे अनाज को प्रोत्साहित करने के लिए लागू किया गया है। कोदो कुटकी पर प्रति किलोग्राम 10 रुपये की अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। डिंडौरी में अन्य अनुसंधान केंद्र स्थापित होगा। मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। उज्जैन में चना और ग्वालियर में सरसों अनुसंधान केंद्र की स्थापना होगी। अनुसूचित जाति जनजाति के एक हेक्टेयर तक के भूमि धारकों को 5 हॉर्स पावर तक के विद्युत पंप पर निशुल्क विद्युत आपूर्ति। अटल कृषि ज्योति योजना अंतर्गत 10 हॉर्स पावर तक के किसानों को ऊर्जा प्रभार में सब्सिडी दी जा रही है। इसके लिए 11065 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। मुख्यमंत्री कृषि कल्याण योजना में 4900 करोड़ रुपए रखे गए हैं। केंद्र और राज्य सरकार की योजना से 42 लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं। गेहूं पर 125 रुपए प्रति कुंतल बोनस देने के लिए 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। किसानों को लोन के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान प्राकृतिक आपदा से होने वाली नुकसान की भरपाई के लिए 2000 करोड़ रुपए रखे गए हैं फसल विविधीकरण योजना के लिए 20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। 0% पर किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए 600 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 30 करोड़ प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में निशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है, जो आगे भी जारी रहेगा। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना मैं शामिल होने से वंचित हितग्राहियों को शामिल करने के लिए राज्य सरकार की योजना के लिए 520 करोड़ रुपए रखे गए हैं। किसानों को 23 हजार करोड़ रुपए के फसल ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। गौशालाओं में पशु आहार उपलब्ध कराने के लिए 250 करोड़ रुपए रखे गए हैं। प्रतिदिन अब 20 के स्थान पर 40 रुपये व्यय किए जाएंगे। वर्ष 2024-25 को गो वंश रक्षा वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। … Read more

मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति आय चार गुना बढ़ी, खेती में प्रोडक्शन कम लेकिन ग्रोथ अच्छी, जानें सर्वेक्षण के आंकड़े

भोपाल मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार बुधवार को अपना पहला पूर्ण बजट विधानसभा में प्रस्तुत करने जा रही है। बजट उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा प्रस्तुत करेंगे। यह बजट 3 लाख 65 हजार करोड़ रुपये से अधिक का होना संभावित है। वित्त विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि बजट में नागरिकों पर कोई नया कर नहीं लगाया जाएगा। कयास हैं कि इस बजट में सभी वर्गों को साधने के लिए प्रावधान होंगे। दिसंबर में कार्यभार संभालने वाली मोहन सरकार ने लोकसभा चुनाव के कारण पूर्ण बजट प्रस्तुत नहीं किया था। तब सरकार ने एक लाख 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अंतरिम बजट प्रस्तुत किया था। एक अप्रैल से 31 जुलाई 2024 तक के लिए विभागों को राशि आवंटित की गई थी। लेकिन इस बजट के माध्यम से वर्षभर के लिए प्रावधान होंगे। विधानसभा चुनाव 2023 में जारी किए गए संकल्प पत्र के वादा को पूरा करने के लिए भी सरकार बड़े ऐलान कर सकती है। पूंजीगत निवेश बढ़ाने का सिलसिला जारी रखते हुए 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया जा सकता है। वहीं लाडली बहना योजना, छात्रवृत्ति, स्वरोजगार, फसल पर बोनस, मोटे अनाज और पशुपालकों को प्रोत्साहन देने के लिए पर्याप्त राशि विभागों को आवंटित करने को लेकर कई घोषणाएं संभव है। साथ ही साल 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ होना है। इसके लिए बजट में कोई विशेष ऐलान भी संभव है। इस बार खास बात यह है कि बजट डिजिटल के बजाए हार्ड कॉपी में होगा। सभी सदस्यों को बजट की प्रतियां मिलेंगी। बजट में क्या होगा खास प्रधानमंत्री शहरी और ग्रामीण आवास, आयुष्मान सहित स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, नल जल योजना, विशेष पिछड़ी जनजाति (बैगा, भारिया और सहरिया) के लिए जनमन योजना में राशि संबंधित विभागों को के लिए अच्छी खासी राशि दी जा सकती है। दूध उत्पादक किसानों को प्रति लीटर प्रोत्साहन, किसान और घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं के लिए लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का अनुदान और महंगाई भत्ता व राहत के लिए 56 प्रतिशत की दर से प्रावधान रखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश में विकास का पहिया डबल इंजन की सरकार के तालमेल से दौड़ेगा। केंद्रीय कर और सहायता अनुदान में लगभग 15 हजार करोड़ रुपये प्रदेश को अधिक मिलने का अनुमान है। वहीं राज्य कर भी 96 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। एमपी सरकार का आर्थिक सर्वेक्षण मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को अपना आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत कर दिया है। उपमुख्यमंत्री और वित्त मामलों के मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा जारी आर्थिक सर्वेक्षण में पता चला है कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय चार गुना बढ़ गई है। प्रचलित भावों पर प्रति व्यक्ति आय वित्तीय वर्ष 2011-12 में 38,497 रुपये से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2023-24 में एक लाख 42 हजार 565 रुपये हो गई है। जो कि पिछले वर्ष की तुलना में प्रति व्यक्ति आय में इस वर्ष 10 हजार 55 रुपये ज्यादा है। वहीं, मुद्रास्फीति के समायोजन के बाद स्थिर भावों पर भी प्रति व्यक्ति शुद्ध आय 38 हजार 497 से बढ़कर 66 हजार 441 रुपये हो गई है। जीएसवीए में कृषि उत्पादकता में सकारात्मक रुझान, औद्योगिक स्थिरता और सेवा क्षेत्र में निरंतर बढ़त दर्ज हुई है। जीएसडीपी भी बढ़कर 13 लाख 63 हजार 327 करोड़ हो गया है। वहीं पिछले वित्तीय वर्ष की जीएसडीपी 12 लाख 46 हजार 471 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 9.37 प्रतिशत की वृद्धि कृषि, उद्योग और सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुई है। मंगलवार को जारी किए आंकड़े यह आंकड़े आर्थिक सर्वेक्षण के हैं, जो प्रदेश सरकार ने बजट प्रस्तुत करने से एक दिन पूर्व मंगलवार को जारी किए हैं। वर्ष 2023-24 के लिए स्थित भावों पर जीएसडीपी छह लाख 60 हजार 363 करोड़ रुपये थी, जो पिछले वर्ष से छह लाख 22 हजार 908 करोड़ रुपये से अधिक है। यानी इसमें लगभग 6.01 प्रतिशत वास्तविक वृद्धि दर्ज हुई है। सर्वेक्षण के अनुसार प्रदेश की अर्थव्यवस्था बढ़ रही है। साथ ही साथ उत्पादन और सेवाओं में वास्तविक लाभ भी सरकार प्राप्त कर रही है। कृषि में उन्नति, औद्योगिक विकास और विशेष रूप से आइटी व पर्यटन में बढ़ता हुआ सेवा क्षेत्र सामूहिक रूप से राज्य के आर्थिक विकास को आगे बढ़ा रहा है। कृषि-ग्रामीण क्षेत्र की स्थिति कृषि और ग्रामीण विकास जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में वर्ष 2011-12 में 33.85 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 45.53 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। स्थित भावों पर वर्ष 2011-12 में 33.85 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 35.82 प्रतिशत वृद्धि हुई है। वहीं प्रचलित भावों पर प्राथमिक क्षेत्र की हिस्सेदारी 45.17 प्रतिशत से बढ़कर 45.53 प्रतिशत हो गई। यह वृद्धि फसलों (32.29% से 32.32%) और पशुधन (7.51% से 7.84%) के स्थित योगदान से प्रेरित है जो कृषि उत्पादकता और पशुधन विकास को दर्शाती है। मत्स्य पालन और और जलीय कृषि में भी वृद्धि मत्स्य पालन और और जलीय कृषि में भी 0.50 प्रतिशत से 0.53 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई। खनन और उत्खनन में 2.59 प्रतिशत से 2.67 प्रतिशत तक सुधार हुआ है। वहीं स्थिर भावों में पशुधन का योगदान 6.02 प्रतिशत से 6.18 प्रतिशत हो गया और मत्स्य पालन व जलीय कृषि 0.50 प्रतिशत से बढ़कर 0.54 प्रतिशत हो गई है। खनन और उत्खनन में भी 2.8 से 2.27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उपमुख्यमंत्री वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण मध्य प्रदेश की उत्कृष्ट आर्थिक प्रगति को रेखांकित करता है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश आर्थिक समृद्धि के नए सोपान तय करेगा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपेक्षा अनुसार देश की पांच ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने भरपूर सहयोग देगा।

CM योगी हाथरस के लिए रवाना, 121 लोगों की मौत, आयोजन में 2.5 लाख लोग थे शामिल

हाथरस हाथरस सतसंग में श्रृद्धालुओं की मौत के मामले में मुख्य प्रवचनकर्ता सूरजपाल उर्फ़ भोले बाबा के मुख्य सेवादार समेत अन्य आयोजकों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं प्रशासन ने कार्रवाई के क्रम में एक कदम और आगे बढ़ाया है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 105, 110, 126(2), 223 और 238 के तहत ‘मुख्य सेवादार’ कहे जाने वाले देवप्रकाश मधुकर और उस धार्मिक कार्यक्रम के अन्य आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जहां भगदड़ हुई थी। एफआईआर में बाबा का नाम नहीं है। डीजी जोन आगरा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। बीजेपी विधायक और यूपी सरकार के मंत्री असीम अरुण ने यह जानकारी दी है। पुन: (4) संशोधित….सिकंदराराऊ में भगदड़,  116 लोगों की मौत साकार विश्वहरि उर्फ भोलेबाबा के सत्संग समाप्त होने के बाद हुआ दर्दनाक हादसा चीख-पुकार के बीच सत्संग स्थल और अस्पतालों में अपनों को खोजते रहे श्रद्धालु सिकंदराराऊ क्षेत्र में मंगलवार को सत्संग के दौरान मची भगदड़ में अब तक 116 से अधिक श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि सौ से अधिक लोग घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब फुलरई मुगलगढ़ी में नारायण विश्वहरि उर्फ भोले बाबा सत्संग समाप्त करने के बाद बाहर निकल रहे थे। देर रात अलीगढ़ रेंज के आईजी शलभ माथुर ने 116 लोगों के मरने की पुष्टि की है। इसमें से 98 महिलाएं, 7 बच्चे और 11 पुरुष हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सवा लाख से अधिक लोग सत्संग में मौजूद थे। समापन के बाद हर कोई निकलने की जल्दी में था। गर्मी और उमस के कारण श्रद्धालु परेशान थे। इसी बीच बाबा का काफिला निकालने के लिए लोगों को रोका गया। हर कोई बाबा को नजदीक से देखना चाहता था। उनकी गाड़ी की धूल को पाना चाहता था। ऐसे में पीछे से भीड़ का दबाव बढ़ता गया। सड़क के करीब दलदली मिट्टी और गड्ढा होने के कारण आगे मौजूद लोग दबाव नहीं झेल सके औऱ एक के बाद एक गिरते चले गए। खासकर जमीन पर गिरीं महिलाओँ व बच्चों के ऊपर से लोग गुजरते चले गए। देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई। बड़ी संख्या में लोग बेहोश हो गए।   हाथरस हादसे पर समाजवादी पार्टी सांसद अखिलेश यादव ने कहा, “यह बहुत दर्दनाक है. जिन परिवारों के सदस्यों की जान गई है उन्हें दुख सहने की शक्ति मिले. जो हादसा हुआ है यह सरकार की लापरवाही है. ऐसा नहीं है कि सरकार को इस कार्यक्रम की जानकारी न हो. जब कभी भी इस प्रकार के कार्यक्रम होते हैं तो बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होते हैं. इस लापरवाही से जो जानें गईं है उसकी जिम्मेदार सरकार है. कोई अगर अस्पताल पहुंच भी गया तो उन्हें पर्याप्त इलाज नहीं मिल पाया. ना ऑक्सीजन, ना दवाई, ना इलाज मिल पाया. इसकी जिम्मेदार भाजपा है जो बड़े-बड़े दावे करती है कि हम विश्वगुरु बन गए हैं. क्या अर्थव्यवस्था का मतलब यह है कि किसी आपातकाल स्थिति में आप लोगों का इलाज न कर पाएं?” सत्संग और आयोजनों के लिए कड़े नियम और कानून बनाए जाने की जरूरत राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मांग की है कि जो कल हादसा हुआ है उसको ध्यान में रखते हुए ऐसे सत्संग और आयोजनों को लेकर कड़े नियम और कानून बनाए जाने की जरूरत है.  बदायूं जनपद के छह लोगों की मौत, परिजनों से मिले SDM हाथरस में सत्संग के दौरान मची भगदड़ के दौरान बिल्सी के तीन लोगों समेत बदायूं जनपद के छह लोगों की मौत हुई है. बिल्सी एसडीएम ने तीनों परिवारों के घर पहुंच कर पूरी जानकारी ली है. एसडीएम प्रवर्धन शर्मा ने कहा कि शासन की ओर से हर संभव मदद दी जाएगी.  लोगों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल पाया- अखिलेश यादव हाथरस की घटना पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि ऐसा नहीं है कि यूपी सरकार और प्रशासन के लोग ये बाते न जानते हों कि ऐसे कार्यक्रमों में भारी भीड़ आती है. लोगों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल पाया. एंबुलेंस, इलाज, दवाई और ऑक्सीज नहीं मिल पाई.  

साल 2030 तक लगने वाले 10 सूर्य ग्रहण की सूचि देखें, क्या भारत में भी दिखाई देगा?

Farmers standing in line for fertilizer in Agriculture Minister's home district, empty handed even after staying awake all night

वॉशिंगटन सूर्य ग्रहण सबसे अनोखी खगोलीय घटनाओं में से एक है। दुनियाभर के लोग इस अद्भुत नजारे को देखने का इंतजार करते हैं। सूर्य ग्रहण के दौरान पृथ्वी और सूर्य के बीच से चंद्रमा गुजरता है। इससे सूर्य से धरती तक आने वाला प्रकाश ढक जाता है। इससे सूर्य की रोशनी धरती पर नहीं आ पाती। वहीं अंतरिक्ष से देखें तो एक विशाल परछाई पृथ्वी पर दिखाई देती है। साल 2024 में दो सूर्य ग्रहण हैं। इनमें से एक सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल को लगा था। यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण था जो मेक्सिको, अमेरिका, और कनाडा में देखा गया था। अब अगले कुछ महीनों में दूसरा सूर्य ग्रहण भी दिखाई देगा, जो एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। वलयाकार सूर्य ग्रहण वह होता है, जिसमें चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता। सूर्य का केंद्र ढका होता है, वहीं किनारे साफ दिखाई देते हैं। इससे आग की एक रिंग आसमान में दिखती है। इसे रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है। चंद्रमा की धरती से दूरी ही इसके सूर्य ग्रहण के प्रकार को तय करती है। इससे तय होता है कि यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा या फिर वलयाकार सूर्य ग्रहण।   क्या भारत में दिखेगा सूर्य ग्रहण साल 2024 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण हमें 2 अक्टूबर को दिखाई देगा। लेकिन अगर आप इसे भारत में देखने का इंतजार कर रहे हैं तो आपके लिए एक बुरी खबर है। यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। सूर्य ग्रहण दक्षिणी अमेरिका और प्रशांत महासागर में दिखाई देगा। भारत में देखा गया आखिरी सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर 2019 को लगा था। वहीं अगले सूर्य ग्रहण को देखने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। भारत में अगला सूर्य ग्रहण 21 मई 2031 को दिखेगा। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में यह दिखाई देगा।   अगले 10 सूर्य ग्रहण सूर्य ग्रहण की तारीख सूर्य ग्रहण का प्रकार 2 अक्टूबर 2024 वलयाकार सूर्य ग्रहण 29 मार्च 2025 आंशिक सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 वलयाकार सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 पूर्ण सूर्यग्रहण 6 फरवरी 2027 वलयाकार सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 पूर्ण सूर्यग्रहण 26 अगस्त 2028 वलयाकार सूर्य ग्रहण 22 जुलाई 2028 पूर्ण सूर्यग्रहण 1 जून 2030 वलयाकार सूर्य ग्रहण 25 नवंबर 2030 पूर्ण सूर्यग्रहण

कलेक्टर ने भेजा प्रस्ताव- पन्ना में बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात की खूबसूरती निहारने के लिए ग्लास ब्रिज का निर्माण किया जाएगा

पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात की खूबसूरती निहारने के लिए ग्लास ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। गौरतलब है कि पन्ना के पूर्व कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने अपने कार्यकाल में बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात और आसपास के क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के उद्देश्य से प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति विभाग शिव शेखर शुक्ला को प्रस्ताव भेजा था। उस प्रस्ताव के संबंध में लोकेशन का अध्ययन करने प्रमुख सचिव पर्यटन व संस्कृति विभाग शिव शेखर शुक्ला की ओर से मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के वास्तुविद सतीश कालान्तरे (जबलपुर), कार्यपालन यंत्री क चौरसिया (सागर) और विवेक चौबे, उपयंत्री (खजुराहो) की टीम को पन्ना भेजा। पन्ना के सर्किट हाउस में पूर्व कलेक्टर संजय कुमार मिश्र द्वारा मध्य प्रदेश पर्यटन निगम की उक्त टीम के साथ बैठक लेकर बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात और आसपास के क्षेत्र का पर्यटन बढ़ाने के उद्देश्य से बनाये प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा कर अपने सुझाव दिए गए। इस बैठक में आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश पाण्डेय जिला पुरातत्व,पर्यटन और संस्कृति परिषद पन्ना के सदस्य के रूप में शामिल हुए।  मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम की तकनीकी टीम द्वारा बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात पहुंच कर वास्तविक स्थिति और लोकेशन का अध्ययन और सर्वे किया गया। फिलहाल कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं वास्तुविद सतीश कालान्तरे ने बताया कि बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात के आसपास फिलहाल सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना हमेशा बनी रहती है, इसलिए बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात के चारों तरफ सुरक्षा हेतु रेलिंग लगाई जाएगी। रेलिंग भी इस तरीके से लगाई जाएगी कि स्थान की खूबसूरती भी बनी रहे और सुरक्षा भी। बृहस्पति कुण्ड आश्रम की तरफ एक मजबूत ग्लास ब्रिज बनाया जाएगा, जिस पर चढ़कर पर्यटक जलप्रपात के ठीक सामने खड़े होकर जलप्रपात की खूबसूरती को निहार सकेंगे। यह देश का दूसरा और मध्यप्रदेश का पहला ग्लास ब्रिज होगा । पैगोडा डिजाइन के विश्राम स्थल बनेंगे कार्यपालन यंत्री चौरासिया ने बताया कि जलप्रपात के आसपास लोगों को धूप-बारिश से बचने के लिए पैगोडा डिजाइन के विश्राम स्थल भी बनाए जाएंगे । दिनों-दिन पर्यटकों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए समुचित संख्या में प्रसाधन गृह और एक बड़ी पार्किंग की भी व्यवस्था होगी। जलप्रपात के पास खाली पड़े चट्टानी मैदान में खूबसूरत लैंडस्केप और उद्यान विकसित किया जाएगा। इस क्षेत्र के महत्व और जानकारी को दर्शाते हुए कई सूचना पट्ट लगाए जाएंगे। पहले चरण में जलप्रपात के चारों तरफ सुरक्षा रेलिंग, ग्लास ब्रिज, विश्राम स्थल, पार्किंग, प्रसाधन गृह, कैफेटेरिया आदि का निर्माण होगा। दूसरे चरण में जलप्रपात के नीचे की तरफ स्टॉप डैम बनाकर नौकायन और एडवेंचर गतिविधियों की व्यवस्था की जाएगी । बृहस्पति कुण्ड की खासियत बृहस्पति कुण्ड अपने आप में एक अद्भुत स्थल है। प्राकृतिक रूप से तो सुंदर होने के साथ श्री राम वनपथ गमन मार्ग का एक महत्वपूर्ण स्थल है। बृहस्पति कुंड में चंदेलकालीन शिव मंदिर है। हजारों साल पुराने आदिमानव के समय के अद्भुत शैलचित्र है।

पाक ने JF 17 fighter jet को न्‍यूक्लियर मिसाइल से लैस कर दिया, भारत के लिए बना सर दर्द

M/s Mentana Infracell, which is embroiled in allegations, was given a contract worth more than Rs 5000 crore

इस्‍लामाबाद  भारत के फ्रांसीसी राफेल फाइटर जेट शामिल करने के बाद पाकिस्‍तान घबराया हुआ है। पाकिस्‍तान की वायुसेना अब अपने जेएफ-17 थंडर फाइटर जेट को अपग्रेड करने में जुट गई है ताकि परमाणु मिशन के लिए उसे तैयार किया जा सके। पाकिस्‍तान लगातार अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर अस्‍पष्‍ट रहा है। जेएफ-17 फाइटर जेट को चीन और पाकिस्‍तान ने मिलकर बनाया है और लंबे समय से ऐसी अटकलें थीं कि इसे परमाणु हमला करने के लिए बनाया गया है। हाल ही में आई एक तस्‍वीर से इस बात की पुष्टि हुई है कि जेएफ 17 फाइटर जेट को टैक्टिकल न्‍यूक्लियर मिसाइल से लैस कर दिया गया है। इस मिसाइल का नाम राड है। अमेरिकी परमाणु वैज्ञानिकों ने पाकिस्‍तानी फाइटर जेट की क्षमता को लेकर यह खुलासा किया है। पाकिस्‍तानी जेएफ-17 विमान को लेकर यह खुलासा ऐसे समय पर हुआ है जब हाल ही में सिप्री की रिर्पोर्ट में कहा गया था कि पहली बार परमाणु बम के मामले में पाकिस्‍तान से आगे निकल गया है। भारत के पास इस समय 172 परमाणु बम हैं, वहीं पाकिस्‍तान के पास 170 ही हैं। माना जा रहा है कि भारत ने अपने भाभा एटामिक शोध केंद्र में नए परमाणु बम को प्‍लूटोनियम की मदद से बनाया है। पाकिस्‍तान के परमाणु बम यूरेनियम की डिजाइन पर आधारित है। अमेरिकी वैज्ञानिकों की संस्‍था फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्‍ट ने राड 1 मिसाइल की साल 2023 की तस्‍वीरों का विश्‍लेषण किया है। रॉड पाकिस्‍तान की एकमात्र हवा से लॉन्‍च की जाने वाली परमाणु मिसाइल है और इसे जेएफ 17 फाइटर जेट के साथ लैस कर दिया गया है। मिराज की जगह ले रहे जेएफ 17 फाइटर जेट अब तक मिराज III/Vs हवा में प्रतिरोधक क्षमता की भूमिका निभाते थे। राड क्रूज मिसाइल का साल 2007 में पहली बार परीक्षण किया गया था। इसे परंपरागत या परमाणु हमले दोनों के लिए इस्‍तेमाल किया जा सकता है। पाकिस्‍तान ने मिराज विमानों को सेवा से हटाने का फैसला किया है। मिराज की जगह पर जेएफ 17 फाइटर जेट को हवा के रास्‍ते परमाणु प्रतिरोधक क्षमता के लिए इस्‍तेमाल किया जाएगा। पाकिस्‍तान के साल 2023 के पाकिस्‍तान डे परेड के दौरान जेएफ-17 की जो तस्‍वीर आई थी, उससे इसके परमाणु क्षमता से लैस होने का खुलासा हुआ था। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने इसकी असली तस्‍वीर खरीदी और यह पाया कि जेएफ 17 को राड मिसाइल से लैस किया गया है जो परमाणु मिसाइल है। इस विश्‍लेषण से यह भी खुलासा हुआ कि राड मिसाइल में परमाणु क्षमता लाने के लिए उसके डिजाइन में बदलाव किया गया है। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने कहा, ‘इन विश्‍लेषणों से यह पता चलता है कि पाकिस्‍तान ने संभवत: जेएफ 17 को परमाणु क्षमता से लैस करने की दिशा में महत्‍वपूर्ण प्रगति कर ली है। यह विमान मिराज से परमाणु हमले की भूमिका लेने जा रहा है। पाकिस्‍तान ने राड मिसाइल को फिर से डिजाइन किया है लेकिन उसके उद्देश्‍यों या क्षमता को लेकर कोई पुष्टि नहीं हुई है। अभी यह भी स्‍पष्‍ट नहीं है कि राड मिसाइल को तैनात किया गया है या नहीं।’ म्‍यांमार में फेल साबित हुए थे जेएफ-17 जेट जेएफ- 17 थंडर न केवल पाकिस्‍तानी वायुसेना का मुख्‍य फाइटर जेट है बल्कि जिन्‍ना का देश इसे निर्यात करने में जुटा है। जेएफ 17 फाइटर जेट को संयुक्‍त रूप से पाकिस्‍तान एयरोनॉटिकल कॉम्‍पलेक्‍स और चीन के चेंगदू एयरक्राफ्ट इंडस्‍ट्री ने बनाया है। इस विमान ने साल 2003 में पहली बार उड़ान भरी थी। शुरू में जेएफ 17 के एयरफ्रेम को चीन में ही बनाया गया था। अब इस विमान का करीब 58 फीसदी हिस्‍सा पाकिस्‍तान में ही बनाया जा रहा है। जेएफ-17 एक सिंगल इंजन वाला मल्‍टी रोल विमान है। म्‍यांमार ने इस विमान को खरीदा था लेकिन वह उड़ान ही नहीं भर पा रहा है। यही वजह है कि म्‍यांमार ने चीन और पाकिस्‍तान दोनों को जमकर सुनाया था।

IMD के मुताबिक जुलाई में औसत बारिश सामान्य से अधिक होगी, अगस्त-सितंबर का ला नीना कनेक्शन

नई दिल्ली मौसम विभाग ने भारतीय किसानों के लिए एक अच्छी खबर दी है। इसके मुताबिक अगले तीन महीनों में जमकर बरसात होने वाली है। जुलाई के साथ-साथ अगस्त और सितंबर में अच्छी बारिश होने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक जुलाई की औसत बारिश सामान्य से अधिक होने की संभावना है। गौरतलब है कि मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट आई है। इसमें बताया गया है कि जून महीने में औसत से कम बारिश हुई है। आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि पूर्वोत्तर भारत में जून के महीने में 33 प्रतिशत कम बारिश हुई। उन्होंने बताया कि जून के अंत में सिर्फ एक कम दबाव वाला क्षेत्र बना। आम तौर पर महीने में तीन कम दबाव वाले क्षेत्र बनते हैं। मौसम परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने के कारण कम दबाव वाले क्षेत्र नहीं बन सके। अगस्त-सितंबर का ला नीना कनेक्शन धनंजय महापात्र ने कहा कि हम जुलाई में मानसून के दौरान अच्छी बारिश की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह लंबी अवधि के औसत (एलपीए) 28.04 सेमी से 106 प्रतिशत अधिक रह सकती है। जून में कम बारिश की खबर के बाद जुलाई, अगस्त और सितंबर में अच्छी बारिश की खबर किसानों को खुशखबरी देने वाली हो सकती है। अगस्त और सितंबर में अच्छी बारिश की वजह बनेगा ला नीना। मौसम वैज्ञानिकों ने भविष्यवाणी की है कि ला नीना के चलते इन दोनों महीनों में खूब बारिश होगी। विशेषज्ञ बताते हैं कि अल नीनो और ला नीनो नाम के दो वेदर कंडीशंस बनती हैं। जहां अल नीनो के दौरान मॉनसून कमजोर पड़ जाता है और बारिश कम होती है। वहीं, ला नीना के दौरान खूब बारिश होती है। जून की होगी भरपाई जून में उम्मीद से कम बारिश होने के चलते किसानों को काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में जुलाई में होने वाली अच्छी बारिश उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी। एशिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी की ग्रोथ के लिए यह बारिश काफी जरूरी है। इससे चावल, कॉटन, सोयाबीन और गन्ने की फसल को काफी फायदा मिलेगा। मॉनसून अभी तक देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंच चुका है। आईएमडी चीफ ने बताया कि बहुत जल्द ही यह राजस्थान, हरियाणा और पंजाब तक भी पहुंच जाएगा। गौरतलब है कि भारत में जून में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। महापात्र ने जून में सामान्य से कम वर्षा के लिए मौसम प्रणालियों की कमी के कारण देश के उत्तरी और पूर्वी भागों में मानसून की धीमी प्रगति को जिम्मेदार ठहराया।

स्मार्टफोन, रेफ्रिजरेटर, वियरेबल्स और टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनियों को आजकल सांस लेने की फुर्सत नहीं , जाने क्या है कारण

मुंबई  स्मार्टफोन, रेफ्रिजरेटर, वियरेबल्स और टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनियों को आजकल सांस लेने की फुर्सत नहीं है। उनका कहना है कि वे आगामी त्योहारी सीजन के लिए पिछले साल की तुलना में 20% तक अधिक इन्वेंट्री का उत्पादन कर रही हैं। उन्हें अच्छे मानसून और महंगाई में स्थिरता के कारण इस फेस्टिव सीजन मांग में सुधार की उम्मीद है। फेस्टिव सीजन के दौरान देश में सबसे ज्यादा खरीदारी होती है। ज्यादातर कंपनियों ने कहा कि वे इस महीने से 100% उत्पादन शुरू करने जा रही हैं। सितंबर में ओणम के लिए उत्पादन पहले ही शुरू हो चुका है। मौसम विभाग ने जून-सितंबर में सामान्य से अधिक मॉनसून रहने का अनुमान लगाया है। गोदरेज अप्लायंसेज के बिजनेस हेड कमल नंदी ने कहा कि ग्रामीण भारत में पेंट-अप डिमांड है, जो मॉनसून से और बढ़ जाएगी। वहां के लोगों ने पिछले पांच साल में बहुत कुछ नहीं खरीदा है जबकि शहरों में प्रीमियमाइजेशन का चलन मजबूत बना हुआ है। इंडस्ट्री को उम्मीद है कि इस साल त्योहारी सीजन में बिक्री कोविड के बाद से सबसे अच्छी होगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और दोपहिया वाहनों में कम से कम एंट्री लेवल पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। इस दिवाली स्मार्टफोन की बिक्री 2021 के बराबर पहुंचने की उम्मीद है जब लॉकडाउन के कारण बढ़ी मांग से रिकॉर्ड बिक्री हुई थी। मॉनसून की चाल मॉनसून के सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। इससे कृषि उत्पादन और ग्रामीण आय में सुधार की उम्मीदें बढ़ गई हैं। दोपहिया वाहन निर्माताओं का कहना है कि अगर त्योहारी मांग उम्मीद के मुताबिक रही तो उद्योग वित्त वर्ष 2019 के 21 मिलियन यूनिट के रेकॉर्ड को पार कर सकता है। लेकिन हाई बेस के कारण जून तिमाही में कारों की बिक्री की ग्रोथ धीमी रही। लेकिन त्योहारी सीजन के दौरान इसमें तेजी की उम्मीद है। उद्योग का अनुमान है कि अप्रैल-जून की तुलना में सितंबर तिमाही में कारों, सेडान और यूटिलिटी गाड़ियों का उत्पादन 10% तक बढ़ने की संभावना है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने वाली कंपनियां पहले से ही 100% क्षमता पर संयंत्र चला रहे हैं। इस उद्योग को इस साल वॉल्यूम में 14-18% साल-दर-साल वृद्धि की उम्मीद है। त्योहारी सीजन सितंबर में ओणम से शुरू होता है और अक्टूबर-नवंबर में नवरात्रि से लेकर दिवाली तक चलता है। देश में अधिकांश बिक्री इसी दौरान होती है। कई कैटगरी में इस दौरान सालाना बिक्री का 30-35% हिस्सा होता है। पिछली कुछ तिमाहियों में एपेरल, स्मार्टफोन, टेलीविजन और कारों की बिक्री की रफ्तार धीमी रही है।  

नए लॉ में मॉब लिंचिंग पर अलग से कानून का प्रावधान, 7 साल की कैद से लेकर फांसी तक की हो सकती है सजा

नई दिल्ली आईपीसी का दौर जा चुका है, एक जुलाई यानी सोमवार से देश में नए क्रिमिनल लॉ लागू हो चुके हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि तीन नए कानूनों के कार्यान्वयन से दंड की जगह न्याय होगा और देरी की जगह तुरंत सुनवाई होगी। इस दौरान उन्होंने मॉब लिंचिंग पर कानून का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मॉब लिंचिंग के अपराध को लेकर पहले के कानून में कोई प्रावधान नहीं था। अब नए कानूनों में पहली बार मॉब लिंचिंग को परिभाषित किया गया। मॉब लिंचिंग के मामले में 7 साल की कैद या उम्रकैद यहां तक की फांसी की सजा का प्रावधान है। मॉब लिंचिंग पर अलग कानून, कितनी हो सकती है सजा अमित शाह ने कहा कि आजादी के 77 साल बाद आपराधिक न्याय प्रणाली स्वदेशी हो रही। नए कानूनों में मॉब लिंचिंग पर अलग से कानून बनाया गया है। इस कानून के तहत शरीर पर चोट पहुंचाने वाले क्राइम को धारा 100-146 तक का जिक्र है। मॉब लिंचिंग के मामले में न्यूनतम 7 साल की कैद हो सकती है। इसमें उम्रकैद या फांसी की सजा का भी प्रावधान है। इसके अलावा हत्या के मामले में धारा 103 के तहत केस दर्ज होगा। धारा 111 में संगठित अपराध के लिए सजा का प्रावधान है। धारा 113 में टेरर एक्ट बताया गया है। ये हैं नए क्रिमिनल लॉ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) 2023 सोमवार से पूरे देश में प्रभावी हो गए। इन तीनों कानून ने ब्रिटिश कालीन कानूनों क्रमश: भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ली है। अमित शाह ने कहा कि देशभर के 99.9 फीसदी पुलिस थाने कंप्यूटराइज हो चुके हैं। ई-रिकॉर्ड जनरेट करने की प्रक्रिया भी 2019 से शुरू कर दी गई थी। जीरो एफआईआर, ई-एफआईआर और चार्जशीट सभी डिजिटल होंगे। नए कानूनों में सात साल या इससे अधिक की सजा वाले अपराधों में फरेंसिक जांच अनिवार्य होगी। न्यायपालिका में भी 21 हजार सब-ऑर्डिनेट न्यायपालिका की ट्रेनिंग हो चुकी है। 20 हजार पब्लिक प्रॉसिक्यूटर को ट्रेंड किया गया है। अमित शाह ने कहा कि एक ऐसा झूठ फैलाया जा रहा है कि संसद सदस्यों को बाहर निकालने के बाद यह कानून पारित किए गए। यह गलत है। उन्होंने बताया कि 2020 में सभी सांसदों, मुख्यमंत्रियों, सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट के न्यायाधीशों को पत्र लिखकर उनसे सुझाव मांगे गए। गृह सचिव ने देश के सभी आईपीएस और जिला अधिकारियों से इस संबंध में सुझाव मांगे। शाह ने बताया कि उन्होंने खुद 158 बार इन कानूनों की समीक्षा बैठक की। इसके बाद गृह मंत्रालय की समिति के पास इन्हें भेजा गया। फिर ढाई से तीन महीने तक इन पर गहन चर्चा के बाद कुछ राजनीतिक सुझावों को छोड़ते हुए 93 बदलावों के साथ इन बिलों को फिर से कैबिनेट ने पारित किया।

भारत की ट्रेन ईरान में दौड़ेगी, रूस से अफगानिस्‍तान तक रास्‍ता होगा साफ, एशियाई और यूरेशियाई देशों को व्‍यापार का मुख्‍य रास्‍ता मुहैया कराएगा

तेहरान भारत और ईरान चाबहार बंदरगाह से जहेदान शहर के बीच नए रेल मार्ग को तेजी से बनाने की योजना बना रहे हैं। इस रेलमार्ग से रणनीतिक रूप से महत्‍वपूर्ण ईरानी बंदरगाह चाबहार अंतरराष्‍ट्रीय उत्‍तर-दक्षिण ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) के लिए प्रवेश द्वार बन जाएगा। यह कॉरिडोर मध्‍य एशियाई और यूरेशियाई देशों को व्‍यापार का मुख्‍य रास्‍ता मुहैया कराएगा जो कैस्पियन सागर के पूर्वी तरफ स्थित हैं। इसमें रूस भी शामिल हैं जो अभी पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों से बचने के लिए इस मार्ग से भारत संग व्‍यापार करने लगा है। इस कॉरिडोर के बनने से अफगानिस्‍तान का भी अरब महासागर से सीधा संपर्क हो जाएगा और उसकी पाकिस्‍तान के कराची पोर्ट पर से निर्भरता खत्‍म हो जाएगी। भारत और ईरान के अधिकारियों ने कहा है कि नए रेल मार्ग को बनाने के लिए काम तब तेज किया जा रहा है जब चाबहार पोर्ट पर काम शुरू हो गया है। इससे भारत के लिए सामानों को भेजा जाना शुरू हो गया है। इस साल माना जा रहा है कि यह पोर्ट कई मिलियन टन कार्गो को हैंडल करेगा। साल के पहले दो महीने में ही चाबहार पोर्ट से कई टन सामान का आवागमन हुआ है। इन अधिकारियों ने कहा कि रणनीतिक रूप से बेहद अहम भूराजनीतिक स्‍थान पर स्थित होने की वजह से चाबहार पोर्ट INSTC कॉरिडोर का प्रवेश द्वार बन सकता है। अभी यह ईरानी पोर्ट रोड के जरिए देश के बाकी हिस्‍सों से जुड़ा हुआ है। तालिबान भी कर रहा चाबहार पोर्ट में निवेश अधिकारियों ने कहा कि चाबहार और जाहेदान को जोड़ने के लिए वर्तमान रेलवे नेटवर्क की ईरान समीक्षा कर रहे हैं। चूंकि चाबहार पोर्ट पर ट्रैफिक बढ़ रहा है, ऐसे में रेल और रोड से उसकी कनेक्‍ट‍िविटी बहुत जरूरी है ताकि सामान आसानी से और तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंच जाएं। इसी वजह से इसे आगे बढ़ाने पर बात चल रही है। यह पूरी चाबहार- जाहेदान रेलवे लाइन 700 किमी लंबी होगी। भारतीय रेलवे के IRCON और ईरान रेलवे कंस्‍ट्रक्‍शन के बीच साल 2016 में समझौता होने के बाद भी इस रेल लाइन को लेकर कोई काम आगे नहीं बढ़ पाया है। भारत ने चाबहार पोर्ट के विकास में करोड़ों डॉलर का निवेश किया है। भारत ने हाल ही में वहां पर क्रेन भी लगाई हैं ताकि कंटेनर को आसानी से उतारा और चढ़ाया जा सके। चीन और पाकिस्‍तान के ग्‍वादर पोर्ट को टक्‍कर देने के लिए भारत चाबहार को आगे बढ़ा रहा है। इससे भारत का सीधे अफगानिस्‍तान और रूस तक संपर्क हो गया है। भारत के बाद तालिबान सरकार ने भी ऐलान किया है कि वह चाबहार पोर्ट के पास निवेश करने जा रही है। इस रेलवे लाइन के बनने पर सामानों को तेजी से पहुंचाया जा सकेगा।

UPI से लेन-देन करने वालों की संख्या में मामूली गिरावट, जून में 1,389 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन

मुंबई UPI Transactions: यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए ट्रांजेक्शन में जोरदार इजाफा हुआ है। जून 2024 में यूपीआई से ट्रांजेक्शन का आंकड़ा 13.89 बिलियन तक पहुंच गया। साल दर साल आधार पर (YoY) पर इसमें 49 फीसदी की बंपर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने जारी आंकड़े में इस बात की जानकारी दी है। जून में लेन-देन का वौल्यूम 20.07 लाख करोड़ रुपये रहा, जो मई में 20.45 लाख करोड़ रुपये से 1.9 फीसदी कम है। साल-दर-साल आधार पर, लेन-देन के वौल्यूम में 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एवरेज ट्रांजेक्शन रोजाना का एवरेज ट्रांजेक्शन राशि 66,903 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि जून में औसत रोजाना का लेन-देन की संख्य 463 मिलियन थी। जून में, तत्काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस) लेन-देन की मात्रा मई में 558 मिलियन की तुलना में 7 प्रतिशत घटकर 517 मिलियन रह गई। अप्रैल 2016 में UPI के शुरू होने के बाद मई 2024 में वॉल्यूम और वैल्यू दोनों के मामले में ट्रांजैक्शन सबसे ज्यादा हुए थे। आधार-इनेबल्ड पेमेंट आधार-इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिए भी लेनदेन में बढ़ोतरी देखी गई। मार्च 2024 के बाद ट्रांजेक्शन का वौल्यूम एक बार फिर से 100 मिलियन तक पहुंच गया। हालांकि, FASTag की मात्रा में थोड़ी गिरावट आई क्योंकि औसत दैनिक लेन-देन पिछले महीने के 11.21 मिलियन की तुलना में घटकर 11.15 मिलियन रह गया। जून में इसका वैल्यू पिछले महीने के 191 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 193 करोड़ रुपये प्रतिदिन हो गया। नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने सोमवार को लेन-देन के आंकड़े जारी करते हुए बताया कि जून महीने में 1,389 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए हैं। इसके जरिए 20.07 लाख करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर हुई है। पिछले साल जून, 2023 में 934 करोड़ ट्रांजैक्शन के जरिए 14.75 लाख करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर हुई। इस तरह पिछले साल की तुलना में ऑनलाइन लेन-देन की संख्या 49 फीसदी ज्यादा है, जबकि ट्रांसफर की जाने वाली राशि में 36 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, मई की तुलना में वॉल्यूम में एक फीसदी और वैल्यू में फीसदी फीसदी की गिरावट आई है। मई, 2024 में यूपीआई के जरिए 1,404 करोड़ ट्रांजैक्शन हुआ, जबकि इसके जरिए 20.45 लाख करोड़ की राशि ट्रांसफर की गई थी। अप्रैल, 2016 में यूपीआई के शुरू होने के बाद से मई 2024 में वॉल्यूम और वैल्यू दोनों के मामले में ट्रांजैक्शन सबसे ज्यादा हुए थे।।

योजना के कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में बैठक में सिंहस्थ : 2028 के लिए प्रस्तावित कार्य योजना के अंतर्गत क्षिप्रा नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने की योजना के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में कान्ह नदी के व्यपवर्तन, कान्ह नदी पर 11 बैराजों के निर्माण, सिंहस्थ के लिए क्षिप्रा नदी में निरंतर जल प्रवाह योजना और क्षिप्रा नदी पर प्रस्तावित 18 बैराजों के निर्माण और क्षिप्रा नदी पर स्नान आदि के बेहतर प्रबंध के लिए घाटों के निर्माण तथा विकास के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। यह भी ध्यान रखा जाए कि निर्माण कार्य चलने से स्थानीय निवासियों को कोई असुविधा न हो। बैठक में पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन से कार्यों की प्रगति का विवरण दिया गया। इसके अंतर्गत क्षिप्रा नदी पर प्रस्तावित संरचनाओं, प्रस्तावित बैराजों के निर्माण तथा आवश्यक घाटों के निर्माण से संबंधित जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घाटों के निर्माण में ऐसे पत्थर एवं सामग्री का उपयोग करने के निर्देश दिए जो दीर्घकाल तक उपयोगी हों। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय एवं जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास विभाग डॉ. राजेश राजौरा, मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ला उपस्थित थे।  

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