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लुत्फ उठाने आने वाले पर्यटकों में हेरिटेज सिटी अहमदाबाद सबसे पसंदीदा स्थल बना, गुजरात में 1.35 करोड़ से ज्यादा Tourists पहुंचे

अहमदाबाद गुजरात टूरज्म की ऊंची उड़ान जारी है। गर्मियों की छुटि्टयों में गुजरात के टूरिस्ट प्लेस पर 17 फीसदी अधिक पर्यटक पहुंचे। इसमें देश-विदेश के सैलानी शामिल रहे। इस वर्ष गर्मी की छुट्टियों (समर वैकेशन) के दौरान यानी 1 अप्रैल से 10 जून, 2024 तक राज्य के 12 पर्यटन आकर्षणों एवं यात्राधामों पर 1.35 करोड़ से अधिक पर्यटक मिले। वर्ष 2023 में अप्रैल तथा मई महीनों में 1.14 करोड़ पर्यटक इन स्थलों पर पहुंचे थे, जिसकी तुलना में इस वर्ष पर्यटकों की संख्या में 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। इस समयावधि में गुजरात के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (एसओयू), अटल ब्रिज, रिवरफ्रंट-फ्लॉवर पार्क, कांकरिया तालाब, सोमनाथ मंदिर, पावागढ मंदिर, द्वारका मंदिर, साइंस सिटी-अहमदाबाद, वडनगर, गीर तथा देवळिया सफारी एवं अहमदाबाद मेट्रो रेल जैसे प्रसिद्ध आकर्षक पर्यटन स्थलों का आनंद उठाने के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के टूरिस्ट की संख्या में वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। पटेल की अगुवाई में पिछले सालों में टूरिस्ट प्लेस पर सुविधाओं का विस्तार किया गया है। गर्मी की छुट्टियों में गुजरात के 12 पर्यटन स्थलों पर आये यात्रियों की संख्या क्रम पर्यटन स्थल अप्रैल-23 अप्रैल-24 मई-23 मई-24 1 स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और अन्य आकर्षण 158605 176942 185989 266835 2 अटल ब्रिज 209218 184924 264956 241581 3 रिवरफ्रंट-फ्लॉवर पार्क 14965 38538 14718 16548 4 कांकरिया तालाब 517438 534639 664400 575987 5 पावागढ मंदिर 647712 678508 523307 533281 6 अंबाजी मंदिर 518464 947714 648890 927423 7 साइंस सिटी-अहमदाबाद 79984 87010 127568 108408 8 वडनगर 31247 41302 33341 35152 9 सोमनाथ मंदिर 762558 564676 1018113 924585 10 द्वारका मंदिर 658403 658403 657606 1103110 11 गीर और देवळिया सफारी 68580 55998 116011 106935 12 अहमदाबाद मेट्रो 1563501 2306591 2005374 2547534 कुल   52,30675 61,44220 62,60273 73,87379   अहमदाबाद रहा पहली पंसद ‘खुशबू गुजरात की’ का लुत्फ उठाने आने वाले पर्यटकों में हेरिटेज सिटी अहमदाबाद सबसे पसंदीदा स्थल बना है। साल 2023-24 में पर्यटकों की संख्या के मामले में अहमदाबाद सबसे पसंदीदा स्थल रहा है। बनासकांठा दूसरे और फिर गिर सोमनाथ जिले तीसरे स्थान पर रहा। देवभूमि द्वारका जिले को पर्ययकों की संख्या में चौथा स्थान मिला है। पांचवें नंबर पर पंचमहाल और छठवें नंबर पर सूरत और फिर मेहसाणा रहा। जिलों में आठवां स्थान कच्छ और फिर जूनागढ़ को मिला। वडोदरा पर्यटकों को खींचने के मामले में दसवें पायदान पर रहा। गुजरात में मंदिरों में अंबाजी का क्रेज अहमदाबाद हेरीटेज सिटी को सबसे ज्यादा टूरिस्ट मिले। इसके बाद अंबाजी मंदिर, सोमनाथ मंदिर, द्वारका मंदिर और फिर कांकरिया लेक को जगह मिली। पावागढ़ पर्यटकों को खींचने में छठवें और सूरत शहर सातवें नंबर पर रहा है। साबरमती रिवरफ्रंट को आठवां और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी नौवें पायदान हैं। दसवें नंबर पर डकोर रहा। सरकार ने पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने के लिए बजट में 2077 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किए गए हैं। राज्य सरकार ने कच्छ के धोरडो तथा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जैसे विश्व स्तरीय पर्यटन स्थलों पर जी-20 बैठकों का सफलतापूर्वक आयोजन किया था। इसका भी फायदा गुजरात को मिला।

सीएम साय प्रदेश भर से आए नागरिकों से सीधे संवाद करेंगे, जानेगे उनकी समस्याओं

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का दूसरा जनदर्शन गुरुवार 4 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। जनदर्शन में मुख्यमंत्री श्री साय प्रदेश भर से आए नागरिकों से सीधे संवाद करेंगे एवं उनकी समस्याओं से संबंधित आवेदन भी लेंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह से मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन का आयोजन आरंभ हुआ है। इसमें बड़ी संख्या में नागरिक गणों ने हिस्सा लिया, और मुख्यमंत्री को अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन भी सौंपे। सभी आवेदनों को मुख्यमंत्री स्वयं देखे और इनका शीघ्र निराकरण करने के  निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए द्य जनदर्शन में दिव्यांग जनों को भी त्वरित सहायता प्रदान की गई। पिछले  जनदर्शन में आए सभी नागरिकों को टोकन प्रदान किए गए और उनके आवेदन जनदर्शन के पोर्टल में अपलोड किए गए हैं तथा इस पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है।  

भारत ऐसे कैसे बनेगा आत्मनिर्भर ? घटने के बजाय चीन पर बढ़ गई हमारी निर्भरता

नई दिल्ली चीन से आयात कम करने के लिए सरकार ने कई उपाय किए हैं लेकिन इसका कुछ खास परिणाम देखने को नहीं मिल रहा है। संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास (UNCTAD) की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2024 की पहली तिमाही में भारत की चीन और यूरोपीय संघ पर व्यापार निर्भरता बढ़ गई है। दूसरी ओर सऊदी अरब पर हमारी निर्भरता कम हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस तिमाही में भारत की यूरोपीय संघ और चीन पर व्यापार निर्भरता क्रमशः 1% और 1.2% बढ़ी, जबकि सऊदी अरब पर निर्भरता 0.5% घटी। UNCTAD ने अपने ग्लोबल ट्रेड अपडेट में कहा कि वैश्विक व्यापार रुझान सकारात्मक हो गया है। यह ग्रोथ चीन, भारत और अमेरिका से निर्यात में बढ़ोतरी से प्रेरित है लेकिन यूरोप और अफ्रीका ने निराश किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 की पहली तिमाही में ग्लोबल ट्रेड में ग्रोथ मुख्य रूप से चीन (9%), भारत (7%) और अमेरिका (3%) से निर्यात में बढ़ोतरी के कारण हुई। इसके विपरीत, यूरोप के निर्यात में कोई वृद्धि नहीं हुई तथा अफ्रीका के निर्यात में 5% की कमी आई। निर्यात के मोर्चे पर चीन और भारत ने तिमाही-दर-तिमाही बहुत मजबूत प्रदर्शन किया है। साल 2024 की पहली तिमाही के दौरान विकासशील देशों और दक्षिण-दक्षिण व्यापार में व्यापार वृद्धि विकसित देशों की तुलना में तेज रही। यूएनसीटीएडी ने कहा, ‘वर्तमान वैश्विक व्यापार रुझान सकारात्मक हो गए हैं, 2024 की पहली तिमाही में वस्तुओं का व्यापार तिमाही दर तिमाही लगभग 1% बढ़ा है। सेवा व्यापार लगभग 1.5% तिमाही दर से बढ़ा है। कहां तक पहुंचेगा ग्लोबल ट्रेड विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार वृद्धि अलग-अलग रही। हरित ऊर्जा और एआई-संबंधित उत्पादों में अधिक वृद्धि देखी गई। यूएनसीटीएडी नाउकास्ट ने 2024 की दूसरी तिमाही के लिए एक मजबूत सकारात्मक रुझान की भविष्यवाणी की है। साल 2024 की पहली छमाही के लिए लगभग 2% की वृद्धि का अनुमान है। इस ग्रोथ से 2023 की दूसरी छमाही की तुलना में 2024 की पहली छमाही में गुड्स ट्रेड में लगभग 250 अरब डॉलर और सर्विस ट्रेड में लगभग 100 अरब डॉलर जुड़ने की उम्मीद है। यदि सकारात्मक रुझान जारी रहता है, तो 2024 में ग्लोबल ट्रेड लगभग 32 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। हालांकि इसके 2022 के अपने रिकॉर्ड स्तर को पार करने की संभावना नहीं है।

इस साल जुलाई में रेलवे का नया टाइम टेबल लागू नहीं हो रहा वर्तमान समयसारणी को आगामी 31 दिसंबर तक बढ़ाया

नई दिल्ली आप यदि ट्रेन से सफर (Train Journey) करते होंगे तो आपको पता होगा कि आमतौर पर हर साल रेलवे (Indian Railways) एक जुलाई से नया टाइम टेबल लागू करता है। कभी-कभार इसे लागू करने में देरी भी हो जाती है। इस साल भी इसी तरह की देरी हो रही है। जी हां, रेलवे बोर्ड ने सभी रेलवे जोनों को चिट्ठी लिख कर सूचित किया है कि इस साल एक जुलाई को नया टाइम टेबल लागू नहीं हो रहा है। अभी जो टाइम टेबल चल रहा है, उसी की अवधि को आगामी 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। कब जारी होता है ट्रेन एट ए ग्लांस? रेलवे में एक परंपरा है, नया टाइम टेबल जारी करने की। रेलवे बोर्ड के स्तर पर जो अखिल भारतीय टाइम टेबल जारी किया जाता है, उसे ट्रेन एट ए ग्लांस (Trains At A Glance) के नाम से जाना जाता है। इसमें सिर्फ मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की समय सारिणी होती है। इसी के साथ जोनल स्तर पर भी टाइम टेबल का प्रकाशित किया जाता है। इसमें पैसेंजर और लोकल ट्रेन की भी समय सारिणी होती है। आमतौर पर यह हर साल एक जुलाई से प्रभावी होता है। इस साल ऐसा नहीं हो रहा है। इस साल नया टाइम टेबल नहीं पीटीआई की एक खबर के अनुसार रेलवे बोर्ड इस साल नया टाइम टेबल जारी नहीं कर रहा है। दरअसल, इस समय बोर्ड ट्रेनों के समय और परिचालन स्थिति की समीक्षा कर रहा है। रेल मंत्रालय इसे और अधिक कुशल बनाना चाहता है इसलिए नए टाइम टेबल की रिलीज की तारीख 1 जनवरी, 2025 तक बढ़ा दी गई है। नया टाइम टेबल जारी होने तक पुराना टाइम टेबल ही लागू रहेगा। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने 27 जून, 2024 को ही 17 ज़ोन के सभी महाप्रबंधकों को एक सरकुलर जारी किया और उनसे मौजूदा टाइम टेबल को 31 दिसंबर, 2024 तक बढ़ाने के लिए कहा। जोनल रेलवे का टाइम टेबल भी वही रहेगा बोर्ड के पत्र जारी होने के बाद उत्तर मध्य रेलवे ने भी 28 जून को एक पत्र जारी किया। इसमें बताया गया कि ट्रेन एट ए ग्लांस 2024 अब 01 जनवरी 2025 से लागू होगा। इसलिए अब PRYJ (प्रयागराज), JHS (झांसी) और AGC (आगरा कैंट) की मौजूदा कार्य समय सारणी की वैधता भी 31 दिसंबर 2024 तक बढ़ा दी जाती है। इस आलोक में अब नया टाइम टेबल 01 जनवरी 2025 से लागू होगा। इसी तरह का एक सरकुलर उत्तर पश्चिम रेलवे ने भी जारी किया है। इस सरकुलर में सभी चार डिवीजनों, बीकानेर, जोधपुर, जयपुर और अजमेर के डीआरएम को मौजूदा समय सारिणी के अनुसार काम करने के लिए कहा गया है।

ISRO ने देश को दी बड़ी खुशखबरी, आदित्य-L1 ने पूरा किया हेलो ऑर्बिट का पहला चक्कर

नईदिल्ली ISRO की तरफ से सूरज की स्टडी करने के लिए भेजे गए भारतीय स्पेसक्राफ्ट आदित्य-एल1 (Aditya-L1) ने अपने तारे का एक चक्कर पूरा कर लिया है. इस यान को 2 सितंबर 2023 को लॉन्च किया गया था. यह 6 जनवरी 2024 को लैरेंजियन प्वाइंट L1 पर पहुंचा था. उसने अपने जटिल ऑर्बिट और ट्रैजेक्टरी को अब तक मेंटेन किया. अपने ही L1 प्वाइंट पर एक चक्कर लगाने के लिए आदित्य-एल1 को 178 दिन लगे. इस यात्रा के दौरान यान को कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ा. सौर तूफान के बीच इसे दो बार अपना ऑर्बिट बदलना पड़ा. ताकि सुरक्षित रह सके. ये ऑर्बिट 22 फरवरी और 7 जून को बदला गया था. कल यानी 2 जुलाई 2024 को इसका तीसरी बार ऑर्बिट मैन्यूवर हुआ. भारत के पहले सोलर ऑब्जरवेटरी की धरती से दूरी 15 लाख km है. 400 करोड़ रुपए का ये मिशन अब भारत समेत पूरी दुनिया के सैटेलाइट्स को सौर तूफानों से बचाएगा. 6 जनवरी 2024 की शाम ये सैटेलाइट L1 प्वाइंट पर पहुंच गया. इस प्वाइंट के चारों तरफ मौजूद सोलर हैलो ऑर्बिट में तैनात हो चुका है.   सूरज की स्टडी करने वाले यान में शामिल आदित्य सूरज की स्टडी कर रहे NASA के चार अन्य सैटेलाइट्स के समूह में शामिल है. ये सैटेलाइट्स हैं- WIND, Advanced Composition Explorer (ACE), Deep Space Climate Observatory (DSCOVER) और नासा-ESA का ज्वाइंट मिशन सोहो यानी सोलर एंड हेलियोस्फेयरिक ऑब्जरवेटरी है. L1 प्वाइंट पर डालना था बेहद रिस्की और चुनौतीपूर्ण आदित्य को L1 प्वाइंट पर डालना एक चुनौतीपूर्ण काम था. इसमें गति और दिशा का सही तालमेल जरूरी था. इसके लिए इसरो को यह जानना जरूरी था कि उनका स्पेसक्राफ्ट कहां था. कहां है. और कहां जाएगा. उसे इस तरह ट्रैक करने के प्रोसेस को ऑर्बिट डिटरमिनेशन (Orbit Determination) कहते हैं.    400 करोड़ का प्रोजेक्ट बचाएगा देश के पचासों हजार करोड़ रुपए आदित्य-एल1 मिशन की प्रोजेक्ट डायरेक्टर निगार शाजी ने एक इंटरव्यू में बताया है कि ये मिशन सिर्फ सूरज की स्टडी करने में मदद नहीं करेगा. बल्कि करीब 400 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट सौर तूफानों की जानकारी भी देगा. जिससे भारत के पचासों हजार करोड़ रुपए के पचासों सैटेलाइट को सुरक्षित किया जा सकेगा. जो भी देश इस तरह की मदद मांगेगा, उन्हें भी मदद की जाएगी. ये प्रोजेक्ट देश के लिए बेहद जरूरी है. सूरज की अलग-अलग रंगों के पहली तस्वीरें भी हुई थीं जारी इस सैटेलाइट के सोलर अल्ट्रावॉयलेट इमेजिंग टेलिस्कोप (SUIT) ने सूरज की पहली बार फुल डिस्क तस्वीरें भी ली थी. ये सभी तस्वीरें 200 से 400 नैनोमीटर वेवलेंथ की थी. यानी आपको सूरज 11 अलग-अलग रंगों में दिखाई देगा. इस पेलोड को 20 नवंबर 2023 को ऑन किया गया था. इस टेलिस्कोप ने सूरज के फोटोस्फेयर और क्रोमोस्फेयर की तस्वीरें ली हैं. फोटोस्फेयर मतलब सूरज की सतह और क्रोमोस्फेयर यानी सूरज की सतह और बाहरी वायुमंडल कोरोना के बीच मौजूद पतली परत. क्रोमोस्फेयर सूरज की सतह से 2000 km ऊपर तक होती है. इससे पहले सूरज की तस्वीर 6 दिसंबर 2023 को ली गई थी. लेकिन वह पहली लाइट साइंस इमेज थी. लेकिन इस बार फुल डिस्क इमेज ली गई है. यानी सूरज का जो हिस्सा पूरी तरह से सामने है, उसकी फोटो. इन तस्वीरों की मदद से वैज्ञानिक सूरज की स्टडी ढंग से कर पाएंगे. क्या है लैरेंज प्वाइंट? लैरेंज प्वाइंट (Lagrange Point). यानी L. यह नाम गणितज्ञ जोसेफी-लुई लैरेंज के नाम पर दिया गया है. इन्होंने ही इन लैरेंज प्वाइंट्स को खोजा था. जब किसी दो घूमते हुए अंतरिक्षीय वस्तुओं के बीच ग्रैविटी का एक ऐसा प्वाइंट आता है, जहां पर कोई भी वस्तु या सैटेलाइट दोनों ग्रहों या तारों की गुरुत्वाकर्षण से बचा रहता है. कैसे पूरी हुई आदित्य-L1 की यात्रा? 2 सितंबर 2023 को लॉन्च के बाद आदित्य 16 दिनों तक धरती के चारों तरफ चक्कर लगाता रहा. इस दौरान पांच बार ऑर्बिट बदला गया. ताकि सही गति मिले. फिर आदित्य को ट्रांस-लैरेंजियन 1 ऑर्बिट में भेजा गया. यहां से शुरू हुई 109 दिन की लंबी यात्रा. आदित्य जैसे ही L1 पर पहुंचा, उसकी एक ऑर्बिट मैन्यूवरिंग कराई गई ताकि L1 प्वाइंट के चारों तरफ मौजूद हैलो ऑर्बिट में चक्कर लगाता रहे.    आदित्य-L1 क्या है? Aditya-L1 भारत की पहली अंतरिक्ष आधारित ऑब्जरवेटरी (Space Based Observatory) है. यह सूरज से इतनी दूर तैनात होगा कि उसे गर्मी तो लगे लेकिन खराब न हो. क्योंकि सूरज की सतह से थोड़ा ऊपर यानी फोटोस्फेयर का तापमान करीब 5500 डिग्री सेल्सियस रहता है. केंद्र का तापमान 1.50 करोड़ डिग्री सेल्सियस रहता है. ऐसे में किसी यान या स्पेसक्राफ्ट का वहां जाना संभव नहीं है.   क्या करेगा आदित्य-L1 स्पेस्क्राफ्ट? – सौर तूफानों के आने की वजह, सौर लहरों और उनका धरती के वायुमंडल पर क्या असर होता है. – आदित्य सूरज के कोरोना से निकलने वाली गर्मी और गर्म हवाओं की स्टडी करेगा. – सौर हवाओं के विभाजन और तापमान की स्टडी करेगा. – सौर वायुमंडल को समझने का प्रयास करेगा. सूरज की स्टडी क्यों… क्यों जरूरी है ये मिशन?   – सूरज हमारा तारा है. उससे ही हमारे सौर मंडल को ऊर्जा यानी एनर्जी मिलती है. – इसकी उम्र करीब 450 करोड़ साल मानी जाती है. बिना सौर ऊर्जा के धरती पर जीवन संभव नहीं है. – सूरज की ग्रैविटी की वजह से ही इस सौर मंडल में सभी ग्रह टिके हैं. – सूरज का केंद्र यानी कोर में न्यूक्लियर फ्यूजन होता है. इसलिए सूरज चारों तरफ आग उगलता हुआ दिखता है. – सूरज की स्टडी इसलिए ताकि उसकी बदौलत सौर मंडल के बाकी ग्रहों की समझ भी बढ़ सके.  – सूरज की वजह से लगातार धरती पर रेडिएशन, गर्मी, मैग्नेटिक फील्ड और चार्ज्ड पार्टिकल्स का बहाव आता है. इसी बहाव को सौर हवा या सोलर विंड कहते हैं. ये उच्च ऊर्जा वाली प्रोटोन्स से बने होते हैं. – सोलर मैग्नेटिक फील्ड का पता चलता है. जो कि बेहद विस्फोटक होता है. – कोरोनल मास इजेक्शन (CME) वजह से आने वाले सौर तूफान से धरती को कई तरह के नुकसान की आशंका रहती है. इसलिए अंतरिक्ष के मौसम को जानना  जरूरी है. यह मौसम सूरज की वजह से बनता और बिगड़ता है.  

सऊदी अरब को पूर्वी प्रांत और Empty Quarter रेगिस्तान में तेल और गैस के सात नए भंडार मिले

दुबई सऊदी अरब को एक बड़ा खजाना हाथ लगा है. सऊदी किंगडम के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने बताया कि सऊदी के पूर्वी प्रांत और Empty Quarter रेगिस्तान में तेल और गैस के सात नए भंडार मिले हैं. ये खोज सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको ने की है. सऊदी अरब की सरकारी न्यूज एजेंसी सऊदी प्रेस एजेंसी ने बताया, ‘प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने कहा कि सऊदी अरामको ने दो तेल फील्ड, लाइट अरब कच्चे तेल की एक फील्ड, दो प्राकृतिक गैस की फील्ड और दो प्राकृतिक गैस भंडार की खोज की है.’ सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में दो तेल फील्ड और एक तेल भंडार मिला है जबकि प्राकृतिक गैस के दो फील्ड और दो भंडार Empty Quarter क्षेत्र में खोजे गए हैं. सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में खोजे गए तेल फील्ड किंगडम के पूर्वी प्रांत में दो तेल फील्ड खोजे गए हैं- अल-लादम और अल-फारूक. ये दोनों ही तेल फील्ड पहले खोजे गए तेल फील्ड से अलग हैं. अल-लादम-2 कुएं से प्रति दिन 5,100 बैरल की दर से अरब लाइट क्रूड निकाला जा रहा है, साथ ही प्रति दिन 49 लाख मानक क्यूबिक फीट प्राकृतिक गैस भी निकाली जा रही है. अल-फारूक-4 कुएं से प्रतिदिन 4,557 बैरल की दर से बहुत हल्का अरब क्रूड निकाला जा रहा है, साथ ही प्रति दिन 37.9 लाख मानक क्यूबिक फीट गैस का उत्पादन हो रहा है. पूर्वी प्रांत में ही मिला गैस फील्ड सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत के मजालिज फील्ड में कच्चे तेल भंडार की खोज की गई है जिसे Unayza B/C नाम दिया गया है. मजालिज-62 तेल कुएं से प्रति दिन 1,780 बैरल की दर से अरब लाइट तेल निकाला जा रहा है. साथ में प्रतिदिन लगभग 7 लाख मानक क्यूबिक फीट गैस भी निकाली गई. Empty Qaurter क्षेत्र में खोजे गए प्राकृतिक गैस के भंडार Empty Qaurter क्षेत्र में दो नई प्राकृतिक गैस फील्ड की खोज की गई है- अल जहाक और अल-कतुफ. अल जहाक-1 कुएं में “अल-अरब-सी” भंडार से प्रतिदिन 53 लाख मानक क्यूबिक फीट की दर से प्राकृतिक गैस निकाली गई. फिर उसी कुएं से प्रति दिन 11 लाख मानक क्यूबिक फीट की दर से गैस निकाली गई. वहीं, अल-कतुफ गैस क्षेत्र से प्रतिदिन 76 लाख मानक क्यूबिक फीट प्राकृतिक गैस निकाली गई. असिकरा फील्ड में नई खोज Empty Quarter क्षेत्र के असिकरा फील्ड में हनीफा प्राकृतिक गैस भंडार की खोज की गई है. असिकरा-6 कुएं से प्रतिदिन 49 लाख मानक क्यूबिक फीट प्राकृतिक गैस निकल रही है और अल-फदहिली भंडार से प्रतिदिन 6 लाख मानक क्यूबिक फीट प्राकृतिक गैस निकाली जा रही है. ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने इन सभी खोजों की तारीफ की और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को इन उपलब्धियों के लिए धन्यवाद दिया. सऊदी अरब को मिलेगा ज़बरदस्त फायदा सऊदी अरब को 7 नए तेल और प्राकृतिक गैस भंडार मिलने से ज़बरदस्त फायदा मिलेगा। तेल एक्सपोर्ट करने के मामले में सऊदी अरब पहले से ही दुनियाभर में नंबर 1 देश है। ऐसे में और ज़्यादा तेल होने से एक्सपोर्ट भी बढ़ेगा। सऊदी अरब फिलहाल प्राकृतिक गैस का एक्सपोर्ट नहीं करता, पर आने वाले सालों में ऐसा करने की प्लानिंग कर रहा है। इससे सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को काफी फायदा मिलेगा।  

भारतीय क्रेडिट कार्ड से इन दिनों खूब खर्च कर रहे, CC ट्रांजेक्शन 18.31 लाख करोड़ रुपये पहुंचा

नई दिल्ली इस समय लोग खुल कर खर्च (Spending) कर रहे हैं। पास में पैसे नहीं हैं तो कोई बात नहीं। क्रेडिट कार्ड (Bank Credit Card) है ना। समय पर क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं चुका पाए तो ईएमआई (Credit Card EMI) बंधवा लिए। लेकिन शौक या आवश्यकता तो पूरी होगी ही। तभी तो पिछले तीन साल में क्रेडिट कार्ड का खर्च तीन गुना बढ़ कर 18 लाख रुपये से भी ऊपर चला गया है। तीन साल में तीन गुना देश में क्रेडिट कार्ड का उपयोग (Credit Card USE) कितनी तेजी से बढ़ रहा है, इसका अंदाजा रिजर्व बैंक के आंकड़ों (RBI Data) से ही मिलता है। इस आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीन वर्षों के दौरान क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन तीन गुना बढ़ गया है। यह मार्च 2024 को समाप्त वर्ष के दौरान 18.31 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह तीन साल पहले, मार्च 2021 में, 6.30 लाख करोड़ रुपये था। उल्लेखनीय है कि अर्थव्यवस्था कोविड महामारी से उत्पन्न समस्याओं से बाहर आ गई है। इस समय उपभोक्ताओं के विश्वास में लगातार वृद्धि हो रही है।   किस तरीके से बढ़ रहा है खर्च भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2021 को समाप्त वर्ष के दौरान क्रेडिट कार्ड लेनदेन का मूल्य 6.30 लाख करोड़ रुपये था। यह मार्च 2022 में बढ़कर 9.71 लाख करोड़ रुपये और मार्च 2023 तक 14.32 लाख करोड़ रुपये हो गया। अब यह 18 लाख करोड़ रुपये के पार चला गया है। इस समय कार्ड यूजर्स का मासिक खर्च 1.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। इस साल मार्च महीने में यह 164,459 करोड़ रुपये रहा जबकि मार्च 2021 में यह 72,319 करोड़ रुपये था। क्रेडिट कार्ड की बढ़ रही है संख्या आरबीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि बैंकों द्वारा जारी किए गए क्रेडिट कार्ड की संख्या भी मार्च 2024 तक तेजी से बढ़कर 10.18 करोड़ हो गई है। एक साल पहले यानी मार्च 2023 में यह संख्या 8.53 करोड़ और मार्च 2022 में 7.36 करोड़ और मार्च 2021 में 6.20 करोड़ थी। बकाया में भी हो रही है बढ़ोतरी जिस तरह से लोग क्रेडिट कार्ड से खर्च खूब कर रहे हैं, उसी तरह उनका बकाया भी बढ़ रहा है। मई 2024 तक क्रेडिट कार्ड का बकाया 2,67,979 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि 2022 में यह 1,61,512 करोड़ रुपये था। कार्ड बकाया बैंकों द्वारा दी गई ब्याज-मुक्त अवधि के बाद ग्राहकों से मिलने वाली राशि है। क्रेडिट कार्ड में निजी बैंकों का दबदबा देश के बैंकिंग सेक्टर को देखें तो सबसे आगे स्टेट बैंक है जो कि सरकारी बैंक है। लेकिन क्रेडिट कार्ड सेगमेंट में निजी बैंकों का दबदबा है। एचडीएफसी बैंक 2.11 करोड़ क्रेडिट कार्ड के साथ शीर्ष कार्ड जारीकर्ता है।भारतीय स्टेट बैंक का नंबर इसके बाद ही है। इस बैंक ने अब तक 1.91 करोड़ कार्ड जारी किए हैं। इसके बाद आईसीआईसीआई बैंक 1.7 करोड़ कार्ड और एक्सिस बैंक के 1.43 करोड़ कार्ड हैं। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, एचडीएफसी बैंक ने मई 2024 के महीने में 16,251 करोड़ रुपये के पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) ट्रांजेक्शन और 25,155 करोड़ रुपये के ई-कॉमर्स कार्ड यूज की सूचना दी है। फेस्टिवल ऑफर भी खूब आ रहे हैं बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जिस चीज ने ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड सेगमेंट की ओर आकर्षित किया है, वह अधिक खर्च पर पुरस्कार, ऋण ऑफर और एयरपोर्ट लाउंज लाभ, फेस्टिवल ऑफर जैसे प्रोत्साहन हैं। हालांकि उन्हें क्रेडिट कार्ड का अतिशय उपयोग करने से पहले कई बार सोचना चाहिए। ”उनका कहना है कस्टमर्स यह समझना चाहिए कि यदि वे ब्याज-मुक्त अवधि से अधिक समय तक कार्ड का बकाया रखते हैं, तो उन्हें कुछ मामलों में 42 प्रतिशत तक की ब्याज दर का भुगतान करना पड़ता है। यह उन्हें कर्ज के जाल में फंसा देगा।”

सदन में पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि उसने मणिपुर में 10 बार राष्ट्रपति शासन लगाया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में स्थिति को सामान्य बनाने के लिए प्रयास कर रही है, जहां पिछले साल से जातीय हिंसा जारी है। प्रधानमंत्री राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस का जवाब दे रहे थे। मणिपुर में हिंसा की घटनाएं लगातार कम हो रही- मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “सरकार मणिपुर में स्थिति सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। 11,000 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं और 500 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मणिपुर में हिंसा की घटनाएं लगातार कम हो रही हैं।” उन्होंने आगे कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें शांति बहाल करने के लिए सभी हितधारकों के साथ बातचीत कर रही हैं। उन्होंने कहा, “आज राज्य में स्कूल, कॉलेज, कार्यालय और अन्य संस्थान खुले हैं। केंद्र और राज्य सरकार शांति बहाल करने के लिए सभी हितधारकों से बात कर रही है।” कांग्रेस ने मणिपुर में 10 बार राष्ट्रपति शासन लगाया मणिपुर मुद्दे पर विपक्ष को कड़ा जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि उसने मणिपुर में 10 बार राष्ट्रपति शासन लगाया है। उन्होंने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री कई सप्ताह तक वहां रहे…केंद्र सरकार मणिपुर में जारी बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव सहयोग कर रही है। आज एनडीआरएफ की दो टीमें मणिपुर पहुंच गई हैं। मैं चेतावनी देता हूं कि जो लोग आग में घी डालने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें मणिपुर खारिज कर देगा। कांग्रेस ने मणिपुर में 10 बार राष्ट्रपति शासन लगाया था।” प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के साथ तीखी बहस की उन्होंने विपक्षी नेताओं से राज्य में शांति बहाल करने के लिए सरकार के साथ सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “राजनीति को पीछे छोड़कर हमें मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए सहयोग करना चाहिए।” उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में मणिपुर के मुद्दे पर कांग्रेस के साथ तीखी बहस की, जिससे क्षेत्रीय अशांति पर गरमागरम बहस के बीच व्यवधान और आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति पैदा हो गई। बीते साल 3 मई से जारी है जातीय हिंसा पूर्वोत्तर राज्य में पिछले साल 3 मई से जातीय हिंसा जारी है, जब अखिल आदिवासी छात्र संघ (एटीएसयू) द्वारा मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति श्रेणी में शामिल करने की मांग के विरोध में आयोजित एक रैली के दौरान झड़पें हुईं। इससे पहले जून में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय राजधानी में एक उच्च स्तरीय बैठक में मणिपुर में सुरक्षा स्थिति की समग्र समीक्षा की थी और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि पूर्वोत्तर राज्य में “हिंसा की कोई और घटना न हो”। नॉर्थ ब्लॉक स्थित अपने कार्यालय में एक घंटे तक चली बैठक में गृह मंत्री ने मणिपुर में शांति एवं सौहार्द बहाल करने के लिए केंद्रीय बलों की रणनीतिक तैनाती पर जोर दिया।  

सूत्र के अनुशार हेमंत सोरेन फिर बनेंगे झारखंड के मुख्यमंत्री, इस्तीफे के बाद चंपाई को नई जिम्मेदारी

रांची हेमंत सोरेन एक बार फिर झारखंड के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और आरजेडी के विधायक दल की बैठक में हेमंत सोरेन को एक बार फिर सरकार का मुखिया चुन लिया गया है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है। कथित जमीन घोटाले में सोरेन की गिरफ्तारी के बाद सीएम बने चंपाई सोरेन इस्तीफा देंगे। उन्हें झामुमो का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। अभी हेमंत सोरेन सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। हेमंत सोरेन को भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद 28 जून को जेल से रिहा किया गया था। हेमंत सोरेन ने गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उनके करीबी सहयोगी और मंत्री चंपाई सोरेन राज्य की बागडोर सौंपी गई थी। चंपई ने 2 फरवरी को राज्य के 12वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। सोरेन की रिहाई के बाद से ही अटकलें लगाईं जा रहीं थीं कि वह एक बार फिर कु्र्सी संभाल सकते हैं। 1,500 चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित करने सहित मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के सभी महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को अचानक रद्द किए जाने से अटकलों को बल मिला था कि कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। मंगलवार को भी उनके सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए थे।   राज्य में नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय पर किया जा रहा है जब कुछ ही महीने बाद विधानसभा चुनाव होना है। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में गठबंधन ने अच्छा प्रदर्शन किया है। जेल से रिहाई के बाद हेमंत सोरेन भाजपा पर आक्रामक हैं और माना जा रहा है कि ‘विक्टिम कार्ड’ खेलते हुए वह आगमी चुनाव में भाजपा को शिकस्त देने की कोशिश करेंगे।  

इंदौर से लाकर बेचा जा रहा था, राजस्थान-जयपुर में 1500 किलो नकली घी पकड़ा

जयपुर. राजस्थान के सीए भजन लाल शर्मा की पहल और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशों पर प्रदेश में मिलावट के​ खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त इकबाल खान के निर्देशन में विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई की गई। अतिरिक्त आयुक्त पंकज ओझा ने बताया कि मालवीय नगर इंडस्ट्रियल एरिया में अपेक्स सर्किल के पास श्रीनाथ अचार फेक्ट्री पर खाद्य सुरक्षा दल द्वारा कार्रवाई की गई। यहां निरीक्षण के दौरान अनेक कमियां पाई गईं। फैक्ट्री में साफ-सफाई की स्थिति असंतोषजनक होने के साथ ही बिना निर्माण तिथि के केमिकल्स पाए गए। फैक्ट्री में आंवला मुरब्बा के 18-18 किलो के 81 टिन तथा लाल मिर्च अचार के 15-15 किलो के 120 टिन मौके पर रखे हुए थे। विक्रेता ने बताया कि इन्हें हाथरस से खरीद कर लाया गया था, परंतु इन पर किसी प्रकार की कोई निर्माण तिथि, निर्माता का नाम आदि सूचना अंकित नहीं थी। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत नमूने लेने के पश्चात माल को सीज किया गया। इसी प्रकार फैक्ट्री में लाल मिर्च पाउडर के 10 बैग मिले, जिनमें 500 किलो लाल मिर्च पाउडर रखा हुआ था, जो अचार बनाने के काम लिया जा रहा था। इस मिर्च पाउडर की गुणवत्ता में कमी का अंदेशा होने पर एक नमूना लेने के पश्चात लाल मिर्च पाउडर को भी सीज किया गया। मौके पर एक प्लास्टिक के ड्रम में लगभग 100 किलो कैर का अचार रखा हुआ था, जिसमें फफूंद लगी हुई थी, इसे मौके पर ही नष्ट करवाया गया इसके अतिरिक्त मौके से वेजिटेबल सॉस एवं मिक्स अचार का भी एक-एक नमूना जांच हेतु लिया गया, जिनकी जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मौके पर मिली कमियों पर धारा 32 के अंतर्गत नोटिस जारी किया गया है। इसकी पालना नहीं करने पर फूड लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक सिंधी, रमेश यादव, राजेश नगर और नंदकिशोर कुमावत उपस्थित रहे। इसी प्रकार दूसरी बड़ी कार्रवाई में 1500 किलो नकली घी पकड़ा गया। अतिरिक्त आयुक्त ने बताया कि गुप्त सूचना पर इंटरसिटी ट्रैवल्स, पोलो विक्ट्री पर खाद्य विभाग की टीम पहुंची। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेश चेजारा एवं श्री रतन गोदारा मौके पर पहुंचे तो पाया कि 1500 किलो नकली घी, जिसकी कीमत 290 रुपए किलो है इंदौर में बनवाकर श्रीराम मिल्क फूड द्वारा जयपुर में झोटवाड़ा रोड स्थित पिंक सिटी टावर में मंगवाया गया था। इसे जयपुर शहर में बेचा जाना था। यह नकली घी ट्रैवल्स बसों से मंगवाया जा रहा था। नकली घी को सीज किया गया है। श्रीराम मिल्क फूड द्वारा मिल्क क्रीम मदर चॉइस और मिल्क क्रीम के नाम से घी बनाया जा रहा था। श्रीराम मिल्क फॉर डेयरी इंडस्ट्रीज द्वारा इंदौर में घी बनाकर किसी और नाम की फर्म द्वारा झोटवाड़ा में ट्रेवल्स से लाकर बेचा जा रहा था।

बिना ड्राइवर मजेंटा लाइन पर दौड़ेगी मेट्रो, 29 ट्रेनों के ड्राइवर केबिन हटाए गए

नई दिल्ली  दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन अब पूरी तरह से ड्राइवरलेस हो गई हैं। DMRC ने इस रूट पर चल रही सभी 29 ट्रेनों से ड्राइवर केबिन हटा दिए हैं, जिससे यात्रियों के लिए ज्यादा जगह बनेगी। फिलहाल, हर तीन-चार ट्रेनों के बाद एक अटेंडेंट मौजूद रहता है, लेकिन उन्हें भी धीरे-धीरे हटा दिया जाएगा। डीएमआरसी का कहना है कि पिंक लाइन पर भी जल्द ही यही व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे पहले, जून में खबर आई थी कि मजेंटा लाइन पर ट्रेनें पूरी तरह से ऑटोमेटेड हो जाएंगी। हमारे सहयोगी अखबार टीओआई ने जून में ही रिपोर्ट किया था कि मजेंटा लाइन पूरी तरह से ऑटोमेटिक होगी। मजेंटा लाइन पूरी तरह ड्राइवरलेस DMRC के एक अधिकारी ने बताया कि मजेंटा लाइन अब पूरी तरह से ड्राइवरलेस है। हमने 29 ट्रेनों से ड्राइवर केबिन हटा दिए हैं, जिससे यात्रियों के लिए ज्यादा जगह बन गई है। हम चरणबद्ध तरीके से अटेंडेंट को भी हटा देंगे। मजेंटा और पिंक लाइन मिलाकर दिल्ली मेट्रो का ड्राइवरलेस नेटवर्क लगभग 97 किलोमीटर लंबा हो गया है। यह भारत का एकमात्र ड्राइवरलेस ट्रेन ऑपरेशन नेटवर्क है। DMRC के फेज- IV विस्तार के तहत आने वाले कॉरिडोर में भी ट्रेन ऑपरेशन ड्राइवरलेस होगा। ट्रेनों से हटाए गए ड्राइवर केबिन जनकपुरी वेस्ट-बॉटनिकल गार्डन मजेंटा लाइन पर दिसंबर 2020 में ड्राइवरलेस ट्रेन ऑपरेशन शुरू हुआ था। नवंबर 2021 में मजलिस पार्क-शिव विहार पिंक लाइन पर भी यह सुविधा शुरू की गई थी। लेकिन अब तक, यात्रियों में विश्वास और सहायता की भावना बनाए रखने के लिए एक ट्रेन ऑपरेटर मौजूद रहता था। DMRC के प्रबंध निदेशक विकास कुमार ने पहले बताया था कि हम इन दोनों लाइनों पर मिले अनुभव के साथ फेज IV में इसे जल्द से जल्द लागू करने की कोशिश करेंगे। फेज IV में ड्राइवरलेस संचालन के लिए, हमने कुछ उपाय किए हैं जैसे ट्रैक पर कैमरे लगाकर ट्रैक मॉनिटरिंग सिस्टम। डीएमआरसी ने इसलिए ये लिया फैसला DMRC अधिकारी ने पहले कहा था, ‘ड्राइवरलेस ट्रेन संचालन से अधिक फ्लेक्सिबिलिटी आएगी। मानवीय हस्तक्षेप और मानवीय त्रुटियों में भी कमी आएगी। यह सिस्टम मेट्रो संचालन के दौरान कोच की उपलब्धता में सुधार करने में भी मदद करती है। ड्राइवरलेस ट्रेनें इंडक्शन से पहले की जाने वाली जांच की मैनुअल प्रक्रिया को समाप्त कर देती हैं, जिससे ट्रेन ऑपरेटरों पर बोझ कम होता है। डिपो में स्टेबलिंग लाइन पर पार्किंग भी स्वचालित रूप से होती है। DMRC फेज IV के प्रायोरिटी कॉरिडोर में ड्राइवरलेस संचालन को लेकर 312 कोच – 52 ट्रेनें खरीदेगा।

लोकायुक्‍त टीम ने असिस्‍टेंट इंजीनियर को रिश्‍वत लेते पकड़ा

उज्जैन लोकायुक्त ने बुधवार को पीएचई की सहायक यंत्री को सरकारी कार्यालय में 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। ठेकेदार की शिकायत पर कार्रवाई की गई। ठेकेदार ने वर्ष 2020 में जल जीवन योजना के तहत घट्टिया ब्लाक के झीतरखेड़ी व कालूखेड़ी में पानी की टंकियां बनाई थी, नल लगाए थे। कुल 80 लाख रुपये का काम किया था। काम छह माह की बजाय चार माह विलंब से दस माह में पूरा किया था। मगर अधिकारियों ने उसका अंतिम भुगतान दस लाख रुपये रोक दिया था। इसे देने के एवज में सहायक यंत्री ने अधीक्षण यंत्री के नाम पर घूस की मांग की थी। लोकायुक्त डीएसपी राजेश पाठक ने बताया कि अक्षय पाटीदार निवासी क्षीरसागर पेशे से सिविल इंजीनियर है। पाटीदार मानश्री के नाम से फर्म संचालित करता है। फर्म ने पीएचई से वर्ष 2020 में जल जीवन योजना के तहत घट्टिया ब्लाक के ग्राम झीतरखेड़ी व कालूखेड़ी में घर-घर नल लगाने व गांव में पानी की टंकी बनाने का ठेका 80 लाख रुपये में लिया था। पाटीदार को छह माह में काम पूरा करना था। मगर वर्ष 2021 में कोरोना संक्रमण के कारण लगाए गए लाॅकडाउन व विभागीय विलंब के कारण काम छह माह के बजाए दस माह में पूरा किया था। इस कारण अधिकारियों ने उसका अंतिम भुगतान दस लाख रुपये रोक दिया था। तीन साल से भुगतान के लिए पाटीदार परेशान हो रहा था। उसने सीएम हेल्प लाइन पर भी शिकायत कर दी थी। लेवल चार पर शिकायत पहुंचने पर अधिकारी ठेकेदार का भुगतान करने को तैयार हुए थे। मगर पीएचई की सहायक यंत्री ने भुगतान के एवज में रिश्वत की मांग की थी। पाटीदार ने एक जुलाई को एसपी लोकायुक्त को शिकायत की थी। शिकायत का सत्यापन डीएसपी लोकायुक्त राजेश पाठक ने किया था। शिकायत सही पाए जाने पर बुधवार को लोकायुक्त ने सहायक यंत्री को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई से कर्मचारी खुश लोकायुक्त की कार्रवाई को लेकर पीएचई कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी खुश नजर आए। एक कर्मचारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि वह तीस साल से नौकरी कर रहा है। मेडम ने सभी कर्मचारियों को भी परेशान कर दिया था। जांच के बाद अधीक्षण यंत्री पर होगी कार्रवाई डीएसपी राजेश पाठक ने बताया कि रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार महिला अधिकारी ने अधीक्षण यंत्री के नाम पर रुपये की मांग की थी। हालांकि अधीक्षण यंत्री पर जांच के बाद ही काेई कार्रवाई होगी।

लोनावाला में पवना बांध में कई दुखद डूबने की घटनाओं से प्रभावित हुई, पिछले 3 महीने में 27 शव बरामद

पुणे महाराष्ट्र (Maharashtra) के पुणे में जिला प्रशासन ने मानसून सीजन के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कुछ फैसला लिया है. मंगलवार को मावल तहसील में भुशी बांध और पवना बांध क्षेत्र सहित कई लोकप्रिय पिकनिक जगहों पर 2 से 31 जुलाई तक लोगों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है. प्रशासन ने खतरनाक पर्यटन स्थलों के लिए सुरक्षा उपायों की एक लिस्ट पहले ही तैयार कर ली है, जिसमें खतरनाक इलाकों की पहचान और सीमांकन, जीवन रक्षकों और बचाव दलों की उपस्थिति और चेतावनी बोर्ड लगाना शामिल है. हादसे बाद प्रशासन शख्त पुणे जिला प्रशासन के द्वारा यह फैसला रविवार को हुई उस घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें एक महिला और चार बच्चे पुणे जिले के सुरम्य लोनावाला हिल स्टेशन के मशहूर पिकनिक स्थल भुशी बांध के पास एक झरने में बह गए थे. जिला कलेक्टर सुहास दिवासे की तरफ से मंगलवार को जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक, नव क्रियान्वित भारतीय नगरी सुरक्षा संहिता और आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 163 को मावल, मुलशी, अम्बेगांव, खेड़, जुन्नार, भोर, वेल्हा, इंदापुर और हवेली तहसीलों में विशिष्ट स्थानों पर लागू किया जाएगा. सेल्फी और रील पर बैन आदेश में पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाई गई है, गहरे जल निकायों में लोगों के जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है, इसके साथ ही इन जगहों पर सेल्फी लेने और रील बनाने पर बैन लगाया गया है. उल्लंघन करने वालों पर बीएनएनएस और आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी. कई जगहों पर लगी पाबंदी यह पाबंदी कई जगहों पर लागू की जाएगी, जिसमें मावल तहसील में भुशी बांध, बेंडेवाड़ी और दहुली झरने, साथ ही खंडाला में टाइगर प्वाइंट, लायन प्वाइंट और राजमाची प्वाइंट, सहारा ब्रिज, पावना बांध क्षेत्र, टाटा बांध और घुबाद झील शामिल हैं. मुलशी तहसील में, आदेश मुलशी बांध, तमहिनी घाट वन क्षेत्र और मिल्कीबार झरना को कवर करते हैं. हवेली तहसील के इलाकों में खडकवासला और वारसगांव बांध और सिंहगढ़ किले के आसपास के इलाके शामिल हैं. अम्बेगांव तहसील में, आदेश भीमाशंकर क्षेत्र, डिंभे बांध क्षेत्र और कोंधवाल झरना क्षेत्र पर लागू होता है. जुन्नार तहसील में मालशेज घाट, स्थानीय बांध, शिवनेरी किला इलाका और माणिकदोह शामिल हैं. पाबंदी लगाने का यह उपाय भटघर बांध इलाके के आसपास के झरनों और भोर और वेल्हा तहसीलों में अन्य जल निकायों और किला क्षेत्रों तक फैले हुए हैं. इसी तरह, खेड़ और इंदापुर तहसीलों में जल निकायों और घाट क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है. इसके अलावा, लोनावाला नगर परिषद और सेंट्रल रेलवे द्वारा संयुक्त कार्रवाई में, अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान भुशी बांध के पास 60 से ज्यादा अस्थायी दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया. सोमवार को कलेक्टर दिवासे ने स्थानीय प्रशासन को पर्यटन स्थलों के आसपास अनधिकृत संरचनाओं के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया. खास तौर पर, इन जगहों पर पर्यटकों के साथ होने वाली दुर्घटनाओं के मद्देनजर कुछ जगहों पर सुरक्षा उपायों की रूपरेखा तैयार की गई थी. पिछले 3 महीने में 27 शव बरामद माॉनसून के दौरान, बड़ी तादाद में पर्यटक पुणे जिले के पश्चिमी घाट में स्थित भुशी और पावना बांध, लोनावाला, सिंहगढ़, मालशेज और ताम्हिनी तथा अन्य स्थानों पर आते हैं, अक्सर अज्ञात और खतरनाक इलाकों में चले जाते हैं. लोनावाला में पवना बांध की शांत जगह भी कई दुखद डूबने की घटनाओं से प्रभावित हुई है, जो इस इलाके में सुरक्षा उपायों को लागू करने के महत्व को रेखांकित करता है. लोनावाला पुलिस के मुताबिक, जनवरी 2024 से पवना बांध में चार लोग डूब चुके हैं. वन्यजीव रक्षक मावल (VRM) जैसे बचाव संगठनों ने इस साल मार्च से मई के बीच मावल तहसील में विभिन्न जल निकायों से 27 शव बरामद किए हैं. जिला कलेक्टर ने अधिकारियों से विभिन्न पर्यटक स्थलों जैसे बांध, झरने, झील, नदियां और चट्टानों पर खतरनाक जगहों की पहचान करने और परिधि रेखाएं और चेतावनी बोर्ड लगाकर उन्हें पाबंदी वाले इलाकों के रूप में चिह्नित करने के लिए कहा था, जिससे पर्यटक उनसे आगे न जाएं.    

‘हमारे 10 साल हुए, 20 अभी बाकी; इस भविष्यवाणी के लिए आपके मुंह में घी-शक्कर’, पीएम मोदी ने कसा तंज

नई दिल्ली  राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में अपने संबोधन में कहा, ‘कुछ लोग जानबूझकर जनादेश से अपना मुंह फेर कर बैठे रहे, कुछ लोगों को समझ नहीं आया और जिनको समझ आया उन्होंने हो-हल्ला कर देश की जनता के इस महत्वपूर्ण निर्णय पर छाया करने की कोशिश की। लेकिन मैं पिछले दो दिन से देख रहा हूं कि आखिर पराजय भी स्वीकार हो रही है और दबे मन से विजय भी स्वीकार हो रही है। 10 साल के बाद किसी एक सरकार की लगातार फिर से वापसी हुई है और मैं जानता हूं कि भारत के लोकतंत्र में 6 दशक बाद हुई, ये घटना असामान्य है।’ हमारे 10 साल हुए अभी 20 साल बाकी प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस के कुछ साथियों को धन्यवाद करना चाहता हूं, क्योंकि जब से नतीजे आए, तब से कांग्रेस के एक साथी को मैं देख रहा था, हालांकि उनकी पार्टी ही उनको समर्थन नहीं कर रही थी, लेकिन वे अकेले ही झंडा लेकर दौड़ रह थे। ऐसा मैं क्यों कह रहा हूं, क्योंकि जिन्होंने ये बार-बार ढोल पीटा था कि ये एक तिहाई सरकार है, उनके मुंह में घी शक्कर। इससे बड़ा सत्य और क्या हो सकता है। हमारे 10 हुए हैं, 20 और बाकी हैं। अभी एक तिहाई हुआ कार्यकाल हुआ है और दो तिहाई बाकी है। इसलिए उनकी इस भविष्यवाणी के लिए उनके मुंह में घी शक्कर। ‘जनता ने प्रोपेगैंडा को खारिज किया’ अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘संविधान हमारे लिए सिर्फ संविधान के अनुच्छेद भर नहीं हैं बल्कि इसकी भावना भी हमारे लिए अहम है। किसी भी परिस्थिति में संविधान हमारा मार्गदर्शन करता है। मैंने जब लोकसभा में हमारी सरकार की तरफ से कहा था कि हम 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाएंगे, तो मैं हैरान हूं कि जो लोग आज संविधान को लेकर घूमते हैं, उन्होंने उसका विरोध किया था। संविधान हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा है। अब जब हम 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं तो हमने इसे जन उत्सव के रूप में मनाने का फैसला किया है।’ ‘देश की जनता ने हमें जो तीसरी बार अवसर दिया है, वो अवसर विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत की यात्रा को मजबूती देने के लिए, संकल्प को सिद्धि तक ले जाने के लिए देश को करोड़ों लोगों ने हमें आशीर्वाद दिया। ये चुनाव 10 वर्षों की सिद्धि पर तो मुहर है ही, साथ ही भविष्य के संकल्पों पर भी मुहर है। देश की जनता का भरोसा हम पर है और इसी भरोसे पर जनता ने हमें फिर से मौका दिया है। देश ने पिछले 10 वर्षों में हमारे देश की अर्थव्यवस्था को दसवें नंबर से पांचवें नबर पर पहुंचते देखा है। देश की जनता ने प्रोपेगैंडा को खारिज कर परफॉर्मेंस को तरजीह दी है। इस बार देश की जनता ने हमें पांचवे नंबर से तीसरे नंबर पर पहुंचाने का जनादेश दिया है और हम इस संकल्प को पूरा करके रहेंगे।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्यसभा में संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस नेता जयराम रमेश पर भी तंज कसा। दरअसल, लोकसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा को बहुमत नहीं मिला। इसके बाद से ही वे इस सरकार को एक तिहाई सरकार कह रहे थे। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि हमें सत्ता में 10 साल तो हो गए और आपके हिसाब से अभी 20 साल बाकी हैं। आपके मुंह में घी-शक्कर। जानिए पीएम मोदी ने क्या कहा? पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दो दिन से देख रहा हूं कि आखिर तक पराजय भी स्वीकार हो रही है और विजय भी स्वीकार हो रही है। कांग्रेस के कुछ साथियों को धन्यवाद करना चाहता हूं, क्योंकि जब से नतीजे आए, तब से कांग्रेस के एक साथी को मैं देख रहा था। उनकी पार्टी उनको समर्थन नहीं कर रही थी, लेकिन वे अकेले ही झंडा लेकर दौड़ रह थे। मैं कहता हूं कि वह जो कहते थे, उनके मुंह में घी शक्कर। ऐसा मैं क्यों कह रहा हूं, क्योंकि उन्होंने बार-बार ढोल पीटा था कि एक तिहाई सरकार। इससे बड़ा सत्य और क्या हो सकता है। हमारे 10 हुए हैं। 20 और बाकी हैं। एक तिहाई हुआ। एक तिहाई हुआ है और दो तिहाई बाकी है। इसलिए उनकी इस भविष्यवाणी के लिए उनके मुंह में घी शक्कर। जयराम रमेश ने क्या कहा था? इससे पहले जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि चुनाव में पीएम मोदी ने खुद को मुद्दा बनाया और खुद को भगवान बताया। वह खुद अपनी सीट डेढ़ लाख वोट से ही बचा सके। उन्हें जनादेश भी नहीं मिला है। 2024 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की प्रचंड हार हुई है। 400 पार का नारा लगाया और उससे बहुत दूर रह गए। यह मोदी की हार है। वह पीएम नहीं, बल्कि एक तिहाई प्रधानमंत्री हैं। चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार के सहारे प्रधानमंत्री हैं।

मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े केस में अरविंद केजरीवाल की न्यायिक हिरासत बढ़ाई, अदालत से फिर झटका लगा

नई दिल्ली दिल्ली के कथित शराब घोटाले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अदालत से फिर झटका लगा है। अदालत ने सीएम केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 12 जुलाई तक बढ़ा दी है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और विनोद चौहान की न्यायिक हिरासत 12 जुलाई तक बढा़ई है। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े केस में अरविंद केजरीवाल की न्यायिक हिरासत बढ़ाई गई है। सीएम अरविंद केजरीवाल और विनोद चौहान को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाएगा। प्रवर्तन निदेशालय के अलावा सीबीआई ने भी अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया है। अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आबकारी नीति घोटाले में सीबीआई से जुड़े भ्रष्टाचार के केस में जमानत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगाई है। केजरीवाल के वकील ने कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और जस्टिस तुषार राव की बेंच के समक्ष यह जमानत याचिका लगाते हुए इसपर त्वरित सुनवाई की मांग की थी। अदालत अब शुक्रवार को सीएम की याचिका पर सुनवाई करेगी। अदालत में मौजूद सीएम अरविंद केजरीवाल के वकील रजद भारद्वाज ने कहा कि याचिकाकर्ता को अवैध तरीके कस्टडी में रखा गया है और इस दौरान किसी भी तरह के कानून का पालन हीं किया गया था। केजरीवाल के वकील ने गुरुवार को इस याचिका पर सुनवाई की मांग की तो जस्टिस मनमोहन ने कहा कि जजों को कागजात देखने दीजिए। अब अगले दिन इसपर सुनवाई करेंगे। आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को 26 जून को तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, उससे पहले ईडी ने अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया था। ED ने अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। 20 जून को ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत दे दी थी। हालांकि ट्रायल कोर्ट के आदेश पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी।  

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