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राहुल गाँधी बने राजमिस्त्री, श्रमिकों के साथ बनाया मसाला, की चुनाई

नई दिल्ली रायबरेली से सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में मजदूरों के साथ मुलाकात की। गुरुवार को उन्हें जीटीबी नगर में कुछ श्रमिकों से ना सिर्फ उनका हालचाल जाना बल्कि उनके साथ काम भी किया। राहुल गांधी उनके साथ मसाला बनाते हुए और चिनाई करते हुए दिखे। कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल से तस्वीरें साझा करते हुए यह जानकारी दी गई। कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी की तस्वीरों के साथ लिखा, ‘आज नेता विपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के GTB नगर में श्रमिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। ये मेहनती मजदूर हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इनके जीवन को सरल और भविष्य को सुरक्षित करना हमारी जिम्मेदारी है।’ तस्वीरों में राहुल गांधी रेत-सीमेंट मिलाते हुए और चिनाई करते हुए भी दिख रहे हैं। उन्होंने श्रमिकों के बीच बैठकर बातचीत भी की। राहुल गांधी गुरुवार को जीटीबी नगर के गांव गोपालपुर में अचानक पहुंचे। अपना काफिला छोड़कर वह गलियों से गुजरते हुए एक निर्माणाधीन मकान तक पहुंचे। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ जुट गई। पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बीच राहुल गांधी उस मकान में दाखिल हुए जहां मजदूर कामकाज में जुटे थे। राहुल गांधी इससे पहले भी अलग-अलग वर्ग के कामगारों से मुलाकात कर चुके हैं। पिछले दिनों वह दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर कुलियों से मिले थे और सिर पर सामाना भी उठाया था। कभी ट्रक चालक के साथ सफर करके उनकी समस्याओं को जाना तो कभी मोटर मैकेनिक के साथ काम करते दिख चुके हैं।  

साय ने अपनी मां के नाम रोपा दहीमन का पौधा

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निवास कार्यालय में आज दूसरे सप्ताह के जनदर्शन कार्यक्रम में नागरिकों में जबरदस्त उत्साह रहा। मुख्यमंत्री श्री साय से मुलाकात करने और अपने आग्रह-अनुरोध उन्हें प्रत्यक्ष सौंपने के लिए प्रदेशभर से बड़ी संख्या में लोग आए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने श्रमवीरों के मेधावी बच्चों को दो-दो लाख रूपए के चेक भी प्रदान किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने निवास कार्यालय परिसर में अपनी मां के नाम दहीमन का पौधा लगाया। जनदर्शन स्थल के पास स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया गया था, जिसका नागरिकों ने लाभ उठाया। आज के कार्यक्रम में अनेक ऐसे लोग मुख्यमंत्री को धन्यवाद कहने आए थे, जो पिछले जनदर्शन में आए थे और उनके आवेदनों का निराकरण भी हो गया था।   आज आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 13 बच्चों को दो-दो लाख रूपए के चेक दिए गए। इसमें से एक लाख रूपए प्रोत्साहन के रूप में और एक लाख रूपए स्कूटी खरीदने के लिए दिए गए। पंजीकृत निमार्णी श्रमिक परिवारों के पुरस्कृत बच्चों ने दसवीं और बारहवीं में 2023-24 के टॉप-10 सूची में स्थान बनाया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपनी मां के नाम दहीमन का, जो पौधा लगाया है, वह औषधीय गुणों से युक्त है। यह पौधा सरगुजा अंचल में पाया जाता है। मुख्यमंत्री ने लोगों से भी मां के नाम अपने-अपने निवास या गांव में पौधा लगाने की अपील की। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में लोगों से एक पेड़ मां के नाम लगाने की अपील की थी। इस बार के जनदर्शन में बड़ी संख्या में ऐसे भी लोग शामिल हुए, जो पिछले बार के जनदर्शन में भी आए थे, तब उनके आवेदनों का निराकरण मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्काल कर दिया गया था। इन लोगों ने त्वरित कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। इनमें दिव्यांग भी शामिल थे, जिन्हें श्री साय के निर्देश पर ट्रायसाइकिल और अन्य सहायक उपकरण तत्काल उपलब्ध कराए गए थे। स्वास्थ्य शिविर में लोगों ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। खून जांच, बीपी की जांच, शुगर और अन्य आम बीमारियों की जांच की सुविधा शिविर में उपलब्ध कराई गई थी। कार्यक्रम की शुरूआत में मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार सदियों तक लोगों को प्रेरित करते रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों के पास पहुंचकर उनसे मुलाकात की। उनसे आवेदन लिए और मौके पर ही ट्राईसायकल सहित अन्य सहायक उपकरण प्रदान किए। बागबाहरा वन क्षेत्र में निवासरत कमार परिवारों के बेदखली की नोटिस की जांच के निर्देश वन अधिकारियों को दिए। रायपुर के अशोका रतन कॉलोनी के समीप की सड़क की मरम्मत कराने तथा आरक्षक श्री भरत लाल बरेठ के किडनी प्रत्यारोपण एवं इलाज के बकाया देयक के भुगतान के संबंध में उचित कार्यवाही के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने श्री मोती लाल पटेल की पांच साल की बेटी डॉली जो थैलेसीमिया से पीड़ित है, उसके इलाज की व्यवस्था के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखण्ड के ग्राम परसा की रहने वाली कैंसर पीड़ित मितानीन उर्मिला देवी को इलाज के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से मदद देने की बात कही। जनदर्शन का असर – मुख्यमंत्री का आभार जताने पहुंचे किसान मुख्यमंत्री के जनदर्शन का असर मैदानी स्तर पर दिखने लगा है। राजधानी रायपुर से सटे सेजबहार के युवा किसान ललित साहू अपने गांव के अन्य किसानों के साथ आज प्रदेश के संवेदनशील मुखिया श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देने आए थे। उन्होंने और उनके साथी किसानों ने मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन में मुख्यमंत्री श्री साय से मुलाकात कर अपने खेतों से लगी शासकीय जमीन के कब्जामुक्त होने के बाद खेत आने-जाने के लिए पुन: रास्ता मिल जाने पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया। सेजबहार के किसान ललित साहू, कामता प्रसाद, शारदा राम साहू, लाकेश्वर प्रसाद साहू और कामता प्रसाद साहू विगत 27 जून को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पहले जनदर्शन में अपनी समस्या लेकर आए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया था कि उनके खेतों से लगे सरकारी जमीन पर कुछ लोग अतिक्रमण कर अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं। इससे उनके खेत आने-जाने का रास्ता बंद हो गया है। इस पर मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि एसडीएम, तहसीलदार और राजस्व अमले की टीम ने गांव पहुंचकर शासकीय भूमि को कब्जामुक्त करा लिया है। इससे किसानों को अपने खेत आने-जाने का रास्ता वापस मिल गया है। उन्होंने पूरे सेज बहार वासियों की ओर से मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया। जनदर्शन में सुनने को मिला अजीबो-गरीब मामला   मुख्यमंत्री के जनदर्शन कार्यक्रम में आज बाईक चोरी का एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया। रायपुर के चौबे कॉलोनी निवासी भूपेंद्र साहू ने मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा बताई, कि कुछ समय पहले उनकी बाइक चोरी हो गई। अब दिक्कत यह है कि जिसने बाइक चुराई, वो ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर रहा है और दो बार उनके पास दो हजार रुपए का चालान आ गया है। मुख्यमंत्री ने ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों को भूपेन्द्र की बाइक दिलाने और चालान को माफ करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में मुख्यमंत्री को बिटिया की शादी का न्यौता जनदर्शन में मुख्यमंत्री को प्रदेश की जनता का भरपूर प्यार मिल रहा है। आज जनदर्शन में बहुत सारे ऐसे आवेदन आए, जिसमें मुख्यमंत्री से लोगों ने उनकी योजनाओं से अपने जीवन में आई खुशहाली के लिए आभार व्यक्त किया। इनमें से एक चेतन भी थे, जो जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय से मुलाकात कर अपनी बिटिया की शादी में शामिल न्यौता दिया। मुख्यमंत्री ने श्री चेतन को बिटिया के वैवाहिक कार्यक्रम के लिए अग्रिम बधाई दी और कहा कि आपकी बिटिया को मेरा भरपूर आशीर्वाद है। बिटिया सुखी रहे। दिव्या को इलाज के लिए डेढ़ लाख की मदद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनदर्शन कार्यक्रम में भानुप्रतापपुर की रहने वाली 10 वर्षीय बालिका दिव्या विश्वकर्मा को हाथ में आई विकृति के इलाज के लिए डेढ़ लाख रूपए की सहायता राशि की मंजूरी दी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एयर कार्गो फोरम इंडिया के वार्षिक कॉन्क्लेव-2024 में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति एवं विकसित अधोसंरचना को देखते हुए मध्यप्रदेश में दिल्ली की तरह एयर कार्गो हब बनने की पूरी संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश भारत के दिल (मध्य) में स्थित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में रेलवे, मेट्रो और एक्सप्रेस-वे का घना जाल बिछाया जा चुका है। अब प्रदेश में हवाई यातायात एवं कार्गो की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में सातों एयरपोर्ट में कार्गो की संभावना है। ये विचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एयर कार्गो फोरम इंडिया के वार्षिक कॉन्क्लेव-2024 में व्यक्त किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है जहां अंतर्राज्यीय वायु सेवा प्रारंभ की गई है। प्रदेश में पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है, जिसमें सक्षम व्यक्तियों के अलावा आयुष्मान कार्ड धारकों को भी इस सेवा का लाभ मिल रहा है। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेली सर्विस भी शुरू करवाई गई है। इस दृष्टि से वायु परिवहन के साथ साथ एयर कार्गो के लिए भी प्रदेश में समुचित अधोसंरचना विकसित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के संसाधनों के दोहन के लिए व्यापार को बढ़ावा देने के लिए और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रदेश में कार्गो हब का निर्माण सहायक होगा। भविष्य में मध्यप्रदेश को व्यापार का केंद्र बनाने के लिए “फ्यूचर रेडी मध्यप्रदेश” नाम से डेस्क भी तैयार किया गया है। प्रदेश की आर्थिक विकास गति 20% से अधिक है और कृषि विकास की दर 25% है। गत दिवस प्रस्तुत किए गए प्रदेश के बजट में पिछले बजट के मुकाबले 16% अधिक आवंटन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में एयर कार्गो के माध्यम से 6 अरब डॉलर मूल्य के उत्पादों का परिवहन होता है। उन्होंने बताया कि इस दृष्टि से एयर कार्गो उद्योग के लिए मध्यप्रदेश में अपार संभावनाएं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एयर कार्गो उद्योग को प्रदेश के विकास में सहभागी बनने और प्रदेश में निवेश करने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एयर कार्गो फोरम इंडिया द्वारा प्रकाशित ‘स्किलिंग मैन्युअल’ नाम की पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एयर कार्गो फोरम इंडिया टास्क पिलर्स: स्किल डेवलपमेंट, नॉलेज एंड रिसर्च, डिजिटल ऑटोमेशन, गो ग्रीन, डोमेस्टिक एयर कार्गो, प्रोसेस सिंपलिफिकेशन, ब्रांडिंग, पॉलिसी एडवोकेसी और इवेंट मैनेजमेंट के लीडर्स को भी सम्मानित किया।  

ISRO चीफ ने चेताया,अगर ऐसा हुआ तो…’ पृथ्वी से टकराने वाला है एस्टेरॉयड

नई दिल्ली 370 मीटर व्यास वाला एक खतरनाक  क्षुद्रग्रह पृथ्वी के निकट से गुजरने वाला है। इसके पृथ्वी से टकराने की भी प्रबल संभावना है। इससे पहले 30 जून 1908 को साइबेरिया के एक सुदूर स्थान तुंगुस्का में एक क्षुद्रग्रह के टकराने के कारण हुए विशाल हवाई विस्फोट ने लगभग 2200 वर्ग किलोमीटर घने जंगल को तहस-नहस कर दिया था। इसके कारण 8 करोड़ पेड़ नष्ट हो गए थे। अभी जो क्षुद्रग्रह धरती के नजदीक आ रहा है, उसके 13 अप्रैल 2029 को पास से गुजरने की संभावना है। ऐसा कहा जाता है जब-जब यह धरती से टकराती है तो कई प्रजातियां विलुप्त हो जाती हैं। इस बात की भी परिकल्पना है कि इसी के कारण धरती से डायनासोर विलुप्त हो गए थे। आपको बता दें कि दुनिया भर की अंतरिक्ष एजेंसियां ​​पृथ्वी को क्षुद्रग्रहों से बचाने के लिए ग्रह रक्षा क्षमताओं का निर्माण करने की दिशा में काम कर रही हैं। इसरो ने भी अपने मजबूत कंधों पर इसकी जिम्मेदारी ली है। इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने इसकी ताजा जानकारी दी है। उन्होंने कहा, ”हमारा जीवनकाल 70-80 साल का होता है और हम अपने जीवनकाल में ऐसी कोई आपदा नहीं देखते हैं। इसलिए हम यह मानकर चलते हैं कि ऐसा होने की संभावना नहीं है। अगर आप दुनिया और ब्रह्मांड के इतिहास को देखें तो ग्रहों की ओर क्षुद्रग्रह के पहुंचने की घटना अक्सर होती रहती हैं। मैंने गुरुवार से टकराने वाले क्षुद्रग्रह को शूमेकर-लेवी से टकराते देखा है। अगर पृथ्वी पर ऐसी कोई घटना होती है तो हम सभी विलुप्त हो जाएंगे।” उन्होंने आगे कहा, “ये वास्तविक संभावनाएं हैं। हमें खुद को तैयार करना चाहिए। हम नहीं चाहते कि यह धरती के साथ हो। हम चाहते हैं कि मानव और सभी जीव यहां रहें। लेकिन हम इसे रोक नहीं सकते। हमें इसके विकल्प खोजने होंगे। इसलिए हमारे पास एक तरीका है जिससे हम इसे विक्षेपित कर सकते हैं। हम पृथ्वी के निकट आने वाले क्षुद्रग्रह का पता लगा सकते हैं और उसे दूर ले जा सकते हैं। कभी-कभी यह असंभव भी हो सकता है। इसलिए प्रौद्योगिकी विकसित करने की आवश्यकता है। भविष्यवाणी करने की क्षमता बढ़ाने की आवश्यक्ता है। इसे विक्षेपित करने के लिए वहां भारी प्रॉप्स भेजने की क्षमता, अवलोकन में सुधार और एक प्रोटोकॉल के लिए अन्य देशों के साथ संयुक्त रूप से काम करने की आवश्यक्ता है।” इसरो प्रमुख ने कहा, “यह आने वाले दिनों में आकार लेगा। जब खतरा वास्तविक हो जाएगा, तो मानवता एक साथ मिलकर इस पर काम करेगी। एक अग्रणी अंतरिक्ष राष्ट्र के रूप में हमें जिम्मेदारी लेने की जरूरत है। यह केवल भारत के लिए ही नहीं है, यह पूरी दुनिया के लिए है कि हमें तकनीकी क्षमता, प्रोग्रामिंग क्षमता और अन्य एजेंसियों के साथ काम करने की क्षमता तैयार करने और विकसित करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।” आपको बता दें कि वह विश्व क्षुद्रग्रह दिवस (30 जून) पर इसरो द्वारा आयोजित एक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।  

दो बच्चियों को टांके में डुबोकर मारा, राजस्थान-जोधपुर में महिला को कुल्हाड़ी से काटा

जोधपुर. जोधपुर में ट्रिपल मर्डर का मामला सामने आया है। एक बुजुर्ग महिला की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या की गई है, जबकि 2 मासूम बच्चियों के शव घर के टांके में मिले हैं। एक महिला घायल है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला बनाड़ थाना क्षेत्र के गांव नांदड़ी खुर्द का है। डीसीपी ईस्ट आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि 5 बजे के करीब नांदड़ी खुर्द में डबल मर्डर की सूचना मिली थी। यहां पहुंचे तो पता चला कि यहां तीन डेड बॉडी हैं। भंवरी देवी (68) और दो बच्चियों भावना (5) और लक्षिता (3.5) के शव मिले हैं, जबकि संतोष (27) घायल है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया- बुजुर्ग और घायल महिला पर कुल्हाड़ी से वार किया गया है, जबकि बच्चों को पानी में डुबो कर मारा गया है। पुलिस को शक है कि हत्याकांड में परिवार का कोई व्यक्ति शामिल है।

बाबा राजिंदर कालिया के कारनामों की खुली पोल, महिलाओं के साथ दशकों तक किया रेप

लंदन उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए हादसे के बाद इसका आयोजक भोले बाबा देश से लेकर दुनिया भर में सुर्खियां बना हुआ है। इस बीच ब्रिटेन में एक भारतीय बाबा के काले कारनामों ने सनसनी मचा दी है। ब्रिटेन के कोवेंट्री में भारतीय मूल के एक धर्मगुरु पर महिला भक्तों ने दशकों तक हवस का शिकार बनाने का आरोप लगाया है। 68 साल के बाबा राजिंदर कालिया दावा करता था कि वह ‘जिंदा भगवान’ है, लेकिन उसकी शिकार हुई महिलाओं का कहना है कि वह वास्तव में ‘छिपा हुआ शैतान’ है। राजिंदर कालिया पर आरोप है कि एक तरफ वह मंदिर के सदस्यों को अपने प्रवचन और कथित चमत्कार दिखाकर ये विश्वास दिला रहा था कि वह भगवान का अवतार है, उसी दौरान वह छोटी लड़कियों से लेकर महिलाओं का शोषण कर रहा है। बाबा का ढोंग रचाने वाले राजिंदर कालिया के खिलाफ उसी की 4 पूर्व महिला शिष्य सामने आई हैं, जिन्होंने बाबा के ऊपर दशकों तक उनका यौन शोषण और बलात्कार करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही तीन अन्य महिलाओं ने आर्थिक रूप से उत्पीड़न का आरोप लगाया है।  धर्म को चोला पहनकर अपनी ही महिला भक्तों को हवस का शिकार बनाने वाले एक भारतीय मूल के ढोंगी बाबा पर ब्रिटेन के हाई कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया है। कथित धर्मगुरु राजिंदर कालिया पर पर उसकी ही पूर्व शिष्याओं ने रेप और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए लाखों पाउंड की मांग की है। राजिंदर कालिया खुद को धरती पर भगवान बताता था, लेकिन उसके ऐसे कारनामे सामने आए हैं कि हैवान कहना भी कम होगा। 68 वर्षीय राजिंदर कालिया पर इंग्लैंड के कोवेंट्री के एक मंदिर में आने वाली महिलाओं और छोटी बच्चियों को अपनी हवस का शिकार बनाने का आरोप है। कालिया अपने अपने प्रवचन के दौरान कथित रूप से चमत्कार दिखाकर महिला भक्तों को अपने प्रभाव में लाता था और फिर उन्हें अपना शिकार बनाता था। भारतीय मूल की हैं सभी पीड़ित कालिया पर आरोप लगाने वाले सभी दावेदार भारतीय मूल के हैं और उन्होंने दो साल पहले एक कानूनी लड़ाई जीती थी, जब एक जज ने मामले को सुनवाई के लिए आगे बढ़ने की अनुमति दी थी। जज डिप्टी मास्टर रिचर्ड ग्रिमशॉ ने जून 2022 में अपनै फैसले में कहा था कि इस मामले में कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर विचार किया जाना है। इनमें से कई तथ्यात्मक मुद्दे आपस में जुड़े हुए हैं कि किस तरह प्रतिवादी (कालिया) ने उन पर दबाव बनाकर अपना नियंत्रण स्थापित किया। खुद को बताता है चमत्कारी पंजाब में पैदा हुआ राजेंद्र कालिया खुद को बाबा बालक नाथ की कृपा बताता है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया गया कि भारत में किशोरावस्था के दौरान कालिया का पैर टूट गया था। डॉक्टरों ने उसे बताया था कि वह कभी चल नहीं पाएगा। दावा किया गया कि इसके बाद हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में बाबा बालकनाथ की जन्मस्थली देओतसिद्ध जाने के बाद वह अचानक से बिना बैसाखी के चलने लगा। उसने बताया कि यह चमत्कार था और इस बात से उसकी आस्था बाबा बालकनाथ में और बढ़ गई। ब्रिटेन में पहुंचकर खड़ा किया भक्तों का साम्राज्य 1977 में राजिंदर कालिया ब्रिटेन पहुंचा और 1983 में उसने अपने घर से ही प्रवचन शुरू किया। धीरे-धीरे उसके भक्तों की संख्या बढ़ने लगी। उसने कोवेंट्री में कुछ जमीन खरीदी और साल 1986 में बाबा बालकनाथ के मंदिर की स्थापना की। अपना मंदिर बना लेने के बाद उसने अपने भक्तों को ये विश्वास दिलाना शुरू किया कि वह धरती पर भगवान का अवतार है। इसके लिए उसने कथित चमत्कारों का सहारा लेना शुरू किया, जिसे देखकर उसके भक्त यकीन करने लगे। 1320 बार बनाया हवस का शिकार ब्रिटिश न्यूज पोर्टल द सन की रिपोर्ट के अनुसार, राजिंदर कालिया पर केस करने वाली महिलाओं के वकील मार्क जोन्स ने कहा, ‘यह एक असामान्य मामला है। दावेदारों का आरोप हैं कि वे दशकों से कालिया के करिश्माई और शक्तिशाली व्यक्तित्व के पूरी तरह अधीन थे। उन्होंने कथित चमत्कारों के माध्यम से खुद को भगवान के रूप में दिखाया। जब वो हवस का शिकार बनाता था तो पीड़ित खुद उसका विरोध करने में असमर्थ पाती थीं।’ एक महिला ने रोते हुए अदालत को बताया कि आश्रम में काम करने के 22 साल के दौरान उसके साथ कम से कम 1320 बार बलात्कार किया गया। एक अन्य पीड़िता ने कहा कि बाबा कालिया ने 13 साल की उम्र से उसका शोषण शुरू कर दिया था और 21 साल की उम्र में एक होटल में ले जाकर उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। ये होटल बाबा कालिया ने खुद ही बुक किया था। महिला ने अदालत को बताया कि पुलिस के पास के जाने के बाद उसे तेजाब से मारने की धमकी दी गई। बाद में उसे बाल शोषण के लिए गलत तरीके से गिरफ्तार कर लिया गया। एक अन्य महिला ने दावा किया कि 13 साल की उम्र में उसके साथ रेप किया गया जबकि चौथी महिला ने आरोप लगाया कि चार साल की उम्र से बाबा उसे गलत तरीके से चूमता था। कालिया ने आरोपों पर क्या कहा? राजिंदर कालिया ने एक बयान में कहा, ‘मेरे खिलाफ किए जा रहे दावों से मैं डरा हुआ हूं। वे स्पष्ट रूप से झूठे और हैरान करने वाले हैं। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि सभी को अपनी बात कहने का अधिकार दिया जाना चाहिए। इस अधिकार का उपयोग केवल निष्पक्ष और जिम्मेदारी से किया जाना चाहिए।’ कालिया ने आगे कहा कि ‘मुझे अपने समुदाय के भीतर मुझे नुकसान पहुंचाने की एक बड़ी साजिश का आभास हो रहा है। सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी। तब तक मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने इस चुनौतीपूर्ण समय में मेरा और मेरे परिवार का साथ दिया है।’ कालिया के खिलाफ मामले की सुनवाई पिछले सप्ताह रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस में शुरू हुई थी, जिसके अगले सप्ताह खत्म होने की उम्मीद है। मामले में आने वाले महीनों में फैसला आ सकता है।

धीरेंद्र शास्त्री के भक्तों की अपार भीड़, पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए , आसपास के 4 जिलों की फोर्स बुलाई

 छतरपुर उत्तर प्रदेश  के हाथरस हादसे के बाद अब मध्य प्रदेश में पुलिस प्रशासन की सांस फूली हुई है. इसकी वजह है विख्यात कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्मदिन. 4 जुलाई को छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम में धीरेंद्र शास्त्री का जन्मोत्सव मानने देशभर से लाखों की तादाद में लोग पहुंचे हुए हैं. बाबा के भक्तों की अपार भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और आसपास के 4 जिलों की फोर्स बुलाई है.   छतरपुर एसएसपी आगम जैन ने बताया, बागेश्वर धाम में 250-300 से अधिक पुलिस बल लगा दिया गया है. इसके साथ ही एक्स्ट्रा पुलिस बल भी अन्य जिलों से बुलाया गया है. इसमें पड़ोसी जिलों रीवा, पन्ना, टीकमगढ़ और सागर का पुलिस बल भी शामिल है. पुलिस जवान बागेश्वर धाम में धीरेंद्र शास्त्री के जन्मोत्सव कार्यक्रम में सुरक्षा का इंतजाम देखेंगे. इसके साथ ही बागेश्वर धाम की बात करें तो वहां पर आयोजकों की ओर से मंच भी सजा लिया गया है. जन्मोत्सव कार्यक्रम के पोस्टर और बैनर एक दिन पहले ही लगा दिए गए हैं. इतना ही नहीं, जहां पर जन्मोत्सव कार्यक्रम होना है, उस टिनसेट में कई हजारों भक्तों ने जगह रोक ली है. फिलहाल पुलिस और प्रशासन के सामने बागेश्वर धाम में भीड़ को कंट्रोल करना काफी मुश्किल भरा है ताकि किसी भी प्रकार का हादसा न हो. हालांकि, बागेश्वर बाबा ने एक वीडियो भी जारी किया है. इस वीडियो में उन्होंने सभी भक्तों से घर पर रहकर ही जन्मोत्सव मनाने की अपील की थी. बावजूद इसके जन्मोत्सव के पहले ही बागेश्वर धाम में लोगों का हुजूम उमड़ चुका है और लोग दिल्ली-मुंबई तक से जन्मोत्सव अवसर पर बाबा की एक झलक पाने के लिए आतुर हो रहे हैं. जानिए कौन हैं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री? बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री का पूरा नाम धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री है. वह मध्य प्रदेश राज्य के छतरपुर जिले स्थित बालाजी मंदिर के मुख्य पुजारी हैं और सभाओं में धार्मिक कथाओं का वाचन करते हैं. धीरेंद्र का जन्म 4 जुलाई 1996 को छतरपुर जिले के ही गढ़ा गांव में हुआ था. वह सामान्य गरीब परिवार से आते हैं. उनकी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल से हुई है. शास्त्री कथाओं के साथ अपने ‘दिव्य दरबार’ लगाने के लिए जाने जाते हैं. इस दरबार में बागेश्वर धाम महाराज लोगों के अंतर्मन की बात जानने और उनकी समस्याओं का निदान करने का दावा करते हैं. अंधविश्वास का विरोध करने वाले एक समूह ने महाराष्ट्र की एक सभा में धीरेंद्र शास्त्री से अपनी चमत्कारी क्षमताओं का प्रदर्शन करने के लिए बुलाया था. कहा जाता है कि उस कार्यक्रम में शास्त्री शामिल नहीं हुए थे. नागपुर की अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के श्याम मानव ने धीरेंद्र शास्त्री के दिव्य दरबार को चुनौती दी और उनकी आध्यात्मिक शक्तियों पर सवाल उठाया.  श्याम  मानव ने धीरेंद्र  शास्त्री पर अंधविश्वास को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया. जब मीडिया में विवाद शुरू हुआ, तो शास्त्री ने मानव को अपने दिव्य दरबार में आमंत्रित किया और पूछा कि वह क्या जानना चाहता है? स्वामी रामदेव, सद्गुरु जग्गी वासुदेव, रामभद्राचार्य, साध्वी प्राची, प्रज्ञा ठाकुर और राजनेता गिरिराज सिंह जैसे कई प्रमुख हिंदू धार्मिक नेता शास्त्री के समर्थन में आ गए थे.

SCO शिखर सम्मेलन में चीनी विदेश मंत्री को एस जयशंकर की दो टूक, कहा-LAC का सम्मान जरूरी

नई दिल्ली वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी गतिरोध के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को अस्ताना में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों ही मंत्रियों ने सीमा क्षेत्रों में बाकी मुद्दों के शीघ्र समाधान के लिए प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष सीमा मुद्दों को हल करने के लिए कूटनीतिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से प्रयास बढ़ाने पर सहमत हुए। एस जयशंकर ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा का सम्मान करना और सीमा क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी सम्मान के तीन सिद्धांत भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेंगे। एलएसी को लेकर हुई दोनों देशों के बीच बात विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि बॉर्डर में मौजूदा स्थिति का लंबा खिंचना दोनों पक्षों के हित में नहीं है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईस्टर्न लद्दाख के उन एरिया में भी पूरी तरह डिसइंगेजमेंट पर जोर दिया जहां अभी भी भारत और चीन के सैनिक आमने सामने हैं। बातचीत में कहा गया कि पूरी तरह डिसइंगेजमेटं और सीमा पर सीमा पर शांति और स्थिरता बहाल करने के प्रयासों में और तेजी लानी होगी ताकि द्विपक्षीय संबंध जल्द सामान्य हो सकें। उन्होंने इस पर भी जोर दिया कि दोनों सरकारों के बीच हुए द्विपक्षीय समझौतों, प्रोटोकॉल और समझौतों का पूरी तरह पालन अहम है। लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल का सम्मान किया जाना चाहिए और बॉर्डर एरिया में हमेशा शांति और स्थिरता सुनिश्चित की जानी चाहिए। सैन्य अधिकारियों की मीटिंग्स को जारी रखने पर सहमति दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने अपने कूटनीतिक और सैन्य अधिकारियों की मीटिंग्स को जारी रखने पर सहमति व्यक्त की ताकि बचे हुए मुद्दों को जल्द से जल्द हल किया जा सके। इसके लिए WMCC यानी वर्किंग मेकेनिजम फॉर कंसल्टेशन एंड कॉर्डिनेशन की मीटिंग जल्द बुलाने पर भी सहमति जताई। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत-चीन संबंध आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हितों का पालन करने से मजबूत हो सकते हैं। दोनों मंत्रियों ने वैश्विक स्थिति पर भी बातचीत की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अगले साल चीन की SCO की अध्यक्षता के लिए भारत का समर्थन भी व्यक्त किया। मई 2020 में हुआ था दोनों देशों के बीच तनाव मई 2020 में ईस्टर्न लद्दाख में एलएसी पर भारत और चीन के बीच तनाव शुरु हुआ था, जब चीनी सैनिक कई जगहों पर काफी आगे आ गए थे। तब से अब तक गतिरोध खत्म करने के लिए WMCC की दो दर्जन से ज्यादा मीटिंग हो चुकी हैं और कोर कमांडर स्तर की 21 राउंड मीटिंग हो चुकी हैं। हर मीटिंग के बाद दोनों तरफ से बयान जारी कर कहा गया कि दोनों पक्ष गतिरोध को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और लगातार बातचीत जारी रहेगी साथ ही दोनों पक्ष जमीनी स्तर पर शांति बनाए रखने पर राजी हैं। चार जगहों पर आगे आ गई थी चीनी सेना ईस्टर्न लद्दाख में जब तनाव शुरू हुआ तो चीनी सैनिक चार जगहों पर आगे आ गए थे, जिसके बाद भारतीय सेना ने भी अपनी तैनाती बढ़ाई और चीनी और भारतीय सैनिक एकदम आमने सामने डटे हुए थे। दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर की बातचीत के बाद उन सभी चार जगहों से दोनों देशों के सैनिक पीछे हो गए। यानी वह अब वहां पर आमने सामने नहीं हैं। सबसे पहले पैंगोंग एरिया यानी फिंगर एरिया और गलवान में पीपी-14 में डिसइंगेजमेंट हुआ यानी दोनों देशों के सैनिक आमने सामने से हटकर पीछे गए। फिर गोगरा में पीपी-17 से सैनिक हटे और फिर गोगरा-हॉट स्प्रिंग एरिया में पीपी-15 से सैनिक हटे। जिन जगहों पर डिसइंगेजमेंट हुआ वहां पर नो-पेट्रोलिंग जोन बने हैं। यानी जब तक दोनों देश मिलकर कुछ रास्ता नहीं निकाल लेते तब तक इन चारों जगहों पर 1 किलोमीटर से लेकर 3 किलोमीटर तक का एरिया नो-पेट्रोलिंग जोन है यानी यहां कोई पेट्रोलिंग (गश्ती) नहीं करेगा। इन चारों जगहों पर जहां दोनों देशों के सैनिक आमने सामने थे वह कुछ किलोमीटर पीछे गए, इसे डिसइंगेजमेंट कहा जाता है यानी वे फिलहाल ऐसी स्थिति में नहीं है कि तुरंत झड़प की नौबत आ जाए। हालांकि दोनों देशों के सैनिक अपने अपने इलाके में पीछे की तरफ बढ़ी संख्या में तैनात हैं। डेपसांग और डेमचॉक दो ऐसे पॉइंट हैं जहां अब भी विवाद बना हुआ है। हर मीटिंग में इन दो पॉइंट को लेकर बातचीत हो रही है। हर मीटिंग में भारत की तरफ से यहां पर पहले की तरह स्थिति बहाल करने को कहा जाता रहा है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “आज सुबह अस्ताना में सीपीसी पोलित ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। सीमा क्षेत्रों में शेष मुद्दों के शीघ्र समाधान पर चर्चा की। उस लक्ष्य के लिए कूटनीतिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से प्रयासों को दोगुना करने पर सहमति हुई। एलएसी का सम्मान करना और सीमा क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करना आवश्यक है। आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित हमारे द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेंगे।”  

राजस्थान भजनलाल शर्मा सरकार को आज बड़ा झटका लगा, कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने दिया इस्तीफा

जयपुर  राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार को गुरुवार को बड़ा झटका लगा है। मंत्री मंडल के वरिष्ठ सदस्य डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। डॉ. मीणा के इस्तीफे से भाजपा में खलबली मच गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को पिछले कई दिनों से मनाने की कोशिश कर रहे थे क्योंकि डॉ. मीणा पहले ही कह चुके थे कि वे इस्तीफा देंगे। कई नेताओं ने सोचा था कि यह केवल बयानबाजी है लेकिन मंत्री पद से इस्तीफा देकर डॉ. मीणा ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी चौंका दिया है। यह भी बताया गया है कि डॉ. मीणा ने सरकार को अपना इस्तीफा 20 जून को ही सौंप दिया था। इसी वजह से वो पिछले दिनों हुई सरकार की अहम बैठकों में भी शामिल नहीं हुए। लोकसभा चुनाव में पूर्व राजस्थान में हुई हार की ली जिम्मेदारी हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में पूर्व राजस्थान में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। डॉ. किरोड़ीलाल को पूर्व राजस्थान की सात लोकसभा सीटों की जिम्मेदारी पीएम नरेंद्र मोदी ने दी थी। इन सात सीटों में से तीन सीटों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। दौसा और टोंक लोकसभा क्षेत्र में उनका बड़ा प्रभाव है। चुनाव के दौरान उन्होंने दावा किया था कि दौसा और टोंक में भाजपा प्रत्याशियों की भारी मतों से जीत होगी। अगर भाजपा के प्रत्याशी जीत नहीं पाते हैं तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। भाजपा के प्रत्याशी दोनों ही सीटों पर हार गए। बताया जा रहा है डॉ. किरोड़ी लाल मीणा दो दिन पहले ही मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके थे। किरोड़ीलाल मीणा का 4 जून वाला ट्वीट। लोकसभा चुनाव का परिणाम आने के दिन 4 जून की दोपहर को जब रिजल्ट आने शुरू हुए तो पता चल गया था कि दौसा और टोंक सीट से भाजपा के प्रत्याशी चुनाव हारने वाले हैं। इस स्थिति को देखते हुए डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने ट्वीट किया जिसमें लिखा कि ‘प्राण जाय पर वचन ना जाए।’ डॉ. मीणा के इस ट्वीट से भी भाजपा में खलबली मच गई थी। पार्टी के वरिष्ठ नेता उन्हें मनाने की कोशिशें करते रहे। मीडिया के सामने डॉ. मीणा ने चुप्पी साध ली थी और अब उन्होंने अपना वचन निभाते हुए मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। सरकारी सुविधाएं पहले ही छोड़ चुके डॉ. मीणा लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के दौरान मंत्रियों को सरकारी वाहन नहीं मिला था। चुनाव परिणाम आने के बाद यानी आचार संहिता हटने के बाद सभी मंत्रियों ने सरकारी वाहन और अन्य सुविधाओं का उपयोग शुरू कर दिया था लेकिन डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने ना तो सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया और ना ही अन्य कोई सरकारी सुविधाएं ली। डॉ. मीणा ने सचिवालय स्थित कृषि विभाग के दफ्तर भी जाना छोड़ दिया था। भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में हुई समीक्षा बैठकों में डॉ. मीणा शामिल नहीं हुए। यहां तक कि भाजपा विधायक दल की बैठक और बजट की तैयारी के लिए हुई मंत्रिमंडल और कैबिनेट की बैठकों से भी दूरी बना ली थी। किरोड़ी के इस्तीफे पर विपक्ष लगातार रहा हमलावर लोकसभा चुनाव में दौसा और टोंक सहित अन्य सीटों पर हुई हार के बाद कांग्रेस के नेता डॉ. किरोड़ी लाल मीणा पर लगातार हमलावर रहे। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई नेता बार बार डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को उनका वचन याद दिलाते रहे। ‘रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाय पर बचन न जाय’ के वादे को निभाने को लेकर बयान देते रहे। डोटासरा ने तो यहां तक कि कहा था कि डॉ. मीणा अपने वचन के पक्के हैं। उन्हें इस बार भी बचन निभाना चाहिए। वहीं हुआ, डॉ. मीणा 20 जून को ही अपना इस्तीफा दे चुके। मुख्यमंत्री को इस्तीफा सौंपने के बाद वे दिल्ली भी गए और दिल्ली में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात भी कर चुके।  

राशि में एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि और स्कूटी खरीदने एक लाख रूपए की राशि शामिल है

रायपुर योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चे जो कक्षा 10वीं एवं 12वीं में शिक्षा सत्र 2023-24 में अध्ययनरत तथा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित परीक्षा वर्ष 2023-24 में  टॉप-10 सूची में है, उन्हें इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम से पूर्व पंजीकृत निर्माणी श्रमिकों के मेधावी बच्चों को नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 26 लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान करने के साथ ही उन्हें उच्च शिक्षा के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन मौजूद थे। मुख्यमंत्री साय ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में टॉप 10 में स्थान अर्जित करने वाले पंजीकृत श्रमिकों के 13 मेधावी बच्चों को नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के दो-दो लाख रुपए की सहायता राशि का चेक वितरित प्रदान किए। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मेधावी बच्चों को प्रदान किए गए दो-दो लाख रूपए की राशि में एक लाख रुपए प्रोत्साहन स्वरूप और एक लाख रूपए स्कूटी खरीदने के लिए दिए गए। यहां यह उल्लेखनीय है कि योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को, जो कक्षा 10वीं एवं 12वीं में शिक्षा सत्र 2023-24 में अध्ययनरत तथा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित परीक्षा वर्ष 2023-24 में टॉप-10 सूची में है, उन्हें इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया गया है। ज्ञात हो कि योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चे जो कक्षा 10वीं एवं 12वीं में शिक्षा सत्र 2023-24 में अध्ययनरत तथा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित परीक्षा वर्ष 2023-24 में निर्माण श्रमिक के 13 बच्चे टॉप-10 सूची में है। उन्हें इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया जाएगा। इनमें कक्षा 10वीं में गरियाबंद जिले से कुमारी होनिशा, महासमुंद जिले से कुमारी डेनिसा, रायगढ़ जिले से कुमारी बबीता एवं उमा, सूरजपुर जिले से आयुष कुमार, बलरामपुर जिले से कुमारी अंशिका, जशपुर जिले से कुमारी मीना यादव, राजनांदगांव जिले से कुमारी वंशिका, बालोद जिले से तोषण कुमार, खोमेन्द्र, कुमारी पद्मनि, जिज्ञासा एवं कांकेर जिले से कक्षा 12वीं की छात्रा कुमारी वीदेका का नाम शामिल है।  

पीएम आवास पहुंचे विश्व विजेता, टीम इंडिया संग ब्रेकफास्ट पर मिलें मोदी

नई दिल्ली  भारतीय टी20 वर्ल्ड कप विजेता टीम की मुलाकात पीएम मोदी से हो गई है। वह पीएम आवास से होटल के लिए निकल चुके हैं। होटल पहुंचते ही खिलाड़ी दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे और मुंबई की उड़ान भरेंगे। वहीं होटल में कुछ समय बिताने के बाद, टीम इंडिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने उनके आवास पर गई है। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद, टीम मुंबई के लिए रवाना होगी। मुंबई में शाम 5 बजे से टीम की विक्ट्री परेड होगी, जो 17 साल पहले टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली धोनी की ब्रिगेड की तरह ही होगी। टीम ओपन रूफ बस में नरीमन पॉइंट से वानखेड़े स्टेडियम तक जाएगी। इस दौरान फैंस अपनी टीम का जोरदार स्वागत करेंगे और उनकी जीत का जश्न मनाएंगे। पीएम मोदी के आवास पर भारतीय टीम के स्वागत के लिए पुख्ता इंतजाम किया गया है। यहां भारतीय टीम पीएम मोदी के साथ नाश्ता करेगी। जहां खिलाड़ियों को स्वादिष्ट व्यंजन परोसें जाएंगे। मीडिया में ऐसी खबरें हैं कि टीम इंडिया को दिल्ली के मशहूर छोले भटूरे परोसा गया है। बता दें कि टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली समेत कई प्लेयर्स को छोले भटूरे काफी पसंद है। टीम इंडिया का विक्ट्री परेड प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के बाद टीम इंडिया मुंबई के लिए रवाना होंगी। जहां भारतीय टीम का शाम पांच बजे से विक्ट्री परेड शुरू होगा। इस दौरान टीम इंडिया फैंस के साथ टी20 वर्ल्ड कप जीतने का जश्न मनाएगी। उसके बाद भारतीय टीम के खिलाड़ियों के लिए वानखेड़े स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित किया गया है। जहां टीम को प्राइज मनी भी दी जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद होटल के लिए निकली टीम इंडिया भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद होटल के लिए निकल गए हैं. इसके बाद वे मुंबई के लिए रवाना होंगे. वानखेड़े में दर्शकों को फ्री में मिलेगी एंट्री टीम इंडिया प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद मुंबई निकलेगी. यहां वानखेड़े स्टेडियम में कार्यक्रम रखा गया है. फैंस के लिए अच्छी खबर यह है कि वानखेड़े स्टेडियम में एंट्री फ्री रहेगी. लेकिन इसके जो पहले पहुंचेगा उसे ही जगह मिलेगी. एक बार सभी सीटें फुल हो जाने के बाद गेट बंद हो जाएंगे. टीम इंडिया को नाश्ते में मिले छोले-भटूरे टीम इंडिया को होटेल में नाश्ते में छोले-भटूरे और लस्सी मिले. विराट कोहली के साथ-साथ टीम इंडिया के कई खिलाड़ियों को छोले-भटूरे पसंद हैं.     T-20 वर्ल्ड कप जीतकर टीम इंडिया भारत लौट आई है. दिल्ली एयरपोर्ट पर टीम इंडिया का भव्य स्वागत हुआ. यहां से रोहित ब्रिगेड आईटीसी मौर्या होटल पहुंची. यहां टीम इंडिया के लिए खास नाश्ता तैयार किया गया है. भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को ब्रेकफास्ट में छोले भटूरे, लस्सी और   पूरा देश टीम इंडिया के सत्कार को उत्सुक: केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया टीम इंडिया की बारबाडोस से वतन वापसी पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि बारबाडोस की धरती पर तिरंगा लहराने वाली T20 विश्वकप विजेता हमारी भारतीय टीम का स्वेदश लौटने पर हार्दिक स्वागत. पूरा देश आपके सत्कार के लिए उत्सुक है.     बारबाडोस की धरती पर तिरंगा झंडा लहराने वाली T20 विश्व कप विजेता हमारी भारतीय टीम का स्वदेश लौटने पर हार्दिक स्वागत।  ये हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है, बोले राजीव शुक्ला बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया के स्वदेश लौटने को लेकर कहा कि हर कोई खुश है क्योंकि साउथ अफ्रीका और कई देशों को हराकर आईसीसी T20 वर्ल्ड कप जीतना एक बड़ी उपलब्धि है. मैं सभी खिलाड़ियों, टीम मैनेजमेंट और बीसीसीआई अधिकारियों को इसका श्रेय दूंगा. टीम इंडिया आज एयर इंडिया के निजी चार्टर्ड विमान से लौटी है और आज ही वे मुंबई के लिए रवाना होगी. PM मोदी से मुलाकात के लिए टीम इंडिया प्रधानमंत्री आवास पहुंची PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए वर्ल्ड चैंपियन टीम इंडिया प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पहुंच गई है. बस अब थोड़ी देर में पीएम मोदी की मुलाकात टीम इंडिया से होगी. तारीख 29 जून 2024… भारत ने साउथ अफ्रीका को टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में 7 रनों से हराया. इस तरह भारतीय टीम इस फॉर्मेट में दूसरी बार चैम्प‍ियन बनी. 29 जून को फाइनल मुकाबले में साउथ अफ्रीका को भारत ने रोमांचक अंदाज में मात दी. ब्रिजटाउन (बारबाडोस) के केंसिंग्टन ओवल स्टेडियम में भारत ने इस जीत के जीत के साथ 17 साल बाद टी20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया. टी20 विश्व कप की ट्रॉफी के साथ टीम इंडिया भारत लौट चुकी है। एयरपोर्ट से लेकर होटल आईटीसी मौर्य तक क्रिकेट फैंस ने पूरे उत्साह और जोश के साथ भारतीय खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया। होटल पहुंचने पर कप्तान रोहित शर्मा सहित ऋषभ पंत, सूर्या और हार्दिक जैसे खिलाड़ी भांगड़ा करते नजर आए। टी20 चैंपियन टीम इंडिया गुरुवार को बारबाडोस से भारत लौटी, जहां सैकड़ों प्रशंसकों ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के बाहर लगातार हो रही बूंदाबांदी और कड़ी सुरक्षा के बावजूद टीम इंडिया का भव्य स्वागत किया। दिल्ली में सुबह के समय खराब मौसम के बावजूद, प्रशंसक अपने पसंदीदा खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए एयरपोर्ट के बाहर हाथ में छत्री थामे और राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए कतार में खड़े थे। एयरपोर्ट पर मौजूद एक प्रशंसक ने कहा, “11 साल का इंतजार खत्म हो गया है, इसलिए इसका जश्न भी शानदार होना चाहिए। मैं लक्ष्मी नगर से यहां आया हूं, और सुबह 5 बजे ही एयरपोर्ट पर पहुंच गया था, ताकि हमारे कप्तान ‘इंडिया का राजा’ रोहित शर्मा और टीम की एक झलक देख सकूं।” एक अन्य महिला फैन ने कहा, “हम रात से ही अपने स्टार खिलाड़ियों की राह देख रहे हैं। हम एयरपोर्ट पर सुबह 4 बजे ही आ गए थे।” वहीं, नोएडा से आई एक महिला फैन ने किंग कोहली के साथ एक सेल्फी और दिल्ली में एक रोड शो कराने की ख्वाहिश जताई। तूफान के कारण जीत के तुरंत बाद घर वापस नहीं लौट पाने वाली टीम को तब तक अपने होटल में ही रहना पड़ा जब तक कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक स्पेशल चार्टर फ्लाइट की व्यवस्था नहीं कर दी। एआईसी24डब्ल्यूसी-एयर इंडिया चैंपियंस 24 विश्व कप नाम से एयर इंडिया … Read more

ममता के राज्य में नहीं थम रही भाजपा महिला कार्यकर्ताओं को निर्वस्त्र करने और पीटने की घटना

कोलकाता पश्चिम बंगाल में महिला नेता के खिलाफ एक और हिंसा की शर्मनाक घटना सामने आई है। बुधवार को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के जगतदल में एक भाजपा महिला कार्यकर्ता को कथित तौर पर निर्वस्त्र कर धारदार हथियार से हमला किया गया। इस दौरान वह सिर में चोट लगने के कारण बुरी तरह घायल हो गई। घायल अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसने मीडिया को इस घटना के बारे में विस्तार से बताया है। भाजपा की महिला नेता ने बताया कि जब वह पानी लेने गई थी, तब तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उस पर हमला किया। भाजपा नेता ने तृणमूल पर 4 जून को लोकसभा चुनाव में रिजल्ट सामने आने के बाद क्षेत्र में उपद्रव मचाने और भाजपा कार्यकर्ताओं को धमकाने का आरोप लगाया। बैरकपुर के तृणमूल नेता सोमनाथ श्याम ने कहा कि यह घटना राजनीतिक नहीं थी। टीएमसी नेता ने कहा, “यह मामला ईएसआई स्लम क्षेत्र का है। मुस्लिम महिलाओं के बीच पानी को लेकर विवाद शुरू हुआ। इसका किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं है। आपको बता दें कि हाल ही में पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटना के लिए विपक्ष के द्वारा सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को दोषी ठहराया गया था। अल्पसंख्यक समुदाय की एक महिला को भाजपा से लगाव रखने के कारण कूचबिहार के माथाभांगा क्षेत्र में कथित तौर पर निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया था। इसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने कूचबिहार का दौरा किया और महिला से मुलाकात की थी। बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने भी उनसे मुलाकात की थी। बंगाल पुलिस ने उनका बयान दर्ज कर लिया है। इस बीच उत्तरी दिनाजपुर जिले के चोपड़ा में कंगारू कोर्ट में एक जोड़े को कोड़े मारने के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।    

बालाघाट में मिले सबसे अधिक 45 सारस, हर साल होने वाली सारस गणना के नतीजे सामने आये

बालाघाट पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण और संवर्द्धन के मकसद से हर साल होने वाली सारस गणना के नतीजे सामने आ गए हैं। दो राज्यों के तीन जिलों में हुई इस गणना में बालाघाट जिले में इस बार भी सर्वाधिक 45 सारस मिले हैं। हालांकि, पिछले साल की गणना की तुलना में इस बार तीन सारस कम मिले हैं। बीते साल 48 सारस थे बालाघाट में 2023 की गणना में बालाघाट में कुल 48 सारस मिले थे। महाराष्ट्र के गोंदिया में इस गणना में 28 और भंडारा में चार सारस मिले हैं। वन्यजीव प्रेमी रवि पालेवार ने बताया कि सेवा संस्था के अध्यक्ष सावन बहेकार व सारस संरक्षण प्रकल्प प्रभारी सेवा संस्था सदस्य के मार्गदर्शन, उत्तर-दक्षिण वन मंडल बालाघाट, जिला पुरातत्व एवं संस्कृति परिषद, बालाघाट एवं सारस मित्रों के सहयोग से सारस गणना-2024 हुई है। करीब छह दिनों तक चली इस गणना में बालाघाट जिले में लगभग 70 जगहों पर सेवा संस्था के सदस्य, किसान, सारस मित्र तथा वन विभाग बालाघाट के अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा सारस गणना को अंजाम दिया। बालाघाट में गणना के लिए बनाई गई 25 टीमें जानकारी के अनुसार, बालाघाट जिले में सारस गणना के लिए 25 टीम बनाई गई थी। हर प्रत्येक में करीब चार सदस्य थे, जिन्होंने सारस के विश्रांती स्थल पर सुबह पांच से नौ बजे तक विविध स्थानों पर प्रत्यक्ष जाकर गणना की। पालेवार ने बताया कि सारस मित्र साल भर सारस के विश्राम स्थल, प्रजनन अधिवास तथा भोजन के लिए उपयुक्त भ्रमण मार्ग का सर्वे करते हैं। सारस पक्षी के अधिवास के आसपास रहने वाले किसानों को सारस का महत्व बताकर उसके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रेरित किया जाता है। स्कूल, कॉलेजों में विद्यार्थियों को पर्यावरण एवं सारस संवर्धन एवं संरक्षण से संबंधित कार्यक्रमों के माध्यम से सारस संरक्षण अभियान से जोड़ा जाता है। सारस के जोड़े अधिवास तथा भोजन के लिए दोनों राज्यों में समान रूप से विचरण करते हैं। 60 से ज्यादा स्थानों में पहुंची टीम बालाघाट जिले में 25 टीम के सदस्यों ने 60 से ज्यादा स्थानों पर प्रकल्प प्रभारी सावन बहेकार के मार्गदर्शन में गणना की। आंकड़ों की विश्वसनीयता एवं सारस की उपस्थिति पर संदेह की गुंजाइश न रहे, इसके लिए 26 से 30 जून तक रोज सुबह एवं शाम सभी सारस अधिवास पर जाकर सारस की स्थिति का जायजा लिया गया, जिसमें खेत, तालाब, नदियों पर जाकर स्थानीय लोगों से भी चर्चा भी की गई। महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में 23 जून को सेवा संस्था सदस्य, वन विभाग गोंदिया, किसान, सारस मित्र के सहयोग से 31 टीम के सदस्यों ने करीब 80 स्थानों पर सारस गणना की। भंडारा जिले में भी 23 जून को ही वन विभाग भंडारा, सेवा संस्था, सारस मित्रों के सहयोग से 30 टीम बनाकर सारस गणना को अंजाम दिया गया। वार्षिक सारस गणना में इनका रहा योगदान सारस गणना अभियान में कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, डीएफओ अभिनव पल्लव का सहयोग प्राप्त हुआ। इस अभियान में सेवा संस्था से सावन बहेकार, अविजित परिहार, एसडीओ विनिता बामणे, वन परिक्षेत्र अधिकारी धर्मेंद्र बिसेन, जिला पुरातत्व एवं संस्कृति परिषद, रवि पालेवार, अभय कोचर, खगेश कावरे, शशांक लाडेकर, कन्हैया उदापुरे, डिलेश कुसराम, विशाल कटरे, प्रशांत मेंढे, प्रवीण मेंढे, विकास फरकुंडे, बबलू चुटे, मधु डोये, नीलू डोये, कैलाश हेमने, लोकेश भोयर, पप्पू बिसेन, बसंत बोपचे, राहुल भावे, रतिराम क्षीरसागर, निशांत देशमुख, सिकंदर मिश्रा, श्री नखाते, प्रवीण देशमुख, अमित बेलेकर, पवन सोयम सहित अन्य का अहम योगदान रहा।

वतन लौटे चैंपियंस का जोरदार वेलकम, एयरपोर्ट से होटल तक गूंजा इंड‍िया-इंड‍िया

नई दिल्ली T20 वर्ल्ड कप विजेता टीम इंडिया वतन लौट आई है. टीम के भारत लौटने पर क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह है. दिल्ली एयरपोर्ट से लेकर आईटीसी मौर्या होटल तक प्रशंसक अपने खिलाड़ियों के लिए पलक-पावड़ें बिछाए हुए हैं. होटल पहुंचने पर ढोल-नगाड़ों से टीम इंडिया का स्वागत किया गया. ऐसे में चर्चा में बना हुआ है एक केक. आईटीसी मौर्या होटल ने टीम इंडिया की जीत के मौके पर एक स्पेशल केक तैयार किया है. ये केक टीम इंडिया की जर्सी के रंग का है. इस केक की खास बात ये है कि इसे पूरी तरह से टीम इंडिया की जीत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. केक का खास अट्रैक्शन उस पर लगी T20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी है, जो दिखने में तो असली लगती है लेकिन इसे पूरी तरह से चॉकलेट से तैयार किया गया है. केक पर खिलाड़ियों की खास तस्वीरें भी लगाई गई है. साथ ही इस पर बीसीसीआई का लोगो भी दिखाया गया है. केक पर लिखा गया है, Big Winners Congratulations… आईटीसी मौर्या के एग्जिक्यूटिव शेफ शिवनीत पहोजा का कहना है कि हमने वर्ल्ड चैंपियन टीम के लिए विशेष तौर पर ब्रेकफास्ट तैयार किया है. ये खिलाड़ी काफी समय से टूर पर थे और जीतकर वापस आए हैं. ऐसे में हम इन्हें स्पेशल ब्रेकफास्ट ऑफर करेंगे, खासकर ऐसी चीजें जो वो पसंद करते हैं और जिसके बारे में वे लगातार बात करते हैं. जैसे छोले भटूरे हैं. हमने मिलेट्स के पकवानों को भी शामिल किया है. इसके साथ ही हमने खिलाड़ियों की सेहत को ध्यान में रखते हुए भी कई पकवान शामिल किए हैं. उन्होंने कहा कि हमने चॉकलेट को भी उनके लिए खासतौर पर तैयार किया है. उनके होटलों के कमरों में भी चॉकलेट से बने ऐसे कई सामान होंगे, जो उन्हें पसंद आएंगे. टीम इंडिया 4 जुलाई संभावित शेड्यूल 06:00 बजे: दिल्ली एयरपोर्ट पर आगमन 06:45 बजे: आईटीसी मौर्या, दिल्ली में आगमन 09:00 बजे: आईटीसी मौर्या से पीएम कार्यालय के लिए प्रस्थान 10:00 – 12:00 बजे: पीएम कार्यालय में समारोह 12:00 बजे: आईटीसी मौर्या के लिए प्रस्थान 12:30 बजे: आईटीसी मौर्या से एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान 14:00 बजे: मुंबई के लिए प्रस्थान 16:00 बजे: मुंबई एयरपोर्ट पर आगमन 17:00 बजे: वानखेड़े स्टेडियम में आगमन 17:00 – 19:00 बजे: खुली बस परेड 19:00 – 19:30 बजे: वानखेड़े स्टेडियम में छोटा समारोह 19:30 बजे: होटल ताज, अपोलो बंदर के लिए प्रस्थान कुछ ही देर में पीएम मोदी से मुलाकात कुछ ही देर में भारतीय खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ होटल से पीएम आवास के लिए रवाना होंगे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उन्हें नाश्ता करना है। इसके बाद टीम इंडिया मुंबई की उड़ान भरेगी।  बिन्नी भी पहुंचे होटल 1983 वर्ल्ड कप विनिंग टीम का हिस्सा और मौजूदा बीसीसीसीआई अध्यक्ष रॉजर बिन्नी भी आईटीसी मौर्या होटल पहुंच गए हैं। टीम इंडिया के जश्न में रॉजर बिन्नी शामिल होने पहुंचे हैं।  सूर्या के अलावा रोहित-हार्दिक ने भी किया भांगड़ा  टीम इंडिया के होटल पहुंचने के बाद कप्तान रोहित शर्मा, उप-कप्तान हार्दिक पांड्या, ऋषभ पंत और मोहम्मद सिराज ने भी भांगड़ा किया। भारतीय टीम कुछ ही देर में पीएम मोदी से मिलने के लिए रवाना होगी।  कोहली का परिवार पहुंचा होटल  विराट कोहली से मिलने उनकी बहन का परिवार दिल्ली के आईटीसी मौर्या होटल पहुंचा है। उन्होंने होटल में जाकर कोहली और उनके वर्ल्ड कप मेडल के साथ कुछ फोटो क्लिक करवाई। कोहली अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा और बच्चों से मुंबई में आज शाम मिलेंगे। चौथी बार वर्ल्ड कप भारत के नाम T20 वर्ल्ड कप 2024 में भारतीय टीम ने इतिहास रचते हुए दूसरी बार खिताब अपने नाम कर लिया है. फाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत ने 7 रनों से जीत दर्ज की थी. इससे पहले भारतीय टीम 2007 T20 वर्ल्ड कप जीत चुकी है. वहीं वनडे में 1983 और 2011 वर्ल्ड कप जीता है. इस बार वर्ल्ड कप जीतने के बाद विराट कोहली, कप्तान रोहित शर्मा और स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने T20 इंटरनेशनल से संन्यास लेने का ऐलान किया था.  

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का शेड्यूल तैयार, लाहौर में इस दिन होगी भारत-पाकिस्तान टक्कर

नई दिल्ली पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने चैंपियंस ट्राफी के अस्थायी कार्यक्रम में अपनी टीम का चिर प्रतिद्वंद्वी भारत के खिलाफ मैच अगले साल एक मार्च को रखा है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अभी तक इस पर सहमति नहीं दी है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) बोर्ड के एक सीनियर सदस्य ने बुधवार को पीटीआई को यह जानकारी दी। टूर्नामेंट अगले साल 19 फरवरी से नौ मार्च तक खेला जाएगा जिसमें 10 मार्च ‘रिजर्व डे’ होगा। लाहौर में रखे गए भारत के मैच पता चला है कि पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने 15 मैच का कार्यक्रम सौंप दिया है जिसमें भारत के मैच सुरक्षा और ‘लाजिस्टिकल’ कारणों से लाहौर में ही रखे गए हैं। नकवी को टी20 वर्ल्ड कप फाइनल देखने के लिए बारबाडोस में आमंत्रित किया गया था। आईसीसी बोर्ड के सदस्य ने कहा, ”पीसीबी ने आईसीसी चैंपियंस ट्राफी के 15 मैच के कार्यक्रम का मसौदा सौंप दिया है जिसमें सात मैच लाहौर में, तीन मैच कराची में और पांच मैच रावलपिंडी में रखे गए हैं।” फाइनल लाहौर में कराया जाएगा सूत्र ने कहा, ”पहला मैच कराची में रखा गया है जबकि दो सेमीफाइनल कराची और रावलपिंडी में जबकि फाइनल लाहौर में कराया जाएगा। भारत के सभी मैच (टीम के क्वालीफाई करने के स्थिति में सेमीफाइनल सहित) लाहौर में रखे गए हैं।” भारत को ग्रुप ए में पाकिस्तान, बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के साथ रखा गया है। ग्रुप बी में आस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और अफगानिस्तान शामिल हैं। हाल में आईसीसी के टूर्नामेंट प्रमुख क्रिस टेटले ने पीसीबी चेयरमैन नकवी से इस्लामाबाद में मुलाकात की थी। इससे पहले विश्व संस्था की सुरक्षा टीम ने स्थल और अन्य इंतजामों का मुआयना किया था। बीसीसीआई कब करेगा अपडेट? पिछली बार पाकिस्तान ने 2023 में ‘हाइब्रिड मॉडल’ के हिसाब से एशिया कप की मेजबानी की थी जिसमें भारत ने अपने मैच श्रीलंका में खेले थे क्योंकि सरकार ने खिलाड़ियों को सीमा के बाहर यात्रा करने की अनुमति नहीं दी थी। सूत्र ने कहा, ”आईसीसी चैंपियंस ट्राफी के प्रतिभागी देशों के (बीसीसीआई के इतर) सभी बोर्ड प्रमुखों ने पूरा समर्थन दिया है लेकिन बीसीसीआई सरकार से सलाह मश्विरा करके आईसीसी को अपडेट करेगा।” वहीं आईसीसी किसी भी बोर्ड को अपनी सरकार की नीति के खिलाफ जाने के लिए बाध्य नहीं कर सकता जिससे यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मामले में बीसीसीआई कब फैसला करता है।  

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