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पीएम नरेंद्र मोदी के सामने नायडू ने मांग रखी कि आंध्र प्रदेश के लिए अलग से बजट आवंटित किया जाए

नईदिल्ली आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू दो दिनों के दिल्ली दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी से 20 मिनट की मुलाकात की। मीटिंग का वक्त भले ही कम था, लेकिन चंद्रबाबू नायडू की डिमांड लिस्ट बहुत लंबी थी। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के सामने मांग रखी कि आंध्र प्रदेश के लिए अलग से बजट आवंटित किया जाए। इसके अलावा अलग-अलग मंत्रालय भी अपनी परियोजनाओं में आंध्र प्रदेश को प्राथमिकता दें। इसी के तहत उन्होंने सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई मंत्रियों से मुलाकात की। केंद्र की एनडीए सरकार में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाले चंद्रबाबू नायडू इस बात का अहसास है कि आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिल सकता। ऐसे में उनकी मांग स्पेशल पैकेज पर आ गई है। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने पीएम मोदी से आंध्र पर 13 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का मुद्दा उठाया। नायडू ने कहा कि ऐसी स्थिति पहले की जगन मोहन रेड्डी सरकार के दौर में बनी, जबकि राज्य में कोई इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तैयार नहीं हुआ है। नायडू ने इस मीटिंग में लंबी डिमांड लिस्ट रखते हुए कहा कि पोलावरम सिंचाई परियोजना के लिए भी मोदी सरकार रुके हुए फंड को जारी करे। उनकी एक बड़ी मांग यह भी थी कि अमरावती को राजधानी के तौर पर तैयार करना है। उसके लिए फंड की कमी है। इसलिए मोदी सरकार की ओर से यदि मदद मिल जाए तो यह काम तेजी से पूरा हो सकेगा। इसके अलावा राज्य में सड़कों, बांध, पुलों, सिंचाई परियोजनाओं के तेजी से विकास के लिए उन्होंने अलग से पैकेज की मांग की है। उनका कहना था कि बुंदेलखंड के लिए सरकार ने जिस तरह से अलग परियोजना तैयार की और स्पेशल पैकेज जारी किया गया। उसी तरह आंध्र प्रदेश को लेकर भी विचार किया जाए। गडकरी शिवराज को भी सौंप दिया मांग पत्र पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद नायडू ने सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने राज्य में हाईवेज के विकास के लिए फंड की मांग की। कई परियोजनाओं का खाका भी नितिन गडकरी के सामने पेश किया। यही नहीं इसके बाद उन्होंने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी बात की। कहा जा रहा है कि शुक्रवार को वह कुछ और मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह मांग करेंगे कि मंत्रालयों की ओर से आंध्र के लिए भी स्पेशल योजनाएं तैयार की जाएं।  

आज 1.29 करोड़ों लाड़ली बहनों को मिलेगी Ladli Behna Yojna की क़िस्त, खाते में आएंगे इतने रुपए

भोपाल मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए अच्छी खबर है, उनके बैंक खातों में आज यानि शुक्रवार को 1250 रुपये राशि आ जाएगी। यह राशि मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘लाड़ली बहना योजना’ के तहत आएगी। इस बार आने वाली राशि योजना की 14वीं किस्त होगी। यह खुशखबरी खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से दी है। योजना के तहत सरकार बहनों के खातों में 1250 रुपए अंतरित (ट्रांसफर) करेगी। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार इस बार 5 जुलाई को लाड़ली बहना योजना की 14वीं किस्त बहनों के खातों में ट्रांसफर कर रही है। 14वीं किस्त के रूप में 9 हज़ार 455 करोड़ से अधिक की राशि बहनों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर ट्वीट किया कि हमारा प्रण, महिला सशक्तिकरण। मेरी लाड़ली बहनों, 5 जुलाई को आपके खातों में 1250 रुपए की 14वीं किस्त अंतरित करुंगा। आप सभी को मेरी ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। शिवराज सिंह चौहान ने जारी की थी योजना आपको बता दें कि प्रदेश में महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू किए गए लाड़ली बहना योजना की पहली किश्त 10 जून 2023 को महिलाओं के खातों में आई थी। आरंभ में मुख्‍यमंत्री लाड़ली बहना योजना के बहनों को प्रतिमाह 1000 रुपए ट्रांसफर किए जाते रहे, लेकिन तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने रक्षाबंधन के पर्व इसे बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया। कल 3 जुलाई को विधानसभा में पेश किए गए मोहन सरकार के पहले बजट में लाड़ली बहना योजना के बजट राशि में कोई वृद्धि नहीं की गई है। योजना के लिए 18984 करोड़ का प्रावधान दिया है। इसके एक दिन बाद सीएम ने 14वी किस्त भेजने का ऐलान कर दिया है। लाड़ली बहना योजना की 14वीं किस्त गौरतलब है कि लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत सरकार हर महीने 1250 रुपए की किस्त जारी की जाती है, जो सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक खाते में भेजी जाती है। सरकार हर महीने की 10 तारीख को सहायता राशि ट्रांसफर करती है, लेकिन 14वीं किस्त 5 जुलाई यानी आज जारी करेगी। करीब 1 करोड़ 29 लाख महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं।

खंडवा से Indian Mujahideen का आतंकी गिरफ्तार, खंडवा से एमपी ATS ने किया गिरफ्तार

खंडवा  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खंडवा जिले (Khandwa district) से पकड़े गए आतंकवादियों (Terrorists) के पास से पुलिस को कई चौंकाने वाले सामान और जानकारियां मिली हैं। ATS IG, डॉक्टर आशीष ने इन आतंकियों के बारे में कई जानकारियां दी हैं। आईजी, एटीएस ने कहा, ‘सुबह हमें अपने विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली की खूंखार आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (Indian Mujahideen terrorist organization) मानसिकता से ग्रसित एक शख्स बड़े हमले की तैयारी में है। हम इसपर काम कर रहे थे और इनपुट के आधार पर हमने एक आतंकवादी फैजान और उसके पिता हानिफ शेख को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों कंजार मोहल्ला, खंडवा के रहने वाले हैं। उन्हें UAPA (Unlawful Activities (Prevention) Act के विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से कई जिहादी साहित्य मिले हैं। इसके अलावा 4 मोबाइल फोन, 1 पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। इनके पास से SIMI के सदस्यता फॉर्म भी मिले हैं। इनके पास से जो मोबाइल और अन्य डिजिटल डिवाइस मिले हैं उनमें इंडियन मुजाहिदीन, आईएसआईएस, लश्कर-ए-तैयबा समेत अन्य आतंकी संगठनों के वीडियो और फोटो मिले हैं। इस मामले की जांच जारी है। अभी पुलिस को इनसे कई जानकारियां मिली हैं और आगे की जांच की जा रही है।’ ATS ने खंडवा में सुबह करीब 4 बजे बड़ी कार्रवाई की. जांच एजेंसी ने खंडवा की सलूजा कॉलोनी और गुलमोहर कॉलोनी में छापे मारे. युवकों के परिजनों और क्षेत्रवासियों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी के आठ से ज्यादा जवान हथियारबंद थे. उन्होंने घर की तलाशी लेकर परिवार के सभी मोबाइल भी जब्त किए हैं. जब्त मोबाइल और डिजिटल डिवाइस में आतंकी संगठनों इंडियन मुजाहिद्दीन, आईएसआईएस, जैश ए मोहम्मद, लश्कर ए तैयबा, जेहादी साहित्य, वीडियो मिले हैं. गिरफ्तार आतंकी के प्रतिबंधित संगठन सिमी के सदस्यों से संपर्क मिले हैं. ATS आईजी डॉ आशीष ने यह जानकारी दी. गौरतलब है कि खंडवा के अब्दुल रकीब कुरैशी को भी पिछले साल बंगाल एसटीएफ और एनआइए कोलकाता ने उठाया था. उसके संबंध प्रतिबंधित संगठन सिमी और आईएसआईएस से जुड़े होने की आशंका थी. अब बताया जा रहा है कि फैजान और नाबालिग भी इन संगठनों के करीब हैं. दूसरी ओर, खंडवा आए आईजी अनुराग से जब कार्रवाई के संबंध में पूछा गया तो उनका कहना था कि इसके बारे में हमें अभी कोई जानकारी नहीं है. एनआईए केंद्र सरकार के अधीन है. वह दिल्ली से ही काम करती है. उसके अलग-अलग यूनिट होते हैं. उसी प्रकार एमपी में एटीएस का मुख्यालय पीएचक्यू है. अगर वहां से कुछ कार्रवाई हुई हो तो उसे पता कर रहे हैं. पुलिस ने यह बताया कि आरोपी अपने फेसबुक आईडी पर इंडियन मुजाहिद्दीन से संबंधित जिहादी पोस्ट कर आईएम और आईएसआईएस की विचारधारा का प्रचार-प्रसार कर रहा था। वो फेसबुक पर आतंकी कैंपों का वीडियो और कंधार विमान अपहरण की कहानी कौन था निशाने पर पुलिस ने बताया कि आंतकी की लोन वुल्फ अटैक की योजना थी और उसके निशाने पर सुरक्षा बल के जवान थे। फैजान द्वारा लोन वुल्फ अटैक करने की योजना थी, जिसके लिए सुरक्षा बल के जवानों एवं उनके परिजनों की निगरानी एवं रेकी की जा रही थी। इसके द्वारा ऐसा हमला कर स्‍वयं को इंडियन मुजाहिदीन के यासीन भटकल एवं सिमी सरगना अबू फैजल की तरह बड़ा मुजाहिद सिद्ध करना था। अपनी योजना को अंजाम देने के लिए इसके द्वारा स्‍थानीय अवैध हथियार कारोबारी तथा राज्‍य के बाहर के लोगों से सम्‍पर्क कर पिस्‍टल एवं कारतूस एकत्र किए जा रहे थे। प्रकरण में आरोपी की पुलिस रिमांड लेकर अग्रिम पूछताछ की जा रही है एवं इसके अन्य सहयोगियों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। सेक्युरिटी फोर्स पर अटैक थी योजना एटीएस के अधिकारियों ने बताया कि उन लोगों को इनपुट मिला था कि एक शख्स इंडियन मुजाहिदीन के मॉड्यूल पर काम कर रहा है. इसके साथ ही सेक्युरिटी फोर्स पर अटैक की भी योजना बनाई जा रही थी. सुरक्षा बल कर्मियों के परिजनों को निशाने पर लेने की तैयारी की जा रही थी. आरोपी यासीन भटकल और अबू फैजल बनना चाह रहा था. पकड़े गए आरोपी की तार कोलकाता के आतंकी मामले से जुड़ने की संभावना है. लगभग एक साल पहले रकीब नाम के युवक को एटीएस ने दबोचा था. गिरफ्तार आरोपी का उससे संपर्क बताया जा रहा है.

Hathras पीड़ित परिवारों से मिलकर बोले Rahul Gandhi, ‘राजनीति नहीं होनी चाहिए, प्रशासन की गलती है’

हाथरस कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार सुबह हाथरस पहुंचे. यहं उन्होंने भगदड़ पीड़ित से मुलाकात की. उन्होंने इससे पहले अलीगढ़ पहुंचकर भी पीड़ितों से मुलाकात की थी.   उन्होंने हाथरस के ग्रीन पार्क में पीड़ितों से मुलाकात की. सभी पीड़ित इसी पार्क में इकट्ठा हुए थे. वह भगदड़ में जान गंवा चुकी मुन्नी देवी और आशा देवी के साथ घायल माया देवी से मिले. ये सभी हाथरस के नवीपुर खुर्द के रहने वाले हैं. राहुल गांधी इस हादसे में दम तोड़ चुकी ओमवती के परिवार के लोगों से भी मिले. बता दें कि इस हादसे में जान गंवाने वालों में हाथरस जिले के बीस और शहर के दस लोग शामिल हैं. राहुल गांधी ने क्या कहा? हाथरस पीड़ितों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि बहुत परिवारों को नुकसान हुआ है, बहुत लोगों की मौत हुई है. मैं इसको राजनीतिक प्रिज्म से नहीं कहना चाहता हूं. मगर प्रशासन की कमी तो है, गलतियां तो हुई हैं. ये पता लगाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि लेकिन सबसे जरूरी बात ये है कि मुआवजा सही मिलना चाहिए क्योंकि ये गरीब परिवार हैं और मुश्किल का समय है इनके लिए. तो मुआवजा ज्यादा से ज्यादा मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं कि पीड़ितों को दिल खोलकर मुआवजा देना चाहिए. ये गरीब लोग है, इनको पैसे की जरूरत है. अगर पैसा एक साल बाद देंगे तो इसका कोई फायदा नहीं होगा. वहां पुलिस की तरफ से व्यवस्था सही नहीं थी, ऐसा परिवार वालों ने बताया है. जो चिंता की बता है. राहुल गांधी शुक्रवार सुबह अलीगढ़ के पिलखना गांव पहुंचे थे, जहां उन्होंने यहां प्रेमवती के परिवार और शांति देवी के बेटे से मुलाकात की. राहुल गांधी पिलखना गांव के जिस घर पहुंचे थे, वहां हाथरस भगदड़ में घायल हो चुके दो पीड़ित परिवार के लोग भी मौजूद थे. राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों से क्या कहा? राहुल गांधी ने अलीगढ़ पहुंचकर पीड़ितों को आश्वासन दिया है कि वह संसद में इस मामले को उठाएंगे और उन्हें न्याय दिलाने की कोशिश करेंगे. अलीगढ़ में एक पीड़ित परिवार की सदस्य ने बताया कि राहुल गांधी ने हमें मदद का आश्वासन दिया था. उन्होंने कहा कि पार्टी के माध्यम से हमारी पूरी मदद की जाएगी. उन्होंने हमसे पूरी घटना के बारे में पूछा कि घटना कैसे हुई थी. अलीगढ़ में भगदड़ पीड़ितों ने क्या कहा? राहुल गांधी ने अलीगढ़ के पिलखना गांव पहुंचकर हाथरस की भगदड़ में दम तोड़ चुकी प्रेमवती की बहू सोनिया से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद सोनिया ने आज तक को बताया कि मेरी सास में अंधविश्वास भरा हुआ था. अब अंधविश्वास का पर्दा हट गया. वो भगवान होता तो क्या अपने भक्तों को नहीं बचाता? हमने अपनी सास की मौत के बाद बाबा की फोटो उठाकर फेंक दी है. हाथरस में 3 पीड़ित परिवारों से मिलेंगे राहुल गांधी राहुल अलीगढ़ से सीधे हाथरस पहुंचेंगे, जहां वह तीन पीड़ित परिवारो से मिलेंगे. वह हाथरस भगदड़ में जान गंवा चुकीं मुन्नी देवी और आशा देवी के साथ घायल माया देवी के परिवार से भी मुलाकात करेंगे. बता दें कि मुन्नी देवी और आशा देवी हाथरस के नवीपुर खुर्द की रहने वाली हैं. वह इस हादसे में जान गंवा चुकी मुन्नी देवी, आशा देवी और घायल माया देवी के परिवार से मिलेंगे. वह जिला अस्पताल में  भर्ती हैं. राहुल गांधी के इस दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. उत्तर प्रदेश के हाथरस में इस सप्ताह की शुरुआत में एक धार्मिक आयोजन में भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हो गई थी. मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. इस घटना में स्वयंभू भगवान ‘भोले बाबा’ उर्फ ​​नारायण साकार हरि की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. आयोजन समिति से जुड़े छह लोग गिरफ्तार उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुरुवार को कार्यक्रम की आयोजन समिति से जुड़े छह लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस की आंतरिक जांच रिपोर्ट में प्रबंधन और सुरक्षा प्रोटोकॉल में गंभीर खामियों को पता चला है. मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर पर 1 लाख का इनाम हाथरस हादसे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईजी शलभ माथुर ने कहा कि मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर पर एक लाख का इनाम रखा गया है. पुलिस जल्द ही कोर्ट से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करवाएगी. आईजी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो भोले बाबा से पूछताछ की जाएगी. बाबा का रोल सामने आया, तो उसके खिलाफ करवाई की जाएगी. हालांकि FIR में भोले बाबा का नाम नहीं है. लेकिन भोले बाबा के अपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है. उनके फॉलोअर्स हर शहर में हैं, ऐसे में कई शहरों में पुलिस की टीमें लगी हुई हैं. बाबा ने नौकरी से वीआरएस लिया था, न्यायिक आयोग इसमें प्रशासनिक लापरवाही की जांच करेगा. आईजी ने कहा कि जिन आरोपियों को पूछताछ के बाद अरेस्ट किया गया है, वह आयोजन समिति के मेंबर हैं. आरोपी घटना के बाद मौके से फरार हो गए थे. पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें 2 महिलाएं शामिल हैं. आरोपी खुद ही क्राउड मैनेजमेंट का काम करते थे. इस काम के लिए प्रशासन का हस्तक्षेप इन्हें स्वीकार नहीं था. वहीं, जिला मजिस्ट्रेट आशीष कुमार ने कहा कि भगदड़ के बाद 21 शवों को आगरा, 28 को एटा, 34 को हाथरस और 38 को अलीगढ़ ले जाया गया. उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को हाथरस त्रासदी की जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया, जो इस संभावना की भी जांच कर रहा है कि भगदड़ के पीछे कोई साजिश थी. पैनल दो महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा.  

लेबर पार्टी 318 से अधिक पर विजय, ऋषि सुनक की ऐतिहासिक हार

लंदन ब्रिटेन चुनाव के लिए शुक्रवार को वोटों की गिनती जारी है. एग्जिट पोल के अनुरूप मुख्य विपक्षी लेबर पार्टी प्रचंड जीत की ओर बढ़ रही है. शुरुआती नतीजों में लेबर पार्टी 318 सीटें जीत चुकी हैं जबकि सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी अभी तक सिर्फ 67 सीटें ही जीत पाई है. अभी तक 650 में से 454 सीटों पर नतीजों का ऐलान किया जा चुका है. लिबरल डेमोक्रेट्स ने अभी तक 32 सीटों, स्कॉटिश नेशनल पार्टी ने चार सीटों और रिफॉर्म यूके ने चार सीटों पर जीत दर्ज की है. जबकि ग्रीन पार्टी अभी तक एक ही सीट पर जीत हासिल कर पाई है. – प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने आम चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बीच अपनी हार स्वीकार कर ली है. उन्होंने इस हार की खुद जिम्मेदारी ली है. उन्होंने कहा कि मैं इस हार की जिम्मेदारी लेता हूं और किएर स्टार्मर को जीत की बधाई देता हूं. – स्कॉटलैंड में भी लेबर पार्टी की प्रचंड जीत के आसार हैं. सूत्रों के मुताबिक, वहां लेबर पार्टी 30 से अधिक सीटें जीत सकती है. लेबर पार्टी के स्कॉटिश नेता अनस अनवर ने कहा कि हमें पूरा यकीन हैं कि हम स्कॉटलैंड में भी बहुमत हासिल करेंगे. यह बदलाव का दौर है. हमारी पहली प्राथमिकता 14 साल के कंजर्वेटिव सरकार के शासन को खत्म करना है, जिससे देश को नुकसान पहुंचा है. महत्वपूर्ण काम कल से शुरू होगा. हमारा अगला कदम 2026 में स्कॉटिश संसदीय चुनाव पर ध्यान केंद्रित करना होगा. – लेबर पार्टी के नेता किएर स्टार्मर ने कहा कि मतदाताओं ने फैसला सुना दिया है कि वे बदलाव के लिए तैयार हैं. स्टार्मर अपनी सीट पर भी चुनाव जीत गए हैं. पार्टी की जीत के बाद वह देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे. – मतगणना के शुरुआती नतीजों के मुताबिक, लेबर पार्टी के नेता किएर स्टार्मर का प्रधानमंत्री बनना तय नजर आ रहा है. वहीं, हार की आशंका के बीच ऋषि सुनक ने ऐलान कर दिया है कि वह कल प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे. – इससे पहले वोटिंग खत्म होने के बाद एग्जिट पोल में भी लेबर पार्टी की प्रचंड जीत का अनुमान जताय गया था. बीबीसी-इप्सोस एग्जिट पोल में किएर स्टार्मर (Keir Starmer) के नेतृत्व वाली लेबर पार्टी के 410 सीटें जीतने का दावा किया गया जबकि मौजूदा पीएम ऋषि सुनक के नेतृत्व वाली कंजर्वेटिव पार्टी को महज 131 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया. बहुमत के लिए क्या है आंकड़ा? 650 सांसदों वाले सदन (हाउस ऑफ कॉमन्स) में बहुमत की सरकार बनाने के लिए किसी पार्टी को 326 सीटों की आवश्यकता होती है. हार का संकेत मिलने के बाद प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. एग्जिट पोल के अनुमान अगर वास्तविक नतीजों में तब्दील होते हैं, तो लेबर पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी कर सकती है और केर स्टार्मर ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री हो सकते हैं. यूके में मतदान समाप्त होते ही वोटों की गिनती शुरू हो गई थी, लेकिन 650 सीटों वाली संसद में स्पष्ट विजेता कौन होगा यह सामने आने में कुछ घंटे लगेंगे. एक अन्य सर्वे एजेंसी YouGov ने केर स्टार्मर की लेबर पार्टी को 431 सीटें मिलने और पीएम ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी के लिए सिर्फ 102 सीटों की भविष्यवाणी की है. यदि सर्वेक्षण सटीक होते हैं, तो इससे लेबर पार्टी को 650 सीटों वाले हाउस ऑफ कॉमन्स में जबरदस्त बहुमत मिल जाएगा. YouGov ने 89 करीबी मुकाबले वाली सीटों की भी पहचान की है. एग्जिट पोल के अनुमान कंजर्वेटिव पार्टी के लिए 1906 के बाद से उसकी संभावित सबसे बुरी हार के संकेत देते हैं, जब उसे 156 सीटों पर जीत मिली थी. लिबरल डेमोक्रेट्स पार्टी को 72 सीटें और रिफॉर्म यूके पार्टी को 3 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है. कंजर्वेटिव पार्टी 14 वर्षों से सत्ता में ​काबिज बता दें कि कंजर्वेटिव पार्टी पिछले 14 वर्षों से सत्ता में ​काबिज है. इस दौरान यूनाइटेड किंगडम ने 5 प्रधानमंत्री देख लिए. साल 2010 में हुए आम चुनावों में मिली कंजर्वेटिव्स को मिली जीत के बाद डेविड कैमरन पीएम बने थे. उसके बाद 2015 के यूके इलेक्शन में कंजर्वेटिव पार्टी को लगातार दूसरी बार जीत मिली और कैमरन फिर पीएम बने. लेकिन 2016 में उन्हें पद छोड़ना पड़ा था. उनकी जगह कंजर्वे​टिव्स ने टेरेसा मे को प्रधानमंत्री बनाया. वह 2019 तक इस पद पर रहीं. 2019 में बोरिस जॉनसन यूके के प्रधानमंत्री बने. फिर बीच में उन्हें पद छोड़ना पड़ा और लिज ट्रस प्रधानमंत्री बनीं. लेकिन वह सिर्फ 50 दिन ही पद पर रह सकीं. उनकी जगह ऋषि सुनक प्रधानमंत्री बने. भारत के लिए यूके इलेक्शन महत्व भारत और ब्रिटेन दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए दो साल से अधिक समय से प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत कर रहे हैं. लेबर पार्टी की प्रचंड जीत से दोनों देशों के बीच एफटीए पर चल रही वार्ता के डायनामिक्स में बदलाव आ सकता है. यदि सर्वेक्षण सटीक होते हैं, तो अन्य यूरोपीय देशों की तरह ब्रिटेन में भी वर्तमान सरकार बदल जाएगी. बता दें कि कोविड महामारी और यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के कारण उत्पन्न संकट के बाद कई यूरोपीय देशों में हुए चुनाव में सत्ता परिवर्तन देखने को मिला है. एग्जिट पोल के आंकड़े ब्रिटेन में भी यह चलन कायम रहने के संकेत देते हैं. यूके मतलब- इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड यूनाइटेड किंगडम- इंग्लैंड, वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड से मिलकर बनता है और आम चुनाव इन सभी देशों पर लागू होते हैं. यूके में कुल 650 निर्वाचन क्षेत्र हैं, इनमें से 533 सीटें इंग्लैंड, 59 सीटें स्कॉटलैंड, 40 सीटों वेल्स और 18 सीटें उत्तरी आयरलैंड में पड़ती हैं. हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यूके के भीतर आने वाले प्रत्येक देश की अपनी सरकार भी होती है और वहां चुनाव होते हैं. ब्रिटेन में कितनी सीटें जीतने पर प्रधानमंत्री बनने का मौका मिलता है वोट डालने के बाद ब्रिटेन के एक अन्य निवासी ने कहा, ‘अगर मौजूदा राजनीतिक रुझान जारी रहे तो मुझे लगता है कि लेबर पार्टी को शानदार जीत के साथ 15 साल बाद सत्ता में वापस आना चाहिए। बता दें कि इंग्लैंड, वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड के कुल 650 निर्वाचन क्षेत्रों … Read more

HC ने कहा अगर धर्मांतरण को रोका नहीं गया तो एक दिन बहुसंख्यक आबादी अल्पसंख्यक हो जाएगी, जाने ये संकट कितना बड़ा …..

इलाहाबाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धर्मांतरण को लेकर अहम टिप्पणी की है. हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर धर्मांतरण को रोका नहीं गया तो एक दिन बहुसंख्यक आबादी अल्पसंख्यक हो जाएगी. जस्टिस रोहित रंजन ने ये टिप्पणी सामूहिक धर्मांतरण कराने के आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए की. मामला एक गांव में हिंदुओं के सामूहिक रूप से धर्म बदलकर ईसाई धर्म अपनाने से जुड़ा था. सामूहिक धर्मांतरण कराने का आरोप कैलाश नाम के व्यक्ति पर लगा है. हाईकोर्ट ने कैलाश की जमानत याचिका भी खारिज कर दी. हाईकोर्ट ने कहा, ऐसे धार्मिक जमावड़ों को तुरंत रोका जाना चाहिए, जहां धर्मांतरण हो रहा है और लोगों का धर्म बदला जा रहा है. जस्टिस रोहित रंजन ने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत मिले ‘धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार’ का सीधा-सीधा उल्लंघन हैं. इस दौरान हाईकोर्ट ने ये भी कहा कि उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में एससी-एसटी और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बड़े पैमाने पर ईसाई धर्म में बदला जा रहा है. क्या था ये मामला? रामकली प्रजापति नाम की महिला ने हमीरपुर जिले के मौदाहा गांव के रहने वाले कैलाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. प्रजापति ने आरोप लगाया था कि कैलाश मानसिक रूप से बीमार उसके भाई को दिल्ली ले गया था. कैलाश ने वादा किया कि वो उसके भाई का इलाज करवाएगा और ठीक होने पर वापस गांव भेज देगा, लेकिन इसकी जगह उसे ईसाई धर्म में परिवर्तित कर दिया गया. एफआईआर के मुताबिक, जब कैलाश वापस लौटा तो वो गांव के सभी लोगों को दिल्ली में एक कार्यक्रम में ले गया, जहां उसने सभी को कथित तौर पर ईसाई धर्म में परिवर्तित कर दिया. कैलाश ने प्रजापति के भाई को ईसाई धर्म अपनाने के बदले पैसे की पेशकश की थी. वहीं, कोर्ट में कैलाश के वकील ने दावा किया कि रामकली के भाई का धर्म परिवर्तन नहीं किया गया है. हालांकि, कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोपों को देखते हुए उसे जमानत देने से इनकार कर दिया. धर्मांतरण पर यूपी में क्या है कानून? देश के कई राज्यों में जबरन धर्मांतरण को लेकर सख्त कानून हैं. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 2021 में जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कानून पास किया था. इस कानून में 10 साल तक की सजा का प्रावधान है. इस कानून के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति जबरदस्ती से, लालच देकर या डरा-धमकाकर किसी का धर्म परिवर्तन करवाता है तो दोषी पाए जाने पर उसे 1 से 5 साल तक की जेल और 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा हो सकती है. महिला, नाबालिग और एससी-एसटी के मामले में 2 से 10 साल की जेल और 25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा का प्रावधान है. वहीं, सामूहिक धर्मांतरण पर 3 से 10 साल की जेल और कम से कम 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा हो सकती है. कानून कहता है कि अगर कोई व्यक्ति दूसरी बार जबरन धर्मांतरण का दोषी पाया जाता है तो सजा को दोगुना किया जा सकता है. मसलन, दूसरी बार दोषी पाए जाने पर 1 से 5 साल की जेल की बजाय 2 से 10 साल की सजा हो सकती है. किस धर्म की आबादी कितनी तेजी से बढ़ रही? 2011 की जनगणना के मुताबिक, भारत की आबादी 121 करोड़ से ज्यादा है. इसमें 96.63 करोड़ हिंदू और 17.22 करोड़ मुस्लिम हैं. भारत की कुल आबादी में 79.8% हिंदू और 14.2% मुस्लिम हैं. इनके बाद ईसाई 2.78 करोड़ (2.3%) और सिख 2.08 करोड़ (1.7%) हैं. बाकी बौद्ध और जैन धर्म को मानने वालों की आबादी 1% से भी कम है. 2001 की तुलना में 2011 में भारत की आबादी 17.7% तक बढ़ गई थी. इस दौरान मुस्लिमों की आबादी सबसे ज्यादा करीब 25% तक बढ़ी थी. जबकि, हिंदू 17% से कम बढ़े थे. इसी तरह ईसाइयों की आबादी 15.5%, सिख 8.4%, बौद्ध 6.1% और जैन 5.4% बढ़े थे. वहीं, अगर 1951 से 2011 तक की तुलना की जाए तो सबसे ज्यादा आबादी मुस्लिमों की बढ़ी है. 1951 में 3.54 करोड़ थी, जो 2011 तक 386% बढ़कर 17.22 करोड़ हो गई. जबकि, 1951 में हिंदुओं की आबादी 30.35 करोड़ थी. 2011 तक हिंदुओं की आबादी 218% बढ़कर 96.62 करोड़ पहुंच गई. इसी तरह सिखों की आबादी 235% और ईसाइयों की 232% बढ़ गई. 1951 में भारत में हिंदू 84%, मुस्लिम 9%, ईसाई 2.2% और सिख 1.7% थे. 2011 की आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 79.8%, मुस्लिमों की 14.2%, ईसाइयों की 2.3% और सिखों की 1.7% थी. अल्पसंख्यक बन रहे बहुसंख्यक? इसी साल मई में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार समिति की एक स्टडी आई थी. इस स्टडी में दावा किया गया था 1950 से 2015 के बीच हिंदुओं की आबादी 7.8% तक घट गई. स्टडी में कहा गया था कि भारत में बहुसंख्यक आबादी घट रही है, जबकि दूसरे मुल्कों में बहुसंख्यक आबादी बढ़ रही है. भारत के अलावा म्यांमार और नेपाल में भी बहुसंख्यक आबादी घटी है. म्यांमार में बहुसंख्यक आबादी (बौद्ध) में 9.8% और नेपाल में बहुसंख्यक (हिंदू) आबादी में 3.6% की गिरावट आई है. दूसरी ओर, बांग्लादेश में बहुसंख्यक समुदाय मुसलमानों की आबादी में हिस्सेदारी 18.5% और पाकिस्तान में 3.75% तक बढ़ गई है. स्टडी में कहा गया था कि 1971 में बांग्लादेश के अलग मुल्क बनने के बाद से मुस्लिम आबादी की हिस्सेदारी 10% से ज्यादा बढ़ी है. जबरन धर्मांतरण पर क्या है कानून? फिलहाल, देश में जबरन धर्मांतरण को रोकने के खिलाफ कोई समग्र कानून नहीं है. संविधान के तहत, देश के सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार है और वो अपनी मर्जी से किसी भी धर्म को अपना सकता है. हालांकि, किसी की इच्छा के खिलाफ या जबरन धर्मांतरण करवाना अपराध है. जबरन धर्मांतरण के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर तो कोई कानून नहीं है, लेकिन कई राज्यों में इसे लेकर कानून है. इनमें ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे राज्य शामिल हैं. भारत के पड़ोसी देशों में जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कानून हैं. पाकिस्तान, नेपाल, म्यांमार, श्रीलंका और भूटान में इसे लेकर कानून है. नेपाल में जबरन धर्मांतरण पर 6 साल तक की कैद हो सकती है. वहीं, म्यांमार में 2 साल … Read more

15 अगस्त से वंदे भारत की नई स्लीपर सेवाएं शुरू की जाएंगी, जानिए किन रूटों पर ये ट्रेनें चलाई जाएगी

नई दिल्ली  देश की सबसे लोकप्रिय ट्रेन वंदे भारत के चाहने वालों के लिए खुशखबरी है। वंदे भारत की सफलता के बाद रेलवे जल्द ही वंदे भारत स्लीपर की सौगात लोगों को देने वाला है। ऐसा बताया जा रहा है कि 15 अगस्त से कई रूटों पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को चलाने का प्लान है। रिपोर्ट्स की मानें तो दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) के अधिकारियों ने बताया है कि 15 अगस्त से वंदे भारत की नई स्लीपर सेवाएं शुरू की जाएंगी। आइए एक नजर डालते हैं कि किन रूटों पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। इन रूटों पर दौड़ेगी वंदे भारत? समयम की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण मध्य रेलवे के अधिकारियों ने काचीगुड़ा और सिकंदराबाद स्टेशनों से वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव दिया है। अधिकारी चाहते हैं कि नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेनें काचीगुड़ा-विशाखापट्टनम, काचीगुड़ा-तिरुपति, सिकंदराबाद-पुणे जैसे व्यस्ततम मार्गों पर चलाई जाएं। नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में 16 कोच होंगे और यह ट्रेनें रात में भी चलेंगी। मालूम हो कि इसमें एसी और नॉन एसी कोच होंगे। दक्षिण मध्य रेलवे के अधिकारियों ने खुलासा किया है कि टिकटों की कीमतें सभी के लिए सुलभ होंगी। कितनी होगी वंदे भारत स्लीपर की स्पीड नई वंदे भारत स्लीपर अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने की संभावना है, और इसका बाहरी डिजाइन लगभग वंदे भारत एक्सप्रेस के समान बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस ट्रेन में की कुल 16 कोचों में यात्रियों के लिए 823 बर्थ होंगी। इस ट्रेन में यात्रियों को हवाई जहाज जैसी सुविधा प्रदान की जाती है। भोजन और पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पैंट्री व्यवस्था होगी। बाहरी हिस्से में एक स्वचालित दरवाजा, एक गंध रहित शौचालय शामिल होगा। इस ट्रेन के कोच पूरी तरह से ध्वनि-रोधी होंगे और यात्रा के दौरान यात्रियों को अच्छी नींद के लिए आराम मुहैया कराएंगे। रेलवे जल्द शुरू करेगा वंदे भारत मेट्रो रेलवे विभाग द्वारा आसपास के शहरों को जोड़ने के लिए वंदे भारत मेट्रो सेवा शुरू किए जाने की प्लानिंग चल रही है। ये ट्रेनें कानपुर-लखनऊ, दिल्ली-मेरठ, मुंबई-लोनावाला, वाराणसी-प्रयागराज, पुरी-भुवनेश्वर और आगरा-मथुरा के बीच संचालित होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि प्रत्येक कोच में 250 लोग आसानी से यात्रा कर सकते हैं। रेलवे द्वारा जल्द ही वंदे भारत मेट्रो का ट्रायल रन किया जाएगा।

हर साल दिल्ली में 12 हजार लोगों की मौत एयर पलूशन के चलते : रिपोर्ट

नई दिल्ली दिल्ली, मुंबई समेत देश के ज्यादातर बड़े शहरों में साल के काफी दिन ऐसे होते हैं, जब प्रदूषण चरम पर पहुंच जाता है। इसका असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखने लगा है। लैंसेट की स्टडी के मुताबिक देश के 10 बड़े शहरों में होने वाली कुल मौतों में से 7 फीसदी एयर पलूशन के कारण होती हैं। देश के इन शहरों में विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से तय लिमिट से ज्यादा पीएम 2.5 पार्टिकल्स का घनत्व हो जाता है। इसके चलते लोगों के लिए अच्छी हवा में सांस लेना भी मुश्किल पड़ गया है। इस बारे में लैंसेट ने अपने हेल्थ जर्नल मे रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, पुणे, शिमला, वाराणसी और चेन्नै जैसे शहरों में लोगों के फेफड़ों को खराब हवा नुकसान पहुंचा रही है। मानकों के अनुसार प्रति क्यूबिक मीटर पर PM 2.5 पार्टिकल्स का लेवल 15 माइक्रोग्राम को पार नहीं करना चाहिए। लेकिन इन शहरों में यह स्तर 99.8 फीसदी दिनों में पार कर जाता है। इसका अर्थ है कि साल में एकाध दिन ही यह लिमिट से नीचे रहता है। इसका सबसे ज्यादा असर दिल्ली में देखने को मिलता है। राजधानी में इस प्रदूषण की मुख्य वजह वाहनों और औद्योगिक संस्थानों से निकलने वाला जहरीला धुंआ है। रिपोर्ट का यह आंकड़ा डराने वाला है कि हर साल दिल्ली में करीब 12 हजार लोगों की मौत एयर पलूशन के चलते हुई किसी बीमारी से होती है। यह कुल मौतों के 11.5 फीसदी के बराबर है। शोधकर्ताओं का कहना है कि बड़े पैमाने पर PM 2.5 पार्टिकल्स की चपेट में आने से ऐसा हो रहा है। इससे लोगों को फेफड़े संबंधी गंभीर बीमारियां हो रही हैं। हैरानी की बात यह है कि मैदानी शहरों के अलावा हिल्स क्वीन कहे जाने वाले शिमला में भी हालात बिगड़ रहे हैं। शिमला की हवा भी अब पलूशन की चपेट में है और माहौल पहले जैसा नहीं रह गया है। इसकी वजह यहां बड़े पैमाने पर गाड़ियों का पहुंचना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की हिदायत है कि माइक्रोग्राम की लिमिट प्रति क्यूबिक मीटर एक दिन में 15 के पार नहीं जानी चाहिए। वहीं भारतीय मानक 60 माइक्रोग्राम का है। फिर भी भारतीय मानकों के अनुसार ही देखें तो माइक्रोग्राम की लिमिट हर दिन अधिक होती है। रिपोर्ट कहती है कि वायु प्रदूषण के चलते दिल्ली में हर दिन होने वाली मौतों में 0.31 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसके अलावा बेंगलुरु में यह आंकड़ा 3 पर्सेंट का है। गौरतलब है कि सर्दियों के दिनों में दिल्ली-एनसीआर में पलूशन अपने चरम पर होता है। इसके अलावा कई और मैदानी शहरों में पलूशन से सांस लेना दूभर हो जाता है। इसके अलावा विजिबिलिटी भी कम हो जाती है।  

सरेआम लहराई पिस्टल तो आर्म्स एक्ट के नियमों का उल्लंघन-HC

नई दिल्ली  दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ किया कि हथियार भले लाइसेंसी हो, पर उसे किसी पब्लिक प्लेस पर ले जाना और सरेआम लहराना आर्म्स एक्ट के नियमों का उल्लंघन है। जस्टिस नवीन चावला ने यह टिप्पणी इंदर सिंह सोलंकी नाम के एक व्यक्ति की याचिका खारिज करते हुए की। याचिकाकर्ता ने उस आदेश को चुनौती देते हुए मौजूदा याचिका दायर की, जिसके जरिए उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 336 (दूसरों के जीवन को खतरे में डालते हुए हरकत करना) और 506 (आपराधिक रूप से धमकाना) के अलावा आर्म्स एक्ट के सेक्शन 30 (पब्लिक प्लेस पर हथियार ले जाने पर प्रतिबंध) के अपराध का आरोप भी तय करने का आदेश दिया गया। क्या है पूरा मामला पटियाला हाउस कोर्ट के एक सेशन जज ने अभियोजन की पुनर्विचार याचिका पर यह आदेश पारित किया था, जो मामले में आरोप तय करने को लेकर ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई थी। मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने सोलंकी के खिलाफ बाकी धाराओं में अपराध के आरोप तो तय किए, पर उसे आर्म्स एक्ट के सेक्शन 30 के तहत अपराध के आरोप से बरी कर दिया था। क्या बोले जस्टिस नवीन चावला जस्टिस नवीन चावला ने अपने जजमेंट में कहा कि ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को आर्म्स एक्ट के सेक्शन 30 के तहत अपराध के आरोप से बरी करके भारी गलती की थी, जिसे बाद में एएसजे ने ठीक कर दिया। हाई कोर्ट ने कहा कि आर्म्स एक्ट के सेक्शन 30 के तहत लाइसेंस या रूल के उल्लंघन में की गई हरकत के लिए सजा का प्रावधान है। कोर्ट ने साफ किया कि किसी भी आर्म्स रूल का उल्लंघन, जिसके लिए कहीं किसी सजा का जिक्र न हो, आर्म्स एक्ट के सेक्शन 30 के तहत अपने आप में एक दंडनीय अपराध है। क्योंकि आर्म्स एक्ट का रूल 32(3) पब्लिक प्लेस पर हथियार ले जाने से रोकता है। 26 फरवरी 2021 में दर्ज हुआ था केस मौजूदा केस 26 फरवरी 2021 में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वह जब अपने घर से बाहर आया, तो उसने देखा कि बाहर गैस पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा था और याचिकाकर्ता (सोलंकी) मजदूरों को काम करने से रोक रहा था। आपत्ति जताने पर वह शिकायतकर्ता से ही लड़ने लगा। आरोप के मुताबिक, उसने अपने बैग से लाइसेंसी रिवॉल्वर निकाली और शिकायतकर्ता पर तानते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने वहां पुलिस को बुला लिया, जिसने याचिकाकर्ता से उसकी रिवाल्वर लेकर उसे जब्त कर लिया। हाई कोर्ट ने कहा कि मौजूदा केस में, याचिकाकर्ता पर सार्वजनिक रूप से हथियार लहराने का आरोप है। उसके पास से कथित तौर पर छह कारतूस जब्त किए गए हैं। इसलिए, प्रथम दृष्टया उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 336 के तहत अपराध का मामला बनता है।

सीधी में मानव तस्करी का खुलासा, शादी झांसा देकर ह्यूमन ट्रैफिकिंग, पुलिस ने महिला और खरीददार सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया

सीधी सीधी. सीधी जिले के आदिवासी वनांचल कुसमी इलाके में मानव तस्करी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे. यहां बड़े शहरों की चका-चौंध का झांसा देकर लोग आदिवासी लड़कियों को बाहर ले जाते हैं. वहां पहले से ही तय प्लान के मुताबिक उनका लाखों में सौदा कर दिया जाता है. युवती को खरीदने के बाद उसके खरीददार शरीरिक प्रताड़ना शुरू कर देते हैं. ऐसे ही मामले का सीधी की कुसमी पुलिस ने पर्दाफाश किया है. पुलिस ने एक महिला और खरीददार सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि इस मामले में आरोपी खरीददार उत्तर प्रदेश के आगरा का निवासी है. कुसमी थाना प्रभारी भूपेश बैस ने बताया कि मामलें में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एक आरोपी सुरेंद्र को छत्तीसगढ़ से, दूसरे आरोपी धर्मराज सिंह को सूरत से, सीता देवी उर्फ मुन्नीबाई और रणवीर सिंह को उत्तर प्रदेश के आगरा से पकड़ा है. रणवीर ही इस कांड का मुख्य आरोपी है. चारों आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है. पुलिस ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर हैं. वे पकड़े न जाएं इसलिए लगातार लोकेशन बदलते हैं. इन आरोपियों के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हो चुके हैं. इसमें शामिल महिला सीता फिल्मी स्टाइल में काम करती है. आरोपी महिला पहले भी ये काम करती रही है एसपी डॉ. रविंद्र वर्मा ने बताया कि इस गैंग में शामिल महिला तस्कर का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है. वह इससे पहले भी यहां से लड़कियों को ले जाकर उत्तर प्रदेश में बेचती थी. मुख्य आरोपी और लड़की के खरीददार रणवीर के खिलाफ दुष्कर्म का मामला भी पंजीबद्ध किया है. बताया गया है कि आरोपी ने पहले लड़की खरीदी. उसके बाद मंदिर में शादी कर युवती का रेप किया. पुलिस ने बताया कि इस तरह की कई शिकायतें सीधी जिले से मिल चुकी हैं. इन शिकायतों को लेकर पुलिस अलर्ट पर है.

मध्य प्रदेश में इस बार अच्छी और समय पर हो रही बारिश की वजह से किसान काफी खुश हैं, फसलों की बंपर आवक की आश

 भोपाल मध्य प्रदेश में मौसम विभाग ने हल्की और मध्यम बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग का कहना है कि जहां पर हल्की और मध्यम बारिश होगी, वहां बारिश का दौर लगातार चलता रहेगा. मध्य प्रदेश में इस बार अच्छी और समय पर हो रही बारिश की वजह से किसान काफी खुश हैं. प्रदेश के मौसम विशेषज्ञ डॉक्टर वेद प्रकाश सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश के कुछ जिले ऐसे हैं जहां पर मध्यम बारिश के साथ बिजली चमकने, कड़कने और गिरने की आशंका है. उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के मुरैना, श्योपुर कला, ग्वालियर, सिवनी, बालाघाट में मध्यम बारिश हो सकती है. इसके अलावा यहां बारिश का क्रम आगे भी जारी रहेगा. इसी प्रकार हल्की बारिश को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक दमोह, उज्जैन, गुना, अशोकनगर, सागर, विदिशा, रायसेन, इंदौर, देवास, पंचमढी, बैतूल, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर जिलों में हल्की बारिश की संभावना है. इसके अतिरिक्त टीकमगढ़, शिवपुरी, अलीराजपुर, नीमच, मंदसौर, आगर, पन्ना और कटनी में भी हल्की बारिश की संभावना है.   किसानों के चेहरे पर आई चमक किसान संजय पटेल के मुताबिक पिछले 10 सालों में पहली बार किसानों को अच्छी फसल की उम्मीद है. इस बार बारिश का क्रम किसान की फसल के हिसाब से चल रहा है. यदि आगे भी मौसम ने किसानों का साथ दिया तो इस बार फसलों की बंपर आवक होने वाली है. किसान पवन चौधरी के मुताबिक फसलों की पैदावार बारिश पर निर्भर रहती है. इस बार बारिश की वजह से फिलहाल किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है. मौसम विभाग के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन गुजरने की वजह से दो सिस्टम एक्टिव है, जिसकी वजह से प्रदेश भर में गरज चमक की स्थिति बनी हुई है.

क्लास 3 और 6 के सिलेबस में किया एनसीईआरटी ने बदलाव, जल्द बाजार में उपलब्ध होंगे आठ नई किताबें

नई दिल्ली एनसीईआरटी ने क्लास तीन और छह के सिलेबस में बदलाव किया है। सिलेबस में बदलाव को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्रालय के सचिव, शिक्षा संस्थानों से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक की। इस समीक्षा बैठक में एनसीईआरटी के निदेशक और अध्यक्ष भी मौजूद थे। बता दें कि क्साल 6 की नई किताबों को अप्रैल से पढ़ाया जाना था, लेकिन अब तक नई सिलेबस की किताबें बाजार में उपलब्ध नहीं है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने पहले घोषणा की थी कि क्लास 3 और 6 के लिए नई किताबें 2024-25 शैक्षणिक सत्र से पेश की जाएंगी। जल्द बाजार में उपलब्ध होंगे आठ नई किताबें शिक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि किताबों में बदलाव का कार्य अंतिम फेज में है। क्लास 3 और 6 के लिए नौ किताबें पहले से ही बाजार में उपलब्ध हैं। बाकी आठ किताबें जल्द ही बाजार में मिलने लगेंगे। बता दें कि इस सप्ताह ही एनसीईआरटी ने शैक्षणिक सत्र के बीच में कक्षा 6 के लिए नई अंग्रेजी और हिंदी किताबें जारी कीं। सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और गणित जैसे शेष विषयों की किताबें अभी तैयार नहीं है। सीबीएसई ने स्कूलों को दी ये सलाह सीबीएसई ने स्कूलों को एनसीएफ सिफारिशों का पालन करने और जहां भी संभव हो बहुभाषावाद, कला-एकीकृत शिक्षा, प्रयोगात्मक शिक्षा और शैक्षणिक योजनाओं जैसी पद्धतियों को शामिल करने की सलाह दी है। 

वानखेड़े स्टेडियम में रोहित, विराट-बुमराह हुए इमोशनल

भारतीय टी20 वर्ल्ड कप विजेता टीम आज यानी 4 जुलाई को मुंबई पहुंची है, जहां भारतीय टीम ने विक्ट्री परेड किया। टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने मरीन ड्राइव से लेकर वानखेड़े स्टेडियम तक विक्ट्री परेड किया है। इसके बाद वानखेड़े स्टेडियम में खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए एक प्रोग्राम हो रहा है। मुंबई एयरपोर्ट से लेकर वानखेड़े स्टेडियम तक भारतीय फैंस अपने चैंपियंस की एक झलक पाने के लिए मौजूद रहे। इससे पहले सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर खिलाड़ी दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर उतरे थे। कुछ देर होटल में आराम करने के बाद टीम के सभी खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ पीएम नरेंद्र मोदी से मिले। शाम 5 बजे के करीब भारतीय खिलाड़ी मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे। 29 जून को खिताबी मुकाबले में साउथ अफ्रीका को 7 रनों से हराने के बाद भारतीय टीम कई दिनों तक बारबाडोस में ही तूफान के चलते फंसी रही थी। बीसीसीआई सचिव जय शाह के भरसक प्रयास के चलते आज चार्टर्ड फ्लाट के जरिए भारतीय टीम दिल्ली पहुंची। टीम इंडिया का स्वागत बड़े ही जोरो-शोरो के साथ किया गया। दिल्ली पहुंचने के बाद भारतीय टीम का कार्यक्रम तय है। पहले टीम दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेगी। इसके बाद रोहित शर्मा एंड ब्रिगेड मुंबई के लिए रवाना होगी। शाम 5 बजे से मुंबई में रोड शो होगा, इसके बाद मुंबई के प्रसिद्ध वानखेड़े स्टेडियम में टीम इस जीत का जश्न मनाएगी और उन्हें सम्मानित किया जाएगा। कोहली ने बुमराह की तारीफ की विराट कोहली ने प्रोग्राम के दौरान कहा कि वह और रोहित हमेशा भारत के लिए ट्रॉफी जीतना चाहते थे। उन्होंने कहा कि विश्व कप जीतने के बाद उनका रोहित से सीढ़ियों पर गले लगना इमोशनल पल था, जिसे वह कभी भूल नहीं पाएंगे। विराट कोहली ने बुमराह की भी जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि मैं एक ऐसे खिलाड़ी का ज़िक्र करना चाहूंगा जिसने हमें बार-बार वापसी दिलाई और उसने जो आखिरी ओवरों में किया वह अभूतपूर्व था। उन्होंने कहा कि विश्व कप फाइनल जीतने के बाद पहली बार उन्होंने रोहित को इतना इमोशनल देखा था। विराट कोहली ने स्टेडियम में आए सभी लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद किया और कहा कि हमने सड़कों पर जो देखा, वह कुछ ऐसा है जिसे मैं अपने जीवन में कभी नहीं भूल पाऊंगा। भारतीय खिलाड़ियों ने लगाया ग्राउंड का चक्कर भारतीय खिलाड़ियों ने बीसीसीआई द्वारा सम्मानित किए जाने के बाद ग्राउंड का चकक्र लगाकर फैंस का अभिवादन किया। इस दौरान रोहित और अन्य खिलाड़ी टेनिस बॉल देते हुए नजर आए। खिलाड़ियों ने टी-शर्ट भी बांटे। भारतीय टीम को मिले 125 करोड़ बीसीसीआई के सचिन जय शाह ने भारतीय टीम को टी20 विश्व कप जीतने के बाद 125 करोड़ रुपये प्राइज मनी देने का ऐलान किया था। विक्ट्री परेड के बाद वानखेड़े स्टेडियम में भारतीय टीम को 125 करोड़ रुपये दिए गए। इस दौरान टीम के सभी खिलाड़ी मौजूद रहे। राहुल द्रविड़ नहीं भूल पाएंगे ये दिन राहुल द्रविड़ ने वानखेड़े स्टेडियम में कहा कि मैं इस प्यार को मिस करूंगा। आज रात मैंने सड़कों पर जो देखा, मैं उसे कभी नहीं भूलूंगा। राहुल द्रविड़ ने कहा है कि टीम एक परिवार की तरह है। इन्होंने जो किया है, वह अविश्वसनीय। रोहित शर्मा ने शानदार नेतृत्व किया। मैं इस प्यार को मिस करूंगा। आज हमने जो देखा वह अद्भुत है। मैं आज यहां बाकी सपोर्ट स्टाफ की वजह से खड़ा हूं। हाउसफुल स्टेडियम में रोहित बोले विक्ट्री परेड के खत्म होने के बाद भारतीय टीम वानखेड़े स्टेडियम में हैं, जहां पर टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने सभी का धन्यवाद किया है। रोहित ने कहा है कि ये ट्रॉफी पूरे देश के लिए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना बहुत सम्मान की बात थी। मैं काफी खुश और राहत महसूस कर रहा हूं। भारतीय टीम और बीसीसीआई की ओर से सभी का धन्यवाद। स्टेडियम में फैंस के साथ थिरके खिलाड़ी स्टेडियम में एंट्री लेने के बाद खिलाड़ियों ने फैंस के साथ थिरकते हुए नजर आए। पूरे ग्राउंड का चक्कर लगाकर फैंस का अभिवादन किया। रोहित-कोहली ने एकसाथ उठाई ट्रॉफी रोहित शर्मा और विराट कोहली एक बार फिर साथ में ट्रॉफी के साथ फोटो खिंचवाते नजर आए। दोनों अनुभवी खिलाड़ियों ने टी20 विश्व कप जीतने के बाद टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले लिया है। विक्ट्री परेड के दौरान दोनों खिलाड़ी एक साथ ट्रॉफी के साथ नजर आए। कोहली- हार्दिक सबसे आगे भारतीय फैंस के सबसे चहेते विराट कोहली और हार्दिक पांड्या ने ज्यादा इंतजार नहीं करवाया है। विक्ट्री परेड शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही खिलाड़ी बस के ऊपर पहुंच गए हैं। अन्य खिलाड़ी भी वहां मौजूद हैं। बस के दोनों तरफ भारी पुलिसकर्मी तैनात है और साथ-साथ में चल रहे हैं, उनके आस-पास हजारों की संख्या में समर्थक भी जा रहे हैं। हार्दिक भारतीय झंडे के साथ हार्दिक पांड्या बस के ऊपर सबसे आगे खड़े होकर भारतीय झंड़े को लहरा रहे हैं। विराट कोहली उनके बगल में खड़े हैं। खिलाड़ी भी इस पल को अपने मोबाइल में कैद कर रहे हैं।

शोधकर्ताओं द्वारा सर्वेक्षण किये गए, कोलकाता शॉर्ट-टर्म एयर पॉल्यूशन से मौतों के मामले में तीसरे स्थान पर

कोलकाता एक शोध से यह बात सामने आई है कि कोलकाता में कुल मौतों में से 7.3 प्रतिशत शॉर्ट-टर्म एयर पॉल्यूशन की वजह से होती है। शोध के निष्कर्षों के अनुसार शोधकर्ताओं द्वारा सर्वेक्षण किये गए दस शहरों में से कोलकाता शॉर्ट-टर्म एयर पॉल्यूशन से संबंधित मौतों के मामले में तीसरे स्थान पर है। इस मामले में सबसे अधिक मृत्यु दर दिल्ली में 11.5 प्रतिशत है, जिसके बाद वाराणसी में 10.2 प्रतिशत मृत्यु दर है। भारत के शीर्ष संस्थानों के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन के निष्कर्ष लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ में प्रकाशित हुए। दस प्रमुख भारतीय शहरों में किए गए शोध पर आधारित अध्ययन में यह बात सामने आई है कि कोलकाता में होने वाली कुल मौतों में से 7.3 प्रतिशत (जो कि प्रति वर्ष 4,700 होती है) शॉर्ट-टर्म पीएम 2.5 उत्सर्जन के कारण होती हैं। आईएएनएस के पास उपलब्ध रिपोर्ट की एक प्रति के अनुसार, कोलकाता में लोगों का अल्पकालिक वायु प्रदूषण के संपर्क में रहना विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों से कहीं अधिक है। यह आंकड़ा शोध के तहत शामिल शहरों के 7.2 प्रतिशत औसत से थोड़ा अधिक है, जो सर्वे किए गए सभी दस शहरों में सालाना 33,000 मौतों के बराबर है। सर्वेक्षण के अंतर्गत शामिल दस शहरों में से शिमला में वायु प्रदूषण का स्तर सबसे कम था। रिपोर्ट में कहा गया, ”हालांकि वायु प्रदूषण अभी भी यहां जोखिम भरा था, यहां सभी मौतों में से 3.7 प्रतिशत (59 प्रति वर्ष) मौतें पीएम 2.5 के शॉर्ट-टर्म के संपर्क में आने से हुई। यह डब्ल्यूएचओ के दिशा-निर्देश मूल्य से अधिक है। शिमला के परिणाम वैश्विक साक्ष्य को पुष्ट करते हैं कि वायु प्रदूषण के संपर्क का कोई सुरक्षित स्तर नहीं है।” अशोका विश्वविद्यालय के त्रिवेदी स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज में सेंटर फॉर हेल्थ एनालिटिक्स रिसर्च एंड ट्रेंड्स की निदेशक और चेयर-इंडिया कंसोर्टियम की भारत प्रमुख डॉ. पूर्णिमा प्रभाकरन के अनुसार, ”इस शोध में दस शहरों में वायु गुणवत्ता की विविधता को शामिल किया गया और पहली बार यह दर्शाया गया कि वायु प्रदूषण के निम्न स्तर पर भी मृत्यु दर का जोखिम बना रहता है।” उन्होंने कहा, ”यह जानकारी हमारी वायु गुणवत्ता प्रबंधन रणनीतियों पर पुनर्विचार करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर देती है। जो वर्तमान में केवल नॉन एटेनमेंट (गैर-प्राप्ति) शहरों पर केंद्रित हैं। कम जोखिम सीमाओं को ध्यान में रखते हुए वर्तमान में वायु गुणवत्ता मानकों पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। साथ ही मानव स्वास्थ्य की प्रभावी रूप से रक्षा करने के लिए क्षेत्रीय स्रोतों से स्थानीय स्रोतों की ओर रुख करने की भी आवश्यकता है।”

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा- प्रदेश में अवैध कॉलोनियां न बनें, इसके लिए सरकार कड़ा कानून बनाने जा रही

भोपाल प्रदेश में अवैध कॉलोनियां न बनें, इसके लिए सरकार कड़ा कानून बनाने जा रही है। यह जानकारी गुरुवार को विधानसभा में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी अवैध कालोनी को वैध नहीं किया जा रहा है पर रहवासियों को भवन अनुज्ञा दे रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि होता यह है कि वैध कालोनी वाला भूखंड एक हजार रुपये वर्ग फुट में और उससे आधा किलोमीटर महज की ही दूरी पर स्थित अवैध कालोनी वाला भूखंड 250 रुपये वर्ग फुट में बिक जाता है। भूखंड बेचने वाला तो फिर दिखता ही नहीं और लोग मकान बनाकर रहने लगते हैं। चूंकि, हम चुनाव लड़ते हैं तो लोग हमको घेरते हैं कि आप सड़क बनाइए और पानी दीजिए। ऐसे में अब कड़े नियम लागू किए जाएंगे। दरअसल, भाजपा विधायक हरदीप सिंह डंग ने सदन में सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों का विषय उठाया था। उन्होंने कहा कि जहां पहले खेत हुआ करते थे, वहां अब कॉलोनी बनाई गईं। इन्हें अवैध माना जाता है। ऐसी कॉलोनियों को वैध किया जाए ताकि सड़क, नाली, पानी सहित अन्य सुविधाएं मिल जाएं। अन्य सदस्यों ने भी यह बात उठाई। इस पर मंत्री विजयवर्गीय ने सदन को बताया कि अवैध कालोनियों को वैध नहीं किया जा रहा, पर वहां नागरिक सुविधाएं मिल जाएं, अधोसंरचना का विकास हो, रहवासी भवन अनुज्ञा ले सकें, यह काम अवश्य जनहित में किया जा रहा है। कड़ा कानून बनाया जा रहा है अवैध कॉलोनियां बन ही न पाएं, इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर कड़ा कानून बनाया जा रहा है। नगरीय निकायों की भूमि को लेकर स्पष्टता के लिए सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे चिह्नांकित करें कि राजस्व की भूमि कौन सी है और निकायों की कौन सी है। कंपनी को लाभ पहुंचाने की होगी जांच कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने भोपाल और जबलपुर में बसों के संचालन में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अमृत योजना में जो प्रविधान थे, उनका उल्लंघन किया गया। जितनी बसें चलाई जानी थीं, उतनी ठेकेदार ने नहीं चलाईं। जब आवश्यकता नहीं थी तो फिर दोबारा टेंडर क्यों किए गए। बस संचालन के लिए अतिरिक्त सात करोड़ रुपये की मदद प्रति वर्ष देने का निर्णय लिया गया। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने आश्वासन दिया कि प्रमुख सचिव से जांच कराएंगे। इसमें यह दिखाया जाएगा कि विशेष अनुदान टेंडर की शर्तों के अंदर दिया गया या नहीं। इसमें किसी भी प्रकार की कोई अनियमितता होगी तो कार्रवाई की जाएगी।

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