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भारतीय न्याय संहिता के Section 69 पुरुषों को दे रही टेंशन, यह धारा पुरुषों के लिए बन रही सांसत, एक्सपर्ट से जानिए

नई दिल्ली  एक लड़की ने लड़के पर नशीला पदार्थ खिलाने और दिल्ली ले जाकर रेप करने का आरोप लगाया। नतीजतन लड़के को 4 साल की जेल काटनी पड़ी। इसी साल मई की शुरुआत में बरेली की एक सत्र अदालत के सामने यह मामला आया तो कोर्ट में वह लड़की गवाही के दौरान अपने आरोपों से मुकर गई, जिस पर कोर्ट ने लड़के को बरी कर दिया। हालांकि, फिर भी वो जेल में 4 साल की जेल काट चुका था। उसे उस गुनाह की सजा मिली, जो उसने की ही नहीं थी। मामला 2019 का था,जब लड़के पर अपहरण और रेप का मुकदमा दर्ज किया गया था। कोर्ट ने लड़के को दोषमुक्त किया और लड़की को भी उतनी ही यानी 4 साल जेल की सजा सुनाई। आज बात करते हैं भारतीय न्याय संहिता (BNS) की जिसने 1 जुलाई 2024 से इंडियन पीनल कोड की जगह ली है। नए कानूनों में से एक सेक्शन 69 के बारे में लीगल एक्सपर्ट से जानते हैं। दरअसल, माना जा रहा है कि धारा 69 को लागू करके एक तरह से रिलेशनशिप में धोखा देने या ब्रेकअप को गैरकानूनी बना दिया गया है। पुरुषों से वसूली के लिए झूठे मुकदमे लिखवाना ठीक नहीं कोर्ट ने कहा, महिलाओं के ऐसे कृत्य से जो असली पीड़िता हैं, उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। यह समाज के लिए बेहद गंभीर है। अपने मकसद की पूर्ति के लिए पुलिस व कोर्ट को माध्यम बनाना आपत्तिजनक है। महिलाओं को पुरुषों के हितों पर आघात करने की छूट नहीं दी जा सकती। अदालत ने ये भी कहा कि यह मुकदमा उन महिलाओं के लिए नजीर बनेगा जो पुरुषों से वसूली के लिए झूठे मुकदमे लिखाती हैं। श्री 420 नहीं , अब श्री 318 कहिए, आज से लागू हो जाएंगे तीन नए आपराधिक कानून, जानिए क्या-क्या बदलेगा क्या है धारा 69, यह रेप से कितना अलग सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत कहते हैं कि भारतीय न्याय संहिता का सेक्शन 69 कहता है कि जो भी छल या धोखा देकर या शादी का वादा करके पार्टनर से संबंध बनाता तो ऐसा यौन संबंध रेप की कैटेगरी में नहीं आएगा। ऐसे मामलों में सजा होगी, जो कम से कम 1 साल और अधिकतम 10 साल तक हो सकती है और साथ में जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यह धारा उन मामलों में लागू होगी जो रेप की कैटेगरी में नहीं आते हैं। ये आंकड़े एनसीआरबी के 2019 तक के हैं कानून की नजर में क्या है धोखा देना एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत बताते हैं कि धोखा देने का मतलब यह है कि पार्टनर को संबंध बनाने के लिए प्रेरित करना या नौकरी, प्रमोशन या शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाना। कानूनी रूप से लोचा यहीं पर है। अनिल सिंह कहते हैं कि सेक्शन 69 बेहद व्यापक है। इसका दुरुपयोग किया जा सकता है। जिस तरह से रेप के झूठे मामले बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए अलग से इस पर कानून बनाया जाना जरूरी था। मगर, इसके बावजूद यह पुरुषों के लिए ज्यादा टेंशन देने वाला है। क्योंकि ज्यादातर रिलेशनशिप में ब्रेकअप होते रहते हैं। ऐसे में महिला पार्टनर के एफआईआर दर्ज कराने की आशंका बनी रहती है। 69 में ऐसा क्या है, जो पुरुषों के लिए टेंशन की बात एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत के अनुसार, आप किसी भी रिलेशनशिप को यह साबित नहीं कर सकते कि वह ठीक से चल रहा है या नही। आप सभी मैसेज या फोन कॉल्स रिकॉर्ड नहीं कर सकते। सबसे बड़ी बात यह है कि आप यह कैसे साबित करोगे कि किसी ने धोखा या छल किया है या नहीं। ईगो की लड़ाई में पुरुष पार्टनर को हो रही जेल दिल्ली के साकेत कोर्ट में एडवोकेट शिवाजी शुक्ला बताते हैं कि सेक्शन 69 के तहत यह पहले ही मान लिया जाता है कि पुरुष ही आरोपी है। यह उस आरोपी का दायित्व हो जाता है कि वह खुद साबित करे कि वह निर्दोष है। बहुत सी महिलाएं ऐसी आती हैं, जब उनकी रिलेशनशिप खराब हो जाती है तो वह पुरुष पार्टनर को परेशान करने के लिए या अपने ईगो को शांत करने के लिए उस पर रेप का आरोप लगा देती हैं। नौकरी या प्रमोशन के झूठे वादे को शामिल करना ठीक नहीं एडवोकेट शिवाजी शुक्ला कहते हैं कि धारा 69 में नौकरी या प्रमोशन के झूठे वादे को शामिल करना ठीक नहीं है, क्योंकि शादी के वादे को प्रमोशन के वादे के साथ नहीं जोड़ा जा सकता। शादी का वादा प्यार और भरोसे पर टिका होता है। वहीं नौकरी या प्रमोशन एक तरह का फायदा लेना है। पहले क्या था नियम, अब क्यों हटाया गया अनिल सिंह श्रीनेत के अनुसार, भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 के तहत ‘धोखे से यौन संबंध’ के अपराध को परिभाषित नहीं किया गया था। हालांकि, उसकी धारा 90 कहती है कि यौन संबंध की वो सहमति अवैध मानी जाएगी जो तथ्य की गलतफहमी में दी गई है। यदि सहमति किसी व्यक्ति ने डर या दबाव में आकर दी है, तो वो भी मान्य नहीं होगी। ऐसे मामलों में आरोपियों पर धारा 375 (रेप) के तहत मुकदमा दर्ज होता था। उस वक्त शादी का झांसा देकर बनाए गए संबंधों को रेप की कैटेगरी में डाल दिया जाता था, जिसमें कठोर सजा होती है। आज लिवइन रिलेशनशिप या लड़के-लड़की के साथ रहने का चलन तेजी से बढ़ा है। ऐसे में आपसी सहमति से जब यौन संबंध बनाए जाते हैं तो उसे रेप की कैटेगरी में रखना ठीक नहीं था। कई मौकों पर अदालत कह चुकी है कि शादी का वादा करने का मतलब यह नहीं है कि कोई लड़की अपने पार्टनर के साथ संबंध बना ही ले। उसे तब भी इससे बचना चाहिए। बदले के लिए पुरुष पार्टनर पर लगा देती हैं आरोप एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत कहते हैं कि कई बार निजी भड़ास निकालने के लिए, किसी बात का बदला लेने के लिए, मुआवजा हासिल करने के लिए भी रेप के झूठे आरोप लगाए जाते हैं। यह भी देखा गया है कि रिलेशनशिप खत्म होने पर भी पुरुष पार्टनर पर रेप का आरोप लगा दिया जाता है। परिवार के दबाव में भी लड़कियां रेप का आरोप लगा देती हैं। 2017 … Read more

दिग्गज अर्थशास्त्री और नीति निर्माता ने कहा- 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की ओर भारत अग्रसर

नई दिल्ली  भारत के बड़े अर्थशास्त्री और नीति निर्माताओं में एक एनके सिंह ने कहा है कि विश्व भारत के युग में प्रवेश की दहलीज पर खड़ा है और तेज वृद्धि दर होने के कारण देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा है।भारत के बड़े अर्थशास्त्री (Economist) और नीति निर्माताओं (Policy Maker) में एक एनके सिंह (NK Singh) ने कहा है कि विश्व भारत के युग में प्रवेश की दहलीज पर खड़ा है और तेज वृद्धि दर होने के कारण देश 2047 तक विकसित राष्ट्र (Developed Country) बनने की ओर बढ़ रहा है. सिंह ने ये बातें लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (London School of Economics and Political Science) यानी एलएसई (LSI) में प्रतिष्ठित मानद फेलोशिप (Fellowship) प्रदान किए जाने के दौरान अपने संबोधन में कहीं. सम्मान मिलने बाद क्या कहा? एनके सिंह भारत के प्रमुख अर्थशास्त्रियों में से एक हैं. वे 15वें वित्त आयोग के चेयरमैन रह चुके हैं. एनके सिंह ने आगे कहा कि उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर अमर्त्य सेन और पूर्व राष्ट्रपति केआर नारायणन जैसे भारतीयों की श्रेणी में आकर गर्व महसूस हो रहा है. सिंह ने ये बातें लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (एलएसई) में प्रतिष्ठित मानद फेलोशिप प्रदान किए जाने के दौरान अपने संबोधन में कहीं। सिंह ने आगे कहा कि उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर अमर्त्य सेन और पूर्व राष्ट्रपति केआर नारायणन जैसे भारतीयों की श्रेणी में आकर गर्व महसूस हो रहा है। यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया कि सिंह को दिया गया सम्मान एलएसई के साथ लंबे समय तक और प्रतिबद्ध संबंधों और एलएसई के भारत सलाहकार बोर्ड के सह-अध्यक्ष के रूप में भारत के साथ संबंधों को सुविधाजनक बनाने में उसके प्रयासों को मान्यता देता है। अपने संबोधन में सिंह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में वह और सभी केंद्रीय मंत्री 2047 के विकसित भारत के विजन को लेकर प्रतिबद्ध हैं। अगले दशकों तक भारत को विकास दर की इस रफ्तार को बनाए रखने की जरूरत है। भारत दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की विकास दर 8.2 प्रतिशत थी, जो कि चालू वित्त वर्ष में 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। एनके सिंह भारत के प्रमुख अर्थशास्त्रियों में से एक हैं। वे 15वें वित्त आयोग के चेयरमैन रह चुके हैं। इससे पहले, वे राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन समीक्षा समिति (एफआरबीएम) के अध्यक्ष रह चुके हैं। वे 2008 से 2014 तक संसद के उच्च सदन, राज्य सभा के सदस्य भी रहे। इस दौरान उन्होंने लोक लेखा समिति, विदेश मामलों की समिति और मानव संसाधन विकास समिति सहित कई प्रमुख संसदीय स्थायी समितियों में योगदान दिया।

सरकारी तेल कंपनियां ब्राजील से तेल की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए एक लॉन्ग टर्म समझौता चाहती है

नई दिल्ली  देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत में मार्च से कोई बदलाव नहीं हुआ है। आम चुनावों से पहले सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर आम लोगों को राहत दी है। तब पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत में प्रति लीटर दो रुपये की कटौती की गई थी। इस कटौती के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये और डीजल की कीमत 87.62 रुपये रह गई थी। लेकिन जल्दी ही पेट्रोल-डीजल की कीमत में गिरावट आ सकती है। मिंट की एक खबर के मुताबिक सरकारी तेल कंपनियां ब्राजील से कच्चे तेल की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए एक लॉन्ग टर्म समझौता करने के वास्ते बातचीत कर रही हैं। भारत दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा आयातक है और पिछले कुछ समय से अपनी सप्लाई को डाइवर्सिफाई करने में लगा है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ब्राजील की दिग्गज तेल कंपनी पेट्रोब्रास के साथ बातचीत कर रही हैं। ब्राजील दुनिया में कच्चे तेल का सातवां बड़ा उत्पादक और एक्सपोर्टर है। भारतीय कंपनियों के अधिकारियों ने अप्रैल में ब्राजील का दौरा किया था। बीपीसीएल अभी अपनी रिफाइनरीज में ब्राजील के कच्चे तेल की टेस्टिंग कर रही है। जल्दी ही कॉन्ट्रैक्ट पर साइन होने की उम्मीद है। हालांकि अभी यह फाइनल नहीं हुआ है कि ब्राजील से कितना कच्चा तेल मंगाया जाएगा। क्यों बढ़ रही है कीमत सूत्रों का कहना है कि भारतीय कंपनियां ब्राजील की कंपनी के साथ अलग-अलग बातचीत कर रही हैं लेकिन इसकी शर्तें एक ही तरह की हो सकती हैं। भारत परंपरागत रूप से पश्चिम एशिया से कच्चा तेल मंगाता रहा है क्योंकि यह सस्ता पड़ता है। लेकिन जानकारों का कहना है कि जब कंपनियां कंसोर्टियम के रूप में मोलभाव करती हैं तो उन्हें सस्ता पड़ता है। भारतीय कंपनियां ऐसे वक्त ब्राजील से कच्चे तेल की सप्लाई के लिए बातचीत कर रही हैं जब पश्चिम एशिया और यूक्रेन में संघर्ष और होरमुज की खाड़ी से सप्लाई में बाधा के कारण कच्चे तेल की कीमत बढ़ रही है। भारत के तेल आयात में ब्राजील की हिस्सेदारी बहुत कम है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में भारत ने ब्राजील से 1.46 अरब डॉलर का कच्चा तेल आयात किया था जबकि भारत का कुल ऑयल बिल 139.85 अरब डॉलर रहा था। पिछले फाइनेंशियल ईयर में भारत का सबसे बड़ा सप्लायर रूस रहा। ब्राजील का तेल उत्पादन पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2023 में देश में कच्चे तेल का उत्पादन करीब 13 फीसदी बढ़कर 34 लाख बैरल प्रतिदिन रहा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आज कच्चा तेल मामूली गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। ब्रेंट क्रूड 30 सेंट की गिरावट के साथ 87.17 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है।

अनिल अंबानी की आर-इन्फ्रा पर छह बैंकों का 1700 करोड़ रुपये बकाया, कर्ज चुकाएगी महाराष्ट्र सरकार!

मुंबई महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार ने मुंबई मेट्रो की सबसे पुरानी लाइन मेट्रो 1 को खरीदने की योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। लेकिन राज्य मंत्रिमंडल ने एमएमआरडीए (MMRDA) की कार्यकारी समिति को एकमुश्त निपटान के माध्यम से मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड (MMOPL) के 1,700 करोड़ रुपये के कर्ज का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया है। 11.4 किमी लंबा मेट्रो-1 कॉरिडोर वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर के बीच है। यह मुंबई मेट्रो का एकमात्र कॉरिडोर है जिसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए बनाया गया था। इसके लिए एक स्पेशल पर्पज वीकल MMOPL बनाई गई थी। इसमें एमएमआरडीए की 26% और अनिल अंबानी (Anil Ambani) की कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर (Reliance Infrastructure) की 74% हिस्सेदारी है। इस कॉरिडोर में रोजाना 4.6 लाख यात्री सफर करते हैं। इस न्यूज से रिलायंस इन्फ्रा का शेयर करीब 10 फीसदी उछल गया। शेयर मार्केट में गिरावट के बावजूद कंपनी का शेयर बीएसई पर कारोबार के दौरान 206.65 रुपये तक पहुंचा। MMOPL पर कुछ छह बैंकों का बकाया है। इनमें भारतीय स्टेट बैंक, आईडीबीआई बैंक, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और आईआईएफसीएल (यूके) शामिल हैं। मार्च 2024 में कंपनी ने अपने ऋणदाताओं के साथ एक समझौता किया था जिसके तहत अपने पूरे ऋण का निपटान करने के लिए 1,700 करोड़ रुपये का भुगतान करने पर सहमति व्यक्त की गई। इस व्यवस्था के तहत, एमएमआरडीए और एमएमओपीएल ने ऋणदाताओं को 171 करोड़ रुपये का प्रारंभिक भुगतान किया। सूत्रों ने बताया कि अब 26 जून को कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एमएमआरडीए की कार्यकारी समिति से एकमुश्त निपटान के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए कहा जाए। कैबिनेट ने पलटा फैसला उल्लेखनीय है कि 11 मार्च को राज्य मंत्रिमंडल ने मेट्रो-1 में रिलायंस इन्फ्रा की 74% हिस्सेदारी को एमएमआरडीए द्वारा 4,000 करोड़ रुपये में खरीदने को मंजूरी दे दी थी। लेकिन एमएमआरडीए ने कहा कि उसके पास इसके लिए पैसे नहीं हैं। उसने राज्य सरकार से फंड देने का अनुरोध किया लेकिन सरकार ने इसे खारिज कर दिया। राज्य मंत्रिमंडल ने हाल ही में अपने खरीद निर्णय को उलट दिया था। अब एमएमआरडीए कमिश्नर इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए एमएमओपीएल के सभी छह ऋणदाताओं के साथ एक बैठक आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। अप्रैल 2023 से जून 2024 तक एमएमओपीएल ने 225 करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज चुकाया है। एमएमओपीएल को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में दिवालियापन की कार्यवाही का सामना करना पड़ रहा था। आईडीबीआई बैंक ने 133.37 करोड़ रुपये के बकाये पर अक्टूबर 2023 में दिवालियापन की कार्यवाही शुरू की, जबकि एसबीआई ने 416 करोड़ रुपये की चूक के कारण अगस्त 2023 में कार्यवाही शुरू की। एमएमआरडीए ने 170 करोड़ रुपये यानी वन-टाइम सेटलमेंट की 10 फीसदी राशि का भुगतान किया था। उसके बाद एनसीएलटी ने दिवालियापन के मामलों का निपटारा कर दिया था। इस बारे में संपर्क करने पर एमएमओपीएल के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। एमएमआरडीए के अधिकारी भी टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 2,356 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मेट्रो लाइन 1 घाटे में नहीं है, लेकिन वित्तीय संकट में फंसा अनिल अंबानी ग्रुप इस प्रोजेक्ट से बाहर निकलना चाहता है। एमएमआरडीए और एमएमओपीएल के बीच 2007 में कनसेशन एग्रीमेंट पर साइन हुए थे। यह कॉरिडोर 2014 में ऑपरेशनल हुआ था। इसकी लागत को लेकर भी एमएमओपीएल और एमएमआरडीए के बीच कानूनी लड़ाई चल रही है। एमएमओपीएल का दावा है कि इस कॉरिडोर को बनाने में 4,026 करोड़ रुपये का खर्च आया था जबकि एमएमआरडीए का कहना है कि इसकी मूल लागत 2,356 करोड़ रुपये थी।

नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज एक आम मेटाबोलिक लिवर डिसऑर्डर है जो बाद में लिवर कैंसर में बदल सकता है: डॉ. जितेंद्र

नई दिल्ली केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत में हर तीसरा व्यक्ति फैटी लिवर से पीड़ित है, जो टाइप-2 मधुमेह और मेटाबोलिक डिसऑर्डर के पहले की स्‍थिति है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र ने कहा कि नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज एक आम मेटाबोलिक लिवर डिसऑर्डर है जो बाद में सिरोसिस और प्राइमरी लिवर कैंसर में बदल सकता है। यह मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और कई अन्य बीमारियों से पहले होता है। एक एंडोक्रिनोलॉजिस्ट के रूप में मैं फैटी लिवर की बारीकियों और मधुमेह व अन्य मेटाबोलिक डिसऑर्डर के साथ इसके संबंध को मैं समझता हूं। वह राष्ट्रीय राजधानी स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज में मेटाबोलिक लिवर रोगों की रोकथाम और उपचार के लिए एक वर्चुअल नोड, इंडो फ्रेंच लिवर एंड मेटाबोलिक डिजीज नेटवर्क के शुभारंभ के अवसर पर बोल रहे थे। इस नोड में ग्यारह फ्रांसीसी और 17 भारतीय डॉक्टर संयुक्त रूप से काम करेंगे। मंत्री ने कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप और यूरोप दोनों में जीवन शैली आहार में परिवर्तन और मुख्य रूप से मधुमेह और मोटापे जैसे मेटाबॉलिक सिंड्रोम के कारण नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप में यह डिजीज लगभग 20 प्रतिशत गैर-मोटे रोगियों में होती है, जबकि पश्चिम में नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के अधिकांश मामले मोटापे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत और फ्रांस दोनों में अल्कोहलिक लिवर डिजीज के काफी मामले हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज और अल्कोहलिक लिवर डिजीज दोनों ही स्टेटोसिस से लेकर स्टेटोहेपेटाइटिस सिरोसिस और एचसीसी तक एक समान प्रगति प्रदर्शित करते हैं। डॉ. जितेंद्र ने कहा कि भारत न केवल उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवा में बल्कि निवारक स्वास्थ्य सेवा में भी वैश्विक अग्रणी बन गया है, जो पिछले दशक में भारत की प्रगति को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि फैटी लिवर के विभिन्न चरणों और गंभीर, पूर्ण विकसित बीमारियों में उनकी प्रगति का पता लगाने के लिए सरल, कम लागत वाले नैदानिक ​​परीक्षण विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने महत्वपूर्ण रूप से कहा कि दृष्टिकोण और एल्गोरिदम भारतीय संदर्भ के अनुरूप होने चाहिए, कम कीमत के साथ सावधानी बरतने वाले होने चाहिए।

भारत राष्ट्र समिति नेता के कविता की न्यायिक हिरासत 18 जुलाई तक बढ़ा दी, लगा राउज एवेन्यू कोर्ट से झटका

नई दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली आबकारी नीति से संबंधित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) मामले में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नेता के कविता की न्यायिक हिरासत 18 जुलाई तक बढ़ा दी। के कविता को तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। उनके वकील ने न्यायिक हिरासत रिमांड का पुरजोर विरोध किया। राउज़ एवेन्यू अदालत कल उनके खिलाफ दायर आरोपपत्र पर विचार कर सकती है। 14 दिनों के लिए बढ़ाई गई न्यायिक हिरासत विशेष सीबीआई न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने के. कविता की न्यायिक हिरासत अगले 14 दिनों के लिए बढ़ा दी। सुनवाई के दौरान उनके वकील पी मोहित राव ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने की प्रार्थना का विरोध किया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ पहले ही आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। इस पर 6 जुलाई को विचार किया जाएगा। दिल्ली आबकारी नीति मामले में 7 जून को सीबीआई द्वारा दायर यह तीसरा पूरक आरोपपत्र है। 15 मार्च को हुई थी गिरफ्तार कविता सीबीआई और मनी लॉन्ड्रिंग मामले दोनों में न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें सबसे पहले 15 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था। उसके बाद 11 अप्रैल को सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया। ईडी ने दिल्ली आबकारी नीति धन शोधन मामले में भी उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने बताया कि जुलाई में दाखिल दिल्ली के मुख्य सचिव की रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी, जिसमें प्रथम दृष्टया जीएनसीटीडी अधिनियम 1991, कार्य संचालन नियम (टीओबीआर)-1993, दिल्ली आबकारी अधिनियम-2009 और दिल्ली आबकारी नियम-2010 का उल्लंघन दर्शाया गया था। ईडी और सीबीआई ने लगाए गंभीर आरोप ईडी और सीबीआई ने आरोप लगाया था कि आबकारी नीति को संशोधित करते समय अनियमितताएं की गईं, लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, लाइसेंस शुल्क माफ कर दिया गया या कम कर दिया गया तथा सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बिना एल-1 लाइसेंस बढ़ा दिया गया।  जांच एजेंसियों ने कहा कि लाभार्थियों ने “अवैध” लाभ को आरोपी अधिकारियों तक पहुंचाया तथा पकड़े जाने से बचने के लिए अपने खातों में गलत प्रविष्टियां कीं। आरोपों के अनुसार, आबकारी विभाग ने निर्धारित नियमों के विरुद्ध एक सफल निविदाकर्ता को लगभग 30 करोड़ रुपये की बयाना राशि वापस करने का निर्णय लिया था। जांच एजेंसी ने कहा कि भले ही कोई सक्षम प्रावधान नहीं था, लेकिन कोविड-19 के कारण 28 दिसंबर, 2021 से 27 जनवरी, 2022 तक निविदा लाइसेंस शुल्क पर छूट की अनुमति दी गई और सरकारी खजाने को 144.36 करोड़ रुपए का कथित नुकसान हुआ।  

भाजपा ने 23 प्रमुख राज्यों के प्रभारी घोषित किए, संबित पात्रा को मिली बड़ी जिम्मेदारी, जाने किस राज्य में कौन

नई दिल्ली भाजपा ने हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा जैसे बड़े राज्यों समेत देश भर के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अपने प्रभारी और सह-प्रभारी घोषित कर दिए हैं। हाल ही में सांसद बने संबित पात्रा को भी इसमें बड़ी जिम्मेदारी मिली है और उन्हें पूर्वोत्तर का समन्वयक बनाया गया है। भाजपा ने जिन प्रमुख राज्यों के प्रभारी घोषित किए हैं, उनमें से बिहार में विनोद तावड़े को जिम्मेदारी मिली है। उनके साथ सह-प्रभारी के तौर पर दीपक प्रकाश रहेंगे, जो सांसद भी हैं। विनोद तावड़े फिलहाल राष्ट्रीय महासिचव हैं और संगठन में उनका बड़ा कद है। अरुणाचल प्रदेश में विधायक अशोक सिंघल को प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा अंडमान निकोबार का प्रभारी रघुनाथ कुलकर्णी को बनाया गया है। छत्तीसगढ़ के प्रभारी विधायक नितिन नबीन बनाए गए हैं। दादरा एवं नागर हवेली का प्रभारी दुष्यंत पटेल को बनाया गया है। गोवा की जिम्मेदारी आशीष सूद को मिली है। हरियाणा में राजस्थान के नेता को मिला प्रभार, यूपी के नेता बने सहप्रभारी हरियाणा में डॉ. सतीश पूनिया को प्रभारी बनाया गया है। वहीं सुरेंद्र सिंह नागर को सह-प्रभारी के तौर पर जिम्मा मिला है। वह राज्यसभा के सांसद भी हैं। हिमाचल प्रदेश का प्रभारी श्रीकांत शर्मा को बनाया गया है और उनके साथ संजय टंडन सह-प्रभारी के तौर पर रहेंगे। जम्मू-कश्मीर में तरुण चुग प्रभारी होंगे और उनके साथ आशीष सूद सह-प्रभारी बने हैं। झारखंड के प्रभारी होंगे लक्ष्मीकांत वाजपेयी, कर्नाटक में कौन उत्तर प्रदेश में भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे लक्ष्मीकांत वाजपेयी को झारखंड का प्रभारी बनाया गया है। कर्नाटक में डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल प्रभारी होंगे और उनके साथ सुधाकर रेड्डी को भी जिम्मा मिला है। केरल का प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर को बनाया गया है। उनके साथ अपराजिता सारंगी सह-प्रभारी होंगी। मध्य प्रदेश के प्रभारी बने यूपी के ये नेता, दिल्ली से कौन अब मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह को कमान मिली है, जो यूपी के हैं। उनके साथ दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष सतीश उपाध्याय होंगे। मणिपुर में सांसद अजीत गोपछड़े और अनिल एंटनी को भेजा गया है। इसके अलावा मिजोरम का प्रभार देवेश कुमार को मिला है। नागालैंड का प्रभार अनिल एंटनी को दिया गया है। ओडिशा में विजयपाल सिंह तोमर और लता उसेंडी को प्रभार मिला है। पुदुचेरी में निर्मला कुमार सुराना प्रभारी होंगे। पंजाब के प्रभारी गुजरात के पूर्व सीएम विजय रूपानी होंगे और उनके साथ नरेंद्र सिंह होंगे। पूर्वोत्तर में संबित पात्रा समेत इन दो नेताओं को मिला जिम्मा इसके अलावा सिक्किम का प्रभारी दिलीप जायसवाल को बनाया गया है। उत्तराखंड के प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम और रेखा वर्मा रहेंगे। सबसे अहम यह है कि भाजपा ने पूर्वोत्तर राज्यों के लिए समन्वयक का भी ऐलान किया है। यह जिम्मेदारी संबित पात्रा को दी गई है, जबकि वी. मुरलीधरण सह-संयोजक होंगे।  

जांजगीर जहरीली गैस हादसे में मृतकों के परिजनों 5-5 लाख रुपए देगी साय सरकार

रायपुर जांजगीर-चांपा के बिर्रा थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम किकिरदा में 5 लोगों की दम घुटने से हुई मौत के मामले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मृतक के परिजनों को पांच – पांच लाख रुपए आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने अपने X हैंडल पर इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि जांजगीर के ग्राम किकिरदा में कुंए की जहरीली गैस की चपेट में आने से 5 लोगों की दु:खद मौत की सूचना मिली थी। इस घटना में मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा करता हूं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिखा है कि हमारी सरकार पीड़ित परिजनों के हर संभव मदद के लिए तत्पर है। हादसे में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ के दल ने शवों को कुएं से निकाल लिया है और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आशंका है कि कुएं में जहरीली गैस के रिसाव के कारण उन सभी की मौत हुई। जांच के बाद ही इस संबंध में अधिक जानकारी मिल सकेगी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हादसे पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ”जांजगीर के ग्राम किकिरदा में कुएं की जहरीली गैस की चपेट में आने से पांच लोगों की दुःखद मौत की सूचना मिली। मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा करता हूं। हमारी सरकार पीड़ित परिजनों के हर संभव मदद के लिए तत्पर है। मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।’’ आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिस पुराने कुएं में यह घटना हुई है, वह करीब चार माह से उपयोग में नहीं था क्योंकि जायसवाल ने अपने घर में बोरवेल करा लिया था। उन्होंने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि चूंकि कुआं लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं था और ढका हुआ भी था, इसलिए उसके भीतर जहरीली गैस का रिसाव होने लगा।’’ गौरतलब है कि जांजगीर जिला स्थित बिर्रा क्षेत्र के किकिरदा गांव में एक पुराना कुआं है। जिसे काफी समय से उपयोग में नहीं लाया जा रहा था। गांव के ही लोगों ने पुरानी लकड़ियों का छप्पर बनाकर कुएं को ढंक दिया था। बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में बारिश और तेज हवा चलने के कारण कुएं के ऊपर बना लकड़ी का छप्पर कुएं के अंदर गिर गया था। जिसे निकालने गांव का एक आदमी कुएं के अंदर गया, जो काफी देर तक वापस नहीं आया। इसके बाद एक-एक कर 4 लोग और कुएं में उतरे और वापस बाहर नहीं आ सके। आशंका जताई जा रही है कि काफी दिनों से बंद रहने के कारण कुएं में जहरीली गैस निकलने लगी है, जिसकी चपेट में आने से 5 लोगों की मौत हो गई। हमारी सरकार पीड़ित परिजनों की हर संभव मदद करेगी : ऐसे में इस हादसे के मामले में राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को  5-5 लाख रुपए देने की घोषणा की हैं। वहीं इस बीच मुख्यमंत्री से ने सोशल मीडिया के X पर  ट्वीट कर कहा कि, हमारी सरकार हर संभव मदद के लिए तत्पर हैं। जांजगीर-चांपा के बिर्रा थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम किकिरदा में 5 लोगों की दम घुटने से मौत हुई  हैं। इस मामले में मृतक के परिजनों को पांच – पांच लाख रुपए आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने हादसे में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि “हमारी सरकार पीड़ित परिजनों की हर संभव मदद के लिए तत्पर है।”

शिंदे सरकार ने ‘मेरी लाडली बहन योजना’ के लिए लांच किया एप, महिलाओं के पास ऑफलाइन और ऑनलाइन के विकल्प

मुंबई महाराष्ट्र सरकार ने मेरी लाडली बहन योजना में आवेदन करने के लिए नारी शक्ति दूत ऐप लांच किया है। महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली महायुति सरकार ने मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने का ऐलान किया है। राज्य सरकार ने आवेदन के लिए 31 अगस्त की डेडलाइन रखी है। अब सरकार ने इस योजना को लेकर राज्यभर में भारी उत्साह को देखते हुए नारी शक्ति दूत एप लांच कर दिया है, ताकि महिलाएं एप के जरिए अपने अर्जी को आसानी से जमा कर सकें। क्या है पूरी योजना? वित्त मंत्री अजित पवार ने विधानसभा सत्र में राज्य का बजट पेश करते हुए राज्य की महिला आबादी के लिए मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना का ऐलान किया था। सरकार गरीब महिलाओं और बेटियों की 1500 रुपये प्रति महीने की आर्थिक सहायता देगी ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। सरकार ने इसके लिए उम्र सीमा 21 से 65 साल रखी है। सरकार का दावा है कि इस योजना से महिलाओं के संपूर्ण विकास के साथ-साथ वित्तीय स्वतंत्रता हासिल होगी। योजना के लिए सरकार ने आवंटन के लिए 46 हजार करोड़ रुपये आवंटित करने का लक्ष्य रखा है। महाराष्ट्रीयन महिलाओं में इस योजना को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। क्या है आवेदन की प्रक्रिया? मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना के अच्छे क्रियान्वयन के लिए सीएम एकनाथ शिंदे जिला कलेक्टरों से निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था रखने के निर्देश दिए है। योजना में आवेदन के लिए महिलाएं गूगल प्ले स्टोर से नारी शक्ति दूत एप डाउनलोड कर सकती हैं। वह एप डाउनलोड करने के बाद योजना के लाभ के लिए 31 अगस्त तक आवेदन कर सकती है। योजना का लाभ 1 जुलाई से ही मिलेगा। इसके साथ सरकार ने मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना आवेदन तहसील कार्यालय, आंगनबाडी सेविका, सेतु कार्यालय में ऑफलाइन जमा कराने का विकल्प रखा है। महाराष्ट्र सरकार ने इस योजना का आवेदन पत्र उपलब्ध करा दिया है। मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना के आवेदन पत्र में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, अजीत पवार और अदिति तटकरे की तस्वीर है। ऑफलाइन प्रक्रिया क्या है? पात्र महिलाएं घर बैठे ही योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए आपको मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना (Ladki Bahin Yojana online Form ) का पीडीएफ आवेदन पत्र डाउनलोड करना होगा। आपको इसमें अपना नाम, पता, बैंक विवरण, आधार कार्ड नंबर और अन्य सभी चीजें भरनी होंगी। इसके बाद आवेदन पत्र को आवश्यक दस्तावेजों के साथ दोबारा वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। बैंक खाते में भुगतान करते समय आपको उसी खाते में भुगतान करना होगा जिसमें आप राशि चाहते हैं। इसमें बैंक का नाम, खाताधारक का नाम, बैंक खाता संख्या, बैंक का आईपीएससी कोड भरना होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपका आधार उस बैंक खाते से लिंक होना चाहिए। कैसे काम करेगी एप? ऐप डाउनलोड हो जाने पर अपनी जानकारी भरें और एक प्रोफाइल बनाएं। अपना नाम और अन्य जानकारी ध्यानपूर्वक भरें। योजना के लिए आवेदन करने वाली महिला किस श्रेणी की है इसकी जानकारी भरें। मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना पर क्लिक करें और नाम, पता, बैंक खाते का विवरण भरें। आवेदक का फोटो अपलोड करें। फिर जरूरी दस्तावेज अपलोड करें, फिर सबमिट करें। आपको एक संदेश मिलेगा कि आवेदन पूरा हो गया है। मेरी लाडली बहन योजना के लिए क्या है नियम? महिला लाभार्थी की आयु 21 वर्ष होनी चाहिए, अधिकतम उम्र सीमा 65 साल रखी गई है महिला महाराष्ट्र की निवासी हो, परिवार की वार्षिक आय ढाई लाख से अधिक न हो। यह लाभ राज्य की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और निराश्रित महिलाओं को मिलेगा। मेरी लाडली बहन योजना के लिए लाभार्थी महिला के पास बैंक खाता होना जरूरी है। मेरी लाडली बहन योजना चाहिए ये डॉक्युमेंट आधार कार्ड। महाराष्ट्र राज्य अधिवास प्रमाण पत्र/महाराष्ट्र राज्य जन्म प्रमाण पत्र। सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी परिवार के मुखिया का आय प्रमाण पत्र बैंक खाता पासबुक के प्रथम पृष्ठ की फोटोकॉपी। पासपोर्ट के आकार की तस्वीर। राशन पत्रिका। योजना के नियमों एवं शर्तों का अनुपालन करने के लिए अपनी सहमति।

मदरसा बंद करने की तैयारी को लेकर दो टूक में कहा कि सब करेंगे, चिंता मत करो: सीएम यादव

छिंदवाड़ा  मध्य प्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव का बड़ा बयान सामने आया हैं। सीएम ने प्रदेश में मदरसा बंद करने के संकेत दिए हैं! दरअसल, उन्होंने मदरसा बंद करने की तैयारी को लेकर दो टूक में कहा कि सब करेंगे, चिंता मत करो। मुख्यमंत्री मोहन यादव छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा विधानसभा के उपचुनाव में प्रचार करने पहुंचे हैं। शुक्रवार को उन्होंने सुरलाखापा गांव में आदिवासी कार्यकर्ता के घर पर भोजन किया। सीएम को पारंपरिक तरीके से माहुल की पत्तल में देशी भोजन परोसा गया। मीडिया से चर्चा करते हुए सीएम मोहन ने बताया कि अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए प्रचार लगातार जारी है। आज आदिवासी कार्यकर्ता के घर भोजन किया। इसका एक अलग ही आनंद है। वहीं उन्होंने मदरसा बंद करने की तैयारी के सवाल पर दो टूक में कहा कि सब बंद करेंगे चिंता मत करो। आपको बता दें कि अमरवाड़ा उपचुनाव के लिए 14 जून से नामंकन प्रक्रिया शुरू की गई थी। 21 जून तक नामंकन दाखिल किए गए। 24 जून को नामंकन पत्रों की जांच हुई। 26 जून नाम वापसी की आखिरी तारीख थी। 10 जुलाई को अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान होगा। वहीं 13 जुलाई को मतगणना होगी।

गंगोत्री-गोमुख ट्रेक मार्ग पर चीड़वासा नाले में बहे दो कावंडिए, रेस्क्यू अभियान जारी

देहरादून/उत्तरकाशी  गोमुख ट्रैक पर चीड़वासा के पास पुल टूटने से कांवड़िए फंस गए, जिनमें से 8 लोगों को पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है, जबकि 32 अन्य कांवड़ियों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चल रहा है। पुल टूटने के कारण गुरुवार को दिल्ली निवासी दो कांवड़िए बह गए थे। उत्तराखंड में इन दिनों चारधाम यात्रा चल रही है। चारधाम यात्रा के लिए भले ही तीर्थयात्रियों की संख्या कम हो गई हो, लेकिन कांवड़ियों ने कांवड़ लेकर गोमुख पहुंचना शुरू कर दिया। पिछले दिनों से कई कांवड़िए गोमुख ट्रैक पर कांवड़िए पहुंच रहे हैं। 40 कांवड़िए गए थे गुरुवार को गोमुख में 40 कांवड़िए गए थे। उनकी वापसी के दौरान चीड़वासा के पास नदी पर बना पुल टूट गया, जिससे कांवड़िए नदी पार नहीं कर पाए। कांवड़ियों के नदी के दूसरे छोर पर फंसने की सूचना पर गंगोत्री पुलिस चौकी से एसडीआरएफ को सूचना दी गई। अंधेरा और नदी के उफान पर होने के कारण रेस्क्यू अभियान नहीं चलाया जा सका। सुबह का उजाला होते ही एसडीआरएफ ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। एसडीआरएफ ने दोपहर तक आठ कांवड़ियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया था, जबकि अन्य लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी था। एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम इंचार्ज सावर सिंह ने बताया कि बाकी कांवड़ियों के रेस्क्यू के लिए टीम लगातार काम कर रही है, जल्द ही सभी को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा। उत्तरकाशी आपदा कांट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे गंगोत्री-गोमुख ट्रेक मार्ग पर गंगोत्री से 9 किमी आगे चीड़वासा के पास हिमखंड पिघलने से चीड़वासा नाले में अचानक पानी बढ़ गया. जिससे नाले पर बनी अस्थायी लकड़ी की पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई. बताया जा रहा है जिस वक्त पुलिया क्षतिग्रस्त हुई, उस वक्त कांवड़िए गुजर रहे थे. जिसमें दो कांवड़िए भी नाले में बह गए. वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद है. इसके अलावा पुलिस और एसडीआरएफ की टीम कांवड़ियों की खोजबीन कर रही है. साथ ही पुलिया की मरम्मत की जा रही है. बताया जा रहा है कि अभी गोमुख की तरफ भोजवासा के पास 35 यात्री जीएमवीएन के विश्राम गृह और आश्रम में सुरक्षित रुके हुए हैं. बताया जा रहा है कि नाले में बहे दोनों कांवड़ियों के नाम सूरज और मोनू है. जो दिल्ली के निवासी बताए जा रहे हैं. ये लोग गंगा जल लेने गोमुख जा रहे थे. तभी हादसे का शिकार हो गए. बता दें कि भगवान शिव का जलाभिषेक और सावन महीने के लिए देश के विभिन्न प्रांतों से कांवड़िए गंगाजल लेने गोमुख की तरफ आते हैं. आजकल पर्यटक भी गोमुख ट्रेक पर घूमने जा रहे हैं. वहीं, उत्तरकाशी जिलाधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट ने गंगोत्री नेशनल पार्क के उप निदेशक से इस घटना के बारे में जानकारी ली. साथ ही नाले में बहे लोगों की खोजबीन के लिए सर्च और रेस्क्यू अभियान चलाने को कहा है. इसके अलावा गोमुख क्षेत्र में रुके यात्रियों की सुरक्षित निकासी और नाले पर तत्काल वैकल्पिक पुलिया बनाने के निर्देश दिए हैं. दिल्ली के दो कांवड़िए बह गए विदित हो कि दिल्ली के दो कांवड़िए सूरज और मोनू गुरुवार को उफनती नदी में बह गए। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण नदी पर बना लकड़ी का अस्थायी पुल टूट गया था। इस दौरान पुल से गुजर रहे दो कांवड़िए भी नदी के तेज बहाव में भी गए, जबकि उनका एक साथी पुल पार करने के कारण बच गया।

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग में 690 पदों पर निकली भर्ती आवेदन आज से, अंतिम तिथि 04-08-2024

भोपाल डिकल ऑफिसर भर्ती के मौकों का इंतजार कर रहे और मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए काम की खबर। मध्य प्रदेश सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत चिकित्सा अधिकारी (Medical Officer) के पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा जारी की गई है। आयोग द्वारा 26 जून को जारी भर्ती विज्ञापन (क्रमांक 03/2024) के अनुसार कुल 690 मेडिकल ऑफिसर की भर्ती (MPPSC Medical Officer Recruitment 2024) की जानी है। इसमें से 242 पद महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं। वहीं, कुल पदों में से 96 पद अनारक्षित हैं, जिनके लिए अन्य राज्यों के उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं।  आज से करें आवेदन मध्य प्रदेश चिकित्सा अधिकारी भर्ती (MPPSC Medical Officer Recruitment 2024) के लिए आवेदन के इच्छुक उम्मीदवार MPPSC की आधिकारिक वेबसाइट, mppsc.mp.gov.in पर एक्टिव लिंक से सीधे अप्लीकेशन पोर्टल, mponline.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वैकल्पिक तौर पर उम्मीदवार नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक से भी अधिसूचना डाउनलोड कर सकते हैं और अप्लीकेशन पेज पर जा सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया आज यानी शुक्रवार, 5 जुलाई को दोपहर 12 बजे से शुरू हो चुकी है उम्मीदवार निर्धारित आखिरी तारीख 4 अगस्त तक अपना अप्लीकेशन सबमिट कर सकते हैं। आवेदन से पहले जानें योग्यता MPPSC द्वारा जारी मध्य प्रदेश चिकित्सा अधिकारी भर्ती (MPPSC Medical Officer Recruitment 2024) अधिसूचना के अनुसार आवेदन के लिए उम्मीदवारों को भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (MCI) से मान्यता प्राप्त संस्थान से MBBS की डिग्री उत्तीर्ण होना चाहिए। साथ ही मध्य प्रदेश चिकित्सा परिषद में स्थायी पंजीयन होना वांछनीय है। उम्मीदवारों की आयु 1 जनवरी 2025 को 21 वर्ष से कम तथा 40 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए। अधिकतम आयु सीमा में राज्य के आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को छूट दी जाएगी, अधिक जानकारी व अन्य विवरणों के लिए भर्ती अधिसूचना देखें।

मुख्यमंत्री साय ने 9 वीं कक्षा में प्रवेशित छात्राओं को निःशुल्क साइकिल का वितरण किया

रायपुर जशपुर जिले के ग्राम बगिया में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर आज यहां छात्र छात्राओं के लिए खुशियों भरा दिन रहा। जहां एक ओर कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के मुखिया और जशपुर के माटी पुत्र मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कार्यक्रम में शामिल हुए। वही दूसरी तरफ शाला प्रवेशोत्सव में नव प्रवेशी बच्चों के अभिनंदन के साथ उन्हें उपहार देने के साथ ही मुख्यमंत्री साय ने 9 वीं कक्षा में प्रवेशित छात्राओं को निःशुल्क साइकिल का वितरण किया। छात्राओं ने साइकिल मिलने की खुशी सामूहिक रूप से साइकिल की घंटी बजाकर जाहिर की और मुख्यमंत्री श्री साय का आभार जताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी छात्राओं को अच्छे से पढ़ाई कर बेहतर परिणाम के साथ अपने माता-पिता और बगिया सहित प्रदेश का नाम रोशन करने की बात कहते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री राधेश्याम राठिया, विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, विधायक आरंग गुरु खुशवंत साहेब, जिला पंचायत अध्यक्ष जशपुर श्रीमती शांति भगत, उपाध्यक्ष श्री उपेन्द्र यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। 9 वीं की छात्राओं को निःशुल्क साईकिल वितरण गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा निःशुल्क साइकिल वितरण योजना से छात्राओं को मुफ्त साइकिल प्रदान की जाती हैं। इस योजना के तहत शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाली कक्षा 9 वीं की छात्राओं को निशुल्क साइकिल प्रदान की जा रही है, ताकि संसाधनों के अभाव में और दूरी के कारण छात्राएं अपनी पढ़ाई बीच में ना छोड़े। साइकिल मिलने से उत्साहित छात्राओं ने कहा स्कूल आने जाने में होगी सहूलियत साइकिल मिलने पर छात्राओं के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही है। छात्राओं का कहना है कि निःशुल्क साइकिल मिलने की उन्हें काफी खुशी है और अब उन्हें अपने स्कूल तक आने-जाने में सहूलियत होगी। वे जल्दी स्कूल पहुंच सकेंगी, जिससे उनके समय की बचत होगी, साथ ही पढ़ाई पर उनका फोकस और मजबूत होगा।

हाई कोर्ट ने राज्य और केंद्र से सवाल किया है कि नाबालिगों के बीच प्रेम संबंधों के लिए सिर्फ लड़कों को ही क्यों पकड़ा जाता

नैनीताल उत्तराखंड हाई कोर्ट ने एक ऐसा सवाल किया है, जो अक्सर पूछा जाता है। हाई कोर्ट ने सवाल किया है कि नाबालिगों के बीच प्रेम संबंधों के लिए सिर्फ लड़कों को ही क्यों पकड़ा जाता है, जबकि लड़कियों को छोड़ दिया जाता है? दरअसल, उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़कियों के साथ प्रेम और अन्य गतिविधियों में शामिल किशोर लड़कों की गिरफ्तारी के खिलाफ जनहित याचिका सुनवाई की। याचिका पर विचार-विमर्श करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लड़कों को ही क्यों पकड़ा जाता है, जबकि लड़कियों को छोड़ दिया जाता है। वकील मनीषा भंडारी की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई चीफ जस्टिस रितु बाहरी और जस्टिस राकेश थपलियाल ने की। याचिका में कहा गया है कि नाबालिग लड़कों और लड़कियों के बीच प्रेम संबंधों से जुड़े मामलों में हमेशा लड़के को ही दोषी माना जाता है। जनहित याचिका में कहा गया है कि यहां तक कि जब लड़की बड़ी हो जाती है, तब भी लड़के को हिरासत में ले लिया जाता है और उसे अपराधी माना जाता है। प्रेम प्रसंग के मामलों में लड़का ही अंत में खुद को जेल में पाता है, जबकि उसे पकड़ने के बजाय परामर्श दिया जाना चाहिए। 20 नाबालिग अभी भी हिरासत में सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि 20 नाबालिग अभी इसी तरह के आरोपों में हिरासत में हैं। कोर्ट ने याचिका को स्वीकार किया और फिर से कहा कि राज्य इस बात पर विचार कर सकता है कि क्या दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 161 के तहत लड़के का बयान दर्ज करना पर्याप्त होगा? उसकी गिरफ्तारी की आवश्यकता क्या जरूरी है। अदालत ने सुझाव दिया कि अधिक से अधिक उसे ऐसी चीजों में लिप्त न होने की सलाह दी जा सकती है, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा, अदालत ने प्रस्ताव दिया कि राज्य ऐसी स्थितियों में पुलिस विभाग के आदेश के पालन के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।  

नर्स और फैक्ट्री वर्कर का बेटा किएर स्टार्मर बनेगा UK का PM, ऋषि को मिली करारी हार

लंदन ब्रिटेन चुनाव के लिए शुक्रवार को वोटों की गिनती जारी है. एग्जिट पोल के अनुरूप मुख्य विपक्षी लेबर पार्टी ने प्रचंड जीत हासिल की है. 14 साल के इंतजार के बाद देश में लेबर पार्टी की सरकार बनने जा रही है. अब तक के नतीजों में लेबर पार्टी 410 सीटें जीत चुकी है जबकि सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी अभी तक सिर्फ 119 सीटें ही जीत पाई है. 650 में से 641 सीटों पर नतीजों का ऐलान किया जा चुका है. लिबरल डेमोक्रेट्स ने अभी तक 71 सीटों, स्कॉटिश नेशनल पार्टी ने आठ सीटों, रिफॉर्म यूके ने चार सीटों, प्लेड सिमरू, सिन फेन और डीयूपी ने चार-चार सीटों पर जीत दर्ज की है. जबकि ग्रीन पार्टी चार सीट पर जीत हासिल कर पाई है. PM मोदी ने ब्रिटेन चुनाव में ऐतिहासिक जीत पर किएर स्टार्मर को दी बधाई। किएर स्टार्मर के नेतृत्व वाली लेबर पार्टी ने प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के नेतृत्व वाली कंजर्वेटिव पार्टी के 14 साल के शासन को खत्म करके शानदार जीत के संकेत दिए हैं. हालांकि अभी यूके के प्रधानमंत्री चुनाव के आधिकारिक नतीजे घोषित नहीं हुए हैं. इस बीच लेबर पार्टी के किएर स्टार्मर के बारे में जानना जरूरी हो जाता है, जो संभवतः इस प्रंचड जीत के बाद ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री होंगे. कौन हैं किएर स्टार्मर? किएर रॉडनी स्टार्मर (Keir Starmer) एक ब्रिटिश राजनेता और वकील हैं. स्टार्मर का जन्म 2 सितंबर 1962 को इंग्लैंड के सरी में ऑक्सटेड नामक छोटे से शहर में हुआ था. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, परिवार के चार बच्चों में से एक, उनका पालन-पोषण लंदन के बाहर एक छोटे से शहर में एक तंगी भरे घर में हुआ. उनके पिता एक फैक्ट्री में टूल बनाने का काम करते थे, जिन्होंने स्टार्मर नाम लेबर पार्टी के पहले नेता किएर हार्डी के नाम पर रखा था. स्टार्मर की मां हॉस्पिटल में नर्स थीं. स्टार्मर जब छोटे थे तभी एक गंभीर बीमारी की वजह से उनकी मां का निधन हो गया था. मां का साया सिर से उठ जाने की वजह से उन्हें बचपन से ही काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है. यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने वाले परिवार के पहले सदस्य थे कई मुश्किलों के बावजूद स्टार्मर ने कभी हार नहीं मानी. वे बचपन से ही पढ़ाई में अच्छे थे, परीक्षाओं में अच्छे नंबर लाने की वजह से ही उनका एडमिशन एक प्रतिष्ठित हाई स्कूल में हुआ था. वे यूनिवर्सिटी जाकर पढ़ाई करने वाले अपने परिवार में पहले थे. 1985 में लीड्ल यूनिवर्सिटी से लॉ में बैचलर डिग्री हासिल की. इसके बाद 1986 में ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के सेंट एडमंड हॉल से सिविल लॉ से ग्रेजुएट हुए. गरीबों की मुफ्त में दी कानूनी सलाह लॉ की पढ़ाई करने के बाद, स्टार्मर ने काफी समय तक गरीबों को मुफ्त में कानूनी सलाह दी. वे कई बड़े मामलों में गरीबों की ओर से पैरवी करते थे, उन्हें मानवाधिकारों से जुड़े से मामलों में विशेषज्ञता हासिल है. उन्होंने ट्रेड यूनियनों, मैकडॉनल्ड्स विरोधी प्रचारकों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौत की सजा पाए कैदियों की वकालत की. 2007 में विक्टोरिया अलेक्जेंडर से हुई थी शादी स्टार्मर ने 2007 में विक्टोरिया अलेक्जेंडर से शादी की और उनके दो बच्चे हैं. स्टार्मर, एक प्रतिभाशाली संगीतकार भी हैं. उन्होंने नॉर्मन कुक के साथ स्कूल में वायलिन की शिक्षा ली, जिन्होंने बाद में हाउसमार्टिन्स के लिए डीजे फैटबॉय स्लिम के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त की थी. जब स्टार्मर को पहली बार मिली अलग पहचान 2003 में, स्टार्मर ने राजनीति की ओर रुख करना शुरू किया, उत्तरी आयरलैंड में पुलिस द्वारा मानवाधिकार कानूनों का पालन सुनिश्चित करने की भूमिका निभाकर कई लोगों को हैरान कर दिया था. इसके पांच साल बाद, उन्हें लेबर प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन के द्वारा इंग्लैंड और वेल्स के लिए सार्वजनिक अभियोजन निदेशक (DPP) के रूप में नियुक्त किया गया. वे 2008 से 2013 तक इस पद पर रहे. उन्होंने व्यय घोटाले में शामिल सांसदों, फोन-हैकिंग में फंसे पत्रकारों और इंग्लैंड में दंगों में भाग लेने वाले युवाओं का नेतृत्व किया. महारानी एलिजाबेथ ने दी थी प्रतिष्ठित नाइट की उपाधि नाइट की उपाधि ब्रिटेन में दी जाने वाली सबसे प्रतिष्ठित उपाधियों में से एक है और यह राजशाही द्वारा दी जाती है. महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने साल 2014 में बकिंघम पैलेस में स्टार्मर को नाइट की उपाधि दी थी, जिसके बाद नाम के साथ ‘सर’ कहा जाता है. लेकिन स्टार्मर को यह कभी पसंद नहीं आया, वे चाहते हैं कि लोग उनके नाम के साथ किसी टाइटल का इस्तेमाल न करें. एक न्यूज इंटरव्यू में स्टार्मर ने कहा था, ‘ जब मैं डीपीटी था, तो सभी लोग मुझे डायरेक्टर कहते थे लेकिन मैंने मना किया, मुझे किएर स्टार्मर ही कहें.’ स्टार्मर का राजनीतिक सफर साल 2015 में स्टार्मर पहली बार संसद के लिए चुने गए. वह 2015 से 2024 तक होलबोर्न और सेंट पैनक्रास से संसद सदस्य हैं. वे एक साल तक ब्रिटेन की शैडो कैबिनेट में इमीग्रेशन मिनिस्टर थे. इसके अलावा स्टार्मर 2016 से 2020 तक यूरोपीय संघ (EU) से बाहर निकलने के लिए शैडो राज्य सचिव भी थे. अप्रैल 2020 में स्टार्मर को लेबर पार्टी का अध्यक्ष चुना गया था. वे ब्रिटेन की संसद में साल 2020 से प्रतिपक्ष और लेबर पार्टी के नेता हैं. उन्होंने लेबर पार्टी के वैचारिक रुख को दूर-दराज़ के वामपंथी रुख से राजनीतिक मध्यमार्ग की ओर मोड़ा है. पूरे अभियान के दौरान, मतदाताओं को उनका संदेश यही रहा है कि लेबर सरकार बदलाव लाएगी. उनका पूरा पेशेवर जीवन जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने के लिए रहा है.  अब वे 61 वर्ष की उम्र में ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बनेंगे. भारत के लिए यूके इलेक्शन महत्व भारत और ब्रिटेन दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए दो साल से अधिक समय से प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत कर रहे हैं. लेबर पार्टी की प्रचंड जीत से दोनों देशों के बीच एफटीए पर चल रही वार्ता के डायनामिक्स में बदलाव आ सकता है. यदि सर्वेक्षण सटीक होते हैं, तो अन्य यूरोपीय देशों की तरह ब्रिटेन में भी वर्तमान सरकार बदल जाएगी. बता दें कि जीत के बाद किएर स्टार्मर ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हमने कर दिखाया. आपने इसी के लिए प्रचार किया था, आपने … Read more

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