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भारत से अधिक अशांति अमेरिका में ,आइसलैंड में सबसे ज़्यदा शांति

लंदन पूरी दुनिया पर युद्ध का साया तेजी से गहरा रहा है। इसको फैलने से नहीं रोका गया तो यह कभी भी पूरी दुनिया को चपेट में ले सकता है। ग्लोबल पीस इंडेक्स की मंगलवार को जारी 18वीं रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद से पहली बार वैश्विक संघर्षों की संख्या सबसे अधिक 56 के स्तर पर पहुंच गई है। चिंताजनक यह है कि अब युद्ध भी अंतर्राष्ट्रीय होते जा रहे हैं। दुनिया भर में 92 देश अपनी सीमाओं पर संघर्ष के हालात से जूझ रहे हैं। वहीं, 2024 में 97 देशों में शांतिपूर्ण हालातों में गिरावट देखी गई है, जबकि भारत (India) समेत 65 देशों में स्थितियां बेहतर हुई हैं। रिपोर्ट जारी होने का सिलसिला शुरू होने के बाद से ये सबसे अधिक संख्या है। रूस-यूक्रेन, इजरायल हमास ज्यादा जिम्मेदार Global Peace Index रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले दशक में, 10 में से नौ वर्ष शांति में गिरावट के वर्ष रहे हैं। हम रिकॉर्ड संख्या में संघर्ष, सैन्यीकरण में वृद्धि और अंतर्राष्ट्रीय रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में वृद्धि देख रहे हैं। इतना ही नहीं, यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के चलते दुनिया के सबसे अधिक शांतिपूर्ण क्षेत्र यूरोप के तीन चौथाई देशों ने 2023 में अपने सैन्य खर्च में इजाफा किया है। हालांकि, यूरोप (Europe) में आज भी दुनिया के 10 सर्वाधिक शांतिपूर्ण देशों में से सात देश स्थित हैं, लेकिन इस क्षेत्र के 36 में से 23 देशों में शांतिपूर्ण हालात में गिरावट दर्ज की गई है। 2024 की पीस इंडेक्स के अनुसार, पूरी दुनिया में औसतन शांति में 0.56 फीसदी की गिरावट आई है। आइसलैंड, आयरलैंड और ऑस्ट्रिया को दुनिया के तीन सबसे शांतिपूर्ण देशों का स्थान दिया गया है। इसमें अमरीका को 132वीं रैंक देते हुए 116वें स्थान पर मौजूद भारत से ज्यादा अशांत माना गया है। दक्षिण एशिया में शांतिः भारत में सबसे अधिक सुधार (Global Peace Index) क्षेत्रीय रैंक देश पीस इंडेक्स रैंक रैंक में सुधार 1 भूटान 21 3 2 नेपाल 81 12 3 बांग्लादेश 93 8 4 श्रीलंका 100 1 5 भारत 116 5 6 पाकिस्तान 140 2 7 अफगानिस्तान 160 डाटा उपलब्ध नहीं एशिया में सिंगापुर सबसे शांत सिंगापुर को दुनिया का पांचवां और एशिया में सबसे अधिक शांतिपूर्ण देश माना गया है। इस सूची में मलेशिया को जापान से अधिक शांतिपूर्ण मानते हुए उसे 10वीं वैश्विक रैंक दी गई है, जबकि जापान को 17वीं। वहीं पीस इंडेक्स में चीन को 89वीं रैंक दी गई है। अंतरिक्ष में भी अशांति परंपरागत हथियारों (ऑर्टिलरी) की तुलना में अब वैश्विक ताकतें ड्रोन्स और डिफेंस सैटेलाइट पर ज्यादा खर्च कर रही हैं। सैन्य सैटेलाइट पर खर्च बढ़ने से अब टकराव का साया स्पेस तक पहुंच गया है। इतना ही नहीं, ड्रोन की एंट्री से अब छोटे समूह भी आसानी से हमलावर क्षमताओं को तेजी से बढ़ा रहे हैं। प्रति व्यक्ति 2 लाख रुपए की क्षति वैश्विक स्तर पर बढ़ती हिंसा के चलते 2023 में इसका के कारण आर्थिक नुकसान को 19.1 लाख करोड़ डॉलर आंका गया है, जो कि दुनिया भर की जीडीपी का 13.5 फीसदी ठहरता है। प्रति व्यक्ति यह नुकसान 2380 डॉलर यानी करीब 198949 रुपए आंका गया है। दुनिया की सैन्य क्षमता 10 फीसदी बढ़ी, अमरीका की क्षमता चीन से तीन गुना ज्यादा वैश्विक स्तर पर बढ़ते संघर्षों के चलते दुनिया भर के 108 देशों ने अपनी सैन्य क्षमताओं में इजाफा किया है। इससे पूरी दुनिया की सैन्य क्षमता 10 फीसदी बढ़ी है। अमरीका की घातक सैन्य क्षमता चीन की तुलना में तीन गुना अधिक है, हालांकि पिछले 10 सालों में सैन्य क्षमता में सबसे अधिक इजाफा चीन ने ही किया है। इसके बाद रूस और फ्रांस तथा यूके की सैन्य क्षमता सबसे अधिक है। तथ्य – इस समय दुनिया में करीब 11 करोड़ लोग हिंसा जनित शरणार्थी या विस्थापित का जीवन जी रहे हैं। – पिछले साल टकरावों के कारण 162000 मौतें हुईं, जो 30 सालों में सबसे अधिक हैं। इनमें भी तीन चौथाई, यूक्रेन और फिलिस्तीन संघर्ष में हुईं। 2009 और 2020 के बीच 126 देशों द्वारा शांति में सुधार के बावजूद, 2023 सूचकांक एक चिंताजनक प्रवृत्ति की रिपोर्ट करता है। लगातार नौवें वर्ष औसत वैश्विक शांति में गिरावट आई है, जिसमें 84 देशों में सुधार हुआ है और 79 देशों में गिरावट का सामना करना पड़ रहा है। कोविड महामारी के बाद की स्थिति को एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में पहचाना जाता है, जिससे नागरिक अशांति और राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी है। उल्लेखनीय रूप से, संयुक्त राज्य अमेरिका 131वें स्थान पर है, जो कि जेलों में बंद लोगों की उच्च दर, व्यापक हथियारों के निर्यात और सैन्यीकरण जैसे कारकों के कारण काफी कम है। सूची में भारत 126वें स्थान पर है। जीपीआई सामाजिक सुरक्षा, जारी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय संघर्ष और सैन्यीकरण सहित 23 संकेतकों पर विचार करता है । आइसलैंड के बाद डेनमार्क, आयरलैंड और न्यूजीलैंड का स्थान है। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, दक्षिण सूडान, सीरिया, यमन और अफगानिस्तान, जहां अशांति के विभिन्न स्तर हैं, अंतिम पांच में हैं। क्षेत्रवार वैश्विक शांति कुल मिलाकर, IEP शोधकर्ताओं के अनुसार इस वर्ष वैश्विक शांति का स्तर 0.56% कम हुआ है। यह बहुत ज़्यादा नहीं लग सकता है, फिर भी यह ध्यान देने योग्य है कि यह बारहवीं बार है जब औसत में गिरावट आई है, सूचकांक शुरू होने के बाद से कुल मिलाकर 4.5% की कमी आई है। इस बीच, शरणार्थियों और आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों की संख्या 95 मिलियन तक बढ़ गई है, जिसमें 16 देश ऐसे हैं जिनकी कम से कम 5% आबादी या तो शरणार्थी है या आंतरिक रूप से विस्थापित है। यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि राजनीतिक अस्थिरता और अनसुलझे आंतरिक संघर्ष वैश्विक शांति को कमजोर करने वाले प्रमुख कारक हैं। अफगानिस्तान लगातार छह वर्षों से दुनिया का सबसे कम शांतिपूर्ण देश रहा है, लेकिन इस साल शांति सूचकांक के संस्करण में दक्षिण सूडान, सूडान और यमन ने इसे पीछे छोड़ दिया है, जो अब यह अप्रिय स्थान रखते हैं। यूक्रेन- जिसने पिछले साल सूचकांक में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की थी, 14 स्थान गिरकर 157 वें स्थान पर आ गया था- 2 स्थान और गिरकर 159 पर आ गया। कहने की जरूरत नहीं है कि गाजा … Read more

भारत में पचास हजार महिलाओं ने उठाया तापमान बीमा का लाभ, मिले इतने रुपए, आखिर क्या है ये स्कीम?

नई दिल्ली  देश के कई इलाकों में इस बार रिकॉर्डतोड़ गर्मी पड़ रही है। कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री के पार चला गया है। जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने के कारण लाखों लोगों के सामने रोजीरोटी का संकट खड़ा हो गया है। उनके पास अब दो ही विकल्प हैं। खतरनाक परिस्थितियों में काम करें या भूखे रहें। लेकिन ऐसी स्थिति में एक प्रोग्राम महिलाओं के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है। इसने उन्हें एक तीसरा विकल्प दिया है। वे चिलचिलाती गर्मी में कम से कम कुछ घंटों के लिए काम करना बंद कर सकती हैं। उससे वह भीषण गर्मी से खुद को बचा लेंगी और उन्हें भूखों मरने की नौबत भी नहीं आएगी। अहमदाबाद शहर में 19 मई से 25 मई के बीच रोजाना तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को चलाने वाले कई मजदूरों के लिए काम करना मुश्किल हो गया। 40 वर्षीय लताबेन अरविंदभाई मकवाना के लिए अपने टिन की छत वाले मकान के अंदर सिलाई मशीन चलाना असहनीय था। इस मकान में बहुत कम वेंटिलेशन था और केवल एक छोटा सा छत वाला पंखा था। एक दिहाड़ी मजदूर के रूप में उनके लिए जिंदगी मुश्किल थी। काम नहीं कर पाने का मतलब था कि वह अपने बच्चों का पेट भरने और अपने लिए ब्लड प्रेशर की दवा खरीदने के लिए जरूरी पैसे नहीं कमा पा रही थी। मकवाना ने कहा, ‘हर गर्मियों में स्थिति बदतर होती जा रही है।’ गर्मी खासकर उनके जैसे लोगों के लिए खतरनाक है जो हाइपरटेंशन से पीड़ित हैं। कैसे काम करती है यह स्कीम अहमदाबाद में जैसे ही तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस के पार हुआ, मकवाना और हजारों दूसरी महिलाओं को बताया गया कि इंश्योरेंस कंपनी आईसीआईसीआई लोम्बार्ड उन्हें उनके दैनिक वेतन का एक हिस्सा देगी। यह प्रोग्राम पैरामीट्रिक इंश्योरेंस का उपयोग करता है जो किसी विशेष पैमाने के हिट होने पर भुगतान करता है। जैसे कि रोजाना तापमान का बढ़ना। पिछले महीने भीषण गर्मी के दौरान देश के 22 जिलों में 46,000 से ज्यादा महिलाओं को कुल 2,84,00,000 रुपये का भुगतान किया गया। इस प्रोग्राम में करीब 50,000 महिलाएं एनरॉल हैं। मकवाना का इंश्योरेंस भुगतान 750 रुपये था, जो कुछ दिनों के लिए भोजन और दवाइयों के लिए पर्याप्त था। इसके अलावा उन्हें चैरिटी के रूप में अलग से 400 रुपये मिले थे। पहली बार तापमान के 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने पर उन्हें यह राशि मिली थी। The Self-Employed Women’s Association का लेबर यूनियन इंश्योरेंस प्रोग्राम चलाता है। इसके प्रीमियम के एक हिस्से का भुगतान प्रोग्राम में एनरॉल महिलाएं करती हैं जबकि शेष हिस्सा चैरिटी द्वारा वहन किया जाता है। पायलट प्रोग्राम पिछले साल शुरू किया गया था और अप्रैल 2025 तक चलने वाला है। Climate Resilience for All एक नॉन-प्रॉफिट संस्था है जो इस इंश्योरेंस प्रोग्राम को सपोर्ट कर रही है। इसकी सीईओ कैथी बॉगमैन मैकलियोड ने कहा कि यह प्रोग्राम सफल रहा है। चैरिटी की इस इंश्योरेंस प्रोग्राम को दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी अपनाने की योजना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय कार्यक्रम का सपोर्ट करने वाले फंडर्स अगले कुछ साल तक इसे मदद करते रहेंगे।  

SEBI की बड़ी राहत, निवेशकों को मिली राहत, बिना नॉमिनी वाले म्यूचुअल फंड और डीमैट अकाउंट नहीं होंगे फ्रीज

मुंबई शेयर बाजार के रेग्यूलेटर सेबी ने डिमैट खाते और म्यूचुअल फंड अकाउंट में नॉमिनी का नाम नहीं देने पर अकाउंट फ्रीज करने के अपने पुराने आदेश को खत्म कर दिया है. सेबी के इस नए फैसले के चलते उन डिमैट खाताधारक या म्यूचुअल फंड अकाउंट होल्डर्स को परेशान होने की जरुरत नहीं है जिन्होंने च्वाइस ऑफ नॉमिनेशन के विकल्प को नहीं चुना है. पहले सेबी ने 30 जून 2024 तक सभी डिमैट – म्यूचुअल फंड खाताधारकों को नॉमिनी का नाम देने के इस विकल्प को चुनने की मोहलत दी थी. ऐसा ना करने पर अकाउंट को फ्रीज करने का प्रावधान था जिसका बाद खाताधारक कोई ट्रांजैक्शन नहीं कर पाते.   शेयर बाजार के स्टेक होल्डर्स और भागीदारों की ओर से अनुपालन के नियमों को सरल बनाने की मांग के बाद सेबी ने ये फैसला लिया कि मौजूदा निवेशक या यूनिट होल्डर्स जिन्होंने नॉमिनेशन के विकल्प को नहीं चुना है उनके डिमैट खाते या म्यूचुअल फंड फोलियो अकाउंट को फ्रीज नहीं किया जाएगा. सेबी ने इसे लेकर 10 जून 2024 को एक सर्कुलर जारी किया है.     सेबी ने लिस्टेड कंपनियों या आरटीए द्वारा नॉमिनेशन के च्वाइस को सबमिट नहीं करने के चलते पेमेंट पर रोक लगा दिया था इंवेस्टर्स को पेमेंट का भुगतान कर दिया जाएगा. हालांकि सेबी ने साफ कर दिया है कि नए डिमैट खाताधारकों या म्यूचुअल फंड अकाउंट होल्डर्स को नॉमिनेशन के विकल्प को चुनने या नॉमिनी का नाम नहीं देने के विकल्प को भरना ही होगा. सेबी ने डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स, एएमसी, आरटीए से कहा है कि वे डिमैट अकाउंट या म्यूचुअल फंड खाताधारकों को हर पखवाड़े ईमेल और एसएमएस के जरिए नॉमिनेशन के विकल्प को चुनने की जानकारी को अपडेट करें. मौजूदा निवेशक को नॉमिनी का नाम देने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए पॉप-अप प्रोवाइड किया जाएगा जिससे 1 अक्टूबर 2024 को डिमैट खाते या म्यूचुअल फंड अकाउंट में लॉगिन करने पर ये पॉप-अप मैसेज दिखने लगेगा. वित्तीय मामलों के जानकार अशवनी राणा ने कहा, सेबी की ओर से ये बड़ी राहत है. पहले सेबी ने कहा था कि नॉमिनी का नाम नहीं देने वाले डिमैट खाताधारक और म्यूचुअल फंड ग्राहक के खाते फ्रीज हो जायेंगें और उसमें कोई ट्रांजैक्शन नहीं किया जा सकेगा. लेकिन सेबी ने फरमान जारी कर साफ कर दिया है कि 30 जून तक जो लोग नॉमनी का नाम नहीं देंगे उनका खाता फ्रीज नहीं किया जाएगा और कस्टमर्स पहले जैसे ही ट्रांजैक्शन कर सकेंगे. अशवनी राणा ने कहा भले ही सेबी ने राहत दे दी हो लेकिन हर ग्राहक को डिमैट खाते या म्यूचुअल अंकाउंट में नॉमीनी का नाम जरूर देना चाहिए जिससे खाताधारक की मृत्यु होने पर आसानी से नॉमिनी को शेयर्स या म्यूचुअल फंड यूनिट ट्रांसफर किया सके. ऐसा नहीं करने पर नॉमिनी को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

विदेशियों का चारधाम यात्रा के प्रति उमड़ा प्यार, अब तक दर्शन के लिए 20 हजार रजिस्ट्रेशन कराये

नईदिल्ली चारधाम यात्रा के प्रति विदेशी नागरिकों की आस्था भी बढ़ रही है। इस बार केदारनाथ-गंगोत्री समेत चारों धामों में दर्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले विदेशी भक्तों की संख्या बढ़ गई है। इनके रजिस्ट्रेशन के विशेष प्रबंध किए गए हैं। उत्तराखंड पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक वाई.के. गंगवार के मुताबिक चारधाम यात्रा के लिए अब तक 19,809 विदेशी नागरिक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।  नेपाल के बाद सर्वाधिक अमरीकियों ने कराया पंजीकरण विदेशियों में नेपाल के बाद सर्वाधिक पंजीकरण अमरीकी नागरिकों ने कराए हैं। इस बार सउदी अरब और अफगानिस्तान से लेकर कतर तक के लोगों ने पंजीकरण कराया है। चारधाम यात्रा के प्रति आस्था उन्हें सात समुंदर पार से उत्तराखंड ला रही है। दस मई से चल रही चारधाम यात्रा में अब तक देश-विदेश के 41 लाख से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया है। इसके अलावा 21 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री चारधाम के दर्शन कर चुके हैं। ये देश भी शामिल इस बार 109 देशों के नागरिकों ने चारधाम यात्रा के लिए विभिन्न माध्यमों से पंजीकरण कराया। इनमें सिंगापुर, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, ब्राजील, रूस, नीदरलैंड, भूटान, श्रीलंका, नॉर्वे, इंडोनेशिया, कुवैत, इटली, जर्मनी, थाईलैंड, हंगरी, स्वीडन, कतर, इराक, जापान, मैक्सिको, ओमान, बहरीन, ईरान, डेनमार्क, लेबनान और इजराइल शामिल हैं। अब तक पंजीकरण नेपाल 13,527 अमरीका 5,292 मलेशिया 4,358 बांग्लादेश 2,023 ब्रिटेन 1,906 आस्ट्रेलिया 927

एक से ज्यादा सिम कार्ड USE करने पर होगी मुसीबत, ज्यादा ढीली होगी ग्राहकों की जेब

मुंबई टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Trai) की ओर से साफ कर दिया गया है कि उसका मोबाइल यूजर्स से एक या उससे ज्यादा सिम के लिए चार्ज वसूलने का कोई प्लान नहीं है। ट्राई ने कहा कि सिम कार्ड एक सीमित सरकारी संपत्ति है, जिसका सही से इस्तेमाल होना चाहिए। इसके लिए ट्राई की ओर से टेलिकॉम सेक्टर के नए नियमों को ध्यान में रखते हुए मोबाइल नंबर सिस्टम का रिव्यू किया जा रहा है। लेकिन ट्राई ने साफ कहा कि उसकी ओर से मोबाइल नंबर के लिए चार्ज नहीं लिया जाएगा। नई नंबर सीरीज का प्रस्ताव ट्राई ने माना कि आज के वक्त में मोबाइल नंबर की कमी जरूर है। साल 2024 तक भारत में 1.19 अरब से ज्यादा टेलिकॉम कनेक्शन हो चुके हैं। साथ ही लगातार मोबाइल नंबर की मांग बढ़ रही है। यही वजह है कि ट्राई की ओर से नई नंबरिंग सीरीज का प्रस्ताव दिया गया है, जिससे मोबाइल नंबरिंग सिस्टम को दुरुस्त किया जा सके। इतने सारे सिम कार्ड हैं इनएक्टिव ट्राई की ओर से अनयूज्ड सिम को इस्तेमाल में लाने की योजना पर भी काम चल रहा है। उदारण के लिए अगर आपने दो या उससे ज्यादा सिम इश्यू कराया है और उस सिम का लंबे वक्त से इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो ऐसे सिम को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी है, जिससे उस सिम नंबर को दूसरे को अलॉट किया जा सके। ट्राई के आंकड़ों के मुताबिक भारत में इनएक्टिव सिम की संख्या काफी ज्यादा है। मौजूदा वक्त में 219.14 मिलियन से ज्यादा मोबाइल नंबर इनएक्टिव मोड में है, जो सरकार पर मोबाइन नंबर सिस्टम की कमी का दबाव बढ़ा रहे हैं। यह कुल मोबाइल नंबर का करीब 19 फीसद है। ट्राई ने इस बारे में सोशल मीडिया साइट X पर भी लिखा है कि ट्राई द्वारा कई सिम रखने पर ग्राहकों को चार्ज किए जाने की अटकलें पूरी तरह से गलत हैं और लोगों को गुमराह करने वाली हैं. ट्राई की ओर से ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है. यानी अगर आपके पास एक फोन में एक से ज्यादा सिम हैं तो आपको बिल्कुल परेशान होने की जरूरत नहीं है. ट्राई ने इस तरह की सभी रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है. आपको भविष्य में कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा.

केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया एवं प्रदेश सरकार के मंत्रिगणों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी किया श्रमदान

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत संगीत की नगरी ग्वालियर के ऐतिहासिक सागरताल के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार कार्य में श्रमदान कर ग्वालियरवासियों को जल संरचनायें सहेजने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ केन्द्रीय संचार मंत्री एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश सरकार के मंत्रिगण सर्वश्री नारायण सिंह कुशवाह, तुलसीराम सिलावट व प्रद्युम्न सिंह तोमर तथा सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह सहित अन्य जन-प्रतिनिधिगणों ने कतारबद्ध खड़े होकर सागरताल की साफ-सफाई के लिये श्रमदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ग्वालियर क्षेत्र का विकास प्रदेश सरकार के लिए विशेष महत्व रखता है। सरकार ग्वालियर-चंबल अंचल के विकास के लिये कटिबद्ध है। इस दिशा में जल्द ही 33 हजार करोड़ रूपए लागत की पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजना का भूमिपूजन किया जायेगा। इससे इस क्षेत्र के पेयजल व खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। साथ ही उद्योग धंधों के लिये नए-नए रास्ते खुलेंगे। सागरताल पर आयोजित हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक के जरिए लगभग 179 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। ग्वालियर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 210 करोड़ रूपए लागत के नवनिर्मित स्टेडियम सहित कुल मिलाकर लगभग 389 करोड़ रूपए की सौगातें दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागरताल पर “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत आयोजित हुई जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भिण्ड जिले से लेकर सम्पूर्ण बुन्देलखंड के सर्वांगीण विकास के लिये 43 हजार करोड़ रूपए लागत की केन-बेतवा लिंक परियोजना को मूर्तरूप दिया जायेगा। इसमें से 12 हजार 600 करोड़ रूपए के टेंडर हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागरताल के जीर्णोद्धार का काम “जल गंगा संवर्धन अभियान” के बाद भी जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने सागरताल के जीर्णोद्धार के लिये ढाई करोड़ रूपए की धनराशि मंजूर की है। साथ ही सागरताल में नौकायन सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिये भी सरकार धनराशि उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागरताल के गहरीकरण से 5 करोड़ लीटर अतिरिक्त जल ग्वालियरवासियों को उपलब्ध होगा। उन्होंने सागरताल के जीर्णोद्धार कार्य में महिला शक्ति, एनसीसी कैडेट्स एवं शहरवासियों द्वारा दिए जा रहे सहयोग पर खुशी जताई। जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में जल संरक्षण की सुदीर्घ परंपरा रही है। भागीरथ ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति की बदौलत धरती पर गंगा का अवतरण कराया था। उन्होंने कहा जिस प्रकार शरीर में धमनियों के माध्यम से रक्त प्रवाह से हमें जीवन मिलता है, उसी तरह नदियाँ जल प्रवाह कर पृथ्वी को जीवंतता प्रदान करती हैं। इस भाव को प्रदेश सरकार ने भलीभाँति समझा है और नदियों के संरक्षण के लिये कारगर पहल की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर यह भी कहा कि हमने जब राज्य संचालन के सूत्र समझे तब पता चला कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात की समस्त नदियों, घाटों व कुओं-बावड़ियों सहित सभी प्रकार की जल संरचनाओं का सफलतापूर्वक जीर्णोद्धार कराया था। प्रधानमंत्री श्री मोदी की इसी दूरदर्शी सोच के अनुरूप मध्यप्रदेश सरकार द्वारा “जल गंगा संवर्धन अभियान” के माध्यम से प्रदेश भर की जल संरचनाओं को सहेजने का काम किया जा रहा है। उन्होंने रहीम के प्रसिद्ध दोहे “रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून” के माध्यम से पानी की महिमा को रेखांकित किया। सूरवीरों की धरा है ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की धरती मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर-चंबल अंचल की शौर्य गाथाओं की सराहना करते हुए कहा कि चंबल अंचल के जवान देश की सीमा की रक्षा के लिए सीना तानकर खड़े रहते हैं। दुश्मन की गोलियों के आगे आँख से आँख मिलाकर लड़ने की हिम्मत चंबल के सूरवीरों ने दिखाई है। ग्वालियर वह धरती है जहाँ से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के एक इशारे पर उड़े विमानों ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादियों के अड्डे तबाह कर दिए थे। ऐतिहासिक ग्वालियर दुर्ग का शेष भाग भी फसाड़ लाईट से जगमग होगा – श्री सिंधिया केन्द्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दौर में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए नमामि गंगे अभियान की तर्ज पर “जल गंगा संवर्धन अभियान” शुरू किया है। हमारी संस्कृति में नदियों को माँ के समान पूजा जाता रहा है। इसलिए नदियों की रक्षा व साफ-सफाई करना हमारा दायित्व ही नहीं अपितु धर्म है। खुशी की बात है कि प्रदेश में यह सब काम जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिंधिया रियासतकाल में बड़े पैमाने पर श्रृंखलाबद्ध ढंग से जल संरचनाओं का निर्माण कराया गया था। सागरताल उनमें से एक है। प्रसन्नता की बात है कि सागरताल के जीर्णोद्धार का काम प्रदेश सरकार द्वारा कराया जा रहा है। श्री सिंधिया ने ग्वालियर को विकास कार्यों की बड़ी-बड़ी सौगातें देने के लिये मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। साथ ही जानकारी दी कि ऐतिहासिक ग्वालियर दुर्ग के शेष भाग को भी फसाड़ लाईट से जगमग किया जायेगा।

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार जनता को मंहगाई का झटका दिया, महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, 3 रुपये प्रति लीटर बढ़े दाम

बेंगलुरु कर्नाटक में कांग्रेस सरकार जनता को मंहगाई का झटका दिया है। राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी कर दी है। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार, कर्नाटक में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 3 रुपये और 3.05 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। 15 जून से सेल्स टैक्स में बढ़ोतरी का ऐलान दरअसल, राज्य सरकार ने 15 जून को पेट्रोल और डीजल पर सेल्स टैक्स में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल पर ‘कर्नाटक बिक्री कर’ (KST) 25.92 प्रतिशत से बढ़ाकर 29.84 प्रतिशत और डीजल पर 14.3 प्रतिशत से बढ़ाकर 18.4 प्रतिशत कर दिया गया है। वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह दरें तत्काल प्रभाव से लागू होगी। इतना होगा इजाफा पेट्रोल की कीमत में 3 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे बेंगलुरु में प्रति लीटर कीमत 99.84 रुपये से बढ़कर 102.84 रुपये हो गई है। इसी तरह, डीजल की कीमत में 3.02 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे प्रति लीटर कीमत 85.93 रुपये से बढ़कर 88.95 रुपये हो गई है। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार, कीमत में वृद्धि इसलिए हुई है क्योंकि राज्य सरकार ने राज्य में बिक्री कर में संशोधन किया है, जो राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों पर लगाया जाता है। अधिसूचना के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा पेट्रोल पर बिक्री कर 25.92 प्रतिशत से बढ़ाकर 29.84 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि डीजल पर कर 14.3 प्रतिशत से बढ़ाकर 18.4 प्रतिशत कर दिया गया है। बिक्री कर में इस उल्लेखनीय वृद्धि का सीधा असर राज्य भर में पेट्रोल और डीजल दोनों की खुदरा कीमतों पर पड़ा है। इस कदम को उठाने का क्या उद्देश्य कर्नाटक के वित्त विभाग द्वारा उठाए गए इस कदम का उद्देश्य राज्य के लिए अतिरिक्त राजस्व जुटाना है।हालांकि, इसका परिवहन और माल वितरण सहित विभिन्न क्षेत्रों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है, जिससे उपभोक्ताओं के लिए लागत में वृद्धि हो सकती है। इन नई कीमतों के तत्काल कार्यान्वयन ने कई निवासियों और व्यवसायों को आश्चर्यचकित कर दिया है, जिससे वित्तीय बोझ को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

मोक्षदायिनी शिप्रा नदी के जल की शुद्धि के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया भूमि पूजन

उज्जैन मोक्षदायिनी शिप्रा नदी के जल की शुद्धि के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने शनिवार को उज्जैन में 598 करोड़ 66 लाख रुपये की कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना का भूमि पूजन किया। कहा कि सिंहस्थ- 2028 को ध्यान में रखकर परियोजना स्वीकृत हुई है। ये परियोजना 42 महीने में पूरी होगी। प्रदूषित कान्ह का पानी शिप्रा के नहान क्षेत्र में मिलने से रोकने को जमालपुरा गांव में पांच मीटर ऊंचा स्टाप डैम बनाया जाएगा। यहां से गंभीर बांध के डाउन स्ट्रीम क्षेत्र तक 28.650 किलोमीटर लंबी एवं 4.5 मीटर की डी आकार आरसीसी बाक्सनुमा पाइपलाइन बिछाई जाएगी। पाइपलाइन के जरिये इंदौर से उद्वलित कान्ह का 40 क्यूमेक गंदा पानी डायवर्ट होगा। पाइपलाइन के शुरूआती और अंतिम छोर पर पहुंच मार्ग भी बनाया जाएगा ताकि सफाई कार्य के लिए मशीनरी आसानी से आ-जा सके। अंतिम छोर पर 100 मीटर लंबी ओपन चैनल बनाई जाएगी। प्रोजेक्ट को हैदराबाद की मेसर्स वेंसर कंस्ट्रक्शन कंपनी, रिवर वोट हाइड्रोएल एलएलपी कंपनी के साथ 479 करोड़ 89 लाख रुपये में पूरा करेगी और अगले 15 वर्षों तक पाइपलाइन का रखरखाव करेगी। कान्ह का पानी उपचार कर किसानों को सिंचाई के लिए दिया जाएगा। सरकार, शिप्रा को सदानीरा रखने को 600 करोड़ रुपये की एक अन्य योजना भी बना रही है, जिसके तहत सेवरखेड़ी गांव में शिप्रा नदी पर बैराज बनाकर वहां से शिप्रा का पानी लिफ्ट कर सिलारखेड़ी तालाब में ले जाया जाएगा। फिर यही पानी आवश्यकता पड़ने पर पुन: शिप्रा में छोड़ा जाएगा। इससे शिप्रा का पानी शिप्रा में ही रहेगा। इसके पहले उन्होंने 217 करोड़ की विभिन्न सड़क परियोजना का भूमि पूजन एवं इंडियन कैफे हाउस और भैरवगढ़ क्षेत्र में बनी खुली जैल का लोकार्पण भी किया। रामघाट से प्रारंभ हुई दो दिवसीय 55 किलोमीटर लंबी शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा में सहभागिता भी की। कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सदस्य बालयोगी उमेशनाथ महाराज, विधायक अनिल जैन, सतीश मालवीय, तेजबहादुर सिंह चौहान , जितेन्द्र पंड्या शामिल हुए। आज हवाई सेवा की शुरुआत करेंगे मध्यप्रदेश के रमणीय पर्यटन स्थलों को हवाई सेवा से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री रविवार को उज्जैन में पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा और पीएम श्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा का शुभारंभ करेंगे। यात्री एयरक्राफ्ट के जरिये उज्जैन से भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, इंदौर, सिंगरोली, खजुराहो की यात्रा सशुल्क कर सकेंगे। सीएम शाम 5.30 बजे शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा के समापन कार्यक्रम में सहभागिता कर शिप्रा को चुनरी अर्पित करेंगे। प्रदेश में पहली बार सेटेलाइट मैपिंग के साथ उज्जैन की नदियों की समग्र जानकारी पर आधारित पुस्तक का लोकार्पण भी करेंगे। अगले चरण में उज्जैन-इंदौर सिक्स लेन का भूमि पूजन मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले चरण में जल्द ही उज्जैन-इंदौर सिक्सलेन और उज्जैन-जावरा व्हाया नागदा फोरलेन सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन करेंगे। सिक्सलेन का निर्माण सिविल वर्क पर 735 करोड़ 36 लाख रुपये रुपये से और उज्जैन- जावरा फोरलेन का निर्माण 5017 करोड़ रुपये से किया जाएगा। विकास का यह क्रम संत समाज के सहयोग से निरंतर जारी रहेगा। विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उज्जैन में लगेगा प्रतिमाएं बनाने का कारखाना मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में प्रतिमाएं बनाने का कारखाना स्थापित किया जाएगा। यहां बनी प्रतिमाएं प्रदेश और देश के कोने-कोने तक पहुंचेंगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। यहां पीतल से भी प्रतिमाएं बनाई जाएंगी। पूजा-पाठ सामग्री, भगवान की पोशाक, पूजा के पात्र भी प्रदेश में बनवाकर देश के कोने-कोने में उपलब्ध कराए जाएंगे। भगवान राम और कृष्ण के समय के ऐतिहासिक क्षणों के साक्षी रहे स्थलों का विकास किया। महाकाल महालोक में स्थापित फाइबर-रिइंफोर्स्ड प्लास्टिक से बनी सप्त ऋषियों की मर्तियां हटाकर पत्थर की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। मूर्तियों का निर्माण उज्जैन में शुरू हो चुका है।

UPSC अभ्यर्थियों के लिए सेवाएं नोएडा मेट्रो सुबह 6 बजे शुरू करेगा ताकि सेंटर तक आसानी से पहुंच सकें छात्र

Dengue virus has changed its nature, cases are emerging with new symptoms

नोएडा संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो सेवा रविवार सुबह छह बजे से शुरू होगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) के ऑपरेटर के अनुसार, आमतौर पर रविवार को नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच मेट्रो कॉरिडोर की एक्वा लाइन पर सेवाएं सुबह 8 बजे शुरू होती हैं। एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक लोकेश एम. ने शुक्रवार को कहा, “16 जून (रविवार) को होने वाली यूपीएससी सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए, एक्वा लाइन पर यात्री सेवाएं सुबह 8 बजे के बजाय सुबह 6 बजे शुरू होंगी और ट्रेन 15 मिनट के अंतराल पर चलेंगी।” इससे पहले दिन में, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने भी घोषणा की कि उसके तीसरे चरण के खंड पर सेवाएं रविवार को सुबह 6 बजे से शुरू होंगी। बता दें कि यूपीएससी की ओर से आयोजित सिविल सर्विस की परीक्षा रविवार यानि 16 जून को आयोजित होनी है। परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेट्रो रेल सर्विस के समय में बदलाव किया गया है ताकि स्टूडेंट्स सही वक्त पर परीक्षा के लिए सेंटर तक आसानी से पहुंच सकें। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) के ऑपरेटर के अनुसार, आमतौर पर रविवार को नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच मेट्रो कॉरिडोर की एक्वा लाइन पर सेवाएं सुबह 8 बजे शुरू होती हैं।  

वैज्ञानिकों ने पृथ्वी पर दिन की अवधि को लेकर बड़ा दावा किया, धरती के आंतरिक कोर की घूर्णन गति लगातार कम हो रही

कैलिफोर्निया हम सभी जानते हैं कि 24 घंटे में एक बार दिन और एक बार रात होती है। वहीं दिन और रात को मिलाकर हमारा एक दिन पूरा होता है। वैज्ञानिकों ने पृथ्वी पर दिन की अवधि को लेकर बड़ा दावा किया है। एक शोध के मुताबिक धरती के आंतरिक कोर की  घूर्णन गति लगातार कम हो रही है। इसका प्रभाव पृथ्वी की घूर्णन गति पर भी पड़ेगा और दिन की लंबाई ज्यादा हो जाएगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह प्रक्रिया 2010 से ही शुरू हो गई है और अब दिन की अवधि पहले से ज्यादा हो गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि आंतरिक कोर की घूर्णन में परिवर्तन की वजह से दिन 24 घंटे से भी लंबे हो सकते हैं। बता दें कि पृथ्वी की आंतरिक कोर एक ठोस स्फेयर की तरह है जो कि लोहे और निकेल से बनी है। वहीं इसके चारों ओर पिघली हुई धातुओं बेहद गर्म और तरल अवस्था में मौजूद हैं। पृथ्वी की तीन लेयर में मैंटल और क्रस्ट शामिल हैं। वैज्ञानिकों को पृथ्वी के आंतरिक कोर के बारे में जानकारी सीस्मिक तरंगों के जरिए मिलती है। भूकंप के वक्त रिकॉर्ड किए गए कंपन से यह अध्ययन किया गया है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के नेचर जर्नल में छपे शोध में बताया गया है कि अगर यही ट्रेंड बरकरार रहता है तो दिन की अवधि बदल जाएगी। इसमें सेकंड के एक हिस्से का फर्क आना शुरू हो जाएगा जो कि लगातार बढ़ता ही रहेगा। शोधकर्ताओं में शामिल प्रोफेसर जॉन विडाले ने कहा, पहले जब मुझे यह पता चला तो मैं खुद अचंभित रह गया। लेकिन जब पता चला कि दो दर्जन ऐसे ही सिग्नल और पाए गए हैं तो यकीन हो गया कि इनर कोर में परिवर्तन हो रहा है। कई दशकों बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब इनर कोर के घूर्णन में परिवर्तन पाया गया है। धऱती के इनर कोर को लेकर कई तरह की बहस चलती रहती है। कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पृथ्वी की घूर्णन गति से ज्यादा तेजी से घूमती है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि मैग्नेटिक फील्ड की वजह से इसका घूर्णन धऱती के घूर्णन से कम होता है। हालांकि इस बात से कोई इनकार नहीं करता कि इनर कोर से बैकट्रैकिंग होती है और इसका असर धरती की घूर्णन गति पर पड़ता है। 40 साल में पहली बार पाया गया है कि इनर कोर की घूर्णन गति मैंटल से कम है। ग्लोबल वॉर्मिंग की वजह भी लंबे हो रहे दिन? एक अन्य स्टडी में कहा गया था कि ग्लोबल वॉर्मिंग की वजह से पहाड़ों के ग्लैशियर और अंटार्कटिका की बर्फ तेजी से पिघल रह है और इसकी वजह से भी पृथ्वी का घूर्णन धीमा हो रहा है। इस  वजह से दिन लंबे होते जा रहे हैं। रिसर्च में कहा गया था कि इस इफेक्ट को कम करने के लिए धरती की तरल वाली लेयर भी धीमी हो रही है। वहीं ठोस लेयर की गति तेज हो गई है। शोध में कहा गया था कि दिन की मियाद में कुछ लीप सेकंड ही जोड़े जा सकते हैं। 1972 के बाद से कुछ सालों में लीप सेकंड जोड़ने पड़ते हैं। इससे पता चलता है कि पृथ्वी हमेशा एक ही गति से नहीं घूमित है। बता दें कि वैज्ञानिक आंतरिक कोर के घूर्णन पर लगातार नजर रखते हैं। यह पृथ्वी का वह हिस्सा है जो कि 5500 डिग्री सेल्सियस तक गर्म रहता है। वहीं यह हिस्सा हमारे पैरों के नीचे करीब 3 हजार मील दूर है। इंसान चांद का सफर तो कर चुका है लेकिन पृथ्वी के इस हिस्से तक पहुंचना अब भी नामुमकिन है।

भारत और चीन के बीच लंबे समय से तनाव जारी, डेपसांग मैदानों में चीन अपनी ताकत बढ़ा रहा

Health check-up camp was organized in Jabalpur Central Jail

बीजिंग  चीन की विस्तारवादी नीतियां एक बार फिर देखने को मिल रही हैं। ये भारत की टेंशन बढ़ाने वाला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीनी सेना डेपसांग मैदानों में भारत के हिस्से वाली सीमा के अंदर कब्जे वाले इलाके में तेजी से बुनियादी ढांचों का निर्माण कर रही है। पूर्वी लद्दाख में कई अतिक्रमण पॉइंट पर चीन ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। इससे जुड़ी रिपोर्ट द टेलीग्राफ इंडिया में छपी है। रिपोर्ट में केंद्रीय गृह मंत्रालय से जुड़े एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से कहा गया, ‘हाल की जमीनी रिपोर्टों से पता चलता है कि चीनी सेना ने डेपसांग मैदानों में भारत के दावे वाली सीमा में अपने बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं को बढ़ा दिया है।’ अधिकारी ने कहा, ‘चीन अन्य अतिक्रमण बिंदुओं पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘पीपुल्स लिबरेशन आर्मी डेपसांग मैदानों में अतिरिक्त राजमार्ग और सड़कें बना रही है। इसने पूर्वी लद्दाख में भारत के दावे वाली सीमा के भीतर पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण तटों पर सैन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण में भी तेजी ला दी है।’ रिपोर्ट के मुताबिक 2020 से चल रहे सीमा गतिरोध का कोई भी समाधान नहीं हुआ है, जिसके कारण भारतीय सेना ने पहाड़ी इलाकों में अपनी सैन्य चौकियों को बढ़ा दिया है, ताकि किसी भी उकसावे से निपटा जा सके। गलवान में हुई थी हिंसा चीन ने अब तक डेपसांग मैदानों में कब्जे वाले क्षेत्र से सैनिकों को पीछे हटाने से इनकार कर दिया है। जबकि गलवान घाटी, पैंगोंग झील, हॉट स्प्रिंग्स और गोगरा से आंशिक सैनिकों को पीछे हटाने पर सहमति व्यक्त की है। समझौते के तहत दोनों सेनाएं एक बफर जोन बनाकर समान दूरी से पीछे हट गई हैं। गलवान नदी के करीब के इलाके को गलवान वैली कहते हैं। 1962 से ही यह दोनों देशों के बीच तनाव का कारण रहा है। 2020 में यहां एक हिंसक झड़प देखने को मिली थी। बॉर्डर के पास चीन बनाता है गांव इससे पहले रिपोर्ट आई थी कि चीन लगातार एलएसी के करीब बॉर्डर पर गांव बसा रहा है। यह दोहरे इस्तेमाल वाले गांव हैं, जहां सिविल और मिलिट्री का फ्यूजन देखने को मिलता है। भारत के साथ सीमा पर गांव बसाना चीन की रणनीतिक ‘ग्रे जोन’ टूल के रूप में जाना जाता है। इन गांवों में सैन्य और दोहरे इस्तेमाल वाले बुनियादी ढांचे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि गांवों का निर्माण करके बॉर्डर पर आबादी बढ़ाकर चीन अपने क्षेत्रीय दावों को वैध करना चाहता है।

रील बनाने के चक्कर में हुआ एक्सीडेंट, एक की मौत

भोपाल राजधानी भोपाल में लिंक रोड नंबर एक पर शनिवार की तड़के सुबह 4 बजे मोपेड चलाते हुए युवक रील बना रहा था। गाड़ी डिस्बेलैंस हुई और स्लिप होकर गिर गई। इससे युवक का सिर डिवाइडर से टकरा गया। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। गाड़ी पर साथ् में बैठे दो दोस्त घायल हो गए। दोनों काे सामान्य चोटें आई हैं। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। टीटी नगर पुलिस थाना के एएसआई चंद्रभान सिंह ने बताया कि राज वर्मा पुत्र स्वर्गीय लालू प्रसाद वर्मा शिवाजी नगर में रहता था। वह नौवीं कक्षा तक पढ़ने के बाद पढ़ाई छोड़ चुका था। राज इन दिनों एक कॉल सेंटर में नौकरी कर रहा था। वह शनिवार की रात तीन बजे ममेरे भाई तन्मय वर्मा और दोस्त रंजीत के साथ घूमने निकला था। तीनों न्यू मार्केट गए, फिर अटल पथ पर कुछ देर बैठे और तड़के सुबह 4 बजे घर के लिए रवाना हुए। लिंक रोड नंबर एक पर मामा के घर के सामने चलती गाड़ी पर रील बनाते हुए राज की गाड़ी स्लिप हो गई और डिवाइडर से टकरा गई। इससे राज की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि तन्मय और रंजीत को मामूली चोट आई हैं। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने शनिवार की दोपहर को शव परिजनों के हवाले कर दिया है। मां ओंकारेश्वर में तीर्थ यात्रा पर … मृतक परिवार का छोटा बेटा था। बड़ा भाई कुल्दीप वर्मा शहर के बाहर नौकरी करता है। उसकी मां मनीषा दो दिन पहले ही तीर्थ यात्रा के लिए निकली थीं। बेटे की मौत की सूचना के बाद मां ओंकारेश्वर से भोपाल के लिए रवाना हो चुकी हैं। रील बनाने के शौकीन थे मृतक के दोस्त मोहन ने बताया कि राज रील बनाने का बेहद शौकीन था। अलग-अलग स्पॉट से लगभग हर रोज ही एक रील बनाकर पब्लिश करता था। रील बनाने के ही लिए देर रात तीन दोस्त एक मोपेड से निकले थे। घर लौटते समय हादसे का शिकार हो गए। राज ने आखिरी रील तेज रफ्तार में मोपेड चलाते हुए शनिवार तड़के सुबह 3:49 पर सोशल मीडिया पर अपलोड की थी। अगली रील बनाते हुए हादसे का शिकार हो गया।

मध्यप्रदेश में तय समय से 2-3 दिन के बाद ही एंट्री की संभावना

भोपाल देश में चक्रवाती तूफान रैमल के चलते इस वर्ष मानसून ने समय से पहले दस्तक दी थी। मानसून की गति भी अच्छी बनी हुई थी, लेकिन अब मानसून थोड़ा कमजोर हो गया है। इसलिए मध्य प्रदेश में इसकी एंट्री देरी से होगी। इस समय मानसून गुजरात में पहुंच चुका है। मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री कब तक होगी आइए जानते हैं.. मानसून कब कहां पहुंचा देश में मानसून 30 मई को केरल पहुंचा था, इसी दिन 30 मई को यह तमिलनाडु में भी सक्रिय हो गया। इसके बाद मानसून पश्चिम बंगाल में 31 मई, आंध्र प्रदेश एवं कर्नाटक में 2 जून, तेलंगाना एवं गोवा में 4 जून के बाद अब यह 6 जून को महाराष्ट्र में सक्रिय हुआ। इसके बाद मानसून छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और बंगाल की खाड़ी में 3-4 दिन में मानसून पहुंच सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर के 7 राज्यों असम, मणिपुर, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम और मिजोरम में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और गरज के बारिश की संभावना जताई है। ऐसा मौसम 7 दिन तक रह सकता है। इधर उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में 15-18 जून तक सीवियर हीटवेव (तेज लू) का अलर्ट जारी किया गया है। Monsoon in MP मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू में भी दो दिन हीटवेव की स्थितियां बन सकती हैं। मानसून गुजरात पहुंचा गुजरात में मानसून आधिकारिक तौर पर आ चुका है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हो गया है। इसके चलते मौसम विभाग ने अगले 6 दिनों तक राज्य के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। शुक्रवार को सूरत, बनासकांठा, गांधीनगर, अहमदाबाद, नवसारी, वलसाड समेत कई जिलों में गरज के साथ बारिश हुई। इन जिलों में आज भी तेज बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र में मानसून 3-4 दिन में पहुंच सकता है। कमजोर पड़ा मानसून देश के दक्षिणी राज्यों में समय से पहले दस्तक देने के बाद मानसून कमजोर पड़ गया है। अर्थ साइंस के पूर्व सेक्रेटरी माधवन राजीवन ने कहा कि अगले 8-10 दिन तक Monsoon in MP मानसून के तेजी से आगे बढ़ने की संभावना नहीं है। बिहार और झारखंड में 16 से 18 जून तक मानसून के पहुंचने का अनुमान है। यह 20 से 30 जून के बीच उत्तर प्रदेश और 27 जून के आसपास दिल्ली पहुंच सकता है। इधर देश के कई राज्यों में मौसम बदलेगा। IMD के मुताबिक कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की स्पीड से हवाएं चल सकती हैं। ऐसा मौसम 4-5 दिन रह सकता है। मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री लेट हुई  मौसम विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश में मानसून के तय समय से 2-3 दिन के बाद ही एंट्री की संभावना है। महाराष्ट्र समेत कई प्रदेशों में एंटर होने के बाद मानसून की अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की दोनों ब्रांच कमजोर हो गई है। IMD, भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, 10 से 14 जून के बाद मानसून स्थिर है। इससे वह कमजोर हो गया है। इसलिए मध्यप्रदेश में इंतजार करना पड़ेगा। इससे पहले प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी है। प्रदेश के दक्षिण हिस्से में बारिश और तेज हवा की स्थिति बनी हुई है। यहां हवा की गति भी अधिक है। एमपी में बारिश एवं आंधी मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना है, जिसके चलते मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को एमपी के कई जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, सीधी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में आंधी, गरज-चमक का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, अनूपपुर में आंधी का यलो अलर्ट है। दूसरी ओर, रीवा, मऊगंज और सिंगरौली में गर्म हवाएं भी चल सकती है। मानसून के कब कहां पहुंचने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार मानसून बिहार 18 जून, झारखंड 13 से 17 जून, गुजरात 19 से 30 जून, मध्य प्रदेश में 21 जून, उत्तर प्रदेश 18 से 25 जून, उत्तराखंड 20 से 28 जून, हिमाचल प्रदेश 22 जून, लद्दाख एवं जम्मू 22 से 29 जून, दिल्ली 27 जून, पंजाब 26 जून से 1 जुलाई, हरियाणा 27 जून से 3 जुलाई, चंडीगढ़ 28 जून और अंत में राजस्थान 25 जून से 6 जुलाई तक पहुंचेगा। मानसून राजस्थान होते हुए पाकिस्तान में प्रवेश करता है।

फिरोजपुर झिरका इलाके में शेखपुर गांव के पास गोतस्करी को लेकर दो गुटों में भिड़ंत, गोतस्करों ने गौरक्षक को मार दी गोली

नूंह   हरियाणा के मेवात में एक गोरक्षकों और गो तस्करों के बीच भिड़ंत के बाद तनाव बढ़ गया है। फिरोजपुर झिरका इलाके में शेखपुर गांव के पास गोतस्करी को लेकर दो गुटों में भिड़ंत हो गई। इसके बाद कथित तौर पर तस्करों ने बजरंग दल के सदस्यों पर गोली चला दी। फायरिंग में सोनू नाम के शख्स को गोली लग गई जिसे गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं तीन गो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक गो तस्कर गोवंश को पिकअप में लेकर जा रहे थे। यहां कई वर्षों से गोतस्करी को लेकर विवाद होता रहता है। द ट्रिब्यून के मुताबिक नूंह के एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि है कि सोनू की हालत नाजुक है और उसका इलाज चल रहा है। शुरुआती रिपोर्ट में पता चला है कि ये तस्कर राजस्थान से आए थे। पहले एक आरोपी को दिल्ली-मुंबई हाइवे पर गिरफ्तार किया गया। उसी की मदद से बाकी दो को भी पकड़ लिया गया। पिकअप में से तीन गाय बरामद की गई हैं। वहीं मेवात इलाके में सुरक्षा व्यवस्ता कड़ी कर दी गई है।  

PM Modi 18 जून को आएंगे वाराणसी, किसान सम्मेलन को करेंगे संबोधित

The Forest Department organized a program titled One Tree in the Name of Mother.

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार भारत के पीएम के तौर पर शपथ लेने के बाद पहली अपने 18 जून को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी  जाएंगे. उनके वाराणसी दौरा का शेड्यूल भी जारी हो गया है. पीएम 18 जून को शाम सवा चार बजे वह (पीएम) किसान सम्मान सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और शाम को दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में  भी शामिल होंगे. तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी 18 जून को उत्तर प्रदेश और 19 जून को बिहार का दौरा करेंगे. लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र आने वाले हैं. शाम सवा चार बजे वह (पीएम) किसान सम्मान सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. वाराणसी में ही रुकेंगे पीएम किसान सम्मान सम्मेलन में भाग लेने के बाद पीएम शाम सवा छह बजे काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे और शाम सात बजे दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में हिस्सा लेंगे. और रात में वाराणसी में ही रुकेंगे. cm ने किया कार्यक्रम स्थल का दौरा वहीं, पीएम के दौरे से पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया. वाराणसी के दौरे के बाद पीएम नरेंद्र मोदी आगले दिन 19 जून को बिहार का दौरा करेंगे, जहां पीएम सुबह दस बजे नालंदा यूनिवर्सिटी कैंपस का उद्घाटन करेंगे. G-7 समिट में बोले पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, ‘इस समिट में निमंत्रण के लिए मैं प्रधानमंत्री मेलोनी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं. मैं चांसलर शोल्ज़ को उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं. G-7 समिट का ये आयोजन विशेष भी है और ऐतिहासिक भी है. G-7 के सभी साथियों को इस समूह की पचासवीं वर्षगांठ की बहुत-बहुत बधाई.’ उन्होंने कहा, ‘पिछले सप्ताह आप में से कई मित्र, यूरोपियन पार्लियामेंट के चुनावों में व्यस्त थे. कुछ मित्र आने वाले समय में चुनावों की सरगर्मी से गुजरेंगे.भारत में भी पीछे कुछ महीने चुनाव का समय था. भारत के चुनाव की विशेषता और विशालता कुछ आकड़ों से समझी जा सकती है.   2600 से ज्यादा राजनीतिक पार्टियां, 1 मिलियन से ज्यादा पोलिंग बूथ, 5 मिलियन से ज्यादा ईवीएम, 15 मिलियन पोलिंग स्टाफ और लगभग 970 मिलियन वोटर्स, जिनमें से 640 मिलियन लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.’  

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