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स्टेशन को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन सेवा के लिए “ईट राइट स्टेशन” के रूप में प्रतिष्ठित प्रमाणन प्राप्त हुआ.

The station has been accredited as an ‘Eat Right Station’ for providing safe and nutritious food services. हरिप्रसाद गोहे आमला । बैतूल स्टेशन, जिला बैतूल के खाद्य सुरक्षा प्रशासन की सतर्क निगरानी में, गर्व से “ईट राइट स्टेशन (सही भोजन बेहतर जीवन)” के रूप में अपने प्रमाणीकरण की घोषणा करता है ! यह उल्लेखनीय उपलब्धि बैतूल स्टेशन और ऑडिटिंग पार्टनर, वाईक्यू बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड के बीच सहयोगात्मक प्रयास का परिणाम है तथा प्रशिक्षण भागीदार, यारी क्वालिटेक के अमूल्य समर्थन रहा है ! “ईट राइट स्टेशन” प्रमाणन अपने संरक्षकों के लिए खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने के प्रति बैतूल स्टेशन के समर्पण का एक प्रमाण है। इस पहल के कार्यान्वयन की निगरानी जिला बैतूल के खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा सावधानीपूर्वक की गई है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। इस प्रतिष्ठित स्थिति को प्राप्त करने के लिए, बैतूल स्टेशन ने आवश्यकताओं के कड़े सेट का पालन किया, जिसमें शामिल थे: खाद्य लाइसेंस अनुपालन: बैतूल स्टेशन के सभी स्टालों ने अपेक्षित खाद्य लाइसेंस प्राप्त कर लिया है, यह गारंटी देते हुए कि विक्रेता खाद्य सुरक्षा के उच्चतम मानकों को पूरा करते हैं। विक्रेता स्वास्थ्य आश्वासन: प्रत्येक विक्रेता को भोजन संभालने के लिए अपनी फिटनेस को सत्यापित करने के लिए एक व्यापक चिकित्सा परीक्षण से गुजरना पड़ा। एफएसएसएआई फोस्टैक प्रशिक्षण: सभी विक्रेताओं को भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता में व्यापक प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। जल शुद्धता सत्यापन: भोजन तैयार करने में उपयोग किए जाने वाले पानी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए कठोर जल विश्लेषण रिपोर्टें आयोजित की गईं। स्वच्छता अनुपालन: स्वच्छता के उच्चतम स्तर को बनाए रखने के लिए विक्रेताओं को सिर की टोपी और दस्ताने सहित उचित वर्दी पहनना आवश्यक है। कुशल अपशिष्ट प्रबंधन: बैतूल स्टेशन ने जिम्मेदार अपशिष्ट निपटान को बढ़ावा देने के लिए सूखे और गीले कचरे के लिए अलग-अलग कूड़ेदान पेश किए हैं। बेदाग परिसर: यात्रियों के लिए स्वच्छता और सुखद वातावरण सुनिश्चित करने के लिए स्टेशन और स्टॉल परिसर का सावधानीपूर्वक रखरखाव किया जाता है। कीट नियंत्रण उपाय: कीट-मुक्त वातावरण की गारंटी के लिए कड़े कीट नियंत्रण उपाय किए गए हैं। मजबूत बिलिंग प्रणाली: लेनदेन में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए एक उचित बिलिंग प्रणाली लागू की गई है। “ईट राइट स्टेशन” पहल न केवल खाद्य सुरक्षा के प्रति बैतूल स्टेशन की अटूट प्रतिबद्धता का उदाहरण है, बल्कि यात्रियों को उनकी यात्रा के दौरान सुरक्षित, पौष्टिक और पौष्टिक भोजन प्रदान करने के प्रति इसके समर्पण को भी रेखांकित करती है। यात्री अब इस आश्वासन के साथ अपनी यात्रा शुरू कर सकते हैं कि बैतूल स्टेशन उच्चतम गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की भोजन सेवाएं प्रदान करके उनकी भलाई को प्राथमिकता देता है।

महापौर, नगर निगम जलप्रदाय विभाग की बैठक में अधिकारियों को दिये व्यापक व्यवथाए करने के निर्देश

The Mayor issued directives to officials during the municipal corporation water supply department meeting to implement comprehensive practices. विशेष संवाददाता कटनी। नगर पालिक निगम महापौर श्रीमति प्रीति संजीव सूरी शहर विकास एवं जनहित के लिये बेहद सक्रिय है। वे नगर की आमजनता के लिये गर्मी में होने वाले पेयजल संकट से निपटने को लेकर अभी से तैयारी में जुट गयी है। इसके लिए महापौर ने प्लानिंग बनाकर अधिकारियों को अवगत कराया तथा निर्देश दिये कि अभी से अलर्ट हो जाये और जलसंकट से निपटने के लिये रूपरेखा बनाये।महापौर ने आज जल प्रदाय विभाग के अधिकारियों की एक आवश्यक बैठक ली। बैठक में महापौर ने ग्रीष्म ऋतु में पेयजल संकट से निपटने के लिए अभी से व्यवस्था से संबंधित सामग्री क्रय करने के निर्देश दिये।महापौर ने ओ एण्ड एम के संबंध में ठेकेदार को पाइप लाइनों के लीकेज सुधार कर साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। महापौर ने कहा कि सार्वजनिक नलों में टोटियॉ लगाई जाये। खराब टोंटियों को बदला जाए वा अनावश्यक बहते जल को रोकने के प्रबंध किए जाएं।बैठक में महापौर ने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि बैराज व खदानों में पानी की स्थिति का आंकलन किया जाये। प्रत्येक वार्ड में पेयजल आपूर्ति के स्त्रोतों क्या है इस बात की जानकारी भी एकत्र करें। पेयजलापूर्ति के लिये पानी के टैंकरों के लिए टेंडर काल कर तैयारी रखे। गत वर्ष नगर निगम सीमा क्षेत्र में बोरिंग से संबंधित जानकारी वस्तुगत स्थिति का मौके पर मुआयना किया जाये। जहाँ बोरिंग शेष रह गई है वहां बोरिंग में मोटर पंप मशीने फिट करके चालू की जाये। कितने हाई डेंट इस वर्ष बनें और अब तक कितने हाई डेंट हो गये इसकी जानकारी भी समय रहते तैयार कर अवगत कराएं।बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए महापौर श्रीमती सूरी ने कहा कि बोरिंग प्वाइंट से अभी तक कितने कनेक्शन किये गये और कहॉ तक हुये इसकी रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार कर प्रस्तुत करें। महापौर ने कहा कि बैराज गेट में को दुरूस्त कर व्यवस्थित किया जाये।टंकियों में (ओव्हर हैड टेंक) की स्थिति का शीघ्र आंकलन किया जाये, तथा सामग्री की स्थिति का पता किया जाये। उन्होंने यह भी जानकारी अधिकारियों से मांगी की कोई टेंडर लंबित तो नहीं है।महापौर ने जलप्रदाय की बैठक में कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से निपटने के लिए अभी से प्लानिंग कर तैयारी करना जरूरी है। महापौर ने कहा कि जो भी समस्याऐं हो अभी से तैयारी रखे, गर्मी के मौसम में नगर की आमजनता को पेयजलापूर्ति में परेशानी नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर नगर निगम अधिकारी सुधीर मिश्रा, मिर्दुल श्रीवास्तव, अश्वनी पांडेय सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

उपार्जन संबंधी अनियमितताओं पर, देर रात निगरानी पर निकला अमला, धान चोरी पकड़ी.

Late-night surveillance was initiated on irregularities related to procurement, leading to the apprehension of rice thieves उपार्जन संबंधी अनियमितताओं पर, देर रात निगरानी पर निकला अमला बालाघाट। कलेक्टर ड़ॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशन में जिले में धान उपार्जन सम्बन्धी सूचना के आधार पर जांच कर धान चोरी का खुलासा किया गया है। खाद्य निरीक्षक श्री सुनील किरार ने बताया कि बुधवार देर शाम को धान परिवहन में चोरी की सूचना सामने आयी थी। सूचना के आधार पर एसडीएम वारासिवनी सुश्री कामिनी ठाकुर के नेतृत्व में राजस्व, खाद्य और मंडी अमले ने मौका स्थल पर पहुँच कर जाँच की। जांच में पाया गया कि विपणन संघ बालाघाट से अनुबंधित परिवहनकर्ता कामाख्या इंटरप्राइजेज द्वारा वारासिवनी सेक्टर एवं मेसर्स राजेश अग्रवाल द्वारा सेक्टर किरनापुर, लांजी का शासकीय धान परिवहन का कार्य किया जाता है। परिवहनकर्ताओं द्वारा शासकीय धान के परिवहन में अनियमितता पायी गई। मौके पर प्रकरण तैयार किया गया। इस जांच के बाद 14 बोरी धान को उपार्जन केंद्र प्रभारी खापा की अभिरक्षा में दिया गया। परिवहन के दौरान सड़क के किनारे फेंक जाते थे जांच के दौरान सूचना के आधार पर दल ने मौके पर सड़क के किनारे झाड़ियो एवं खेतो में खरीफ उपार्जन वर्ष 2023- 24 के स्टेंसिल लगे धान से भरे बारदाने पाये। बारदानो में नीले रंग के धागे से सिलाई एवं उपार्जन केन्द्रों की पर्चिया लगी पायी गयी, जिसमे 2 बोरिया उपार्जन केंद्र बोरगांव किन्ही (किरनापुर), 6 बोरिया उपार्जन केंद्र गर्रा (वारासिवनी), 6 बोरिया उपार्जन केंद्र मिरिया (लांजी) की पायी गयी। मौके पर उपार्जन केन्द्रों से संपर्क करने पर पाया गया कि उपार्जन केन्द्र बोरगांव ( किन्ही ), मिरिया, गर्रा की धान परिवहन की मैपिंग खापा कैप से की गयी थी। उपार्जन केन्द्रों से धान लोड कर ट्रक खापा कैप गये थे। इसी तरह यहां भी ऐसे ही काम पाया गया बोरगांव, किन्ही व गर्रा की तरह ही ठीक ऐसा ही मामला मेहंदीवाडा स्थित लक्ष्मी राइस उद्योग की जांच पर पाया गया जिसमें राइस मिल के परिसर में खाली धान के लगभग 175 बारदाने रखे पाये गये। मौके पर बारदानो की जांच करने पर खाली बारदानो में खरीफ उपार्जन वर्ष 2023-24 के स्टेंसिल लगे, नीले रंग के धागे की सिलाई के अवशेष एवं उपार्जन केन्द्र बहेगाँव (लालबर्रा) की पर्चिया लगी पायी गयी। जांच में पाया गया कि लक्ष्मी राइस उद्योग के द्वारा कस्टम राइस मिलिंग हेतु खरीफ उपार्जन वर्ष 2023-24 में उपार्जन केंद्र पिंडकेपार एवं झालीवाडा की धान का उठाव कर मिलिंग करने के लिए विपणन संघ बालाघाट से अनुबंध किया गया था। जिसके अनुसार मिलिंग कर चावल जमा कर दिया गया है, मौके पर लक्ष्मी राइस उद्योग संचालक से उपार्जन केन्द्र बहेगाँव (लालबर्रा) की पर्चियॉ व खाली बारदानो के संबंध में पूछताछ करने पर उनके द्वारा कोई भी संतोषजनक जवाब नही दिया गया। मौके पर बारदानो को अभिरक्षा में लेकर प्रकरण तैयार किया गया। वहीं उपार्जन केंद्र बिनोरा, किरनापुर, बडगांव एवं वारा का निरिक्षण करने पर पाया गया कि किसानो द्वारा स्वयं बारदानो में धान भरी जा रही थी। किसानो द्वारा मौके पर बताया गया कि उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त संख्या में हम्मालो की व्यवस्था उपार्जन केन्द्रों द्वारा नही की गयी है मौके पर बारदानो में लगी पर्चियों में किसान कोड अंकित नही पाया गया। इस अनियमितताओ के कारण मौके पर पंचनामा बनकर केंद्र प्रभारियो के विरूद्ध प्रकरण तैयार किया गया, और तुरंत ही सर्वेयर को निर्देशित किया गया कि वे किसानो से एफएक्यू धान की खरीदी करे एवं गुणवत्ता युक्त धान के संबंध में किसानो को अवगत कराये। उपार्जन केंद्र प्रभारी एवं वेअरहाउस को निर्देशित किया गया कि किसानो से खरीदी के पश्चात हैंडलिंग चालान, स्वीकृति पत्रक समय सीमा में बनाये जाये जिससे किसानो को भुगतान किया जा सके। जांच दल में ये थे शामिल एसडीएम ठाकुर द्वारा गठित संयुक्त जांच दल में नायब तहसीलदार वारासिवनी श्रीमती मंजुलता महोबिया, थाना प्रभारी वारासिवनी श्री शंकरलाल चौहान, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी वारासिवनी श्री सुनील किरार, मंडी उपनिरीक्षक एवं श्री मनोज पटले द्वारा मेहंदीवाडा से खापा मार्ग में जांच की गयी।

दुकानों पर बिक रही पैक्ड खाद्य सामग्री पर न पैकिंग की तारीख न एक्सपायरी डेट, अफसर भी नहीं करते कार्रवाई.

The officers also do not take action on packed food items being sold in shops without packaging and without a manufacturing or expiration date. मलखान सिंह परमार मुरैना ! अम्बाह शहर सहित ग्रामीण अंचल में अमानक और मिस ब्रांडेड खाद्य सामाग्री बेची जा रही है। पैक बंद कई ऐसे उत्पाद हैं जिस पर न तो कंपनी का नाम है और न ही एक्सपायरी डेट लिखी हुई है। बिना नियम कानून के गली गूंचों से लेकर हाइवे तक पर बेची जा रही खाद्य सामाग्री जानलेवा साबित हो सकती है। जबकि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के मैदानी अमले द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से यह सामग्री धड़ल्ले से बिक रही है। शहर से लेकर नगर में कई छोटे-बड़े दुकानदार विभिन्न प्रकार के खाद्य सामाग्री बेच रहे हैं। इन पैकिंग खाद्य सामग्रियों पर न तो पैकिंग डेट है और न ही इन पर एक्सपायरी अंकित है। खास बात यह है कि स्नैक्स व टोस्ट पपड़ी बनाने वाले व्यापारी जो पैक बंद सामान बच्चों के लिए तैयार करते हैं। जगह-जगह होटलों एवं किराना दुकानों पर साधारण पॉलीथिन में नमकीन के पैकेट बिक रहे है। पैकेट पर न मेन्यूफेक्चरिंग ओर न ही एक्सपायरी डेट अंकित है। जब विक्रेताओं से उक्त सामग्री बनाने वाली कंपनी और उसकी निर्माण की डेट पूछी जाती है तो दुकानदार का कहना था कि फेरी वालों से लेते है। लंबे समय से ग्रामीण अंचल में पपड़ी लड्डू डिब्बे में बंद ऐसे कई उत्पाद बेचे जा रहे हैं जो कि जानलेवा साबित हो सकते हैं। शहर की एक दुकान पर रखी खाद्य सामाग्री, जिनमें अधिकांश पर पैकिंग और एक्सपायरी डेट अंकित नहीं

खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा हटा नगर की मीट मार्केट स्थित मांस, मछली विक्रय दुकानों का किया गया निरीक्षण.

Inspections were conducted by the Food Security Administration to remove meat and fish retail shops located in the Nagar Meat Market. दमोह ! कलेक्टर मयंक अग्रवाल द्वारा दिये गये निर्देशों के तहत डी.ओ. खाद्य सुरक्षा प्रशासन राकेश अहिरवाल के मार्गदर्शन में सी.एम.ओ. नगर पालिका हटा राजेंद्र कुमार खरे के साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा अधिकारी माधवी बुधौलिया ने निरीक्षण कार्यवाही करते हुए हटा नगर के शास्त्री वार्ड स्थित मीट मार्केट में मांस, मछली विक्रय दुकानों का औचक निरीक्षण किया। शास्त्री मार्केट स्थित उक्त कवर्ड परिसर में 22 चिकिन विक्रेता, 5 बकरे के मांस के विक्रेता एवं 13 मछली विक्रेता की दुकानें पाई गई। मौके पर फोस्कोरिस एप्प के माध्यम से मांस, मछली विक्रेताओं का ऑनलाइन निरीक्षण किया गया। कार्यवाही में निरीक्षण में मौके पर मांस, मछली विक्रेताओं के खाद्य पंजीयन की जांच की गई एवं परिसर में फ़ुड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए गए।

बगैर परमिट चल रहे वाहनों के लिए परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव.

For vehicles operating without a permit, the responsibility will be assigned to the senior officials of the Transport Department: Chief Minister Dr. Yadav. सभी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक रहें सतर्क, सुनिश्चित करें कि गुना जैसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, मुख्यमंत्री डॉ यादव ने गुना से लौटकर मुख्य सचिव को दिए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुना हादसे में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के लिए मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए हैं। राज्य स्तर से सभी कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि यदि उनके क्षेत्र में बगैर परमिट के वाहन चलते हैं तो सतर्कता बरती जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाएं। परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री डॉ यादव गुना दुर्घटना के प्रभावितों से भेंट के बाद गुना से लौटकर मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि गुना हादसे के लिए दोषी आरटीओ गुना और सीएमओ गुना को निलंबित किया गया है। गुना हादसे के बाद समय पर फायर ब्रिगेड उपलब्ध न कराए जाने के कारण नगर पालिका अधिकारी के निलंबन का कदम उठाया गया है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियो का दायित्व निर्धारित करते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ऐसी घटनाओं की पुनरावृति ना हो यह भी ध्यान रखा जाएगा। यह संवेदनशील विषय है। इस संबंध में राज्य सरकार ने सजगता से ऐसी दुर्घटनाओं पर अंकुश के लिए भी निर्देश दिए हैं। सभी जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध राज्य सरकार आवश्यक रूप से सख्त कार्रवाई करेगी।

जिसका सीएम ने मंच से तबादला किया उसके हाथ जबलपुर का उपार्जन.

The one whose transfer was announced by the Chief Minister, has been assigned to Jabalpur. विशेष संवाददाता, सहारा समाचार, जबलपुर.  जबलपुर धान उपार्जन में मुख्यमंत्री के निर्देश पर फूड कंट्रोलर कमलेश टांडेकर की बर्खास्त्गी के बाद निलंबन का क्रम जारी है।इस सनसनीखेज मामले में लगातार भोपाल स्तर पर कठोर कार्यवाही से हड़कंप मचा हुआ है।इस बीच यह चर्चा भी गर्म है कि उपार्जन समिति के सदस्य होते है उपायुक्त सहकारिता। जब नियमानुसार सहकारी समितियों को केंद्र बनाया जाना था या एक समिति को दो केंद्र दिए जाने थे तो देरी सहकारिता विभाग से हुई है।उपार्जन और कमीशन से सहकारी समितियों के आर्थिक हित जुड़े होते है।अब फूड कंट्रोलर के सस्पेंड होने के बाद दो केंद्र बनाने की कार्यवाही हो रही जबकि सहकारिता विभाग को शुरू से ही सहकारी संस्थाओं को आगे बढ़ाना था।सहकारी संस्थाओं को केंद्र बनाने के प्रस्ताव तो सहकारिता विभाग की होती है। सूत्रों के अनुसार वर्तमान उपायुक्त सहकारिता निगम उपार्जन में गड़बड़ी के चलते केवलारी विधायक के तत्कालीन मुखमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मंच से सिवनी से भोपाल ट्रांसफर किए गए थे।जबलपुर का घोटाला सहकारिता विभाग की शिथिलता का मामला है।ऐसी नव निर्मित संस्थाओं को उपार्जन दिया गया है जिनके कार्यालय और निर्वाचन की जानकारी भी नही मिलती।अखिलेश निगम की भूमिका की जांच होनी चाहिए।इस संबंध में कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के शिव चौबे ने जिला कलेक्टर को संबोधित एक ज्ञापन बुधवार को संयुक्त आयुक्त सहकारिता को सौंपा।उन्होंने आयुक्त सहकारिता और प्रमुख सचिव से उचित कार्यवाही की मांग की है।

एक रात में ही हूई चार दुकानों में चोरी हर्रई पुलिस की लापहरवाही का मामला

Theft in four shops in one night, case of negligence of Harrai police छिंदवाड़ा ! चन्द्रदीप तेकाम छिंदवाड़ा जिले के हर्रई नगर में चोरों ने एक रात में ही चार दुकानों के ताले तोड़े सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई वारदात ! हर्रई थाना पुलिस का लापरवाही का मामला किराना दुकान संचालक मोनू गुप्ता के किराना दुकान से 15000₹ केश एवं काजू किशमिश बादाम जिसे टोटल 40000₹ की चोरी हुई मोनू गुप्ता ने बताया कि हर्रई थाना पुलिस रात में गस्त नहीं लगती है नहीं हंड्रेड डायल नहीं पीसीआर गाड़ी हर्रई मे रात्रि को भ्रमण करती है अगर हर्रई पुलिस की लापहरवाही के चलते ऐसी घटनाऐ के अंन्जाम बढ़ते जा रहे हैं हर्रई पुलिस इस घटना को अपने संज्ञान में लेकर मामले की जांच में जुटी हुई है

पांच हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश

Recommendation for appointment of Chief Justices in five High Courts, Collegium suggested names of these judges. राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति मनींद्र मोहन श्रीवास्तव, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति शील नागू, गौहाटी हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई, इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और झारखंड हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति बीआर सारंगी के नाम की सिफारिश की गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट समेत पांच उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए पांच न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी है। राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति मनींद्र मोहन श्रीवास्तव, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति शील नागू, गौहाटी हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई, इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और झारखंड हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति बीआर सारंगी के नामों की अनुशंसा की गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में जस्टिस संजीव खन्ना और बीआर गवई सदस्य हैं। जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह के सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत होने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद खाली हो गया था। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनींद्र मोहन श्रीवास्तव को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की है। एक प्रस्ताव में कहा गया है कि मनींद्र मोहन श्रीवास्तव के नाम पर विचार करते समय सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इस तथ्य को भी ध्यान में रखा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (जो उनका मूल उच्च न्यायालय है) का देश के उच्च न्यायालयों में कोई मुख्य न्यायाधीश नहीं है। 27 दिसंबर को जारी प्रस्ताव में न्यायमूर्ति नागू के संबंध में कॉलेजियम ने कहा कि वह एक योग्य न्यायाधीश हैं और उनमें उच्च न्यायिक पद पर आसीन होने के लिए जरूरी उच्च स्तर की सत्यनिष्ठा और आचरण है। न्यायमूर्ति नागू के नाम की अनुशंसा करते समय कॉलेजियम इस तथ्य पर विचार किया कि न्यायमूर्ति शील नागू पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने के लिए सभी मानकों पर फिट और उपयुक्त हैं। न्यायमूर्ति बिश्नोई की अनुशंसा के संबंध में कॉलेजियम ने कहा कि उन्होंने बार और बेंच में पेशेवर नैतिकता का उच्च स्तर बनाए रखा है और उनका आचरण और सत्यनिष्ठा पर कोई दाग नहीं है। कॉलेजियम ने कहा कि न्यायमूर्ति भंसाली ने राजस्थान हाईकोर्ट में न्याय देने का व्यापक अनुभव हासिल किया है।

सीएम दिल्ली दौरे पर, केंद्रीय नेताओं से करेंगे चर्चा, आज हो सकता है मंत्रियों को विभाग का बंटवारा.

CM on Delhi tour, will discuss with central leaders, departments may be distributed among ministers today भोपाल ! मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रियों को आज विभाग का बंटवारा हो सकता है। सीएम आज दिल्ली दौरे पर हैं। वहां केंद्रीय नेताओं के साथ विभाग के बंटवारे को लेकर फाइनल चर्चा कर सकते हैं। मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रियों को शुक्रवार को विभाग का बंटवारा हो सकता है। मुख्यमंत्री गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। दिल्ली दौरे पर सीएम केंद्रीय नेताओं के साथ मुलाकात कर मंत्रियों के विभाग बंटवारे को लेकर अंतिम चर्चा कर सकते हैं। सीएम शुक्रवार दोपहर में दिल्ली से भोपाल लौटेंगे।दिल्ली दौरे पर जाने से पहले सीएम ने संगठन महामंत्री हितानंद से उनके निवास पर चर्चा की। इसके बाद सीएम दिल्ली रवाना हो गए। सीएम शुक्रवार को दोपहर में दिल्ली से भोपाल लौटेंगे। सीएम के दिल्ली दौरे को लेकर अटकलें लगाई जा रही है कि वह दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से मुलाकात कर सकते है और विभाग के बंटवारें को लेकर चर्चा कर सकते हैं। इसके बाद प्रदेश के मंत्रियों को विभाग का बंटवारा कर दिया जाएगा। बता दें डॉ. मोहन यादव कैबिनेट का 12 दिन चले विचार मंथन के बाद 25 दिसंबर को विस्तार हो गया, लेकिन तीन दिन बाद भी मंत्री खाली हाथ हैं। उन्हें विभागों का आवंटन नहीं हो सका है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंत्रियों के नाम के साथ ही विभागों का आवंटन भी दिल्ली से होना है। इसको लेकर सीएम ने सूची बनाकर आलाकमान को भेज दी है। अब इस पर केंद्रीय नेताओं की तरफ से अंतिम मुहर लगना है। प्रदेश में मुख्यमंत्री के अलावा दो डिप्टी सीएम और 28 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली है। प्रदेश में 11 दिसंबर को मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम का चयन किया गया। इसके बाद 13 दिसंबर को सीएम और दोनों डिप्टी सीएम ने शपथ ली। इसके 12 दिन बाद 25 दिसंबर को मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ, लेकिन अब तक मंत्रियों को विभाग का बंटवारा नहीं हुआ है।

श्रेष्ठ समाज से बनता है सशक्त और समृद्ध राष्ट्रः भिसे

A strong and prosperous nation is created from an excellent society: Bhise प्रबुद्ध नागरिकों ने किया उस्ताद अलाउद्दीन खॉ संगीत एवं कला अकादमी के निदेशक का सम्मान।ग्वालियर में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का भाषा शोध अनुसंधान केंद, साहित्यिक पत्रिकाओं पर होगा काम। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। स्वर्गीय श्रीमती प्रवीणा पाण्डेय इंटरनेशनल सेंटर ऑफ मीडिया एक्सीलेंस (आईकॉम) के तत्वावधान में आईकॉम सेंटर पर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने उस्ताद अलाउद्दीन खॉ संगीत एवं कला अकादमी के निदेशक का सम्मान किया। 99वां विश्व संगीत समागम-तानसेन समारोह के उपलक्ष में आयोजित सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि निदेशक जयंत माधव भिसे थे। अध्यक्षता अखिल भारतीय साहित्य परिषद के अध्यक्ष प्रकाश पराढ़कर ने की। कार्यक्रम के सूत्रधार और सेंटर डायरेक्टर डॉ. केशव पाण्डेय ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि 99 साल के इतिहास में शहर में पहली बार ऐसा नेक कार्य हुआ है जिसकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं तारीफ की। तबला वादन शहर में हुआ लेकिन देश और दुनिया में इसकी गूंज सुनाई दी। वर्ल्ड रिकॉर्ड ने वास्तविक रूप से संगीत नगरी की सार्थकता को सिद्ध कर दिया। अध्यक्षता कर रहे श्री पराढ़कर ने कहा कि ग्वालियर संगीत, हॉकी और राजनीति में अजातशत्रु जैसे व्यक्तित्व अटलजी की वजह से अपनी खास पचान रखता है। अब नई पहचान बनने जा रही है वह होगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का भाषा शोध अनुसंधान केंद्र। जहां देश और दुनिया के साहित्यकार और शब्द शिल्पी शोध कर सकेंगे। नई पीढ़ी जो होती है उसका कर्तव्य बनता है कि वह इस पहचान को आगे बढ़ाए। इस तरह के आयोजन से अच्छे कार्य और व्यक्ति के बारे में प्ररेणा मिलती है।पारिवारिक दृढ़ता बनाएं रखेंमुख्य अतिथि भिसे ने कहा कि हमें संघर्षों से आजादी मिली। इसे टिकाए रखना कठिन कार्य होता है। डॉ. हेडगेवार जी ने ऐसे देशभक्तों को तैयार करना या समूह बनाना आवश्यक समझा, जो इस देश की आजादी को कायम रख सकें। इसलिए उन्होंने पराढ़कर जैसे कुछ पारस तैयार किए- जो, जिसे स्पर्श करें तो वह देशभक्त जैसे सोना बन जाएं।हमें अच्छे लोगों के समूह बनाने होंगे, जो संगीत की बेहतरी के साथ ही नगर की भलाई के लिए काम कर सकें। उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी है कि सबसे पहले हमें स्वस्थ्य मानसिकता के साथ अपने लिए जीना होगा। जब स्वस्थ्य होकर सकारात्मक सोच रखेंगे तभी हम परिवार, समाज और राष्ट्र का भला कर सकेंगे। क्योंकि पाश्चात्य देशों में अंतिम इकाई व्यक्ति होता है जबकि हमारे देश में परिवार। जब परिवार श्रेष्ठ होगा तभी हमारा देश सशक्त और समृद्ध बनेगा। इसके लिए जरूरी हो जाता है कि हमें भारतीयता, मानसिकता और पारिवारिकता को पुनर्जीवित करने और उसे सुदृढ़ करना होगा। क्योंकि पारिवारिक दृढ़ता ही सुखी, समृद्ध और सशक्तता की प्रतीक है।कार्यक्रम का संचालन महेश मुदगल ने तथा आभार व्यक्त पंडित रामबाबू कटारे ने किया। इससे पूर्व डॉ. केशव पाण्डेय ने मुख्यअतिथि श्री भिसे और अध्यक्षता कर रहे पराढ़कर का शॉॅल, श्रीफल एवं स्मृति चिंह भेंट कर सम्मान किया। उनके बाद शहर के प्रबुद्धजनों ने भी उन्हें सम्मानित किया। इन्होंने किया सम्मानमहेश दत्त पाराशर, विवेक सुडेले, एसके शर्मा, विनोद शर्मा, पीडी पाण्डेय, सुरेंद्र सिंह कुशवाह, डॉ. बृजेश शर्मा, विजय पाराशर, डॉ. आदित्य भदौरिया, एवेंजल चाकौ, आदेश सक्सेना, सुरेश शर्मा, डॉ. निर्मला कंचन, एसके शर्मा, विजय पाण्डेय, मनीष मौर्य, जितेंद्र जादौन, जितेंद्र शर्मा सरपंच, संतोष पाण्डेय, संतोष वशिष्ठ, हितेश डेमला, सचिन पाण्डेय, हरिओम गौतम, राजेंद्र मुदगल एवं मनीष शर्मा प्रमुख हैं।

अग्रवाल और सुबुद्धि को नए साल में प्रमोट करने विभाग ने मांगे पी.पी.सी.एफ के चार नए पद.

The department to promote Agarwal and Subuddhi has sought four new positions for the PPCF in the New Year. उदित नारायणभोपाल। वन विभाग ने सेवानिवृत होने से पहले दो वरिष्ठ आईएफएस अधिकारियों को प्रमोशन देने के लिए राज्य शासन से पीसीसीएफ के चार पद मांगे है। इस आशय का प्रस्ताव मंत्रालय वल्लभ भवन में भेज दिया गया है। राज्य शासन 6 महीने के लिए अस्थाई तौर पर पीसीसीएफ के चार पद स्वीकृत कर सकता है। पीसीसीएफ के चार पद की मंजूरी मिलने के बाद 1991 बैच के दो अपर प्रधान मुख्यमंत्री वन संरक्षक (वन्य प्राणी) और एपीसीसीएफ (वित्त एवं बजट) पंकज अग्रवाल के अलावा 1992 बैच के एपीसीसीएफ (विकास) यूके सुबुद्धि तथा वन विकास निगम में पदस्थ एपीसीसीएफ सुदीप सिंह पीसीसीएफ के पद पर प्रमोट हो जाएंगे। विभाग ने प्रस्ताव बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेज दी है। 1991 बैच के एपीसीसीएफ पंकज अग्रवाल मार्च 24 में और 1992 बैच के यूके सुबुद्धि नवम्बर 24 में रिटायर हो जाएंगे। यहां यह भी उल्लेखनीय है केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के अनुसार राज्य में पीसीसीएफ के निर्धारित मापदंड (2%) से अधिक पद पर कार्य कर रहें है। इसके पहले भी वन विभाग ने रिटायरमेंट के पहले के रमन को पीसीसीएफ पद पर प्रमोशन देने की मंशा से राज्य शासन ने पद मांगे थे, जिसे तत्कालीन मुख्य सचिव इक़बाल सिंह बैस ने ख़ारिज कर दिया था।आईएफएस के लिए डीपीसी टलीराज्य सरकार के गठन की प्रक्रिया के चलते 13 राज्य वन सेवा से आईएफएस अवार्ड के लिए 22 दिसंबर को प्रस्तावित पदोन्नति कमेटी की बैठक टल गई है। इस बैठक में 2009 बैच के राज्य वन सेवा के अधिकारी रामकुमार अवधिया को आईएफएस पद पर प्रमोट करने के लिए हरी झंडी मिलने की संभावना थी। कमेटी 2011 बैच के आशीष बांसोड़, विद्याभूषण सिंह, गौरव कुमार मिश्रा, तरुणा वर्मा, हेमंत यादव, सुरेश कोड़ापे, प्रीति अहिरवार, लोकेश निरापुरे, राजाराम परमार, करण सिंह रंधा और माधव सिंह मौर्य को आईएफएस अवार्ड के लिए हरी झंडी दे सकती है। गड़बड़ियों में उलझे रहने की वजह से 2011 बैच की डॉ कल्पना तिवारी और राजबेंद्र मिश्रा के नाम विचार नहीं किया जाएगा। हालांकि 13 अधिकारियों को आईएफएस अवार्ड देने के लिए 2011 बैच से 2013 बैच के करीब राज्य वन सेवा के 39 अफसरों के नाम पर मंथन होना था।

नल जल योजना तो पहुंची बामला लेकीन ग्रामीणों को नहीं मिल रहा लाभ.

The pipeline water scheme has reached Bamla, but the rural population is not benefiting from it. बोले पंच सरपंच पेयजल की लोगों को हो रही परेशानी। कछुआ गति से हो रहा निर्माण कार्य, बीते दो वर्ष नहीं हुआ पूर्ण कार्य। आमला।। ( हरिप्रसाद गोहे ) सरकार की अति महत्वाकांक्षी नलजल योजना बामला गांव तो पहुंची लेकिन विभागीय उदासीन कार्यप्रणाली के चलते बामला गांव के आधे रहवासियों को सरकार से प्राप्त योजना का लाभ नहीं मील पा रहा है। आपको बतादे लोगों के घरों में पेयजल नही पहुंचने से हटकर अगर बात करे तो ग्राम के आंगनवाड़ी भवन, स्कूल सहित तहसील कार्यालय में बीते दो वर्ष में भी योजना अंतर्गत एक बूंद पानी नहीं पहोंच सका है।जिस कारण ग्रीष्म ऋतु पूर्व ही क्षेत्र के रहवासियों को पानी को लेकर जद्दो जहद करना पड़ रहा। ऐसे में कैसे सफल होंगी सरकार की नलजल योजना यह बात गंभीर विचारणीय प्रश्न का विषय है।पंच सरपंच ने उठाई ग्रामीणों की परेशानी पेयजल की समस्या से परेशान ग्रामीण अब क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों के पास पहोच अपनी समस्या बता रहे जिस बात को संज्ञान में लेकर ग्राम के उप सरपंच राहुल यदुवंशी ने हमारे प्रतिनिधि से चर्चा के दौरान बताया बामला ग्राम में बीते दो वर्ष पूर्व से शुरू हुई नल जल योजना आज दिनांक तक पूरी नहीं हो सकी है आधे गांव को योजना का लाभ तो मिल रहा है लेकिन आधे ग्राम के रहवासी योजना के लाभ से वंचित है वहीं निर्माण कार्य भी गुणवत्ता विहीन एवं अपूर्ण है। जिस कारण लोगों को पेय जल की परेशानी हो रही है। वहीं बामला ग्राम के नजरपुर से निर्वाचित पंच बबिता सूर्यवंशी ने बताया मेरे वार्ड के लोगों को भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है । कार्य भी गुणवत्ता विहीन एवं अपूर्ण है। इन्होंने क्या कहा स्टीमेट रिवाइज के लिए शासन को भेजा है, स्वीकृति मिलते ही कार्य पूर्ण किया जायेगा अनुविभागीय अधिकारी रवि वर्मा पी एच ई बैतूल ।बामला गांव में अधिकांश ग्रामीणों के घर नल जल योजना का लाभ मिल रहा है कुछ क्षेत्र मे अभी कार्य होना बाकी जिसके लिए पी एच ई अधिकारी को अवगत कराया है जल्द ही कार्य पूर्ण कराया जायेगा।गणेश यादव अध्यक्ष जनपद पंचायत आमला ।

रिश्वत लेने के मामले में आरोपी सरपंच व रोजगार सहायक को चार वर्ष का कठोर कारावास

Four years rigorous imprisonment to accused Sarpanch and Employment Assistant in bribery case विषेश संवादाता छतरपुर। विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार जैन की अदालत द्वारा आरोपी हीरालाल सौर, सरपंच एवं रोजगार सहायक राममिलन यादव को सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य का भुगतान करने के एवज में 15000 रुपये की रिश्वत लेने के मामले में भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा-7 में चार वर्ष कठोर कारावास, व धारा 13 (1)(डी) में चार वर्ष की कठोर कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। प्राप्त जानकारी अनुसार फरियादी गोरेलाल अहिरवार ने दिनांक 23.11.2015 को लोकायुक्त पुलिस सागर को इस आशय की शिकायत की थी मैं मजदूरी का कार्य करता हूॅ मेरे द्वारा ग्राम पंचायत करकी के मजरा गंुजाई में सामुदायिक भवन का छाप एवं फर्स, गेट पुताई का कार्य किया गया था जिसकी लागत मय मटेरियल की एक लाख मंे तय हुई थी, मेरे द्वारा कार्य पूर्ण होने पर सरपंच हीरालाल सौर एवं रोजगार सहायक सचिव राममिलन यादव से मिला तो उन्होने कहा कि हम तुम्हारा पैसा निकलवा देगें लेकिन तुम्हे बाद में कमीशन 15000 लगेगा। सभी मजदूरो एवं सभी मटेरियल का पैसा मिल चुका है सरपंच एवं रोजगार सहायक द्वारा मुझ पर 15000 रूपये रिश्वत देने का अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है, मैं उन्हे रिश्वत नही देना चाहता हूं बल्कि उन्हे रिश्वत लेते हुये रंगे हाथो पकडवाना चाहता हूॅ। आवेदन पत्र के जांच उपरांत फरियादी गोरेलाल अहिरवार को वॉयस रिकार्डर दिया गया जिसमें आरोपीगण द्वारा मांगी जा रही रिश्वत की मांगवार्ता रिकार्ड हो गई। आरोपी सरपंच हीरालाल सौर ने फरियादी से 11000 रूपये नगद रिश्वत सह आरोपी रोजगार सहायक राममिलन यादव को देकर टेªपदल को इशारा किया। ट्रेप दल ने अंदर जाकर आरोपी सरपंच हीरालाल सौर को रंगे हाथो पकड़ा। संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में पेश किया।अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक एडीपीओ के.के. गौतम ने पैरवी करते हुए सभी सबूत एवं गबाह कोर्ट में पेश किये एवं आरोपी को कठोर से कठोर सजा की मांग की। विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार जैन की कोर्ट ने फैसला सुनाया कि लोक सेवको द्वारा भ्रष्टाचार किया जाना एक विकराल समस्या हो गई है। जो समाज को खोखला कर रही है। भ्रष्टाचार लोकतंत्र और विधि के शासन की नीव को हिला रहा है। ऐसे आरोपियो को सजा देते समय नरम रुख दिखाना कानून की मंशा के विपरीत है और भ्रष्टाचार के प्रति कठोर रुख अपनाया जाना समय की मांग है। कोर्ट ने आरोपी सरपंच हीरालाल सौर एवं आरोपी राममिलन यादव, रोजगार सहायक को भ्रष्टचार निवारण अधिनियम की धारा-7 में चार वर्ष कठोर कारावास एवं 1000 रूपये अर्थदण्ड, व धारा 13(1)(डी) सहपठित धारा 13(2) में चार वर्ष की कठोर कैद व 1000 रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।

सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यों के लिए निशुल्क होगा मंगल भवन.

Mangal Bhawan is available for Social and Family functions free of cost. सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यों के लिए निशुल्क होगा मंगल भवन, गढ़वाल समाज मंडल स्‍तरीय बैठक संपन्‍न विशेष संवाददाता, सहारा समाचार, बालाघाट।बालाघाट ! लालबर्रा । बड़ी पनबिहरी स्थित गढ़वाल समाज मंगल भवन अब प्रत्‍येक समाज के सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यों के लिए नि:शुल्‍क उपलब्‍ध होगा। यह निर्णय अखिल भारतीय गढ़वाल समाज मंडल पांढ़रवानी (लालबर्रा) की रविवार को आयोजित तृतीय आमवार्षिक बैठक में सर्वसम्‍मति से लिया गया। बैठक में यह तय किया गया कि किसी भी समाज के व्‍यक्ति को यदि अपने पारिवारिक समारोह जैसे जन्‍मदिन, बारसा, मंगनी, विवाह, तेरहवीं आदि कार्यों के लिए सामाजिक भवन की आवश्‍यकता होती है तो उन्‍हें भवन नि:शुल्‍क प्रदान किया जाएगा, यहां तक कि बिजली-पानी आदि की राशि भी नहीं ली जाएगी। अपना कार्य संपन्‍न करने के उपरान्‍त वह व्‍यक्ति स्‍वेच्‍छा से जो भी राशि समाज को समर्पित करेगा, वह स्‍वीकार कर ली जाएगी और इस राशि का उपयोग भवन के रखरखाव आदि में खर्च किया जाएगा। उक्‍त जानकारी के प्रचार-प्रसार के लिए पाम्‍पलेट छपवाकर घर-घर एवं दुकान-दुकान में बांटना भी निश्चित किया गया है। बैठक में उक्‍त निर्णय के अलावा मंडल के अब तक के आयव्‍यय का ब्‍यौरा मंडल सचिव शरद धानेश्‍वर द्वारा प्रस्‍तुत किया गया। अन्‍य निर्णयों में मंडल अन्‍तर्गत गांवों से दस रुपए मासिक शुल्‍क नियमित रुप से लेना सुनिश्‍चत किया गया। श्री गजानंद महिला मंडल अमोली की अध्‍यक्ष श्रीमती हेमलता नवीन धानेश्‍वर एवं उपस्थित कार्यकारिणी सदस्‍यों ने श्री हरिशंकर बनवारी जनपद सदस्‍य को महासभा अध्‍यक्ष के पद पर मनोनीत करने के लिए महासभा के नाम एक निवेदन पत्र मंडल की बैठक में प्रस्‍तुत किया, जिसे स्‍वीकार किया गया और यह पत्र मंडल की संस्‍तुति सहित कार्यवाहक महासभा अध्‍यक्ष को भेजने का निर्णय भी सर्वसम्‍मति से लिया गया। तथा 31 दिसंबर को सिवनी के राशि लांन में आयोजित अखिल भारतीय गढ़वाल समाज महासभा युवक युवती परिचय सम्मेलन में भी भाग लेने कि बात कही गई बैठक में आकाश नागेश्‍वर मंडल मिडिया प्रभारी, चन्द्रकुमार ब्रम्हें मंडल उपाध्यक्ष, विनय हरिद्वाज विशेष सलाहकार, राकेश नागेश्वर (पिन्टू भैया), संतोष ब्रम्‍हे मंडल कोषाध्यक्ष, नारायणप्रसाद बनवाले, शीतलप्रसाद हरिद्वाज, अंकित हरिद्वाज, मनोज गोयल, राहुल गोयल, छवि नागेश्‍वर, अलोक बनवाले, तुलसीदास ब्रम्‍हे, शैलेन्‍द्र गुनेश्‍वर, बेनीराम बनवाले, बसंत ब्रम्‍हे, संतोष नागवंशी, गोलू ब्रम्हें,प्रमिला हरिद्वाज, हेमलता धानेश्‍वर, मीना कुरमजी उपाध्यक्ष , सुनीता धानेश्‍वर, रोहित नागवंशी, शांतिबाई सिलेकर, सुनीता हरिद्वाज मंडल उपाध्यक्ष, बबीता ब्रम्‍हे, दीपा धानेश्‍वर, पुष्‍पलता भारद्वाज, राजकुमारी हरिन्‍द्रवार, सचिन चावले मंडल सहसचिव सहित मंडल अध्‍यक्ष अनिल ब्रम्‍हे एवं सचिव शरद धानेश्‍वर एवं अन्‍य कार्यकारिणी सदस्‍य उपस्थित रहे।

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