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भाजपा: अचर्चित चेहरों के हाथ कमान सौंपने में जोखिम मे नि:संदेह.

BJP: Taking the risk in entrusting key responsibilities to lesser-known faces without hesitation. उदित नारायण इन अप्रत्याशित फैसलों के भीतर कई राजनीतिक संदेश छुपे हैं, जो भाजपा के स्वयंभू नेताओं के लिए तो हैं ही, उन विपक्षी नेताओं के लिए भी हैं, जो मात्र सीट बंटवारे और वोटों के कागजी गणित के भरोसे आगामी लोकसभा चुनाव में मोदी को पटखनी देने का अरमान पाले हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व ने हिंदी भाषी तीन राज्यों में भारी जीत के बाद जिन अचर्चित चेहरों के हाथों में सत्ता की कमान सौंपी है, उससे ‘चौंकना’ शब्द भी फीका लगने लगा है। यह कुछ वैसा ही था कि कोई जादूगर अपनी जेब में हाथ डाले और नोट किसी भीड़ में छिपे शख्स की जेब से निकले।मोदी- शाह ने मीडिया के तमाम अटकलों को बेकार साबित कर दिया है। लेकिन इन अप्रत्याशित फैसलों के भीतर कई राजनीतिक संदेश छुपे हैं, जो भाजपा के स्वयंभू नेताओं के लिए तो हैं ही, उन विपक्षी नेताओं के लिए भी हैं, जो मात्र सीट बंटवारे और वोटों के कागजी गणित के भरोसे आगामी लोकसभा चुनाव में मोदी को पटखनी देने का अरमान पाले हुए हैं। विधानसभा चुनावों में भाजपा के जीते हुए मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ राज्यों में ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ की रेस असली हार्स रेस से भी ज्यादा रोमांचक होने लगी थी। दावेदारी और राजयोग में अदृश्य मुकाबला चल रहा था। मीडिया की आंखें और राजनीतिक भविष्यवाणियां उन्हीं चंद चेहरों के आसपास मंडरा रही थीं, जिन्हें परंपरागत रूप से कुर्सी की दौड़ में प्रथम पंक्ति में माना जाता रहा था। ऐसे कुछ नाम जो सीएम या फिर वो भी नहीं तो कम से कम डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने के लिए नए सूट सिलवा चुके थे। लेकिन हाय री किस्मत!भाजपा आलाकमान ने इन फैसलों से छह संदेश दिए हैं। पहला तो कोई खुद को पार्टी से ऊपर न समझे, दूसरा भाजपा में संघ अभी भी पूरी तरह ताकतवर है, तीसरा भाजपा में कोई साधारण कार्यकर्ता भी शीर्ष पद तक पहुंच सकता है, चौथा भाजपा ने आने वाले 15 साल तक राजनीति करने वाले नए खून की फौज तैयार कर दी है, पांचवां सोशल इंजीनियरिंग में भाजपा सभी राजनीतिक दलो से मीलों आगे है और छठा, इस बदलाव के जरिए भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनाव की जमीन भी तैयार कर दी है और तकरीबन मुद्दे भी तय कर दिए हैं। मप्र में डा. मोहन यादव, छग में विष्णुदेव साय और राजस्थान में भजनलाल शर्मा बाकी दुनिया के लिए भले ही अचर्चित चेहरे रहे हों, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा को उनकी कार्यक्षमता पर भरोसा है। अब यह इन तीनो पर है कि मिले हुए अवसर को कामयाबी में वो कितना बदल पाते हैं। खुद को कितना साबित कर पाते हैं। हालांकि यह जोखिम तो हर उस प्रयोग में रहता है, जो राजनीति की प्रयोगशाला में पहली बार किया जाता है। मप्र में जब पहली बार शिवराज को मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपी गई थी तब कई लोगों ने उनकी नेतृत्व क्षमता और देसी छवि पर तंज कसा था, लेकिन वक्त के साथ शिवराज ने खुद को न सिर्फ साबित किया बल्कि अपरिहार्य बन गए। उन्होंने अपनी राजनीति की नई इबारत लिखी। इमोशनल पॉलिटिक्स का नया सिलेबस तय किया और पूरे 18 साल तक सीएम पद पर जमे रहे।हालांकि, पहली पारी के सीएम शिवराज और चौथी पारी के सीएम शिवराज में काफी अंतर था । उनका अपना आभा मंडल और काकस तैयार हो गया था। इस दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को भी यथासंभव किनारे लगाया और शायद इसकी इंतिहा हो चुकी थी। यही स्थिति राजस्थान में वसुंधरा राजे की थी। राजे तो पहले से राज परिवार से हैं। लिहाजा कुर्सी पर विराजना उनके लिए नैसर्गिक अधिकार था। उन्होंने खुद को पार्टी और राज्य का भाग्य विधाता मान लिया था। अलबत्ता छग के 15 साल सीएम रहे और बाद में भाजपा में ही हाशिए पर डाल दिए गए डॉ रमनसिंह ने खुली बगावत के रास्ते पर जाने से खुद को बचाया और कुछ बेहतर पाने की आस जिंदा रखी।कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा में इस तरह क्षत्रप संस्कृति को समाप्त पर ‘ एक हाईकमान कल्चर’ को लागू कर भाजपा ने बहुत बड़ा जोखिम लिया है, जो भविष्य में आत्मघाती भी हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे पर ही पार्टी का पूरी तरह आश्रित हो जाना संगठन की आंतरिक कमजोरी को दर्शाता है। यानी जब मोदी भी नहीं रहेंगे, तब क्या होगा? इसके अलावा इन तीन राज्यों में बिल्कुल ताजा चेहरों की ताजपोशी के साथ राजनीतिक और जातीय समीकरण भी साधने की कोशिश है। छग में आदिवासी चेहरे विष्णुदेव साय को सीएम बनाकर समूचे आदिवासी समुदाय को यह संदेश दिया गया है कि आदिवासी भी हिंदू ही हैं और वो हमारे लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं। इसी तरह मप्र में बिल्कुल अप्रत्याशित चेहरे डॉ. मोहन यादव को सीएम बनाकर यूपी और बिहार के यादवों को भी संदेश दिया गया है कि वो क्षेत्रीय पार्टियों के मोह से उबरें और भाजपा से जुड़ें। मप्र और राजस्थान में दलित डिप्टी सीएम बनाकर बहनजी मायावती और उनकी पार्टी के समर्थकों को संदेश है कि भाजपा में दलितों के लिए भी पूरी जगह है। दिलचस्प बात यह है कि विस चुनाव के दौरान तीनों राज्यों में कांग्रेस पूरे समय ओबीसी जातिजनगणना का मुद्दा उठाती रही, लेकिन जिस तेलंगाना में वह स्पष्ट बहुमत के साथ चुनाव जीती, वहां उसने किसी ओबीसी के बजाए रेवंत रेड्डी के रूप में एक अगड़े को ही मुख्यमंत्री बनाया। 26 विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की आगामी बैठक 19 दिसंबर को होनी है। उसमें लोकसभा सीटों के बंटवारे के किसी फार्मूले पर बात होती है या नहीं, यह देखने की बात है। लेकिन हो भी गया तो थके चेहरों और सतही जोश से लोकसभा चुनाव की जंग कैसे जीती जाएगी, यह देखने की बात है। बहरहाल चुनाव रणविजय शास्त्र की क्लास में भाजपा से कुछ तो सबक लेने ही चाहिए।

राइस मिल में सत्यापन और चैक पोस्ट की निगरानी जैसे कार्यो में जुटा अमला.

Implementation of processes such as verification at the rice mill and monitoring of check posts. Special Correspondent Sahara Samachaar, Balaghat. बालाघाट। इन दिनों जिला प्रशासन द्वारा समर्थन मूल्य पर उपार्जन कार्यो को लेकर संजीदगी से कार्य किये जा रहे है। कलेक्टर ड़ॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा लगातार समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों का असर फील्ड में भी दिखाई देने लगा है। राजस्व अधिकारियों के अलावा सम्बंधित विभागों का अमला खरीदी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में सक्रिय है। मंगलवार को कटंगी अनुभाग अंतर्गत सावंगी, नांदलेसरा, टेकारी, बोथवा, चिकमारा, मानेगांव, कटंगी केंद्रों में धान खरीदी कार्य तहसीलदार छवि पंत की निगरानी में प्रारम्भ कराया गया। वही उपार्जन के लिए दिए अन्य निर्देशों के पालन संलग्न है। कई खरीदी केंद्रों पर बड़ी संख्या में किसानों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में श्रीगणेश किया गया। वारासिवनी एसडीएम कामिनी ठाकुर ने अश्विन राइस मिल खैरलांजी में धान का भौतिक सत्यापन जैसी गतिविधियों के द्वारा निरीक्षण किया। वही तहसीलदार वंदना कुशराम ने धान के एफएक्यू की जानकारी प्राप्त करते हुए निरीक्षण किया। इस तरह राजस्व विभाग सहित कई विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपार्जन कार्यो की निगरानी में सक्रिय है।

कैमोर पुलिस की ओवरलोडिंग वाहनों के विरूद्ध चालानी कार्यवाही।

Camore police take action against overloaded vehicles with fines. कटनी, थाना कैमोर के द्वारा वाहन चेकिंग के दौरान 05 ओवरलोड वाहनों पर चालानी कार्यवाही कर 74,000/- रुपये समन शुल्क वसूल किया। श्री अभिजीत कुमार रंजन पुलिस अधीक्षक कटनी के निर्देशन व श्री मनोज केडिया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, श्री के.पी. सिंह अनुविभागीय अधिकारी महोदय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कैमोर सुदेश कुमार समन द्वारा अपने थाना स्टाफ के साथ वाहन चेकिंग के दौरान 05 वाहनों पर चालानी कार्यवाही कर 74,000/- रुपये समन शुल्क वसूल किया । कार्यवाही का विवरण – दिनांक 12/12/2023 मेहगाँव रोड पर वाहन चेकिंग के दौरान बॉक्साइट, डस्ट व गिट्टी की ओवरलोडिंग करते 05 अलग अलग डंपरों पर ओवरलोडिंग की चालानी कार्यवाही कर कुल 74000/- रू समान शुल्क वसूल किया गया । उक्त कार्यवाही में – सुदेश कुमार निरीक्षक थाना प्रभारी कैमोर, स उ नि हुकुम सिंह, प्र.आर 206 चंद्रभान विश्वकर्मा, आर 739 विनोद, आर 740 सौरभ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

शासकीय ज़िला चिकित्सालय के सभी डॉक्टर्स एवं नसों का स्वागत सम्मान किया गया.

All doctors and staff of the government district hospital were welcomed and honored. बुरहानपुर! जिला अस्पताल के सभी 40 डॉक्टर्स एवं 90 नर्सिंग एवं पैरा मेडिकल स्टॉफ एवं सभी डिपार्टमेंट के पदाधिकारियों का असहाबे सुफफ़ा एजुकेशनल सोसाइटी की ओर से जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक सेवको के हाथ से सर्टिफिकेट एवं पौधा और फूल माला से उनका सम्मान किया गया। सोसाइटी के अध्यक्ष एवं युवा समाज सेवी हाजी अब्दुल बासित ने बताया के इस आयोजन का मक़सद सभी डॉक्टर एवं मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ की हौसला अफजाई करना है। इस सम्मान समारोह की आयोजन से हमारी टीम को बहुत गर्व महसूस हुआ है। तिलावत ए कुरान ए पाक से प्रारंभ हुए इस प्रोग्राम की अध्यक्षता निगम अध्यक्ष श्रीमती अनीता अमर यादव ने की एवं पूर्व प्रदेश महासचिव श्री अजय सिंह रघुवंशी, नेता प्रतिपक्ष श्री अकील औलिया, उप नेता प्रतिपक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता उबेद शेख, पार्षद फहीम हाशमी, पार्षद आसिफ खान, समाजसेवी मुशर्रफ़ खान, समाजसेवी शेख अजगर, एवं असहाबे सुफ्फा एजुकेशनल सोसाइटी के सभी पद अधिकारी मौजूद थे।

शपथ के दौरान स्टेडियम के बाहर Shivraj के चाहने वालों ने काफिला रोका, मामा मामा के नारे लगाए.

During the swearing-in ceremony, supporters of Shivraj outside the stadium stopped the procession, chanting slogans in favor of Mama (referring to Shivraj Singh Chouhan).

प्रदेश के नए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला, शपथ ग्रहण समारोह, मोतीलाल नेहरू स्टेडियम भोपाल.

The new Deputy Chief Minister of the state, Rajendra Shukla, will take the oath at the Motilal Nehru Stadium in Bhopal during the swearing-in ceremony.

प्रदेश के नए उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, शपथ ग्रहण समारोह, मोतीलाल नेहरू स्टेडियम भोपाल.

The new Deputy Chief Minister of the state, Jagdish Devda, will take the oath at the Motilal Nehru Stadium in Bhopal during the swearing-in ceremony.

प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव लेंगे शपथ, मोतीलाल नेहरू स्टेडियम भोपाल.

The new Chief Minister of the state, Mohan Yadav, will take the oath at the Motilal Nehru Stadium in Bhopal.

एसबीआई मैराथन में बरेली के उप निरीक्षक गोहे ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

In the SBI Marathon, Inspector Gohe from Bareilly secured the second position. धूम्रपान के प्रति जागरूकता के लिए आयोजित थी प्रतियोगिता बैतूल आमला निवासी है गोहे रायसेन/आमला (हरिप्रसाद गोहे) विभिन्न प्रतिस्पर्धा के खिलाड़ी हों या धावक अपनी मेहनत के दम पर विजय लक्ष्य प्राप्ति की ओर अग्रसर होता है । जिसका यहीं उद्देश्य होता है उसे सफलता मिले । बतादे प्रतियोगिता में जो बेहतर खेल का प्रदर्शन करता है सफलता उसे ही मिलती है आपको बतादे रायसेन जिला के बरैली थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक रामप्रसाद गोहे ने अपने पुलिस पदेन कर्तव्य निर्वहन के साथ साथ धावक के रूप में अपने ग्रह जिला बैतूल राजधानी भोपाल सहित अन्य प्रांतों में कुशल एवं सफल धावक के रूप में अपनी अमिट पहचान बनाई है। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिता में भाग ले पुरुस्कार जीते हैं । गोहे का विजय अभियान बदस्तूर जारी है ।मेडल दे किया सम्मानित मिली जानकारी अनुसार रायसेन जिला के बरेली थाना में पदस्थ 53 वर्षीय उप निरीक्षक रामप्रसाद गोहे ने हाल ही में भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में एस. बी.आई. द्वारा आयोजित मैराथन दौड़ में बतौर धावक के रूप में भाग लेकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया । उपरोक्त सफलता पर पुरुस्कार एवं मेडल उप प्रबंधक निदेशक भोपाल शार्किल विनोद कुमार मिश्रा एवं मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश की पहली बेटी भावना डेहरिया माउंट एवरेस्ट शिखर को फतेह करने वाली बेटी की गरिमामय उपस्थिति में गोहे को पुरुस्कार एवं मेडल दे सम्मानित किया गया । पेशर बन बढ़ाया मनोबल 10/12/2023 को उपनिरीक्षक थाना बरेली को रन भोपाल रन में पेशर 10 कि.मी. समय 90 मिनिट का बनाया गया था, जिसमें पेशर राम प्रसाद गोहे ने सीनियर धावक, युवा धावक महिला एवं पुरुष धावक का दौड़ते-दौड़ते मनोवल बढ़ाते हुये पेशर की अहम भूमिका निभाते हुए 10 कि.मी. मैराथन की दूरी लाल परेड ग्राउड़ से प्रारंभा होकर बिरला मंदिर ताजुल मज्जिद होकर वापस टी.टी. नगर स्टेडियम में सफलतम मैराथन दौड पुरी की , जो दौड़ सुबह 6 बजे प्रारम्भ लाल परैड ग्राउन्ड से होकर टी.टी. नगर स्टेडियम भोपल में समाप्त हुई । जागरूकता के लिए यह रन ऑर्गल डोनेशन और धूम्रपान के प्रति जागरूकता के लिएआयोजित हुई थी। देश विदेश के धावक थे शामिल दौड में भोपाल और देश समेत केनिया, यू.ए.एस., जर्मनी, नाजीरिया और यूके से आये धावकों ने भाग लिया। उपनीरिक्षक द्वारा सफलतम 10 किमी. की दूरी पेशर के रूप में पूरी की। इस उपलब्धी पर मेजर जनरल टी.पी.एस. रावत एवं अंकिता श्रीवास्तव रन भोपाल रन द्वारा पुरस्कार एवं मैडल दिया गया।उक्त उपलब्धी पर जिला कलेक्टर रायसेन श्री अरविंद कुमार दुवे, पुलिस अधिक्षक श्री विकास सेहवाल रायसेन, अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक रायसेन जिला खेल अधिकारी श्री जलद चतुर्वेदी रायसेन, ए.डी.ओ.पी. श्री सुरेश दामले, थाना प्रभारी श्री सुधीर अरजरिया सहित पुलिस स्टॉप, रविन्द्र जरारिया खेल अधिकारी एवं बरेली नगर के गणमान्य नागरिक एवं यूवा खिलाड़ियों ने बधाई प्रेषित की ।

सेमीफाइनल में पहुंची स्प्रेडिंग स्माइल,कार्वी क्लब और महाकाल बोरी।

Spreading Smile, Karvi Club, and Mahakal Bori have reached the semifinals. आमला । रेल्वे इंस्टीट्यूट और एपीएल समिति तथा नगरपालिका के संयुक्त तत्वधान में जिला स्तरीय टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता के 9 वे दिन तीन क्वार्टर फाइनल मैच खेले गए। जिसमे पहला मैच स्प्रेडिंग स्माइल और रेड रोज सारणी के बीच खेला गया।इस रोमांचक मैच में अंतिम ओवर में 90 रन का लक्ष्य हासिल कर 3 विकेट से मैच जीतकर स्प्रेडिंग स्माइल ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया.दूसरे मैच में रघुकुल और कार्वी क्लब के बीच खेला गया जो मैच 37 रनों से एकतरफा जीत दर्ज कर के कार्वी क्लब सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम बनी।तीसरा मैच टेमनी आठनेर और महाकाल बोरी के बीच हुआ बोरी क्लब ने 8 ओवरों में 88 रन बनाए जिस लक्ष्य को हासिल करने उतरी टेमनी क्लब ने अपना पहला विकेट शून्य रन पर ही खो दिया।इसके बाद रोहित बल्लेबाजी करने आए जिसने 36 महत्वपूर्ण रन बनाए लेकिन अंतिम ओवरों तक मैच गया जिसमे महाकाल बोरी ने 10 रनों से मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंचने वाली तीसरी टीम बनी।अब बुधवार तीसरा क्वार्टर फाइनल खेला जाएगा जिसमे से चौथी टीम सेमीफाइनल में प्रवेश करेगी।आमला प्रीमियर लीग समिति के संरक्षक चंदन सिंग मानू ने बताया की आने वाले दो दिनों में बहुत रोमांचक मैच होने वाले है जिसमे जिले के सबसे अच्छे खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में शामिल होगे ।

15 दिसंबर के बाद होगा मप्र कांग्रेस विधायक दल के नेता का चयन.

The selection of the leader of the Madhya Pradesh Congress Legislative Party will take place after December 15. पार्टी नेता चाहते हैं कि कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश जाए कि सभी एकजुट हैं, इसलिए आम सहमति के आधार पर निर्णय पर जोर दिया जा रहा है। भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक दल के नेता का चयन 15 दिसंबर के बाद होगा। इसके लिए विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक उपस्थित रहेंगे। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, विधायक दल के मुख्य सचेतक रहे रामनिवास रावत, पूर्व मंत्री बाला बच्चन और उमंग सिंघार के नाम दावेदारों में प्रमुखता से सामने आए हैं। 66 सीटों पर जीती कांग्रेस230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 66 उम्मीदवार चुनाव जीतकर पहुंचे हैं। दल का नेता विधायक चुनेंगे। इसके लिए विधायक दल की बैठक होगी। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि केंद्रीय संगठन से विधायक दल के नेता का चयन करने के लिए पर्यवेक्षक भेजने का अनुरोध किया है। एकजुटता का संदेश देना चाहते हैंदरअसल, पार्टी नेता चाहते हैं कि कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश जाए कि सभी एकजुट हैं, इसलिए आम सहमति के आधार पर निर्णय पर जोर दिया जा रहा है। विधायक दल के नेता के लिए नेता प्रतिपक्ष के लिए पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। विंध्य अंचल में वैसे भी पार्टी की स्थिति कमजोर है। इस बार केवल पांच सीटें ही पार्टी जीत सकी है। उधर, जातीय समीकरणों के हिसाब से ओबीसी वर्ग से आने वाले रामनिवास रावत और आदिवासी वर्ग से बाला बच्चन और उमंग सिंघार के नाम भी दावेदारों में हैं। कमल नाथ प्रदेश संगठन में करेंगे परिवर्तनउधर, लोकसभा चुनाव को देखते हुए कमल नाथ अभी प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे पर उनकी टीम यानी प्रदेश कांग्रेस संगठन में परिवर्तन होगा। दरअसल, विधानसभा चुनाव में कई पदाधिकारियों के निष्क्रिय रहने की शिकायतें हैं। पार्टी अध्यक्ष को संगठन की रचना और आगामी दिशा तय करने के लिए अधिकृत किया गया है।वहीं, प्रदेश कांग्रेस ने सभी चुनाव जीतने व हारने वाले उम्मीदवारों से संगठन की रिपोर्ट मांगी है। दरअसल, कुछ उम्मीदवारों ने संगठन का साथ नहीं मिलने और भितरघात की शिकायत की है। इसके अतिरिक्त जिला प्रभारी, संगठन मंत्री और पर्यवेक्षकों से भी चुनाव में संगठन पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर जानकारी मांगी गई है।

भजनलाल शर्मा होंगे राजस्थान के नए मुख्यमंत्री, सांगानेर सीट से हैं विधायक

Bhajan Lal Sharma will be the new Chief Minister of Rajasthan. He is a legislator from the Sanganer constituency. जयपुर! राजस्थान के नए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा होंगे। भाजपा की तरफ से विधायक दल की बैठक के बाद उनके नाम का एलान किया है। रक्षामंत्री राजस्थान सिंह व पार्टी के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में उनके नाम की घोषणा की गई। राजस्थान के नए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा होंगे। भाजपा की तरफ से विधायक दल की बैठक के बाद उनके नाम का एलान किया है। रक्षामंत्री राजस्थान सिंह व पार्टी के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में उनके नाम की घोषणा की गई। भजन लाल शर्मा एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं जो वर्तमान में राजस्थान के मुख्यमंत्री और राजस्थान विधान सभा के सदस्य के रूप में सांगानेर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं । वह चार बार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महासचिव भी रहे । 2023 के राजस्थान विधान सभा चुनाव के बाद , उन्हें सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में चुना गया। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के उम्मीदवार पुष्पेंद्र भारद्वाज को 48,081 वोटों के अंतर से हराकर अपना स्थान सुरक्षित किया।

मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष चुने गए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर।

Narendra Singh Tomar, the Union Minister, has been elected as the Speaker of the Madhya Pradesh Legislative Assembly. संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकार गठन को लेकर भोपाल में सोमवार को चली कई घंटों की बैठक के बाद पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष बनाने पर सहमति बनी है। ऐसे में अब पूर्व केंद्रीय मंत्री नए विधानसभा अध्यक्ष का पद संभालेंगे। भाजपा विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी है। हालांकि इससे पहले नरेंद्र सिंह तोमर को मुख्यमंत्री की रेस में गिना जा रहा था, लेकिन अब पूरी तरह से मध्य प्रदेश की सियासी तस्वीर साफ हो चुकी है। नरेंद्र सिंह तोमर को बीजेपी ने इस बार दिमनी विधानसभा सीट से टिकट दिया था। जहां उन्होंने 24 हजार से अधिक वोटों के अंतर से बड़ी जीत दर्ज की है। विधानसभा के अध्यक्ष होंगे पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को भाजपा ने विधानसभा का अध्यक्ष बनाने का फैसला किया है। श्री तोमर दिमनी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर आए हैं। उन्होंने अपने सबसे निकटतम प्रतिद्वंदी बसपा के प्रत्याशी को 24461 वोटों के अंतर से मात दी है। नरेंद्र सिंह तोमर को 79137 वोट मिले हैं। श्री तोमर केंद्र की मोदी सरकार में कृषि मंत्रालय समेत कई अन्य मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। साफ-सुथरी छवि वाले नेता होने के नाते नरेंद्र सिंह तोमर को इस विधानसभा का स्पीकर चुना गया है।   छात्र जीवन से शुरू किया राजनीतिक सफर मध्य प्रदेश के नए स्पीकर चुने गए पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह तोमर का जन्म मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के ओरेठी गांव में 12 जून 1957 को हुआ। श्री तोमर एक राजपूत क्षत्रीय परिवार से आते हैं। उन्होंने जीवाजी यूनिवर्सिटी से स्नातक तक की शिक्षा हासिल की हुई है। स्नातक की पढ़ाई के दौरान तोमर महाविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष भी रहे। इसके साथ ही वो ग्वालियर नगर निगम के पार्षद पद पर भी चुने गए, जिसके बाद वह पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय हो गए। वर्ष 1977 में भाजपा ने उन्हें युवा मोर्चा का मंडल अध्यक्ष बना दिया। इसके बाद वर्ष 1984 में युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री बने और वर्ष 1991 में प्रदेश अध्यक्ष बने। वर्ष 2006 में नरेंद्र सिंह तोमर को फिर एक बार मध्य प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष चुना गया। इस राजनेतिक सफर के दौरान वे राज्यसभा सांसद भी रहे हैं। ग्वालियर से लड़ा था पहला विधानसभा चुनाव नरेंद्र सिंह तोमर ने अपना पहला विधानसभा चुनाव वर्ष 1993 ग्वालियर सीट से लड़ा था। इस चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। इसके बाद वर्ष 1998 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अशोक कुमार शर्मा को 26 हजार से अधिक वोटों के अंतर मात देकर विधानसभा में पहला कदम रखा था। इस दौरान उनको 50 हजार वोट मिले थे। उन्होंने अपना दूसरा विधानसभा का चुनाव वर्ष 2003 में लड़ा था, जिसमें उनको 63 हजार 592 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी बालेन्दु शुक्ला को 29 हजार 452 वोट मिले। तोमर ने यह चुनाव 34 हजार 140 वोटों के अंतर से जीता था। वर्ष 2003 से लेकर वर्ष 2007 तक श्री तोमर मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद पर रहे। 2009 से लगातार चुने गए लोकसभा के सांसद साल 2009 में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पहली बार मुरैना से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। मुरैना संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य निर्वाचित होने से पहले वो राज्यसभा के सदस्य थे। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी रामनिवास रावत को 1 लाख 97 वोटों से हराया था। वहीं, साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें ग्वालियर से टिकट दिया। इस दौरान उन्होंने 26 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की। नरेंद्र सिंह तोमर केंद्र सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री, पंचायती राज मंत्री, खान मंत्री और संसदीय मामलों के मंत्री रहे हैं। इसके बाद वर्ष 2019 में उन्हें फिर एक बार मुरैना लोकसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा गया और इस बार भी वोटों के बड़े अंतर से चुनाव जीतकर लगातार तीसरी बार लोकसभा में पहुंचे। जिसके बाद वो ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रालय में रहे और उन्हें कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय का प्रभार दिया गया।

भाजपा से ज्यादा कांग्रेस ने बनाए प्रकोष्ठ, बांटे 500 से अधिक पद.

Congress has formed more committees than BJP, distributing more than 500 positions. भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के 40 से अधिक प्रकोष्ठ और बांटे गए 500 से अधिक पद भी विधानसभा चुनाव में कोई कमाल नहीं दिखा पाए। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने नए प्रकोष्ठों की झड़ी लगा दी थी कांग्रेस ने अपने पार्टी संविधान से अलग हटकर करीब 40 से अधिक प्रकोष्ठ बनाये हैं। चुनाव से पहले संगठन में नियुक्ति रेवड़ी की तरह बांटी गई। इतना ही नहीं इनमें अध्यक्ष, संयोजक और कार्यकारी अध्यक्ष जैसे पदों पर थोकबंद नियुक्तियां भी की गई थीं। लेकिन ये सभी प्रकोष्ठ चुनाव में कोई खास कमाल नहीं दिखा पाए। खास बात है कि प्रकोष्ठ बनाने में कांग्रेस ने तो भाजपा को भी पीछे कर दिया। वहीं चुनाव से पहले कांग्रेस ने सचिव, महासचिव और उपाध्यक्ष जैसे 500 से अधिक पदाधिकारी भी बनाए थे लेकिन वे भी चुनाव में पूरी तरह से बेअसर साबित हुए। कांग्रेस ने हर वर्ग को साधने के लिए प्रकोष्ठ का सहारा लिया था। इसके लिए पार्टी ने पुजारी से लेकर मेकेनिक जेसे प्रकोष्ठ का गठन किया था। इसके साथ ही आउटसोर्स, शिक्षक, केश शिल्पी, डॉक्टर, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सद्भावना कोमी एकता और परिवहन जेसे कई अन्य प्रकोष्ठ भी बनाए गए थे। कांग्रेस कार्यालय में लगातार अलग-अलग प्रकोष्ठ और विभागों के सम्मेलन भी किए थे। प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ खुद इन्हें संबोधित करते थे। 105 महासचिव, उपाध्यक्षों की संख्या 50

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