LATEST NEWS

पुल निर्माण कार्य घोटाला, सीमेंट गायब है रेत ही रेत और सिर्फ गिट्टी -ग्रामीण.

Bridge construction scam, where cement is absent, only sand after sand, and just gravel – rural. जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत ग्राम पंचायत खम्हा से संबंधित ग्राम करही मैं मैं चल रहे पुल निर्माण कार्य कार्य जो पूर्ण रूप से गुणवत्ताहीन है! The ongoing bridge construction work in the village Karahi, under the jurisdiction of Janpad Panchayat Dheemarkheda, related to Gram Panchayat Khamha, is entirely devoid of quality. Special Correspondent, Sahara Samachaar, Katni कटनी, ढीमरखेड़ा, ग्राम करही के ग्रामीणों ने बताया कि बहुत ही घटिया निर्माण हो रहा है! इस निर्माण कार्य मे सीमेंट गायब है रेत ही रेत और सिर्फ गिट्टी ही नजर आ रही है! जिसे हाथ से उखाडा जाए तो उखड़कर बाहर आ जाती है जो खुलेआम भ्रष्टाचार के संकेत दे रही है।एक माह निर्माण कार्य चल रहा है जिसमे सिर्फ प्लांथ भी पूरा नहीं हुआ है! और जो काम हुआ भी है तो ऐसा की पूरी गिट्टी उखड़ रही है जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने जनपद में भी किया है! लेकिन जनपद में बैठे अधिकारी भी खूब मलाई काट रहे हैं इसी वजह से सब कुछ आंख में दिख रहा पर नजर अंदाज कर रहे आला अधिकारी,जबकि वर्तमान कलेक्टर महोदय द्वारा गुणवत्ताहीन कार्यों पर सख्त कार्रवाई की हिदायत भी दी गई है! ग्राम पंचायत खाम्हा मैं सही तरीके से कार्यों को खंगाला जाए तो और भी कार्य हैं जो जनता को छती पहुंचा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए हैं। आम जनता सिर्फ़ जांच और न्याय हेतू उचित कार्यवाही कि मांग कर रही है।

मध्यप्रदेश में सीएम और सरकार चुनने के छह फार्मूले.

The six formulas for selecting the Chief Minister and the government in Madhya Pradesh. प्रहलाद पटेल के सीएम बनने की संभावना सबसे अधिक भोपाल में बंगले की सुरक्षा बड़ाई गई, समर्थकों का जमावड़ा. Likelihood of Prahlad Patel becoming the Chief Minister was heightened by increased security at his residence in Bhopal, expressing the confidence of his supporters.” जीतेन्द्र रिछारिया, छतरपुरभोपाल, प्रहलाद पटेल के सीएम बनने की संभावना सबसे अधिक भोपाल में बंगले की सुरक्षा बड़ाई गई, समर्थकों का जमावड़ाप्रहलाद पटेल को सीएम बनाने पर कैलाश विजयवर्गीय और गोपाल भार्गव को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता हैं। नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा स्पीकर बनाया जा सकता है। एसटी/एससी वर्ग से किसी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वीडी शर्मा और शिवराज सिंह चौहान को केंद्र में बड़ा रोल दिया जा सकता है। ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्र में ही रहेंगे।नरेंद्र सिंह तोमर को सीएम बनाने पर प्रहलाद पटेल और गोपाल भार्गव को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। कैलाश विजयवर्गीय को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वीडी शर्मा और शिवराज सिंह चौहान को केंद्र में बड़ा रोल दिया जा सकता है। ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्र में ही रहेंगे।कैलाश विजयवर्गीय को मुख्यमंत्री बनाने पर नरेंद्र सिंह तोमर और प्रहलाद पटेल को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। एसटी/एससी वर्ग से किसी को प्रदेश अध्यक्ष और गोपाल भार्गव को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वीडी शर्मा और शिवराज को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्र में ही रहेंगे।वीडी शर्मा को सीएम बनाने पर प्रहलाद पटेल और किसी एसटी/एससी चेहरे को डिप्टी सीएम बना सकते हैं। नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। कैलाश विजयवर्गीय को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है। शिवराज केंद्र में जाएंगे। ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्र में ही रहेंगे।ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम बनाने पर प्रहलाद पटेल और वीडी शर्मा को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। कैलाश विजयवर्गीय को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। शिवराज सिंह चौहान केंद्र में जाएंगे।शिवराज सिंह चौहान के ही सीएम बने रहने पर, कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। गोपाल भार्गव को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। नरेंद्र सिंह तोमर को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिल सकती है। वीडी शर्मा केंद्र में जा सकते हैं।

भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले हलचल तेज, क्‍या आज घोषित होगा मप्र का मुख्‍यमंत्री या आलाकमान करेगा तय.

Excitement is high before the BJP legislative party meeting; will Madhya Pradesh’s Chief Minister be announced today, or will a consensus be reached. आज राजधानी में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। मप्र भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले हलचल तेज हो गई है। Today, a meeting of the BJP legislative party has been called in the capital. There is a flurry of activity ahead of the Madhya Pradesh BJP legislative party meeting. भोपाल। मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा की शानदार जीत के बाद अब मुख्‍यमंत्री चुनने की बारी है। इसके लिए आज राजधानी में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। मप्र भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले हलचल तेज हो गई है। दिल्ली: मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के चयन पर राज्य के लिए भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक के लक्ष्मण ने कहा, “आज शाम विधायक दल की बैठक होगी। मनोहर लाल खट्टर की 3 सदस्यीय कमेटी विधायकों से चर्चा करेगी। बाद में आलाकमान उस पर निर्णय लेंगे। राजनीतिक हलकों में यह सवाल तैर रहा है कि क्‍या आज घोषित होगा मध्‍य प्रदेश का मुख्‍यमंत्री या बैठक के बाद आलाकमान इस बारे में कोई निर्णय लेगा।केंद्रीय पर्यवेक्षक ये बोले हालांकि भोपाल पहुंंचने से पहले भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक के लक्ष्‍मण ने एएनआइ से कहा है कि 3 सदस्‍यीय कमेटी विधायकों से चर्चा करेगी। बाद में आलाकमान उस पर निर्णय लेंगे। भाजपा विधायक दल की बैठक पार्टी के कार्यालय में दोपहर बाद होनी है। भाजपा विधायक दल की बैठक के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष डा के लक्ष्‍मण और भाजपा की राष्‍ट्रीय सचिव आशा लकड़ा भोपाल पहुंच चुकी हैं। मप्र भाजपा अध्‍यक्ष वीडी शर्मा ने विमानतल पर पर्यवेक्षकों का स्‍वागत किया। वीडी शर्मा ने कही ये बात भोपाल आगमन के बाद केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान से मिलने सीएम हाउस पहुंचे। वहीं मीडिया से बातचीत में वीडी शर्मा ने कहा कि हम राज्‍य के लिए मुख्‍यमंत्री चुनेंगे। भाजपा विधायक दल की बैठक के लिए विधायकों के पहुंचने का सिलसिला आरंभ हो गया है। बैठक से पहले विधायकों को किसी तरह की प्रतिक्रिया देने से रोका गया है। 3 दिसंबर से ही चल रही अटकलें उल्‍लेखनीय है कि 3 दिसंबर को मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के साथ ही मध्‍य प्रदेश में मुख्‍यमंत्री पद के लिए चर्चाओं का दौर आरंभ हो गया था।चल रही ये अटकलें , मप्र के मुख्‍यमंत्री के नाम को लेकर अनेक अटकलों का दौर जारी है। इनमें श‍िवराज सिंह चौहान के साथ ही नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, विष्‍णुदत्‍त शर्मा और ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया का नाम प्रमुख है। इसके साथ ही भूपेंद्र सिंह, राकेश सिंह और सुमेर सिंह सोलंकी का नाम भी सामने आया है।

11793 बच्चों को पोलियो की दवाई पिलाई, पहले दिन 68% टारगेट पूरा किया.

11,793 children were administered polio medicine, achieving 68% of the target on the first day. सीताराम कुशवाहा, सहारा समाचार विदिशा.विदिशा/गंज बासोदा, रविवार से मध्य प्रदेश के 16 जिलों में राज्यस्तरीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हुई । जिला स्वास्थ्य प्राधिकृतियां इस अभियान के तहत लगभग 36 लाख, पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा हैं। जिलों को उनकी संक्रामक संक्रमण के प्रति संवेदनशीलता के आधार पर चयनित किया गया है. इसी अभियान के तहत विदिशा के गंज बासोदा ब्लॉक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान चलाया गया. जीरो से पांच वर्ष तक के बच्चों को दवा पिलाई, यह अभियान 10 दिसंबर से 12 दिसंबर तक चलाया जा रहा है जिसमें गंज बासोदा समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 17756 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य रखा। जिसमें से पहले दिन 11793 बच्चों को दवाई पिलाई गई । तीन दिन तक गंज बासोदा ब्लॉक में सभी गांव में बच्चों को दवाई पिलाई जाएगी गंज बासोदा के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ प्रमोद कुमार दीवान ने बताया है 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को दवाई पिलाई जाएगी । वही शहर के अधिकांश जगहों पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई जिससे की जीरो से 5 वर्ष तक के बच्चों को भी दवाई पिलाई जा सके ।

12244 बच्चों को पोलियो की दवाई पिलाई.

Administered polio medicine to 12,244 children सीताराम कुशवाहा, सहारा समाचार, विदिशाविदिशा! ग्यारसपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ग्यारसपुर के सरपंच राजू कुशवाहा एवं स्वास्थ्य विभाग के सुपरवाइजर गणेशराम विश्वकर्मा के द्वारा जीरो से पांच वर्ष तक के बच्चों को दवा पिलाई यह अभियान 10 दिसंबर से 12 दिसंबर तक चलाया जा रहा है! जिसमें ग्यारसपुर समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 16432 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य रखा है। जिसमें से पहले दिन 12244 बच्चों को दवाई पिलाई गई । तीन दिन तक ग्यारसपुर ब्लॉक में सभी गांव में बच्चों को दवाई पिलाई जाएगी ग्यारसपुर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर सुनीता नागाचे ने बताया कि 169 केंद्र ग्यारसपुर ब्लॉक में बनाए गए हैं! जहां पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को दवाई पिलाई जाएगी । वही बस स्टैंड पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई जिससे की बसों में आने जाने वाले 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को भी दवाई पिलाई जा सके ।

विधान सभा में प्रचंड बहुमत के बाद भी भाजपा को लोक सभा में खतरा.

Despite a sweeping majority in the legislative assembly, BJP faces a threat in the Lok Sabha. प्रदेश में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भले ही भाजपा को अविश्वसनीय प्रचंड जीत मिली है, लेकिन इसके बाद भी खतरे की घंटी भी बजी है। दरअसल इस जीत के बाद भी दस लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर कांग्रेस को भाजपा की अपेक्षा अधिक मत मिले हैं, जिसकी वजह से भाजपा के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। खास बात यह है कि इन दस में से नौ पर अभी भाजपा के सांसद हैं। ऐसे में इन सीटों पर भाजपा को अगले साल के शुरुआती महीनों में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा को अतिरिक्त मेहनत करने की चुनौती मिल गई है। दरअसल मई माह में लोकसभा के चुनाव प्रस्तावित हैं। भाजपा के लिए छिंदवाड़ा सीट तो पहले से ही चुनौती बनी हुई थी , ऐसे में उसके सामने नौ नई सीटों की भी चुनौती दिखना शुरु हो गई है। हालांकि इसी तरह के कुछ आसार बीते विधानसभा चुनाव में भी बने थे , लेकिन लोकसभा परिणाम भाजपा के पक्ष में ही आए थे। इसको देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार भी कुछ इसी तरह के परिणाम आ सकते हैं। दरअसल इस बार अगर विधानसभा चुनाव के परिणामों पर नज़र डालें तो , प्रदेश की 10 लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर कांग्रेस जीती है। इनमें छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में आने वाली सभी सातों विधानसभा सीटें भी शामिल हैं। इन सीटों पर पिछले चुनाव में भी कांग्रेस को ही जीत मिली थी। इसी तरह मुरैना की पांच, भिंड की चार, ग्वालियर की चार, टीकमगढ़ की तीन, मंडला की पांच, बालाघाट की चार, रतलाम की चार, धार की पांच और खरगोन लोकसभा क्षेत्र की आठ विधानसभा सीटों में से पांच पर भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। अहम बात यह है कि इसके बाद भी प्रदेश की पांच लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जिनके परिणाम बताते हैं कि वे भाजपा के लिए बेहद सुरक्षित हैं। इसकी वजह है, इन सीटों की सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा को ही जीत मिली है और वह भी बड़े अंतर से। इनमें खजुराहो, होशंगाबाद, देवास, इंदौर और खंडवा लोकसभा की सीटें शामिल हैं। इनके अलावा सागर, दमोह, रीवा, सीधी, जबलपुर, विदिशा और मंदसौर लोकसभा क्षेत्र में केवल एक-एक विधानसभा सीट पर ही भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। इस हिसाब से देखें तो यह सीटें भी भाजपा के लिए पूरी तरह से अनुकूल हैं। दरअसल गुना में बामोरी और अशोकनगर सीट पर कांग्रेस को जीत मिली है , जबकि शेष सीटों पर भाजपा की जीत हुई है। इसी तरह सागर में एक बीना पर कांग्रेस, दमोह में एक मलहरा पर कांग्रेस, सतना में दो सीट सतना और अमरपाटन पर कांग्रेस, रीवा में एक सेमरिया सीट पर कांग्रेस, सीधी में एक चुरहट पर कांग्रेस, शहडोल में एक पुष्पराजगढ़ पर कांग्रेस, जबलपुर में एक जबलपुर पूर्व पर कांग्रेस, विदिशा में एक सिलवानी पर कांग्रेस, भोपाल में दो भोपाल उत्तर, भोपाल मध्य पर कांग्रेस, राजगढ़ में दो राघोगढ़, सुसनेर पर कांग्रेस, उज्जैन में दो महिदपुर, तराना पर कांग्रेस, मंदसौर में एक मंदसौर पर कांग्रेस, बैतूल में दो सीटें टिमरनी और हरदा पर कांग्रेस विजयी हुई है। वहीं शेष सीटों पर भाजपा जीती है।यह हैं चुनौती वाली सीटों का गणितजिन सीटों पर चुनौती दिख रही है उनमें लोकसभा सीट मुरैना भी शामिल है। इस सीट के तहत आने वाले आठ विधानसभा क्षेत्रों में से पांच पर कांग्रेस को जीत मिल है। इन सीटों में श्योपुर, विजयपुर, जौरा, मुरैना और अम्बाह है, जबकि भाजपा को सबलगढ़, सुमावली और दिमनी में जीत मिली है। इस सीट पर मिले मतों को देखें तो कांग्रेस को 5,00666 और भाजपा को 4,11601 मत मिले। इसी तरह से लोकसभा सीट भिंड की बत की जाए तो इस सीट के तहत आने वाली आठ विस सीटों में से चार पर कांग्रेस व चार पर भाजपा को जीत मिली है। इनमें अटेर, गोहद, भांडेर और दतिया में कांग्रेस, तो सेवड़ा, भिंड, लहार और मेहगांव में भाजपा को जीत मिली है। इस सीट पर भी मतों के मामले में कांग्रेस आगे रही है। कांग्रेस को 532146 और भाजपा को 525252 वोट मिले हैं। लोकसभा सीट पर भी भिंड की ही तरह कांग्रेस ने ग्वालियर ग्रामीण, ग्वालियर पूर्व, डबरा, पोहरी पर जो भाजपा ने ग्वालियर, करैरा, ग्वालियर दक्षिण और भितरवार पर जीत दर्ज की है। इसी तरह से कांग्रेस को 700861 और भाजपा को 677611 वोट मिले हैं। लोकसभा सीट टीकमगढ़ में तीन सीटों पर कांग्रेस जीती है। इनमें टीकमगढ़, पृथ्वीपुर और खरगापुर शामिल है, जबकि भाजपा को जतारा, निवाड़ी,महाराजपुर, छतरपुर और बिजावरमें जीत मिली है। मतों की बात की जाए तो कांग्रेस को 531464 और भाजपा को 606817 मत मिले हैं। इसी तरह से मंडला लोक सभा सीट पर कांग्रेस को डिंडोरी, बिछिया, निवास, कैवलारी, लखनादौन सीटों पर , जबकि भाजपा को शहपुरा, मंडला, गोटेगांव में जीत मिली है। इसी तरह से कांग्रेस को 740509 और भाजपा को 628529 मत मिले हैं। लोकसभा सीट बालाघाट के तहत आने वाली आठ विस सीटों में से कांग्रेस को चार बैहर, परसवाड़ा, बालाघाट, वारासिवनी में जबकि भाजपा को लांजी, कटंगी, बरघाट और सिवनी सीट पर जीत मिली है। इस सीट के तहत आने वाली विस सीटों पर कांग्रेस को 735122 और भाजपा को 649037 मत मिले हैं।

धार जिले के कांग्रेस के पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा की मुश्किलें बढ़ीं.

The challenges for Panchilal Meena, former Congress MLA of Dhar district, have increased. एक महिला ने मेड़ा समेत 6 लोगों पर दर्ज कराया गंभीर केस चुनाव संपन्न होते ही अब आरोपों का दौर भी चल पड़ा है। हालही में सीहोर जिले से एक मुस्िलम महिला द्वारा भाजपा को वोट देने पर पिटाई का मामला सामने आया था। अब धार जिले से भी एक मामला आ गया है। एक महिला ने कांग्रेस नेता एवं धरमपुरी के पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा समेत 6 अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर मामला दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि इन लोगों ने उसे जान से मारने की धमकी दी है। भोपाल। मध्य प्रदेश के धरमपुरी के कांग्रेस के पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। धामनोद थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा सहित 6 लोगों पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला धामनोद की रहने वाली महिला बताई जा रही है। उसने धामनोद थाने में कांग्रेस के पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा सहित उनके समर्थकों पर जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की थी। उसके आधार पर धामनोद पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है।धामनोद थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने बताया कि 29 नवंबर को धामनोद के शासकीय अस्पताल से जानकारी मिली थी एक महिला ने पूर्व विधायक पांचीलाल मेडा के नाम से जहर खा लिया। उसका धामनोद के अस्पताल में उपचार चल रहा था। इस पर धामनोद थाना पुलिस ने महिला के बयान लिए। उसके आधार पर पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा सहित 6 लोगों पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। बहरहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोए थे मेड़ाउल्लेखनीय है कि पांचीलाल मेड़ा पूर्व में कई बार सुर्खियों में रह चुके हैं। बीते वर्ष मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में मीडिया के सामने वे फूट-फूटकर रोए भी थे। तब भी उनके ये वीडियो काफी चर्चा में रहे थे। मेडा का आरोप था कि विधानसभा में पुलिस वालों ने उनसे मारपीट की। यही नहीं उन्होंने बीजेपी के एक विधायक पर गला दबाने का आरोप भी लगाया था। उसके बाद कहा था कि उनकी जान को खतरा है। इस दौरान कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने उनकी आंसू पोंछे थे। विधानसभा अध्यक्ष ने उनके आरोपों को खारिज कर दिया थामेड़ा ने कहा था कि वे सदन में अपने इलाके के आदिवासियों की समस्या को उठाना चाह रहे थे। लेकिन बीजेपी विधायकों ने उनके साथ धक्का मुक्की की। उनका कुर्ता फाड़ दिया। उन्होंने इस मामले को लेकर विधानसभा अध्यक्ष को शिकायत भी दर्ज कराई थी। लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने उनके आरोपों को खारिज कर दिया था।

कोलार 6 लेन निर्माण के लिए कांग्रेस पूर्व पार्षद का तोड़ा अतिक्रमण.

Congress former councilor accused of trespassing for the construction of the Kolar 6-lane project. भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव खत्म होते ही राजधानी भोपाल में सिक्स लेन का निर्माण कार्य तेज हो गया है। इसके बीच में आ रहे कच्चे-पक्के मकान, दुकान लगातार 3 दिन से तोड़े जा रहे हैं। इसी बीच अतिक्रमण हटाने को लेकर भेदभाव के आप भी लग रहे हैं। वार्ड क्रमांक 84 से कांग्रेस के पूर्व पार्षद मंजीत मरण की दुकान भी तोड़ी गई। पूर्व पार्षद के अलावा इस मार्ग को बनने में बाधा बन रहे 30 बड़े अतिक्रमण को भी तोड़ा गया है। दो सप्ताह पहले प्रशासन ने सभी निर्माण पर नीले निशान लगाए थे इसके बाद यह कार्रवाई की गई है चुनाव के दौरान बीच में कुछ समय के लिए इस काम को धीमा कर दिया गया था। लेकिन प्रदेश में भाजपा की बंपर जीत के बाद यहां पर तेजी से काम शुरू हो गया है।गौरतलब है कि कोलार सिक्स लेन गोल से लेकर सर्वधर्म कॉलोनी तक 3 लेन सड़क का काम हो चुका है। दूसरी लाइन के लिए जगह निकलने के लिए आलोकधाम से लेकर बीमाकुंज तक अतिक्रमण हटाने का काम किया जा रहा है। हाल ही में कलेक्टर ने सिक्स लेन के कार्य का निरीक्षण भी किया था, PWD के अधिकारियों ने काम में देरी के लिए अतिक्रमण को वजह बताया था।बता दे कोलार हुजूर विधानसभा क्षेत्र में आता है और यहां से मौजूदा विधायक रामेश्वर शर्मा ने विधानसभा चुनाव में भाजपा से बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने कांग्रेस के नरेश ज्ञानचंदानी को करीब 97000 से ज्यादा मतों से हराया है। इसके बाद से इस क्षेत्र में विधायक रामेश्वर शर्मा का अधिकारियों के बीच भौकाल देखने को मिल रहा है।3 दिन में 30 अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर कोलार सिक्स लेन रोड के निर्माण में बाधा बन रहे कोलार के आलोक धाम से थाना परिसर तक लगभग 30 अतिक्रमण पर प्रशासन का बुलडोजर चला है। जिससे रोड निर्माण के लिए रास्ता साफ हो गया है एक तरफ सर्वधर्म कॉलोनी से लेकर गोल तिराहे तक रोड का निर्माण हो चुका है अब दूसरी तरफ रोड का निर्माण किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान लोगों ने विरोध जताया, लेकिन उसका असर नहीं हुआ। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण अमले ने समान निकालना तक का समय नहीं दिया। बता दे 222 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट का काम पूरा करने के लिए सितंबर 2023 तक की समय सीमा तय की गई थी, लेकिन अब तक यह काम पूरा नहीं हो सका।

गरीब, शोषित, पीड़ित और मजदूर वर्ग को उनका हक दिलाना ही मानवाधिकारो का उद्देश्य है: रविंद्र सिंह तोमर.

Empowering the poor, oppressed, distressed, and the labor class to ensure their rights is the aim of human rights: Ravindra Singh Tomar. ग्वालियर! अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवश 10 दिसंबर के अवसर पर मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं दिल्ली अल्पसंख्यक दिल्ली सरकार सलाहकार समिति के सदस्य रविंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में विशाल रैली का आयोजन कर एवं जनसभा कर आम जन को उनके मानवाधिकारो के प्रति जागरूक किया गया । रैली फूलबाग़ से महाराज बाड़े तक निकाली गयी एवं मानस भवन फूलबाग पर विशाल जनसभा मानवाधिकारों के संदर्भ में आयोजित की गयी जनसभा को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष सदस्य अल्पसंख्यक आयोग (राज्यमन्त्री दर्जा ) रविंद्र सिंह तोमर ने कहा की वर्तमान परिदृश्य में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग मजदूरों एवं ग्रामीण पिछड़े इलाको के लोगो के मानवाधिकारो का हनन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है! काम के बदले उचित पारिश्रमिक मिले ये हर मजदुर का हर भारतीय का मौलिक अधिकार भी है और मानवाधिकार भी है परन्तु वर्तमान में ना केबल मजदूरों का वल्कि पड़े लिखे नौजवानो को प्राइवेट क्षेत्र में उचित मेहनताना नहीं दिया जा रहा है! और श्रम कानून का भी उल्ल्घन भी किया जा रहा परन्तु चुकी आम जन को उनके मानवाधिकारो का ज्ञान नहीं है जिसके आभाव में वे शोषण सहन करते है साथ ही श्री तोमर ने पुलिस द्वारा सबसे अधिक मानवाधिकार हनन की बात कही| तोमर ने बताया की संस्था मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग को सबसे ज्यादा पुलिस प्रताड़ना से संबधित शिकायत मिलती है एवं ज्यादातर मामलों में पीड़ित पक्ष की पुलिस द्वारा प्रथामिक सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं की गयी होती जबकि प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाना हर पीड़ित का अधिकार है! तोमर ने बताया की संस्था देश भर में मानवाधिकार जागरूकता कैंप एवं जनसुनवाई शिविर लगाकर आम जन को उनके मानवाधिकार के प्रति जागरूक कर रही है एवं मानवाधिकार हनन के शिकार पीड़ितों को प्रधानमंत्री कार्यालय एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के माध्यम से न्याय भी दिलवा रही है!इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष तोमर द्वारा शासन प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियो को उत्कृष्ट सेवा कार्य करने पर मानवाधिकार रत्न सम्मान दिया गया कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित मीना ने बताया कि कर्तव्यों की वकालत तो सब करते हैं लेकिन अगर हर व्यक्ति अमल करें तो मानव अधिकारों की जरूरत ही ना पड़े अपने अधिकारों को समझना और पालन करना यही मानव अधिकार बताता है ।कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष रामकिशन कटारे, प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश शर्मा, सह सचिव भानु व्यास, संभागीय अध्यक्ष अखिलेश परिहार, जिला अध्यक्ष विष्णु जादौन ,प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र कंसाना प्रदेश उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग संजय कंसाना, ग्वालियर ग्रामीण अध्यक्ष प्राण सिंह छवाई ,विधान सभा अध्यक्ष सोनू जादौन, विधान सभा अध्यक्ष राजेंद्र महोबिया, जिला मीडिया प्रभारी सोनू कौशल, जिला महसचिव तरुण राठौर ,जिला सचिव धर्मेंद्र खटीक ,प्रदेश महासचिव नरेश तोमर ,जिला अध्यक्ष यूथ राहुल चौहान ,प्रदेश मीडिया प्रभारी धर्म परमार ,जिला उपाध्यक्ष बहादुर कुशवाह उपस्थित रहे । कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट धर्म सिंह चौहान ने किया। कार्यक्रम के अंत में विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमृत मीना जी को स्मृति चिन्ह देकर फूल माला पहनकर सम्मानित किया गया। इनका किया सम्मान….. डीएसपी नागेंद्र सिंह भदोरिया ,टीआई अजय पवार ,टी आईआर बी परिहार , टी आई नरेंद्र वर्मा टी इला टंडन, टी आई प्रीति भार्गव ,टीआई जितेंद्र सिंह तोमर, टीआई राजेश तोमर, टी आई यशवंत गोयल, समाजसेवी सुधीर त्रिपाठी, एडवोकेट धर्म सिंह चौहान को मानव रन मेडल सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।

पदस्थापना को बदलवाने के दुष्चक्र में पड़ जाते है हम आईएफएस एसोसिएशन के व्हाट्सप्प ग्रुप में पोस्ट के बाद अफसरों में सन्नाटा.

In the cycle of positions upheaval occurs, Silence prevails among officers after the post in the IFS Association WhatsApp group is altered. उदित नारायण भोपाल। 1993 बैच के आईएफएस शशि मलिक ने सेवानिवृत के आठ महीने पहले एसोसिएशन के व्हाट्सप्प ग्रुप पर अपने भावनाओं को संकलित कर ब्लॉग के रूप में एक पोस्ट किया है। एसोसिएशन के व्हाट्सप्प ग्रुप में ब्लॉग पोस्ट होते ही लोकसेवक बिरादरी में सन्नाटा खींच गया। मलिक ने लिखा है कि पदस्थापना को बदलवाने के फेर में हम ऐसे दुष्चक्र में फंस जाते कि आईने के सामने खड़े होकर स्वयं से भी नजरें नहीं मिला पाते है. हम केवल एक कठपुतली मात्र बनकर रह जाते हैं तथा हमारा सम्पूर्ण व्यक्तित्व कहीं न कहीं विलीन हो जाता है।नए साल के जुलाई में रिटायर होने वाले शशि मलिक जहां भी सदस्य रहे, वहां सुर्खियों में बने रहे। वर्तमान में वे मुख्यालय के समन्वय शाखा में प्रमुख हैं। यहां का पदभार संभालते ही उन्होंने तृतीय और चतुर्थ कर्मचारी को कार्यालय में गणवेश (वर्दी) पहनकर आने की अनिवार्यता आदेश जारी कर सुर्खियों में है। इसकी वजह यह है कि मुख्यालय में ही उनके आदेश का माख़ौल उड़ाया जा रहा है। अपने तमाम पदस्थापनाओं के दौरान अनुभवों को समेटते हुए एक ब्लॉग में लिखा कि कई बार हम अपनी वर्तमान पद स्थापना से संतुष्ट नहीं होते है तथा येन-केन-प्रकारेण पदस्थापना को बदलवाने के दुष्चक्र में पड़ जाते है। इस सम्पूर्ण प्रक्रिया में हमारा कई प्रकार से दोहन किया जाता है। जिसका प्रभाव पुनः हमारे प्राकृतिक संसाधनों पर भी पड़ता है। इस प्रकार हम एक दुष्चक्र में फंस जाते है जिससे निकलने का हमें कोई भी मार्ग नहीं मिलता है। हम केवल एक कठपुतली मात्र बनकर रह जाते हैं तथा हमारा सम्पूर्ण व्यक्तित्व कहीं न कहीं विलीन हो जाता है। इस दुष्वक्र में फंसकर हम न तो स्वतंत्र रूप से कोई निर्णय ले पाते हैं तथा न ही कर्तव्यों का सम्पादन उचित रूप से कर पाते है, जिसकी हमसे अपेक्षा की जाती है। हम अपने वर्तमान की उस समय से तुलना करें, जब हम इस पवित्र शासकीय सेवा के सदस्य नहीं थे। उस समय हमारी विचारधारा क्या थी, हम क्या सोचते थे ? परन्तु शासकीय सेवा में आते ही हमारे विभिन्न प्रकार के स्वार्थ जाग्रत हो जाते हैं तथा हम उन्ही की पूर्ति में लग जाते है। हमें इस प्रकार की मानसिकता से बाहर निकलने की आवश्यकता है। जहां भी हमारी पदस्थापना होती है, हमें उसी में पूर्ण रूप से आनंद लेना चाहिए, क्योंकि कई बार इस दुष्चक्र में फंसकर जाने-अनजाने में हम कोई ऐसा कार्य कर जाते हैं कि आईने के सामने खड़े होकर स्वयं से भी नजरें न मिला सकेंगे तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही क्यों होने दी जाए ? हमसे अपेक्षा की जाती है कि प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्य को हम नौकरी समझ कर नही बल्कि एक पवित्र कार्य मानते हुये निष्काम भाव से पूर्ण करे। हमारे कर्तव्य पालन का केवल एक ही तरीका है।

एचडीएफसी बैंक जबलपुर शाखा द्वारा 46 केंद्रों में रक्तदान अभियान के माध्यम से 4661 यूनिट ब्लड का कलेक्शन किया.

HDFC Bank’s Jabalpur branch collected 4661 units of blood across 46 centers through a blood donation campaign. भोपाल! भारत का अग्रणी निजी क्षेत्र का एचडीएफसी बैंक ने शुक्रवार 8 दिसंबर, 2023 से शुरू होने वाले अपने राष्ट्रव्यापी रक्तदान अभियान के 15वें संस्करण का आयोजन जबलपुर के विजय नगर शाखा में किया। अपने प्रमुख सीएसआर कार्यक्रम परिवर्तन के तहत भारत के 1200 शहरों में 6,000 केंद्रों पर रक्तदान शिविर का संचालन किया गया। रक्तदान शिविर का उद्घाटन निर्मला देवी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के संस्थापक श्री मुनेंद्र मिश्रा जी के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। श्री मिश्रा ने एचडीएफसी बैंक द्वारा किए जा रहे रक्तदान शिविर की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बैंक व्यवसायिक दायित्वों के निर्वाह के साथ साथ सामाजिक दायित्व के निर्वहन में भी देश का नंबर वन बैंक बन चुका है। एचडीएफसी बैंक के सर्किल हेड श्री अनूप शर्मा ने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि इस दान से बड़ा और कोई दान नहीं हो सकता। श्री शर्मा ने शहर के सभी युवाओं को स्वेच्छा से रक्तदान करने का आग्रह किया। गत माह में एचडीएफसी बैंक के जबलपुर सर्किल के द्वारा 45 विभन्न कैंपों के माध्यम से 4661 यूनिट ब्लड का कलेक्शन किया गया। एचडीएफसी बैंक अपने कर्मचारियों, ग्राहकों, कॉरपोरेट्स, रक्षा बलों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों सहित विभिन्न प्रकार के रक्त दानदाताओं को जुटाने के लिए तैयार है। इस साल एक अनोखे दृष्टिकोण में एचडीएफसी बैंक ने लोगों को रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए ‘फीलिंग ऑफ सेविंग समवन नामक एक फिल्म लॉन्च की है। फिल्म व्यक्तियों को इस जीवन रक्षक कार्य में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करती है और रक्तदान की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर जोर देती है। यह फिल्म बैंक के सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज की जाएगी, यह जनता के बीच उनके योगदान के प्रभाव के बारे में जागरूकता पैदा करेगा और अभियान में बड़े पैमाने पर रक्तदान के लिए प्रेरित करेगा। एचडीएफसी बैंक के कार्यकारी निदेशक, श्री भावेश ज़वेरी ने कहा, “एचडीएफसी बैंक में हम लोगों को इस प्रयास में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने में बहुत गर्व महसूस करते हैं, क्योंकि दान किए गए रक्त की हर बूंद एक संभावित जीवन रक्षक है। अपने 15वें अखिल भारतीय रक्तदान अभियान के साथ हम नागरिकों को इस नेक काम में भाग लेने और अपना योगदान देने के लिए एक मंच देना चाहते हैं।” यह पहल 2007 में केवल 88 केंद्रों और 4000 दानदाताओं के साथ शुरू की गई थी जो केवल बैंक कर्मचारियों के बीच ही चलाई गई थी। पिछले कुछ वर्षों में इस अभियान का दायरा बढ़ा दिया गया और इसमें कॉलेज के छात्रों, कॉरपोरेट्स और सेना और सेवा कर्मियों को शामिल किया गया। इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्डसा” से सबसे बड़े (सिंगल डे, मल्टीपुल वेन्यू) रक्तदान अभियान के रूप में मान्यता और प्रमाणन प्राप्त हुआ। 2022 में बैंक ने 25 लाख यूनिट से अधिक रक्त एकत्र किया। कुछ महत्वपूर्ण दानकर्ता 1500- कॉलेजों, 550 कॉरपोरेट्स और 105- रक्षा और सेवा कर्मियों से आए जिन्होंने रक्तदान अभियान में भाग लिया। एचडीएफसी बैंक के रक्तदान अभियान के बड़े पैमाने और व्यापक आधार ने देश के समग्र रक्त संग्रह को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।रक्तदान शिविर का संचालन जबलपुर शाखा के ऑपरेशन प्रबंधक श्री लीजू जोसेफ ने किया एवं समस्त स्टाफ ने स्वेच्छा से रक्तदान करने आए बैंक के ग्राहकों एवं युवा वर्ग का आभार व्यक्त किया।

मध्यप्रदेश विधानसभा में 20 साल बाद भगवा रंग बिखेरेंगी, कांग्रेस विधायक रामसिया भारती.

After 20 years, the saffron color will adorn the Madhya Pradesh Legislative Assembly, Congress MLA Ramsiya Bharti to lead. उमा की मलहरा सीट से जीतीं कांग्रेस की रामसिया; भगवा पहने विपक्ष में दिखेंगी भोपाल! मध्यप्रदेश विधानसभा में 20 साल बाद भगवा कपड़े पहने एक और साध्वी नजर आने वाली हैं। फर्क इतना है कि इस बार ये साध्वी भाजपा से नहीं बल्कि कांग्रेस से हैं। हम बात कर रहे हैं, छतरपुर जिले की मलहरा विधानसभा सीट से जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस की रामसिया भारती की। रामसिया भारती ने भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह लोधी को मात दी है। 2003 में उमा भारती इसी सीट से चुनाव जीतकर मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री बनी थीं। खास बात यह है कि रामसिया भारती ने अपना पूरा चुनाव भाजपा की स्टाइल में ही लड़ा। भाजपा के हिंदुत्व का जवाब अपने तरीके से दिया। उमा भारती की ही तरह रामसिया भारती ने भागवत कथाओं से अपनी सियासी जमीन मजबूत की और आस्था की डोर को थामे मतदाताओं तक पहुंचीं। चुनावी भाषण भी प्रवचन के अंदाज में दिया। उमा की तरह टीकमगढ़ जन्मभूमि, छतरपुर को बनाया कर्मभूमि माथे पर लाल तिलक के साथ भगवा वस्त्र पहने, रामचरितमानस और भागवत कथा में पारंगत रामसिया भारती की कहानी भी कम रोचक नहीं है। उमा भारती की तरह रामसिया भारती भी टीकमगढ़ की रहने वाली हैं। दोनों ने ही राजनीति की शुरूआत छतरपुर जिले की मलहरा विधानसभा सीट से की। दूसरी समानता यह है कि दोनों ने ही बचपन से प्रवचन देना शुरू कर दिया था। इतनी समानता होने के बाद रामसिया भारती ने कांग्रेस की बजाए बीजेपी को क्यों नहीं चुना? इस सवाल का जवाब देते हुए वे कहती हैं- दादाजी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। पिता भी लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े रहे। फिर मेरी राह कैसे जुदा हो सकती थी? रामसिया ने कहा- कांग्रेस का आइडिया ऑफ नेशन, बीजेपी के हिंदुत्व से कहीं ज्यादा बेहतर है। भाजपा को उसके ही प्रचार की शैली में दी मात चुनाव प्रचार के दौरान रामसिया भारती भाजपा के आक्रामक हिंदुत्व का जवाब, उसकी ही शैली में देती नजर आईं। भारती अपने भाषण की शुरूआत भारत माता की जय, भगवान श्री राम की जय, हनुमान जी महाराज की जय जैसे नारे लगाकर करतीं और अंत में केवल ‘कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद’ कहती थीं। वे अपनी रैलियों की शुरुआत भगवान राम के नाम और महाकाव्य रामचरितमानस के छंदों से करतीं, फिर हनुमान और कांग्रेस पार्टी के नेताओं की ओर बढ़ती थीं।रामसिया भारती ने विपक्षी भाजपा नेताओं की तुलना राक्षस पात्रों से करते हुए मतदाताओं को लुभाने का हर हथकंडा अपनाया। वे भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहती थीं कि बीजेपी धर्म, राम, गाय के नाम पर वोट मांगती हैं लेकिन भारतीयों के बीच वैमनस्य पैदा करती है। यह हिंदू धर्म के खिलाफ है और मैं इसे बदलने के लिए यहां आई हूं। उन्होंने पूरे चुनाव प्रचार के दौरान बेरोजगारी, विकास और दलबदल का मुद्दा उठाया। ये भी कहा, ‘मैं यहां विश्वासघात का बदला लेने आई हूं।’ रामसिया भारती के राजनीतिक कौशल का ही कमाल था कि मतदान से एक दिन पहले बसपा प्रत्याशी लखन अहिरवार ने अपना समर्थन उन्हें दे दिया। इसी का नतीजा रहा कि भाजपा की तमाम कोशिशों के बावजूद रामसिया भारती ये चुनाव जीतने में सफल रहीं। मध्यप्रदेश की राजनीति में रामसिया भारती तीसरी साध्वी 12वीं पास 36 वर्षीय रामसिया भारती मध्यप्रदेश की राजनीति की तीसरी साध्वी हैं। प्रदेश की राजनीति में 20 साल पहले उमा भारती के रूप में साध्वी की एंट्री हुई थी। 2003 में उमा भारती इस सीट से चुनाव जीत गई थीं लेकिन 2008 के चुनाव में मलहरा की जनता ने उन्हें हरा दिया। दरअसल, उमा ने भाजपा छोड़कर भारतीय जनशक्ति पार्टी बना ली थी और वे इसी पार्टी से चुनाव लड़ी थीं। उमा भारती की बीजेपी में वापसी हुई मगर वे उत्तर प्रदेश में सक्रिय रहीं। मध्यप्रदेश की सियासत में दूसरी साध्वी के तौर पर प्रज्ञा ठाकुर की एंट्री हुई। मालेगांव बम ब्लास्ट मामले में आरोपी बनाई गईं प्रज्ञा ठाकुर को भाजपा ने भोपाल से लोकसभा का टिकट दिया। उन्होंने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को मात दी। अब रामसिया भारती के तौर पर तीसरी साध्वी राजनीति में आई हैं।

मध्य प्रदेश को नया आयम देने मोदी की गारंटी”

Modi’s guarantee to give Madhya Pradesh a new dimension. संपादकीय, उदित नारायण, Sahara Samachaarभोपाल। मध्य प्रदेश में चुनाव से पहले कांग्रेस का अहम मुद्दा भ्रष्ट सरकार ,भाजपा की छवि को सुधारने हेतु प्रधानमंत्री और अमित शाह ने मिलकर जो रणनीति बनाई उससे कांग्रेस के पास आती प्रतीत हो रही सत्ता हाथ से फिसल गई और आगामी लोकसभा चुनाव से पूर्व मध्य प्रदेश मे केंद्रीय नेतृत्व ने एक साफ सुथरी छवि का मुख्य मंत्री बनाने की कवायद तेज कर दी है, कल विधायक दल की बैठक के बाद निर्णय हो जायेगा कि जाएगा कि मोदी के विकसित भारत बनाने की गारंटी का जिम्मा मध्य प्रदेश मे किसके हाथ होगा, राजनैतिक विश्लेषकों की राय में तो मध्य प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत से जीत के बाद मुख्य मंत्री तय करना कठिन हो गया है। लेकिन प्रधानमंत्री, अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष ने शायद अपना निर्णय मध्य प्रदेश इकाई को बता दिया है अब कुछ औपचारिकता ही शेष बची है !शिवराज और उनकी “मैनेजमैंट पॉलिटिक्स” लाख इस तथ्य को छुपाने ,दबाने का प्रयास करती रही पर इस कटु सत्य को नरेन्द्र मोदी और अमित शाह से छुपने का कोई प्रश्न ही नही था ,और इसलिए मध्य प्रदेश का चुनाव “मोदी“ के चेहरे पर लड़े जाने का निर्णय लिया गया और तभी यह तय हो गया था कि मध्य प्रदेश में “शिवराज सरकार “का अंत समीप है ! शिवराज सिंह चौहान और उनके चाटुकार नौकरशाह और मीडिया मैनेजर गर्व से “लाड़ली बहना” का नाम लेते है ! सब जानते है यदि मोदी का चेहरा और “ ब्रॉड मोदी “की गॉरंटी नही होती तो मध्य प्रदेश की “लाडली बहनाये ““कमलनाथ से इस योजना का लाभ लेना पसंद करती ! महिला वोटर को 1250 रुपये के लिए शिवराज के वादों को भुलाने का कड़वा घूँट पीना पडा. यथार्थ यह है कि 18 साल में मध्य प्रदेश गरीबी के उस पड़ाव पर पहुंच गया जहाँ महिला वोटर को 1250 रुपये के लिए शिवराज के वादों को भुलाने का कड़वा घूँट पीना पडा. ! यदि मोदी की गॉरंटी नही होती तो शिवराज सिंह की भाजपा मध्य प्रदेश मे 80 सीटों पर सिमट जाती !मध्यप्रदेश के जानकार जानते है “लाडली बहना “ शिवराज की “मनी मैनेजमैंट “का उदाहरण है ! मध्य प्रदेश 3.85 लाख करोड के कर्जे मे है ! अपने भृष्टाचार और घोटालो को दबाने के लिए कर्जे उठाकर चुनाव के पहले गरीब लाचार बेरोजगार महिलाओ को 1200 रूपये प्रतिमाह की रिश्वत दी गई है ! नोट के बदले लाचार बेरोजगार कराह रही “बहनाओ “के वोट खरीदने के लिए यह योजना लाई गई थी ! यदि मोदी ने गॉरंटी न दी होती तो बहनाये सरकार के बहकावे में आने वाली नही थी ! देखा जाए तो भाजपा की नई सरकार को मध्यप्रदेश के कर्ज चुकाने हेतु 3.85 लाख करोड़ के “ मोदी पैकेज “की जरूरत पडेगी नही तो प्रदेश के दीवालिया होने का खतरा है !मजे की बात यह है शिवराज सिंह अभी भी खुद को “हीरो “बताकर मुख्य मंत्री बनने के सपने देख रहे थे ! वे चाहते थे कि लोग उन्हे मध्यप्रदेश की जीत का श्रेय दें। इसीलिए वो दिल्ली ना आकर मध्य प्रदेश से भावनात्मक बयान दे जनता और प्रधानमंत्री को सन्देश दे रहे है, बेशक संघ और संगठन के कृपापात्र शिवराज अब भी संगठन पर निगाहें जमाये है लेकिन भ्रष्टाचार और भावना मे चुनावी नुकसान मोल लेने मे संगठन भी साथ नहीं आएगा!तीन राज्यो की “जीत के शिल्पकार “अमित शाह को हर अंधकार को समाप्त करने की मोदी की गॉरंटी याद है इसलिए शिवराज का पुनःमुख्यमंत्री बनना सिर्फ उनकी खुली ऑखो का सपना है क्योकि अमित शाह इतने भोले नही हैं कि शिवराज सिंह पुनः मुख्य मंत्री बनाए। मध्यप्रदेश के 3.85 लाख करोड़ के शिवराज काल के कर्जो को चुकाने केन्द्र से पैकेज देते रहें और शिवराज सिंह को बीजेपी का राजनीतिक शिखर सौप दें ! इसलिए शिवराज सिंह को जाना होगा ! यकीन मानिए जो भी मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री होगा उसका कद और किरदार इतना ऊंचा और उज्जवल होगा मध्य प्रदेश मोदी की पसंद पर नाज कर सकेगा ! सोमवार को 18 साल के तिमिर के छंटने और नए सूर्योदय का इंतजार कीजिए !

INDIA गठबंधन’ का अहम मुद्दा बनेगा चुनावी पारदर्शिता.

The formation of the ‘INDIA Alliance’ will become a crucial issue for electoral transparency. जबलपुर में राज्य सभा सांसद विवेक तन्खा का बड़ा बयान Special Correspondent, Sahara Samachaar, Jabalpur. भोपाल। जबलपुर पहुचे कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने कहा चुनाव में पारदर्शिता के मुद्दे को लेकर संसद, कोर्ट, चुनाव और जनता के बीच जाने का रास्ता खुला है। चुनाव में जो पारदर्शिता होनी चाहिए वह इस चुनाव में नहीं दिखी , चुनाव के पहले ग्राउंड में बदलाव का माहौल दिख रहा था । चुनावी नतीजों के बाद लोगों में आक्रोश दिख रहा है। विवेक तंखा ने कहा कि देश में ऐसी व्यवस्था हो जिससे चुनाव निष्पक्ष रूप से हो संपन्न सकें, चुनाव में पारदर्शिता का मुद्दा INDIA गठबंधन का अहम विषय होगा । विपक्ष के अस्तित्व के लिए जरूरी है कि सब मिलकर लड़ाई लड़ें। पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ के इस्तीफे की अटकलों को बताया कमलनाथ और हाई कमान के बीच का मामला है। प्रदेश में मुख्यमंत्री के चेहरे पर फैसला न होने को लेकर विवेक तन्खा का कहना है कि मुख्यमंत्री के चयन को भाजपा की आंतरिक रणनीति का हिस्सा बतया है।

आंखों में आए आंसू… बोले- सिर कटा सकता हूं लेकिन झुका नहीं सकता.

Tears welled up in the eyes… He said, “I can lose my head, but I cannot bow down. हार के बाद छलका चंदेरी के कांग्रेस प्रत्याशी गोपाल सिंह चौहान का दर्द Special Correspondent, Sahara Samachaar, Ashoknagar. अशोकनगर। मध्यप्रदेश में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में जहां बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिला है वहीं, कांग्रेस पार्टी को निराशा हाथ लगी है। ऐसे में जिले की तीन विधानसभा सीटों पर जहां मुंगावली और चंदेरी में बीजेपी तो अशोकनगर में कांग्रेस को जीत मिली है। ऐसे में कांग्रेस के विधायक हरी बाबू राय की धन्यवाद सभा में चंदेरी के कांग्रेस प्रत्याशी गोपाल सिंह चौहान अपनी चुनाव में हार के दर्द को छुपा नहीं पाए। मंच से भावुक होते हुए कहा कि सिर कटा सकता हूं लेकिन सिर झुका नहीं सकता।दरअसल, मामला मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले का है। यहां रसीला चौराहे पर कांग्रेस के जीते हुए कैंडिडेट के समर्थन में धन्यवाद सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान मुंगावली के कांग्रेस प्रत्याशी तो शामिल ही नहीं हुए। वहीं, चंदेरी से कांग्रेस के हारे हुए प्रत्याशी गोपाल सिंह चौहान मंच पर भाषण देते हुए भावुक हो गए। नहीं छुपा पाए हार का दर्दचंदेरी के हारे विधायक ने अशोकनगर की जनता से कहा कि उन्होंने बहुत सही निर्णय लिया है। लोग कहते थे 40 हजार और 50 हजार से कांग्रेस की जीत होगी। लेकिन कहीं न कहीं जो भी खेल है कुछ तो खेल है। इस शंका से मना नही किया जा सकता। 2003 में जब पूरे प्रदेश में 38 विधायक चुने गए थे उस समय मुंगावली की जनता ने विपरीत परिस्थिति में मुझे चुनाव जिताया था। टीवी चैनलों पर आपने देखा होगा ईवीएम का नाटक। मैं यह इसलिए नहीं कह रहा कि में चुनाव हार गया। मुझे हारने जीतने की कोई तमन्ना नहीं है। मैं किसी के सामने सिर झुक नहीं सकता सिर कटा सकता हूं जीवन में मृत्यु कटु सत्य है जो आएगी। किसी के सामने झुक जाना जीते जी मर जाने से भी बेकार है। हार जीत होती है संघर्ष करूंगा लेकिन झुकूंगा नहीं। महाराणा प्रताप का वंशज हूं। उन्होंने घास की रोटी खाई लेकिन किसी के सामने झुके नहीं। मुझे मौत से डर नहीं लगता और जिसे मौत से डर नहीं लगता उसे व्यक्ति से क्या डर लगेगा।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet