मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन ने सीहोर के मतगणना स्थल और स्ट्रांग रूम का किया निरीक्षण
मतगणना की तैयारियों का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने लिया जायजा
मतगणना की तैयारियों का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने लिया जायजा
मंत्री सुरेश राठखेड़ा की मुश्किलें बढ़ी
Chief Election Officer Rajan inspected the polling station and the strong room in Sehore. मतगणना की तैयारियों का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने लिया जायजा साकिब कबीरभोपाल। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश अनुपम राजन ने सीहोर जिले के शासकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुँचकर विधानसभा निर्वाचन-2023 के अंतर्गत आगामी 3 दिसंबर को जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों के लिए होने वाली मतगणना के लिए की जा रही तैयारियों का अवलोकन किया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रवीण सिंह ने मतगणना के लिए की जा रही व्यवस्थाओं और तैयारियों के बारे में विस्तार से अवगत करवाया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन ने विधानसभावार बनाए गए मतगणना कक्षों में जाकर तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही डाक मतपत्रों की गणना के लिए की जा रही तैयारियों, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को भी देखा। उन्होंने मतगणना टेबिले, मतगणना कार्य में संलग्न अमले की संख्या, सुरक्षा व्यवस्था, डाक मतपत्रों की संख्या आदि के बारे में जानकारी ली। साथ ही मतगणना स्थल परिसर में रूके हुए निर्वाचन अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की तथा सीसीटीवी के माध्यम से कक्ष से ही स्ट्रांग रूम की मॉनीटरिंग संबंधी व्यवस्था को देखा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन मतगणना व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए तथा आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन ने निर्देश दिए कि विधानसभा निर्वाचन-2023 की मतगणना 3 दिसम्बर को सुबह 8 बजे से पोस्टल बैलेट की गिनती के साथ शुरू होगी। सुबह 8:30 बजे से ईव्हीएम में दर्ज मतों की गणना प्रारंभ होगी। उन्होंने मतगणना के दिन विद्युत की सतत् आपूर्ति हो और किसी भी वजह से मतगणना कार्य प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतगणना स्थल पर सभी व्यवस्थाएँ सुचारू तरीके से उपलब्ध रहें। श्री राजन ने मतगणना स्थल के निरीक्षण के पश्चात कलेक्ट्रेट में कोषालय के स्ट्रांग रूम का अवलोकन कर डाक मतपत्र की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की। श्री राजन ने ईवीएम के लिए बनाए गए वेयर हाउस का भी निरीक्षण किया तथा निर्वाचन के पश्चात ईवीएम के रखने के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान एसपी मयंक अवस्थी, जिला पंचायत सीईओ आषीश तिवारी, सहायक कलेक्टर अर्पित गुप्ता, अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह तथा एएसपी गीतेश गर्ग सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
The tradition that has been ongoing for decades is still alive today, with the people from the participating village in the program. Sitaram Kushwahaविदिशा, ग्यारसपुर के औलिजा ग्राम के लोग आज भी वर्षों पुरानी परंपरा को निभा रहे हैं ग्राम के सभी लोग ठाकुर बाबा के यहां पर पहुंचकर ढाल चढ़ाते हैं । ग्राम के सभी लोग धूमधाम से यह उत्सव मनाते हैं पूरा गांव इस कार्यक्रम में उमड पड़ता है जंगल के बीचो-बीच ठाकुर बाबा का स्थान है जहां पर लोग, आसपास से भी पहुंचते हैं और सैकड़ो लोग अपनी मन्नत लेकर ठाकुर बाबा के स्थान पर पहुंचते हैं और लोगों की यहां से मन्नत पूरी होती है ऐसा मानते हैं कि जो भी ढाल चढ़ते हैं बाबा उनकी मनोकामना पूर्ण करते हैं, गांव की सरपंच प्रतिनिधि किशोर कुशवाहा ने बताया है कि वर्षों से हम इस परंपरा को मनाते आ रहे हैं हमारे पूर्वज भी यहां पर आकर ग्यारस के बाद बारस को चबूतरा पर पहुंचकर पूरी विधि विधान से पूजा अर्चना करते हैं , और सभी ग्रामीण इस कार्यक्रम में सम्मिलित होकर प्रसाद चढ़ाते हैं और सभी के कल्याण की कामना करते हैं । और सभी को प्रसाद वितरण करते हैं ।
Parties have issued tickets, so the Legislative Assembly Secretariat has said, Vacate the bungalow. छिनेगा यशोधरा राजे से बंगला, चुनाव नहीं लड़ने वाले विधायकों को नोटिस, विधानसभा सचिवालय ने 30 बेटिकट विधायकों को भेजा पत्र भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में दोनों बड़ी पािर्टयों भाजपा और कांग्रेस ने इनकमवेंशी के कारण लगभग ढाई दर्जन के क्या टिकट काट दिए कि अब उनका बंगला भी छिनने वाला है। यानि इधर पार्टियों ने टिकट काटा, तो उधर, जैसे लोकसभा में राहुल गांधी का बंगला िछनने की जल्दबाजी की गई, उसी तरह विधानसभा सचिवालय ने भी बेटिकट वाले माननीयों को बंगला खाली करने का नोटिस थमा दिया है। इससे इन माननीयों की भोपाल में रहने को लेकर बेचैनी बढ़ गई है। नई विधानसभा के गठन तक आवास में रह सकते मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतदान पूरा हो चुका है। अब तीन दिसंबर को मतगणना होनी है। जिसमें 16वीं विधानसभा के सदस्यों के नाम सामने आ जाएंगे। नई विधानसभा सदस्यों को आवास उपलब्ध कराने के लिए विधानसभा सचिवालय ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए सचिवालय ने उन विधानसभा सदस्यों को नोटिस जारी कर दिया है, जो चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। ऐसे भाजपा और कांग्रेस के 30 वर्तमान विधायकों को नोटिस देकर आवास खाली करने को कहा गया है। हालांकि वर्तमान विधायक नई विधानसभा के गठन तक आवास में रह सकते हैं। नए विधायकों को लेकर टेंशन में विधानसभा सचिवालय नए विधायकों के जीतने के बाद उन्हें भोपाल में सरकार द्वारा आवास मुहैया कराया जाता है। इसको लेकर विधानसभा सचिवालय ने राज्य सरकार को भी पत्र लिखा है। इसमें नए विधायकों के चुन कर आने पर उनके लिए गेस्ट हाउस और रेस्ट खाली रखने को कहा गया है। इस संबंध में राज्य सरकार की तरफ से भी विभिन्न विभागों को लिखा गया है।
Madhya Pradesh will inherit debts in the millions when it comes to power. मनीष त्रिवेदीभोपाल, मध्यप्रदेश में इस बार तीन दिसंबर को जिसकी भी सरकार बनती है, उसे करोड़ों का कर्ज विरासत में मिलेगा। क्योंकि प्रदेश सरकार पर करोड़ों के कर्ज हैं। ऐसे में यह सवाल लाजमी है कि जिसकी भी सरकार बनती है उसने जो जनता से वादे किए हैं वह कैसे पुरे होंगे? फिलहाल सरकार के ऊपर 3.85 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है. प्रदेश के हर नागरिक पर 47 हजार रुपए का कर्ज है. सरकारी खजाने से साल का 20 हजार करोड़ रुपये तो सिर्फ ब्याज चुकाने में जा रहा है. मध्यप्रदेश शासन का वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट 3.14 लाख करोड़ रुपए का है. इसका तकरीबन 26.2% हिस्सा वेतन, भत्ते और ब्याज की अदायगी में ही चला जाता है. अकेले वेतन-भत्ते को देखें तो वित्तीय वर्ष खत्म होने तक 56 हजार 314 हजार करोड़ रुपये से अधिक इस पर खर्च होंगे. यह बजट का 18.64% होता है. वहीं, पेंशन पर बजट का 18 हजार 636 करोड़ रुपए यानी 6.17% और ब्याज पर 22 हजार 850 करोड़ रुपये यानी 7.56% खर्च होगा. मौजूदा फाइनेंसियल बजट के मुताबिक सरकार की आमदनी 2.25 लाख करोड़ है और खर्च इससे 54 हजार करोड़ है. अब नई सरकार को वर्तमान बजट से अधिक राशि की आवश्यकता होगी. मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव के परिणाम 3 दिसंबर को आने हैं. मतदान के बाद सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस की ओर से सरकार बनाने का दावा किया जा रहा हैं. हालांकि,वोटर का फैसला 3 दिसम्बर को आएगा लेकिन सूबे में सरकार किसी भी पार्टी की बने, उसे विरासत में खाली खजाना मिलेगा. फिलहाल सरकार के ऊपर 3.85 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है. साफ है कि नई सरकार के लिए खस्ताहाल खजाने से अपनी लोक-लुभावन चुनावी घोषणाओं को पूरा करने के लिए बड़ी चुनौती सामने आने वाली है. जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश सरकार सालाना 20 हजार करोड़ रुपए ब्याज देती है. जीएसटी लागू होने के बाद से राज्य के पास नए टैक्स लगाने की गुंजाइश बेहद सीमित रह गई है. ऐसे में सरकार किसी भी बने, उसके लिए अर्थव्यवस्था को गतिमान बनाए रखने के साथ वित्तीय प्रबंधन बड़ी चुनौती होगी. अभी मध्यप्रदेश सरकार पर जितना कर्ज है, उस लिहाज से देखा जाए तो हर नागरिक पर 47 हजार रुपए का कर्ज है. वित्तीय जानकार बताते है कि पिछले 23 सालों में प्रति व्यक्ति कर्ज 42000 बढ़ गया है. साल 2001-02 में प्रदेश पर 23 हजार करोड़ रुपए का कुल कर्ज था. जनसंख्या के हिसाब से प्रतिव्यक्ति बमुश्किल 3,500 हजार रुपए का कर्ज था. दरअसल, 31 मार्च 2023 को खत्म वित्तीय वर्ष में सरकार पर 3.31 लाख करोड़ का कर्ज था, जो 2023-24 के अंत तक 3.85 लाख करोड़ रुपए हो गया.
The seat of Sironj Vidhan Sabha is a stronghold of Dalits and Muslims! Still, the Sharma family maintains its dominance. 17 नवंबर को मतदान पूर्ण हुआ और दोनों ही पार्टियों के बागीयों पर चर्चा हुई तेज अलताफ खान सिरोंजसिरोंज विधानसभा में इस बार मुकाबला कांग्रेस बीजेपी में कांटे का देखने में आया है 17 नंबर को मतदान होने के बाद दोनों ही पार्टियों के कार्यकरता एवं पदाधिकारी अपने-अपने हिसाब से समीकरण लगाने में लगे हुए हैं और अपने पार्टी के प्रत्याशी को जीता हुआ घोषित कर रहे हैं सबसे महत्वपूर्ण इस बार सिरोंज विधानसभा क्षेत्र में यह देखने में आया है कि दोनों ही ओर से टिकट मांगने वाले उम्मीदवारों को पार्टी द्वारा टिकट नहीं दिया गया तो कहीं ना कहीं इन्होंने या तो पार्टी के लिए बिल्कुल काम नहीं किया या फिर खामोश बैठे रहे या फीर यह कहा जाए की अंदर से पार्टी के लिए दगाबाजी की या पार्टी के कई बड़े नेता सामने वाली पार्टी के उम्मीदवार से मिल गए यह सब तो 3 दिसंबर को मतगणना के बाद परिणाम आने के बाद मालूम चल ही जाएगा की किस पार्टी के नेता ने अपनी पोलिंग को अच्छे बहुमत से जिताया या दगाबाजी करके पोलिंग हरबादी अब एक बात यहां पार्टी के छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं को सता रही है कि हमने पार्टी के लिए वफादारी से काम किया और इसका पूरा फायदा पार्टी के वरिष्ठ नेता जो चुनाव के समय विरोध जाता रहे थे वह ले जाएंगे या फिर पार्टी इन्हें दरकिनार करेगी इस बात की चर्चा भी क्षेत्र में आम है सिरोंज विधानसभा वैसे तो दलित मुस्लिम बहुमूल्य क्षेत्र है दलित मुस्लिम वोट ज्यादातर कांग्रेस पक्ष का माना जाता है लेकिन सिरोंज विधानसभा में 1990 के बाद से शर्मा परिवार का दबदबा रहा है और लगातार चार बार से भाजपा के पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा यहां से विजय होते हुए आए थे फिर उन्हें कांग्रेस के गोवर्धन उपाध्याय ने 2013 में चुनाव हरा दिया इसके बाद भाजपा के हाथ से यह सीट चली गई और चर्चा फिर आम बनी कि इस बार भी ब्राह्मण के हाथ में ही सिरोंज लटेरी की कमान आ गई क्योंकि गोवर्धन उपाध्याय भी ब्राह्मण समाज से आते हैं फिर 2018 में भाजपा से उम्मीदवार उमाकांत शर्मा थे जिसको सिरोंज लटेरी विधानसभा क्षेत्र की जनता ने अपना बहुमूल्य बोट देकर लगभग 35000 के अंतराल से कांग्रेस से उम्मीदवार रही मसर्रत शाईद को चुनाव हराया अब इस बार कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार गगनेंद्र रघुवंशी को बनाया है जिनके सामने भारतीय जनता पार्टी ने इस बार फिर दिग्गज नेता उमाकांत शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है सिरोंज लटेरी का चुनाव तो शांतिपूण रहा और मतदान भी शांतिपूर्वक हो ही गया लेकिन जीत की उम्मीद तो दोनों ही ओर से लगाई जा रही है मगर अभी इस सीट से कौन विजय होगा यह कहना आसान नहीं है इस बार कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार गगनेंद्र रघुवंशी को जनता ने वोट दिया है लेकिन उनके सामने भारतीय जनता पार्टी से उम्मीदवारी कर रहे उमाकांत शर्मा का प्रभाव क्षेत्र में जबरदस्त तरीके से है और चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बड़े लगन के साथ मेहनत की है तो दूसरी ओर गगनेंद्र रघुवंशी का चुनाव मानो जनता ने लड़ा हो ऐसी क्षेत्र में चर्चाएं आम है किसके सर पर बनेगा सेहरा और कौन रह जाएगा रुका यह तो मतगणना के बाद ही पता चलेगा.
The opposition leader filed a complaint with the Election Commission. भिंड कलेक्टर के खिलाफ लगाए आरोप, मैं सात बार से लगातार कैसे जीत रहा हूं साजिश करते हुए जानबूझकर लहार विधानसभा में अधिकारी कर्मचारियों को वोटिंग से वंचित रखा. Udit Narayan – Sahara Samachaar भोपाल। मप्र के नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने मुख्य निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को हटाए जाने की मांग रखी। उन्होंने कहा वे मेरी जीत का कारण पूछते हैं। वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से पूछते हैं कि मैं सात बार से लगातार कैसे जीत रहा हूं। सिंह ने भिंड कलेक्टर पर और भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं।नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल गुरुवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचा था। यहां उन्होंने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन से मुलाकात भिंड कलेक्टर को लेकर अपनी शिकायत दर्ज करवाई। गोविंद ने इस संबंध में चुनाव आयोग में ज्ञापन भी सौंपा। उनका कहना है कि संजीव श्रीवास्तव के रहते लहार विधानसभा में निष्पक्ष काउंटिंग नहीं हो पाएगी। वे भाजपा का एजेंट बनकर काम कर रहे हैं। इसीलिए कलेक्टर श्रीवास्तव को हटाया जाए। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि भिंड कलेक्टर ने साजिश करते हुए जानबूझकर लहार विधानसभा में अधिकारी कर्मचारियों को वोटिंग से वंचित रखा। उन्होंने कहा कि कलेक्टर ने डाक मत पत्रों को कोषालय में जमा भी नहीं कराया गया। इतना ही मतदान दिवस पर कलेक्टर के आदेश पर मतदाताओं को प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग वोट नहीं कर पाए। कांग्रेस एजेंट्स को कलेक्टर ने मतदान केंद्र के बाहर बैठाए रखा और फर्जी मतदान करवाया गया। उन्होंने कहा कि भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को सीनियर आईएएस का संरक्षण प्राप्त है और यह सब कुछ उनके ही इशारे पर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चुनाव से पहले ही उन्होंने सीएस को हटाने के लिए मांग उठाई थी।
Tensions arise between BJP and Congress in triangular. दो दर्जन सीटों पर फसा पेंच, कहीं बागी भाजपा का खेल बिगाड़ रहे हैं तो कहीं कांग्रेस का. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश की सभी 230 सीटों पर 17 नवंबर को मतदान होने के बाद 3 दिसंबर के परिणाम पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। वैसे तो प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच ही मुकाबला बताया जा रहा है, लेकिन इस बार बसपा, सपा के साथ ही बागी निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इससे कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यह बागी कहीं भाजपा का खेल बिगाड़ रहे हैं तो कहीं कांग्रेस का। ऐसी करीब दो दर्जन सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी की धड़कनें बढ़ी हुई हैं तो वहीं, दोनों ही राजनीतिक दलों की टेंशन भी बढ़ गई है। बीएसपी ने 181 और निर्दलीय 1166 प्रत्याशी मैदान मेंबहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने इस चुनाव में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ गठबंधन किया है। बीएसपी ने 181 और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने 37 प्रत्याशी उतारे हैं। इसके अलावा प्रदेश में समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, जन अधिकार पार्टी, जनता दल यूनाइटेड पार्टी चुनाव मैदान में है। 2018 के चुनाव में बीएसपी को 6.42 प्रतिशत वोट मिले थे और दो सीटों पर जीत हासिल की थी। पिछली बार भाजपा को 109 और कांग्रेस को 114 सीटों पर विजय मिली थी। बागियों के कारण इन सीटों पर फसा पेंच राजनगर :छतरपुर जिले की राजनगर विधानसभा में भाजपा के जिला अध्यक्ष रहे डॉ. घासीराम पटेल बागी होकर बसपा से चुनावी मैदान हैं। उनके मैदान में आने से इस विधानसभा का चुनाव पूरी तरह से त्रिकोणीय हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों की मुश्िकल में फंसे हुए हैं। यहां अभी कांग्रेस के नाती राजा विधायक हैं। टीकमगढ़ :टीकमगढ़ विधानसभा शहरी क्षेत्र में है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का हर चुनाव में यहां खासा असर दिखाई देता है। इस बार भाजपा के विधायक राकेश गिरी गोस्वामी को उन्हीं की पार्टी के पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव बागी होकर कड़ी टक्कर दे रहे हैं। नर्मदापुरम :यहां पर भाजपा से बागी भगवती चौरे निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी सीताशरण शर्मा को इससे नुकसान हो सकता है। इस सीट पर कांग्रेस से सीताशरण शर्मा के भाई गिरजाशंकर शर्मा प्रत्याशी हैं। भगवती चौरे के निर्दलीय चुनाव लड़ने से इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्प हो गया है। सतना :भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष और भाजयुमो के दो बार सतना जिला अध्यक्ष रहे चुके रत्नाकर चतुर्वेदी शिवा बसपा से चुनाव मैदान में हैं। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने बसपा की सदस्यता ले ली थी। यहां पर भाजपा ने चार बार के सांसद गणेश सिंह और कांग्रेस ने विधायक सिद्धार्थ कुशवाह मैदान में हैं। बुरहानपुर :भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. नंद कुमार सिंह चौहान के बेटे हर्षवर्धन सिंह चौहान निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा ने पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं, कांग्रेस की तरफ से विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा प्रत्याशी हैं। सीधी :भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर सीधी सीट पर विधायक केदारनाथ शुक्ला निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इससे भाजपा प्रत्याशी रीति पाठक को नुकसान हो सकता है। यहां पर कांग्रेस की तरफ से ज्ञान सिंह प्रत्याशी हैं। मुरैना :भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह के बेटे राकेश सिंह बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा से रघुराज कंसाना और कांग्रेस से दिनेश गुर्जर प्रत्याशी हैं। टीकमगढ़ :भाजपा से पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव टीकमगढ़ में निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा ने वर्तमान विधायक राकेश सिंह और कांग्रेस ने यादवेंद्र सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। भिंड :बसपा से चुनाव जीत कर भाजपा में शामिल होने पर संजीव कुशवाह ने मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर कुशवाह बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा से नरेंद्र सिंह कुशवाह और कांग्रेस से चौधरी राकेश चतुर्वेदी मैदान में हैं। सुमावली :कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप सिंह सिकरवार बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा से एंदल सिंह कंसाना और कांग्रेस से अजब सिंह कुशवाह को टिकट दिया है। चाचौड़ा :भाजपा से पूर्व विधायक ममता मीणा आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ रही हैं। यहां पर कांग्रेस से विधायक लक्ष्मण सिंह प्रत्याशी हैं। वहीं, भाजपा ने प्रियंका मीणा को प्रत्याशी बनाया है। धार :पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष राजीव यादव पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ बागी होकर चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा ने विधायक नीना विक्रम वर्मा और कांग्रेस ने प्रभा गौतम को प्रत्याशी बनाया है। डॉ. अंबेडकर महू :कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर पूर्व विधायक अंतरसिंह दरबार महू से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर कांग्रेस ने राम किशोर शुक्ला को प्रत्याशी बनाया है। जबकि भाजपा की तरफ से वर्तमान विधायक उषा ठाकुर हैं। परसवाड़ा :बालाघाट की परसवाड़ा सीट पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रत्याशी पूर्व विधायक कंकर मुंजारे के चुनाव लड़ने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यहां पर भाजपा की तरफ से रामकिशोर कांवरे और कांग्रेस ने मधु भगत प्रत्याशी हैं। सिरमौर :सिरमौर विधानसभा सीट पर पूर्व डीएसपी वीडी पांडे ने मुकाबला त्रिकोणीय कर दिया है। यहां पर भाजपा से दिव्यराज सिंह और कांग्रेस से रामगरीब कोल प्रत्याशी हैं। रैगांव :बसपा प्रत्याशी देवराज अहिरवार ने रैगांव में मुकाबला रोचक कर दिया है। यहां पर कांग्रेस की तरफ से विधायक कल्पना वर्मा और भाजपा की तरफ से प्रतिमा बागरी प्रत्याशी है। नागौद :कांग्रेस से टिकट कटने पर यहां पर पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह बीएसपी से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर कांग्रेस ने डॉ. रश्मि सिंह पटेल और भाजपा ने नागेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया है। देवतालाब :यहां पर समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ रही सीमा जयवीर सेंगर से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यहां पर भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम और कांग्रेस ने पद्ममेश गौतम को टिकट दिया है। सीमा जयवीर सेंगर 2018 में बसपा से चुनाव लड़ कर दूसरे नंबर पर थी।
Even after repaying the installment, the financial company is taking money from women, and women have raised objections. Special Correspondent कटनी । आधा दर्जन से अधिक महिलाएं स्मॉल फाइनेंस बैंक से परेशान होकर माधवनगर थाना प्रभारी के पास जा पहुंची। जहां उन्होंने बताया कि उनके द्वारा 2018 में फिनो स्मॉल फाइनेंस बैंक से 9 लोगों ने समूह बनाकर 25 हजार से लेकर 35 हजार रुपए का लोन लिया था, जिसकी साप्ताहिक किस्त 2 हजार रुपए एजेंट आकर ले जाते थे। इस तरह 2020 में पूरा पैसा चुक गया, लेकिन शासन से मिल रही राशि लाडली बहना की 1250 रुपए और मजदूरी का पैसा भी बैंक द्वारा लगातार काटा जा रहा था। जिसकी शिकायत लेकर बैंक पहुंचे तो उन्होंने कर्ज होना बताया है जबकि हमारे द्वारा पूरा पैसा चुका दिया गया है, इसी की शिकायत लेकर बुधवार को माधवनगर थाना प्रभारी मनोज गुप्ता से न्याय दिलाने की गुहार लगाने आए थे, जिन्होंने जांच करने की बात कही है। आपको बता दें कि सभी महिलाएं स्लिमानाबाद थाना क्षेत्र के सरस्वाही ग्राम की बताई गई है, जो शिकायत करने थाने पहुंची थीं। गोमती बाई ने बताया कि उसने भी 35 हजार का लोन लिया, जो लगातार किस्त देती गई लेकिन सालभर के अन्दर ही उसके पति की मौत हो गई। लेकिन अब बैंक वाले उन्हें धमकी दे रहे हैं। पैसे तो देने ही होंगे फिलहाल मामले की शिकायत मिलते ही माधवनगर थाना प्रभारी मनोज गुप्ता ने सभी पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। साथ ही 2 पुलिसकर्मियों को तत्काल फिनो स्मॉल फाइनेंस बैंक भेजते हुए जांच के निर्देश जारी किए हैं।
Shivpuri BJP district president claim…received abundant blessings from dear sisters. (SAHARA SAMACHAR) शिवपुरी। शिवपुरी के बीजेपी जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने दावा किया है कि जिले की पांचों विधानसभा सीटें भाजपा जीत रही है। जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने दावा किया कि लाड़ली बहनों का आशीर्वाद बीजेपी को भरपूर मिला है। इसके कारण बीजेपी जीत रही है। जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने कहा कि इस वोटिंग से लोकतंत्र मजबूत हुआ है। ऐतिहासिक मतदान हुआ है। लाड़ली बहना, मजदूर, गरीबों और किसानों का समर्थन बीजेपी को मिला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की जनहितैषी व जन कल्याणकारी योजनाओं के कारण अच्छी वोटिंग हुई है, इसका लाभ बीजेपी को मिलेगा। कांग्रेसियों द्वारा शिवपुरी की कम से कम तीन सीटें जीतने के दावे को लेकर राजू बाथम से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा, मुझे कांग्रेसियों के द्वारा किए जा रहे दावे को लेकर कुछ जानकारी नहीं है। लेकिन मेरा दावा है कि बीजेपी शिवपुरी जिले की पांचों सीटें जीत रही है। गौरतलब है कि शिवपुरी जिले में पांच विधानसभा सीटें आती हैं। इन पांचों विधानसभा सीटों पर 17 नवंबर को 79 प्रतिशत मतदान हुआ है। साल 2018 के मुकाबले इस साल पांच प्रतिशत ज्यादा मतदान पांचों सीटों पर हुआ है। अब तीन दिसंबर को शिवपुरी में मतगणना होगा। शिवपुरी के पीजी कॉलेज में पांचों विधानसभा सीटों की मतगणना का काम किया जाएगा। तीन दिसंबर को आने वाले परिणामों पर सबकी निगाहें लगी हुई हैं।
Farmer from Ujjain has requested a helicopter from the Prime Minister for aerial sowing. गांव गोंदिया निवासी किसान पुरुषोत्तम राठौर ने पीएमओ को लिखा पत्र (SAHARA SAMACHAR) उज्जैन। उज्जैन में चिंतामन थाना क्षेत्र के गांव गोंदिया निवासी किसान पुरुषोत्तम राठौर ने अपने खेत पर जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से हेलीकॉप्टर की मांग की है। किसान का कहना है कि उसका खेत सुना और खाली पड़ा है और उसके खेत में वह कोई फसल की बोवनी नहीं कर पाया है। दरअसल, किसान के खेत के आसपास गांव के ही स्थानीय दबंग व्यक्तियों ने कब्जा कर लिया है और वह किसान को खेत में नहीं जाने देते हैं। पीड़ित किसान का परिवार जब खेत पर पहुंचता है तो उनके साथ मारपीट की जाती है। डर के चलते किसान ने खेत पर कोई फसल भी नहीं बोई है। किसान का कहना है कि मैंने लिखित में आवेदन देकर शिकायत की है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई है। अब किसान ने अपने खेत पर जाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र सरकार और राज्य सरकार सहित जिला प्रशासन से हेलीकॉप्टर की मांग की है और कहा है कि खेत तक पहुंचने के सभी रास्ते बंद हैं। इसलिए अब वह हवाई मार्ग से सीधे खेत पर उतरेगा और खेत में बोवनी करेगा।
Jungle Raj is prevailing in the Forest Department – instead of promoting greenery, 10 thousand saplings were thrown away. जेसीबी से मिट्टी और खाद नालों में डाली, एसडीओ ने रिपोर्ट में दस्तावेज और फोटो दिए, फिर भी डीएफओ ने कोई एक्शन नहीं लियाThe Soil and Fertilizers were added, and the SDO provided documentation and photos in the report. District Forest Officer (DFO) did not take any action. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश में वन विभाग के अंदर जंगलराज पूरी तरह से फैल चुका है। हरियाली को बढ़ाने के लिए लाए गए करीब दस हजार पौधों जंगल में फेंकने का कारनामा उजागर हुआ है। जूनियर अधिकारी की रिपोर्ट के बाद भी वृक्षारोपण में बरती गई। इस लापरवाही पर कोई एक्शन नहीं हुआ है। ताजा मामला खरगोन जिले के भीकनगांव का है। खरगोन के इस मामले में भी बार-बार एसडीओ की रिपोर्ट पर डीएफओ ने अब तक कार्रवाई नहीं की है। एसडीओ ने अपनी रिपोर्ट में दस्तावेज और फोटो संलग्न किए हैं, बावजूद इसके डीएफओ ने कोई एक्शन नहीं लिया है। वृक्षारोपण में गड़बड़ी का मामला खरगोन वन मंडल के भीकनगांव रेंज का है। एसडीओ ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि 10 हजार से अधिक पौधे जंगल में फेंक दिए गए जिनका प्लांटेशन नहीं किया गया। यही नहीं प्लांटेशन के लिए खोदे गए गड्ढे के पास खाद और मिट्टी का ढेर लगा हुआ है। इसकी तस्वीर भी एसडीओ ने अपनी जांच रिपोर्ट में डीएफओ को भेजी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फर्जी और घटिया काम के प्रमाणकों को पास करने के लिए दबाव बनाया जाता है। वृक्षारोपण के लिए गड्ढों में मिट्टी परिवर्तन और खाद भी नहीं डाला गया है। जेसीबी से मिट्टी और खाद नालों में फेंके गए हैं। इस मुद्दे को लेकर वन विभाग के अफसरों ने चुप्पी साध ली। सूत्रों का कहना है कि खरगोन डीएफओ प्रशांत कुमार जब सागर दक्षिण में पदस्थित है तब वनीकरण क्षतिपूर्ति के तहत किए गए वृक्षारोपण में भी इसी तरीके की धांधली पाई गई थी। ऐसी गड़बड़ी के चलते उनके खिलाफ विभाग की जांच अभी भी चल रही है। इसके बाद भी खरगोन में वृक्षारोपण की गड़बड़ी पर उनकी लापरवाही बनी हुई है।
One who conquers Bundelkhand will reach the pinnacle of power. There is a claim of a fifty-fifty contest between the BJP and Congress on the 26 seats of Bundelkhand. प्रदेश विधानसभा के हुए चुनाव की मतगणना में अभी 10 दिन का समय शेष, नतीजों को लेकर कयासों का दौर जारी, दोनों दल 17-17 सीट जीतने का दावा. तीन सीटों को छोड़कर हर सीट कड़े मुकाबले में फंसी. उदित नारायणभोपाल। मप्र विधानसभा चुनाव का आकलन अंचल बार देखें तो बुंदेलखंड भी एक अहम अंचल है। यहां गरीब और पलायन सबसे बड़ा मुद्दा रहा हो, लेकिन दोनों की दलों ने इन मुद्दों की अनदेखी कर प्रदेश स्तरीय मुद्दों पर वोट मांगे हैं। चुनाव की मतगणना में अभी 10 दिन का समय शेष है। इस बीच नतीजों को लेकर कयासों का दौर जारी है। कोई भाजपा की सरकार फिर आने का दावा कर रहा है तो कोई कांग्रेस की सत्ता में वापसी तय बता रहा है। अंचलवार भी भाजपा-कांग्रेस के साथ अन्य विश्लेषकों के आकलन सामने आ रहे हैं। बुंदेलखंड अंचल में विधानसभा की 26 सीटें हैं। भाजपा-कांग्रेस दोनों 17 से ज्यादा सीटों में जीत का दावा कर रहे हैं। अन्य विश्लेषकों में कोई भाजपा को आगे बता रहा है तो कोई कांग्रेस को। सागर को लेकर दोनों दलों का दावा भाजपा के नेताओं से बात करने पर पता चलता है कि वे 17 से ज्यादा सीटों में जीत को लेकर आश्वस्त हैं। सागर में भाजपा तीन सीटों पर मजबूतविश्लेषकों के अनुसार सागर की तीन सीटों रहली में गोपाल भार्गव, खुरई में भूपेंद्र सिंह और सुरखी में गोविंद सिंह राजपूत एकतरफा जीत रहे हैं। इनके अलावा नरयावली में प्रदीप लारिया और सागर में शैलेंद्र जैन की स्थिति भी मजबूत है। प्रदेश भाजपा को मिले फीडबैक के अनुसार देवरी, बीना और बंडा में कड़ा मुकाबला है। इसके विपरीत कांग्रेस सागर में फिफ्टी-फिफ्टी की स्थिति बता रही है। दमोह में मुश्िकल में फंसे मलैयापिछली बार की तरह इस बार भी पूर्व मंत्री जयंत मलैया कड़े मुकाबले में फंसे हैं। बावजूद इसके भाजपा का दावा है कि पार्टी दमोह, हटा और पथरिया सीट जीत रही है। इसके विपरीत कांग्रेस का दावा है कि हम हटा को छोड़ शेष तीनों सीटें जीत रहे हैं। तटस्थ विश्लेषकों का कहना है कि इस बार दमोह जिले की चारों सीटों में कड़ा मुकाबला है। पथरिया में विधायक रामबाई के कारण त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति है। दमोह में कुछ भी हो सकता है। छतरपुर में तीन-तीन सीट मिलने के हालातछतरपुर जिले की 6 विधानसभा सीटों में तटस्थ आकलन कर्ताओं की नजर में भाजपा- कांग्रेस को 3-3 सीटें मिलती दिख रही है। इनके अनुसार चंदला, मलेहरा और छतरपुर में कांग्रेस जीत सकती है जबकि महाराजपुर, बिजावर और राजनगर में भाजपा जीत सकती है। हालांकि इन तीनों सीटों में कड़ा मुकाबला बताया जा रहा है। भाजपा-कांग्रेस इस जिले में ज्यादातर सीटों में जीत का दावा कर रहे हैं। भाज का दावा है कि वह छतरपुर, राजनगर, मलेहरा, बिजावर सीटें जीत रही है जबकि चंदला और महाराजपुर में कड़ा मुकाबला है। इसके विपरीत कांग्रेस का कहना है कि भाजपा को सिर्फ एक बिजावर सीट मिल सकती है। शेष सभी 5 सीटों में कांग्रेस की जीत तय है। टीकमगढ़ जिले को लेकर कांग्रेस आश्वस्तटीकमगढ़ और निवाड़ी जिले की पांचों विधानसभा सीटों में कड़े मुकाबले के आसार हैं लेकिन कांग्रेस मानकर चल रही है कि उसे कम से कम 4 सीटों में जीत मिलेगी। कांग्रेस को मिले फीडबैक के अनुसार टीकमगढ़ में यादवेंद्र सिंह, खरगापुर में चंदारानी सिंह, पृथ्वीपुर में नितेंद्र प्रताप सिंह और जतारा में किरण अहिरवार की जीत तय है जबकि निवाड़ी में सपा की मीरा यादव जीत सकती हैं। दूसरी तरफ भाजपा का दावा है कि 2018 की तरह यहां कांग्रेस का खाता नहीं खुलेगा और भाजपा सभी सीटें जीतेगी। पन्ना में भाजपा की एक सीट पक्कीपन्ना जिले की तीन सीटों में आकलनकर्ताओं की नजर में पन्ना को छोड़ अन्य दोनों सीटों में कड़ा मुकाबला है। पन्ना में खनिज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह की स्थिति मजबूत बताई जा रही है तो पवई और गुनौर सीटें कड़े मुकाबले में फंसी हैं। फिर भी भाजपा सभी तीनों सीटों में जीत का दावा कर रही है जबकि कांग्रेस का मानना है कि वह दो सीटें जीत रही है। भाजपा- कांग्रेस के दावे पार्टी द्वारा बुलाए गए फीडबैक के आधार पर किए जा रहे है। कौन सही है कौन गलत, यह 3 को मतगणना के बाद पता चल सकेगा।
Recovery of government funds and irregularities will be done through the Sarpanch, as directed by the District Panchayat CEO under the RCC, instructions given to the Tehsildar for the collection process. Special Correspondent कटनी । विकासखंड बहोरीबंद की ग्राम पंचायत डिहुटा के तत्कालीन सरपंच अंगद सिंह ठाकुर और अन्य चार के द्वारा सुदूर सड़क के निर्माण में वित्तीय अनियमितता कर, शासकीय धन का गबन और शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाए जाने के फलस्वरुप पांच अनावेदकों तत्कालीन सचिव, जीआरएस, उपयंत्रियो से 1,32,639 रुपए की वसूली निर्धारित की गई थी। अंगद सिंह को छोड़कर इन चार ने जमा की राशितत्कालीन सरपंच अंगद सिंह ठाकुर को छोड़कर जागेश्वर विश्वकर्मा तत्कालीन सचिव, मुस्ताक मोहम्मद ग्राम रोजगार सहायक, एस के पांडे और एम के कौशल तत्कालीन उपयंत्री द्वारा प्रकरण सुनवाई के दौरान वसूली योग्य अधिरोपित राशि जमा कर दी थी। इसलिए हुई कार्रवाई क्योंकि पेशी में तत्कालीन सरपंच अनुपस्थित रहे और न ही दिया जवाबआपको बता दें कि प्रकरण में सुनवाई हेतु विहित प्राधिकारी एवं जिला पंचायत के सीईओ श्री गेमावत ने ग्राम पंचायत डिहुंटा के तत्कालीन सरपंच (प्रधान) अंगद सिंह ठाकुर को वित्तीय अनियमितता को लेकर निर्धारित तिथि को उपस्थित होकर जवाब देने हेतु लेख किया था। किंतु श्री ठाकुर सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहे और जवाब प्रस्तुत नही किया। आरसीसी के तहत होगी वसूली और 6 साल के लिए निर्वाचन के लिए अयोग्य घोषित जिला पंचायत के सीईओ एवं विहित प्राधिकारी श्री गेमावत ने तत्कालीन सरपंच अंगद सिंह ठाकुर के विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित करते हुए अधिरोपित वसूली योग्य राशि 36844 रुपए , भू राजस्व की भांति वसूल करने के निर्देश तहसीलदार बहोरीबंद को दिए हैं तथा कार्रवाई प्रारंभ होने की जाने से 6 वर्ष की कालावधि के लिए किसी पंचायत (या ग्राम निर्माण समिति तथा ग्राम विकास समिति या ग्राम सभा की समिति) का सदस्य होने के लिए निर्वाचन से निर्हरित घोषित किया है। शिकायतकर्ता प्रकाश चंद्र गुप्ता द्वारा सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से ग्राम पंचायत डिहुंटा में सुदूर सड़क निर्माण शांति नगर में बीच नहर की पुलिया से मुख्य नहर तक के निर्माण में फर्जी भुगतान की शिकायत की गई थी। शिकायत का परीक्षण,अनुश्रवण एवं जनपद पंचायत सीईओ बहोरीबंद से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के अनुसार शासकीय धन का गबन और शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाया जाना परिलक्षित हुआ। तत्पश्चात आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण की जाकर उक्त कार्यवाही हुई।