आबकारी विभाग की बड़ी कार्यवाही 3 लाख 70 हजार रूपये की मदिरा जप्त अलग-अलग क्षेत्र में दी गई दबिश
Excise Department conducted a major operation, seizing alcoholic beverages worth 3 lakh 70 thousand rupees in different areas.
Excise Department conducted a major operation, seizing alcoholic beverages worth 3 lakh 70 thousand rupees in different areas.
Priyadarshini Raje and Maharyaman performed the holy remembrance of the queen mother. विजयाराजे सिंधिया की 104वीं जयंती पर अम्मा महाराज की छत्री में श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे सैकड़ों नेता।प्रियदर्शनी राजे और महाआर्यमन ने किया राजमाता का पुण्य स्मरण” संतोष सिंह तोमरग्वालियर। जनसेवा के लिए राजपथ से लोकपथ का मार्ग चुनने वाली राजमाता विजयाराजे सिंधिया की 104वीं जयंती गुरुवार को मनाई गई।राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जयंती के अवसर पर सिंधिया परिवार की ओर से प्रियदर्शनी राजे और महाआर्यमन सिंधिया ने कटोराताल थीम रोड स्थित छत्री परिसर में पहुंचकर करुणा की मूर्ति राजमाता विजयराजे सिंधिया की प्रतिमा पर पुष्पांजलि के साथ श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनका पुण्य स्मरण किया।वहीं मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के चलते भागदौड़ में व्यस्त केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिन की शुरुआत अपनी दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए की। श्री सिंधिया ने अपने बचपन की एक फोटो ‘जिसमें उनकी दादी विजयाराजे सिंधिया उन्हें अपनी गोद में लिए हुए हैं।’ सोशल मीडिया X (एक्स) पर शेयर करते हुए लिखा “अपने सीधे-सरल स्वभाव और लोकसेवा के प्रति समर्पण के कारण मेरी आजीअम्मा आज भी मध्य प्रदेश और देश के कण-कण और जन-जन के दिलों में बसती हैं। राष्ट्र सेवा को अपनी प्राथमिकता मानने वाली राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी भारतीय जनसंघ एवं भाजपा की आधार स्तंभ थी, जिन्होंने भारतीय राजनीति को एक नई पहचान देने का कार्य किया। वह आज भी हर घड़ी प्रकाशपुंज की भांति मेरा मार्गदर्शन करती हैं। उनकी जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनका आशीर्वाद सदैव मेरे मध्य प्रदेश पर बना रहे, यही प्रार्थना है।”छत्री परिसर में सुबह से आदरांजलि अर्पित करने वालों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। दोपहर तक ग्वालियर-चंबल अंचल के अनेक नेताओं व पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके आदर्शां को जीवन में अपनाकर राजमाता के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
सीहोर। प्रकृति की मार से बर्बाद हुए किसान अब खुदकुशी की राह पर चल पड़े हैं। इसका कारण यह है कि एक तरफ सोयाबीन की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है तो दूसरी तरफ बैंक और सोसायटियों के कर्ज की चिंता उनको सता रही है। बुधवार को गांव नापलाखेड़ी में 55 वर्षीय एक किसान ने घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का कहना है कि उन पर 7 लाख का बैंक का कर्ज था और फसलें खराब होने से वे बहुत परेशान थे। जबकि इस मामले में प्रशासन पारिवारिक विवाद बता रहा है। इसी दिन केंद्र सरकार की टीमे भी नुकसान का निरीक्षण करने आई थी। मृतक के बड़े बेटे संतोष वर्मा ने बताया कि उनकी 6 एकड़ जमीन है। इसमें सोयाबीन बोई थी जो पूरी तरह से खराब हो चुकी है। घर सहित अन्य कामों के लिए उन्होंने बैंक और सोसायटी से करीब 7 लाख रुपए का कर्ज लिया था। फसलें खराब होने के बाद से ही वे चिंता में थे कि आखिर कर्ज कैसे चुकाएंगे। कुछ दिनों से वे ज्यादा परेशान थे। बेदाखेड़ी में देखा खेत आष्टा | बुधवार को टीम भोपाल-इंदौर हाईवे पर स्थित बेदाखेड़ी गांव पहुंची। गांव के अंतिम छोर पर रुकी और 10 मिनट रूककर एक किसान का खेत देखा तथा चर्चा कर आगे के लिए रवाना हो गई। इसके बाद डाबरी, डोडी में भी कुछ देर फसलों का जायजा लिया। बेदाखेड़ी गांव में किसान हिम्मत सिंह के खेत पर पहुंचकर फसल को देखा। 10 मिनट के अंतराल में रोड किनारे के खेत देखने के बाद किसानों से चर्चा कर निकल गए। बहुत देर कर दी आते-आते भारत सरकार की इंटर मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम ने जिले में विभिन्न गांवों में फसलों का निरीक्षण किया। हालांकि टीम उस समय आई है जब 70 प्रतिशत से अधिक रकबे में फसलों की कटाई हो चुकी है। टीम में संयुक्त सचिव भारत सरकार राजवीर सिंह, ,अवर सचिव हरित कुमार शाक्य शामिल थे। इछावर विधायक करण सिंह वर्मा, सीहोर विधायक सुदेश राय, कलेक्टर अजय गुप्ता भी टीम के साथ रहे।
भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के पूर्व केबिनेट मंत्री प्रदेश के अनुसूचित जाति के जनमानस में समाये सरल सहज मिलनसार प्रदेश के कद्दावर जन नेता लाल सिंह आर्य को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपनी नई टीम में भाजपा अनुसुचित जाति मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है। इस पर हर्ष जताते हुए भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा मध्यप्रदेश प्रदेश मीडिया सह प्रभारी एसएल वर्मा ने कहा कि श्री आर्य पार्टी की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरे उतरेंगे। लाल सिंह आर्य ने केबिनेट मंत्री के पूर्व मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष रहकर सफलता पूर्वक अपने दायित्वों का निर्वाहन करते हुए सभी अनुसूचित जाति के दिलों में अपना अहम स्थान बनाया है. श्री वर्मा ने बताया कि श्री आर्य को यह दायित्व मिलने पर प्रदेश के जनमानस में खुशी की लहर चल पड़ी है। श्री वर्मा व मोर्चे के सभी पदाधिकारियो ने शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया है!
बैतूल। मध्यप्रदेश में घटिया अनाज वितरण के रोज नए घोटाले सामने आ रहे हैं। बालाघाट, मंडला,छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में बांटे गए घटिया चावल और गेहूं का मामला थमा भी नहीं था कि अब घटिया चना दूसरे प्रदेशों को भेजने का सनसनीखेज मामला बैतूल में सामने आया है। बैतूल से छत्तीसगढ़ भेजे जा रहे सौ टन चने की खेप में फफूंद लगा और घुन लगा चना मिला, जिसे रास्ते से ही वापस कर दिया गया। चने का भंडारण करने वाले एमपी लॉजिस्टिक वेयर हाउस कॉरपोरेशन की इसमे बड़ी लापरवाही सामने आई है। छत्तीसगढ़ भेजे जा रहे इस चने को वहां गरीबो में बांटा जाना था। लेकिन इसके फफूंद लगे और गुणवत्ता हीन होने की शिकायत के बाद घटिया सप्लाय का यह खेल उजागर हो गया। बताया जा रहा है कि साल 2018 में नेफेड ने समर्थन मूल्य पर चने की खरीदी की थी, जिसे वेयरहाउस कॉरपोरेशन के जरिये सरकारी और प्राइवेट वेयर हाउसो में रखा गया था। इस चने को कोरोना काल मे केंद्र सरकार ने गरीबों की मदद के लिए उन्हें राशन के तौर पर देने का फैसला किया है। फ्री में बांटे जाने वाले इस चने को छत्तीसगढ़ सरकार को देने के आदेश दिए गए थे। इसका ठेका रायपुर की अनाज कंपनी भारत दाल इंडस्टीज को सौंपा गया है। इसके घटिया होने का खुलासा तब हुआ जब कंपनी के ट्रक ड्राइवर और क्लीनरों को इसका वजन और क्वालिटी घटिया होने का संदेह हुआ और उन्होंने पूरे खेप की जांच करना शुरू किया। कम्पनी के ट्रक ड्राइवर बैतूल के चिचोली स्थित निजी वेयर हाउस से चार ट्रक में लगभग 100 टन चना लेकर रायपुर के लिए रवाना हुआ थे, लेकिन ड्राइवर को कम वजन और वाटर डैमेज का संदेह हुआ तो उसने ठेकेदार को इसकी सूचना दी। ठेकेदार की शिकायत पर एमपी वेयर हाउसिंग लॉजिस्टिक कॉरपोरेशन, बैतूल की टीम ने इनके सैम्पल लिए तो उसमें फफूंद वाला चना निकला। इसके अलावा चने में कचरा और उसमें घुने लगे होने के भी प्रमाण मिले। गड़बड़ी के उजागर होते ही चारो ट्रकों को तुरंत प्राइवेट वेयर हाउस वापस भेजा दिया गया। गड़बड़ी के सामने आने के बाद अधिकारी अब जांच करने की बात कर रहे हैं। वहीं, ठेकेदार का कहना है कि ऐसा चना तो गाय भी नहीं खाएगी। भले ही अधिकारी जांच की बात कर रहे हों, लेकिन इस मामले से साफ है कि वेयर हाउस में गड़बड़ी हो रही है। ठेकेदार ने एक ट्रक में 3 क्विंटल चना कम होने का भी संदेह व्यक्त किया है। अब तक बैतूल से 25 सौ टन चना छत्तीसगढ़ भेजा जा चुका है और चार से पांच सौ टन चना अभी और भेजा जाना बाकी है।
भोपाल। कोरोना महामारी से निपटने की चुनौतियों के बीच सरकारी मैनेजमेंट में बड़ी खामी उजागर हुई है। स्वास्थ्य संचालनालय द्वारा स्वास्थ्य मंत्रालय के नेशनल हेल्थ पोर्टल पर अपलोड की गई एक रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोविड के गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू में पलंग और वेंटिलेटर कम पड़ रहे हैं। पांच जिले बैतूल, दमोह, मंडला, पन्ना और श्योपुर के जिला अस्पतालाें में आईसीयू नहीं हैं, लेकिन यहां 9 वेंटिलेटर भेज दिए गए। इनमें भी 5 सिर्फ दमोह भेजे गए। जबकि आगर मालवा, नरसिंहपुर, सतना, शाजापुर और उमरिया जिलों में आईसीयू के 2 से 10 बिस्तर हैं, लेकिन यहां एक भी वेंटिलेटर नहीं दिया गया। भोपाल में 283 नए केस, प्रदेश में 23 दिन में 50 हजार मरीज बढ़े राजधानी में शनिवार को 283 नए कोरोना केस मिले, जबकि 7 मरीजों की मौत हो गई। इनमें 4 भोपाल के हैं। नए संक्रमितों में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के बेटे सुकर्ण मिश्रा और एक आईएएस अधिकारी की 10 वर्षीय बेटी भी शामिल है। वहीं, प्रदेश में 2181 नए संक्रमित मिले। 23 दिन में 50 हजार संक्रमित बढ़ चुके हैं। इनमें भी 20 हजार सिर्फ 9 दिन में बढ़े।
भोपाल। पति को कोरोना होने पर 5 दिन पहले ही जेपी अस्पताल में भर्ती किया है, ना डॉक्टर देखने आते हैं और ना वार्ड ब्वॉय दवाई खिलाते हैं। नर्सों को कुछ बोलो तो वो दुत्कार देती हैं। मरीज को खाना खिलाने और बाथरूम कराने के लिए कोई तैयार नहीं है। ऐसे में मजबूरन मैं कोरोना के आईसीयू में जाकर पति को दवा और खाना खिलाती हूं। मैं जानती हूं कि मुझे संक्रमण का खतरा है, इसलिए 5 दिन से अस्पताल में ही पड़ी हूं। घर में छोटे-छोटे बच्चे अकेले हैं। अपनी मजबूरी और अस्पताल प्रबंधन की यह लापरवाही 12 नंबर स्टॉप पर रहने वाली आशा शर्मा ने शनिवार दोपहर 2 बजे जेपी अस्पताल पहुंचे चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग को सुनाई। इस पर मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाई और स्वास्थ्य आयुक्त संजय गोयल को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा। साथ ही आशा को भरोसा दिलाया कि उनके पति का बेहतर इलाज किया जाएगा। मंत्री सारंग जेपी अस्पताल में कोरोना मरीज संतोष रजक की मौत और रजक की बेटी की ओर से लगाए गए आरोपों की हकीकत देखने अस्पताल पहुंचे थे। मंत्री ने जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आरके तिवारी और डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव को फटकार लगाई। मंत्री सारंग ने बताया कि मृतक संतोष रजक के मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य आयुक्त को बोला है। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद देर शाम जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आरके तिवारी को हटा दिया गया। इनके स्थान पर डॉ. राकेश श्रीवास्तव को यह जिम्मेदारी सौंपी। मंत्री की फटकार के बाद चिरायु भेजा- मंत्री सारंग ने आशा से पूछा कि आप क्या चाहती हैं। इस पर आशा ने साफ कहा कि यहां इलाज ही नहीं हो रहा है, आप मेरे पति को चिरायु अस्पताल में शिफ्ट करा दो। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग का अमला सक्रिय हुआ और एक घंटे में एंबुलेंस से सुरेश को चिरायु अस्पताल भेज दिया गया। इससे पहले मंत्री सारंग ने कोरोना पॉजिटिव मृतका संतोष की बेटी प्रियंका की ओर से लगाए गए आरोपों का वीडियो जेपी के सिविल सर्जन डॉ. तिवारी समेत अन्य जिम्मेदारों को दिखाया। उनसे हकीकत पूछी। इस पर उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा था कि परिजन तो झूठे आरोप लगा रहे हैं।
भोपाल। मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनाव के जरिये सत्ता में वापसी का गणित भले ही कांग्रेस के लिए मुश्किलभरा हो, लेकिन पार्टी जीत के लिए पुरानी परिपाटी को छोड़ने में भी गुरेज नहीं कर रही है। कांग्रेस की नैया पार लगाने के लिए उपचुनाव में गांधी परिवार का चेहरा मोर्चा संभाल रहा है। मप्र कांग्रेस ने पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को उपचुनाव में बुलाया है। प्रियंका यहां दतिया स्थित मां पीतांबरा देवी के दर्शन के बहाने आ रही हैं। इसी बहाने वे उपचुनाव की छह सीटों से गुजरते हुए रोड शो भी करेंगी। उनका कार्यक्रम राजस्थान से सड़क मार्ग से प्रवेश कर मुरैना, ग्वालियर और डबरा होते हुए दतिया तक पहुंचने का बनाया जा रहा है। मकसद है सिंधिया से हिसाब चुकता करना दरअसल, कमल नाथ सरकार गिराने के लिए कांग्रेस ज्योतिरादित्य सिंधिया को दोषी ठहराती रही है, इसलिए वह कांग्रेस और गांधी परिवार के निशाने पर हैं। सिंधिया से हिसाब चुकता करने के लिए ही कांग्रेस उनके गढ़ में प्रियंका गांधी वाड्रा का रोड शो कराने की तैयारी में है। कांग्रेस को उम्मीद है कि प्रियंका के आने से इन क्षेत्रों में कार्यकर्ता सक्रिय होंगे, क्योंकि अभी मुश्किल यह है कि सिंधिया के प्रभाव वाला क्षेत्र होने के कारण यहां पार्टी कार्यकर्ताओं की कमी के साथ ही भरोसे के संकट से भी जूझ रही है। वह कड़ी टक्कर देने वाले प्रत्याशी के लिए भी दूसरे दलों के बागियों पर आश्रित है। पीढ़ियों से हाजिरी लगाता आया गांधी परिवार कांग्रेस प्रियंका के इस प्रस्तावित दौरे को सियासी करार देने से बच रही है। उसका तर्क है कि मां पीतांबरा के दर्शन के लिए गांधी परिवार पीढ़ियों से हाजिरी लगाता आया है। पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी यहां आकर दर्शन कर चुके हैं। 2018 में राहुल गांधी ने यहां दर्शन पूजन कर चुनावी अभियान शुरू किया था। एक तीर से कई निशाने कांग्रेस प्रियंका का रोड शो कर एक तीर से कई निशाने लगाना चाहती है। 2018 में राहुल गांधी की मंदसौर रैली ने मप्र विस चुनाव-2018 की तस्वीर ही बदल दी थी। उपचुनाव में प्रियंका भी संदेश देना चाहेंगी कि कांग्रेस में युवा नेताओं को भरपूर मौका दिया जा रहा है। प्रियंका उत्तर प्रदेश में लगातार सक्रिय हैं। रोड शो से सफलता मिलने की स्थिति में उत्तर प्रदेश में प्रियंका की पैठ और गहरी होगी। वहां भी कार्यकर्ताओं का नया कैडर मजबूत हो सकता है।
भोपाल. मध्य प्रदेश की अट्ठाइस विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. मंगलवार रात जारी हुए आदेश में 14 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. इन तबादलों में ग्वालियर, सागर और जबलपुर संभाग के कमिश्नर को बदल दिया गया है. इन तीनों संभाग के कमिश्नर को मंत्रालय से अटैच किया गया है और उन्हें सचिव बनाया गया है. जबकि संभाग में नए कमिश्नर की नियुक्ति कर दी गई है. ग्वालियर के कमिश्नर एम.बी ओझा मंत्रालय में सचिव बनाए गए हैं. उनकी जगह अब आशीष सक्सेना ग्वालियर संभाग के नए कमिश्नर होंगे. इसी तरह सागर संभाग के कमिश्नर जनक जैन को मंत्रालय में सचिव बनाया गया है. उनकी जगह अब मुकेश शुक्ला सागर के नए कमिश्नर होंगे. वहीं जबलपुर के कमिश्नर रहे महेश चौधरी को मंत्रालय में सचिव बनाया गया है. उनकी जगह अब बी चंद्रशेखर जबलपुर संभाग के नए कमिश्नर होंगे. दरअसल कुछ वक्त पहले चुनाव आयोग की तरफ से निर्देश जारी किए गए थे कि अगले छह महीने में रिटायर होने वाले और तीन साल से ज्यादा समय से जमे अधिकारियों को जिलों से हटाया जाए. ग्वालियर, सागर और जबलपुर संभाग के कमिश्नर का तबादला इसी से जोड़कर देखा जा रहा है. यह अधिकारी बदले गए – 14 आईएएस अधिकारियों की नई पदस्थापना – ग्वालियर, सागर, जबलपुर संभाग के कमिश्नर बदले गए – ग्वालियर कमिश्नर एमबी ओझा मंत्रालय में सचिव बनाए गए – आशीष सक्सेना ग्वालियर संभाग के नए कमिश्नर होंगे – जनक जैन सागर संभाग के कमिश्नर मंत्रालय में सचिव बनाए गए – मुकेश शुक्ला सागर के नए कमिश्नर होंगे – महेश चौधरी जबलपुर कमिश्नर मंत्रालय में सचिव बनाए गए – बी चंद्रशेखर जबलपुर संभाग के नए कमिश्नर होंगे – एम के अग्रवाल आयुक्त सहकारी संस्थाएं बनाये गए – मसूद अख्तर, गृह विभाग में सचिव बनाए गए – संजीव सिंह, आयुक्त आदिवासी विकास बनाए गए – शिल्पा गुप्ता, उप सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास – सूफिया फारूकी, सीईओ, रोजगार गारंटी परिषद – प्रीति मैथिल, संचालक, कृषि विभाग – गणेश शंकर मिश्रा, आयुक्त, संस्थागत वित्त – षणमुख प्रिया, सीईओ, राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड
भोपाल. मध्य प्रदेश में मंत्रियों के कोरोना पीड़ित होने का सिलसिला जारी है. मंगलवार को फिर दो मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया और हरदीप सिंह डंग की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है. इससे पहले सीएम शिवराज सहित उनके मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों को कोरोना हो चुका है. रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया चिरायु अस्पताल में भर्ती हो गए हैं.मिली जानकारी के मुताबिक सिसोदिया अपनी मां का कोरोना टेस्ट कराने चिरायु अस्पताल गए थे. मां की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आयी. जिसके बाद उन्होंने भी अपना टेस्ट कराया. जांच में वे भी संक्रमित मिले. इसके बाद वो मां के साथ ही अस्पताल में भर्ती हो गए. डंग की अपील ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है.संक्रमित होने के बाद मंत्री डंग ने सोशल मीडिया के ज़रिए ये जानकारी साझा की है.डंग ने ट्वीट कर ये बताया कि उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, वह अस्पताल में भर्ती हैं.साथ ही ये अपील भी की है कि उनके संपर्क में जो लोग भी आए हैं, वे अपना कोरोना टेस्ट करा लें. यह भी संक्रमण की चपेट में शहर में मिले संक्रमित मरीजों में भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की डायरेक्टर डॉ. प्रभा देसिकन की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.भोपाल में उप लोकायुक्त सुशील कुमार पॉलो को भी कोरोना हो गया है. नेशनल ज्यूडिशियल अकेडमी में दो मरीज मिले. जीएमसी में दो, आरकेडीएफ में दो और चिरायु अस्पताल में एक डॉक्टर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई.राजभवन में तीन, पुलिस कंट्रोल रूम में दो जवान संक्रमित मिले हैं. मैनिट की स्थापना शाखा के अधीक्षक की पत्नी भी कोरोना से संक्रमित हो गयी हैं. 16 दिन बाद मौत के गिरे आंकड़े राजधानी में संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. रोजाना ढाई सौ से ज्यादा नए मरीज मिल रहे हैं.मंगलवार को शहर में 271 नए संक्रमित मिले हैं. लगभग 16 दिन बाद संक्रमितों की मौतों के मामलों में थोड़ी कमी दर्ज की गई है. स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 16 दिन बाद सिर्फ एक मरीज की मौत हुई है.इससे पहले 7 सितंबर के बुलेटिन में सिर्फ एक मौत रिकॉर्ड हुई थी.
भोपाल। मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा के उप-चुनाव में कांग्रेस ने अपने से अलग हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को घेरने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। इसके लिए उनके पुराने दोस्त और राहुल गांधी के करीबियों को चुनाव प्रचार के मैदान में उतारा जा सकता है। राज्य में होने वाले विधानसभा के उप-चुनाव सियासी तौर पर कांग्रेस के पूर्व नेता और वर्तमान में भाजपा के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए सबसे अहम माने जा रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा तो कमलनाथ की सरकार गिर गई और भाजपा को फिर से सत्ता संभालने का मौका मिला। राज्य में जिन 28 विधानसभा सीटों पर उप-चुनाव होने वाले हैं उनमें से 16 सीटें ग्वालियर-चंबल इलाके से आती हैं और इन क्षेत्रों की हार-जीत सिंधिया के राजनीतिक भविष्य से जुड़ी हुई है। ऐसा इसलिए, क्योंकि ग्वालियर-चंबल इलाके को सिंधिया का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इस इलाके में भारी बढ़त मिली थी। सिंधिया के करीब रहे नेताओं को मैदान में उतार सकती है कांग्रेस कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने सिंधिया को घेरने के लिए युवाओं की टीम चुनाव प्रचार में उतारने का मन बनाया है। इस टीम में राहुल गांधी के करीबियों में शामिल सचिन पायलट, आरपीएन सिंह, जितेंद्र सिंह सहित कई युवा नेताओं को प्रचार में आगे किया जा सकता है। कांग्रेस युवा नेताओं की जरिए सिंधिया को घेरना चाहती है और उसके लिए कभी सिंधिया के करीबी रहे साथी सबसे ज्यादा उपयोग के लायक लग रहे हैं। सिंधिया के दोस्त पायलट करेंगे कांग्रेस का प्रचार सूत्रों के मुताबिक, बीते रोज प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ के दिल्ली दौरे के दौरान भी चुनाव प्रचार की रणनीति पर चर्चा हुई है। राज्य में कई विधानसभा क्षेत्रों में गुर्जर मतदाता है और वे चुनावी नतीजों को भी प्रभावित करते है। लिहाजा कमलनाथ चाहते हैं कि पायलट को उप-चुनाव के प्रचार में उनका उपयोग किया जाए। कमलनाथ पायलट को प्रचार के लिए राज्य में लाकर दूसरे नेताओं के प्रभाव को भी पार्टी के भीतर कम करना चाह रहे हैं। सिंधिया के प्रभाव को पायलट कम कर सकते हैं राजनीतिक विश्लेषक अरविंद मिश्रा का मानना है कि कांग्रेस में सचिन पायलट की पहचान उर्जावान और अपनी बात को बेवाक तरीके से कहने वाले नेता की तो है ही, साथ ही आमजन के बीच भी पायलट को पसंद किया जाता है। सिंधिया के जाने से कांग्रेस को नुकसान हुआ है, उप-चुनाव में सिंधिया के प्रभाव को रोकने में कांग्रेस का नए और चमकदार चेहरे का उपयोग कारगर हो सकता है। कांग्रेस अगर ऐसा करने में सफ ल होती है तो चुनाव और भी रोचक हो जाएंगे। कांग्रेस चार सचिवों की नियुक्ति पहले ही कर चुकी है कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सियासत के नए समीकरण बन रहे हैं। प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ चाहते हैं कि राज्य के उन नेताओं को ही सक्रिय किया जाए जो उनके करीबी हैं, वही दूसरे राज्यों के उन नेताओं को राज्य में प्रचार के लिए भेजा जाए जिनकी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से नजदीकियां हैं। राज्य में आगामी विधानसभा के उपचुनाव में नई कांग्रेस देखने को मिल सकती है। वैसे भी उपचुनाव के लिए पार्टी हाईकमान ने चार सचिवों की पहले ही तैनाती की है और वे कमलनाथ के साथ पार्टी हाईकमान के बीच रहकर चुनावी रणनीति को जमीनी स्तर पर उतारने में लगे हैं।
भोपाल. मध्य प्रदेश के चौरई ब्लॉक के छिंदवाड़ा एसडीएम सीपी पटेल के मुंह पर कालिख पोतने के विरोध में अब मध्य प्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा के सभी अधिकारी (डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, अपर कलेक्टर) तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक संघ, पटवारी संघ समेत प्रदेश के 60 हजार अधिकारी और कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इससे सबसे ज्यादा आम लोगों को परेशानी होने वाली है। सोमवार से आय प्रमाण पत्र से लेकर जाति प्रमाण पत्र और बाढ़ से होने वाले नुकसान का सर्वे तक सभी सरकारी काम नहीं होंगे। इस हड़ताल को कई और संगठनों का भी समर्थन है। कर्मचारियों का आरोप है कि राजनीतिक दल सिर्फ चर्चा में आने के लिए इस तरह की बदसलूकी करते हैं। इसी कारण अब आमजनों की तरह ही राजनीतिक पार्टियों को भी ज्ञापन कोर्ट में आकर ही अकेले देना होगा। भीड़ में जाकर किसी तरह के ज्ञापन नहीं लिए जाएंगे। हमें सुरक्षा मिलना जरूरी मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा संघ के अध्यक्ष जीपी माली ने कहा कि प्रदेश में लगातार इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। कहीं यह नियम नहीं है कि भीड़ में जाकर ज्ञापन लिया जाए। जिस तरह सामान्य लोग सामान्य तरीके से आकर ज्ञापन देते हैं, उसी तरह अब इस तरह के प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल आकर ज्ञापन दें। बस, हम इतना ही चाहते हैं। यह किसी दल के खिलाफ नहीं है। यह व्यवस्था के खिलाफ हड़ताल है। हम नियमानुसार कार्य करते हैं, लेकिन हमेशा हम ही निशाना बनते हैं। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, निशाना कर्मचारी ही कर्मचारियों ने कहा कि प्रदर्शन चाहे सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का- निशाना सिर्फ कर्मचारी और अधिकारी ही बनते हैं। पिछली सरकार में भांडेर में इसी तरह की घटना हो चुकी है। दो दिन पहले उज्जैन में पुलिस अधिकारी से बदसलूकी हुई, लेकिन उनका ही तबादला कर दिया गया। राजनीतिक दबाव के कारण कर्मचारी और अधिकारी विरोध नहीं कर सकते हैं, इसलिए उनका फायदा उठाया जाता है। जेल जा चुका है आरोपी नेता छिंदवाड़ा में शुक्रवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ नेता बंटी पटेल और पूर्व विधायक चौधरी गंभीर सिंह ने एसडीएम कार्यालय का घेराव किया था। ज्ञापन लेने पहुंचे चौराई तहसील के एसडीएम सीपी पटेल के चेहरे पर बंटी ने कालिख पोत दी थी। पुलिस प्रशासन के जवाबी कार्रवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पथराव कर दिया था। पुलिस ने आरोपी कांग्रेसी नेता बंटी पटेल पर हत्या के प्रयास समेत 11 धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया। उस पर एनएसए की कार्रवाई भी की गई। इसके बाद पूर्व विधायक चौधरी गंभीर सिंह पर भी केस दर्ज कर लिया है।
भोपाल. मप्र में 27 सीटों के उपचुनावों में प्रत्याशियों को लेकर भाजपा की तस्वीर तकरीबन साफ हो गई है। शुरुआत में कांग्रेस से भाजपा में आए 22 नेताओं को पहले ही पार्टी नेता संभावित प्रत्याशी घोषित कर चुके हैं। शेष बचीं हुई 5 सीटों नेपानगर, मांधाता, बड़ा मलेहरा, जौरा और आगर में भी अब नाम तकरीबन तय हो चुके हैं। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से चर्चा के बाद प्रदेश भाजपा नेपानगर, मांधाता और बड़ा मलेहरा में भी उन्हीं नेताओं को मौका देगी, जो हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए हैं। बड़ा मलेहरा से कांग्रेस विधायक रहे प्रद्युम्न लोधी के भाजपा में आने के बाद सरकार ने उन्हें नागरिक आपूर्ति निगम का अध्यक्ष बनाया है। तब ऐसा माना गया था कि पार्टी उन्हें टिकट नहीं देगी, लेकिन अब तय हुआ है कि कांग्रेस से जो भी भाजपा में आया है, उसे टिकट दिया जाए। लिहाजा भाजपा को अब सिर्फ आगर और जौरा से ही प्रत्याशी तय करना है। भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल के निधन के बाद आगर सीट रिक्त हुई, जबकि जौरा में कांग्रेस विधायक रहे बनवारीलाल शर्मा के निधन से सीट खाली हुई। पार्टी ने सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगर में 3 नामों सांसद अनिल फिरोजिया की बहन व पूर्व विधायक रेखा रत्नाकर, मनोहर ऊंटवाल के बेटे बंटी ऊंटवाल और प्रभु गेहलोत के नाम में से किसी एक पर सहमति बनाने के प्रयास शुरू किए हैं। रेखा और बंटी का नाम आगे हैं, जबकि जौरा में सुबेदार सिंह रजौधा के नाम पर आमराय बन रही है। भाजपा पितृपक्ष के बाद सूची जारी कर सकती है। पार्टी दफ्तर में बैठक…वर्तमान व पूर्व विधायक नहीं पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को सेवा सप्ताह के रूप में मनाए जाने के लिए भोपाल शहर भाजपा की बैठक शनिवार को पार्टी दफ्तर हुई। इसमें सभी विधायकों और पूर्व विधायकों को भी आना था, लेकिन सिर्फ कृष्णा गौर ही पहुंचीं। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने इसे गंभीरता से लिया है। बताया जा रहा है कि सुमित पचौरी को नया जिलाध्यक्ष बनाए जाने के बाद से चल रही तनातनी इस बैठक में भी दिखाई दी। हाल ही में भगवानदास सबनानी को प्रदेश महामंत्री बनने के बाद यह खींचतान और बढ़ गई है। हॉल में हुई बैठक में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हुआ। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सतीश विश्वकर्मा ने कहा कि ज्यादा कार्यकर्ताओं के आने से यह स्थिति बनी। प्रदेशाध्यक्ष शर्मा ने कार्यकर्ताओं से मंडल व बूथस्तर तक सेवा कार्यक्रम करने को कहा।