जबलपुर, भाजपा कार्यालय में जबरदस्त विरोध के साथ हंगामा.
Protesters create a strong uproar at the BJP office in Jabalpur.
Protesters create a strong uproar at the BJP office in Jabalpur.
Tickets of these ministers in the Shivraj government have been cut.
Election fervor is running high in all four assembly constituencies of Katni district, with a growing clamor for change.
बिना अनुमती रैली निकालने और सभा करने पर सिविल लाइंस थाने में हुई एफआईआर। टिकट कटने के बाद विधायक अजब सिंह कांग्रेस छोड़कर बसपा का थाम चुके हैं दामन। संतोष सिंह तोमर भोपाल / मुरैना। कांग्रेस से टिकट कटने पर सुमावली विधायक अजब सिंह कुशवाह द्वारा रैली निकालने व सभा करने पर विधायक, उसके आधा सैकड़ा समर्थकों और गार्डन संचालक के खिलाफ सिविल लाइन थाना पुलिस ने आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है।कांग्रेस पार्टी द्वारा सुमावली से वर्तमान विधायक अजब सिंह कुशवाह का टिकट काटकर कुलदीप सिंह सिकरवार को दिए जाने से अजब सिंह कुशवाह के समर्थकों में कांग्रेस पार्टी के खिलाफ नाराजगी है। हालांकी विधायक अजब सिंह कुशवाह ने तो पार्टी के फैसले का विरोध करते हुए कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर बहुजन समाज पार्टी का झंडा थाम लिया लेकिन इसी नाराजगी के चलते न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित विधायक अजब सिंह कुशवाह के निवास पर कुशवाह समाज के तमाम लोग एकत्रित हो गए और कांग्रेस पार्टी के विरोध में जमकर नारेबाजी की। जिसके बाद वहां से पैदल व बाइकों से रैली के रूप में जौरा रोड पर स्थित दाऊजी धाम पैलेस मैरिज गार्डन में पहुंचे। वहां सभा का आयोजन किया गया था। आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने से बिना अनुमति के प्रदर्शन, जुलूस, रैली एवं सभा आदि पर प्रतिबंध लगाया गया है। उसके बाद भी गुरुवार को विधायक एवं उनके समर्थकों ने दाऊजी धाम पैलेस मुरैना में बिना किसी विधिक अनुमति के भीड़ एकत्रित कर सभा का आयोजन किया और राजनैतिक जुलूस निकालकर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया गया तथा संचालक दाऊजी धाम पैलेस मुरैना के द्वारा गार्डन में बिना किसी विधिक अनुमति के राजनैतिक सभा/ बैठक का आयोजन करने की अनुमति प्रदाय कर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया गया। आचार संहिता का उल्लंघन करने के कारण विधायक एवं उनके समर्थक एवं गार्डन संचालक के विरूद्ध भादंसं की धारा 188 के तहत कार्रवाई की गई है।
In the past 5 years, the wealth of Madhya Pradesh’s legislators has increased by 105 percent, according to the ADR report.
Former minister and BJP leader Rakesh Rustam Singh from Morena has joined the BSP.
Candidates can fill out the application form until October 30, and the review will take place on October 31.
As soon as the second list of the Congress party comes, there is an uprising across the entire state.
The team of the Lokayukta in Rewa apprehended a corrupt Patwari taking a bribe.
Around 4 lakh rupees in cash were seized from an international border checkpoint, with a joint operation by the customs authorities (RTO) and the police
Permission must be obtained before advertising on social media, as per the guidelines issued by the commission.
इंदौर-3 से कांग्रेस ने पिंटू जोशी (दीपक)को उम्मीदवार बनाया है।इनके पिता स्व.महेश जोशी संजय गांधी के करीबी थे।कमलनाथ और महेश जोशी दोनों युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महा.थे।दिग्विजय सरकार में भी महेश जोशी रसूख़दार मंत्री थे।इनके चचेरे भाई अश्विन जोशी भी 3 बार इस सीट से विधायक रहे है। निवाड़ी से कांग्रेस ने बड़ा दांव चलते हुए भाजपा नेता अमित राय को उम्मीदवार बनाया है अमित राय की माँ निवाड़ी जिपं की अध्यक्ष है।ऐसा लग रहा था कि कांग्रेस यहां रोशनी यादव पर दांव चल सकती है लेकिन मीरा यादव के सपा से चुनाव लड़ने के बाद कांग्रेस ने रोशनी को टिकट देना उचित नही समझा। कांग्रेस ने ग्वालियर से सुनील शर्मा को उम्मीदवार बनाया था इनका मुकाबला सिंधिया समर्थक मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर से है पिछला उपचुनाव भी ये प्रद्युमन सिंह तोमर के खिलाफ लड़े थे जहां इन्हें काफी मतों से शिकस्त झेलनी पड़ी थी।सुनील क्षेत्र में काफी एक्टिव रहने वाले नेता माने जाते है। खुरई सीट से कांग्रेस पार्टी ने रक्षा राजपूत को अपना उम्मीदवार बनाया है रक्षा पिछले कई वर्षों से खुरई में सक्रिय है उनका मुकाबला प्रदेश के कद्दावर मंत्री भूपेंद्र सिंह से है खुरई भाजपा की बेहद मजबूत सीट मानी जाती है,भूपेंद्र सिंह ने यहां भाजपा की जड़े को गांव-गांव में जमाया है। कांग्रेस पार्टी ने खातेगांव से मप्र की राजनीति के संत कहे जाने वाले स्व कैलाश जोशी के पुत्र दीपक जोशी को अपना उम्मीदवार बनाया है।दीपक जोशी 2003 से लेकर 2018 तक विधायक रह चुके है।पिछला चुनाव वह हार गए थे।वही खातेगांव से भाजपा ने आशीष शर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने सीधी से ज्ञान सिंह को उम्मीदवार बनाया है ज्ञान सिंह वर्तमान में सीधी जिला कांग्रेस के अध्यक्ष है।वह अजय सिंह के बेहद करीबी है वहां भाजपा ने रीति पाठक को उम्मीदवार बनाया है वहीं भाजपा के वर्तमान विधायक केदारनाथ टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके है। कांग्रेस पार्टी ने मुरैना से दिनेश गुर्जर को अपना उम्मीदवार बनाया है।पार्टी ने यहां से अपने वर्तमान विधायक राकेश मावई की टिकट काट कर दिनेश गुर्जर को उम्मीदवार बनाया है है यह सीट गुर्जर बहुल्य है।फिलहाल दिनेश गुर्जर किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। कांग्रेस पार्टी ने भाजपा की परंपरागत सीट रहली से इंजीनियर ज्योति पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया है।ज्योति वर्तमान में जिला पंचायत की सदस्य है कांग्रेस ने यहां ओबीसी कार्ड चला है अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा के इस अभेद किले पर ज्योति सेंध लगाने में कामयाब होती है या नहीं! कांग्रेस पार्टी ने भिंड से चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी को अपना उम्मीदवार बनाया है जब से वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए थे तब से वह नेपथ्य में चल रहे थे कांग्रेस पार्टी ने उन्हें एक नया राजनीतिक जीवन दान दिया है अब देखना होगा वह इस अवसर को किस तरह भुनाते हैं। कांग्रेस पार्टी ने रीवा से इंजी.राजेंद्र शर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है ये वर्तमान में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हैं उनकी छवि साफ सुथरी है ये अच्छे उद्यमी भी है।वही यह सीट भाजपा की मजबूत सीटों में एक है यहां इनका मुकाबला मंत्री राजेंद्र शुक्ला से है जो मजबूत स्थित में है। कांग्रेस ने मैहर से धर्मेश घई को उम्मीदवार बनाया है धर्मेश घई मैहर नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके है यह पंजाबी समाज से आते हैं जिनकी संख्या मैहर में बहुत कम है।यह सीट ब्राह्मण-कुर्मी बाहुल्य है इसके बाद भी पार्टी ने इनको उम्मीदवार बनाया है।ये अजय सिंह व प्रवीण कक्कड़ के करीबी है। कांग्रेस ने निधि जैन को सागर से विधानसभा का उम्मीदवार बनाया है निधि हाल ही में सागर नगर निगम का चुनाव लड़ी थी जहां उन्हें शिकायत झेलनी पड़ी थी।इनका मुकाबला इनके पति के सगे बड़े भाई शैलेंद्र जैन से होगा जो वर्तमान में सागर के विधायक व भाजपा के उम्मीदवार हैं। देवतलाव से कांग्रेस ने पद्मेश गौतम को उम्मीदवार बनाया है ये वर्तमान विस अध्यक्ष एवं भाजपा उम्मीदवार गिरीश गौतम के सगे भतीजे हैं।इन्होंने हाल ही में हुए पंचायती चुनाव में विस अध्यक्ष के बेटे राहुल गौतम को जिला पंचायत के चुनाव में करारी शिकायत दी थी,यही इनके टिकट पाने का आधार बना। कांग्रेस पार्टी ने सिरमौर की सामान्य सीट से रामगरीब आदिवासी को टिकट देकर बड़ा दांव चला है।रामगरीब आदिवासी कोल समाज के बड़े नेता है।इनका मुकाबला रीवा राजघराने की युवराज दिव्यराज सिह से होगा।कमलनाथ ने राजा के सामने रंक को मैदान में उतार दिया है।ये वही रामगरीब आदिवासी है जो 2008 में में तत्कालीन मंत्री स्व.रमाकांत तिवारी को त्योंथर से चुनाव हरा दिया था।कमलनाथ इनके मुरीद है।कमलनाथ ने बड़े-बड़े धन्ना सेठों की जगह एक गरीब आदिवासी पर दांव चला है विन्ध्य में कोल मतदाता कई विधानसभा में निर्णायक है कमलनाथ का यह दांव चल गया तो भाजपा को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है! कहते है ना जो दौड़ता है उसका भाग्य भी दौड़ता है! इसका प्रत्यक्ष प्रमाण अभय मिश्रा है उन्हें जैसे ही इस बात की जानकारी मिली कि भाजपा ने उनका टिकट काट दिया है फौरन वह कांग्रेस से टिकट पाने के लिए जुट गए,दिल्ली-भोपाल को एक कर डाला और आखिरकार टिकट पाने में सफल हो गए।आज उनकी जीवटता की चर्चा हर जगह हो रही है।अभय एक लड़ाई तो जीत चुके है लेकिन अभी मुख्य लड़ाई जीतना बाकी है चुनाव में उनके सामने भाजपा के मजबूत उम्मीदवार केपी त्रिपाठी होंगे जिनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ देखी जा रही है गांव-गांव उन्होंने कार्यकर्ताओं की फौज तैयार की है।अभय के प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के अंदर भी खूब है अब देखना होगा वह उनसे किस प्रकार निपटते हैं!रीवा जिले की यह सबसे हॉट सीट है सेमरिया में एक बार अभय और एक बार उनकी पत्नी चुनाव लड़ी है दोनों विजयी हुए है KP त्रिपाठी भी एक बार ही चुनाव लड़े हैं वह भी विजय हुए है लेकिन इस बार सेमरिया की जनता असली विजेता का चयन करेगी!
मुरैना से पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक रुस्तम सिंह के सुपुत्र राकेश रुस्तम सिंह ने थामा बसपा का दामन। सुमावली से कांग्रेस विधायक अजब सिंह कुशवाहा बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए हैं।भाजपा ने यहां से गुर्जर प्रत्याशी को मैदान में उतारा है तो कांग्रेस ने यहां इस बार क्षत्रिय प्रत्याशी पर दांव चला है।
मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव में कांग्रेस से तालमेल न बन पाने पर समाजवादी पार्टी बेहद खफा है. पार्टी 22 प्रत्याशियों की घोषणा भी कर चुकी है. समाजवादी पार्टी का ज्यादा जोर पिछड़े वर्ग और सीधा कहा जाए तो यादव मतदाताओं पर रहता है. एसपी के अलग लड़ने का राज्य के चुनावों पर कितना असर पड़ेगा. क्या यादव वोट बैंक का फायदा अखिलेश यादव उठा सकेंगे. प्रवेश सिंह, नई दिल्ली. कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश विधान सभा की 230 में से 229 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं. सिर्फ एक सीट पर प्रत्याशी की घोषणा की जानी है. पार्टी ने उस सीट के लिए अपने उम्मीदवार के नाम के बारे में मन बना रखा है. अब समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव की नाराजगी की चर्चा हो रही है. विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए (इंडिया) में कांग्रेस के साथ शामिल अखिलेश ने इस पर खुल कर अपनी नाराजगी जता भी दी है. समाजवादी पार्टी का दावा था कि कांग्रेस उसे मध्य प्रदेश में कम से कम छह सीटें जरूर देगी. इस दावेदारी के पीछे पार्टी की जो भी दलील रही हो, लेकिन पिछले विधान सभा चुनाव में उसे एक सीट पर जीत भी मिली थी. ये अलग बात है कि चुनाव के बाद हुए तख्तापलट में उस विधायक ने सत्ताधारी बीजेपी का दामन थाम लिया था. समाजवादी पार्टी की दावेदारी खासतौर से विंध्य और बुंदेलखंड इलाके में रहती है. ये इलाके उत्तर प्रदेश से लगे हैं और समाजवादी पार्टी इस सीमावर्ती इलाके के पिछड़े वोट बैंक पर अपनी दावेदारी करता है. हालांकि ऐसी ही दावेदारी बहुजन समाज पार्टी भी करती रही है. उसके भी दो-चार सीटें मिलती रही है. अगर समाजवादी पार्टी की ताकत की बात की जाय तो उसे सबसे ज्यादा आठ सीटें 2003 के विधान सभा चुनाव में मिली थी. हालांकि ये भी ध्यान रखने वाली बात है कि उस समय मुलायम सिंह यादव जमीनी नेता समाजवादी पार्टी के थे. उनके साथ अमर सिंह की ताकत भी थी जो मध्य प्रदेश के क्षत्रिय समुदाय को जोड़ रहे थे. इसके अलावा ये वही दौर था जब कांग्रेस के कई नेता दिग्विजय सिंह से नाराज थे और उन्होंने पार्टी छोड़ी भी थी.
संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बसपा ने अपने 28 प्रत्याशियों की छठवीं सूची जारी कर दी है। इसमें नरसिंहपुर से रिटायर्ड डीआईजी महेश प्रसाद चौधरी को टिकट दिया हैवहीं, इछावर से हरी प्रसाद सिसोदिया, बड़वाह से त्रिलोक राठौर, उज्जैन दक्षिण से मुकेश परमार, नागदा खाचरौद से सीमा गोकुल गोयल, महेश्वर से सुखराम उपाध्याय, कसरावद से केशरी लाल पिपल्दे, आगर से गंगाराम जोगचंद्र, भोपाल उत्तर से महेंद्र वानखेड़े, हुजूर से रणधीर भोजने को प्रत्याशी बनाया है। वहीं, तेंदूखेड़ा रमा कुशवाह, हरदा से प्रहलाद राठौर, करेरा से शांतीदास फले, नरसिंपहुर से संजय मागर, गाडरवारा से शंकर लाल निनामा, बुरहानपुर से सुनील नायके, गुना से भगवान लाल भण्डारी, मैहर से वीरेंद्र सिंह कुशवाह, दमोह से प्रताप रोहित, बरघाट से किरन मरकाम, बसौदा से चंदा बी, नरेला से मुकेश गौर, भोपाल दक्षिण-पश्चिम से सुरेश उबनारे, सुरखी से सतनाम सिंह दांगी, विदिशा से द्वारिका प्रसाद धाकड़, शमशाबाद से महाराज सिंह, कुरवाई से जानकी प्रसाद और सिरोंज से तोषनी पंथी को प्रत्याशी बनाया है।