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भाजपा: प्रदेश एवं जिला अध्यक्षों का नाम तय, दिनभर चली बैठक ,अध्यक्ष का ऐलान

BJP: Names of state and district presidents decided, announcement of district president on January 5 and state president on January 15 भोपाल। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मध्य प्रदेश के चुनाव अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। वे मध्य प्रदेश के नए प्रदेश अध्यक्ष का चयन करेंगे। 15 जनवरी तक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का चयन कर लिया जाएगा। इसको लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं प्रदेश प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह और सह प्रभारी सतीश उपाध्याय की भूमिका भी नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन में महत्वपूर्ण होगी।पांच जनवरी तक जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा के बाद मध्य प्रदेश के नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। धर्मेंद्र प्रधान मध्य प्रदेश से राज्य सभा सदस्य रहे हैं। अब वे ओडिशा की संबलपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं। मध्य प्रदेश से राज्य सभा रहने के कारण उनका प्रदेश से जुड़ाव रहा है । जिला अध्यक्ष के लिए पांच-पांच नामों का पैनल तैयार भाजपा संगठन चुनाव के तहत नए जिला अध्यक्षों के नामों के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। गुरुवार को दिनभर चली बैठकों में प्रदेश के चुनाव अधिकारियों के साथ अलग-अलग जिलों के जिला चुनाव अधिकारी और पर्यवेक्षकों से साथ वन-टू-वन चर्चा की गई। नामों का पैनल फाइनल कर केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष दिल्ली भेजा जाएगा प्रत्येक जिले के लिए प्रस्तावित पांच नामों का पैनल तैयार किया गया है। इनमें दो नामों के अलावा एससी, एसटी और महिला का एक-एक नाम शामिल हैं। कुल पांच नामों का पैनल तैयार किया गया है। शुक्रवार को इन नामों का पैनल फाइनल कर केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष दिल्ली भेजा जाएगा। दिल्ली से नामों पर अंतिम निर्णय के बाद पांच जनवरी को जिला अध्यक्षों की घोषणा की जा सकती है। दिनभर चली बैठक गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में दिनभर चली बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व संगठन पर्व की केंद्रीय पर्यवेक्षक सरोज पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद एवं प्रदेश चुनाव अधिकारी विवेक नारायण शेजवलकर ने जिला अध्यक्ष के नामों पर विचार विमर्श कर फाइनल पैनल तैयार किया। बताया जा रहा है कि 15 मौजूदा युवा जिला अध्यक्षों को रिपीट किया जा सकता है। हालांकि पार्टी यह भी सुनिश्चित करेगी कि इन जिला अध्यक्षों का कार्यकाल निर्विवाद रहा हो। चार साल से अधिक समय से जिला अध्यक्ष रहने वाले रिपीट नहीं किए जाएंगे। पार्टी ने इस बार जिला अध्यक्ष के महिलाओं को भी प्राथमिकता में रखा है। पैनल में महिला नेत्रियों का नाम शामिल है।

यूनियन कार्बाइड कचरा जलाने का विरोध: युवक बुरी तरह झुलसे ,कमलनाथ ने चिंता व्यक्त की

Protest against burning of Union Carbide garbage: Youth badly burnt, Kamal Nath expressed concern भोपाल। यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने के विरोध में आज दो युवकों ने आत्मदाह का प्रयास किया, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गए। घटना ने प्रदेश में एक बार फिर इस विवादित मुद्दे को गर्मा दिया है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए दोनों युवकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि इस मामले में सभी पक्षों को विश्वास में लेकर ही कोई निर्णय लिया जाए। कमलनाथ ने कहा, “यह मामला अत्यंत संवेदनशील है। मुख्यमंत्री मोहन यादव से मेरा आग्रह है कि जनभावनाओं और जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ही कोई कदम उठाया जाए।” इस मुद्दे पर इंदौर और पीथमपुर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के नेता कचरा जलाने की कार्यवाही का विरोध कर रहे हैं। गौरतलब है कि यूनियन कार्बाइड का यह कचरा लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों और पर्यावरणविदों का मानना है कि इसे जलाने से पर्यावरण और जन स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है। जनभावनाओं को देखते हुए यह देखना होगा कि सरकार इस विवाद का समाधान कैसे करती है।

मध्य प्रदेश में यूनियन कार्बाइड के जहर का कहर, पीथमपुर में लोग कर रहे आत्मदाह

Union Carbide poison wreaks havoc in Madhya Pradesh, people are committing suicide in Pithampur धार ! पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने के विरोध में शुक्रवार को व्यापक बंद का ऐलान किया गया था. बंद के दौरान विरोध कर रहे दो प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह की कोशिश की, जिसमें दोनों के सिर पर आग लग गई. इस दौरान आग से कई लोग झुलस गए और भगदड़ मच गई. इस घटना में दो प्रदर्शनकारी राजकुमार और राज पटेल की हालत गंभीर बताई जा रही है. इस घटना से जुड़ा एक खौफनाक वीडियो भी सामने आया है. विरोध प्रदर्शन के दौरान किया आत्मदाहदरअसल विगत कई दिनों से पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है. गुरुवार को शहर के महाराणा प्रताप चौराहे पर रैली और धरने का आयोजन था. तो वहीं आज नगरवासियों ने बंद का आह्वान किया था. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर महाराणा प्रताप चौराहे पर पहुंचे जहां यूनियन कार्बाइड के विरोध में जमकर नारेबाजी हुई. इस दौरान जब मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने लोगों को रोकने की कोशिश तो इसी बीच प्रदर्शन स्थल पर बोतल में पेट्रोल लेकर पहुंचे राजकुमार और राज पटेल ने खुद के ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया. इस दौरान अचानक आग भड़क गई. 60 फीसदी जले, दोनों प्रदर्शनकारियों की हालत गंभीरकुछ ही सेकंड में दो प्रदर्शनकारियों के सिर और ऊपरी हिस्सों में आग लग गई. ये देखते ही भगदड़ मच गई. हालांकि वहां मौजूद पुलिस ने दोनों की आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तब तक दोनों करीब 60 फीसदी से ज्यादा जल चुके थे. आनन-फानन में दोनों को चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है. इंदौर से भेजा गया अतिरिक्त पुलिस बलइस घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल है और क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है. वहीं स्थिति और ना बिगड़े इसे लेकर इंदौर से अतिरिक्त पुलिस फोर्स भेजा गया है. प्रत्यक्षदर्शी वीर सिंह ने बताया, ” घटना में दो लोग जल गए हैं. राजकुमार रघुवंशी और राज पटेल दोनों को आग लेग देखा मैंने. दोनों के चेहरे जले हैं. राज पटेल की जलती शर्ट मैंने खींचकर उतारी इसमें मेरा हाथ भी जला है.” क्यों हुआ पीथमपुर में हिंसक विरोध? दरअसल, 3 दिसंबर 1984 को हुए भोपाल गैस कांड में मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव होने से हजारों लोग काल के गाल में समा गए थे. इस गैस कांड के बाद से भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में ये जहरीला कचरा सालों से बंद पड़ा था, जिसे पीथमपुर प्लांट में जलाया जा रहा है. इसी के विरोध में पीथमपुर में बंद का आह्वान किया गया था, जिसमें हिंसा भड़क गई.

ग्वालियर में भाजपा की बड़ी मुश्किल ,सिंधिया और तोमर में तूफानी घमासान

Big trouble for BJP in Gwalior, stormy fight between Scindia and Tomar ग्वालियर ! भारतीय जनता पार्टी में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति अब गले की फांस बनती जा रही है. क्योंकि अध्यक्ष पद के लिए अब नेता समर्थकों में खींचतान मची हुई है. वहीं मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति में हुए फेरबदल के बाद अब सबकी निगाहें जिलाध्यक्ष के पद पर टिकी हुई हैं. ग्वालियर में मुकाबला सीधे तौर पर सिंधिया समर्थकों और नरेंद्र सिंह तोमर गुट के बीच देखा जा रहा है. बड़े स्तर पर नेता भले ही कुछ ना कह रहे हों पर अंदरूनी तौर पर खींचतान जारी है. अध्यक्ष पद के लिए बीजेपी के दो गुट सामने? मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपने जिला अध्यक्षों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज कर दी है. सभी जिलों के ऑब्जर्वर जिला अध्यक्ष के दावेदारों के नाम कुछ बंद लिफाफों में लेकर भोपाल पहुंच चुके हैं. वहीं प्रदेश स्तरीय बैठक में मंथन किया जा रहा है. इस बीच मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जिला अध्यक्ष के तौर पर घमासान मचा हुआ है. वजह है, सिंधिया गुट और नरेंद्र सिंह तोमर गुट के समर्थकों का आमने-सामने होना. कैसे तय होगा जिला अध्यक्ष का नाम? BJP के पास बंद लिफाफों में नाम पहुंच चुके हैं, जिन्हें अब भोपाल में फाइनल किया जाएगा. इन नामों को आगे बढ़ाने का काम पार्टी के बड़े नेता केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, वरिष्ठ नेता जयभान सिंह पवैया, मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नारायण सिंह कुशवाहा और सांसद भारत सिंह कुशवाहा की सहमति से किया जाएगा. बीजेपी की क्या है राय? बीजेपी में जिला अध्यक्ष के पद के लिए मचे घमासान में बीजेपी-कांग्रेस अपनी-अपनी राय दे रही है. पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर ने कहा, “सभी कार्यक्रम केंद्रीय नेतृत्व द्वारा निर्धारित टाइम लाइन के हिसाब से चल रहे हैं. कहीं भी खींचतान जैसी कोई स्थिति नहीं है. मैं खुद चुनावी प्रक्रिया की बॉडी मैं हूं और मुझे अब तक ऐसी कहीं भी स्थिति दिखाई नहीं दी है.” कांग्रेस का क्या है कहना? इधर कांग्रेस भी बीजेपी के हालातों पर तंज कसने में पीछे नहीं है. प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग उपाध्यक्ष आरपी सिंह ने कहा, ” भारतीय जनता पार्टी में पहले से ही श्रेय लेने के लिए प्रतिस्पर्धा और होड़ जैसी स्थिति हम सभी ने देखी है. वहीं दूसरी ओर जब से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारतीय जनता पार्टी में एंट्री की है तभी से वर्तमान की भाजपा और पूर्व से स्थापित भाजपा में संघर्ष देखने को मिल रहा है. ऐसे में जो भारतीय जनता पार्टी खुद को सुचिता और अनुशासन का प्रतीक बताती है वहां ऐसी स्थिति आने के बातें दिल्ली तक पहुंच रही हैं. ये भारतीय जनता पार्टी में चिंगारी लग चुकी है और इसी तरह की स्थितियां बीजेपी और संगठन को समाप्त करने का काम करेगी.” किसके पाले में आएगी गेंद? जिला अध्यक्ष पद के लिए भारतीय जनता पार्टी में कितना भी घमासान मचा हो लेकिन अंतिम मुहर दिल्ली हाई कमान से ही लगेगी, लेकिन देखने वाली बात यह होगी कि जिला अध्यक्ष पद पर होने वाली नियुक्ति पर नाम किसका होगा. इसमें तोमर गुट को तवज्जो मिलेगी या सिंधिया समर्थक भारी पड़ेंगे, ये तो वक्त ही बताएगा.

मध्यप्रदेश वासियों को अगले 3 दिन शीतलहर से राहत , भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 40 जिलों में कोहरा छाया रहेगा 

Madhya Pradesh residents will get relief from cold wave for next 3 days, fog will prevail in 40 districts including Bhopal, Indore-Ujjain मध्यप्रदेश के करीब 40 जिलों में शुक्रवार सुबह भी कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर-उज्जैन समेत मध्यप्रदेश के करीब 40 जिलों में शुक्रवार सुबह भी कोहरा छाया रहा। ग्वालियर में यह इतना घना था कि विजिबिलिटी 100 मीटर के आसपास रही। भोपाल में ओस के चलते शहरभर की सड़कें भीगी नजर आईं। जबलपुर में बीते कुछ दिन से पारा 8 डिग्री सेल्सियस पर ठहरा है। यहां सुबह और रात को कड़ाके की ठंड पड़ रही है। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 4 डिग्री सेल्सियस के नीचे है। वहीं, सभी शहरों में पारा 13 डिग्री से कम बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन तक मध्यम से घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, इस दौरान शीतलहर का अलर्ट नहीं है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश में अभी कोहरे का असर बना रहेगा। तीन दिन के बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी। इसलिए बढ़ रही ठंड फिलहाल, जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में बर्फबारी हो रही है। जिससे सर्द हवाएं प्रदेश में आ रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, जेट स्ट्रीम हवा 12.6 किमी की ऊंचाई पर 222 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही है। इस कारण ठंड का असर है। आने वाले दिनों में बर्फ पिघलेगी। जिससे हवा की रफ्तार तेज होगी और प्रदेश में ठंड का असर बढ़ जाएगा। इस कारण जनवरी में प्रदेश का मौसम ठंडा ही रहेगा। 20 से 22 दिन तक शीतलहर चलने का अनुमान है। बारिश थमते ही ठंड का असर बढ़ा बता दें कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की एक्टिविटी के चलते दिसंबर के आखिरी दिनों में बारिश और ओले का दौर रहा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन समेत 45 से अधिक जिलों में बारिश हुई। वहीं, 20 जिले ऐसे रहे, जहां ओले भी गिरे। बारिश का दौर खत्म होते ही ठंड का असर बढ़ गया। साल 2024 की आखिरी रात भी ठंडी रही। वहीं, नए साल 2025 के पहले और दूसरे दिन सर्दी का असर बना रहा। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 3 जनवरी: भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, रीवा, मैहर, सतना, पन्ना, कटनी, दमोह, छतरपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, नरसिंहपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, देवास, आगर-मालवा, रतलाम, मंदसौर, नीमच में मध्यम से घना कोहरा रहेगा। 4 जनवरी: भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली और रीवा में घना कोहरा रहेगा। 5 जनवरी: भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली और रीवा में घना कोहरा छाया रहेगा।

मध्यप्रदेश बीजेपी जिलाध्यक्षों को लेकर खींचतान, इंदौर,सहित डेढ़ दर्जन जिलों में नहीं बनी सहमति

Madhya Pradesh BJP tussle over district heads, no consensus reached in one and a half dozen districts including Indore भोपाल ! मध्यप्रदेश में बीजेपी जिलाध्यक्षों के चयन को लेकर सियासी माहौल गर्माया हुआ है। फीडबैक और रायशुमारी के बाद अब जिलाध्यक्षों के चयन के लिए भोपाल में बीजेपी दफ्तर में मंथन चल रहा है। बीजेपी निर्वाचन पदाधिकारी नए जिलाध्यक्षों के नामों पर मंथन कर रहे हैं। खबरें हैं कि इंदौर ग्रामीण और सागर सहित करीब डेढ़ दर्जन जिलों में जिलाध्यक्षों को लेकर जमकर खींचतान मची हुई है और कोई सहमति नहीं बन पाई है। मध्यप्रदेश में भाजपा जिला अध्यक्ष के चयन को लेकर प्रदेश कार्यालय में से वन टू बन चर्चा शुरू हो गई। कई जिलों में सहमति नहीं बन पाने की खबरों के बीच प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह पार्टी दफ्तर में इन जिलों का मसला सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। सबसे ज्यादा विवाद इंदौर ग्रामीण, सागर में हैं। इंदौर ग्रामीण जिला अध्यक्ष चिंटू वर्मा हैं, कुछ नेता प्रयास कर रहे हैं कि वे एक बार फिर अध्यक्ष बनें, जबकि कुछ नेता प्रयास कर रहे हैं कि उनकी जगह दूसरे नेता को इंदौर ग्रामीण की कमान दी जाए। चिंटू वर्मा का कार्यकाल सिर्फ एक साल का ही हुआ है। इंदौर ग्रामीण के लिए भाजपा के एक विधायक दिल्‍ली तक सक्रिय हो गए हैं, वे अपनी पसंद का जिला अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं। सागर जिले के अध्यक्ष को लेकर भी गहमा गहमी बनी हुईं है। यहां पर मंत्री गोंविद राजपूत अपनी पसंद से अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं, जबकि पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह अपनी पसंद का अध्यक्ष चाहते हैं। इसके चलते यहां पर जमकर पेंच फंस गया है। इसके अलावा सतना में भी पेंच फंसता हुआ दिखाई दे रहा है। इन जिलों के अलावा करीब डेढ़ दर्जन और ऐसे जिले हैं, जहां पर रायशुमारी में नाम निकल कर सामने नहीं आए। यदि इन जिलों पर सहमति नहीं बनी तो यहां पर जिला अध्यक्ष के चयन को होल्ड किया जा सकता है और बाकी बचे जिलों के जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान 5 जनवरी को किया जा सकता है।

यूनियन कार्बाइड कचरे पर सुमित्रा महाजन से मिले पटवारी, जताई चिंता

Patwari met Sumitra Mahajan on Union Carbide waste, expressed concern प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को इंदौर की पूर्व सांसद, पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन (ताई) से मुलाकात कर पीथमपुर के रामकी कंपनी में डंप लिए गए यूनियन कार्बाइड के कचरे इंदौर, धार, पीथमपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में पड़ने वाले दुष्प्रभाव को लेकर गहन चर्चा की। पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने को लेकर कोर्ट के आदेश है, सरकार ने पीतमपुर की एक रामकी कंपनी में जो कचरा भेजा है जो रात में डंप हो चुका है, इसका इंदौर शहर पर क्या असर पड़ेगा बहुत ही गंभीर और चिंताजनक है। पटवारी ने कहा कि इस मुद्दों को राजनीतिक रूप देने से वाजिब नहीं है, इससे इंदौर सहित अन्य क्षेत्रों की जनता के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। नहीं बनना चाहिए राजनीतिक मुद्दा उन्होंने कहा कि ताई से इस संबंध में बात हुई इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनना चाहिए। कुछ साल पहले रामकी में 10 टन कचरा जलाया गया था, जिसका असर लंबे क्षेत्रफल पर पढ़ा था। उन्होंने कहा कि यदि निरीक्षण करेंगे तो पता चलेगा कि जो फसल 5 कुंटल होती थी वह घटकर एक कुंटल ही रह गई है। सवाल यह है कि इतना कचरा जलेगा या डिस्पोजल होगा या वैज्ञानिक विधि से इसका डिस्पोजल होगा तो स्वाभाविक है यशवंत सागर तालाब जो वहां से 27 किलोमीटर दूर है, जब तालाब के पानी का रिसाव होगा तो उसका असर कितना पड़ेगा, यशवंत सागर का पानी दूषित होगा। कचरा जलाने की योजना को अभी थोड़ा रोका जाए पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने के लिए जो एक्सपर्ट है, उनसे बात करके जब तक है क्लियर नहीं होगा, तब तक कचरा नहीं जलाना चाहिए, मेरा सभी से आग्रह किया है कि कचरा जलाने की योजना को थोड़ा अभी रोका जाए, विपक्ष के नाते हमारा दायित्व है कि हम जनता के प्रति अपने दायित्व निभाएं। उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि एक एक्सपर्ट की टीम बनानी चाहिए, कचरा जलाने से इसका क्या असर होगा इस पर चर्चा होना चाहिए। कोर्ट का आदेश है लेकिन यह आदेश नहीं है कि यही जलाया जाए पटवारी ने कहा कि 2020 में कोरोना आया था किसी को पता नहीं चला, लेकिन इसका कितना असर हुआ, हजारों, लाखों लोग हमारे परिवार के बीच से चले गए। फिर हम कचरा जलाने का रिस्क क्यों लें, प्रीतमपुर और धार में इसका विरोध हो रहा है। मीडिया जगत के साथियों से आग्रह है कि आप लोग बढ़ चढ़कर इसमें हिस्सा ले, यह राजनीतिक हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री जी से आग्रह करता हूं कि इस कचरे के निष्पादन का निर्धारण करके लोगों को समझाना आपका दायित्व है। जब तक यह कचरा डिस्पोजल की प्रक्रिया चालू नहीं हो आपने जो कचरा दम किया है, वह प्रक्रिया गलत है। कचरा डिस्पोजल हो गया तो आने वाली जनरेशन उससे प्रभावित होगी, उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। कैंसर का खतरा बढ़ेगा। प्रदेष के नगरीय प्रषासन मंत्री भी इंदौर के ही है, उन्हें भी इस बात की चिंता व्यक्त करते हुये लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। कोर्ट के आदेश हैं लेकिन यह आदेश नहीं है कि कचरा यहीं डंप होना चाहिए।

आमला प्रीमियम लीग के फाइनल मुकाबले में एच.एम.एकता ने केसी बड़कुइ को किया परस्त,एच एम एकता टीम बनी आमला प्रीमियम लीग विजेता ।

HM Ekta defeated KC Barkui in the final match of Amla Premium League.HM Ekta team becomes Amla Premium League winner. हरिप्रसादगोहेआमला । नगर के रेल्वे स्टेडियम में लगातार 3 वर्षो से आयोजित टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा हैं। इस क्रिकेट प्रतियोगिता से नगर के प्रतिभावान खिलाड़ी को अपना हुनर दिखाने का एक मौका मिलता है और वे दिखाते भी है। शहर में आयोजित इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के दिग्गज टेनिस बॉल के खिलाड़ी और अन्य प्रदेशों से भी खिलाड़ी यह क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग लेकर चौके ,छक्के,लगाकर दर्शकों का मनोरंजन तो करते है साथ हि अपने खेल से सबका दिल भी जीत लेते हैं। इस प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्कार 1 लाख 11 हजार 1सौ ग्यारह रुपये, द्वितीय पुरुस्कार 55 हजार 5 सौ 55 रुपये, के साथ विजेता व उपविजेता टीम को एक चमचमाती ट्राफी,बेस्ट बेस्टमेन, मेन आफ द सीरीज ,बेस्ट बॉलर,सहित अन्य ट्राफी क्रिकेट खिलाड़ी को दी गई। बुधवार के दिन दो सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबला खेला गया इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी मुकेश खंडेलवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार,नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे एवं विशेष अतिथि के रूप में भाजपा मण्डल अध्यक्ष रामकिशोर देशमुख, जनपद अध्यक्ष गणेश यादव,समाजसेविका आराधना मालवीय, शरद जैसवाल,युवा मोर्चा अध्यक्ष नीलेश राठौर,रोशन साबले,नरेंद्र गिरी, संदीप सिसोदिया,प्रदीप कोकाटे,बिल्लू यादव,शैलेन्द्र राठौर,दीपक दवंडे सहित अतिथि मौजूद थे ।इस प्रतियोगिता के मुख्य संरक्षण चंदन मानू,सतीश मीना,सुनील यादव,सन्नी भूमरकर, शेख आबिद, शरद भलावी,राकेश धामोड़े,गन्नू ठाकुर के संरक्षण में यह प्रतियोगिता आयोजित कि जा रही हैं। सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले में हुआ घमासान | पहला सेमीफाइनल मुकाबले में के.सी.बड़कुइ ओर गाजी क्लब के बीच खेला गया। जो कि बड़ा रोमांचक मुकाबला दोनों टीम के बीच खेला हुआ,इस रोमांचक मुकाबले में के.सी. बड़कोइ ने जीत दर्ज कर फाइनल में अपनी जगह बनाई इस मैच में मेन ऑफ द मैच टोनू रहे,वही दूसरा सेमी फाइनल मुकाबला करन इलेवन बैतूल और एच. एम.एकता के बीच खेला गया इस मुकाबले में एच. एम.एकता ने करन इलेवन को आसानी से हराकर फाइनल में अपनी जगह बनाई। दोनों के बीच फाइनल मैच खेला गया जिसमें केसी क्लब ने टॉस जीतकर 8 ओवरों में मात्र 53 रन ही बनाए इसका पीछा करने उतरी एच एम एकता क्लब ने बड़े ही रोमांचित मैच में अंतिम ओवर की दूसरी बॉल पर यह मुकाबला जीता।इसमें मेन ऑफ द मैच सरोश अहमद मेन ऑफ द सीरीज सरोश अहमद.बेस्ट हीटर अंसार,बेस्ट बैट्समैन अन्नू,बेस्ट बॉलर आनंद,बेस्ट फील्डर सोहेल खान,बेस्ट ऑलराउंडर शब्बीर शाह,सपोर्टिंग टीम ऑफ टूर्नामेंट कृष्णा सोनी,बेस्ट अंपायर दिलीप दोमने,सुनील यादव,प्रदीप पोटफोडे को दिया गया। फाइनल मुकाबले में एच एम एकता ने जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया।अंत में राजू बोहोत ने सभी अतिथियों खिलाड़ियों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया।

बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी: एक क्लिक में नया बिजली कनेक्शन

Good news for electricity consumers: New electricity connection in one click भोपाल। नए साल में मध्य प्रदेश के लोगों को बिजली विभाग की ओर से बड़ी सौगात मिली है। अब उपभोक्ता एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भी नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्र के 16 जिलों के उपभोक्ताओं के लिए यह सुविधा शुरू की है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने एमपी ऑनलाइन के साथ अनुबंध किया है, जिससे उपभोक्ताओं को जनवरी के अंतिम सप्ताह से यह सुविधा उपलब्ध होगी। इस सेवा के तहत उपभोक्ता न केवल नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे, बल्कि गैर-कृषि उपभोक्ताओं का ईकेवाईसी, पीएम-सीएम किसान सम्मान निधि लाभार्थियों का सत्यापन, भार वृद्धि, और नाम परिवर्तन जैसे कार्य भी ऑनलाइन ही करवा सकेंगे। यह अनुबंध कंपनी मुख्यालय में प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल, निदेशक (वाणिज्य) सुधीर कुमार श्रीवास्तव, मुख्य महाप्रबंधक (वाणिज्य) स्वाति सिंह, और एमपी ऑनलाइन के बिजनेस हेड संदीप राजपाल की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस नई सुविधा के साथ बिजली उपभोक्ताओं के काम और भी सरल हो जाएंगे। ऊर्जा मंत्री ने इसे डिजिटल युग में उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए एक बड़ा कदम बताया है।

प्रदेश में अपराधियों की शामत: अगले तीन महीने होगी ताबड़तोड़ कार्रवाई

There will be swift action against criminals in the state in the next three months भोपाल। मध्यप्रदेश में अब अगले 3 महीने तक अपराधियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई होगी। इसके लिए गृह विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए हैं। जनवरी से लेकर मार्च के बीच प्रदेश में ला एंड आर्डर बनाए रखने के लिए अपराधियों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई तेज होगी। वहीं आदतन अपराधियों के खिलाफ कलेक्टर रासुका लगाएंगे। सभी जिलों के एसपी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर कलेक्टर को रिपोर्ट देंगे। मध्य प्रदेश में आपराधिक गतिविधियों में रोक लगाने के लिए प्रशासन एक्शन मोड पर है। ऐसे में अगले तीन महीने गुंडों-बदमाशों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की जाएगी।

सर्द हवाओं से ठिठुरा मध्यप्रदेश, कईं जिलों में अलर्ट: भोपाल, सहित  जिले शीतलहर की चपेट में 

Madhya Pradesh shivers due to cold winds, alert in many districts: Bhopal and other districts in the grip of cold wave भोपाल । सर्द हवाओं से मध्यप्रदेश ठिठुर रहा है। आलम यह है कि दिन में भी कंपकंपी छूट रही है। वहीं कई शहरों में रात का टेम्परेचर 7 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। नए साल के पहले दिन भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर-उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड रही। मौसम विभाग की माने तो अगले 3 दिन ऐसी ही ठंड पड़ेगी। गुरुवार को भोपाल, जबलपुर-ग्वालियर समेत 14 जिलों में शीतलहर का अलर्ट है। इससे पहले प्रदेश के 37 जिलों में सुबह मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। भोपाल, उज्जैन और शाजापुर में इतना घना कोहरा था कि विजिबिलिटी 50 मीटर ही रह गई थी। आज, गुरुवार को जिन जिलों में शीतलहर का अलर्ट है, उनमें भोपाल, ग्वालियर-जबलपुर के अलावा मुरैना, भिंड, दतिया, राजगढ़, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, उमरिया और कटनी भी शामिल हैं। बर्फबारी हो रही, इसलिए बढ़ रही ठंड वर्तमान में जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में बर्फबारी हो रही है। जिससे प्रदेश में सर्द हवाएं आ रही हैं। आने वाले दिनों में बर्फ पिघलेगी। जिससे हवा की रफ्तार तेज होगी और प्रदेश में ठंड का असर बढ़ जाएगा। इस कारण जनवरी में प्रदेश का मौसम ठंडा ही रहेगा। 20 से 22 दिन तक शीतलहर चलने का अनुमान है। बारिश थमते ही ठंड का असर बढ़ा बता दें कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की एक्टिविटी के चलते दिसंबर के आखिरी दिनों में बारिश और ओले का दौर रहा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन समेत 45 से अधिक जिलों में बारिश हुई। वहीं, 20 जिले ऐसे रहे, जहां ओले भी गिरे। बारिश का दौर खत्म होते ही ठंड का असर बढ़ गया। साल 2024 की आखिरी रात भी ठंडी रही। वहीं, नए साल 2025 के पहले दिन सर्दी का असर बना रहा। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 2 जनवरी: भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोक नगर, सागर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, देवास, शाजापुर, सीहोर, हरदा, बैतूल, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, कटनी, उमरिया, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में मध्यम से घना कोहरा रहेगा। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, राजगढ़, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, जबलपुर, उमरिया, कटनी में शीतलहर भी चलेगी। 3 जनवरी: जबलपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह में शीतलहर चलने का अलर्ट है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, विदिशा, गुना, अशोकनगर, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, उमरिया, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में कोहरा छाया रहेगा। 4 जनवरी: निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में कोहरा रहेगा।

भोपाल: ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए वृंदावन ग्राम योजना शुरू

Bhopal: Vrindavan Gram Yojana started to improve rural economy विशेष रिपोर्ट: उदित नारायण, भोपाल ! मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। प्रदेश के 313 विकासखंडों में ‘वृंदावन ग्राम’ की स्थापना की जाएगी। इस योजना के तहत ऐसे गांवों का चयन किया जाएगा, जहां कम से कम 2,000 की जनसंख्या और 500 से अधिक गोवंश हों। योजना का उद्देश्ययोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को प्रोत्साहित करना, गोवंश का संरक्षण और संवर्धन करना, तथा जैविक खेती के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि करना है। इन गांवों में चारे, पानी और परिवहन की अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। ग्राम चयन और पर्यवेक्षणग्राम का चयन संबंधित जिले के प्रभारी मंत्री के परामर्श से कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला अधिकारियों की एक समिति गठित की जाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। गाय आधारित उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंगवृंदावन ग्राम में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए स्व-सहायता समूहों का गठन किया जाएगा। इन समूहों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग स्थानीय मेलों, किसान बाजारों और राष्ट्रीय प्रदर्शनी में की जाएगी। मध्य प्रदेश का योगदानमध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है। इस योजना के माध्यम से राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत पशुओं की नस्ल सुधार, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, और जैविक खेती को व्यापक रूप से अपनाने पर जोर दिया जाएगा। सकारात्मक बदलाव की उम्मीदइस योजना से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि जैविक खेती और स्वच्छ पर्यावरण के लक्ष्य को भी प्राप्त किया जा सकेगा। योजना के तहत उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए ग्रामीण उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्री मुख्यमंत्रियों ने जो किया वही करने जा रहे हैं, सीएम मोहन

CM Mohan is going to do what the two former Chief Ministers of the state did. भोपाल ! मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव नए साल में नया प्रयोग करने जा रहे हैं। सीएम मोहन यादव, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और उमा भारती की तरह सीएम आवास पर जनता दरबार लगाएंगे। सीएम मोहन यादव लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और उसका समाधान करेंगे। सीएम आवास पर पहले जनता दरबार का आयोजन 6 जनवरी को होगा। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मोहन यादव से पहले राज्य के दो पूर्व सीएम उमा भारती और दिग्विजय सिंह जनता दरबार लगा चुके हैं। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस संबंध में कभी पहल नहीं की। सूत्रों के अनुसार, पहला जनता दरबार 6 जनवरी को सुबह 10 से 12 बजे तक होगा। सीएम हाउस पहुंचे लोगों से मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे। लोगों की समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग विभाग के अधिकारी भी मौजूद करेंगे जो लोगों की समस्या का तुरंत समाधान करेंगे। बताया जा रहा है कि जनता दरबार में ट्रांसफर और पोस्टिंग जैसे मुद्दों की कोई सुनवाई नहीं होगी। यहां केवल केवल बीमारी और जरूरतमंदों के आवेदनों पर ही सुनवाई होगी। ग्रामीण इलाके के लोगों को प्राथमिकता बताया जा रहा है कि जनता दरबार में ग्रामीण इलाके से आए लोगों को प्राथमिकता मिलेगी। सीएम खुद उन लोगों की समस्या को सुनेंगे। पहले जनता दरबार में 500 से भी ज्यादा लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसके लिए विभाग स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ये सीएम भी लगा चुके हैं जनता दरबार मोहन यादव से पहले पूर्व सीएम उमा भारती भी जनता दरबार लगा चुकी हैं। पूर्व सीएम उमा भारती 2003 में राज्य की मुख्यमंत्री बनीं थी। वह लोगों की समस्या सुनकर उसका समाधान करती थीं। कहा जाता है कि जनता दरबार में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायत लेकर पहुंचते थे जिस कारण से इसे बंद करना पड़ा था। मध्य प्रदेश में सबसे पहले दिग्विजय सिंह ने जनता दरबार लगाने की शुरुआत की थी। दिग्विजय सिंह 1993 से 2003 तक लोगों की समस्या सीएम आवास पर खुद सुनते थे।

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