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WEATHER UPDATE:  एमपी में ठंड का सितम जारी , भोपाल में टूटा 58 साल का रिकॉर्ड 

WEATHER UPDATE: Cold wave continues in MP, 58 year old record broken in Bhopal  8 दिन से चल रही शीतलहर; भोपाल समेत 20 जिलों में आज भी ऐसा ही मौसम भोपाल । मध्यप्रदेश में इस बार जनवरी से भी ठंडा दिसंबर है। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पिछले 8 दिन से शीतलहर चल रही है, जो 9वें दिन मंगलवार को भी चलेगी। मौसम विभाग ने भोपाल, जबलपुर समेत 20 जिलों में कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। कड़ाके की ठंड की वजह से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए हैं। सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, मंगलवार के बाद शीतलहर का दौर खत्म होने का अनुमान है और कुछ दिन तक थोड़ी राहत मिल सकती है। मंगलवार को 20 जिलों में शीतलहर चलने का अनुमान है। इनमें से 6 जिले- शाजापुर, आगर-मालवा, सीहोर, रायसेन, मंडला और छतरपुर में पेड़-पौधों की पत्तियों पर बर्फ भी जम सकती है। पचमढ़ी में 1.9 डिग्री, शहडोल का कल्याणपुर भी रहा ठंडा  प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। रविवार-सोमवार की रात में इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 1.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीती रात की तुलना में 0.9 डिग्री की बढ़ोतरी जरूर हुई है। शहडोल के कल्याणपुर में तापमान 2.3 डिग्री रहा। राजधानी भोपाल में पारे में गिरावट हुई और यह 3.3 डिग्री पर आ पहुंचा। मंडला में 3 डिग्री और उमरिया, शाजापुर के गिरवर में 3.3 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़, खजुराहो में पारा 5 डिग्री के नीचे ही रहा। भोपाल में टूटा 58 साल का रिकॉर्ड, पारा 3.3 डिग्री रहा भोपाल में दिसंबर की सर्दी का 58 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। 15-16 दिसंबर की रात में टेम्प्रेचर 3.3 डिग्री रहा। अब पारा 0.3 डिग्री लुढ़का तो ओवरऑल रिकॉर्ड टूट जाएगा। कड़ाके की ठंड की वजह से भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों के लिए हीटर लगाए गए हैं। वहीं, हाउस की खिड़कियों को बंद किया गया है। ताकि जानवरों को ठंड न लगे।

सरकार को जवाब पेश करने की आखिरी मोहलत दी , हाईकोर्ट ने पूछा-थानों में मंदिर कब-किसके आदेश से बना,बताएं

The government was given 7 days time to submit its reply, the High Court asked – when and by whose orders the temples were built in the police stations, please tell. जबलपुर । मध्यप्रदेश के थानों में बने या बन रहे मंदिरों पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब पेश करने के लिए 7 दिन की आखिरी मोहलत दी है। 19 नवंबर और इसके पहले 4 नवंबर को भी हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था। सोमवार (16 दिसंबर) को जबलपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा, ‘जल्द से जल्द राज्य सरकार पूरे प्रदेश के थानों के अंदर बने मंदिर और अन्य धार्मिकस्थलों की पूरी सूची पेश करे।’ हाईकोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा है कि प्रदेश के किस थाने में कब मंदिर बनाए गए और मंदिर बनाने के लिए आखिर किसने आदेश दिए थे?’ याचिका जबलपुर के ओपी यादव ने दायर की है। एक महीने पहले भी इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने थानों में बन रहे मंदिरों पर रोक लगाई थी। कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि आखिरकार कैसे सरकारी जमीन पर मंदिर बन रहे हैं?’ मामले पर सरकार ने अपनी शुरुआती आपत्तियां भी बताई थीं। इसे मानने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। सीएस और डीजीपी को नोटिस देकर जवाब मांगा थाएक महीने पहले याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ की डिवीजन बेंच ने प्रदेश के मुख्य सचिव (सीएस) अनुराग जैन और डीजीपी को नोटिस देकर जवाब मांगा था। नोटिस गृह विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग को भी दिए गए। याचिकाकर्ता ओपी यादव ने जबलपुर शहर के सिविल लाइन, लार्डगंज, मदनमहल और विजय नगर थाने में बने मंदिरों की फोटो भी याचिका में लगाई। उन्होंने बताया था कि पुलिस अफसर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। कई थानों में अंग्रेजों के समय बने हनुमान मंदिरप्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे थाने भी हैं, जहां अंग्रेजों के समय से मंदिर बने हैं। जबलपुर में ही कोतवाली थाना परिसर में बना हनुमान मंदिर 150 वर्ष पुराना है। इस मंदिर का निर्माण अंग्रेजी शासन काल में सैनिक पद पर रहने वाले पंडित नाथूराम व्यास द्वारा कराया गया था। इसी तरह मंडला, कटनी, रीवा, सागर, बालाघाट, बैतूल में भी कई थाने हैं, जो अंग्रेजों के समय के हैं। उप पुलिस अधीक्षक मदन मोहन समर कहते हैं कि ब्रिटिश सरकार की सैन्य और पुलिस छावनी में मंदिर और दूसरे धार्मिक स्थल बनाए जाने की परिपाटी शुरू हुई थी। थानों में जो मंदिर बने हैं, वह ज्यादातर आवासीय परिसर में बने हैं।

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: 15 हजार की रिश्वत लेते आरक्षक को रंगे हाथों दबोचा, इस मामले में ले रहा था घूस

Big action by Lokayukta: Constable caught red handed while taking bribe of Rs 15 thousand, was taking bribe in this case मंदसौर। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है, प्रदेश में आए दिन अलग-अलग विभागों में सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के रिश्वतखोरी के मामले सामने आ रहे हैं। अब मंदसौर में उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 हजार की रिश्वत लेते एक पुलिस कांस्टेबल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक जिले के भानपुरा थाना में लोकायुक्त की टीम ने 15 हजार की रिश्वत लेते प्रधान आरक्षक मुकेश चौहान को रंगे हाथों दबोचा है। फरियादी पप्पू सिंह के अनुसार उसके भाई की जमानत की लिखापढ़ी के एवज में आरक्षक द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी। उज्जैन लोकायुक्त टीम ने आरोपी आरक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। पप्पू सिंह सौंधिया पिता मानसिंह सौंधिया निवासी ग्राम मानपुरा ने लोकायुक्त में बताया था कि उसके भाई ईश्वर सिंह, अन्य व्यक्ति तूफान सिंह और बंशीलाल के खिलाफ भानपुरा थाने में केस दर्ज किया गया था। उसमें जमानत देने की लिखापढ़ी के एवज में प्रधान आरक्षक मुकेश चौहान ने 15 हजार रुपए मांगे थे। शिकायत का सत्यापन प्रभारी एसपी राजेश पाठक ने डीएसपी सुनील तालान से कराया, तो शिकायत सही पाई गई। इस पर से 16 दिसंबर को टीम ने छापा मारा। रुपए देते समय टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

मध्य प्रदेश कांग्रेस का प्रदर्शन: रोशनपुरा चौराहे पर पुलिस की बैरिकेडिंग, आ रहे कांग्रेस नेताओं को रोका

Demonstration of Madhya Pradesh Congress: Police barricading at Roshanpura intersection, stopped the coming Congress leaders. राजधानी भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन जारी, महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा भी पहुंची MP Congress Protest: मध्य प्रदेश कांग्रेस का विधानसभा का घेराव का प्रदर्शन जारी है। सोमवार को एमपी कांग्रेस के इस प्रदर्शन में प्रदेशभर के हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। अभी भोपाल के जवाहर चौक इलाके में सभा चल रही है। इसके बाद कांग्रेस के नेता हजारों कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा की ओर कूच करेंगे। उनको रोकने के लिए पुलिस ने रोशनपुरा चौराहे पर बैरिकेडिंग कर रखी है। यहां वाटर कैनन भी मौजूद है। वहीं दूसरे जिलों से आ रहे कांग्रेस नेताओं को रोकने के लिए पुलिस ने भोपाल से लगी सड़कों पर भी बैरिकेड्स लगा रखे हैं। राजगढ़ जिले से आए कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका तो जिला पंचायत अध्यक्ष चन्दर सिंह राजगढ़ की अधिकारियों से बहस हो गई। प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, विधायक और कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। मनोज परमार के बच्चों की करेंगे मदद: सज्जन कांग्रेस की सभा में सज्जन सिंह वर्मा ने कहा- मणिपुर जल रहा है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में सुरक्षित हैं लेकिन वहां हिंदू मारे जा रहे हैं। वर्मा ने कहा कि मनोज परमार और उनकी पत्नी नेहा ने बीजेपी और ईडी के दबाव में आत्महत्या कर ली। आज बीजेपी के लोग उन बच्चों को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। मैं कल अपने पार्टी के तमाम साथियों से मदद लेकर एक बड़ी गुल्लक उन बच्चों को देने जाऊंगा। ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए और भविष्य में तकलीफ न हो। रावत को लेकर जयवर्धन का तंज पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि बीजेपी सरकार ने लाड़ली बहन योजना की राशि 1250 रुपए में एक रुपया भी नहीं बढ़ाया। चुनाव जीतने के बाद बीजेपी ने लाड़ला नेता योजना शुरू की। उस लाड़ला योजना के सबसे पहले लाभार्थी बने रामनिवास रावत। रामनिवास बीजेपी में गए लेकिन विजयपुर की जनता ने, माताओं-बहनों ने गरीब आदिवासी मुकेश मल्होत्रा को विधानसभा पहुंचा दिया। बीजेपी के लाड़ले नेता रामनिवास जी को घर बैठा दिया। बीजेपी सरकार चीन का लहसुन खिला रही कांग्रेस की सभा में पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा- आज बांग्लादेश के जरिये चीन का लहसुन हमारे यहां आ रहा है। बीजेपी सरकार के राज में हमें चीन का लहसुन खिलाया जा रहा है। किसानों को फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा। मैं जब ऊर्जा मंत्री था, कांग्रेस की सरकार 100 रुपए में 100 यूनिट बिजली देती थी। आज 1500 रुपए में 100 यूनिट बिजली मिल रही है। किसानों पर फर्जी केस लगाए जा रहे हैं। आज एकजुट होकर इस भाजपा सरकार के खिलाफ लड़ना है। अलका लांबा बोलीं- सरकार को घुटने पर लाएंगे महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा भी प्रदर्शन स्थल पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को बने हुए एक साल के ऊपर हो गया है। आधी आबादी यानी महिलाओं से सुरक्षा का वायदा था। एक साल में कितनी बहनें सुरक्षित हुईं? रीवा में इनको जिंदा गाड़ने की हिम्मत दबंगों ने दिखाई है। उज्जैन में नाबालिग बेटी को लहूलुहान हमने देखा है। बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। कौन सी बहन को साढ़े 400 रुपए में गैस सिलेंडर मिल रहा है, जिसकी गारंटी मोदी जी ने दी थी। महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा इन मुद्दों पर हम सरकार को घुटनों पर लाएंगे। अपना समय भी आएगा : कमलनाथ कमलनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बहुत बड़ा राजनीतिक परिवर्तन हुआ है। नौजवानों, समझ लो। आज आपसे निवेदन करना चाहता हूं कि इस राजनीतिक परिवर्तन को आप पहचानिए। जब तक आप घर-घर नहीं जाएंगे, हम बीजेपी से कभी मुकाबला नहीं कर पाएंगे। हमारा कर्तव्य है कि इस राजनीतिक परिवर्तन को पहचानें और उस हिसाब से काम करें। मुझे विश्वास है कि आप निराश नहीं होंगे। कमर ठाने रखिएगा। अपना समय भी आएगा। पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा- प्रदेश की तस्वीर आप सभी के सामने है। आज बड़े दुख के साथ मुझे कहना पड़ता है कि मध्य प्रदेश की पहचान घोटाला प्रदेश की है। हर क्षेत्र में घोटाला। नौजवानों के रोजगार में घोटाला। किसानों के बीज-खाद में घोटाला। जहां देखो घोटाला-घोटाला। आज हमारे कृषि क्षेत्र में कितनी समस्या है। एक बात याद रखिएगा कि मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था 70 प्रतिशत कृषि क्षेत्र पर आधारित है। अगर कृषि क्षेत्र डूबता है तो पूरा प्रदेश डूबता है। रात में हटाए गए होर्डिंग शहर में कांग्रेस के प्रदर्शन के जगह जगह होर्डिंग भी लगाए गए हैं। 15 दिसंबर, रविवार रात को नगर निगम के अमले ने कुछ जगहों से होर्डिंग भी हटाए हैं। इसे लेकर विवाद की छुटपुट घटनाएं भी हुई। कांग्रेस ने इसे लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस की हैं ये मांगें?

मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र 2024 रहेगा हंगामेदार , सरकार को घेरने कांग्रेस ने की तगड़ी तैयारी

Madhya Pradesh Assembly session will be noisy, Congress made strong preparations to corner the government भोपाल ! मध्यप्रदेश विधानसभा का सोमवार से शुरू होने जा रहे शीतकालीन सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं. 5 दिन चलने वाले इस शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सरकार सदन में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी. यह अनुपूरक बजट करीबन 20 हजार करोड़ का हो सकता है. उधर सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया है. सदन के अंदर सरकार को घेरने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधायक दल की बैठक बुलाई है. कांग्रेस ने बनाई सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति कांग्रेस ने सत्ता पक्ष को घेरने के लिए भरपूर तैयारियां की हैं. कांग्रेस विधायकों ने किसान, बिगड़ती कानून व्यवस्था, जल जीवन मिशन में गड़बड़ी, अधिकारियों के तबादलों जैसे कई मुद्दों को लेकर कई सवाल उठाए हैं. कांग्रेस आष्टा आत्महत्या मामले और विधायक निर्मला सप्रे के इस्तीफे को लेकर भी सरकार को घेरेगी. शीतकालीन सत्र के लिए विधायकों ने कुल 1766 सवाल लगाए हैं. इसमें 1070 सवाल ऑनलाइन और 696 ऑफलाइन सवाल पूछे गए हैं. इनमें तारांकित प्रश्न 888 और अतारांकित सवाल 878 हैं. सत्र में करीबन एक दर्जन विधेयक पेश होंगे विधानसभा सत्र के दौरान सरकार करीबन एक दर्जन विधेयक पेश करेगी. विधानसभा सत्र के लिए जारी कार्ययोजना के अनुसार 16 दिसंबर के पहले दिन सत्र शुरू होने पर प्रश्नोत्तर काल होगा और इसके बाद अलग-अलग विभागों के आधा दर्जन विधेयक पेश किए जाएंगे. 17 दिसंबर को प्रश्नकाल के बाद प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा. इस पर चर्चा 18 दिसंबर को होगी और इसी दिन विनियोग विधेयक 2024 पेश किया जाएगा. कांग्रेस ने रणनीति बनाने बुलाई बैठक उधर, कांग्रेस ने विधानसभा सत्र में सरकार को घेरने कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है. इसमें विधानसभा सत्र की रणनीति के अलावा विधानसभा घेराव को लेकर भी चर्चा होगी. बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित सभी कांग्रेस विधायक मौजूद होंगे. निर्मला सप्रे के शामिल होने पर संशय विधानसभा में बीना विधायक निर्मला सप्रे के शामिल होने पर संशय है. कांग्रेस ने विधायक सप्रे को कांग्रेस खेमे में बैठाने से इंकार किया है. कांग्रेस ने मान लिया है कि निर्मला सप्रे अब पार्टी में नहीं हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने निर्मला सप्रे की विधानसभा की सदस्यता निरस्त को लेकर जुलाई में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर को आवेदन दिया था, लेकिन उनकी सदस्यता समाप्त करने को लेकर स्पीकर ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है. कांग्रेस ने इसको लेकर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है.

बुंदलेखंड में ठंड का कहर, बर्फ जमना हुई शुरू, मौसम विभाग का अलर्ट

Cold havoc in Bundelkhand, snow started accumulating, weather department alert मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड रीजन के नौगांव में इस समय तेज ठंड पड़ रही है. यहां का पारा 4.1 डिग्री सेल्सियस चला गया है. छतरपुर ! मध्य प्रदेश में इन दिनों ठंड ने अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है. प्रदेश के ज्यादातर जिलों में पारा गिरा है. जिसके चलते कड़ाके की ठंड पड़ रही है. वहीं बात अगर बुंदेलखंड अंचल की करें तो यहां भी ठंड बहुत बढ़ी है. छतरपुर जिले के नौगांव में सर्दी चरम सीमा पर पहुंच गई है. शनिवार की सुबह तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया. बुंदेलखंड का नौगांव ठंड का केंद्र बना हुआ है. हर दिन ठंड बढ़ रही है. तापमान में भौगोलिक स्थिति का असरछतरपुर जिले के नौगांव और खजुराहो में भौगोलिक स्थिति व ग्रेनाइट पत्थर का बड़ा असर होता है. अंग्रेजों के द्वारा बसाए नौगांव नगर की भौगोलिक स्थिति ही सबसे ज्यादा ठंड व गर्मी की वजह है. इसके साथ ही ग्रेनाइट के पहाड़ों के चलते भी मौसम का असर बढ़ जाता है. इसी तरह खजुराहो में भी भौगोलिक स्थिति व ग्रेनाइट के पहाड़ों के कारण सर्दी और गर्मी का असर आसपास के इलाके से एक से दो डिग्री अधिक बढ़ जाता है. कर्क रेखा के उत्तर में नौगांव विशेष स्थान पर बसा है. जिससे सूर्य की किरणें कम प्रभाव से पहुंचती है. जिससे ज्यादा ठंडा होती है. इसके साथ ही हिमाचल से आने वाली उत्तर पूर्वी हवाएं पहले पहुंचती है, इसलिए ठंड अधिक होती है. वहीं, नौगांव के नीचे चट्टानी मिट्टी की पथरीली परत है, जो जमीन की ऊर्जा विचरण की क्षमता को प्रभावित करती है. नौगांव में लुढ़का पारा, बाइक के ऊपर जमी बर्फजिले में ठंड दिनों-दिन कहर ढहा रही है. मैदानी इलाकों में भी बर्फ जमने लगी है. उमरिया मंदिर रोड निवासी विक्रम सिंह परिहार ने बताया कि “शनिवार सुबह 5:30 बजे जब वे किसी काम से निकले, तो उनकी बाइक की सीट पर बर्फ की परत जमी हुई थी. उन्होंने इसका वीडियो भी बनाया, जिसमें सुबह 5:32 का समय और 14 दिसंबर 2024 की तारीख दर्ज है.” नौगांव और इसके आस-पास के क्षेत्रों में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में मौसम वैज्ञानिक ने लोगों को सतर्क रहने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है.

मध्य प्रदेश की सड़कों पर फिर दिखेंगी जल्द सरकारी बसें फर्राटे भरते

Government buses will soon be seen again on the roads of Madhya Pradesh. मध्य प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था एकदम से चरमरा गई है। दो दशक पहले जहां सड़कों पर राज्य परिवहन निगम की बसें फर्राटे भरती दिखाई देती थी वहीं अब निजी बसों का बोलबाला है। तनाकुलित तथा स्लीपर कोच बसें तक प्रदेश की सड़कों पर दौड़ रही है। राज्य परिवहन की बसें प्रदेश के विभिन्न शहरों को जोड़ने के अलावा दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक यात्रियों को लाती ले जाती थी। भोपाल। राज्य परिवहन निगम की इन बसों में जहां किराया वाजिब था तो वहीं विशिष्ट जनों व पत्रकारों के लिए पास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती थी। राज्य परिवहन निगम के संचालक मंडल में पहले नेताओं को रखा जाता था और अध्यक्ष का पद नौकरशाहों के जिम्में में होता था। एक बार का दिलचस्प वाकया है तब राज्य परिवहन निगम के अध्यक्ष एक नौकरशाह थे किसी पत्रकार ने अनौपचारिक चर्चा में उनसे पूछ लिया कि आपने बसों में यात्रा कब से नहीं की तो उन्होंने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया था की आखिरी बस यात्रा 15 साल पहले की थी, इस चर्चा के बाद अध्यक्ष महोदय ने समस्त डिपो प्रबंधकों को यह निर्देश दिया कि वह महीने में दो बार बसों में यात्रा करें और यात्रियों से फीडबैक ले कर व्यवस्था सुचारू करें। इसके साथ ही अध्यक्ष ने स्वयं भी हर महीने बस में सफर करना शुरू कर दिया बाद में राज्य परिवहन निगम के अध्यक्ष पद पर नेताओं को पदस्थ किया जाने लगा और यही से पूरे सिस्टम में दीमक लगना शुरू हो गया। जिन डिपो प्रबंधकों को राज्य परिवहन निगम अध्यक्ष अथवा उपाध्यक्ष से अच्छी सेटिंग होती थी वहां मनमानियां करने लगे। दूसरे राज्यों में जाने वाली बसों में उन्ही ड्राइवर व कंडक्टरों को भेजा जाने लगा जो वापसी पर अच्छी खासी रकम उनको भेंट कर सके क्योंकि राज्य की सीमा पार करने के बाद टिकट चेकिंग का कोई डर नहीं, लोकल सवारियों लो और अपनी जेब गर्म करो वाला सिद्धांत चलता था। दूसरे राज्यों में स्थित राज्य परिवहन निगम के डिपो प्रबंधकों के रोस्टर पर अपने नाते रिश्तेदारों को रख लिया जो केवल वेतन लेते थे काम नहीं करते थे। राज्य परिवहन निगम के एक उपाध्यक्ष ने जब विधानसभा का चुनाव लड़ा तो डिपो प्रबंधकों ने उनके चुनावी खर्च में हिस्सेदारी की, किसी डिपो प्रबंधक ने पोस्टर का खर्च उठाया तो किसी ने विज्ञापनों के लिये भुगतान किया। इस तरह की व्यवस्था ने तथा भ्रष्टाचार ने राज्य परिवहन निगम को खोखला करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और आखिरकार 2005 में राज्य परिवहन निगम को बंद करना पड़ा हालांकि इसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई थी। राज्य परिवहन निगम बंद होने का फायदा निजी बस मालिकों ने उठाना शुरू किया यह वह समय था जब दिग्विजय सिंह की सरकार का दूसरा कार्यकाल चल रहा था। दिग्गी सरकार घाटा बताती रही और भाजपा सरकार ने राज्य परिवहन निगम पर ही ताला लगा दिया और कुछ कर्मचारियों को वीआरएस देकर घर बैठा दिया तो कुछ कर्मचारियों को दूसरे विभागों में स्थानांतरित कर दिया गया। खैर यह तो राज्य परिवहन निगम का हाल हुआ उधर निजी बस ऑपरेटर की मनमानी बढ़ने लगी। बस में क्षमता से अधिक यात्री भरना निर्धारित किराए से ज्यादा वसूलना, सवाल करने पर यात्रियों से बदसलूकी करना, यहां तक की मारपीट की नौबत आना इत्यादि। शहरी इलाकों में तो फिर भी ठीक-ठाक मगर ग्रामीण क्षेत्रों में हालत ज्यादा खराब हो गए और लोग परेशान हो गए। राज्य परिवहन निगम बंद हो जाने के बाद भी जिन राज्यों से अंतर राज्य समझौता था उनकी बसे एमपी में आती रही। निजी ऑपरेटर इनका भी विरोध करने लगे। बहरहाल अब मोहन यादव की सरकार ने लोगों की परेशानियों को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को 19 साल बाद फिर से शुरू करने का संकेत दिया है तदनुसार लोक परिवहन सेवा का प्रारूप तैयार कर कैबिनेट में पेश किया जाएगा फिर उस पर अमल होना शुरू होगा वैसे अभी यह तय नहीं है कि लोक परिवहन का संचालन किस तरह होगा महाराष्ट्र का मॉडल अपनाया जाए या पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर अमल किया जाए यह फैसला भी हो जाएगा।

इंदौर लोकायुक्त ने धार जिला स्वास्थ्य अधिकारी को 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

Indore Lokayukta caught Dhar District Health Officer red handed taking bribe of Rs 25 thousand इंदौर लोकायुक्त ने धार जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर मोदी को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई आशीष चौहान, प्रबंध संचालक श्रीश्याम हॉस्पिटल, धार द्वारा की गई शिकायत पर की गई। चौहान ने लोकायुक्त को बताया था कि डॉ. मोदी ने उनके हॉस्पिटल से संबंधित शिकायत के बाद रिश्वत की मांग की थी। सत्यापन के बाद, लोकायुक्त ने 13 दिसंबर 2024 को ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। डॉ. मोदी को 25 हजार लेते हुए गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7 के तहत की गई। FD रिलीज करने के नाम पर एक लाख की घूस मांगने वाले तीन गिरफ्तारभोपाल में लोकायुक्त ने नगर पालिका परिषद बाड़ी के तीन कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। आरोपी ₹1,00,000 रिश्वत मांग रहे थे। ट्रैप के दौरान ₹40,000 नगद और ₹60,000 चेक लेते हुए गिरफ्तार किए गए। मामले की जांच जारी है। आवेदक राजेश मिश्रा ने शिकायत की थी कि वर्ष 2021 में नगर पालिका परिषद बाड़ी के श्मशान घाट निर्माण कार्य के लिए टेंडर के साथ 3 लाख 40 हजार रुपये की FD जमा की गई थी, जिसे रिलीज करने के लिए आरोपी बद्री प्रसाद शर्मा ने एक लाख रुपयों की मांग की थी। मिश्रा द्वारा पुलिस अधीक्षक विशेष पुलिस स्थापना भोपाल को शिकायत करने के बाद शिकायत का सत्यापन लोकायुक्त विभाग द्वारा किया गया। सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि आरोपी बद्री प्रसाद शर्मा के साथ अन्य दो आरोपियों, शुभम जैन और जय कुमार ने मिलकर आवेदक को रिश्वत देने के लिए मजबूर किया था।

108 एंबुलेंस में ऑक्सीजन हुई खत्म ,ऑक्सीजन के अभाव में युवक की मौत

खंडवा। मरीज को इंदौर रेफर करने के खेल और एंबुलेंस ड्राइवर की लापरवाही से एक युवक की ऑक्सीजन के अभाव में मौत हो गई। खंडवा में मेडिकल कॉलेज होने के बाद भी मरीज को उपचार के लिए इंदौर रेफर करने का सिलसिला यहां थम नहीं रहा है।ऐसे में मरीज को उपचार के अभाव में जान गंवानी पड़ रही है। वहीं मरीजों की सुविधा के लिए शासन द्वारा संचालित 108 एम्बुलेंस की सुविधा भी प्रभावी देखरेख, चालकों की मनमानी के अभाव में दम तोड़ रही है। सड़क हादसे में घायल मरीज को जिला अस्पताल से इंदौर रेफर करने के दौरान 108 एंबुलेंस के सिलिंडर में ऑक्सीजन खत्म होने से मरीज की मौत हो गई। युवक के स्वजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन के लिए एंबुलेंस चालक दो घंटे तक एंबुलेंस हिला हवाला करता रहा। स्वजनों ने रात में मोघट पुलिस को शिकायती आवेदन दिया है। सिलेंडर में ऑक्सीजन ही नहीं था अस्पताल से एंबुलेंस निकलने के बाद पता चला कि सिलेंडर में ऑक्सीजन ही नहीं है। फिर कर्मचारी घायल को एंबुलेंस में लेकर इंदौर रोड स्थित ऑक्सीजन प्लांट पहुंचा। ऑक्सीजन लेने की प्रक्रिया में ही कर्मचारी को दो घंटे लग गए। तब तक घायल युवक के मुंह पर खाली मास्क ही लगा रखा था। पंधाना पुलिस के अनुसार टाकली कला ग्राम में रहने वाले 28 वर्षीय धर्मेंद्र पुत्र अमरचंद विद्युत कंपनी में लाइन हेल्पर था। गुरुवार रात करीब आठ बजे घर लौटते समय कोहड़द और टकली के बीच अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। दुर्घटना में धर्मेंद्र के सिर में गंभीर चोट आई थी। उपचार के लिए रात को जिला अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर होने से रात करीब 10:30 बजे उसे 108 एंबुलेंस क्रमांक सीजी 04 एनजेड 6025 से इंदौर रेफर किया गया। 2 घंटे लग गए सिलेंडर लेने में युवक के भाई जितेंद्र दिलावरे ने बताया कि एंबुलेंस के सिलेंडर में ऑक्सीजन कम होने से चालक वाहन लेकर ऑक्सीजन सिलेंडर के गोदाम पर पहुंचा। 2 घंटे तक ऑक्सीजन के लिए माथा पच्ची चलती रही। मरीज के मुंह पर केवल ऑक्सीजन का खाली मास्क लगा रखा था। आईडी लेने सात अधिकारियों को कॉल कियाएंबुलेंस के ड्राइवर संदीप चौहान व ईएमटी ने बताया कि हम प्लांट पर ऑक्सीजन लेने पहुंचे। हमारे पास रुपए नहीं थे। इसलिए भोपाल में बैठे एचआर विभाग से ऑक्सीजन लेने के लिए आईडी लेनी पड़ती है। आईडी लेने हमने सात अधिकारियों को कॉल किया। इस प्रक्रिया में रात करीब एक बजे सिलिंडर मिला। यहां से एंबुलेंस आगे रवाना होने पर कुछ समय बाद ही युवक धर्मेंद्र की मौत हो गई। इस मामले में एंबुलेंस एजेंसी के जोनल मैनेजर अविनाश पांडे का कहना है कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन कम होने से व्यवस्था कर रहे थे, मौत मरीज गंभीर होने के कारण हुई है। सिस्टम की लापरवाही और एंबुलेंस चालक की मनमानी से युवक धर्मेंद्र की मौत को लेकर आक्रोशित स्वजनों ने मोघट थाने में शिकायत की है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

फार्मर आईडी बनाने जिलों में लगाए जाएंगे शिविर, दस रुपए देगी सरकार

Camps will be organized in the districts for making Farmer ID, the government will give ten rupees भोपाल। राज्यों में कैंप लगाकर किसान आईडी बनाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को इनसेंटिव देगी। इसमें प्रति कैंप 15,000 रुपये तक दिए जाएंगे। इसके अलावा हर आईडी बनाने पर केंद्र की ओर से राज्य सरकार को 10 रुपये दिए जाएंगे। दरअसल कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने राज्यों से किसान पहचान पत्र को तेजी से बनवाने के लिए कैंप लगाने को कहा है। किसान पहचान पत्र या किसान आईडी एक आधार से जुड़ी अनूठी डिजिटल पहचान है, जो राज्य के लैंड रिकॉर्ड से जुड़ी हुई है। इसके अलावा इसमें डेमोग्राफी, बोई गई फसल और जमीन के मालिकाना हक जैसी जानकारी भी होती है। किसान आईडी के माध्यम से बनाए गए डेटाबेस को किसान रजिस्ट्री के रूप में जाना जाएगा। यही वजह है कि केंद्र ने अब राज्यों से किसान आईडी देने के लिए कैंप-मोड अपनाने को कहा है।केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 27 नवंबर को इस संबंध में मध्यप्रदेश सराकर को एक पत्र भेजा था। केंद्र के पत्र के बाद आयुक्त भू-अभिलेख ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को इस संबंध में मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि राजधानी सहित प्रदेश भर में करीब 87 लाख 90 हजार किसानों की आईडी जनरेट होनी हैं, जबकि अकेले भोपाल में करीब 65 हजार किसानों की फार्मर आईडी बननी है। आयुक्त भू-अभिलेख अनुभा श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि फार्मर आईडी क्रियेशन के लिए राज्यों को इंसेंटिवाइज करने के लिए भारत सरकार द्वारा स्पेशल सेंट्रल असिस्टेंस स्कीम घोषित की गई है।फार्मर आईडी क्रियेशन कार्य यथाशीघ्र पूर्ण करने की दृष्टि से इसे राजस्व महाअभियान 3.0 में भी शामिल किया गया है। फार्मर आईडी जनरेट करने की कार्रवाई अभियान के रूप में पूर्ण करने के लिए कैम्प आयोजित कर शीघ्र कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने दिए हैं। भारत सरकार द्वारा प्रति कैप राशि 15000 रुपए तीन किश्तों में प्रदान की जाएगी। इसकी प्रक्रिया भी केंद्र सरकार के निर्देश में विहित की गई है। इन कागजों की होगी जरूरत जरूरत इसके लिए आपको आधार कार्ड की कॉपी, जमीन की जानकारी के लिए नकल की कॉपी, फसल के नाम, किस्में, बोनी का समय, बैंक पासबुक की डिटेल देनी होगी। हमेशा ध्यान रखें कि आधार नंबर और मोबाइल नंबर देते समय उसे चेक कर लें। आधार नंबर 12 अंकों का और मोबाइल नंबर 10 अंकों का होना चाहिए। इस तरह से मुहैया कराई जाएगी राशि प्रदेश में फार्मर आईडी बनाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को इनसेंटिव देगी। इसमें प्रति कैंप 15,000 रुपये तक दिए जाएंगे। इसमें गांवों में क्लस्टर से पीएम किसान डाटाबेस अनुसार कम-से-कम 50 फीसदी किसानों को रजिस्टर करना होगा। पहली किश्त 5000 रुपए प्रथम 15 फीसदी किसान आईडी जनरेट करने पर, दूसरी किश्त 5000 रुपए आगामी 15 प्रतिशत आईडी जनरेट करने पर और तीसरी किश्त 5000 आगामी 20 फीसदी फार्मर आईडी जनरेट करने पर प्राप्त होगी। प्रति फार्मर आईडी जनरेशन पर राशि 10 रुपए राज्य को प्राप्त होगी। यह राशि राजस्व महाअभियान 3.0 में फार्मर आईडी व खसरा आधार लिकिंग के लिए नियत कर्मचारी को दी जाएगी। ऐसे बनेंगे किसान आईडी इसके लिए किसानों को खुद का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन में गांव के पटवारी या सर्वेयर से किसान संपर्क कर सकते हैं। राजस्व का मैदानी अमला किसानों की किसान पहचान पत्र के लिए रजिस्ट्रेशन में मदद करेंगे। आप चाहें तो यह काम खुद भी कर सकते हैं। यह काम मोबाइल से कम्प्यूटर से भी किया जा सकता है। इसमें दी गई लिंक पर क्लिक करते ही आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। ओटीपी दर्ज करें और कैप्चा कोड भरना होगा। इसके बाद आपको नया यूजर अकाउंट बनाना होगा। अकाउंट बनने के बाद आपका किसान आईडी के लिए रजिस्ट्रेशन हो जाएगा।

रातापानी टाइगर रिजर्व के संरक्षण के लिए निकाली बाइक रैली, CM ने की शुरुआत, रणदीप हुड्डा भी रहे शामिल

Bike rally taken out for the conservation of Ratapani Tiger Reserve, CM started it, Randeep Hooda also participated रातापानी जंगल के संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत एक विशेष बाइक रैली का आयोजन किया गया। “विरासत से विकास” अभियान के अंतर्गत यह रैली कोलार रोड स्थित गोल जोड़ चौराहे से शुरू हुई। रैली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ अभिनेता रणदीप हुड्डा ने भी भाग लिया और अभियान की सराहना की। अभियान के दौरान अभिनेता रणदीप हुड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को उनके कार्यकाल के एक साल पूरे होने पर बधाई दी और कहा कि मैं कुरुक्षेत्र की धरती से आता हूं, जहां भगवान श्री कृष्ण ने अन्याय के खिलाफ संदेश दिया। आज मैं उस प्रदेश में हूं, जहां भगवान ने शिक्षा पाई और जहां जल, जंगल और गायों की सुरक्षा का संदेश दिया गया। रणदीप हुड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि श्री कृष्ण के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने जो कार्य किए हैं, वह सराहनीय हैं। विशेषकर जंगलों और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए उनकी प्रतिबद्धता प्रशंसा योग्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर वीर सावरकर की तारीफ करते हुए कहा कि वीर सावरकर को दो बार कालापानी की सजा हुई, लेकिन वे कभी नहीं झुके। उनका आदर्श आज भी हमें प्रेरणा देता है। रातापानी टाइगर रिजर्व से एक नई इबारत लिखी जाएगी, जहां टाइगर का संरक्षण किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, “जंगल का राजा टाइगर ही होता है, क्योंकि टाइगर अपने पराक्रम से शिकार करता है। टाइगर रिजर्व की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह न केवल प्रदेश के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस टाइगर रिजर्व के उद्घाटन के लिए बाइक रैली का आयोजन रोजगार और प्रदेश को गौरव देने का एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भोपाल और आसपास के क्षेत्र में भूगर्भीय परिवर्तन के कारण प्राचीन चित्रकला और अन्य ऐतिहासिक धरोहरें भी पाई जाती हैं। सीएम ने कहा कि भोपाल एक ऐसी राजधानी जिसके आंगन ने अपना टाइगर रिजर्व बना है।

वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने गए वनकर्मियों पर हमला, पथराव में एक गंभीर घायल

Forest workers who went to remove encroachment on forest land attacked, one seriously injured in stone pelting खंडवा। गुड़ी वन परिक्षेत्र में हजारों हेक्टयर वनभूमि को कब्जा मुक्त करने के लिए वन विभाग की टीम जंगल में दो दिनों से कार्रवाई कर रही है। शुक्रवार सुबह सरमेश्वर वन परिक्षेत्र में नवाड़ की जमीन से कब्जा हटाने के लिए 46 वनकर्मियों का दल गया था। वनकर्मियों पर पथराव शुरू कर दियावन भूमि में प्रवेश रोकने के लिए खंती खोदने का कार्य पोकलेन मशीन से करवाया जा रहा था। इसी दौरान सुबह करीब साढ़े दस बजे अतिक्रमणकारियों ने वनकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से वहां भगदड़ मच गई। पथराव में वन रक्षक संजय सिंह तोमर के सिर में पीछे की ओर पत्थर लगने से वह बेहोश हो गया। घटना में पांच-सात अन्य कर्मचारी भी घायल हुए हैं। गंभीर चोट लगने से वन रक्षक सिंह को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। बिना अनुमति के जुलूस, धरना व प्रदर्शन करने पर लगा प्रतिबंधखंडवा मेंअपर जिला दंडाधिकारी केआर बड़ोले ने जिले में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार सायबर अपराधों की घटनाओं को रोकने के लिए साइबर कैफे में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। इसकी कम से कम एक महीने तक रिकार्डिंग सुरक्षित रखना होगी। इसकी जिम्मेदारी सायबर कैफे संचालक की होगी।सायबर कैफे में कार्यरत कर्मचारियों की पूरी जानकारी परिचय पत्र व फोटो सहित निकटतम पुलिस थाने में जमा कराना होगी। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरुद्ध धारा 223 के तहत कार्यवाही की जाएगी।

फिर सामने आई स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही: नसबंदी शिविर में ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर लिटाया, बेड के बजाय दिए टेंट के गद्दे

Negligence of health department: Women made to lie on the ground after sterilization operation सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। नसबंदी शिविर में पहुंची महिलाओं को ऑपरेशन के बाद जमीन पर लिटाया गया। ठंड और ठिठुरन के बावजूद महिलाओं को बेड के बजाय टेंट हाउस से मंगाए गए गद्दों पर जमीन पर लिटाया। जिले में स्वास्थ्य विभाग की बदहाल व्यवस्था फिर उजागर हुई है। नसबंदी शिविर में बड़ी संख्या में महिलाएं ऑपरेशन के लिए पहुंची थी। जो ऑपरेशन के बाद जमीन पर लेटी नजर आईं। यह व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। शिविरों में महिलाओं के लिए बेड का कोई इंतजाम नहीं किया गया। ठंड के मौसम में इस तरह की लापरवाही महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है। बतादें कि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर लिटाने की तस्वीर पहले भी सामने आ चुकी है। इस बार फिर यहां एक-दो महिलाएं नहीं बल्कि कई महिलाएं जमीन पर लेटी नजर आई। वहीं मामले को लेकर प्रभारी एडीएम ने स्थिति का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था में जल्द सुधार किया जाएगा।

एमपी गजब: अभी तक आपने देखा पुरूष नसबंदी एवं महिला नसबंदी , अब प्रदेश में कुत्ता नसबंदी एवं टीकाकरण अभियान शुरू, टेंडर जारी किया

MP Ghazab: Till now you have seen male sterilization and female sterilization, now dog sterilization and vaccination campaign started in the state, tender issued. दमोह ! दरअसल, शहर में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने से इनके काटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 15 लोग रेबीज के इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा, नगर पालिका के पास भी आवारा कुत्तों को पकड़ने की शिकायतें आ रही हैं। लेकिन, पर्याप्त अमला और संसाधन न होने के कारण अब नसबंदी और टीकाकरण कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए नगर पालिका ने टेंडर जारी कर दिया है। शहर में आवारा कुत्तों से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका 20 लाख रुपये खर्च करेगी। इससे शहरभर में आवारा कुत्तों का बधियाकरण किया जाएगा। बधियाकरण के बाद टैगिंग कर कुत्तों को छोड़ दिया जाएगा। पागल कुत्ते को पकड़ने के लिए नहीं हैं संसाधननगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, शहर में यदि कोई कुत्ता पागल हो जाता है और लोग उसे पकड़ने की शिकायत दर्ज कराते हैं, तो नगर पालिका के पास प्रशिक्षित अमला नहीं है। न ही पर्याप्त संसाधन हैं, जिससे पागल कुत्ते को पकड़कर उसका इलाज कराया जा सके। हर दिन किसी न किसी वार्ड से आवारा कुत्तों को लेकर शिकायत आती है। इस स्थिति में आवारा कुत्तों से निजात के लिए अब नगर पालिका बधियाकरण कराने जा रही है। टेंडर जारी करने के बाद अब एजेंसियों का इंतजार किया जा रहा है। एजेंसियां आते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। एजेंसी को हायर करने के बाद कुत्तों को पकड़ा जाएगा। इसके बाद बधियाकरण करके टैगिंग कर दी जाएगी, जिससे इन कुत्तों की पहचान हो सके। लाइसेंसी एजेंसी को दिया जाएगा कामनगर पालिका दमोह के स्वास्थ्य अधिकारी जितेंद्र पटेल ने बताया कि आवारा कुत्तों से निजात के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। एक माह की समय सीमा तय की गई है, जिसमें एजेंसियां शामिल होंगी। लाइसेंसी एजेंसी को ही काम दिया जाएगा, जो कुत्तों का बधियाकरण करेगी और सुरक्षित तरीके से कार्य सुनिश्चित किया जाएगा।

बैतूल उपचुनाव में भाजपा को झटका, भाजपा पार्षद के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर कांग्रेस की जीत

Shock to BJP in Betul by-election, Congress wins on the seat vacant after resignation of BJP councilor. बैतूल ! जिले के सारणी नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर 33 के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा है. पार्षद पद के लिए उपचुनाव की गुरुवार को मतगणना हुई. कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी ने भाजपा प्रत्याशी को 160 वोटों से हराया. भाजपा पार्षद के इस्तीफा के बाद खाली हुई सीट पर 9 दिसंबर को हुए मतदान की धीमी गति और मतदाताओं की चुनाव में कम रुचि से ही स्पष्ट हो गया था कि परिणाम आश्चर्य में डालने वाले होंगे और हुआ भी कुछ ऐसा ही. कांग्रेस प्रत्याशी ने 160 वोटों से जीता उपचुनाव 12 दिसंबर को आए चुनावी परिणाम ने सबको चौंका दिया. हालांकि कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहले से ही अपनी प्रत्याशी की जीत का दम भर थे और हुआ भी कुछ ऐसा ही. कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी ने यह उपचुनाव 160 मतों से जीत लिया है. निर्वाचन प्रमाण पत्र लेकर समर्थकों के साथ जैसे ही रेखा भलावी मतगणना स्थल से बाहर निकली वैसे ही कांग्रेसियों ने जमकर जश्न मनाया. 32.5 प्रतिशत हुआ था मतदान नगर पालिका परिषद सारणी के लिए हुए उपचुनाव में शायद यह पहला अवसर है, जब जागरूकता के बावजूद इतना कम मतदान हुआ है. जबकि उपचुनाव को लेकर प्रत्याशियों और प्रशासन में उत्साह था. बावजूद इसके 2166 मतदाताओं में से महज 704 मतदाताओं ने ही मतदान किया था. महज 32.5 प्रतिशत मतदान से प्रशासन भी चिंतित था. प्रशासन को इतनी कम वोटिंग की उम्मीद नहीं थी. भाजपा को दोनों बूथ पर मिली करारी शिकस्त भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी जगदीश नगदे को कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी ने दोनों बूथों पर करारी शिकस्त दी है. बूथ क्रमांक 64 पर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में जहां 140 मत पड़े. वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में 183 मत पड़े. जबकि निर्दलीय प्रत्याशी शोभा जगदेव को 69 वोट मिले. इसी तरह मतदान केंद्र क्रमांक 65 पर भाजपा प्रत्याशी को जहां 83 वोट मिले. वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में 200 मत गिरे, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी को महज 29 वोट ही मिले. शिक्षिका बनने पर पार्षद पद से दिया था इस्तीफा नगर पालिका परिषद सारणी के वार्ड नंबर 33 की भाजपा पार्षद संगीता सूर्यवंशी का शिक्षा विभाग में चयन होने पर उन्होंने पार्षद पद से इस्तीफा दिया था. इसके बाद से वार्ड में पार्षद पद के लिए उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई थी. भाजपा ने जहां उपचुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी. वहीं कांग्रेस ने इस मौके को भुनाने में कोई गलती नहीं की. रिटर्निंग ऑफिसर डॉ. अभिजीत सिंह ने बताया कि, ”उपचुनाव की मतगणना संपन्न हो गई है. कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी 160 वोटों से जीती हैं. उन्हें निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है.”

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