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भोपाल: लोकायुक्त की कार्रवाई, नगर निगम कर्मचारी को 3 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

Lokayukta raid in Bhopal: Municipal Corporation employee arrested red handed taking bribe of Rs 3 thousand भोपाल। राजधानी भोपाल (Bhopal) में लोकायुक्त (Lokayukta Raid) ने छापामार कार्रवाई की है। माता मंदिर स्थित नगर निगम (Municipal council) कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी को 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पेंशन प्रकरण में नाम ट्रांसफर करने के एवज में घूस मांगी थी। दरअसल, आवेदक के पिता की पिछले महीने मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद उसने पेंशन विभाग में इसे मां के नाम ट्रांसफर करवाने के लिए आवेदन दिया था।काम करने के बदले में कर्मचारी दौलत कुमार घोसले ने 5 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। जिसके बाद दोनों के बीच 3 हजार रुपए में सौदा तय हो गया। आवेदक ने 4 नंबर को इसकी शिकायत लोकायुक्त में कर दी। जिसके बाद प्लान बनाकर युवक को घूस के पैसे देने के लिए भेजा गया। जैसे ही उसने 3 हजार रुपए दिए, टीम ने दबिश देकर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। फिलहाल कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

उज्जैन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का पानी की किल्लत के खिलाफ प्रदर्शन, महापौर बंगले का घेराव

Congress workers protest against water shortage in Ujjain, siege of Mayor’s bungalow उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में भरपूर बारिश और डैम के फूल होने के बाद भी शहर में पानी की किल्लत को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को खाली बाल्टी लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही महापौर के बंगले का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेसियों ने शहर की जनता को परेशान करने का आरोप लगाया। साथ ही जल्द से जल्द पानी की समस्या को दूर करने की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए महापौर बंगले के सामने भारी पुलिस बल तैनात रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मेयर बंगले के सामने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद जब महापौर मुकेश टटवाल पहुंचे, तो उनके हाथ में खाली बाल्टी थमा कर पानी मांगा। कांग्रेस नेता राजेंद्र वशिष्ठ ने बताया कि, महाकाल की नगरी उज्जैन में डैम में भरपूर पानी उपलब्ध होने के बावजूद भी शहर की जनता पीने के पानी के त्राहिमाम कर रही है। प्रथम नागरिक महापौर को जनता की परेशानी से कोई लेना देना नहीं है। महापौर और नगर निगम के भाजपा बोर्ड को गहरी नींद से जगाने के लिए और जनता की पीड़ा बताने के लिए कांग्रेस के सभी वरिष्ठजन, सेवादल, पार्षदगण, महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, आईटी सेल, ब्लॉक अध्यक्ष, ब्लॉक प्रभारी, समस्त प्रकोष्ठ, मंडलम अध्यक्ष सेक्टर अध्यक्ष, सहित सभी कार्यकर्ता महापौर ने बंगले पर धरना प्रदर्शन किया।

कलेक्टर जनसुनवाई में संयुक्त किसान संगठन ने बीमा राशि की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा, सरकार को दी चक्काजाम की चेतावनी

In the collector’s public hearing, the United Farmers Organization submitted a memorandum regarding the demand for insurance amount, warned the government of traffic jams. खंडवा। कलेक्टर जनसुनवाई में संयुक्त किसान संगठन ने बीमा राशि की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है। किसानों का कहना था कि खरीब सीजन 2024 में फसलों को नुकसान हुआ और उत्पादन भी कम आया है। बीमा कंपनी सेटेलाइट सर्वे के द्वारा फसलों की नुकसानी गणना कर रही है, जबकि सेटेलाइट से नुकसान और उत्पादन की गणना संभव नहीं है। इसलिए सेटेलाइट सर्वे बंद कर पटवारी को भेजकर फसलों का सर्वे कराया जाए। किसानों ने सरकार को चेतावनी भी दी है कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं होने पर फल, सब्जी और दूध जैसी चीज रोककर शहर की सड़कों पर ट्रैक्टर उतार कर चक्काजाम करेंगे। संयुक्त किसान संघ ने कहा कि खरीब सीजन 2024 में लगातार बरसात के कारण सोयाबीन, कपास, मक्का और प्याज फसल को नुक्सान हुआ है। लगभग 60% से ज्यादा नुकसान और उत्पादन भी कम आया है। पटवारी हल्का अनुसार क्राप कटिंग प्लांट में आमदनी 20 से 30 पैसे हो रही है। जिसे जिले के किसानों को कृषि की लागत भी नहीं निकल पा रही है। सरकार को चाहिए कि बीमा कंपनी से राशि दिलाई जाए। फसलों के औसतन उत्पादन का सही आंकलन पटवारी हल्का से ही सम्भव है। साल 2023 और 2024 दोनों सीजन की फसलों को बारिश से नुकसान हुआ था, किसानों को उसकी भी क्षतिपूर्ति दी जाए।

भोपाल: साइबर ठगों ने पुलिस कमिश्नर के नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर ठगी की कोशिश, क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच

Bhopal: Cyber ​​​​thugs tried to cheat by creating a fake account in the name of Police Commissioner, investigation handed over to Crime Branch. भोपाल: राजधानी में साइबर ठगों ने हद ही पार कर दी। भोपाल के पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा के नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर साइबर ठगों ने लोगों से पैसे ऐंठने की कोशिश की। ठग फर्जी अकाउंट से लोगों को रिक्वेस्ट भेज रहे हैं और एक्सेप्ट होने पर पैसे मांगने लगते हैं। खुद पुलिस कमिश्नर तक पहुंचा मामलामामला अब खुद पुलिस कमिश्नर तक पहुंच गया है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह पहली बार नहीं है जब पुलिस कमिश्नर मिश्रा को निशाना बनाया गया है। जब वह इंदौर के पुलिस कमिश्नर थे, तब भी उनके नाम से फर्जी अकाउंट बनाया गया था। तब इंदौर क्राइम ब्रांच ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस अकाउंट को बंद करवा दिया था। क्या करते हैं ठगठग लोगों से उनका मोबाइल नंबर मांगते हैं और कहते हैं कि उनका कोई परिचित उन्हें कॉल करेगा। फिर वो व्हाट्सएप पर सस्ते फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने का झांसा देकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने को कहते हैं। क्राइम ब्रांच देख रही मामलापुलिस कमिश्नर मिश्रा ने कहा, ‘यह मामला मेरे संज्ञान में आ गया है। क्राइम ब्रांच आईपी एड्रेस के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।’ लोगों की बढ़ी चिंतासाइबर ठग अब पुलिस अधिकारियों को भी निशाना बनाने से नहीं चूकते। पहले जहां आम लोगों के फर्जी अकाउंट बनाकर ठगी की जाती थी, वहीं अब ये अपराधी पुलिस अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल करके लोगों को चूना लगा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना निजी नंबर या कोई भी जानकारी न दें। ऑनलाइन खरीदारी करते समय भी सावधानी बरतें और किसी भी अनजान वेबसाइट या लिंक पर अपनी बैंकिंग जानकारी शेयर न करें।

कैलाश विजयवर्गीय : हाथ लग गए तो उल्टा लटका कर शहर में घुमाऊंगा… इंदौर में दंगा फैलाने वालों को मंत्री विजयवर्गीय की चेतावनी

Kailash Vijayvargiya: If I get hold of him, I will hang him upside down and roam around the city… Minister Vijayvargiya’s warning to those who spread riots in Indore. इंदौर: शहर के छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में हुए विवाद और पथराव को लेकर मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। वे सोमवार को छत्रीपुरा में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। क्या बोले मंत्री विजयवर्गीयइस दौरान विजयवर्गीय ने मीडिया से कहा की ‘छत्रीपुरा मामले में सही चेहरों की पहचान नहीं हुई तो फिर मैं भी देखूंगा कि इंदौर में कौन अशांति फैलाता है। ऐसे लोग मेरे हाथ लग गए तो मैं उन्हें उल्टा लटकाकर शहर में घुमाऊंगा। इस शहर में कोई अशांति नहीं फैला सकता। इंदौर का किसी भी तरह से कोई नुकसान करेगा तो हम पीछे नहीं हटेंगे। इस शहर के लिए हम कुछ भी कर सकते हैं। मेरा खुला संदेश है…इंदौर में जो दंगा फैलाएगा, वो इंदौर में नहीं रह पाएगा।’ अब तक 8 आरोपी हो चुके है गिरफ्तारइंदौर में दिवाली के दूसरे दिन दो पक्षों में पटाखा फोड़ने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पथराव, तोड़फोड और आगजनी की घटना को अंजाम दिया था। पूरे मामले में पुलिस ने पहले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था। महिला समेत कई अभी भी फरारसोमवार को फरार आरोपी अनीस, नानू, राजा उर्फ अमान को गिरफ्तार कर लिया है। इन्हें इंदौर के अलग-अलग स्थान से पकड़ा गया है। यह घटना के बाद से ही फरार चल रहे थे और लगातार अपना लोकेशन बदल रहे थे। अभी भी महिला सहित कई आरोपी फरार हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।

नगरीय निकायों का बकाया बिजली बिल चुकाएगी सरकार

Government will pay the outstanding electricity bill भोपाल। मध्य प्रदेश की सरकार ने नगरीय निकायों के करोड़ों रुपये के बकाया बिजली बिल चुकाने का निर्णय लिया है। आर्थिक संकट में फंसे इन निकायों की सहायता के लिए चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि का उपयोग किया जाएगा, जिससे उनकी बिजली की देनदारी चुकाई जा सकेगी। 60 करोड़ रुपये की स्वीकृति मप्र नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस मद से 60 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसमें से सबसे अधिक 31 करोड़ रुपये पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को दिए जाएंगे, जिससे इंदौर नगर निगम के 23 करोड़ रुपये का बकाया बिल समायोजित किया जाएगा। इसके अलावा भोपाल नगर निगम के 5 करोड़, जबलपुर के 5.5 करोड़ और ग्वालियर के 2.5 करोड़ रुपये का बिल भी चुकाया जाएगा। वित्तीय स्थिति की चुनौती मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति इस कदर बिगड़ चुकी है कि वे अपने बिजली के बिल समय पर चुकाने में असमर्थ हैं। इसके पीछे मुख्य कारण है कि इन निकायों की वसूली बेहद कम है। पेयजल, स्ट्रीट लाइट आदि के लिए विद्युत वितरण कंपनियों से बिजली की आपूर्ति की जाती है, लेकिन स्थानीय निकायों द्वारा रहवासियों से शुल्क की वसूली में कमी आई है। सरकार का निर्णय इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि का उपयोग बिजली के बकाया बिलों का भुगतान करने का निर्णय लिया है। यह राशि अब मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के बजाय बिजली बिल चुकाने में खर्च की जाएगी। इससे विद्युत वितरण कंपनियों पर भी दबाव कम होगा और उनकी सेवा में भी कोई बाधा नहीं आएगी।

जिले में रिश्वत देने का प्रयास असफल: सीईओ अंशुमान राज का साहसिक कदम

Attempt to give bribe in the district failed: CEO Anshuman Raj’s bold step सीधी ! जिले में रिश्वतखोरी के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, लेकिन सोमवार को जिला पंचायत सीईओ और अपर कलेक्टर अंशुमान राज ने एक साहसिक कदम उठाकर इस प्रवृत्ति पर कड़ा संदेश दिया। एक पूर्व पंचायत सदस्य, अखिलेश कुशवाहा, अंशुमान राज के चैंबर में मिठाई का डिब्बा और नोटों से भरा लिफाफा लेकर पहुंचे थे। परंतु, जैसे ही अंशुमान राज ने मिठाई का डिब्बा खोला, उन्होंने उसके नीचे एक नोटों से भरा लिफाफा पाया, जिससे उन्हें रिश्वत का अंदेशा हुआ। बिना किसी संकोच के, उन्होंने वह मिठाई का डिब्बा कुशवाहा के मुंह पर फेंक दिया और तुरंत पुलिस को सूचित कर दिया। पुलिस ने की तुरंत कार्रवाई सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों व्यक्तियों को थाने ले जाकर पूछताछ की। थाना प्रभारी के अनुसार, जांच के बाद इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। दोनों संदिग्धों ने अब तक रिश्वत के आरोपों को अस्वीकार किया है, लेकिन मौके पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की संभावना है। सीईओ की ईमानदार छवि पर मुहर सीईओ अंशुमान राज की इस घटना के बाद जिले में चर्चा है। उनकी ईमानदार छवि और कार्य के प्रति समर्पण को देखते हुए जनता में उनकी सराहना हो रही है। जिले में अपनी तैनाती के बाद से ही उन्होंने कई भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कदम उठाए हैं। कई रोजगार सहायकों और सचिवों के खिलाफ की गई कार्रवाई उनके दृढ़ निश्चय को दर्शाती है। आरोपी का बयान: “रिश्वत का उद्देश्य नहीं था” दूसरी ओर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अखिलेश कुशवाहा ने इस मामले में सफाई दी है। उनका कहना है कि वे पहली बार जिला पंचायत सीईओ से मिलने गए थे और मिठाई का डिब्बा लेकर गए थे। उनके अनुसार, उनके पास जो पैसे थे, वे उनके निजी कार्य के लिए थे और उनका रिश्वत देने का कोई इरादा नहीं था। उनका दावा है कि सीईओ को इस संबंध में गलतफहमी हो गई है। यह घटना न केवल रिश्वतखोरी के प्रति प्रशासन की कठोर नीति को दर्शाती है, बल्कि ईमानदारी और निडरता के प्रतीक के रूप में अंशुमान राज के प्रति जिले की जनता का विश्वास और अधिक बढ़ा है।

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय आमला में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया।

National Unity Day was celebrated in PM Shri Kendriya Vidyalaya Amla. हरिप्रसाद गोहेआमला। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय वायु सेना स्थल आमला में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ रखने के उद्देश्य से रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया। विद्यालय के एनसीसी, स्काउट गाइड, और अन्य सभी छात्राओं ने पूरे जोश और उत्साह से भाग लिया। सबसे पहले विद्यालय प्राचार्य मदन मोहन कटियार ने प्रातः कालीन प्रार्थना सभा में राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई और राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्राचार्य कटियार ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह दिवस अनेकता में एकता के महत्व को रेखांकित करने के साथ-साथ भारतीय समाज के विविध पहलुओं जैसे धर्म ,भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं को दर्शाता है और उनकी सराहना करता है उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की कुटिल चाल के बावजूद सरदार वल्लभभाई पटेल की महानतम देन थी की 562 छोटी बड़ी रियासतों का भारतीय संघ में विलीनीकरण करके भारतीय एकता का निर्माण किया गया।उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने में अरुण खातरकर ,रुपेश चौधरी , कृष्ण कुमार साहू, सुनील कुमार श्रीवास्तव, हेमंत वर्मा नर्मदा प्रसाद सोलंकी रोशन पटवारी ,तनुश्री सरकार ,लावण्या, सचिन विनय तिवारी सहित सभी शिक्षक शिक्षकों का योगदान सराहनीय रहा कार्यक्रम का संचालन श्रीमती कंचन तिवारी और तबस्सुम खान ने किया ।

जिला न्यायालय के सामने दो पक्षों में लाठी-डंडों से मारपीट, आठ लोग घायल

Fighting with sticks between two parties in front of the District Court, eight people injured मुरैना ! जिला न्यायालय के बाहर हुई एक गंभीर घटना ने सभी को चौंका दिया। जिला न्यायालय के सामने दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडों से मारपीट हुई, जिसमें आठ लोग घायल हो गए। यह बवाल पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को लेकर पेशी के दौरान शुरू हुआ। घटना का विवरण घटना उस समय हुई जब दोनों पक्ष न्यायालय में उपस्थित हुए थे। पेशी खत्म होने के बाद, अचानक दोनों पक्षों का आमना-सामना हो गया। एक पल में स्थिति बिगड़ गई, और समर्थकों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया। इस दौरान अदालत परिसर में अफरातफरी मच गई, और कई लोग केवल तमाशाई बनकर देखते रहे। घायलों की स्थिति मारपीट में घायल हुए लोगों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, और चिकित्सक उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस कार्रवाई कोतवाली थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, लेकिन वे स्थिति को नियंत्रित करने में असफल रहे। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद दोनों पक्ष थाने पहुंचे और एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और सभी घायलों के बयान दर्ज किए जाएंगे। न्यायालय परिसर की सुरक्षा पर सवाल इस घटना ने न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कई लोगों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए बेहतर सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है। न्यायालय परिसर में उपस्थित लोगों ने कहा कि अगर पुलिस सक्रिय होती, तो यह मारपीट इतनी गंभीर नहीं होती। इस घटना ने मुरैना में एक बार फिर से कानून-व्यवस्था के मुद्दे को उजागर किया है। सभी की निगाहें अब पुलिस की कार्रवाई और न्यायालय परिसर में सुरक्षा उपायों पर हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वह मामले की गहराई से जांच करेगी और सभी संबंधित लोगों को सजा दिलाने का प्रयास करेगी।

भोपाल: मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों में नियुक्तियों की चर्चाएं तेज, नेता नियुक्तियों की राह देख रहे

Bhopal: Discussions on appointments in corporations and boards intensify in Madhya Pradesh, leaders are waiting for appointments. भोपाल: मध्यप्रदेश में जल्द ही निगम-मंडलों में नियुक्तियां हो सकती हैं, जिसको लेकर सियासी गलियारों में खूब चर्चा हो रही है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के कई नेता इन पदों के लिए इंतजार कर रहे हैं। इंतजार करें भी क्यों न टिकट कटने के बाद पार्टी उन्हें ‘जरूरी’ मानते हुए किसी न किसी पद पर तो स्थान देगी ही। बस इसी उम्मीद में ‘नेता जी’ आस लगाए बैठे हैं। और पार्टी के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। वैसे इसे लेकर पार्टी से भी संकेत मिलने लगे हैं। एमपी के सियासी गलियारों में यह चर्चा पिछले दो तीन महीनों से जोरों शोरों पर है। जब दो महीने पहले सीएम मोहन यादव का दिल्ली दौरा हुआ था तब भी मामले ने जमकर तूल पकड़ा था। कयास लगाए जा रहे थे कि दिल्ली में आलाकमान से मिलने के बाद नेताओं के नाम फाइनल किए जा रहे हैं। इन नेताओं के नाम रेस मेंबीजेपी के विनोद गोटिया, हेमंत खंडेलवाल और राजेंद्र सिंह राजपूत जैसे दिग्गज नेता इन पदों की कतार में आगे हैं। वहीं कांग्रेस से दीपक सक्सेना और गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी का नाम भी चर्चा में है। हालांकि, पार्टियों के द्वारा कोई भी निर्णय पब्लिक नहीं किया गया है। इसके कारण कई नेताओं के सब्र का बांध भी भरता जा रहा है। विरोधाभासी रहा इतिहासदिलचस्प बात यह है कि शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली पिछली बीजेपी सरकार ने इन पदों पर नियुक्तियां की थी। बाद में फरवरी 2024 के समय मोहन सरकार ने निगम मंडल की नियुक्तियां को निरस्त कर दिया था। अब देखना होगा कि किन-किन नेताओं को इन पदों पर जगह मिलती है।

बांधवगढ़ में हाथियों की मौत: मुख्यमंत्री ने लिया एक्शन, फील्ड डायरेक्टर-प्रभारी एसीएफ निलंबित

Death of elephants in Bandhavgarh: Chief Minister took action, field director-in-charge ACF suspended बांधवगढ़ में हुई हाथियों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक्शन में हैं. सीएम ने बैठक आयोजित की, जिसमें राज्य स्तरीय ‘हाथी टास्क फोर्स’ गठित करने का निर्णय लिया गया. साथ ही सीएम ने बांधवगढ़ फील्ड डायरेक्टर और प्रभारी एसीएफ को निलंबित करने के निर्देश दिए. सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में उमरिया जिले के वन क्षेत्र में पिछले दिनों 10 हाथियों की अलग-अलग दिन हुई मृत्यु की घटना दुखद एवं दर्दनाक है, जिसे राज्य शासन ने गंभीरता से लिया है. वन राज्य मंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारियों के दल ने क्षेत्र का भ्रमण किया है. प्रारंभिक रिपोर्ट में कोई कीटनाशक नहीं पाया गया है. पोस्ट मार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आना शेष है. हाथियों के बड़े दल के रूप में आने की घटना गत दो तीन वर्ष में एक नया अनुभव भी है. उमरिया और सीधी जिले में बड़ी संख्या में हाथियों की मौजूदगी दिख रही है. ऐसे में फील्ड डायरेक्टर एवं अन्य अधिकारियों को सतर्क और सजग रहने की जरूरत है. अवकाश पर जाना पड़ा महंगा सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हाथियों की मृत्यु की इतनी बड़ी घटना के समय फील्ड डायरेक्टर का अवकाश से वापस न आना और पूर्व में हाथियों के दल के संदर्भ में जो आवश्यक चिंता की जानी चाहिए, वह नहीं की गई. इस लापरवाही के लिए फील्ड डायरेक्टर गौरव चौधरी को सस्पेंड किया गया. साथ ही प्रभारी एसीएफ फतेह सिंह निनामा को भी निलंबित किया गया. केरल-कर्नाटक-असम जाकर करे अध्ययन सीएम ने कहा कि बांधवगढ़ क्षेत्र एवं अन्य वन क्षेत्रों में हाथियों की रहने की अनुकूल और आकर्षक स्थिति हे. वन क्षेत्रों का प्रबंधन उत्तम होने से हाथियों के दल जो छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों से आया करते थे और वापस चले जाते थे वह अब वापस नहीं जा रहे हैं. यहां बड़े पैमाने पर हाथियों द्वारा डेरा डालने की स्थिति देखी जा रही है. यह मध्यप्रदेश की वन विभाग की गतिविधियों का हिस्सा बन गए हैं. ऐसे में हाथियों की आवाजाही को देखते हुए स्वाभाविक रूप से स्थाई प्रबंधन के लिए शासन के स्तर पर हाथी टास्क फोर्स बनाने का निर्णय लिया जा रहा है. हाथियों को अन्य वन्य प्राणियों के साथ किस तरह रहवास की सावधानियां रखना चाहिए, इसके लिए योजना बनाई जा रही है. इसमें कर्नाटक, केरल और असम राज्यों की बेस्ट प्रेक्टिसेस को शामिल किया जाएगा. इन राज्यों में बड़ी संख्या में हाथी रहते हैं. इन राज्यों में मध्यप्रदेश के अधिकारियों को भेजा जाएगा, जिससे सहअस्तित्व की भावना के आधार पर हाथियों के साथ बफर एरिया, कोर एरिया में बाकी का जन जीवन प्रभावित न हो, इसका अध्ययन किया जाएगा. हाथियों की सुरक्षा को खतरा न हो. इस पर हमने गंभीरता से विचार किया है.

बांधवगढ़ पहुंचकर नए विवाद में उलझे वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार

State Forest Minister Dilip Ahirwar got embroiled in a new controversy after reaching Bandhavgarh उदित नारायणभोपाल। वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने स्वयं वन्य प्राणी प्रोटेक्शन एक्ट की धज्जियां उड़ाते नजर आए। वह अपने गनमैन के साथ शनिवार को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की कुछ स्थल पर पहुंचे, जहां जहरीला पदार्थ खाने से जंगली हाथी दम तोड़ रहे थे। देश का यह पहला मामला है जब बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तीन दिन में 10 जंगली हाथियों की मौत हो गई।मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर शनिवार को वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार विभाग के अपर मुख्य सचिव और वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव के साथ बांधवगढ़ पहुंचे थे। वन्य प्राणी एक्सपर्ट अधिकारियों की मौजूदगी में वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार अपने गनमैन के साथ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पहुंच गए। वहां उपस्थित किसी भी अधिकारी ने राज्य मंत्री को यह बताने की कोशिश नहीं की कि वन्य प्राणी प्रोटेक्शन एक्ट के तहत अश्वशास्त्र के साथ टाइगर रिजर्व अथवा सेंचुरी में जाना वर्जित है। वन्य प्राणी प्रोटेक्शन एक्ट की धारा 31के अनुसार – अस्त्र-शस्त्र के साथ अभयारण्य में प्रवेश का निषेध है। इसमें यह भी प्रावधान किया है कि कोई भी व्यक्ति मुख्य वन्य जीव संरक्षक या प्राधिकृत अधिकारी से लिखित पूर्व अनुमति के बिना किसी भी हथियार के साथ अभयारण्य अथवा टाइगर रिजर्व में प्रवेश नहीं करेगा। सूत्रों के अनुसार वनराज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने गनमैन के साथ टाइगर रिजर्व में जाने हेतु पीसीसीएफ वन्य प्राणी वीएन अम्बाड़े से लिखित में पूर्व से अनुमति नहीं ली थी। अब सवाल यह भी उठने लगा है कि क्या फॉरेस्ट के अधिकारी अपने राज्य मंत्री के खिलाफ एक्शन की हिम्मत जुटा सकेंगे..?

जंगलों में अतिक्रमण रोकने पर वन माफिया का कहर, वन अमले पर जानलेवा हमला फिर भी पुलिस ने नहीं किया मामला दर्ज

Forest mafia wreaked havoc on forest encroachment, deadly attack on forest staff but police did not register a case मध्य प्रदेश में जंगलों में अतिक्रमण करने वाले वन माफिया के हौसले अब इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे उन्हें रोकने की कोशिश करने वाले वन अमले पर भी हमला करने से बाज नहीं आ रहे हैं। प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र से वन अमले पर इसी तरह से कई प्राण घातक हमले करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला निमाड़ के ही खंडवा जिले के गुड़ी वन परीक्षेत्र का है, जहां जंगल में किये जा रहे अतिक्रमण की जानकारी मिलते ही वन अमला हरकत में आया और उसे रोकने पहुंचा था। इस दौरान जंगल की जमीन पर जुताई कर रहा एक ट्रैक्टर चालक वन अमले को देख, उसका कल्टीवेटर जंगल में ही छोड़कर फरार हो गया। वहीं जब वन अमला उस कल्टीवेटर को जब्त कर वापस लौट रहा था। इस बीच करीब 30 से 35 महिलाओं के झुंड ने वन अमले पर लाठी, पत्थरों और डंडों से हमला कर दिया और उन्हें वहां से भाग जानें, नहीं तो जान से मार देने की धमकियां देने लगा। यही नहीं, कुछ महिलाओं ने तो वन अमले के साथ झूमा झटकी कर वन कर्मचारियों की वर्दी तक फाड़ दी। हालांकि इसकी नामजद शिकायत पिपलोद थाना में शुक्रवार को करने के बावजूद भी पुलिस ने इसपर कोई एक्शन नहीं लिया। निमाड़ के जंगलों में लगातार अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है और यहां की बेशकीमती वन संपदा का अतिक्रमणकारी जमकर दोहन कर प्रकृति के साथ ही शासन को आर्थिक नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। इन वन माफियाओं के खिलाफ पुलिस की पुख्ता कार्रवाई नहीं होने के चलते अब इस तरह की घटनाओं में लगातार इजाफा होते जा रहा है। ऐसा ही मामला गुडी वन परिक्षेत्र में बीते गुरुवार को सामने आया, जब सभी दीपावली पर्व की खुशियां मना रहे थे, तब जिले के गुड़ी रेंज के रेंजर नरेंद्र सिंह और उनकी टीम सूचना मिलने पर अतिक्रमण रोकने बीट भिलाईखेड़ा के कक्ष क्रमांक 749 में नवाड की भूमि पर पहुंची थी। यहां टीम को देख मौके से जुताई कर रहा ट्रैक्टर चालक उसका कल्टीवेटर निकालकर भाग गया। टीम ने मौके से कल्टीवेटर को जब्त कर इस मामले में वन अपराध का प्रकरण दर्ज किया। वन अमले पर इस तरह हुआ हमला बताया गया कि जब्ती कार्रवाई के बाद जब वन अमला दो दलों में वापस लौट रहा था। इस बीच दोपहर करीब 2 बजे सरपंच टांडे की लगभग 30-35 महिलाओं ने पीछे रह गए वन स्टॉफ के परिक्षेत्र सहायक सरमेश्वर के शांतिलाल चौहान, परिक्षेत्र सहायक कोठा के पंजावराव पंडाग्रे, परिक्षेत्र सहायक आराखेडा के कैलाश लोवंशी सहित वन रक्षकों जितेन्द्र पगारे, मनोज तंवर और भरत भूषण मिश्र एवं सुरक्षा श्रमिक गनिया को घेर लिया। यही नहीं, इन महिलाओं के झुंड ने इस वन अमले के साथ मारपीट की एवं धमकी देते हुए कहने लगी कि यहां से भाग जाओ नहीं तो जान से मार देंगे। इस दौरान महिलाओं के हाथों में दराती, पत्थर एवं लाठी डंडे भी थे। महिलाओं ने वन स्टाफ को डंडे से पीटा और वर्दी तक फाड़ दी। इस हमले में जितेन्द्र पगारे वन रक्षक की पीठ पर डंडे से पिटाई के निशान थे, तो वहीं मनोज तंवर के गले मे नाखून के निशान थे, जिसके फोटोग्राफ भी लिए गये। वन अमले ने की थी नामजद शिकायत वहीं इस पूरे मामले में गुड़ी रेंजर नरेंद्र पटेल ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को रोकने पहुंचे वन अमले के साथ 31 अक्तूबर को हुई इस घटना की जानकारी एक शिकायत पत्र के जरिए उसी दिन संबंधित पिपलोद थाना पर दी गई थी। इसके बाद अगले दिन वन अमला एक बार फिर से हमला करने वाली महिलाओं की पहचान करने उस जगह पहुंचा था, जहां से कुछ महिलाओं के नाम मालूम चलने पर 1 तारीख को थाने पर उन महिलाओं के नाम बताते हुए इसकी लिखित शिकायत की गई थी। साथ ही पीड़ित स्टाफ के चोट के निशान एवं फटी वर्दी भी थाना प्रभारी पिपलोद को दिखाई गयी थी। जांच के बाद ही हो सकेगा मामला दर्ज इधर पिपलोद थाना प्रभारी एसएन पांडे का कहना है कि वन अमले के साथ महिलाओं के द्वारा मारपीट करने और वर्दी फाड़ने जैसी शिकायत को लेकर उन्हें आवेदन तो मिला है, जोकि अभी जांच में है। इसलिए अब तक इस मामले में किसी तरह की एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि शासकीय कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट को लेकर तीन दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं करने का क्या कारण रहा? तब उन्होंने बताया कि अभी जांच जारी है, जिसके बाद ही मामला दर्ज हो पाएगा। वहीं इसको लेकर खंडवा डीएसपी अनिल चौहान ने बताया कि जानकारी मिली है कि फॉरेस्ट टीम पर हमला करने को लेकर शिकायत की गई है। इस मामले में पिपलोद थाने के द्वारा जांच की जा रही है।

मधुवन खुशबू देता है,सागर सावन देता है। जीना उसका जीना है, जो औरों को जीवन देता है।

Madhuvan gives fragrance, Sagar gives monsoon. Life is life for the one who gives life to others. हरिप्रसाद गोहेआमला। प्रसिद्ध गायक येशुदास की आवाज में गाई गई उपरोक्त पंक्तियां केवल एक गाने का हिस्सा नही बल्कि विशिष्ट जीवनशैली का सार भी है, और इस गीत को अपने जीवन मे सार्थक करने वाले चुनिंदा लोगो मे से एक रामानन्द बेले भी है, जमदेही कला में शिक्षक के रूप में पदस्थ आमला के रामानंद बेले द्वारा विगत दिनों शहरवासियों की सहायता के लिए एक व्हीलचेयर व दो आक्सीजन सिलेंडर कीट प्रदान की। अपने स्वर्गीय पिता श्री पंक्षीलाल बेले की स्मृति में उन्होंने शहर की अग्रणी व सामाजिक कार्यो में दृष्टांत बन चुकी जनसेवा कल्याण समिति को ये सामग्री प्रदान की।शिक्षक रामानंद बेले जी ने बताया कि उनके स्वर्गीय पिता ने उन्हें हमेशा ये शिक्षा दी थी कि इंसान दुनिया मे सिर्फ जीने नही आया है और न ही सिर्फ सुख सुविधाओं का आनंद लेने आया है बल्कि इंसान का जीवन तब सार्थक और सफल माना जाता है जब उसकी उपस्थिति से या उसके प्रयास से दूसरों का जीवन सरल हो सके। उन्होंने आगे बताया कि पिता की दी उस सीख ने मुझे इन सत्कार्यो के लिए प्रेरित किया, और फिर इस पुण्य प्रयास का सहभागी बनाने के लिए जनसेवा कल्याण समिति के अलावा दूसरा कोई नाम हो ही नही सकता था, जनसेवा कल्याण समिति ने अपने कार्यो व सेवा से शहर के मष्तिष्क पटल पर एक अमिट छाप अंकित कर दी है। परोपकारी प्रयासो,मानव सेवा,पशुसेवा में समिति का कोई सानी नही,इसलिए जनसेवा कल्याण समिति के माध्यम से इस प्रयास को हमारे द्वारा पूर्ण किया गया।ज्ञात हो कि श्री बेले विगत वर्षों से उनके पिताजी की पुण्यतिथि पर स्मृति स्वरूप विभिन्न परोपकारी कार्य व सांस्कृतिक आयोजन करते रहे है, फिर चाहे वो आर्थिक सहयोग हो या अस्पताल में पानी की व्यवस्था के लिए टँकी वितरण या फिर कवि सम्मेलन, अपने सत्कार्यो से वे सार्थक कार्य करते रहे है। विगत 30 अक्टूबर को भी एक सादे आयोजन में उनके द्वारा विशेष पहल करते हुए एक व्हीलचेयर व दो ऑक्सीजन किट शहरवासियों के उपयोग के लिए प्रदान की। जनसेवा कल्याण समिति के राहुल धेण्डे व अमित यादव ने बताया कि जनसेवा कल्याण समिति पिछले डेढ़ दशक से लगातार घायल व रोगियों की सेवा में जुटी हुई है,इस दौरान कई गम्भीर रोगी व घायलों के रेस्क्यू के दौरान व्हील चेयर की आवश्यकता महसूस होती थी, रामानन्द बेले जी द्वारा इस आवश्यकता की पूर्ति करते हुए एक व्हील चेयर समिति को दी गई, जिससे रोगियों व घायलों की सेवा में बहुत मदद मिलेगी। समिति के सागर चौहान व नितिन ठाकुर ने कहा कि व्हीलचेयर के साथ दो ऑक्सीजन सिलेण्डर किट भी समिति को प्रदान की, आपातकालीन अवस्था मे ऑक्सीजन किट बहुत उपयोगी साबित होगी। श्री बेले द्वारा इस कार्यक्रम को बिरसा मुंडा परिसर में आयोजित किया गया, जिसमे प्रगतिशील व्यापारी संघ के अध्यक्ष अनिल सोनी, देवेंद्र राजपूत, व्यापारी संघ सचिव हेमन्त गुगनानी, जनसेवा कल्याण समिति के राहुल धेण्डे, अमित यादव, नितिन ठाकुर, सागर चौहान,भावेश मालवीय समेत कई समाजसेवी व युवा उपस्थित रहे। उपस्थित सदस्यों द्वारा श्री बेले के इस पुण्य प्रयास की बहुत प्रसंशा की।

15 लोगों ने मिलकर एक को चाकूओं से किया छलनी, युवक की मौत से मातम

15 people together stabbed a man with knives, mourning over the death of the young man जबलपुर ! मध्य प्रदेश के जबलपुर में दिनेश झारिया नाम के एक शख्स की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना गढ़ा थाना क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि दिनेश का कुछ लोगों से झगड़ा हुआ था, जिसके बाद 10-15 लोगों ने मिलकर उस पर हमला कर दिया। हमला इतना इतना भयानक था कि इससे दिनेश की मौत हो गई। उसके पेट में कई गहरे घाव मिले हैं। मृतक छुई खदान क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। दिनेश का कुछ लोगों से मामूली विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि 10 से 15 लोगों ने मिलकर दिनेश पर चाकू से हमला कर दिया। घटनास्थल पर पहुंची प्रशासन की टीमघटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। गंभीर रूप से घायल दिनेश को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 15 से ज्यादा लोगों ने किया हमलाइस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, 15 से ज्यादा लोग थे जिन्होंने दिनेश पर हमला किया था। हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हुआसीएसपी डीपीएस चौहान ने बताया कि दिनेश झारिया नाम के युवक की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई है। फिलहाल हत्या किस वजह से हुई है, इसकी जानकारी नहीं लग पाई है। बताया जा रहा है कि मामूली विवाद में हत्या की गई है। इन आरोपियों के खिलाफ मामला हुआ दर्जउन्होंने आगे बताया कि हत्या का आरोप निहाल केवट, राजू सेन, भुज्जी सेन पर है। पुलिस की कई टीमें आरोपियों को पकड़ने के लिए लगी हुई हैं। जल्द ही हम आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर दिनेश को सही समय पर अस्पताल ले जाया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।

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